स्मोकिंग शरीर के हर अंग को नुकसान पहुंचाती है.....
Health News : धूम्रपान एक ऐसी आदत है, जो धीरे-धीरे शरीर के लगभग हर अंग को नुकसान पहुंचाती है। स्मोकिंग से हार्ट डिजीज, कैंसर, लंग डिजीज समेत कई जानलेवा बीमारियों का रिस्क बढ़ जाता है। अगर आप स्मोकिंग छोड़ देते हैं, तो शरीर में तुरंत सुधार शुरू हो जाता है।
Health News : धूम्रपान एक ऐसी आदत है, जो धीरे-धीरे शरीर के लगभग हर अंग को नुकसान पहुंचाती है। स्मोकिंग से हार्ट डिजीज, कैंसर, लंग डिजीज समेत कई जानलेवा बीमारियों का रिस्क बढ़ जाता है। अगर आप स्मोकिंग छोड़ देते हैं, तो शरीर में तुरंत सुधार शुरू हो जाता है। आप सिगरेट पीना छोड़ देते हैं, तो यह न सिर्फ आपकी जिंदगी बचा सकता है, बल्कि कई गंभीर बीमारियों से भी बचा सकता है। आज आपको बताएंगे कि धूम्रपान छोड़ने से किन बीमारियों का रिस्क कम हो सकता है।
हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो स्मोकिंग से हार्ट की धमनियां संकरी और सख्त हो जाती हैं, जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। सिगरेट छोड़ने के 24 घंटे के अंदर ही दिल की धड़कन और ब्लड प्रेशर सामान्य होने लगते हैं। लगभग 1 साल के भीतर हार्ट अटैक का खतरा 50 प्रतिशत तक कम हो जाता है। सिगरेट में मौजूद टार और केमिकल्स फेफड़ों को खराब करते हैं, जिससे सांस लेने में दिक्कत, ब्रोंकाइटिस और अस्थमा जैसी समस्याएं होती हैं। धूम्रपान छोड़ने के कुछ हफ्तों में ही फेफड़ों की कार्यक्षमता सुधरने लगती है और खांसी व सांस फूलने की समस्या धीरे-धीरे कम होने लगती है।
कई रिसर्च में सामने आया है कि सिगरेट पीने से कई तरह के कैंसर का खतरा बढ़ता है, जिनमें फेफड़ों का कैंसर प्रमुख है। इसके अलावा मुंह, गला, मूत्राशय, किडनी, लिवर और पेट का कैंसर भी स्मोकिंग से जुड़ा हुआ है। सिगरेट छोड़ने के कुछ सालों बाद कैंसर का जोखिम धीरे-धीरे सामान्य व्यक्ति के बराबर होने लगता है। धूम्रपान से शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ जाता है, जिससे टाइप 2 डायबिटीज होने का रिस्क बढ़ता है।
निकोटीन ब्लड प्रेशर को भी बढ़ाता है। सिगरेट छोड़ने से इन दोनों स्थितियों में सुधार आता है और शरीर की इंसुलिन उपयोग करने की क्षमता बेहतर होती है। सिगरेट का धुआं इम्यून सिस्टम को कमजोर करता है, जिससे व्यक्ति बार-बार बीमार पड़ सकता है। जब आप धूम्रपान छोड़ते हैं, तो शरीर के इम्यून सिस्टम की ताकत धीरे-धीरे बढ़ने लगती है। इससे सर्दी-ज़ुकाम, इंफेक्शन और गंभीर बीमारियों से बचाव करने में मदद मिलती है।
धूम्रपान पुरुष और महिलाओं दोनों की फर्टिलिटी पर असर डालता है। यह पुरुषों में स्पर्म काउंट कम करता है और महिलाओं में ओवरी की कार्यक्षमता को घटाता है। स्मोकिंग पुरुषों में इरेक्टाइल डिसफंक्शन की समस्या की बढ़ा सकती है। ऐसे में सिगरेट छोड़ने से मेल और फीमेल्स दोनों का यौन स्वास्थ्य बेहतर हो सकता है। बहुत से लोग तनाव या चिंता के कारण सिगरेट पीते हैं, लेकिन सिगरेट असल में डिप्रेशन और चिंता को बढ़ा सकती है। जब आप इसे छोड़ते हैं, तो शुरुआत में कुछ अजीब लक्षण नजर आ सकते हैं, लेकिन कुछ समय बाद मानसिक स्थिति बेहतर होती है और मूड स्थिर रहता है।(एजेंसी)
khulasapost@gmail.com