छत्तीसगढ़ में राजीव गांधी किसान न्याय योजना का शुभारंभ 21 मई को : पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी की पुण्य तिथि पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल करेंगे शुभारंभ

छत्तीसगढ़ में राजीव गांधी किसान न्याय योजना का शुभारंभ 21 मई को : पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी की पुण्य तिथि पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल करेंगे शुभारंभ

19-May-2020

रायपुर : छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश में फसल उत्पादन को प्रोत्साहित करने और किसानों को उनकी उपज का सही दाम दिलाने के लिए दूरगामी निर्णय लेते हुए राजीव गांधी किसान न्याय योजना शुरू करने का जा रही है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्व.श्री राजीव गांधी की पुण्यतिथि 21 मई के दिन वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए प्रदेश में इस योजना का विधिवत् शुभारंभ करेंगे। इस योजना के तहत प्रदेश के 19 लाख किसानों को 5700 करोड़ रूपए की राशि चार किश्तों में सीधे उनके खातों में हस्तांतरित की जाएगी। राजीव गांधी किसान न्याय योजना किसानों को खेती-किसानी के लिए प्रोत्साहित करने की देश में अपने तरह की एक बडी योजना है। योजना के शुभारंभ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सहित प्रदेश के मंत्रीगण, जनप्रतिनिधि और किसान वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए शामिल होंगे।

         
राज्य सरकार इस योजना के जरिए किसानों को खेती किसानी के लिए प्रोत्साहित करने के लिए खरीफ 2019 से धान तथा मक्का लगाने वाले किसानों को सहकारी समिति के माध्यम से उपार्जित मात्रा के आधार पर अधिकतम 10 हजार रूपए प्रति एकड़ की दर से अनुपातिक रूप से आदान सहायता राशि दी जाएगी। इस योजना में धान फसल के लिए 18 लाख 34 हजार 834 किसानो को प्रथम किश्त के रूप में 1500 करोड़ रूपए की राशि प्रदान की जाएगी।  

इसी तरह गन्ना फसल के लिए पेराई वर्ष 2019-20 में सहकारी कारखाना द्वारा क्रय किए गए गन्ना की मात्रा के आधार पर एफआरपी राशि 261 रूपए प्रति क्विंटल और प्रोत्साहन एवं आदान सहायता राशि 93.75 रूपए प्रति क्विंटल अर्थात अधिकतम 355 रूपए प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया जाएगा। इसके तहत प्रदेश के 34 हजार 637 किसानों को 73 करोड़ 55 लाख रूपए चार किश्तों में मिलेगा। जिसमें से प्रथम किश्त 18 करोड़ 43 लाख 21 मई को हस्तांतरित की जाएगी।  

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा इसके साथ ही वर्ष 2018-19 में सहकारी शक्कर कारखानों के माध्यम से खरीदे गए गन्ना की मात्रा के आधार पर 50 रूपए प्रति क्विंटल की दर से प्रोत्साहन राशि (बकाया बोनस) भी प्रदान करने जा रही है। इसके तहत प्रदेश के 24 हजार 414 किसानों को 10 करोड़ 27 लाख रूपए दिया जाएगा।

राज्य सरकार ने इस योजना के तहत खरीफ 2019 में सहकारी समितिध्लैम्पस के माध्यम से उपार्जित मक्का फसल के किसानों को भी लाभ देने का निर्णय लिया है। मक्का फसल के आकड़े लिए जा रहे है। जिसके आधार पर आगामी किश्त में उनको भुगतान किया जाएगा।

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गतिशील और मजबूत बनाने के लिए लॉकडाउन जैसे संकट के समय में किसानों को फसल बीमा और प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना के तहत 900 करोड़ की राशि उनके खातों में अंतरित की गई है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा इसके पहले लगभग 18 लाख किसानों का 8800 करोड़ रूपए का कर्ज माफ किया गया है साथ ही कृषि भूमि अर्जन पर चार गुना मुआवजा, सिंचाई कर माफी जैसे कदम उठाकर किसानों को राहत पहुंचाई गई है।

इस योजना में राज्य सरकार ने खरीफ 2020 से इसमें धान, मक्का, सोयाबीन, मूंगफली, तिल, अरहर, मूंग, उड़द, कुल्थी, रामतिल, कोदो, कोटकी तथा रबी में गन्ना फसल को शामिल किया है। सरकार ने यह भी कहा है कि अनुदान लेने वाला किसान यदि गत वर्ष धान की फसल लेता है और इस साल धान के स्थान पर योजना में शामिल अन्य फसल लेता हैं तो ऐसी स्थिति में उन्हें प्रति एकड़ अतिरिक्त सहायता दी जायेगी।

 


रायपुर : मंत्रालय गृह विभाग के कर्मचारी ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, कारण अज्ञात

रायपुर : मंत्रालय गृह विभाग के कर्मचारी ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, कारण अज्ञात

19-May-2020

रायपुर :  राखी थाना क्षेत्र के नया रायपुर के सेक्टर-29 के क्‍वार्टर में रहने वाले एक मंत्रालय गृह विभाग के कर्मचारी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर लिया आत्महत्या करने की वजह सामने नहीं आ पाई है क्योंकि मृतक ने कोई भी सुसाइड नोट नहीं छोड़ा है मृतक कर्मचारी की पहचान दीपक कुमार कौशिक 30 वर्ष के रूप में की गई है जो कि मूलतः बिलासपुर जिले का निवासी था वह नवा रायपुर स्थित मंत्रालय में गृह विभाग के सहायक ग्रेड-3 पर पदस्थ थे. उसकी 2 साल पहले शादी हुई थी, लेकिन यहाँ अकेले ही रहता था. बहरहाल पुलिस मामले की जाँच कर रही है ।


रायपुर : आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाएं घर-घर जाकर लेंगी लोगों के स्वास्थ्य की जानकारी

रायपुर : आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाएं घर-घर जाकर लेंगी लोगों के स्वास्थ्य की जानकारी

18-May-2020

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने लॉकडाउन के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर जाकर रेडी टू ईट की सामग्री और सूखा राशन वितरित करने तथा कोरोना संक्रमण से बचाव के उपायों की जानकारी देकर लोगों को जागरूक करने के काम की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कोरोना संक्रमण के नये मरीज मिल रहे हैं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को पुनः घर-घर भेजकर लोगों के स्वास्थ्य की जानकारी ली जाए और संदिग्ध मरीज मिलने पर स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से ऐसे मरीजों की स्वास्थ्य की जांच करायी जाए।

मुख्यमंत्री श्री बघेल ने आज यहां अपने निवास कार्यालय पर आयोजित महिला और बाल विकास विभाग तथा समाज कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक में ये निर्देश दिए। बैठक में महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेंडिया, मुख्य सचिव श्री आर.पी. मण्डल, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू, महिला एवं बाल विकास विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, समाज कल्याण विभाग के सचिव श्री आर. प्रसन्ना, संचालक महिला एवं बाल विकास विभाग श्री जनमेजय महोबे और संचालक समाज कल्याण श्री पी. दयानंद उपस्थित थे।

बैठक में बताया गया कि पिछले वर्ष राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर छत्तीसगढ़ में शुरू किए गए मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के अच्छे परिणाम सामने आए हैं। इस अभियान के परिणाम स्वरूप प्रदेश के 62 हजार 617 बच्चे कुपोषण से मुक्त हुए हैं। कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिए लॉकडाउन अवधि के सुरक्षात्मक उपायों के तहत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा 24 लाख 38 हजार हितग्राहियों को रेडी टू ईट और मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के तहत 3 लाख 62 हजार से अधिक हितग्राहियों को सूखा राशन घर-घर पहंुचाया जा रहा है और बच्चों को रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने का काम भी किया जा रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन और यूनिसेफ ने छत्तीसगढ़ में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा महिलाओं और बच्चों को पोषण आहार पहंुचाने और लोगों को जागरूक करने के कार्य की सराहना की है।

बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश के 90 हजार से अधिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने हितग्राहियों के घरों में जाकर सामग्री वितरण के साथ-साथ लोगों को कोरोना से बचाव के संबंध में जागरूक करने का काम किया है। बैठक में बताया गया कि बस्तर क्षेत्र में बच्चों को कुपोषण से मुक्त करने के लिए अण्डा वितरण प्रारंभ किया गया है। जिसे बच्चे पसंद कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके लिए स्थानीय स्तर पर ही अण्डा लिए जाएं। इससे मुर्गी पालन से जुड़े स्थानीय लोगों को फायदा होगा। उन्होंने गौठानों में महिला स्व सहायता समूहों के माध्यम से मुर्गी पालन को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। श्री बघेल ने कहा कि इससे बच्चों के लिए ताजे अण्डे मिलेंगे। परिवहन का व्यय कम होगा और महिला समूहों को भी काम मिलेगा। मुख्यमंत्री ने गौठानों में मनरेगा से मुर्गी पालन के लिए शेड का निर्माण कराने और स्व सहायता समूहों को डीएमएफ तथा सीएसआर मद से सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्व सहायता समूहों को शहद उत्पादन से जोड़ने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ महिला कोष के माध्यम से महिला स्व सहायता समूहों और महिलाओं को मुर्गी पालन और शहद उत्पादन के लिए सहायता दी जा सकती है। बैठक में जानकारी दी गई कि लॉकडाउन के समय बच्चों को डिजिटल प्लेटफार्म के माध्यम से घरों में ही रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने के लिए यूनिसेफ के तकनीकी सहयोग से प्रारंभ किए गए सजग और चकमक अभियान में बच्चे काफी रूचि ले रहे हैं। इन कार्यक्रमों से अब तक 18 लाख बच्चे जुड़े हैं। इस अभियान में बच्चों को स्थानीय बोलियों में बालगीत, कविता, कहानियों के माध्यम से शिक्षा दी जा रही है।   

मुख्यमंत्री के निर्देश पर इस वर्ष प्रदेश की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को स्थानीय बुनकरों द्वारा तैयार साड़ियां वितरित की जाएंगी। प्रतिवर्ष कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को दो-दो साड़ियां यूनिफार्म के रूप में दी जाती हैं। श्री बघेल ने इस योजना के माध्यम से बुनकरों को रोजगार दिलाने के निर्देश दिए थे। बैठक में बताया गया कि लॉकडाउन के दौरान समाज कल्याण विभाग द्वारा समाज सेवी संगठनों की सहायता से प्रतिदिन लगभग 25 हजार से अधिक व्यक्तियों के लिए गर्म भोजन की व्यवस्था की गई और 27 हजार परिवारों को राशन सामग्री वितरित की गई। इसके साथ ही घुमंतू अर्द्ध विक्षिप्त और मानसिक रूप से अविकसित व्यक्तियों को सहारा देकर उनके भोजन और रहने की व्यवस्था भी विभाग द्वारा की गई। लॉकडाउन के दौरान बच्चों की पढ़ाई सुचारू रूप से चल सके इसके लिए विभाग द्वारा संचालित विशेष स्कूलों और महाविद्यालयों के विद्यार्थियों को ऑनलाइन पढ़ाई करायी जा रही है।


बलौदाबाजार-भाटापारा : प्रवासी श्रमिकों को आयुर्वेद औषधियां और काढ़ा वितरण

बलौदाबाजार-भाटापारा : प्रवासी श्रमिकों को आयुर्वेद औषधियां और काढ़ा वितरण

16-May-2020

रेलवे स्टेशन भाटापारा में विशेष रेलगाड़ियों से उतरने वाले श्रमिकों को शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) बढ़ाने के लिए आयुर्वेद औषधियां और काढ़ा पिलाया जा रहा है। आयुष विभाग द्वारा स्टेशन के निकास द्वार पर एक विशेष स्टाल सजाया गया है। उन्हें काढ़ा पिलाने के साथ ही लगभग महीने भर की काढ़ा बनाने कीऔषधियां प्रदान की जा रही हैं। इन दिनों हर रोज़ भाटापारा में प्रवासी श्रमिकों का आगमन हो रहा है।कलेक्टर श्री कार्तिकेया गोयल एवं एसपी श्री प्रशांत ठाकुर ने स्टेशन में आयुर्वेद काढ़ा पीये और कोरोना से बचाव के लिए सभी लोगों को इम्युनिटी बढ़ाने के लिए काढ़ा पीने की सलाह दी।

आयुष विभाग के डॉक्टर भैना के नेतृत्व में आयुर्वेद विभाग की टीम इस काम में सेवा भाव से जुटी हुई है। डॉ भैना ने बताया कि पिछले तीन दिनों में हज़ारों श्रमिकों को काढ़ा पिलाया जा चुका है। कलेक्टर श्री गोयल ने स्टेशन में उतरने वाले हर एक श्रमिक को काढ़ा की औषधियां वितरित करने के निर्देश दिए हैं। उन्हें बाकायदा इसकी सेवन विधि भी सरल भाषा में समझाई जा रही है। डॉक्टर ने बताया कि आधा कप पानी में थोड़ा सा गुड़ मिलाकर चुटकी भर काढ़ा चूर्ण डाल दें। दिन में दो दफा पीना लाभकारी है। इसके नियमित सेवन से शरीर में कोरोना को हराने की ताकत पैदा होती है। डॉ. भैना ने कोरोना से बचाव के लिए पूरे दिन गरम पानी पीने, प्रतिदिन आधे घण्टे की योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान करने तथा भोजन में हल्दी, जीरा, धनिया, मसाले एवं लहसुन का उपयोग करने की सलाह दी है। उन्होंने गरम दूध आधा चम्मच हल्दी चूर्ण मिलाकर एक अथवा दो बार पीना चाहिए।


रायपुर : नमक का को ऊँचे दाम पर बेचने वालों संस्थानों पर 62 हजार रूपए का जुर्माना

रायपुर : नमक का को ऊँचे दाम पर बेचने वालों संस्थानों पर 62 हजार रूपए का जुर्माना

16-May-2020

रायपुर : खाद्य विभाग, नापतौल विभाग एवं नगर निगम दुर्ग के अमले द्वारा दुर्ग जिले में नमक के अवैध विक्रय करने वाले संस्थानों पर कार्यवाही करते हुए 62 हजार रूपए जुर्माना वसूल की गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार 15 मई 2020 में दुर्ग और भिलाई के 11 संस्थानों का आकस्मिक निरीक्षण किया गया है। 

निरीक्षण के दौरान नमक के अवैध विक्रय करने वाले विकास ट्रेडर्स इन्द्रा मार्केट से 2 हजार रूपए, प्रसिद्धि ट्रेडर्स गंज पारा से 15 हजार रूपए, चांदमल ट्रेडर्स गंज पारा से 5 हजार रूपए और बाबा जी साल्ट गंज पारा दुर्ग से 30 हजार रूपए की जुर्माना राशि वसूली गई। नागर इंटरप्राईजेश लिंक रोड भिलाई के विरूद्ध कार्यवाही करते हुए 10 हजार रूपए जुर्माना की गई है ।

 


रायपुर : गुजरात से विशेष ट्रेन से 521 मजदूर चांपा स्टेशन पहुंचे : मजदूरों ने अपने प्रदेश की भूमि को किया नमन और मुख्यमंत्री का माना आभार

रायपुर : गुजरात से विशेष ट्रेन से 521 मजदूर चांपा स्टेशन पहुंचे : मजदूरों ने अपने प्रदेश की भूमि को किया नमन और मुख्यमंत्री का माना आभार

15-May-2020

रायपुर : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देशन में छत्तीसगढ़ के प्रवासी मजदूरों को दूसरे राज्यों से लाने का सिलसिला जारी है। जांजगीर-चांपा जिले के 521 श्रमिक को लेकर वीरामगाम (गुजरात) से स्पेशल ट्रेन चांपा रेलवे स्टेशन पहुंची। चांपा रेलवे स्टेशन पहुंचते ही श्रमिकों के चेहरे पर सुकून और खुशी के भाव थे। गत करीफ  40 दिनों से लाकडाउन में फंसे सभी श्रमिकों ने अपने गृह जिला जांजगीर-चांपा पहुंचने पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को धन्यवाद देते हुए उनका आभार जताया। जिला प्रशासन द्वारा चांपा रेलवे स्टेशन पर पूर्व से ही प्लेटफार्म को स्वच्छता, मजदूरों के लिए भोजन, पेयजल , और स्वास्थ्य जांच की मुकम्मल व्यवस्था सुनिश्चित कर ली गई थी।

रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म में रेल में सवार सभी 521 श्रमिकों को स्वल्पाहार, पेयजल उपलब्ध कराया गया। इसके बाद 2-2 बोगी के अंतराल में श्रमिकों को ट्रेन से उतारकर सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए खंडवार स्थापित स्वास्थ्य विभाग के स्टालों में थर्मल स्कैनिंग और स्वास्थ्य जांच की कार्यवाही की गई । श्रमिकों को उनके विकासखंड वार बसों में बैठाया गया और उनको निर्धारित कवारंटींन सेंटर के लिए रवाना किया गया।

गुजरात के पलोडा में राजमिस्त्री और मजदूरी का काम करने गए जांजगीर-चांपा जिले के विकास खंड पामगढ़ के ग्राम मुलमुला की जानकी बाई,निक्की,सिल्ली के चंदराम, अनिल टंडन, चंडीपारा पामगढ़ के छेरका खरे,मनबाई और गंगाधर रेल की लंबी यात्रा के बाद भी अपने गृह जिला पहुंचने पर काफी खुश दिखाई दे रहे थे।  आप लोगों को  गुजरात से चांपा रेल से किसने लाने में मदद की, पूछने पर उन्होंने झट से छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल का नाम लिया। इन सभी श्रमिकों  ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए उनका आभार जताया।

गुजरात के पलोडा से श्रमिक स्पेशल ट्रेन से चांपा  पहुंचे मजदूरों का ट्रेन से उतरने के बाद कलेक्टर श्री जनक प्रसाद पाठक और जिला पंचायत सीईओ श्री तीर्थराज अग्रवाल गांव और विकास खंड का नाम पूछते हुए श्रमिकों को  प्लेट फार्म में उनके निर्धारित स्थान पर जाने मार्गदर्शन करते रहे। कलेक्टर श्री पाठक और जिला पंचायत सीईओ श्री तीर्थराज अग्रवाल ने ट्रेन आने के पूर्व स्वास्थ्य परीक्षण के लिए बनाए गए स्टॉलो का निरीक्षण किया। चांपा स्टेशन में बाजोरिया फाउण्डेसन के  द्वारा श्रमिक यात्रियों को भोजन वितरण किया गया। बाजोरिया फाउण्डेशन के अध्यक्ष श्री राजेश बाजोरिया ने बताया कि लाक डाउन के तीनो चरणों में चांपा नगर पालिका क्षेत्र में निःशुल्क भोजन व सूखा राशन विरतण किया गया।

 


संक्रमण प्रसार को रोकने “होम आइसोलेशन” जरूरी

संक्रमण प्रसार को रोकने “होम आइसोलेशन” जरूरी

15-May-2020

* प्रभावित देशों या संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए व्यक्तियों के लिए होम आइसोलेशन की सलाह
रायपुर. 14 मई 2020। कोरोनावायरस (कोविड-19) महामारी संक्रमण के दौरान संपूर्ण देश में तीसरे चरण का लॉकडाउन है। ऐसे समय में प्रवासी मजदूरों और दूसरे राज्यों में फंसे हुए लोगों को उनके गृह ग्राम तक पहुंचाया जा रहा है। ऐसे में कोरोना वायरस के संक्रमण से अन्य लोगों को बचाने तथा वातावरण में विषाणु के संचरण की संभावना को रोकने के लिए प्रभावित देशो या संक्रमित व्यक्तियों के संपर्क में आए बाहर से आए हुए लोगों को उसके घर में ही रखने की सलाह दी जा रही है। 
छत्तीसगढ़ शासन स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने “होम आइसोलेशन” मार्गदर्शिका जारी की है, जिसमें “होम आइसोलेशन” में क्या करना है और क्या नहीं करना है, इसकी जानकारी दी गई है। यानि बाहर से आए व्यक्तियों ( जो सामान्य हैं, जिनमें कोरोना के कोई लक्षण नहीं हैं) एहतियातन उन्हें 14 दिनों तक बाहर विचरण ( घूमने)  पर रोक लगाते हुए उसके घर तक सीमित करने “होम आइसोलेशन” में रहने को जरूरी किया है। इस दौरान आइसोलेटेड व्यक्ति को क्या करना है, क्या नहीं करना है, होम आइसोलेटेड व्यक्ति के परिजनों को क्या करना है, क्या नहीं करना है, इसकी पूरी जानकारी भी दी गई है।
होम आइसोलेटेड व्यक्ति रखें इसका ध्यान -  बाहर से आए उन सभी व्यक्तियों को जिन्हें होम आइसोलेशन की सलाह स्वास्थ्य विशेषज्ञों द्वारा दी गई उन्हें 14 दिनों तक निम्न आचरण अपनाने चाहिए -
1. उन व्यक्तियों को एक अलग कमरे में रहना चाहिए, कमरा साफ और हवादार भी हो तथा कमरे में संलग्न टॉयलेट एवं बाथरूम की व्यवस्था हो। 
2. 14 दिनों तक व्यक्ति को घर के निर्धारित उस कमरे में ही रहना चाहिए। 
3. व्यक्ति को अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहना चाहिए तथा हल्का लक्षण भी उभरने पर तत्काल जिला नोडल अधिकारी, सीएमएचओ , सर्विलेंस अधिकारी या यह संभव ना हो तो हेल्प लाइन नंबर 104  को सूचित करना चाहिए। 
4. व्यक्ति को खांसते व छींकते समय रूमाल का उपयोग करना चाहिए, नियमित रूप से हाथ धोना चाहिए। अपने उपयोग किए गए कपड़ों को डिटर्जेंट या साबुन से धोना चाहिए। 
5. तेल मसालों के सेवन से बचना चाहिए और तरल पदार्थ लेते रहना चाहिए।
आइसोलेटेड व्यक्तियों को इसे नहीं करना है - जिसे “होम आइसोलेशन” की सलाह दी गई है उन लोगों को 14 दिन पूरी तरह से घर के निर्धारित कमरे में रहने के अलावा कुछ चीजें नहीं करने की सलाह दी गई है। इनमें मुख्य रूप से भीड़ वाले स्थान में नहीं जाने, घर के निर्धारित कमरे के अलावा घर के किचन, हॉल या ऐसे कमरे जिनमें घर के अन्य व्यक्ति रहते हैं वहां नहीं जाने, बार बार अपना चेहरा या आंखों को नहीं छूने, घर में अतिथि या अन्य बाहरी व्यक्ति को नहीं  बुलाने, इधर उधर थूकना, खांसना और ना हीं छींकना और बुजुर्ग व्यक्ति, गर्भवती महिलाओं एवं छोटे बच्चों से विशेष तौर से दूरी बनाकर रखना शामिल है।
परिजनों को भी देना है विशेष ध्यान- जारी “होम आइसोलेशन” मार्गदर्शिका में स्पष्ट रूप से होम आइलेटेड व्यक्तियों के परिजनों को भी आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। इनमें मुख्य रूप से जहां तक हो सके परिवार का कम से कम व्यक्ति ( संभव हो तो सिर्फ एक व्यक्ति) ही होम आइसोलेटेड व्यक्ति की देखभाल करे, देखभाल करने वाला व्यक्ति हमेशा मास्क पहन कर ही होम , आइसोलेटेड व्यक्ति को खाना या जरूरी सामान देने जाए, परिवार के बाकि सदस्य अलग कमरे में रहें यदि ऐसा संभव ना हो तो कम से कम एक मीटर की दूरी बना कर रखें, होम आइसोलेटेड व्यक्ति सिर्फ निर्धारित कमरे में रहे घर के अन्य हिस्सों में नहीं घूमें ,इसमें सहयोग करें, परिवार के सभी सदस्य उस कमरे में नहीं जाएं जहां आइसोलेटेड व्यक्ति रह रहा है, परिवार के अन्य सदस्य नियमित रूप से हाथों को बार-बार धोते रहें, आइसोलेटेड व्यक्ति के उपयोग किए जा रहे सामानों ( कपड़े , बेडशीट, टॉवेल, बर्तन,  इत्यादि )को ना छूएंऔर ना ही इस्तेमाल करें,  आइसोलेटेड व्यक्ति के साथ बर्तन, मास्क या अन्य व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण सामग्री,  कपड़े और बिस्तर साझा नहीं करें, ऐसे व्यक्ति के सामानों या फिर टेबल, बेड फ्रेम इत्यादि को ब्लीच सोल्यूशन या किटाणुनाशक से साफ करें, पालतू पशुओं को होम आइसोलेटेड व्यक्तियों के संपर्क में नहीं आने देना शामिल है। 

 


BREAKING! महासमुंद जिले में रैपिड टेस्ट किट की जांच से एक ही दिन में मिले 9 कोरोना संक्रमित

BREAKING! महासमुंद जिले में रैपिड टेस्ट किट की जांच से एक ही दिन में मिले 9 कोरोना संक्रमित

14-May-2020

महासमुंद जिले से एक और बड़ी खबर आ रही है रैपिड टेस्ट में 6 और कोरोना संक्रमित मिलने की खबर है  बता दें आज ही सुबह रैपिड टेस्ट किट से 3 लोगों के कोरोना संक्रमित होने की पुष्टि हुई थी अब एक बार फिर 6 और लोगों को कोरोना संक्रमित होने की पुष्टि हुई है इस तरह महासमुंद जिले से एक ही दिन में आज 9 कोरोना संक्रमित मिले हैं हालांकि इन सभी का RT-PCR टेस्ट जांच के लिए एम्स भेजा जाएगा वहां से रिपोर्ट आने के बाद ही 9 लोगों में से कितने लोग संक्रमित है यह पता चलेगा बहरहाल अभी राज्य में केवल 4 कोरोना केस के मरीज हैं बाकि सभी स्वस्थ्य होकर अस्पताल से डिस्चार्ज हो चुके हैं ।


छत्तीसगढ़ धीरे धीरे सामान्य कामकाज की ओर अग्रसर, राजीव गांधी किसान न्याय योजना इस संकट की घड़ी में किसानों के लिए संजीवनी

छत्तीसगढ़ धीरे धीरे सामान्य कामकाज की ओर अग्रसर, राजीव गांधी किसान न्याय योजना इस संकट की घड़ी में किसानों के लिए संजीवनी

14-May-2020

रायपुर : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज अपने निवास कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा करते हुए कहा है कि राज्य सरकार प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गतिशील और मजबूत बनाने के लिए लॉकडाउन जैसे संकट के समय में श्रमिकों को मनरेगा, आदिवासियों को लघु वनोपज संग्रहण तथा किसानों को राजीव गांधी किसान न्याय योजना के माध्यम से उनकी  जेब में पैसा डालने का काम कर रही है। हमारा प्रदेश धीरे धीरे सामान्य कामकाज की ओर अग्रसर हो रहा हैं। कल की कैबिनेट की बैठक में ऐसे कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये हैं जो राज्य में आर्थिक गतिविधियों को और तेज करेंगे।

बैठक में हमने एक निर्णय लिया जिसका क्रियान्वयन हम अपने स्वप्न दृष्टा नेता पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री राजीव गांधी जी की पुण्य तिथि के दिन 21 मई से प्रारंभ करेंगे। राजीव गांधी किसान न्याय योजना बहुत ही दूरगामी निर्णय है और छत्तीसगढ़ के किसानों को इस संकट की घड़ी में संजीवनी प्रदान करने वाला निर्णय है। पूरे देश में कहीं भी किसानों के हित में इतना महत्वपूर्ण निर्णय नहीं लिया गया है। हमने राज्य के किसानों से वादा किया था कि उन्हें उनकी उपज का पूरा दाम मिलेगा। लोगों ने इसमें कई अड़चने लगाई, अवरोध पैदा किये लेकिन हमने जो कहा था वो निभाया है।

राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत हम राज्य में फसल उत्पादन को प्रोत्साहित करने और कृषि आदान सहायता हेतु खरीफ 2019 में पंजीकृत एवं उपार्जित रकबे के आधार पर धान, मक्का और गन्ना फसल के लिए 10 हजार रूपये प्रति एकड़ की दर से डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से अनुदान राशि सीधे किसानों के खातों में ट्रांसफर करेंगे। इसके लिए हमने बजट में 5100 करोड़ रूपए का प्रावधान भी किया है। इस योजना के तहत राज्य के 18 लाख 75 हजार किसानों को लाभ मिलेगा। यहीं नही खरीफ 2020 से आगामी वर्षो में दलहन और तिलहन फसलों के पंजीकृत और अधिसूचित रकबे के आधार पर निर्धारित राशि प्रति एकड़ की दर से किसानों को आदान सहायता अनुदान के रूप में देंगे। अनुदान लेने वाला किसान यदि गत वर्ष धान की फसल लगाया हो और इस साल धान के स्थान पर योजना के तहत शामिल अन्य फसल लगाता हैं तो ऐसी स्थिति में किसानों को प्रति एकड़ अतिरिक्त सहायता दी जायेगी ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार मजदूरों, किसानों और आदिवासियों की जेब में पैसे डालने का काम कर रही है। लोगों की जेब में पैसा आने से इसका असर व्यापार और व्यवसाय पर पड़ेगा और अर्थव्यवस्था बराबर संचालित होती रहेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने केन्द्र सरकार से मनरेगा को कृषि कार्य से जोड़ने का आग्रह किया है। मनरेगा के काम बारिश तक चलेंगे। यदि मनरेगा को कृषि से जोड़ा जाता है तो लोगों को इससे निरंतर रोजगार मिलेगा, कृषि की लागत कम होगी और कृषि उत्पादन भी बढ़ेगा। श्री बघेल ने कहा कि आम जनता, सामाजिक संगठनों और सेवा भाव से काम कर रहे अधिकारी-कर्मचारियों के सहयोग से कोविड-19 संक्रमण को रोकने में प्रदेश में काफी हदतक सफलता मिली है।  

इसके साथ ही हमने उत्कृष्ठ हिन्दी एवं अंग्रेजी माध्यम के शालाओं का संचालन पंजीकृत सोसायटी के माध्यम से करने का निर्णय लिया है। लगभग 40 उत्कृष्ट शालाएं प्रारंभ की जाएंगी। विकासखण्ड मुख्यालयों में 10वीं के बाद 11वीं और 12वीं की पढ़ाई के साथ-साथ विद्यार्थियों के लिए आईटीआई का रोजगारपरक सर्टिफिकेट कोर्स आरंभ करने का निर्णय लिया गया। मुख्यमंत्री ने बताया कि कोरोना वायरस (कोविड-19) से बचाव के उपायों के तहत छत्तीसगढ़ राज्य में संपूर्ण लॉकडाउन के फलस्वरूप बसों के दो माह और ट्रकों के एक माह के टैक्स की राशि माफ कर दिया गया है। राज्य सरकार सभी शहरी परिवारों को दो कमरों का पक्का आवास देने के लिए 40 हजार अतिरिक्त आवास बनाएगी। इसके साथ ही अब किराएदारों को भी योजना में समाहित करते हुए न्यूनतम दर पर आवास उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है।

सीएम बघेल ने कहा कि लॉकडाउन की वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए प्रदेश के सामान्य परिवारों (ए.पी.एल.) को भी रिफाइन्ड आयोडाईज्ड नमक पीडीएस की दुकानों से 10 रूपए प्रति किलो की दर से अधिकतम दो किलो नमक प्रति राशनकार्ड प्रति माह एक जून से प्रदान किया जाएगा। इससे राज्य के 9.04 लाख परिवार लाभान्वित होंगे। राज्य सरकार द्वारा जमीनों की खरीदी-बिक्री की शासकीय गाइडलाईन की दरों में 30 प्रतिशत की छूट को पूरे साल के लिए बढ़ा दिया गया है।  

 छत्तीसगढ़ में वर्तमान में केवल 4 एक्टिव कोरोना पाजीटिव मरीज हैं। कुल 59 पाजीटिव मरीजों में से 55 स्वस्थ होकर अपने घरों को लौट चुके हैं। कोरोना से किसी की भी मृत्यु नहीं हुई हैं। छत्तीसगढ़ में ठीक होने वाले मरीजों का प्रतिशत 93 प्रतिशत से अधिक हैं। राज्य में अभी तक कुल 27 हजार 339 सैम्पल टेस्ट किए गए हैं। राज्य में 28 हजार 759 व्यक्तियों को क्वारेंटाइन में रखा गया है। अन्य राज्यों से लौटने वाले मजदूरों के लिए गांवों में ही 16,499 क्वारेंटाइन सेंटर बनाए गए है। सीमावर्ती क्षेत्रों में कुल 623 क्वारेंटाइन सेंटर बनाये गये हैं ।

सीएम बघेल ने कहा कि राज्य सरकार ने कोरोना वायरस महामारी के प्रसार की जानकारी मिलते ही बचाव की तैयारियां प्रारंभ कर दी थी। 27 जनवरी को हमने सभी जिलों में रैपिड रिस्पांस टीम गठित कर दी थी।  28 जनवरी से एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग प्रारंभ कर दी थी और एक फरवरी को पहले आइसोलेशन अस्पताल ने काम करना प्रारंभ कर दिया था। हमने स्वस्फूर्त निर्णय लेते हुए किसी भी राज्य से पहले 21 मार्च को छत्तीसगढ़ राज्य की सीमाएं सील कर दी और 22 मार्च को राज्य में लाकडाउन की घोषणा की। वर्तमान में प्रतिदिन जांच क्षमता 1200 सैंपल प्रतिदिन हो गयी हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि जब कोटा से छात्रों को लाने की बात चल रही थी तभी मैंने श्रमिकों को वापस लाने की केन्द्र सरकार से मांग की थी और कहा था कि ट्रेनों की व्यवस्था की जाए अब ट्रेनें आना शुरू हो गई है। श्रमिकों की वापसी के लिए मई का महीना काफी महत्वपूर्ण है। अगले महीने से बारिश शुरू हो जाएगी तब आने वाले श्रमिकों के क्वारेंटीन में बाहर रखने के इंतजाम में दिक्कत आएगी क्योकि संसाधन सीमित है। बाहर से आने वाले श्रमिकों की बड़ी संख्या की तुलना में स्कूलों और आंगनबाड़ियों की संख्या कम है।

लॉक-डाउन में मनरेगा के अंतर्गत ग्रामीणों को रोजगार देने में छत्तीसगढ़ अभी पूरे देश में प्रथम स्थान पर है। देशभर में मनरेगा कार्यों में लगे कुल मजदूरों में से करीब 24 फीसदी अकेले छत्तीसगढ़ से हैं। यह संख्या देश में सर्वाधिक है। प्रदेश की 9883 ग्राम पंचायतों में चल रहे विभिन्न मनरेगा कार्यों में औसतन लगभग 23 लाख मजदूूर काम कर रहे हैं। लॉकडाउन में वनोपज संग्रहण में भी छत्तीसगढ़ देश में पहले स्थान पर हैं। देश के कुल वनोपज संग्रहण का 99 प्रतिशत अकेले छत्तीसगढ़ ने ही किया हैं। श्री बघेल ने कहा कि राज्य के 56.48 लाख गरीब परिवारो को अप्रैल, मई और जून, तीन माह का राशन, प्रति परिवार एक क्विंटल पांच किलोग्राम निःशुल्क प्रदान किया गया हैं। स्कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई के लिए ‘पढ़ाई तुंहर दुआर‘ वेबपोर्टल प्रारंभ। अब तक 21 लाख 26 हजार छात्र और 1.88 लाख शिक्षक पंजीकृत है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि राज्य में जरूरततंद परिवारों के लिए राहत और कल्याणकारी योजनाओं के संचालन तथा सामान्य कामकाज को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए केन्द्र सरकार द्वारा 30 हजार करोड़ की आर्थिक सहायता दी जाये। उन्होंने मंत्रिपरिषद की बैठक में लिए गए निर्णय की जानकारी देते हुए कहा कि औद्योगिक नीति में इमेचवाम चवसपबल  के तहत बायो एथेनॉल उत्पादन इकाईयों के लिए विशेष प्रोत्साहन पैकेज देने का निर्णय लिया गया है। छत्तीसगढ़ में धान का उत्पादन आने वाले वर्षों में बढ़ेगा। सरप्लस धान हर वर्ष बढ़ेगा। इसका उपयोग बायो एथेनॉल के उत्पादन में किया जा सकेगा।

 

 

राजनांदगांव : होम बेस टायपिंग वर्क देने के नाम पर बेरोजगारों से 40 लाख रुपए की ठगी करने वाला एक आरोपी धरा गया, एक फरार

राजनांदगांव : होम बेस टायपिंग वर्क देने के नाम पर बेरोजगारों से 40 लाख रुपए की ठगी करने वाला एक आरोपी धरा गया, एक फरार

14-May-2020

राजनांदगांव जिले में बेरोजगार लोगों से ठगी करने वाला एक युवक पुलिस की गिरफ्त में आ चुका है मामले की जानकारी अनुसार मुख्य आरोपी का एक साथी (पार्टनर) युवक  गौरी नगर निवासी शाहरुख खान को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा दिया है. आरोपियों ने जिले के घुमका क्षेत्र के ग्राम बरबसपुर निवासी देवेश वर्मा और उसके अन्य साथियों से टाइपिंग कंपनी में होम बेस वर्क काम दिलाने का झांसा दिया था और इसके बदले में उनसे सुरक्षा निधि के रूप में 15 से 18 हजार रुपए तक जमा करा लिए थे. टाइपिंग करने वालों को 9 हजार रुपए प्रतिमाह और नॉन टाइपिंग स्टाफ को 6 हजार रुपए वेतन देने का आरोपियों ने वादा किया था वह अपने साथ जुड़ चुके लोगों से अपने साथ 5-5 लोगों को जोड़ने बोलता था इस तरह चेन बनाकर आरोपियों ने उन लोगों से 40 लाख रुपए जमा करवा लिया जब लोगों को ठगे जाने का अहसास हुआ तब उन्होंने केस दर्ज करवाया मुख्य आरोपी आकाश यादव फरार है जिसकी तलाश में पुलिस जुटी है.


सुकमा : आठ लाख के  4 नक्सलियों ने किया सरेंडर

सुकमा : आठ लाख के 4 नक्सलियों ने किया सरेंडर

13-May-2020

TNIS

सुकमा जिले में आज (13 मई) बुधवार को एसपी शलभ सिन्हा, एएसपी सिदार्थ तिवारी और पुलिस के अधिकारियों के समक्ष इनामी एलजीएस कमांडर रघु और डिप्टी कमांडर लक्खे दंपत्ति समेत 4 नक्सलियों ने सरेंडर किया आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में 5 लाख का इनामी नक्सली कोंटा एलजीएस कमांडर पोडियम गंगा उर्फ रघु, 3 लाख इनामी कोंटा एलजीएस डिप्टी कमांडर मुचाकी लक्खे, 1 लाख इनामी सीएनएम सदस्य सोड़ी रमेश उर्फ सोड़ी, जनताना सरकार अध्यक्ष हेमला भीमा शामिल है. सरेंडर करने वाले नक्सली लम्बे समय से नक्सलियों के साथ जुड़े हुए थे.


मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अस्पताल पहुंचकर पूर्व मुख्यमंत्री  अजीत जोगी के स्वास्थ्य का हालचाल जाना

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अस्पताल पहुंचकर पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के स्वास्थ्य का हालचाल जाना

12-May-2020

रायपुर : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री अजीत जोगी को देखने अस्पताल पहुंचे हुए थे उन्होंने डॉक्टरों से जोगी के स्वास्थ्य की जानकारी लेते हुए उनका हाल चाल जाना. फिर अमित जोगी और रेणु जोगी से मुलाकात की और उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिलाया. मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि - मीडिया प्रतिनिधियों से बात करते हुए कहा कि जब श्री अजीत जोगी की तबीयत बिगड़ी थी उस दिन भी मैंने उनके पुत्र श्री अमित जोगी से दूरभाष पर बात कर श्री जोगी के स्वास्थ्य के संबंध में जानकारी ली थी। आज मैं श्री अजीत जोगी को देखने अस्पताल आया था।

उनके परिवार के लोगों से बात हुई है। डॉक्टरों से भी मैंने जानकारी ली। श्री अजीत जोगी हमेशा मौत को मात देकर खतरे से बाहर निकले हैं। ईश्वर से प्रार्थना है कि वे उन्हें शक्ति दे और वे जल्द स्वस्थ्य हों . मुख्यमंत्री के अलावा स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव, महिला बाल विकास मंत्री अनिला भेड़िया और सांसद छाया वर्मा भी अजीत जोगी को देखने पहुंचे थे. स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा कि अजीत जोगी अद्भूत फाइटर है. कोमा में है पर शारीरिक पैरामीटर उनका नॉर्मल है. जोगी का विल पावर उनका साथ दे रही है. अभी भी स्थिति गंभीर बनी हुई है, लेकिन पहले से बेहतर है. 


रायपुर : एक और कोरोना पॉजिटिव मरीज हुआ स्वस्थ्य, अब केवल 5 एक्टिव मरीज

रायपुर : एक और कोरोना पॉजिटिव मरीज हुआ स्वस्थ्य, अब केवल 5 एक्टिव मरीज

12-May-2020

रायपुर : प्रदेश के लिए एक और खुशखबरी आई है कोरोना वायरस से संक्रमित एक और मरीज स्वस्थ्य हो गया है जिसे एम्स रायपुर से डिस्चार्ज कर दिया गया है युवक रायपुर के कुकुरबेड़ा का रहने वाला है. अब प्रदेश में एक्टिव  मरीजों की संख्या 5 हो गई है. सभी मरीजों की हालत स्थिर हैं. इसकी जानकारी स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने ट्वीट करके भी दी प्रदेश में कुल 59 कोरोना मरीज मिले है, जिनमें से 54 लोग ठीक हो चुके हैं. 


रायपुर : राज्य के अंदर आर्थिक गतिविधियों के संचालन के निर्णय का अधिकार राज्य सरकार को मिले: सीएम भूपेश बघेल

रायपुर : राज्य के अंदर आर्थिक गतिविधियों के संचालन के निर्णय का अधिकार राज्य सरकार को मिले: सीएम भूपेश बघेल

12-May-2020

रायपुर : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि राज्य के अंदर आर्थिक गतिविधियों के संचालन के निर्णय का अधिकार राज्य सरकार को मिलना चाहिए। उन्होंने यह बात आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हुई चर्चा के दौरान कही। उन्होंने कोरोना वायरस की रोकथाम और राज्यों में आर्थिक गतिविधियों के संचालन तथा श्रमिकों एवं ग्रामीणों को रोजगार मुहैया कराने के संबंध में महत्वपूर्ण उपयोगी सुझाव दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण को लेकर रेड, ग्रीन और ऑरेंज जोन के निर्धारण का दायित्व राज्य सरकारों को दिया जाना चाहिए। श्री बघेल ने कहा कि रेल सेवा शुरू होने से वर्तमान स्थिति में बदलाव आएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि रेगुलर ट्रेन और हवाई सेवा, अंतर राज्यीय बस परिवहन की शुरुआत राज्य सरकारों से विचार विमर्श कर किया जाना चाहिए। उन्होंने श्रमिकों के परिवहन के लिए राज्य आपदा मोचन निधि (एसडीआरएफ) से राशि व्यय किये जाने की अनुमति देने का भी सुझाव दिया। वीडियों कांफ्रेंसिंग में अन्य राज्यों के मुख्यमंत्री भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन के चलते राज्य में आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। जिससे राजस्व की हानि हुई है। तालाबंदी से समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को सबसे अधिक नुकसान पहुंचा है। मुख्यमंत्री ने राज्य का वित्तीय घाटा भी इस वर्ष अपवाद के रूप में जीएसडीपी का 5 प्रतिशत के बराबर रखे जाने तथा उधार की सीमा जीएसडीपी के 6 प्रतिशत तक शिथिल करने का आग्रह किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य को 30 हजार करोड़ रुपए की सहायता दिए जाने का भी आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री केयर फंड में छत्तीसगढ़ राज्य के औद्योगिक संस्थानों द्वारा बड़ी राशि दान दी गई है। इस संकट की घड़ी में छत्तीसगढ़ के जरूरत मंद लोगों को राहत पहुंचाने के लिए यह राशि राज्य को अंतरित की जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ धान का कटोरा है। धान यहां की प्रमुख उपज है। एफसीआई द्वारा राज्य से 24 लाख मैट्रिक टन चावल लिया गया है, उन्होंने इसे बढ़ाकर 31.11 लाख मैट्रिक टन किए जाने की अनुमति देने का भी आग्रह प्रधानमंत्री से किया। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य कर्मियों की तरह पुलिस, नगर निगम, जिला प्रशासन एवं अन्य विभागों के अधिकारियों कर्मचारियों को भी पीएम गरीब कल्याण पैकेज में शामिल करने का आग्रह किया। मनरेगा के तहत 100 दिन के रोजगार दिए जाने का प्रावधान 200 दिन करने का आग्रह करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉकडाउन की वजह से छत्तीसगढ़ राज्य में लाखों की संख्या में ऐसे श्रमिक हैं, जो 100 दिन का रोजगार पूरा करने की स्थिति में आ गए हैं। इसमें बढ़ोतरी किए जाने से उन्हें मई और जून माह में भी गांव में ही रोजगार उपलब्ध कराया जा सकेगा।

कोरोना संक्रमण की टेस्टिंग के लिए आईसीएमआर की गाइडलाइन के अतिरिक्त और भी टेस्टिंग की गाइडलाइन जारी करने का अनुरोध उन्होंने किया। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ राज्य के कोल ब्लॉकों से कोयला मंत्रालय भारत सरकार द्वारा जमा कराई गई 4 हजार 140 करोड़ रुपए की अतिरिक्त लेवी की राशि माननीय सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के अनुसार राज्य सरकार को अंतरित करने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने कहा महामारी की रोकथाम के लिए केंद्र और राज्य सरकार को मिलकर काम करना होगा, तभी इसमें सफलता मिलेगी। उन्होंने छत्तीसगढ़ में कोरोना वायरस महामारी से लड़ने में सहयोग के लिए भारत सरकार तथा अन्य राज्य के मुख्यमंत्रियों का भी धन्यवाद ज्ञापित किया। श्री बघेल ने छत्तीसगढ़ के मजदूर जो लॉकडाउन दौरान अन्य राज्यों में फंसे थे, उस अवधि में उनकी मदद के लिए सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों का भी आभार जताया।

मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य में वर्तमान में कोरोना के 6 मरीज हैं। राज्य में कुल 59 मरीज थे, जिसमें से 53 मरीज स्वस्थ होकर अपने घर लौट चुके हैं। छत्तीसगढ़ राज्य में रिकवरी रेट 90 प्रतिशत से अधिक है। अब तक राज्य में 25 हजार 282 कोरोना वायरस टेस्ट किए जा चुके हैं। राज्य में 24 हजार 605 लोग को क्वारेंटीन किया गया हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य के श्रमिकों को वापस लाने के लिए आज पहली ट्रेन गुजरात से आई है। आने वाले सभी श्रमिकों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। उन्हें क्वॉरेंटाइन में भी रखने की व्यवस्था राज्य सरकार ने की है।

छत्तीसगढ़ राज्य में ग्रामीण क्षेत्रों में 16 हजार 499 और शहरी क्षेत्रों में 623 क्वारेन्टाइन सेंटर बनाए गए हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने पूर्वानुमान लगाकर काम किया है, यही वजह है कि छत्तीसगढ़ राज्य में कोरोना वायरस का फैलाव नियंत्रण में रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य के औद्योगिक क्षेत्रों में कामकाज शुरू हो चुका है। इसकी बदौलत इनके 91 हजार 997 श्रमिकों को रोजगार मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ के मजदूरों को वापस लाने के लिए कुल 28 ट्रेनों की अनुमति मांगी थी। जिसमें से 15 की स्वीकृति मिली है। श्रमिकों, छात्रों, बीमार व्यक्तियों को अन्य राज्यों से छत्तीसगढ़ लाने का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन कर रही है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य के लगभग एक लाख 24 हजार मजदूर अन्य राज्यों में है, जब कि छत्तीसगढ़ में अन्य राज्यों के मजदूरों की संख्या लगभग 35 हजार है।

मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ राज्य में मनरेगा के तहत ग्रामीणों को मिल रहे रोजगार के बारे में भी प्रधानमंत्री को जानकारी देते हुए बताया कि पूरे देश में मनरेगा के तहत 24 प्रतिशत की भागीदारी  छत्तीसगढ़ राज्य की है। राज्य की 9 हजार 883 ग्राम पंचायतों में वर्तमान में 20 लाख से अधिक ग्रामीणों को उनके गांव में ही रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि किसानों की मदद के लिए राजीव गांधी न्याय योजना के अंतर्गत 5100 करोड़ रुपए की राशि का वितरण राज्य सरकार द्वारा शुरू किया जा रहा है। उन्होंने लघु वनोपज संग्रहण के बारे में भी जानकारी दी और कहा कि छत्तीसगढ़ और लघु वनोपज संग्रहण के मामले में देश का अग्रणी राज्य है। लघु वनोपजों के कुल संग्रहण का 90 फीसदी हिस्सा छत्तीसगढ़ में संग्रहित हुआ है। संग्रहण कर्ताओं को 28.07 करोड़ रूपए से अधिक की राशि का भुगतान किया जा चुका है। वन विभाग के विभिन्न योजनाओं में कुल 6 लाख 42 हजार 949 वनवासियों को रोजगार भी प्रदान किया है।

इस अवसर पर स्वास्थ्य और पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टी. एस. सिंहदेव, गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू, मुख्य सचिव  आर. पी. मंडल, पुलिस महानिदेशक डी. एम. अवस्थी, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, सचिव स्वास्थ्य श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, उप सचिव मुख्यमंत्री सचिवालय सुश्री सौम्या चौरसिया सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।


रायपुर : अन्य राज्यों में फंसे छत्तीसगढ़ के श्रमिकों और अन्य लोगों की वापसी शुरू: गुजरात से पहली श्रमिक स्पेशल ट्रेन पहुंची बिलासपुर

रायपुर : अन्य राज्यों में फंसे छत्तीसगढ़ के श्रमिकों और अन्य लोगों की वापसी शुरू: गुजरात से पहली श्रमिक स्पेशल ट्रेन पहुंची बिलासपुर

11-May-2020

रायपुर : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल और निर्देशन पर छत्तीसगढ़ के प्रवासी श्रमिकों, विद्यार्थियों, संकट में पड़े और मेडिकल आवस्यकता वाले लोगों को लेकर गुजरात से आज पहली ट्रेन बिलासपुर स्टेशन पर पहुंची। जिला प्रशासन ने इसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित की थी। गुजरात से करीब 1200 श्रमिकों एवं अन्य लोगों को लेकर यह ट्रेन पहुंची । यह ट्रेन अहमदाबाद, गोधरा, रतलाम, बीना, कटनी, पेन्ड्रारोड से होते हुए बिलासपुर पहुंची। इस ट्रेन में मुंगेली जिले के 20, जांजगीर-चाम्पा जिले के 53 और दुर्ग जिले के 11 लोग भी शामिल थे।

जिला प्रशासन बिलासपुर द्वारा ट्रेन से आने वाले याात्रियों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए 80 मेडिकल स्टाॅफ की ड्यूटी यहां लगायी गई थी। जिसमें 28 डाॅक्टर, 14 लैब टेक्नीशियन और 22 पैरा मेडिकल स्टाॅफ के सदस्य थे। इसके अलावा अन्य समन्वय, सेनिटाईजर और मास्क वितरण के लिए 16 लोग तैनात किए गए थे। यात्रियों की सुरक्षा के लिए 82 पुलिस और 50 आरपीएफ  के जवान तैनात किए गए थे। यात्रियों की स्कार्टिग के लिए राजस्व और पंचायत विभाग के 56 अधिकारी-कर्मचारी तथा 70 बसों के लिए चालक और इतने ही वाहन प्रभारी उपस्थित रहे। स्टेशन और आस-पास के क्षेत्र को सेनिटाईजेशन करने के लिए निगम के 20 कर्मचाारियों का अमला और इस पूरी व्यवस्था के समन्वय और मानिटरिंग के लिए एस.डी.एम., डिप्टी कलेक्टर और तहसीलदार सहित 30 प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

जिला प्रशासन द्वारा हर बोगी में कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई थी। ट्रेन के स्टेशन पहुंचने पर एक बार में अल्टरनेट चार बोगियों से यात्रियों को उतारा गया। उतरने के पहले सभी यात्रियों को हैंड सेनेटाइजर और मास्क दिया गया। रेलवे स्टेशन के हर गेट में स्वास्थ्य विभाग की टीम तैनात रही जिनके द्वारा उनका स्वास्थ्य परीक्षण व स्क्रीनिंग की गई। स्टेशन के गेट नं दो से दूसरे जिलों के लोगों को स्टेशन से बाहर निकाला गया। गेट नंबर तीन से मस्तूरी के तथा गेट नंबर चार से अन्य विकासखंडों के लोग बाहर निकाले गए। मजदूरों को रेलवे स्टेशन से बसों के द्वारा उनके गांव एवं जिलों मंे भेजने की व्यवस्था की गई जहां उन्हें क्वारांटाईन सेंटर में रखा जाएगा। बिलासपुर जिले के लोगों के लिये 60 बसों की व्यवस्था की गई है। यात्रियों को सम्बन्धित क्षेत्र के बसों में बिठाने और उनकी रवानगी के लिए कर्मचारी तैनात किये गये थे। स्टेशन के बाहर छह 108-एम्बुलेंस भी तैनात रहीं।

अन्य राज्यों में फंसे श्रमिकों की छत्तीसगढ़ वापसी के लिए 15 स्पेशल ट्रेनें चरणबद्ध तरीके से चलायी जाएंगी

      मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल और निर्देशन पर लॉकडाउन के कारण अन्य राज्यों में फंसे छत्तीसगढ़ के श्रमिकों, छात्रों, संकट में पड़े लोगों और चिकित्सा की आवश्यकता वाले व्यक्तियों की छत्तीसगढ़ वापसी के लिये छत्तीसगढ़ सरकार ने अब तक कुल 15 स्पेशल ट्रेनों चलाने की योजना है । राज्य सरकार ने कहा कि इसके साथ ही चरणबद्ध तरीके से ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। ट्रेनों में आने के लिए इन लोगों को राज्य सरकार द्वारा जारी लिंक में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना अनिवार्य होगा।

 छत्तीसगढ़ सरकार ने जिन 15 ट्रेनों को चरणबद्ध किया है उनमें अहमदाबाद से बिलासपुर के लिए दो ट्रेन, विजयावाड़ा आन्ध्रप्रदेश से बिलासपुर एक ट्रेन, अमृतसर पंजाब से चांपा एक ट्रेन, विरामगम अहमदाबाद से बिलासपुर चांपा एक ट्रेन, लखनऊ उत्तरप्रदेश से रायपुर के लिए तीन ट्रेन, लखनऊ से भाटापारा के लिए दो ट्रेन, मुजफ्फरपुर बिहार से रायपुर एक ट्रेन, दिल्ली से बिलासपुर के लिए एक ट्रेन, मेहसाना गुजरात से बिलासपुर चांपा एक ट्रेन, हैदराबाद तेलंगाना से दुर्ग रायपुर होते हुए बिलासपुर 2 ट्रेन शामिल है।
    राज्य सरकार ने इन ट्रेनों में सफर के लिए ऑनलाइन लिंक जारी किया है -

http:cglabour.nic.in/covid19MigrantRegistrationService.aspx

   इस लिंक में एप्लाई कर लोग इन ट्रेनों के माध्यम से छत्तीसगढ़ वापस आ सकेंगे। इसके अलावा 24 घंटे संचालित हेल्पलाइन नम्बर 0771-2443809, 91098-49992, 75878-21800, 75878-22800, 96858-50444, 91092-83986 तथा 88277-73986 पर संपर्क किया जा सकता है।


रायपुर : प्रदेश में 4 और कोरोना पॉजिटिव मरीज हुए स्वस्थ्य, अब केवल 6 मरीज बचे

रायपुर : प्रदेश में 4 और कोरोना पॉजिटिव मरीज हुए स्वस्थ्य, अब केवल 6 मरीज बचे

11-May-2020

रायपुर : छत्तीसगढ़ के लिए आज एक और राहत की खबर आई है आज एम्स ने 4 और कोरोना पॉजिटिव मरीजों के स्वस्थ्य होने की जानकारी दी है उन सभी को डिस्चार्ज कर दिया गया है बता दें कि बीते दिन 6 और मरीज स्वस्थ होकर घर लौटे थे। अब प्रदेश में सिर्फ 6 पॉजिटिव मरीज शेष हैं। जिन 4 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया है उनमे कवर्धा के 2 और सूरजपुर के 2 मरीज ठीक हुए हैं।


रायपुर : मुख्यमंत्री सहायता कोष में अब तक 56 करोड़ रूपए से अधिक की राशि जमा

रायपुर : मुख्यमंत्री सहायता कोष में अब तक 56 करोड़ रूपए से अधिक की राशि जमा

11-May-2020

रायपुर : मुख्यमंत्री सहायता कोष में दानदाताओं, सामाजिक संगठनों, शासकीय अधिकारियों-कर्मचारियों, उद्योग एवं व्यवसायिक संगठनों के साथ-साथ जनसामान्य द्वारा कोविड-19 की रोकथाम तथा लॉकडाउन के दौरान जरूरतमंदों की सहायता के लिए राशि दान दिए जाने का सिलसिला अनवरत रूप से जारी है। बीते 24 मार्च से लेकर 7 मई तक मुख्यमंत्री सहायता कोष में राज्य के विभिन्न संगठनों एवं दानदाताओं द्वारा स्वस्फूर्त रूप से 24 मार्च से 7 मई तक कुल 56 करोड़ 4 लाख 38 हजार 815 रूपए की राशि दान की गई है। मुख्यमंत्री सहायता कोष से राज्य में कोरोना संक्रमण की रोकथाम एवं जरूरतमदों की सहायता के लिए अब तक राज्य के सभी जिलों को 10 करोड़ 25 लाख 30 हजार रूपए की राशि जारी की जा चुकी है।

 मुख्यमंत्री सहायता कोष में विभिन्न संगठनों द्वारा 24 मार्च से 30 मार्च तक 3 करोड़ 13 लाख 66 हजार 785 रूपए, 31 मार्च से 6 अप्रैल तक 10 करोड़ 81 लाख 25 हजार 386 रूपए, 7 अप्रैल से 13 अप्रैल तक 5 करोड़ 58 लाख 91 हजार 398 रूपए, 14 अप्रैल से 20 अप्रैल तक 31 करोड़ 26 लाख 25 हजार 148 रूपए, 21 अप्रैल से 27 अप्रैल तक 3 करोड़ 18 लाख 70 हजार 7 रूपए, 28 अप्रैल से 07 मई तक एक करोड़ 57 लाख 52 हजार 46 रूपए की राशि दान में प्राप्त हुई। इसी प्रकार 5 मई को 29 लाख 43 हजार 371 रूपए, 6 मई को 15 लाख 45 हजार 658 रूपए और 7 मई को 3 लाख 19 हजार 16 रूपए की राशि मुख्यमंत्री सहायता कोष में जमा कराई गई है।

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने इस सहयोग राशि के लिए समस्त संगठनों, उनके पदाधिकारियों एवं दानदाताओं के प्रति आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री सहायता कोष में दान दी गई राशि पर आयकर अधिनियम की धारा 80जी के तहत छूट का प्रावधान है। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने सभी प्रदेशवासियों से मुख्यमंत्री सहायता कोष में राशि दान करने की अपील की है ताकि संकट की घड़ी में गरीबों, श्रमिकों और जरूरतमंदों की अधिक से अधिक मदद की जा सके। मुख्यमंत्री सहायता कोष में दान की राशि एसबीआई एकाउंट नंबर - 30198873179 (आईएफएससी कोड - एसबीआईएन0004286) में जमा कराई जा सकती है। दान राशि यूपीआईआईडी cgcmrelieffund@sbi तथा ऑनलाइन पोर्टल cmrf.cg.gov.in के माध्यम से भी दी जा सकती है।


रायपुर : पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी को आया हार्ट अटैक, हालत स्थिर

रायपुर : पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी को आया हार्ट अटैक, हालत स्थिर

09-May-2020

TNIS

रायपुर : पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी को लेकर एक नई अपडेट आ रही है नई जानकारी के अनुसार अजीत जोगी को आज सुबह हार्ट अटैक आया था जिसके बाद उसे राजधानी के नारायणा अस्पताल में भर्ती किया गया है इससे पहले मीडिया में अलग अलग खबरे आ रही थी किसी मीडिया में जहाँ अजीत जोगी का स्वास्थ्य अचानक बिगड़ने की खबर आ रही थी तो किसी मीडिया में खाना/नास्ता खाने के दौरान श्वास नली में खाना फंसने की खबर आ रही थी लेकिन अभी स्पष्ट खबर आ रही है कि अजीत जोगी को हार्ट अटैक आया था अभी उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है  मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी फोन पर अजीत जोगी की तबीयत का हाल जाना है।

 


मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर 30 हजार करोड़ रूपए का पैकेज शीघ्र स्वीकृत करने का पुनः किया अनुरोध

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर 30 हजार करोड़ रूपए का पैकेज शीघ्र स्वीकृत करने का पुनः किया अनुरोध

09-May-2020

लाॅकडाउन की लंबी अवधि से राज्य में आर्थिक गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित: लाखों परिवारों के सामने आजीविका का संकट

श्री बघेल ने कहा: केन्द्र स्तर से जोनों के निर्धारण में व्यवहारिक कठिनाईयां: आर्थिक गतिविधियों के संचालन का अधिकार मिले राज्यों को

रायपुर : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री   नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर राज्य को आगामी तीन माहों में 30 हजार करोड़ रूपए का पैकेज शीघ्र स्वीकृत करने का पुनः अनुरोध किया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि यदि यह आर्थिक पैकेज स्वीकृत नही किया जाता तो आर्थिक संकट के कारण राज्य के सामान्य काम-काज का संचालन भी संभव नही हो सकेगा। मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में यह भी कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था को पुनः पटरी पर लाने के लिए इस पैकेज में से 10 हजार करोड़ रूपए की आर्थिक सहायता तत्काल दी जानी चाहिए ताकि राज्य स्तर पर ही यह निर्णय लिया जा सके की उद्योगों, व्यवसायों, कामगारों, कृषकों और अन्य गतिविधियों को कितनी-कितनी आर्थिक सहायता दी जाए।

   मुख्यमंत्री  बघेल ने प्रधानमंत्री को पत्र में लिखा है कि देश में कोविड-19 वायरस के संक्रमण के कारण अभूतपूर्व संकट की स्थिति उत्पन्न हुई है। केन्द्र और राज्य सरकारों द्वारा पूर्ण एकजुटता के साथ इस गंभीर आपदा से निपटने के लिए हर संभव प्रयत्न किए जा रहे है। राज्य में 8 मई तक पूर्ण लाॅकडाउन के 48 दिन पूर्ण हो चुके है। अभी भी कोविड-19 वायरस के नए संक्रमितों की संख्या निरंतर बढ़ने से यह प्रतीत होता है कि निकट भविष्य में इस महामारी के पूर्ण नियंत्रित होने अथवा समाप्त होने की संभावनाएं अत्यंत क्षीण है।

   मुख्यमंत्री ने कहा है कि छत्तीसगढ़ राज्य में अभी तक तुलनात्मक रूप से कोरोना वायरस के प्रसार की स्थिति अन्य राज्यों से बेहतर है। राज्य में आपदा से निपटने के लिए संपूर्ण तंत्र को यथासंभव सुदृढ़ किया जा रहा है। लाॅकडाउन की लंबी अवधि के कारण राज्य में सभी प्रकार की आर्थिक गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिससे लाखों परिवारों के सामने आजीविका का संकट उत्पन्न हो गया है। भारत सरकार द्वारा वर्तमान में कोरोना वायरस के संक्रमण की स्थिति को देखते हुए जिलों को रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोनों में विभाजित कर सीमित आर्थिक गतिविधियां आरंभ की गई है।

        मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि भारत सरकार के स्तर से विभिन्न जोनों के निर्धारण में व्यावहारिक कठिनाई यह है कि जोन निर्धारण के तत्काल बाद ग्रीन जोन में नये संक्रमितों के मिलने की पूर्ण संभावना है। ऐसी स्थिति में यदि उसे पुनः रेड जोन में लाया जायेगा तो जो थोड़ी बहुत आर्थिक गतिविधियां आरंभ हुई थी वह पुनः बंद हो जाएंगी। लम्बे इंतजार के बाद एक बार किसी आर्थिक गतिविधि को यदि पुनः बंद किया गया तो उससे असंतोष बढ़ेगा तथा अनिश्चितता की स्थिति बनी रहेगी। वर्तमान में यह अनिश्चितता भी बनी हुई है कि 17 मई के पश्चात लाॅडडाउन के संबंध में क्या स्थिति रहेगी। इन सब अनिश्चितताओं को समाप्त करने के लिए आवश्यकता इस बात की है कि हम सभी संभव सावधानियां बरतते हुए आर्थिक गतिविधियों को क्रमशः आरंभ करें। ऐसी स्थिति में यह उचित होगा कि राज्य के अन्दर विभिन्न आर्थिक गतिविधियां के संचालन करने के संबंध में पूर्ण अधिकार राज्यों को सौंप दिए जाएं।

    मुख्यमंत्री ने यह भी लिखा है कि उनके द्वारा पूर्व में भी यह अनुरोध किया गया है कि यदि राज्य को आगामी 3 माहों में 30 हजार करोड़ रूपए का पैकेज स्वीकृत नही किया गया तो आर्थिक संकट के कारण राज्य के सामान्य काम-काज का संचालन संभव नही हो सकेगा। राज्य की अर्थव्यवस्था को पुनः पटरी पर लाने के लिए उपरोक्त पैकेज में से 10 हजार करोड़ रूपए की आर्थिक सहायता तत्काल दी जाना चाहिए ताकि राज्य स्तर पर ही यह निर्णय लिया जा सके कि उद्योगों, व्यवसायों, कामगारों, कृषकों और अन्य गतिविधियों को कितनी-कितनी आर्थिक सहायता दी जाए।

   मुख्यमंत्री बघेल ने प्रधानमंत्र  मोदी से पुनः अनुरोध किया है कि राज्य द्वारा दिए गए सुझावों पर शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने का कष्ट करें ताकि शीघ्र अति शीघ्र सामान्य जन-जीवन बहाल हो सके।


कोरबा  घर में अकेली महिला से  दुष्कर्म के प्रयास में विफल होने पर मिटटी तेल डालकर जला दिया

कोरबा घर में अकेली महिला से दुष्कर्म के प्रयास में विफल होने पर मिटटी तेल डालकर जला दिया

09-May-2020

कोरबा : छ:त्तीसगढ़ के कोरबा जिले में छेड़छाड़ का विरोध करने से नाराज तीन युवकों ने एक महिला को जलाकर मारने की कोशिश की. महिला को बिलासपुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया है. कोरबा जिले के पुलिस अधिकारियों ने शुक्रवार को यहां बताया कि बांगो थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक गांव में इस महीने की छह तारीख को तीन लोगों ने 27 वर्षीय एक महिला को जलाकर मारने की कोशिश की.

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि छह मई की रात 27 वर्षीय महिला घर में अकेली थी. इस दौरान महिला के पति के पहचान के तीन युवक वहां पहुंचे तथा महिला से छेड़छाड़ करने लगे. महिला ने इसका विरोध किया. इससे आक्रोशित होकर युवकों ने महिला के उपर मिट्टी तेल छिड़ककर आग लगा दी और वहां से फरार हो गए.
कुछ देर बाद महिला का पति वापस लौटा तो उसने तत्काल पानी डालकर आग बुझायी और पत्नी को अस्पताल पहुंचाया. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि महिला 60 प्रतिशत झुलस गई है. अस्पताल में नायब तहसीलदार ने महिला का बयान दर्ज कर लिया है.

बयान के आधार पर पुलिस ने तोनों युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है तथा युवकों से पूछताछ की जा रही है. उन्होंने बताया कि महिला की हालत को देखते हुए उसे बिलासपुर स्थित छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान में भर्ती कराया गया है.

यह पहला मौका नहीं है जब राज्य में इस तरह की वारदात सामने आई है. लगातार महिला अपराध की घटनाएं राज्य में कानून व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रही हैं. कोरबा की इस घटना के बाद से लोगों में काफी आक्रोश है और जनता अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग कर रही है.