बेफिक्री सही नहीं, कोरोना से बचने को अभी भी स्वच्छता और सावधानी जरूरी

बेफिक्री सही नहीं, कोरोना से बचने को अभी भी स्वच्छता और सावधानी जरूरी

28-Aug-2020

अगर दो लोग बिना मास्क के हैं और शारीरिक दूरी का पालन नहीं कर रहे है तो उन्हें 90% संक्रमण होने की संभावना है। वहीं यदि एक व्यक्ति मास्क पहन रहा है और शारीरिक दूरी का पालन नहीं कर रहा है तो उसे 30% संक्रमण होने की संभावना है। यदि दोनों व्यक्ति मास्क पहनते हैं और शारीरिक दूरी का पालन करते हैं तो उनको संक्रमण होने की संभावना न के बराबर  है।

लेकिन जैसे जैसे समय बीत रहा है लोगों में कोरोना के प्रति बेफिक्री बढती जा रही है जो चिंताजनक है। कोरोना महामारी के शुरुआती दिनों में जब कोरोना के मामले आते थे तो लोग पूरी सावधानी बरत रहे थे किन्तु अब कुछ लोग  सावधानी बरतना तो दूर बेफिक्र होकर घूम रहे हैं और अपने काम में मशगूल हैं ।

उपरोक्त परिस्थिति चिंतनीय है, इसलिए अगर हमें कोरोना को हराना है तो पर्याप्त स्वच्छता और सावधानी बरतने के साथ साथ कोरोना अनुकूल व्यवहारों का पालन करना ही होगा इसके अतिरिक्त हमारे पास और कोई भी विकल्प नहीं है।

कैसे फैलता है कोरोना

रायपुर की मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मीरा बघेल ने बताया किसी व्यक्ति को खांसी या जुकाम है तो उसके छींकने या खांसने के साथ सूक्ष्म चीज़ें भी बाहर आती हैं। अगर इनमें वायरस है तो सांस लेने के दौरान इन्हें ग्रहण कर इससे संक्रमित हो सकते हैं या किसी सतह अथवा वस्तु पर वायरस के कण मौजूद हैं तो संक्रमित वस्तु को छूने से भी संक्रमित हो सकते हैं । 

उन्होंने बताया कुछ सावधानियों का हमेशा पालन करें। ध्यान रखें आप और आसपास के लोग साफ-सफाई के प्रति जागरूरक रहें। खांसी या जुकाम की स्थिति में सभी कोहनी या टिशू पेपर का इस्तेमाल करें। इससे अगर कोई व्यक्ति संक्रमित है तो भी अन्य व्यक्तियों में कोरोना फैलने की संभावना कम होगी।

सलाह का पालन करें

राष्ट्रीय व स्थानीय स्तर पर लागू किए जा रहे चिकित्सीय नियमों का पालन करें। डॉक्टर के संपर्क में रहें और सलाह का पालन करते रहें।

साबुन से हाथ अवश्य धोएं

हाथ धोते समय साबुन का इस्तेमाल जरूर करें और कम से कम 20 सेकंड तक हाथ धोये क्योंकि ऐसा करने से अगर हाथ में वायरस है तो नष्ट हो जाएगा।

तनाव को भगाएं दूर

किसी भी बीमारी का तनाव जायज है लेकिन उससे निपटना जरूरी है। इसके लिए मन में डर पनपने न दे । किसी तरह की चिंताएं व मानसिक तनाव होने पर टोल फ्री नंबर 08046110007 पर मनोचिकित्सक से जरूर बात करें ।

दोस्तों व परिवार के संपर्क में रहें

अगर डर या तनाव की स्थिति में हैं तो विश्वसनीय लोगों से बात करें। परिवार और दोस्तों के संपर्क में रहें और सही सलाह का पालन करें।

 स्वस्थ जीवनशैली का पालन करें

अगर घर पर हैं तो एक हेल्दी लाइफस्टाइल का पालन करें। पर्याप्त नींद, खानपान और व्यायाम करें। फोन और ईमेल के जरिए लोगों के संपर्क में रहें।

एल्कोहल का सहारा न लें

तनाव से निपटने के लिए दवाओं, ध्रूमपान या एल्कोहल का सेवन न करें। ज्यादा तनाव की स्थिति में काउंसलर की मदद ले सकते हैं।

मास्क का करें इस्तेमाल
अगर किसी को खांसी या जुकाम है या किसी संक्रमित व्यक्ति की देखभाल कर रहे हों, ऐसी स्थिति में आप मास्क जरुर पहनें । कई लोग एक ही मास्क को कई-कई दिन तक लगातार पहने रहते  हैं। ऐसा कतई न करें, अगर धुलने योग्य मास्क है तो उसे एक बार प्रयोग के बाद अवश्य धो लें।

इन वचनों का पालन कर कोरोना संक्रमण की करें रोकथाम ।
सतर्कता कोरोना से बचाव का बेहतर उपाय है। इसके लिए विशेष सावधानी एवं सतर्कता जरुरी है जैसे- मास्क लगा ने व 2 गज की शारीरिक दूरी बनाए रखें, सार्वजनिक स्थल हो, किसी ऑफिस के कमरे में अन्य व्यक्तियों के साथ हों या फिर सर्दी, जुकाम हो तो बाहर निकलने से पहले मास्क जरूर लगाएं, छींकते या खांस ने समय रूमाल या टिश्यू पेपर का इस्तेमाल करें, बहुत अधिक इस्तेमाल होने वाली सतहों दरवाजे के हैंडल, या ऐसी जगहों का नियमित सफाई जरूरी है, सार्वजनिक या खुले स्थानों पर नहीं थूकें, ऐसा करना दंडनीय अपराध है, बहुत जरूरी हो तभी यात्रा करें, कोवि़ड- 19 संक्रमित या उसके परिवार वालों से भेदभाव नहीं करें सहानुभूति से पेश आएं, अपने स्वास्थ्य की मॉनिटरिंग करने के लिए आरोग्य सेतु ऐप का इस्तेमाल करें, कोविड-19 को लेकर होने वाली चिंताएं या मानसिक दबाव के लिए 08046110007 फ्री हेल्पलाइन नंबर पर बातकर मनोचिकित्सक से आवश्यक सलाह लें।


आंगनबाड़ी कार्यकर्ता गृहभ्रमण कर गर्भवती व शिशुवती महिलाओं को कर रहीं जागरूक

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता गृहभ्रमण कर गर्भवती व शिशुवती महिलाओं को कर रहीं जागरूक

27-Aug-2020

रायपुर  राजधानी में कोविड-19 से लोगों को बचाने के लिए फ्रंट लाइन वारियर्स के रुप में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता लगातार सर्वे कार्य और हितग्राही मूलक योजना को क्रियांवित करने में जुटी हुई हैं। कोविड-19 से बचाव और स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए जरूरी  उपायों की जानकारी देते हुए रोज घरों में पहुंच कर  गर्भवती महिलाओं व शिशुवती माताओं को जागरुक कर रही है। गुढियारी सेक्टर के नया तालाब आंगनबाड़ी केंद्र की कार्यकर्ता श्रीमती अर्चना चक्रवती ने आज गृहभेंट के दौरान माताओं को नवजात शिशुओं की देखभाल कैसे करनी है के बारे में बताया ।

गृहभ्रमण में शिशुवती माता दुर्गावती पटेल के घर पहुंच कर उन्होंने 2 माह के बच्चे को स्तनपान कराने को लेकर एवं कंगारू मदर केयर के सम्बंध में जानकारी दी।  दुर्गावती ने बताया, सीजेरियन डिलवेरी होने के बाद अब 2 माह की बेबी को स्तनपान कराने में दिक्कतें आ रही है। मां का दूध पर्याप्त नहीं आने से बच्चे का पेट आधा ही भरता है। जबकि शिशुओं को 6 माह तक केवल स्तनपान की सलाह ही बतायी जाती है।

दुर्गावती ने शिशु को बाहरी दूध देना शुरु किया था लेकिन आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अर्चना चक्रवर्ती द्वारा शिशुवती माता दुर्गावती पटेल को स्तनपान को लेकर होने वाली समस्याओं को दूर करने के लिए पर्याप्त पानी और भोजन में पोषक तत्वों युक्त आहार लेने की सलाह दी । इसके अलावा आंगनबाड़ी केंद्र में मिलने वाली रेडी-टू-ईट का नियमित सेवन भी करने को कहा ।

शिशुवती को मां के दूध बनने के लिए शरीर को जरुरत पड़ने वाले तत्वों व समय-समय पर आहार की प्रक्रिया व मां का सही रूप से बैठकर बच्चे को छाती से लगाकर दूध पिलाने की विधि बताई  गई। इससे 15 से 30 दिन में ही शिशुवती माता को पर्याप्त दूध आने लगा है साथ ही बच्चे को स्तनपान से वंचित होने से भी बचाया गया।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा महिलाओं को स्तनपान से जुड़ी सभी बातों के चित्र दिखाकर समझाया जाता है । अब दुर्गावती को बाहर का दूध खरीदकर शिशु को पिलाने की जरुर नहीं पड़ेगी। कई बार गृहभ्रमण कर समझाने के बाद  दुर्गावती  ने अपना खानपान सुधारा एवं अपने भोजन में जरूरी पोषक तत्वों को शामिल किया जिसके परिणामस्वरूप अब उसे पर्याप्त दूध बन रहा है और उसके बच्चे का पेट भी भर रहा है ।

गुढियारी सेक्टर पर्यवेक्षक रीता चौधरी ने बताया, गुढियारी सेक्टर के  आंगनबाड़ी केंद्रों में 316 शिशुवती  एवं 270 गर्भवती महिला  पंजीकृत है। उनका कहना है कि 6 माह के पश्चात बच्चे को पोषण आहार की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए पर्याप्त खाद्य पदार्थों को शामिल करने को लेकर विडियों की सहायता से जानकारी दी जा रही। बच्चे की बढती उम्र के साथ समग्र विकास के लिए सभी पोषक तत्वों का भोजन में समावेश होना नितांत ही महत्वपूर्ण है। शिशुवती माताओं को सही आहार व पोषक तत्वों की पूर्ति से बच्चों को छः माह तक केवल स्तनपान कराने के  लिए समझाया जा रहा है।


आधार केंद्र पर करा रहा शारीरिक दूरी का पालन

आधार केंद्र पर करा रहा शारीरिक दूरी का पालन

26-Aug-2020

लोगों का मिल रहा सहयोग
बिना मास्क है प्रवेश निषेध

रायपुर 

आधार केंद्र पर कोरोना वायरस से लाभार्थियों को बचाने के लियें केंद्र द्वारा शारीरिक दूरी का पालन और भीड़ नियंत्रित करने के लिये टोकन के द्वारा प्रवेश दिया जा रहा है । केंद्र पर पहुचने पर सुरक्षा साथी लाभार्थियों का टेंपरेचर लेकर और हाथों को सैनिटाइजर से सेनीटाइज करवाते हैं उसके बाद ही केंद्र के अंदर प्रवेश दिया जा रहा है। क्षमता से अधिक लोग होने पर लोगों को बाहर ही रोक कर रखा जाता है और दूरी बनाए रखने को कहा जाता है ।

श्याम प्लाजा स्थित आधार केंद्र के ऑपरेशन मैनेजर मोहम्मद अमीन अंसारी कहते हैं कोविड- 19 के दौर में आधार केंद्र को अब अनलॉक कर दिया गया है नियमित रूप से लोगों का आना हो रहा है । प्रतिदिन 150 से 175 लोग आधार कार्ड के लिए आते हैं । उनकी स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा साथी के द्वारा ताप मशीन के माध्यम से उनका ताप लिया जाता है ।

सुरक्षा साथी उनके हाथों को सैनिटाइज करवाता है साथ ही जो साथी मास्क के बगैर आते हैं उन्हें मास्क पहनकर आने की निवेदन किया जाता है । अंदर जाने से पूर्व उन्हें शारीरिक दूरी बनाए रखने का कहा जाता है जैसे ही लाभार्थी परिसर में प्रवेश करता है उसकी आवश्यकतानुसार फॉर्म प्रदान किया जाता है । फॉर्म भर कर शारीरिक दूरी का पालन करते हुए वह अपना टोकन नंबर लेता है । टोकन नंबर के उपरांत उसके कार्य के अनुरूप जो पेमेंट लिया जाना है उसके बारे में जानकारी देकर उसे पेमेंट काउंटर पर भेज दिया जाता है एवं वहाँ पर भी शारीरिक दूरी बनाए रखने एवं मास्क लगाए रहने की हिदायत दी जाती है ।

आधार कार्ड के लिए जो प्रक्रिया की जाती है उस समय भी सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाता है जैसे फिंगरप्रिंट लेते समय मशीन को सैनिटाइज किया जाता है साथ ही हाथों को सैनिटाइज करके ही मशीन पर फिंगरप्रिंट लिया जाता है। इसी प्रकार रेटीना मार्किंग की मशीन का भी इस्तेमाल किया जाता है ।

मोहम्मद अंसारी कहते हैं कि परिसर में बैठने के लिए भी गाइडलाइन के अनुसार व्यवस्था की गई है साथ ही उन्होंने कहा कि मैं उन माताओं से भी अपील करना चाहता हूं जो  आधार केंद्र पर अपने काम से आ रही है तो छोटे बच्चों को साथ में ना लाएं इसके अलावा जो भी अपने आधार कार्ड के लिए आता है वह मास्क लगाकर आए, सरकार द्वारा समय-समय पर जारी की गई गाइडलाइन है का पालन करें ।

क्या कहते है लाभार्थी

आधार कार्ड में मोबाइल नंबर की त्रुटि सुधार के लिए आई सोनम दुबे बताती हैं कि मात्र आधे घंटे में मेरा काम हो गया टोकन मिलने के बाद मेरा दसवां नंबर था मैं अपने स्थान पर बैठी रही टोकन नंबर की आवाज दी मैं वहां गई और 5 से 10 मिनट में मेरी सारी प्रक्रिया पूरी हो गई ।

निवेदन कर करवा रहे है शारीरिक दूरी का पालन

बाहर एवं परिसर में एक जगह एकत्रित हो रहे लोगों को शारीरिक दूरी का पालन के लिये निवेदन किया जाता है। लोग को भी इसके प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझना हैं। वहां ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा साथी की बात को सुनने को लोग तैयार नहीं होते हैं तो उनको हाथ जोड़कर निवेदन भी किया जाता है और सहयोग के लियें निवेदन भी किया जाता है ।

क्या कहते हैं केंद्र के कर्मचारी

आधार केंद्र में त्रुटि सुधार के लिए नियुक्त मनीषा साहू कहती है कोरोना वायरस काल में लोगों को बर्दाश्त करने की क्षमता अपने अंदर विकसित करनी होगी । क्योंकि कोई भी प्रक्रिया एक निश्चित समय में पूर्ण होती है । हम लोग भी जब एक साथी को बुलाकर उसकी आधार की प्रक्रिया करते हैं तो उस प्रक्रिया में एक समय लगता है जब तक वह प्रक्रिया पूर्ण नहीं होगी तो हम दूसरे साथी को नहीं बुला सकते । लोग अपने टोकन का इंतजार नहीं करते हैं और बार-बार आकर पूछते रहते हैं । मेरा उन सभी  लोगों से निवेदन है कि वह कहीं भी जाएँ  तो अपने समय का इंतजार करें ।

सुरक्षा साथी अमन सिंह कहते हैं कि लोग आते हैं तो उनको लगता है कहीं मेरा काम आज नहीं हुआ तो क्या होगा जबकि सबका काम यहां हो ही जाता है । लोग अपनी बारी का इंतजार नहीं करते हैं उनको लगता है कहीं मेरा काम नहीं हुआ तो क्या होगा हम भी उनको पूरा आश्वासन देते हैं कि आपका काम आज ही पूरा हो जाएगा आप इंतजार करें हड़बड़ी ना करें भीड़ लगाने से बचें सुरक्षित रहें ।

इन वचनों का करें पालन

वचनों का पालन कर कोरोना संक्रमण की करें रोकथाम- सतर्कता कोरोना से बचाव का बेहतर उपाय है। इसके लिए विशेष सावधानी एवं सतर्कता जरुरी है जैसे- मास्क लगाने व 2 गज की शारीरिक दूरी बनाए रखें, सार्वजनिक स्थल हो, किसी ऑफिस के कमरे में अन्य व्यक्तियों के साथ हों या फिर सर्दी, जुकाम हो तो बाहर निकलने से पहले मास्क जरूर लगाएं, छींकते या खांसने समय रूमाल या टिश्यू पेपर का इस्तेमाल करें, बहुत अधिक इस्तेमाल होने वाली सतहों दरवाजे के हैंडल, या ऐसी जगहों का नियमित सफाई जरूरी है, सार्वजनिक या खुले स्थानों पर नहीं थूकें, ऐसा करना दंडनीय अपराध है, बहुत जरूरी हो तभी यात्रा करें, कोवि़ड- 19 संक्रमित या उसके परिवार वालों से भेदभाव नहीं करें सहानुभूति से पेश आएं, अपने स्वास्थ्य की मॉनिटरिंग करने के लिए आरोग्य सेतु ऐप का इस्तेमाल करें, कोविड-19 को लेकर होने वाली चिंताएं या मानसिक दबाव के लिए 08046110007 फ्री हेल्पलाइन नंबर पर बात कर मनोचिकित्सक से सलाह आवश्यक लें।

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गंभीर श्वसन रोग से पीड़ित बच्चों के लिए मास्क इस्तेमाल जरुरी

गंभीर श्वसन रोग से पीड़ित बच्चों के लिए मास्क इस्तेमाल जरुरी

25-Aug-2020

गंभीर श्वसन रोग से पीड़ित बच्चों के लिए मास्क का इस्तेमाल है जरूरी

•         बच्चों में मास्क के इस्तेमाल पर विश्व स्वास्थ्य संगठन ने दिया गाइडलाइन

•         मास्क लगाने में परेशानी है तो बच्चों के लिए है फेस शील्ड का विकल्प 

•         बच्चों को पैरेंट्स व स्कूल प्रबंधन मास्क इस्तेमाल के प्रति करें जागरूक

रायपुर/ छत्तीसगढ़ , 25 अगस्त: वैश्विक महामारी कोविड 19 का असर बच्चों पर भी पड़ा है. कोरोना काल में बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए उनके पोषण का ध्यान रखने के अलावा सुरक्षात्मक नियमों की जानकारी देना व उसका पालन करवाना आवश्यक है. कोरोना संक्रमण के जोखिम की रोकथाम के लिए बच्चों में मास्क के इस्तेमाल को बढ़ावा दिये जाने की जरूरत पर विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी बल दिया है. साथ ही शारीरिक दूरी के नियम का पालन, हाथों की स्वच्छता और घरों के अंदर के हिस्सों का हवादार होना भी जरूरी बताया है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन(डबल्यूएचओ) ने एडवाइस ऑन द यूज ऑफ मास्क फॉर चिल्ड्रेन इन द कम्यूनिटी इन द कंटेक्सट ऑफ कोविड 19 नाम से जारी गाइडलाइंस में उम्र के अनुसार बच्चों में नॉन मेडिकल मास्क यानी कपड़ों से बनाये गये मास्क के इस्तेमाल को लेकर विशेष चर्चा की है.

मास्क के इस्तेमाल के बारे में दे जरूरी जानकारी:

डबल्यूएचओ के मुताबिक 6 से 11 साल के उम्र के बच्चों को उन जगहों पर मास्क जरूर लगाने के लिए कहें जहां पर अधिक लोग मौजूद हैं और संक्रमण का खतरा हो सकता है. डबल्यूएचओ ने सलाह दी है कि बच्चों को मास्क के बारे में जानकारी और उसके पहनने के तरीके को विस्तार से बताया जाना चाहिए. जब बच्चे मास्क लगायें तो ध्यानपूर्वक देख लें कि उन्होंने सही से मास्क लगाया है या नहीं.  वहीं डबल्यूएचओ ने 5 साल या इससे कम उम्र के बच्चों के लिए मास्क अनिवार्य नहीं बताया है. तथा बच्चों के खेलते समय व शारीरिक गतिविधियों के दौरान मास्क लगाने को जरूरी नहीं कहा है. 

माता पिता व स्कूल प्रबंधन बच्चों को करें जागरूक:

डबल्यूएचओ ने माता पिता सहित स्कूल प्रबंधन, स्वास्थ्य संबंधी नीतिगत फैसले लेने वाली एंजेंसियां व स्वास्थ्य विभाग द्वारा संक्रमण के बारे में पर्याप्त जानकारी देने और मास्क का इस्तेमाल करवाने की बात भी कही है. संगठन के अनुसार छोटी उम्र के बच्चों की तुलना में बड़ी उम्र के बच्चों के संक्रमण से प्रभावित होने और उनके द्वारा संक्रमण फैलाने में उनकी सक्रिया भूमिका देखी गयी है. उनके साझा अध्ययन के मुताबिक 1 से 7 प्रतिशत बच्चों में कोविड 19 मामले होने की सूचना है लेकिन अन्य आयु समूह की अपेक्षाकृत उनकी मौत बहुत कम है.

गंभीर श्वसन रोग से पीड़ित बच्चों के लिए मास्क जरूरी:

डबल्यूएचओ के अनुसार गंभीर श्वसन रोग से पीड़ित बच्चों को हर हालात में मास्क पहनाना आवश्यक है. पांच साल या उससे कम उम्र के बच्चों को शारीरिक दूरी रखने, बार बार हाथ धोने व व्यक्तिगत साफ सफाई की जानकारी देनी चाहिए. उन्हें यह भी बताना है कि कब और किन जगहों पर उन्हें मास्क लगाना जरूरी है. यदि बच्चे मास्क सहन नहीं कर पाते हैं उनके लिए फेस शील्ड दूसरा विकल्प है. साथ ही उन्हें बीमार लोगों के संपर्क में आने नहीं दिया जाना चाहिए.


रायपुर : मुख्यमंत्री 20 अगस्त को राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत 19 लाख किसानों के खातों में अंतरित करेंगे 1500 करोड़ रूपए की दूसरी किश्त

रायपुर : मुख्यमंत्री 20 अगस्त को राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत 19 लाख किसानों के खातों में अंतरित करेंगे 1500 करोड़ रूपए की दूसरी किश्त

18-Aug-2020

प्रदेश के 11.46 लाख से अधिक तेंदूपत्ता संग्राहकों को मिलेगा
 232.81 करोड़ रूपए का प्रोत्साहन पारिश्रमिक

गोधन न्याय योजना: विक्रेताओं को दूसरे पखवाड़े में बेचे गए गोबर की मिलेगी राशि   

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित होगा कार्यक्रम

राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत ...

 मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल अपने मंत्री मण्डल के सहयोगियों के साथ पूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न स्वर्गीय श्री राजीव गांधी की जयंती 20 अगस्त को अपने निवास कार्यालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित कार्यक्रम में राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत प्रदेश के 19 लाख किसानों को 1500 करोड़ रूपए की दूसरी किश्त की राशि का ऑनलाईन अंतरण करेंगे। मुख्यमंत्री इस अवसर पर तेंदूपत्ता संग्राहकों को वर्ष 2018 के प्रोत्साहन पारिश्रमिक के रूप में 232.81 करोड़ की राशि उनके खातों में अंतरित करेंगे साथ ही गोधन न्याय योजना के तहत गोबर विक्रेताओं को दूसरे पखवाड़े में बेचे गए गोबर की राशि का अंतरण भी करेंगे।

    छत्तीसगढ़ सरकार की राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत प्रदेश के 19 लाख किसानों को 5750 करोड़ की अनुदान सहायता राशि दी जा रही है। जिसमें प्रथम किश्त के रूप में 1500 करोड़ की राशि राजीव गांधी जी के शहादत दिवस 21 मई को प्रदान की गई थी वहीं इस योजना के तहत दूसरी किश्त के रूप में 1500 करोड़ की राशि 20 अगस्त को प्रदान की जा रही है। राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में गोधन न्याय योजना के तहत दो रूपए प्रति किलो की दर से गोबर की खरीदी की जा रही है। इस योजना के तहत 2 अगस्त से 15 अगस्त तक खरीदे गए गोबर की राशि भी विक्रेताओं को उनके खातों में अंतरित की जाएगी।
    इस अवसर पर प्रदेश के 114 विकासखण्डों के अंतर्गत तेंदूपत्ता संग्रहण वर्ष 2018 सीजन में 728 समितियों के 11 लाख 46 हजार 626 तेंदूपत्ता संग्राहकों को 232 करोड़ 81 लाख रूपए की प्रोत्साहन पारिश्रमिक की राशि वितरित की जाएगी। मुख्यमंत्री श्री बघेल यह राशि सीधे तेंदूपत्ता संग्राहकों के खाते में आर.टी.जी.एस. के जरिए अंतरित करेंगे। तेंदूपत्ता संग्राहकों को प्रोत्साहन पारिश्रमिक वितरित करने के लिए संबंधित जिलों में जिला स्तर पर और 114 विकासखण्डों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। विकाखण्ड स्तर पर आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों में अधिकतम प्रोत्साहन पारिश्रमिक की राशि प्राप्त करने वाले 10 संग्राहक सदस्यों को सम्मानित किया जाएगा।
    उल्लेखनीय है कि तेंदूपत्ता संग्रहण वर्ष 2018 सीजन में प्रदेश की 880 प्राथमिक वन समितियों द्वारा कुल 14.85 लाख मानक बोरा तेंदूपत्ता का संग्रहण किया गया था। संग्रहण पारिश्रमिक की दर वर्ष 2018 में 2500 रूपए प्रति मानक बोरा थी। वर्ष 2018 में 11 लाख 98 हजार 673 तेंदूपत्ता संग्राहकों को 371.15 करोड़ रूपए की राशि संग्रहण पारिश्रमिक के रूप में वितरित की गई थी। इन 880 समितियों में से 854 समितियों के तेंदूपत्ता का निर्वर्तन निविदा के माध्यम से किया गया है। इनमें से 728 समितियां लाभ की स्थिति में रहीं। तेंदूपत्ता व्यापार से शुद्ध लाभ की 80 प्रतिशत राशि प्रोत्साहन पारिश्रमिक के रूप में तेंदूपत्ता संग्राहकों को वितरण करने का प्रावधान राज्य शासन की नीति में है।
    लाभ की स्थिति वाले 728 समितियों के 11 लाख 46 हजार 626 तेंदूपत्ता संग्राहकों को कुल 232.81 करोड़ रूपए की राशि प्रोत्साहन पारिश्रमिक के रूप में वितरित की जाएगी। ये समितियां प्रदेश के 114 विकासखण्डों के अंतर्गत स्थित है। जिन संग्राहकों के बैंक खातों का विवरण प्राप्त हो गया है, उनके खाते में यह राशि सीधे एक्सिस बैंक के माध्यम से आर.टी.जी.एस से भेजी जाएगी।

 


तनाव को कम करने के लिये बनेगा स्वास्थ्य ग्रुप

तनाव को कम करने के लिये बनेगा स्वास्थ्य ग्रुप

18-Aug-2020

किशोरियों को स्वास्थ्य के प्रति आत्मनिर्भर  बनाने पर बैठक का आयोजन

रायपुर 
मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत माना बस्ती क्षेत्र की किशोरियों को स्वास्थ्य के प्रति आत्मनिर्भर बनाने पर मितानिन बैठक का आयोजन किया गया । इस बैठक का उद्देश्य किशोरियों को मानसिक समस्या से मुक्ति दिलाना और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना है। मितानिन बैठक में ज़िला चिकित्सालय रायपुर, स्पर्श क्लिनिक के चिकित्सा मनोवैज्ञानिक डी.एस परिहार द्वारा किशोरियों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाने की जानकारी प्रदान की गई ।

बैठक की जानकारी देते हुए ज़िला चिकित्सालय रायपुर, स्पर्श क्लिनिक के चिकित्सा मनोवैज्ञानिक डीएस परिहार ने बताया वर्तमान समय में कोरोनावायरस संक्रमण तेजी से फैल रहा है । जिसके कारण लोगों के मन में एक तनाव की स्थिति बनी हुई है इसलिए इससे  मुक्ति दिलाने के लिए मानसिक स्वास्थ्य पर प्रश्नोत्तरी, चित्रकला, गायन के जरिये से किशोर-किशोरियों को जागरूक किया जाएगा। साथ ही किशोरियों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के लियें मोबाइल पर किशोरियों का एक स्वास्थ्य ग्रुप भी बनाने का प्रस्ताव बना है ।  जिसे ‘’जय हो’’ के नाम से बनाया गया है ।

उन्होंने जानकारी दी कि ‘’जय हो’’ ग्रुप के माध्यम से मितानिन किशोरियों को आत्मनिर्भर बनने के वीडियो देखने और तनाव को कैसे कम करें,लोगों से अपनी बात कैसे रखें,अपना राजदार किसको बनाएं, माता-पिता से बेहतर आपका कोई भी राजदार नहीं होता है । साथ ही माहवारी के दिनों में स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता बढ़ाने और लॉक डाउन एवं अनलॉक के समय में किस प्रकार बेहतर हाइजीन रख सकते हैं साथ ही इस ग्रुप के माध्यम से  पोषण आहार और इम्यूनिटी के बारे में भी जानकारी दी जायेगी ।

चिकित्सा मनोवैज्ञानिक परिहार ने कहा इस ग्रुप में किशोरियों को स्वास्थ्य, आहार, किशोरी प्रजनन तथा जीवन कौशल से संबंधित स्वास्थ्य , व्यक्तिगत स्वच्छता और सफाई, शारीरिक व्यायाम, प्राथमिक उपचार, सुरक्षित पेयजल, अतिसार प्रबंधन तथा आहार के अंतर्गत मूलतत्व, खाने पकाने की स्वस्थ आदतें, गर्भावस्था के दौरान आहार और शिशु देखभाल से संबंधित जानकारी देना है ।

इसके अतिरिक्त इस ग्रुप के माध्यम से किशोरीयों को  प्रजनन तथा यौनिक स्वास्थ्य के अंतर्गत परिवार नियोजन, एचआईवी, एड्स, यौन शिक्षा, तथा जीवन कौशल के अंतर्गत निर्णय लेना, संप्रेषण, दबाव प्रबंधन, नेतृत्व, गृह प्रबंधन, सार्वजनिक सेवाएं प्राप्त करने  कानूनी अधिकारों की जानकारी प्रदान करने से संबंधित वीडियो  भी भेजे जायेगें ।

इस दौरान माना बस्ती की सरपंच उषा सोनी, मितानिन ट्रेनर पुष्पा साहू, मितानिन मीरा बैस, पूनम निर्मलकर, लता पटेल, विष्णी ध्रुव, अनीता यदु, के साथ-साथ माना बस्ती क्षेत्र की मितानिन एवं किशोरियाँ  उपस्थित रहीं।

 


कोविडकाल में सक्रिय स्वास्थ्यकर्मी हुए सम्मानित

कोविडकाल में सक्रिय स्वास्थ्यकर्मी हुए सम्मानित" स्टोरी आपके अवलोकनार्थ प्रेषित कर रहे हैं।

17-Aug-2020

- कोविड-19 दिशा निर्देशों के अनुरूप मनाया गया स्वतंत्रता दिवस समारोह

कोरबा 16 अगस्त, 2020। इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस समारोह कोरोना संक्रमण के कारण कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए विशेष सावधानियों के साथ मनाया गया। सीएसईबी ग्राउंड कोरबा में फिजिकल डिस्टेंसिंग का विशेष ध्यान रखते हुए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कोरोनावायरस महामारी से लड़ाई में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करने वाले कोरोना वारियर्स पुलिस कर्मियों, स्वास्थ्य कर्मियों एवं स्वच्छता कर्मियों को विशेष रूप से आमंत्रित कर उन्हें सम्मानित किया, जिसमें स्वास्थ्य विभाग के 15 कर्मी भी शामिल थे।

सम्मान पाने वालों में जिला अस्पताल कोरबा से संबंद्ध डॉक्टर एवं अन्य स्टाफ भी शामिल रहे। समारोह में कलेक्टर किरण कौशल (आई.ए.एस.), स्वास्थ्य विभाग , पुलिस विभाग एवं नगर निगम के अधिकारी मुख्य रूप से मौजूद रहे।

इनका हुआ सम्मान- समारोह के दौरान सम्मान पाने वालों में डॉ. रूद्रभान सिंह बीएमओ कटघोरा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, अशोक सिंह (सीपीएम कोरबा), डॉ. कुमार पुष्पेश (डीएमओ कोरबा), डॉ. देवेन्द्र गुर्जर (हॉस्पीटल कन्सल्टेंट जिला अस्पताल कोरबा), डॉ. प्रेम प्रकाश आनंद (एपीडेमियोलॉजिस्ट कोरबा), दिनेश साहू ( मेडिकल लैब टेक्नोलॉजिस्ट जिला अस्पताल कोरबा) , राजेन्द्र मानसार ( मेडिकल लैब टेक्नोलॉजिस्ट प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पताड़ी), डॉ. मुनीत कश्यप ( आयुष मेडिकल ऑफिसर आरबीएसके टीम ), राम प्रसाद भार्गव ( रूरल हेल्थ ऑफिसर भोंठा विकासखंड कोरबा), महेन्दऱ मरावी (एटीएलएस कटघोरा कोरबा), विमलेश बारी ( डाटा मैनेजर कोरबा), संजय कुमार राज ( स्टाफ नर्स कोरबा), नीलिमा टोप्पो ( स्टाफ नर्स सीएचसी पताड़ी), सावन बरेट ( डाटा एंट्री ऑपरेटर) तथा डॉ. दीपक राज ( चिकित्सा अधिकारी, पीएचसी कोरबा ) शामिल हैं।

सीएमएचओ कार्यालय में कार्यक्रम- सीएमएचओ कार्यालय में भी सादगी पूर्वक स्वतंत्रता दिवस मनाया गया। जिले में बेहतर कार्य करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों की सीएमएचओ डॉ.बी.बी.बोर्डे ने सराहना की। साथ ही कोरोना महामारी के दौरान जिले के स्वास्थ्य कर्मियों की कर्तव्यनिष्ठा की सराहना करते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना भी की। इस मौके पर जिला कार्यक्रम प्रबंधक पद्माकर शिंदे, जिला सामुदायिक प्रक्रिया प्रबंधक अशोक सिंह एवं अन्य विभागीय कर्मचारी उपस्थित रहे।


ऐक्टिव सर्विंलेंस टीम के साथ सर्वे के लिए घर-घर पहुंचे कोरोना वारियर्स स्वास्थ्य कार्यकर्ता

ऐक्टिव सर्विंलेंस टीम के साथ सर्वे के लिए घर-घर पहुंचे कोरोना वारियर्स स्वास्थ्य कार्यकर्ता

13-Aug-2020

धमतरी, 10 अगस्त 2020। जिले के ब्लॉक कुरुद के अंतर्गत ग्राम नारी में कोरोना संक्रमित एक युवक के मिलने के बाद प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम अलर्ट हो गई है। शनिवार की शाम से ही गांव में युवक के ब्राह्मणपारा स्थित निवास से लगे आस-पास के घरों व गली को कंटेंटमेंट एरिया घोषित कर दिया गया है । गांव में एक्टिव सर्विलेंस के तहत सर्वे के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम तैनात की गई है, इसके अंतर्गत  कोरोनावायरस के उपचाराधीनों की खोज करने कंटेंटमेंट एरिया के 50 घरों में डोर-टू-डोर सर्वे कर सर्दी, खांसी, बुखार, बीपी व शुगर के मरीजों की जानकारी जुटायी जा रही है।

सीएचसी के बीएमओ डॉ. यू.एस. नवरत्न ने बताया संक्रमित युवक के क्लोज कांटेक्ट में आने वाले 5 व्यक्तियों को होम आइसोलेशन करते हुए सभी का सेम्पेल जांच के लिए भेजा गया है। वहीं 50 घरों के लगभग 382 लोगों का सर्वें कर सामान्य सर्दी- खांसी के 2 एवं बीपी और शुगर के 12 मरीजों को चिन्हाकंन किया है। ग्राम में मुनादी करवा कर आम जनता को महामारी से बचने व सावधानी  बरतने एवं  कोई भी लक्षण नजर आने पर तुरंत जांच कराने की अपील की गई। इसके अलावा गांव में अन्य जिलों व प्रदेश से आने वालों लोगों की जानकारी ग्राम पंचायत में देने की सूचना ग्रामीणों को दी जा रही है। 

नारी के आरएचओ हरिशंकर साहू ने बताया सभी जनसमुदाय को कोरोना वायरस से बचाव एवं सुरक्षात्मक दिशा निर्देश के सबंध में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए मास्क व सेनेटाइजर का उपयोग करने की जानकारियां दी गई। आरएचओ ने बताया युवक कुछ दिन पूर्व रायपुर से गांव लौटा था। बुखार आने पर प्राथमिक उपचार लिया था लेकिन तबीयत में सुधार नहीं होने पर राजधानी के डॉं अंबेडकर हॉस्पिटल में जांच कराया। रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद चिकित्सकों के परामर्श पर युवक को अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती करा दिया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा युवक की कॉन्ट्रेक्ट हिस्ट्री निकाली गई जिसमें 5 लोग संपर्क में आए थे। covid-19 के गाइड लाईन के तहत संक्रमित घर के 50 मीटर के आस-पास एरिया को सेनिटाइज का कार्य ग्राम पंचायत द्वारा कराया गया है।

एक्टिव सर्विलेंस की टीम बीईईटीओ डी.एस. ठाकुर एवं  बीपीएम रोहित  पान्डे के निर्देशानुसार सुबह से लेकर शाम तक सर्वे कार्य कर कोरोनावायरस की जानकारी घर-घर से जुटा रहे हैं। संक्रमित व्यक्तियों के संपर्क में आए लोगों के साथ बीमारियों से ग्रसित व्यक्तियों की जानकारी ली जा रही है। सर्वे कार्य में फ्रंट लाइन कोरोना वारियर्स में प्रमुख रूप से प्रभारी चिकित्सा अधिकारी राजेश भतपहरी, सेक्टर प्रभारी सुपरवाइजर अशोक अंसारी, एएमओ  दिग्विजय सिंह एवं परखंदा सेक्टर के अंतर्गत आने वाले समस्त हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर में कार्यरत आरएचओ हरिशंकर साहू, रश्मि साहू, मुकेश पटेल, मंजीता नाग, आरती शर्मा, मीनाक्षी पटेल, कुसुम, अनामिका ठाकुर एवं ग्राम नारी के समस्त मितानिन दीदी ऊषा, झामिन, टामिण, अनिता व देवकुमारी का विशेष सहयोग मिल रहा है।


स्वास्थ्य विभाग के 15 कोरोना वारियर्स होंगे सम्मानित

स्वास्थ्य विभाग के 15 कोरोना वारियर्स होंगे सम्मानित

12-Aug-2020

TNIS

- कोविड-19 दिशा निर्देशों के अनुरूप मनाया जायेगा स्वतंत्रता दिवस समारोह

कोरबा 11 अगस्त, 2020। जिला स्तर पर आयोजित होने वाले स्वतंत्रता दिवस समारोह कार्यक्रम में, कोरोनावायरस महामारी के विरूद्ध लड़ाई में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करने वाले कोरोना वारियर्स को सम्मानित किया जायेगा। कोरोना महामारी की वजह से इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस समारोह सादगी से मनाया जाएगा। परंतु कोविडकाल में अपनी जान की परवाह किए बगैर लोगों की सेवा में तत्पर, स्वास्थ्य विभाग के 15 कोरोनावारियर्स को सम्मानित किया जाएगा।

इस संबंध में डॉ. बी.बी. बोर्डे सीएमएचओ कोरबा ने बताया कोविड-19 को देखते हुए इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस समारोह अलग ढंग से मनाया जाएगा। जिला स्तर पर आयोजित कार्यक्रम में कोरोना वारियर्स को विशेष रूप से आमंत्रित कर उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किए जाने की जानकारी कलेक्टर कार्यालय से प्राप्त हुई है। इसे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग कोरबा की ओर से सक्रिय 15 कोरोना वारियर्स की सूची तैयार की जा रही है जिसे शीघ्र कलेक्टर कार्यालय भेजा जाएगा।  दूसरी ओर जिले में बेहतर कार्य करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों को सीएमएचओ कार्यालय में भी सम्मानित किया जाएगा।

कोरोना संक्रमण से बचाव की जानकारी - कोरोना के बढ़ते प्रसार के मद्देनजर भारत सरकार गृह मंत्रालय एवं स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी  गाइडलाइन में कोरोना संक्रमण से बचाव के बारे में विस्तार से जानकारी दी गयी है।  गाइडलाइन में बिना गले लगे एक दूसरे का अभिवादन करने, शारीरिक दूरी रखने, मास्क लगाने व आंख, नाक और मुंह को गंदे हाथों से नहीं छूने के वचनों के पालन के लिए कहा गया है इसके अलावा श्वसन संबंधी सफाई व सुरक्षा का पालन करने,नियमित हाथों को धोने, तंबाकू का इस्तेमाल नहीं करने एवं अलग.अलग सतहों को नियमित कीटाणुरहित करने की सलाह दी गयी है । महामारी के दौरान कोरोना संक्रमितों से भेदभाव एवं कोरोना को लेकर सोशल मीडिया पर अफवाह फ़ैलाने की बातें सामने आयी हैं , जिसे ध्यान में रखते हुए गाइडलाइन में कोरोना संक्रमितों से भेदभाव नहीं करने एवं कोविड 19 संक्रमण से जुड़े नकारात्मक व बिना पुष्टि की गयी बातों को सोशल मीडिया के माध्यम से नहीं भेजने की अपील की गयी है । साथ ही कोविड 19 के बारे में किसी मदद या जानकारी के लिए टॉल फ्री नंबर 104 पर फोन पर तनाव या अवसाद को दूर करने के लिए आवश्यक मदद प्राप्त करने जैसी प्रतिज्ञा लेकर उनके पालन करने के लिए कहा गया है।

 


मिनीमाता की पुण्यतिथि पर सादर श्रद्धांजलि : हुलेश्वर जोशी

मिनीमाता की पुण्यतिथि पर सादर श्रद्धांजलि : हुलेश्वर जोशी

11-Aug-2020

हुलेश्वर जोशी

(15 मार्च 1013 - 11 अगस्त 1972)

रायपुर : आज मिनीमाता की पुण्यतिथि है; वही मिनीमाता उर्फ मीनाक्षी जो स्वतंत्र भारत मे अविभाजित मध्यप्रदेश में प्रथम महिला सांसद हुई जो तीन बार सांसद रही। दिल्ली में विशेषकर मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और असम के लोगों के लिए आश्रयस्थल रही; सतनामी समाज मे जन्मी, साहू समाज द्वारा पालन पोषण की गई और गुरु घासीदास बाबा की बहू अर्थात संविधान निर्माता सांसद गुरु आगम दास की अर्धांगिनी हुई। मिनीमाता मुख्यतः छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और असम में अत्यंत पूज्यनीय है। मिनीमाता हर महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं इनके जीवन और समाज के लिए दिए गए योगदान अत्यंत प्रेरणादायक है।

मिनीमाता जगतजननी के रूप में भी विख्यात रही है; जो भी अमीर गरीब लोग दिल्ली स्थित उनके निवास में जाते वे उनके वात्सल्य से पोषित और संरक्षित होने का सौभाग्य प्राप्त करते। मिनीमाता किसी एक जाति, धर्म अथवा सीमाक्षेत्र के लिए ही नहीं वरन सम्पूर्ण भारतीयों के लिए अत्यंत पूज्यनीय है।

लगभग 5 दशक पूर्व आज के दिन ही दिल्ली के निकट विमान हादसे में मिनीमाता सतलोक गमन कर गई थी।


कोरिया में गोबर चोरी होने की खबर निकली झूठी, गौठान जांच समिति ने किया खंडन

कोरिया में गोबर चोरी होने की खबर निकली झूठी, गौठान जांच समिति ने किया खंडन

10-Aug-2020

TNIS

कोरिया : कोरिया जिले के विकासखण्ड मनेन्द्रगढ़ के अंतर्गत ग्राम पंचायत रोझी में गोधन विक्रेता महिलाओं फूलमती पति लल्ला एवं रिचबुंदिया पति सेम लाल के घर से गोबर चोरी होने की खबर झूठी और भ्रामक निकली, गौठान जांच समिति ने जांच कर इस खबर की खंडन किया है. इससे जाहिर होता है की प्रदेश के कुछ लोग सरकार की मंहती योजन 'गोधन न्याय योजन' आने से असंतुष्ट है जिसके चलते सरकार को बदनाम करने भ्रामक और झूठी खबरे फैला रहे है!, मिली जानकारी के मुताबिक घटना के संज्ञान में आते ही कलेक्टर श्री एस एन राठौर द्वारा आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए गए थे। उक्त घटना पर उन्होंने वस्तुस्थिति की तथ्यात्मक जानकारी देते हुए बताया है कि गौठान से किसी प्रकार की चोरी नहीं हुई। और अभी तक व्यक्तिगत गोबर चोरी की कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है, यदि शिकायत प्राप्त होती है तो तत्काल एफ आई आर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

     कलेक्टर श्री राठौर के निर्देश अनुसार संबंधित गौठान समिति द्वारा मामले में जांच की गई। जांच में दोनों महिलाओं ने गोबर चोरी ना होने की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि उनके घर से गोबर चोरी नहीं हुआ है। पड़ोसी द्वारा व्यक्तिगत इस्तेमाल हेतु गोबर लिया गया था, जिसकी जानकारी बाद में महिलाओं को मिली।
 
       उल्लेखनीय है उक्त दोनों गोधन विक्रेता गोधन न्याय योजना के तहत पंजीकृत हैं एवं गौठान रोझी में गोबर विक्रय कर चुकी है। जिसका भुगतान भी उन्हें प्राप्त हो चुका है।


हमारा संविधान हर समुदाय को न्याय देने का आधार: भूपेश बघेल

हमारा संविधान हर समुदाय को न्याय देने का आधार: भूपेश बघेल

10-Aug-2020

हमारी न्याय दिलाने की विरासत से जुड़ी है ‘राजीव गांधी किसान न्याय योजना’

गोधन न्याय योजना ग्रामीणों की आजीविका और समृद्धि का माध्यम

कोविड-19 का खतरा अभी टला नहीं, बचाव के लिए सावधानी जरूरी

लोकवाणी की नवीं कड़ी: रेडियो वार्ता के जरिए मुख्यमंत्री
आम जनता से हुए रू-ब-रू

रेडियो श्रोताओं से ‘न्याय योजनाएं, नई दिशाएं’ विषय पर चर्चा

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल कल अपनी रेडियो वार्ता लोकवाणी की नवीं कड़ी के माध्यम से आम जनता से रूबरू हुए। उन्होंने 9 अगस्त को अगस्त क्रांति दिवस और विश्व आदिवासी दिवस का विशेषरूप से उल्लेख करते हुए इनके महत्व की चर्चा की। उन्होंने प्रदेशवासियों को विश्व आदिवासी दिवस की शुभकामनाएं भी दीं। श्री बघेल ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने आज के ही दिन वर्ष 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन शुरु करने की घोषणा की और ‘करो या मरो’ का नारा दिया। यह घटना भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का निर्णायक मोड़ साबित हुई।

‘न्याय योजनाएं, नई दिशाएं’

    मुख्यमंत्री ने रेडियो श्रोताओं के साथ ‘न्याय योजनाएं, नई दिशाएं’ की व्यापक अवधारणा और स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर वर्तमान दौर में इसके क्रमशः विकास और आदिवासियों, किसानों, मजदूरों, जरूरतमंदों सहित सभी वर्गाें के लिए न्याय योजना को धरातल पर उतारने के राज्य सरकार के संकल्प को साझा करते हुए कहा कि मेरा मानना है कि हमारी आजादी की लड़ाई का हर दौर न्याय की लड़ाई का दौर था। भारत की आजादी ने न सिर्फ भारतीयों की जीवन में न्याय की शुरूआत की, बल्कि दुनिया के कई देशों में लोकतंत्र की स्थापना और जन-जन के न्याय का रास्ता बनाया। भारत माता को फिरंगियों की गुलामी से मुक्त कराना ही न्याय की दिशा में सबसे बड़ी सोच और सबसे बड़ा प्रयास था। दुनिया ने देखा है कि किस प्रकार हमारा संविधान समाज के हर समुदाय को न्याय देने का आधार बना। आम जनता को समानता के अधिकार, अवसर और गरिमापूर्ण जीवन उपलब्ध कराने के सिद्धांत के आधार पर अन्याय की जंजीरों से मुक्ति दिलाई गई।

    श्री बघेल ने कहा कि आज जब कोरोना संकट के कारण देश और दुनिया आर्थिक मंदी की चपेट में है तब ‘न्याय’ की यही अवधारणा संकटग्रस्त लोगों के जीवन का आधार बन गई है, जिससे लोगों की जेब में सीधे धन राशि जाए और जो ऋण के रूप में नहीं, बल्कि उन्हें सीधे मदद के रूप में हो। श्री राहुल गांधी जी ने देश और दुनिया के विख्यात अर्थशास्त्रियों से विचार-विमर्श करते हुए ‘न्याय’ की इस अवधारणा को प्रतिपादित किया और इसे जमीन पर उतारने का आह्वान किया। मुझे यह कहते हुए खुशी होती है कि छत्तीसगढ़ में हमने इस न्याय योजना के विविध आयामों पर कार्य करना और एक-एक कर उन्हें जमीन पर उतारना शुरू किया है।

किसानों को 2500 रूपए प्रति क्विंटल भुगतान कर वादा निभाया

    मुख्यमंत्री ने कहा कि 17 दिसम्बर 2018 को सरकार बनते ही हमने, पहले दिन से वादा निभाने की शुरूआत कर दी थी। हमने किसानों को 2500 रू. प्रति क्विंटल की दर से तत्काल प्रभाव से भुगतान की प्रक्रिया शुरू कर दी। वर्षों से लंबित 17 लाख 82 हजार किसानों का 8 हजार 755 करोड़ रू. कृषि ऋण माफ कर दिया गया। हमने 244 करोड़ रू. का सिंचाई कर माफ कर दिया था। लोहंडीगुड़ा में 1700 से अधिक आदिवासी किसानों की 4200 एकड़ जमीन वापिस कर दी। हमने तेन्दूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक 2500 रू. प्रति मानक बोरा से बढ़ा कर 4000 रू. प्रति मानक बोरा कर दिया।

वनवासियों के लिए न्याय का व्यापक स्वरूप: 31 वनोपजों की समर्थन मूल्य पर खरीदी और निरस्त वन अधिकार पट्टों की समीक्षा का फैसला

    मुख्यमंत्री ने कहा कि वनांचल में रहने वाले लोगों को कोरोना संकट काल में राहत देने के लिए प्रदेश में 7 से बढ़कर 31 वनोपजों की खरीदी समर्थन मूल्य पर की जा रही है। और हमारा अनुमान है कि आगे चलकर 2500 करोड़ रू की राशि आदिवासियों तथा अन्य वन आश्रित परिवारों को साल भर में मिलेगी। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जनजाति और अन्य परंपरागत वन निवासी -वन अधिकारों की मान्यता अधिनियम-2006 एक मील का पत्थर था। लेकिन छत्तीसगढ़ में 12 वर्षों में इसकी जो उपेक्षा की गई वह किसी से छिपी नहीं है। निरस्त दावों का पहाड़ लगा दिया गया था। हमने न्याय को बहुत व्यापक रूप से समझा और पूर्व सरकार द्वारा निरस्त वन अधिकार पट्टों की समीक्षा का फैसला लिया। इस प्रकार अब बड़ी संख्या में व्यक्तिगत तथा सामुदायिक वन अधिकार पट्टे दिये जा रहे हैं।

सामाजिक न्याय देने जेल में बंद निर्दोष आदिवासियों की मुक्ति का निर्णय


  श्री बघेल ने कहा कि सामाजिक न्याय देने के लिए हमने जेल में बंद निर्दोष आदिवासियों की मुक्ति का निर्णय लिया। झीरम घाटी में हुए हत्याकांड में शहीद परिवारों को न्याय दिलाने का फैसला लिया और इस फैसले को अंजाम तक पहुंचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं। इस तरह हमने समाज के हर वर्ग को शोषण और अन्याय से मुक्त कराने की दिशा में कार्य किया है।

   
   किसानों को अन्याय से बचाने ‘राजीव गांधी किसान न्याय योजना‘ की शुरूआत

    मुख्यमंत्री ने रेडियोवार्ता में कहा कि पहले साल धान के किसानों को 2500 रूपए प्रति क्ंिवटल का दाम देने के बाद जब दूसरा साल आया तो एक बड़ी बाधा सामने आ गई। हमने करीब 83 लाख मीट्रिक टन धान खरीद कर एक नया कीर्तिमान बनाया, इन किसानों को 2500 रू. की दर से भुगतान किया जाना था लेकिन केन्द्र सरकार ने इस प्रक्रिया पर रोक लगा दी। ऊपर से यह कहा गया कि यदि हमने केन्द्र द्वारा घोषित समर्थन मूल्य से अधिक दर दी तो सेन्ट्रल पूल के लिए खरीदी बंद कर दी जायेगी। इस तरह फिर एक बार हमारे किसान अन्याय की चपेट में आ जाते। ऐसी समस्या के निदान के लिए हमने राजीव गांधी किसान न्याय योजना शुरू करने की घोषणा की। हमारी मंशा थी कि किसानों को कर्ज से नहीं लादा जाये बल्कि उनकी जेब में नगद राशि डाली जाए। इस तरह समग्र परिस्थितियों पर विचार करते हुए हमने सिर्फ धान ही नहीं बल्कि मक्का और गन्ना के किसानों को भी बेहतर दाम दिलाने की बड़ी सोच के साथ ‘राजीव गांधी किसान न्याय योजना’ शुरू की।

हमारी न्याय दिलाने की विरासत से जुड़ी है ‘राजीव गांधी किसान न्याय योजना’

    श्री बघेल ने कहा कि राजीव गांधी कहा करते थे, यदि किसान कमजोर हो जायेगा तो देश अपनी आत्मनिर्भरता खो देगा। किसानों के मजबूत होने से ही देश की स्वतंत्रता भी मजबूत होती है। इस तरह से देखिए तो एक बार फिर स्वतंत्रता, स्वावलंबन और न्याय के बीच एक सीधा रिश्ता बनता है। निश्चित तौर पर यह एक बड़ी योजना है, जिसके माध्यम से धान, मक्का और गन्ना के 21 लाख से अधिक किसानों को 5700 करोड़ रूपए का भुगतान उनके बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से किया जाना है। हमने तय किया 5700 करोड़ रू. की राशि का भुगतान 4 किस्तों में करेंगे। जिसकी पहली किस्त 1500 करोड़ रू. 21 मई को किसानों की खाते में डाल दी गई है। 20 अगस्त को राजीव जी के जन्म दिन के अवसर पर दूसरी किस्त की राशि भी किसानों के खाते में डाल दी जायेगी। इस तरह राजीव गांधी किसान न्याय योजना हमारी न्याय दिलाने की विरासत से सीधी तौर पर जुड़ जाती है। उन्होंने कहा कि हमने ‘भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना’ की घोषणा की है ताकि ऐसे ग्रामीण परिवारों को भी कोई निश्चित, नियमित आय हो सके, जिनके पास खेती के लिए अपनी जमीन नहीं है।

गोधन न्याय योजना ग्रामीणों की आजीविका और समृद्धि का माध्यम

    मुख्यमंत्री ने गोधन न्याय योजना के संबंध में रेडियोवार्ता में कहा कि हमने न्याय योजनाओं के क्रम में गोधन न्याय योजना को ग्रामीण जन-जीवन, लोक आस्था ही नहीं बल्कि सीधे आजीविका और समृद्धि का माध्यम बनाने का निर्णय लिया। नरवा-गरवा-घुरवा-बारी अगर छत्तीसगढ़ की चिन्हारी है तो गौ माता हमारी भारतीयता की, भारतीय संस्कृति की, भारतीय लोक आस्था की और हमारी एकता तथा सद्भाव की भी चिन्हारी है। जब हमने गोबर को गोधन बनाने का फैसला किया तो कथित विशेषज्ञों और राजनेताओं के एक वर्ग ने इसका पुरजोर विरोध किया। गोबर से तो हमारे घर आंगन लीपे जाते हैं, गोबर को अपने घर की दीवारों पर थापकर हम कंडे बनाते हैं। गोबर से बेहतर जैविक खाद और कोई नहीं है। गौ मूत्र और गौ माता के उपकारों का मोल तो हो ही नहीं सकता।

    उन्होंने कहा कि गोधन न्याय योजना को हमने छत्तीसगढ़ के हर गांव में गौठान बनाने की योजना के साथ जोड़ा है। हरेली से प्रदेश में गोधन न्याय योजना की शुरूआत करने का अपना विशेष महत्व है। किसानों से गोबर खरीदने की सरकारी दर 2 रूपये प्रति किलो तय की गई है। गौठानों को गोबर खरीदी के लिए सुविधा सम्पन्न बनाया जायेगा। गोबर से वर्मी कम्पोस्ट बनाने के लिए बड़े पैमाने पर प्रशिक्षण की व्यवस्था होगी। प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति तथा लैम्प्स के माध्यम से वर्मी कम्पोस्ट को 8 रू. प्रति किलो की दर से किसानों को बेचा जायेगा। अल्पकालीन कृषि ऋण के अंतर्गत सामग्री घटक में जैविक खाद के रूप में वर्मी कम्पोस्ट शामिल करने का निर्णय लिया जा चुका है। उन्होंने कहा कि मुझे यह कहते हुए खुशी है कि हमने हर गांव में गौठान बनाने का संकल्प लिया है। अभी तक 5300 गौठान स्वीकृत हुए हैं, जिसमें से लगभग 2800 गौठानों का निर्माण पूर्ण हो चुका है। गोधन न्याय योजना से गौ पालन, गौ सुरक्षा, खुली चराई पर रोक, जैविक खाद का उपयोग, इससे जमीन की उर्वरता और पवित्रता में वृद्धि, रसायन मुक्त खाद्यान्न के उत्पादन में तेजी, गोबर संग्रह में तेजी से स्वच्छता का विकास, जैसे अनेक लक्ष्य हासिल होंगे। संग्रहित गोबर से जैविक खाद के अलावा अन्य रसायन मुक्त उपयोगी सामग्रियों के निर्माण से ग्रामीण अंचल की विभिन्न प्रतिभाओं को नवाचार का अवसर मिलेगा। साथ ही पर्यावरण के प्रति दुनिया की बहुत बड़ी चिंता और समस्या का समाधान भी हमारी गोधन न्याय योजना करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस प्रकार हमारे वेद-पुराणों ने, महात्मा गांधी, पं. नेहरू, डॉ. अम्बेडकर जैसे मनीषियों ने हमारी विरासत, हमारी संस्कृति को साथ लेकर सर्वधर्म-समभाव के साथ देश को आगे बढ़ाने का सपना देखा था, वह सपना, हमारी ‘गोधन न्याय योजना’ से पूरा होगा।

हमारे किसान भाई, बहन अर्थव्यवस्था के संचालक

    मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे किसान भाई, बहन तो अर्थव्यवस्था के संचालक हैं, संवाहक हैं, उन्हें बिना वजह ही अर्थव्यवस्था में बाधक कहकर बदनाम किया गया था। हमारे गांव के लोगों में बड़ी उदारता होती है वे जानते हैं कि उन्हें मिले पैसे सन्दूक में बंद करके रखने के लिए नहीं हैं। वे जानते हैं कि उन्हें मिली राशि समाज के अन्य वर्गों तक किस तरह पहुंचती है, इसलिए वे संग्रह नहीं करते बल्कि जरूरी चीजों पर खर्च करते हैं। किसानों, ग्रामीणों के पैसे से गांव के बहुत से काम-धंधे चलते हैं, हमारी इस सोच और विश्वास को देश के बड़े-बड़े विद्वानों, अर्थशास्त्रियों, स्वतंत्र संस्थाओं ने प्रमाणित किया है। जो लोग पहले किसानों पर, आदिवासियों पर, ग्रामीणों पर, हमारे द्वारा किये जा रहे खर्च पर आश्चर्य जताते थे, वे अब इस बात पर आश्चर्य जता रहे हैं कि अर्थव्यवस्था का यह मॉडल पहले क्यों नहीं सूझा था। अब तो यह प्रमाणित हो गया है कि गांवों से निकली राशि से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को बचाया और बढ़ाया जा सकता है।

कुपोषण मुक्ति, कोरोना काल में 8 माह निःशुल्क अनाज का इंतजाम, प्रवासी मजदूरों की सुरक्षित वापसी और रोजगार की पहल से जरूरतमंदों को मिला न्याय

    मुख्यमंत्री ने कहा है कि लॉकडाउन के दौर में जहां देश और दुनिया में बेरोजगारी भयंकर बढ़ी है। तालेबंदी के कारण अर्थव्यवस्था ध्वस्त है वहीं छत्तीसगढ़ में वर्ष 2019 की तुलना में जीएसटी का संग्रह 22 फीसदी बढ़ा है। 2019 की तुलना में भूमि का पंजीयन 17 प्रतिशत बढ़ा है। वाहनों की खरीदी अलग-अलग महीनों में 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ी है। रिजर्व बैंक ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि छत्तीसगढ़ में लॉकडाउन के समय कृषि और संबंधित कार्यों में तेजी बनी रही। लघु वनोपज उपार्जन का मामला हो या मनरेगा के तहत काम देने का, लघु वनोपज संग्रह के लिए पारिश्रमिक देने का मामला हो या मनरेगा में काम करने वाले मजदूरों को मजदूरी भुगतान का, हर मामले में छत्तीसगढ़ आगे रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी जनहितकारी और जन न्याय देने वाली योजनाओं के कई आयाम हैं। कुपोषण मुक्ति, मलेरिया नियंत्रण, हाट बाजार में इलाज, कोरोना काल में लगभग 8 माह तक निःशुल्क अनाज देने का इंतजाम, प्रवासी मजदूरों की सुरक्षित वापसी तथा उनको रोजगार प्रदाय आदि हर पहल से अलग-अलग तरह से न्याय मिला है। इस तरह यह साबित होता है कि किसानों और गांवों का भला करने से सबका भला होता है।

कोविड-19 का खतरा अभी टला नहीं, बचाव के लिए सावधानी और सतर्कता जरूरी

    मुख्यमंत्री ने रेडियोवार्ता में प्रदेशवासियों को कोरोना संकट से आगाह करते हुए कहा कि कोविड-19 का खतरा अभी टला नहीं है, इससे बचाव के लिए सावधानी और सतर्कता जरूरी है। कोरोना, कोविड-19 नियंत्रण के मामले में छत्तीसगढ़ अन्य राज्यों से बेहतर स्थिति में है, घर से निकलते समय फेस मास्क, फेस कव्हर, फेस शील्ड आदि जो संभव हो, वह साधन अपनाएं। फिजिकल दूरी का पालन करें, भीड़ से बचें, साबुन से हाथ धोने, बिना वजह घर से बाहर नहीं निकलने से बचें और सुरक्षा के हर संभव उपाय करें।

बापू ने स्वतंत्रता संग्राम को दिया निर्णायक मोड़: अगस्त क्रांति दिवस पर
की ‘भारत छोड़ो आंदोलन‘ शुरू करने की घोषणा

    मुख्यमंत्री ने कहा कि अगस्त क्रांति दिवस भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का एक महत्वपूर्ण प्रसंग है। द्वितीय विश्व युद्ध में भारतीयों द्वारा अंग्रेजों का साथ देने के बाद भी, जब अंग्रेजों ने आजादी देने में हील-हवाला किया, तब अहिंसा के पुजारी, हमारे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने 9 अगस्त 1942 से न सिर्फ भारत छोड़ो आंदोलन शुरू करने की घोषणा की, बल्कि ‘करो या मरो’ का नारा भी दिया। 8 अगस्त 1942 को अखिल भारतीय कांग्रेस समिति के मुम्बई सत्र में बापू ने स्वतंत्रता संग्राम को निर्णायक मोड़ देते हुए कहा था-‘‘भारत अर्थात् मानवता के इस विशाल सागर को संसार की मुक्ति के कार्य की ओर तब तक कैसे प्रेरित किया जा सकता है, जब तक कि उसे स्वयं स्वतंत्रता की अनुभूति नहीं हो जाती ? यदि भारत की आंखों की चमक को वापस लाना है, तो स्वतंत्रता को कल नहीं बल्कि आज ही आना होगा। मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की कुर्बानियों को याद करते हुए कहा कि हमारी आजादी की लड़ाई का हर दौर न्याय की लड़ाई का दौर था। इसने भारत की आजादी और दुनिया के कई देशों में लोकतंत्र की स्थापना और जन-जन के न्याय का रास्ता बनाया।

पंडित जवाहर लाल नेहरू ने देखा था हर एक के लिए न्याय सुनिश्चित करने का सपना

    श्री बघेल ने आजाद भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू के 14 अगस्त की मध्य रात्रि और 15 अगस्त 1947 की पहली घड़ी में दिए गए ऐतिहासिक भाषण का उल्लेख करते हुए कहा कि - पंडित नेहरू ने आजादी की पहली किरण के साथ कहा था-‘‘ये हमारे लिए एक सौभाग्य का क्षण है, एक नये तारे का उदय हुआ है, पूरब में स्वतंत्रता का सितारा। एक नयी आशा कभी धूमिल न हो। हम सदा इस स्वतंत्रता में आनंदित रहें। भविष्य हमें बुला रहा है। हमें किधर जाना चाहिए और हमारे क्या प्रयास होने चाहिए, जिससे हम आम आदमी, किसानों और कामगारों के लिए स्वतंत्रता और अवसर ला सकें। हम गरीबी, अज्ञानता और बीमारियों से लड़ सकें। हम एक समृद्ध, लोकतांत्रिक और प्रगतिशील देश का निर्माण कर सकें और हम ऐसी सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक संस्थाओं की स्थापना कर सकें, जो हर एक आदमी-औरत के लिए जीवन की परिपूर्णता और न्याय सुनिश्चित कर सके।

    मुख्यमंत्री ने इस संदर्भ में कहा कि इसलिए आज जब हम न्याय की बात करते हैं, तब एक पूरी पृष्ठभूमि हमारी नजरों के सामने आती है। हमारे पुरखों का त्याग और बलिदान हमें याद रहता है, जो न्याय की बुनियाद है। इसी हफ्ते हम अपनी देश की आजादी की 73वीं सालगिरह मनाने वाले हैं। ये 73 साल, जन-जन को न्याय दिलाने के लिए उठाये गये कदमों के साक्षी हैं। 9 अगस्त को हम आदिवासी समाज के विकास के संकल्पों के लिए भी याद करते हैं। 9 अगस्त 1982 को संयुक्त राष्ट्रसंघ ने ‘विश्व आदिवासी’ दिवस घोषित किया था। इसके माध्यम से 38 वर्ष पहले आज के दिन दुनिया में अनुसूचित जनजाति के सम्मान और विकास के लिए नए लक्ष्य तय किये गए थे। अब यह देखने और समीक्षा करने का अवसर भी है कि आदिवासी समाज के उत्थान की दिशा और दशा कैसी है। इस ओर कैसे तेजी से प्रगति हो। इस तरह 9 अगस्त हमें न्याय के अनेक स्वरूपों से जोड़ता है। इस दिन के लिए मैं प्रदेश की जनता और विशेष रूप से आदिवासी समाज को बधाई देता हूं।


रायपुर : मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए बीजापुर जिले की जनता को दी 96 करोड़ रूपए के विकास कार्यों की सौगात

रायपुर : मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए बीजापुर जिले की जनता को दी 96 करोड़ रूपए के विकास कार्यों की सौगात

08-Aug-2020

*भैरमगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में नव-निर्मित ट्रामा सेंटर
का ई-लोकार्पण
* भैरमगढ़ में इंद्रावती नदी में आवागमन के लिए बोट और एम्बुलेंस उपलब्ध
कराने की घोषणा
*मुख्यमंत्री ने देश के आकांक्षी जिलों में बीजापुर के अव्वल आने
र बधाई और शुभकामनाएं दी

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज ई-लोकार्पण व भूमिपूजन के माध्यम से बीजापुर जिले की जनता को 96 करोड़ रूपए की लागत के 171 विकास कार्यों की सौगात दी। कार्यक्रम का आयोजन बीजापुर जिले के विकासखंड मुख्यालय भैरमगढ़ स्थिति सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में किया गया। मुख्यमंत्री श्री बघेल अपने रायपुर स्थित निवास कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े। मुख्यमंत्री ने भैरमगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में नव-निर्मित ट्रामा सेंटर का ई-उद्घाटन किया। उन्होंने इस मौके पर भैरमगढ़ में इंद्रावती नदी में आवागमन के लिए बोट और एक एम्बुलेंस उपलब्ध कराने की घोषणा की। कार्यक्रम की अध्यक्षता पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा स्वास्थ्य मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव ने की। वे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े।

    मुख्यमंत्री श्री बघेल ने जिला बीजापुर के भैरमगढ़ में आयोजित कार्यक्रम में लगभग 29 करोड़ 15 लाख रूपए के 39 कार्यों का ई-लोकार्पण तथा 66 करोड़ 85 लाख रूपए लागत के 132 निर्माण एवं विकास कार्यों का ई-भूमिपूजन किया। लोकार्पण समारोह को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा जनहित में लगातार फैसले लिए जा रहे हैं। इसके तहत लोगों को स्वास्थ्य, शिक्षा तथा रोजगार आदि की सुविधा उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हर व्यक्ति को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता में है।
    मुख्यमंत्री ने देश के सभी आकांक्षी जिलों में बीजापुर जिले के अव्वल होने पर पूरे जिलेवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में वनमंत्री श्री मोहम्मद अकबर, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री तथा प्रभारी मंत्री बीजापुर श्री जयसिंह अग्रवाल, आबकारी मंत्री श्री कवासी लखमा सहित सांसद बस्तर श्री दीपक बैज, खाद्य मंत्री श्री अमरजीत भगत, मुख्यमंत्री के सलाहकार सर्वश्री विनोद वर्मा और राजेश तिवारी मुख्यमंत्री निवास में उपस्थित थे। कार्यक्रम स्थल पर विधायक एवं उपाध्यक्ष बस्तर विकास प्राधिकरण श्री विक्रम मण्डावी कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित थे।
    मुख्यमंत्री श्री बघेल ने इस अवसर पर वीडियो कॉल से विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों एवं जनप्रतिनिधियों से चर्चा कर गोधन न्याय योजना, वन अधिकार पट्टा, जाति प्रमाण पत्र की घर पहुंच सेवा योजना के क्रियान्वयन की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने बैंक सखी से भी बात की। कार्यक्रम स्थल पर जिला पंचायत बीजापुर के अध्यक्ष श्री शंकर कुड़ियम, अध्यक्ष जनपद पंचायत भैरमगढ़ श्री दशरथ कुंजाम एवं अध्यक्ष नगर पंचायत भैरमगढ़ श्री दशरथ परबुलिया उपस्थित थे। मुख्यमंत्री निवास में मुख्य सचिव श्री आर.पी. मण्डल,  मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू, प्रमुख सचिव वन श्री मनोज पिंगुआ, प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री राकेश चतुर्वेदी, मुख्यमंत्री के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी, आदिवासी विकास विभाग के सचिव श्री डी. डी. सिंह, राजस्व सचिव सुश्री रीता शांडिल्य उपस्थित थी।

 

 

 


बकरीद पर लोगों की भावनाओं का मान बढ़ाने के लिए सरकार को साधुवाद! रक्षाबंधन के बारे में भी सोचे सरकार - प्रकाशपुंज पाण्डेय

बकरीद पर लोगों की भावनाओं का मान बढ़ाने के लिए सरकार को साधुवाद! रक्षाबंधन के बारे में भी सोचे सरकार - प्रकाशपुंज पाण्डेय

31-Jul-2020

प्रकाशपुन्ज पाण्डेय

रायपुर : समाजसेवी और राजनीतिक विश्लेषक प्रकाशपुन्ज पाण्डेय ने मीडिया के माध्यम से सरकार को धन्यवाद देते हुए कहा है कि छत्तीसगढ़ की काँग्रेस सरकार ने मुस्लिम भाइयों के त्यौहार बकरीद को ध्यान में रखते हुए मिठाई तथा किराने की दुकानों को 1 अगस्त तक खुले रखने का जो आदेश दिया है वह काबिले तारीफ है। सरकार का यह आदेश उसकी जनता के प्रति संवेदनशीलता और ज़िम्मेदारी को दर्शाता है, जिसके लिए रायपुर कलेक्टर भारती दासन के साथ ही छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भी बधाई के पात्र हैं। 

प्रकाशपुन्ज पाण्डेय ने कहा कि जैसे छत्तीसगढ़ सरकार ने मुस्लिम भाई बहनों का ख्याल रखते हुए किराना और मिठाई की दुकानों को बकरीद तक खुले रखने का आदेश जारी किया है, ठीक उसी प्रकार भाई-बहन के अटूट प्यार और विश्वास का पवित्र त्यौहार, रक्षाबंधन भी बकरीद के 2 दिन बाद ही 3 अगस्त को आ रहा है। मैं आशा करता हूँ कि इस त्यौहार पर भी सभी की भावनाओं का ख्याल रखते हुए रक्षाबंधन तक इन दुकानों को खुले रखने का आदेश देंगे और जनता को रक्षाबंधन का तोहफा देंगे। 

 


राजधानी में निशुल्क कोरोना जांच शिविर वार्डों में शुरु

राजधानी में निशुल्क कोरोना जांच शिविर वार्डों में शुरु

30-Jul-2020

रायपुर, 29 जुलाई 2020। राजधानी में बढते कोरोना वायरस संक्रमण के बीच नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग ने वार्ड स्तर पर कोरोना निशुल्क जांच शिविर लगाने का अभियान शुरु किया है। 
अभियान के तहत 29, 30 और 31 जुलाई को सैंपल संग्रह के लिए अलग-अलग वार्डों में स्थान तय किए गए हैं। ऐसे लोग जिन्हें सर्दी, खांसी, सांस लेने में कठिनाई या स्वाद व सूंघने की क्षमता का अभाव हो उनको जांच शिविर में जाकर तत्काल सेम्पल देना होगा। 
इसके लिए आज सुबह 11.30 बजे सरस्वती स्कूल पुरानी बस्ती, लीली चौक, वार्ड क्रमांक-44, ब्राहम्णपारा, रायपुर में शिविर लगाया गया। नगर निगम के जोन-4 के स्वास्थ्य अधिकारी चंद्रशेखर श्रीवास्तव ने बताया नवीन सरस्वती कन्या शाला परिसर, पुरानी बस्ती में स्वास्थ्य विभाग द्वारा जनस्वास्थ्य सुविधा के लिए शिविर लगाया गया । शिविर में 108 लोगों  ने पहुंचकर स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों से कोविड 19 संबंधी जांच की जिसमें 10 पाजिटिव मिला। दोपहर बाद खपरा भट्ठी कालीमाता वार्ड नंबर 11 में 70 सेम्पल में से 3 पॉजिटिव मिले। वहीं जोन -9 के शंकर नगर आश्रय स्थल के पास 37 लोगों ने कोरोना जांच के लिए सेम्पल दिया। नगर निगम के अधिकारियों की मामने तो लोगों में जागरुकता की वजह से जरा सा भी लक्षण नजर आने पर एहतियात तौर पर खुद घरों से निकल कर कोरोना जांच कराने पहुंच रहे हैं। जोन-1 के तिलक नगर सियान सदन में 100 लोगों को सेंपल लिया गया है। 
सीएमएचओ डॉ. मीरा बघेल ने बताया राजधानी के विभिन्न वार्डों में 6 से 29 जुलाई तक 48 जांच शिविर आयोजित किए गए। शिविर में  लक्ष्य के 6803 के विरुद्ध 5230 लोगों का सेंपल कलेक्ट किया गया। जांच रिपोर्ट में 4930 निगेटिव , 250 पाजेटिव और 50 सेम्पल की जांच अभी पेंडिंग है। स्वास्थ्य विभाग कोरोना वायरस को कंट्रोल करने के लिए पूरी मुस्तैदी से कटेंमेनट जोन को कव्हर कर स्थित को नियंत्रण करने ज्यादा से ज्यादा कोरोना सेम्पल जांच कर रही है। 
राजधानी में लगातार बढ़ते कंटेंटमेंन जोन और कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलने की वजह से जिला प्रशासन के आदेशानुसार निगम नगर के सभी 10 जोनों द्वारा नोवल कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम के लिए जनस्वास्थ्य जागरूकता अभियान निरंतर चलाया जा रहा। 
शासकीय आयुर्वेदिक अस्पताल को भी अस्थायी तौर पर कोविड-19 अस्पताल में तबदील करते हुए अस्पताल परिसर को सेनेटाइजर किया जा रहा है। जनस्वास्थ्य जागरूकता की दृष्टि से नोवल कोरोना 
वायरस के संक्रमण के फैलाव की समाज हित में कारगर रोकथाम करने के लिए चिकित्सको ने लोगों  को स्वास्थ्य परीक्षण करने सहित सामान्य रूप से स्वस्थ रहने, रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित करने सदैव मास्क पहनने, सामाजिक दूरी के स्वास्थ्य नियम का पूर्ण व्यवहारिक परिपालन करने की जानकारी दी। दैनिक दिनचर्या में स्वास्थ्य नियमों को जीवन में दैनिक रूप से स्वास्थ्य रक्षा की दृष्टि से मानने का चिकित्सकीय परामर्श दिया गया। 
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कोरोनासंकट के दौरान चुनौती का सामना कर शिशु संरक्षण माह में आरएचओ दे रहें योगदान

कोरोनासंकट के दौरान चुनौती का सामना कर शिशु संरक्षण माह में आरएचओ दे रहें योगदान

28-Jul-2020

धमतरी, । जिले के कुरुद ब्लॉक के अंतर्गत उपस्वास्थ्य केन्द्र नारी एवं भैसमुंडी में  शिशु संरक्षण माह का आयोजन 14 जुलाई से 14 अगस्त तक किया जा रहा। स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख प्रतिरक्षण कार्यक्रमों में से एक शिशु संरक्षण माह है जो आजकल आयोजित  हो रही है और जिसके अंतर्गत प्रत्येक मंगलवार और शुक्रवार को आंगनवाड़ी केंद्रों में 9 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों को विटामिन एक और आयरन सिरप की खुराक दी जा रही है।

14 जुलाई से अब तक चार सत्रों में आयोजित शिशु संरक्षण माह में 213 बच्चों को विटामिन-ए एवं आयरन की सिरप दी गयी है| वहीं लक्षित 415 बच्चों का शत़प्रतिशत टीकाकरण करने के लिए अभियान में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मितानिनों का सहयोग लिया जा रहा है। उप स्वास्थ्य केन्द्र नारी ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक हरिशंकर साहू ने बताया ने कोरोना संक्रमण काल में फ्रंट लाइन वारियर्स के रुप लगातार चार महीने से डयूटी में 24 घंटा अलर्ट में रहते हुए निभा रहे हैं। इसके अलाव स्वास्थ्य विभाग की सभी योजनाओं को ग्रामीण जनता तक सीधे पहुंचाने वाले मैदाने स्वास्थ्य अमला ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक की भूमिका  है।

 टीकाकरण अभियान के अलावा संस्थागत प्रसव सहित डायरिया नियंत्रण पखवाड़ा, जनसंख्या स्थरीकरण पखवाडा का भी कार्य संचालित कर रहे हैं। श्री साहू ने बताया उपस्वास्थ्य केंद्र नारी के अंतर्गत 7000 जनसंख्या है। ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक को ग्रामीण क्षेत्र में 5,000 से 10,000 की संख्या के बीच तैनात किया जाता है। आदिवासी क्षेत्रों में 1500 से 3000 की जनसंख्या में एक-एक महिला और पुरुष ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक तैनात होते हैं।

खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. यू एस नवरत्न ने बताया कोरोना के जंग के साथ ही आवश्यकतानुसार टीकाकरण और अन्य राष्ट्रीय कार्यक्रम की गतिविधियों को संचालित किया जा रहा है। नॉन कोविड-19 के मरीजों को भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए मास्क व सेनेटाइजर का इस्तेमाल कराने लोगों को जागरुक किया जा रहा है। इसी तरह स्वास्थ्य केंद्रों, हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर सहित महिला ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक समुदाय स्तर में गर्भवती माताओं का नियमित चेकअप एवं उचित पोषण आहार की जानकारी भी प्रदान कर रहे हैं।

 डॉ नवरत्न ने कहा कोरोना वायरस वैश्विक महामारी के समय पर शिशु संरक्षण माह का आयोजन स्वास्थ्य संयोजको के लिए बड़ी चुनौती है, लेकिन स्वास्थ्य संयोजकों के द्वारा तमाम सुरक्षा मापदंडो का पालन करते हुये सत्र का आयोजन किया जा रहा है। सत्र स्थल पर हाथ धोने की व्यवस्था, सभी हितग्राहियों को मास्क एवं फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन कराया जा रहा है।

 शिशु संरक्षण माह के साथ ही गहन डायरिया पखवाड़ा, जनसंख्या स्थिरीकरण पखवाड़ा भी अभी स्वास्थ विभाग द्वारा संचालित की जा रही है। इस कार्यक्रम में ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक श्रीमती रश्मि साहू, प्रभारी सेक्टर सुपर वाईजर अशोक अंसारी, मितानिन अर्चना, कुंती, लक्ष्मी, झामीन, अनीता टामिण, उषा, सावित्री, देव कुमार आगनबाड़ी कार्यकर्ता भामा , मीरा, सोहद्रा, लक्ष्मी, नर्मदा आदि लोग उपस्थित रहे।


तख्तपुर के मेड़पार गांव में लगभग 50 पशुओं की मौत की खबर का रोका छेका अभियान से कोई संबंध नहीं है

तख्तपुर के मेड़पार गांव में लगभग 50 पशुओं की मौत की खबर का रोका छेका अभियान से कोई संबंध नहीं है

25-Jul-2020

बिलासपुर : तख्तपुर के मेड़पार गांव में लगभग 50 पशुओं की मौत की खबर का रोका छेका अभियान से कोई संबंध नहीं है । राज्य में रोका छेका अभियान 30 जून को समाप्त हो गया है और रोका छेका अभियान के तहत जानवरों से फसलों को बचाने के लिये उन्हें खुले वातावरण में गौठान में रखे जाने के निर्देश थे ।

 घटना की जो जानकारी मिली है उससे स्पष्ट ही रहा है कि स्थानीय व्यक्तियों ने पशुओं को एक भवन में बंद कर के रख दिया ।  यह ग्राम पंचायत द्वारा निर्मित गोठान नहीं था । यह व्यवस्था गोठान की मूल परिकल्पना के ही विपरीत है और ऐसी घटनाओं से बचने के लिये ही सुराजी ग्राम योजना के तहत हर ग्राम पंचायत में तीन एकड़ शासकीय भूमि में खुले वातावरण  में गोठान बनाये जा रहे है ।

 यह दुर्घटना इस बात की आवश्यकता को और प्रतिपादित करती है कि पशुओं की सुरक्षा के लिये गौठान कितने जरूरी है ।

 कुछ समाचार माध्यमों में गलत तथ्य प्रचारित किये जा रहे है इससे बचना चाहिये ।


गरियाबंद : चीतल को मारने की मामले में अभियुक्तों पर अपराध दर्ज कर जेल दाखिला

गरियाबंद : चीतल को मारने की मामले में अभियुक्तों पर अपराध दर्ज कर जेल दाखिला

22-Jul-2020

गरियाबंद : गत दिवस वन परिक्षेत्र पाण्डुका द्वारा वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 9,50,51 एवं वन्यप्राणी संरक्षण संसोधित अधिनियम 2002 की धारा 2-16(क)(ग),2-20 के तहत अपराधी भवानी पिता बरातू जाती कंवर ग्राम गायडबरी एवं अन्य 5 अभियुक्त को जेल दाखिला कराया गया। 18 जुलाई 2020 को आरोपियों द्वारा एक नर चीतल वयस्क को मारकर उसका मांस बनाकर आपस में बांट लिया गया। जिसकी सूचना मुखबिर के माध्यम से मिलने पर वनमण्डाधिकारी श्री मयंक अग्रवाल के मार्गदर्शन में टीम बनाकर अपराध में शामिल व्यक्ति भवानी दीवान से पूछताछ किया गया व उनके निशानदेही पर घटनास्थल से चीतल का खाल बरामद किया गया व उनके साथ अभियुक्त आत्मा राम दीवान की बाड़ी से खुदाई कर चीतल का सींघ व मुंडी बरामद किया गया। अपराध में शामिल अभियुक्त में लाल सिंह पिता बिसहत दीवान, घनश्याम पिता शत्रुहन गोंड़, टिकेश पिता अमरसिंह गोंड़, भागवत पिता स्व धनसिंह गोंड़,निवासी ग्राम गायडबरी थाना छुरा जिला गरियाबंद, अपराध क्रमांक 12434/13 दिनांक 19.07.2020 पंजीबद्ध कर आरोपियों को 15 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल दाखिला कराया गया।

उक्त कार्यवाही में परिक्षेत्र अधिकारी पाण्डुका संजीत मरकाम,धर्मेन्द्र निराला (वनरक्षक पोंड) लोकेश श्रीवास (वनरक्षक) सांकरा फिरोज खान ,घनश्याम ध्रुव डिगेश्वर ठाकुर, नेहरू ध्रुव, अजय चेलक, भीखम दीवान उपवनक्षेत्रपाल सखाराम नवरंगे एवं टी. आर. वर्मा आदि का योगदान सराहनीय रहा।


’छत्तीसगढ़ मा हरेली तिहार ले ‘‘गोधन न्याय योजना’’ की शुरूआत’....योजना ले आत्मनिर्भरता अउ रोजगार के मिलही लाभ

’छत्तीसगढ़ मा हरेली तिहार ले ‘‘गोधन न्याय योजना’’ की शुरूआत’....योजना ले आत्मनिर्भरता अउ रोजगार के मिलही लाभ

19-Jul-2020

तेजबहादुर सिंह भुवाल


छत्तीसगढ़ मं ये बखत हरेली तिहार म खुशहाली डबल होही। राज्य शासन ह महत्वाकांक्षी योजना ‘‘गोधन न्याय योजना’’ के शुरूआत जो करत हे। गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ राज्य के सपना ला साकार करे बर छत्तीसगढ़ म पाछू साल हरेली तिहार म सामान्य छुट्टी देके प्रदेश के सबो लोगन ला भेंट दे रीहिस। ‘‘सुराजी गांव योजना’’ चालू करके किसान मन बर उखर नदाये लोक संस्कृति अउ पारंपरिक चार चिन्हारी ला वापस लाईस हे। इही योजना ला आगे बढ़ा के गोधन न्याय योजना ले किसान मन ला रोजगार के अवसर अउ आर्थिक रूप ले लाभ पहुंचाय बर चालू करत हे। गोठान म गोवंशीय अउ भैंसवंशीय पशु के पालक मन ले गोबर ला शासकीय दर 2 रूपया किलो खरीदे के शुरूआत करत हे। इही गोबर ला गुणवत्ता युक्त वर्मी कम्पोस्ट खाद बनाके 8 रूपया किलो में बेचे जाहीं। येखर बर गांव-गांव में बनाए गौठान म स्व सहायता समूह मन काम कराही। किसान अउ मजूदर मन ला ऐखर ले रोजगार अउ आर्थिक फायदा मिलही।

योजना ले जैविक खेती ला बढ़ावा मिलही, गांव अउ शहर म रोजगार घलो मिलही, गौपालन अउ गौ-सुरक्षा ला प्रोत्साहन के संगे-संग पशुपालक मन ला आर्थिक लाभ प्राप्त होही। राज्य के महात्वाकांक्षी ‘‘सुराजी गांव योजना’’ के अंतर्गत नरवा, गरवा, घुरवा अउ बाडी के संरक्षण अउ संर्वधन करे जावत हे। येखर बर सबे गांव म गौठान बनाए जाए के काम शुरू हवय।

शासन ह ‘‘गोधन न्याय योजना’’ लागू करके  पशुपालक मन के आय मं वृद्धि, पशुधन विचरण अउ खुल्ला चरई म रोक, जैविक खाद के उपयोग ला बढ़ावा अउ रासायनिक खातू के उपयोग म कमी लाना चाहत हे। खरीफ अउ रबी फसल सुरक्षा होही अउ दु फसली रकबा ह बाडही, स्थानीय स्तर म जैविक खाद के उपलब्धता बनाये बर, स्थानीय स्व सहायता समूह ला रोजगार दे बर, भुइंया ल अउ उपजाउ बनाए बर, विष रहित अन्न उपजाए बर अउ सुपोषण ल बढ़ाए बर जोर देवत हे। गोठान में स्व सहायता समूह द्वारा कई प्रकार के सामग्री बनाए जाही। ऐमा दुग्ध, सब्जी, वर्मी खाद अउ गोबर ले कई प्रकार के समान बना के बेचे जाही।

हमन सभे झन जानथन की देश मा कोरोना वायरस महामारी के आये ले रोजगार, काम-बूता के कमी होगे हे। बड़े संख्या मा मजदूर भाई मन हा अलग-अलग शहर में कमाये-खाये बर गे रीहिस। उहा ले ओमन वापस गांव आवत हे। ओ मन आ तो गे हे फेर काम-बूता बर चिन्ता-फिकर सतावत हे। छत्तीसगढ़ सरकार हा सबेझन के दुख-दर्द दूर करे बर हर संभव प्रयास करते हे। गांव-गांव मा मजदूर मन के पंजीयन करावत हे, जेखर ले ओखर मन बर पर्याप्त काम-बूता दे सकय। मजदूर मन बर उखर योग्यता के अनुसार काम दे जाही। राज्य के महत्वाकांक्षी योजना ‘‘नरवा, गरूवा, घुरूवा व बाडी’’ के माध्यम से मनरेगा अउ स्व सहायता समूह में सबे ला जोड़े के काम चलत हे। ऐखरे सगे-संग ‘‘गोधन न्याय योजना’’ से गोठान मा बड़े संख्या मा रोजगार उपलब्ध कराये जाही। कोनो मजदूर, किसान ला गांव-शहर छोड़ के जाए के जरूरत नई पड़ये। सभे झन ला पर्याप्त काम-बूता मिलही।

त बताओ संगवारी हो ये सब खुशी मिलही त हमर पहिली हरेली तिहार ला बने मनाबो ना। तिहार ला खेती-किसानी के बोअई, बियासी के बाद बने सुघ्घर मनाबो। जेमा नागर, गैंती, कुदारी, फावड़ा ला चक उज्जर करके अउ गौधन के पूजा-पाठ करके संग मा कुलदेवी-देवता ला सुमरबो। धान के कटोरा छत्तीसगढ़ महतारी ला, हमर खेती-किसानी के उन्नति अउ विकास बर सुमरबो।

ऐसो गांव मा घरो-घर गुड़-चीला, फरा के संग गुलगुला भजिया, ठेठरी-खुरमी, करी लाडू, पपची, चौसेला, अउ बोबरा घलो बनही। जेखर ले हरेली तिहार के उमंग अउ बढ़ जाही। ये साल हरेली अमावस्या सावन सोमवार के पड़त हे। सब किसान भाई मन अपन किसानी औजार के पूजा-पाठ कर गाय-बैला ला दवई खवाही, ताकि वो हा सालभर स्वस्थ अउ सुघ्घर रहाय। ये दिन गाय-गरवा मन ला बीमारी ले बचाय बर बगरंडा, नमक खवाही अउ आटा मा दसमूल-बागगोंदली ला मिलाके घलो खवाये जाही। ये दिन शहर के रहईयां मन घलो गांव जाके तिहार ला मनाथे।

हरेली तिहार मा लोहार अउ राऊत मन घरो-घर मुहाटी मा नीम के डारा अउ चौखट में खीला ठोंकही। मान्यता हे कि अइसे करे ले ओ घर म रहैय्या मन के विपत्ति ले रक्षा होथे। हरेली अमावस ला गेड़ी तिहार के नाम से घलो जाने जाथे। ये दिन लईका मन बांस में खपच्ची लगाके गेड़ी खपाथे। गेड़ी मा चढ़के लईका मन रंग-रंग के करतब घलो दिखाते अउ लईका मन अपन साहस और संतुलन के प्रदर्शन घलो करथे। राज्य शासन हा पाछू साल ले गांव मा विशेष आयोजन करत हे, जेमा गांव मा लईका मन बर गेड़ी दउड़, खो-खो, कबड्डी, फुगड़ी, नरियल फेक अउ सांस्कृतिक कार्यक्रम के आयोजन घलो करे जाथे।
                                               छत्तीसगढिया मन ल हरेली तिहार के गाड़ा-गाड़ा बधई, जय छत्तीसगढ़ महतारी।
विशेष लेखः- तेजबहादुर सिंह भुवाल

 


कोरबा : कुख्यात मेवाती डकैत गिरोह चढा पुलिस के हत्थे, डकैती डालने की बना रहे थे योजना

कोरबा : कुख्यात मेवाती डकैत गिरोह चढा पुलिस के हत्थे, डकैती डालने की बना रहे थे योजना

17-Jul-2020

पांच माह पहले बिलासपुर और कटघोरा के मोबाइल दुकानों की थी चोरी

कटघोरा पुलिस की बड़ी सफलता औजार बरामद

कोरबा : कटघोरा पुलिस ने पांच माह पूर्व कटघोरा व बिलासपुर में हुई चोरियों के मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। फिर से शहर में आकर डकैती की योजना बना रहे इस गिरोह को पकड़कर होने वाली वारदात को रोकने का काम किया है वहीं पुरानी चोरी को भी सुलझाया है। मामले में आशिक पिता शेर मोहम्मद शाहिद पिता यूनूस दोनों 28 वर्ष निवासी ग्राम नुह मेवात हरियाणा एवं आरिफ पिता कासम 26 वर्ष निवासी ग्राम आधांकी जिला नुह मेवात हरियाणा को पकड़कर चोरी व डकैती में उपयोग लाए जाने वाले सामानों का जखीरा बरामद किया गया है। इनके विरूद्ध धारा 399, 402 भादवि एवं 25 आर्म्स एक्ट के तहत जुर्म दर्ज कर चोरी के और मामलों में जांच.पड़ताल व पूछताछ की जा रही है।

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