कंडोम यूज के बाद भी महिला हो गई प्रेग्नेंट, कोर्ट ने कंपनी को ठहराया जिम्मेदार देना पड़ा हर्जाना
Condom failure cases : प्रेग्नेंसी को इग्नोर करने के लिए कंडोम का इस्तेमाल एक बेहतर और कारगर तरीका माना जाता है. वैसे तो कंडोम गर्भनिरोधक का एकमात्र तरीका है. फिर भी कई बार देखा गया कि, पार्टनर के साथ ख़ास पलों के दौरान कंडोम का इस्तेमाल
Condom failure cases : प्रेग्नेंसी को इग्नोर करने के लिए कंडोम का इस्तेमाल एक बेहतर और कारगर तरीका माना जाता है. वैसे तो कंडोम गर्भनिरोधक का एकमात्र तरीका है. फिर भी कई बार देखा गया कि, पार्टनर के साथ ख़ास पलों के दौरान कंडोम का इस्तेमाल करने के बावजूद (Despite using condoms) महिलाएं प्रेग्नेंट हो गईं. इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं.
इसमें पहला ये कि, लोग जल्दी में कंडोम का इस्तेमाल कर लेते हैं लेकिन ये सही तरह से इस्तेमाल हो रहा है या नहीं इसका ध्यान नहीं देते हैं. दूसरा, संबंध बनाते समय एक्सपायरी कंडोम फटने का जोखिम बढ़ सकता है. लेकिन, अगर आपने सबकुछ सही किया, कंडोम भी एक्सपायरी नहीं है और फिर भी फट जाए तो ये कंपनी का फाल्ट है. इसके लिए कंपनी को हर्जाना भी देना पड़ सकता है. दुनियाभर में कई मामले ऐसे सामने आए भी हैं. उन कस्टमर्स ने कंपनी पर केस ठोका. आइए जानते हैं ऐसे मामले-
ऐसे कस्टमर्स जिन्होंने कंपनी पर ठोका केस
UK में मांगा मुआवजा: UK की एक महिला, Marion Richardson ने दावा किया कि उसके साथी ने एक कंडोम इस्तेमाल किया जो संबंध बनाने के दौरान फट गया. इसके चलते वह गर्भवती हो गई. उसने ब्रिटेन की कंपनी LRC Products (जो Durex बनाती है) के खिलाफ केस किया. महिला ने कंपनी से मां बनने के खर्चों, गर्भावस्था की असुविधा और जन्म के बाद बच्चे की देखभाल आदि के लिए मुआवजा मांगा. हालांकि, इस मामले में अदालत ने इस दावे को खारिज कर दिया. क्योंकि, उन्हें यह साबित करना था कि उत्पाद वास्तव में खराब था या कंपनी की गलती थी.
अमेरिका में केस: हाल ही में अमेरिका में एक मुकदमा दायर हुआ है, जिसमें Trojan ब्रांड के “Ultra Thin” कंडोम पर आरोप है कि उनमें PFAS नामक “forever chemicals” पाए गए हैं, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं. यह मुकदमा मुख्यतः ‘Misleading claims’ और उत्पाद की सामग्री की जानकारी न देने के कारण दायर किया गया. न कि किसी महिला ने गर्भवती होने के कारण. हालांकि, अभी इस मामले की स्थिति (outcome) स्पष्ट नहीं है.
कनाडा में भी मामला दर्ज: हाल ही में R v Hutchinson नामक मुकदमा है, जहां एक पुरुष ने अपनी साथी की सहमति से कंडोम पहनने के बाद उसमें छेद कर दिया. इसके कारण महिला गर्भवती हुई. यह मामला “condom sabotage” या धोखे से कंडोम को दोषपूर्ण बनाने का है. अदालत ने फैसला सुनाया कि यह यौन दुर्व्यवहार (sexual assault) है, क्योंकि सहमति किसी ऐसे कार्य पर आधारित थी जहां कंडोम सही होगा.
केन्या में हुआ केस: हाल ही में केन्या में भी एक ऐसा ही मामला देखने को मिला. यहां एक व्यक्ति ने Beta Healthcare के खिलाफ केस किया था, कि उसके “Zoom” ब्रांड के कंडोम में गुणवत्ता की कमी थी, क्योंकि वह सेक्स के दौरान फट गया था. लेकिन, कोर्ट ने यह मुकदमा खारिज कर दिया क्योंकि उस व्यक्ति ने यह साबित नहीं किया कि उसने वास्तव में वह ब्रांड इस्तेमाल किया था.
युगांडा में भी मामला: कंडोम से जुड़ा एक मामला युगांडा में भी देखने को मिला. कुछ व्यक्तियों ने यह दायित्व लगाया कि Marie Stopes Uganda ने दो बैच के कंडोम बाजार में पहुंचाए जो “छेद” वाले थे और गुणवत्ता मानक पूरे नहीं करते थे. वे आरोप करते हैं कि इन फॉल्टी कंडोमों के चलते एक व्यक्ति HIV‑positive हो गया, दूसरा गोनोरिया से संक्रमित हुआ.(एजेंसी)
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