जयाप्रदा पर टिप्पणी को लेकर सांसद आजम खां समेत 11 सपा नेताओं पर मुकदमा दर्ज

जयाप्रदा पर टिप्पणी को लेकर सांसद आजम खां समेत 11 सपा नेताओं पर मुकदमा दर्ज

02-Jul-2019

पूर्व सांसद एवं भाजपा नेत्री जयाप्रदा पर अमर्यादित टिप्पणी करने के मामले में रामपुर के सांसद आजम खां समेत 11 सपा नेताओं के खिलाफ सिविल लाइन्स थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है। भाजपा नेता आकाश सक्सेना की तहरीर पर पुलिस ने उक्त मामला दर्ज किया है।

खुशबू मैरिज हॉल में 29 जून को सेवन फाइट नाइट क्रिकेट ट्राफी का पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में सपा सांसद आजम खां बतौर मुख्य अतिथि आमंत्रित थे। भाजपा नेता आकाश सक्सेना ने आरोप लगाया है कि इस कार्यक्रम में आजम खां ने पूर्व सांसद जयाप्रदा को निशाना बनाते हुए अमर्यादित टिप्पणी की। इसका कार्यक्रम में मौजूद आयोजक शाहनवीं खां उर्फ रानू, आजम खां के बड़े बेटे अदीव आजम खां, अजहर खां, ओमेंद्र सिंह, सैयद असलम, आकिब, सलमान अहमद, मुराद खां, महबूब उर्फ हीरो, फैज आमि व कैप्टन वसीम आदि ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया। भाजपा नेता ने तहरीर में आरोप लगाया कि इससे जयाप्रदा नाहटा के साथ ही महिला समाज को लज्जित होना पड़ा।
उधर, आजम खां की अमर्यादित टिप्पणी के जवाब में सोमवार को पूर्व सांसद जयाप्रदा ने प्रेस वार्ता में कहा कि वह इस मामले में एफआईआर दर्ज कराएंगी और मोदी-योगी से शिकायत भी करेंगी।

पुलिस अधीक्षक  ने बताया आकाश सक्सेना की ओर से तहरीर आयी थी, जिसमें जयाप्रदा के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल का आरोप था। इस मामले में आजम खां, कार्यक्रम के आयोजक और वीडियो सर्कुलेट करने के आरोपियों के खिलाफ सिविल लाइन्स थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।


क्रिकेट कमेंट्री करने के लिए युवक ने जैसे ही उठाई माइक, लगा जोरदार करंट, मौत

क्रिकेट कमेंट्री करने के लिए युवक ने जैसे ही उठाई माइक, लगा जोरदार करंट, मौत

01-Jul-2019

बेंगलुरु: क्रिकेट मैच के दौरान कमेंट्री के शौक ने एक युवक की जान ले ली. मामला नेलमंगला का है जहां एक क्रिकेट टूर्नामेंट खेला जा रहा है. 22 साल के बी.कॉम स्‍टूडेंट किरण कुमार ने कमेंट्री के लिए जैसे ही माइक उठाया, करंट की चपेट में आ गया. अस्‍पताल ले जाए जाने पर उसे मृत घोषित कर दिया गया.

कोट्टनहल्‍ली गांव से आने वाले किरण का बड़ा भाई अरुण और उसके गांव के कई खिलाड़ी उस समय मैदान में ही थे, जब यह हादसा हुआ. वीकेंड्स पर अक्‍सर यह सभी मैच खेलने जाया करते थे. रविवार को चार टीमें यहां मैच खेलने इकट्ठा हुई थीं. नजदीक में लगे बिजली के एक खंभे से अवैध कनेक्‍शन लेकर साउंड सिस्‍टम का भी जुगाड़ किया गया था.

पुलिस को शक है कि युवक की मौत खराब वायरिंग के चलते हुए. पुलिस के अनुसार, किरण की मौत दोपहर 12.30 बजे हुई. पुलिस ने वह साउंड सिस्‍टम सीज कर दिया है. किरण की लाश अटॉप्‍सी के बाद परिवार को सौंप दी गई.

एक पुलिस अधिकारी ने कहा, “यह कोई सुनियोजित टूर्नामेंट नहीं था. जितने खिलाड़ी होते, उस हिसाब से टीमें बनती थीं. गवाहों का कहना है कि किरण ने खुद माइक और साउंड सिस्‍टम लाने को कहा था. हम मामले की जांच कर रहे हैं.”

22 जून को उत्‍तर प्रदेश के सम्‍भल जिले में ट्यूबवेल के हौद में बिजली का तार गिरने से उसमें नहा रहे चार बच्चों की करंट लगने से दर्दनाक मौत हो गई थी. इससे पहले, 19 जून को बांदा में तार टूट कर करने से पिता-पुत्र की मौत हो गई थी, जबकि 5 घायल हो गए थे.


दुबई राजकुमार की पत्नी अरबों रुपये के साथ गायब, पुरी दुनिया में हड़कंप!

दुबई राजकुमार की पत्नी अरबों रुपये के साथ गायब, पुरी दुनिया में हड़कंप!

01-Jul-2019

संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की रानी हया बिंत अल हुसैन के दो बच्चों और 31 मिलियन पाउंड (271 करोड़ रुपये) के साथ लापता होने की खबर है। हया दुबई के अरबपति शासक शेख मुहम्मद बिन राशिद अल मकतूम की छठी बेगम हैं।
वह जॉर्डन के शाह (राजा) अब्दुल्ला की सौतेली बहन हैं। शेख मुहम्मद यूएई के उप राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री हैं। वह दुनिया के सबसे धनी व्यक्तियों में से एक हैं. संभावना व्यक्त की जा रही है कि हया इस समय लंदन में कहीं पर हैं।
बताया गया है कि हया अपने शौहर शेख मुहम्मद से तलाक चाह रही हैं. पता चला है कि हया दुबई से पहले जर्मनी गईं। उनके साथ बेटी जलीला (11) और बेटा जायेद (7) हैं। वह नई जिंदगी की शुरुआत के लिए अपने साथ पर्याप्त मात्रा में धन लाई हैं। जर्मनी में उन्होंने सरकार से राजनीतिक शरण मांगी है।
ब्रिटेन के ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ीं हया को सार्वजनिक रूप से और सोशल मीडिया अकाउंट पर 20 मई के बाद नहीं देखा गया। जबकि इससे पहले उनके सामाजिक कार्यो से जुड़े फोटो सोशल मीडिया अकाउंट में भरे रहते थे। वह सामाजिक कार्यो में भी फरवरी से दिखाई नहीं पड़ रही थीं।

 


राजस्थान का सबसे कुख्यात डकैत जगन गुर्जर ने किया सरेंडर

राजस्थान का सबसे कुख्यात डकैत जगन गुर्जर ने किया सरेंडर

28-Jun-2019

धौलपुर। राजस्थान का सबसे कुख्यात डकैत जगन गुर्जर ने शुक्रवार रात को सरेंडर कर दिया है। इसी 12 जून को महिलाओं को निर्वस्त्र करके घुमाने समेत लूटपाट और डकैती की लगभग 100 वारदातों को अंजाम दे चुके जगन गुर्जर से धौलपुर जिले के बाड़ी सदर पुलिस थाना में पूछताछ की जा रही है। इस पर पुलिस ने 40 हजार रुपए का इनाम भी रखा हुआ था। 

धौलपुर एसपी अजय सिंह भी शनिवार सुबह बाड़ी सदर पुलिस थाना पहुंचे है। पुलिस पूछताछ के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी कि जगन गुर्जर ने खुद सरेंडर किया है या पुलिस टीम ने उसे गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। हालांकि फिलहाल यही माना जा रहा है कि जगन गुर्जर ने खुद आत्मसम्पर्ण किया है। 

बता दें कि जगन गुर्जर मूलरूप से धौलपुर के डांग इलाके के गांव भवुतीपुरा का रहने वाला है। वारदातों को अंजाम देने के बाद अक्सर अपनी टीम के साथ जगन चंबल के बीहड़ों में छुप जाता है। बीहड़ों में छुपे जगन व उसकी गैंग से राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश पुलिस की कई बार मुठभेड़ हो चुकी है। 

मीडिया रिपोर्टर्स में दावा किया जा रहा है कि जगन गुर्जर ने खुद सरेंडर किया है। 12 जून को धौलपुर के करनपुर-सायरा पुरा में बंदूकों बटों से मारपीट महिलाओं को नग्न अवस्था में घुमाने का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने जगन गुर्जर की तलाश तेज कर दी थी। उसकी तलाश में कई संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई। 15 जून को तो जगन की गैंग ने पुलिस पर हथगोले तक फेंके। बताया जा रहा है कि पूर्व विधायक भैरो सिह गुर्जर सहित कई लाेग जगन गुर्जर के सरेंडर के संबंध में पुलिस और उसकी गैंग के बीच मध्यस्थता कर रहे थे। इससे पहले भी जगन गुर्जर तीन बार सरेंडर कर चुका है। 


मोदी सरकार ने विज्ञापन पर खर्च किए 5909 करोड़ रूपए, सूचना के अधिकार में खुलासा

मोदी सरकार ने विज्ञापन पर खर्च किए 5909 करोड़ रूपए, सूचना के अधिकार में खुलासा

27-Jun-2019

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी की एनडीए 1 सरकार में सभी प्रकार के विज्ञापनों पर 5909 करोड़ 39 लाख 51 हजार रुपये खर्च किए हैं. आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली को केंद्र सरकार के ब्यूरो ऑफ आउटरीच एंड कम्युनिकेशन विभाग ने आरटीआई के जवाब में यह जानकारी दी.

HWNEWS में प्रकाशित खबर के अनुसार आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली ने 22 मई 2019 को केंद्र सरकार से जानने की कोशिश की थी कि वर्ष 2014-15 से वर्ष 2018-19 इन 5 वर्ष के कार्यकाल में एनडीए सरकार ने प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और आउटडोर मीडिया पर कुल कितने पैसे खर्च किए हैं? केंद्र सरकार के ब्यूरो ऑफ आउटरीच एंड कम्युनिकेशन विभाग ने अनिल गलगली को वर्ष 2014-15 से वर्ष 2018-19 इन 5 वर्ष के कार्यकाल में एनडीए सरकार ने प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और आउटडोर मीडिया पर कुल खर्च का एक पन्ने वाला चार्ट भेजा हैं. इस चार्ट में कुल 4 कैटेगरी में विज्ञापन को समाहित किया हैं. इसमें प्लान, नॉन प्लान, क्लाइंट डिपार्टमेंट और एडवांस डिपार्टमेंट हैं जिसे डिस्प्ले क्लास, रेडिओ स्पॉट और आउटडोर पब्लिसिटी पर कुल 5909 करोड़ 39 लाख 51 हजार रुपए खर्च किए गए हैं.

मोदी सरकार ने एनडीए 1 में पहले वर्ष यानी वर्ष 2014-15 के वित्तीय वर्ष में 979 करोड़ 66 लाख रुपए खर्च किए. वर्ष 2015-16 के वित्तीय वर्ष 1162 करोड़ 47 लाख रुपए खर्च किए. तीसरे वर्ष 2016-17 के वित्तीय वर्ष में इसमें इजाफा होकर यह खर्च 1258 करोड़ 32 लाख तक पहुंच गया।चौथें वर्ष 2017-18 के वित्तीय वर्ष में सर्वाधिक 1313 करोड़ 57 लाख विज्ञापनों पर खर्च हुए. पांचवे और अंतिम वर्ष 2018-19 में विज्ञापन पर मचा बवाल के बाद मोदी सरकार ने खर्च पर कुछ हद तक लगाम लगाने की कोशिश की थी। तो भी यह खर्च 1195 करोड़ 37 लाख 51 हजार हो ही गया था.

गत 5 वर्ष के विज्ञापनों पर नजर डाली जाए तो डिस्प्ले क्लास और रेडिओ स्पॉट मोदी सरकार की पहली पसंद थी. इसलिए इन दो प्रकार के विज्ञापनों पर क्रमशः 2109 करोड़ 30 लाख 62 हजार तथा 2172 करोड़ 7 लाख 47 हजार रुपए खर्च किए गए थे. जबकि आउटडोर पब्लिसिटी पर सिर्फ 612 करोड़ 18 लाख 42 हजार रुपए खर्च हुए हैं. अनिल गलगली के अनुसार रेडिओ स्पॉट और डिस्प्ले क्लास इन विज्ञापनों पर मोदी सरकार की पसंद यह दर्शाती हैं कि सरकार ने लोगों तक पहुंचने में कोई कसर नहीं छोड़ी और नब्ज़ को पहचाना.


अटल के अस्थि विसर्जन खर्च का भुगतान करेगी योगी सरकार

अटल के अस्थि विसर्जन खर्च का भुगतान करेगी योगी सरकार

27-Jun-2019

लखनऊ: उत्तर प्रदेश राज्य सूचना विभाग पिछले साल पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के अस्थि विसर्जन के आयोजन में खर्च हुए 2.5 करोड़ रुपये का भुगतान करेगा. सूत्रों के अनुसार, लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने बिल के भुगतान का आश्वासन मिलने पर अस्थि विसर्जन का कार्यक्रम आयोजित किया था. बिल में मंच लगाने, साउंड सिस्टम, फूलों की सजावट, लाइट, बेरीकेडिंग आदि का खर्च शामिल है.

यह मामला तब प्रकाश में आया जब एक समाचार पत्र में एलडीए के सचिव एम.पी. सिंह के हवाले से कहा गया कि राज्य सरकार ने बिलों का भुगतान नहीं किया है. इस मुद्दे पर सवाल करते ही वे अपने बयान से मुकर गए. रिपोर्ट्स में कहा गया कि बिलों के भुगतान के लिए एलडीए और राज्य सूचना विभाग की ओर से एक-दूसरे को कई पत्र लिखे गए.

विभाग ने 15 मई की तारीख में एक जवाब भेजा कि उसके बजट में ऐसे किसी कार्यक्रम को शामिल नहीं किया गया है. मामले को लेकर विवाद पैदा होने के बाद, राज्य सूचना निदेशक शिशिर सिंह ने एलडीए को एक पत्र भेजकर कहा कि विभाग इन बिलों का भुगतान करेगा और इसकी प्रक्रिया शुरू हो गई है.

वाजपेयी की अस्थियां विशेष विमान द्वारा केंद्रीय मंत्री और लखनऊ से सांसद राजनाथ सिंह के साथ लखनऊ लाई गई थीं. अस्थियों को गोमती नदी में प्रवाहित किया गया था. वाजपेयी पांच बार लखनऊ से सांसद रहे थे और लखनऊ के साथ उनका विशेष लगाव था.


फिल्मकार आनंद पटवर्धन की डॉक्यूमेंट्री Reason के प्रदर्शन पर नहीं लगेगी रोक, केंद्र सरकार की आपत्ति खारिज

फिल्मकार आनंद पटवर्धन की डॉक्यूमेंट्री Reason के प्रदर्शन पर नहीं लगेगी रोक, केंद्र सरकार की आपत्ति खारिज

26-Jun-2019

दिल्ली : केन्द्र सरकार की आपत्ति खारिज करते हुए आज केरल उच्च न्यायालय ने मशहूर फिल्मकार आनंद पटवर्धन की डॉक्यूमेंट्री ‘विवेक’ को केरल में चल रहे रहे इंटरनेशनल डॉक्यूमेंटरी एंड शार्ट फिल्म फेस्टिवल में दिखाने की अनुमति दे दी. आदेश को पारित करने वाले जस्टिस शाजी पी.चाली ने ये स्पष्ट किया कि डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग कहीं और नहीं होनी चाहिए. कोर्ट ने कहा है कि कानून व्यवस्था के भंग होने का कारण देकर डॉक्यूमेंट्री को प्रदर्शित होने से रोका नहीं जा सकता है. अंग्रेजी में इस फिल्म का नाम ‘रीजन’ है.

केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने यह कहते हुए केरल फिल्म फेस्टिवल में इस फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगा दी थी कि इससे कानून-व्यवस्था में समस्या पैदा हो सकती है.

इस रोक के खिलाफ केरल राज्य चलचित्र अकादमी, फिल्म फेस्टिवल के आयोजनकर्ता ने अदालत में याचिका दायर की थी. आनंद पटवर्धन इस मामले में दूसरे नंबर पर याचिकाकर्ता थे. याचिकाकर्ताओं ने अपनी याचिका में कहा था कि कानून व्यवस्था खराब होने की मात्र आशंका भर से अभिव्यक्ति की आजादी को दबाया नहीं जा सकता है.

याचिकाकर्ताओं ने केरल उच्च न्यायालय के 2017 के एक फैसले पर भरोसा था जिसमें मार्च, मार्च, मार्च’ और ‘द बियेरेबल लाइटनेस ऑफ बीइंग’ की प्रदर्शन पर केंद्र सरकार द्वारा लगाई गई रोक को अदालत ने ख़ारिज कर दिया था.

चार घंटे की यह फिल्म नरेंद्र दाभोलकर और गोविंद पानसरे की हत्याओं और सनातन संस्था की भूमिका को दिखाते हुए दक्षिणपंथी उग्रवादी हिंसा फैलाने की कहानी से शुरू होती है. इसके बाद फिल्म में हाल के वर्षों में हुए दलित आंदोलन और दलित नेताओं के उत्थान की कहानी है. इस फिल्म का अंत दादरी गांव में मोहम्मद अखलाक की गोहत्या के शक में हुई हत्या की कहानी के साथ होता है.

आनंद पटवर्धन की इस फिल्म ने अनेक पुरस्कार जीता है जिनमें एम्स्टर्डम के 31वें अंतरराष्ट्रीय डॉक्यूमेंट्री फिल्म फेस्टिवल में सर्वश्रेष्ठ फीचर-लेंथ डॉक्यूमेंट्री का पुरस्कार शामिल है.

चलचित्रों के सार्वजनिक प्रदर्शनी के लिए केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड का प्रमाणपत्र लेना पड़ता है, जिनको यह प्रमाणपत्र नहीं मिलता उन्हें केंद्र सरकार से सिनेमैटोग्राफ अधिनियम 1952 कानून की धारा 9 के तहत विशेष छूट लेनी पड़ती है.


मोदी सरकार का बड़ा फैसला, घाटे में चल रही 19 सरकारी कंपनियां होंगी बंद, लिस्ट देखें

मोदी सरकार का बड़ा फैसला, घाटे में चल रही 19 सरकारी कंपनियां होंगी बंद, लिस्ट देखें

26-Jun-2019

नई दिल्ली। मोदी सरकार ने घाटे में चल रही 19 कंपनियों को बंद करने की मंजूरी दे दी है। सरकार ने एचएमटी, हिंदुस्तान केबल्स और इंडियन ड्रग्स जैसी सार्वजनिक क्षेत्र की 15 से अधिक कंपनियों को बंद करने की मंजूरी दे दी है। ये सभी कंपनियां घाटे में चल रही हैं। मंगलवार को कांग्रेस के लोकसभा सांसद अदूर प्रकाश के एक सवाल के जवाब में सरकार की तरफ से ये जानकारी दी गई है।

कांग्रेस के लोकसभा सांसद अदूर प्रकाश ने भारी उद्योग और लोक उद्यम मंत्रालय से पब्लिक सेक्टर की कंपनियों का ब्यौरा मांगा था। उन्होंने सवाल किया था कि क्या सरकार घाटे में चल रहे PSU को बंद करने या उनके निजीकरण पर विचार कर रही है। उन्होंने ये भी पूछा था कि क्या नीति आयोग ने निजीकरण के लिए पीएसयू की नई सूची तैयार की है? भारी उद्योग और लोक उद्यम मंत्री अरविंद गणपत सावंत ने अलग-अलग विभागों की घाटे में चल रही कंपनियों के बारे में सदन में जानकारी दी।

कांग्रेस सांसद के सवाल पर सरकार ने दी जानकारी

अरविंद सावंत ने 19 PSU कंपनियों की सूची भी दी जिसे बंद करने की कवायद चल रही है। मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, भारी उद्योग विभाग- तुंगभद्रा स्टील प्रोडक्ट्स लिमिटेड, एमएमटी वॉचेज लिमिटेड, एचएमटी चिनार वॉचेज लिमिटेड, एचएमटी बियरिंग्स लिमिटेड, हिंदुस्‍तान केबल्‍स लिमिटेड, एचएमटी लिमिटेड की ट्रैक्‍टर यूनिट और इंस्‍ट्रूमेंटेशन लिमिटेड की कोटा यूनिट को बंद करने की मंजूरी दे दी गई है। इसी प्रकार जहाजरानी मंत्रालय के अधीन केंद्रीय अंतर्देशीय जल परिवहन निगम लिमिटेड भी घाटे में चल रही है, जबकि इंडियन ड्रग्‍स और राजस्‍थान ड्रग्‍स एंड फार्मास्‍युटिकल्‍स लिमिटेड की बंदी के लिए सरकार अनुमोदित कर चुकी है।

इसके अतिरिक्त, IOCL-क्रेडा बायोफ्यूल्स लिमिटेड, क्रेडा HPCL बायोफ्यूल्स लिमिटेड, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह वन और वृक्षारोपण विकास निगम लिमिटेड, भारत वैगन एंड इंजीनियरिंग कंपनी लिमिटेड, बर्न स्टैंडर्ड कंपनी लिमिटेड, सीएनए/एन2 ओ 4 प्लांट को छोड़कर हिंदुस्तान ऑर्गेनिक केमिकल्स लिमिटेड की रसायनी ईकाई में सभी संयत्रों के संचालन को बंद करना, नेशनल जूट मैन्यूफैक्चरर्स कार्पो. लिमिटेड, बर्ड्स जूट एंड एक्सपोर्ट लिमिटेड और एसटीसीएल लिमिटेड को बंद करने की मंजूरी दे दी गई है।


आप MLA मनोज कुमार को कोर्ट ने सुनाई 3 महीने की सजा

आप MLA मनोज कुमार को कोर्ट ने सुनाई 3 महीने की सजा

25-Jun-2019

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली की एक अदालत ने आम आदमी पार्टी (आप) विधायक मनोज कुमार को साल 2013 के एक मामले में 3 महीने की सजा सुनाई है। हालांकि, उन्हें इन केस में तुरंत जमानत भी मिल गई। इसके अलावा कोर्ट ने मनोज कुमार के उपर 10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। मामला वर्ष 2013 में दिल्ली विधानसभा चुनाव में कल्याणपुरी थाने में दर्ज कराया गया था। अदालत ने 4 जून के अपने एक फैसले में मनोज कुमार को दोषी ठहराया था। 

राउज एवेन्यू की एडिशनल चीफ मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट समर विशाल ने कुमार को लोक सेवक को सार्वजनिक कर्तव्य का निर्वहन करने में बाधा पहुंचाने और मतदान केंद्र के निकट अव्यवस्था फैलाने का दोषी पाया। अदलात ने चुनाव केंद्र में माहौल खराब करने की धाराओं में 4 जून को दोषी करार दिया था। कुमार पर आरोप था कि साल 2013 में दिल्ली विधानसभा चुनाव में एमसीडी स्कूल के मुख्य द्वार पर 50 लोगों के साथ विरोध प्रदर्शन किया जिससे मतदाताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। 

2013 के चुनाव के दौरान मनोज कुमार की अगुवाई में 50 से ज्यादा आप कार्यकर्ताओं के एमसीडी स्कूल के गेट पर हंगामा किया था।इससे मतदाताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा था। इन लोगों ने स्कूल का मेन गेट भी बंद कर दिया था, जिससे पुलिसकर्मी व चुनाव में लगा स्टाफ भी अंदर बंद हो गया।पुलिस के मुताबिक, मतदान समाप्त होने के बाद दोषियों मतपेटियों को बाहर नहीं लेकर जाने देने की बात कहते हुए गेट बंद कराकर उसके सामने बैठ गया। इसके बाद मतपेटियों को दूसरे रास्ते से बाहर निकाला गया था। 


धर्म और इंसानियत को शर्मसार ना करें

धर्म और इंसानियत को शर्मसार ना करें

25-Jun-2019

हिंदुस्तान का माहौल बदल चुका है। हिन्दू मुस्लिम सिख ईसाई, आपस में सब भाई भाई। इस कथन के अर्थ को कुछ लोग  तार तार कर रहे हैं। नफ़रत की खाई बढ़ती जा रही है। अब हिंदुस्तान में इंसान नहीं हिंदू- मुसलमान, यादव, दलित, ब्रह्मण रहते हैं। क्या हो गया है हमारे देश को। कौन सी सोच पर हम चल पड़े हैं। हमारे देश की सबसे बड़ी कमी है राजनीति का गन्दा होना। लोभ लालच, आस्थाओं के मकड़जाल में हम इतना फंस चुके हैं कि हमको उठने बैठने खाने पीने कपड़े भाषा सब में धर्म दिखने लगा है।

जब एक नवजवान को घेर कर मारा जाता है तो कोई हिन्दू या मुसलमान नहीं मरता एक मां का बेटा, एक बहन का भाई, एक भाई का भाई, एक पत्नी का पति मरता है। एक हिंदुस्तानी मरता है। हम कहते हैं हिंदू मरा या मुसलमान मरा। ग़लत है। कोई भी इंसान मंदिर और मस्जिद में जाने पर हिंदू या मुसलमान हो सकता है लेकिन सार्वजनिक जीवन में वह इंसान है।
सबका साथ सबका विकास सबका विश्वास इस नारे में खोखलापन दिखाई दे रहा है। सरकार को चाहिए कि इस खोखलेपन को भरे। 

यह कैसा साथ है, कैसा विकास है और कैसा विश्वास है कि जिसका जो चाहता है कर देता है। कभी पत्रकार को प्रताणित किया गया, कभी किसी की खंबे से बांधकर हत्या कर दी गई। कभी हेलमेट चेकिंग के नाम पर गन प्वाइंट पर लिया जाता है। सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए। प्रशासन को सख़्त करने की जरूरत है। 

याद रखिए जब इंसान इस दुनिया में आता है तो नंगा आता है और जब जाता है तो उसे मामूली कपड़ा (कफ़न) मिलता है चाहे वह हिंदू हो या मुसलमान या कोई और। इसलिए इंसान बनकर इंसानियत के बारे में सोचिए। क्योंकि आपको ईश्वर/अल्लाह के सामने हिसाब देना है।
जय हिन्द।

सैय्यद एम अली तक़वी, चीफ़ ब्यूरो (हम्दे मुल्क उर्दू)
        (The Revolution News)


ऋतिक रोशन कि बहन सुनैना रोशन का मुस्लिम प्रेमी सामने आया, राकेश रोशन ने कहा था 'आतंकी' !

ऋतिक रोशन कि बहन सुनैना रोशन का मुस्लिम प्रेमी सामने आया, राकेश रोशन ने कहा था 'आतंकी' !

25-Jun-2019

मुंबई। इन दिनों बॉलीवुड का मशहूर रोशन परिवार बहुत सारे सवालों के घेरे में है, कारण है फिल्ममेकर राकेश रोशन की बेटी और सुपरस्टार ऋतिक रोशन की बहन सुनैना, जिन्होंने सोशल मीडिया का सहारा लेते हुए अपने पिता और भाई पर गंभीर आरोप लगाए हैं, सुनैना का कहना है कि वो एक मुस्लिम लड़के से प्रेम करती हैं लेकिन उनके परिवार वालों को ये रिश्ता कबूल नहीं है इसलिए वो उन पर जुल्म कर रहे हैं, उसे मारते-पीटते हैं और घर में कैद रखते हैं, सुनैना ने कहा था कि उसके पापा कहते हैं कि मैं जिससे प्रेम करती हूं वो आतंकवादी है। 

इन्हीं विवादों के बीच अब सुनैना के तथाकथित प्रेमी रूहेल अमीन मीडिया के सामने आए हैं, उन्होंने न्यूज 18 से इस बारे में विस्तार से बातचीत की है और ये स्वीकार किया है कि वो और सुनैना रिलेशनशिप में हैं, उन्होंने इस पूरी घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि किसी को सिर्फ इसलिए आतंकवादी करार देना कि वह एक खास धर्म से सम्बंध रखता/रखती है, यह बेहद अपमानजनक है और इसकी मैं कड़े शब्दों में निंदा करता हूं। 

उन्होंने कहा कि बॉलीवुड के सबसे हाई प्रोफाइल परिवारों में रोशन फैमिली की गिनती होती है और वहां के लोगों की सोच इतनी गिरी हुई है, जब सुनैना ने मुझे यह सब बताया तो मुझे पहले यकीन नहीं हुआ लेकिन बाद में मुझे गुस्सा भी आया और हंसी भी, केवल धर्म की वजह से आप चरमपंथ जैसी चीज को परिभाषित नहीं कर सकते। सबसे जरूरी यह है कि हमें ऐसे जाहिल नजरिया के खिलाफ खड़े होना होगा, रोशन परिवार भी जाहिलपन पर उतर आया है। रूहेल से जब पूछा गया कि रोशन परिवार आप पर इस तरह से प्रतिक्रिया दे रहा है जबकि ऋतिक की एक्स वाइफ सुजैन खान खुद एक मुस्लिम है, जिस पर रूहेल ने कहा कि यही तो विडंबना है, खुद उनके साथ क्या हुआ, सबके सामने है। 


सवा सौ से भी कम कमाते हैं चमकी बुखार पीड़ित के माता-पिता :रिपोर्ट

सवा सौ से भी कम कमाते हैं चमकी बुखार पीड़ित के माता-पिता :रिपोर्ट

23-Jun-2019

बिहार : चमकी बुखार (एईएस) का प्रकोप झेल रहे उत्तर बिहार में बहुतेरे पीड़ित बच्चों के माता-पिता रोजाना सवा सौ रुपये या इससे भी कम कमाते हैं। ऐसे परिवारों की माली हालत काफी खराब है। मुख्यमंत्री के आदेश पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से कराये गये सोशियो इकोनॉमिक सर्वे की प्रारंभिक रिपोर्ट से यह खुलासा हुआ है। 

एईएस पीड़ित 519 में से 289 परिवारों का सोशियो इकोनॉमिक सर्वे पूरा हो गया है। कम्युनिटी कॉर्डिनेटर, जीविका सदस्य, कृषि समन्वयक व मनरेगा सलाहकार से विभाग ने यह सर्वे कराया है। सर्वे के प्रारंभिक नतीजे हैरान करने वाले हैं। रिपोर्ट के अनुसार,पीड़ित बच्चों के परिवारों की दशा और आय के स्रोत को जब खंगाला गया तो 280 परिवार मजदूर वर्ग के मिले।

सिविल सर्जन डॉ. एसपी सिंह ने कहा कि सरकार के निर्देश पर पीड़ित परिवारों का सोशियो इकोनॉमिक सर्वे हो रहा है। कुछ नतीजे सामने आये हैं। पूरा सर्वे होने में समय लगेगा। इसके बाद इसे सरकार को भेजा जाएगा।

एईएस से आठ और बच्चों की मौत सूबे में अब तक 172 की गई जान
उत्तर बिहार के मुजफ्फरपुर समेत आसपास के जिलों में एईएस (चमकी-बुखार) से सात बच्चों की मौत हो गई। एसकेएमसीएच में शनिवार को दो बच्चे और शुक्रवार की देर रात दो बच्चों की जान चली गई। मीनापुर अस्पताल में भी एक बच्चे ने दम तोड़ दिया। वहीं, दो अन्य बच्चों की मौत पूर्वी चंपारण के कल्याणपुर व मधुबन प्रखंड में हुई। वहीं बेगूसराय में भी एक बच्ची की मौत हो गयी। इस तरह एईएस से अबतक 172 बच्चों की जानें जा चुकी हैं।

शनिवार को एसकेएमसीएच, केजरीवाल व मीनापुर अस्पताल में एईएस के 16 बच्चे भर्ती हुए। इनमें 12 को एसकेएमसीएच, दो को केजरीवाल अस्पताल व दो को मीनापुर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस तरह अब तक एईएस के 519 मामले सामने आ चुके हैं।

livehindustan की खबर 


एक और लेखिका ने अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप पर लगाया रेप का आरोप

एक और लेखिका ने अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप पर लगाया रेप का आरोप

22-Jun-2019

वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप पर न्‍यूयॉर्क की एक लेखिका ने रेप का आरोप लगाया है। इस लेखिका का नाम ई जीन कैरोल है और इसने ट्रंप पर आरोप लगाया है कि ट्रंप ने एक ड्रेसिंग रूम में उनका रेप करने की कोशिश की थी। शुक्रवार को न्‍यूयॉर्क की एक मैगजीन में उनके इस दावे को जारी किया गया है। मैगजीन ने कैरोल का फर्स्‍ट पर्सनल अकांउट जारी किया है। हालांकि डोनाल्‍ड ट्रंप ने इन आरोपों पर कहा है, 'मैं इस इंसान से अपनी जिंदगी में कभी नहीं मिला हूं।' 

कैरोल की किताब 'हाइडियस मैन' रिलीज होने वाली है। इसी किताब में उन्‍होंने अपने दावे का जिक्र किया है। कैरोल का कहना है कि मैनहैट्टन के एक डिपार्टमेंट स्‍टोर में 1990 के मध्‍य में डोनाल्‍ड ट्रंप ने उनका यौन उत्‍पीड़न किया था। कैरोल एले मैगजीन के लिए भी लिखती हैं। कैरोल ने लिखा है, 'साल 1995 या 1996 में ट्रंप के साथ बेर्गडोर्फ गुडमैन में ट्रंप के साथ उनका आमना-सामना हुआ था और यह काफी दोस्‍ताना था। इसी दौरान रियल एस्‍टेट के बादशाह ट्रंप ने उन्‍हें ड्रेसिंग रूम की दिवार पर धक्‍का दिया और अपनी पैंट की जिप खोली।' कैरोल के मुताबिक ट्रंप ने उनके साथ जबर्दस्‍ती करने की कोशिश की। लेकिन कैरोल ने पूरी ताकत के साथ ट्रंप को धक्‍का किसा और स्‍टोर से बाहर आ गईं। ट्रंप ने अपने बयान में कैरोल के दावे को फेक न्‍यूज करार दिया है। ट्रंप का कहना है कि कैरोल के दावों को साबित करने के लिए कोई सुबूत मौजूद नहीं है। 

ट्रंप ने कहा, 'कोई फोटोग्राफ नहीं, कोई सर्विलांस नहीं, कोई वीडियो नहीं और न ही कोई रिपोर्ट्स? को सेल्‍स अटेंडेंट आसपास था क्‍या? मैं कहना चाहूंगा कि बेर्गडोर्फ गुडमैन को इस बात की पुष्टि करने के लिए थैंक्‍यू कहना चाहूंगा कि इस घटना की कोई भी वीडियो फुटेज उनके पास नहीं है क्‍योंकि इस तरह की कोई घटना हुई ही नहीं है। ट्रंप ऑर्गनाइजेशन जिस पर अभी तक ट्रंप का मालिकाना हक है, उसने न्‍यूज एजेंसी एपी की ओर से पूछे गए सवाल पर कोई भी टिप्‍पणी नहीं की है। कैरोल ने भी इस पूरे वाकये पर अभी तक कोई भी टिप्‍पणी नहीं की है। साल 2016 में जब ट्रंप राष्‍ट्रपति चुनावों के लिए अभियान में बिजी थे तो उस समय करीब एक दर्जन से भी ज्‍यादा महिलाओं ने ट्रंप पर गलत यौन व्‍यवहार का आरोप लगाया था। ट्रंप ने इन सभी महिलाओं के आरोपों को खारिज कर दिया था।


ट्रम्प ने ईरान पर हमले को दी मंजूरी, अफसरों से चर्चा के बाद बदला फैसला

ट्रम्प ने ईरान पर हमले को दी मंजूरी, अफसरों से चर्चा के बाद बदला फैसला

21-Jun-2019

मास्को : राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के उसके ड्रोन को मार गिराने के बाद कई ठिकानों पर हमले को मंजूरी प्रदान करने के बाद अपने फैसले को पलटते हुए अभियान को फिलहाल रोक देने का आदेश दिया है। दैनिक समाचार पत्र न्यूयाॅर्क टाइम्स ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से अपनी रिपोर्ट में यह जानकारी दी। 

रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी खुफिया ड्रोन विमान पर हमले के जवाब में ट्रम्प ने ईरान के रडार और मिसाइल ठिकानों पर हमले को मंजूरी प्रदान की थी , लेकिन प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों के साथ गहन चर्चा के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने फिलहाल अभियान रोक देने का आदेश दिया । 

न्यूयाॅर्क टाइम्स ने ट्रम्प प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से बताया कि अमेरिकी लड़ाकू विमान और युद्धपोत ईरान पर मिसाइल से हमला करने के लिए तैयार थे लेकिन अंतिम समय पर अभियान को रोक देने का आदेश आया। 

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गॉर्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने दावा किया है कि उसने गुरुवार को एक अमेरिकी खुफिया ड्रोन विमान को मार गिराया है। इस घटना के बाद से दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। ट्रम्प ने अमेरिका के खुफिया ड्रोन विमान को मार गिराने के ईरान के दावे के बाद ट्वीट किया था, “ ईरान ने बहुत बड़ी गलती कर दी है।”

अमेरिकी राष्ट्रपति की धमकी पर रूस ने आगाह किया है कि यदि ईरान पर हमला किया गया तो ऐसी तबाही मचेगी कि उस नुकसान की भरपाई कर पाना मुश्किल होगा। अमेरिका ने उसके ड्रोन विमान को मार गिराये जाने की ईरान की कार्रवाई को अकारण हमला करार दिया है। उधर ईरान का कहना है कि अमेरिकी ड्रोन विमान उसके वायु सीमा क्षेत्र में घुस आया था। अमेरिकी खुफिया ड्रोन की पहचान आरक्यू-4 ग्लोबल हॉक के रूप में की गयी है। आरक्यू-4 आम तौर पर अधिक ऊंचाई पर उड़ान भरता है। 

ओमान की खाड़ी में तेल टैंकरों पर हुए हमले के बाद से ही दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर है। गौरतलब है कि ओमान की खाड़ी में पिछले गुरुवार को हाेरमुज जलडमरूमध्य के नजदीक दो तेल टैंकरों अल्टेयर और कोकुका करेजियस में विस्फोट किया गया था।

ईरान और अरब के खाड़ी देशों के जल क्षेत्र में हुए इस हादसे के कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है। अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने इसके लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया है। पोम्पियो के मुताबिक अमेरिका ने खुफिया जानकारी के आधार पर ये आरोप लगाए हैं। अमेरिकी सेना ने अपने दावे के पक्ष में एक वीडियो जारी किया है जिसमें ईरानी सुरक्षाबल एक टैंकर से विस्फोटक हटाते हुए दिख रहे हैं। ब्रिटेन के विदेश मंत्रालय ने ईरानी सेना के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स काॅर्प्स को ओमान की खाड़ी में तेल के टैंकरों पर हमले के लिए जिम्मेदार ठहराया है।


शूटिंग के सेट पर शराब के नशे में लाठी-सरिया लेकर घुसे शराबियों का क्रू पर हमला, हमलावरों ने डायरेक्टर सोहम शाह को बुरी तरह पीटा

शूटिंग के सेट पर शराब के नशे में लाठी-सरिया लेकर घुसे शराबियों का क्रू पर हमला, हमलावरों ने डायरेक्टर सोहम शाह को बुरी तरह पीटा

20-Jun-2019

हाल ही में एकता कपूर के वेब सीरिज फिक्सर के शूटिंग सेट से एक ऐसा मामला सामने आया है मीडिया में आई खबर के अनुसार सीरीज का क्रू और आर्टिस्ट जब मीरा रोड पर घोडबंदर शूटिंग कर रहे थे तभी कुछ नशे में धुत 4 शराबी आए जिनके हांथ में लाठी-डंडे समेत सरिया तक थी। शराबियों ने अचानक क्रू और अर्टिस्टों पर हमला बोल दिया जिससे कई लोग बुरी तरह से जख्मी हो गए हैं।

इस मौके पर दबंग की एक्ट्रेस माही गिल भी मौजूद थीं जो तुरंत जाकर अपनी कार में बैठ गईं थीं। इस हमले मे कई लड़कियां भी घायल हुई हैं। बता दें कि इस हमले में डायरेक्टर सोहम शाह को बुरी तरह पीटा गया। 

इसकी जानकारी साकेत साहनी इस वीडियो में देते हुए नजर आ रहें जो एकता कपूर ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया है। ये मामला यहीं शांत नहीं बल्कि जब स्थानीय पुलिस को सूचना देकर बुलाया गया को मदद करने के बजाय पुलिस ने मेकर्स से ही 50 हजार रुपए वसूल लिए। हालांकि पुलिस पैसे लेने वाली बात को झूठा बता रही है। हमले के बाद वो सभी शराबी कहां गायब हैं किसी को नहीं पता है। इस हमले की फिल्म इंडस्ट्री के कई दिग्गजों के द्वारा निंदा की गई है। 


यूपी : सामूहिक बलात्कार पीड़िता ने  शिकायत दर्ज नहीं होने से तंग आकर कर ली आत्महत्या

यूपी : सामूहिक बलात्कार पीड़िता ने शिकायत दर्ज नहीं होने से तंग आकर कर ली आत्महत्या

18-Jun-2019

उत्तर प्रदेश के बदायूं में सामूहिक बलात्कार की एक पीड़िता ने आत्महत्या कर ली. खबर के मुताबिक पुलिस पीड़िता के साथ हुए दुष्कर्म के आरोपितों के खिलाफ शिकायत दर्ज नहीं कर रही थी. इससे तंग आकर उसने खुद को फांसी लगा ली. रविवार को उसका शव कमरे में पंखे से लटका मिला. पुलिस ने बताया कि पीड़िता के पास से एक सूसाइड नोट बरामद हुआ है.

डेक्कन क्रॉनिकल के मुताबिक इस मामले में बदायूं के एसपी अशोक त्रिपाठी ने स्टेशन हाउस अधिकारी (एसएचओ) को लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया है. पीड़िता बीती 15 जून को एसएचओ के पास शिकायत लेकर पहुंची थी. लेकिन उसने शिकायत दर्ज नहीं की. बाद में बरेली जोन के अतिरिक्त महानिदेशक अविनाश चंद्र के निर्देश पर एफआईआर दर्ज हो पाई. हालांकि तब तक देर हो चुकी थी. इंडियन एक्सप्रेस ने बताया कि पीड़िता का शव मिलने से दो घंटे पहले शिकायत दर्ज की गई.

खबर के मुताबिक पीड़िता का पति दिल्ली में दिहाड़ी मजदूर है. इसलिए वह अपने माता-पिता के यहां ही रहती थी. पुलिस के अधिकारी ने दर्ज शिकायत के हवाले से बताया कि पीड़िता से रेप करने वाले तीनों आरोपित उसके रिश्तेदार हैं. वे 15 मई के दिन महिला को यह कह कर ले गए उसका पति दिल्ली में बीमार है.

अधिकारी ने बताया, ‘पीड़िता ने आरोप लगाया था कि आरोपित उसे तेलंगाना के सिकंदराबाद शहर ले गए और एक कमरे में कैद कर उससे बलात्कार किया. एक हफ्ते बाद जब वे उसे दिल्ली ले जा रहे थे, उसी दौरान पीड़िता ने एक सहयात्री की मदद से फोन कर माता-पिता को अपनी आपबीती सुनाई. उसके पिता जब तक बाकी लोगों के साथ दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचे, तब तक आरोपित भाग चुके थे.’

साभार : satyagrah से 


वडोदरा में होटल के सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान दम घुटने से सात की मौत

वडोदरा में होटल के सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान दम घुटने से सात की मौत

15-Jun-2019

गुजरात के वडोदरा में एक सेप्टिंक टैंक की सफाई के दौरान सात लोगों के मारे जाने की खबर है. न्यूज एजेंसी एएनआई ने बताया कि घटना जिले के एक होटल की है. प्राप्त जानकारी के मुताबिक सभी की मौत कथित रूप से दम घुटने से हुई है. मृतकों में चार सफाईकर्मी बताए जा रहे हैं. बाकी तीन होटल के कर्मचारी थे.

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक शुक्रवार रात को हुई इस घटना के बाद होटल के मालिक हसन अब्बास भोरानिया पर गैर-इरादतन हत्या और लापरवाही का मामला दर्ज किया गया है. अखबार ने बताया कि मरने वालों के नाम महेश पटनवाडिया, अशोक हरिजन, बृजेश हरिजन, महेश हरिजन, विजय चौधरी, सहदेव वसावा और अजय वसावा हैं. अशोक, महेश, बृजेश और पटनवाडिया को सेप्टिक टैंक की सफाई के लिए बाहर से बुलाया गया था. जबकि चौधरी, सहदेव और अजय को चारों सफाईकर्मियों की मदद के लिए लगाया गया था.

पुलिस के मुताबिक महेश पटनवाडिया सबसे पहले टैंक में घुसे थे. लेकिन जब वे नहीं लौटे तो उनके साथी उन्हें बचाने के लिए एक के बाद एक नीचे उतरे. बाद में होटल के तीनों सहयोगी भी टैंक के नीचे गए. लेकिन उनमें से कोई भी जिंदा नहीं लौटा. एक अधिकारी ने बताया कि बाद में वडोदरा नगर पालिका के सीवर साफ करने वाले वाहन से टैंक की सफाई कर दी गई.


दिग्विजय सिंह की जीत नहीं होने पर जल समाधि लेने की बात कहने वाले मिर्ची बाबा ने डीएम से जल समाधि की इजाजत मांगी

दिग्विजय सिंह की जीत नहीं होने पर जल समाधि लेने की बात कहने वाले मिर्ची बाबा ने डीएम से जल समाधि की इजाजत मांगी

14-Jun-2019

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव के दौरान मध्य प्रदेश के भोपाल से कांग्रेस उम्मीदवार दिग्विजय सिंह की जीत का दावा करने वाला पूर्व महामंडलेश्वर बाबा वैराज्ञानंद गिरी उर्फ मिर्ची बाबा एक बार फिर से सुर्खियों में हैं। दरअसल मिर्ची बाबा ने दावा किया था कि इस चुनाव में दिग्विजय सिंह की जीत जरूर होगी, अगर ऐसा नहीं होता है तो वह समाधि ले लेंगे। ऐसे में चुनाव में दिग्विजय सिंह की हार के बाद मिर्ची बाबा भोपाल के जिलाधिकारी से समाधि की इजाजत मांगी है। 

मिर्ची बाबा ने भोपाल के जिलाधिकारी को पत्र लिखकर इस बात की इजाजत मांगी है कि उन्हें 16 जून को दोपहर 2.11 बजे जल समाधि लेने दिया जाए। फिलहाल मिर्ची बाबा असम के कामाख्या मंदिर में तपस्या कर रहे हैं। मिर्ची बाबा ने दिग्विजय सिंह की जीत का दावा किया था, लेकिन 23 मई को चुनाव के नतीजे सामने आने के बाद दिग्विजय सिंह को भाजपा उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था।

चुनाव नतीजे घोषित होने के बाद से मिर्ची बाबा लापता हो गए थे। जिसके बाद कई लोगों ने उनका मोबाइल नंबर तलाश किया और उन्हें फोन करके पूछा कि आप कब समाधि लेंगे। लेकिन चुनाव नतीजे आने के बाद से ही मिर्ची बाबा लापता थे। बता दें कि लोकसभा चुनाव के दौरान मिर्ची बाबा ने दिग्विजय सिंह की जीत के लिए मिर्ची हवन किया किया था। इस हवन में 5 क्विंटल मिर्ची का इस्तेमाल किया गया था।


राजस्थान की स्कूल की किताब में से वीडी सावरकर के नाम के आगे से 'वीर' शब्द हटाया गया

राजस्थान की स्कूल की किताब में से वीडी सावरकर के नाम के आगे से 'वीर' शब्द हटाया गया

14-Jun-2019

राजस्थान बोर्ड ऑफ सेकेंडरी कि किताबों में किया गया है। जिसमे वीडी सावरकर के नाम के आगे से वीर शब्द को हटा दिया गया है। दरअसल 13 फरवरी को एक रिव्यू कमेटी का गठन किया गया था, जिसे यह जिम्मेदारी दी गई थी कि वह इस बात की समीक्षा करे कि बीती सरकार में किताबों में जो संशोधन किए गए क्या वह राजनीतिक वजहों से थे और उसे जारी रखा जाना चाहिए या फिर उसे फिर से बदलना चाहिए। कक्षा 12वीं की इतिहास की किताब में वीडी सावरकर के की भूमिका में संशोधन किया गया है। सावरकर के नाम के आगे से वीर शब्द को हटा लिया गया। उनका नाम स्वतंत्रता आंदोलन के चैप्टर में है। इस चैप्टर में सावरकर के योगदान कृी विस्तृत चर्चा की गई है। 

नई किताब में अब वीर सावरक का नाम विनायक दामोदर सावरकर है। जिसमे इस बात की जानकारी दी गई है कि कैसे जेल में बंद होने के दौरान अंग्रेजों को सावरकर चार बार दया याचिका के लिए पत्र लिखा। दूसरी दया याचिका में उन्होंने खुद को पुर्तगाली बताया था साथ ही लिखा गया है कि साावरकर ने देश को हिंदू देश बनाने की दिशा में काम किया। सावरकर ने 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन का विरोध किया और पाकिस्तान के गठन का भी विरोध किया। 


विकिलिक्स संस्थापक जूलियन असांजे के अमेरिका प्रत्यर्पण को ब्रिटेन की मंजूरी

विकिलिक्स संस्थापक जूलियन असांजे के अमेरिका प्रत्यर्पण को ब्रिटेन की मंजूरी

13-Jun-2019

मीडिया रिपोर्ट से 

नई दिल्ली। ब्रिटिश गृह सचिव ने विकिलिक्स संस्थापक जूलियन असांजे को अमेरिका भेजने के लिए प्रत्यर्पण आदेश पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। ब्रिटेन के गृह सचिव साजिद जाविद के असांजे के प्रत्यर्पण आदेश पर हस्ताक्षर करने के बाद अब उनका अमेरिका प्रत्यर्पण लगभग साफ हो गया है। अदालत की कार्यवाही के बाद 47 साल के असांजे को अमेरिका प्रत्यर्पित किया जा सकता है। 

साजिद जाविद ने बताया है कि जेल में बंद असांजे के प्रत्यर्पण के लिए अमेरिका से अनुरोध मिला है। जिस पर कल अदालत में चर्चा होनी है इससे एक दिन पहले ही मैंने प्रत्यर्पण आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं। यह कल अदालतों के सामने भी रखा जाएगा। 

बता दें कि असांजे पर अमेरिकी कंप्यूटर्स को हैक करने और वहां के कानून को तोड़ने का आरोप है। अमेरिका ने उनपर सैन्य और राजनयिक सूत्रों के नाम उजागर करने वाले गोपनीय दस्तावेज को प्रकाशित कर जासूसी कानून का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। सेना और कूटनीति से जुड़े हुए दस्तावेज रिलीज करने के आरोप में अमेरिका उनके प्रत्‍यार्पण की कोशिशों में था, जिसे अब सफलता मिल गई है। खुलासों के बाद 2012 से अंसाजे ने इक्‍वाडोर दूतावास में शरण ली थी। असांजे को ब्रिटेन स्थित इक्वाडोर के दूतावास से अप्रैल में गिरफ्तार किया गया था। ब्रिटेन में जमानत के दौरान फरार होने के सिलसिले में वह 50 हफ्ते की सजा काट रहे हैं। वह अमेरिका प्रत्यर्पित किए जाने के खिलाफ भी मुकदमा लड़ रहे हैं।