तुलसी बार-बार क्यों सूखती है? जानें बार-बार सूखने के पीछे के प्रमुख कारण

Tulsi kyo sukh jati hai : आपके मन में भी एक बार सवाल जरूर आया होगा कि तुलसी का मुरझाना दुख लाएगा या सुख? हिन्दू धर्म में तुलसी का पौधा पूजनीय माना जाता है। तुलसी के केवल औषधीय गुण ही नहीं हैं यह पेड़ वास्तु के हिसाब से घर के लिए लाभकारी माना जाता है।

तुलसी बार-बार क्यों सूखती है? जानें बार-बार सूखने के पीछे के प्रमुख कारण

Tulsi kyo sukh jati hai : आपके मन में भी एक बार सवाल जरूर आया होगा कि तुलसी का मुरझाना दुख लाएगा या सुख? हिन्दू धर्म में तुलसी का पौधा पूजनीय माना जाता है। तुलसी के केवल औषधीय गुण ही नहीं हैं यह पेड़ वास्तु के हिसाब से घर के लिए लाभकारी माना जाता है। तुलसी का पेड़ घर में हो तो पॉजिटिव एनर्जी का फ्लो बना रहता है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, तुलसी को मां का ही स्वरूप माना जाता है। ऐसे में रोजाना तुलसी की विधिवत आराधना करने से धन-धान्य और मां लक्ष्मी का वास बना रहता है। वहीं, कई बार घर में लगी तुलसी बिना किसी कारण के सूख जाती है। कई दफा बार-बार तुलसी का पेड़ सूखने लगता है। ऐसे में आइए जानते हैं वास्तु शास्त्र के अनुसार, तुलसी के पेड़ का सूखना किस बात का संकेत देता है-

क्यों तुलसी बार-बार सूख जाती है, जानें क्या है तुलसी के सूखने के कारण

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, घर या परिवार के किसी सदस्य पर विपदा आने पर तुलसी सुख जाती हैं। घर पर आई मुश्किल तुलसी देवी अपने सिर ले लेती हैं। वहीं, कई बार तुलसी के पौधे को अधिक पानी देने के कारण भी पौधा सूख जाता है। तुलसी का पौधा ज्यादा ठंड बर्दाश्त नहीं कर पाता है। यह भी एक वजह हो सकती है। तुलसी को कभी भी अशुद्ध अवस्था में स्पर्श नहीं करना चाहिए। इससे भी तुलसी सूख सकती हैं।

तुलसी को सूखने से कैसे बचाएं?

कुछ आसान तरीकों के जारिए आप तुलसी को सूखने से बचा सकते हैं। ठंड कि मार से बचाने के लिए तुलसी को चुनरी उढ़ाएं। वहीं, जब तुलसी की मिट्टी सुख जाए तभी जल दें। तुलसी कि पूजा रोज सुबह-शाम करने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है। तुलसी का पौधा साफ-सुथरी जगह पर रखें, जहां धूप मिल सके। तुलसी की मंजरी ज्यादा होने पर तोड़ कर हटा दें। तुलसी की पूजा कभी भी सूखे फूल और बासी जल से नहीं करनी चाहिए।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।(एजेंसी)