विक्की समोसा वाले के पास पैसा खर्च करने के अनोखे तरीके!

रायपुर : सट्टा औऱ भ्रष्टाचार का चोली दामन का संबंध है। तकदीर बदलते देर नहीं लगती बस आपके आसपास भ्रष्टाचार में संलिप्त छुटभैया औऱ अधिकारी हो, बस कांफिडेंस में लेकर उनके काले धन को सफेद करने वाले हो पूरी दुनिया को ट्रेंयंगल का शेप बनाकर तलना शुरू कर देता है । इसका लाभ राजधानी के सड़क छाप कभी शहर की सड़कों पर समोसे बेचने वाला विक्की है

विक्की समोसा वाले के पास पैसा खर्च करने के अनोखे तरीके!

सीबीआई EOW और ED की जांच का सुगम रास्ता बनेगा विकी समोसे वाला? 

भ्रष्टाचार और सट्टा की काले कमाई को जमीन में खपाकर सभी का कर दिया बेड़ा पार 

कांग्रेस शासनकाल में नेता, IAS - IPS अधिकारी के पैसों को विक्की ठिकाने लगाए 

समोसे बेचने वाले ने छत्तीसगढ़ गाड़ दिया झंडा, अब सबसे बड़ा भू-माफिया 

छोटे भ्रष्टाचारी नेताओं और अधिकारियों के काले धन से खरीदीं महंगी संपत्तियां 

सेजबहार, छछानपैरी, कांदुल घाटी, टाटीबंध समेत रायपुर, दु्र्ग, धमतरी, महासमुंद में खोले काते

रायपुर : सट्टा औऱ भ्रष्टाचार का चोली दामन का संबंध है। तकदीर बदलते देर नहीं लगती बस आपके आसपास भ्रष्टाचार में संलिप्त छुटभैया औऱ अधिकारी हो, बस कांफिडेंस में लेकर उनके काले धन को सफेद करने वाले हो पूरी दुनिया को ट्रेंयंगल का शेप बनाकर तलना शुरू कर देता है । इसका लाभ राजधानी के सड़क छाप कभी शहर की सड़कों पर समोसे बेचने वाला विक्की है जो अब छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा भू-माफिया बनने की राह पर पहुंच चुका है।

विक्की का दावा है कैसा भी पुराने से पुराना काला धन हो उसे सफेद बनाने की गारंटी मेरी है। इसी कांफिडेंस ने विक्की समोसेवाले को विक्की भैया का नया उपनाम मिल गया है । काले धन की कोई सी भी प्रजाति हो विक्की के हाथ लगते ही उस पर सफेद की मुहर लग जाता है।

जमीन और सट्टा की दुनिया कमा खाकर रिटायर्ड हो चुके एक जानकार ने बताया कि कांग्रेस शासनकाल में विक्की ने छोटे -बड़े नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों के काले धन को निवेश कर बेहद महंगी संपत्तियां खरीदीं कर छुटभैया नेता और भ्रष्टअधिकारियों की राशनपानी पेट्रोल से लेकर वदेश यात्रा का खर्च उठा रहा है। जमीनों की दलाली औऱ कब्जा करने में उसका कोई हाथ नहीं पकड़ सकता । कभी छुटभैया नेता रहे हो लेकिन विक्की ने ट्रयंगल समोसे तकनीक से बड़ा नेता बना दिया है। बताया जा रहा है कि सेजबहार, छछानपैरी, कांदुल, टाटीबंध समेत रायपुर के कई इलाकों में उसने अनाप-शनाप बाजार दर से ज्यादा कीमत पर ज़मीनों का अधिग्रहण किया है।

सीबीआई को सट्टा कोे साथ जमीन की धड़ाधड़ खरीदी के मामलों को भी जांच के दायरे में लानी चाहिए कि हज़ारों करोड़ों की बेनामी संपत्ति इन बिल्डरों के पास है इसके पीछे किसका हाथ होता था? सीबीआई को इन बिल्डरों के आय से अधिक बेनामी संपत्ति मामले में जांच करनी चाहिए और सभी बेनामी संपत्ति को कुर्क करके राजसात कर लेनी चाहिए। बेनामी संपत्ति के मालिक बने कांग्रेस शासनकाल के तत्कालीन नेता और IAS - IPS अधिकारी है इसकी पुख्ता जानकारी विक्की समोसा वाले के यहां मिलेगी। सट्टा-जुआ शराब एवं सभी तरह का 2 नंबर की बड़ी रकम विकी समोसे वाले के द्वारा रायपुर शहर के चारो तरफ बेतहाशा बेनामी सम्पतियों और जमीनों में उपयोग की गई है। क्या सीबीआई EOW और ED की जांच का सबसे सुगम रास्ता बनेगा विकी समोसे वाला?

सूत्रों के अनुसार, इस खेल में कई IAS और IPS अधिकारी भी शामिल हैं, जिन्होंने अपने अवैध पैसे को विकी के ज़रिए रियल एस्टेट में निवेश किया। कांग्रेस शासनकाल में उसे राजनीतिक और प्रशासनिक संरक्षण मिला, जिससे वह एक साधारण स्ट्रीट फूड विक्रेता से शहर के सबसे प्रभावशाली बिल्डरों में शामिल हो गया। विकी न केवल रियल एस्टेट में बड़ा नाम बन चुका है, बल्कि वह अब मीडिया में भी स्पॉन्सर्ड खबरों के माध्यम से अपनी छवि चमकाने का प्रयास कर रहा है। आरोप हैं कि उसने अवैध कारोबार को छुपाने के लिए स्थानीय मीडिया संस्थानों में मोटा पैसा लगाया है, जिससे उसके खिलाफ कोई भी नकारात्मक खबर न चले। अब सवाल उठ रहा है कि क्या प्रशासन इस मामले की जांच करेगा? और क्या नेताओं और अधिकारियों के साथ मिलीभगत से फल-फूल रहे इस भू-माफिया पर कोई कार्रवाई होगी?

बताया जाता है कि पूर्ववर्ती भूपेश बघेल सरकार के दौरान विक्की समोसेवाला की कुंडली खंगाली जाए तो बड़े -बड़े अधिकारियों औऱ नेताओ्ं से जुड़े नेटवर्क का भंडा फूट सकता है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में केंद्र सरकार त्तकालीन प्रदेश सरकार के भ्रष्टाचार पर संज्ञान लेकर कड़ी कार्रवाई कर सकती है। जिससे प्रदेश में भ्रष्ट अधिकारियों और राजनेताओं के गठजोड़ पर गहरी चोट पड़ सकती है।

पुलिस मुख्यालय और मंत्रालय में निलंबन की मांग जोर पकड़ रही है। इस मामले में फंसे ASP स्तर के दोनों अधिकारियों को तत्काल निलंबित किए जाने की चर्चा चल रही है। कई वरिष्ठ अधिकारी भी इस कार्रवाई से चिंतित हैं और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत सख्त कदम उठाने की संभावनाएं जताई जा रही हैं। CBI की छापेमारी को केंद्र सरकार के भ्रष्टाचार विरोधी अभियान का हिस्सा माना जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से दिए गए अपने भाषणों में महादेव ऐप सट्टा, शराब और अन्य घोटालों में लिप्त लोगों को जेल भेजने का वादा किया था। अब CBI ने उन बड़े मगरमच्छों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है, जो प्रशासनिक तंत्र और कानून का दुरुपयोग कर रहे थे।

सूत्रों के अनुसार, यदि इन अधिकारियों को जल्द निलंबित नहीं किया गया तो जांच प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। सरकार के भीतर भी यह चर्चा हो रही है कि यदि दोषी अधिकारी अपने पदों पर बने रहते हैं, तो वे सबूतों के साथ छेड़छाड़ कर सकते हैं। CBI द्वारा EOW (आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा) के सहयोग से कई प्रभावशाली आरोपियों के ठिकानों पर दबिश दी गई। इस कार्रवाई को बीजेपी सरकार की भ्रष्टाचार विरोधी नीति के तहत उठाए गए महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।

बेनामी संपत्तियों की जांच शुरू

CBI को मिली जानकारी के अनुसार,आईएएस/आईपीएस अधिकारियों और उनके परिजनों के खिलाफ भ्रष्टाचार से जुड़े कई अहम सबूत मिले हैं। बताया जा रहा है कि मुंबई और पुणे में इनके परिजनों के नाम पर फाइव स्टार होटल और रियल एस्टेट में बड़े निवेश की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा, बीते 5 वर्षों के भीतर ही शेख आरिफ के साले एवं अन्य करीबी नाते-रिश्तेदारों के नाम पर बड़ी मात्रा में चल-अचल संपत्ति, कृषि भूमि और अन्य व्यापारों में निवेश किया गया था। CBI ने प्रेस नोट जारी कर कहा है कि तलाशी के दौरान आपत्तिजनक डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्य जब्त किए गए हैं। एजेंसी ने यह भी स्पष्ट किया कि छापेमारी अभी जारी है और आगे भी कई बड़े नामों का खुलासा हो सकता है।(एजेंसी)