कवि मनोज वैष्णव की कविता संग्रह की किताब " कविता और औरत" का विमोचन डॉ शिवकुमार डहरिया द्वारा किया गया 

Poetry and Women : कवि मनोज वैष्णव की बहुचर्चित कविता संग्रह “कविता और औरत” का विमोचन किया गया। इस अवसर पर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं वरिष्ठ विधायक डॉ. शिवकुमार डहरिया उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बोलते हुए डॉ. डहरिया ने कहा कि “मनोज वैष्णव की कविताएँ समाज की वास्तविकताओं को उजागर करती हैं।

कवि मनोज वैष्णव की कविता संग्रह की किताब " कविता और औरत" का विमोचन डॉ शिवकुमार डहरिया द्वारा किया गया 

Poetry and Women : कवि मनोज वैष्णव की बहुचर्चित कविता संग्रह “कविता और औरत” का विमोचन किया गया। इस अवसर पर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं वरिष्ठ विधायक डॉ. शिवकुमार डहरिया उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बोलते हुए डॉ. डहरिया ने कहा कि “मनोज वैष्णव की कविताएँ समाज की वास्तविकताओं को उजागर करती हैं। कविता और औरत न केवल स्त्री के संघर्ष और संवेदना की गाथा है, बल्कि उसमें सामाजिक सरोकारों और मानवीय मूल्यों की गहरी छाप भी झलकती है।” उन्होंने इसे नई पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक बताते हुए लेखक को हार्दिक शुभकामनाएँ दीं।

कवि मनोज वैष्णव ने विमोचन अवसर पर कहा कि—

"औरत जीवन का आधार है, कविता उसकी गूंज है। मेरी यह पुस्तक स्त्री की विविध भूमिकाओं, उसके संघर्ष और उसके भीतर छिपी ताक़त को शब्द देने का एक छोटा सा प्रयास है।" कार्यक्रम में स्थानीय साहित्यकारों, पाठकों और विद्यार्थियों ने भी अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने कहा कि यह कृति केवल कविता संग्रह ही नहीं बल्कि समाज में नारी के स्थान और महत्व पर गंभीर चिंतन प्रस्तुत करती है।

संग्रह की कविताएँ सरल भाषा में लिखी गई हैं, जो हर पाठक के हृदय को छूने की क्षमता रखती हैं। विशेषकर स्त्री विमर्श पर केंद्रित कविताएँ वर्तमान सामाजिक परिवेश में प्रासंगिक और प्रभावशाली प्रतीत होती हैं। अंत में कवि मनोज वैष्णव ने अपनी पुस्तक से कुछ चुनिंदा कविताओं का पाठ कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उपस्थित लोगों ने पुस्तक की सराहना करते हुए इसे एक महत्वपूर्ण साहित्यिक उपलब्धि करार दिया।