जेलों में कोविड-19 संक्रमण से बचाव के हैं पुख्ता इंतजाम

जेलों में कोविड-19 संक्रमण से बचाव के हैं पुख्ता इंतजाम

29-Jun-2020
-  बाहर से आने वाले बंदियों को 30 दिनों तक किया जा रहा क्वारेंटीन
- स्वास्थ्य सचिव के दिशा निर्देश पर जेलों में बरती जा रही विशेष सावधानी
रायपुर. 27 जून,2020। कोविड-19 के संक्रमण की स्थिति को देखते हुए प्रदेश के सभी जेलों में विशेष सावधानी बरती जा रही है। जेल में एंट्री के समय हो या फिर बैरक में कैदियों को रखा जाना, हर चरण पर स्वच्छता और सावधानी रखी जा रही है ताकि पूर्व से जेल में रह रहे कैदी संक्रमित न हों। जेल प्रशासन द्वारा बाहर से आने वाले कैदियों को 30 दिन (अलग-अलग बैरक में ) क्वारेंटीन किया जा रहा है और पुनः मेडिकल जांच के बाद ही उन्हें सामान्य बैरक में भेजा जा रहा है। 
जेल में कोविड संक्रमण ना हो इसे देखते हुए बीते दिनों सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग निहारिका बारिक सिंह ने पुलिस महानिदेशक (जेल) को पत्र लिखकर राज्य के सभी जेलों में अभियोगाधीन (अंडर ट्रायल) या बाहर से लाए गए कैदियों को 14 दिन तक अलग सेल में रखकर क्वारेंटीन किए जाने का निर्देश दिया था। इसे देखते हुए जेल प्रशासन सेंट्रल जेलों में अतिरिक्त व्यवस्था के तहत तीन बैरक बनाकर बाहर से आने वाले कैदियों को क्वारेंटीन कर रही है। यही व्यवस्था सभी जिला जेलों में भी की गई है। 
ऐसी है व्यवस्था- जेल डीआईजी डॉ.के.के. गुप्ता ने बताया कोविड-19 के संक्रमण को देखते हुए एहतियातन उपाय किए हैं। तीन बैरक बनाकर बाहर से आने वाले कैदियों को ( अलग-अलग समय सीमा में अलग- अलग बैरक में ) रखा जा रहा है। इस तरह 30 दिनों तक उन्हें अलग बैरक में रखने के उपरांत उनकी मेडिकल जांच की जाती है। सामान्य होने पर उन्हें सामान्य बैरक में भेजा जाता है। डॉ. गुप्ता के अनुसार बाहर से आने वाले बंदियों की जेल में घुसते समय मे़डिकल ऑफिसर और पैरा मेडिकल स्टाफ द्वारा थर्मल स्कैनिंग हो रही हैI उनकी हिस्ट्री और कांटेक्ट डिटेल और संपूर्ण जानकारी ली जा रही है। इसके बाद उन्हें सुरक्षा दृष्टिकोण से सामान्य नहीं बल्कि अलग बैरक ( सेल) में रखा जाता है। सभी बैरक में लिक्विड सोप, सेनीटाइजर की व्यवस्था है और सभी बंदियों को दो-दो वाशेबल मास्क दिए गए हैं। जेल के अंदर सभी बैरक, गेट, दरवाजों में भी सोडियम हाइपोक्लोराइड का छिड़काव नियमित किया जा रहा।
प्रदेश में इतनी जेल- राज्य में इस समय कुल 33 जेल है। इसमें 5 सेंट्रल जेल (रायपुर, बिलासपुर, जगदलपुर, अंबिकापुर एवं दुर्ग), 12 जिला और 16 उपजेल है। यहां 17000 से अधिक कैदी और बंदी रखे गए हैं। राजधानी रायपुर में कुल 2600 कैदी हैं। जेल प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक कोविड-19 संक्रमणकाल के दौरान प्रदेश भर से लगभग 7000 कैदियों, बंदियों को पैरोल, जिनकी सजा पूरी हो गई हो, अंतरिम जमानत या जमानत पर छोड़ा गया है। 
परिजनों, वकीलों से मुलाकात बंद, है अलग व्यवस्था- प्रदेश के जेलों में कोविड के संक्रमण को देखते हुए घरवालों और वकीलों से मुलाकात बंद है। ऐसे में जेल प्रशासन की ओर से बंदियों के लिए जेल में अलग से परिजनों और वकीलों से कुशलक्षेम जानने के लिए जेलों में प्रिजन कॉलिंग सिस्टम की स्थापना की गई है ताकि बंदी टेलीफोन के माध्यम से अपने परिजनों और अधिवक्ताओं से बात कर सकें। ताकि बाहरी व्यक्तियों से संक्रमण ना फैले और कैदियों, बंदियों को अपने परिजनों और वकीलों से बातचीत भी हो जाए। 
 

बलौदाबाजार : क्वारंटाइन सेंटर छोड़कर भागे 7 लोगों के खिलाफ थाने में एफआईआर

बलौदाबाजार : क्वारंटाइन सेंटर छोड़कर भागे 7 लोगों के खिलाफ थाने में एफआईआर

26-Jun-2020

बलौदाबाजार : पलारी तहसील के ग्राम सीतापार में क्वारंटाइन काल पूर्ण किये बगैर सेन्टर छोड़कर भागे 7 लोगों के विरुद्ध पलारी थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। सरपंच समारूराम ध्रुव की शिकायत पर थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा 188, 34 और महामारी अधिनियम 1897 की धारा 3 के तहत 7 श्रमिकों के विरुद्ध अपराध पंजीबद्घ किया गया है।

सरपंच सीतापार ध्रुव द्वारा दर्ज कराये गए प्रथम सूचना रिपोर्ट के अनुसार देश के विभिन्न हिस्सों में गाँव के अनेक लोग कमाने-खाने गये हुये थे। इनमें से एक जत्था विगत 14 जून को कोरोना से सघन रूप से प्रभावित नागपुर से गांव वापस आया है। उन्हें कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी के निर्देश अनुसार गांव के स्कूल में क्वारंटाइन पर रखा गया था। नियमानुसार कोरोना संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए 14 दिन की क्वारंटाइन अवधि निर्धारित की गई है।  उनके लिए ग्राम पंचायत द्वारा खाने-पीने की सम्पूर्ण व्यवस्था निःशुल्क रूप से की गई थी। दूसरे राज्यों से आने वाले प्रवासी श्रमिक इन नियमों का पालन भी कर रहे हैं। 

लेकिन इनमें से 7 श्रमिक क्वारंटाइन काल बिताए बगैर स्कूल छोड़कर बाहर चले गए। इनमें गांव के ही बुधारूराम बंजारे, लखुराम, राजूराम, दशोदाबाई, रविकुमार ध्रुव, नोमन दास एवं मोंगराबाई शामिल हैं। ये सभी लोग 23 जून की रात में स्कूल की दीवाल फांदकर भाग गए और अपने-अपने घर पहुंच गये। क्वारंटाइन अवधि पूर्ण किये बिना उनके चले जाने से जहाँ एक ओर कलेक्टर के आदेश का उल्लंघन हुआ है, वहीं पूरे गांव में कोरोना फैलने की आशंका बढ़ गई। इसे गंभीरता से लेकर सरपंच ने जागरूकता दिखाते हुए पलारी थाने को सूचना दी और उपरोक्त धाराओं के अंतर्गत एफआईआर दर्ज की गई है।


रायपुर : शहरी गरीब परिवारों के लिए आवास की उपलब्धता सरकार की प्राथमिकता: मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया

रायपुर : शहरी गरीब परिवारों के लिए आवास की उपलब्धता सरकार की प्राथमिकता: मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया

25-Jun-2020

रायपुर : नगरीय प्रशासन और श्रम मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया ने शहरी क्षेत्रों में निवासरत गरीब परिवारों के पात्र हितग्राहियों को प्राथमिकता से आवास उपलब्ध कराने अधिकारियों को निर्देशित किया है। डॉ. डहरिया ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की मंशानुरूप नगरीय निकायों में रहने वाले गरीब परिवार को ‘मोर जमीन, मोर मकान’, ‘मोर आवास, मोर चिन्हारी’ और ‘स्वास्थने झुग्गी बस्ती पुनर्विकास’ जैसी अनेक योजनाओं के तहत सस्ते दर पर मकान उपलब्ध कराया जा रहा है। शासन द्वारा संचालित इन योजनाओं के तहत  गरीब परिवारों के लिए 76 हजार से अधिक मकानों का निर्माण पूर्ण कर लिया गया है, वहीं दो लाख 47 हजार से अधिक  मकानों का निर्माण कार्य जारी है।

    मंत्री डॉ. डहरिया ने बताया कि मोर जमीन, मोर मकान योजना के तहत हितग्राही को स्वयं की भूमि पर अधिकतम् 30 वर्गमीटर तक आवास निर्माण के लिए शासन द्वारा चार किश्तों में दो लाख 29 हजार रूपए का अनुदान प्रदान किया जा रहा है। योजना के तहत एक लाख 60 हजार मकान बनाने का लक्ष्य है। अब तक एक लाख 61 हजार 989 मकान निर्माण की स्वीकृति दी गई है, जिसमे 57 हजार 104 मकानों को निर्माण पूर्ण हो चुका है ऐसे शेष मकानों का निर्माण प्रगति पर है।

    इसी तरह मोर आवास, मोर चिन्हारी योजना के तहत हितग्राही जिनके पास शहर में पक्का मकान नहीं है और वह स्लम में निवास करते है। ऐसे हितग्राहियों को ईडब्ल्यूएस भूमि पर बहुमंजिला बिल्डिंग मंे 30 वर्गमीटर का आवास निर्माण का प्रदान किया जा रहा है। इसके लिए हितग्राहियों के अंशदान की राशि 75 हजार रूपए हैं। इस योजना के तहत एक लाख हितग्राहियों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य है। 65 हजार 783 मकानों की स्वीकृति प्रदान कर छह हजार 50 मकानों को निर्माण पूर्ण कर लिया गया है और शेष मकानों का निर्माण कार्य प्रगति पर है।

    उन्होंने बताया कि इसी तरह स्वास्थाने झुग्गी बस्ती पुनर्विकास योजना के तहत स्थायी स्लम की भूमि को संसाधन के रूप में उपयोग करते हुए पीपीपी मोड पर उसी भूमि में बहुमंजिला फ्लैट कर हितग्राहियों को आवास प्रदान करने का प्रावधान किया गया है। इस योजना के तहत लगभग छह हजार मकानों के लिए स्वीकृति प्रदान की गई है। साथ ही क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम के तहत ईडब्ल्यूएस, एलआईजी और एमआईजी वर्ग के हितग्राहियों को शासन द्वारा आवास निर्माण के लिए ऋण लेने पर तीन से छह प्रतिशत (लगभग 2.30 लाख) रूपए तक ऋण अनुदान प्रदान किया जा रहा हैै। योजना के तहत 13 हजार 300 मकानों के निर्माण की स्वीकृति मिली है। इसमंे से 12 हजार 7751 मकानों का निर्माण पूर्ण हो चुका हैं, बाकि का कार्य प्रगति पर है।     


रायपुर : ओड़िसा से गांजा भरकर आ रही थी ट्रक, पुलिस ने चेकिंग में पकड़ी, 6 लोग गिरफ्तार, एक करोड़ का है गांजा

रायपुर : ओड़िसा से गांजा भरकर आ रही थी ट्रक, पुलिस ने चेकिंग में पकड़ी, 6 लोग गिरफ्तार, एक करोड़ का है गांजा

25-Jun-2020

रायपुर : मुखबिर की सूचना के आधार पर आज रायपुर पुलिस ने शहर की ओर आ रही गांजे से भरे ट्रक को पकड़ा है मिली जानकारी के अनुसार मुखबिर से सूचना मिलने के बाद पुलिस सचेत हो गई थी इसी दौरान आज सुबह मलकानगिरी से गांजा लेकर सिमगा जा रहे एक ट्रक को माना मोड़ के पास  रूकवाकर तलाशी ली गई जिसमें भारी मात्रा में गांजा भरा हुआ था गांजे की कीमत 1 करोड़ रुपए आंकी गई है पुलिस ने 6 आरोपियों को हिरासत में लिया है सभी ओडिशा के रहने वाले हैं ।   


मुख्यमंत्री ने बटन दबाकर ग्राम सकरी में लगभग 127 करोड़ रूपए की लागत से निर्मित संयंत्र जनता को समर्पित किया

मुख्यमंत्री ने बटन दबाकर ग्राम सकरी में लगभग 127 करोड़ रूपए की लागत से निर्मित संयंत्र जनता को समर्पित किया

24-Jun-2020

रायपुर :  मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज रायपुर नगर निगम द्वारा निर्मित छत्तीसगढ़ के वृहद ठोस अपशिष्ट प्रसंस्करण संयंत्र का अपने रायपुर निवास कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ई-लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने बटन दबाकर ग्राम सकरी में लगभग 127 करोड़ रूपए की लागत से निर्मित संयंत्र जनता को समर्पित किया। छत्तीसगढ़ के इस सबसे बड़े ठोस अपशिष्ट प्रसंस्करण संयंत्र में रोज 500 टन कचरे का वैज्ञानिक पद्धति से निपटान किया जाएगा। इस पूरी परियोजना की लागत 197 करोड़ रूपए है। यह संयंत्र पीपी माडल पर कार्य करेगा। इस संयंत्र में कचरे से खाद बनेगी तथा सीमेंट कारखानों के लिए सहायर्क इंधन भी मिलेगा। इस संयंत्र में 6 मेगावाट बिजली उत्पादन भी प्रस्तावित है। 15 साल की इस परियोजना पर नगर निगम रायपुर और नई दिल्ली की एम एस डब्ल्यू साल्यूशन लिमिटेड मिलकर काम कर रहे हैं। परियोजना में हर घर और दुकान से डोर-टू-डोर कचरे का संग्रहण, परिवहन, प्रोसेसिंग और डिस्पोजल की व्यवस्था की गई है।

   शुभारंभ कार्यक्रम को मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने रानी दुर्गावती को उनके बलिदान दिवस पर नमन करते हुए कहा कि रायपुर नगर निगम क्षेत्र में आज छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन संयंत्र जनता को समर्पित किया जा रहा है। इस संयंत्र में 500 टन कचरे का प्रतिदिन निपटान होगा। इस संयंत्र के लोकर्पण के बाद छत्तीसगढ़ भारत का ऐसा पहला राज्य बन जाएगा, जहां किसी शहर में उत्सर्जित कचरे का शत प्रतिशत निपटान वैज्ञानिक तरीके से किया जाएगा। श्री बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ के रायपुर और बिलासपुर शहरों में एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली से एवं शेष नगरीय निकायों में मिशन क्लीन सिटी तथा स्वच्छता दीदीयों के माध्यम से प्रतिदिन 1600 टन कचरे का निपटान किया जाता है। राज्य सरकार स्वच्छ छत्तीसगढ़ की परिकल्पना को पूर्ण करते हुए सभी शहरों में कचरे के वैज्ञानिक निपटान के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि कोरोना संकट के दौरान गांव के साथ शहरों में नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और कर्मचारियों ने अपने कर्तव्य का बखूबी निर्वहन किया, लेकिन खतरा अभी टला नही है सावधानी अभी जरूरी है। बारिश के मौसम के साथ नाले एवं नालियों की साफ-सफाई आदि कार्य आवश्यक है। 

इस कार्य के लिए राज्य सरकार शहरी क्षेत्रों में प्राथमिकता से कार्य कर रही है। राज्य सरकार पौनी पसारी योजना, शहरी गरीबों को पट्टा देने, पुराने पट्टों का नियमितिकरण और मालिकाना हक देने का कार्य कर रही है। छत्तीसगढ़ के नगरीय क्षेत्र में साफ-सफाई के लिए एक महत्वपूर्ण कदम आप सब ने उठाया है। जितने भी कर्मचारी इस कार्य में लगे हैं उनको बधाई और शुभकामनाएं।

 इस अवसर पर मुख्यमंत्री निवास पर कृषि एवं जल संसाधन मंत्री श्री रविन्द्र चौबे, नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ.शिवकुमार डहरिया, राज्यसभा सांसद श्रीमती छाया वर्मा, मुख्य सचिव श्री आर.पी. मण्डल, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू, सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी और नगरीय प्रशासन विभाग की सचिव श्रीमती अलरमेल मंगई डी. सहित वरिष्ठ अधिकारी और सकरी स्थित संयंत्र स्थल पर लोक सभा सांसद श्री सुनील सोनी, विधायक सर्वश्री सत्यनारायण शर्मा, विकास उपाध्याय, नगर निगम रायपुर के महापौर श्री एजाज ढेबर, सभापति श्री प्रमोद दुबे, एमआईसी सदस्य खाद्य श्री नागभूषण राव सहित नगर निगम के अनेक पार्षद, नगर निगम रायपुर के आयुक्त श्री सौरभ कुमार सहित अनेक अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।

राजधानी रायपुर को साफ सुथरा रखने के लिए एक केंद्रीकृत तंत्र की आवश्यकता को देखते हुए तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2016 और एनजीटी के निर्देशों के तहत नगर पालिक निगम रायपुर और दिल्ली की एम एस डब्ल्यू साल्यूशन लिमिटेड के बीच शहर की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए एकीकृत ठोस अपशिष्ट योजना के क्रियान्वयन हेतु 22 फरवरी 2018 को अनुबंध किया गया। जिसमें संस्था द्वारा प्रत्येक आवासीय एवं वाणिज्यिक संस्थानों से डोर टू डोर कचरा संग्रहण परिवहन और कचरे की प्रोसेसिंग और डिस्पोजल तक का कार्य किया जाएगा। यह छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा प्लांट है, जिसमें प्रतिदिन 500 टन कचरे का  निष्पादन किया जाएगा। प्लांट परिसर में पर्यावरण प्रदूषण की रोकथाम हेतु किए गए वृहद वृक्षारोपण से वातावरण को स्वच्छ एवं सुंदर बनाया जा रहा है। यह प्लांट शहर को कचरे की समस्या से निजात दिलाएगा। प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित होने से स्वच्छ भारत मिशन अभियान के तहत स्वच्छता सर्वेक्षण में रायपुर नगर के स्वच्छता रैंकिंग में सुधार होगा। कचरे के वैज्ञानिक पद्धति से प्रसंस्करण से प्रदूषण पर नियंत्रण होगा। डोर-टू-डोर कलेक्शन में लगी गाड़ियों के माध्यम से घरों एवं दुकानों से कचरा कलेक्शन के साथ ही वाहन पर लगे स्पीकर से स्वच्छता संदेश स्लोगन तथा मुनादी संदेश जैसे पीलिया, डेंगू, मलेरिया आदि बीमारियों के रोकथाम के उपाय और अन्य सूचना का प्रचार-प्रसार भी किया जाता है। इस परियोजना की अवधि 15 वर्ष की होगी और पीपीपी मोड पर कार्य होगा।

    सम्पूर्ण परियोजना पर शासन द्वारा चरणबद्ध तरीके से 20 करोड़ रूपए अनुदान के रूप में उपलब्ध कराया जा रहा है। संस्था द्वारा नगर में 14 अप्रैल 2018 से कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। वर्तमान स्थिति में संस्था द्वारा सभी 70 वार्डो से डोर टू डोर कचरा संग्रहण परिवहन का कार्य किया जा रहा है। इस कार्य में कंपनी की 220 टाटा एस गाड़ियां, 29 पोर्टेबल कम्पेक्टर एवं 6 हुक लिफ्टर, 4 रिफ्यूज कम्पेक्टर, 6 टिप्पर, 2 जेसीबी को लगाया गया है। सभी डोर टू डोर गाड़ियां 9 ट्रांसफर स्टेशन में आती है और वहां स्थित पोर्टेबल कम्पेक्टर में गाड़ी खाली करती है। जिन्हें बाद में बड़े हुक लिफ्टर की मदद से प्रोसेसिंग प्लांट सकरी में ले जाया जाता है। इसके साथ ही कंपनी को 67 एकड़ की जमीन भी 15 साल की लैंड लीज समझौते के तहत दी गई है। संस्था द्वारा विधिवत परियोजना के अनुरूप प्रोसेसिंग प्लांट और साइंटिफिक लैंडफिल का कार्य किया गया। इस प्रोसेसिंग प्लांट में 75 एमएम 2 ट्रामेल, 25 एमएम के दो ट्रामेल और 4 एमएम के 2 ट्रामेल, वृहद आकर के निर्मित शेड के नीचे लगाया गया है। जो कि है ट्रिपिंग फ्लोर है। संग्रहण किए गए कूड़े को लिफ्ट मशीन की मदद से ट्रामेल में डाल कर पृथक किया जाएगा, 75 एमएम से अधिक के सूखा कचरा से आरडीएफ बनाकर उसे सीमेंट फैक्ट्री को भेजा जाएगा।

 ट्रामेल में पृथक हुआ गीला कचरा विडरोेज में रखा जाएगा। जहां पर ढेर बनाकर कर उसे 28 दिनों तक काम्पोस्टिंग के लिए रखा जाएगा। जिसमें नमी और तापमान सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे इसके कंपोस्ट बनने की प्रक्रिया में तेजी आएगी। इसके बाद पुनः उस गीले कचरे को 25 एमएम और 4 एमएम की ट्रामेल में प्रोसेस किया जाएगा और अंततः खाद के रूप में अंतिम उत्पाद मिलेगा। राम की शक्ति के नाम से संस्था द्वारा खाद उत्पाद तैयार कर विभिन्न फर्टिलाइजर कंपनियों को विक्रय किया जाएगा। इस उत्पाद खाद को आसपास के किसानों को भी बागवानी एवं खेती के लिए इस खाद का विक्रय किया जा सकता है।

इस प्रोसेसिंग प्लांट की निकलने वाले आरडीएफ लगभग 300 मीट्रिक टन प्रतिदिन होगा। जिसका उपयोग संस्था द्वारा अनुबंधित सीमेंट कारखाना या अन्य औद्योगिक संस्थानों में सहायक ईंधन के रूप में किया जाएगा। इस प्रोसेसिंग कार्य के उपरांत कुड़े से बचे हुए करीब 15 से 20 प्रतिशत रिजेक्ट कूड़ा को जिसका कोई उपयोग नहीं होता, उसे साइंटिफिक लैंडफिक में एकत्र किया जाएगा और वैज्ञानिक पद्धति अनुरूप इसका निष्पादन किया जाएगा। कूड़े से निकलने वाले लीचेट को लीचेट ट्रीटमेंट प्लांट में प्रोसेस कर ट्रिटेड वाटर का उपयोग प्लांट परिसर के भीतर बागवानी एवम ग्रीन बेल्ट मशीनरी तथा फ्लोर धोने के लिए उपयोग किया जाएगा। इस योजना में ठोस अपशिष्ट में विद्युत उत्पादन करने हेतु 6 मेगावाट के विद्युत उत्पादन संयत्र का प्रावधान भी किया गया है। यह छत्तीसगढ़ का प्रथम ठोस अपशिष्ट से विद्युत उत्पादन का संयंत्र होगा।


रायपुर : स्वास्थ्य विभाग ने 7 जून को इंडिगो के 6जी-2757 और 10 जून को विस्तारा के यूके-797 विमान से दिल्ली से रायपुर लौटे यात्रियों से क्वारेंटाइन में रहने की अपील की

रायपुर : स्वास्थ्य विभाग ने 7 जून को इंडिगो के 6जी-2757 और 10 जून को विस्तारा के यूके-797 विमान से दिल्ली से रायपुर लौटे यात्रियों से क्वारेंटाइन में रहने की अपील की

23-Jun-2020

रायपुर : स्वास्थ्य विभाग ने 7 जून को इंडिगो की विमान संख्या 6जी-2757 (6G-2757) और 10 जून को विस्तारा के यूके-797 (UK-797) विमान से दिल्ली से रायपुर आए यात्रियों से क्वारेंटाइन में रहने की अपील की है। इन दोनों विमानों में यात्रा करने वाले एक-एक यात्री कोविड-19 से पीड़ित पाए गए हैं। विभाग ने रायपुर के अलावा किसी अन्य एयरपोर्ट पर उतरकर ट्रेन, बस या अन्य साधनों से छत्तीसगढ़ पहुंचने वाले यात्रियों से भी क्वारेंटाइन में रहने की अपील की है।

स्वास्थ्य विभाग ने यात्रियों से खुद के एवं जन स्वास्थ्य की सुरक्षा की दृष्टि से अन्तर्राज्यीय यात्रा से आए यात्रियों से पेड-क्वारेंटाइन के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करते हुए 14 दिनों तक क्वारेंटाइन में रहने कहा है। साथ ही व्यक्तिगत सुरक्षा की दृष्टि से पेड-क्वारेंटाइन के बाद 14 दिनों तक होम-क्वारेंटाइन में जरूर रहें। होम-क्वारेंटाइन के दौरान ऐसे व्यक्ति अपने घर के एक ही कमरे तक सीमित रहें। क्वारेंटाइन में रह रहे व्यक्ति को घर का एक ही सदस्य मास्क लगाकर पूरी सावधानी बरतते हुए जरूरी समान प्रदान करें।

विभाग ने क्वारेंटाइन में रह रहे व्यक्ति को अन्य लोगों के संपर्क में आने से बचने कहा है। क्वारेंटाइन के दौरान यदि बुखार, खांसी या सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण दिखाई दें, तो ऐहतियात के तौर पर अपने नजदीकी सरकारी अस्पताल में संपर्क कर अपनी प्रारंभिक जांच करवाएं एवं अपने संबंध में पूरी जानकारी दें। किसी भी प्रकार की समस्या और शंका के समाधान के लिए अपने जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी या टोल-फ्री नंबर 104 पर संपर्क कर सूचित करें।


रायपुर : खमतराई में मिला कोरोना पॉजिटिव : कंटेंटमेंट जोन में सभी प्रकार के वाहनों के आवागमन पर लगा प्रतिबंध

रायपुर : खमतराई में मिला कोरोना पॉजिटिव : कंटेंटमेंट जोन में सभी प्रकार के वाहनों के आवागमन पर लगा प्रतिबंध

23-Jun-2020

रायपुर : भारत सरकार, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग तथा छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जारी गाईडलाईन अनुसार जिला रायपुर में नगर पालिक निगम रायपुर अंतर्गत खमतराई,थाना खमतराई में 01नया कोरोना पॉजिटिव केस पाये जाने के फलस्वरुप उक्त क्षेत्र को कन्टेनमेंट जोन घोषित किया गया है। अपर कलेक्टर ने उक्त कंटेंटमेंट जोन के उत्तर-पूर्व में सोलपुरी मंदिर,उत्तर-पश्चिम मे सोलपुरी माता स्वागत द्वार और दक्षिण में रास्ता पूर्णतः बंद है,को कंटेनमेंट जोन घोषित किया है।

इस कन्टेनमेंट जोन में प्रवेश अथवा निकास हेतु केवल 01 द्वार होगा। जिसमें तैनात पुलिस अधिकारी, फिजिकल डिस्टेंसिग सुनिस्चित करते हुए मेडिकल इमरजेंसी और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति हेतु आवागमन करने वाले सभी व्यक्तियों का विवरण एक रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा। कन्टेनमेंट जोन अंतर्गत सभी दुकानें, ऑफिस एवं अन्य वाणिज्यिक प्रतिष्ठान आगामी  आदेश पर्यन्त पूर्णतः बंद रहेंगें। प्रभारी अधिकारी द्वारा कन्टेनमेंट जोन में होम डिलीवरी के माध्यम से आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति उचित दरों पर सुनिश्चित की जाएगी। आवश्यक वस्तुओं की होम डिलीवरी हेतु विधिवत परिवहन अनुमति इंसीडेंट कमांडर द्वारा दी जाएगी। कन्टेनमेंट जोन अंतर्गत सभी प्रकार के वाहनों के आवागमन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। मेडिकल इमरजेंसी को छोड़कर अन्य किन्हीं भी कारण से कन्टेनमेंट जोन या मकान के बाहर निकलना प्रतिबंधित रहेगा। केवल मेडिकल इमरजेंसी की दशा में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी रायपुर के द्वारा पास जारी कर इंसीडेंट कमांडर को सूचित किया जावे।  

आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में संलग्न व्यक्ति फिजिकल डिस्टेंसिग तथा सेनिटाईजेशन सुनिश्चित करते हुये कन्टेनमेंट जोन में प्रवेश कर सकेंगें। अन्य किसी भी व्यक्ति को कन्टेनमेंट जोन से बाहर निकलना अथवा अन्दर आना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। कन्टेनमेंट जोन में उपरोक्तानुसार लॉकडाउन का कड़ाई से पालन कराने हेतु संबंधित थाना प्रभारी उत्तरदायी होगे।कन्टेनमेंट जोन में शासन की गाईडलाईन अनुसार व्यवस्था बनाये रखने हेतु वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, रायपुर के द्वारा आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जावेगी।जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा संबंधित क्षेत्र में शासन के निर्देशानुसार कान्टेक्ट ट्रेसिंग, स्वास्थ्य निगरानी तथा सैम्पल की जांच इत्यादि आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित की जायेगी।

कंटेंटमेंट जोन में प्रवेश अथवा निकास हेतु केवल 01 द्वार की व्यवस्था बेरिकेटिंग के लिए श्री आर के गौड़, कार्यपालन अभियंता, लोकनिर्माण विभाग, संभाग-01, रायपुर मो.नं. 85180-91594, लोक निर्माण विभाग की मांग अनुसार बैरिकेडिंग हेतु बांस-बल्ली की आपूर्ति हेतु श्री विश्वनाथ मुखर्जी, उप वनमंडलाधिकारी रायपुर वनमंडल, रायपुर 90092-40000, कंटेंटमेंट जोन में सेनिटाइजेशन तथा आवश्यक वस्तुाओ की आपूर्ति व्यवस्था हेतु श्री नेतराम चंद्राकर,जोन आयुक्त,जोन क्रमांक-01, रायपुर, मो नं.  98262-32214 घरो का एक्टिव सर्विलांस, स्वास्थ्य टीम को एसओपी अनुसार दवा, मास्क, पीपीई इत्यादी उपलब्ध कराने एवं बायोमेडिकल अपशिष्ट प्रबंधन हेतु श्रीमति मीरा बघेल मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, रायपुर मो.नं. 94255-16797, उपरोक्त दर्शित क्षेत्र में आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सहित अन्य समस्त आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने हेतु इंसीडेंट कमांडर श्रीमती पूनम शर्मा, डिप्टी कलेक्टर एवं अनुविभागीय दण्डाधिकारी रायपुर मो.नं. 94242-34044 भारत सरकार एवं राज्य शासन के द्वारा समय-समय पर जारी गाईड लाईन अनुसार कंटेंटमेंट जोन में लाकडाउन का कडाई से पालन सुनिश्चत करने हेतु श्री रमाकांत साहू,थाना प्रभारी,थाना खमतराई, रायपुर मो.नं. 94791-91003 को नियुक्त किया गया है।


पीएल पुनिया से सवाल भाजपा किस मुँह से पूछ रही है जबकि कोरोना महामारी का खुला उल्लंघन खुद किया

पीएल पुनिया से सवाल भाजपा किस मुँह से पूछ रही है जबकि कोरोना महामारी का खुला उल्लंघन खुद किया

21-Jun-2020

पहले बताये पूर्वमंत्री बृजमोहन अग्रवाल के बंगले में हजारो कार्यकर्ता क्यो जमा थे

क्या केंद्र सरकार ने भाजपा के पूर्वमंत्री का जन्मदिन कोरोना महामारी के समय मनाने का आदेश दिया था

पूर्व मंत्री के जन्मदिन कार्यक्रम के बाद ही कोरोना महामारी तेजी से पूरे प्रदेश में फैल गया


रायपुर/21जून 2020। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता विकास तिवारी में भारतीय जनता पार्टी के द्वारा कांग्रेस प्रभारी पीएल पुनिया के दौरे पर किये गये सवाल का जवाब देते हुए कहा कि पहले भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश इकाई को यह बताना चाहिए कि कोरोना महामारी के समय पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर  खाद्य वितरण कार्यक्रम के दौरान फिजिकल डिस्टेंस का उल्लंघन क्यो किया और जबकि पूरे प्रदेश में पूरे देश में धारा 144 लागू थी तब पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह भारतीय जनता पार्टी के कार्यक्रमों में शिरकत क्यों किये वहीं दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी के पूर्व कृषि मंत्री  बृजमोहन अग्रवाल के  मई जन्मदिन पर उनके सरकारी आवास में सुबह से लेकर देर रात तक कार्यकर्ताओं का जमावड़ा था पूरे प्रदेश से हजारों कार्यकर्ताओं को जन्मदिन की बधाई देने के लिए उपस्थित थे जबकि उस समय पूरे देश में धारा 144 लागू थी और महामारी अधिनियम भी लागू किया गया था बावजूद छत्तीसगढ़ राज्य के हजारों कार्यकर्ता पूर्व कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल को जन्मदिन की बधाई देने के लिए उनके सरकारी बंगले पर पहुंचे थे जहां पर ना तो फिजिकल डिस्टेंस का पालन किया गया और ना ही सभी कार्यकर्ता मास्क लगाए हुए थे इसी  दो कार्यक्रम के बाद प्रदेश में कोरोना महामारी का तेजी से फैलाव हुआ उसके पीछे इस कार्यक्रम को भी शंका के घेरे से देखा जा रहा है।
कांग्रेस प्रवक्ता विकास तिवारी ने कहा कि आपसी गुटबाजी के कारण प्रदेश भाजपा इकाई पूरी तरीके से खात्मे की कगार पर है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सुशासन के कारण पूरे प्रदेश में रामराज्य कायम है जिसके कारण भारतीय जनता पार्टी को किसी भी प्रकार का मुद्दा नहीं मिल पा रहा है इस कारण वह ध्यान भटकाने के लिए और मीडिया में सुर्खियां बटोरने के लिए मुद्दे तो उठाती है लेकिन अपने पूर्व मुख्यमंत्री और अपने पूर्व मंत्री के द्वारा किए गए पूर्णा महामारी अधिनियम का खुला उल्लंघन पर कोई जवाब नहीं देती है।

विकास तिवारी
प्रवक्ता
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी

 


रायपुर : छत्तीसगढ़ में किसी भी तरह के माफिया को बर्दाश्त नही किया जाएगा

रायपुर : छत्तीसगढ़ में किसी भी तरह के माफिया को बर्दाश्त नही किया जाएगा

20-Jun-2020

रायपुर : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में किसी भी तरह के माफिया को बर्दाश्त नही किया जाएगा। उन्होंने रेत सहित अन्य सभी तरह के माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारियों को दिए है।

 मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने धमतरी जिले में रेत माफियाओं द्वारा की गई मारपीट की घटना को गंभीरता से लेते हुए धमतरी जिला प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों को नियमानुसार सख्त से सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए है। सीएम बघेल ने कड़े शब्दों में कहा है कि पूरे प्रदेश में चाहे वह रेत का मामला हो या अन्य किसी भी तरह के माफिया को बर्दाश्त नही किया जाएगा, ऐसे प्रकरण संज्ञान में आने पर उनके विरूद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।


राजनांदगांव : पारिवारिक विवाद में जवान ने पत्नी को गोली मारकर खुद को भी मारी गोली, दोनों की मौत

राजनांदगांव : पारिवारिक विवाद में जवान ने पत्नी को गोली मारकर खुद को भी मारी गोली, दोनों की मौत

20-Jun-2020

राजनांदगांव जिले के नक्सल प्रभावित मानपुर थाना क्षेत्र में एक जवान ने अपनी पत्नी की गोली मारकर हत्या कर दी उसके बाद खुद को गोली मारकर ख़ुदकुशी कर ली है। मृतक जवान की पहचान मुकेश मनहर के रूप में हुई है सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार पारिवारिक विवाद के चलते जवान ने पहले अपनी पत्नी को गोली मारी फिर खुद को, गोलियों की आवाज सुनते ही थाना परिसर में अफरातफरी मच गई। जवान मानपुर थाना क्षेत्र के कैम्प में तैनात था घटना की पुष्टि एएसपी जीएन बघेल ने की है। इसकी जाँच पुलिस कर रही है ।

जवान ने पत्नी की हत्या के बाद की ख़ुदकुशी, घरेलू विवाद की वजह से मारी गोली


छत्तीसगढ़ में शुरू हुई मुख्यमंत्री सुगम सड़क योजना : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने किया योजना का शुभारंभ

छत्तीसगढ़ में शुरू हुई मुख्यमंत्री सुगम सड़क योजना : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने किया योजना का शुभारंभ

19-Jun-2020

रायपुर : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज यहां अपने निवास कार्यालय में  मुख्यमंत्री सुगम सड़क योजना का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री सुगम सड़क योजना के माध्यम से प्रदेश के सभी शासकीय भवन और सार्वजनिक स्थलों तक पहुंचना अब आसान होगा। इस योजना से प्रदेश भर के ऐसे सभी शासकीय शालाएं, चिकित्सालय, कॉलेज, आंगनबाड़ी भवन, उचित मूल्य की दुकानों और अन्य शैक्षणिक संस्थाएं जो अभी तक मुख्य मार्गो से पक्की सड़क द्वारा नही जुड़ी हुई थीं, वे सभी पक्के एवं बारहमासी मार्ग से जुड़ेगं। इस अवसर पर गृह एवं लोक निर्माण मंत्री ताम्रध्वज साहू उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सुगम सड़क योजना का शुभारंभ करते हुए कहा कि आज का दिन महत्वपूर्ण है, हमारे राष्ट्रीय नेता श्री राहुल गांधी का जन्मदिन है, परंतु भारत चीन की सीमा पर लद्दाख में शहीद हुए जवानों की याद में आज सेवा का कार्य करना है। हमारे कार्यकर्ता सेवा कार्य में लगे हुए हैं। कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए लोगों को मास्क और मरीजों को फल वितरित कर रहे हैं।  

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि इस योजना के तहत सार्वजनिक स्थल जैसे हाट बाजार, मेला स्थल, धान संग्रहण केंद्र, श्मशान घाट जैसे अनेक महत्वपूर्ण सार्वजनिक उपयोग के केंद्र जो बारहमासी सड़कों से नहीं जुड़े हैं, वहां आने-जाने में जनसामान्य को असुविधा होती है। ऐसे सभी सार्वजनिक स्थल तथा भवन को प्राथमिकता के आधार पर लोक निर्माण विभाग द्वारा बारहमासी पहुंच मार्ग का निर्माण कर जोड़ा जाएगा । इससे शासकीय भवनों और सार्वजनिक स्थलों तक पहंुुचने में लोगों को काफी सहुलियत मिलेगी।  

लोक निर्माण विभाग द्वारा इस योजना के अंतर्गत इस वर्ष 200 करोड़ रुपए के 1116 कार्य कराए जाएंगे। इस अवसर पर मुख्य सचिव आर.पी. मंडल, मुख्यमंत्री के अपर सचिव सुब्रत साहू, लोक निर्माण विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी, मुख्य अभियंता लोक निर्माण विभाग वी. के. भतपहरि, प्रधान मुख्य वन संरक्षक राकेश चतुर्वेदी, मुख्यमंत्री सचिवालय में उप सचिव सुश्री सौम्या चौरसिया सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।


रायगढ़ : एक और हाथी की मौत, कटहल के पेड़ के नीचे मिला शव

रायगढ़ : एक और हाथी की मौत, कटहल के पेड़ के नीचे मिला शव

18-Jun-2020

रायगढ़ जिले के धर्मजयगढ ब्लॉक के बेहरमार डिवीज़न में आज सुबह एक हाथी का शव बरामद हुआ है बताया जा रहा है कि बीती रात वह छाल रेंज के बेहरामार गाँव के किनारे  विचरण कर रहा था. इसकी सूचना पाते ही वन विभाग की टीम घटना स्थल पर पहुंचकर पूरे मामले की जांच में जुट गई है. हाथी का शव कटहल के पेड़ के नीचे मिला है जिससे अंदेशा लगाया जा रहा है कि कटहल खाते हुए उसकी मौत हुई होगी बता दें कि प्रदेश में दो हफ्तों के अंदर छह हाथियों की मौत हो चुकी है. 


रायपुर : उचित मूल्य की दुकानों के कांटाबांट और इलेक्ट्रानिक वेट मशीनों का होगा सत्यापन

रायपुर : उचित मूल्य की दुकानों के कांटाबांट और इलेक्ट्रानिक वेट मशीनों का होगा सत्यापन

17-Jun-2020

रायपुर : खाद्य मंत्री श्री अमरजीत भगत ने आज मंत्रालय में आयोजित बैठक में राज्य की सभी उचित मूल्य की दुकानों के कांटाबांट और इलेक्ट्रानिक वेट मशीनों का सत्यापन करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। श्री भगत ने कहा कि शहरी क्षेत्रों और जहां से तौल में गड़बड़ी की शिकायतें आ रही हैं, उन स्थानों की दुकानों का पहली जांच की जाए। श्री भगत ने बारिश शुरू होने के पहले राज्य के दुर्गम क्षेत्रों की उचित मूल्य की दुकानों में पर्याप्त मात्रा में खाद्यान्न भण्डारण के निर्देश दिए। श्री भगत ने कहा कि राज्य के सभी राशन कार्डधारी परिवारों के सदस्यों का आधार कार्ड लिंकिंग का कार्य शीघ्र पूरा किया जाए।

उन्होंने कहा कि राशन कार्ड में शत्-प्रतिशत आधार लिंकिंग हो जाने से राज्य की किसी भी स्थान के उचित मूल्य के दुकानों से खाद्यान्न लिया जा सकता है। यदि राज्य का कोई परिवार अपने निवास  राज्य के ही किसी अन्य शहर या गांव में जाता है, तो उसे वहीं पर राशन कार्ड के माध्यम से खाद्यान्न लेने की सुविधा मिलेगी। श्री भगत ने राज्य के सभी उचित मूल्य की दुकानों में मूल्य सूची लगाने एवं दुकानों के सामने रंग-रोगन कराने के भी निर्देश दिए। श्री भगत ने कहा कि राज्य के सभी उचित मूल्य के दुकानों में तिरंगा कलर से पुताई करने का निर्देश भी दिए गए हैं। श्री भगत ने अन्य प्रदेशों से आ रहे श्रमिकों को निःशुल्क चावल 30 जून तक उपलब्ध कराने कहा है।

खाद्य विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने बताया कि राज्य के उचित मूल्य की दुकानों में शक्कर, नमक, चना, गुड़ और चावल का पर्याप्त आंबटन जारी किया गया है। दुर्गम क्षेत्रों के लगभग 90 प्रतिशत दुकानों में खाद्यान्न भण्डारण किया जा चुका है। राशन कार्डों में आधार लिंकिंग का काम भी पूर्णतः की ओर है। राज्य के 10 हजार 444 उचित मूल्य की दुकानों में रंग-रोगन हो चुका है और 572 दुकानों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जा चुके हैं। अन्य प्रदेशों से आए प्रवासी व्यक्तियों, श्रमिकों जिनके पास राशन कार्ड नहीं है, उन्हें आत्मनिर्भर भारत योजना के तहत निःशुल्क चावल एवं चना दिया जा रहा है।

अब तक 44 हजार 944 परिवारों के एक लाख 3 हजार 204 सदस्यों का पंजीयन किया जा चुका है और उन्हें प्रति सदस्य माह मई और जून का 5-5 किलो प्रति सदस्य चावल एवं एक-एक किलो चना प्रति कार्ड उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से दिया जा रहा है। खरीफ विपणन वर्ष 2019-20 में 18.38 लाख किसानों से 83.94 लाख टन धान समर्थन मूल्य पर खरीदा गया है। उपार्जित धान का मिलर एवं परिवहनकर्ताओं के माध्यम से अब तक 99.40 प्रतिशत धान का उठाव किया जा चुका है। खाद्य विभाग, भारत सरकार द्वारा भारतीय खाद्य निगम में केन्द्रीय पूल के अंतर्गत चावल 24 लाख टन से बढ़ाकर 28.01 लाख टन की गई है। इससे 41.32 लाख टन धान का निराकरण संभव हो सकेगा। अभी तक भारतीय खाद्य निगम द्वारा 13.12 लाख टन चावल का उपार्जन किया जा चुका है और शेष चावल का उपार्जन सितम्बर 2020 तक किया जाएगा। इसके अलावा नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा 22.66 लाख टन चावल का उपार्जन किया जा चुका है।

 बैठक में एम.डी. नान श्री निरंजन दास, एम.डी. वेयरआउस श्री एलेक्स पाल मेनन, एम.डी. मार्कफेड श्री अंकित आनंद, खाद्य विभाग के विशेष सचिव श्री मनोज सोनी एवं नियंत्रक नापतौल श्रीमती शिखा राजपूत तिवारी सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।


रायपुर : छोटे-बड़े 1464 कारखानों में पुनः कार्य प्रारंभ: 1.08 लाख श्रमिकों को मिला रोजगार

रायपुर : छोटे-बड़े 1464 कारखानों में पुनः कार्य प्रारंभ: 1.08 लाख श्रमिकों को मिला रोजगार

16-Jun-2020

रायपुर : नोवेल कोरोना वायरस (कोविड-19) के संक्रमण की रोकथाम के लिए लागू लॉकडाउन से उत्पन्न परिस्थितियों के कारण अन्य राज्यों में फंसे छत्तीसगढ़ के एक लाख 7 हजार से अधिक श्रमिक अब तक स्पेशल ट्रेनों के माध्यम से सुरक्षित छत्तीसगढ़ लौट चुके  हैं।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के निर्देशन पर राज्य सरकार द्वारा अन्य प्रदेशों से श्रमिकों की सुरक्षित वापसी के लिए अब तक 4 करोड़ 40 लाख रूपए रेल मण्डलों को और 29 बसों के लिए करीब 23 लाख इस तरह कुल 4 करोड़ 16 लाख रूपए की राशि खर्च की गई है। इसी प्रकार राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा श्रमिकों के राहत के लिए जिलों को 18 करोड़ 20 लाख और स्वास्थ्य विभाग को 75 करोड़ रूपए की राशि जारी किया गया है।

श्रम मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया ने आज यहां बताया कि छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल द्वारा जिला प्रशासन को संकटापन्न श्रमिकों की सहायता के लिए 3 करोड़ 90 लाख आबंटित किया है। उन्होंने बताया कि लॉकडाउन के कारण श्रमिक जो छत्तीसगढ़ राज्य की सीमाओं पर पहुंच रहे एवं राज्य से होकर गुजर रहे सभी के लिए नाश्ता, भोजन, स्वास्थ्य परीक्षण एवं परिवहन की निःशुल्क व्यवस्था से श्रमिकों कोे काफी राहत मिली है। छत्तीसगढ़ की सभी सीमाओं पर पहुंचने वाले प्रवासी श्रमिकों को, चाहे वो किसी भी राज्य के हो, उन्हें छत्तीसगढ़ का मेहमान मान कर शासन-प्रशासन के लोग उनकी हरसंभव मदद कर रहे हैं।

डॉ. डहरिया ने बताया कि श्रम विभाग के अधिकारियों का दल गठित कर विभिन्न औद्योगिक संस्थाओं, नियोजकों एवं प्रबंधकों से समन्वय कर श्रमिकों के लिए राशन एवं नगद आदि की व्यवस्था भी की जा रही है। प्रदेश के 26 हजार 205 श्रमिकों को 39 करोड़ 18 लाख रूपए बकाया वेतन का भुगतान भी कराया गया है। वहीं लॉकडाउन के द्वितीय चरण में शासन द्वारा छूट प्रदत्त गतिविधियों एवं औद्योगिक क्षेत्रों में 1464 छोटे-बड़े कारखानों को पुनः प्रारंभ कर एक लाख 8 हजार 158 श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है।


विशेष लेख : परिस्थितियां  मनुष्य को सिखाती हैं

विशेष लेख : परिस्थितियां मनुष्य को सिखाती हैं

15-Jun-2020

लेख: तेजबहादुर सिंह भुवाल 

मनुष्य जीवन में ऐसे बहुत से समय आते है जब उसे सुख-दुख, उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है। मनुष्य जब सुखी जीवन व्यतीत करता है तो उसे आने वाली परिस्थितियों का कोई आभास नहीं होता है। वह अपने जीवन में दुनिया की चकाचौध  भरे स्वप्न लोक में खोया रहता है। उसे नहीं पता होता कि आने वाले समय में उसके जीवन पर क्या विपत्तियां आएंगी। इससे अंजान मनुष्य निरंतर पैसे कमाने, सुख-सुविधाओं को बढ़ाने में लगा रहता है। जब वक्त बुरा आता है तो मनुष्य चिंताग्रस्त हो जाता है और इससे निकलने का प्रयास करता है। वह सोचने लगता है कि समय रहते इसका उपाए कर लेना चाहिए था, लेकिन समय निकल जाता है।

वर्तमान में कोरोना महामारी के कारण ऐसी विकराल परिस्थिति निर्मित हो गयी है, जिससे पूरी दुनिया सहम उठी हैं एवं पूरी दुनिया के लिए चुनौती बनी हुई है। इस कोराना महामारी कोविड-19 के कारण लोग अपने घरों पर विगत कई दिनों से लाकडाउन अवस्था में रह रहे है। सभी सोच रहे है कि ना जाने कब इस महामारी से छुटकारा मिले और सुख-शांति का माहौल बने रहे। भारत देश को छोड़कर अन्य देशों में कोरोना का संक्रमण अधिक है और वहां हालात गंभीर होते जा रहे हैं। भारत देश में कोरोना वायरस से लड़ने के लिए केन्द्र सरकार एवं राज्य सरकार ने बहुत कारगर कदम उठाये है, इसके बावजूद लोग असुरक्षित महसूस कर रहे हंै। इस महामारी से बचने के लिए शासन, प्रशासन लोगों को से घरों पर रहने का आग्रह कर रही है और आपसी दूरी बनाकर रहने की हिदायत भी दी जा रही है। अगर अभी नहीं संभले तो आने वाला समय बहुत भयंकर हो सकता हैं , जिस पर काबू पाना मुश्किल होगा।

इस महामारी की उत्पत्ति चीन के बुहान प्रांत से हुई है, जहां से संक्रमण बढ़ते-बढ़ते यूरोप होते हुए पूरी दुनिया में फैल गया है। एक ओर जहां इस महामारी ने विश्व के शक्तिशाली देश - अमेरिका, इटली, जर्मनी, रूस, फ्रांस जैसे देशों के होश उड़ा दिए हैं। वहीं भारत इस कोरोना वायरस से लड़ने के लिए चट्टान बनकर खड़ा है और पूरे भारतवासी मिलकर सामना कर रहे हैं। पूरी दुनिया में अब तक इस संक्रमण से लाखों लोगों की जाने जा चुकी हैं। दुनिया में कई वैज्ञानिकों ने कितने ही अविष्कार किए और देश को आगे बढ़ाने में अहम् भूमिका निभाई। इसके बावजूद इस समस्या का अभी तक कोई हल नहीं निकल पाया है। इस महामारी को रोकने के लिए किसी भी देश के द्वारा अभी तक कोई वैक्सिन या कारगर दवाई नहीं बन पाई है। इस विश्वव्यापी संकट से निपटने के लिए हर संभव प्रयत्न किये जा रहे हैं। इससे बचने के लिए भरपूर प्रयास किये जा रहे हंै। हम लोगों के लिए पहला मौका है जब लोग स्वयं को मजबूरी से लाॅकडाउन कर घर पर ही रह रहे है। 

इस समय पूरा देश थम सा गया है। इस विषम परिस्थिति का जल्द से जल्द ठीक होना हितकर है, इसके लिए सोशल डिस्टेसिंग का होना बहुत जरूरी है, उसके बावजूद लोग अनावश्यक घरों से बाहर आकर सड़कों पर घूम रहे है, जिससे उन्हें स्वयं एवं दूसरों को भी संक्रमण होने का खतरा बढ़ा रहे हैं। लाॅकडाउन से एक ओर जहां संक्रमण कम हुआ वहीं दूसरी ओर देश एवं राज्य की आर्थिक स्थिति बिगड़ती जा रही है। इस लाॅकडाउन से लाखों लोगों की जीविकोपार्जन पर संकट उत्पन्न हो गया है। अलग-अलग राज्यों में गए लोग एवं अध्ययन के लिए गए छात्र और मजदूरी के लिए गए मजदूर फंसे हुए है, जिन्हे सरकारें अपने-अपने ढंग से वापस लाने का प्रयास कर रही है। अधिकतर मजदूरों एवं छात्रों को वापस अपने-अपने राज्यों में लाया जा चुका है और उन्हें 14 दिन के लिए क्वारंटाईन पर रखकर कोरोना की जांच की जा रही है। स्वस्थ्य पाए जाने पर उन्हें घर भेजा जा रहा है। इन मजदूरों को रोजी, रोटी की चिंता सता रही है। वे दूसरे राज्यों में रहकर मजदूरी करते थे, उन्हें यहां रहकर क्या काम मिल पायेगा? इसके लिए छत्तीसगढ़ सरकार अनेक योजनाओं के माध्यम से लोगों को रोजगार एवं आत्मनिर्भर करने का प्रयास कर रही है। राज्य सरकार द्वारा एपीएल एवं बीपीएल राशन कार्ड हितग्राही सहित बिना राशनकार्ड वालों को भी को अनाज दिया जा रहा, ताकि कोई भूखा ना रहे। इस संकट से निकलने के लिए सभी वर्गों को धैर्य, सहशीलता एवं आत्मनिर्भरता की आवश्यकता है।

शासन ने लोगों की आर्थिक स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए लम्बे समय से चले आ रहे लाकडाउन को हटा कर सभी बाजार, दुकाने, छोटे उद्योग, कंपनी खोलने के आदेश दे दिए गए है, जिससे लोगों का काम-धंधा शुरू हो सके, लेकिन इससे हर क्षण खतरा बना हुआ है। लाॅकडाउन खुलने से संक्रमित लोगों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है, जो एक खतरे की घंटी हो सकती है। इस बचाव कार्य के मुहिम में डाॅक्टर, स्वास्थ्य कर्मी, पुलिस, सफाई कर्मी, मीडिया कर्मी एवं बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ताओं का बहुत बड़ा योगदान है।

समूचे विश्व में अनेको बिमारी जैसे-चेचक, टीबी, स्वाईन फ्लू, हैजा, पोलियो इत्यादि अनेक महामारियों से लाखों लोगों को जान से हाथ धोना पड़ा है, परन्तु समय रहते उस पर मनुष्य ने विजय प्राप्त की है। कोरोना तात्कालिक है, देर सबेर इस पर भी नियंत्रण पा सकेेंगे। फिलहाल इसके लिए हमें शासकीय निर्देशों का पालन करते हुए फिजीकल डिस्टेंसिंग को ध्यान रख कर हमेशा मुंह पर मास्क का उपयोग करना अति आवश्यक है।

इस महामारी ने लोगों को स्वच्छता के प्रति ध्यान आकर्षित किया है, महामारी के बचाव के लिए वे बार-बार हाथ को साबुन से धोने, सेनेटाईजर का उपयोग एवं घर एवं समस्त वस्तुओं को भी साफ-सुथरा रखने का प्रयास कर रहे है। मुंह पर मास्क लगाने से न केवल स्वयं की सुरक्षा होती है बल्कि दूसरों को भी इसके संक्रमण के फैलने में रोकथाम होती है। मास्क पहनने से बहुत से विभिन्न प्रकार की श्वास संबंधी रोगों में कमी आई है। लोगों को अपने शारीरिक रोगप्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए योग, प्राणायाम, ध्यान करते रहे साथ ही नियमित रूप से आयुर्वेदिक काढ़ा, जिसमें तुलसी, गिलोय, कालीमिर्च, अदरक, लौंग का मिश्रण पीने से बहुत हद तक कोराना महामारी से बचा जा सकता है। इस महामारी के दौरान हमारे भारत वर्ष की सनातन धर्म की शिक्षा एवं संस्कार पुर्नजीवित हुआ है, जो दूसरो को अभिवादन के रूप में हाथ मिलाने के बजाय नमस्कार करना शामिल है। इस कोराना काल में जहां पूरे विश्व को रोक कर रख दिया वहीं पर्यावरण के मामले में प्रदूषण से निजात मिली है। इस दौरान उद्योग, वाहन एवं निर्माण कार्य बंद होेने के कारण पर्यावरण स्वच्छ हुआ है, जिससे मनुष्यों को शुद्ध प्राण वायु, निर्मल जल, लहलहाते हरे-भरे पेड़ों से अच्छादित वातावरण मिला है, जो कि सभी जीव जन्तुओं के लिए वरदान से कम नहीं है।

इस समय का सदुपयोग मनुष्य अपने घरों में रहते हुए विभिन्न प्रकार के कौशल विकास पर ध्यान केन्द्रित करके आत्मनिर्भता को बढ़ाया जा सकता है। जैसे- घर पर ही मास्क तैयार करना, सेनेटाईजर निर्माण, गृह उद्योग आदि के माध्यम से आर्थिक स्थिति भी ठीक कर सकते हैं। इसके अलावा खाना बनाना, नृत्य, योग, प्राणायाम, ध्यान, पेंटिंग, लेखन, पुस्तकें अध्ययन कर शौक पूरा करना शामिल है, इसी प्रकार के अन्य कार्य जो आपको मानसिक खुशी एवं संतुष्टि दे वह किया जा सकता है। लोगों को विदेशी वस्तुओं के बजाए स्वदेशी वस्तुए खरीदने के लिए जागरूक होना चाहिए, ताकि भारत की आर्थिक स्थिति में सुधार आ सके।

इसीलिए कहा जाता है कि परिस्थितियां ही मनुष्य को सिखाती है कि समय रहते आने वाली विपदा के लिए हमेशा सजग रहकर शारीरिक, मानसिक एवं आर्थिक रूप से सशक्त रहें, जो कि विषम परिस्थितियों में काम आए। इस महामारी से बचने के लिए स्वयं हर संभव प्रयास करें। स्वस्थ्य रहे, सुरक्षित रहे।

 


अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस : हर बच्चे को बेहतर अवसर देना हम सबकी जिम्मेदारी: सीएम भूपेश बघेल

अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस : हर बच्चे को बेहतर अवसर देना हम सबकी जिम्मेदारी: सीएम भूपेश बघेल

12-Jun-2020

रायपुर : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस 12 जून की पूर्व संध्या पर जारी अपने संदेश में कहा है कि आज पूरे विश्व में बाल श्रम एक समस्या के रूप में उभरा है। बाल श्रम के प्रति विरोध दर्ज करने और लोगों में जागरूकता लाने के उद्देश्य से हम हर साल 12 जून को  अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस मनाते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाल मजदूरी से समाज अपना सुनहरा भविष्य खत्म करने की ओर एक कदम बढ़ाता है। उचित देखभाल, पोषण, सुरक्षा, खुशहाल जीवन, शिक्षा, स्वास्थ्य और आगे बढ़ने के अवसर पर हर बच्चे का समान अधिकार है। उन्होंने कहा कि हर बच्चे में असीम संभावनाएं होती हैं। इन संभावनाओं को संवरने के लिए खुला आसमान देना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने लागों से अपील की है कि छोटे बच्चों को काम में ना लागाएं,ना ही किसी को लगाने दें। बच्चों के प्रति दुर्व्यवहार,हिंसा या मजदूरी करते पाए जाने पर तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना देकर बच्चे का भविष्य बचाने में सहयोग करें।


रायपुर : मानसून आने से पहले खुले और जाम पड़े नालों को ठीक करे नगर निगम - प्रकाशपुंज पांडेय

रायपुर : मानसून आने से पहले खुले और जाम पड़े नालों को ठीक करे नगर निगम - प्रकाशपुंज पांडेय

11-Jun-2020

प्रकाशपुंज पांडेय 

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रायपुर : समाजसेवी और राजनीतिक विश्लेषक प्रकाशपुन्ज पाण्डेय ने मीडिया के माध्यम से जनता से जुड़ी एक बड़ी समस्या पर नगर निगम का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा है कि, प्रायः ये देखा जा सकता है कि मानसून आते ही छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर शहर के नाले और नालियाँ और ओवरफ्लो हो जाते हैं और उसमें बह रहा कचरा व कीचड़ सड़कों पर आ जाता है जिससे वहाँ रह रहे लोगों और राहगीरों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है। यह किसी एक वर्ष का काम नहीं है यह समस्या हर वर्ष आती है। ऐसा नहीं है कि नगर निगम और प्रशासन को इस बारे में पता नहीं है, लेकिन इसके बावजूद ऐसे जरूरी विषय और गंभीर समस्या पर प्रशासन और निगम ध्यान नहीं देता है यह समझ से परे है। 

प्रकाशपुन्ज पाण्डेय ने कहा कि रायपुर शहर में ऐसी तमाम रहवासी कॉलोनियां भी हैं जहां जलभराव की समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं। एक बारिश में ही यह समस्याएं जमीन के ऊपर दिखने लगती हैं। साथ ही कई कॉलोनियों की सीमा से लगे हुए नाले बहते हैं जो कि खुले हैं और उनसे हमेशा ही बदबू आती रहती है जिससे वहां के रहवासियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। रायपुर ही नहीं बल्कि समूचे प्रदेश में जलभराव की समस्या एक बहुत बड़ी समस्या है जिसके कारण शहर में गंदगी फैलती है और बीमारी बढ़ने का डर हमेशा बना हुआ रहता है। गंदगी के कारण मच्छर मक्खी उत्पन्न होते हैं और डेंगू मलेरिया जैसी बीमारियाँ बढ़ जाती हैं। मौजूदा दौर में जब एक तरफ कोरोनावायरस का संकट मौजूद है वहीं दूसरी ओर आने वाले मानसून में नालियों के ओवरफ्लो होने के कारण जलभराव होने से बहुत सी बीमारियाँ जन्म लेंगे?

प्रकाशपुन्ज पाण्डेय ने छत्तीसगढ़ राज्य के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से अनुरोध किया है कि जब प्रदेश के लगभग सभी निगमों में कांग्रेस की ही सत्ता है ऐसे में उन्हें एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए जनहित में समूचे छत्तीसगढ़ में एक सुचारू और बेहतरीन ड्रेनेज सिस्टम, रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम और सीवेज ट्रीटमेंट का काम करवा कर समूचे देश में एक उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए कि एक अच्छी सरकार कैसे काम करती है, क्योंकि यह समस्या हर साल आनी है और हर साल लोग इस समस्या के कारण परेशानियों का सामना करने को मजबूर होते हैं। यही जनता आप को बड़ी ही उम्मीदों के साथ वोट देकर जिताती है, तो आप का यह कर्तव्य और दायित्व बनता है कि कम से कम यह एक काम करके जनता को राहत प्रदान करें। 

 


जांजगीर-चांपा : कुँए से लीक हुई मीथेन गैस, कार्य कर रहे मजदूर आए चपेट में, 4 की मौत

जांजगीर-चांपा : कुँए से लीक हुई मीथेन गैस, कार्य कर रहे मजदूर आए चपेट में, 4 की मौत

10-Jun-2020

जांजगीर चांपा जिले के धमनी गांव से एक बड़ी घटना की खबर आ रही है मीडिया में आ रही रिपोर्टो के अनुसार हसौद थाना क्षेत्र के धमनी गांव में  एक कुँए का निर्माण कार्य किया जा रहा था इसी दौरान कुँए से मिथेन गैस लीक हुआ जिससे कुँए के अन्दर कार्य कर रहे दो मजदूर चपेट में आ गए इसकी जानकारी अन्य मजदूरों को हुई तो वे उन्हें बचाने कुँए में उतर गए जिससे वे भी चपेट में आ गए  इस हादसे में दो मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गयी। वहीं अन्य दो की अस्पताल ले जाने के दौरान मौत हो गयी। घटना की सूचना के बाद पुलिस घटनास्थल पर पहुँच चुकी है और आगे की कार्रवाई कर रही है.


छ.ग. : बिलासपुर में आज और कल टोटल लॉकडाउन

छ.ग. : बिलासपुर में आज और कल टोटल लॉकडाउन

06-Jun-2020

बिलासपुर : कोरोना के लगातार बढ़ते केस की वजह से बिलासपुर में आज शनिवार और कल रविवार को टोटल लॉकडाउन रखा गया है। टोटल लॉकडाउन के दौरान तय समय मे आवश्यक दुकानों को खोलने के लिए छूट दी गई है। बता दें कि प्रदेश में कोरोना संक्रमितो की संख्या अभी लगातार बढ़ रही है अधिकतर संक्रमित प्रवासी मजदूर हैं जो बाहर से आए हुए हैं प्रदेश में कुल एक्टिव कोरोना मरीजों की संख्या 666 हो गई है।


कोरोना से बचाव और सोशल डिसटेंसिंग बनाए रखने फलों व सब्जियों की होम डिलवरी

कोरोना से बचाव और सोशल डिसटेंसिंग बनाए रखने फलों व सब्जियों की होम डिलवरी

06-Jun-2020

कोरोना से बचाव और सोशल डिसटेंसिंग बनाए रखने फलों व सब्जियों की होम डिलवरी
एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट ने कोरोना संकट काल में तैयार किया ई-किचन मोबाइल एप

रायपुर, 3 जून 2020। देश व दुनिया के सामने संकट पैदा करने वाली कोरोना महामारी से बचाव ही सुरक्षा है। कोरोना वायरस के संक्रमण के प्रसार को तीसरे स्टेनप यानी समुदाय स्तर पर फैलाव को रोकने के लिए लॉकडाउन के बाद अनलॉ‍क के इस दौर में लोग घरों से निकलने से कतरा रहे हैं। ऐसे में हरी व ताजी सब्जी व फल की दरकार हर घर में होती है जिसकी वजह से लोग बाजार की भीड़ में जूझते हुए नजर आते हैं।

वायरस के खतरे से बचाव के लिए इंदिरागांधी एग्रीकल्च र यूनिवर्सिटी के विद्यार्थी  ने  ई-किचन मोबाइल एप इजात किया है। अब 'ई किचन मोबाइल एप भीड़ वाले सब्जी  के बाजारों से निजात दिलाएगा। मोबाइल एप कोरोना वारियर्स बनकर घर बैठे सीधे किसानों के खेतों से ताजी-हरी सब्जी उपलब्ध कराएगा। कोरोना महामारी के समय जहां कई सब्जी् मंडियों में सोशल डिसटेंसिंग एक बडी समस्या है इस मोबाइल एप से मंडियों में होने वाली भीड को कम करने में मदद मिल सकेगी।

कोविड-19 ने सामाजिक जीवन के ताने-बाने को ध्वदस्ती करने में कोई कसर नहीं छोडा है। ऐसे में इस संकट की घड़ी में कृषि विश्विविद्वालय के एमएससी मृदा विज्ञान विभाग के छात्र ललित साहू की मेहनत ने नवाचार कर दिखाया है। अनलाक की अवधि के दौरान लोगों को दैनिक जरुरतों की सामाग्री पहुंचाने मोबाइल एप तैयार किया गया है। सोशल डिसटेंसिंग को बनाए रखने की सोच को लेकर ललित साहू के दिमाग में एक आइडिया आया कि क्यों न फलों के साथ ही सब्जियों को ऑनलाइन माध्यम से बेचने होम डिलवरी की सुविधाएं लोगों तक पहुंचे। इससे समय व श्रम की बचत भी होगी। इसी सोच का नतीजा है कि कृषि छात्र किसानों के खेतों और मंडी से सब्जीस की सीधे सप्लाभइ ऑनलाइन मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से की जा रही है। होम‍ डिलवरी के समय पूरी सावधानियां बरती जा रही है जिससे कोरोना के संक्रमण के खतरे को कम किया जा सके गा।

खेत से सीधे घर तक पहुंचेगी सब्जी व फल

ई-किचन मोबाइल ऐप के संचालक ललित कुमार साहू ने कृषक नगर जोरा में ही ऑफिस बना कर किसानों से सीधे खरीदी कर रहा है। उन्होंने बताया सब्जी और फल के ऑनलाइन मार्केटिंग का उनका आईडिया इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में चल रहे 'राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के राबी - रफ्तार प्रोजेक्ट' के तहत इन्क्यूबेट हैं। ई किचन मोबाइल एप्लीकेशन को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं। एप्लीकेशन में सभी प्रकार की  सब्जी, फल एवं राशन सामग्री उपलब्ध है। इस एप ने रोजमर्रा के खान पान की चीजों को अब घर में मंगाना आसान कर दिया है। डिजिटल युग में ऐप से ऑनलाइन ऑर्डर कर  महज एक घंटे क़े भीतर घर बैठे सुविधा ले सकते हैं। ऑर्गेनिक और प्राकृतिक रूप से पकाए हुए फल और सब्जी ऑर्डर करने 10 डिलवरी बॉय के माध्यम से फ्री होम डिलीवरी की सुविधा दे रहे हैं। इसकी खासियत यह है की यह उत्पाद सीधे किसानों से खरीदकर लोगों तक बिचौलियों के कमीशन से बचाकर बाजार से भी कम कीमत पर सब्जियां उपलब्ध होंगे।