ब्रह्मोस डील के साथ ईवीएम तकनीक साझा करेगा भारत
नई दिल्ली : भारत-इंडोनेशिया के बीच ब्रह्मोस डील पर मुहर लग गई है। भारत इंडोनेशिया को ब्रह्मोस मिसाइल की अतिरिक्त यूनिट देगा। फिलीपींस के बाद इंडोनेशिया इसे खरीदने वाला दूसरा देश बन गया है।
इंडोनेशिया को ब्रह्मोस मिसाइल देगा भारत, ईवीएम निर्माण में भी करेगा सहयोग
-ऑपरेशन सिंदूर में इस्तेमाल भारतीय अस्त्र एयर-टू-एयर मिसाइल
नई दिल्ली : भारत-इंडोनेशिया के बीच ब्रह्मोस डील पर मुहर लग गई है। भारत इंडोनेशिया को ब्रह्मोस मिसाइल की अतिरिक्त यूनिट देगा। फिलीपींस के बाद इंडोनेशिया इसे खरीदने वाला दूसरा देश बन गया है। पीएम मोदी ने मंगलवार को जकार्ता में राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो से मुलाकात की। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय बैठक में कई अहम समझौते हुए। इंडोनेशिया ने ऑपरेशन सिंदूर में इस्तेमाल भारतीय अस्त्र एयर-टू-एयर मिसाइल खरीदने का भी फैसला किया।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक भारत इंडोनेशिया के लिए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) विकसित करने में मदद करेगा। इंडोनेशिया दौरे का दूसरे दिन मंगलवार सुबह पीएम मोदी को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने उन्हें गले भी लगाया। पीएम मोदी दिन में इंडोनेशिया के मंदिर प्रम्बानन भी जाएंगे। 9वीं शताब्दी में बना यह मंदिर यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है।
रिपोर्ट के मुताबिक ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय अस्त्र एयर-टू-एयर मिसाइल के प्रदर्शन के बाद इंडोनेशिया ने इसे खरीदने का फैसला किया है। इसके अलावा भारत इंडोनेशिया को ब्रह्मोस मिसाइल की यूनिट भी उपलब्ध कराएगा। क्रिटिकल मिनरल्स की सप्लाई चेन मजबूत करने के लिए भारत इंडोनेशिया में स्टील, निकेल और रेयर अर्थ मैग्नेट के निर्माण में निवेश करेगा। भारत और इंडोनेशिया मिलकर सबांग बंदरगाह का विकास करेंगे। यह बंदरगाह मलक्का जलडमरूमध्य पर स्थित है और भारत के ग्रेट निकोबार पोर्ट प्रोजेक्ट से करीब 100 मील की दूरी पर है।(एजेंसी)
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