भारत को हमले की धमकी देने वाले पाकिस्तान के रेल मंत्री की लंदन में पिटाई

भारत को हमले की धमकी देने वाले पाकिस्तान के रेल मंत्री की लंदन में पिटाई

23-Aug-2019

लंदन : भारत सरकार ने जब अनुच्छेद 370 को खत्म किया, तो भारत को परमाणु हमले की धमकी देने वाले पाकिस्तान के रेल मंत्री शेख रशीद की लंदन में जमकर पिटाई की गई है। भीड़ ने उन्हें लात-घूसों से पीटा और अंडे फेंक कर मारे। हमलावरों के बारे में अभी कोई जानकारी नहीं मिली है और रशीद की पिटाई करने के बाद वे मौके से फरार हो गए।

पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार, अवामी मुस्लिम लीग के प्रमुख व रेल मंत्री शेख रशीद पर लंदन में उस समय हमला किया गया जब वह एक होटल में पुरस्कार समारोह में शिरकत करने पहुंचे थे। हमलावर शेख रशीद को पीटने के बाद वहां से भाग निकले। इस हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) से संबद्ध पीपुल्स यूथ ऑर्गनाइजेशन यूरोप के अध्यक्ष आसिफ अली खान और पार्टी की ग्रेटर लंदन महिला शाखा की अध्यक्ष समाह नाज ने ली है।

रेल मंत्री शेख रशीद ने कुछ दिन पहले ही पीपीपी प्रमुख बिलावल भुट्टो जरदारी के खिलाफ अपशब्द कहे थे, जिसके बाद से पीपुल्स यूथ ऑर्गनाइजेशन यूरोप और ग्रेटर लंदन महिला शाखा के सदस्य उनसे नाराज चल रहे थे। हालांकि उन्होंने रशीद पर केवल अंडा फेंकने की बात कही है।


बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा के सम्मान में दी जा रही थी 21 बंदूकों की सलामी, लेकिन एक भी बंदूक नहीं चली

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा के सम्मान में दी जा रही थी 21 बंदूकों की सलामी, लेकिन एक भी बंदूक नहीं चली

22-Aug-2019

तीन बार बिहार के मुख्यमंत्री रहे डॉ. जगन्नाथ मिश्रा का 19 अगस्त को दिल्ली में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उनका बुधवार को उनके गृह जिले सुपौल में राजकीय सम्‍मान के साथ अंतिम संस्‍कार किया गया। अंतिम विदाई के समय जगन्नाथ मिश्रा को राजकीय सम्मान के साथ 21 बंदूकों की सलामी दी जानी थी। लेकिन सलामी के दौरान पुलिसकर्मियों की 21 बंदूकों में से एक भी बंदूक नहीं चलीं।

यह देखकर प्रशासनिक अमले के होश फाख्ता हो गए। हैरान करने वाली बात तो यह है कि इस पूरे घटनाक्रम के दौरान बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के साथ ही जिले के तमाम वरीय पुलिस प्रशासन के पदाधिकारी भी मौजूद थे। इस पूरे वाक्य का एक वीडियो भी सामने आया है, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, गार्ड ऑफ ऑनर के दौरान पुलिस की एक भी रायफल नहीं चलने के इस मामले को पुलिस प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। इस बारे में किसी भी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कुछ भी नहीं कहा है। सुपौल के पुलिस अधीक्षक मृत्युंजय चौधरी ने मात्र इतना कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

जगन्नाथ मिश्र का पार्थिव शरीर बलुआ पहुंचा, जहां पर बड़ी संख्या में लोग उनके अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे। इसके बाद पूरे विधि-विधान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। राजकीय सम्मान के वक्त एक भी गोली न चल पाने के बाद बिहार पुलिस की लोग जमकर खिंचाई करने में लगे हैं।

बिहार के पूर्व सीएम जगन्नाथ मिश्र का लंबी बीमारी के बाद 19 अगस्त को को दिल्ली में निधन हो गया था। वह 82 वर्ष के थे। तीन बार बिहार के सीएम रहे मिश्रा के निधन पर राजनीतिक हलके में शोक की लहर है। सीएम नीतीश कुमार ने राज्य में तीन के दिन राजकीय शोक का ऐलान किया था। वह कैंसर से पीड़ित थे और दिल्ली में उनका इलाज चल रहा था।

यहाँ दिए गए लिंक पर क्लिक कर वीडियो देखे https://twitter.com/i/status/1164150678027145216

साभार : Jantakareporter.com से 

यह खबर मूल रूप से जनता का रिपोर्टर न्यूज में प्रकाशित हुआ है 


प्रयागराज: युवती से दरिंदगी करने के बाद दुपट्टे से गला दबाकर की हत्या

प्रयागराज: युवती से दरिंदगी करने के बाद दुपट्टे से गला दबाकर की हत्या

22-Aug-2019

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में एक युवती से रेप के बाद उसकी हत्या कर शव को हाईवे किनारे फेंके जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। कातिलों ने उसके दोनों हाथ बांध दिए थे और शव को धान के खेत में फेंक दिया था। पुलिस की मानें तो युवती की अभी तक पहचान नहीं हो सकी है। एसपी गंगापार की मानें तो युवती के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही रेप की पुष्टि हो सकेगी। फिलहाल युवती की शिनाख्त के प्रयास किए जा रहे है। इसके लिए उसके फोटो पूरे प्रदेश में भेजे गए है।


छत्तीसगढ़ में 40 लारव लोग सिकलसेल से प्रभावित

छत्तीसगढ़ में 40 लारव लोग सिकलसेल से प्रभावित

22-Aug-2019

कृष्ण देव सिंह (बुधवार समाचार)

रायपुर। छत्तीसगढ़ में पीढ़ी दर पीढ़ी सिकलसेल की अनुवांशिक बीमारी से जुझती चली आ रही है.इसका असर यूँ तो कुछ न कुछ सभी जगह विराजमान है परन्तु राज्य सरकार ने इसकी गंभीरता को देखते हुए 22 जिला अस्पतालों में इसके उपचार और परीक्षण के लिए नये सेंटर खोलने की स्वीकृति दी है. वर्तमान में राज्य के पाँच मेडिकल कालेजों में इसके सेंटर संचालित हैं. केन्द्र सरकार द्वारा जारी दिव्यांगता सूची में सिकलसेल को भी शामिल किया गया है किन्तु सिकलसेल पीड़ितों को अभी दिव्यागंता प्रमाण पत्र मिलने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है. नाम मात्र लोगों को ही दिव्यागंता प्रमाण पत्र जारी किये गये हैं। झ्स रोग से पीड़ित लोग रोज मौत और जिन्दगी के बीच झुलते रहते हैं

सिकल सेल एक अनुवांशिक बीमारी (Genetic Disorder) है। जिसका आधुनिका चिकित्सा विज्ञान में कोई निश्चित ईलाज नहीं है। यद्यपि यह रोग किसी भी स्थान पर किसी भी जाति में हो सकता है लेकिन अमुमन सिकल सेल रोग कुछ खास इलाको में रहने वाली कुछ खास जातियों में ज्यादा पाया जाता है। यह माता-पिता के जीन्स से पुश्तैनी तौर से मिलता है। हलांकि यह कहना मुश्किल है कि यह बीमारी कब और कहाँ से आई। लेकिन यह देखा गया है कि यह बीमारी उस भू-भाग पर ज्यादा है जहाँ मलेरिया बहुतायत में रहता है। वैज्ञानिकों का अनुमान है कि मलेरिया पैरासाइड़ से बचने के लिए लाल रक्तकणों ने यह रक्षात्मक रूप (mutation)धारण किया होगा ।

छत्तीसगढ़ में सिकलसेल के मरीज कितना है कहना मुश्किल है क्योकि इसका अधिकृत आंकड़ा शासन के पास भी नही है परन्तु माना जा रहा है कि 40 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हैं। ढाई करोड़ से ज्यादा आबादी वाले राज्य में लगभग 15% लोग सिकलसेल से पीड़ित हैं, जिसका कोई इलाज नहीं। 28 जिलों वाले राज्य में ज्यादातर यह बीमारी साहू, कुर्मी और आदिवासी समुदाय के लोगो में पायी जाती है। उपचार के साथ -साथ सामाजिक जागरूकता से जुड़ी इस बीमारी में विवाह के समय जन्मकुंडली से ज्यादा रक्त कुंडली मिलाने का महत्व है। सिकल सेल का प्रसार संतान उत्पत्ति से होता है इसलिए विवाह पूर्व जाँच कर लेना उचित होगा। सिकल का रोगी या कैरियर विवाह कर सकता है ,लेकिन उसे विशेष ध्यान रखना होगा कि जिससे उसका विवाह हों रहा है उसके सिकल जीन की स्थिति क्या है । यदि दो सिकलसेल कैरियर आपस में विवाह करते हैं तो उनकी संतानें सिकलिंग से पीड़ित होगी। ऐसे बच्चे लगातार उपचार के बावजूद 20-25 साल तक अधिकतम जीवित रह पाते हैं।

छत्तीसगढ़ की विधानसभा में 15 वर्ष पूर्व 27 मई 2004 को सिकल रोग नियंत्रण के लिए एक अशासकीय संकल्प रखा गया था जो सर्वसम्मति से पास हुआ। यह संकल्प राज्यसभा, लोकसभा, योजना आयोग तथा भारत के राष्ट्रपति से होते हुए अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के माध्यम से संयुक्त राष्ट्र संघ तक पंहुचा इसके बाद प्रदेश में कुछ इंस्टीटयूट खुल गया पर 154 से ज्यादा पद आज भी खाली है। सिकलसेल की बीमारी की व्यापकता और गंभीरता के बावजूद, राज्य में उपलब्ध संसाधन और उपचार, परामर्श सहायता केन्द्रों की संख्या और सक्रियता को लेकर काफी आलोचनाएँ होती रहती हैं पर अभी तक कोई समुचित व्यवस्था नही हो पाई है।

सिकलसेल इंस्टीट्यूट की स्थापना 2013 में हुई थी, और इसके भीतर 180 जॉब पोजिशन हैं, लेकिन 154 पद खाली रह गए हैं। भरे हुए पदों में से अधिकांश चिकित्सा कर्मियों के बजाय कथित तौर पर प्रशासनिक हैं। सिकलसेल रोग के प्रभावों को रोकने के प्रयास हाल ही में स्थापित किए गए हैं, हालांकि उपचार की दिशा में ये प्रयास काफी हद तक अनुत्पादक हैं। लेकिन अनुपादक  को उत्पादक बनाने की जरूरत हैा इसके लिए राज्य सरकार की स्वास्थ विभाग को ही आवश्यक कदम उठाने होगें जो फिलहाल सोया हुआ है ।

सिकल सेल मिशनमोड प्रोजेक्ट,संचालक डॉ.पी के पात्रा ने बताया कि सिकल सेल के मरीज दो प्रकार के होते है 1: सिकल वाहक (केरियर)  ( AS) और दूसरे सिकल पीड़ित रोगी  ( SS)'I सिकल वाहक में सिकल का एक जीन होता है लेकिन रोग के कोईं लक्षण नही होते । इन्हें किसी तरह की इलाज की आवश्यकता नहीं होती ये सामान्य जीवन व्यतीत करते है और इन्हें स्वयं भी मालूम नही होता कि वे अपने रक्त मे सिकल का जीन धारण करते हैं और वे अनजाने में ही सिकल के वाहक बन जाते हैं। सिकल रोगी को सिकल सेल सफरर या होमोजायगोट्स.भी कहते है। जब दोनों पालकों से असामान्य जीन्स (SS) मिलते हैं तो संतान सिकल रोगी / सफरर होता है। इसे. सिकल सेल एनीमिया रोग कहा जाता है और झ्स स्थिति में रोग के सभी लक्षण मिलते हैं।

इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी की राज्य इकाई के पूर्व अध्यक्ष डॉ ए.आर. दल्ला का कहना है कि इस विषय को लेकर अगर सरकार गंभीर है तो सरकार को विभिन्न अभियानों का प्रबंध करना होगा, जनजागरण अभियान चलाकर सिकल रोग सम्बंधित भ्रांतियों को दूर करना होगा। सभी राष्ट्रों से स्वास्थ सेवा का आग्रह करना होगा। संयुक्त राज्य संघ ने यह भी आग्रह किया कि अपने देश में राष्ट्रीय सिकलसेल नियंत्रण निवारण कार्यक्रम प्रारम्भ करते हुए विशेष सिकलसेल नियंत्रण का गठन करें। 

पीढ़ियों तक चलती है यह बीमारी 

एक जानकारी के अनुसार रायपुर की गोंड जनजाति में लगभग 20 प्रतिशत बीमारी का प्रचलन है। क्षेत्र में कुर्मी और साहू जातियों में यह रोग पाया जाता हैं, जिनकी संख्या 20 से 22 प्रतिशत के बीच है। राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी उच्च स्तर पर सिकलसेल रोग मौजूद है। सिकलसेल रोग एक आनुवंशिक रोग है जो रक्त कोशिकाओं को प्रभावित करता है। यदि माता-पिता इस रोग से पीड़ित हैं तो बेशक विरासत में यह रोग शिशु को मिलेगा. बरसात के दिनों में तो सिकलसेल के रोगी दर्द के मारे तड़पते रहते है । झ्स रोग से पीड़ित व्यक्ति की आयु कम हो जाती है और इससे मृत्यू भी हो जाती है।

सिकल सेल एनीमिया में विरासत में मिला रोग एक सिकल आकार बनाता है। शरीर की छोटी रक्त वाहिनियों में यह सिकल नुकीला और कड़ा होकर फंस जाता है। रक्त और ऑक्सीजन के मार्ग में अवरोध होने से दर्द होता है जिससे रोगी चिल्ला उठता है इसे सिकल क्राइसेस कहते हैं। डिस्क के आकार की रक्त कोशिकाएं लचीली होती हैं, जो बिना किसी समस्या के रक्त वाहिकाओं के अलग-अलग व्यास को नेविगेट करने में सक्षम होती हैं। सिकल कोशिकाओं में इस लचीलेपन की कमी होती है, इससे रक्त वाहिका के बंद होने की संभावना बढ़ जाती है। लाल रक्त कोशिकाओं की कमजोर स्थिति के कारण मलेरिया परजीवी द्वारा आक्रमण किए जाने पर कोशिकाएं फट जाती हैं। यह कट पैरासाइट के प्रतिकृति चक्र को छोटा करता है और इस तरह मानव मेजबान को मलेरिया संक्रमण से बचाता है। 

  उपचार ना हुआ तो हो सकती है मौत 

सिकलसेल की यह बीमारी भारत सहित अफ्रीका और दक्षिण एशिया के कई क्षेत्रों में प्रचलित है। डॉ. दल्ला का कहना है की सिकलसेल घातक हो सकता है, इसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। सिकलसेल डिजीस यानी एससीडी को बचपन के दौरान बीमारी का उपचार ना किया जाये, तो रोगी मर सकता है. यदि इलाज किया जाता है तो सबसे अच्छा परिणाम स्वरुप संभावित बीस वर्षों का जीवनकाल होगा। भारत के सिकलसेल संगठन के डॉक्टरों का कहना है कि एससीडी हर साल अकेले छत्तीसगढ़ में 10,000 बच्चों का जीवन खतरे में होने का दावा करता है । छत्तीसगढ़ के सिकलसेल इंस्टिट्यूट के संचालक डॉ अरविंद नेरलवार ने बताया था कि छत्तीसगढ़ में सरकारी आँकड़ों मे 9.2 % लोग इस बीमारी से कैरियर के रूप पीड़ित है और 0.9 लोग इस बीमारी से गंभीर रूप से पीड़ित हैं किन्तु यह बीमारी कोई बैक्टीरिया या वायरस से होने वाली बीमारी नहीं है न ही कोई छुआछूत की बीमारी न ही एड्स की तरह एक दूसरे में फैलने वाली बीमारी है। यह कोई सामजिक दोष भी  नहीं है, इसलिए इसे छुपाने की आवश्यकता भी नहीं है. 

रोगियों की जीवरेखा बढ़ रही है

हालांकि इस रोग से डरने की आवश्यकता नहीं है. इसका कोई ठोस उपचार तो नहीं लेकिन हाईटोसियूरिया एक मात्र ऐसी औषधि है जो जीवन बचाने में नहीं लेकिन जीवन की उम्र बढ़ाने में सहयोग प्रदान करती है। इस औषधि के उपचार से  बहुत से रोगियों की जीवन रेखा 15-20 साल से बढ़कर 20-30 साल की हो गयी है। उन्होंने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री जी ने घोषणा की है कि राज्य के पाँच मेडीकल कालेज जहाँ पर इसके सेंटर हैं उसके अलावा बाक़ी 22 जिला अस्पतालों में भी इस रोग के लिए मेडिकल सेंटर्स खोले जाएंगे। इन सेंटरों में सही तरीके से उपचार के लिए लैब तकनीशियन और काउंसलर को भी अप्पॉइंट किया जाएगा। देखना है कि मुख्यमंत्री जी की घोषणा कब तक पुरा हो पाता है ताकि प्रदेश की जनता को इसका लाभ मिलना शुरू हो सके 

( लेखक एक वरिष्ठ पत्रकार हैं अक्सर राजनीतिक, सामाजिक और समसामयिक मुद्दों पर वे लिखते रहते हैं )

 


उत्तराखंड में बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत सामग्री ले जा रहा हेलीकॉप्टर क्रैश

उत्तराखंड में बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत सामग्री ले जा रहा हेलीकॉप्टर क्रैश

21-Aug-2019

नई दिल्ली। उत्तराखंड के उत्तरकाशी में बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत सामग्री ले जा रहा हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया है। बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित उत्तरकाशी के लिए राहत सामग्री लेकर ये हेलीकॉप्टर उड़ा था। हेलीकॉप्टर उत्तरकाशी जिले में राहतकार्य में जुटा था। हेलीकॉप्टर राहत सामग्री लेकर मोरी से मोलदी जा रहा था। इसमें तीन लोग पायलट राजपाल, को-पायलट कापताल और एक स्थानीय शख्स रमेश सावर सवार थे। क्रैश के पीछे की क्या वजहें और हेलीकॉप्टर में सवार पायलट और दूसरे लोगों के बारे में अभी कोई जानकारी नहीं मिल सकी है। 


लूटी जा रही है जनता की कमाई

लूटी जा रही है जनता की कमाई

20-Aug-2019

क्या कोई है जो विरोध प्रदर्शन करे, धरना दे, टीवी पर डिबेट करें, नेता, मुल्ला, पत्रकार, सब कहां हैं जो हर बात पर टीवी पर दिखाई देते थे। आज पेट्रोल, डीजल की कीमतों में वृद्धि होने पर कोई आवाज नहीं। जबकि इस वृद्धि से हर सामान के दामों में वृद्धि होगी। उत्तर प्रदेश में मंगलवार से पेट्रोल की कीमत में 2.50 रुपये/लीटर और डीजल में 1 रुपये/लीटर की वृद्धि हो गई। प्रदेश सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर वैट बढ़ा दिया है। कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद वाणिज्य कर विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है।

कैबिनेट के पास जनता की भलाई के लिए कोई काम नहीं है। कब तक जनता को लूटा जायेगा। रोजगार मिल नहीं रहा है कम्पनी कर्मचारियों की छंटनी कर रही है। बहुत सी कम्पनीज़ बंद होने की कगार पर हैं। ऊपर से पेट्रोल डीजल के दाम बढने से जनता मंहगाई की मार नहीं बर्दाश्त कर पायेगी। नया आदेश सोमवार रात 12 बजे से लागू हो गया है. अभी तक पेट्रोल पर 14.70 रुपये/लीटर और डीजल पर 7.68/प्रति लीटर की दर से वैट लगता था. लेकिन अब कीमतें तय करने के लिए नया फॉर्म्यूला बनाया गया है।  वाणिज्य कर अधिकारियों के अनुसार, वैट में कमी की वजह से अक्टूबर से लेकर अब तक सरकार को पेट्रोल-डीजल से मिलने वाले राजस्व में करीब 3,000 करोड़ रुपये की कमी आई है। राज्य सरकार को इस फैसले से राजस्व में 2500 करोड़ रुपये से ज्यादा की बढ़ोतरी की उम्मीद है। सरकार की कमाई का बड़ा हिस्सा वैट से आता है। यही वजह है कि पिछले साल कम किए वैट को फिर बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।

सवाल यह भी है कि प्राप्त राजस्व से सरकार जनता के लिए कौन सा भलाई का काम कर रही है। भारत की जनता टैक्स के चक्रव्यूह में बुरी तरह फंसी हुई है। वन नेशन वन टैक्स प्रभावी नहीं हो रहा है । जनता इनकम टैक्स देने के बाद टैक्स फ्री रकम से खरीदी चीज़ पर फिर टैक्स दे। राज्य वैट के नाम पर अलग वसूले । यह सब दर्शाता है कि हमारा देश किस रास्ते पर जा रहा है अगर यही स्थिति रही तो 2022 तक पूरा देश बर्बाद हो जायेगा। 

देश बुरी स्थिति में है अर्थव्यवस्था चरमरा रही है। इलेक्ट्रिक गाड़ियों की सरकार बात कर रही मगर फिर एक सवाल सामने है जो सरकार शहर और गांव में चौबीस घंटे लाइट नहीं दे पा रही है वह चार्जिंग के लिए इलेक्ट्रिक स्टेशन पर लाइट कैसे दे पायेगी। वैसे भी यह वादों की सरकार है कर्म की नहीं। वह झूठे और चापलूस लोग किस बिल में घुस कर बैठे हैं जो यह दावा कर रहे थे कि मोदी के आने के बाद पेट्रोल डीजल तीस पैंतीस रुपए बिकेगा। बाबा रामदेव कहां हैं जिन्होंने रजत शर्मा के शो में कहा था कि वह प्रैक्टिकल बात करते हैं और इकोनामिक्स जानने का दावा किया था। बहरहाल इन चापलूस मंडली के कारण देश डूबता जा रहा है। सरकार को चाहिए कि इन सब बातों पर ध्यान दे। क्यूंकि सरकार जनता द्वारा जनता एवं देश की भलाई के लिए बनाई जाती है।

( प्रस्तुत लेख सैय्यद एम अली तक़वी के हैं यह लेखक के निजी विचार है )


अर्धनग्न हालत में होटल में खाना मांग रहे युवक की बच्चा चोर के शक लोगों ने कर दी पिटाई

अर्धनग्न हालत में होटल में खाना मांग रहे युवक की बच्चा चोर के शक लोगों ने कर दी पिटाई

20-Aug-2019

गया : जिले के डोभी इलाके में 35 वर्षीय एक युवक को बच्चा चोर के शक में ग्रामीणों द्वारा पिटाई की गयी है. हालांकि, सूचना मिलने पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर पहुंच कर आरोपित बच्चा चोर को ग्रामीणों से छुड़ा कर थाने ले आयी और पूछताछ में जुट गयी है.

प्रभात खबर के अनुसार गया जिले के डोभी थाना क्षेत्र के पोखरा पर स्थित एक लाइन होटल में अर्धनग्न अवस्था में 35 वर्षीय एक युवक होटल के नौकर से खाना मांगने लगा. उस युवक के हुलिया को देख कर आसपास के लोगों उसे बच्चा चोर समझ लिया और पूछताछ करने लगे. देखते ही देखते भीड़ जुट गयी और लोग उस युवक को बच्चा चोर समझ कर पिटाई करने लगे. इसी दौरान किसी ने डोभी पुलिस को इसकी सूचना दे दी. पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए घटनास्थल पर पहुंच कर भीड़ के चंगुल से युवक को छुड़ाया और थाने ले आयी. पुलिस फिलहाल उस युवक से पुछताछ करने में जुटी है.

 


भय और आतंक के साए में जी रहे हैं लोग

भय और आतंक के साए में जी रहे हैं लोग

19-Aug-2019

सैय्यद एम अली तक़वी

आतंकवाद क्या है और आतंकवादी कौन है एक बार फिर अफगानिस्तान हादसे से इसे समझने की जरूरत है। आतंकवाद एक प्रकार की हिंसात्मक गतिविधि होती है। अगर कोई व्यक्ति या कोई संगठन अपने आर्थिक, राजनीतिक एवं विचारात्मक लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए देश के नागरिकों की सुरक्षा को निशाना बनाए, तो उसे आतंकवाद कहते हैं। राजनीतिक एवं वैचारिक हिंसा भी आतंकवाद की ही श्रेणी में आती है। अगर इसी प्रकार की गतिविधि आपराधिक संगठन चलाने या उसे बढ़ावा देने के लिए की जाती है तो वह भी आतंकवाद है। अफगानिस्तान में एक हमलावर द्वारा अपने को बारुद बांधकर उड़ा कर एक तबाही मचा दी। सवाल वही कि आखिर क्या मिला? अपने आप को मुसलमान कहने वाले इन जाहिलों को जन्नत की हूरें तो न मिली बल्कि इसके जिस्म का सूरमा  बन गया।

Image result for kabul bomb blast

काबुल अफगानिस्तान में एक शादी समारोह में बम विस्फोट करके 63 शिया मुसलमानो को शहीद कर दिया और 120 से अधिक घायल हो गए। किसी को अफसोस नहीं हुआ। आत्मा मर चुकी है। इंसान खोखला हो चुका है। शर्म, हया, इंसानियत सब खत्म हो चुका है। लोग सच्चाई की पहचान करना भूल गए हैं। पूरी दुनिया में खामोशी क्यूं है?  दुनिया में एक आदमी के मरने पर सारी दुनिया का मीडिया चीख चीख कर आतंकवाद के खिलाफ आवाज उठाता है मगर अफगानिस्तान में इन 63 से ज्यादा शिया मुसलमानों के कत्ल के खिलाफ कोई आवाज उठाने वाला नहीं! क्यूं?  क्या यह  आतंकवाद  पर दोगलापन नहीं है? मीडिया भी सो रहा है। इंसानियत की बात करने वाली अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं भी सो रही हैं।

अफगानिस्तान सरकार ने देश के 100वें स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में होने वाले समारोह को भी स्थगित कर दिया है। यह प्रोग्राम ऐतिहासिक दर-उल-अमन पैलेस में सोमवार को होना था। खामा प्रेस के मुताबिक, राष्ट्रपति के प्रवक्ता सेदिक सेदिक्की ने कहा कि सचिवालय ने राष्ट्रपति मोहम्मद अशरफ गनी के निर्देश पर अफगानिस्तान के 100वें स्वतंत्रता समारोह के आयोजन को टाल दिया है। राष्ट्रपति ने काबुल में हुए विस्फोट में मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति सम्मान व संवेदना व्यक्त करने के लिए यह फैसला लिया है।

लेकिन सवाल वही कैसे रोका जाए आतंकवाद? कैसे ख़त्म किये जायें आतंकवादी? हादसा होता है लोग निन्दा करते हैं संवेदना व्यक्त करते हैं फिर भूल जाते हैं। हकीकत में कोई भी देश आतंकवाद या आतंकवादी संगठन को खत्म करना नहीं चाहता एक दो अपवाद छोड़कर। शायद राजनीतिक फायदा हो! इच्छा शक्ति कमजोर हो! एक दूसरे देश से दुश्मनी हो! कोई न कोई कारण तो है। वरना दुनिया के मजबूत देश अमरीका, इंग्लैंड, रूस, चीन, भारत, जापान इत्यादि एक आतंकवाद खत्म नहीं कर पा रहे हैं। पूरी दुनिया में ज़ुल्म और अत्याचार हो रहे हैं। कहीं पर राजनीति की आड़ में ज़ुल्म और कहीं आतंकवाद के रूप में अत्याचार।
आतंकवाद की घटना निश्चित रूप से उन सभी चीजों से जुड़ी है, जो वास्तव में समाज में हो रहा है। समाज बिखर रहा है, खोखला हो रहा है। उसकी पुरानी व्यवस्था, अनुशासन, नैतिकता, धर्म , सत्य, सब कुछ गलत बुनियाद पर खड़ा है। लोगों की अंतरात्मा पर अब कोई पकड़ नहीं है।

आतंकवाद का मतलब वास्तव में इतना ही है कि कुछ लोग हैं जो मानते हैं कि मनुष्य को नष्ट करने से कोई फर्क नहीं पड़ता। ऐसा सोचने वालों के लिए मारना एक खेल हो जाता है।

लेकिन वास्तविकता यही है जो ओशो ने कहा कि जो व्यक्ति हर तरह की सुविधा में या ऐशो-आराम में जिंदगी गुजार रहा है, वह कभी आतंकवादी नहीं हो सकता। धनी आदमी कभी आतंकवादी नहीं हो सकता। वह तो सिर्फ संचालक हो सकता है। हमें ईमानदारी से समझना होगा कि आज लोग भय के वातावरण में जी रहे हैं, नफरत में जी रहे हैं, आनंद और खुशी में नहीं। हमें वैश्विक स्तर पर अपने मन को साफ रखने की जरूरत है। तभी इस घिनौने दलदल से बाहर निकल पायेंगे। बहरहाल मैं इस हमले की पुरजोर मज़म्मत और आलोचना करता हूं और शहीदों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदना और हमदर्दी प्रकट करता हूं।


 


शख्स ने zomato से खाना ऑर्डर कर ली 'फ्री राइड', कंपनी भी कर रही अक्लमंदी की तारीफ

शख्स ने zomato से खाना ऑर्डर कर ली 'फ्री राइड', कंपनी भी कर रही अक्लमंदी की तारीफ

17-Aug-2019

नई दिल्ली : कहते हैं कि होशियार आदमी कभी और कहीं नहीं फंस सकता। वो कहीं न कहीं से अपनी मंजिल का रास्ता बना ही लेता है। कुछ ऐसा ही हैदराबाद के एक शख्स के साथ हुआ जिसने होशियारी दिखाते हुए Zomato से फूड डिलिवरी के साथ साथ फ्री राइड ली। अब इस शख्स की होशियारी वायरल Viral हो रही है। 

हैदराबाद में ऐसी ही उलझन में फंसे शख्स ने ऐसा उपाय निकाला जिसका हर कोई मुरीद हो गया। यहां तक कि अपने घर तक पहुंचने के लिए उसने जिस कंपनी को चूना लगाया वो भी उसकी अकलमंदी का कायल हो गया। 

फेसबुक यूजर ओबेश कोमिरसेट्टी ने जोमैटो के साथ लिए गए फ्री राइड का अनुभव सोशल मीडिया पर शेयर किया है। ओबेश ने बताया कि वह एक मॉल में घूमने गए थे। वहां से निकलते हुए रात के 11:50 बजे गए थे। उन्होंने बताया कि वह रात में इनॉर्बिट मॉल रोड के पास खड़े होकर कैब का इंतजार कर रहे थे। काफी देर इंतजार करने के बाद भी उन्हें कोई कैब नहीं मिली। कुछ देर बाद एक कैब आई तो उसने काफी ज्यादा किराया मांगा। ओबेश ने बताया कि वह घर पहुंचने के लिए इतना किराया नहीं देना चाहते थे।

ओबेश ने बताया कि तभी उनके दिमाग में एक तीर से दो निशाने लगाने की सूझी। उन्होंने इनॉबिट मॉल रोड के पास के जोमैटो से खाने का ऑर्डर किया। उन्होंने खाने की डिलीवरी अपने घर पर मंगाई। जोमैटो का डिलीवरी ब्वॉय जब खाना लेकर निकला तो ओबेश ने उसे फोनकर कहा कि वह उन्हें घर छोड़ दे और खाने की डिलीवरी के साथ ही पैसे भी घर से ले ले। इस पर जोमैटो का डिलीवर ब्वॉय मान गया और ओबेश को घर तक छोड़कर आया और खाना पहुंचाने के साथ पैसे ले लिए।


स्वतंत्रता दिवस की बधाई वाले पोस्टर पर रेप आरोपी MLA कुलदीप सिंह सेंगर की फोटो

स्वतंत्रता दिवस की बधाई वाले पोस्टर पर रेप आरोपी MLA कुलदीप सिंह सेंगर की फोटो

16-Aug-2019

उत्तर प्रदेश: उन्नाव नगर पंचायत के अध्यक्ष अनुज कुमार दीक्षित ने स्वतंत्रता दिवस और रक्षाबंधन के मौके पर अखबार में बधाई संदेश छपवाया, जिसमें उन्नाव रेप केस के आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की तस्वीर भी छपी है. इस मसले पर अनुज कुमार दीक्षित ने कहा, वह (कुलदीप सिंह सेंगर) हमारे क्षेत्र के विधायक हैं, इस वजह से यह तस्वीर वहां पर है. जब तक वह हमारे विधायक हैं, उनकी तस्वीर छापी जा सकती है.''

मालूम हो कि उन्नाव गैंगरेप मामले में दिल्ली एक अदालत ने बुधवार को बीजेपी से निष्कासित आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत आरोप तय किए. लोक सेवक रहते हुए यौन उत्पीड़न करने के मामले में 10 साल तक की सजा का प्रावधान है. इससे पहले, अदालत ने उन्हें पॉक्सो एक्ट की धारा 3 और 4 के तहत दोषी ठहराया था, जिसमें 7 साल तक जेल का प्रावधान है. वहीं रेप के मामले में शुक्रवार से गवाहों की जांच शुरू हो गई है और पूरी कार्यवाही की वीडियोग्राफी की जाएगी.

गौरतलब है कि मंगलवार को रेप पीड़िता के पिता की न्यायिक हिरासत में कथित मौत के मामले में कुलदीप सेंगर समेत 10 अन्य लोगों के खिलाफ आरोप तय किए गए थे. जिला न्यायाधीश धर्मेश शर्मा ने पीड़िता के पिता को 2018 में सशस्त्र अधिनियम के तहत आरोपी बनाने और उन पर हमला करने के मामले में सेंगर और अन्य के खिलाफ आरोप तय किए. 

 


आर्टिकल 370 पर याचिका लगाने पर वकील को सुप्रीम कोर्ट ने फटकारा, कहा- ‘बकवास याचिका कैसे.....

आर्टिकल 370 पर याचिका लगाने पर वकील को सुप्रीम कोर्ट ने फटकारा, कहा- ‘बकवास याचिका कैसे.....

16-Aug-2019

कश्मीर: जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने के केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ 6 याचिका दायर की गई थीं, जिनपर चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने शुक्रवार को सुनवाई की. सुनवाई के दौरान एमएल शर्मा नामक एक याचिकाकर्ता को चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने जमकर फटकार लगाते हुए कहा कि ये किस तरह की याचिका है. क्या ऐसे याचिका दायर की जाती है. चीफ जस्टिस ने याचिकाकर्ता से यह भी कहा कि याचिका में न तो कोई अनेक्सर है और न ही मेंशन के लायक है. मैंने ये याचिका करीब आधे घंटे तक पढ़ी फिर भी कुछ समझ नहीं आया कि आप कहना क्या चाहते हैं? चीफ जस्टिस की फटकार के बाद याचिकाकर्ता ने कहा कि मैं एडिशनल एफिडेविट फाइल कर दूंगा.

इसके बाद सीजेआई ने कहा कि आपने चार सूचनाएं ली और याचिका दायर कर दी. इसमें न कोई फैक्ट है और न किसी प्रकार की जानकारी. इतने गंभीर मामले पर ये बकवास याचिका आप कैसे दायर कर सकते हैं?

याचिकाकर्ता ने कहा कि मैं दो दिन में याचिका में संशोधन करके फाइल कर दूंगा. याचिकाकर्ता की बात सुनने के बाद सीजेआई ने कहा कि आपकी याचिका ऐसी नहीं है कि इस पर सुनवाई की जा सके. आपकी याचिका को हम खारिज कर देते लेकिन ऐसा करने से इस मामले में दायर अन्य याचिकाओं पर असर पड़ेगा.

इसके बाद सीजेआई ने रजिस्ट्रार से पूछा कि आर्टिकल 370 पर कुल कितनी याचिकाएं दायर की गई हैं? रजिस्ट्रार ने सीजेआई को बताया कि कुल 6 याचिका दायर हुई हैं, जिनमें 4 याचिका में कुछ न कुछ खामियां हैं. इसके बाद सीजेआई ने कहा कि याचिकाओं की कमियों को दूर करने के बाद मामले पर सुनवाई की जाएगी.

 


खबर अजब गजब ! मायके से पत्नी को लाने के लिए युवक ने चुरा ली हरियाणा रोडवेज की बस

खबर अजब गजब ! मायके से पत्नी को लाने के लिए युवक ने चुरा ली हरियाणा रोडवेज की बस

14-Aug-2019

मीडिया रिपोर्ट 

सोनीपत। हरियाणा पुलिस ने एक ऐसे चोर को गिरफ्तार किया है जिसने सोनीपत बस डिपो में ही सेध लगा दी और रोडवेज की बस चोरी कर ले गया। हालांकि बस की रफ्तार तेज थी और रोहतक के पास संतुलन बिगड़ गया। बस पेड़ से टकरा गई और पुलिस ने चोर को गिरफ्तार कर लिया। छानबीन में पता चला कि चोर ने बस की चोरी पत्‍नी को मायके लाने के लिए की थी। चोर की पहचान मनीष के रूप में हुई है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। वहीं बस को क्रेन से उठवाकर कर डिपो भेज दिया गया है। 

रोडवेज बस चालक नरेंद्र ने सोमवार रात को बस को जयपुर जाने के लिए काउंटर पर खड़ा कर दिया। बस को वहां खड़ी करके चालक नरेंद्र दूसरी बस लेने के लिए वर्कशॉप में चला गया। जब थोड़ी देर के बाद वह दूसरी बस को लेकर स्टैंड परिसर में आया तो वहां से बस गायब थी। उसने तत्काल मामले की सूचना यार्ड मास्टर रमेश कुमार और ड्यूटी क्लर्क रविद्र कुमार को दी। काउंटर से बस गायब होने की जानकारी मिलते ही कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। 

बस गायब होने की सूचना अधिकारियों व गीता भवन चौकी पुलिस को भी दी गई। युवक ने बताया कि उसकी ससुराल रोहतक में है और उसकी पत्नी वहीं गई हुई थी। पत्नी को मायके से लाने के लिए कोई साधन नहीं मिला तो उसने बस चुरा ली। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि युवक ने नशे में तो घटना को अंजाम नहीं दिया है। वही मीडिया रिपोर्ट में ये भी खबर आ रही है कि मनीष, निवासी तिहाड़ गांव को गिरफ्तार किया है जो कि बस को चुराकर मोटा मुनाफा कमाना चाहता था। लेकिन जब बस को रोहतक की तरफ जा रहा था तब का फरमाना के पास बस की रफ्तार तेज होने के कारण बस पेड़ से टकरा गई और यह मौके से फरार हो गया लेकिन अब पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। 


देश के मुखिया व  छग प्रदेश के मुखिया को  खुली चिट्ठी

देश के मुखिया व छग प्रदेश के मुखिया को खुली चिट्ठी

14-Aug-2019

मित्रों, हम कल 15 अगस्त को आजादी की जश्न मनाने वाले हैं। लेकिन हमें एक बार जरूर सोचनी चाहिए कि, आजादी के 72 वर्ष बाद भी क्या हमने सफाई कर्मचारी वर्ग के लिए ऐसा कोई कार्य किया है जिससे इन वर्ग को आजाद महसूस हो। समाज का एक हिस्सा यदि कमजोर है तो उसको उपर उठाकर सबके बराबरी में लाना राज्य का संवैधानिक कर्तव्य है। लेकिन आज भी इन वर्ग की स्थिति अति गंभीर है ।

आयिए कुछ बातो के उपर गौर करें -

सन 2013  से पहले तक छग में पूरे प्रदेश में सफाई कर्मचारी की नियमित पद पर नियुक्ति होती थी, उसके बाद सन् 2013 में ही एक कानून आया जो हमारे सफाई कर्मचारियों को समाज के मुख्य धारा में जोडने, उनके आर्थिक,सामाजिक, शैक्षणिक विकास करते हुए गरिमामय जीवन जीने के लायक बनाने, हाथ से मैंला उठाने वाला काम को प्रतिषेध करते हुए मानव गरिमा के अनुरूप हाथ में ग्लोब्स, गम बुट, मास्क, अन्य सुरक्षा उपकरण आदि के साथ सफाई की काम करवाने नई कानून "हाथ से मैला उठाने वाले कर्मियों का नियोजन का प्रतिषेध तथा उनका पुनर्वास अधिनियम 2013"( " The Prohibition of Employment as Manual Scavenger and Their Rehabilitation Act 2013 ")तत्कालीन कांग्रेस के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने कानून बनाए जो सभी प्रदेशों के लिए कंपल्सरी रखा गया। जबकि सन 1993 में बनी कानून "हाथ से मैला उठाने वाले कर्मियों तथा शुष्क सौचालय निर्माण का प्रतिषेध अधिनियम. 1993 " "The Employment of Manual Scavengers and Constructions of Dry Latrines Prohibition Act 1993   जो सभी प्रदेशों के लिए कंपल्सरी नहीं था, Optional था जिस कारण  कुछ ही प्रदेशो के द्वारा उक्त 1993 का कानून को एडॉप्ट किया गया था, यहां तक कि छत्तीसगढ़  प्रदेश मै भी लागू नहीं किया गया था।

2013 की कानून आने के बाद तथा यह कनु  कंपल्सरी और mandatory होने के कारण छग प्रदेश उक्त कानून को अडॉप्ट किया ।जब पहली बार यह कानून 2013 में आया , तत्कालीन बीजेपी सरकार ने 2013 का कानून पालन करवाना छोड़ कर इसके विपरित सफाई कर्मचारी पद को ही समाप्त (dying cadre मृत घोषित)कर दिया और पूरे सफाई कर्मचारियों को निजी ठेकेदार के हवाले कर सफाई कर्मचारियों तथा श्रमिको के लिए बनी कानून का खुले आम उल्लंघन किया जा रहा है। यहां तक कि अंग्रेजों के समय बनी कानून तथा बाबासाहेब  के समय बनी कानून का भी पालन नहीं किया जा रहा है। संभवतः छत्तीसगढ़ राज्य पूरे भारत में एक मात्र प्रदेश हैं जहां सफाई कर्मचारी पद को समाप्त कर दिया गया है । 

यहां तक कि कोई सफाई कर्मचारी सेवाकाल के दौरान समय से पहले जिसका निधन हो गया, और परिवार का एक मात्र कमाने वाला के चले जाने के बाद मृतक के आश्रित को भी कोई अनुकम्पा नियुक्ति नहीं दी जा रही है। सैकड़ों की संख्या में अनुकम्पा नियुक्ति प्रकरण लटकी हुई है।

श्रमिको के लिए बनी निम्न कानून का पालन नहीं हो रहा है  :-

(1)न्यूनतम मजदूरी अधिनियम 1948

(2)EPF Act 1952

(3)Employee's State Insurance Act 1948

(4)Maternity Benefit Act 1961

(5)The Prohibition of Employment as Manual Scavenger and Their Rehabilitation Act 2013

15 August को किराना दुकान में काम करने वाला को भी छुट्टी मिलती है, लेकिन इन वर्गो के किस्मत में छुट्टी चीज का नाम नहीं है ।सुबह उठ कर सहर को चमकाने वाले लोगो के साथ कब तक होता रहेगा शोषण ......

हम सरकार से निवेदन करते है इन वर्गो के हितों के लिए बनी नियम व कानून व संवैधानिक उपवंधो का पालन करते हुए समाज के मुख्यधारा में जोड़ा जाए तब सहीं मायने में देश में आजादी की जश्न सार्थक होगा।

एडवोकेट जन्मेजय सोना, राष्ट्रीय महासचिव (भारतीय सफाई कर्मचारी महासंघ) मो. 8602200999, 8839092600


अब मलेशिया के मंत्री ने कहा - इस जाकिर नाइक को देश से बाहर भेजो

अब मलेशिया के मंत्री ने कहा - इस जाकिर नाइक को देश से बाहर भेजो

14-Aug-2019

मीडिया रिपोर्ट 

मलेशिया के मानव संसाधन मंत्री एम कुलसेगरन ने विवादास्पद इस्लामिक धर्मगुरु जाकिर नाइक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। मलेशियन हिंदुओं की निष्ठा के खिलाफ जाकिर के बयान के बाद कुलसेगरन ने मंगलवार (13 अगस्त, 2019) को यह मांग की है। बता दें कि भारत में कथित आतंकी गतिविधियों और धनशोधन में वांछित विवादित जाकिर नाइक को मलेशिया में स्थाई नागरिकता मिली हुई है।

मलेशियाई गठबंधन सरकार में वरिष्ठ हिंदू राजनेताओं में से एक कुलसेगरन ने एक बयान में कहा, ‘भारत में भगोड़े विदेशी को मलेशिया छोड़ने, आतंकवाद और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों का सामना करने का समय आ गया है।’ कुलसेगरन पूर्व में भी जाकिर नाइक की आलोचना करते हैं। अल्पसंख्यक समुदायों के दो अन्य मंत्रियों के साथ उन्होंने पिछले साल जुलाई में विवादास्पद उपदेशक का मुद्दा उठाया था।

मानव संसाधन मंत्री एम कुलसेगरन जाकिर नाइक द्वारा हाल में दिए उस बयान से खासे नाराज थे जिसमें उसने हिंदुओं की निष्ठा पर सवाल उठाते हुए कहा, ‘मलेशियाई हिंदू अपने प्रधानमंत्री की तुलना में भारतीय प्रधानमंत्री के प्रति ज्यादा वफादार हैं।’

कुलसेगरन ने अपने बयान में कहा, ‘नाइक ने हाल में मलेशियाई हिंदुओं की तुलना भारत में मुसलमानों से की थी। उसने कहा था कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि लाभ के बावजूद मलेशिया में हिंदू, भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति अधिक निष्ठावान हैं।’ उन्होंने कहा कि मलेशियाई हिंदुओं की निष्ठा पर सवाल उठाने और हमारे बहु-जातीय समाज के प्राकृतिक तंत्र को छूने के बाद विवादास्पद धर्मगुरु के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई किया जाना जरुरी है।


नाइजीरिया में इस्लामी आंदोलन के प्रमुख शेख ज़कज़की के भारत आने पर खुशी

नाइजीरिया में इस्लामी आंदोलन के प्रमुख शेख ज़कज़की के भारत आने पर खुशी

13-Aug-2019

सैय्यद एम अली तक़वी, निदेशक- यूरिट एजुकेशन इंस्टीट्यूट

सबसे बड़े लोकतंत्र भारत देश में नाइजीरिया में इस्लामी आंदोलन के प्रमुख शेख ज़कज़की का उपचार प्रक्रिया के आंरभ होने और अपनी पत्नी के साथ उनकी भारत यात्रा पर तमाम भारतीय मुसलमान खास तौर से शिया समुदाय की खुशी का ठिकाना नहीं है। भारत के अलावा इस्लामी गणतंत्र ईरान ने भी भारत आने पर खुशी का इज़हार किया है।

इस्लामी आंदोलन के प्रमुख शेख ज़कज़की के बाहर निकलने से नाइजीरिया के इस्लामी आंदोलन और इस देश की सरकार के मध्य कई वर्षों से जारी समस्या के समाधान में सहायता होगी ताकि नाईजीरिया के शिया मुसलमानों के अधिकारों की रक्षा हो सके, इस्लामी आंदोलन पर प्रतिबंध खत्म हों और जेल में बंद उसके सदस्य रिहा हों। अंजुमन हैदरी दिल्ली भारतीय शिया धर्म गुरु मौलाना कल्बे जव्वाद साहब की जेरे निगरानी इस संबंध में हर प्रकार की सहायता के लिए तैयार है तथा साथ ही साथ शेख़ जकजकी साहब के इलाज का पूरा खर्च उठाने के लिए तैयार है। इस संबंध में अस्पताल प्रशासन को पत्र सौंप दिया गया है।

नाइजीरिया में इस्लामी आंदोलन के प्रमुख शेख ज़कज़की और उनकी पत्नी, इलाज के  लिए भारत आ चुके हैं। शेख ज़कज़की और उनकी पत्नी को को 13 दिसंबर सन 2015 में " ज़ारिया " नगर के इमामबाड़े पर सैनिकों के पाश्चिक हमले के बाद गिरफ्तार कर लिया गया था । नाइजीरियाई सैनिकों के इस हमले में शेख ज़कज़की के कई बेटे और सैंकड़ों समर्थक शहीद हो गये थे। 

नाइजीरिया की सुप्रीम कोर्ट ने दिसंबर सन 2016 को शेख ज़कज़की की तत्काल रिहाई  और नाइजीरिया की सेना को 150 डालर हर्जाना शेख जक़ज़की को अदा करने का आदेश दिया था किंतु सेना और सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश को मानने से इन्कार कर दिया और शेख ज़कज़की को जेल में बंद रखा। हालिया महीनों में शेख ज़कज़की की सेहत बेहद खराब हो गयी थी और  ईरान व भारत सहित  कई देशों के डॅाक्टरों ने नाइजीरियाई सरकार को पत्र लिख कर  इस्लामी आंदोलन के प्रमुख शेख ज़कज़की के स्वास्थ्य की ओर से चिंता प्रकट की थी और उपचार न होने की दशा में उनकी मृत्यु की आशंका प्रकट की थी। 

पूरे दुनिया के शियो की यह अजीम कामयाबी है खासकर  हिंदुस्तान के ओलमा जिनकी आवाज़ पर सबने लब्बैक कहा और आज जकजकी साहब भारत में मौजूद हैं। भारत आने के बाद अब उम्मीद है कि एक बार फिर इस्लाम का अलम्बरदार ठीक होकर हुसैनियत का परचम बुलंद करेगा।

 


अकेले बैठा हुआ था बुजुर्ग पीछे से आए डकैतों ने कपड़े से दबाया गला तो पत्नी ने उठाई चप्पल और भिड़ी .... VIDEO

अकेले बैठा हुआ था बुजुर्ग पीछे से आए डकैतों ने कपड़े से दबाया गला तो पत्नी ने उठाई चप्पल और भिड़ी .... VIDEO

13-Aug-2019

मीडिया रिपोर्ट 

तमिलनाडु में ऐसी घटना हुई जिसने हर किसी को हैरान कर दिया. एक बुजुर्ग कपल ने चोरों को डटकर सामना किया और पीट-पीटकर उन्हें बाहर निकाल दिया. पिछले रविवार को चोर घर में घुसे और जमकर बुजुर्ग शख्स को पीटने लगे. वीडियो में देखा जा सकता है कि बुजुर्ग कपल चोरों से फाइट कर रहा है और उनको घर से भगा रहा है. इंटरनेट पर ये वीडियो काफी वायरल हो रहा है और लोग बुजुर्ग कपल की खूब तारीफ कर रहे हैं.  CCTV फुटेज में देखा जा सकता है कि तिरुनेलवेली में 70 वर्षीय शानमकावेल  (Shanmugavel) अपने फार्महाउस के बरामदे में बैठे थे. वहीं पीछे से दो शख्स मुंह में कपड़ा बांधकर आए और कपड़े से उनका गला दबा दिया. उनके हाथ में हासिया था. बुजुर्ग शख्स जान बचाने के लिए चिल्लाने लगा और खुद को कैद से बाहर निकालने की कोशिश करता रहा. कुछ ही सेकंड बाद उनकी पत्नी बाहर आ गईं. 

https://twitter.com/i/status/1161128422829174789 इस लिंक पर क्लिक कर देखें 

65 वर्षीय सेंतथामराई ने चप्पल उठाई और चोरों को पीटने लगी. जिसके बाद उन्होंने कुर्सियां उठाकर फैंकी. पति ने भी लातें चलाना शुरू कर दिया और खुद को कैद से छुड़ा लिया. चोरों ने हासिए से महिला पर वार किए, लेकिन महिला ने हार नहीं मानी और चोरों को पीटती रही. पुलिस ने बताया कि महिला के दाहिने हाथ में चोट आई है. चोर उनके गले से 33 ग्राम की गोल्ड चेन चुराने में कामयाब रहे. बताया जा रहा है कि बुजुर्ग कपल यहां अकेला रहता है. ये घटना रविवार रात 9 बजे हुई. पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है. अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है.


झारखंड हाईकोर्ट ने कहा - पत्थलगढ़ी आंदोलन का समर्थन करने वाले आदिवासियों के खिलाफ बनता है प्रथम दृष्टया दंगे का मामला

झारखंड हाईकोर्ट ने कहा - पत्थलगढ़ी आंदोलन का समर्थन करने वाले आदिवासियों के खिलाफ बनता है प्रथम दृष्टया दंगे का मामला

12-Aug-2019

झारंखड हाईकोर्ट ने उस प्रथम सूचना रिपोर्ट यानि एफआईआर को रद्द करने या अमान्य घोषित करने से इंकार कर दिया है,जो जनजाती समुदाय के चार सदस्यों के खिलाफ दर्ज की गई थी। इन सभी पर कथित आरोप है कि इन्होंने मुंडा जनजाति समुदाय के 'पत्थलगड़ी' आंदोलन का समर्थन करने के लिए फेसबुक पर दंगे या विद्रोह वाली पोस्ट ड़ाली थी। जस्टिस रॉन्गोन मुखोपाध्याय की एक सदस्यीय पीठ ने कहा कि प्रथम दृष्टया चारों याचिकाकर्ता-जे.विकास कोरा,धर्म किशोर कुल्लू,एमिल वाल्टर कंडुलना और घनश्याम बिरूली के खिलाफ दंगे या विद्रोह और भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने का मामला बनता है।

पत्थलगड़ी पत्थर की पटिया खड़ी करने की एक आदिवासी परंपरा है,जो उनके गांवों के अधिकार क्षेत्र का निर्धारण करती है। झारखंड के कई आदिवासी गांव जैसे खूंटी,अर्की और मुरहू आदि पिछले दो वर्षो से 'पत्थलगड़ी' की है। मुंडा समुदाय की पारंपरिक प्रथा के आधार पर,संविधान की पांचवी अनुसूची के तहत आदिवासियों को मिली कानूनी गारंटी,पंचायत अधिनियम के प्रावधान (अनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तार) (पीईएसए) और ग्राम सभा द्वारा बनाए नियम(ग्राम परिषद्) से उत्कीर्ण पत्थर की पट्टियां गांवों के प्रवेश द्वार पर खड़ी कर दी गई थी।

याचिकाकर्ताओं पर आरोप है कि उन्होंने खूंटी गांव में 26 जून 2017 को मुंडा समुदाय के सदस्यों को उकसाया ताकि वह पुलिस पर हमला कर सके। खूंटी से भाजपा सांसद करिया मुंडा की सुरक्षा में तैनात चार पुलिसकर्मियों का कथित तौर पर गांव वालों ने अपहरण किया। यह अपहरण घाघरा में चल रही ग्राम सभा के दौरान पुलिस द्वारा किए गए हमले का बदला लेने के लिए किया गया था। एफआईआर में आरोप है कि यह घटना इसलिए हुई क्योंकि भोलेभाले आदिवासियों को भ्रमित किया गया और उनको 'आदिवासी महासभा' के नाम पर प्रभावित किया गया। ए.सी भारत सरकार कुटुंब परिवार ने सोशल मीडिया के जरिए संविधान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया और देश-विरोधी भावना को फैलाया।

इतना ही नहीं अलग-अलग समुदायों व जातियों के बीच के आपसी समन्वय को भी अशांत किया, इसलिए भारतीय दंड संहिता की धारा 121 (भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ना),121ए (भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश रचना),124ए (दंगा या विद्रोह या देशद्रोह) और सूचना प्रोद्यौगिकी अधिनियम की धारा 66ए व 66 एफ के तहत एफ.आई.आर दर्ज की गई। परिणामस्वरूप आरोपियों ने दंड प्रकिया संहिता की धारा 482 के तहत याचिका दायर करते हुए उनके खिलाफ शुरू हुई कार्यवाही को रद्द करने की मांग की। याचिकाकर्ताओं की तरफ से पेश वकील प्रेम मार्दी ने दलील दी कि इनके खिलाफ देशद्रोह और देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने का मामला नहीं बनाया जा सकता है क्योंकि वह तो सिर्फ आदिवासी समुदायों की समस्याओं पर विचार और वाद-विवाद करने में संलिप्त थे।

केदारनाथ सिंह बनाम बिहार राज्य,अरूप भुयन बनाम असम राज्य आदि मामलों में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए फैसलों का हवाला देते हुए मार्दी ने दलील दी कि किसी आसन्न हिंसा को भड़काए बिना सरकार के खिलाफ विचार प्रकट करने से देशद्रोह का मामला नहीं बनता है। इस याचिका का विरोध करते हुए अभियोजन ने दलील दी कि याचिकाकर्ताओं ने घृणा,हिंसा और सरकार के खिलाफ अवमानना को उकसाया। अभियोजन ने फेसबुक पर ड़ाली गई कुछ पोस्ट का भी हवाला दिया। जिसमें कहा गया था-''मुझे तुम्हारा आधार कार्ड नहीं चाहिए,मेरी पहचान पत्थलगड़ी है।

सभी संवैधानिक कदम उठाए जाने चाहिए ताकि इंग्लैंड,यूएसए और यूनाईटेड नेशनल आदिवासियों की आजादी के लिए एक्ट या काम करने के लिए मजबूर हो सके'',''खूंटी गांव सिर्फ प्रथागत या प्रचलित कानून,पीईएसए एक्ट व ग्राम सभा का पालन करना चाहता है।'',''ग्राम सभा के किनारे या तट को पूरे देश में फैला दो| सभी दलीलों पर विचार करने के बाद जस्टिस रॉन्गोन मुखोपाध्याय की एक सदस्यीय पीठ ने कहा कि जब कोई आलोचना सरकार के खिलाफ घृणा की हिंसा को जन्म देती है तो यह आईपीसी की धारा 124ए के तहत अपराध के समान है,जो संविधान के अनुच्छेद 19(1) के तहत नहीं आता है।

कोर्ट ने कहा कि फेसबुक पोस्ट से साफ जाहिर है कि प्रथम दृष्टया मंशा देशद्रोह करने की ही थी। फेसबुक पोस्ट का पहले ही हवाला दिया जा चुका है और उनसे मंशा कुछ हद तक जाहिर हो रही है जो याचिकाकर्ताओं के देशद्रोह के काम को दर्शाती है।

ग्राम सभा के किनारे या तक को पूरे देश में फैलाना,आजादी के लिए यूनाईटेड नेशनस के समक्ष मुद्दे को उठाना आदि कुछ उचित आधार है जो याचिकाकर्ताओं के खिलाफ कार्यवाही शुरू करने के लिए काफी है। इस तरह की देशद्रोही गतिविधियों ने उपद्रव को भड़काया और पुलिस पार्टी पर हमला करवाया। इन सभी तथ्यों को देखते हुए आईपीसी की धारा 121 व 121ए के तहत याचिकाकर्ताओं के खिलाफ प्रथम दृष्टया केस बनता है। पीठ ने इस मामले में दायर याचिका को खारिज कर दिया है। 

साभार : livelaw

यह खबर मूल रूप से livelaw पर प्रकाशित हुआ है 


भाजपा नेता शिवराज सिंह ने पूर्व प्रधानमंत्री नेहरू को बताया ‘अपराधी’

भाजपा नेता शिवराज सिंह ने पूर्व प्रधानमंत्री नेहरू को बताया ‘अपराधी’

11-Aug-2019

बीजेपी के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को लेकर विवादित बयान दिया है. जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटने के बाद इसपर प्रतिक्रिया देते हुए शिवराज सिंह चौहान ने जवाहरलाल नेहरू को अपराधी बता दिया.

शिवराज सिंह चौहान ने क्या कहा है?

पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है, ‘’जवाहरलाल नेहरू एक अपराधी है. जब भारतीय सेना कश्मीर में पाकिस्तान आदिवासियों का पीछा कर रही थी तो जवाहरलाल नेहरू ने युद्ध विराम की घोषणा कर दी.’’ उन्होंने कहा, ‘’कश्मीर के एक तिहाई हिस्से पर पाकिस्तान का कब्जा था. अगर कुछ और दिनों के लिए युद्धविराम नहीं होता तो पूरा कश्मीर हमारा होता.’’
अनुच्छेद 370 नेहरू का दूसरा अपराध– शिवराज

शिवराज सिंह चौहान ने आगे कहा, ‘’जवाहरलाल नेहरू का दूसरा अपराध अनुच्छेद 370 था. एक देस में दो-दो निशान, दो विधान, दो प्रधान. यह देश के लिए अन्याय नहीं बल्कि इसके खिलाफ एक अपराध था.’’


शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल का हास्य पद बयान : ‘चरक ऋषि ने की थी परमाणु की खोज’

शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल का हास्य पद बयान : ‘चरक ऋषि ने की थी परमाणु की खोज’

11-Aug-2019

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने एक अजीबोगरीब दावा किया है. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने कहा है कि अणु-परमाणु की खोज चरक ऋषि ने की थी. पोखरियाल ने ये दावा आईआईटी बॉम्बे के एक कार्यक्रम में किया. हालांकि चरक ऋषि को आयुर्वेदिक ग्रंथ चरक संहिता के लिए जाना जाता है.
रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा, ‘’परमाणुओं और अणुओं पर शोध किसने किया था? जिसने परमाणुओं और अणुओं पर शोध किया और उनकी खोज की वह चरक ऋषि थे.’’ उन्होंने कहा, ‘’चरक ऋषि को आयुर्वेद की पारंपरिक प्रणाली के मुख्य योगदानकर्ताओं में से एक के रूप में जाना जाता है, जिन्होंने परमाणुओं और अणुओं की खोज भी की है.’’
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, बम्बई (आईआईटी बम्बई) के 57वें दीक्षांत समारोह में निशंक ने आगे कहा, ‘’नासा ने पुष्टि की है कि अगर चलने वाले कंप्यूटर एक वास्तविकता बने तो यह केवल संस्कृत की नींव पर आधारित होगा. संस्कृत एक वैज्ञानिक भाषा है. यह एकमात्र भाषा है जहां शब्दों को ठीक उसी तरह लिखा जाता है जिस तरह से वे बोली जाती है.’’

भारत को विश्व गुरु बनाने में IIT की भूमिका महत्वपूर्ण– पोखरियाल
रमेश पोखरियाल निशंक ने भारत को अगले पांच वर्षों में शिक्षा में क्षेत्र में विश्व गुरु के तौर पर स्थापित करने में आईआईटी की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत को 2024 तक शिक्षा में वैश्विक गुरु के तौर पर स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है. इस लक्ष्य को साकार करने में आईआईटी को एक महत्वपूर्ण भूमिका निभानी है.
निशंक ने कहा कि संस्कृति को शिक्षा से जोड़ा जाना चाहिए ताकि व्यक्ति में विकास के लिए स्थायी और दृढ़ आधार हो. उन्होंने आईआईटी बम्बई को ‘क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग’ में 200 शीर्ष विश्वविद्यालय में स्थान बनाने के लिए बधाई दी और इससे अधिक ऊंचा लक्ष्य रखने का आह्वान किया.

भारत अब विश्व का सबसे पसंदीदा निवेश स्थल- पोखरियाल
पोखरियाल ने कहा, ‘‘आईआईटी बम्बई जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने और भारत की अक्षय ऊर्जा क्षमता बढ़ाने जैसे विकास लक्ष्यों को पूरा करने में एक महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है.’’ उन्होंने कहा कि ‘मेक इन इंडिया’, ‘डिजिटल इंडिया’, ‘स्टार्टअप इंडिया’ और ‘स्टैंडअप इंडिया’ जैसे कार्यक्रम परिवर्तनकारी योजनाएं हैं. उन्होंने कहा कि भारत अब विश्व का सबसे पसंदीदा निवेश स्थल बन गया है.
उन्होंने गणित, औषधि और परमाणु विज्ञान के क्षेत्र में प्राचीन भारत के योगदानों को याद करते हुए कहा, ‘‘भारत की ज्ञान और विज्ञान के क्षेत्र में विश्व को एक नेतृत्व प्रदान करने की एक विरासत रही है. आईआईअी छात्रों को यह सुनिश्चित करने की जरुरत है कि भारत यह नेतृत्व की भूमिका निभाना जारी रखे.’’


YouTube, नेटफ्लिक्स जैसे ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म में कंटेंट रेगुलेट करने की याचिका कर्नाटक हाईकोर्ट ने खारिज की

YouTube, नेटफ्लिक्स जैसे ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म में कंटेंट रेगुलेट करने की याचिका कर्नाटक हाईकोर्ट ने खारिज की

10-Aug-2019

कर्नाटक उच्च न्यायालय ने बुधवार को सिनेमैटोग्राफी अधिनियम के तहत YouTube, अमेज़न प्राइम, नेटफ्लिक्स जैसे इंटरनेट प्लेटफार्मों पर प्रसारित होने वाली ऑनलाइन सामग्री को रेगुलेट (विनियमित) करने से इनकार कर दिया। लाइव लॉ की खबर के अनुसार  न्यायमूर्ति अभय ओका और न्यायमूर्ति मोहम्मद नवाज की एक खंडपीठ ने पद्मनाभ शंकर नामक व्यक्ति द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दिया। खंड पीठ ने यह कहा, "इंटरनेट की अवधारणा और इसके संचालन के कारण, फिल्मों, धारावाहिकों, अन्य सामग्री की प्रदर्शनी और फाइलों का हस्तांतरण का कार्य संभवतः उपयोगकर्ताओं द्वारा अनुरोध के आधार पर होता है और इसलिए स्वीकार करना संभव नहीं है कि इंटरनेट के माध्यम से ये सामग्री सिनेमैटोग्राफ अधिनियम के दायरे में आती हैं।

" याचिकाकर्ता ने दावा किया था कि ऑनलाइन प्लेटफार्मों के माध्यम से प्रसारित अनियमित सामग्री के कारण बच्चे प्रभावित हो रहे थे। यह निर्देश देने के लिए प्रार्थना की गई कि फिल्मों, धारावाहिकों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रसारित अन्य मल्टीमीडिया सामग्री को सिनेमाटोग्राफ अधिनियम के तहत प्रमाणन की आवश्यकता है जब तक कि उन्हें विनियमित करने के लिए उपयुक्त कानून नहीं बनाया जाता है। पीठ ने हालांकि यह आशा व्यक्त की कि याचिकाकर्ता द्वारा व्यक्त की गई चिंता केंद्र सरकार द्वारा विचार योग्य है।