ग्रामीणों की आस्था और सांस्कृतिक धरोहर देवगुड़ी...

ग्रामीणों की आस्था और सांस्कृतिक धरोहर देवगुड़ी...

07-Oct-2022

'द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार 

देवगुड़ी ग्रामीणों की आस्था और सांस्कृतिक धरोहर, जिसका जीर्णाेद्धार ग्रामवासी की सहमति से हो रहा

नारायणपुर : नारायणपुर के हर गांव में एक देवगुड़ी है, हर गांव के एक विशिष्ट देवी या देवता हैं। गांव के पुजारी यहां हर खास मौके पर अनुष्ठान करते हैं। जिसका संरक्षण करने का बीड़ा मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने उठाया है। ग्रामीणों की मांग पर नारायणपुर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री ने नारायणपुर जिले के सभी ग्राम पंचायतों में देवगुड़ी बनाने की घोषणा की थी, भेंट मुलाकात कार्यक्रम के दौरान उन्होंने भूमिपूजन भी किया था। जिला प्रशासन द्वारा देवगुड़ी  जीर्णाेद्धार कार्य को ग्रामवासी की सहमति से किया जा रहा है और इसकी मोनिटरिंग भी की जा रही है।

आदिवासी हमारे देश की प्राचीन सभ्यता, संस्कृति, लोक जीवन के वाहक है। आदिवासी समाज आज भी उन सभ्यता, संस्कृति को सहेजने में लगा हुआ है। उन सभ्यता और संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन में राज्य सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। शासन की मंशानुरूप देवगुड़ी में वे सभी सुविधायें उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे आदिवासी समाज के लोग एक स्थान पर एकत्रित होकर अपने अनुष्ठान या धार्मिक कार्य को मूर्त रूप दे सकें। नारायणपुर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री श्री बघेल ने देवगुड़ी निर्माण की आधारशीला रखी थी। इस अवसर पर उन्होंने कहा था कि देवगुड़ी का निर्माण ग्रामवासियों की मंशानुरूप ही किया जायेगा। 

जिला प्रशासन द्वारा जिले के प्रत्येक गांव में देवगुड़ी निर्माण कार्य कराया जा रहा है। देवगुड़ी में पेयजल, बिजली, सोलर लाईट, हाईमास्ट, गार्डन आदि व्यवस्थित तरीके से बनाये जा रहे हैं। देवगुड़ी में बिजली की व्यवस्था होने से अब ग्रामीणों को रात्रि में अपने अनुष्ठान, पूजा-पाठ करने में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं हो रही है। दूसरी ओर बाहरी क्षेत्र में सोलर लाईट लग जाने से अब ग्रामीण व बच्चे शाम के समय भी बिना किसी डर के आकर अपना कार्य कर रहे है। वहीं बच्चे भी शाम को देवगुड़ी परिसर में खेलते नजर आते हैं। हाईमास्ट लग जाने से देवगुड़ी परिसर के चारो ओर रौशनी ही नजर आती है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में शहरों जैसी सुविधायें देने के लिए हम प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को साधुवाद देते है। 


मुख्यमंत्री बघेल ने 173 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण, शिलान्यास किया

मुख्यमंत्री बघेल ने 173 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण, शिलान्यास किया

07-Oct-2022

'द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार 

मुख्यमंत्री ने किया झाड़ा सिरहा की प्रतिमा का अनावरण

बस्तर : बस्तर दशहरा में शामिल  होने पहुँचे मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने  सिरहासार भवन के समीप शहीद स्मारक परिसर में मुरिया विद्रोह के जन नायक झाड़ा सिरहा की आदमकद मूर्ति का अनावरण किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने  बस्तर जिले में 89 विकास कार्यों लागत लगभग 173 करोड़ 28 लाख से अधिक राशि के कार्यों का लोकार्पण-शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने 77 करोड़ 38 लाख 72 हजार के 22 विकास कार्यों का लोकार्पण तथा 95 करोड़ 89 लाख 72 हजार के 67 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया।इस अवसर पर उद्योग व जिले के प्रभारी मंत्री श्री कवासी लखमा, सांसद श्री दीपक बैज, बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री लखेश्वर बघेल, उपाध्यक्ष श्री संतराम नेताम, श्री विक्रम मंडावी, संसदीय सचिव श्री रेखचन्द जैन, हस्त शिल्प विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री चंदन कश्यप, चित्रकोट विधायक  श्री राजमन बेंजाम, महापौर श्रीमती सफीरा साह,  नगर निगम सभापति श्रीमती कविता साह, कमिश्नर श्री श्याम धावड़े, आई जी श्री सुंदर राज पी., कलेक्टर श्री चंदन कुमार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री जितेंद्र मीणा सहित अन्य  जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

शहीद झाड़ा सिरहा की प्रतिमा को शहर के सिरहासार चौक स्थित शहीद स्मारक के पास लगाया गया है।  वीर शहीद झाड़ा सिरहा का जन्म बस्तर जिले के आगरवारा परगना के अंतर्गत ग्राम बड़े आरापुर में परगना मांझी एवं माटी पुजारी परिवार में हुआ था। वे बहुमुखी व्यक्तित्व के धनी थे। वे जड़ी बूटियों के जानकार, कुशल नेतृत्वकर्ता और प्रभावशाली व्यक्तित्व के धनी थे। उनके इन्हीं गुणों के कारण उन्हें 1876 में हुए मुरिया विद्रोह में नेतृत्व किया।

विद्रोह में बस्तर की आदिम संस्कृति की रक्षा, जल, जंगल, जमीन की सुरक्षा, सामाजिक रीति-नीतियों के संरक्षण और अंग्रेजों से मिले सामंतवादियों द्वारा किये जा रहे शोषण के विरूद्ध सभी आदिवासियों ने झाड़ा सिरहा के नेतृत्व में आवाज उठाई थी। अपनी कुशल संगठन क्षमता और रणनीति के साथ पूरे दमखम से लड़ते हुए अंग्रेजी फौज के हाथों झाड़ा सिरहा 1876 में वीरगति को प्राप्त हुए थे।


छत्तीसगढ़िया ओलंपिक: परम्परागत खेलों से जुड़ते लोग...

छत्तीसगढ़िया ओलंपिक: परम्परागत खेलों से जुड़ते लोग...

07-Oct-2022

'द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार 

छत्तीसगढ़िया ओलंपिक:  छत्तीसगढ़िया ओलंपिक पूरे राज्य में शुरू हो गया है। त्यौहारों के इस खुशनुमा माहौल में युवा से लेकर बुजुर्ग इन खेलों में उत्साह से हिस्सा ले रहे हैं। एक तरफ प्रकृति की हरियाली वहीं दूसरी ओर फसल के रूप में प्रकृति का उपहार इस उत्साह को कई गुना बढ़ा रहा है। पहली बार छत्तीसगढ़ में आयोजित हो रहे इन खेलों में लोगों का जुड़ाव स्पष्ट रूप से नजर आ रहा है। छत्तीसगढ़ में इन खेलों के प्रति रूचि इस बात से पता चल रही है कि इन खेलों में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को अपना बचपन और युवावस्था फिर से याद आने लगा है।  

हमारी संस्कृति में परम्परागत खेल रचे बसे हैं। यहां के लोक जीवन में ये खेल न केवल मनोरंजन का जरिया हैं बल्कि ये शरीर को स्वस्थ रखने के साथ ही हमें ताजगी और स्फूर्ति भी देते हैं। पिट्टुल, गिल्ली -डंडा, खो-खो, कबडडी जैसे खेल यहां गांव-गांव खेले जाते हैं। इनमें खो-खो और कबड्डी के खेल में खिलाड़ियों की चुश्ती और फुर्ती देखते ही बनती है। वहीं बालिकाओं और महिलाओं में फुगड़ी का खेल अत्यंत लोकप्रिय है। 

छत्तीसगढ़िया ओलंपिक में उन खेलों को शामिल किया गया है जो यहां परम्परागत रूप से गांवों-और शहरों में खेले जाते हैं। लोक रूचि के इन खेलों को नई पहचान दिलाने के लिए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की पहल पर इस खेल प्रतियोगिता की रूप रेखा तैयार की गई। कैबिनेट की मंजूरी के साथ ही इन खेलों के आयोजन का किया जा रहा है। इस आयोजन में लोक रूचि के 14 परंपरागत खेलों को शामिल किया गया है। 

पूरे तीन महीने यानी 6 अक्टूबर से 6 जनवरी 2023 तक गांव से लेकर शहर तक पूरा छत्तीसगढ़ खेल मय रहेगा। परम्परागत खेलों के आयोजन से यहां नई खेल संस्कृति भी विकसित होगी। इस आयोजन से जहां खेल के प्रति जगरूकता आएगी वहीं खेल के क्षेत्र में नई प्रतिभाओं को आगे आने का अवसर मिलेगा। लोक रूचि और लोक महत्व के इस आयोजन से छत्तीसगढ़ देश में एक नई खेल ताकत के रूप में उभर कर सामने आएगा। 

छत्तीसगढ़ में खेलों को बढ़ावा देने के लिए खेलबो-जीतबो गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ का नारा भी दिया गया है। छत्तीसगढ़ नई खेल क्रांति की ओर बढ़ रहा है। आने वाले वर्षों में यह प्रदेश को खेल गढ़ के रूप में नई पहचान मिलेगी इसकी शुरूआत हो चुकी है। गुजरात में चल रहे 36वें नेशनल गेम में आकर्षी कश्यप गोल्ड मेडल जीत कर यहां के बेडमिंटन खिलाडियों को नई पहचान दी है। गुजरात में आयोजित 36 वीं राष्ट्रीय खेल में पहला गोल्ड मैडल स्केटिंग स्पर्धा में अमितेष मिश्रा ने जीता है। छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी अब तक 7 मेडल जीत चुके हैं। जिसमें दो गोल्ड, 3 सिल्वर और दो कांस्य पदक शामिल है।

     छः चरणों में होने जा रहा छत्तीसगढ़िया ओलंपिक के हर चरण में उम्मीद है कि लोगों का जुनून देखने को मिलेगा। इस प्रतियोगिता का अंतिम चरण राज्य स्तरीय होगा। राजीव गांधी युवा मितान क्लब स्तर पर चल रही इस खेल प्रतियोगिता में हार-जीत से बढ़कर खेल भावना भी दिख रही है। कई वाकया ऐसे भी नजर आए कि दो सगे भाई और दो मितान एक दूसरे के खिलाफ खेले और खेल समाप्त होते ही गले मिल कर एक-दूसरे को बधाई दे रहे हैं।

छत्तीसगढ़ में लगातार खेल सुविधाओं में इजाफा हो रहा है। नई-नई अकादमियां प्रारंभ हो रही हैं वहीं नई अधोसंरचना पर भी काम हो रहा है। तीरंदाजी, हॉकी, बेडमिटन की अकादमी सभी के लिए पहल की गई है। यहां न सिर्फ खेल सुविधाएं बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जा रही है। हाल में ही बेडमिटन और शतरंज की प्रतियोगिताएं आयोजित की गई जिसमें देश के खिलाडियों के साथ ही अंतराष्ट्रीय खिलाड़ियों ने भी भाग लिया। इसके साथ यहां क्रिकेट की रोड सेफ्टी वर्ल्ड सीरीज प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। 


दीपावली के पहले छत्तीसगढ़ के किसानों, ग्रामीण भूमिहीन मजदूरों और गोबर विक्रेताओं के खाते में आएगी लगभग 1800 करोड़ रूपए की राशि...

दीपावली के पहले छत्तीसगढ़ के किसानों, ग्रामीण भूमिहीन मजदूरों और गोबर विक्रेताओं के खाते में आएगी लगभग 1800 करोड़ रूपए की राशि...

06-Oct-2022

'द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार 

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल 17 अक्टूबर को राजीव गांधी किसान न्याय योजना, राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना और गोधन न्याय योजना की राशि का करेंगे भुगतान

मुख्यमंत्री ने गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों के खाते में 8.13 करोड़ रूपए का किया ऑनलाईन अंतरण

गोबर विक्रेताओं को अब तक 170 करोड़ रूपए से अधिक राशि का भुगतान मुख्यमंत्री ने किसानों से की पैरादान की अपील

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल 17 अक्टूबर को राजीव गांधी किसान न्याय योजना, राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना और गोधन न्याय योजना की राशि का करेंगे भुगतान

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा है कि दीपावली के पहले 17 अक्टूबर को किसानों को राजीव गांधी किसान न्याय योजना की तीसरी किस्त के साथ राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना और गोधन न्याय योजना की राशि का भुगतान हितग्राहियों को किया जाएगा। किसानों, भूमिहीन कृषि मजदूरों और गोबर विक्रेताओं को लगभग 1800 करोड़ रूपए से अधिक की राशि का भुगतान किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा दीपावली हम सब के लिए बड़ा त्यौहार है। दीपावली के पहले राशि मिलने से हम सब धूमधाम से दीपावली मनाएंगे। 

मुख्यमंत्री श्री बघेल ने आज यहां अपने निवास कार्यालय में गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों के खाते में 8 करोड़ 13 लाख रूपए की राशि का ऑनलाईन अंतरण करते हुए यह जानकारी दी। इस राशि में से गोबर विक्रेता पशुपालकों, ग्रामीणों को 5.34 करोड़ रुपए की राशि, गौठान समितियों को 1.69 करोड़ और महिला स्व सहायता समूहों को 1.11 करोड़ रूपए की लाभांश राशि वितरित की गई। गोबर विक्रेताओं को आज भुगतान की गई राशि को मिलाकर गोबर खरीदी के एवज में अब तक 170.34 करोड़ रूपए का भुगतान किया जा चुका है।
इस अवसर पर गृह मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू, कृषि मंत्री श्री रविन्द्र चौबे, नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया, मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री प्रदीप शर्मा, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, कृषि विभाग के विशेष सचिव डॉ. अय्याज एफ. तम्बोली, मिशन संचालक राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन श्री अवनीश शरण, संचालक पशुधन श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी, कृषि विभाग के उप सचिव सुश्री तूलिका प्रजापति भी उपस्थित थीं।

किसानों से पैरादान की अपील
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कार्यक्रम में किसानों से पैरादान की अपील करते हुए कहा कि धान की कटाई शुरू होने वाली है। किसान पैरा न जलाएं, गौठानों में मवेशियों के चारे के लिए पैरादान करें। पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था होने से वे खेत में नही जाएंगे। इससे खरीफ फसल के साथ-साथ उन्हारी फसल भी बचेगी। मुख्यमंत्री ने कृषि विभाग के अधिकारियों से उन्हारी फसलों, सरसों, तिवरा, अलसी आदि के बीज की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। 

मुख्यमंत्री कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रदेश में किसानों से समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी 1 नवम्बर से शुरू की जाएगी। अधिकारियों को बारदाने सहित धान खरीदी केन्द्रांे में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं करने के निर्देश दे दिए गए हैं, जिससे किसानों को धान बेचने में असुविधा न हो।

ग्राम पंचायतों के आश्रित गांवों में गौठान शुरू करने तैयार करें कार्ययोजना
 श्री बघेल ने कहा कि प्रदेश में अब तक 10 हजार 624 गौठानों की स्वीकृति दी गई है, जिसमें से 8408 गौठान निर्मित हो चुके हैं। अब ग्राम पंचायतों के बाद उनके आश्रित गांवों में गौठान की मांग आ रही है। इन गांवों में गौठान प्रारंभ करने की कार्ययोजना बनाई जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब गांवों में पहले पहल गांवों में गौठान बने तो महिला स्व सहायता समूह की महिलाओं में गौठान से जुड़कर वहां आजीविका मूलक गतिविधियां चलाने के लिए होड मच गई। महिलाएं वर्मी कम्पोस्ट के साथ सब्जी उत्पादन, मुर्गी पालन, मछली पालन, मशरूम उत्पादन जैसी गतिविधियों से जुड़ी। अब विगत 2 अक्टूबर को 300 रूरल इंडस्ट्रीयल पार्क के शुभारंभ के बाद अनेक गांवों से रूरल इंडस्ट्रीयल पार्क प्रारंभ करने की मांग आ रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे गांवों में रीपा शुरू करने के लिए कार्ययोजना तैयार की जानी चाहिए। हमें युवाओं को भी गौठानों से जोड़ना होगा। गौठानों में इन पार्को में वर्किंग शेड, पहंुच  मार्ग निर्माण और बिजली, पानी की व्यवस्था के लिए प्रति गौठान दो-दो करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है। गौठानों में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध होने से यहां ग्रामीण युवाओं को अपने उद्यम शुरू करने में आसानी होगी।  

कृषि उपज मण्डी की जमीन पर रूरल इंडस्ट्रीयल पार्क शुरू करने कार्ययोजना बनाएं
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कृषि मंत्री द्वारा कृषि उपज मण्डी की खाली पड़ी जमीन में रूरल इंडस्ट्रीयल पार्क प्रारंभ करने के सुझाव का स्वागत करते हुए कहा कि मंडियों में शेड और चबूतरे बने हैं, लेकिन इनका उपयोग नही हो पा रहा है। यहां रूरल इंडस्ट्रीयल पार्क शुरू किए जा सकते हैं। इसी प्रकार शहरी क्षेत्रों में भी यदि अर्बन इंडस्ट्रीयल पार्क प्रारंभ किए जाएं और इससे युवाओं को जोड़ा जाए तो बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं। मुख्यमंत्री ने मण्डी की खाली जमीन पर कृषि सेवा केन्द्र प्रारंभ करने गौठानों में विभिन्न आय मूलक गतिविधियों के लिए महिलाओं और युवाओं की ट्रेनिंग शुरू करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि गौठानों में अब तक 53 हजार 231 लीटर गौ मूत्र का क्रय किया गया है, जिससे तैयार कीट नियंत्रक ब्रम्हास्त्र और वृद्धिवर्धक जीवामृत की बिक्री से महिला समूहों को 10.05 लाख रूपए की आय हुई है।

कृषि मंत्री श्री रविन्द्र चौबे ने इस अवसर पर कहा कि गांवों के गौठान, गोधन न्याय योजना और रूरल इंडस्ट्रीयल पार्क आने वाले समय में हमारी ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मूलभूत आधार बनेंगे। श्री चौबे ने कहा कि राज्य शासन की योजनाओं से छत्तीसगढ़ आज देश में सबसे कम बेरोजगारी दर वाला राज्य है। श्री चौबे ने गोधन न्याय योजना पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस योजना के तहत अब तक 170 करोड़ के गोबर की खरीदी की जा चुकी है। इस योजना में गौठान समितियों और महिला स्व सहायता समूहों को 162 करोड़ 21 लाख रूपए की राशि का भुगतान किया जा चुका है। इसके साथ-साथ गौठानों में विभिन्न गतिविधियों में संलग्न 11 हजार 187 महिला स्व सहायता समूह की 83 हजार 874 महिलाओं को वर्मी कम्पोस्ट सहित विभिन्न आय मूलक कार्यो से 81 करोड़ 84 लाख रूपए की आमदनी हुई है। मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री प्रदीप शर्मा ने भी कार्यक्रम को सम्बोधित किया। 


मुख्यमंत्री बघेल ने स्वामी आत्मानंद को उनकी जयंती पर किया नमन...

मुख्यमंत्री बघेल ने स्वामी आत्मानंद को उनकी जयंती पर किया नमन...

06-Oct-2022

'द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार 

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज यहाँ अपने निवास कार्यालय में समाज सुधारक और शिक्षाविद् स्वामी आत्मानन्द जी की जयंती के अवसर पर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया । इस अवसर पर गृह मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू, कृषि मंत्री श्री रविन्द्र चौबे, नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया और मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री प्रदीप शर्मा भी उपस्थित थे ।

 


मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने की छत्तीसगढ़िया ओलंपिक खेलों की शुरूआत...

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने की छत्तीसगढ़िया ओलंपिक खेलों की शुरूआत...

06-Oct-2022

'द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार 

बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक बनेंगे छत्तीसगढ़िया ओलंपिक खेलों के प्रतिभागी

छह स्तरों में हो रहा है आयोजन, महिलाओं व पुरूषों के अलग वर्ग

छत्तीसगढ़ की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए खेलकूद को दिया जा रहा है बढ़ावाः मुख्यमंत्री श्री बघेल

रायपुर : तीज त्यौहार, लोक संस्कृति, लोक कला को बढ़ावा देने के बाद अब छत्तीसगढ़ के पारंपरिक खेलों को भी वैश्विक पहचान दिलाने के लिए छत्तीसगढ़िया ओलंपिक की शुरूआत हो चुकी है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज सरदार बलवीर सिंह जुनेजा इनडोर स्टेडियम में इसकी शुरूआत की। मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलन कर छत्तीसगढ़िया ओलंपिक खेलों की शुरूआत की।

शुरूआत की गई है

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति व सभ्यता और विशिष्ट पहचान यहां की ग्रामीण परंपराओं और रीति रीवाजों से है। इसमें पारंपरिक खेलों का विशेष महत्व है। पिछले कुछ वर्षों में छत्तीसगढ़ के इन खेलों को लोग भूलते जा रहे थे। खेलों को चिरस्थायी रखने, आने वाली पीढ़ी से इनको अवगत कराने के लिए छत्तीसगढ़ियां ओलंपिक खेलों की शुरूआत की गई है। छत्तीसगढ़ के ये खेल मनोरंजक होने के साथ साथ स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में इन खेलों से बच्चे, बुजुर्ग व युवा सभी व्यायाम आदि शारीरिक गतिविधियों से जुड़ते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए खेलकूद को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। छत्तीसगढ़िया ओलंपिक खेलों से राज्य के हर गांव, हर ब्लाक तथा हर जिले में स्थानीय खेलों का आयोजन होगा। इस मौके पर मुख्यमंत्री श्री बघेल ने छत्तीसगढ़िया ओलंपिक खेलों की जानकारी देने वाले ब्रोशर का भी  विमोचन किया। 

छत्तीसगढ़िया ओलंपिक के शुभारंभ अवसर पर खेल मंत्री श्री उमेश पटेल ने कहा कि ये मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की सोच है कि छत्तीसगढ़िया संस्कृति को आगे बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि ऐसा प्रयास अभी तक किसी ने नहीं किया। पहली बार यह प्रयास मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ी भाषा, खानपान, लोक कला, संस्कृति, खेलकूद को बढ़ावा देने और उसे छत्तीसगढ़ के बाहर भी पहचान दिलाने के लिए सरकार पूरी तरह से प्रयासरत है। खेल मंत्री ने कहा कि सरकार के प्रयास सफल भी होते दिख रहे हैं। बोरे बासी खाने के अभियान को देश विदेश में पहचान मिली है। अब छत्तीसगढ़िया खेल भी अपनी अलग पहचान बनाएंगे।

छत्तीसगढ़िया ओलंपिक खेलों के शुभारंभ अवसर पर कृषि मंत्री श्री रविन्द्र चौबे, गृह मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू, वन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर, नगरीय निकाय मंत्री डॉ शिवकुमार डहरिया, संसदीय सचिव श्री विकास उपाध्याय, महापौर श्री ऐजाज ढेबर, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मडल के अध्यक्ष श्री कुलदीप जुनेजा, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक, विधायक श्री सत्यनारायण शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती डोमेश्वरी वर्मा, युवा आयोग के अध्यक्ष श्री जितेन्द्र मुदलियार सहित अपर मुख्य सचिव श्रीमती रेणु पिल्ले, श्री सुब्रत साहू, सचिव खेल श्री नीलम नामदेव एक्का व संचालक खेल श्रीमती श्वेता सिन्हा सहित बड़ी संख्या में खिलाड़ी और गणमान्य नागरिक भी उपस्थित थे।


मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना...  जरूरतमंद लोगों को उपचार के साथ मिल रही है नि:शुल्क दवाई

मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना... जरूरतमंद लोगों को उपचार के साथ मिल रही है नि:शुल्क दवाई

06-Oct-2022

'द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार 

मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजनांतर्गत जिले में अब तक 16,873 लोगों का उपचार कर 12184 लोगों को निःशुल्क दवाई वितरण किया गया।

उत्तर बस्तर कांकेर : मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजनांतर्गत जिले में अब तक 16,873 लोगों का उपचार कर 12184 लोगों को निःशुल्क दवाई वितरण किया गया। जिले में मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना का शुभारंभ 01 अप्रैल 2022 से किया गया है, जिसमें जिले के सभी 06 नगरीय निकायों में 3597 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर 41 प्रकार के लैब टेस्ट निःशुल्क किया गया है।

       नगरपालिका परिषद कांकेर के मुख्य नगरपालिका अधिकारी श्री दिनेश यादव ने जानकारी दी है कि मुख्यमंत्री मोबाईल यूनिट के माध्यम से जिले के 286 स्थानों में कैम्प लगाकर 16873 लोगों का उपचार, 12184 लोगों को निःशुल्क दवाई वितरण तथा 3597 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जिसमें नगरपालिका परिषद कांकेर में 79 स्थानों में कैम्प लगाकर 4489 मरीजों का उपचार कर 3211 मरीजों को निःशुल्क दवाई वितरण किया गया तथा 972 मरीजों का स्वास्थ्य जांच किया गया है।

इसी प्रकार नगर पंचायत नरहरपुर में 24 स्थानों पर कैम्प लगाकर 1273 मरीजों का उपचार कर 865 मरीजों को निःशुल्क दवाई वितरण किया गया तथा 178 मरीजों का स्वास्थ्य जांच किया गया। नगर पंचायत चारामा में 39 स्थानों पर कैम्प लगाकर 2987 मरीजों का उपचार कर 2194 मरीजों को निःशुल्क दवाई वितरण तथा 609 मरीजों का स्वास्थ्य जांच किया गया। नगर पंचायत भानुप्रतापपुर में 48 स्थानों पर कैम्प लगाकर 2770 मरीजों का उपचार कर 1961 मरीजों को निःशुल्क दवाई वितरण तथा 740 मरीजों का स्वास्थ्य जांच किया गया। नगर पंचायत अंतागढ़ में 49 स्थानों में पर कैम्प लगाकर 2800 मरीजों का उपचार, 2006 मरीजों को निःशुल्क दवाई वितरण तथा 571 मरीजों का स्वास्थ्य जांच और नगर पंचायत पखांजूर में 47 स्थानों पर कैम्प लगाकर 2554 मरीजों का उपचार कर 1947 मरीजों को निःशुल्क दवाई वितरण तथा 527 लोगों का स्वास्थ्य जांच किया गया।


 नए स्वरूप में खिला बारनवापारा अभ्यारण्य... वन्यप्राणियों के रहवास तथा चारागाह के लिए अच्छी सुविधा विकसित

नए स्वरूप में खिला बारनवापारा अभ्यारण्य... वन्यप्राणियों के रहवास तथा चारागाह के लिए अच्छी सुविधा विकसित

04-Oct-2022

'द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार 

वन्यप्राणी रहवास उन्नयन कार्य : कैम्पा मद से 5920 हेक्टेयर रकबा में हुआ सघन लेन्टाना तथा यूपोटोरियम उन्मूलन का कार्य

वन्यप्राणियों के रहवास तथा चारागाह के लिए अच्छी सुविधा विकसित

राजधानी से 100 किमी की दूरी पर स्थित अभ्यारण्य में बहुतायत संख्या में हैं वन्यप्राणी

राजधानी रायपुर से लगभग 100 किलोमीटर की दूरी पर बलौदाबाजार वनमंडल अंतर्गत स्थित बारनवापारा अभ्यारण्य में हुए वन्यप्राणी रहवास उन्नयन कार्य से वहां मृदा में नमी होने के कारण घास प्रजाति शीघ्रता से बढ़ने लगी हैं। साथ ही इससे अभ्यारण्य में वन्यप्राणियों को अब घास चरने के लिए अच्छी सुविधा उपलब्ध हो गई है। जिससे वे लेन्टाना तथा यूपोटोरियम के उन्मूलन कार्य के बाद स्वच्छंद विचरण भी करने लगे हैं। इससे पर्यटकों को वन्यप्राणियों की सहजता से दृष्टता हुई है और वन्यप्राणी भी स्वस्थ व तन्दुरूस्त दिखाई देने लगे हैं। अभ्यारण्य में वन्यप्राणी रहवास उन्मूलन कार्य के उपरांत घास पुनुरोत्पादन में स्पष्ट अंतर देखा जा सकता है।

अभ्यारण्य में बहुतायत संख्या में हैं वन्यप्राणी

    बारनवापारा अभ्यारण्य का कुल क्षेत्रफल 244.86 वर्ग किमी है जिसमें मुख्यतः मिश्रित वन, साल वन व पूर्व के सागौन वृक्षारोपण है। बारनवापारा में मुख्य रूप से कर्रा, भिर्रा, सेन्हा, मिश्रित वनों में पाये जाते हैं। सागौन वृक्षारोपण क्षेत्र में प्राकृतिक रूप से उगे सागौन है तथा साल वन क्षेत्र कम रकबे में है। उक्त छत्रक प्रजाति के अतिरिक्त शाकिय प्रजाति जैसे यूपोटोरियम, लेन्टाना, चरोठा आदि प्रमुख खरपतवार हैं, जिनके कारण बारनवापारा अभ्यारण्य क्षेत्र में पाये जाने वाले शाकाहारी वन्यप्राणियों को घास आदि नहीं मिलती, वन्यप्राणियों को आवागमन में भी दिक्कत होती है तथा मॉसभक्षी प्राणियों से भी बचाव कठिन हो जाता है।

इसे दृष्टिगत रखते हुए अभ्यारण्य में वन्यप्राणी रहवास उन्नयन कार्य के तहत सघन लेन्टाना एवं यूपोटोरियम के उन्मूलन का कार्य किया गया है, जिससे बारनवापारा अभ्यारण्य में अब वन्यप्राणियों को वर्षभर हरी खाद्य घास उनके भोजन व चारा के रूप में उपलब्ध हो सके। गौरतलब है कि बारनवापारा अभ्यारण्य में तेन्दुए, गौर, भालू, साम्भर, चीतल, नीलगाय, कोटरी, चौसिंघा, जंगली सुअर, जंगली कुत्ता, धारीदार लकड़बग्घा, लोमड़ी, भेड़िया एवं मूषक मृग जैसे वन्यप्राणी बहुतायत में मिलता है एवं आसानी से दिखते भी है।


मुख्यमंत्री निवास में कन्याभोज...भूपेश बघेल ने परिजनों के साथ कन्याओं की पूजा कर उन्हें भोजन कराया

मुख्यमंत्री निवास में कन्याभोज...भूपेश बघेल ने परिजनों के साथ कन्याओं की पूजा कर उन्हें भोजन कराया

04-Oct-2022

'द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा से' साभार  

मुख्यमंत्री निवास में कन्याभोज का आयोजन किया गया

भिलाई : नवरात्रि के पावन अवसर पर भिलाई 3 स्थित मुख्यमंत्री निवास में कन्याभोज का आयोजन किया गया

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने परिजनों के साथ कन्याओं की पूजा कर उन्हें भोजन कराया


न्यायधानी बिलासपुर को एक और नई विमान सेवा की मिली सौगात... मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

न्यायधानी बिलासपुर को एक और नई विमान सेवा की मिली सौगात... मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

03-Oct-2022

'द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार 

बिलासपुर- इंदौर - बिलासपुर विमान सेवा का मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने हरी झण्डी दिखाकर किया वर्चुअल शुभारंभ

रायपुर से अंतर्राष्ट्रीय विमान सेवा शुरू करने की मांग

बिलासपुर से मुम्बई, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलोर के लिये भी विमान सेवा हो प्रारम्भ

अंबिकापुर से बिलासपुर, रायपुर को जोड़ते हुए निकटवर्ती प्रमुख शहरों वाराणसी, रांची, पटना, भुवनेश्वर को विमान सेवा से जोड़ने का आग्रह |

रायपुर से अंतर्राष्ट्रीय विमान सेवा शुरू करने की मांग

रायपुर : छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर आज मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर से एयर कनेक्टिविटी से जुड़ गई। न्यायधानी बिलासपुर को बिलासपुर-इंदौर-बिलासपुर नई विमान सेवा के रूप में एक बड़ी सौगात मिली। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल और केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बिलासपुर-इंदौर-बिलासपुर विमान सेवा का वर्चुअल शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने राजधानी रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय से और केन्द्रीय मंत्री श्री सिंधिया नई दिल्ली से हरी झण्डी दिखाकर फ्लाईट को बिलासा देवी केंवट हवाई अड्डा चकरभांटा बिलासपुर से रवाना किया।

बिलासपुर- इंदौर - बिलासपुर विमान सेवा का मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने बिलासपुर-इंदौर विमान सेवा के शुभारंभ के अवसर पर बिलासपुर और इंदौर नगरवासियों को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य सरकार विमान सेवाओं के विस्तार के लिए हर सम्भव प्रयास कर रही है। उन्होंनेे कहा कि बिलासपुर से अन्य बड़े शहरों जैसे मुम्बई, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलोर के लिये भी विमान सेवा प्रारम्भ की जाय। उन्होंने स्वामी विवेकानन्द एयरपोर्ट रायपुर से अंतर्राष्ट्रीय विमान सेवा प्रारम्भ करने और यहां अंतर्राष्ट्रीय कार्गाे हब की स्थापना के लिये केंद्रीय मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से आग्रह करते हुए कहा कि रायपुर एयरपोर्ट को अंतर्राष्ट्रीय मानक अनुसार तैयार किया जा चुका है। रायपुर एयरपोर्ट अब अंतर्राष्ट्रीय फ्लाईट के संचालन के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य शासन द्वारा रायपुर एयरपोर्ट हेतु भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को 461.20 एकड़ भूमि निशुल्क उपलब्ध कराई गई है। जिस पर रनवे विस्तार, नवीन टर्मिनल भवन निर्माण, एटीसी टॉवर निर्माण कर इसे अंतर्राष्ट्रीय मानक अनुसार तैयार किया जा चुका है। एयरपोर्ट विकास हेतु भूमि की लंबित मांग, एयरपोर्ट परिसर के सुरक्षा सबंधी समस्याओं का राज्य शासन द्वारा समाधान कर लिया गया है।

 बिलासपुर-इंदौर विमान सेवा के शुभारंभ के अवसर पर

मुख्यमंत्री श्री बघेल ने केंद्रीय मंत्री श्री सिंधिया से रिजनल कनेक्टिविटी योजनांतर्गत अंबिकापुर से बिलासपुर, रायपुर को जोड़ते हुए निकटवर्ती प्रमुख शहरों वाराणसी, रांची, पटना, भुवनेश्वर जैसे शहरों के लिये विमान सेवा प्रारम्भ करने का आग्रह भी किया।

मुख्यमंत्री श्री बघेल ने बिलासपुर एयरपोर्ट के विस्तार के लिए राज्य शासन द्वारा किए गए प्रयासों की जानकारी देते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा बिलासपुर एयरपोर्ट का 3-C VFR श्रेणी में उन्नयन किया गया है। एलायंस एयर कम्पनी द्वारा बिलासपुर से दिल्ली-जबलपुर-बिलासपुर-प्रयागराज वायुमार्ग पर 01 मार्च 2021 को प्रथम नियमित घरेलू विमान सेवा प्रारम्भ की गयी तथा 05 जून 2022 से बिलासपुर से भोपाल के लिये भी नियमित विमान सेवा शुरू की गई।  

श्री बघेल ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा बिलासपुर एयरपोर्ट के विकास एवं इसे क्रियाशील बनाने हेतु अब तक 25 करोड़ 10 लाख रूपए व्यय किए गए हैं। एयरपोर्ट से बढ़ती हुई विमान सेवाओं व यात्रियों की संख्या को देखते हुए वर्तमान टर्मिनल भवन की क्षमता के विस्तार के लिए 1 करोड़ 90 लाख के कार्य की स्वीकृति दी जा रही है। बिलासपुर एयरपोर्ट को 3- C IFR मानक अनुसार तैयार करने एवं यहां नाईट लैण्डिंग की सुविधा के विकास के लिये 22 करोड़ रूपए की लागत के कार्यों की स्वीकृति जारी की जा रही है। एयरपोर्ट से विमानों के सुगम संचालन हेतु पीबीएन नेविगेशन प्रणाली की स्थापना के लिये भारतीय विमानपत्तन को राज्य शासन द्वारा राशि का भुगतान कर दिया गया है।

राज्य सरकार द्वारा अम्बिकापुर एयरपोर्ट को 3- C VFR श्रेणी अनुसार विकसित करने के लिये रनवे विकास व विस्तार, सिटी साईड के विकास कार्यों हेतु 48.00 करोड़ के कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गयी है। एयरपोर्ट विकास कार्य तीव्र गति से जारी है 31 दिसम्बर 2022 तक एयरपोर्ट को विकसित कर इसके लायसेंसिंग हेतु आवेदन करने का लक्ष्य है।
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ में विमानन सेवाओं के विस्तार के लिए केंद्र की ओर से हर संभव मदद देने के लिए तत्पर है। उन्होंने इस नई विमान सेवा के प्रारंभ होने पर बिलासपुर और इंदौर नगर वासियों को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बिलासपुर एयरपोर्ट में नाइट लैंडिंग की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग उचित है, एयरपोर्ट के रनवे के विस्तार के लिए अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता होगी। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने इस संबंध में कहा कि राज्य सरकार द्वारा चकरभाटा एयरपोर्ट से लगी हुई 1000 एकड़ भूमि सेना को दी गई थी, लेकिन इसका उपयोग नहीं किए जाने के कारण इस भूमि को वापस लेने का प्रयास राज्य सरकार कर रही है, भूमि वापस होने पर चकरभाटा एयरपोर्ट विस्तार के लिए भूमि उपलब्ध करा दी जाएगी। श्री सिंधिया ने कहा कि बिलासपुर और इंदौर दोनों ही शहरों का आर्थिक और धार्मिक रूप से काफी महत्व है, इन दोनों शहरों के एयर कनेक्टिविटी से जुड़ने पर दोनों शहरों के लोगों को एक अच्छी सुविधा उपलब्ध होगी उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सहित हर राज्य में एयर कनेक्टिविटी के विस्तार के लिए केंद्र सरकार तत्पर है।

बिलासपुर-इंदौर-बिलासपुर विमान सेवा सप्ताह में चार दिन
बिलासपुर-इंदौर-बिलासपुर विमान सेवा सप्ताह में चार दिन सोमवार, बुधवार, शुक्रवार और रविवार को पूर्वान्ह 11.35 बजे से बिलासपुर से रवाना होकर दोपहर 1.25 बजे इंदौर पहुंचेगी और इंदौर से दोपहर 1.55 बजे रवाना होकर अपरान्ह 3.45 बजे बिलासपुर वापस लौटेगी। आज बिलासपुर से इंदौर रवाना हुई, पहली फ्लाईट 50 यात्रियों को लेकर रवाना हुई। इस मार्ग पर एलायंस एयर द्वारा 72 सीटर विमान का संचालन किया जा रहा है।  

मध्यप्रदेश शासन के जल संसाधन मंत्री श्री तुलसी सिलावट और सांसद इंदौर श्री शंकर लालवानी, इंदौर से जुड़े। बिलासपुर एयरपोर्ट पर संसदीय सचिव डॉ. रश्मि सिंह, सांसद बिलासपुर श्री अरूण साव, विधायक श्री धरमलाल कौशिक, श्री शैलेष पाण्डेय, महापौर श्री रामशरण यादव, जिला पंचायत बिलासपुर के अध्यक्ष श्री अरूण चौहान, अपेक्स बैंक के अध्यक्ष श्री बैजनाथ चंद्राकर, पर्यटन मंडल के अध्यक्ष श्री अटल श्रीवास्तव, जिला सहकारी बैंक बिलासपुर के अध्यक्ष श्री प्रमोद नायक, कृषि उपज मंडी बोर्ड के अध्यक्ष राजेन्द्र शुक्ला सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। मुख्यमंत्री निवास में सचिव विमानन श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी और संचालक विमानन श्री एन.एन. एक्का उपस्थित थे।


 न लंबी लाइन की चिंता न टेस्ट के लिए इंतजार :मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना से हो रहा मुफ्त इलाज...

न लंबी लाइन की चिंता न टेस्ट के लिए इंतजार :मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना से हो रहा मुफ्त इलाज...

03-Oct-2022

'द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार 

जगदलपुर : बेहतर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधा का सभी को अधिकार है। लेकिन रोजी-मजदूरी करने वाले श्रमिकों को काम से समय नहीं मिल पाने की वजह से वे स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ नहीं ले पाते थे। छत्तीसगढ़ राज्य सरकार के द्वारा अस्पताल और गरीब तबके के लोगों के बीच की इसी खाई को पाटने के लिए मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना की शुरूआत की गई। जिसके तहत मोबाइल मेडिकल यूनिट से शहरी क्षेत्र के स्लम या झुग्गी बस्तियों में रहने वाले श्रमिकों और गरीब लोगों को निरूशुल्क इलाज मुहैया कराई जा रही है। इस योजना से रोजाना सुबह 8 से 3 बजे तक स्लम क्षेत्रों में मोबाइल मोडिकल यूनिट के द्वारा कैंप लगाया जाता है। जहां पर निरूशुल्क स्वास्थ्य परामर्श, इलाज और सभी तरह के प्राथमिक स्वास्थ्य जांच की सुविधाएं दी जाती है। इन मोबाइल मेडिकल यूनिट में लोगों की सुविधा के लिए एक डॉक्टर, लैब टैक्निशियन और नर्स की सुविधा होती है। यह सरकार की दूरदर्शिता ही परिणाम है कि आज गरीब वर्ग का हर व्यक्ति इस सुविधा का लाभ ले पा रहा है।

सरकार की मंशा है कि स्वास्थ्य की सुविधाएं हर व्यक्ति की पहुंच तक हो और इन्हीं उद्देश्यों की पूर्ति के लिए नगरीय क्षेत्र के झुग्गी बस्तियों में स्वास्थ्य सुविधा का लाभ रहवासी ले रहे हैं। गुणवत्तापूर्ण इलाज पहुंचाने के लिए नगर पालिक निगम जगदलपुर में कुल 4 पंजीकृत मोबाइल मेडिकल यूनिट चल रहे हैं जहां सितंबर 2022 की स्थिति में अब तक कुल 2 हजार 135 शिविर लगाए जा चुके हैं, जिसके अंतर्गत कुल 1 लाख 24 हजार 194 मरीजों का इलाज हो चुका है। दवा वितरण की बात करें तो कुल 1 लाख 2 हजार 925 दवाएं वितरित की जा चुकी है। 24 हजार 333 मरीजों को टेस्ट का लाभ भी मिला है और ये आंकड़े निरंतर तेजी से बढ़ रहे हैं।

   इसके अलावा नगर पंचायत बस्तर में 2 मोबाइल मेडिकल यूनिट चलाई जा रही है। आंकड़े बताते हैं कि सितंबर 2022 तक नगर पंचायत बस्तर में कुल 31 शिविर लगाए जा चुके हैं जिसमें कुल 1 हजार 524 मरीजों का इलाज, 1 हजार 392 दवाईयों का वितरण और 189 लैब टेस्ट का लाभ यहां के स्थानीय निवासियों को मिला है।

इन मोबाइल मेडिकल यूनिट्स के माध्यम से आज हर गरीब तबके की पहुंच स्वास्थ्य सुविधाओं तक है, स्लम क्षेत्र में रहने वाली महिलाएं इसका सटिक उदाहरण हैं। महिलाओं को ए.एन.सी., पी.एन.सी. जांच की सुविधा निरूशुल्क मिल रही है। वहीं परिक्षण के दौरान गंभीर बीमारियों का पता चलने पर मरीज को उचित परामर्श के साथ उच्च स्वास्थ्य केंद्रों में रेफर भी किया जाता है। साथ ही इन मोबाइल मेडिकल यूनिट में बेहतर साफ-सफाई, पीने योग्य पानी, सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरा की भी सुविधाएं हैं। मोबाइल मेडिकल युनिट में  श्रम विभाग के द्वारा श्रमिकों का पंजीयन भी किया जाता है।

   मिशन स्कूल पारा, जगदलपुर की रहने वाली बिंदा नाग सरकार को धन्यवाद देते हुए कहती हैं, कि सरकार की गाड़ी आती है, हमें निरू शुल्क दवाई और इलाज मिलता है। यहां पर शुगर, डेंगु और मलेरिया की जांच का फायदा मिल रहा है। छोटी-छोटी परेशानियों का भी इलाज डॉक्टर लोग कर देते हैं। हम अच्छे हैं, स्वस्थ्य हैं इसके लिए मैं सरकार का धन्यवाद करना चाहती हूं कि उन्होंने हमें यह सुविधा दी है।

   पनारापारा निवासी अजय पाल सिंह बताते हैं कि पहले समय निकालकर अस्पताल जाना पड़ता था। फिर लंबी लाइन और इंतजार। अब तो ये मेडिकल यूनिट आती है यहां पर घर के पास, मैं अपना बीपी, शुगर टेस्ट करवाता हूं। कोई परेशानी होने पर दवाई भी लेता हूं। अच्छा है हमारा समय बच रहा है और इलाज भी घर के समीप मिल रहा है।


छत्तीसगढ़ में कोरोना टीकाकरण का आंकड़ा 5 करोड़ से पार...

छत्तीसगढ़ में कोरोना टीकाकरण का आंकड़ा 5 करोड़ से पार...

03-Oct-2022

'द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार 

18 वर्ष से अधिक की 94 प्रतिशत आबादी को दोनों टीके लगाए जा चुके

अब तक 72.95 लाख लोगों को प्रिकॉशन डोज भी

रायपुर : छत्तीसगढ़ में कोरोना टीकाकरण का आंकड़ा पांच करोड़ को पार कर गया है। कोविड-19 से बचाव के लिए प्रदेश भर में अब तक कुल पांच करोड़ दस हजार 332 टीके लगाए गए हैं। इनमें से दो करोड़ 24 लाख 49 हजार 317 टीके प्रथम डोज के रूप में, दो करोड़ दो लाख 65 हजार 722 द्वितीय डोज के रूप में और 72 लाख 95 हजार 293 टीके प्रिकॉशन डोज के तौर पर लगाए गए हैं। प्रदेश में 18 वर्ष से अधिक की 94 प्रतिशत आबादी को कोरोना से बचाव का दोनों टीका लगाया जा चुका है। वहीं 15 वर्ष से 18 वर्ष के 62 प्रतिशत किशोरों को इसका दोनों टीका लगाया जा चुका है। प्रदेश में 12 वर्ष से 14 वर्ष के 55 प्रतिशत बच्चों को भी इसकी दोनों खुराक दी जा चुकी है।

राज्य में 18 वर्ष से अधिक के एक करोड़ 85 लाख 13 हजार 230 नागरिकों, 15 से 18 वर्ष आयु वर्ग के दस लाख 21 हजार 128 किशोरों और 12 से 14 वर्ष आयु वर्ग के सात लाख 31 हजार 364 बच्चों को कोविड वैक्सीन की दोनों खुराकें दी जा चुकी हैं। राज्य में 17 लाख 78 हजार 411 स्वास्थ्य कर्मियों, फ्रंटलाइन वर्कर्स और 60 वर्ष से अधिक के लोगों तथा 18 वर्ष से 59 वर्ष के 55 लाख 16 हजार 822 नागरिकों को प्रिकॉशन डोज भी लगाया जा चुका है।


मोतियाबिंद दृष्टिहीनता मुक्त राज्य बनाने का लक्ष्य... राज्य सरकार की पहल से महाअभियान का हुआ शुरुआत

मोतियाबिंद दृष्टिहीनता मुक्त राज्य बनाने का लक्ष्य... राज्य सरकार की पहल से महाअभियान का हुआ शुरुआत

01-Oct-2022

'द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार 

छत्तीसगढ़ में लोगों की जीवन में फिर से रोशनी लाने चल रहा है महाअभियान...

छत्तीसगढ़ को 2025 तक मोतियाबिंद दृष्टिहीनता मुक्त राज्य बनाने का लक्ष्य

छत्तीसगढ़ में दृष्टिहीनता को मिटाने के लिए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की पहल से एक बड़ा अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान में मोतियाबिंद के लगभग 4 लाख मरीजों की आंखो की रोशनी लौटाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए सभी जिलों में व्यापक तैयारी शुरू कर दी गई है। मोतियाबिंद के मरीजों के ऑपरेशन का काम शुरू कर दिया गया है। इस अभियान में छत्तीसगढ़ को 2025 तक मोतियाबिंद मुक्त राज्य बनाने का संकल्प रखा गया है।

मोतियाबिंद मुक्त राज्य बनाने के लिए गांव-गांव में मरीजों के चिन्हांकन के लिए स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, मितानिनों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा दृष्टिदोष रोगियों की सूची तैयार की जा रही है। जिला अस्पताल में ऑपरेशन के लिए पर्याप्त संख्या में चिकित्सक एवं जरूरी स्टॉफ तैनात किए गए हैं। मरीजों की नेत्र परीक्षण के साथ-साथ मोतियाबिंद ऑपरेशन की भी व्यवस्था है। मोतियाबिंद के मरीजों को लाने और ले जाने के लिए वाहनों की व्यवस्था भी की गई है। ऑपरेशन के बाद मरीजों की भर्ती के लिए पर्याप्त संख्या में बिस्तरों की व्यवस्था भी की गई है। ऑपरेशन के अलावा मरीजों को आंखो की देखभाल के लिए परामर्श के साथ-साथ चश्मा एवं दवाईयों की निःशुल्क व्यवस्था भी की जा रही है। इसके अलावा लोगों को आंखों की देखभाल और आंखों में होने वाले बीमारियों के बारे में इलाज के संबंध में जागरूक किया जा रहा है। बस्तर अंचल में आंखों की बीमारी और आंखों की देखभाल करने के संबंध में लोगों को स्थानीय बोली में जागरूक भी किया जा रहा है।

20 सालों बाद लोगों को फिर से देखकर भावुक हुए पाण्डू

सुकमा जिले के कोयाबेकुर निवासी ओयामी पाण्डू ने अपने जीवन की 20 बरस अंधकार में गुजार दिए। जब उनका मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद उनके आंखों की रोशनी लौटी तो उनकी खुशी का ठिकाना ही नहीं रहा। पांडू ने जब पुनः दुनिया के रंगों को देखा, तो उसने उत्साह में गिनती भी गिनी, डॉक्टर को धन्यवाद भी दिया और अपनी चमकती आंखों के साथ अपने गांव लौटने की आतुरता भी पांडू में साफ नजर आ रही थी।
ओयामी पाण्डू ने बताया कि उम्र बढ़ने के कारण धीरे-धीरे आंखों की रोशनी कम होने लगी थी, जिससे वे अपने दैनिक जीवन का कामकाज नहीं कर पा रहे थे। शुरू में वे बैगा-गुनिया के पास भी गए और देशी दवाइयों का भी सेवन किया। कई प्रयासों के बाद भी आंखों की रोशनी नहीं लौटी। पाण्डू ने बताया कि आंखों की रोशनी जाने से खेती किसानी का काम भी नही हो पा रहा था।
ओयामी पाण्डू आगे बताते हैं कि रोशनी जाने के बाद से हर एक काम के लिए पत्नी और बेटों पर आश्रित हो गया था। उनकी पत्नी कोसी को भी एक आंख से दिखाई नहीं देता था, जिसका ऑपरेशन भी अभी हुआ है। मोतियाबिंद के ऑपरेशन के बाद अब हम दोनों अच्छे से देख पा रहे हैं। पहले की तरह आंखों की रोशनी पाकर हम बहुत खुश है। अब मेरी पत्नी घर का काम अच्छे से कर पाएगी और मैं बेटों के साथ खेती किसानी करने जाऊंगा। पाण्डू ने भावुक होते हुए कहा कि मोतियाबिंद के ऑपरेशन से एक नई रंगबिरंगी जिन्दगी मिली है और इसके लिए मैं मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल जी का आभार व्यक्त करता हूँ।

माना सिविल अस्पताल में एक हजार मोतियाबिंद का ऑपरेशन
रायपुर स्थित माना सिविल अस्पताल में भी लगभग एक हजार मरीजों की मोतियाबिंद ऑपरेशन किए गए हैं, जिसमें 202 मरीजों का ऑपरेशन डाइबिटिज व हाइपरटेंशन के नियंत्रण के बाद किया गया है। इस अस्पताल में अन्य जिलों से आने वाले 22 मरीजों का भी ऑपरेशन किया गया है। अस्पताल में मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए 6 सर्जन सहित 35 लोगों की टीम काम कर रही है।

अंधत्व निवारण कार्यक्रम के राज्य नोडल अधिकारी डॉ. सुभाष मिश्रा ने बताया कि छत्तीसगढ़ को मोतियाबिंद दृष्टिहीनता मुक्त राज्य बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। मोतियाबिंद के उपचार की अत्याधुनिक “फेको” तकनीक के माध्यम से पीड़ितों का उपचार किया जा रहा है। ऑपरेशन की इस विधि में आंख में महज एक बारिक छेद किया जाता है, जिसके माध्यम से मोतिया को आंख के अंदर ही घोल दिया जाता है। इस छेद के जरिए ही फोल्डेबल लेंस को आंख के अंदर प्रत्यारोपित कर दिया जाता है।


पंडरिया के लोगों को मुख्यमंत्री बघेल ने दी सौगात... 81 कार्यो का लोकार्पण और भूमिपूजन किया

पंडरिया के लोगों को मुख्यमंत्री बघेल ने दी सौगात... 81 कार्यो का लोकार्पण और भूमिपूजन किया

01-Oct-2022

'द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार 

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने पंडरिया में 68 करोड़ 87 लाख रूपए के 81 कार्यो का किया लोकार्पण और भूमिपूजन

कवर्धा : मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कबीरधाम प्रवास के दौरान आज विधानसभा पंडरिया में 68 करोड़ 87 लाख रूपए के 81 कार्यो का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इसके अंतर्गत लोक निर्माण विभाग सेतु निर्माण उप संभाग के तहत 4 करोड़ 30 लाख रूपए की लागत से ग्राम मुनमुना से कामठी मार्ग के आगर नदी पर पुल निर्माण का कार्य, जनपद पंचायत सहसपुर लोहारा अंतर्गत 7 लाख 41 हजार रूपए की लागत से ग्राम पंचायत उड़ियाकला में सीसीरोड़ निर्माण का कार्य, 7 लाख रूपए की लागत से ग्राम पंचायत गोछिया में वीरांगना अंवतीबाई उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आहता निर्माण, 5 लाख 20 हजार रूपए की लागत से ग्राम पंचायत मोहगांव में सीसी रोड़ निर्माण, 5 लाख 20 रूपए की लागत से ग्राम पंचायत भगवताटोला में सीसी रोड़ निर्माण, 5 लाख 20 हजार रूपए की लागत से ग्राम पंचायत जमुनिया में सीसी रोड़ निर्माण और छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के अंतर्गत 132/33 केव्ही उपकेन्द्र गंडई का लोकार्पण किया।

62 करोड़ 85 लाख रूपए के कार्यों का शिलान्यास एवं भूमिपूजन

मुख्यमंत्री श्री बघेल ने 5 करोड़ 7 लाख रूपए की लागत से धौराबंद से कृतबांधा, 4 करोड़ 35 लाख रूपए की लागत से ग्राम विरेन्द्र-पटपर में विरेन्द्र नगर से पटपर और 3 करोड़ 88 लाख रूपए की लागत से सोनपुरी से भुडकुड़ा मार्ग का निर्माण कार्य, 45 लाख 15 हजार रूपए की लागत से ग्राम कुण्डा में परियोजना कार्यालय सह संसाधन केन्द्र, 24.70 लाख रूपए की लागत से मेनरोड़ से बिरमपुर, 60.53 लाख रूपए की लागत से मेनरोड़ से पालीगुढ़ा, 50.44 लाख रूपए की लागत से मेनरोड़ से मिरमिट्टी, 75.62 लाख रूपए की लागत से धरमपुरा से जिंदा, 127.96 लाख रूपए की लागत से खैरझिटी से घिरघोसा, 32.51 लाख रूपए की लागत से इंदौरी रोड़ बिलकुलीकला से बिटकुली खुर्द, 55.89 लाख रूपए की लागत से इंदौरी तमरूआ रोड़ से नवागांव, 26.66 लाख रूपए की लागत से बिरनपुर लिटिपुर से बिसनपुरा, 75.01 लाख रूपए की लागत से हथलेवा से सिंघनपुरी, 546.39 लाख रूपए की लागत से मेनरोड़ से गगरिया से खम्हरिया, 22.53 लाख रूपए की लागत से हरदी से रगरा, 23.05 लाख रूपए की लागत से दनियाखुर्द से बनिया, 25.70 लाख रूपए की लागत से बिरोड़ा साजा रोड से खैरबना, 78.70 लाख रूपए की लागत से एसएच-09 से केसलीगोड़ान, 150.44 लाख रूपए की लागत से दामापुर से डोंगरिया, 116.59 लाख रूपए की लागत से एसएच-09 से चारभांटा, 63.83 लाख रूपए की लागत से बसनी से घोरपेन्ड्री, 120.70 लाख रूपए की लागत से एसएच-09 से लाड़गपुर, 47.76 लाख रूपए की लागत से भरतपुर से धनेली, 108.64 लाख रूपए की लागत से एसएच-09 से लडुवा, 183.57 लाख रूपए की लागत से मेनरोड़ से बोहिल, 352.49 लाख रूपए की लागत से रहमानकांपा से बिरनबाह, 351.24 लाख रूपए की लागत से बदना से पंडरीपानी, 55.62 लाख रूपए की लागत से नानापुरी से भैंसबोड़, 93.82 लाख रूपए की लागत से पोलमी से आमापारा, 287.67 मेनरोड़ से कोयलारी कापा, 51.21 लाख रूपए की लागत से मंझोलीरवन से गुढ़ा, 35.21 लाख रूपए की लागत से कामठी से नवापारा तक कुल 28 सड़क निर्माण कार्य कुल लागत 32 करोड़ 34 लाख 48 हजार रूपए का भूमिपूजन किया।

मुख्यमंत्री ने जल जीवन मिशन अंतर्गत 128.89 लाख रूपए की लागत से सिंगल विलेज नल जल प्रदाय योजना ग्राम पंचायत सिंघौरी, 177.04 लाख रूपए की लागत से दानीघटोली, 141.33 लाख रूपए की लागत से लोखान(ओडाडबरी), 106.98 लाख रूपए की लागत से दुल्लीपारा(माकरी), 121.39 लाख रूपए की लागत से भगतपुर, 117.15 लाख रूपए की लागत से धनेली (भगतपुर) और 185.92 लाख रूपए की लागत से रेट्रोफिटिंग नल जल प्रदाय योजना ग्राम भंडारपुर (सुखतरा) में कुल 7 कार्य कुल लागत 8 करोड़ 78 लाख 70 हजार रूपए, पंडरिया में 50 लाख रूपए की लागत से ब्लाक पब्लिक हेल्थ युनिट का निर्माण कार्य, जनपद पंचायत सहसपुर लोहारा में 6.50 लाख रूपए की लागत से सामुदायिक भवन निर्माण कार्य मैदान के पास, 6.50 लाख रूपए की लागत से साहूपारा, 9.88 लाख रूपए की लागत से मुख्य मार्ग से नागाबाबा रोड़ तक सड़क उन्नयन कार्य, 5.41 लाख रूपए की लागत से नायापारा, 6.14 लाख रूपए की लागत से चितावर पारा, 5.20 लाख रूपए की लागत से मुख्यमार्ग से रमेशर के घर के आगे तक सीसी रोड़ निर्माण कार्य, 9 लाख रूपए की लागत से माध्यमिक शाला उड़ियाखुर्द में दीर्घ मरम्मत कार्य, 8.32 लाख रूपए की लागत से प्राथमिक शाला दरिगंवा, 8.32 लाख रूपए की लागत से भांटकुडेरा में अतिरिक्त कक्ष निर्माण, 57.4 लाख रूपए की लागत से 5 नवीन प्राथमिक शाला भवन निर्माण, 11.48 लाख रूपए की लागत से नवीन पूर्व माध्यमिक शाला भवन निर्माण, 18 लाख रूपए की लागत से नवीन आंगनबाड़ी भवन निर्माण, 30.47 लाख रूपए की लागत से 5 यात्री प्रतीक्षालय निर्माण (माड्यूलर), 22.8 लाख रूपए की लागत से सुघ्घर हटरी (हाट बजार), 5.98 लाख रूपए की लागत से शीतला मंदिर से बस्ती तक, 6 लाख रूपए की लागत से मुख्य मार्ग से अघनु धुर्वे के घर तक सीसी रोड़ निर्माण, 5 लाख रूपए की लागत से सतनामी समाज सामुदायिक भवन, 5 लाख रूपए की लागत से सिन्हा समाज, 5 लाख रूपए की लागत से आदिवासी समाज के लिए सामुदायिक भवन निर्माण कुल 32 कार्यो के लिए कुल लागत 2 करोड़ 32 लाख 39 हजार रूपए, 239.00 लाख रूपए की लागत से नवीन 33/11 केव्ही उपकेन्द्र निर्माण कार्य ग्राम बिरनपुर विकासखंड पंडरिया और 2 करोड़ 75 लाख रूपए की लागत से ग्राम उडिया (कारेसरा) विकासखंड सहसपुर लोहारा कुल दो कार्यो लागत 5 करोड़ 14 लाख रूपए का शिलन्यास और भूमिपूजन किया।


पंडरिया में समीक्षा बैठक: मुख्यमंत्री बघेल ने योजनाओं के जमीनी स्तर को जाना... दिए आवश्यक निर्देश

पंडरिया में समीक्षा बैठक: मुख्यमंत्री बघेल ने योजनाओं के जमीनी स्तर को जाना... दिए आवश्यक निर्देश

01-Oct-2022

'द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार 

पंडरिया में जिला स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक ...

कवर्धा : राज्य सरकार की प्राथमिकता में शामिल गोधन न्याय योजना की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

बैठक में बताया गया कि जिले में 303 गौठान संचालित हैं,  12 आवर्ती चारागाह हैं।

उन्होंने ग्राम नरसिंगपुर में आवर्ती चाराई करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान की समीक्षा की। जिले में एनीमिक महिलाओं की जानकारी ली।

जिला स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि जिले में मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक के माध्यम से स्वास्थ्य परीक्षण करते हुए  एनीमिक पीड़ित माताओं, महिलाओं की काउंसलिंग की जा रही है।

पोषण आहार के प्रति लोगों में जागरूकता लाने और उसे आदत में शामिल करने पर जोर देने के निर्देश।

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल अधिकारियों की समीक्षा बैठक ले रहे हैं, उन्होंने अधिकारियों से कहा कि समय पर कार्यालय पहुंचे।

- बरसात समाप्त होने वाली है, खराब सड़कों का मरम्मत और नई सड़कों के निर्माण के लिए कार्य योजना तैयार करें। अपनी जिम्मेदारी के साथ अपने-अपने दायित्व का निर्वहन हो।

- अवैध शराब की शिकायत आ रही है। यह बिल्कुल भी नही होना चाहिए। पंडरिया के कुंडा, व वनांचल क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री पर तत्काल रोक लगाने और जिम्मेदारों पर कार्यवाही करने के निर्देश।

- मुख्यमंत्री ने जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के जिला नोडल अधिकारी की कार्यशैली पर कड़ी नाराजगी जताई।

- जुआ सट्टा पर कड़ी कार्यवाही करने के लिए पुलिस अधीक्षक को सख्त निर्देश दिए।

- पटवारी की शिकायत प्राप्त हो रही है, कार्य के लिए किसानों से पैसा लेन देन की, जांच करा कर कार्रवाई करें ताकि जनता को असुविधा न हो।

- मुख्यमंत्री ने आदिवासी क्षेत्रों में देवगुड़ी बनाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने समीक्षा बैठक में शासन की योजनाओं का व्यापक प्रचार प्रसार करने के निर्देश दिये। ताकि लाभ उठाने से कोई वंचित न हो।

भेंट-मुलाकात इंदौरी और कुकदूर में ग्रामीणों से मिली शिकायतों, समस्याओं के जल्द निराकरण करने के निर्देश।

इंदौरी और कुकदूर में छत्तीसगढ़ सार्वभौम पीडीएस के तहत संचालित शासकीय उचित मूल्य दुकानों में शक्कर निर्धारित 17 रुपए प्रतिकिलो की दर से अधिक दर 20 रुपये में विक्रय होने की शिकायत को गंभीरता से लिया है।

समितियों के विक्रेता के विरुद्ध मिली शिकायतों पर जांच करने और कड़ी कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए।

 जिला खाद्य अधिकारी को सतत रूप से शासकीय उचित मूल्य दुकानों अथवा अन्य समूह द्वारा संचालित दुकानों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लीनिक योजना की समीक्षा कर इस योजना से कबीरधाम जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्रो में संचालित साप्ताहिक हाट बाजारों को जोड़ने के निर्देश।

अंतिम व्यक्तियों को मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक योजना का  लाभ मिल सके इस उद्देश्य से कार्य करने के निर्देश।

बैठक में जलजीवन मिशन के काम की जानकारी लेते हुए जिले के आदिवासी एवं बैगा बाहुल्य बोड़ला और पंडरिया के दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था, जैसे हैंड पम्प और पेय जल के अन्य स्रोतों की जानकारी ली गई।

जिले के वनांचल क्षेत्रो में विद्युत विस्तार की समीक्षा करते हुए छूटे हुए गांव, मजरा टोला में बिजली लाइन विस्तार करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने  अधिकारियों से कहा की आत्म संतुष्टि के लिए अपने जिम्मेदारियों का निर्वहन अपना शत प्रतिशत देकर करें।

कोविड काल में बहुत ही प्रशंसनीय कार्य हुआ है, कोविड के दूसरे फेज के पीक में नर्सिंग के लिए ट्रेनिंग भी दी गई।

- मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने उपस्थित अधिकारियों से शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने के लिए कार्य करने के लिए कहा।

- जहां-जहां देवगुड़ी है, वह विकासखण्ड आदिवासी क्षेत्र में आते हैं या नहीं यह सुनिश्चित करें ताकि क्षेत्र में स्थित पुजारी को राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना के तहत 7000 रुपए की राशि देना सुनिश्चित किया जा सके।

- डीएमएफ निधि से बुनियादी सुविधाओं को स्थानीय लोगों की मांग के अनुरूप और बेहतर करने के लिए अधिकारियों को निर्देश।

- आदिवासी अंचलों में बिजली कटौती की शिकायत पर मुख्यमंत्री ने विद्युत अभियंता को विद्युत प्रबंधन को दुरूस्त करने के निर्देश दिए।

समीक्षा बैठक में वन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर, विधायक श्रीमती ममता चंद्राकर और श्री शैलेश पांडे भी उपस्थित हैं।


भेंट-मुलाकात- ग्राम इंदौरी : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से भेंट मुलाकात के लिए पहुंचते लोग...

भेंट-मुलाकात- ग्राम इंदौरी : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से भेंट मुलाकात के लिए पहुंचते लोग...

30-Sep-2022

'द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार 

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कबीरधाम जिले के विधानसभा क्षेत्र पंडरिया अंतर्गत ग्राम इंदौरी में स्थित चंडी मंदिर में पूजा अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

 विधानसभा क्षेत्र पंडरिया अंतर्गत ग्राम इंदौरी में

मुख्यमंत्री श्री बघेल ने माता चंडी मंदिर में विधि विधान से पूजा अर्चना की।
इस अवसर केबिनेट मंत्री और कवर्धा विधायक श्री मोहम्मद अकबर और पंडरिया विधायक श्रीमती ममता चंद्राकर मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल का जगह-जगह पर ग्रामीणों, महिलाओं और बच्चों ने फूल और नारियल भेंट कर स्वागत किया।
छोटे-छोटे बच्चे उत्साहपूर्वक नारे लगाये।
गांव के युवाओं में अपने मुख्यमंत्री की झलक पाने और फोटो खिंचाने की मची होड़।

मुख्यमंत्री ने नारायण की सराहना की

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने अपने संबोधन में कहा कि -

नवरात्रि की पावन बेला में आप लोगों के बीच आया हूं। आप सभी को नवरात्रि की बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं।
पानी बहुत गिरा, फसल अच्छा है, किसान खुशहाल है। सबसे पहले हमने किसानों का ऋण माफ किया, उनके हित में लगातार कार्य कर रहे।
राजीव गांधी किसान न्याय योजना की तीसरी किस्त दीवाली के पहले 15 अक्टूबर को दी जाएगी।  
केंद्र सरकार द्वारा 2500 रुपए में धान खरीदी पर असहयोग के बाद भी हमने, राजीव गांधी किसान न्याय योजना के माध्यम से किसानों को उनकी उपज का अच्छा दाम दिया।
4 मई से भेंट-मुलाकात का सिलसिला चल रहा है। लोगों से मिल रहे हैं, बातें हो रही हैं, योजनाओं का फीडबैक मिल रहा है।

इस दौरान थानवर चंद्रवंशी ने मुख्यमंत्री को बताया कि उनकी पौने दो एकड़ खेती है। उसने 20 हजार ऋण लिया था, वो माफ हो गया है। किसान ने त्यौहार के समय योजना अन्तर्गत राशि भुगतान करने की मुख्यमंत्री की बात पर खुशी जाहिर की।

ग्राम आछी निवासी गोविंद चंद्रवंशी ने बताया कि उनका 25 हजार ऋण माफ हुआ हैं। इस साल दोनों किस्त मिल गया है, गन्ना के भी पैसा न्याय योजना के तहत आया है। जिस पर मुख्यमंत्री ने उन्हें बताया कि धान के 9000 रुपए के हिसाब से और गन्ना के 355 रुपए क्विंटल के हिसाब से विक्रय मूल्य दिया जा रहा है।

- ग्राम गोरखपुर निवासी विजय निर्मलकर ने बताया कि  उनकी 5 एकड़ की जमीन है, 01 लाख ऋण माफ हुआ है, राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत उन्हें दो किस्त भी मिला है।

मुख्यमंत्री के पूछने पर किसान विजय ने बताया कि सरकार द्वारा दिए गए पैसे से घर बनाए हैं, बच्चे को जगदलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज में पढ़ा रहे हैं।

मुख्यमंत्री द्वारा राशन कार्ड के बारे में पूछे जाने पर ग्राम केसली की नर्मदा साहू ने बताया कि राशन कार्ड बना है, 35 किलो राशन मिल रहा है, मुझे नमक एक पैकेट, शक्कर एक किलो 20 रुपए किलो और मिट्टी तेल 85 रुपए लीटर में मिलता है। मुख्यमंत्री ने 20 रुपए किलो में शक्कर मिलने की बात पता चलते ही जानकारी को गंभीरता से लेते हुए जांच कराने की बात कही।

ग्राम धरमपुरा के ग्रामीण ने बताया कि राजीव गांधी भूमिहीन मजदूर कृषि न्याय योजना के तहत दो किस्त मिला है, ग्रामीण ने इस योजना के संचालन के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद भी दिया।

ग्राम सोहागपुर के नारायण यादव ने बताया की एक लाख 30 हजार का गोबर बेचा है। बच्चो को पढ़ा लिखा रहा हूं, मुख्यमंत्री ने नारायण की सराहना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस साल एक नवम्बर से धान खरीदी शुरू की जायेगी।

उन्होंने कहा कि हमने बच्चों की पढ़ाई के लिए स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम स्कूल खोले हैं।

उन्होंने वहाँ मिलने आई छात्रा रिंकी तिवारी से छत्तीसगढ़ी में सवाल किया, जिसका जवाब रिंकी ने छत्तीसगढ़ी और इंग्लिश में दिया।
संतोष यादव, बरबसपुर ने बताया की उसने 90 हजार का गोबर बेचा है। इस पैसे से 02 बकरी खरीदी थी जिनकी संख्या अब 18 हो गई है। 04 बकरा 31 हजार रुपया का बेचा है, फिर से गोबर बेचकर 75 हजार का मोटर साइकल खरीदा।

फूलबाई पटेल, सोहागपुर ने बताया कि हमने 01 लाख का वर्मी कम्पोस्ट बेचा है, तालाब में मछली पालन करती हूं अब तक 25 हजार रुपए की मछली बेची  है। उसके समूह में समूह में 10 सदस्य है।

ग्राम इंदौरी के ग्रामीण ने बताया मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक योजना से नि:शुल्क स्वास्थय सुविधा का लाभ मिल रहा है।

 ग्राम मिरमिट्टी की गोमती ने बताया कि उनका बच्चा राम योगी काफी कमजोर था। जिन्हे मुख्यमंत्री सुपोषण योजना का लाभ मिला । मुख्यमंत्री ने बच्चे से भी बात चीत कर उसका हाल जाना ।
करुणा कश्यप, कवर्धा ने मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल को बताया कि आत्मानंद स्कूल बहुत बढ़िया है, सारी सुविधाएं हैं, लाइब्रेरी है।

करुणा ने बताया कि इससे पहले वह दूसरे स्कूल में पढ़ाई करती थी, अब आत्मानंद स्कूल में पैसा बच रहा है, उसने मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया।


मुख्यमंत्री बघेल ने माता चंडी मंदिर में पूजा अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि की कामना की...

मुख्यमंत्री बघेल ने माता चंडी मंदिर में पूजा अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि की कामना की...

30-Sep-2022

'द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार  

कबीरधाम : मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कबीरधाम जिले के पंडरिया विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम इंदौरी में माता चंडी मंदिर में पूजा अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख समृद्धि की कामना की। इस दौरान उन्होंने पंडा श्री मोहन गिरी गोस्वामी और पुजारी श्री कन्हैया प्रसाद मिश्रा को श्री फल व साल भेंट किया। मंदिर परिसर में महिलाओं और छोटे बच्चों ने मुख्यमंत्री श्री बघेल के माथे में तिलक लगाकर उनका स्वागत किया। मंदिर समिति के सदस्यों ने मुख्यमंत्री को मातारानी की फोटो भेंटकर उनका अभिनंदन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नवरात्र पर्व की बधाई एवं शुभकामनाएं दी। इस अवसर केबिनेट मंत्री और कवर्धा विधायक श्री मोहम्मद अकबर और पंडरिया विधायक श्रीमती ममता चंद्राकर भी उपस्थित रहे।  

         मंदिर के पुजारी श्री मिश्रा ने बताया है कि यह एक प्राचीन मंदिर है। वे माता चंडी मंदिर में 50 साल से माता रानी की सेवा कर रहे हैं। उन्होंने बताया की माता चंडी का उदगम प्राचीन तलाब के किनारे पीपल पेड़ के जड़ के बीच से हुआ था। जिसके बाद में ग्रामीणों द्वारा वहीं मंदिर का निर्माण कराया गया और माता चंडी का विधि विधान से स्थापना कराया गया। मान्यता के अनुसार महामारी जैसे बीमारियों के दौरान माता रानी स्वयं गांव में घूमकर ग्रामीणों की सुरक्षा करती है। नवरात्र पर्व में अष्टमी के दिन माता चंडी का दर्शन करने दूर दूर से लोग यहां आते हैं। यहां भक्तो के द्वारा जो भी मनोकामना मांगी जाती है, वो जरूर पूरी होती है।


छत्तीसगढ़ के स्टार्टअप ईको सिस्टम को देखने जल्द आयेगा ऑस्ट्रिया का दल...

छत्तीसगढ़ के स्टार्टअप ईको सिस्टम को देखने जल्द आयेगा ऑस्ट्रिया का दल...

29-Sep-2022

'द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार 

छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधिमंडल ऑस्ट्रिया के दौरे पर

छत्तीसगढ़ में स्टार्टअप्स ईको सिस्टम को मजबूत बनाने के लिए छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधिमंडल ऑस्ट्रिया के दौरे पर है। यह प्रतिनिधिमंडल एडवांटेज ऑस्ट्रिया कार्यक्रम के तहत ऑस्ट्रिया के उद्यमियों और वहां के उद्योग व्यवसाय से जुड़े संस्थाओं से चर्चा कर छत्तीसगढ़ में स्टार्टअप के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचार और स्टार्टअप ईको सिस्टम के बारे में जानकारी देकर उनसे विचार-विमर्श कर रहा है। प्रतिनिधिमंडल ने ऑस्ट्रिया के विएना, ग्राज़, लिंज़, इन्सब्रुक शहर का भ्रमण किया और ऑस्ट्रिया के प्रवासी भारतीय साथ ही नवाचार, स्टार्टअप, निवेश तथा व्यवसाय में कार्यरत अनेक संस्थाओं ने बैठक में भाग लेकर अपने विचारों का आदान-प्रदान किया। अपने भ्रमण के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने समस्त ऑस्ट्रिया के अधिकारियों तथा स्टार्टअप्स संचालित करने वाले उद्यमियों, निवेशकों को छत्तीसगढ़ के स्टार्टअप ईको सिस्टम को देखने के लिए आमंत्रित किया।

छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधि मंडल ने यात्रा के दौरान विएना बिज़नेस एजेंसी की सुश्री जेनिफर ज़हाँग (रीजिनल मैनेजर एशिया), श्री जान जरिगा (स्टार्टअप सर्विस), श्री एलेक्जेंडर वर्गलेस्की (डिजिटल टेक्नोलॉजी) से मुलाक़ात कर विएना तथा ऑस्ट्रिया में कार्यरत स्टार्टअप्स की जानकारी प्राप्त की और छत्तीसगढ़ में विकसित हो रहे स्टार्टअप ईको सिस्टम का ब्योरा भी दिया। इस प्रतिनिधिमंडल में छत्तीसगढ़ के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव और चिप्स के सीईओ श्री समीर विश्नोई, 36 आईएनसी के सीईओ श्री अजितेश पाण्डेय, चिप्स के ज्वाइंट सीईओ श्री नीलेश सोनी अधिकारी शामिल हैं।

एडवांटेज ऑस्ट्रिया कार्यक्रम के तहत छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधिमंडल को इन्वेस्ट ऑस्ट्रिया के निदेशक श्री जैकब सेन्सिक ने इन्वेस्टमेंट इन्वेस्ट प्लान की जानकारी दी। कार्यक्रम के दुसरे चरण में छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधि मंडल के विएना यूनिवर्सिटी का भी भ्रमण किया और वहां के इकोनॉमिक एंड बिज़नेस के प्रोफेसर श्री रोडोल्फ डोमोटोर, डायरेक्टर ॅन् ने एंटरप्रेन्योरशिप प्रोग्राम में यूनिवर्सिटी के क्रियाकलाप के बारे में जानकारी दी। प्रतिनिधिमंडल ने सुश्री कारमेन गोबी वाईस प्रेसिडेन्स ऑस्ट्रियन फ़ेडरल कनोमिन्स चैम्बर से स्टार्टअप ईको सिस्टम और निवेश के बारे में विशेष तौर पर चर्चा की।


शासन की योजना से छत्तीसगढ़ की नोनियां भी बन रहीं डीजे मास्टर...

शासन की योजना से छत्तीसगढ़ की नोनियां भी बन रहीं डीजे मास्टर...

29-Sep-2022

'द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार 

चोटीगुढ़ा की पदमा डीजे व्यवसाय से कमा रही सालाना 5 लाख रूपए

छत्तीसगढ़ शासन की योजना से तय हुआ गृहिणी से एक सफल व्यावसायी तक का सफर

आज गांव की महिलाएं केवल परिवार एवं गृहस्थी तक ही सीमित नहीं है, वह भी अपने कार्यों से स्वयं की पहचान बनानी चाहती है, बस उन्हें तलाश है तो केवल एक अवसर की? और यही अवसर उन्हें छत्तीसगढ़ शासन की योजना दे रही है। जिससे वे आज सालाना लाखों रुपये की आय अर्जित कर सफल उद्यमी के रूप में पहचान बना रही है। कुछ ऐसी ही उदाहरण चोटीगुढ़ा श्रीमती पदमा राठिया के रूप में देखने को मिली। जिन्होंने शासन की योजना का लाभ लेकर खुद का डीजे एण्ड साउण्ड सर्विस का व्यवसाय प्रारंभ कर अपने एवं परिवार के लिए आर्थिक रूप से संबल बनी हुई है।

ग्राम चोटीगुढ़ा पोस्ट रायकेरा विकासखण्ड घरघोड़ा जिला रायगढ़ की एक गृहिणी महिला श्रीमती पदमा राठिया के शुरू से मन में इच्छा थी कि घर-गृहस्थी को संभालने के बाद गांव में ही व्यवसाय स्थापित कर स्वयं की पहचान के साथ परिवार का सहयोग कर सकूं। इस दौरान उन्हें जानकारी मिली की छत्तीसगढ़ खादी ग्रामोद्योग, जिला पंचायत रायगढ़ द्वारा केन्द्र शासन की पीएमईजीपी योजना के तहत रोजगार मुखी कार्यक्रम चलाया जा रहा हैं। वह इस योजना का लाभ लेकर वह स्वयं का व्यवसाय स्थापित करना चाहती थी। छत्तीसगढ़ खादी ग्रामोद्योग के संचालक द्वारा उचित मार्गदर्शन एवं सहयोग से श्रीमती पदमा राठिया ऑनलाईन डीजे एण्ड साउण्ड सर्विस व्यवसाय हेतु वर्ष 2019-20 में फार्म प्रस्तुत किया। सेन्ट्रल बैंक ऑफ  इंडिया रायकेरा से उन्हें 5 लाख रुपये का प्रकरण स्वीकृत हुआ, जिसमें नियमानुसार 35 प्रतिशत के आधार पर 1 लाख 75 हजार रुपये अनुदान प्राप्त हुआ। श्रीमती पदमा राठिया आज डीजे एण्ड साउण्ड सर्विस व्यवसाय कुशलता से चला रही हैं जिससे उन्हें सालाना 5 लाख रुपये तक आय प्राप्त हो रही है। साथ ही उनके क्षेत्र में उन्हें एक नई पहचान मिल रही है। जहां एक ओर उनके इस व्यवसाय से प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से अन्य लोगों को भी रोजगार मिल रहा है, तो वहीं दूसरी ओर आस-पास के गांवों की अन्य महिलाएं भी स्वयं के व्यवसाय व अपनी अलग पहचान बनाने के लिए प्रोत्साहित हो रही हैं। श्रीमती पदमा राठिया कहती हैं कि इस व्यवसाय के संचालन से उनके आत्मसम्मान के साथ-साथ आत्मविश्वास में भी वृद्धि हुई है और वह अन्य महिलाओं को भी छत्तीसगढ़ शासन की योजनाओं की जानकारी देकर स्वरोजगार के लिए प्रेरित कर रही है।

 


जेनेरिक दवाओं से नागरिकों को 44 करोड़ से ज्यादा की हुई बचत...

जेनेरिक दवाओं से नागरिकों को 44 करोड़ से ज्यादा की हुई बचत...

28-Sep-2022

'द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार 

छत्तीसगढ़ शासन द्वारा नागरिकों को उच्च गुणवत्ता की जेनेरिक दवाएं सस्ती दर पर उपलब्ध कराई जा रही है। इसके लिए राज्य के सभी नगरीय निकायों में श्री धनवंतरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर योजना के तहत जेनेरिक दवाओं की दुकानों का संचालन किया जा रहा है। इन दुकानों में देश की ख्याति प्राप्त कंपनियों की जेनेरिक दवाईयों पर 50 से 70 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है। धनवन्तरी दवा दुकानों में सर्दी, खांसी, बुखार, ब्लड प्रेशर, इन्सुलिन के साथ गंभीर बीमारियों की दवा, एंटीबायोटिक, सर्जिकल आईटम भी रियायती मूल्य पर जरूरतमंदों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं। 

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा श्री धनवंतरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर योजना 20 अक्टूबर 2021 से शुरू की गई है। योजना के तहत राज्य के समस्त 169 नगरीय निकायों में 190 श्री धनवंतरी मेडिकल स्टोर खोले गये हैं। नगरीय निकायों में करीब 194 दुकानों का चिन्हांकन किया। शासकीय चिकित्सकों को अस्पताल में इलाज हेतु आने वाले मरीजों को जेनेरिक दवाई लिखना अनिवार्य किया गया है। योजना से अब तक 72 करोड़ रूपए एम.आर.पी. की दवाईयों के विक्रय पर 44 करोड़ रूपए की छूट जरूरतमंद लोगों को दी गई है। जिससे लोगों को काफी राहत मिली है और कम मूल्य पर दवा उपलब्ध होने से बचत हो रही है।