चीन का वैज्ञानिक चमत्कार: हार्ट अटैक और स्ट्रोक के लिए पहली वैक्सीन तैयार!
Vaccine for Heart Attack : हार्ट डिजीज के कारण दुनिया भर में हर साल 1.79 करोड़ लोगों की मौत हो जाती है. वहीं लाखों लोगों को जिंदगी भर के लिए परेशानी बन जाती है. सबसे ज्यादा लोग हार्ट अटैक और स्ट्रोक से मरते हैं लेकिन चीन के वैज्ञानिकों की मानें तो अब ऐसा बहुत कम होगा क्योंकि उसने हार्ट अटैक और स्ट्रोक से बचने के लिए वैक्सीन बनाने का दावा किया है.
Vaccine for Heart Attack : हार्ट डिजीज के कारण दुनिया भर में हर साल 1.79 करोड़ लोगों की मौत हो जाती है. वहीं लाखों लोगों को जिंदगी भर के लिए परेशानी बन जाती है. सबसे ज्यादा लोग हार्ट अटैक और स्ट्रोक से मरते हैं लेकिन चीन के वैज्ञानिकों की मानें तो अब ऐसा बहुत कम होगा क्योंकि उसने हार्ट अटैक और स्ट्रोक से बचने के लिए वैक्सीन बनाने का दावा किया है.
चीनी वैज्ञानिकों का कहना है कि उसने ऐसा इंजेक्शन बनाया है जिससे धमनियों में कोलेस्ट्रॉल नहीं चिपकेगा जिसके कारण खून का थक्का बन जाता है और खून के मार्ग में बाधा आने के कारण हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है. चीनी वैज्ञानिकों के इस खोज को नेचर जर्नल में प्रकाशित हुआ है.
कैसे होता है हार्ट अटैक और स्ट्रोक
जब धमनियों में कोलेस्ट्रॉल का प्लैक जमा हो जाता है तो यह धमनियों की नली को संकरा करने लगता है. इससे खून का बहाव कम हो जाता है. इस कारण हार्ट में कम खून पहुंचता है. जब कम खून पहुंचेगा हार्ट पंप नहीं हो पाएगा. इससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है. हार्ट डिजीज में सबसे ज्यादा हार्ट अटैक और स्ट्रोक से लोग मरते हैं.
मुश्किल यह है कि जब कोलेस्ट्रॉल धमनियों में चिपकना शुरू होता है तब इसका पता बिल्कुल नहीं चलता है. यही कारण है अचानक हार्ट अटैक आने से लोगों की मौत हो जाती है. वहीं जब हार्ट पंप करना कम कर देता है तो दिमाग में ऑक्सीजन कम पहुंचता है और इससे स्ट्रोक आ जाता है. इसमें दिमाग में ऑक्सीजन नहीं पहुंचने से दिमागी कोशिकाओं मरने लगती है.
एक प्रोटीन प्लैक को बनने से रोक देता
चीनी वैज्ञानिकों ने यह स्टडी फिलहाल चूहों पर की है. इस स्टडी में चूहों में प्लैक को जमा होने से बचाने के लिए इंजेक्शन कामयाब रहा है. यह अपने तरह की पहली रिसर्च है जिसमें चूहों की धमनियों में प्लैक जमने से रोक दिया गया है. नानजिंग यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के वैज्ञानिकों का कहना है कि हमने फिलहाल नैनो वैक्सीन बनाई है और प्री क्लीनिकल डाटा में यह साबित हुआ है कि यह वैक्सीन आर्टरीज में प्लैक को जमा नहीं होने देती. इससे पहले की रिसर्च में कई तरह के प्रोटीन से एक डिजिटल लाइब्रेरी तैयार की गई थी
जिसको समझने के बाद इंफ्लामेशन को कम करने के लिए बॉडी के इम्यून सिस्टम को किस तरह बढ़ाया जाए, इस दिशा में काम हुआ था. इस रिसर्च में पाया गया था कि p 210 नाम का एक प्रोटीन इम्यून को इतना सक्रिय कर देता है कि धमनियों में प्लैक जमा नहीं हो पाता है. यह वैक्सीन इसी दिशा में अगला कदम है. अब अगर इंसानों पर यह प्रयोग सफल हो जाता है तो यह बहुत बड़ा कदम होता है. इससे लाखों लोगों को मौत के मुंह से बचाया जा सकता है.(एजेंसी)
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