चीन में आर्थिक संकट, मगर रद्दी के बदले सस्ते में मिल रहा नया सामान!

मार्च 2025 में चीन की इकॉनमी ने तेजी दिखाई, फैक्ट्रियों का PMI 50.5 पर पहुंचा. नए ऑर्डर और घरेलू मांग बढ़ी. सरकार खर्च और कर्ज से इकॉनमी को मजबूत कर रही है. लेकिन अमेरिकी टैरिफ चिंता का विषय बना हुआ है. खपत बढ़ाने के लिए सरकार ने एक स्कीम लॉन्च की है, जिसमें पुराने खराब हो चुके सामान के बदले कुछ ही पैसों में नया सामान खरीदा जा सकता है.

चीन में आर्थिक संकट, मगर रद्दी के बदले सस्ते में मिल रहा नया सामान!

मार्च 2025 में चीन की इकॉनमी ने तेजी दिखाई, फैक्ट्रियों का PMI 50.5 पर पहुंचा. नए ऑर्डर और घरेलू मांग बढ़ी. सरकार खर्च और कर्ज से इकॉनमी को मजबूत कर रही है. लेकिन अमेरिकी टैरिफ चिंता का विषय बना हुआ है. खपत बढ़ाने के लिए सरकार ने एक स्कीम लॉन्च की है, जिसमें पुराने खराब हो चुके सामान के बदले कुछ ही पैसों में नया सामान खरीदा जा सकता है.

चीन की इकॉनमी में मार्च के महीने में एक उम्मीद की किरण नजर आई, जब फैक्ट्रियों ने एक साल में सबसे तेज रफ्तार से काम किया. कम से कम चीनी सरकार के लिए तो यह अच्छी खबर है क्योंकि इससे नौकरियों और बाजार में हलचल बढ़ सकती है. अमेरिका के साथ बढ़ते व्यापारिक तनाव के बीच चीन ने अपनी रफ्तार बनाए रखी, नए ऑर्डर बढ़े और घरेलू खपत को बल मिला. सरकार पैसा खर्च करके और कर्ज लेकर 144 लाख करोड़ रुपये (18 ट्रिलियन डॉलर) की इस इकॉनमी को मजबूत कर रही है. पुराने सामान के बदले सस्ते दामों में नया सामान दिया जा रहा है. सबकुछ अच्छा दिख तो रहा है, लेकिन क्या यह चमक बरकरार रहेगी, या अमेरिकी टैरिफ की मार इसे फीका कर देगी? इसे समझना भी जरूरी है.

मार्च 2025 में चीन की इकॉनमी ने एक साल में पहली बार जोरदार वापसी की. दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी इकॉनमी में फैक्ट्रियों का आधिकारिक पर्चेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) 50.2 से बढ़कर 50.5 पर पहुंच गया, जो मार्च 2024 के बाद सबसे ऊंचा स्तर है. आसान भाषा में कहें तो PMI एक ऐसा पैमाना है, जो बताता है कि फैक्ट्रियां कितनी तेजी से काम कर रही हैं. इसका 50 से ऊपर रहना मतलब बढ़ोतरी को दर्शाना है. साथ ही, सर्विस और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का PMI भी 50.4 से 50.8 पर पहुंचा. इसका सीधा मतलब ये है कि वहां के बाजारों में रौनक लौटेगी.

नए ऑर्डर और घरेलू मांग ने भरी उड़ान

इस तेजी का राज है नए ऑर्डर में उछाल. न्यू ऑर्डर सब-इंडेक्स 51.8 पर पहुंचा, जो पिछले 12 महीनों में सबसे बेहतर आंकड़ा है. मतलब, लोग सामान खरीदने के लिए फिर से आगे आ रहे हैं. सरकार ने हाल ही में खर्च बढ़ाने और ब्याज दरें घटाने जैसे कदम उठाए, जिससे घरेलू मांग को बल मिला. हालांकि, कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका के नए व्यापार प्रतिबंधों की आशंका से विदेशी खरीदार भी जल्दी-जल्दी ऑर्डर दे रहे हैं. हालांकि, निर्यात ऑर्डर अभी भी थोड़े कमजोर हैं, लेकिन उनकी गिरावट की रफ्तार धीमी होकर 50 के करीब पहुंच गई है.

छोटे उद्यम चमके, बड़े फर्मों को चुनौती

राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो के वरिष्ठ अधिकारी झाओ किंगहे बताते हैं कि छोटी और मझोली कंपनियों ने मार्च में शानदार प्रदर्शन किया. ये वो कारोबारी हैं, जो आम लोगों को रोजगार देते हैं. लेकिन बड़ी कंपनियों को फरवरी की तुलना में ज्यादा मुश्किलों का सामना करना पड़ा. यह एक तरह से जिंदगी की कहानी जैसा है- छोटे लोग मेहनत से आगे बढ़ रहे हैं, पर बड़े खिलाड़ियों पर दबाव बढ़ता जा रहा है.

अमेरिका का नया दांव: टैरिफ की तलवार

लेकिन यह खुशी ज्यादा दिन टिकेगी, इसमें शक है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प 2 अप्रैल को नए “रेसिप्रोकल” टैरिफ की घोषणा करने वाले हैं. उनका मानना है कि चीन के साथ व्यापार में असंतुलन है, जिसे ठीक करना जरूरी है. जनवरी में व्हाइट हाउस लौटने के बाद ट्रम्प ने पहले ही सभी चीनी आयात पर 20 फीसदी टैरिफ लगा दिया है. वे बीजिंग पर यह भी आरोप लगाते हैं कि वह अमेरिका में नशीली दवा फेंटेनाइल बनाने वाली रासायनिक सामग्रियों को रोक नहीं रहा. यह टैरिफ वॉर दोनों देशों के बीच तनाव पैदा कर रहा है.

चीन का प्लान 144 लाख करोड़ की इकॉनमी को संभालना

चीन ने इस साल अपनी आर्थिक वृद्धि का लक्ष्य “लगभग 5 फीसदी” पर बनाए रखा है. सरकार ज्यादा खर्च, कर्ज लेने और ब्याज दरों में ढील देकर 18 ट्रिलियन डॉलर की विशाल इकॉनमी को स्थिर करने की कोशिश में है. निर्यात पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं, इसलिए अब घरेलू खपत को बढ़ाने पर जोर है. चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने हाल ही में मल्टीनेशनल कंपनियों के लीडर्स से मुलाकात की और ग्लोबल सप्लाई चेन को बचाने की अपील की.

कैश फॉर क्लंकर्स: पुराना हटाओ, नया लाओ

“कैश फॉर क्लंकर्स” चीन में शुरू की गई एक खास योजना है, जिसे सरकार ने लोगों की खरीदारी बढ़ाने और अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए लॉन्च किया है. इसका मतलब है “पुराने के बदले नकद”. अगर किसी के पास पुराना फ्रिज, टीवी, वॉशिंग मशीन या कोई और इलेक्ट्रॉनिक सामान है जो खराब हो गया है काफी पुराना हो गया है, तो वह उसे जमा करके नया सामान खरीद सकते हैं. इसके लिए सरकार या कंपनियां ग्राहकों को छूट या कुछ पैसे देती हैं, ताकि आप नया और बेहतर सामान ले सकें.

चीन की सरकार चाहती है कि लोग ज्यादा खर्च करें, ताकि बाजार में पैसा घूमे और फैक्ट्रियां चलती रहें. खासकर जब अमेरिका के साथ व्यापारिक तनाव बढ़ रहा है और निर्यात कम हो सकता है, तो यह योजना घरेलू खपत को बढ़ाने का अच्छा तरीका है.

आगे की राह मुश्किल, लेकिन उम्मीद बाकी

हालांकि, अर्थशास्त्री चेतावनी दे रहे हैं कि यह तेजी ज्यादा दिन नहीं टिक सकती. कैपिटल इकोनॉमिक्स के चीन विशेषज्ञ जूलियन इवांस-प्रिचर्ड कहते हैं, “हमें शक है कि साल का बाकी हिस्सा इतना अच्छा रहेगा. बजट में कुछ और सरकारी मदद की गुंजाइश है, लेकिन अमेरिकी टैरिफ जल्द ही निर्यात पर भारी पड़ेंगे.” साल की शुरुआत में खुदरा बिक्री में थोड़ा सुधार दिखा, पर बेरोजगारी और कीमतों में गिरावट (डिफ्लेशन) का दबाव अभी भी बना हुआ है.(एजेंसी)