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कानपुर के बैटरी मैकेनिक अशरफ अली (34) की तीन लोगों ने मिलकर बेरहमी से हत्या की :मदद की अपील

कानपुर के बैटरी मैकेनिक अशरफ अली (34) की तीन लोगों ने मिलकर बेरहमी से हत्या की :मदद की अपील

12-Jun-2021

यूपी के कानपुर के एक बाजार में तीन लोगों के एक गिरोह ने जानबूझकर उन्हें अपनी कार के नीचे कुचलने के बाद बैटरी मैकेनिक अशरफ अली (34) की मौत हो गई। घटना 4 जून 2021 की है।

पीड़ित द्वारा दुकान के पास सार्वजनिक स्थान पर पेशाब नहीं करने के लिए कहने के बाद व्यक्तियों द्वारा जघन्य अपराध को बेरहमी से अंजाम दिया गया।

गिरोह ने पहले उसके साथ मारपीट की और फिर कार के नीचे कुचल दिया। जब कार ने उन्हें टक्कर मार दी, तो वह मकान मालिक कुलदीप कपूर के साथ फोन पर बात कर रहे थे, उनके खिलाफ हमले की शिकायत कर रहे थे।
पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर वारदात को अंजाम देने वाली कार बरामद कर ली है।


यूपी में अपराध
बिना किसी उकसावे के एक पारिवारिक व्यक्ति पर हुए भयानक हमले ने यूपी राज्य में अपराध और असुरक्षा के बढ़ते ग्राफ के बारे में खतरनाक घंटी बजा दी है। लोग यह देखकर हैरान हैं कि क्या वाहनों से कुचलना असहाय और निर्दोष व्यक्तियों की लिंचिंग का रूप ले रहा है?

अशरफ अनाथ था और शादीशुदा था। वह अपने अशिक्षित पत्नी शबीना (28) और 9, 7 और 5 साल की तीन नाबालिग बेटियों को छोड़ गया है। वे किराए के मकान में रह रहे हैं।

दुर्भाग्य से, परिवार को कोई आर्थिक मदद नहीं मिली है। चूंकि अशरफ अली परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था, इसलिए उसके परिजन असहाय रह गए हैं।

 

 
 

बेटे की जान पर आई तो पिता ने 300 किमी साइकिल चलाकर लाया दवा

बेटे की जान पर आई तो पिता ने 300 किमी साइकिल चलाकर लाया दवा

03-Jun-2021

बेटे की जान पर आई तो पिता ने 300 किमी साइकिल चलाकर लाया दवा

कर्नाटक : कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए कर्नाटक में लॉकडाउन लगाया गया है। इसी बीच, कर्नाटक में मैसुर जिले के कोप्पलू गांव से एक बेहद भावुक कर देने वाली खबर सामने आई है। संतान के प्रेम में इंसान बड़ी से बड़ी मुश्किलों एवं बाधाओं को पार कर जाता है। कुछ इसी तरह कोप्पलू गांव के रहने वाले 45 वर्षीय आनंद अपने बीमार बच्चे की जान बचाने के लिए तपती धूप में 300 किलोमीटर साइकिल चलाकर दवा लाए। आनंद की ‘स्पेशल चाइल्ड’ बेटे के प्रति प्रेम और इस दिलेरी की पूरे इलाके में चर्चा हो रही है। जहां एक ओर लोग उनकी सराहना एवं प्रशंसा कर रहे हैं तो दूसरी ओर लोग सिस्टम को आलोचना कर रहे हैं। कर्नाटक में लॉकडाउन लागू है। ग्रामीण इलाकों में सार्वजनिक परिवहन बंद हैं। मैसूर के एक गांव निवासी का बेटा ‘स्पेशल चाइल्ड’ की श्रेणी में आता है और उसकी दवा की एक भी खुराक छोड़ी नहीं जा सकती। आनंद के पास इतने पैसे भी नहीं थे कि वह निजी वाहन कर मैसूर के अपने गांव से बेंगलुरु शहर जाएं। दिहाड़ी मजदूरी करने वाले आनंद ने अपने बेटे की दवा लाने के लिए साइकिल से बेंगलुरु जाने का फैसला किया। आनंद ने कहा, ”मैंने अपने बेटे की दवाओं के बारे में पता किया, लेकिन वे दवाएं यहां उपलब्ध नहीं थीं। मेरे बेटे की दवा की खुराक एक दिन के लिए भी नहीं छोड़ी जा सकती। फिर मैं साइकिल से बेंगलुरु के लिए रवाना हुआ। दवा लाने में मुझ तीन दिन का समय लगा। ‘डॉक्टरों ने मुझे भरोसा दिया है कि मेरे बेटे ने अगर 18 साल की उम्र तक लगातार दवा ली तो वह अन्य बच्चों की तरह सामान्य हो जाएगा। बिना किसी और बात का ख्याल किए मैं साइकिल से बेंगलुरु के लिए निकल पड़ा था l दवा लाकर अपने बच्चे की जान बचाई l


लखनऊ की शान और पहचान है सुल्तानुल मदारिस। सैय्यद तक़वी

लखनऊ की शान और पहचान है सुल्तानुल मदारिस। सैय्यद तक़वी

02-Jun-2021

लखनऊ की शान और पहचान है सुल्तानुल मदारिस। सैय्यद तक़वी
सुल्तानुल मदारिस जो लखनऊ के मेडिकल कॉलेज चौराहे पर स्थित है और इस शहर की पहचान है। पूर्व में भी इस पर कई हमले हुए इसको हटाने और मिटाने की कोशिश हुई लेकिन दुश्मन कामयाब नहीं हो सका। आज एक बार फिर सुल्तानुल मदारिस पर नजरे उठ गई हैं। कुछ भी कहने से पहले हम लोग जान लेते हैं कि सुल्तानुल मदारिस का इतिहास क्या है
सुल्तानुल मदारिस लखनऊ की शान है। शिया धर्म की एक पहचान है। छात्रों का एक शैक्षिक स्थल है और अनगिनत पूर्वजों की यादें इस इदारे से जुड़ी हुई हैं।
इसकी स्थापना वर्ष 1892 में अयातुल्लाह सैयद मुहम्मद अबुल हसन साहब ने की थी। पूरे मदरसे की इमारतों को अवध के एक परोपकारी नवाब मेहदी हसन खान साहब की देखरेख में बनाया गया था। 1911 में आधारशिला रखी गई थी और केंद्रीय हॉल का उद्घाटन आगरा और अवध के संयुक्त प्रांत के तत्कालीन लेफ्टिनेंट-गवर्नर सर जॉन प्रेस्कॉट हेवेट ने किया था। 
सुल्तानुल मदारिस लखनऊ का दूसरा शिया धार्मिक स्कूल है। पहला मदरसा इमामिया था - जिसे अंग्रेजों ने बंद कर दिया था और तीसरा जामिया नाजमिया है। दौरे हाज़िर इसके अलावा कई मदरसे शिक्षा के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं।
मदरसा सुल्तानिया द्वारा निम्नलिखित पाठ्यक्रम संचालित किए जाते हैं।
दरजात तहतनिया
दरजात फोकानिया
दरजात-ए-आलिया
सनद-उल-फाजिल (अवधि 3 वर्ष)
सदर-उल-फाजिल
पहले दो पाठ्यक्रम दरजात तहनिया और दरजात फौकानिया जिसमें सात दरजा (स्तर / चरण) शामिल हैं,यह प्राथमिक पाठ्यक्रम है।
सुल्तानुल मदारिस से शिक्षा प्राप्त करने वाली प्रमुख हस्तियों में बड़े बड़े नाम शामिल हैं।

अयातुल्लाह सैय्यद अली नक़ी नकवी साहब।अयातुल्लाह अल-उज़मा सैयद राहत हुसैन रिज़वी साहब गोपालपुरी। अयातुल्लाह सैयद मोहसिन नवाब रिज़वी साहब मुजतहिद। मौलाना सैयद इब्ने हसन साहब नौनहरवी, प्रिंसिपल, मदरसतुल वाएज़ीन। ज़ियाउल मिल्लत मौलाना सैयद वसी मोहम्मद आबिदी साहब, प्राचार्य, वसीका अरबी कॉलेज, फैजाबाद। जफरुलमिल्लत अयातुल्ला सैयद जफरुल हसन साहब, प्राचार्य, जवादिया अरबी कॉलेज, बनारस। मौलाना हाफिज किफायत हुसैन साहब। हुज्जतुल इस्लाम हकीम मौलाना सैयद मजाहिर हुसैन रिजवी साहब कररारवी, इमाम ए जुमा महमूदाबाद सल्तनत, सीतापुर, अवध।
बाबा-ए-मंतिक मौलाना सैयद अब्दुल हुसैन साहब,
अल्लामा सैयद अली हैदर साहब(साहिब ए नफ़से रसूल)
मौलाना इब्ने हसन साहब करबलाई, कराची,
प्रो. सैय्यद नूरुल हसन साहब, पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल। प्रो. शबीहुल हसन साहब नौनहरवी, लखनऊ विश्वविद्यालय। प्रो. सैयद सुलेमान अब्बास रिज़वी, बी.एच.यू.। "आका-ए-शरीयत" मौलाना सैयद कल्बे आबिद साहब। मौलाना सैयद हसन रिज़वी साहब, कर्बला-ए-मोअल्ला, इराक। मोलवी इफ्तिखार हुसैन अंसारी साहब, अध्यक्ष ऑल जम्मू एंड कश्मीर शिया एसोसिएशन। मौलाना मुर्तुजा हुसैन "फाजिल लखनवी", साहब लाहौर। डॉ सैयद कल्बे सादिक साहब। मौलाना सैयद लिताफत हुसैन साहब गोपालपुरी। मौलाना सैयद हसन नकवी साहब, लखनऊ। प्रो. इमरान रज़ा रिज़वी साहब। मौलाना सैयद मोहम्मद मेहदी साहब जैदपुरी। मौलाना मुहम्मद मुस्तफा जौहर साहब, अदीब, कराची। मौलाना अरिफुल मिल्लत मुफ्ती सैयद आरिफ हुसैन रिजवी साहब मुजतहिद, पूर्व प्राचार्य, सुल्तानुल मदारिस, खैरपुर। मौलाना सैयद मुहम्मद आदिल रिज़वी साहब (रिज़विया कराची)। अयातुल्लाह उल उज़मा "बकिर-उल-उलूम" मौलाना सैयद मोहम्मद बाकिर साहब। आयतुल्लाह "हादी-उल-मिल्लत" सैयद मोहम्मद हादी साहब। मौलाना सैयद मोहम्मद साहब, पूर्व प्राचार्य, सुल्तानुल मदारिस। मौलाना सैयद अली साहब, पूर्व प्राचार्य, सुल्तानुल मदारिस। मौलाना सैयद हुसैन साहब,जामिया सुल्तानिया। मौलाना सैयद अली हुसैन साए, व्याख्याता, जामिया सुल्तानिया। मौलाना अल्ताफ हैदर साहब, व्याख्याता, जामिया सुल्तानिया। खतीब-ए-अकबर मिर्जा मोहम्मद अतहर साहब (पूर्व प्राचार्य, शिया कॉलेज, लखनऊ)। मौलाना सैयद अबू इफ्तिखार जैदी साहब, इमाम-ए-जुमा, बुरुंडी। मौलाना आलिम हुसैन साहब, शायर अरबी। मौलाना खादिम हुसैन साहब। मौलाना सैयद रियाज़ अकबर आब्दी साहब बरहवी, मोम्बासा। मौलाना मोहम्मद हसन मरूफी साहब, इमाम-ए-जुमा, हुसैनी मिशन, हाउंस्लो, लंदन। मौलाना मोहम्मद जफर वाइज अंसारी साहब, बानी मदरसा ए जफरुल उलूम, मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश वगैरह। ( इसके अलावा और बहुत से ओलमा, खोतबा, ज़ाकेरीन ने इस इरादे से इल्म हासिल किया है। (जो नाम ज़हन में नहीं आया उसके लिए माअज़रत)।
यह है सुल्तान उल मदारिस का इतिहास। अल्लाह इसकी हिफाजत फरमाए और इसे तरक्की अता फरमाए।

सैय्यद एम अली तक़वी
शिक्षाविद एवं वरिष्ठ पत्रकार


प्राइवेट शिक्षकों का भविष्य खतरे में, भुखमरी की कगार पर शिक्षक :सैय्यद तक़वी

प्राइवेट शिक्षकों का भविष्य खतरे में, भुखमरी की कगार पर शिक्षक :सैय्यद तक़वी

02-Jun-2021

पिछले साल से कोविड-19 और लॉकडाउन की स्थिति के कारण देश की आर्थिक व्यवस्था तो खराब हुई है लेकिन इसके अलावा अगर सबसे ज्यादा कोई प्रभावित हुआ है तो वह है प्राइवेट शिक्षक क्योंकि सरकारी शिक्षकों को कोई परेशानी नहीं है और प्राइवेट शिक्षक जो कोचिंग चला करके या छोटे छोटे स्कूलों में काम करते थे वह स्कूल बंद हो जाने के कारण और कोचिंग बंद हो जाने के कारण उनकी स्थिति यहां तक पहुंच गई है कि भुखमरी के कगार पर पहुंच गए हैं।

ऐसी कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण कई कोचिंग संस्थान और छोटे स्कूल बंद हो गये जिसके सहारे शिक्षक अपना पेट पालते थे वह रास्ता ही खत्म हो गया।
ऐसी भयावह स्थिति के बाद भी देश के प्रधानमंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री कोई भी प्राइवेट शिक्षकों की जीवन यापन पर ध्यान नहीं दे रहा है अभी तक जो भी सहायता की घोषणा की गई है उसमें प्राइवेट शिक्षकों का कहीं भी नाम नहीं है यह तो अजीबोगरीब परिस्थिति है कि लोगों का भविष्य बनाने वाले शिक्षकों की अनदेखी की जा रही है।

सभी कार्य किसी ना किसी तरह चोरी छुपे हो रहे हैं दुकाने अगर बंद हैं तो बैक डोर से सामान बेचा जा रहा है आधा शटर खोलकर के सामान बेचा जा रहा है प्राइवेट बड़े स्कूल पेरेंट्स पर दबाव बनाकर फीस वसूल रहे हैं बड़े स्कूलों के शिक्षकों को सैलरी मिल रही है भले कोई स्कूल आधी सैलरी दे रहा है लेकिन जो छोटे स्कूल है पांचवी और आठवीं तक के स्कूल और जो कोचिंग संस्थाएं हैं उनके संचालकों का और उनके शिक्षकों का बहुत बुरा हाल है लोग अब कंगाल हो चुके हैं और भुखमरी के कगार पर पहुंच चुके हैं।

पैसे की तंगी के कारण वह स्कूल और कोचिंग की बिल्डिंग का किराया अदा करें या अपना पेट पाले ऐसी भयावह स्थिति और ऊपर से हमारे प्रधानमंत्री महोदय कहते हैं कि हम दूसरी लहर का डटकर मुकाबला कर रहे हैं।

मैं ना तो माननीय मुख्यमंत्री से अपील करूंगा ना माननीय प्रधानमंत्री से अपील कर रहा हूं क्योंकि मुझे मालूम है कि कुछ नहीं करने वाले यह दोनों महानुभाव। स्कूल खुलेंगे ना कोचिंग खुलेगी ना शिक्षा के क्षेत्र में लोग आगे बढ़ेंगे इसलिए अपील करना बेकार है। क्योंकि मेरा काम लिखना है इसलिए मैंने सच्चाई को लिख दिया। बाक़ी दोनों महानुभाव संवैधानिक एक जिम्मेदार पद पर हैं। परिस्थितियों को समझते हैं।
जयहिंद।

सैय्यद एम अली तक़वी
शिक्षाविद एवं वरिष्ठ पत्रकार लखनऊ


जब जब मुख्यमंत्री हटाए चुनाव हारी है भाजपा  इब्ने आदम

जब जब मुख्यमंत्री हटाए चुनाव हारी है भाजपा इब्ने आदम

02-Jun-2021

जब जब मुख्यमंत्री हटाए चुनाव हारी है भाजपा  इब्ने आदम
1998 में भाजपा उत्तर प्रदेश का चुनाव कल्याण सिंह के नेतृत्व में जीती । भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने उन्हें हटाकर पहले राम प्रकाश गुप्ता को मुख्यमंत्री बनाया और फिर लगभग एक साल ठाकुर राजनाथ सिंह को ।उसके बाद 19 साल तक भाजपा का उत्तर प्रदेश में सूखा रहा और 2017 में उनकी वापसी हो पायी । 

दिल्ली में भाजपा ने मदन लाल खुराना के नेतृत्व में 1993 में चुनाव जीता । उन्हें हटाकर साहिब सिंह वर्मा को मुख्यमंत्री बनाया गया और फिर चुनाव से पहले सुषमा स्वराज को मुख्यमंत्री बनाया गया । उसके बाद दिल्ली में आज तक भाजपा की सरकार नहीं बनी । 

कर्नाटक में यदुरैपा ने दक्षिण में भाजपा का खाता खोला , 2008 में सरकार बनायी । भाजपा ने उन्हें हटाकर सदानंद गौड़ा को मुख्यमंत्री बनाया फिर चुनाव से पहले उन्हें हटाकर जगदीश शेट्टर को मुख्यमंत्री बना दिया । अगला चुनाव भाजपा हार गयी । 

उत्तराखंड में भाजपा ने पहला मुख्यमंत्री नित्यानंद स्वामी को बनाया , फिर चुनाव से पहले कोश्यारी को बना दिया , चुनाव हार गए । फिर मौक़ा मिला तो पाँच साल तक खंडूरी , निशंक और फिर खंडूरी को मुख्यमंत्री बनाते हटाते रहे है , फिर चुनाव हार गए । इस बार जीते तो त्रिवेंद्र सिंह रावत को मुख्यमंत्री बनाया , उन्हें अभी कुछ दिन पहले हटाकर तीरथ सिंह रावत को बनाया है । अगले साल चुनाव हैं , देखते हैं क्या होता है ??

भाजपा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री बदलकर सिर्फ़ गुजरात में जीती है । 2002 में गोधरा के सहारे मोदी जी चुनाव जीते थे और आज तक अजेय हैं । 

उत्तर प्रदेश में कितनी भी अटकलें लगायी जाए लेकिन मुख्यमंत्री को बदलना भाजपा के फ़ेवर में नहीं है । भाजपा मुख्यमंत्री नहीं बदलेगी । वैसे भी भाजपा के पास दिखाने के लिए कोई काम नहीं है , वो हिंदू मुस्लिम के आधार पर ही प्रदेश में चुनाव लड़ेगी और योगी जी से अच्छा इस काम के लिए उनके पास कोई चेहरा नहीं है ।
द्वारा ,सै क़ासिम 


क्या मध्यम वर्ग के लोग देश के नागरिक नहीं हैं?

क्या मध्यम वर्ग के लोग देश के नागरिक नहीं हैं?

01-Jun-2021

क्या मध्यम वर्ग के लोग देश के नागरिक नहीं हैं?
यह सवाल भी है और यह एक ऐसा विषय है जिस पर विचार करने की जरूरत भी है क्योंकि पिछले साल मार्च 2020 से जो कोरोना संक्रमण का काल शुरू हुआ है तो तकरीबन सवा साल हो गया इस सवा साल में देश की क्या स्थिति रही है सब जानते हैं सरकार भी इससे बखूबी वाकिफ है लेकिन देश में रह रहा मध्यमवर्ग कैसे जी रहा है इस पर भी सरकार को और करना चाहिए।
उच्च वर्ग के लोग तो धनी और अमीर होते हैं उनको पैसे की कोई कमी नहीं वह तो आराम से देश से भाग भी सकते हैं या देश में ही रहकर सरकार की गोद में बैठ कर दो दूनी चार कर सकते हैं।
निम्न वर्ग या जिसको मजदूर वर्ग कहा जाए इनको भी कोई दिक्कत नहीं क्योंकि ये लोगों से मदद मांग सकते हैं और दैनिक कार्यों में अपने हिसाब से मजदूरी लेकर जीवन यापन कर सकते हैं इसके अलावा कथित रूप से जो सरकार की तरफ से सहायता की बात की जाती है उसमें राशन कार्ड धारकों की बात होती है जो निम्न वर्ग से आते हैं।
लेकिन जो मध्यम वर्ग के लोग हैं जो अपना छोटा मोटा व्यवसाय करते हैं किसी की दुकानें हैं किसी के छोटे-छोटे व्यवसाय हैं कोई कोचिंग चलाता है कोई बच्चों को ट्यूशन पढ़ाता है यह सब मेहनत करके अपना अपने परिवार का पेट पालते हैं ऐसे मध्यम वर्ग के लोग जिनकी आमदनी कम होती है वह लोन लेकर ईएमआई पर अपना घर सजाने की कोशिश करते हैं बहुत से मध्यम वर्ग के लोग किराए के मकान में रहते हैं बच्चों की फीस, किताबें, घर का खर्चा, लोन की किस्त, मकान का किराया, बिजली, सिलेंडर इन सब का खर्च अपनी लिमिटेड आमदनी से करते हैं। अधिकतम मध्यम वर्ग के लोगों की जिंदगी लोन और किस्तों पर निर्भर करती है। उनके ऊपर दबाव रहता है।
अब जबकि पिछले लगभग सवा साल से लॉकडाउन के कारण दुकाने व्यवसाय कोचिंग्स प्रतिष्ठान सब लगातार बंद चल रहे हैं ऐसे में एक मध्यमवर्ग इंसान जिसकी आमदनी शून्य हो गई वह घर का किराया कहां से देगा, लोन की किस्त कैसे चुकाएगा, बच्चों की फीस कैसे जमा करेगा, बच्चों के लिए किताबों का प्रबंध कहां से करेगा, बिजली का बिल कैसे देगा, हर महीने सिलेंडर कहां से लेगा, आने जाने के लिए पेट्रोल डीजल कैसे भराएगा, एक तो उसकी आमदनी नहीं और दूसरे हर चीज के दाम आसमान पर पेट्रोल लगभग ₹100, सिलेंडर लगभग हजार रुपए, बिजली के बिल का दर काफी बढ़ा हुआ, किराया 10 से 12000 इससे कम में मकान नहीं, और उस पर से दुकान व्यवसायिक जगह प्रतिष्ठान और कोचिंग की बिल्डिंग का किराया वह कहां से अदा करेगा जब कि कारोबार ठप्प है। वह इंसान क्या खाएगा और कैसे जिंदगी बताएगा। यहां पर तो वही डायलॉग फिट होता है कि नंगा नहाएगा क्या निचोड़ेगा क्या!
सरकार के पास करोड़ों की मूर्ति अर्थात स्टैचू लगवाने का पैसा है, सेंट्रल विस्टा जिस पर तकरीबन 14 सौ करोड़ रुपए खर्च हो रहे हैं उसके बनवाने के लिए पैसा है, पार्टी के ऑफिस बनवाने के लिए पैसा है, प्रधानमंत्री के हेलीकॉप्टर खरीदने का पैसा है, सांसद एवं विधायक को जो जनता द्वारा चुने जाते हैं उनको हर सुविधा देने के लिए पैसा घर, मकान, गाड़ी, यात्रा, इलेक्ट्रिसिटी, सुरक्षा हर चीज के लिए सरकार के पास पैसा है। सरकार के पास अगर पैसा नहीं है तो सिर्फ और सिर्फ जनता की सुख सुविधाओं के लिए पैसा नहीं है।
जबकि भारत की जनता सरकार को टैक्स पर टैक्स अदा करती है और सरकार की जेब में भर्ती है। नागरिक पैसे कमाता है तो उस कमाए हुए साल भर के पैसे पर टैक्स अदा करता है और टैक्स देने के बाद जो टैक्स फ्री पैसा बचता है उससे जो भी काम करता है वह टैक्स देता है  अगर गाड़ी खरीदता है तो उस पर टैक्स देता है पेट्रोल भरवाता है तो उस पर टैक्स देता है जमीन खरीदता है तो उस पर टैक्स देता है मकान बनाता है तो उस पर टैक्स देता है हर काम का वो टैक्स अदा करता है यानी टैक्स फ्री पैसे पर भी टैक्स दिया जाता है। और जो माननीय विधायक और सांसद महोदय, महापौर, पार्षद इत्यादि राजनीतिक लोग जनता की जेबों से लूट करके आनंद उठाते हैं। सोने की चिड़िया मिट्टी की चिड़िया कैसे बन गई इसको समझने की जरूरत है।
फिर भी हम कहते हैं।
सारे जहां से अच्छा हिंदुस्ता हमारा।
जयहिंद।

सैय्यद एम अली तक़वी
शिक्षाविद एवं वरिष्ठ पत्रकार लखनऊ


कोरोना महामारी से अनाथ हुए बच्चों को निःशुल्क शिक्षा देगा यूरिट एजुकेशन- सैय्यद तक़वी

कोरोना महामारी से अनाथ हुए बच्चों को निःशुल्क शिक्षा देगा यूरिट एजुकेशन- सैय्यद तक़वी

31-May-2021

कोरोना महामारी से अनाथ हुए बच्चों को निःशुल्क शिक्षा देगा यूरिट एजुकेशन- सैय्यद तक़वी
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लखनऊ। कोरोना महामारी से अनाथ हुए बच्चों को यूरिट एजुकेशन इंस्टीट्यूट की तरफ़ से निशुल्क शिक्षा प्रदान करायी जाएगी। 
उम्मे रबाब इंस्टिट्यूट ऑफ टैक्नोलॉजी एंड एजुकेशन यूरिट एजुकेशन इंस्टीट्यूट ने कोरोना से अनाथ हुए बच्चों की मदद को हाथ बढ़ाएं है। 
लखनऊ शहर के कैंमपबेल रोड स्थित उम्मे रबाब इंस्टिट्यूट ऑफ टैक्नोलॉजी एंड एजुकेशन  यूरिट एजुकेशन इंस्टीट्यूट के फाउंडर डायरेक्टर सैय्यद एम अली तक़वी ने कहा यह समय पूरे देश के लिए विशेष रूप से छात्रों के लिए संकटमय है। फिर भी हमें हिम्मत और संयम बनाए रखना चाहिए और धैर्य तथा साहस का परिचय देते हुए स्थिति का सामना करना चाहिए। 
श्री तक़वी ने कहा कि कोविड-19 महामारी से जिन विद्यार्थियों के माता-पिता उन्हें छोडकर चले गए हैं, उनके शैक्षिक जीवन में कोई बाधा नहीं आएगी। स्कूल एजुकेशन, इंग्लिश स्पीकिंग, पर्सनालिटी डेवलपमेंट, कंप्यूटर शिक्षा इत्यादि निशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा। 
श्री तक़वी ने कहा इस वक्त देश और प्रदेश कोरोना महामारी की जंग से लड़ रहा है। हर तरफ देश कठिनाइयों से जूझ रहा है।छात्र-छात्राएं जिनके स्कूल पिछले 2 साल से बंद चल रहे हैं क्लासेस नहीं हो पा रही है और ऐसे में वह छात्र छात्राएं जिनके माता-पिता दुनिया को छोड़ चुके हैं उनके लिए विशेष रूप से कठिन समय है।
कई बच्चों के सिर से मां बाप का साया उठ गया है। उनके सामने कठिन चुनौती है। आर्थिक दिक्कत के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो और उनका सपना अधूरा न रह जाए। इसलिए यह फैसला लिया गया है। 
श्री तक़वी ने जोर देकर कहा कि हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई किसी भी मजहब का बच्चा हो सब की सहायता की जायेगी। बच्चों के भविष्य खिलवाड़ और समझौता नहीं किया जाएगा। 
उम्मे रबाब इंस्टिट्यूट ऑफ टैक्नोलॉजी एंड एजुकेशन यूरिट एजुकेशन इंस्टीट्यूट अपना पूरा प्रयास करेगा।

 


शान्तिपाठ के आयोजन के साथ नयी प्रधानाचार्या ने कार्यभार ग्रहण किया - सै. क़ासिम

शान्तिपाठ के आयोजन के साथ नयी प्रधानाचार्या ने कार्यभार ग्रहण किया - सै. क़ासिम

24-May-2021
शान्तिपाठ के आयोजन के साथ नयी प्रधानाचार्या ने कार्यभार ग्रहण किया - सै. क़ासिम 
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बाराबंकी। नगर के प्रतिष्ठित विद्यालय शिवराम सिंह इंटर काॅलेज, पल्हरी बाईपास, जैदपुर रोड, बाराबंकी के प्रांगण में आज दिनांक 23/05/2021 को विद्यालय के संस्थापक व प्रधानाचार्य स्व0 श्री शिवराम सिंह यादव की आत्मा की शान्ति के लिए एक शान्ति पाठ का आयोजन किया गया जिसमें विद्यालय प्रबन्ध समिति के अध्यक्ष श्री राजेश कुमार सिंह, प्रबन्धक श्री अंशुमान सिंह यादव, उपाध्यक्ष श्रीमती पूनम देवी, सचिव श्रीमती शिवपति देवी, समिति के अन्य सदस्य, शिक्षक गण सहित समस्त विद्यालय परिवार ने अपने श्रद्धासुमन अर्पित किये तथा प्रतिज्ञा की कि संस्थापक महोदय की नीतियों तथा उनकी विचारधारा को और आगे उच्च स्तर पर ले जायेंगे।
शान्ति हवन के पश्चात प्रबन्ध समिति व शिक्षकों की एक बैठक का आयोजन किया गया जिसमें सर्वसम्मति से विद्यालय की नव नियुक्त प्रधानाचार्या श्रीमती अमिता यादव को अधिकारिक तौर पर कार्यभार सौपा गया जिसका प्रबन्ध समिति तथा शिक्षकों ने एक मत होकर स्वागत किया। प्रधानाचार्या के नाम की घोषणा के बाद भविष्य की कार्ययोजनाओं तथा कोविड - 19 से उपजे वित्तीय संकट के बारे मे चर्चा की गयी। उपरोक्त समस्त कार्यक्रमों में कोविड प्रोटोकाल का पालन किया गया।
इस अवसर पर श्री सुरेन्द्र नाथ, सत्यम् श्रीवास्तव, बी0पी0 सिंह, आशुतोष श्रीवास्तव, एच0एस0 मिश्रा, शैलेश कुमार, विभू शुक्ला, विजय मिश्रा, अनिल वर्मा, द्वीपिका द्विवेदी, मंजुला पाण्डेय, किरन सिंह, स्वाती श्रीवास्तव सहित विद्यालय के समस्त शिक्षक/शिक्षिकायें व अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

भाजपा को घेरने के लिए बंगाल की दोहरी चाल

भाजपा को घेरने के लिए बंगाल की दोहरी चाल

27-Dec-2020
भाजपा को घेरने के लिए बंगाल की दोहरी चाल एक तरफ बंगाल को बाहरियों के हांथों में जाने से बचाने की मुहिम तो दूसरी ओर ममता की शिल्प आंदोलन उत्तर24 परगना दमदम के पनिहाटी में बाहरियों से बंगाल को बचाने के लिए तृणमूल सांसद सौगतो राय ने किया यज्ञ का आयोजन पश्चिम बंगाल की सत्ता पाने के लिए एक तरफ जहाँ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शहीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीं और उनकी केंद्रीय टीमो ने अपनी-अपनी मोर्चा सम्भाल ली है वहीं दूसरी ओर ममता भी अपनी सत्ता बचाने के लिए अपनी भूल को सुधारते हुए भाजपा को घेरने में जुट गई है ममता अपने रूठे किसानों युवाओं को मनाने के लिए अब कृषि आंदोलन के साथ-साथ अब बंगाल में शिल्प आंदोलन शुरू कर राज्य के बेरोजगार युवाओं को रोजगार के सपने दिखाने में जुट गई है ऐसे में ममता के सिप्पेसलारों की अगर हम माने तो उनमे से कुछ राज्य सरकार की तमाम योजनाओं से वंचित लोगों को उन योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए उनके घर घर पहुंच रहे हैं तो कुछ सिप्पेसलार बंगाल को बाहरी लोगों से बचाने की मुहिम छेड़े हुए हैं और राज्य के तमाम जिलों में कार्यक्रम कर बाहरी यानी के भाजपा के हांथों बंगाल को बचाने की लोगों से अपील कर रहे हैं ऐसी ही एक मुहिम उत्तर24 परगना के दमदम इलाके के पनिहाटी इलाके में देखने को मिली जहाँ बाहरियों से बंगाल को बचाने के लिए तृणमूल के राज्यसभा सांसद सौगतो राय मोर्चा खोले हुए नजर आए उन्होंने अपनी सभा के दौरान बंगाल की जनता से बाहरियों से बचाने और उनके हांथों से बंगाल को बचाने की अपील की उन्होंने एक यज्ञ में शामिल होकर माँ चंडी और काली से ये प्रार्थना की के वो बाहरियों के हांथों में बंगाल को जाने से बचाएं

जिनके घर मे खुद विदेशी बहु है वो प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को बता रहे हैं बाहरी,दिलीप घोष

जिनके घर मे खुद विदेशी बहु है वो प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को बता रहे हैं बाहरी,दिलीप घोष

27-Dec-2020
जिनके घर मे खुद विदेशी बहु है वो प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को बता रहे हैं बाहरी,दिलीप घोष पश्चिम बंगाल में TMC के द्वारा छेड़ी गई बाहरी और भीतरी अभियान पर पश्चिम बंगाल के भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष घेरते हुए TMC को बड़ा पलटवार किया है कोलकाता के न्यूटाउन में चाय पर चर्चा के दौरान उन्होंने ममता के सांसद भतीजे अभिषेक बैनर्जी की पत्नी रुजीरा नरूला को बाहरी बताया है उन्होंने कहा के जिनकी बहु खुद विदेशी हो कोई पंजाब की नही बल्कि वो थाईलैंड की हो ऐसे में वो कैसे हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को बाहरी बता रही हैं और लोगों को बेवकूफ बनाकर झूठ बोलकर उनको भ्रम में डालकर अपनी खुद की राजनीतिक अस्तर को गिरा रही है बंगाल के लोगों को बेवकूफ ना समझें बंगाल के लोगों ने कई बार जवाब दिया है आगे भी देंगे और बंगाल में एक बार परिवर्तन हुआ था इस बार भी परिवर्तन होगा

PM मोदी की मन की बात को थाली बजाकर सिख समुदाय के लोगों ने जताया विरोध

PM मोदी की मन की बात को थाली बजाकर सिख समुदाय के लोगों ने जताया विरोध

27-Dec-2020
PM मोदी की मन की बात को थाली बजाकर सिख समुदाय के लोगों ने जताया विरोध कहा वो सिंधु बॉर्डर के प्रदर्शन कारी किसानों के समर्थन में हैं और वो भी कृषि बिल का विरोध करते हैं कृषि बिल के खिलाफ सिंधु बॉर्डर पर लगातार चल रही किसानों के द्वारा प्रदर्शन की आग अब पश्चिम बंगाल के आसनसोल तक पहुंच चुकी है एक तरफ जहाँ आज PM मोदी पूरे देश को अपनी मन की बात से संबोधित कर रहे थे वहीं दूसरी ओर आसनसोल के सिख समुदायों के लोग अपने हांथों में थाली लेकर उसे जोर-जोर से बजाते हुए PM मोदी की मन की बात का विरोध जता रहे थे और किसान बिल के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों के समर्थन में उतरकर उनकी आवाजें बंगाल से भी बुलंद करने का प्रयास कर रहे हैं

किसान आंदोलन को लेकर  केंद्रीय मंत्री महेंद्र नाथपांडे का बयान

किसान आंदोलन को लेकर केंद्रीय मंत्री महेंद्र नाथपांडे का बयान

27-Dec-2020
Place- गाजीपुर, Date- 27-12-2020 Riport- रिजवान अंसारी,9839983923 एंकर-खबर ग़ाज़ीपुर से है।जहां किसान आंदोलन को लेकर केंद्रीय मंत्री महेंद्र नाथपाण्डेय ने बयान दिया है।महेंद्र पांडेय ने कहाकि पीएम मोदी किसानों के लिए पूरी तरह समर्पित हैं।उन्होंने कहाकि कांग्रेस एक भटकी हुई पार्टी है।उन्होंने कहाकि विपक्ष किसानों को नए कृषि कानूनों को लेकर गुमराह कर रहा है।महेंद्र पांडेय ने नए कृषि कानूनों को किसानों के हित मे बताया।उन्होंने कहाकि देश मे पहली बार ऐसा आंदोलन हो रहा है,जिसमे मसाज और पार्लर चल रहा है।केंद्रीय मंत्री ने पश्चिम बंगाल की राजनीति पर कहाकि बंगाल में बीजेपी कार्यकर्त्ता हर बलिदान के लिए तैयार है,और बंगाल की जनता बीजेपी के स्वागत और समर्थन के लिए पूरी तरह तैयार है।महेंद्र पांडेय अपने पैतृक घर ग़ाज़ीपुर के पखनपुरा पहुंचे थे।

शुभेन्दु अगर दूध मांगेंगे तो खीर देंगे लेकिन ममता बनर्जी का पद मांगेंगे तो चीर देंगे

शुभेन्दु अगर दूध मांगेंगे तो खीर देंगे लेकिन ममता बनर्जी का पद मांगेंगे तो चीर देंगे

27-Dec-2020
शुभेन्दु अगर दूध मांगेंगे तो खीर देंगे लेकिन ममता बनर्जी का पद मांगेंगे तो चीर देंगे : सौगत पश्चिम बंगाल उत्तर 24 परगना दमदम से तृणमूल कांग्रेस के सांसद प्रोफेसर सौगत रॉय ने हाल ही में तृणमूल छोड़कर भाजपा में शामिल होने वाले शुभेन्दु अधिकारी पर हमला बोला है। सौगत रॉय ने कहा है कि शुभेन्दु अगर दूध मांगेंगे तो खीर देंगे लेकिन ममता बनर्जी का पद मांगेंगे तो चीर देंगे। शनिवार उत्तर 24 परगना के पानीहटी में जनसभा को संबोधित करते हुए सौगत रॉय ने कहा कि पार्टी में रखने के लिए मैंने शुभेंदु अधिकारी का हाथ पैर पकड़ा था। उनसे मैंने कहा था कि 2006 से तुम हमारे साथ हो। पार्टी छोड़कर मत जाओ। लेकिन चला गया। सौगत रॉय ने कहा कि कुछ दिनों पहले शुभेंदु के घर के पास माइक लगा कर आया हूं। अब घर में घुसकर माइक बजाऊंगा। इसके बाद उन्होंने कहा कि मैंने एक फिल्म देखी थी "मिशन कश्मीर"। उसमें एक डायलॉग है, दूध मांगोगे तो खीर देंगे, कश्मीर मांगोगे तो चीर देंगे। उसी तरह शुभेंदु को बोल रहा हूं कि ममता का पद मांगोगे तो चीर देंगे।

अज्ञात बदमाशों ने युवक की सर कुचलकर की  हत्या

अज्ञात बदमाशों ने युवक की सर कुचलकर की हत्या

27-Dec-2020
Place Prayagraj Reporter Ekhlak Haider ब्रेकिंग प्रयागराज देर रात में घर से निकला था युवक रोड के बगल मिली युवक की लाश मौके पर कई थानों की फोर्स मौजूद परिजनों का रो रो कर बुरा हाल पूरा मामला मऊआइमा थाना क्षेत्र के हल्का नंबर 4 गमरा हटा गांव का है पूरा मामला

ऊधमसिंह जन्म दिन पर शत शत नमन

ऊधमसिंह जन्म दिन पर शत शत नमन

26-Dec-2020
ऊधमसिंह जन्म दिन पर शत शत नमन भारत की आज़ादी की लड़ाई में पंजाब के प्रमुख क्रान्तिकारी सरदार उधम सिंह का नाम अमर है। आम धारणा है कि उन्होने जालियाँवाला बाग हत्याकांड के उत्तरदायी जनरल डायर को लन्दन में जाकर गोली मारी और निर्दोष लोगों की हत्या का बदला लिया, उधमसिंह १३ अप्रैल १९१९ को घटित जालियाँवाला बाग नरसंहार के प्रत्यक्षदर्शी थे। राजनीतिक कारणों से जलियाँवाला बाग में मारे गए लोगों की सही संख्या कभी सामने नहीं आ पाई। इस घटना से वीर उधमसिंह तिलमिला गए और उन्होंने जलियाँवाला बाग की मिट्टी हाथ में लेकर माइकल ओ डायर को सबक सिखाने की प्रतिज्ञा ले ली। अपने मिशन को अंजाम देने के लिए उधम सिंह ने विभिन्न नामों से अफ्रीका, नैरोबी, ब्राजील और अमेरिका की यात्रा की। सन् 1934 में उधम सिंह लंदन पहुंचे और वहां 9, एल्डर स्ट्रीट कमर्शियल रोड पर रहने लगे। वहां उन्होंने यात्रा के उद्देश्य से एक कार खरीदी और साथ में अपना मिशन पूरा करने के लिए छह गोलियों वाली एक रिवाल्वर भी खरीद ली। भारत का यह वीर क्रांतिकारी माइकल ओ डायर को ठिकाने लगाने के लिए उचित वक्त का इंतजार करने लगा। उधम सिंह को अपने सैकड़ों भाई-बहनों की मौत का बदला लेने का मौका 1940 में मिला। जलियांवाला बाग हत्याकांड के 21 साल बाद 13 मार्च 1940 को रायल सेंट्रल एशियन सोसायटी की लंदन के काक्सटन हाल में बैठक थी जहां माइकल ओ डायर भी वक्ताओं में से एक था। उधम सिंह उस दिन समय से ही बैठक स्थल पर पहुंच गए। अपनी रिवॉल्वर उन्होंने एक मोटी किताब में छिपा ली। इसके लिए उन्होंने किताब के पृष्ठों को रिवॉल्वर के आकार में उस तरह से काट लिया था, जिससे डायर की जान लेने वाला हथियार आसानी से छिपाया जा सके। बैठक के बाद दीवार के पीछे से मोर्चा संभालते हुए उधम सिंह ने माइकल ओ डायर पर गोलियां दाग दीं। दो गोलियां माइकल ओ डायर को लगीं जिससे उसकी तत्काल मौत हो गई। उधमसिंह ने अपनी प्रतिज्ञा पूरी कर दुनिया को संदेश दिया कि अत्याचारियों को भारतीय वीर कभी बख्शा नहीं करते। उधम सिंह ने वहां से भागने की कोशिश नहीं की और अपनी गिरफ्तारी दे दी। उन पर मुकदमा चला। अदालत में जब उनसे पूछा गया कि वह डायर के अन्य साथियों को भी मार सकते थे, लेकिन उन्होंने ऐसा क्यों नहीं किया। उधम सिंह ने जवाब दिया कि वहां पर कई महिलाएं भी थीं और भारतीय संस्कृति में महिलाओं पर हमला करना पाप है। 4 जून 1940 को उधम सिंह को हत्या का दोषी ठहराया गया और 31 जुलाई 1940 को उन्हें पेंटनविले जेल में फांसी दे दी गई। इस तरह यह क्रांतिकारी भारतीय स्वाधीनता संग्राम के इतिहास में अमर हो गया। 1974 में ब्रिटेन ने उनके अवशेष भारत को सौंप दिए। एसा था यह वीर जवान्।

किसान बिल के वाद विवाद के बीच विधायक प्रकाश द्विवेदी ने झोंकी ताकत

किसान बिल के वाद विवाद के बीच विधायक प्रकाश द्विवेदी ने झोंकी ताकत

26-Dec-2020
केंद्र सरकार द्वारा नए किसान बिल को पारित किए जाने के बाद विपक्षियों ने सियासत की सारी हदें पार करते हुए किसान बिल का विरोध करना सुरु कर दिया जिसके बाद भाजपा गैर शासित राज्यों के किसान भी सड़कों पर आ गए और किसान बिल वापस करने की जिद में अड़कर धरने पर बैठ गए जिसके बाद से ही भाजपा लोंगो को समझाने में जुटी हुई है इसी कड़ी में जनपद बाँदा के सदर विधायक प्रकाश द्विवेदी भी मैदान में कूद पड़े और लगभग एक महीने से वह जनपद के अलग अलग जगह जा कर लोंगो से जन संवाद साध रहे है और किसान बिल के फायदे और विपक्षियों की कटुरनीति को समझा रहे हैं। विधायक प्रकाश द्विवेदी ने विपक्षियों की नीति को मात देने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक रक्खी है।

हमीरपुर - बच्चे लेने जा रही स्कूली वैन ओवरटेक करते समय खड़े डंफर में घुसी,

हमीरपुर - बच्चे लेने जा रही स्कूली वैन ओवरटेक करते समय खड़े डंफर में घुसी,

26-Dec-2020
*ब्रेकिंग न्यूज हमीरपुर-* हमीरपुर - बच्चे लेने जा रही स्कूली वैन ओवरटेक करते समय खड़े डंफर में घुसी, बच्चो के गाड़ी में न होने से बड़ा हादसा होने से बचा, स्कूली वैन हुई ध्वस्त, ड्राईवर की हालत गंभीर जिला अस्पताल किया गया रिफर, कोहरा बना हादसे का कारण, गोहांड कस्बा के पास राठ उरई हाइवे की घटना। *रिपोर्ट - अमित नामदेव* *प्लेस - हमीरपुर*

टीएमसी  के ग्राम पंचायत उपप्रधान के घर में भयानक आग,

टीएमसी के ग्राम पंचायत उपप्रधान के घर में भयानक आग,

26-Dec-2020
टीएमसी के ग्राम पंचायत उपप्रधान के घर में भयानक आग, दो स्कॉर्पियो और एक बोलेरों कर हुई जलकर खाक, उपप्रधान ने भाजपा पर लगाया आगजनी का आरोप रानीगंज: आसनसोल शहर के रानीगंज गिरजा पाड़ा इलाके में करीब 3 बजे भोर में हुई एक भयावह आगजनी में दो स्कार्पियो और एक बोलेरो कर जलकर खाक हो गई। ये तीनो गाड़ियां बल्लभपुर ग्राम पंचायत के उपप्रधान सिधान मंडल ने बताया जी यहां उन्होंने अपनी गाड़ियों को रखने के लिए पार्किंग बना रखा था। उनकी रखवाली के लिए गार्ड भी रखा गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा कर्मियों ने इस घटना को अंजाम दिया है।

क्रिसमस व न्यू ईयर की पार्टी को लेकर जनपद शहर के मुख्य मार्गो व नगर में होटलों, ढाबों व रेस्टोरेंट पर चलाया चैकिंग अभियान

क्रिसमस व न्यू ईयर की पार्टी को लेकर जनपद शहर के मुख्य मार्गो व नगर में होटलों, ढाबों व रेस्टोरेंट पर चलाया चैकिंग अभियान

26-Dec-2020
ब्रेकिंग न्यूज़------ सहारनपुर-------- ज़िला आबकारी अधिकारी वरुण कुमार के कुशल दिशा निर्देशन में आबकारी इंसपेक्टरों की टीम ने क्रिसमस व न्यू ईयर की पार्टी को लेकर जनपद शहर के मुख्य मार्गो व नगर में होटलों, ढाबों व रेस्टोरेंट पर चलाया चैकिंग अभियान इस दौरान ढाबों व होटलों में गहनता से जांच पड़ताल की गयी, चैकिंग अभियान के दौरान एक चाय पकौड़ी की दुकान पर आबकारी विभाग का लगा छापा चाय पिलाने के बहाने अवैध तरीके से दुकान में बैठाकर पिलवा रहा था दुकानदार शराब चाय पकौड़ी बेचने वाला चाय की आड़ में दुकान में पिलवा रहा था शराब इसी मामले में चाय पिलवाने वाला दुकानदार पहले भी जा चुका है जेल आबकारी निरीक्षकों द्वारा सभी ढाबों व रेस्टोरेंट मालिकों को बिना लाइसेंस के शराब ना पिलाने की दी हिदायत आबकारी टीमों द्वारा सभी प्रतिष्ठानों के मालिकों को सरकार द्वारा ज़ारी कोविड-19 की गाइडलाइन के सम्बन्ध में भी जागरूक किया गया, उनके द्वारा उन्हें बताया गया कि किसी भी व्यक्ति को पार्टी में बिना मास्क के ना आने दिया जाए इसके साथ ही दो गज की दूरी का पालन कड़ाई से कराया जाए। रिपोर्ट : काशिफ खान

महिला को घर के अंदर अकेला देख  दरिंदा ने रेप करने का किया प्रयास

महिला को घर के अंदर अकेला देख दरिंदा ने रेप करने का किया प्रयास

25-Dec-2020
*कानपुर/घाटमपुर ब्रेकिंग* महिला को घर के अंदर अकेला देख दरिंदा ने रेप करने का किया प्रयास रोने की आवाज़ सुनकर दौड़े पिता के साथ कि आरोपी ने मारपीट दी जान से मारने की धमकी पीड़ित अपने पिता के घर में रहती है अकेले घाटमपुर कोतवाली क्षेत्र में पुलिस नहीं लगा पा रही बलात्कार व छेड़छाड़ जैसी घटनाओं पर लग़ाम पीड़ित ने पुलिस से की लिखित शिकायत , पुलिस ने अभी तक नहीं किया दबंग आरोपी के खिलाफ कोई कार्यवाही डीआईजी कानपुर ने कोतवाल घाटमपुर को कार्यवाही करने दिए निर्देश, कोतवाल राजीव कुमार सिंह ने डीआईँजी के आदेशों को किया दर किनार कोतवाल नही मानते आलाधिकारियों का कोई आदेश पीड़ित लगातार आलाधिकारियों ने चौखट के लगा रही चक्कर न्याय न मिलने पर पीड़ित ने अधिकारियों के चौखट पर आत्म हत्या कर लेने की कही बात घाटमपुर कोतवाली क्षेत्र एक गाँव की घटना

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