मैगज़ीन का लेख

विशेष लेख : अब मजदूर का बच्चा मजदूर नहीं रहेगा, श्रम विभाग...

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा श्रमिकों एवं उनके परिजनों की बेहतरी के लिए कई योजनाएं...

सबसे अच्छी बात और सबसे बुरी बात

यह दुख की बात है कि पहलगाम में पाक-प्रायोजित आतंकी हमले के बाद भाजपा और संघी गिरोह पूरे देश में मुस्लिम विरोधी माहौल बना रहा है। इसके...

विकास का वैकल्पिक मॉडल

कोई यह दावा नहीं कर सकता कि नवउदारवादी दौर में, उससे पहले के लोककल्याणकारी राज्य के दौर की तुलना में, कृषि उत्पादन, विशेष रूप से खाद्यान्न...

राजनैतिक व्यंग्य-समागम

भाई ये गजब देश है। पहलगाम में आतंकवादी हमला हो गया। अट्ठाईस लोग मारे गए और डेढ़ दर्जन से ज्यादा गंभीर रूप से घायल। नाम पूछकर और धर्म...

फिल्म तो बहाना है, गुलामगिरी फिर लाना है

फुले फिल्म को लेकर जिस तरह का तूमार खड़ा किया जा रहा है, वह सिर्फ उतना नहीं है, जितना दिखाया या बताया जा रहा है : कि अनुराग कश्यप नाम...

एक समावेशी पोप

कैथोलिक चर्च के सर्वोच्च प्रमुख होने के बावजूद, दिवंगत पोप फ्रांसिस पूरी दुनिया के लिए एक आध्यात्मिक नेता के रूप में उभरे। वह एक उल्लेखनीय...

अब सुप्रीम कोर्ट को धौंस!

फासीवादियों की एक जानी-मानी रणनीति है। जो खुद करना चाहते हो, करने जा रहे हो, विरोधी पर वही करने का आरोप लगा दो। भाजपा के बदजुबान पर...

पहलगाम : हमला पाकिस्तान प्रायोजित, लेकिन क्या केंद्र सरकार...

नोटबंदी के बाद मोदी सरकार का दावा था कि आतंकवाद की कमर तोड़ दी गई है। संविधान के अनुच्छेद-370 को खत्म करते हुए दूसरा दावा था कि आतंकवाद...

घोड़े भड़के, तो भड़के क्यों?

घोड़े भड़क रहे हैं। रोज सुबह के अखबार यही संदेशे दे रहे हैं। कभी कोई जगदीप धनखड़ भड़क रहे हैं, तो कभी कोई निशिकांत दुबे। अखबार बता...

राजनैतिक व्यंग्य-समागम

यह तिल का ताड़ और राई का पहाड़ बनाना नहीं, तो और क्या है? और कुछ नहीं मिला, तो अभक्तों ने फुले की जीवनीपरक फिल्म पर सेंसर बोर्ड के...

संघवाद की हिमायत में फैसला

नरेंद्र मोदी के राज में राज्यपाल के पद को जिस तरह से विपक्ष-शासित राज्यों में सत्ताधारी संघ-भाजपा जोड़ी की क्षुद्र राजनीति का हथियार...

बाबा साहब, भारतीय संविधान और मौजूदा खतरे

डॉ. अम्बेडकर संविधान निर्माता माने जाते हैं। निस्संदेह   वे ड्राफ्टिंग कमेटी के चेयरमैन थे और विराट बहुमत से चुने गए थे। संविधान में...

राजेंद्र शर्मा के तीन व्यंग्य

लीजिए, अब क्या लोकसभा के स्पीकर जी मर्यादा के पालन का उपदेश भी नहीं दे सकते? कुर्सी का नाम स्पीकर और जरा सा उपदेश देने पर इतनी बक-झक।...

मेहनतकशों पर विश्वव्यापी हमला

परवर्ती पूंजीवाद (Late capitalism) के अंतर्गत मेहनतकश जनता पर ऐसा हमला हो रहा है, जो आरंभिक पूंजीवाद के हमले की याद दिलाता है और यह...

सुशासन तिहार-2025 : प्रशासन में जवाबदेही, पारदर्शिता के...

रायपुर : सुशासन स्थापित करने के लिए यह आवश्यक है कि शासन-प्रशासन द्वारा सुशासन के मूलभूत सिद्धांतों को अपनाया जाये यथा निष्पक्ष चुनाव...