प्रियांशी को अब पढ़ने के लिए मीलों सफर तय करना नहीं पड़ता

कोण्डागांव छत्तीसगढ़ शासन द्वारा संचालित स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम स्कूल का उद्देश्य शहरों के...

प्रियांशी को अब पढ़ने के लिए मीलों सफर तय करना नहीं पड़ता

कोण्डागांव

छत्तीसगढ़ शासन द्वारा संचालित स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम स्कूल का उद्देश्य शहरों के साथ दूरस्थ अंचल के ग्रामीण बच्चों को महानगरों की तर्ज पर अच्छी शिक्षा देना है। आज सरकारी अंग्रेजी माध्यम स्कूल के बच्चें भी फराटे दार अंग्रेजी बोल रहे। दुर्गम क्षेत्र जहां कभी स्कूल जाने के लिए मीलों सफर तय करना पड़ता था अब स्कूल स्वयं गांव तक पहुंच गई है।

कोण्डागांव जिले के सुदूर अंचल में बसे मदार्पाल में पढ़ने वाली प्रियांशी को अब मीलों सफर तय करना नहीं पड़ता है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की घोषणा से गांव में ही मिल रही बच्चों को अंग्रेजी में अच्छी शिक्षा ऐसी ही एक कहानी है प्रियांशी साहू की। मदार्पाल गांव में ही आठवीं तक अंग्रेजी माध्यम स्कूल में शिक्षा प्राप्त करके क्षेत्र में अंग्रेजी माध्यम स्कूल न होने के कारण उसका दाखिला बड़े भाई द्वारा कोण्डागांव के जामकोटपारा स्थिति स्वामी आत्मानंद स्कूल में करा दिया गया था।

जिसके कारण प्रियांशी को मदार्पाल से 32 किमी. लम्बी दूरी तय करनी पड़ती थी। पिता के अभाव में स्वयं का व्यवसाय करने वाले बड़े भाई शिवराम साहू द्वारा प्रतिदिन बहन को स्कूल तक छोडना संभव नहीं हो पाता था। ऐसे में कई बार अकेले स्कूल जाना पड़ता था। कड़ी मेहनत और लगन से प्रियांशी ने प्रथम श्रेणी से कक्षा 9 उत्तीर्ण कर ली। इस दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के मदार्पाल आगमन होने पर क्षेत्र की जनता द्वारा स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल खोलने की मांग की गई। शिक्षा सत्र 2023-24 में स्कूल का संचालन प्रारंभ हो गया और प्रियांशी को कक्षा दसवीं में प्रवेश दिया गया।

प्रियांशी ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि उसे अब पढ़ाई के लिए कई किलोमीटर लम्बी दूरी तय करके कोण्डागांव प्रतिदिन नहीं जाना पड़ता। उसके गांव में ही स्कूल खुल जाने से बहुत खुश हैं।  उल्लेखनीय है कि कोण्डगांव जिले में उत्कृष्ट शिक्षा प्रदान करने के लिए 14 स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट स्कूलों का संचालन किया जा रहा है। जिसमें नवीन 06 स्कूलों को इसी सत्र से प्रारंभ किया गया है। स्कूल में 7 हजार से अधिक बच्चे अध्ययनरत है। जिले के सुदूर संवेदनशील ग्रामों जैसे कोनगुड, धनोरा, मदार्पाल में बच्चों को उत्कृष्ट अंग्रेजी शिक्षा मिल रहा है।