मैगज़ीन का लेख

एकता का स्वांग, बंटवारे की भाषा!

भाषा के प्रश्न पर और खासतौर पर क्षेत्रीय अस्मिता के मुद्दे पर, दक्षिण भारत एक बार फिर गर्म हो रहा है। इसका उबाल तमिलनाडु में खासतौर...

फासिस्ट ताकतों को हराने और विकल्प देने का ठोस आकलन

सी पी आई (एम) की 24 वीं पार्टी कांग्रेस के राजनीतिक प्रस्ताव के मसौदे के जारी होते ही सी पी आई (एम) पर सवाल उठना शुरू हो गए हैं। सी...

खतरनाक तरीके से फैल रहा है सांप्रदायिकता का जहर

संघ परिवार और इसके समर्थकों की बढ़ती संख्या द्वारा आम जनता और प्रशासन के बीच राजनीति में नियमित रूप से घोला जा रहा सांप्रदायिक जहर...

बागेश्वर धाम सरकार में सरकार : साम्प्रदायिकता और कॉर्पोरेट...

कई बार वास्तविकता को उजागर करने के लिए उसे शब्दों में सूत्रबद्ध करना जरूरी नहीं होता, परिस्थितिजन्य साक्ष्य काफी होते हैं। कई बार...

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस-2025 : चुनौतियों से आगे बढ़ने...

संयुक्त राष्ट्र संघ का अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस-2025 का आह्वान महिलाओं को हर क्षेत्र में बराबरी देने का है। लेकिन यह रास्ता कितना...

दाल देख और दाल का पानी देख!

रोटी के साथ दाल मिलना भी अब नसीब की बात है। आज की ताजा खबर है कि बाजार में दाल का संकट आने वाला है, क्योंकि सरकारी दाल का भंडार खाली...

राजद्रोह की धारा या सत्तापक्ष का हथियार

इसे भाजपा की धुलाई मशीन का करिश्मा कहना, शायद इसमें निहित हमारी संवैधानिक व्यवस्था के क्षय को कम कर के आंकना होगा। इससे पता चलता है...

संविधान-स्थगित बस्तर : जहां रघु मीडियामी के  लोकतांत्रिक...

'इंडियन एक्सप्रेस' की एक पुरानी रिपोर्ट से बात शुरू कर रहा हूं। दिसंबर 2014 की इस रिपोर्ट के अनुसार : जनवरी 2009 से मई 2014 के बीच...