कोरोना वायरस: चीन की अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो सकती है!

कोरोना वायरस: चीन की अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो सकती है!

12-Feb-2020

विश्वबैंक ने दुनिया के देशों से नये कोरोना वायरस के खिलाफ अपने कार्यक्रमों की रफ्तार तेज करने का आह्वान किया है।

प्रभात खबर पर छपी खबर के अनुसार, विश्वबैंक ने कहा कि वह इस बीमारी के खिलाफ खुद अपने संसाधन जुटाने पर विचार कर रहा है।
विश्वबैंक ने एक बयान में कहा कि हम सभी देशों का आह्वान करते हैं कि वे अपनी स्वास्थ्य निगरानी और प्रतिक्रिया प्रणाली को बेहतर करें, जिससे इससे और फैलने से रोका जा सके।
बयान में कहा गया है कि विश्वबैंक समूह प्रभावित देशों के लिए तत्काल वित्तीय और तकनीकी संसाधन जुटाने के लिए स्थिति की समीक्षा कर रहा है।
इसके अलावा, वह अंतरराष्ट्रीय भागीदारों के साथ सहयोग बढ़ाने का भी प्रयास कर रहा है। चीन में कोरोना वायरस की वजह से अब तक 425 लोगों की जान जा चुकी है।
इस नये वायरस से 17,200 लोग संक्रमित हुए हैं। यह 20 से अधिक देशों में फैला है। ऐसी आशंका है कि इससे चीन की अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो सकती है और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है।
 

कोरोना वायरस मरने वालों का आंकड़ा 1000 पार, संक्रमित लोगों की संख्या 42,600 पहुची

कोरोना वायरस मरने वालों का आंकड़ा 1000 पार, संक्रमित लोगों की संख्या 42,600 पहुची

11-Feb-2020

चीन में कहर बरपा रहे कोरोना वायरस से लोगों को संक्रमित होने और मौत का सिलसिला थमता नहीं दिख रहा। चीन में इससे संक्रमित लोगों की संख्या 42,600 पार कर चुकी है। वहीं सोमवार तक इससे मरने वालों का आंकड़ा 908 पार कर चुका था। चीन में कोरोना वायरस के प्रकोप के चलते दुनिया के लोगों की चिंता बढ़ती जा रही है। इसी बीच एशिया के सबसे बड़े विमानन एवं रक्षा कार्यक्रम ‘सिंगापुर एयर शो से अमेरिकी एयरोस्पेस कंपनी लॉकहीड मार्टिन और 12 चीनी कंपनियों समेत 70 से ज्यादा प्रतिभागी कंपनियों ने अपने नाम वापस ले लिए हैं।

स्वस्थ हो रही भारत की पहली कोरोना वायरस पीड़िता
कोरोना वायरस से विश्वभर में फैले डर के बीच भारत के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है। दरअसल भारत की पहली कोरोना वायरस पीड़िता स्वस्थ हो रही है और जल्द अपने घर जा सकती है। चीन के वुहान से त्रिशूर वापस लौटी छात्रा का हालिया सैंपल नेगेटिव आया है। त्रिशूर मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर ने बताया कि वे एक और सैंपल के नतीजे के इंतजार में हैं, जिसके बाद वह घर जा सकेगी।

बता दें कि केरल में अब तक कोरोना वायरस के तीन पॉजिटिव मामले पाए जा चुके हैं। तीनों मरीज चीन के वुहान से लौटे थे। पहला मामला 30 जनवरी को सामने आया था। त्रिशूर मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ डॉक्टर ने कहा कि छात्रा पूरी तरह से स्वस्थ हो चुकी है। हम एक और सैंपल के नतीजे का इंतजार कर रहे हैं, जिसके बाद वह घर वापस जा सकेगी। स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि दो अन्य मरीज भी ठीक होने वाले हैं।


सुधीर चौधरी पत्रकारिता के योग्य नहीं है।

सुधीर चौधरी पत्रकारिता के योग्य नहीं है।

10-Feb-2020


भारत की राजधानी दिल्ली में 8 फरवरी, 2020 को विधानसभा चुनाव के लिए हुए मतदान के बाद एग्जिट पोल ने भाजपा और भाजपा अंधभक्तों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। एग्जिट पोल के अनुसार दिल्ली की कुर्सी पर काबिज केजरीवाल की आम आदमी पार्टी एक बार फिर बहुमत से सरकार में लौट सकती है। 
इसी बीच जी न्यूज के एंकर सुधीर चौधरी का एक ऐसा वीडियो सामने आया जिससे उनकी हताशा, कुंठा एवं चरित्र जनता के सामने आ गया।
वीडियो में सुधीर चौधरी कह रह हैं कि "हिंदुस्तान-पाकिस्तान, मुगलों का राज वापस आ जाएगा, राम मंदिर, धारा-370 और कश्मीर इस तरह की बातें कोई मायने नहीं रखतीं। ये मुद्दे दिल्ली की जनता के लिए कोई मायने नहीं रखते। ‘दिल्ली की जनता को ना तो बालाकोट एयर स्ट्राइक से कुछ लेना देना है और ना ही राम मंदिर से कोई मतलब है। ना ही कश्मीर की धारा-370 से उसे कोई लेना देना है। ना ही उसे देश के टूट जाने की कोई चिंता है। दिल्लीवाले बस अपने में मस्त रहना चाहते हैं। वो ये चाहते हैं कि देश टूटे-फूटे या ना टूटे, कुछ भी होता रहे, मेरा जीवन आराम से चलता रहे। दिल्ली की जनता अपने जीवन के संघर्ष में ही पूरी तरह से बिजी है। दिल्ली की जनता को बाकी देश से कोई मतलब नहीं है। दिल्ली की जनता को बड़े राष्ट्रीय मुद्दों से कोई मतलब नहीं है। वो ऐसे मुद्दों से प्रभावित नहीं होती। दिल्ली का चुनाव स्थानीय मुद्दों पर ही लड़ा गया है। दिल्ली वालों को भी स्थानीय मुद्दे पसंद आए और जनता ने राष्ट्रीय मुद्दों और भाजपा को नकार दिया।"
सवाल यह है कि एक पत्रकार का चोला पहने इंसान को देश की जनता के फैसले पर उंगली उठाने का अधिकार किसने दिया। लेकिन अतिशयोक्ति की बात नहीं क्योंकि देश की भाजपा सरकार ने जब देश की जनता पर सवालिया निशान लगा दिया तो अगर एक अंधभक्त सवाल खड़ा करे तो आश्चर्य कैसा।
दिल्ली चुनाव पूरे देश से बिल्कुल अलग था। दिल्ली चुनाव सिर्फ काम पर लड़ा गया और भाजपा ने कोई काम तो किया नहीं। ऐसे में सिवाय केजरीवाल और दिल्ली वासियों पर इल्ज़ाम लगाने के कोई रास्ता इनको समझ में नहीं आया। खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे वाली कहावत चरितार्थ हो गई।
मगर सुधीर चौधरी, अमिश देवगन, दीपक चौरसिया, जैसे कुछ नामनिहाद पत्रकार ऐसे हैं जो पत्रकारिता के मूल्यों से नावाकिफ हैं। सिवाय पत्रकारिता को बदनाम करने के इनके पास कोई काम नहीं है। सच्चाई से इनको कोई मतलब नहीं, अर्थव्यवस्था से कोई लेना-देना नहीं, रोजगार की कोई चिंता नहीं, शिक्षा की चिंता नहीं, नागरिकों के दर्द का कोई एहसास नहीं, देश बिक रहा है कोई चिंता नहीं। मंहगाई की फ़िक्र नहीं, जनता सड़कों पर, कोई शिकन नहीं, तानाशाही पर कोई बात नहीं।
जब इनको इन सब की चिंता नहीं तो दिल्लीवासी किस बात पर वोट दे रहे इसकी चिंता क्यों है? इनको डर है कि इनके आक़ा कहीं इनके ऊपर डंडा न चला दें।
इनको फ़िक्र है पाकिस्तान की,  राम मंदिर की, धारा-370 और कश्मीर की, बालाकोट एयर स्ट्राइक की ,  हिंदु मुस्लिम करने की, जनता को बांटने की, और सत्ता का सुख भोगने की।
असली देशद्रोही वही है जो पद, सत्ता, कलम और कागज का दुरूपयोग करके देश में बवाल मचाने की कोशिश कर रहा है।
भगवान सद्बुद्धि दे।
 लेख लेखक के अपने विचार है 
जयहिंद।

सैय्यद एम अली तक़वी
syedtaqvi12@gmail.com

 

 


टैक्सपेयर के पैसे पर जनता की मुफ्तखोरी सुर्खियों में है,,

टैक्सपेयर के पैसे पर जनता की मुफ्तखोरी सुर्खियों में है,,

10-Feb-2020

,चाहे छात्रों की फीस बढोत्तरी का मसला हो या किसी सरकार द्वारा पॉपुलिस्ट फ्री बिजली पानी परिवहन का,अक्सर लोगों को कहते सुना है की ये मेरे टैक्स के पैसे का दुरूपयोग है। जनता लोकतंत्र में सर्वोपरि है और उसके हित सरकार का कर्तव्य। हम अपने  बेसिक ही भूलते जा रहे हैं। जब सरकारी खजाना जनता के कर से बनता है तो उसे जनता की बुनियादी सुविधाओं पर खर्च क्यों नहीं किया जाना चाहिए,,,जनता को बिजली पानी शिक्षा इलाज साफ हवा वातावरण क्यों नहीं मिलना चाहिए,,,जो जनता का हक़ है वो भीख की तरह दिया जाता है ,,,,मुफ्तखोरी कह के,,,,और नेता जीवन भर जनता के पैसे पर ऐश करे तो कोई सवाल नहीं,,,टैक्स का पैसा महंगे सरकारी आयोजनों प्रचार अभियानों नेताओं की सुविधाओं सुरक्षा पर सबसे ज़्यादा खर्च होता है। क्या नेता को वेतन नहीं मिलता, क्या उन्हें अपने खर्चे खुद नहीं उठाने चाहिए,,,टैक्स के पैसे पर उनका पालन क्यों हो,,,सारे त्याग जनता ही क्यों करे,,,नागरिक वोटर सिर्फ सरकार चुनते समय होता है,,, वही होना चाहिए,,,आप वोट का वरदान अपने पसंदीदा नेता को देने के बाद उस पर सवालों की लगाम रखें वरना लोक पर तन्त्र का शिकंजा कसता ही जायेगा । जनता के वोट के बदले नेता को उसकी सेवा और सुरक्षा की ज़िम्मेदारी मिलती है मालिकाना हक नहीं।सरकारों की पैरवी और वकालत करने बन्द कीजिये, और नेताओं को भगवान बनाना,देश का मतलब देश की जनता है और देश की उन्नति जनता की उन्नति में ही है। और सरकारों की सुविधा जनता के आपस मे लड़ते भिड़ते रहने में है ताकि उनकी कुर्सी बची और बनी रहे। तमाम भिन्नताओं और मतभेदों के साथ इस देश का हर नागरिक एक ही पाले में खड़ा है,,जनता का पक्ष,,,, रोजगार ,शिक्षा,स्वास्थ्य सुविधाएं, साफ पर्यावरण,सस्ता परिवहन,बिजली, पानी, मकान,,,,ये हम सब की ज़रूरत है, इन पर सवाल कीजिये,,,
देखिए कि आपका वरदान, आपकावोट भस्मासुर न बनाये ।
ज्योति परितोष सिन्हा

 


यूपी में हुए दमन के खिलाफ देश भर से लखनऊ पहुंची अवाम

यूपी में हुए दमन के खिलाफ देश भर से लखनऊ पहुंची अवाम

10-Feb-2020

रविवार 9 फरवरी लखनऊ। घंटाघर लखनऊ पर जुटी हज़ारों की भीड़ ने एक सुर में कहा कि सीएए, एनपीआर और एनआरसी किसी भी दशा में मंज़ूर नही होगा। आम अवाम की तरफ से आज लखनऊ चलो की कॉल थी जिसमे देश के कोने कोने से लोग शामिल होने सुबह से ही पहुंचना शुरू हो गए थे। दिल्ली, बिहार, उड़ीसा, राजस्थान से बड़ी संख्या में लोग घंटाघर और उजरियाव धरने में शामिल हुए। उत्तर प्रदेश के अलग अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में महिलाओं की भागदारी रही।

सभा को संबोधित करते हुए गौतम मोदी ने कहा कि ये वक़्त हम सभी के लिए मजबूती से साथ खड़े रहने का है। हम सभी देश बंचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं और इस बार इसकी कयादत महिलाएं कर रही हैं। मौजूदा सरकार के इस गैरसंवैधानिक कानून से सबसे ज़्यादा नुकसान इस देश के गरीब, मज़दूर और भूमिहीनों को होने जा रहा है। यह सरकार सिर्फ मुस्लिम विरोधी नही बल्कि दलित, आदिवासी और महिला विरोधी भी है। इस लिए इस कानून से सिर्फ मुसलमानो का नुकसान है ऐसा समझने वाले गलती कर रहे हैं। मैं सभी से अव्वाहन करता हूँ कि मुल्क और संविधान बचाने की इस लड़ाई में हम सभी को कंधे से कंधा मिला कर जुटना होगा।

सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता एच. आर. खान ने कहा कि शाहीन बाग़ से शुरू हुआ आंदोलन आज पूरे देश मे फैल गया है इसके लिए हमारी बहनों और माओं को ढेरों मुबारक़बाद। हम सभी मुत्मइन है कि ये लड़ाई हम ही जीतेंगे क्योंकि इस लड़ाई की रहनुमाई इस देश की माओं के हाथ मे है। हमे बस इतना ख्याल रखना होगा कि इस पूरी लड़ाई में एकजुट हो कर सभी को साथ लेकर चलना होगा।

नताशा नरवाल ने अपनी बात रखते हुए कहा कि आज़ादी के आंदोलन के बाद देश मे ये पहला मौका है जब महिलाएं सड़क पर हैं और हम अपना हक लिए बिना वापस जाने वाले नही है। सरकार को झुकना ही पड़ेगा। हम किसी भी कीमत पर अपने आंदोलन को वापस नही लेने वाले। इस देश की महिलाओं ने अब तय कर लिया है कि फासीवाद के खिलाफ ये निर्णायक जंग इस देश की महिलाओं के नेतृत्व में हम जीतने जा रहे हैं।

रिहाई मंच महासचिव राजीव यादव ने कहा कि जनता ने सरकार के दमन के खिलाफ घुटने टेकने से इनकार कर दिया है। सरकार को इस बात को समझना होगा कि जनता ने अब तय कर लिया है कि सूबे ही नही देश की सरकार को भी बदल दिया जाएगा। अगर सरकारें बांटने की राजनीति करेंगी तो फुले और फातिमा की संतान मिल कर एकजुट होकर गोडसे वादियों को इस देश से बाहर कर देंगी।

जेएनयू, जामिया, डीयू, अम्बेडकर यूनिवर्सिटी दिल्ली, एएमयू, बीएचयू आदि से आए छात्र नेताओं ने एक स्वर में कहा कि यूपी में हुए दमन के खिलाफ हम सब एकजुट हैं.

सै क़ासिम लखनऊ 

 

sy


आजमगढ़ का रिहाई मंच ने किया दौरा, गंभीर रूप से घायल सरवरी बानो के परिजनों से की मुलाकात

आजमगढ़ का रिहाई मंच ने किया दौरा, गंभीर रूप से घायल सरवरी बानो के परिजनों से की मुलाकात

08-Feb-2020

तीन-तीन नाबालिगों को गिरफ्तार कर देशद्रोह का मुकदमा और सत्रह लोगों पर ईनाम घोषित करना योगी सरकार की बदले की कार्रवाई- रिहाई मंच

हम चाहते हैं कि बवाल हो कहते हुए पुलिसकर्मी का वीडियो, रिहाई मंच ने की कार्रवाई की मांग

आज़मगढ़/लखनऊ 8 फरवरी 2020. रिहाई मंच ने एक वीडियो जारी किया जिसमें एक पुलिसकर्मी को यह कहते हुए सुना / देखा जा सकता है कि हम भी चाहते हैं कि बवाल हो जाए. इस वीडियो के संदर्भ में रिहाई मंच ने अपना बयान जारी करते हुए कहा कि ये वीडियो जो कि बिलरियागंज थानाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह का बताया जा रहा है ने साफ कर दिया कि योगी की पुलिस खुद अराजकता में लिप्त है. रिहाई मंच महासचिव राजीव यादव ने पूछा कि आजमगढ़ के कप्तान त्रिवेणी सिंह जो कि प्रदर्शकारियों की ही नहीं बल्कि उनके परिवारों की भी कुंडली निकालकर टॉप टेन के अपराधियों की तरह जगह-जगह पोस्टर लगवाकर कार्रवाई करने को कहे थे आखिर कब अपने इंस्पेक्टर पर कार्रवाई करेंगे. प्रदर्शन में शामिल लोगों के गाड़ियों के कागजात बारीकी से चेक करने और उन पर भारी भरकम जुर्माना लगाने जैसे उनके बयान साफ कर रहे कि पुलिस अधीक्षक बदले की कार्रवाई कर रहे हैं. सरकारी सुविधाएं लेना और धरने जैसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया में शामिल होने के नाम पर कार्रवाई साफ करती है कि वे कानून से नहीं योगी के आदेश पर चल रहे हैं.

रिहाई मंच ने आज़मगढ़ के बिलरियागंज का दौरा करते हुए कहा कि योगी आदित्यनाथ की बदले कि कार्रवाई के तहत तीन-तीन नाबालिग बच्चों को गिरफ्तार करने और तीन छात्र नेताओं पर 25-25 हजार के ईनाम के बाद 14 और लोगों पर 20 से 35 हजार ईनाम घोषित किया गया है. ईनाम घोषित करने की यह कार्रवाई टारगेट करके की जा रही है, जैसा कि यूपी में हुए पुलिसिया मुठभेड़ों में की गई. ऐसे हालात में इनकी सुरक्षा गंभीर सवाल है. क्योंकि पुलिस सत्ता संरक्षण में इनकी फर्जी मुठभेड़ कर अपनी पीठ थपथपाने का काम कर सकती है.

रिहाई मंच महासचिव राजीव यादव, शकील कुरैशी, अधिवक्ता विनोद यादव और अवधेश यादव ने जौहर अली पार्क बिलरियागंज में पुलिसिया हिंसा की शिकार सरवरी बानो, मोहल्ला कसिमगंज के नागरिकों और उलेमा काउंसिल के गिरफ्तार नेता मौलाना ताहिर मदनी के राष्ट्रीय प्रवक्ता तलहा रशादी से मुलाकात की. 35 नामजद और सैकड़ों अज्ञात के नाम पर देशद्रोह, दंगा, हत्या के प्रयास जैसे संगीन मुकदमे दर्ज कर 19 लोगों को जेल भेजा जा चुका है.

रिहाई मंच प्रतिनिधिमंडल ने आजमगढ़ के डॉ दानिश के यहां आईसीयू में भर्ती सरवरी बानो के बेटे बिलाल से मुलाकात की. बिलाल बताते हैं "उस रात जब पुलिस ने पत्थरबाजी की तो उनकी अम्मी के सिर पर पत्थर लगने के बाद वो भागते हुए घर की तरफ आईं तो किसी तरह उन्हें पीछे के रास्ते से बाइक से लेकर डॉ असरार के यहां भागे". उन्होंने आगे बताया "इन्जेक्शन पट्टी की पर अम्मी की हालत बिगड़ ही रही थी तो वे साढ़े पांच बजे के करीब डॉ दानिश के यहां आज़मगढ़ लाए. सिटी स्कैन में आया कि चोट बहुत गंभीर है तो सदर अस्पताल से मेडिकल करवाकर फिर 2 बजे ऑपरेशन हुआ तब जाकर उनकी जान बची. दो दिनों तक तो वे कोमा में थीं. पुलिसिया कार्रवाई में हाईस्कूल के छात्र अरसलान की आखों के करीब गंभीर चोट आई."

बिलरियागंज के कसिमगंज के मोहम्मद अरफ़ात खान बताते हैं कि पुलिस गली-गली मार्च कर लोगों में भय का इतना माहौल बना रही कि लोग घर से ही न निकलें. पच्चीस हजार के ईनामी घोषित किए गए ओसामा के घर में पुलिस ने तोड़-फोड़ की. इस मामले को लेकर नुरुलहोदा और मिर्जा शान आलम बेग पर भी 25-25 हजार का ईनाम घोषित हुआ है. फिरोज अहमद के घर का दरवाजा तोड़ा और यहां तक कि पानी का नल भी पुलिस ने तोड़ दिया.

मोहल्ले वालों ने बताया कि देशद्रोह के आरोप के तहत जिनको जेल भेजा गया उनमें तीन लड़के महबूब आलम उर्फ अजमइन, सलमान और आमिर नाबालिग हैं. 16 वर्षीय हाईस्कूल के छात्र महबूब आलम की मां मुख्तरी बताती हैं कि उनके बेटे और पति हकीमुद्दीन जो फजर की नमाज पढ़कर आ रहे थे दोनों को जेल भेज दिया गया है. वे चार लड़कियों के साथ अकेले घर में हैं. उन्हें नहीं समझ आ रहा कि वे क्या करें उनके घर में कोई पैरवी करने वाला भी नहीं है.

प्रतिनिधि मंडल ने ओलमा कौंसिल के प्रवक्ता अधिवक्ता तलहा रशादी से मुलाक़ात की तो उन्होंने बताया कि मौलाना ताहिर मदनी जिन्हें प्रशासन ने दोपहर से रात तक कई बार धरना स्थल पर बुलाकर औरतों को मनाने के लिए कहा फिर उनको ही मुख्य षडयंत्रकारी बना दिया. उन्होंने सवाल किया कि भला 3 बजे रात में कौन से प्रदर्शनकारी पथराव करेंगे जब भीड़ सबसे कम होती है? मौलाना ताहिर खुद बायपास का ऑपरेशन करवा चुके हैं और शदीद डायबिटीक होते हुए इन्सुलीन पर चल रहे हैं.

बिलरियागंज के मोहम्मद आमिर बताते हैं कि सीएए, एनआरसी और एनपीआर के खिलाफ 4 फरवरी को 11 बजे से 30-35 महिलाओं से शुरू हुए धरने में हजार से अधिक महिलाएं धीरे-धीरे जौहर अली पार्क में आ गईं. धरना शुरू होते ही पुलिस आ गई और उन्होंने खाना, पानी, कंबल कुछ नहीं जाने दिया और पूरे कस्बे के टेंट वालों को आदेश दिया कि अगर कुछ भी धरने वाली महिलाओं को दिया तो टेंट हाउस सीज कर दिया जाएगा. रात 12 बजे के करीब डीएम आए और धरना खत्म करने को कहा पर महिलाओं ने धरने से उठने को मना कर दिया और वो ब्लॉक में चले गए. इस बीच लगातार पुलिस ने वहां मौजूद लोगों को वहां से खदेड़ दिया. 2 बजे डीएम आए और कहा कि धरने से उठे नहीं तो हमारे जाते ही पुलिस क्या करेगी समझ जाओ. ढाई-तीन बजे के करीब महिलाओं ने नमाज पढ़ी. पुलिस एकाएक पत्थरबाजी करते हुए लाठी चार्ज, आंसू गैस के गोले छोड़ने लगी. इस दौरान के बहुत सारे वीडियो वायरल हैं.

प्रशासन द्वारा अनुमति के सवाल पर वे कहते हैं कि 23 दिसंबर को जब धरने की बात हुई तो डीएम के नहीं कहने के बाद 4 जनवरी की सहमति बनी. पर पुलिस ने न सिर्फ नहीं करने दिया बल्कि गाड़ी से गाँव-गाँव अनाउंस करवाया की जो भी शामिल होगा उसके खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसका पासपोर्ट और सारी सुविधाएं जब्त कर ली जाएंगी. इसके बाद 25 जनवरी और उसके बाद 26 जनवरी को झंडारोहण का कार्यक्रम हुआ.

प्रतिनिधि मंडल सदस्य
राजीव यादव
महासचिव रिहाई मंच
9452800752 


शाहीन बाग प्रदर्शन में बच्चे की मौत पर सुप्रीम कोर्ट ने लिया संज्ञान, सोमवार को होगी सुनवाई

शाहीन बाग प्रदर्शन में बच्चे की मौत पर सुप्रीम कोर्ट ने लिया संज्ञान, सोमवार को होगी सुनवाई

08-Feb-2020

दिल्ली के शाहीन बाग में पिछले करीब 50 दिनों से नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी है. इस बीच प्रदर्शन में एक चार महीने की बच्चे की मौत मामले में सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान लिया है. सोमवार को कोर्ट इस मामले में सुनवाई करेगा.

दिल्ली के शाहीन बाग में प्रदर्शन के दौरान चार माह के बच्चे की मौत के बाद इस मामले में बहादुरी पुरस्कार से अलंकृत छात्रा जेन गुणरत्न सदावर्ते ने सुप्रीम कोर्ट को चिट्ठी लिखी थी. छात्रा जेन गुणरत्न सदावर्ते ने सुप्रीम कोर्ट को लिखी अपनी चिट्ठी में कहा कि इस तरह के धरने प्रदर्शन में बच्चों को शामिल करने की इजाजत न दी जाए. यह अबोध मासूम बच्चों के जीवन के अधिकार का हनन है. भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए जरूरी है कि सुप्रीम कोर्ट इस संबंध में गाइडलाइन बनाए.
इस पर सुप्रीम कोर्ट ने गंभीरता दिखाते हुए चिट्ठी को याचिका मान कर बच्चे की मौत के मामले को स्वतः संज्ञान लिया है. अब सोमवार को शाहीन बाग में सड़क से प्रदर्शनकारियों को हटाने की मांग वाली याचिका के साथ इस मामले पर भी सुनवाई होगी.

मृतक बच्चे के पिता अरशद ने बताया था कि हम 29 जनवरी को धरना-प्रदर्शन से देर रात वापस आए थे और करीब ढाई बजे बच्चे को दूध पिलाया था. हालांकि जब हम सुबह उठे तो देखा कि बच्चा बिल्कुल खामोश था. इसके बाद हम उसको बाटला हाउस क्लीनिक लेकर पहुंचे, लेकिन वहां हमें बोला गया कि इसे होली फैमिली अस्पताल ले जाओ. हमारी उस अस्पताल में जाने की हैसियत नहीं थी, इसलिए हम बच्चे को अल शिफा अस्पताल ले गए. वहां जब डॉक्टर ने देखा तो कहा कि बच्चे की मौत पहले ही हो चुकी है.

बच्चे की मौत के बाद परिजनों ने आरोप लगाया था कि अगर मोदी सरकार नागरिकता संशोधन अधिनियम लेकर नहीं आती, तो उनको प्रदर्शन में नहीं शामिल होना पड़ता और उनके बच्चे की मौत नहीं होती. मृतक बच्चे का परिवार बिहार से आता है.

इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट में शाहीन बाग में नागरिकता संशोधन अधिनियम के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन की वजह से बंद सड़क को खुलवाने के लिए याचिका लगाई गई है. शुक्रवार को इस याचिका पर सुनवाई टालते हुए जस्टिस संजय किशन कौल और के. एम. जोसेफ की बेंच ने कहा कि शाहीन बाग में सड़क बंद होने से समस्या है. अब यहां सवाल यह है कि हम इस मामले को कैसे सुलझाएं?

मीडिया इन पुट 


9 फरवरी को लखनऊ चलो का आह्वान घोषित

9 फरवरी को लखनऊ चलो का आह्वान घोषित

07-Feb-2020

अफवाहें आंदोलन को भटकाने की साज़िश

लखनऊ, 7 फरवरी। घंटाघर पर चल रहे प्रदर्शन के आज 22वें दिन आंदोलन की अगुआकार महिलाओं ने एक स्वर से कहा कि 9 फरवरी को लखनऊ चलो का आह्वान वापस नहीं लिया गया है। इसे वापस लिए जाने की फैलायी जा रही अफवाह साज़िश का हिस्सा है ताकि आंदोलन को भटकाया जा सके। 

अगुआकार महिलाओं ने कहा कि बंद कमरों में बनी किसी भी कमेटी का आंदोलन से कोई रिश्ता नहीं हैं। ऐसी किसी भी कमेटी के अधीन घंटाघर का आंदोलन नहीं है। 

महिलाओं ने ज़ोर देकर कहा कि घंटाघर पर बैठी महिलाओं का आंदोलन नागरिकता का स्वतंत्र आंदोलन है जो नागरिकों द्वारा ही संचालित है। इसका कोई राजनैतिक आका नहीं है। यह आंदोलन संविधान को बचाने यानी देश को बचाने के लिए है। इसमें सभी का स्वागत है लेकिन इसका राजनैतिक इस्तेमाल अशोभनीय है। 

अगुआकार महिलाओं ने एक बार फिर आह्वान किया कि रविवार 9 फरवरी को लखनऊ चलो अभियान को सफल बनाएं। 

प्रेस वार्ता में इरम, नाहिद अक़ील, सना, सुनीता रावत, आज़रा, ज़ीनत, फौजिया, मेहनाज़ आदि अगुआकार महिलाओं ने संबोधित किया।

यू पी ब्यूरो 

 


चीन: कोरोना वायरस को लेकर चेतावनी देने वाले डॉक्टर की मौत!

चीन: कोरोना वायरस को लेकर चेतावनी देने वाले डॉक्टर की मौत!

07-Feb-2020

चीन में कोरोना वायरस के संक्रमण के बारे में चेतावनी देने वाले आठ विसल ब्लोअर में से एक चीनी डॉक्टर ली वेनलियांग की इस महामारी में मौत हो गई।

 डिया टीवी डॉट इन पर छपी खबर के अनुसार, वेनलियांग ने महामारी की जानकारी जब दी थी तब पुलिस ने उनका उत्पीड़न किया था।
सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने बताया कि 34 वर्षीय वेनलियांग ने अन्य डॉक्टरों को महामारी के बारे में चेतावनी देने की कोशिश की थी और उनकी गुरुवार को वुहान में कोरोना वायरस की वजह से मौत हो गई।
वह पहले व्यक्ति थे जिन्होंने पिछले साल दिसंबर में वुहान में कोरोना वायरस के सामने आने की जानकारी दी थी। वेनलियांग ने अपने चिकित्सा महाविद्यालय के साथियों को चीनी मैसेजिंग ऐप वीचैट पर बताया था कि स्थानीय सी फूड बाजार से आए सात मरीजों का सार्स जैसे संक्रमण का इलाज किया जा रहा है और उन्हें अस्पताल के पृथक वार्ड में रखा गया है।

उन्होंने बताया कि परीक्षण में साफ हुआ है कि यह विषाणु कोरोना वायरस समूह का है। इसी समूह के सिवियर एक्यूट रेस्पीरेटरी सिंड्रोम (सार्स) विषाणु भी है जिसकी वजह से 2003 में चीन एवं पुरी दुनिया में 800 लोगों की मौत हुई थी।

वेनलियांग ने अपने दोस्तों को कहा कि वे अपने परिजनों को निजी तौर पर इससे सतर्क रहने को कहें। हालांकि, यह संदेश कुछ घंटे में ही वायरल हो गया और पुलिस ने उन्हें अफवाह फैलाने वाला करार देकर प्रताड़ित किया था।

उनकी सेहत को लेकर पहले विरोधाभासी ख़बरें आईं थीं। पहले चीन के सरकारी मीडिया और विश्व स्वास्थ्य संगठन ने उनकी मौत की ख़बर दी थी लेकिन बाद में वुहान सेंट्रल हॉस्पिटल ने सोशल मीडिया पर बताया कि उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है और उनकी जान बचाने के हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

अब ये संकेत मिल रहे हैं कि बाद में आईं रिपोर्टें सरकारी अधिकारियों के आदेश पर जारी की गईं थीं जो जानकारियों को रोकने की कोशिश कर रहे हैं।

 


अखिलेश के विजन

अखिलेश के विजन "रिवर फ्रंट" पर अंतरराष्ट्रीय मेहमानों के बीच डिफेंस_एक्सपो

06-Feb-2020

अखिलेश के विजन "रिवर फ्रंट" पर अंतरराष्ट्रीय मेहमानों के बीच डिफेंस_एक्सपो के आयोजन से बढ़ रहा देश का गौरव
लखनऊ मै यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट गोमती रिवर फ्रंट को लेकर सत्ता परिवर्तन के बाद चाहे जो भी आलोचना हुई या निर्माण के समय अधिकारीयो द्वारा घपला या विसंगतियां हुई हो वह जांच का विषय हो सकती है लेकिन डिफेंस एक्सपो में रिवर फ्रंट पर सेना के शौर्य प्रदर्शन ने आखिर रिवर फ्रंट की उपयोगिता साबित कर दी है,अंतरराष्ट्रीय मेहमानों के बीच रिवर फ्रंट पर हो रहे डिफेंस एक्सपो के आयोजन ने इस आयोजन के सौंदर्य में चार चांद लगाने के साथ साथ पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश के विजन पर मोहर लगा दी, कि रिवर फरनट का उनका विजय सही था रिवर फ्रंट के निर्माण मै अधिकारियों द्वारा जो विसंगतियां  लेकर वर्तमान सरकार ने चाहे जो भी रवैया अपनाये  लेकिन जिस तरह पिछले 3 सालों से इस रिवर फ्रंट के अधूरे कार्यो को वर्तमान सरकार को  शीघ्र पूरा कराकर इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उपयोग करना चाहिये,विभिन्न दलों की सरकारों के बीच वैचारिक मतभेद हो सकता है लेकिन इसका असर विकास कार्यो पर कतई नही पड़ना चाहिए, विकास के मामले में अखिलेश के विजन के रिवर फ्रंट के अलावा और भी कई उदाहरण हैं चाहे उच्चस्तरीय एक्सप्रेस वे का निर्माण हो या लखनऊ में मेट्रो का निर्माण या  जलेश्वर मिश्रा पार्क  इकाना सपोर्ट  स्टेडियम ये बानगी भर है कि अखिलेश के विजन में विकास को लेकर महत्वाकांक्षी योजनाएं रही लेकिन राजनैतिक दांव पेंच के चलते अखिलेश के विजन को वो प्रमाणिकता नही मिल सकी। यहाँ यह सपषट करना जरूरी है कि अलिखेश जी ने अपने सी एम रहते कुछ अधिकारियों  से फोन कर कहा था  कि सच्चे आपके आफिस  मै क्या कर रहा हैं इसको  निकालो  यही नहीं  तत्कालीन गवर्नर श्री  नाइक जी से हम मिले तो उनहोंने  भी कहा कि अखिलेश जी ने आपकी  शिकायत की थी इससे सपषट है अखिलेश जी  हमें पसन्द नहीं करते  ना ही मुझे पसंद कराने की जरूरत है लेकिन  यह सही  विकास कार्यो मै अखिलेश का विजन  होता था -सच्चे


सै कासिम लखनऊ 


कोलकाता में हुई कतर एयरवेज की आपात लैंडिंग, महिला ने विमान में दिया बच्चे को जन्म

कोलकाता में हुई कतर एयरवेज की आपात लैंडिंग, महिला ने विमान में दिया बच्चे को जन्म

06-Feb-2020

पश्चिम बंगाल के कोलकाता हवाई अड्डे पर कतर एयरवेज के दोहा से बैंकॉक के सुवर्णभूमि हवाई अड्डे जा रहे विमान ने आपात लैंडिंग की। यह लैंडिंग आज सुबह 3.15 बजे हुई। इसकी वजह है 23 साल की थाई महिला द्वारा विमान में ही बच्चे को जन्म देना। मां और बच्चे दोनों ठीक हैं। उन्हें कोलकाता के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

 


उर्दू नाम वाले अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिज्ञ क्यों नही ?(

उर्दू नाम वाले अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिज्ञ क्यों नही ?(

05-Feb-2020

 वाहिद नसीम 
कई लोग अक्सर सवाल करते हैं कि यह उर्दू नाम वालों को अंतरराष्ट्रीय राजनीति कूटनीति किस समझ ज्यादा क्यों होती है। तो फिर कहीं लोग यह भी मानते हैं कि ऐसा कुछ नहीं बल्कि दूसरे भारतीय को भी ज्यादा समझ होती है दुनिया और धर्म के बारे में। 

तथ्य यह है की दुनिया के प्रमुख धर्मों में से 3 धर्म मुख्य है नंबर 1 ईसाई नंबर दो इस्लाम नंबर 3 यहूदी यह तीनों ऐसे धर्म है जो अपने ईश्वरीय दूत एडम एंड हीव यानी आदम और हव्वा की स्टोरी से लेकर मसीह तक और फिर मोहम्मद तक छोटे-मोटे डिस्प्यूट के साथ एक ही मानते हैं। 

यहां यह बताना भी अनिवार्य है दो और मुख्य धर्म हैं जिन्हें सनातन धर्म या बुद्धा के मानने वाले कह सकते हैं जब तीसरी और चौथी बड़ी जनसंख्या के रूप में मौजूद है। 

पहले तीन धर्मों के मानने वालों पर आते हैं जो नूह के आगे सभी दोस्तों को मानते आए फिर झगड़ा ईशा और मूसा के मानने वालों के बीच हुआ मूसा के मानने वालों ने ईशा को मानने से इंकार कर दिया ठीक उसी तरह ईशा तक पूरी पद्धति को मानने वालों ने मोहम्मद को मानने से इंकार कर दिया इन तीनों को ही इब्राहिमी धर्म मानने वाले कहा जाता है। 

अतः इनके झगड़े एक परिवारिक झगड़े की तरह है यह बात सभी जानते हैं कि परिवारिक झगड़ों में भी एक दूसरे के कत्ल कर दिए जाते हैं मगर फिर भी एक दूसरे पर गहरी नजर बनाए रखते हैं

यही कारण है यहूदी ईसाई और मुस्लिम पूरी दुनिया के ज्यादातर मुल्कों में पाए जाते हैं और यहां तक कि पूरे के पूरे बहुत से देश इनके हैं अपने धार्मिक इतिहास को समझने के लिए और उसके बचाव के लिए या उसके रखरखाव के लिए इन्हें अपने इतिहास के साथ-साथ अपने दुश्मनों पर भी नजर रखने की मजबूरी है यही कारण है अरबी इंग्लिश हेब्रो जानने वाले सभी लोग पूरी दुनिया के बारे में अपने आप को और समाज को अपडेट करते रहते हैं। 

अब हम आते हैं भारत क्योंकि सनातन धर्म के मानने वाले अगर दुनिया में कहीं पाए जाते हैं तो वह सभी भारत से जाने के बाद वहां बसे हैं इसलिए संस्कृत के नाम वाले अगर विदेशों में भी रहते हैं तो भी उनकी रुचि सिर्फ भारत में रहती है वह दूसरी दुनिया के बारे में जानना ही नहीं चाहते क्योंकि बाकी दुनिया से उनका इतिहास न कहीं पाया जाता ना मेल खाता अगर वह दूसरी और तीसरी दुनिया के बारे में जानना चाहेंगे तो उन्हें अपना इतिहास बहुत बोना और बिना कहीं मैच होने वाला नजर आएगा इसलिए वह अपनी एक कुएं जैसी दुनिया में खुश हैं। 

चीन के लोगों ने भी इसीलिए अपने चारों तरफ दीवार का निर्माण किया क्योंकि वह इब्राहिमी धर्म को नहीं मानते और उनका धर्म बाकी दुनिया में पाया नहीं जाता इसलिए वह अपनी दुनिया में खुश मगर विकासशील लोग हैं दंत कथाएं वहां भी बहुत हैं इसलिए वह अपने विकास के साथ दंत कथाओं से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ते रहते हैं। 

वहीं भारत में दंत कथाएं कुछ इस प्रकार की हैं कि वहां तक पहुंचने में अभी विश्व को 5 से 7000 साल लग सकते हैं तब तक यह कुनबा अपनी परी कथाओं के साथ अपने ही 4000 किलोमीटर के टुकड़े में पूरा विश्व खोज लेता है और इससे बाहर कोई रुचि नहीं रखता उम्मीद है सबको समझ आ गया होगा कि भारत में कूटनीति की समझ क्यों नहीं पाई जाती ? ( लेखक वरिष्ठ पत्रकार और टीकाकार हैं )

 


योगी सरकार के इशारे पर आज़मगढ़ में महिलाओं पर लाठीचार्ज-आंसूगैस के गोले दागे गए- रिहाई मंच

योगी सरकार के इशारे पर आज़मगढ़ में महिलाओं पर लाठीचार्ज-आंसूगैस के गोले दागे गए- रिहाई मंच

05-Feb-2020

डीएम की मौजूदगी में पुलिसिया हिंसा का शिकार हुईं महिलाएं, बच्चे और आम नागरिक

आज़मगढ/लखनऊ 5 फरवरी 2020. जौहर अली पार्क बिलरियागंज, आज़मगढ़ में धरने पर बैठी महिलाओं पर तड़के सुबह लाठीचार्ज और आसूं गैस के गोले दागने की घटना के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जिम्मेदार ठहराते हुए रिहाई मंच ने डीएम और कप्तान के खिलाफ करवाई की मांग की. मंच ने कहा कि देर रात से ही डीएम की मौजूदगी में पुलिस बर्बरता कर रही थी.

कल से ही आज़मगढ के बिलरियागंज के मौलाना जौहर अली पार्क में कुछ महिलाएं नागरिक संशोधन कानून के खिलाफ़ धरने पर बैठ कर लोकतांत्रिक तरीक़े से अपना विरोध दर्ज करा रही थी. शांतिपूर्ण धरना चल रहा था. आधी रात में तीन बस पुलिस आती है और पुलिस पूरे पार्क को घेरकर वहां मौजूद लोगों को खदेड़ देती है. पार्क में सिर्फ़ महिलाएं मौजूद रह जाती हैं. फिर महिलाओं को भी वहां से जाने को कहा जाता है पर महिलाएं संविधान और लोकतंत्र की बात कहती हैं. पुलिस बर्बरता पर उतारू होकर लाठी चार्ज, रबर की गोलियां, वाटर कैनन से लेकर आंसू गैस तक का अंधाधुंध इस्तेमाल करती है. पुलिस की बर्बरता यहीं नहीं रूकती बल्कि जिस पार्क में महिलाएं बैठी थी वहां पानी भर देती है और घरों में घुस-घुसकर जो मिला उसको पकड़ ले गयी. जिनको पकड़ ले गयी उनके मोबाइल तक स्विच ऑफ करवा दिया गया जिस वजह से परिवार से कान्टेक्ट ही नहीं हो पा रहा है. पूरे जिले में भय का माहौल आख़री पायदान पर है.

इस पुलिसिया दमन में महिलाओं, बच्चे-बच्चियों और पुरुषों को काफी चोटें आईं हैं. सूचना मिल रही है की रबर की गोली से तीन लोग घायल और एक महिला सरवरी ज़ख्मी हुई हैं. ये पूरी घटना अमानवीय तो है ही लेकिन इस पूरे घटनाक्रम में जिलाधिकारी की मौजूदगी ने बहुत से सवाल उठा दिये हैं. क्या जिलाधिकारी और पुलिस को महिलाओं के द्वारा संविधान और लोकतंत्र की बातें करना अच्छा नहीं लगा. क्या ये दमन सरकार के इशारे पर किया गया. क्या जिलाधिकारी भी अपनी शपथ भूल गए हैं.

ये घटनाक्रम बहुत शर्मनाक, अमानवीय है. रिहाई मंच इस घटना की कड़ी भर्त्सना करते हुए तत्काल जिन लोगों को पुलिस उठा ले गई है उनकी रिहाई की मांग करता है. पूरे घटनाक्रम की उच्चस्तरीय जांच की मांग करता है.

द्वारा
राजीव यादव
महासचिव रिहाई मंच
9452800752

 


कुणाल कामरा पर एयर एशिया और Vistara ने नहीं लगाया प्रतिबन्ध  !

कुणाल कामरा पर एयर एशिया और Vistara ने नहीं लगाया प्रतिबन्ध !

03-Feb-2020

देश की दो बड़ी एयरलाइन्स AirAsia और Vistara ने स्टैंड अप कॉमेडियन कुणाल कामरा के खिलाफ जांच पूरी होने तक बैन लगाने से इंकार कर दिया है। दोनों एयरलाइन्स का यह कदम केन्द्रीय उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी के उस ट्वीट के बाद आया है, जिसमें केन्द्रीय मंत्री ने सभी एयरलाइन्स को कुणाल कामरा के खिलाफ बैन लगाने की ‘सलाह’ दी थी।
एयर एशिया और विस्तारा एयरलाइन्स ने स्वतंत्र जांच की कार्रवाई शुरू कर दी है, जिसके पूरा होने के बाद ही ये दोनों एयरलाइन्स कार्रवाई को लेकर फैसला करेंगी। गौरतलब है कि देश के एयरलाइन मार्केट में एयर एशिया और विस्तारा एयरलाइन्स का 11.4 प्रतिशत शेयर है।

 


बिहार : मूर्ति विसर्जन को लेकर दो गुटों के बीच हिंसक झड़प, चली गोलियां और बरसे बम, कई पुलिसवाले घायल

बिहार : मूर्ति विसर्जन को लेकर दो गुटों के बीच हिंसक झड़प, चली गोलियां और बरसे बम, कई पुलिसवाले घायल

01-Feb-2020

बिहार की राजधानी पटना की सड़कों पर उपद्रवियों ने बेखौफ होकर गोलियां बरसाई और बम भी फोड़े। जानकारी के मुताबिक शुक्रवार की रात करीब 8 बजे पीरबहोर थाना क्षेत्र स्थित साइंस कॉलेज के पास दो गुटों के बीच अचानक हिंसक झड़प शुरू हो गई। मूर्ति विसर्जन को लेकर शुरू हुई झड़प खून-खराबे और गोली-बम तक पहुंच गई। पटना में सरेआम गुंडागर्दी का एक वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में नजर आ रहा है रात के वक्त पटना की सड़कों पर अफऱातफरी का माहौल है। कुछ छात्र इधर-उधर दौड़ रहे हैं। वीडियो में गोली चलने की आवाज भी साफ-साफ सुनाई दे रही है। गोली की आवाज आने के बाद भीड़ में अचानक भगदड़ और तेज हो जाती है। वीडियो में यह भी नजर आ रहा है कि भीड़ में शामिल कुछ छात्र जमकर पथराव भी कर रहे हैं।

बताया जा रहा है कि यह विवाद इतना बढ़ा कि आक्रोशित छात्रों ने 7 से अधिक गाड़ियों को आग के हवाले भी कर दिया। पटना की सड़कों पर इस गुंडागर्दी की खबर पुलिस को भी लगी। लेकिन मौके पर पहुंची पुलिस शुरू में छात्रों को काबू करने में नाकाम रही। इस मारपीट और गोलीबारी में 2 सिपाही समेत कुछ अन्य छात्र भी घायल हो गए है। बाद में भारी संख्या में पहुंची पुलिस की टीम ने किसी तरह छात्रों को कंट्रोल किया।

घटना के बारे में मिली जानकारी के अनुसार, पटना विश्वविद्यालय के मिंटो, नूतन और जैक्सन हॉस्टल के लड़के शुक्रवार की शाम मां सरस्वती की प्रतिमा विसर्जन करने के लिए जुलूस की शक्ल में निकले थे। जैसे ही वे विश्वविद्यालय कैंपस से बाहर निकलकर थोड़ा आगे बढ़े ही थे कि लालबाग मोहल्ले के शरारती तत्वों ने उनपर बमबारी और पथराव शुरू कर दिया।

जवाब में हॉस्टल के लड़कों ने भी फायरिंग की। इस बीच सैदपुर हॉस्टल के लड़के भी जुलूस लेकर पहुंच गए। सभी लड़के एकजुट होकर स्थानीय लोगों पर टूट पड़े। दोनों ओर से जमकर बमबारी और फायरिंग होने लगी। इस दौरान विसर्जन जुलूस के साथ जा रहे पीरबहोर थाने के दारोगा मनोज कुमार के पास एक धमाका हो गया। बम के छर्रे उनके पैर में लग गए। वहीं पथराव में सिपाही का सिर फट गया।


भाजपा नेता प्रवेश वर्मा के दिए बयान को ध्यान में रखकर दिल्ली वालों को सोच समझ कर फैसला करना होगा

भाजपा नेता प्रवेश वर्मा के दिए बयान को ध्यान में रखकर दिल्ली वालों को सोच समझ कर फैसला करना होगा

31-Jan-2020

 आलोक पुतुल् जी के फेस बुक वाल से

भाजपा नेता प्रवेश वर्मा के शाहीनबाग पर दिये बयान-"दिल्ली वालों को सोच समझ कर फैसला करना होगा. ये लोग आपके घरों में घुसेंगे, आपकी बहन बेटियों को उठायेंगे, उनका रेप करेंगे, उनको मारेंगे...." के बाद लगा कि एक बार संसद में गंभीर अपराधों के आरोपियों के आंकड़ों को देखना चाहिये. इसे किसी व्यक्ति और संगठन पर आरोप की तरह देखने के बजाय केवल एक तथ्य की तरह देखें तो बेहतर होगा.

हत्या के आरोपी 11 में से 5 माननीय सांसद भाजपा के हैं. इसके अलावा हत्या के आरोपियों में 2 बसपा के, 1 कांग्रेस के, 1 YSRCP के, 1 NCP के और 1 निर्दलीय हैं.

इसी तरह अपहरण के जो 6 आरोपी सांसद हैं, उनमें 4 भाजपा के, 1 बसपा के और 1 निर्दलीय हैं.

बलात्कार के 3 आरोपी सांसदों में से 1 भाजपा के, 1 कांग्रेस के और 1 YSRCP के हैं.

एक छोटी-सी लिस्ट ये रही-

Horen Sing Bey (BJP) Murder
Sri Nisith Pramanik (BJP) Murder
Ajay Kumar (BJP) Murder
Sadhvi Pragya Singh Thakur (BJP) Murder
Chhatar Singh Darbar (BJP) Murder
Atul Kumar Singh (BSP) Murder
Afzal Ansari (BSP) Murder
Adhir Ranjan Chowdhury (INC) Murder
Naba Kumar Sarania (Independent) Murder
Bhonsle Shrimant Chhatrapati Udayanraje Pratapasingh Maharaj (NCP) Murder
Kuruva Gorantla Madhav (YSRCP) Murder
Saumitra Khan (BJP) Rape
Hibi Eden  (INC) Rape
Kuruva Gorantla Madhav (YSRCP) Rape
Horen Sing Bey (BJP) Kidnapping
Satyapal Singh Baghel (BJP) Kidnapping
Kishan Kapoor (BJP) Kidnapping
Pankaj Choudhary (BJP) Kidnapping
Atul Kumar Singh (BSP) Kidnapping
Naba Kumar Sarania (Independent) Kidnapping

जिन्हें आंकड़ों में कुछ और गुणा-भाग करना हो, उनके लिये यह जानना भी दिलचस्प होगा कि 2004 में गंभीर अपराधों के आरोपियों की संख्या 50 थी, जो 2009 में 77 हो गई और 2014 में ऐसे माननीयों की संख्या 112 तक पहुंच गई. 2019 में इस आंकड़े ने रिकार्ड तोड़ दिया और इस लोकसभा चुनाव में गंभीर अपराधों के 159 आरोपी माननीय सदस्य बन कर संसद पहुंच गये. 

 

 


बिलगेट की बेटी करने जा रही है मुस्लिम अरबपति से शादी!

बिलगेट की बेटी करने जा रही है मुस्लिम अरबपति से शादी!

31-Jan-2020

बिल गेट्स की बड़ी बेटी जेनिफर कैथराइन गेट्स ने मिस्र के मुस्लिमों के साथ अपनी सगाई की घोषणा की है।
दुनिया की सबसे अमीर शख्सियत में से एक 23 साल की बेटी कैथरीन 28 साल के नायल नासर से डेटिंग कर रही थीं, जो एक करोड़पति परिवार से ताल्लुक रखता है।
लंबे समय तक डेटिंग करने के बाद, अरबपति की बेटी ने सोशल मीडिया पर अपनी सगाई की घोषणा की है।
कथरीन और नासर दोनों ने अपने दिल दहला देने वाले सर्दियों के प्रस्ताव की तस्वीरें साझा करने के लिए इंस्टाग्राम अकाउंट्स का सहारा लिया।
गेट्स ने अपने 203 हजार इंस्टाग्राम फॉलोअर्स को लिखा, “नायल नासर, आप एक तरह के हैं।”

“इस पिछले सप्ताह के अंत में मुझे अपने पैरों से पूरी तरह से झुलसा दिया, मुझे हमारे सभी साझा संस्करणों में से सबसे अधिक सार्थक स्थान में आश्चर्यचकित कर दिया।”

मैं अपने शेष जीवन को सीखने, बढ़ने, हंसने और एक साथ प्यार करने के लिए इंतजार नहीं कर सकता। हाँ एक लाख बार, ”उसने जोड़ा।
नासर का जन्म मिस्र के एक मुस्लिम परिवार में हुआ था। नासर एक पेशेवर मिस्र का घोड़ा सवार है और आर्थिक रूप से मजबूत पारिवारिक पृष्ठभूमि से ताल्लुक रखता है। उनका परिवार कुवैत में वास्तुकला और डिजाइन व्यवसाय में शामिल है।
कैथरीन और नासर दोनों, जिन्होंने स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय में भाग लिया, अगले वर्ष तक एक-दूसरे से शादी करेंगे।
गौरतलब है कि, यह पहली बार नहीं है जब मुस्लिम पुरुषों के लिए पश्चिमी सेलिब्रिटी की लड़कियां गिरी हैं। नेट जैक्सन, रिहाना, मारिया कैरी के नाम कम हैं।

 


लखनऊ शहर अध्यक्ष,अखिल भारतीय सोनिया ब्रिगेड ने दी महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि

लखनऊ शहर अध्यक्ष,अखिल भारतीय सोनिया ब्रिगेड ने दी महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि

31-Jan-2020

 

लखनऊ  30 जनवरी  2020 कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी ने शहीद दिवस के अवसर पर जहां एक और राजघाट पर जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की वहीं उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शहीद स्मारक पर नगर अध्यक्ष सैय्यद एम अली तक़वी, अखिल भारतीय सोनिया ब्रिगेड की ओर से आज 30 जनवरी को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन हुआ। प्रार्थना सभा में अखिल भारतीय सोनिया ब्रिगेड के सदस्यों ने भाग लिया। इस अवसर पर दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। नगर अध्यक्ष श्री तक़वी ने कहा कि गांधी जी के विचारों का अनुसरण करना, उन्हें धारण करना और उन पर चलना वर्तमान समय की नितांत आवश्यकता है। गांधी जी ने देश की आजादी के लिऐ हर जाति धर्म के व्यक्तियों को जोड़कर आजादी की लड़ाई लड़ी और यहीं भारत की आजादी के बाद संस्कृति व पहचान बन गई।। प्रदेश प्रभारी डॉ दुर्गेश सोनकर ने कहा कि गांधी जी की विचारधारा के कारण ही भारत विश्व में विशेष स्थान पर स्थापित है। उन्होंने कहा कि जिस तरह गांधी जी के प्रयासों से अंग्रेजों से आजादी प्राप्त हुई उसी तरह आज सोनिया जी के नेतृत्व में संघर्ष करके तानाशाही मोदी सरकार से आजादी प्राप्त करने की जरूरत है। डॉ. आकाश विक्रम ने कहा कि गांधी जी राष्ट्रपिता के रूप में सभी के ह्दय में हमेशा आदरणीय रहेंगे। एडवोकेट अधिवक्ता जीशान हैदर ने कहा कि गांधी जी ने जिस अहिंसा का मार्ग देशवासियों को दिखाया था आज देश उसी अहिंसा के मार्ग पर चलकर हर धर्म की एक माला के रूप में पूरी दुनिया के सामने मौजूद है। कार्यक्रम में लखनऊ ज़िला अध्यक्ष श्रीमती शीरीन खान, नगर उपाध्यक्ष राजेश चौधरी, प्रदेश प्रभारी डॉ. दुर्गेश सोनकर, शाबू ज़ैदी, जीशान हैदर एडवोकेट, कम्बर रज़ा “मिन्टू”, अज़ीम शेख, श्रीमती शाहीन ज़ैदी, मो बशीर, सैय्यद अब्बास ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की।

 


अवैध संबंध के शक में महिला की परिवार वालों ने नाक काट दी, प्रेमी की जमकर पीटाई!

अवैध संबंध के शक में महिला की परिवार वालों ने नाक काट दी, प्रेमी की जमकर पीटाई!

29-Jan-2020

प्रेमी से अवैध संबंधों के चलते एक महिला कि उसके परिवार की लोगों ने साजिश के तहत नाक काट दी। और फिर प्रेमी युवक का भी जमकर पिटाई की और उसका भी काट दिया।
पत्रिका पर छपी खबर के अनुसार, इस घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों प्रेमी प्रेमिका को जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। पुलिस के मुताबिक घटना की जांच की जा रही है।
दरसल अयोध्या जनपद के पटरंगा थाना क्षेत्र स्थित गांव खंड पिपरा के पुरवा पासिन का पुरवा निवासी 30 वर्षीय विवाहिता का इसी ग्राम सभा के रहने वाले गैर समुदाय के युवक 23 वर्षीय मोहम्मद कासिम से अवैध संबंध चल रहा था।
विवाहिता और उसका प्रेमी चोरी छुपे एक दूसरे से मिलते थे।इस बात की भनक विवाहिता के परिवार वालों को लगी तो उन्होंने दोनों को सबक सिखाने की ठान ली और सोमवार की रात विवाहिता के घर से निकल अपने घर को जा रहे प्रेमी 23 वर्षीय कासिम को पहले से चौकन्ना परिवार ने धर दबोचा।
प्रेमी के हाथ लगते हैं परिवार और आसपास के लोगों ने अपना गुस्सा उतारा। मौके पर पहुंची विवाहिता ने प्रेमी को मारे पीटे जाने का विरोध किया तो परिवार और गांव वालों ने प्रेमी को रस्सी से बांध दिया और फिर से पिटाई की।
घर की इज्जत नीलाम करने वाली विवाहिता को पहले सजा देने का निर्णय लिया और पहले विवाहिता की नाक काटी और फिर उसके प्रेमी के साथ भी वही अंजाम किया। इसके बाद मामले की खबर पुलिस को देकर दोनों को पुलिस के हवाले कर दिया।
पटरंगा पुलिस ने दोनों को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मवई पहुंचाया। हालांकि वहां से डॉक्टरों में दोनों को जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया।
बताया जा रहा है कि दोनों के बीच पांच-छह साल से प्रेम प्रसंग और अवैध संबंध चल रहा था। दोनों ने कोर्ट मैरिज करने की भी योजना बना रखी थी।
विवाहिता अक्सर अपने प्रेमी को अपने ही घर में बुला लेती थी और परिवार की नजरों से छुपा कर रखती थी।
इस बार भी विवाहिता का प्रेमी 2 दिनों तक विवाहिता के ही घर में छिप कर रहा लेकिन पहले से नजर गड़ाए बैठे परिवार की नजरों को इस बार धोखा नहीं दे सका और लोगों के हत्थे चढ़ गया।
हीं इस मामले को लेकर क्षेत्राधिकारी रुदौली धर्मेंद्र कुमार यादव कहना है कि मामले की जानकारी पर दोनों घायलों विवाहिता और प्रेमी को उपचार के लिए भर्ती कराया गया है। पुलिस मामले में विधिक कार्यवाही कर रही है।

 


यूपी पुलिस ने लड़के को बुरी तरह पीटते हुए पूछा- ‘बता तेरा अल्लाह तुझे बचाने आयेगा?’

यूपी पुलिस ने लड़के को बुरी तरह पीटते हुए पूछा- ‘बता तेरा अल्लाह तुझे बचाने आयेगा?’

28-Jan-2020

यूपी के मुजफ्फरनगर में एक 14 वर्षीय लड़के को गर्म लोहे की छड़ से पीटा गया और पूछा गया कि क्या तुम्हारा अल्लाह तुम्हें बचाने आएगा?

https://www.youtube.com/watch?time_continue=17&v=qR4sEnLCr5s&feature=emb_title CLIC

20 दिसंबर को पुलिस द्वारा उसकी हिरासत के कठोर प्रताड़ित करनेेका वर्णन करते हुए, लड़का याद करता है। , जब वह नमाज़ के बाद घर लौटा तो उसे बताया गया कि उसका भाई घर नहीं लौटा है। इसलिए वह अपने भाई की तलाश के लिए निकला।
लेकिन जैसे ही वह बाहर गया, पुलिस ने उसे पकड़ लिया। उन्होंने उसे आग में फेंकने की कोशिश की, लेकिन फिर गर्म रॉड रखकर उसका हाथ जला दिया।
लड़के को 20 दिसंबर 2018 को हिरासत में लिया गया और 24 दिसंबर 2018 को रिहा कर दिया गया।
मुजफ्फरनगर के लड़के ने बताया कि उसे बैरक में अवैध हिरासत में रखा गया था। दो दिन तक उसे खाना नहीं दिया गया। अन्य बंदियों के साथ भी ऐसा ही अत्याचार किया गया।
पुलिस द्वारा लड़के से बार-बार पूछा जाता था कि “उन्हें सौ नाम दो”। पुलिस ने न केवल उन्हें बल्कि उनके पवित्र क़ुरआन को गाली दी। उनसे पूछा गया, “क्या आपका अल्लाह आपको बचाने आएगा?” बंदियों को पीटा गया और जय श्री राम के नारे लगाए गए।
संभल शहर के एक अन्य लड़के को भी पुलिस ने उठाया और क्रूर यातना के अधीन किया। उन्हें 20 दिसंबर को चुना गया था लेकिन अभी तक उन्हें रिहा नहीं किया गया है। लड़के की माँ ने बताया कि वह उसका सबसे छोटा बेटा हैवह दूसरे बच्चे के साथ शाम 4 बजे के करीब बाहर गया। वह क्लॉक टॉवर के पास पुलिस स्टेशन की ओर गया, जो उस लड़के को देख रहा था जो मर गया था, लेकिन पुलिस द्वारा हिरासत में लिया गया था।
कारवान-ए-मोहब्बत की तथ्य-खोज टीम ने मुजफ्फरनगर, मेरठ, संभल और फिरोजाबाद सहित सबसे बुरी तरह प्रभावित स्थानों का दौरा किया और नोट किया कि इन शहरों के मुस्लिम निवासियों के प्रति सभी हिंसाओं को निर्देशित किया गया था, जो अब बहुत दुःख और अकल्पनीय भय से भरे हैं।

 

उन्होंने पाया कि वर्दी में पुरुषों ने सीएए के विरोध प्रदर्शन के दौरान छोटे बच्चों को भी नहीं छोड़ा। पुलिस ने नाबालिगों को उतार दिया और उनकी जमकर पिटाई की।

 करवान-ए-मोहब्बत की टीम के अनुसार, 19 नाबालिग लड़के अभी भी संभल में पुलिस हिरासत में हैं। मुजफ्फरनगर में पुलिस ने एक अनाथालय मदरसे से 40 नाबालिगों को गिरफ्तार किया और बच्चों के साथ मारपीट की।

सौजन्य से सिआसत डॉट कॉम हिंदी