प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रचा इतिहास, पंडित नेहरू का दशकों पुराना रिकॉर्ड टूटा
नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार ने देश की राजनीति में एक नया इतिहास रच दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार के सफल 12 साल पूरे हो गए हैं, जिसके साथ ही
निर्वाचित पीएम के रूप में पूरे किए 12 साल
नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार ने देश की राजनीति में एक नया इतिहास रच दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार के सफल 12 साल पूरे हो गए हैं, जिसके साथ ही उन्होंने देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू का एक बड़ा रिकॉर्ड तोड़ दिया है। पीएम मोदी अब आजादी के बाद देश में निर्वाचित सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री पद पर बने रहने वाले राजनेता बन गए हैं। जहां पंडित नेहरू चुनाव जीतकर 4398 दिन प्रधानमंत्री पद पर रहे थे, वहीं नरेंद्र मोदी ने बतौर निर्वाचित पीएम अपने कार्यकाल का 4399वां दिन पूरा कर इस ऐतिहासिक रिकॉर्ड को अपने नाम कर लिया है।
इस अभूतपूर्व उपलब्धि और मोदी सरकार के 12 साल का कार्यकाल पूरा होने पर पूरे देश में उत्साह का माहौल है। भारतीय जनता पार्टी इस ऐतिहासिक मौके को भुनाने और सरकार की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए देशव्यापी जश्न मना रही है। इसी कड़ी में दिल्ली के प्रगति मैदान स्थित भव्य भारत मंडपम में एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) की एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ी बैठक आयोजित की जा रही है, जिसमें बीजेपी समेत एनडीए के सभी सहयोगी दलों के दिग्गज नेता शिरकत कर रहे हैं।
भारत मंडपम में होने वाली इस उच्चस्तरीय बैठक में एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, विभिन्न क्षेत्रीय पार्टियों के अध्यक्ष और गठबंधन के प्रमुख चेहरे शामिल होंगे। इस बैठक में एनडीए के कुल 35 सहयोगी दलों के करीब 75 वरिष्ठ नेता हिस्सा ले रहे हैं। बैठक की अध्यक्षता बीजेपी के वरिष्ठ संगठनात्मक पदाधिकारी कर रहे हैं, जबकि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, जेपी नड्डा और शिवराज सिंह चौहान जैसे शीर्ष केंद्रीय मंत्री भी इस कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे। इसके अतिरिक्त, एनडीए के घटक दलों से केंद्रीय मंत्री के. राम मोहन नायडू (टीडीपी), राजीव रंजन सिंह (जेडीयू), एचडी कुमारस्वामी (जेडीएस) और अनुप्रिया पटेल (अपना दल-सोनेलाल) भी इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने दिल्ली पहुंचे हैं।
इस महत्वपूर्ण बैठक में आगामी राजनीतिक रणनीति और संगठनात्मक मुद्दों के साथ-साथ विकसित भारत के सपने को साकार करने के रोडमैप पर विस्तार से चर्चा होगी। बैठक का मुख्य एजेंडा देश में ईज ऑफ लिविंग (सुलभ जीवन) और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (व्यापार में सुगमता) को बढ़ावा देना है। इसके साथ ही, वर्ष 2047 तक भारत को एक पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाने के मोदी सरकार के विजन, राष्ट्रीय विकास कार्यक्रमों और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की समीक्षा भी की जाएगी। विशेष रूप से उन राज्यों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा जहां डबल इंजन की सरकारें चल रही हैं, ताकि केंद्र और राज्यों के बीच विकास योजनाओं को लेकर बेहतर तालमेल बनाया जा सके।
हाल ही में केंद्रीय कैबिनेट की बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने मंत्रियों को निर्देश दिया था कि भले ही सरकार 2014 से सत्ता में है, लेकिन वर्ष 2026 में हमारा पूरा ध्यान भविष्य के लक्ष्यों और जनता की भलाई पर केंद्रित होना चाहिए। इस तीन घंटे तक चलने वाली बैठक में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपलब्धियों की सराहना करते हुए एक विशेष बधाई प्रस्ताव पेश करेंगे, जिसका समर्थन नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो द्वारा किया जाएगा। इस ऐतिहासिक प्रस्ताव के पारित होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एनडीए के सभी नेताओं को संबोधित कर भविष्य का मार्ग प्रशस्त करेंगे।(एजेंसी)
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