मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर छत्तीसगढ़ शासन द्वारा अमरनाथ हादसे में फंसे छत्तीसगढ़ के तीर्थ यात्रियों की सहायता के लिए जारी किए गए दो हेल्पलाइन नंबर....

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर छत्तीसगढ़ शासन द्वारा अमरनाथ हादसे में फंसे छत्तीसगढ़ के तीर्थ यात्रियों की सहायता के लिए जारी किए गए दो हेल्पलाइन नंबर....

09-Jul-2022

'द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार 

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के निर्देश पर छत्तीसगढ़ शासन द्वारा अमरनाथ हादसे में फंसे छत्तीसगढ़ के तीर्थ यात्रियों की सहायता के लिए जारी किए गए दो हेल्पलाइन नंबर

इनमें नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ सदन के रेजिडेंट कमिश्नर श्री गणेश मिश्रा का मोबाइल नंबर+91-9997060999 तथा छत्तीसगढ़ सदन का हेल्पलाइन नंबर +91-1146156000 है।

आपदा में फंसे तीर्थ यात्री या उनके परिजन इन नम्बरों में सम्पर्क कर सूचना दे सकते हैं


जनजाति क्षेत्रों के जर्जर छात्रावास-आश्रम तथा स्कूलों के भवन की मरम्मत का कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराएं : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

जनजाति क्षेत्रों के जर्जर छात्रावास-आश्रम तथा स्कूलों के भवन की मरम्मत का कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराएं : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

09-Jul-2022

'द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार 

जनजाति क्षेत्रों में संचालित स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए छात्रावास का निर्माण करने के निर्देश

बच्चों की दर्ज संख्या के आधार पर किया जाएगा शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण

पेसा एक्ट के क्रियान्वयन के संबंध में प्रस्तुत प्रस्ताव का सर्वसम्मति से अनुसमर्थन

जनजातियों के जाति प्रमाण पत्र जारी करने में आ रही कठिनाईयों के अध्ययन कर प्रस्ताव तैयार करने के लिए टीआरआई के कैम्प लगेंगे

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में जनजाति सलाहकार परिषद की बैठक

पेसा एक्ट के क्रियान्वयन के संबंध में प्रस्तुत प्रस्ताव का सर्वसम्मति से अनुसमर्थन

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में आज यहां उनके निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ जनजाति सलाहकार परिषद की बैठक में आयोजित की गई। मुख्यमंत्री ने बैठक में जनजाति क्षेत्रों के जर्जर छात्रावास-आश्रम तथा स्कूलों के भवन की मरम्मत का कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोरोना के कारण दो साल बाद स्कूल, छात्रावास और आश्रम प्रारंभ हुए हैं, जहां मरम्मत की आवश्यकता है, वहां मरम्मत का कार्य तत्परता से कराया जाए। मुख्यमंत्री ने जनजाति क्षेत्रों में संचालित स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए छात्रावास का निर्माण करने के निर्देश भी दिए। इसी तरह उन्होंने स्कूलों में बच्चों की दर्ज संख्या के आधार पर शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण करने के निर्देश दिए।       

जनजाति सलाहकार परिषद की बैठक में मुख्यमंत्री नेे कहा कि जनजाति क्षेत्रों में छत्तीसगढ़ राज्य आदिमजाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान (टीआरआई) के कैम्प आयोजित कर वहां जाति प्रमाण पत्र जारी करने में आ रही दिक्कतों का अध्ययन कर इस संबंध में प्रस्ताव तैयार कर केन्द्र सरकार को भेजने के निर्देश अधिकारियों को दिए। बैठक में छत्तीसगढ़ पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों का विस्तार) अधिनियम-1996 (पेसा एक्ट) के क्रियान्वयन के संबंध में प्रस्तुत प्रस्ताव का सर्वसम्मति से अनुसमर्थन किया गया। इसी तरह अनुसूचित क्षेत्रों के प्रशासन पर राज्यपाल का प्रतिवेदन वर्ष 2020-21 का अनुमोदन भी बैठक में किया गया। अनुसूचित क्षेत्रों के प्रशासन पर बैठक में अनुमोदित किए गए राज्यपाल को भेजे जाने वाले प्रतिवेदन वर्ष 2020-21 में अनुसूचित जनजातियों के शैक्षणिक एवं सामाजिक, आर्थिक प्रोत्साहन हेतु संवैधानिक प्रावधानों के क्रियान्वयन, विभिन्न विकास विभागों द्वारा अनुसूचित क्षेत्र में क्रियान्वित प्रमुख योजनाओं का विवरण, प्रदेश के विशेष रूप से कमजोर जनजातियों की जनसांख्यिकीय जानकारी, प्रशासकीय इकाई एवं विकास कार्यो की स्थिति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य परंपरागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम 2006 एवं नियम 2007 यथा संशोधित नियम 2012 के क्रियान्वयन का उल्लेख है।

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि जनजाति सलाहकार परिषद की पूर्व में आयोजित बैठक में लिए गए निर्णय के परिपालन में नारायणपुर जिले के 19 ग्रामों का सर्वेक्षण कार्य पूर्ण कर लिया गया है तथा दो ग्रामों के सर्वे का कार्य प्रक्रियाधीन है। बैठक में यह भी बताया गया कि मार्च 2022 तक 4 लाख 46 हजार 41 व्यक्तिगत वन अधिकार पत्र, 45 हजार 764 सामुदायिक वन अधिकार, 3 हजार 516 सामुदायिक वन संसाधन अधिकार पत्र का वितरण कर दिया गया है। इस तरह कुल 4 लाख 95 हजार 455 वन अधिकार पत्र वितरित किए गए हैं। मुख्यमंत्री श्री बघेल की घोषणा के अनुरूप विशेष रूप से कमजोर जनजाति समूह के 9623 शिक्षित युवाओं को शासकीय सेवा में नियुक्ति देने के संबंध में जिलेवार सूची सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी कर दी गई है।

        बैठक में आदिमजाति विकास मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह, खाद्य मंत्री श्री अमरजीत भगत, जनजातीय सलाहकार परिषद के उपाध्यक्ष श्री रामपुकार सिंह, लोकसभा सांसद श्री दीपक बैज, विधानसभा उपाध्यक्ष श्री मनोज मंडावी,संसदीय सचिव श्री शिशुपाल सोरी सहित परिषद के सदस्यगण विधायक श्रीमती लक्ष्मी ध्रुव, श्री मोहन मरकाम, श्री चक्रधर सिंह, श्री इंद्रशाह मंडावी, श्री मोहित राम, श्री गुलाब कमरो और पूर्व विधायक श्री बोधराम कंवर, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू ,आदिम जाति विकास एवं कल्याण विभाग के सचिव श्री डी.डी. सिंह, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री प्रसन्ना आर., ऊर्जा विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, सचिव स्कूल शिक्षा डॉ.एस.भारतीदासन, आयुक्त आदिमजाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग श्रीमती शम्मी आबिदी मुख्यमंत्री निवास में उपस्थित थीं। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विधायक सर्वश्री विनय भगत, श्री लखेश्वर बघेल, श्री वृहस्पति सिंह, श्री चिंतामणी महाराज, श्रीमती देवती कर्मा, श्री बृहस्पत सिंह, श्री अनूप नाग बैठक में शामिल हुए।


मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लीनिक योजना से 64 हजार 539 ग्रामीणों को मिला उपचार

मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लीनिक योजना से 64 हजार 539 ग्रामीणों को मिला उपचार

09-Jul-2022

'द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार 

हाट-बाजारों में लगाएं जा रहे है स्वास्थ्य शिविर

अंतिम छोर के व्यक्ति तक पहुंच रही है स्वास्थ्य सुविधा

बिलासपुर  : मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लिनिक योजना ग्रामीणों के लिए वरदान साबित हो रही है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप छत्तीसगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों व सुदूर वनांचलों में अंतिम छोर के व्यक्ति तक स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए संचालित इस योजना से हजारों ग्रामीण लाभान्वित हो चुके है। जिले में इस वर्ष अब तक कुल 1 हजार 483 हाट-बाजारों में मोबाइल क्लीनिक लगाकर लगभग 64 हजार 539 ग्रामीणों का उपचार किया गया। योजना से लगभग 54 हजार मरीजों ने दवा प्राप्त करने के साथ ही विभिन्न टेस्ट भी करवायें। प्राथमिक उपचार एवं स्वास्थ्य संबंधी परामर्श एवं निःशुल्क दवाईयां प्रदान की गई है। प्रति हाट बाजार उपचारित मरीजों की औसत संख्या 44 है।

    मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लीनिक योजना के तहत जिले में आवश्यकता अनुरूप तथा गांवों से स्वास्थ्य केन्द्र की दूरी के आधार पर 120 हाट बाजारों का चिन्हांकन किया गया है। प्रत्येक हफ्ते डेडिकेटेड टीम के माध्यम से इन हाट बाजारों में आने वाले ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण तथा उन्हें आवश्यक उपचार की सुविधा प्रदान की जा रही है।

    प्रत्येक हाट-बाजार में चिकित्सा अधिकारी, स्टाफ नर्स अथवा महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता, फॉर्मासिस्ट तथा पुरुष स्वास्थ्य कार्यकर्ता होते हैं। हाट-बाजारों के लिये डेडिकेटेड वाहन उपलब्ध कराये गये हैं जिनमें सभी प्रकार की आवश्यक औषधियां उपलब्ध रहती हैं। हाट-बाजार पहुंचने पर मोबाइल एप के माध्यम से लोकेशन मैपिंग की जाती है ताकि विभाग के अधिकारी को टीम के भ्रमण की सही जानकारी मिल सके। प्रत्येक दिन हाट-बाजार की समाप्ति पर लाभान्वितों की संख्या को एप के माध्यम से दर्ज किया जाता है।

    क्लीनिक में सामान्य मरीजों की जांच कर दवाईयां दी जाती है, वहीं गंभीर मरीजों की पहचान कर उन्हें रेफर भी किया जाता है।


गंभीर बीमारी से लड़ रहे मरीजों के लिए मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना बनी वरदान

गंभीर बीमारी से लड़ रहे मरीजों के लिए मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना बनी वरदान

08-Jul-2022

अप्लास्टिक एनीमिया की गंभीर बीमारी से जूझ रही सीता देवी को मिला नया जीवन-राज्य सरकार से मिले 15 लाख रूपये से बोन मैरो का हुआ सफल ट्रांसप्लान्ट

मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत राज्य सरकार गंभीर बीमारियों के ईलाज के लिए 20 लाख रूपये तक दे रही सहायता

रायपुर : गंभीर बीमारियों से पीड़ित जरूरतमंद मरीजों के लिए राज्य शासन द्वारा संचालित मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना वरदान साबित हो रही है। इस योजना के तहत राज्य सरकार गंभीर और दुर्लभ बीमारियों के इलाज के लिए 20 लाख रूपए तक आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है। इससे हजारों जिंदगियों को नया जीवन मिल रहा है, इनमें कोरबा शहर तुलसीनगर वार्ड में रहने वाली श्रीमती सीता देवी भी हैं। अप्लास्टिक एनीमिया की गंभीर बीमारी से जूझ रही सीता देवी को योजना के तहत 15 लाख रूपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गयी। राज्य सरकार से मिली सहायता के फलस्वरूप सीता देवी का सफलतापूर्वक एलोजनिक बोन मैरो प्रत्यारोपण किया गया। प्रत्यारोपण के बाद सीता देवी अब पूरी तरह से ठीक एवं स्वस्थ है।

सीता देवी के पति श्री सुभाष कुमार ने शासन की इस जीवनदायनी योजना की प्रशंसा करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री विशेष सहायता योजना से उनकी पत्नी की जान बच पायी है। आठ वर्ष से बीमारी से जूझ रही पत्नी के ईलाज में उनके बहुत पैसे खर्च हो गये थे, फिर भी उनकी तबीयत ठीक नही हो रही थी। चिकित्सकों ने आखरी उम्मीद के रूप में बोन मैरो ट्रांसप्लान्ट करने की सलाह दी। इलाज में लगभग 15-20 लाख रूपये खर्च का अनुमान बताया गया। सुभाष कुमार ने बताया कि गंभीर अवस्था में पहुंच चुकी पत्नी के ईलाज के लिए मुख्यमंत्री विशेष सहायता योजना से फिर से आशा बंधी। राज्य सरकार नेे संवेदनशीलता दिखाते हुए उनके आवेदन पर हफ्ते भर में ही ईलाज के लिए 15 लाख रूपये की स्वीकृति दे दी गई। जिसके फलस्वरूप सफलतापूर्वक जल्द ही उनकी पत्नी का बोन मैरो का ट्रांसप्लान्ट हो पाया।

    श्री सुभाष कुमार ने बताया कि उनकी पत्नि को वर्ष 2014 से कमजोरी और चक्कर आने की तकलीफ हुई।  चिकित्सकों ने प्लेटलेट की कमी बताते हुये तुरन्त भर्ती करने की सलाह दी।  बिलासपुर के निजी हॉस्पिटल में 15 दिन तक भर्तीकर ईलाज कराया लेकिन कोई सुधार नही हुआ। तब चिकित्सकों की सलाह पर वर्ष 2016 में तमिलनाडु राज्य के निजी अस्पताल में ईलाज के लिये गये थे। वहां डॉक्टरो ने विस्तृत जांच कर बताया कि सीता देवी को अप्लास्टिक एनिमिया की बीमारी है। डॉक्टरों ने बताया कि बोन मैरो ट्रांसप्लान्ट कराने पर यह बीमारी ठीक हो सकती है। इसके लिए लगभग 15-20 लाख रूपए खर्च होने का अनुमान बताया गया। सुभाष कुमार अपनी आर्थिक स्थिति के कारण बिना ईलाज वापस घर लौट आए। इधर सीता देवी की स्थिति लगातार खराब होती गई। वर्ष 2018 में नागपुर के निजी अस्पताल में भी उन्होंने ईलाज कराया जिसमें बची-खुची राशि भी खर्च हो गई और स्वास्थ्य में कोई सुधार नही आया। वर्ष 2020 में सीता देवी की स्थिति अत्यन्त गंभीर होने पर डी.के.एस. हॉस्पिटल रायपुर लाने पर उन्हें बताया गया कि मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना से इलाज के लिए मदद मिल सकती है। सीता देवी को रायपुर स्थित बालको मेडिकल सेन्टर में ईलाज के लिये भर्ती करवाया जिसमें मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना अंतर्गत 15 लाख रूपये की सहायता राशि प्रदान की गई। अक्टूबर 2021 में सीता देवी की एलोजनिक बोन मैरो प्रत्यारोपण सर्जरी की गई। अब सीता देवी पूरी तरह स्वस्थ हो चुकी हैं।

    उल्लेखनीय है कि प्रदेश के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने तथा जटिल और दुर्लभ बीमारियों के इलाज में होने वाले व्यय भार कम करने के लिये मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना प्रारंभ की गई है, जिसके अंतर्गत अधिकतम बीस लाख रूपये तक के इलाज की सुविधा प्रदान की जाती है। छत्तीसगढ़ राज्य पहला राज्य है जो अपने नागरिकों के लिए इतनी बड़ी राशि उपलब्ध करवा रहा है। इसके अंतर्गत राज्य के भीतर एवं राज्य के बाहर पंजीकृत चिकित्सालय में उपचार करवानें पर सहायता राशि प्रदान की जाती है। इस योजना के संबंध में किसी भी प्रकार की जानकारी के लिये टोल फ्री नंबर 104 पर कॉल किया जा सकता है अथवा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय के स्वास्थ्य बीमा योजना शाखा से भी संपर्क कर सकते हैं।


पशुपालन और डेयरी व्यवसाय को प्रोत्साहित करने मुख्यमंत्री का बड़ा फैसला...

पशुपालन और डेयरी व्यवसाय को प्रोत्साहित करने मुख्यमंत्री का बड़ा फैसला...

08-Jul-2022

'द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार 

गौठानों में उत्पादित दूध की गांवों में खपत और पशुओं के लिए चारे की पुख्ता व्यवस्था के लिए तैयार की जाएगी कार्य योजना 

गोधन न्याय योजना और राज्य डेयरी उद्यमिता विकास योजना के हितग्राहियों को राशि वितरण के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश 

आंगनबाड़ियों और स्कूलों में मध्यान्ह भोजन योजना में बच्चों को दूध देने से उनमें कुपोषण होगा दूर

 मुख्यमंत्री

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने गांवों के गौठानों में पशुपालन और डेयरी व्यवसाय को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गौठानों में उत्पादित दूध की गांवों में खपत करने और पशुओं के चारे की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह राजीव गांधी किसान न्याय योजना से किसान लाभान्वित हो रहे हैं, इसी तरह गौठानों में संचालित डेयरी से उत्पादित दूध की गांवों में खपत और पशुओं के चारे की व्यवस्था होने से पशुपालक लाभान्वित होंगे और पशुपालन के लिए प्रोत्साहित होंगे। उन्होंने कहा कि गांवों के आंगनबाड़ी केन्द्रों और स्कूलों में मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम के तहत जिला प्रशासन के सहयोग से बच्चों को उबालकर दूध उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाए। इससे पशुपालकों को दूध का वाजिब मूल्य मिलेगा। ग्रामीण दूधारु पशुपालन के लिए प्रोत्साहित होंगे। गौ-माता की सेवा होगी। ग्रामीण अंचल में दूध की उपलब्धता बढ़ने से पोषण स्तर बेहतर होगा। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने मुख्य सचिव को इसके लिए कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए। 

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज यहां अपने निवास कार्यालय में गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों को राशि वितरण और राज्य डेयरी उद्यमिता विकास योजना के तहत हितग्राहियों को अनुदान राशि वितरण के लिए आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए ये निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में गोधन न्याय योजना के तहत गोबर बेचने वाले पशुपालकों, ग्रामीणों, गौठानों से जुड़ी महिला समूहों और गौठान समितियों को 10 करोड़ 84 लाख रूपए की राशि ऑनलाइन जारी की। इस राशि में से 15 जून से 30 जून तक राज्य के गौठानों में पशुपालक ग्रामीणों, किसानों, भूमिहीनों से क्रय किए गए गोबर के एवज में 3.69 करोड़ रूपए का भुगतान किया गया। गौठान समितियों को 4.31 करोड़ और महिला समूहों को 2.84 करोड़ रूपए की लाभांश राशि का भुगतान किया। इसी तरह उन्होंने राज्य डेयरी उद्यमिता विकास योजना के तहत 25 हितग्राहियों को 13.63 लाख रूपए की अनुदान राशि का भुगतान हितग्राहियों के खाते में किया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कांकेर जिले के पोटगांव गौठान, कोण्डागांव के बोलबोला गौठान, बलौदाबाजार के पुरैना खपरी गौठान, दुर्ग के मोहलई गौठान एवं रायगढ़ के बनसियां गौठान में पशुपालन कर रहे हितग्रहियों से चर्चा कर उनसे राज्य शासन द्वारा उपलब्ध कराई गई अनुदान राशि, दूध का गांवों में मिल रहे रेट की जानकारी भी ली। 
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि अलग-अलग गांवों में दूध का अलग-अलग रेट हितग्राहियों को मिल रहा है। आंगनबाड़ी और स्कूलों में दूध वितरण की व्यवस्था से दूध के रेट में एकरूपता आएगी। उन्होंने कहा कि गौठानों में डेयरी व्यवसाय कर रहे हितग्राहियों को छह माह बाद एक अतिरिक्त गाय अन्य योजना से दी जाएगी। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने भेंट-मुलाकात अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि गौठानों में वर्मी कम्पोस्ट के उत्पादन के साथ चल रही अन्य गतिविधियों से गांवों में बदलाव नजर आ रहा है। लोगों की आय बढ़ी है और उनमें एक नया आत्मविश्वास जगा है। उन्होंने कहा कि गोधन न्याय योजना की सफलता से प्रदेश में गौठानों की संख्या में 44 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। सालभर में खरीदे गए गोबर की मात्रा और गोबर खरीदी की राशि में वृद्धि हुई है। योजना के तहत अब तक 75 लाख 38 हजार क्विंटल गोबर की खरीदी हुई है तथा गौठानों में गोबर बेचने वाले ग्रामीणों और पशुपालकों को अब तक गोबर के एवज में 150.75 करोड़ रूपए का भुगतान किया जा चुका है। गौठान समितियों एवं महिला स्व-सहायता समूहों को अब तक 143.19 करोड़ रूपए का भुगतान किया जा चुका है। गोधन न्याय योजना से 2 लाख 11 हजार से अधिक ग्रामीण, पशुपालक किसान लाभान्वित हो रहे हैं। गोबर बेचकर अतिरिक्त आय अर्जित करने वालों में 45.97 प्रतिशत संख्या महिलाओं की है। इस योजना से एक लाख 33 हजार से अधिक भूमिहीन परिवार लाभान्वित हो रहे हैं। गौठानों की आजीविका गतिविधियों के माध्यम से महिला स्व-सहायता समूहों ने अब तक 72 करोड़ 19 लाख रूपए की आय प्राप्त की है। 

कृषि मंत्री श्री रविन्द्र चौबे ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि गौठानों एवं ग्रामीण औद्योगिक पार्क को विद्युत देयक में 50 प्रतिशत की रियायत देने और गौठानों में सम्बद्ध, स्व-सहायता समूहों और प्राथमिक सहकारी समितियों को कम्पोस्ट विक्रय पर प्रोत्साहन राशि और वार्षिक कम्पोस्ट विक्रय पर बोनस राशि देने के आज केबिनेट में लिए गए निर्णय से गौठानों में नई-नई औद्योगिक इकाईयां स्थापित करने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने कहा कि गौठानों में अब तक 16 लाख 43 हजार क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट का उत्पादन किया गया है, इसमें से 13 लाख 69 हजार क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट का वितरण किसानों और विभिन्न विभागों को किया जा चुका है। गौठानों में 2.89 लाख क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट गौठानों में उपलब्ध है। गौठानों मे वर्मी कम्पोस्ट के उत्पादन रासायनिक खादों की कमी से निपटने में काफी हद तक मदद मिली है। लगभग 2 लाख 94 हजार किसानों ने वर्मी कम्पोस्ट लिया है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश के 3089 गौठान स्वावलंबी हो चुके हैं। कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. कमलप्रीत सिंह ने गोधन न्याय योजना की प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने गौठानों में गौ-मूत्र, क्रय एवं उत्पादन की कार्य योजना के संबंध में प्रस्तुतीकरण भी दिया। 

इस अवसर पर गृह मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू, स्वास्थ्य मंत्री श्री टी.एस. सिंह देव, स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, वन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर, उद्योग मंत्री श्री कवासी लखमा, नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेंड़िया, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री श्री जयसिंह अग्रवाल, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी श्री गुरू रूद्र कुमार, उच्च शिक्षा मंत्री श्री उमेश पटेल, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री अमरजीत सिंह भगत, मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री प्रदीप शर्मा, मुख्यसचिव श्री अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव श्री सब्रत साहू, मुख्यमंत्री के सचिव श्री अंकित आनंद, मुख्यमंत्री की उप सचिव सौम्य चौरसिया, गोधन न्याय मिशन के प्रबंध संचालक डॉ. अय्याज तंबोली, संचालक कृषि श्री यशवंत कुमार, संचालक पशु चिकित्सा श्रीमती चंदन त्रिपाठी सहित अधिकारी गण उपस्थित थे।

 


राज्यभर में ईवी चार्जिंग स्टेशनों का बिछाया जायेगा नेटवर्क... मुख्यमंत्री बघेल की अध्यक्षता में कैबिनेट का अहम निर्णय

राज्यभर में ईवी चार्जिंग स्टेशनों का बिछाया जायेगा नेटवर्क... मुख्यमंत्री बघेल की अध्यक्षता में कैबिनेट का अहम निर्णय

08-Jul-2022

'द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार 

इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने छत्तीसगढ़ राज्य इलैक्ट्रिक वाहन नीति-2022 को मिली कैबिनेट की मंजूरी

राज्यभर में ईवी चार्जिंग स्टेशनों का बिछाया जायेगा नेटवर्क

आवासीय कॉलोनियों, शॉपिंग मॉल, पेट्रोल पंप और फ्लाई ओवर के नीचे स्थापित होंगे चार्जिंग प्वाइंट

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य इलैक्ट्रिक वाहन नीति-2022 का अनुमोदन किया गया । इस नीति से छत्तीसगढ़ के नागरिकों को बढ़ते पेट्रोल-डीजल के दाम से राहत मिलेगी वहीं पर्यावरण को स्वच्छ रखने में भागीदारी सुनिश्चित होगी ।

छत्तीसगढ़ राज्य इलैक्ट्रिक वाहन नीति-2022 में कमर्शियल एवं नॉन कमर्शियल दोनों प्रकार के इलेक्ट्रिक वाहन के परिचालन को बढ़ावा देना शामिल है। इसके तहत राज्य में दो पहिया, तिपहिया, चार पहिया, माल वाहक, यात्री वाहन एवं अन्य श्रेणी के इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीदी पर विभिन्न छूट एवं सुविधाएं मिलेंगी। इस नीति के अनुसार इलेक्ट्रिक वाहनों की आसान चार्जिंग सुविधा उपलब्ध कराने हेतु चार्जिंग स्टेशनों का नेटवर्क स्थापित किया जायेगा । ईवी मालिकों को नेशनल और स्टेट हाइवे में निश्चित दूरी पर चार्जिंग प्वाईंट उपलब्ध होंगे ।

छत्तीसगढ़ राज्य इलैक्ट्रिक वाहन नीति-2022 में पब्लिक चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के लिये सार्वजनिक और निजी ऑपरेटरों को राज्य के सभी शहरों में नेशनल हाइवे और स्टेट हाइवे में चार्जिंग और बैटरी स्वैपिंग स्टेशन स्थापित करने के लिये आमंत्रित किया जायेगा । इन स्टेशनों की स्थापना के लिये न्यूनतम किराये पर भूमि प्रदान की जायेगी। चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना के लिये स्थानों की सूची राज्य ईवी विकास निगम द्वारा तैयार की जायेगी। हाईवे पर स्थित पेट्रोल पंपों (रीफ्यूलिंग स्टेशन) को फास्ट चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिये प्रोत्साहित किया जायेगा। नगर निगम फ्लाईओवर पुलों के नीचे दो पहिया वाहनों के लिये मुफ्त या प्राथमिकता वाली पार्किंग के साथ चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदान किया जायेगा। सरकारी कार्यालयों के पार्किंग क्षेत्रों में भी चार्जिंग प्वाईंट बनाये जाएंगे। चार्जिंग स्टेशनों के लिये लागू विद्युत शुल्क विद्युत नियामक आयोग द्वारा निर्धारित किया जायेगा । पुरानी गाड़ी में इलेक्ट्रिक किट लगाकर  इलेक्ट्रिक वाहन में परिवर्तित करने पर भी प्रोत्साहन दिया जाएगा ।

इलैक्ट्रिक वाहनों को चार्ज करने हेतु आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर को भी इस नीति में शामिल किया गया है। जिसके तहत निजी और पब्लिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित किये जा सकेंगे । आवासीय और गैर आवासीय भवन मालिकों को चार्जिंग स्टेशन की स्थापना के लिये प्रोत्साहित किया जायेगा। राज्य शासन द्वारा चार्जिंग प्वाइंट स्थापित करने वाले इच्छुक लोग अनुदान के साथ निजी चार्जिंग प्वाइंट खरीद सकेंगे । चार्जिंग प्वाइंट की स्थापना पर हुई व्यय की प्रतिपूर्ति बिजली बिल के माध्यम से की जाएगी। नीति लागू होने के बाद बनने वाले हाउसिंग बोर्ड, आवासीय समितियों, शॉपिंग मॉल और वाणिज्यिक भवनों में इलैक्ट्रिक वाहनों के चार्जिंग स्टेशन और पार्किंग संबंधी प्रावधान आवासीय नीति में शामिल किये जाएंगे।


मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने डेयरी योजना के 25 हितग्राहियों को वितरित की 13.63 लाख रूपए अनुदान राशि

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने डेयरी योजना के 25 हितग्राहियों को वितरित की 13.63 लाख रूपए अनुदान राशि

08-Jul-2022

'द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार 

हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री से वर्चुअल चर्चा के दौरान दिया धन्यवाद

रायपुर : राज्य में दुग्ध उत्पादन एवं डेयरी के व्यवसाय को बढ़ावा देेने के लिए राज्य डेयरी उद्यमिता विकास योजना के तहत सामान्य वर्ग के हितग्राहियों को इकाई लागत का 50 प्रतिशत और अनुसूचित जनजाति तथा अनुसूचित जाति वर्ग के हितग्राहियों को दो तिहाई अनुदान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज यहां अपने निवास कार्यालय में आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम में इस योजना के तहत गौठानों में डेयरी स्थापित करने वाले 25 हितग्राहियों को 13 लाख 63 हजार 500 रूपए की अनुदान सहायता राशि उनके बैंक खातों में अंतरित की। 

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि गांवों में उत्पादित होने वाले दूध का वितरण आंगनबाड़ी और स्कूलों के मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम में किया जाना चाहिए। जिससे बच्चों का कुपोषण दूर होगा और दूध उत्पादकों को भी अच्छा मूल्य मिल सकेगा। उन्होंने इस दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कांकेर जिले के पोटगांव गौठान, कोण्डागांव के बोलबोला गौठान, बलौदाबाजार के पुरैना खपरी गौठान, दुर्ग के मोहलई गौठान एवं रायगढ़ के बनसियां गौठान में डेयरी चलाने वाले हितग्रहियों से चर्चा कर उन्हें राज्य शासन द्वारा उपलब्ध कराई गई अनुदान राशि, दूध का गांवों में मिल रहे रेट, पशुओं के लिए चारे-पानी की व्यवस्था की जानकारी ली। 

डेयरी व्यवसाय से जुड़ी कांकेर जिला के पोटगांव गौठान के स्व-सहायता समूह की हितग्राही श्रीमती प्यारी टांडिया, श्रीमती भोज बेलोदिया, श्रीमती प्रेमिता भेड़िया और श्रीमती अंजू कुल्हरिया को भी आज अनुदान राशि प्राप्त हुई। प्रत्येक हितग्राही को 70 हजार रूपये की लागत के जर्सी नस्ल की दुधारू गाय एवं बछड़ा दिया गया है, जिसके लिए पशुधन विकास विभाग के मद से 46 हजार 620 रूपये और शेष राशि डीएमएफ मद से अनुदान में दी गई है। गाय-बछड़ा के लिए तीन महीने का दाना भी दिया गया है। दुधारू गाय प्राप्त होने से हितग्राही महिला श्रीमती अंजू कुल्हारिया ने खुशी का ईजहार करते हुए कहा कि प्रतिदिन 10 लीटर दूध मिलेगा जिसे कांकेर ले जाकर बेचेंगे तथा गाय के गोबर को अपने गांव के गौठान में बेचकर आमदनी प्राप्त करेंगे। राज्य शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि उनके द्वारा गाय-बछड़े की अच्छी तरह देखभाल की जायेगी।
पोटगांव गौठान में उपस्थित संसदीय सचिव श्री शिशुपाल सोरी ने गौठान में संचालित विभिन्न गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने गोधन न्याय योजना के एक हितग्राही श्री जनक राम साहू का परिचय कराते हुए यह जानकारी दी कि श्री साहू ने गोबर बेचकर 65 हजार रूपए की आय अर्जित की है, जिससे उन्होंने अपना घर बनाना शुरू किया है। अभी उन्हें गोबर बेचने के एवज में 25 हजार रूपए की राशि और प्राप्त होगी। श्री सोरी ने बताया कि गौठान में 40 स्व-सहायता समूह जुड़े हैं। 

कोण्डागांव जिले के बोलबोला ग्राम स्थित गोठान के ग्रामीण भी इस कार्यक्रम से वर्चुअली जुड़े थे। बोलबोला में 05 हितग्राहियों को 46-46 हजार अनुदान पर दुधारू गायें प्रदान की गई हैं। इस अवसर पर हितग्राही दयासर मण्डावी ने मुख्यमंत्री श्री बघेल से बात करते हुए बताया कि उनके द्वारा 50 हजार रूपयों की गाय ली गई थी। जिस पर उन्हें 46 हजार का अनुदान प्राप्त हुआ है। जिससे उन्हें प्रतिदिन 12 लीटर दूध प्राप्त हो रहा है। जिसे वे घर के बच्चों को पिलाने के बाद बचे अतिरिक्त दूध को घर-घर जाकर बेच रहे हैं। जिसके लिए उन्हें 50 रूपये प्रति लीटर प्राप्त हो रहे हैं, उन्होंने मुख्यमंत्री को राज्य डेयरी उद्यमिता विकास योजना के तहत् गाय प्रदान करने हेतु धन्यवाद भी ज्ञापित किया। जिस पर मुख्यमंत्री ने दयासर को डेयरी के माध्यम से उन्नति करने हेतु बधाई दी। इस योजना में दयासर मण्डावी के अलावा पिलुराम मण्डावी, चेतमनी कोर्राम, मनीराम नेताम, चमरू मण्डावी को अनुदान पर गाय प्राप्त हुई हैं।

रायगढ़ जिले के बनसियां ग्राम से भी डेयरी उद्यमिता के लाभार्थी कार्यक्रम में जुड़े। इनमें से एक हितग्राही डोलनारायण सारथी ने अपने अनुभव मुख्यमंत्री श्री बघेल से साझा करते हुए कहा कि उन्हें दो जर्सी गाय मिली हैं। जिनसे 18 से 20 लीटर दूध मिल रहा है। जिसे बेचकर वो कमाई कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि वे 30 रूपए लीटर में दूध बेच रहे हैं। नारायणी महिला स्व-सहायता समूह की ओर से सदस्य कृष्णा चौधरी ने समूह के कामकाज के बारे में मुख्यमंत्री श्री बघेल को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि समूह की महिलाएं गौठान में गोबर खरीदी, वर्मी कम्पोस्ट निर्माण, बाड़ी विकास और मुर्गी पालन के काम से आय अर्जित कर रही हैं। महिलाओं ने आटा चक्की भी लगाई है। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने महिला समूह को बेहतर कार्य करने के लिए अपनी शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम में रायगढ़ जिले के 6 हितग्राहियों को अनुदान राशि के चेक सौंपे गए। इन हितग्राहियों को जर्सी नस्ल की गाय दी गयी है। जिसकी कीमत 1 लाख 40 हजार रुपये जोड़ी है। योजना के प्रावधानों के तहत हितग्राहियों को 66.66 प्रतिशत का अनुदान प्रदान किया गया। जिसके अंतर्गत अनुदान राशि 93 हजार 200 रुपये के चेक सभी 6 हितग्राहियों को दिए गए। जिनमें डोलनारायण सारथी, मंगलू सारथी, नंदराम सारथी, सेतराम सारथी, रविन्द्र सारथी, भगउराम सारथी को चेक प्रदान किया गया। 

बलौदाबाजार जिले के पुरैना-खपरी गौठान के डेयरी व्यवसाय से जुड़े श्री कुमार साहू ने बताया कि गाय खरीदने उन्हें 35 हजार रूपए की छूट मिली। एक दिन में 12 लीटर दूध होता है। जिसका 30 से 35 रूपए रेट मिलता है। इस गौठान के तीन हितग्राहियों श्री कुमार साहू, श्री रामप्रसाद यादव और श्री घसिया राम धु्रव को गाय के लिए कुल 01 लाख 16 हजार 500 रूपए का अनुदान दिया गया है। 

दुर्ग जिले के मोहलई गौठान में 5 हितग्राहियों श्रीमती दुर्गा बाई, श्रीमती ममता, श्रीमती पुष्पा बाई कुंभकार, श्रीमती हेमलता और श्रीमती रामप्यारी को कुल 01 लाख 86 हजार 600 रूपए अनुदान राशि मिली है। सरस्वती समूह की एक हितग्राही ने बताया कि उन्हें 5 गाय दी गई हैं। गाय एक दिन में 10 से 15 लीटर दूध देती हैं। गांव में 40 रूपए लीटर में वे लोग दूध बेचते हैं। 

गौरतलब है कि राज्य डेयरी उद्यमिता विकास योजना वर्ष 2019 से संचालित की जा रही है। योजना में इच्छुक हितग्राहियों को उन्नत देसी नस्ल अथवा उच्च संकर नस्ल की दो दुधारू गाय अथवा भैंस देने का प्रावधान है। डेयरी इकाई की लागत एक लाख 40 हजार रूपए है जिसमें सामान्य एवं अन्य पिछड़े वर्ग के हितग्राहियों को 70 हजार रुपए का अनुदान देने का प्रावधान है। योजना में अनुसूचित जाति एवं जनजाति के हितग्राहियों को 93 हजार 200 रूपए का अनुदान दिया जाता है। 

मुख्यमंत्री ने आज राज्य डेयरी उद्यमिता विकास योजना के जिन 25 हितग्राहियों को अनुदान की राशि प्रदान की, उनमें 7 हितग्राही भूमिहीन, 8 हितग्राही राजीव गांधी किसान न्याय योजना के लाभार्थी एवं 10 हितग्राही स्व सहायता समूह के सदस्यों के परिवार के हैं। गौठानों में डेयरी व्यवसाय प्रारंभ करने से हितग्राहियों के दुधारू पशुओं को हरा चारा, सूखा चारा की निःशुल्क उपलब्ध होगा, जिससे पशुपालन के व्यय में कमी आएगी और वह दूध एवं गोबर का विक्रय कर ज्यादा लाभ प्राप्त कर सकेंगे।

 


मनेन्द्रगढ़ वन मंडल में राज्य कैम्पा मद अंतर्गत कराए शासकीय कार्यों में भारी अनियमितता एवं भ्रष्टाचार... शासन से जांच कराने की मांग

मनेन्द्रगढ़ वन मंडल में राज्य कैम्पा मद अंतर्गत कराए शासकीय कार्यों में भारी अनियमितता एवं भ्रष्टाचार... शासन से जांच कराने की मांग

07-Jul-2022

कोरिया : लोकतंत्र कांग्रेस पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अ. शेख करीम ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी राष्ट्रिय कैम्पा- भारत सरकार पर्यावरण एवं वन जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, इंद्रा पर्यावरण भवन, नयी दिल्ली और मुख्य सचिव छ. ग. शासन नया रायपुर को आवेदन कर मनेन्द्रगढ़ वन मंडल में राज्य कैम्पा मद अंतर्गत कराए शासकीय कार्यों में भारी अनियमितता एवं भ्रष्टाचार को लेकर जांच करने की मांग की हैं. उन्होंने निवेदन किया है कि मनेन्द्रगढ़ वन मंडल के अंतर्गत विगत तीन वर्षों में कराये गये कार्यों जिसमें कैम्पा मद विशेष हैं, में भारी पैमाने पर भ्रष्टाचार किया गया है कैम्पा मद के अंतर्गत विगत तीन वर्षों में कराये गये निर्माण कार्यों को निम्न गुणवत्ता का कार्य कराया जाकर एवं सामग्री प्रदाय कर्ताओं से सामग्री कम प्राप्त कर अधिक खरीदी दर्शाकर ठेकेदारों को अनुचित लाभ पहुंचाकर भ्रष्टाचार किया गया हैं, विभिन्न रोपणियों में पौधे तैयारी के नाम पर सामग्री क्रय परिवहन कार्यों एवं विभिन्न प्लान्टेशनों में पौधा रोपण के नाम पर भारी भ्रष्टाचार किया गया हैं, पौधा रोपण पूरा नहीं किया गया है, तथा वृक्षारोपण के तीसरे वर्षं से लेकर दसवें वर्ष तक के सभी मेंटेनेंस कार्य के सभी प्रमाणकों में कार्य बता कर राशि पूरी आहरण की गई हैं, जबकि कार्य 10 प्रतिशत भी नहीं कराया गया है, उपरोक्त कार्यों के श्रमिक एवं मजदूरों का बनाए गए प्रमाणकों का सोशल आडिट कराए जाने पर सत्यता सामने आ जाएगी |

कैम्पा मद के अंतर्गत ही विभागीय नरवा निर्माण कार्यों एवं तालाबों डब्ल्यू बी एम रोड, स्टापडेम, रपटा, पुलिया, वनकर्मियों के निवास एवं कार्यालय भवन, बाउंड्रीवाल सहित वन मार्ग निर्माण में लगभग 37 करोड़ की राशि व्यय की गई हैं स्टीमेट के विरुध्द छड़, सीमेट, एवं गिट्टी का अनुपात एवं गुणवत्ताविहीन कार्य कराया गया हैं | जिसमें विशेषतौर पर स्टीमेट के विरुध्द कम मोटाई की छड़ एवं कम सीमेंट की मात्रा तथा जंगल के पत्थरों को तोड़कर गिट्टी सहित जंगल की मुरुम का प्रयोग कर फर्जी बिल में राशि आहरण की गई हैं | 

उपरोक्त कार्यों के विस्तृत विवरण यहां देखें-

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नरवा संवर्धन हमारी पहली प्राथमिकता: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

नरवा संवर्धन हमारी पहली प्राथमिकता: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

05-Jul-2022

'द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार 

गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध जिला: पर्यटन की संभावना अधिक

मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक में दिए निर्देश

बिलासपुर : मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा कि सुराजी गांव योजना में नरवा संवर्धन को पहली प्राथमिकता में रखा गया है। नरवा संवर्धन से वाटर रिचार्ज होगा और भू-जल स्रोत पुनर्जीवित होंगे। स्थानीय लोगों की निस्तारी की समस्या का समाधान होगा, साथ ही सिंचित रकबे में भी वृद्धि होगी। इसके अलावा सिंचाई रकबा बढ़ाने और निस्तारी पानी की व्यवस्था के लिए सोलर सिस्टम को बढ़ावा दिया जाए। मुख्यमंत्री ने यह बात आज गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले के ग्राम गौरेला में आयोजित जिला अधिकारियों की समीक्षा बैठक मंें कही।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा गया कि बड़े पैमाने पर मनरेगा के तहत कुएं का निर्माण करें। इससे निस्तारी एवं सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध रहेगा और गांव में ही रोजगार उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि सभी पंचायतों में गौठान बनाया जा रहा है। इन गौठानों को रूरल इंडस्ट्रीज पार्क के रूप में विकसित किया जाएगा। जहां लाख, वन औषधि सहित अन्य स्थानीय उत्पादों का प्रसंस्करण होगा। इसके लिए गौठान में बड़े पैमाने पर तेल मिल और हालर मिल उपलब्ध कराया जाए। इससे किसानों की आय बढ़ेगी और स्थानीय लोगों को रोजगार भी उपलब्ध होगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से यह भी कहा कि आम जनता की आय बढ़ाने के लिए कार्ययोजना बनाकर राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजें। मुख्यमंत्री ने गौठान में चारा उत्पादन को बढ़ावा देने और अधिक से अधिक संख्या में स्व-सहायता समूह को स्वरोजगार से जोड़ने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग से संबंधित विद्यार्थियों का अधिक से अधिक संख्या में जाति प्रमाण पत्र स्कूल से ही जारी किया जाए। इसके लिए शिक्षा विभाग और राजस्व विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें। विशेष रूप से 9वीं और 10वीं कक्षा के बच्चों का जाति प्रमाण पत्र अवश्य बनाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व प्रकरणों को प्राथमिकता के साथ समय पर निराकरण करें। अविवादित नामांतरण, बंटवारा के निस्तारण में निश्चित प्रक्रिया का पालन करते हुए भुइयां पोर्टल में दर्ज अवश्य करें, साथ ही 170 ’ख’ के राजस्व प्रकरणों का त्वरित निराकरण भी करें। इससे राजस्व रिकॉर्ड अपडेट रहेगा और भूमि संबंधी विवादों में कमी आएगी।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि नए जिले में काम का अवसर अधिक है, सभी अधिकारी मिलकर कार्य करें। गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध जिला है। यहां अन्य जिलों की तुलना में पर्यटन की संभावना अधिक है, उन्होंने राजमेरगढ़ को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश कलेेक्टर को दिए। मुख्यमंत्री ने वनाधिकार पट्टा, बिजली कटौती सहित अन्य स्थानीय समस्याओं के निराकरण के लिए भी अधिकारियों को निर्देशित किया। बैठक में विधायक डॉ. के.के. ध्रुव, अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू, सचिव ऊर्जा श्री अंकित आनंद सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।


भेंट मुलाकात कार्यक्रम : मुख्यमंत्री ने मरवाही एवं कोटा विधानसभा क्षेत्र के लिए 151.9 करोड रुपए की लागत के 78 निर्माण कार्यों का किया लोकार्पण-भूमि पूजन

भेंट मुलाकात कार्यक्रम : मुख्यमंत्री ने मरवाही एवं कोटा विधानसभा क्षेत्र के लिए 151.9 करोड रुपए की लागत के 78 निर्माण कार्यों का किया लोकार्पण-भूमि पूजन

05-Jul-2022

'द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार 

बिलासपुर : मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने प्रदेश व्यापी भेंट मुलाकात कार्यक्रम के दौरान आज गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के गौरेला में मरवाही विधानसभा एवं कोटा विधानसभा क्षेत्र के लिए 151 करोड़ 9 लाख रुपए की लागत के 78 निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि पूजन किया। इसमें मरवाही विधानसभा क्षेत्र में 56 करोड़ 20 लाख रुपये के 15 कार्यों और कोटा विधानसभा क्षेत्र में 20 लाख रुपए के 4 कार्यों का लोकार्पण शामिल है। इसी तरह भूमि पूजन के कार्यों में मरवाही विधानसभा क्षेत्र में 84 करोड 73 लाख रुपए के 55 कार्य और कोटा विधानसभा क्षेत्र में 9 करोड़ 96 लाख रुपए के 4 निर्माण कार्य शामिल है।

 


पत्रकारवार्ता : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भेंट - मुलाकात को लेकर पत्रकारों से कि चर्चा...

पत्रकारवार्ता : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भेंट - मुलाकात को लेकर पत्रकारों से कि चर्चा...

05-Jul-2022

'द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार 

पत्रकारों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भेंट- मुलाकात में बिलासपुर संभाग की सबसे पहले शुरुआत आपके जिले से की...

बिलासपुर - पत्रकारों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भेंट- मुलाकात में बिलासपुर संभाग की सबसे पहले शुरुआत आपके जिले से की। हमने पहला जिला जीपीएम ही बनाया।

- यहाँ के पत्रकार पर्यटन के महत्व को लेकर हमेशा लिखते रहे हैं। इसे हमने मूर्त रूप दिया है। पर्यटन केंद्रों का विकास किया गया है और तेजी से टूरिज़्म का विकास इस क्षेत्र में हुआ है।

- हमारा फोकस इस इलाके में दो बातों को लेकर है। वनोपज संग्राहकों को प्रमोट करना और नरवा संरचनाओं का विकास। इस क्षेत्र में किया गया विकास दिखता है।

- रवींद्रनाथ टैगोर का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वे अपनी पत्नी के स्वास्थ्य लाभ के लिए यहां आए थे, इसे स्वास्थ्य के क्षेत्र में इतना ही मजबूत बनाना हमारा लक्ष्य है।

- शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रहे हैं। जिला चिकित्सालय सिर्फ रिफरल सेंटर न बने। यहां सभी सुविधाएं रहें, यह प्रयास रहेगा।

- चिटफण्ड कंपनी के मामले में हम प्रभावी काम कर रहे हैं। देश भर में छत्तीसगढ़ पहला ऐसा राज्य है जहां इस दिशा में ठोस कार्य हो रहा है।
लोगों ने अपनी गाढ़ी कमाई इन कंपनियों में लगाई थी। हम इन पर प्रभावी कार्रवाई कर रहे हैं।

- एक प्रश्न के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि देश आजाद हुआ और संविधान ने सबको दायित्व दिए हैं, ये आदर्श स्थिति है इसे बनाकर रखना चाहिए।


ठगी करने का आरोपी नई दिल्ली से गिरफ्तार...(video)

ठगी करने का आरोपी नई दिल्ली से गिरफ्तार...(video)

04-Jul-2022

जय प्रकाश ठाकुर 

25 लाख का फर्जी चेक देने वाला आरोपी नई दिल्ली से गिरफ्तार ।

गीदम एवं दंतेवाड़ा के 07-08 व्यापारियो से लेने देने में करीबन 50 लाख की ठगी का अंदेशा ।

बिहार में लाखों रू0 का ठगी करने की संभावना।

दंतेवाड़ा : दिनांक 24.06.2022 को प्रार्थी विश्वजीत सिंह ग्राम राटन थाना गोगरी जिला - खगड़िया बिहार हाॅल पता-गीदम वार्ड नं0 14 पंचू कबाड़ी दुकान के सामने थाना गीदम जिला - दन्तेवाडा छ0ग0 थाना उपस्थित आकर रिपोर्ट दर्ज कराया कि उसके साथ किराये में रहने वाला राजेश चैधरी गीदम से थोक में किराने का सामान खरीद कर छोटे दुकानदारों को बचेली , बीजापुर एवं बासागुड़ा भेजता था राजेश चैधरी के द्वारा घर में रखे चेक बुक से 12 नग खाली चेक को चोरी कर फर्जी हस्ताक्षर कर व्यापारियों को प्रार्थी के खाते से पैसा निकालने हेतु गीदम एवं दंतेवाड़ा के कुछ लोगों को अपना बता कर दिया गया था व्यापारियों द्वारा बैंक में चेक लगाने पर फर्जी हस्ताक्षर होना पाया गया | 

यहां देखें video- 

https://youtube.com/shorts/6nba9m8FEV4?feature=share

जिसपर प्रार्थी को जानकारी मिलने पर थाना रिपोर्ट करने उपस्थित हुआ । तत्काल वरिष्ट अधिकारियों को अवगत कराकर प्रार्थी के रिपोर्ट पर थाना गीदम में अपराध क्रमांक 72/2022 धारा - 379,420 भादवि पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुये पुलिस अधीक्षक दंतेवाड़ा सिद्वार्थ तिवारी (भा.पु.से) द्वारा ठगी के शातिर आरोपी को तत्काल गिरफ्तार करने का निर्देश दिये जिस पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दंतेवाड़ा द्वय श्री योगेश पटेल(भा.पु.से.) ,श्री राजेन्द्र जायसवाल के मार्गदर्शन मे पुलिस अनुविभागीय अधिकारी बारसूर सुश्री आशारानी के पर्यवेक्षण में टीम गठित किया गया। आरोपी के दिल्ली मिलने की सूचना पर उप निरीक्षक राजेश कुमार, आरक्षक सतीश यादव को दिल्ली रवाना किया गया था उपरोक्त कर्मचारियों द्वारा दिल्ली में रहकर काफी मेहनत एवं लगन से आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त हुई । फरार शातिर ठगी के आरोपी राजेश चैधरी पिता स्व0 सुखमोहन लाल चैधरी उम्र 41 वर्ष निवासी आमलाटोला कटिहार बिहार हाॅल वार्ड क्रमांक 14 गीदम जिला दन्तेवाड़ा को अपराध क्रमांक 72/2022 धारा 379,420,467,468,471 भादवि0 मंे गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड में भेजा गया है ।

मामले के खुलासा एवं आरोपी के गिरफ्तारी में थाना गीदम से थाना प्रभारी निरीक्षक डी.के. बरवा, उपनिरी.सुभाष पवार, राजेश कुमार, सउनि लीलाराम गंगबेर, आर. सतीश यादव, जिविनार तिर्की, ईश्वर
ठाकुर, मआर. रेखा वर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका रही


सरगुजा और बस्तर सम्भाग सहित एक चौथाई से अधिक जगहों पर भेट मुलाक़ात सम्पन्न हुई है... मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

सरगुजा और बस्तर सम्भाग सहित एक चौथाई से अधिक जगहों पर भेट मुलाक़ात सम्पन्न हुई है... मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

04-Jul-2022

'द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार 

रायपुर - सरगुजा और बस्तर सम्भाग सहित एक चौथाई से अधिक जगहों पर भेट मुलाक़ात सम्पन्न हुई है, भेंट मुलाक़ात में सभी वर्ग के लोग उपस्थित रहे, बारिश के बावजूद भी लोग बढ़- चढ़कर शामिल हुए।

- योजनाओं के क्रियान्वयन की कमियों को दूर करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। खुशी है कि दुरस्थ अंचल में लोग बैंक की मांग कर रहे, मतलब है कि लोगों के पास पैसा आया है।

- हमारी योजनाओं से लोगों की आय में वृद्धि हुई है, हमारी सोच और रास्ता सही दिशा में जा रहे हैं। राज्य सरकार की योजनाओं से आय बढ़ रही।

- संस्कृति का संरक्षण हमारी जिम्मेदारी है, इसलिए हम सांस्कृतिक रूप से जोड़ने का कार्य हम कर रहे, सभी त्योहार हर्षोल्लास से हम मनाए ये कोशिश है।

- सावन में झूले का महत्व है, कल झुमका आइलैंड में झूला भी झूले।

- प्रशासनिक इकाई छोटे करने के पीछे उद्देश्य है कि हमारा प्रदेश भौगोलिक रूप से बड़ा है, शासन के कार्यालय लोगों के नज़दीक होने चाहिए।

- प्रेसवार्ता में सवाल पर उन्होंने कहा कि टाइगर रिजर्व के सम्बंध में प्रशासनिक कार्य प्रक्रिया में है।

- मैंने लोगों से मुलाकात की, लोगों के चेहरे पर आत्मसंतोष का भाव दिखा।

- मेरे परिवारजन भी कोरिया घूमने आना चाहते हैं, मगर ऐसा संयोग नहीं बन पाया।

- फूलों की खेती हो इसलिए हॉर्टिकल्चर यूनिवर्सिटी खोली है, ताकि फल फूल का उत्पादन हो सके।

- कार्गो हब बनाने हम प्रयासरत हैं, केंद्र से स्वीकृति नहीं मिल पाई, हमारा लैंड लॉक्ड स्टेट है इसलिए कार्गो हब आवश्यक है।

- मिलेट्स का अच्छा कार्य हो रहा, प्राकृतिक संसाधन का समुचित दोहन होना चाहिए।

- खुशी की बात है कि छत्तीसगढ़ का महुआ इंग्लैंड भेजा गया है।

- छत्तीसगढ़ में कई अछूते स्थल हैं, कई सुंदर पर्यटन स्थल यहां, इस दिशा में सभी विभागों ने मिल कर पहली बार कोशिश की, राम वन गमन पथ में सभी विभाग जुड़े हैं।

- - कोरोना में डॉक्टर और फ्रंट लाइन वर्कर्स के साथ समाज का भी योगदान, ऐसा ही योगदान समाज पर्यटन के लिए दे, हमें यहां के पर्यटन के लिए आत्मगौरव होना चाहिए।

- कोरिया में पत्रकार भवन के लिए 25 लाख की घोषणा।


रियल इस्टेट सेक्टर के उपभोक्ताओं के हितों के संरक्षण का महत्वपूर्ण फोरम है, अपीलेट ट्रिब्यूनल: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

रियल इस्टेट सेक्टर के उपभोक्ताओं के हितों के संरक्षण का महत्वपूर्ण फोरम है, अपीलेट ट्रिब्यूनल: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

02-Jul-2022

'द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार 

मुख्यमंत्री ने रियल इस्टेट अपीलेट ट्रिब्यूनल के नवनिर्मित भवन का किया वर्चुअल लोकार्पण

नवनिर्मित भवन का किया वर्चुअल लोकार्पण

नवनिर्मित भवन का किया वर्चुअल लोकार्पण

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज यहां अपने निवास कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए राजधानी रायपुर के मौलश्री विहार कॉलोनी में रियल इस्टेट अपीलेट ट्रिब्यूनल के नवनिर्मित भवन का वर्चुअल लोकार्पण किया। कार्यक्रम स्थल पर रियल इस्टेट अपीलेट ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष जस्टिस श्री शरद कुमार गुप्ता ने नवनिर्मित भवन का फीता काटा।

      मुख्यमंत्री श्री बघेल ने इस अवसर पर कहा कि रियल इस्टेट (रेगुलेशन एन्ड डेवलोपमेन्ट) एक्ट 2016 के तहत रियल एस्टेट सेक्टर से जुड़े विवादों के निराकरण के लिए रेरा और रियल इस्टेट अपीलेट ट्रिब्यूनल फोरम बनाए गए हैं। रेरा या अन्य एड्यूडिकेटिंग अथॉरिटी के निर्णय से असंतुष्ट पक्ष रियल इस्टेट अपीलेट ट्रिब्यूनल में अपील कर सकेंगे। उपभोक्ताओं और कॉलोनाइजरों के हितों के संरक्षण में रियल इस्टेट अपीलेट ट्रिब्यूनल एक महत्वपूर्ण फोरम साबित होगा।

         मुख्यमंत्री ने कहा कि रियल स्टेट के कारोबार में एक तरफ आम उपभोक्ता होता है, तो दूसरी तरफ बिल्डर और कॉलोनाइजर होते हैं। दोनों के अपने-अपने हित होते हैं। दोनों के हितों का संरक्षण शासन का दायित्व है। रियल स्टेट के कारोबार में जितनी अधिक पारदर्शिता होगी, और जितने कम विवाद होंगे, यह सेक्टर उतनी ही तेजी से ग्रोथ करेगा। रियल इस्टेट के क्षेत्र में प्रमोटर की मनमानी को रोकने के लिए रियल इस्टेट ( रेग्युलेशन एंड डेवलपेंट) एक्ट 2016 संसद द्वारा पारित किया गया था। इस अधिनियम के तहत विवादों के हल के लिए दो फोरम हैं। पहला फोरम है रेरा, और दूसरा फोरम अपीलेंट ट्रिब्यूनल है। अपीलेंट ट्रिब्यूनल के जरिये रेरा या एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी के आदेश से असंतुष्ट व्यक्ति अपील प्रस्तुत कर सकता है। छत्तीसगढ़ में आज पक्षकारों की सुविधाओं में बढ़ोतरी करते हुए अपीलीय ट्रिब्यूनल के कार्यलय भवन का उद्घाटन किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साढ़े तीन वर्षों के दौरान तमाम तरह की चुनौतियों के बावजूद छत्तीसगढ़ के हर सेक्टर में अच्छी ग्रोथ हुई, इनमें रियल इस्टेट सेक्टर भी शामिल है। उन्होंने कहा कि रियल इस्टेट सेक्टर लोगों के सपनों से जुड़ा हुआ है। एक सुंदर सा घर हर व्यक्ति का सपना होता है। शासन स्तर पर विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लोगों की आवास संबंधी जरूरत पूरी करने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। रियल स्टेट सेक्टर को रियायतें और सुविधाएं देकर प्रोत्साहित किया जा रहा है।

          रियल स्टेट अपीलेट ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष जस्टिस श्री शरद कुमार गुप्ता, ने इस अवसर पर कहा कि रियल इस्टेट सेक्टर में अपनी पूंजी लगाकर भवन, जमीन, दुकान के खरीददारों को शोषण से बचाने और उनके हितों की रक्षा के लिए अपीलेट ट्रिब्यूनल की स्थापना की गई है। उन्होंने कहा कि रियल इस्टेट ट्रिब्यूनल का महत्व इसी से समझा जा सकता है कि इसके अध्यक्ष उच्च न्यायालय के सेवा निवृत्त न्यायाधीश ही हो सकते हैं। यह ट्रिब्यूनल रेरा या एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी के आदेश की वैधानिकता की जांच का महत्वपूर्ण फोरम है।  

            इस अवसर पर मुख्यमंत्री निवास में खाद्य एवँ संस्कृति मंत्री श्री अमरजीत भगत, संसदीय सचिव श्री यू.डी. मिंज, छत्तीसगढ़ हस्त शिल्प विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री चंदन कश्यप, विधायक डॉ. विनय जायसवाल, श्री देवेन्द्र यादव, श्री प्रकाश नायक, श्री मोहित केरकेट्टा, श्रीमती अनिता योगेंद्र शर्मा, और कार्यक्रम स्थल पर रियल स्टेट अपीलेट ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष जस्टिस श्री शरद कुमार गुप्ता, छत्तीसगढ़ लोक आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति श्री टी.पी. शर्मा, छत्तीसगढ़ वाणिज्यिक कर अधिकरण के अध्यक्ष न्यायमूर्ति श्री आर.पी. शर्मा, राज्य मानवाधिकार आयोग के सदस्य श्री एन.सी. सांखला, महाधिवक्ता श्री सतीशचंद्र वर्मा, राज्य उपभोक्ता प्रतितोष आयोग की रजिस्ट्रार सुश्री उदय लक्ष्मी परमार, विधि एवं विधायी कार्य विभाग के प्रमुख सचिव श्री आर. के. तिवारी और मुख्यमंत्री के सचिव डॉ.एस.भारतीदासन भी उपस्थित थे।

 


दाई-दीदी क्लीनिकों में एक लाख से अधिक महिलाओं का किया गया निःशुल्क इलाज...

दाई-दीदी क्लीनिकों में एक लाख से अधिक महिलाओं का किया गया निःशुल्क इलाज...

02-Jul-2022

'द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार 

18781 महिलाओं के लैब टेस्ट

98 हजार से ज्यादा महिलाओं को दी गई निःशुल्क दवाईयां

रायपुर : छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा संचालित दाई-दीदी क्लिनिक योजना के तहत रायपुर, बिलासपुर एवं भिलाई नगर निगम क्षेत्रों की गरीब स्लम बस्तियों में रहने वाली महिलाओं एवं बच्चियों का उनके घर के पास दाई-दीदी क्लिनिक की मोबाइल मेडिकल यूनिट के वाहन में महिला चिकित्सकों की टीम पहुंचती है और जरूरतमंद महिलाओं एवं बच्चियों की विभिन्न बीमारियों का निःशुल्क इलाज करती है। गरीब स्लम क्षेत्र में रहने वाली मेहनत मजदूरी करने वाली महिलाएं कई कारणों से अपना इलाज नहीं करा पाती हैं। ऐसी महिलाओं का इलाज उनके घर के पास ही दाई-दीदी क्लिनिक द्वारा अब किया जा रहा है। दाई-दीदी क्लिनिक योजना के तहत अब तक करीब एक हजार 405 कैम्प लगाएं गए, जहां पर एक लाख 4 हजार 485 से अधिक महिलाओं का इलाज किया गया है। मोबाइल मेडिकल यूनिट द्वारा 18 हजार 781 महिलाओं का लैब टेस्ट किया गया और 98 हजार 890 महिलाओं को निःशुल्क दवाईयां दी गई।


हिम्मत और हुनर का साथ हो तो कोई अक्षमता सफलता में बाधा नहीं बनती...

हिम्मत और हुनर का साथ हो तो कोई अक्षमता सफलता में बाधा नहीं बनती...

02-Jul-2022

'द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार 

दिव्यांग गिरजा ने हिम्मत और हुनर से पाई सफलता

ज्वेलरी डिजाइनिंग का प्रशिक्षण देकर बेसहारा दिव्यांगों को बना रही आत्मनिर्भर

छत्तीसगढ़ निःशक्तजन वित्त एवं विकास निगम की मदद से स्वावलंबन की ओर बढ़ाया कदम

रायपुर : छत्तीसगढ़ निःशक्तजन वित्त एवं विकास निगम की मदद से स्वावलंबन की ओर बढ़ाया कदमहिम्मत और हुनर का साथ हो तो कोई अक्षमता सफलता में बाधा नहीं बनती है, यह साबित किया है रायपुर की अस्थिबाधित दिव्यांग श्रीमती गिरजा जलक्षत्री ने। चालीस प्रतिशत अस्थि बाधा से पीड़ित श्रीमती गिरजा ने अपनी दिव्यांगता को पीछे छोड़ते हुए आत्मनिर्भरता की मिसाल कायम की है। आज वह न सिर्फ इलेक्ट्रॉनिक और फोटो फ्रेमिंग का काम करती हैं, बल्कि कई बेसहारा दिव्यांगों को ज्वेलरी डिजाइनिंग सिखा कर उनके स्वावलंबन की राह तैयार कर रही हैं। उनके अधीन 20 दिव्यांग हैण्डमेड ज्वेलरी का प्रशिक्षण ले रही हैं। इनमें 5 पुरूष और 15 महिलाएं हैं। श्रीमती गिरजा द्वारा दिव्यांगजन के स्वावलंबन के दिशा में किए जा रहे काम के कारण उन्हें दिल्ली की संस्था द्वारा डॉ. सुब्रमणयम आवार्ड और एक लाख रूपये से सम्मानित किया गया है।

एक समय श्रीमती गिरजा 12 वीं तक पढ़ाई करने के बाद भी बेरोजगार थी। उनके पास हुनर था लेकिन काम शुरू करने के लिए पर्याप्त पैसे नहीं थे। इस दौरान उन्हें समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित छत्तीसगढ़ निःशक्तजन वित्त एवं विकास निगम के बारे में पता चला जो दिव्यांग व्यक्तियों को स्वरोजगार के लिए ऋण उपलब्ध कराती है। श्रीमती गिरजा ने निगम में 2 लाख 7 हजार रूपए के ऋण के लिए आवेदन किया। लोन स्वीकृति के बाद उन्होंने इलेक्ट्रिकल्स, इलेक्ट्रॉनिक और फोटो फ्रेमिंग के साथ हैंडमेड ज्वेलरी का काम शुरू किया। आज वह आत्मनिर्भर हैं और अपने परिवार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही है। वह अपने पति और बेटे के साथ खुशहाल जीवन बिता रही हैं। उन्होंने निगम द्वारा स्वीकृत पहली ऋण राशि की सफलता पूर्वक अदायगी कर दी है। अपने व्यवसाय को विस्तार देने के लिए उन्होंने अब वर्ष 2022-23 में 8 लाख रूपए का ऋण प्रस्ताव फिर से भेजा है।

दुकान की आय की बचत राशि से वह अपने घर पर ही दिव्यांगों को ज्वेलरी डिजायनिंग का प्रशिक्षण दे रही हैं। वह रेशमी धागे से आर्टिफीशियल ज्वेलरी निर्माण, धान से गले का सेट तथा झुमका निर्माण, निरमा साबुन फिनाईल, मसाला निर्माण का प्रशिक्षण कुशलता से देती हैं। इससे दिव्यांग हुनरमंद के साथ आत्मनिर्भर भी बन सकेंगे।


मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की घोषणाओं पर त्वरित अमल... उज्ञाव और अमृतपुर सहित 10 गांवों को किया गया सौर ऊर्जा से रोशन

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की घोषणाओं पर त्वरित अमल... उज्ञाव और अमृतपुर सहित 10 गांवों को किया गया सौर ऊर्जा से रोशन

02-Jul-2022

'द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार 

जाति प्रमाण पत्र कैम्प एवं खड़गवां में स्कूल भवन जीर्णाेद्धार का काम शुरू

कोरिया : मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के निर्देश पर त्वरित अमल करते हुए जिला प्रशासन द्वारा गांवों शिवपुर, सोनहरी, गोयनी, उज्ञाव, अमृतपुर, उधैनी, बघवार, चंदहा, आनंदपुर, कदना को सौर ऊर्जा से रोशन किया गया। जिले के सौर संयंत्र से संचालित ग्रामों में खराब व अकार्यशील बैटरी बैंक को बदलने की कार्यवाही की जा रही है जिससे गांवों को रोशन किया जा रहा है। सौर ऊर्जा से ग्रामीण विद्युतीकरण अंतर्गत स्थापित सोलर पावर प्लांट के अकार्यशील बैटरी बैंक को बदलने की कार्यवाही 10 सुदूर वनांचल गांवों में पूरी हो चुकी है। क्रेडा के प्रभारी अधिकारी ने बताया कि विद्युतविहीन गांवों में सौर ऊर्जा से विद्युतीकरण की कार्यवाही सतत जारी रहेगी।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने रामगढ़ में आयोजित भेंट-मुलाकात कार्यक्रम में सुदूर गांवों के सौर ऊर्जा से विद्युतीकरण कर निर्देश दिए थे।

जाति प्रमाण पत्र कैम्प शुरू
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने जिला प्रवास के दौरान जिले में बच्चों को महत्वपूर्ण दस्तावेज जाति प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने के लिए स्कूलों में कैम्प शुरू करने के निर्देश दिए थे जिसके परिपालन में स्कूलों में जाति प्रमाण पत्र बनाने के लिए विशेष शिविर आयोजित किये जा रहे हैं। जाति प्रमाणपत्र जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज तैयार कर स्कूलों में ही बच्चों को वितरित किये जायेंगे जिससे परिजनों को सहूलियत हो सके।

खड़गवां में स्कूल मरम्मत एवं संधारण का काम शुरू
पाराडोल में हुए भेंट मुलाकात कार्यक्रम में खड़गवां के उधनापुर के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के स्कूली बच्चों की स्कूल भवन के जीर्णाेद्धार की मांग पर तुरंत घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने बच्चों की मांग पूरी की। मुख्यमंत्री की घोषणा पर भवन मरम्मत एवं संधारण का कार्य भी शुरू कर दिया गया है। बच्चों की सुविधा के लिए तेज गति से काम किया जा रहा ळें


गरीबों की बस्तियों में डॉक्टर... मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य के माध्यम से 23 लाख से ज्यादा लोगों का इलाज

गरीबों की बस्तियों में डॉक्टर... मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य के माध्यम से 23 लाख से ज्यादा लोगों का इलाज

01-Jul-2022

'द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार 

मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य के माध्यम से 23 लाख से ज्यादा लोगों का इलाज

रायपुर : मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य के माध्यम से 23 लाख से ज्यादा लोगों का इलाजमुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना की मोबाइल मेडिकल यूनिट के चिकित्सा दल शहरों में गरीबों की बस्तियों में पहुंचकर जरूरतमंद लोगों का इलाज निःशुल्क कर रहे है। गरीब लोग कई कारणों से अस्पताल तक नही पहुंच पाते थे। जिससे उनका इलाज नहीं हो पाता था। परन्तु मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने गरीबों की पीड़ा को समझा। गरीबों का इलाज करने उनके घर पर ही डॉक्टर पहुंचे ऐसी परिकल्पना उन्होंने की। मुख्यमंत्री स्वास्थ्य स्लम योजना के तहत करीब 23 लाख से ज्यादा लोगों का इलाज छत्तीसगढ़ के शहरी इलाकों की स्लम बस्तियों में किया जा चुका है। शहरों में मोबाइल मेडिकल यूनिट के वाहन घूम-घूम कर गरीबों का इलाज कर रहे हैं।

छत्तीसगढ़ प्रदेश के शहरी क्षेत्रों की स्लम बस्तियों में निवासरत लोगों को घर पहुंच स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने के उद्देश्य से 

छत्तीसगढ़ प्रदेश के शहरी क्षेत्रों की स्लम बस्तियों में निवासरत लोगों को घर पहुंच स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना के तहत अब तक मोबाइल मेडिकल टीम द्वारा 23 लाख नौ हजार 52 लोगों को निःशुल्क इलाज मुहैया कराया गया है। इसके तहत राज्य के 169 नगरीय निकायों की स्लम बस्तियों में अब तक मोबाइल मेडिकल यूनिट टीम द्वारा 32 हजार 671 कैम्प लगाकर लोगों की निःशुल्क जांच व उपचार कर दवाईयां दी गई हैं। नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि नगरीय क्षेत्रों की तंग बस्तियों के एवं अन्य जरूरत मंद लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें निशुल्क दवायें उपलब्ध करायें।

गौरतलब है कि राज्य के 14 नगर निगम क्षेत्रों की स्लम बस्तियों में रहने वाले लोगों को स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने के लिए मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना के प्रथम चरण की शुरूआत 01 नवम्बर 2020 को हुई थी। इसके तहत 60 मोबाइल मेडिकल यूनिट द्वारा स्लम बस्तियों में जाकर लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण और उपचार एवं दवा वितरण की शुरूआत की गई थी। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल द्वारा इस योजना से लोगों को घर पहुंच स्वास्थ्य सुविधा मिलने की सफलता को देखते हुए 31 मार्च 2022 को इसका विस्तार पूरे राज्य के नगरीय निकाय क्षेत्रों में किया गया तथा 60 और नई मोबाइल मेडिकल यूनिट शुरू की गई। इस योजना के तहत अब पूरे राज्य के नगरीय क्षेत्रों के स्लम बस्तियों में चिकित्सक, पैरामेडिकल टीम, मेडिकल उपकरण एवं दवाओं से लैस 120 मोबाइल मेडिकल यूनिट पहुंचकर लोगों को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध करा रही है। मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना के तहत अब तक 4 लाख 60 हजार 488 मरीजों को पैथालॉजी टेस्ट की सुविधा मुहैया कराने के साथ ही 18 लाख 94 हजार 421 से अधिक मरीजों को निःशुल्क दवाएं दी गई हैं। इस योजना के तहत लाभान्वित मरीजों में 2 लाख 36 हजार 339 श्रमिक हैं।


चिकित्सक दिवस: प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में कोविड संक्रमण से लोगों को बचाने एवं संक्रमण फैलने से रोकने के लिए चिकित्सकों का सम्मान

चिकित्सक दिवस: प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में कोविड संक्रमण से लोगों को बचाने एवं संक्रमण फैलने से रोकने के लिए चिकित्सकों का सम्मान

01-Jul-2022

'द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार 

चिकित्सक दिवस समारोह सम्मेलन में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल

मुख्यमंत्री निवास में हो रहा है आयोजन

राजकीय गीत के साथ शुरू हुआ सम्मेलन

समारोह में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पदाधिकारी हुए शामिल

सभी चिकित्सकों को मुख्यमंत्री ने दी चिकित्सक दिवस की बधाई

समारोह में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पदाधिकारी हुए शामिल

समारोह में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पदाधिकारी हुए शामिलचिकित्सक दिवस समारोह सम्मेलन में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल

समारोह में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पदाधिकारी हुए शामिलचिकित्सक दिवस समारोह सम्मेलन में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल

समारोह में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पदाधिकारी हुए शामिलचिकित्सक दिवस समारोह सम्मेलन में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेलछत्तीसगढ़ में कोविड काल में उत्कृष्ट कार्य करने वाले चिकित्सकों को मुख्यमंत्री ने किया सम्मानित

समारोह में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पदाधिकारी हुए शामिलचिकित्सक दिवस समारोह सम्मेलन में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल

प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में कोविड संक्रमण से लोगों को बचाने एवं संक्रमण फैलने से रोकने के लिए चिकित्सकों का सम्मान.

समारोह में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पदाधिकारी हुए शामिलचिकित्सक दिवस समारोह सम्मेलन में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेलछत्तीसगढ़ में कोविड काल में उत्कृष्ट कार्य करने वाले चिकित्सकों को मुख्यमंत्री ने किया सम्मानित

समारोह में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पदाधिकारी हुए शामिलचिकित्सक दिवस समारोह सम्मेलन में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल

समारोह में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पदाधिकारी हुए शामिलचिकित्सक दिवस समारोह सम्मेलन में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेलछत्तीसगढ़ में कोविड काल में उत्कृष्ट कार्य करने वाले चिकित्सकों को मुख्यमंत्री ने किया सम्मानितयह दिन प्रख्यात चिकित्सक डॉ. बिधानचंद्र राय की याद में देशभर में मनाया जाता है। आज उनकी जयंती है। आजादी की लड़ाई के दौर में डॉ. बिधानचंद्र राय ने एक चिकित्सक के रूप में अपनी प्रतिभा से जितनी ख्याति अर्जित की, उतनी ही ख्याति उन्हें एक समाजसेवी और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के रूप में भी मिली। कई पदों पर रहते हुए भी वो डाक्टर कहलाना पसंद करते थे

कोरोना काल के समय ऐसे भी कई मौके आए जब हमारे डॉक्टरों ने सेवा करते हुए खुद की जान भी गंवा दीछत्तीसगढ़ में हम जिस तरह से कोरोना के खिलाफ लड़े,  शायद ही देश में किसी और ने वैसा किया

कोरोना काल के समय ऐसे भी कई मौके आए जब हमारे डॉक्टरों ने सेवा करते हुए खुद की जान भी गंवा दी

कोरोना के खिलाफ हमने लड़ाई जीती  ये सभी के सहयोग से हुआ

कोरोना के खिलाफ हमने लड़ाई जीती  ये सभी के सहयोग से हुआडाक्टर को भगवान का दर्जा दिया जाता है,  डाक्टर से अच्छा सेवा और कौन कर सकता है,  डाक्टर मुस्कुरा दे तो मरीज की आधी बीमारी दूर हो जाती है. डाक्टरों का व्यवहार ही कई बीमारी का हल है


छत्तीसगढ़ में आज 167 कोरोना संक्रमित पाए गए... 01 की मौत

छत्तीसगढ़ में आज 167 कोरोना संक्रमित पाए गए... 01 की मौत

01-Jul-2022

रायपुर : छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमितों की बढ़ती संख्या ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। गुरुवार को प्रदेश में 167 नए मरीज मिले हैं। इसके साथ ही एक्टिव मरीजों की संख्या बढ़कर 933 पहुंच गई है। कोरोना से रायपुर में एक की मौत भी हुई है। राज्य शासन ने कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए प्रदेश के सभी एयरपोर्ट व राज्य की सीमाओं पर कोविड जांच अनिवार्य कर दिया है |

प्राप्त जानकरी के मुताबिक प्रदेश के 09 जिलों में 01 से 10 के मध्य कोरोना सक्रिय मरीजों की संख्या रही तथा 03 जिले में आज कोराना के सक्रिय मरीज नहीं हैं,  राज्य में 30 जून को 19 जिला दंतेवाड़ा, बीजापुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, महासमुंद एवं बलरामपुर से 01-01, धमतरी, मुंगेली एवं जशपुर से 02-02, कोरबा से 03, जांजगीर-चांपा से 05, कबीरधाम एवं सूरजपुर से 06-06, सरगुजा, राजनांदगांव एवं बलाैदाबाजार से 08-08, बेमेतरा एवं बिलासपुर से 12-12, दुर्ग से 33, रायपुर से 55 कोरोना संक्रमित पाए गए तथा शेष जिलों में कोरोना का कोई नया मामला नहीं आया है।

प्रदेश में आज 03 जिले गरियाबंद, सुकमा एवं नारायणपुर में कोरोना के सक्रिय मरीज नहीं है। प्रदेश में आज 01 से 10 के मध्य 09 जिले कोंडागांव में 01, दंतेवाड़ा में 02, बस्तर एवं बीजापुर में 03-03, गाैरेला-पेंड्रा-मरवाही एवं कोरबा में 07-07, धमतरी एवं कबीरधाम में 08-08, बालोद में 10 कोराना सक्रिय मरीजों की संख्या रही।