कोरोना काल में सबको खाद्यान्न उपलब्ध कराने में सफल रहा छत्तीसगढ़

कोरोना काल में सबको खाद्यान्न उपलब्ध कराने में सफल रहा छत्तीसगढ़

15-Feb-2021

TNIS

प्रवासी श्रमिकों और जरूरतमंदों को निःशुल्क भोजन एवं सूखे राशन का प्रबंध

राज्य के 57 लाख परिवारों को तीन माह का निःशुल्क चावल

वर्तमान में छत्तीसगढ़ की 97 प्रतिशत जनसंख्या को खाद्यान्न सुरक्षा

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रायपुर : कोरोना संक्रमण वायरस से सुरक्षा के लिए लाॅकडाउन के दौरान मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ में सभी को खाद्यान्न सुरक्षा उपलब्ध कराने में सफलता हासिल की है। इस दौरान प्रवासी श्रमिकों, व्यक्तियों को हरसंभव सुविधा मुहैया कराया गया। जरूरतमंदों को चरणपादुका सहित सामुदायिक भोजनालय में भोजन सहित सूखा राशन की व्यवस्था की गई। लाॅकडाउन के दौरान मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल स्वयं प्रदेश में संचालित क्वारेंटाइन शिविरों, स्वास्थ्य, खाद्यान्न, आवागमन का संज्ञान लेते रहे।

    छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण और लाॅकडाउन के दौरान राज्य के नागरिकों को खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ ही प्रवासी श्रमिकों, निराश्रितों एवं जरूरतमंद लोगों को पर्याप्त भोजन एवं सूखा राशन उपलब्ध कराने हर संभव उपाय किए है। लॉकडाउन की अवधि में भी छूटे हुए पात्र परिवारों के नवीन राशनकार्ड जारी किये गये हैं। राज्य में 22 मार्च से जनवरी 2021 तक 1 लाख 92 हजार 338 नए राशनकार्ड बनाए गये तथा 2 लाख 33 हजार 415 नवीन सदस्यों के नाम भी जोड़े गये, यह प्रक्रिया अभी भी राज्य में जारी है। राज्य शासन द्वारा सार्वभौम पीडीएस लागू होने के बाद वर्तमाने में प्रदेेश के 97 प्रतिशत जनसंख्या को खाद्यान्न प्रदाय किया जा रहा है  ।

सार्वभौम पीडीएस के तहत खाद्यान्न वितरण
       राज्य शासन द्वारा लाॅकडाउन के दौरान सार्वभौम पीडीएस के अंतर्गत राज्य के 57 लाख अन्त्योदय, प्राथमिकता, अन्नपूर्णा, एकल निराश्रित तथा निःशक्तजन राशनकार्डधारियों को 3 माह अप्रैल, मई एवं जून 2020 में निःशुल्क चावल वितरण किया गया । इन परिवारों में तीन माह में 5 लाख 64 हजार 87 टन चावल निःशुल्क उपलब्ध कराया गया।  इसके अलावा इन राशनकार्डधारियों को छत्तीसगढ़ शासन द्वारा अप्रैल से नवबंर 2020 तक प्रति सदस्य 5 किलो चावल एवं एक किलो चना निःशुल्क वितरित किया गया। जून माह में एक किलो अरहर दाल भी राशन कार्ड धारी परिवारों को निःशुल्क प्रदाय की गई। इस प्रकार कोरोना संक्रमण काल मंू अप्रैल से नवंबर तक 8 लाख 65 हजार 984 टन अतिरिक्त चावल तथा 45 हजार 781 टन अतिरिक्त चना एवं दाल का निःशुल्क प्रदाय की गई।

आत्मनिर्भर भारत योजना से प्र्रवासी व्यक्तियों को निःशुल्क चावल व चना
    राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंत्योदय एवं प्राथमिकता राशनकार्रधारियों को अप्रैल  से नवंबर, 2020 तक कुल 7 लाख 89 हजार 804 टन चावल एवं 41 हजार 200 टन चना व दाल का वितरण प्रति सदस्य के मान से अतिरिक्त रूप से किया गया। आत्मनिर्भर भारत योजनांतर्गत अन्य राज्यों से वापस आये प्रवासी व्यक्तियों एवं श्रमिकों जिनके पास केन्द्र अथवा राज्य सरकार की योजनांतर्गत राशनकार्ड नहीं था, उन्हें मई एवं जून माह में प्रति सदस्य 05 किलो चावल एवं प्रति परिवार एक किलो चना निःशुल्क प्रदाय किये जाने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई। इस योजना के अंतर्गत 10 हजार 38 मैट्रिक टन चावल तथा 528.30 मेट्रिक टन चना का मासिक आबंटन जिलों को जारी किया गया। छत्तीसगढ़ राज्य में आत्मनिर्भर भारत योजनांतर्गत खाद्यान्न प्राप्त करने के लिए एक लाख 9 हजार 179 परिवारों के 2 लाख 22 हजार 605 सदस्यों का पंजीयन किया गया। पंजीकृत सदस्यों को उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से माह मई से जून माह तक एक हजार 733 क्विंटल चना तथा 19 हजार 644 क्विंटल चावल का वितरण किया गया।

राज्य के जिलों में सामुदायिक भोजनालय व निःशुल्क सूखा राशन
    लाॅकडाउन के दौरान प्रवासी श्रमिकों एवं अन्य राज्यों के फंसे लोगों तथा जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए जिलों में सामुदायिक भोजनालय की व्यवस्था एवं निःशुल्क सूखा राशन की व्यवस्था जिलों में जिला प्रशासन के सहयोग से सुनिश्चित की गई। स्वयंसेवी संस्थाओं ने भी जरूरतमंदों को भोजन एवं अन्य सहायता उपलब्ध कराने में बढ़-चढ़कर अपनी सहभागिता निभाई।

जरूरतमंदों के लिए राज्य के सभी ग्राम पंचायतों में 2 क्विटल चावल
लाॅकडाउन के दौरान जरूरतमंदों की मदद के लिए राज्य के प्रत्येक ग्राम पंचायतों में 02 क्विंटल चावल की उपलब्धता सुनिश्चित की गई। इसके लिए राज्य के 11,105 ग्राम पंचायतों के लिए 22 हजार 210 क्विंटल चावल का आबंटन जारी किया गया। नगरीय क्षेत्रों में संचालित राहत एवं क्वारेनटाइन शिविरों में चावल आबंटन नगरीय क्षेत्रों में संचालित राहत शिविर एवं क्वारेनटाइन सेंटरों में रह रहे लोगों के भोजन की व्यवस्था हेतु रियायती दर पर 229 क्विंटल चावल प्रदाय किया गया।

हेल्प लाइन एवं कन्ट्रोल रूम का संचालन
        राज्य में आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता, भण्डारण, आर्ति की निगरानी एवं मॉनिटरिंग तथा प्रवासी श्रमिकों,गरीब परिवारों,निराश्रित व्यक्तियों,जरूरतमंद परिवारों को भोजन एवं सूखा राशन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लए खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा राज्य स्तरीय कन्ट्रोल रूम 25 मार्च 2020 से संचालित है। जिसका दूरभाष क्रमांक  0771-2882113 है।

राज्य में आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता एवं आपूर्ति की मॉनिटरिंग
 राज्य में आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता एवं आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिये प्राइस मानिटरिंग सेल के माध्यम से सभी आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता एवं इनके दैनिक बाजार मूल्यों की नियमित निगरानी की गयी तथा आवश्यक वस्तुओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित किया गया।

जनता को उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से संकमण से बचाव की जानकारी

नोवल कोरोना वायरस (कोविड-19) के संक्रमण की रोकथाम एवं बचाव के लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत कार्यरत सभी उचित मूल्य दुकानों में सेनेटाईजेशन

की व्यवस्था कराया गया। इसके अतिरिक्त दुकानों में खाद्यान्न वितरण के दौरान हितग्राहियों को कोविड-19 संक्रमण से बचाव के उपाय तथा सामाजिक दूरी बनाये रखते हुए राशन वितरण कराया गया। लोगों को कोरोना वायरस से बचाव की जानकारी दी गई ।


93 लाख टन खरीदी के साथ-साथ धान के दाने-दाने का जतन भी !

93 लाख टन खरीदी के साथ-साथ धान के दाने-दाने का जतन भी !

12-Feb-2021

संग्रहण केंद्रों में मौसम, चूहों और दीमकों से होने वाली फसल-बरबादी को रोकने 7 हजार 606 पक्के चबूतरों का निर्माण

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मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की पहल पर अपनाई गई सस्ती, परंपरागत और अनूठी तरकीब

फसल संरक्षण की सस्ती, परंपरागत और अनूठी तरकीब अपनाते हुए छत्तीसगढ़ ने एक पंथ और कई काज की कहावत को चरितार्थ कर दिखाया है। हर साल संग्रहण केंद्रों में खरीदे गए धान की बड़ी मात्रा जहां नमी, बारिश, ओलावृष्टि, चूहों और दीमक की वजह से खराब हो जाती थी, वहीं इस बार इस क्षति को रोकने के लिए इन केंद्रों में विशेष तरह के पक्के चबूतरों का निर्माण किया गया है। कोरोना-काल के दौरान इन चबूतरों का निर्माण महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना के तहत किया गया है। इससे बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसरों का निर्माण भी हुआ।

    मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की पहल पर छत्तीसगढ़ में इस साल किसानों से खरीदे गए धान को सुरक्षित रखने के लिए यह नयी व्यवस्था की गई है। सभी जिलों में कुल 7606 चबूतरों का निर्माण किया गया है। राज्य शासन ने समर्थन मूल्य पर इस साल रिकॉर्ड 93 लाख मीटरिक टन से अधिक की धान खरीदी की है। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद से किसानों से यह सर्वाधिक धान की खरीदी है। इतनी बड़ी मात्रा में खरीदे गए धान को सुरक्षित रखना भी बड़ी चुनौती है। धान संग्रहण केंद्रों में इस साल बड़ी संख्या में बनाए गए पक्के चबूतरों से इन्हें सुरक्षित रखने में भरपूर मदद मिल रही है।

प्रत्येक चबूतरे पर तीन-तीन हजार बोरियां रखी जा सकती हैं। संग्रहण केन्द्रों में जरूरत के मुताबिक खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के मानकों के अनुरूप इसके लिए 10.6 मीटर लंबाई और साढ़े सात मीटर चौड़ाई के चबूतरे बनाए गए हैं। दो-दो लाख रूपए की लागत से बनाए गए इन चबूतरों में भविष्य में शेड लगाने के लिए आठ पेडेस्टल के साथ बोल्ट और प्लेट का भी प्रावधान किया गया है। चबूतरों में आर.सी.सी. फर्श के नीचे रेत की भराई एवं चूहे से बचाव के लिए चारों तरफ छज्जा भी बनाए गए हैं।

    धान को सुरक्षित रखने के लिए बालोद जिले के विभिन्न संग्रहण केंद्रों में कुल 378, बलौदाबाजार-भाटापारा में 597, बलरामपुर-रामानुजगंज में 85, बस्तर में 221, बेमेतरा में 430, बीजापुर में 123, बिलासपुर में 380, दंतेवाड़ा में 22, धमतरी में 333, दुर्ग में 132, गरियाबंद में 254, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में 60, जांजगीर-चांपा में 711, जशपुर में 47, कांकेर में 363, कबीरधाम में 269, कोंडागांव में 114, कोरबा में 157, कोरिया में 76, महासमुंद में 488, मुंगेली में 351, नारायणपुर में 32, रायगढ़ में 469, रायपुर में 786, राजनांदगांव में 465, सुकमा में 66, सूरजपुर में 118 और सरगुजा में 79 पक्के चबूतरों का निर्माण किया गया है।


सूरजपुर : नाली में गिर कर फंस जाने से आरक्षक की मौत, परिजनों से आया था मिलने

सूरजपुर : नाली में गिर कर फंस जाने से आरक्षक की मौत, परिजनों से आया था मिलने

08-Feb-2021

पुलिस लाइन की घटना

रामकोला में पदस्थ आरक्षक किसानों आंदोलन से डियुटी कर परिजनों से आया था मिलने

सूरजपुर : अपनी डियूटी पूरी कर दूसरे दिन के कार्यो को निपटाने तथा  बच्चो से मिलने की आस लिए एक आरक्षक 60 किमी का सफर तय कर अपने घर के सामने तक तो पहुँच गया पर  बदनसीबी ऐसी की बच्चो की एक झलक पाने से पहले ही वो एक हादसे का शिकार हो कर हमेशा हमेशा के लिए अपने परिवार से लिए दूर हो गया और पानी निकासी के लिए बनाई गई नाली में गिर जाने से उसकी मौत हो गई है।घटना यहां पर्री स्थित पुलिस लाईन में बीती रात हुई है। घटना के संदर्भ में बताया गया है कि जिले के रामकोला थाना में पदस्थ आरक्षक 38 वर्षीय शिवप्रसाद एक्का की डियूटी शनिवार को प्रतापपुर में आयोजित किसान आंदोलन के समर्थन में आयोजित चक्का जाम के लिए लगाई गई थी। 

जहां से डियूटी पूरी कर शिवप्रसाद शनिवार की रात को यह सोच कर पुलिस लाईन स्थित अपने क्वाटर आया था कि वह रात में अपने बच्चों से मिल लेगा और रविवार को चांदमारी के पश्चात रामकोला चला जायेगा। परन्तु शिवप्रसाद को क्या मालूम था कि यह 60 किमी का सफर उसका आखिरी सफर होगा और बच्चो से मिलने की आस हमेशा हमेशा के लिए उसके साथ चली जायेगी। आरक्षक शिवप्रसाद शाम को अपने घर के सामने पहुंचा और बाईक खड़ी कर घर के अंदर जाने से पहले कालोनी के पीछे लघुशंका के लिए गया था। जहां पैर फिसल जाने के कारण वह कालोनी के पानी निकासी हेतु बनाई गई नाली में मुंह के बल जा गिरा। जिसके कारण उसके सिर में चोटें आई थी और चेहरा पानी व कीचड़ में फंस गया । 

जिससे उसकी मौत हो गई। इस बात की जानकारी  रात को उस वक्त लगी जब कालोनी के अन्य लोग उस तरफ टहलने के लिए निकले थे। तभी उन्हें नाली के ऊपर शरीर का हिस्सा दिखा। जब पास में जाकर देखा तो शिवप्रसाद ओंधे मुंह पड़ा था। जिसकी सूचना तत्काल कंट्रोल रूम को दी गई और उसे अस्पताल लाया गया। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। रविवार को पीएम आदि के पश्चात आरक्षक के शव को उसके गृहग्राम लुंड्रा के ग्राम लमगांव कोट भिजवाया गया है। बताया गया है कि मृतक के तीन छोटे छोटे बच्चे है।  हादसे के बाद से बच्चो व पत्नी का रो रो कर बुरा हाल है।

 


कोरोना संकट के बावजूद भी वर्ष 2020 में छत्तीसगढ़ राज्य ने हासिल किया 1621.67 करोड़ रूपए का पंजीयन राजस्व

कोरोना संकट के बावजूद भी वर्ष 2020 में छत्तीसगढ़ राज्य ने हासिल किया 1621.67 करोड़ रूपए का पंजीयन राजस्व

06-Feb-2021

TNIS

वर्ष 2019 में की तुलना में 23.28 प्रतिशत अधिक राजस्व की प्राप्ति

बीते 11 माह में एक लाख 82 हजार दस्तावेजों का हुआ पंजीयन

रायपुर : छत्तीसगढ़ राज्य ने कोरोना संकट के बावजूद भी वर्ष 2020 में 1621.67 करोड़ रूपए का रिकार्ड पंजीयन राजस्व अर्जित किया है। वर्ष 2019 में अर्जित 1315.46 करोड़ रूपए के राजस्व से यह 23.28 प्रतिशत अधिक है। चालू वित्तीय वर्ष में 31 जनवरी तक राज्य में एक लाख 82 हजार दस्तावेजों का पंजीयन हुआ है, जिसके कारण स्टाम्प एवं पंजीयन शुल्क के रूप में 1087.19 करोड़ रूपए का राजस्व प्राप्त हुआ है।

    मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के मंशानुरूप राज्य में जन सामान्य की सुविधा को ध्यान में रखते हुए छोटे भू-खण्डों के क्रय-विक्रय पर लगी रोक को हटाने का फायदा यह हुआ है कि बीते दो सालों में छोटे भू-खण्डों से संबंधित दस्तावेजों के पंजीयन में लगभग दोगुने की वृद्धि हुई है। इन दो सालों में एक लाख 86 हजार 423 छोटे भू-खण्डों के पंजीयन से आम जनता को राहत मिली है। बाजार मूल्य (गाईडलाईन) की दरों में 30 प्रतिशत की कमी किए जाने के शासन के निर्णय का भी लाभ लोगों को मिला है। इसके कारण सम्पत्ति के बाजार मूल्य में कमी के साथ-साथ खरीदी-बिक्री में राहत मिलने से मध्यम वर्ग के लिए मकान एवं अचल सम्पत्ति खरीदना आसान हुआ है।

    राज्य में शासन द्वारा 75 लाख रूपए तक की कीमत के मकान एवं भवन के विक्रय संबंधी विलेखों के पंजीयन शुल्क की दर में दो प्रतिशत की रियायत अगस्त 2019 से प्रदाय की जा रही है। जिसे वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए भी यथावत रखा गया है। इसका लाभ आम नागरिकों को मकान की खरीदी-बिक्री में मिल रहा है। बीते डेढ़ सालों में 17 हजार 112 दस्तावेजों के पंजीयन के दौरान आवासीय भवनों के पंजीयन में 2 प्रतिशत की रियायत दी गई है। छत्तीसगढ़ राज्य में सम्पत्तियों के क्रय-विक्रय के लिए ई-रजिस्ट्री प्रक्रिया का सरलीकरण किया गया और नेटवर्क की समस्या के निराकरण के लिए एक अतिरिक्त नेटवर्क सुविधा उपलब्ध कराई गई है, ताकि पक्षकारों को किसी भी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े और पंजीयन कार्य निर्बाध रूप से संचालित हो। कोविड-19 संक्रमण से सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पंजीयन कार्यालयों में सुरक्षित उपस्थिति के लिए सोशल डिस्टेंसिंग को प्रभावी पालन के लिए ऑनलाईन अपॉईमेंट (स्लॉट बुकिंग) का प्रावधान किया गया और क्रमानुसार पंजीयन कार्य कराए जाने की सुविधा प्रदान की गई। मोबाइल एप के माध्यम से भी यह सुविधा उपलब्ध है। पक्षकारों की सुरक्षा के लिए प्रतिदिन सीमित संख्या में टोकन प्रदाय के बावजूद भी वर्ष 2020 में 2 लाख 8 हजार 63 दस्तावेजों का पंजीयन हुआ, जो वर्ष 2019 में पंजीबद्ध दस्तावेजों की संख्या के लगभग बराबर है। पंजीयन कार्यालयों में शुल्क का नगद लेन-देन कम से कम हो, इसके लिए ऑनलाईन भुगतान की सुविधा के साथ स्वाइप मशीनों की व्यवस्था भी की गई। ई-स्टाम्पों की उपलब्धता हेतु 12 केन्द्रों सहित वर्तमान में 500 से अधिक लोक सेवा केन्द्रों एवं 200 से अधिक वेण्डरों के माध्यम से विक्रय की व्यवस्था की गई है।


स्वर्गीय चंदूलाल चंद्राकार मेमोरियल मेडिकल कॉलेज अब होगा शासकीय

स्वर्गीय चंदूलाल चंद्राकार मेमोरियल मेडिकल कॉलेज अब होगा शासकीय

03-Feb-2021

 मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने स्वर्गीय श्री चंदूलाल चंद्राकर की पुण्यतिथि के अवसर पर की घोषणा: कैबिनेट में जल्द ही होगी कार्रवाई
मेडिकल एजुकेशन के क्षेत्र में मुख्यमंत्री की महत्वपूर्ण घोषणा

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने स्वर्गीय श्री चंदूलाल चंद्राकर मेमोरियल मेडिकल कॉलेज के अधिग्रहण की घोषणा की। उन्होंने कहा कि जल्द ही इस मेडिकल कॉलेज को शासकीय मेडिकल कॉलेज बनाने की प्रक्रिया आरंभ की जाएगी। इसके लिए कैबिनेट में जल्द ही प्रस्ताव लाया जाएगा तथा अन्य प्रक्रिया आरंभ की जाएगी। मुख्यमंत्री आज दुर्ग जिले के कचांदुर में स्वर्गीय चंदूलाल चंद्राकर की पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उक्त आशय की घोषणा की। उन्होंने स्वर्गीय श्री चंदूलाल चंद्राकार की प्रतिमाा का अनावरण भी किया। उल्लेखनीय है कि चंदूलाल चंद्राकर मेमोरियल मेडिकल कॉलेज के संचालन में दिक्कत होने के चलते प्रबंधन ने सरकार से प्रदेश में मेडिकल एजुकेशन की बेहतरी को देखते हुए सरकार से इस कॉलेज का अधिग्रहण आग्रह किया था।

    मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने इस मौके पर कहा कि दुर्ग जिले में मेडिकल शिक्षा को मजबूत करने के लिए स्वर्गीय श्री चंदूलाल चंद्राकर का सपना था कि यहां मेडिकल कॉलेज खुले, इस पर डॉ एपी चन्द्राकर से उनकी लंबी चर्चा हुई थी और इसके पश्चात क्षेत्र का पहला मेडिकल कॉलेज खुला था। अभी इस मेडिकल कॉलेज के संचालन में कुछ दिक्कतें आ रही थी और प्रबंधन ने अपनी दिक्कतें शासन से साझा की थी। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय श्री चंदूलाल चंद्राकर का देखा गया यह सपना फले फुले इसे आगे बढाए रखना है। मुख्यमंत्री इस मौके पर स्वर्गीय श्री चंदूलाल चंद्राकर से जुड़ी हुई स्मृतियों को साझा किया। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय श्री चंदूलाल चंद्राकर हमेशा जमीन से जुड़े रहे। उन्होंने लगातार विदेश यात्राएं की लेकिन अपना छत्तीसगढ़िया स्वभाव नहीं छोड़ा। जब भी विदेश जाते, अपने साथ दातुन लेकर जाते अपने साथ ठेठरी खुरमी लेकर जाते। वे विशाल व्यक्तित्व के धनी थे। उनकी रूचि का दायरा काफी व्यापक था। उन्हें फोटोग्राफी का बहुत शौक था और देश-विदेश में रिपोर्टिंग के साथ ही उनकी फोटोग्राफी भी काफी मशहूर थी।
    इस मौके पर गृह मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण में स्वर्गीय श्री चंदूलाल चंद्राकर जी का योगदान बहुत अहम है उन्होंने राजनीति के साथ ही पत्रकारिता के क्षेत्र में भी अहम योगदान दिया। इस मौके पर अपने संबोधन में जिले के प्रभारी मंत्री श्री मोहम्मद अकबर ने कहा कि स्वर्गीय श्री चंदूलाल चंद्राकर के दिखाए रास्ते पर छत्तीसगढ़ शासन कार्य कर रहा है। उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य को लेकर जो सपना देखा था। उसे पूरा करने के लिए सरकार कृत संकल्पित है इस मौके पर अपने संबोधन में पीएचई मंत्री श्री गुरु रूद्र कुमार ने कहा कि उनकी दादी स्वर्गीय श्रीमती मिनीमाता एवं स्वर्गीय श्री चंदूलाल चंद्राकर एक साथ सांसद रहे और दोनों का छत्तीसगढ़ के विकास में बहुत अहम योगदान रहा।
    इस मौके पर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेड़िया, भिलाई विधायक श्री देवेंद्र यादव, बालोद विधायक श्रीमती संगीता सिन्हा, गुंडरदेही विधायक श्री कुंवर सिंह निषाद, छत्तीसगढ़ खनिज विकास के अध्यक्ष श्री गिरीश देवांगन, दुर्ग महापौर श्री धीरज बाकलीवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शालिनी यादव सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

 

 


महादान के लोक पर्व छेरछेरा पुन्नी पर मुख्यमंत्री निकले दान मांगने

महादान के लोक पर्व छेरछेरा पुन्नी पर मुख्यमंत्री निकले दान मांगने

28-Jan-2021

TNIS

कांकेर प्रवास के दौरान दुकानों और घरों में जाकर श्री भूपेश बघेल ने मांगा दान

नागरिकों को दी छेरछेरा पुन्नी पर्व की शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री को धान से तौला गया

कांकेर : मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध लोक पर्व छेरछेरा पुन्नी पर्व परम्परा के अनुरूप आज सवेरे जिला मुख्यालय कांकेर के पुराने बस स्टेण्ड में मुख्य मार्ग की दुकानों और घरों में जाकर छेरछेरा पुन्नी का दान मांगा। महिलाओं ने तिलक लगाकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया और उन्हें चावल, लड्डू, फल भेंट किए। छेरछेरा पर्व पर मुख्यमंत्री को धान से तौला गया।

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मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सभी लोगों को छेरछेरा पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नई फसल के घर आने की खुशी में महादान का यह उत्सव पौष मास की पूर्णिमा को छेरछेरा पुन्नी तिहार के रूप में मनाया जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छेरछेरा पुन्नी पर बच्चों, युवाओं, किसानों, मजदूरों और महिलाओं की टोली घर-घर जाकर छेरछेरा पुन्नी का दान मांगते हैं। इस पर्व में समानता का भाव प्रमुखता से उभर कर सामने आता है। धनी और गरीब व्यक्ति एक दूसरे के घर दान मांगने जाते हैं और दान में एकत्र धान, राशि और सामग्री गांवों में रचनात्मक कार्यों में लगाई जाती है।

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      उन्होंने कहा कि छेरछेरा के महादान की परम्परा की यह भावना है कि किसानों द्वारा उत्पादित फसल केवल उसके लिए नहीं अपितु समाज के अभावग्रस्त और जरूरतमंद लोगों, कामगारों और पशु-पक्षियों के लिए भी काम आती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष अनेक चुनौतियों के बावजूद राज्य सरकार द्वारा अब तक 89 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है। इस वर्ष धान खरीदी का एक नया रिकार्ड बनेगा। मुख्यमंत्री और अतिथियों ने लोगों को शुभकामनाएं देते हुए ‘छेरछेरा, कोठी के धान ल हेरहेरा‘ का घोष किया।

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इस अवसर पर ग्रामोद्योग और कांकेर जिले के प्रभारी मंत्री श्री गुरू रूद्र कुमार, उद्योग मंत्री श्री कवासी लखमा, विधानसभा उपाध्यक्ष श्री मनोज मण्डावी, संसदीय सचिव श्री शिशुपाल सोरी, विधायक श्री मोहन मरकाम और श्री संतराम नेताम तथा मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री राजेश तिवारी भी उपस्थित थे।  


मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने लालबाग मैदान में किया ध्वजारोहण तिरंगे झंडे को दी सलामी

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने लालबाग मैदान में किया ध्वजारोहण तिरंगे झंडे को दी सलामी

26-Jan-2021

बस्तर में गरिमापूर्ण मनाया गया गणतंत्र दिवस

प्रदेशवासियों को दी गणतंत्र दिवस की बधाई और शुभकामनाएं

बस्तर : बस्तर जिले में 72वां गणतंत्र दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने जगदलपुर के लालबाग में आयोजित मुख्य समारोह में ध्वजारोहण कर तिरंगाा झंडा को सलामी दी। उन्होंने इस मौके पर प्रदेषवासियों को गणतंत्र दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने इस अवसर पर हर्ष और उल्लास के प्रतीक रंगीन गुब्बारे आसमान में छोड़े। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने गणतंत्र दिवस पर प्रदेष कीे जनता और प्रदेष के निरंतर विकास के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यो, नीतियों और योजनाओं तथा उपलब्धियों के संबंध में जनता को संदेष दिया।

स्वतंत्रता सेनानी और शहीदों के परिजनों से मुख्यमंत्री ने किया मुलाकात
    मुख्यमंत्री श्री बघेल ने इस अवसर पर स्वतंत्रता सेनानी स्व. श्री राम अक्षयवर शर्मा की धर्मपत्नी श्रीमती सावित्री देवी शर्मा, पदम श्री धर्मपाल सैनी तथा शहीद परिवार के सदस्यों से मुलाकात किया।
    मुख्यमंत्री ने बस्तर के कोरोना वारियर्स और उत्कृष्ट कार्य करने वाले 247 अधिकारी-कर्मचारियों को सम्मानित किया। गणतंत्र दिवस समारोह गौरवपूर्ण और सादगी के साथ आयोजित किया गया। कोरोना वायरस (कोविड-19) महामारी के संक्रमण के खतरे को रोकने के लिए राज्य शासन ने गणतंत्र दिवस को सादगी से मनाने का निर्णय लिया था। राज्य शासन के निर्देशानुसार कोविड-19 संक्रमण के संक्रमण मद्देनजर कार्यक्रम में मंच बैठक व्यवस्था, समारोह स्थल पर प्रवेश में फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन किया गया।

कोरोना वारियर्स हुए सम्मानित -    
      समारोह में मुख्य अतिथि के करकमलों द्वारा कोविड-19 संक्रमण की रोकथाम के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वालों में से पुलिस विभाग के सीएसपी श्री हेमसागर सिदार और निरीक्षक सुश्री सुरति सारथी, इंडियन रेडक्रास सोसायटी से एलेक्जेंडर चेरियन और नरेष शेड्डी, जिला आयुर्वेद अधिकारी जीआर नेताम, जिला कोषालय अधिकारी श्री धीरज नषिने, चिकित्सक एवं स्वास्थ्य मेडिकल कॉलेज से डॉ. केएल आजाद और डॉ. महेष, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य कार्यालय से ग्रामीण चिकित्सा अधिकारी श्री महेष मिश्रा, लैब टैक्नीषियम श्री अमित विष्वकर्मा, महारानी अस्पताल से लैब टैक्नीषियम बीआर कोर्राम और स्टाफ नर्स सुखमती नाग, नगर सेना से सैनिक श्री रविषंकर और श्री रामलाल केंद्रिय जेल से प्रहरी विजय कुमार आचल और भृत्य कैलाषमणी अजगले, वन विभाग के श्री फरसुराम बघेल और चेतन कष्यप, के साथ-साथ कोरोना काल में प्रषासन के अन्य विभागो के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा किए गए कार्यों के लिए प्रशस्ति पत्र और शील्ड प्रदान कर सम्मानित किया गया। कोरोना जागरूकता के लिए विषेष हल्बी गोंडी में राज्यगीत अरपा पैरी का हल्बी रूपांतरण के लिए षिवनारायण पांडेय और लखेष्वर खुदराम को प्रशस्ति पत्र और शील्ड प्रदान कर सम्मानित किया गया। जिला प्रषासन द्वारा कोरोना के दौरान जनता को निरंतर समाचारों के माध्यम से अद्यतन रखने और कोरोना से बचाव के लिए निरंतर प्रोत्साहित करने के लिए मीडिया कर्मियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

      कार्यक्रम में सांसद दीपक बैज, हस्तषिल्प विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री चंदन कष्यप,  चित्रकोट विधायक श्री राजमन बेंजाम, महापौर श्रीमती सफीरा साहू, सभापति श्रीमती कविता साहू सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधी, कमिश्नर श्री जी.आर चुरेन्द्र, पुलिस महानिरीक्षक श्री पी. सुन्दरराज, मुख्य वन संरक्षक श्री मोहम्मद शाहिद, सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारी, जिला एवं सत्र न्यायाधीषगण, वनमण्डालाधिकारी सुश्री स्टायलो मण्डावी, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री इंद्रजीत चंद्रवाल, सहायक कलेक्टर सुश्री रेना जमील, अपर कलेक्टर श्री अरविंद एक्का, सहित गणमान्य नागरिकगण और अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।


संविधान प्रदत्त नागरिक अधिकारों की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

संविधान प्रदत्त नागरिक अधिकारों की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

26-Jan-2021

किसानों, ग्रामीणों तथा आम जनता का सबसे बड़ा

 संरक्षक हमारा संविधान

कमजोर तबकों को न्याय दिलाने करेंगे हर चुनौती का सामना

किसानों-कर्मवीरों-वन आश्रितों-स्थानीय कलाओं के लिए
खोला सरकारी खजाना

कोरोना वैक्सीन की खोज करने वाले वैज्ञानिकों को किया नमन: प्रदेशवासियों से टीकाकरण अभियान सफल बनाने मांगा सहयोग

मुख्यमंत्री ने गणतंत्र दिवस पर जगदलपुर में ध्वजारोहण के बाद प्रदेशवासियों को किया संबोधित

‘छत्तीसगढ़ मॉडल’ की पूरे देश में चर्चा

राम वनगमन पर्यटन परिपथ से होगा स्थानीय विकास और
आजीविका के नए साधनों का निर्माण

प्रदेश की 97 प्रतिशत आबादी को पोषण सुरक्षा: 99 हजार बच्चे हुए कुपोषण मुक्त

दो वर्षों में औसतन 2 हजार बसाहटों में प्रतिवर्ष पहुंचाई बिजली

सर्वाधिक धान खरीदी का बना कीर्तिमान

दूरसंचार टॉवर व हवाई सेवाओं से बस्तर में
एक नया युग की शुरूआत

नगरनार इस्पात संयंत्र खरीदने छत्तीसगढ़ सरकार तैयार

झीरम गांव में आजादी के 73 साल बाद पहुंची बिजली

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर बस्तर संभाग के मुख्यालय जगदलपुर के लालबाग मैदान में ध्वजारोहण के बाद प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि देश की एकता, अखण्डता के साथ प्रदेश में संविधान प्रदत्त नागरिक अधिकारों की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी है। समाज के किसी भी वर्ग पर यदि कहीं से कोई भी संकट आता है तो हमारी सरकार उनके साथ चट्टान की तरह खड़ी मिलेगी।
    किसानों, ग्रामीणों तथा आम जनता का सबसे बड़ा संरक्षक हमारा संविधान है, लेकिन अगर कोई नया कानून इस व्यवस्था में आड़े आता है तो ऐसी चुनौती से निपटना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है, जिसे हमने छत्तीसगढ़ कृषि उपज मण्डी (संशोधन) विधेयक के माध्यम से निभाया। मैं आज फिर एक बार कहना चाहता हूं कि संविधान ने जो संरक्षण आपको दिया है, उसके रास्ते में आने वाली बाधाओं के निदान के लिए हम हमेशा तत्पर रहेंगे, चाहे इसके लिए किसी भी स्तर पर संघर्ष करना पड़े।

    हमारी सरकार ने बीते दो वर्षों में विशेषकर जरूरतमंद तबकों के हक और हित में बड़े कदम उठाए हैं। गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन करने वाले परिवारों की बहुतायत को देखते हुए, उन्हें राष्ट्रीय औसत के बराबर लाने की चुनौती स्वीकार की। किसानों, ग्रामीणों, भूमिहीनों के साथ आर्थिक रूप से कमजोर तबकों को न्याय दिलाने का वादा पूरा करने के लिए हम हर चुनौती का सामना करने को तैयार हैं।
मुख्यमंत्री ने अमर शहीदों, संविधान निर्माताओं और देश के नेताओं को याद किया

    मुख्यमंत्री ने महान राष्ट्रीय पर्व गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों का हार्दिक अभिनंदन करते हुए कहा कि सबसे पहले मैं परलकोट विद्रोह के नायक अमर शहीद गैंदसिंह और उनके साथियों को नमन करता हूं, जिन्होंने सन् 1857 की पहली व्यापक क्रांति के पहले ही छत्तीसगढ़ में आजादी की अलख जगाई थी। उसकी ज्वाला को वीर गुण्डाधूर और शहीद वीरनारायण सिंह जैसे क्रांतिकारियों ने आगे बढ़ाया और फिर पूरा छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय आंदोलन से जुड़ गया। आजादी की लड़ाई को जुनून में बदलने वाले अनेक अमर शहीदों के साथ इसे निर्णायक मुकाम पर पहुंचाने वाले राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, पंडित जवाहर लाल नेहरू, मौलाना अबुल कलाम आजाद, उस दौर के सभी नायकों और भारतमाता के गुमनाम सिपाहियों को मैं सादर नमन करता हूं। आजाद देश को अपना भाग्य विधाता बनाने का अवसर हमारे महान संविधान ने दिया, जिसे बनाने वाली संविधान सभा के अध्यक्ष डॉ. राजेन्द्र प्रसाद और प्रारूप समिति के सभापति बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर थे। उनके साथ ही देश के विभिन्न क्षेत्रों के विचारकों और कानूनविदों ने संविधान सभा तथा विभिन्न समितियों के सदस्य के रूप में ऐतिहासिक भूमिका निभाई थी, इनमें हमारे छत्तीसगढ़ के कानूनविद भी शामिल थे, आज मैं उन सबको नमन करता हूं। हमारे संविधान की सबसे बड़ी बात यह है कि इसे हम भारत के लोगों ने स्वयं बनाया और स्वयं को आत्मार्पित किया है।
सद्भाव और समरसता के रास्ते पर अडिग रहा है छत्तीसगढ़

    मुख्यमंत्री ने कहा कि आज यह अवसर है कि हम अपने संविधान निर्माताओं की चिंता को साझा करें, आपस में विचार-विमर्श करें। संविधान के आधार पर देश चले, संविधान निर्माताओं की भावनाओं का सम्मान हो और हमारे संसदीय लोकतंत्र की गौरवशाली परंपराओं का मान कायम रहे, इस दिशा में मजबूती से चलने का संकल्प लेना भी इस वक्त की एक बड़ी जरूरत है। मुझे यह कहते हुए बहुत खुशी हो रही है कि हमारा छत्तीसगढ़ हमारे महान स्वतंत्रता सेनानियों और संविधान निर्माताओं की आशाओं के अनुरूप सद्भाव और समरसता के रास्ते पर अडिग रहा, जिसके लिए आप सब बधाई के पात्र हैं। भाइयों और बहनों, हमारी सबसे पहली प्राथमिकता, अनुसूचित जनजाति व अनुसूचित जाति बहुल अंचल तथा ग्रामीण जनता है, जिन्हें विकसित स्थानों एवं लोगों की बराबरी में लाने के लिए विशेष जतन की जरूरत है। जब हम संविधान के प्रावधानों पर चिंतन-मनन करते हैं, अवसरों की बराबरी की बात करते हैं, न्याय की बात करते हैं, व्यक्ति की गरिमा की बात करते हैं तो हमारी आंखों के सामने उसी तबके के चेहरे अधिक नजर आते हैं, जो बुनियादी सुविधाओं से वंचित रह गए।

राज्य सरकार ने बीपीएल परिवारों के हक और हित में उठाए बड़े कदम
    श्री बघेल ने कहा कि हमारी सरकार ने बीते दो वर्षों में विशेषकर इन तबकों के हक और हित में बड़े कदम उठाए हैं। गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन करने वाले परिवारों की बहुतायत को देखते हुए तथा उन्हें राष्ट्रीय औसत के बराबर लाने की चुनौती स्वीकार करते हुए हमने पूना माड़ाकाल दंतेवाड़ा कार्यक्रम शुरू किया, जो ऐसे अन्य जिलों में भी तेज विकास के लिए नवाचार का आधार बनेगा। इस अभियान से दंतेवाड़ा जिले में 10 माह में कुपोषण की दर 26 प्रतिशत कम हुई। 500 एकड़ भूमि लघु उद्योगों के लिए चिन्हांकित की गई। रोजगार के नए अवसर बने। स्थानीय लोगों को जोड़कर 4 कारखाने शुरू किए गए हैं, जो रेडीमेड परिधानों के नए ब्रांड डैनेक्स (दंतेवाड़ा नेक्स्ट) को राष्ट्रीय स्तर पर बाजार में उतारेंगे। लोहंडीगुड़ा में आदिवासियों की जमीन वापसी और जगरगुंडा में 13 साल बाद स्कूलों में रौनक वापसी हुई। मेहरार चो मान बेटियां के स्वाभिमान का अभियान बना तो आमचो बस्तर स्वावलम्बन का नया प्रतीक। मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लीनिक योजनाएं, कुपोषण और मलेरिया मुक्ति का आगाज भी बस्तर से हुआ, जो आगे चलकर पूरे प्रदेश के लिए एक नजीर और प्रेरणा स्रोत बना।

दूरसंचार टॉवर व हवाई सेवाओं से बस्तर में एक नए युग की शुरूआत
झीरम गांव में आजादी के 73 साल बाद पहुंची बिजली

    मुख्यमंत्री ने कहा कि आकांक्षी जिलों की देशव्यापी डेल्टा रैंकिंग में बीजापुर देश में अव्वल आया। आकांक्षी जिलों के अन्य मापदण्डों में कोण्डागांव, नारायणपुर और सुकमा जिले ने भी अपना झण्डा गाड़ा। झीरम गांव में आजादी के 73 साल बाद बिजली पहुंचने की जितनी खुशी बस्तरवासियों को है, उससे अधिक खुशी हमें है। बस्तर में 400 के.व्ही. से लेकर 132 के.व्ही. का ऐसा अति उच्च दाब नेटवर्क बनाया गया, जिससे बस्तर में दोहरी-तिहरी बिजली आपूर्ति की व्यवस्था हो। इसी प्रकार सौर ऊर्जा से घरों, अस्पतालों, शालाओं, आश्रमों को रोशन करने के कीर्तिमान बने, ताकि बिजली की शक्ति भी आदिवासी समाज की शक्ति बने। बस्तर को दूरसंचार टॉवर व हवाई सेवाओं से जोड़कर सुगम सम्पर्क का एक नया युग भी शुरू किया गया। दशकों से वनोपज के नाम पर तेंदूपत्ता संग्रहण को सीमित तौर पर आजीविका का साधन बनाकर रखा गया था, हमने संग्रहण पारिश्रमिक 2 हजार 500 रूपए से बढ़ाकर 4 हजार प्रति मानक बोरा किया, शहीद महेन्द्र कर्मा तेंदूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना के माध्यम से इस काम में लगे परिवारजनों को सुरक्षा और बेहतरी का सुरक्षा कवच उपलब्ध कराया। इसके साथ ही 7 से बढ़ाकर 52 लघु वनोपजों की समर्थन मूल्य पर खरीदी की शुरुआत की तथा वनांचल में प्रसंस्करण केन्द्रों की स्थापना पर जोर दिया।

वन अधिकार पट्टाधारियों से भी समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का निर्णय
        मुख्यमंत्री ने कहा कि वन अधिकार दावों के निरस्त हो जाने से अनुसूचित जनजाति तथा परंपरागत वन निवासियों में बेहद निराशा थी, हमने निरस्त दावों की पुनः समीक्षा से बड़े पैमाने पर काबिज जमीन का विधिवत अधिकार देकर बड़े पैमाने पर आशा का संचार किया। सामुदायिक वन अधिकार पत्र तथा सामुदायिक वन संसाधन पत्र देने के नए उपायों को बड़ी सफलता मिली। अब हमने वन अधिकार पट्टाधारियों से भी समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का निर्णय लिया है। मुझे विश्वास है कि आदिवासी समाज के सम्मान व स्वावलम्बन में इस पहल का दूरगामी असर होगा। मैं चाहूंगा कि पट्टाधारी किसान इस पहल का भरपूर लाभ उठाएं।

राम वनगमन पर्यटन परिपथ से होगा स्थानीय विकास और
आजीविका के नए साधनों का निर्माण

    मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान राम के वनवास से जुड़े प्रसंग लोक आस्था का विषय हैं। छत्तीसगढ़ के लोक मानस में वनवासी राम की स्मृतियां बसी हैं लेकिन बीते दौर में संबंधित प्रसंगों तथा चर्चित स्थलों के विकास के लिए समुचित उपाय नहीं किए जाने से इन स्थलों की चमक धूमिल पड़ गई थी। हमारी सरकार ने जो राम वनगमन पर्यटन परिपथ विकसित करने का बीड़ा उठाया है, उससे स्थानीय विकास तथा

आजीविका के नए साधनों का निर्माण भी होगा।
जल संसाधनों के विकास में बोधघाट परियोजना का होगा अहम योगदान

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने आगामी 5 वर्षों में जल संसाधनों के विकास की जो रणनीति बनाई है, उसमें बोधघाट परियोजना का अहम योगदान होगा। यह परियोजना न सिर्फ बस्तर की जीवन-रेखा इंद्रावती को नवजीवन देगी, बल्कि मुआवजा तथा पुनर्वास पैकेज के निर्धारण के नए कीर्तिमान भी रचेगी। इसमें प्रभावित क्षेत्र के निवासियों की सहमति तथा भागीदारी की निर्णायक भूमिका होगी।

विकास प्राधिकरणों से बढ़ा स्थानीय नेतृत्व को सम्मान
        मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी अंचलों में स्थानीय नेतृत्व को सम्मान और अधिकार देने के लिए हमने बस्तर, सरगुजा तथा मध्य क्षेत्र विकास प्राधिकरणों में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की नियुक्ति भी स्थानीय जनप्रतिनिधियों से की है और उन्हें क्षेत्रीय विकास के निर्णय लेने हेतु व्यापक अधिकार दिए हैं। सरकार की सेवाएं जनता के निकट ले जाने के लिए हमने गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिला तथा 24 नई तहसीलों का गठन भी किया। इस प्रकार क्षेत्रीय असंतुलन समाप्त करने तथा प्रदेश के सर्वांगीण विकास में अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग के साथ ही ऐसे क्षेत्रों को तवज्जो दी गई है, जो अब तक उपेक्षा के शिकार थे।

कमजोर तबकों को न्याय दिलाने करेंगे हर चुनौती का सामना:
सर्वाधिक धान खरीदी का बना कीर्तिमान

    मुख्यमंत्री ने कहा कि     किसानों, ग्रामीणों, भूमिहीनों के साथ आर्थिक रूप से कमजोर तबकों को न्याय दिलाने का वादा पूरा करने के लिए हम हर चुनौती का सामना करने को तैयार हैं। हमारे किसान भाइयों, बहनों और उनके परिवारजनों के लिए समर्थन मूल्य पर धान खरीदी बहुत बड़ा आसरा है। यह काम बड़ी सोच और व्यवस्थित ढंग से करने पर इसका लाभ कितने अधिक परिवारों तक पहुंचाया जा सकता है, इसकी मिसाल दो वर्षों में पंजीकृत और धान विक्रेता किसानों की लगातार बढ़ी संख्या है। हमारे जिम्मेदारी संभालने के पहले लगभग 15 लाख किसानों का पंजीयन ही हुआ था, जबकि इस साल 21 लाख 52 हजार 485 किसानों का पंजीयन हुआ है। वहीं पंजीकृत रकबा भी 24 लाख 46 हजार से बढ़कर लगभग 28 लाख हेक्टेयर हो गया है। विगत 2 वर्षों की तरह इस बार भी हमने सर्वाधिक धान खरीदी का नया कीर्तिमान बना लिया है। एक नई पहल के तहत बहुत बड़ी मात्रा में खुले में संग्रहित धान को खराब होने से बचाने के लिए गांवों में 7 हजार से अधिक धान संग्रहण चबूतरों का निर्माण किया गया है। हमने धान सहित 14 तरह की फसल लेने वाले किसानों को आर्थिक मदद देने के लिए ‘राजीव गांधी किसान न्याय योजना‘ शुरू की थी और किसानों को 5 हजार 700 करोड़ रुपए देने का वादा किया था, तीन किस्तों में जिसका 80 प्रतिशत भुगतान किया जा चुका है। इसी वित्तीय वर्ष में शतप्रतिशत भुगतान भी कर दिया जाएगा। यह योजना फसल विविधीकरण व किसानों के आर्थिक सशक्तीकरण का लक्ष्य भी साधेगी।
सुराजी गांव योजना से गांवों में नवाचार और रोजगार के खुले नये द्वार

    मुख्यमंत्री ने कहा कि गोधन न्याय योजना के माध्यम से 5 माह में लगभग 72 करोड़ रुपए का भुगतान सरकारी दर पर गोबर विक्रेताओं को किया गया है। इस योजना से बड़ी संख्या में भूमिहीनों, महिलाओं तथा कमजोर तबकों को लाभ मिला है। सुराजी ग्राम योजना के तहत नरवा, गरवा, घुरवा, बारी के विकास से गांवों में नवाचार और रोजगार के नए द्वार खुले हैं। इससे न सिर्फ भूमि की उत्पादकता बढ़ रही है, जल संसाधनों का विकास हो रहा है, फल-सब्जी के उत्पादन से गांवों में कुपोषण से लड़ने के साधन जुट रहे हैं, बड़े पैमाने पर रोजगार का सृजन हो रहा है बल्कि वर्मी कम्पोस्ट और गोबर से विभिन्न कलात्मक वस्तुओं का उत्पादन होने लगा है, जो आगे चलकर जैविक उत्पादों के बड़े बाजार में छत्तीसगढ़ की बड़ी हिस्सेदारी सुनिश्चित करेगा। मुझे यह कहते हुए खुशी हो रही है कि हमारी योजनाओं से महिलाएं और युवा साथी बड़ी संख्या में जुड़े हैं। शिक्षा से लेकर संस्कार तक, कौशल से लेकर रोजगार तक, प्रतिभाओं की परख से लेकर विस्तार तक, नए विश्वास का वातावरण बना है। निःशुल्क शिक्षा का दायरा कक्षा 12वीं तक बढ़ाना, स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल योजना, छत्तीसगढ़ खेल विकास प्राधिकरण, छत्तीसगढ़ संस्कृति परिषद, राष्ट्रीय स्तर की खेल अकादमी, निःशुल्क खेल प्रशिक्षण केन्द्र, दो नये विश्वविद्यालय, दर्जनों नये महाविद्यालय, मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन योजना की नई गाइड लाइन जैसे उपायों ने युवाओं की आंखों को नए सपने दिए हैं। वहीं राष्ट्रीय स्तर पर भागीदारी, नौकरी तथा रोजगार के अवसरों से सपनों में सफलता के नए-नए रंग भी भरे जा रहे हैं। विभिन्न विभागों द्वारा ब्लॉक स्तर पर किए जाने वाले निर्माण कार्य में युवा बेरोजगारों को एक बार में 20 लाख रुपए तथा वर्ष में अधिकतम 50 लाख रूपए तक कार्य आबंटित करने के लिए ’ई-श्रेणी एकीकृत पंजीयन’ की व्यवस्था की गई है। इस योजना में सामान्य क्षेत्रों के स्नातकों तथा अनुसूचित क्षेत्रों में हायर सेकेण्डरी उत्तीर्ण युवाओं की भागीदारी भी सुनिश्चित की गई है। इसके अतिरिक्त एक अन्य योजना में बेरोजगार डिग्रीधारी तथा डिप्लोमाधारी इंजीनियरों एवं राजमिस्त्रियों के लिए पृथक निविदा प्रक्रिया की व्यवस्था की गई है। इसी तरह विभिन्न क्षेत्रों में कुछ नया करने वाले युवाओं तथा संस्थाओं के नवाचारों को मान्यता, बाजार तथा उद्यमिता विकास के अवसरों से जोड़ने के लिए नवप्रवर्तक प्रोत्साहन योजना शुरू की गई है। इसके अंतर्गत नवाचार हेतु अनुदान, प्रोटोटाइप विकास,

बौद्धिक सम्पदा के रूप में पंजीयन आदि सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
दो वर्षों में औसतन 2 हजार बसाहटों में प्रतिवर्ष पहुंचाई बिजली

    मुख्यमंत्री ने कहा कि नवा छत्तीसगढ़ गढ़ने की जिम्मेदारी संभालने के लिए हमारी नई पीढ़ी नए जोश और नई तैयारी के साथ आगे आ रही है। हमने नई सोच के साथ अधोसंरचना के विकास को गति दी ताकि जल्दी से जल्दी उसका लाभ वास्तविक आवश्यकताओं के क्षेत्र में मिले। उदाहरण के लिए विगत 18 वर्षों में प्रतिवर्ष औसतन 1 हजार 300 मजरों-टोलों में बिजली पहुंचाई जाती रही, जबकि हमने दो वर्षों में औसतन 2 हजार बसाहटों में प्रतिवर्ष ग्रिड से बिजली पहुंचाई। इसके अलावा जहां यह साधन नहीं है वहां सौर ऊर्जा से घरों को रोशन किया गया। इसी प्रकार दो वर्षों में 63 हजार सिंचाई पम्पों का ऊर्जीकरण, उपकेन्द्र, लाइन विस्तार आदि कार्य भी अपेक्षाकृत तेज गति से किए गए। कुशल प्रबंधन के कारण इस वर्ष हमारे ताप बिजली घरों का पी.एल.एफ. भी देश में सर्वोच्च स्तर 70 प्रतिशत को पार कर गया। इस प्रकार एक ओर विद्युत विकास की बड़ी उपलब्धियां राज्य के खाते में आई हैं तो उसका लाभ भी आम जनता को दिया गया है। ‘हाफ बिजली बिल योजना’ से अब तक 38 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को 1 हजार 336 करोड़ रूपए की राहत दी गई है।

        मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने जल संसाधन विकास का काम भी व्यावहारिक सोच के साथ किया है, जिसके कारण वास्तविक सिंचाई का सर्वाधिक लाभ किसानों को मिल रहा है। 5 वर्षों में सिंचाई क्षमता दोगुनी करने के लिए एक ओर जहां पुरानी योजनाओं को शीघ्रता से पूरा किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर 15 नई वृहद सिंचाई परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है। प्रदेश में जल संसाधन विकास को उच्च प्राथमिकता देने और समग्र पहलुओं पर सार्थक पहल के लिए नई जल संसाधन नीति तैयार की जा रही है। हम स्पष्ट रणनीति बनाकर ऐसी सड़कें बना रहे हैं, जिसमें कृत्रिम सजावट के स्थान पर गुणवत्ता, उपयोगिता तथा उस पर ज्यादा से ज्यादा लोगों की पहुंच की प्रधानता रहे। इस तरह जवाहर सेतु योजना, ‘मुख्यमंत्री सुगम सड़क योजना’, मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं विकास योजना, प्रधानमंत्री सड़क योजना के माध्यम से सैकड़ों पुल-पुलिया तथा 4 हजार किलोमीटर से अधिक सड़कें बनाई जा रही हैं।

मनरेगा में बना देश में सर्वाधिक रोजगार देने का कीर्तिमान: योजनाओं के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय स्तर पर अव्वल रहा
        मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत न सिर्फ देश में सर्वाधिक रोजगार देने का कीर्तिमान बनाया गया बल्कि इसके अभिसरण से अनेक नवाचार किए जा रहे हैं, जिसमें आंगनवाड़ी केन्द्रों के निर्माण सहित अनेक कार्य हो रहे हैं। लगभग 5 हजार गौठानों का निर्माण पूर्ण किया गया है तथा गौठानों में लगभग 43 हजार वर्मी कम्पोस्ट टंकी बनाई गई है। लगभग 3 हजार चारागाह विकसित किए गए हैं। श्यामा प्रसाद मुखर्जी रूर्बन मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन, बायोगैस संयंत्रों की स्थापना, ओडीएफ प्लस पंचायतों का विकास जैसी अनेक राष्ट्रीय योजनाओं के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय स्तर पर अव्वल रहा है।

स्वास्थ्य सुविधाओं को घर तक पहुंचाने की रणनीति
    श्री बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में हमने स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास को भी ऐसे अधोसंरचना विकास के रूप में देखा जिसमें पहुंच की भूमिका ज्यादा हो। इस तरह हमने विद्यमान स्वास्थ्य केन्द्रों में ज्यादा अवधि तक कार्य करने, ज्यादा सुविधाएं जुटाने और ज्यादा मरीजों के लिए आवश्यक सुविधाएं मुहैया कराने की रणनीति अपनाई। हमारी इसी तैयारी की वजह से कोरोना संकट के दौरान लोगों को राहत देने और उपचार की व्यवस्था संभव हुई। कोरोना की विशेष जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अस्पतालों का उन्नयन और सेवाओं का विस्तार तत्परता से करना संभव हुआ। राज्य की सामाजिक, आर्थिक परिस्थितियों में मरीजों का सही समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाना भी बड़ी समस्या थी, जिसके समाधान के लिए हमने समुदायों और लोगों के घरों तक पहुंचने की रणनीति अपनाई। इस तरह मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लीनिक योजना का विस्तार शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना, दाई-दीदी मोबाइल क्लीनिक योजना, मिनीमाता डायग्नोस्टिक सेंटर योजना आदि स्वरूपों में जांच व उपचार की सुविधाएं जन-जन व घर-घर तक पहुंचीं।

डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य योजना तथा मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य योजना से
मरीजों को मिला नया जीवन

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सार्वजनिक धन तथा मरीजों को बीमा योजनाओं के जंजाल से निकालते हुए हमने डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य योजना तथा मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य योजना शुरू की, इस तरह सामान्य बीमारियों से लेकर दुर्लभ बीमारियों तक के निःशुल्क इलाज की व्यवस्था की गई और बहुत से मरीजों को 20 लाख रूपए तक निःशुल्क इलाज की सुविधा से नया जीवन मिला। हमारी इस पहल की सराहना भी राष्ट्रीय स्तर पर हुई है। मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान की रणनीतिक सफलता का परिणाम एक वर्ष में 65 प्रतिशत मलेरिया नियंत्रण है। अब इसी प्रकार सघन अभियान से सरगुजा तथा समूचे छत्तीसगढ़ को भी

मलेरिया मुक्त बनाया जाएगा।
प्रदेश की 97 प्रतिशत आबादी को पोषण सुरक्षा: 99 हजार बच्चे हुए कुपोषण मुक्त

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सेहत के साथ सुपोषण का गहरा नाता होता है। हमने सार्वभौम पीडीएस योजना लागू करके प्रदेश की 97 प्रतिशत आबादी को पोषण सुरक्षा दी है। मुख्यमंत्री सुपोषण योजना से एक वर्ष में 99 हजार बच्चों का कुपोषण मुक्त तथा 20 हजार महिलाओं का एनीमिया मुक्त होना एक बड़ी उपलब्धि है। सामुदायिक भागीदारी और डीएमएफ जैसी निधियों के उपयोग की इसमें बड़ी भूमिका रही है। हमने डीएमएफ के उपयोग के लिए जो नई गाइड लाइन जारी की थी, उससे शिक्षा, पोषण, रोजगार तथा पुनर्वास में जो मदद मिली है, वह भी हमारी सोच और सही दिशा का प्रतीक है।

‘छत्तीसगढ़ मॉडल’ की पूरे देश में चर्चा
किसानों-कर्मवीरों-वन आश्रितों-स्थानीय कलाओं के लिए खोला सरकारी खजाना

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के बाहर ‘छत्तीसगढ़ मॉडल’ की खूब चर्चा होती है। जगजाहिर है कि हमें विराट जनादेश तो मिला लेकिन हमारी सरकार को विरासत में खाली-खजाना मिला था। लोगों को न्याय का इंतजार था, इसलिए तात्कालिक राहत के साथ दूरगामी विकास के कदम भी उठाने थे। हमने इस स्थिति का मुकाबला गांधी-नेहरू-शास्त्री-पटेल-आजाद-डॉ. अम्बेडकर जैसे मनीषियों की वैचारिक विरासत से किया। सादगी, सरलता, जन विश्वास और राज्य के संसाधनों के सम्मान और वेल्यू एडीशन को मूलमंत्र बनाया। किसानों-कर्मवीरों-वन आश्रितों-स्थानीय कलाओं के लिए सरकारी खजाना खोल दिया। कमजोर माली हालत वाले लोगों के लिए राहत का पिटारा खोल दिया। इस तरह गांव से लेकर शहर तक आर्थिक गतिविधियों का थमा हुआ पहिया घूमने लगा। गांवों-घरों में पहुंचे पैसों से बाजारों की रौनक लौटी तो इसकी चमक भी अन्य प्रदेशों ने देखी। इस दौर में हमारी माताओं-बहनों ने जिस तरह धीरज, साहस और रचनाशीलता के साथ गौठानों में, स्व-सहायता समूह में, बिहान समूहों में गोबर की कलाकृतियां, मास्क, सेनेटाइजर तथा अन्य वस्तुएं बनाकर योगदान दिया, उसकी जितनी भी तारीफ की जाए वह कम है। कोरोना महामारी और लॉकडाउन के दौर में भी छत्तीसगढ़ में उत्पादन और विकास का पहिया चलता रहा।
कोरोना वैक्सीन की खोज करने वाले वैज्ञानिकों को किया नमन: प्रदेशवासियों से  टीकाकरण अभियान सफल बनाने मांगा सहयोग

    मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सबने कोरोना संकट के दौर में न केवल खुद को संभाला, अपने संपर्क में आने वाले लोगों को संभाला बल्कि प्रदेश को भी संभाल लिया। लाखों प्रवासी मजदूरों की सुरक्षित व सफल घर वापसी हुई। उन्हें छत्तीसगढ़ महतारी के आंचल में अपनी नई जिंदगी शुरू करने का अवसर मिला। कोरोना के वैक्सीन की खोज करने वाले महान वैज्ञानिकों को नमन करते हुए मैं आव्हान करता हूं कि समस्त प्रदेशवासी टीकाकरण के अभियान को सफल बनाने में भी सहयोग प्रदान करें। विकास के छत्तीसगढ़ मॉडल की सफलता यह आश्वस्त करती है कि आने वाला कल चुनौतियों का नहीं बल्कि ऐसे अवसरों का होगा जिससे आपकी खुशहाली की नई इबारतें लिखी जाएंगी। मैं सोचता हूं कि आपको साधुवाद देने के लिए गणतंत्र दिवस से बेहतर अवसर कोई और हो ही नहीं सकता। मैं वादा करता हूं कि छत्तीसगढ़ के कर्मवीरों और श्रमवीरों के कल्याण के लिए उठाए गए हमारे विभिन्न कदम, बेहतरी के नए सोपानों की ओर बढ़ेंगे।

नये उद्योगों में 43 हजार करोड़ रूपए का निवेश: 64 हजार लोगों को मिलेगा रोजगार
    मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी नीतिगत पहल और आप सबके अच्छे व्यवहार ने ही राज्य में निवेश का सकारात्मक वातावरण बनाया है, जिसके कारण विगत दो वर्षों में नए उद्योगों की स्थापना के लिए 43 हजार करोड़ रूपए के निवेश तथा इनमें ही 64 हजार लोगों को रोजगार देने की स्थिति बनी है। हमारा प्रदेश, देश में निवेशकों के सबसे पसंदीदा राज्य के रूप में उभरा है। हमने अनेक नवाचारी क्षेत्रों में निवेश के लिए आकर्षक प्रावधान किए हैं। सरोधा-दादर, सतरेंगा, राम वनगमन परिपथ, सिरपुर बौद्ध पर्यटन परिपथ आदि हमारी सोच को आकार देने के प्रयास के रूप में सामने हैं, जिससे छत्तीसगढ़ को एक नई पहचान भी मिलेगी।

चिटफंड कंपनियों के शिकार लोगों को न्याय दिलाने की पहल
    मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते दौर में जनता के खून-पसीने की कमाई चिटफंड कंपनियों में निवेश कराने को लेकर जो अन्याय हुआ था, इसके शिकार लोगों को न्याय दिलाने की पहल भी हमने की है, जिसके तहत 163 चिटफंड कंपनियों के खिलाफ प्रकरण पंजीबद्ध किए गए और ऐसी कंपनियों के 647 पदाधिकारियों को गिरफ्तार किया गया। दोषी कंपनियों की सम्पत्ति की जब्ती और कुर्की करने की जटिल कार्यवाही को अंजाम देते हुए आधा दर्जन जिलों के निवेशकों को 10 करोड़ रूपए की आंशिक राशि लौटाने में सफलता भी मिली है।

विश्वास, सुरक्षा और विकास की रणनीति से नक्सली वारदातों में कमी
    प्रदेशवासियों के मन में सुरक्षा का विश्वास दिलाने में सुरक्षा बलों की महत्वपूर्ण भूमिका का सम्मान करते हुए उनके लिए अनेक कल्याणकारी कदम उठाए गए हैं। हमारी विश्वास, सुरक्षा और विकास की रणनीति का परिणाम नक्सली वारदातों तथा अन्य आपराधिक घटनाओं में कमी के रूप में सामने आया है।

नगरनार इस्पात संयंत्र खरीदने छत्तीसगढ़ सरकार तैयार
    सार्वजनिक उपक्रमों को भारत की अर्थव्यवस्था का मेरूदंड बनाया गया था। विडम्बना है कि मेरूदंड को कमजोर करने की कोशिशें हो रही हैं। हमने छत्तीसगढ़ विधानसभा के मंच पर यह शासकीय संकल्प लिया है कि यदि बस्तर में बनाए जा रहे नगरनार इस्पात संयंत्र को निजी हाथों में बेचने की कोशिश की जाती है तो छत्तीसगढ़ सरकार इस संयंत्र को खरीदने को तैयार है। आज मैं गणतंत्र दिवस के अवसर पर आप सब लोगों के सामने अपना यह संकल्प दोहराता हूं। इस तरह हम आपके जल-जंगल-जमीन के साथ ही आपके संसाधनों और अवसरों की रक्षा के लिए भी संकल्पबद्ध हैं। मेरी कामना है कि आप सब अपनी पूरी लगन और समर्पण के साथ अपने निर्धारित लक्ष्यों की ओर आगे बढ़ते जाइए। हमारी सरकार की विभिन्न योजनाओं में पूरी भागीदारी निभाइए। आज हम सबको मिलकर नवा छत्तीसगढ़ गढ़ना है।


छत्तीसगढ़ की माटी की सौंधी खुशबू और स्वाद पूरी दुनिया में और अधिक फैलेगा: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

छत्तीसगढ़ की माटी की सौंधी खुशबू और स्वाद पूरी दुनिया में और अधिक फैलेगा: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

22-Jan-2021

TNIS

मुख्यमंत्री ने गोयल ग्रुप द्वारा निर्मित फ्रोजन फूड प्रोडक्ट ‘‘गोल्ड‘‘ की  विदेश भेजी जाने वाली पहली कन्साइनमेंट को हरी झंडी दिखाकर न्यूजीलैंड रवाना किया

छत्तीसगढ़ के खाद्य प्रोसेसिंग उद्योग में तैयार फ्रोजन फूड प्रोडक्ट की पहली खेप भेजी गई विदेश

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज यहां अपने निवास से छत्तीसगढ़ के खाद्य प्रोसेसिंग उद्योग गोयल ग्रुप द्वारा निर्मित फ्रोजन फूड प्रोडक्ट ‘‘गोल्ड‘‘ की विदेश में जाने वाली पहली कन्साइनमेंट को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि यह अत्यंत हर्ष की बात है कि छत्तीसगढ़ का स्वाद अब विदेश में भी चखा जाएगा। राज्य के बाहर देश-विदेश में भी  छत्तीसगढ़ की माटी की सौंधी महक और स्वाद का जादू और अधिक छायेगा। उन्होंने कहा कि इसकी शुरुआत ठीक छः महीने पूर्व कोरोना संकटकाल में हुई थी और इतने कम समय में एक नया उत्पाद छत्तीसगढ़ से देश के बाहर न्यूजीलैंड भेजा जा रहा है, मैं इसके लिये गोयल ग्रुप ऑफ कंपनी को बधाई एवं शुभकामनाएं देता हूँ । इससे छत्तीसगढ़ का नाम देश और विदेश में और अधिक रौशन होगा, यह हमारे लिए गर्व की बात है। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने इस अवसर पर कम्पनी के चेयरमैन श्री सुरेश गोयल सहित ग्रुप से जुड़े सभी लोगों को बधाई और शुभकामनायें दी।

    गोयल समूह के मैनेजिंग डायरेक्टर श्री राजेन्द्र गोयल ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री बघेल के हाथों 9 जून को छत्तीसगढ़ की पहली फ्रोजन फूड इकाई का शुभारंभ किया गया। कोरोना संकट के दौर में प्रारंभ हुये इस इकाई ने हजारों लोगों को रोजगार दिया है, जिसमें लगभग 60 प्रतिशत महिलाएं हैं। उन्होंने बताया कि बहुत जल्द छत्तीसगढ़ की माटी की महक लिए गोल्ड की यह फ्रोजन फूड रेंज अमेरिका, कैनेडा, मालदीव, रशिया, मॉरिशस समेत मिडिल ईस्ट के बाजारों में भी अपनी पहचान बनाएगा। इस उत्पाद को  FSSAI, USFDA, HALAL, FSSC 20-2000, BRCGS जैसे राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय संस्थानों से लायसेंस प्राप्त होने के साथ ही फूड ऑडिट, क्वालिटी और सेफ्टी स्टैंडर्ड को भी ए-ग्रेड मिला है । इस अवसर पर गोयल समूह के चेयरमैन श्री सुरेश गोयल, मैनेजिंग डायरेक्टर श्री राजेन्द्र गोयल,बजरंग एलियांज लिमिटेड के डायरेक्टर श्री अर्चित गोयल भी उपस्थित थे।


मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने विभागों की बजट तैयारियों की समीक्षा की..

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने विभागों की बजट तैयारियों की समीक्षा की..

21-Jan-2021

TNIS

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज यहां अपने निवास कार्यालय में आयोजित बैठक में अपने विभागों सामान्य प्रशासन, वित्त, ऊर्जा, खनिज साधन, जनसम्पर्क, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी, विमानन विभाग की बजट तैयारियों की समीक्षा की..

रायपुर : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज यहां अपने निवास कार्यालय में आयोजित बैठक में अपने विभागों सामान्य प्रशासन, वित्त, ऊर्जा, खनिज साधन, जनसम्पर्क, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी, विमानन विभाग की बजट तैयारियों की समीक्षा की।

बैठक में प्रभारी मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के प्रमुख सचिव श्री गौरव द्विवेदी, वित्त विभाग की सचिव श्रीमती अलरमेलमंगई डी., खनिज संसाधन विभाग के सचिव श्री अनबलगन पी., विशेष सचिव ऊर्जा विभाग (स्वतंत्र प्रभार) श्री अंकित आनन्द, प्रबन्ध निदेशक डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी श्री हर्ष गौतम, सीईओ क्रेडा श्री आलोक कटियार, जनसम्पर्क विभाग के सचिव श्री डी. डी. सिंह, आयुक्त जनसम्पर्क श्री तारन प्रकाश सिन्हा, प्रबंध संचालक खनिज विकास निगम श्री समीर विश्नोई, विमानन विभाग के संचालक श्री नीलम नामदेव एक्का उपस्थित थे।


लोकवाणी में इस बार 'उपयोगी निर्माण,जनहितैषी अधोसंरचनाएं, आपकी अपेक्षाएं' विषय पर होगी बात

लोकवाणी में इस बार 'उपयोगी निर्माण,जनहितैषी अधोसंरचनाएं, आपकी अपेक्षाएं' विषय पर होगी बात

20-Jan-2021

TNIS

27, 28 एवं 29 जनवरी को अपरान्ह 3 से 4 बजे के बीच फोन करके करा सकते हैं रिकाॅर्डिंग

14 फरवरी को प्रसारित होगी 15 वीं कड़ी

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल लोकवाणी में इस बार "उपयोगी निर्माण,जनहितैषी अधोसंरचनाएं, आपकी अपेक्षाएं" विषय पर प्रदेशवासियों से बातचीत करेंगे। इस संबंध में कोई भी व्यक्ति आकाशवाणी रायपुर के दूरभाष नंबर 0771-2430501, 2430502, 2430503 पर 27, 28 एवं 29 जनवरी को अपरान्ह 3 से 4 बजे के बीच फोन करके अपने सवाल रिकाॅर्ड करा सकते हैं।

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की मासिक रेडियो वार्ता लोकवाणी की 15 वीं कड़ी का प्रसारण 14 फरवरी 2021 को होगा। लोकवाणी का प्रसारण छत्तीसगढ़ स्थित आकाशवाणी के सभी केंद्रों,एफएम रेडियो और क्षेत्रीय समाचार चैनलों से सुबह 10.30 से 11 बजे तक होगा I


 :मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना से गरीब परिवारों को मिल रहा निःशुल्क उपचार :  2 हजार 823 कैम्प में एक लाख 54 हजार से अधिक मरीजों ने कराया इलाज

:मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना से गरीब परिवारों को मिल रहा निःशुल्क उपचार : 2 हजार 823 कैम्प में एक लाख 54 हजार से अधिक मरीजों ने कराया इलाज

15-Jan-2021

Chief Minister Urban Slum Health Scheme, Bhilai nagar nigam

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की पहल से शहरी क्षेत्र के स्लम इलाकों में रहने वाले गरीब परिवारों के निःशुल्क उपचार की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना के माध्यम से मोबाइल मेडिकल यूनिट प्रदेश के 14 नगर निगम क्षेत्र के अलग-अलग वार्डों में पहुंच कर लोगों का इलाज कर रही है। प्रदेश के 14 नगर निगमों में अभी तक 2823 स्थानों पर मोबाइल मेडिकल यूनिट द्वारा कैंप आयोजित किया गया है। इन कैंपों के माध्यम से एक लाख 54 हजार 616 मरीजों का स्वास्थ्य जांच, 40 हजार 634 मरीजों का लैब टेस्ट, एक लाख 33 हजार 223 मरीजों को दवा का वितरण, किया गया है। सबसे अधिक कैंप रायपुर नगर निगम में 792, कोरबा में 306, बिलासपुर में 230, राजनांदगांव और दुर्ग में 223-223 कैंप लगाया गया है।

    इस योजना के तहत स्लम क्षेत्र के निवासियों के स्वास्थ्य की जांच, उपचार, दवा वितरण एवं स्वास्थ्य परामर्श सुविधा निःशुल्क दिया जा रहा है। यूनिट में ओपीडी, प्रयोगशाला जांच के साथ दवा वितरण और लैब में 41 प्रकार के स्वास्थ्य जांच की सुविधा उपलब्ध है। 

    मोबाइल मेडिकल यूनिट (एमएमयू) द्वारा अभी तक सबसे अधिक 792 कैंप रायपुर नगर निगम में लगाया गया है। जहां 41 हजार 226 मरीज लाभान्वित हुए हैं। बिलासपुर में 230 कैंप में 17 हजार 794 मरीज लाभान्वित हुए हैं। दुर्ग में 12 हजार 89, कोरबा में 15 हजार 409, राजनांदगांव में 10 हजार 277 मरीज और भिलाई में 10 हजार 419, रायगढ़ में 9 हजार 543 मरीज लाभान्वित हुए हैं।

    इसी प्रकार नगरीय निकाय क्षेत्र बिरगांव में लगाए गए 82 कैम्प में 4 हजार 698, धमतरी में आयोजित 88 कैम्पों में 5 हजार 324, रिसाली में 109 कैम्प में 5 हजार 512, भिलाई-चरौदा में 111 कैम्प में 5 हजार 695, अम्बिकापुर में 110 कैम्प में 6 हजार 854, चिरमिरी में 52 कैम्प में 2 हजार 989 और जगदलपुर में आयोजित 158 कैम्प में 6 हजार 787 मरीजों को लाभ मिला है।


चुनाव जैसी तैयारी रहेगी कोरोना वैक्सीनेशन साइट पर

चुनाव जैसी तैयारी रहेगी कोरोना वैक्सीनेशन साइट पर

06-Jan-2021

चुनाव जैसी तैयारी रहेगी कोरोना वैक्सीनेशन साइट पर

एनाफिलैक्सिस के लिए तैयार रहेंगी एईएफआई चिकित्सकों की टीम

बेमेतरा, 6 जून 2021।कोरोना के वैक्सीनेशन के लिए स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। इसकी तैयारी वैसी ही होगी जैसी लोकसभा और विधानसभा के चुनावों की होती है। जिले के हेल्थ वर्करों को प्रथम चरण में कोरोना वैक्सीनेशन के लिए पिछले दिनों 2 जनवरी को ड्राई रन करके तैयारियों का जायजा भी लिया जा चुका है। कोरोना वैक्सीनेशन के तैयारियों के क्रम में ही आज वैक्सीनेशन साइटपर तैनात रहने वाले टीकाकरण प्रभारियों की जिला चिकित्सालय में एक दिवसीय ट्रेनिंग आयोजित की गई। इस दौरान जिले के सभी खंड चिकित्सा अधिकारी, ग्रामीण चिकित्सा अधिकारियों समेत जिला स्तर के चिकित्सकों को कोरोना वैक्सीनेशन की ट्रेनिंग दी गई।

ट्रेनिंग में डॉ. दीपक मिरे द्वारा कोविड-19 टीकाकरण के अंतर्गत Anaphylaxis  और AEFI(Adverse events following immunization) के बारे में जानकारी दी गई। उन्होंने जानकारी दी कि कोविड-19 महामारी को नियंत्रित करने के लिए वैक्सीनेशन एक प्रभावी माध्यम है। डॉ. मिरे ने बताया,“वैक्सीनेशन के बाद किसी भी प्रकार के प्रतिकूल प्रभाव नजर आने पर जांच कर उचित उपचार की व्यवस्था की जायेगी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय (Health Ministry Of India) के मुताबिक वोटर लिस्ट के आधार पर तैयार सूची के जरिए वैक्सीनेशन किया जाएगा। वहीं, पोलिंग बूथ की तर्ज पर तैयार वैक्सीन बूथों को लेकर ट्रेनिंग दी जा रही है।जिले में ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजकों, स्टाफ नर्स, सुपरवाइजर सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को ट्रेनिंग दी जा चुकी है”।

हर वैक्सीनेशन बूथ पर  होगी यह तैयारी :

ट्रेनर डॉ. मिरे ने बताया, “ऑब्जर्वेशन रूम वो जगह होगी जहां टीका लगवाने के बाद हितग्राहियों को 30 मिनट इंतजार करना होगा। इस कमरे में पीने के पानी और टॉयलेट की सुविधा भी रहेगी। टीकाकरण यानी वैक्सीनेशन के बाद 30 मिनट निगरानी में रहना होगा, ताकि यह देखा जा सके कि व्यक्ति पर कोई प्रतिकूल  प्रभाव तो नहीं पड़ा। वैक्सीनेशन के लिए आए 100 लोगों पर 5 सदस्यों की टीम रहेगी। वहीं अगर लोगों की संख्या 100से ज्यादा हुई तो अतिरिक्त स्टाफ को लगाया जाएगा। वहीं वैक्सीनेशन के बाद अगर कोई बुरा प्रभाव दिखेगा तो इसके लिए Anaphylaxis kits का भी इंतजाम किया गया है। वैक्सीनेशन केंद्र में मोबाइल एंबुलेंस भी रहेगी, ताकि किसी को जरूरत पड़ने पर तुरंत अस्पताल भी शिफ्ट किया जा सके। उन्होंने बताया, एनाफिलेक्सिस (एनाफिलेक्सिस) के लक्षण अचानक होते हैं और तेजी से प्रकट होते हैं  हैं।

क्या है एनाफिलेक्सिस एलर्जी?

एनाफिलेक्सिस एक एलर्जी होती है जिसका तुरंत इलाज किया जाना बेहद ज़रूरी होता है। यह तेजी से विकसित होती है और फैलती है।इस एलर्जी से ज़्यादातर लोग आसानी से ठीक भी हो जाते हैं। लेकिन डॉक्टर को पहले उन दवाइयों के बारे में अवश्य बताना चाहिए जिनसे आपको एलर्जी है। एनाफिलेक्सिस से पूरा शरीर प्रभावित हो सकता है।

मोबाइल एसएमएस से मिलेगी वैक्सीनेशन साइट की जानकारी

जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ शरद कोहाड़े ने बताया, “कोरोना वायरस को मात देने के लिए प्रथम चरण में 5,126 सरकारी व प्राइवेट हेल्थ वर्करों को वैक्सीन दी जाएगी। जिले में टीकाकरण के लिए 26 वैक्सीन कोल्ड चैन पाइंट बनाए गए हैं। वैक्सीन लगाने के लिए जिला प्रशासन ने 20 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 4 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, एक जिला व सिविल अस्पताल सहित कुल 26 वैक्सीनेशन साइट बनाए हैं जहां से कोल्ड चैन पाइंट नजदीक है। वैक्सीनेशन के लिए रजिस्टर्ड फोन नंबर पर एसएमएस के जरिए जानकारी दे दी जाएगी कि आपको किस समय वैक्सीन बूथ पर पहुंचना है। इस वैक्सीनेशन ड्राइव के लिए Co-WIN नाम से एक पोर्टल बनाया गया है। जिसके जरिए वैक्सीनेशन के लिए रजिस्ट्रेशन की सुविधा मिलेगी।


मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज सवेरे जांजगीर के सर्किट हाउस में अधिकारियों-कर्मचारियों से मुलाकात की..

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज सवेरे जांजगीर के सर्किट हाउस में अधिकारियों-कर्मचारियों से मुलाकात की..

06-Jan-2021

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मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज सवेरे जांजगीर के सर्किट हाउस में अधिकारियों-कर्मचारियों से मुलाकात की। उन्होंने अधिकारियों से जिले में योजनाओं के क्रियान्वयन एवं प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि अधिकारी-कर्मचारी शासकीय योजनाओं का फायदा अधिक से अधिक लोगों को दिलाने का प्रयास करें। श्री बघेल ने अधिकारियों से समस्याओं की जानकारी ली उनका परिचय प्राप्त कर उनका हालचाल जाना। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत और पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री टी.एस. सिंह देव भी इस अवसर पर उपस्थित थे।   

 


मुख्यमंत्री बघेल ने कोरबा जिले को दी 836 करोड़ रूपए के विकास कार्यों की सौगात

मुख्यमंत्री बघेल ने कोरबा जिले को दी 836 करोड़ रूपए के विकास कार्यों की सौगात

05-Jan-2021

TNIS

कोरबा मेडिकल कॉलेज का नामकरण स्व. श्री बिसाहू दास महंत के नाम पर होगा

अजगरबहार और बरपाली बनेंगे तहसील

अशोक वाटिका को ऑक्सीजोन बनाने 10 करोड़ राशि की घोषणा

इंदिरा स्टेडियम में स्पोर्ट्स एकेडमी की मंजूरी

भैंसमा कॉलेज का नामकरण श्री प्यारेलाल कंवर के नाम पर

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रायपुर : मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कोरबा प्रवास के दौरान जिलेवासियों को 836 करोड़ रूपए से अधिक के विकास कार्योंं की सौगात दी। साथ ही मुख्यमंत्री ने कोरबा जिला के लोगों के विकास और समृद्धि के लिए विभिन्न घोषणाएं भी की। मुख्यमंत्री ने कोरबा के घण्टाघर मैदान स्थित ओपन ऑडिटोरियम में विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए क्षेत्र के लोगों और जनप्रतिनिधियों की मांग पर अजगरबहार और बरपाली को तहसील बनाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने राजस्व मंत्री श्री जयसिंह अग्रवाल की मांग पर कोरबा के मेडिकल कॉलेज का नामकरण पूर्व विधायक स्व. श्री बिसाहू दास महंत के नाम पर करने की घोषणा की। उन्होंने कोरबा शहर स्थित अशोक वाटिका उद्यान को ऑक्सीजोन के रूप में विकसित करने 10 करोड़ रूपए की राशि देने की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री ने भैंसमा स्थित महाविद्यालय का नामकरण श्री प्यारेलाल कंवर के नाम पर करने की घोषणा की। कोरबा शहर में स्थिति इंदिरा स्टेडियम में स्पोर्ट्स एकेडमी बनाने की घोषणा भी की।

    मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कोरबा के घण्टाघर मैदान स्थित ओपन थियेटर में आयोजित आमसभा में जिलेवासियों को 836 करोड़ रूपए से अधिक के 883 कार्योंं का भूमिपूजन, लोकार्पण तथा सामग्री वितरण कर सौगात दी। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने विकास कार्यों के लिए जिलेवासियों को बधाई देते हुए कहा कि जिले में सड़कों के मरम्मत एवं निर्माण से आवागमन की सुविधा बेहतर होगी। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा एफसीआई में चावल जमा करने की अनुमति मिल जाने से अब राज्य में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी बिना किसी व्यवधान के हो सकेगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को उनकी उपज का वाजिब मूल्य दिलाने तथा फसल उत्पादकता बढ़ाने के उद्देश्य से राज्य के किसानों को 10 हजार रूपए प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि देने के उद्देश्य से राजीव गांधी किसान न्याय योजना शुरू की गई है। किसानों को तीन किश्त में 4500 करोड़ रूपए की राशि दी जा चुकी है। चौथी किश्त की राशि इस वित्तीय वर्ष के खत्म होने से पहले किसानों के खाते में पहुंच जाएगी। उन्होंने कहा कि किसान हितैषी नीतियों और राजीव गांधी किसान न्याय योजना के चलते राज्य में किसानों की संख्या में बीते दो सालों में ही डेढ़ गुना की वृद्धि हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान राज्य शासन की योजनाओं से निश्चित रूप से लाभान्वित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि गांधी जी के सुराजी गांव परिकल्पना को सिद्ध करते हुए राज्य शासन किसानों के हित के लिए योजना बना रही है। गोधन न्याय योजना से किसान गोबर बेचकर मोटर साईकल की खरीदी कर रहे हैं। उन्होंने महोरा स्थित गौठान में संचालित आजीविका संवर्धन के कार्यों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि गौठान में महिलाएं गोबर बेचकर लाभ कमाने के साथ वर्मी कम्पोस्ट बनाकर आर्थिक रूप से स्वावलंबी हो रही है। शासन द्वारा राज्य में 7400 गौठान स्वीकृत किए गए हैं। 4700 गौठान निर्मित हो चुके हैं तथा 11 हजार पंचायतों में गौठान स्थापित करने की योजना है। उन्होंने कहा कि गौठान में महिलाएं मुर्गी पालन, सब्जी की खेती, मशरूम उत्पादन, वर्मी खाद उत्पादन करके लाभ कमा रहीं हैं। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने 20 लाख रूपए तक के निर्माण कार्यों को कराने का टेंडर स्थानीय युवा स्नातक इंजीनियरों को दिए जाने की बात कही।

    राजस्व मंत्री श्री जयसिंह अग्रवाल ने कोरबा जिले को मेडिकल कॉलेज की सौगात देने के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया। राजस्व मंत्री ने मेडिकल कॉलेज का नाम स्व. श्री बिसाहू दास महंत के नाम पर नामकरण करने तथा अशोक वाटिका को ऑक्सीजोन के रूप में विकसित करने 10 करोड़ रूपए की राशि मंजूर करने घोषणा के लिए भी मुख्यमंत्री का आभार जताया। उन्होंने कोरबा में एल्युमिनियम पार्क बनाने आग्रह किया।

    कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरण दास महंत, सांसद कोरबा श्रीमती ज्योत्सना महंत, जिले के प्रभारी मंत्री और स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, राजस्व मंत्री श्री जयसिंह अग्रवाल, विधायक पाली-तानाखार श्री मोहित राम केरकेट्टा, विधायक कटघोरा श्री पुरूषोत्तम कंवर, विधायक कसडोल सुश्री शकुंतला साहू, विधायक रामपुर श्री ननकी राम कंवर, महापौर श्री राजकिशोर प्रसाद सहित आईजी बिलासपुर संभाग आयुक्त श्री रतन लाल डांगी, कलेक्टर श्रीमती किरण कौशल, पुलिस अधीक्षक श्री अभिषेक मीणा, नगर निगम आयुक्त श्री एस. जयवर्धन एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधिगण तथा गणमान्य नागरिकगण मौजूद थे।

 


बच्चों के मानसिक समस्याओं के निदान में बनें सहायक

बच्चों के मानसिक समस्याओं के निदान में बनें सहायक

29-Dec-2020

 अंबुजा सखियों को बच्चों के मानसिक विकास और एनजाइटी समस्या एवं उसके निदान की मिली जानकारी

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बलोदाबाजार, 28 दिसंबर, 2020। बलोदाबाजार जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत सामुदायिक कार्यकर्ता (कम्युनिटी वॉलेंटियर्स) को विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया। अंबुजा सीमेंट फाउंडेशन के तत्वावधान में बच्चों की मानसिक समस्याएं और निदान विषय पर एक कार्यशाला आयोजित हुई, जिसमें जिला अस्पताल बलौदाबाजार की प्रोग्राम कंसल्टेंट, जिला  मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम, डॉ. सुजाता पांडेय ने अंबुजा सखियों (अंबुजा सामुदायिक कार्यकर्ताओं) को बच्चों की मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं और उसके निदान के संबंध में विस्तार से जानकारी प्रदान की।

प्रशिक्षण में विशेषकर बच्चों में एंजाइटी (एक तरह का मानसिक रोग) के बारे में विस्तार बताते हुए ऐसे बच्चों की पहचान करना, उनके साथ कैसा व्यवहार करना है और समुदाय में इस तरह के बच्चों के प्रति बर्ताव  के संबंध में बताया गया। ऐसे बच्चों की मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं को दूर करने के उपाय भी सुझाए गए तथा उन बच्चों की पहचान कर उन्हें जिला अस्पताल में विशेष चिकित्सा के लिए पहुंचाने की अपील की गई।

कोरोनाकाल के दौरान पहली बार ऐसी कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें लगभग 40 अंबुजा सहेलियों को मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम से जोड़ा गया। अंबुजा फाउंडेशन की एरिया मैनेजर सविता दास के नेतृत्व में उक्त कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस दौरान महिलाओं को मानसिक रोग, गैर संचारी रोग ( नॉन कम्युनिकेबल डिजीज), दिल की बामारी और पौष्टिक आहार के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। डॉ. सुजाता पांडेय ने बताया जिला अस्पताल की ओर से गैर संचारी रोगों की रोकथाम के लिए बीते तीन साल से अंबुजा सखियां सामुदायिक जागरूकता लाने का कार्य कर रही हैं। उन्हें अब मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम से भी जोड़ा जा रहा है ताकि वह समाज में इस मुद्दे पर भी जन-जागरूकता ला सकें।

स्वस्थ्य जीवन शैली की सीख- खान-पान के साथ ही बेहतर स्वास्थ्य के लिए स्वस्थ्य जीवन शैली को अपनाना भी जरूरी है। कार्यशाला के दौरान उपस्थित सखियों को ध्यान, योग और प्राणायाम के साथ-साथ जुम्बा डांस के बारे में भी बताया गया। साथ ही मानसिक तनाव को दूर करने के लिए संगीत और नृत्य को अपनाने पर जोर दिया गया। इस दौरान प्रशिक्षिका डॉ. पांडेय ने महिलाओं को छत्तीसगढ़ के पारंपरिक लोक नृत्य पंथी कर तनाव दूर करने और शारीरिक स्वस्थ्यता हासिल करने की जानकारी प्रदान की।


छत्तीसगढ़ सरकार पूरी संजीदगी से कर रही है धान खरीदी का काम, किसानों को नहीं होने देंगे कोई तकलीफ: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

छत्तीसगढ़ सरकार पूरी संजीदगी से कर रही है धान खरीदी का काम, किसानों को नहीं होने देंगे कोई तकलीफ: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

25-Dec-2020

धान खरीदी की समस्याओं के निराकरण के लिए राज्य सरकार कटिबद्ध

छत्तीसगढ़ विधानसभा में 2387 करोड़ रूपए का द्वितीय अनुपूरक बजट पारित

वित्तीय वर्ष 2020-21 के बजट का आकार बढ़कर हुआ 
एक लाख 9 हजार 101 करोड़ रूपए

मुख्यमंत्री ने कहा - हमारी प्राथमिकता प्रदेश के गरीब, किसान, मजदूर, महिलाएं 
और युवाओं की आर्थिक स्थिति में सुधार लाना

हां हमने कर्ज लिया है, किसानों की कर्ज माफी, धान खरीदी और लोगों की सहायता के लिए

छत्तीसगढ़ की संस्कृति पर मुझे गर्व और छत्तीसगढ़िया होने का है अभिमान

धान खरीदी शुरू हुए एक माह हो रहे, केन्द्र ने अब तक नहीं दी एफसीआई को चावल देने की अनुमति 

रायपुर : छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज चर्चा के बाद ध्वनिमत से 2 हजार 387 करोड़ रूपए का द्वितीय अनुपूरक बजट पारित कर दिया गया। द्वितीय अनुपूरक के बाद अब प्रदेश के वर्ष 2020-21 के मुख्य बजट का आकार कुल एक लाख 9 हजार 101 करोड़ रूपए हो गया है। वर्ष 2020-21 का मुख्य बजट एक लाख 2 हजार 907 करोड़ रूपए का था। प्रथम अनुपूरक का आकार 3 हजार 807 करोड़ रूपए था। 

    मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने विधानसभा में हुई चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि राज्य सरकार पूरी संजीदगी के साथ धान खरीदी का काम कर रही है, किसानों को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होगी। बारदानों की कमी को दूर करने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी प्राथमिकता प्रदेश के गरीब, किसान, मजदूर, महिलाएं और युवा हैं। उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार करना हमारी प्राथमिकता है। श्री बघेल ने कहा कि हां हमने कर्ज लिया है, किसानों की कर्ज माफी के लिए, धान खरीदी के लिए और लोगों की सहायता करने के लिए। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार ने स्काई वॉक, एक्सप्रेस-वे, मोबाइल खरीदी और नई राजधानी के लिए ऋण लिया, लेकिन इसका प्रदेश की जनता को क्या फायदा हुआ। मुख्यमंत्री ने नई तहसीलों की जनप्रतिनिधियों की मांग के संबंध में कहा कि राज्य सरकार द्वारा 23 नई तहसीले बनाई गई है। भविष्य में जब भी नई तहसीलें बनाई जाएंगी जनप्रतिनिधियों की मांगों को ध्यान में रखा जाएगा। 

    मुख्यमंत्री ने बारदानों की व्यवस्था के संबंध में कहा कि राज्य सरकार ने भारत सरकार के जूट कमिश्नर से छत्तीसगढ़ को 4.50 लाख गठान बारदाना उपलब्ध कराने का आग्रह किया था, लेकिन उन्होंने एक लाख 43 हजार गठान बारदाने उपलब्ध कराने की स्वीकृति दी। लेकिन हमें एक लाख 5 हजार गठान बारदानें जूट कमिश्नर से मिले हैं। कोरोना काल में जूट मिलें बंद थी, इसलिए राज्य सरकार ने पीडीएस की दुकानों से 65 हजार गठान पुराने बारदाने, राईस मिलर्स से 80 हजार गठान बारदाने की व्यवस्था की है। हमें अब तक 2 लाख 62 हजार गठान बारदाने मिले हैं, जिनमें से एक लाख 58 हजार गठान बारदानों का उपयोग किया जा चुका है और एक लाख 4 हजार गठान बारदाने शेष हैं। 

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने आम जनता को सुविधाएं उपलब्ध कराने के कार्य किए, उनकी सराहना भारत सरकार और नीति आयोग ने भी की। कोरोना काल में प्रदेश में 22 हजार से अधिक क्वॉरेंटाइन सेंटर स्थापित किए गए, गरीबों को 35 किलो के मान से 3 माह का अनाज मुफ्त दिया गया, मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम के अंतर्गत बच्चों को घर पहुंचाकर सूखा राशन दिया गया। श्री बघेल ने कहा कि प्रदेश के भ्रमण के दौरान उन्होंने कई धान खरीदी केंद्रों का भी दौरा किया वहां भीड़-भाड़ नहीं थी और व्यवस्थाएं काफी अच्छी थी। नई सरकार बनने के पहले प्रदेश में 1900 धान खरीदी केंद्र थे, जिन्हें पहले चरण में बढ़ाकर 2000 किया गया और अब 2300 केंद्रों पर धान की खरीदी हो रही है। पिछले वर्ष 23 दिसंबर तक 5 लाख किसानों ने 18 लाख मेट्रिक टन धान बेचा था, जबकि इस वर्ष 23 दिसंबर तक 9 लाख 90 हजार किसानों ने 38 लाख मैट्रिक टन धान बेचा है। इस वर्ष धान के विक्रय के लिए 21 लाख 38 हजार किसानों ने पंजीयन कराया है, जो पिछले वर्षों की तुलना में सर्वाधिक है। धान के रकबे में भी 6 लाख एकड़ की वृद्धि हुई है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि धान खरीदी में आ रही समस्याओं के निराकरण के लिए राज्य सरकार कटिबद्ध है। इस संबंध में मिल रही शिकायतों का लगातार समाधान किया जा रहा है।  डायल 112 में  अब तक 1700 शिकायतें मिली जिनमें से 483 का निराकरण किया जा चुका है। रकबे में त्रुटि के संबंध में 413 शिकायतें मिली हैं, जिनके निराकरण के लिए अधिकारियों को कहा गया है। उन्होंने बताया कि कल ही उन्होंने केंद्रीय मंत्री श्री पीयूष गोयल से एफसीआई को चावल देने की अनुमति देने का आग्रह किया था, लेकिन उन्होंने कहा कि मैं किसान आंदोलन में व्यस्त हूं। धान खरीदी को एक माह हो गया है लेकिन यह दुर्भाग्यजनक है कि अभी तक एफसीआई में चावल देने की अनुमति नहीं मिल पाई है। राईस मिलर्स अब तक 7 लाख मेट्रिक टन से अधिक उठाव कर चुके हैं। यदि एफसीआई में चावल जमा करने की अनुमति नहीं मिलती है तो बारदाने की कमी होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को एकमुश्त धान की कीमत 2500 रूपए प्रति क्विंटल इसलिए नहीं दी जा सकी क्योंकि केन्द्र सरकार ने हमारे हाथ-पांव बांध दिए थे। समर्थन मूल्य और 2500 रूपए प्रति क्विंटल के अंतर की राशि किसानों को देने के लिए राज्य सरकार राजीव गांधी किसान न्याय योजना लेकर आई जिसमें किसानों को प्रति एकड़ 10 हजार रूपए की राशि दी जा रही है। इस योजना में किसानों को तीन किश्तों का भुगतान किया जा चुका है। चौथी किश्त भी इसी वित्तीय वर्ष में दे दी जाएगी। 

    श्री बघेल ने कहा कि कोरोना मरीजों का सरकारी अस्पतालों में मुफ्त में इलाज किया जा रहा है। राज्य सरकार कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए भारत सरकार की गाइडलाइन का पालन कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने स्वास्थ्य संबंधी अधोसंरचना विकसित करने के भी पूरे प्रयास किए है। 15 वर्षों में प्रदेश में केवल 46 आईसीयू बेड थे, जिनकी संख्या अब बढ़कर 400 हो गई है। हजारो बेड, वेंटिलेटर की व्यवस्था की गई। कोरोना पैंडेमिक से निपटने के लिए स्वास्थ्य और पुलिस विभाग सहित पंचायत, महिला एवं बाल विकास, शिक्षा सहित सभी विभागों के लोगों और जनप्रतिनिधियों में सराहनीय कार्य किया। उन्होंने कहा कि अब कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन आ गया है। यदि विदेशों से आने वालों को पहले ही बड़े शहरों में रोक लिया गया होता, तो यह छत्तीसगढ़ नहीं आ पाता। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे छत्तीसगढ़ की संस्कृति पर गर्व है और छत्तीसगढ़िया होने का अभिमान है। नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि नरवा प्रोजेक्ट में भारत सरकार ने सूरजपुर और बिलासपुर जिले को पूरे देश में प्रथम पुरस्कार प्रदान किया है। स्वच्छता के मामले में छत्तीसगढ़ पूरे देश में पहला है। गोधन न्याय योजना में अब तक 32 लाख क्विंटल से अधिक गोबर की खरीदी की जा चुकी है और पशुपालकों को 64 करोड़ रूपए का भुगतान किया जा चुका है। अंबिकापुर के वर्मी कम्पोस्ट उत्पादन करने वाले एक महिला स्व-सहायता समूह ने एक बड़ी कम्पनी के साथ 16 रूपए प्रति किलो की दर पर वर्मी कम्पोस्ट की बिक्री के लिए एमओयू किया है। उन्होंने कहा कि गोबर हमारे लिए पवित्र वस्तु है। आज भी घरों में चूल्हे और पूजा स्थल की लिपाई गोबर से की जाती है। गोबर को हमने अर्थव्यवस्था से जोड़ा है। 

    मुख्यमंत्री ने विपक्ष द्वारा कर्ज के आकार बढ़ने के संबंध में की गई शिकायतों का जवाब देते हुए कहा कि भारत सरकार द्वारा वर्ष 2019-20 के केन्द्रीय बजट में राज्य को केन्द्रीय करों में राज्य के हिस्से की राशि 26 हजार 13 करोड़ रूपए निर्धारित की गई थी, किन्तु राज्य को वास्तविक रूप से केवल 20 हजार 205 करोड़ रूपए ही प्राप्त हुए। इस प्रकार राज्य को 5 हजार 808 करोड़ रूपए कम प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार वर्ष 2019-20 में राज्य को जीसएसटी क्षतिपूर्ति अनुदान की राशि 4 हजार 506 करोड़ प्राप्त होनी थी, किन्तु केवल 2 हजार 644 करोड़ ही प्राप्त हुए हैं। इस प्रकार इन दोनों मदो में कुल 7 हजार 670 करोड़ की कमी होने से राज्य के संसाधनों में भारी कमी आई है।
 
    श्री बघेल ने कहा कि वर्ष 2019-20 में केन्द्रीय करों में राज्य के हिस्से में कमी को देखते हुए भारत सरकार द्वारा विशेष रियायत के रूप में राज्य को एक हजार 813 करोड़ की अतिरिक्त अधार-सीमा का लाभ एफआरबीएम एक्ट में संशोधन करने की शर्त पर प्रदाय किया गया था। 22 मार्च 2020 से देशव्यापी लॉकडाउन के कारण राज्य के स्वयं के राजस्व में भी आंशिक कमी हुई है, किन्तु वैश्विक आपदा के समय में राज्य के लोगों को फौरी तौर पर राहत प्रदान करने तथा स्वास्थ्य सुविधाओं की तत्काल उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु राज्य द्वारा लोकहित में आवश्यक व्यय किए गए है। केन्द्र सरकार द्वारा दी गई अतिरिक्त उधार सीमा के लिए निर्देशानुसार राज्य के एफआरबीएम एक्ट में 2019-20 के लिए वित्तीय घाटे की सीमा में वृद्धि हेतु संशोधन किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि वास्तविकता यह है कि सामान्य आर्थिक मंदी एवं कोविड-19 महामारी से उत्पन्न विशेष परिस्थितियों के कारण केन्द्र सरकार के साथ-साथ सभी राज्यों के राजस्व प्राप्तियों में भारी कमी दर्ज की गई है। जिसकी पूर्ति के लिए ऋण लिया गया है।

    राज्यों की जीएसडीपी के तिमाही आंकड़े जारी नहीं किए जाते हैं किन्तु केन्द्रीय सांख्यिकी संगठन के हाल ही में जारी आंकड़ों के अनुसार देश की जीडीपी में प्रथम तिमाही में 23.9 प्रतिशत तथा द्वितीय तिमाही में 7.5 प्रतिशत की गिरावट आयी है। श्री बघेल ने कहा कि अंत में मार्च 2020 में केन्द्र सरकार ने राज्य को एक हजार 813 करोड़ अतिरिक्त ऋण लेने का निर्देश दिया। लेकिन हमन अतिरिक्त ऋण न लेकर उपलब्ध राशि में ही राज्य के खर्चों को संचालित किया। वर्ष 2020-21 में तो भारत सरकार द्वारा सभी राज्यों को 2 प्रतिशत अतिरिक्त ऋण लेनेे की अनुमति प्रदान की जा चुकी है, किन्तु छत्तीसगढ़ ने अभी तक इस अतिरिक्त ऋण सीमा का लाभ नहीं लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व प्राप्तियों में छत्तीसगढ़ ने बेहतर प्रदर्शन किया है।


: ’पढ़ई तुंहर दुआर’ कार्यक्रम के हमारे नायक कॉलम में अब राजभाषा छत्तीसगढ़ी में भी ब्लॉग लेखन की शुरूआत

: ’पढ़ई तुंहर दुआर’ कार्यक्रम के हमारे नायक कॉलम में अब राजभाषा छत्तीसगढ़ी में भी ब्लॉग लेखन की शुरूआत

24-Dec-2020

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 छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा बच्चों की पढ़ाई जारी रखने के लिए शुरू किये गये महत्वाकांक्षी योजना ’पढ़ई तुंहर दुआर’ के हमारे नायक कालम में गुरुवार 24 दिसम्बर से ब्लॉग लेखन राजभाषा छत्तीसगढ़ी में शुरू हो रहा हैं। छत्तीसगढ़ी भाषा में शिक्षक और विद्यार्थियों के ब्लॉग अपलोड किए गए हैं। ’पढ़ई तुंहर दुआर’ कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों को ऑनलाइन और ऑफलाइन अध्यापन विधियों के माध्यम से पढ़ाई की सुविधा मुहैया कराई जा रही है। यह कार्यक्रम निरन्तर अपनी सफलता की ओर अग्रसर है। 

    इसके गुरूवार 24 दिसम्बर से हमारे नायक कॉलम में छत्तीसगढ़ी भाषा में शिक्षक और विद्यार्थी दोनों के ब्लॉग अपलोड किए गए हैं, जिसमें शिक्षक संवर्ग से बेमेतरा जिले की शिक्षिका श्रीमती शीतल बैस, जिन्होंने दर्जनभर से अधिक कहानियों का अनुवाद स्टोरी वीवर की वेबसाइट में किया है तथा विद्यार्थी संवर्ग से विशेष आवश्यकता वाली विद्यार्थी रायपुर जिले की कुमारी मुस्कान शर्मा शामिल हैं। यह दोनों ब्लॉग छत्तीसगढ़ की राजभाषा छत्तीसगढ़ी में आज अपलोड हुए हैं, जिसे रायपुर जिले के ब्लॉग लेखक लोकेश कुमार वर्मा है। यह लोकेश कुमार वर्मा का 20 वां ब्लॉग है। हमारे नायक कॉलम के सफल संचालन में सराहनीय योगदान देने के लिए डॉ.एम. सुधीश, सहायक संचालक, समग्र शिक्षा छत्तीसगढ़ ने ब्लॉग लेखक टीम के नेतृत्वकर्ता गौतम शर्मा और उनकी पूरी टीम को शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।

    छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. आलोक शुक्ला के द्वारा पढ़ई तुंहर दुआर के कार्यक्रम के अंतर्गत प्रदेश के शिक्षकों और बच्चों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से सीजीस्कूल पोर्टल पर हमारे नायक कॉलम को जोड़ा गया है, जिसमें प्रतिदिन एक शिक्षक और एक विद्यार्थी की कहानी अपडेट किया जाता है। हमारे नायक कॉलम में नायक का चयन प्रदेश के सभी जिलों से कुछ चुनिंदा शिक्षकों, विद्यार्थियों तथा शिक्षा सारथियों को उनके द्वारा किये गये उत्कृष्ट कार्यों की समीक्षा के आधार पर किया जाता है। अभी तक हमारे नायक कॉलम में विगत 8 महीनों में लगभग 400 नायक पोर्टल में स्थान प्राप्त कर चुके हैं।

    हमारे नायक कॉलम में प्रत्येक माह नए-नए थीम के साथ कार्य प्रारंभ होता है। हमारे नायक कॉलम में प्रतिदिन चयनित नायकों की कहानी तैयार करने के लिए एक राज्य स्तरीय कुशल ब्लॉग राईटर्स टीम कार्य कर रही है, इस टीम का कुशल नेतृत्व डॉ. एम. सुधीश, सहायक संचालक, समग्र शिक्षा छत्तीसगढ़ के मार्गदर्शन में सूरजपुर जिले के शिक्षक गौतम शर्मा के द्वारा किया जा रहा है । 

    अभी तक शिक्षक संवर्ग से ऑनलाइन कक्षा, लाउडस्पीकर कक्षा, पढ़ई तुंहर पारा तथा ऑगमेंटेड रियलिटी शिक्षण तकनीक तथा विद्यार्थी संवर्ग में सर्वाधिक ऑनलाइन कक्षा में सम्मिलित होने वाले विद्यार्थी, सर्वाधिक शंका पूछने वाले विद्यार्थी, पोर्टल पर सर्वाधिक शैक्षणिक सामग्री देखने वाले विद्यार्थी और मोहल्ला क्लास का सफल संचालन करने वाले शिक्षा सारथियों को हमारे नायक के रूप में चयन किया गया है। वर्तमान आठवें चरण में स्टोरीवीवर की वेबसाइट में सर्वाधिक कहानियां लिखकर अपडेट करना तथा वेबसाइट पर उपलब्ध कहानियों का छत्तीसगढ़ के विभिन्न लोक भाषाओं में अनुवाद करने वाले शिक्षकों तथा विशेष आवश्यकता वाले प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का चयन हमारे नायक के रूप में किया जा रहा है। वर्तमान में स्टोरीवीवर वेबसाइट पर राज्य भर के बहुत सारे शिक्षक बहुत सी स्वरचित कहानियों को लिखकर अथवा वेबसाइट पर उपलब्ध कहानियों को अनुवाद कर अपलोड कर चुके हैं।

    हमारे नायक के आठवें चरण में हिन्दी, अंग्रेजी के साथ ही साथ छत्तीसगढ़ की अन्य स्थानीय भाषाओं में भी ब्लॉग लेखन का कार्य किया जा रहा है। जल्द ही संस्कृत भाषा के साथ छत्तीसगढ़ की स्थानीय भाषा गोंडी, सरगुजिया, कुरूख आदि भाषा में ब्लॉग लेखन किए जाने की योजना है, जो हिंदी अनुवाद के साथ हमारे कॉलम में अपलोड किया जायेगा। इस चरण से राज्य भर के विभिन्न भाषाओं में ब्लॉग पढ़ने का अवसर मिल सकेगा। 


50 दिनों में एमएमयू से एक लाख मरीजों को मिला इलाज

50 दिनों में एमएमयू से एक लाख मरीजों को मिला इलाज

22-Dec-2020

न अपॉइन्टमेंट, न कतार, मोबाइल मेडिकल यूनिट से हो रहा मिनटों में उपचार

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रायपुर : राकेश यादव एक वाहन चालक है। वाहन से समय पर मुसाफिरों को उसके मंजिल तक पहुचाना उसके पेशे का हिस्सा है। समय का पाबंद राकेश के पास फुर्सत ही कहा था कि वह अपने निजी काम के लिए जरूरत से ज्यादा वक्त निकाल सकें। समय के साथ सड़कों पर दौड़ने और मुसाफिरों को मंजिल तक पहुचाने वाला राकेश की अपनी पीड़ा थी। दिनभर वाहन चलाने की वजह से ठण्डी में उसका कमर दर्द बढ़ गया था, इसके बावजूद वह अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन कर रहा था। वह अपना इलाज तो कराना चाहता था लेकिन कई अस्पतालों में पहले अपाइंटमेंट, फिर इलाज के लिए लंबी कतार उसे अस्पताल तक जाने से मानों रोक दिया करती थीं। ऐसे कई दिन गुजर गए, राकेश के लिए वह समय आया ही नहीं कि वह अधिक समय निकालकर अपना इलाज करा सकें। एक दिन जब वह अपने काम पर निकल रहा था। घर के पास अपने वार्ड में मुख्यमंत्री शहरी स्लम योजना के अंतर्गत मोबाइल मेडिकल यूनिट की बस उसे दिखी। उसके पास बहुत अधिक समय तो था नहीं, इसलिए यह सोचकर बस के पास गया कि, यहां क्या हो रहा है? देख लेता हूं। पास जाकर देखा तो मालूम हुआ कि डाक्टर है। लोग इलाज करा रहे हैं। तब भीड़ कम थी। राकेश ने घड़ी देखी और सोचा,क्यों न कम भीड़ में मौके का फायदा उठाया जाए। वह तुरंत मोबाइल मेडिकल यूनिट के पास पहुंचा और अपना पंजीयन कराया। उसने अपनी तकलीफ बताई। मौके पर मौजूद डाक्टरों ने राकेश की समस्या सुनी और तत्काल ही कमर दर्द की दवा और मलहम उसे दिया। मोबाइल मेडिकल यूनिट से चंद मिनटों में ही जांच और दवा मिल जाने और इलाज में उसका कीमती समय बर्बाद नहीं होने पर राकेश का जैसे खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उसने मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना की जमकर प्रशंसा की और कहा कि वास्तव में मुझ जैसे जरूरतमंदों के लिए यह बहुत ही लाभकारी हैं।

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     प्रोफेसर कालोनी रायपुर में रहने वाले राकेश यादव ने बताया कि उनके वार्ड में जब मोबाइल मेडिकल यूनिट की टीम पहुंची तो उसने भी अपने कमर दर्द का उपचार कराया। यहां डाक्टरों ने उसकी समस्या को सुनकर दवाइयां दी और मलहम लगाने को कहा। मोबाइल मेडिकल यूनिट टीम के माध्यम से राकेश को बहुत राहत मिली। उसने बताया कि वह बहुत व्यस्त रहता है। ऐसे में बिना किसी डॉक्टर से अपॉइंटमेंट लिए, बिना कतार में लगे और बिना परामर्श शुल्क दिए आसानी से उपचार करा पा रहा है, वह उसके लिए बहुत बड़ी राहत की बात है।

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     इसी तरह पेशे से इलेक्ट्रीशियन नेरन्द्र कुमार सोनी को बीपी और शुगर की समस्या थी। वह निजी अस्पताल के क्लीनिक में अपनी जांच के लिए हमेशा पैसे खर्च करता था। आज जब अपने घर के पास वार्ड में मोबाइल मेडिकल यूनिट की टीम को देखा तो तत्काल वहां पहुचकर अपना जांच कराया। नरेन्द्र से बिना कोई शुल्क लिए डाक्टरों ने उसके बीपी ,शुगर की जांच की और दवाइयां दी। अपना इलाज बिना पैसे के आसान तरीके से घर के पास ही हो जाने पर नरेन्द्र ने मुख्यमंत्री शहरी स्लम योजना की जमकर तारीफ की और कहा कि गरीब व्यक्तियों का मुफ्त में उनके ही घर के पास उपचार करने का यह तरीका बहुत ही सराहनीय है।

1900 कैंपों में एक लाख से अधिक का उपचार, 86 हजार को दवा वितरित

    मुुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल और नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ शिवकुमार डहरिया द्वारा राज्य स्थापना दिवस एक नवंबर 2020 को मोबाइल मेडिकल यूनिट का शुभारंभ किए जाने बाद अभी तक 1900 शिविर प्रदेश के 14 नगर निगमों में लगाए जा चुके हैं। इन 1900 शिविरों में एक लाख से अधिक मरीजों का स्वास्थ्य जांच कर लाभान्वित किया गया है। रायपुर में सबसे अधिक 575 शिविर में 29 हजार से अधिक मरीज लाभान्वित हुए है और 25 हजार से अधिक मरीजों को दवा का वितरण किया गया है। कोरबा में 179 कैंप में 8488, बिलासपुर में 168 कैंप में 12011, दुर्ग में 159 कैंप में 8497 और राजनांदगांव में 166 शिविर में 7392 मरीज लाभान्वित हुए हैं। खास बात यह भी है कि इन 1900 कैंपों में लगभग 25 हजार मरीजों का लैब टेस्ट भी हुआ है। नगरीय प्रशासन विभाग अंतर्गत मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना झुग्गी इलाकों में रहने वाले गरीब परिवारों के लिए बहुत ही लाभदायक साबित हो रही है।


अन्नदाता भी मतदाता होता है सरकार! - प्रकाशपुंज पांडेय

अन्नदाता भी मतदाता होता है सरकार! - प्रकाशपुंज पांडेय

18-Dec-2020

अन्नदाता भी मतदाता होता है सरकार! - प्रकाशपुंज पांडेय 

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समाजसेवी और राजनीतिक विश्लेषक प्रकाशपुन्ज पाण्डेय ने मीडिया के माध्यम से किसानों के आंदोलन पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि केंद्र की मौजूदा सरकार को ये समझना चाहिए कि हठधर्मिता से देश नहीं चलेगा। आखिर किसानों(जो कि देश के मतदाता भी हैं) ने भी देश के आम चुनावों में मतदान किया है और मौजूदा सरकार को चुनने में अपना योगदान दिया है तो चुनी हुई सरकार की ज़िम्मेदारी भी उनके प्रति बनती है। एक ओर प्रधानमंत्री मीडिया के माध्यम से कहते हैं कि उन्होंने किसानों की आय दोगुनी कर दी है, और दूसरी ओर किसान आंदोलित रहते हैं। आखिर यह कैसे संभव है? 

प्रकाशपुन्ज पाण्डेय कहते हैं कि किसान की आय दोगुनी होने की सच्चाई का खुलासा एक राष्ट्रीय समाचार चैनल द्वारा छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2018 के पूर्व किया जा चुका है, जिसकी सच्चाई पूरे देश ने देखी है। आख़िर आंकड़ों पर खेलकर क्या हासिल होगा? ज़मीन पर कार्य करने से किसानों की समस्याओं का समाधान होगा। मोदी सरकार को समझने की जरूरत है कि ऐसा कानून जिससे किसान ही खुश नहीं है उसे बनाने की जरूरत ही क्या है? कानून तो ऐसा होना चाहिए की जनता से रायशुमारी करके जनता के लिए बनाया जाए, आखिर यह सरकार जनता नहीं तो चुनी है। 

कोरोना वायरस के प्रकोप के बीच लंबे समय से कड़ाके की ठंड में आंदोलित किसानों की क्या स्थिति है और उनकी क्या मांगें हैं ये समझना मोदी सरकार की ज़िम्मेदारी है। आख़िर जो सत्ता में होता है, ज़िम्मेदारी उसी की होती है। किसान केवल तीन आश्वासन चाहते हैं। पहला कि उनका कर्ज़ माफ़ हो जाए। दूसरा उनकी लागत कम हो और तीसरा कि उनकी फसलों का उचित मूल्य उन्हें मिले। इस पर अगर मोदी सरकार निष्कर्ष नहीं निकाल सकती है तो लानत है ऐसी सरकार पर। 

प्रकाशपुन्ज पाण्डेय ने कहा कि जब कानून किसानों के हितों की रक्षा के लिए बनाना है तो किसानों से रायशुमारी करके ही बनाया जाना चाहिए और अगर मोदी सरकार ने ये कानून किसानों के हित में बनाया है तो किसान आंदोलित क्यों हैं? मोदी सरकार को समझना चाहिए फलदार वृक्ष हमेशा झुका हुआ होता है जो जिम्मेदार होता है उसे बहुत ही विनम्र होना पड़ता है। अगर सत्ता के मद में सरकार दंभ और अहंकार के रास्ते पर चलने लगेगी तो सर्वनाश सुनिश्चित है। 

 प्रकाशपुन्ज पाण्डेय, राजनीतिक विश्लेषक, रायपुर, छत्तीसगढ़ 
7987394898, 9111777044