राष्ट्रपति मुर्मू ने रचा इतिहास, राफेल लड़ाकू विमान में भरी उड़ान, ऐसा करने वाली पहली भारतीय राष्ट्रपति बनीं

चंडीगढ़ : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान राफेल में उड़ान भरकर इतिहास रचने जैसा महत्वपूर्ण कार्य कर दिया है। यह उड़ान राष्ट्रपति ने हरियाणा स्थित अंबाला एयरफोर्स स्टेशन से भरी। इस दौरान एयर चीफ मार्शल एपी सिंह सहित अन्य

राष्ट्रपति मुर्मू ने रचा इतिहास, राफेल लड़ाकू विमान में भरी उड़ान, ऐसा करने वाली पहली भारतीय राष्ट्रपति बनीं

अंबाला एयरफोर्स स्टेशन से आसमान तक गौरव के क्षण

चंडीगढ़ : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान राफेल में उड़ान भरकर इतिहास रचने जैसा महत्वपूर्ण कार्य कर दिया है। यह उड़ान राष्ट्रपति ने हरियाणा स्थित अंबाला एयरफोर्स स्टेशन से भरी। इस दौरान एयर चीफ मार्शल एपी सिंह सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। इससे पहले राष्ट्रपति मुर्मू सुखाई-3 एमकेआई लड़ाकू विमान में भी गौरवपूर्ण उड़ान भर चुकी हैं।

उड़ान भरने से पहले अंबाला एयरफोर्स स्टेशन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने स्वागत किया। यहां उन्हें एयरफोर्स के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। राष्ट्रपति मुर्मू की इस उड़ान से भारतीय वायुसेना के साथ ही साथ संपूर्ण देश गौरव महसूस कर रहा है। दरअसल, राष्ट्रपति मुर्मू देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर हैं और इस नाते वे तीनों सेनाओं की कमांडर भी हैं।

यहां बताते चलें कि राष्ट्रपति मुर्मू आज की इस उड़ान से पहले सुखोई-3 एमकेआई लड़ाकू विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। उन्होंने 8 अप्रैल 2023 को यह उड़ान असम के तेजपुर वायुसेना स्टेशन से भरी थी। तब उन्होंने अपनी उड़ान के अनुभव को साझा करते हुए कहा था, कि वायुसेना के पायलटों की दक्षता और अनुशासन की जितनी सराहना की जाए उतना कम है।

अंबाला एयरफोर्स स्टेशन से बुधवार को भारतीय वायुसेना के फाइटर जेट में राष्ट्रपति मुर्मू की उड़ान ने एयरफोर्स की आधुनिकता, बेहतर क्षमता और आत्मनिर्भर भारत के रक्षा प्रयासों को प्रद्रशित कर दिया है। यहां बताते चलें कि अंबाला वायुसेना स्टेशन, राफेल स्क्वाड्रन की तैनाती का प्रमुख केंद्र है और इसे भारत की हवाई सुरक्षा का महत्वपूर्ण आधार माना जाता है।(एजेंसी)