अमेरिका के समुद्री हमले से हड़कंप: 60 से अधिक लोगों की मौत, भड़का संयुक्त राष्ट्र

US naval attack causes panic : अमेरिका ने सितंबर से अब तक वेनेज़ुएला तट और पूर्वी प्रशांत महासागर के पास कथित मादक पदार्थ तस्करी से जुड़ी नौकाओं पर 13 हवाई हमले किए हैं, जिनमें 60 से अधिक लोगों की मौत हुई है। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के

अमेरिका के समुद्री हमले से हड़कंप: 60 से अधिक लोगों की मौत, भड़का संयुक्त राष्ट्र

US naval attack causes panic : अमेरिका ने सितंबर से अब तक वेनेज़ुएला तट और पूर्वी प्रशांत महासागर के पास कथित मादक पदार्थ तस्करी से जुड़ी नौकाओं पर 13 हवाई हमले किए हैं, जिनमें 60 से अधिक लोगों की मौत हुई है। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के अनुसार, ये हमले मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ अभियान का हिस्सा हैं। हालांकि, संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख और वेनेज़ुएला सरकार ने इन कार्रवाइयों को अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानून का उल्लंघन बताया है।

अंतरराष्ट्रीय विवाद गहराया

संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार प्रमुख ने कहा कि अमेरिका द्वारा दक्षिण अमेरिका के तट पर की गई ये हवाई कार्रवाई अस्वीकार्य हैं और इन्हें गैरकानूनी हत्या के रूप में देखा जाना चाहिए। वहीं, वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने अमेरिका पर संप्रभु देश के खिलाफ आक्रामकता और हत्या का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि यह अभियान राजनीतिक हस्तक्षेप और शासन परिवर्तन की कोशिश का हिस्सा है। मादुरो ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप सरकार का उद्देश्य स्पष्ट है- हमारे देश में अस्थिरता फैलाना और सत्ता परिवर्तन की जमीन तैयार करना।

अमेरिकी पक्ष का दावा

अमेरिका ने इन हमलों को मादक पदार्थ विरोधी मिशन करार दिया है। ट्रंप प्रशासन का दावा है कि जिन नौकाओं पर हमले हुए, वे कोकीन और अन्य नशीले पदार्थ लेकर अमेरिका की ओर बढ़ रही थीं। हालांकि, अमेरिका ने अभी तक इन आरोपों के ठोस सबूत सार्वजनिक नहीं किए हैं। अमेरिकी रक्षा मंत्री हेगसेथ ने कहा कि हमने केवल उन जहाजों को निशाना बनाया जो अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में अवैध गतिविधियों में संलिप्त थे।

पड़ोसी देशों का विरोध

कोलंबिया, मैक्सिको और त्रिनिदाद एंड टोबैगो जैसे देशों ने इन घटनाओं पर चिंता जताई है। कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेत्रो ने कहा कि अमेरिकी दावा भ्रामक है, क्योंकि कुछ मारे गए लोग कोलंबियाई नागरिक थे और किसी विद्रोही संगठन से जुड़े नहीं थे। त्रिनिदाद के एक नागरिक के परिवार ने अमेरिका से सबूत मांगे हैं कि उनके परिजन ड्रग तस्कर थे।

सितंबर में कैरेबियाई में अमेरिकी सैन्य जमावड़ा

सितंबर में अमेरिका ने कैरेबियाई सागर में एक विशाल सैन्य तैनाती की थी- जिसमें परमाणु पनडुब्बी, युद्धपोतों का बेड़ा और दुनिया का सबसे बड़ा विमानवाहक पोत शामिल था। इस कदम के बाद मादुरो सरकार ने भी सुरक्षा बलों को उच्च सतर्कता पर रखा और देशभर में दसियों हज़ार सैनिकों की तैनाती की।

हमलों की पूरी सूची

  • 2 सितंबर- वेनेज़ुएला से कथित ड्रग नौका पर अमेरिकी हमला; 11 लोग मारे गए। ट्रंप ने कहा कि वे ट्रेन डे अरागुआ गैंग के सदस्य थे, लेकिन वेनेज़ुएला ने इसे नकार दिया।
  • 15 सितंबर- अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में हमला; 3 लोग मारे गए। ट्रंप ने दावा किया कि नौका अमेरिका की ओर जा रही थी, पर कोई सबूत नहीं दिया।
  • 19 सितंबर- एक और कथित ड्रग नौका पर हमला; 3 लोग मारे गए।
  • 3 अक्टूबर- वेनेज़ुएला तट के पास हमला; 4 लोग मारे गए। रक्षा मंत्री हेगसेथ ने कहा कि ये ड्रग तस्कर थे।
  • 14 अक्टूबर- वेनेज़ुएला के तट से दूर हमला; 6 लोग मारे गए। ट्रंप ने कहा कि वे मादक पदार्थ तस्कर थे।
  • 16 अक्टूबर- कैरेबियाई सागर में हमला; 2 लोग मारे गए और दो जीवित बचे (एक कोलंबियाई और एक इक्वाडोरियन)। दोनों को बाद में अपने देशों में वापस भेजा गया।
  • 17 अक्टूबर- हमला जिसमें 3 लोग मारे गए। कोलंबियाई राष्ट्रपति पेत्रो ने अमेरिकी दावा खारिज किया कि यह नाव ELN विद्रोहियों की थी, कहा यह एक साधारण परिवार की थी।
  • 21 अक्टूबर- पूर्वी प्रशांत महासागर में दो नौकाओं पर हमला; 5 लोग मारे गए। यह प्रशांत क्षेत्र में पहला अमेरिकी अभियान था।
  • 24 अक्टूबर- कैरेबियाई क्षेत्र में हमला; 6 लोग मारे गए। अमेरिका ने कहा कि नौका ट्रेन डे अरागुआ गैंग से जुड़ी थी।
  • 27 अक्टूबर- पूर्वी प्रशांत में तीन अमेरिकी हमले; 14 लोग मारे गए, एक जीवित बचा। मेक्सिको ने बाद में खोज अभियान रोक दिया।
  • 29 अक्टूबर- पूर्वी प्रशांत महासागर में हमला; 4 लोग मारे गए।
  • 1 नवंबर- कैरेबियाई क्षेत्र में हमला; 3 लोग मारे गए। अमेरिका ने कहा कि यह ड्रग तस्करी संगठन की नौका थी।
  • 4 नवंबर- पूर्वी प्रशांत के अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में हमला; 2 लोग मारे गए।

अंतरराष्ट्रीय कानून विशेषज्ञों की राय

अंतरराष्ट्रीय विधि विशेषज्ञों ने कहा है कि अगर अमेरिका ने इन हमलों में साक्ष्य पेश नहीं किया, तो यह संयुक्त राष्ट्र चार्टर और समुद्री कानून का उल्लंघन माना जाएगा। विशेषज्ञों के मुताबिक, बिना अंतरराष्ट्रीय अनुमति के किसी अन्य देश के नागरिकों पर हमला राज्य प्रायोजित हत्या की श्रेणी में आ सकता है।(एजेंसी)