रायगढ़ : सीएएफ के असिस्टेंट कमांडेंट ने खुद को मार ली गोली

रायगढ़ : सीएएफ के असिस्टेंट कमांडेंट ने खुद को मार ली गोली

28-Aug-2019

रायगढ़ जिले में आज बुधवार (28 अगस्त) को छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल की 6वीं वाहिनी में पदस्थ असिस्टेंट कमांडेंट ने खुद को गोली मार ली मृतक का नाम आनंद कुशल खलको है, जो कि रायगढ़ के छठवीं वाहिनी में असिस्टेंट कमांडेंट के पद पर पदस्थ था। जवान ने एक सुसाईड नोट छोड़ा है जिसमे उसने अपने आत्महत्या की वजह पारिवारिक बताया मीडिया रिपोर्ट में बताया जा रहा है कि आनंद कुशल की साली ने उस पर गंभीर आरोप लगाये थे और खुदकुशी की कोशिश की थी, लेकिन उसे बचा लिया गया था। मृतक ने सुसाइड नोट अपने पत्नी और बच्चों के नाम पर लिखा है, जिनकी कुछ महीने से पहले ही मौत हुई थी। सुसाइड नोट में आनंद ने लिखा है- मुझे माफ कर देना, मैं दुनिया छोड़कर तुम्हारे पास आ रहा हूं। अफसर ने अपने सरकारी आवास में खुदकुशी की है। बहरहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है ।


सुकमा : बम इन्प्लांट करने की साजिश कर रहे 5 नक्सली धरे गए

सुकमा : बम इन्प्लांट करने की साजिश कर रहे 5 नक्सली धरे गए

27-Aug-2019

सुकमा जिले के एलारमड़गू के इलाके से पुलिस ने पांच नक्सलियों को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि ये नक्सली बम इन्प्लांट करने की साजिश कर रहे थे जिसे नाकाम किया गया उनके पास से विष्फोटक 20 मीटर वायर, 12 नग पेंसिल सेल, 3 नग जिलेटीन बरामद किया गया है। मुखबिर की सूचना पर डीआरजी की टीम एलारमड़गू की तरफ रवाना हुई थी। इसी दौरान वहां कुछ संदेही नजर आए। उनकी घेराबंदी कर उन्हें पकड़ा गया। पकड़े गए नक्सलियों के नाम करतम कोसा उर्फ डाकी, माड़वी हुंगा, पोड़ियम सूला, माड़वी गंगा और कवासी हुंगा बताया जा रहा हैं। 


जांजगीर-चांपा : पलाडीखुर्द में पदस्थ प्रधान पाठक ए़ आर घृतलहरे तत्काल प्रभाव से निलम्बित

जांजगीर-चांपा : पलाडीखुर्द में पदस्थ प्रधान पाठक ए़ आर घृतलहरे तत्काल प्रभाव से निलम्बित

27-Aug-2019

जांजगीर-चाम्पा : जिले के विकास खंड सक्ति के ग्राम पलाडीखुर्द स्थित शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला में पदस्थ प्रधान पाठक ए आर घृतलहरे को  तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर दिया गया हैं। प्रधान पाठक ए आर घृतलहरे को कार्यालय कलेक्टर एवं जिला  मिशन संचालक राजीव गांधी शिक्षा मिशन जांजगीर-चांपा के पत्र अनुसार छत्तीसगढ सिविल सेवा आचरण नियम के विपरीत कृत्य करने का दोषी पाये जाने पर शिक्षा संभाग बिलासपुर के संयुक्त संचालक ने तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर दिया हैं।

घृतलहरे को छत्तीसगढ सिविल सेवा नियम के अंतर्गत निलम्बित किया गया हैं। निलम्बन अवधि में प्रधान पाठक घृतलहरे का मुख्यालय शासकीय आदर्श उच्चत्तर माध्यमिक शाला सक्ति होगा। निलम्बन अवधि में घृतलहरे को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी। यह आदेश तत्काल प्रभाव  शील हो गया हैं।

 


गरियाबंद : कलेक्टर के निर्देश पर रेत का अवैध उत्खनन एवं परिवहन पर  खनिज विभाग द्वारा सख्त कार्यवाही :   05 चैन माउण्टेन मशीन तथा 14 हाईवा जब्त

गरियाबंद : कलेक्टर के निर्देश पर रेत का अवैध उत्खनन एवं परिवहन पर खनिज विभाग द्वारा सख्त कार्यवाही : 05 चैन माउण्टेन मशीन तथा 14 हाईवा जब्त

24-Aug-2019

गरियाबंद : जिले में खनिज रेत का अवैध उत्खनन एवं अवैध परिवहन की शिकायत पर कलेक्टर श्री श्याम धावड़े के निर्देश पर खनिज अमला द्वारा लगातार रात्रिकालिन गस्त किया जा रहा है। पिछले 9-10 दिनों से प्रभारी खनि अधिकारी श्री अवधेश बारिक तथा खनि निरीक्षक श्री उमेश कुमार भार्गव एवं टीम द्वारा रात्रिकालिन गस्त कर छापामार कार्यवाही से अवैध उत्खनन व अवैध परिवहन में संलग्न अपराधियों पर नियमानुसार कार्यवाही की जा रही है।

प्रभारी खनिज अधिकारी ने बताया कि 12 अगस्त को ग्राम कुकदा एवं 13 अगस्त को ग्राम कुटेना में देर रात रेत का अवैध उत्खनन करते 02 चैन माउटेंन मशीन तथा 03 हाईवा, 20 अगस्त को ग्राम बिडोरा में 01, कुरूसकेरा में 02 चैन माउटेंन मशीन के साथ 03 हाईवा द्वारा रेत का अवैध उत्खनन-परिवहन करते हुये पाया गया। जिसे जप्त कर पुलिस थाना राजिम एवं फिंगेश्वर में रखा गया था। इसी प्रकार 22 एवं 23 अगस्त को फिंगेश्वर क्षेत्र में 03 हाईवा को जप्त कर पुलिस थाना फिंगेश्वर एवं राजिम में सुरक्षार्थ रखा गया है।  

कलेक्टर श्री धावड़े द्वारा सख्त कार्यवाही के निर्देश पर खनिज विभाग एवं पुलिस विभाग द्वारा रेत के अवैध व्यवसाय पर नियंत्रण किया जा रहा है। विदित हो कि पूरे प्रदेश में नेशनल ग्रीन ट्रीब्यूनल के आदेश से सभी रेत खदान बंद किया गया है।

चोरी छिपे रेत का अवैध उत्खनन-परिवहन करने वालों की विरूद्ध राजिम, फिगेश्वर एवं पाण्डुका क्षेत्र में इस माह कुल 05 चैन माउण्टेन मशीन तथा 14 हाईवा व अन्य वाहनों को जप्त कर रूपये 2 लाख 7 हजार 600 रूपये अर्थदण्ड वसूल किये जाने की कार्यवाही जारी है। उन्होंने बताया कि अवैध उत्खनन एवं परिवहन में संलग्न अपराधियों का प्रकरण दर्ज कर लगातार कार्यवाही जारी रहेगा।  


मुख्यमंत्री ने दिव्यांगों को दी मोटराईज्ड ट्रायसायकल

मुख्यमंत्री ने दिव्यांगों को दी मोटराईज्ड ट्रायसायकल

24-Aug-2019

रायपुर : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के रायपुर स्थित निवास पर आज दस दिव्यांगों को मोटराईज्ड ट्रायसायकल वितरित की गई। मुख्यमंत्री ने प्रतीक स्वरूप इनमें से दो दिव्यांगों रायपुर जिले के ग्राम दुल्ला (विकासखण्ड अभनपुर) की सुश्री यशोदा राठी और आरंग विकासखण्ड के ग्राम अखोलीकला के लक्ष्मण रात्रे को मोटरराईज्ड ट्रायसायकल वितरित की। दिव्यांगों को समाज कल्याण विभाग की योजना के तहत मोटरराईज्ड ट्रायसायकल वितरित की गई। 


राजनांदगांव : वन विभाग की टीम ने क्षेत्र में दहशत फैला रहे मादा तेंदुए को पकड़ा

राजनांदगांव : वन विभाग की टीम ने क्षेत्र में दहशत फैला रहे मादा तेंदुए को पकड़ा

23-Aug-2019

राजनांदगांव : छुरिया से लगे झाडीखैरी ग्राम के आसपास घूम रहे 4 साल के तेंदुए को वन विभाग की टीम ने पकड़ लिया है। बता दें कि मंगलवार को क्षेत्र में तेंदुआ देखा गया था वह गाय और कुत्ते को अपना शिकार बनाने के बाद जंगल भाग गया था तेंदुए को पकड़ने वन विभाग ने तैयारी कर ली थी गुरुवार को तेंदुए की चहल कदमी के बाद वन विभाग ने 9 से 10 वनकर्मियों को तेंदुआ की तलाश में लगाया था और आज शुक्रवार को टीम ने जाल बिछाकर तेंदुए को पकड़ा।


दंतेवाड़ा : दो इनामी नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण, एसपी ने दिया 10-10 हजार रुपये का प्रोत्साहन राशि

दंतेवाड़ा : दो इनामी नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण, एसपी ने दिया 10-10 हजार रुपये का प्रोत्साहन राशि

22-Aug-2019

दंतेवाड़ा जिले में आज गुरुवार (22 अगस्त) को दो इनामी नक्सलियों ने एसपी डॉ अभिषेक पल्लव के समक्ष आत्मसमर्पण किया है। दोनों ही नक्सली संगठन में जनमिलिशिया कमांडर के पद पर सक्रिय थे। दोनों नक्सलियों पर 1-1 लाख का इनाम घोषित है आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों का नाम सन्नू कुंजाम और बुधराम माड़वी गंगालूर है वे कई बड़ी वारदातों में शामिल रहे हैं सरेंडर करने वाले इन नक्सलियों को दंतेवाडा एसपी ने 10-10 हजार रुपये का प्रोत्साहन राशि प्रदान किया है.


रायपुर : छग कर्मचारी चयन आयोग का फर्जी नियुक्ति पत्र थमाकर बेरोजगारों से रुपए ठगने वाला आरोपी गिरफ्तार

रायपुर : छग कर्मचारी चयन आयोग का फर्जी नियुक्ति पत्र थमाकर बेरोजगारों से रुपए ठगने वाला आरोपी गिरफ्तार

21-Aug-2019

रायपुर : बेरोजगारों को कर्मचारी चयन आयोग का फर्जी नियुक्ति पत्र देकर ठगी करने वाले शख्स को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है मिली जानकारी के अनुसार पुलिस ने आरोपी को दिल्ली से गिरफ्तार करके रायपुर लाया है आरोपी ने छग कर्मचारी चयन आयोग (CGSSC) के नाम पर वाटर मैन, स्वीपर पद पर नौकरी का लालच देकर बेरोजगारों से लाखों रुपए की ठगी की है आरोपी पर अन्य 8 राज्यों में भी बेरोजगारों से करोड़ों की ठगी करने का आरोप है आठ राज्यों की पुलिस आरोपी की तलाश कर रही थी.

आरोपी ने पीड़ितो को झांसे में लेने के लिए नियुक्ति पत्र में भारत सरकार, कर्मचारी चयन आयोग के पुराने लोगों (मोनो) वाला नियुक्ति पत्र थमा दिया था तथा उक्त संस्था का नाम इस कार्यालय से मिलता जुलता है। वेदप्रकाश पटवा उप निर्देशक कर्मचारी चयन आयोग जे-5 अनुपम नगर रायपुर (छ.ग.) ने थाना पंडरी में रिपोर्ट दर्ज कराया कि राज्य के बेरोजगार युवाओं को छत्तीसगढ़ शासन, छत्तीसगढ़ स्टाफ सलेक्शन कमीशन, एस-8 अनुपम नगर रायपुर के नाम से वाटरमैन एवं स्वीपर पद के लिए नियुक्ति पत्र जारी किया जा रहा है। शिकायत के बाद पुलिस ने एक विशेष टीम का गठन कर आरोपी की पतासाजी शुरू की। आरोपी के नाम से करीब 15 बैंक खाते समेत कई दस्तावेज बरामद हुए हैं. 

 


धमतरी : आश्रम के विद्यार्थियों के साथ जमीन पर बैठकर मुख्यमंत्री ने किया भोजन

धमतरी : आश्रम के विद्यार्थियों के साथ जमीन पर बैठकर मुख्यमंत्री ने किया भोजन

21-Aug-2019

धमतरी : देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी को 75वें जन्म दिवस के अवसर पर धमतरी जिले के नगरी विकासखण्ड के ग्राम दुगली में आयोजित ग्राम सुराज एवं वनाधिकार मड़ई तथा सद्भावना दिवस कार्यक्रम में आज प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एक अरब 34 करोड 52 लाख रूपए के कुल 121 निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इसके पहले, मुख्यमंत्री सीएम बघेल ने आदिम जाति विकास विभाग द्वारा संचालित शासकीय बालक आश्रम का अवलोकन किया।

मुख्यमंत्री के आश्रम पहुंचने पर विद्यार्थियों ने गुलाब फूल भेंट कर उनका स्वागत किया। इस दौरान बताया गया कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के द्वारा 14 जुलाई 1985 को दुगली प्रवास के दौरान इसका अवलोकन किया गया। यह आश्रम भी उसी साल से संचालित है। यह जिले का सर्वप्रथम आवासीय आश्रम है। मुख्यमंत्री एवं अन्य वरिष्ठ मंत्रियों व अतिथियों ने आश्रम के विद्यार्थियों के साथ जमीन पर बैठकर भोजन किया। बच्चों ने बताया कि आश्रम में प्रतिदिन मीनू के अनुसार स्वादिष्ट भोजन परोसा जाता है। उन्होंने बच्चों से उनके लक्ष्य के बारे में भी पूछा, तो किसी ने शिक्षक, किसी ने डॉक्टर और किसी ने इंजीनियर बनने की इच्छा प्रकट की।

मुख्यमंत्री के साथ राज्यसभा सांसद श्री पी.एल. पुनिया, प्रदेश के ग्रामीण विकास एवं स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव, परिवहन, आवास तथा वन मंत्री मोहम्मद अकबर, वाणिज्यिक कर, उद्योग तथा जिले के प्रभारी मंत्री कवासी लखमा, राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल, कोंडागांव विधायक  मोहन मरकाम सहित सिहावा विधायक डॉ. लक्ष्मी ध्रुव, पूर्व मंत्री माधव सिंह ध्रुव, पूर्व विधायक द्वय लेखराम साहू, हर्षद मेहता व कलेक्टर रजत बंसल ने भी जमीन पर बैठकर मध्यान्ह भोजन किया।

इसके पहले मुख्यमंत्री बघेल ने दुगली स्थित आदिम जाति बालक छात्रावास में विशेष पिछड़ी जनजाति कमार विद्यार्थियों को दिए जा रहे तीरंदाजी (आर्चरी) के प्रशिक्षण का अवलोकन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री  बघेल ने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे कमार विद्यार्थियों को भरपूर मेहनत करने के लिए प्रेरित किया  और शुभकामनाएं दीं।


कोरिया : झिलमिली स्थित एसईसीएल के अंडर ग्राउंड माइंस में हादसा, खदान की छत धसका, 2 मजदूरों के शव निकाले गए

कोरिया : झिलमिली स्थित एसईसीएल के अंडर ग्राउंड माइंस में हादसा, खदान की छत धसका, 2 मजदूरों के शव निकाले गए

20-Aug-2019

कोरिया जिले के झिलमिली स्थित एसईसीएल के अंडर ग्राउंड माइंस में आज सुबह करीब 4 बजे के आसपास हादसा हो गया खदान की छत का एक हिस्सा धंसकने से काम कर रहे 2 मजदूर मलबे में दबक गए जिसकी मौत हो गई वही अन्य को सुरक्षित निकाला गया काफी मशक्कत के बाद दोनों मजदूरो के शवों को निकाला गया है मृतकों में रूपनारायण पिता रामसाय तथा अख्तर हुसैन पिता असगर अली 59 वर्ष है श्रमिक संघ के नेता व सदस्य मौके पर ही डेथ सर्टिफिकेट जारी करने को लेकर हंगामा करने लगे। बाद में वहीं दोनों का डेथ सर्टिफिकेट जारी किया गया तब मामला शांत हुआ।  खदान की छत धसकने की जांच की जा रही है । 

 


कल मुख्यमंत्री निवास में जन चौपाल: भेंट-मुलाकात का आयोजन

कल मुख्यमंत्री निवास में जन चौपाल: भेंट-मुलाकात का आयोजन

20-Aug-2019

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के रायपुर स्थित निवास में कल बुधवार 21 अगस्त को जनचौपाल, भेंट-मुलाकात का आयोजन किया जाएगा। जनचौपाल में मुख्यमंत्री लोगों से जनसमस्याओं, सुझावों, जनहितकारी योजनाओं के फीड बैक से अवगत होंगे और आमजनों तथा संस्थाओं के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे। जन चौपाल का आयोजन सुबह 11 बजे से शुरू होगा।


नई प्राथमिकता व विकास के नए मापदंडों से नवा छत्तीसगढ़ की परिकल्पना को करेंगे साकार- मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

नई प्राथमिकता व विकास के नए मापदंडों से नवा छत्तीसगढ़ की परिकल्पना को करेंगे साकार- मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

19-Aug-2019

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज व प्राकृतिक संसाधनों से सम्पन्न व समृद्ध राज्य के बावजूद राज्य की ज्यादातर आबादी कुपोषित, अशिक्षित, बीमार, आवासहीन और भूमीहीन हो तो, ऐसी स्थिति में सरकार के कामकाज पर प्रश्न उठना स्वाभिक है। ऐसा मापदंड नहीं चलेगा, जिसमें एक तरफ प्रति व्यक्ति आय भी बढ़ा हो और दूसरी तरफ गरीबी भी बढ़ी हो। उन्होंने कहा  कि हमारी सरकार बनते ही हमने अपना विजन स्पष्ट कर विकास के नए मापदंड तय किए। नवा छत्तीसगढ़ की परिकल्पना को जमीनी स्तर पर मूर्त रूप दिया है। हम स्थानीय लोगों को ज्यादा से ज्यादा रोजगार देंगे। इसके लिए स्थानीय स्तर पर छोटे-छोटे उद्योग स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रख लगायेंगे।

सीएम बघेल रविवार को नई दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में नए नेतृत्व में बदलते छत्तीसगढ़ विषय पर आयोजित व्याख्यान में बोल रहे थे। इस अवसर पर पूर्व विदेश सचिव श्याम सरन सहित देश के ख्यातिप्राप्त बुद्धिजीवीगण भी उपस्थित थे। सीएम बघेल ने कहा हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, किसान, ग्रामीण, महिलाएं, कामगार, छोटे व्यापारी, युवा और वह नई पीढ़ी है, जिसके कंधे पर कल प्रदेश और देश संभालने की जिम्मेदारी होगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में देश के क्षेत्रफल का 24.4 फीसदी वन हैं। इस्पात, सीमेंट, टीन, एल्यूमिनियम उत्पाद में देश में अग्रणी है। बॉक्साइट का प्रचूर भंडार है हमारे पास। टीन उत्पाद में देश इकलौता राज्य है। मुझे यह कहते हुए गर्व है कि, छत्तीसगढ़ आज भी जनसंख्या के विस्फोट से बचा हुआ है।

मेरा यह सवाल है कि इतनी सारी विशेषताओं के बावजूद छत्तीसगढ़ में 5 साल से कम उम्र के 37.60 फीसदी बच्चे कुपोषित क्यों रह गए? इतने सारे संसाधनों के बावजूद छत्तीसगढ़ में 15 से 49 वर्ष की 41.50 प्रतिशत माताएं एनिमियां से पीड़ित हैं? मैं बताना चाहता हूं कि ये आंकड़े मेरे बनाए हुए नहीं हैं, बल्कि भारत सरकार के अंतर्गत काम करने वाले नीति आयोग ने जारी किया है। इसके लिए छत्तीसगढ़ में 15 वर्ष पुरानी सरकार को जब जनता ने नकारा तो उसके पीछे सबसे बड़ा कारण अपनी स्थिति- परिस्थिति को लेकर जनता का अंसतोष था।  उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में विगत 15 वर्षोँ में नक्सलवादी गतिविधियां 4 ब्लॉक से बढ़ कर 40 ब्लॉक तक पहुंच गई तो इसके पीछे भी अनेक कारण रहें होंगे। नक्सलवाद को लेकर अनेक बातें कही गईं, लेकिन यह नहीं बताया गया कि छत्तीसगढ़ में सबसे बड़ा खतरा कुपोषण से है। प्रदेश में साक्षरता की दर 71 फीसदी है, लेकिन यह नहीं बताते कि एक तिहाई आबादी अभी भी निरक्षर है। इसलिए मैं नई प्राथमिकता की बात करता हूं, विकास के नए आंकड़ों की बात करता हूं।

मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि सात माह के अल्पकार्यकाल में प्रदेश के लोगों में सरकार के प्रति एक भरोसा और विश्वास का नया वातावरण बना है। हमने शुरूआत में ही लोगों के जीवन स्तर ऊपर उठाने और गरीबी कम करने की दिशा में ठोस पहल की है। धान का समर्थन मूल्य ढाई हजार रुपए प्रति क्विंटल किया, इससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई। हमने अपने विरासतों के साथ आगे बढ़ने की नीति अपनाई है। नरवा, गरवा, घुरवा, बारी, के माध्यम से अर्थव्यवस्था और पर्यावरण को नया जीवन देने की पहल की है।

अनुसूचित जनजाति तथा अनुसूचित जाति को बाराबरी से विकास के अवसर और गरिमापूर्ण जीवनयापन के लिए कई बड़े कदम उठाए। उद्योगों के नाम पर जिनकी जमीन ले ली गई थी, हमारी सरकार आते ही जमीन वापसी का निर्णय लिया गया। हमने प्रदेश निवासी अनुसूचित जनजाति को 32 फीसदी, अनुसूचित जाति को 13 फीसदी, अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को 27 फीसदी आरक्षण प्रदान की घोषणा इसी 15 अगस्त 2019 को की है। प्राथमिक विकेन्द्रीकरण की दिशा में भी नए कदम उठाए हैं। नया जिला गोरेला-पेण्ड्रा-मरवाही के गठन की घोषणा भी इस वर्ष 15 अगस्त को की।

 मुख्यमंत्री बघेल ने अपने व्याख्यान में सरकार के कामकाज, उसके विजन पर सूक्ष्मता से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि स्थानीय युवाओं को सरकारी नौकरी में प्राथमिकता देने के लिए, कनिष्ठ कर्मचारी चयन बोर्ड का गठन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं- सहायिकाओं के मानदेह में बढ़ोत्तरी, 15 हजार नियमित शिक्षकों की भर्ती, सबके लिए यूनिवर्सल हेल्थ स्कीम की पहल, 200 फूड पार्कों की स्थापना, पहुंच विहीन गांवों में सड़क सम्पर्क के लिए श्जवाहर सेतू योजनाश्। 2 अक्टूबर 2019 को महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर प्रदेश के प्रत्येक ग्राम पंचायत में प्रतिदिन पौषिक भोजन निशुल्क देने की शुरूआत की जाएगी। यह कदम कुपोषण एवं एनिमिया के पीड़ा से मुक्ति दिलाने की दिशा में निर्णायक कदम होगा उन्होंने बताया कि, राज्य सरकार, ने मोर जमीन-मोर मकान के अंतर्गत 1 लाख 60 हजार परिवारों को आवास निर्माण के लिए 2 लाख 29 हजार रुपए की राशि उनके बैंक खातों में डालने की व्यवस्था की गई है।

वनक्षेत्रों में आजिविका के लिए तेंदूपत्ता संग्रह एक प्रमुख साधन है, इसलिए सरकार ने तेंदूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक दर 25 सौ रुपए प्रति मानक बोरा से बढ़ा कर 4 हजार रुपए कर दी है। यह वर्ष 2019 में वितरित किया गया संग्रहण पारिश्रमिक विगत वर्ष की तुलना में लगभग डेढ़ गुना है।

हमने न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी जाने वाली बनोपजों की संख्या 7 से बढ़ाकर 15 कर दी है तथा इस पर भी बोनस देने की व्यवस्था की गई है। यही नहीं प्रदेश में पहला श्लेमरू एलीफेंट रिजर्वश् बनाने की घोषणा हमने की है। इससे हाथियों का स्थाई ठिकाना बन जाने से उनकी अन्य स्थानों पर आवा-जाही तथा इससे होने वाले नुकसान पर भी अंकुश लगेगा।
सरकार ने पहले ही कहा था कि जनता की गाढ़ी कमाई और छत्तीसगढ़ की कोख के संसाधनों का दुरुपयोग कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। डीएमएफ का पैसा खनिजों के दोहन से आता है, यह बिडम्बना है कि लम्बे समय से इस धन का भारी दुरुपयोग चंद ताकतवर लोगों की विलासिता में हो रहा था, लेकिन अब डीएमएफ की शासी परिषद में जिला कलेक्टर के स्थान पर प्रभारी मंत्री अध्यक्ष तथा विधायक सदस्य होंगे।

हमारी सरकार ने आते ही बिजली के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। बिजली की उपलब्धता की जो कमी थी, उसे दूर कर दिया गया है। विगत माह में भारत सरकार के अंतर्गत कार्यरत सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी की रिपोर्ट के अनुसार अब छत्तीसगढ़ में विद्युत आपूर्ति की विश्वसनीयता देश में सर्वाधिक हो गई है। गर्भवती माताओं सहित विभिन्न मरीजों के लिए अनेक निशुल्क सुविधाएं शुरू की जाएंगी। पं. जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कालेज, रायपुर में हृदय रोग के उपचार के लिए स्टेमी  की स्थापना की जाएगी।

यही नहीं श्मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लीनिक योजना के तहत आदिवासी बाहुल्य अंचलों में स्वास्थ्य जांच, इलाज तथा दवा वितरण की सुविधा का विस्तार किया जा रहा है, जिसका लाभ विशेषकर सुदूर अंचल में रहने वाले अनुसूचित जनजाति के लोगों को मिलेगा। इसी तरह खेल के सेक्टर को विकसित करने के लिए खेल प्राधिकरण, अगल-अलग अंचलों की विशेषताओं के आधार पर स्पोर्टस स्कूल एवं खेल अकादमी की स्थापना का निर्णय लिया है।

महाविद्यालयों में शैक्षणिक तथा गैर शैक्षणिक पदों पर बड़ी संख्या में भर्ती की जा रही है। लगभग 2 दर्जन नए कालेज खोलने का निर्णय लिया गया है। देश में पहली बार ट्रिपल आईटी, नवा रायपुर में श्डाटा साइंस एंड आर्टिफिशियल इंटिलिजेंसश् पाठ्यक्रम शुरू किया गया है। दो दशक के बाद छत्तीसगढ़ में शिक्षकों की भर्तियां की जा रही हैं। शिक्षा को रूचिकर बनाने के लिए नई तकनीकों का उपयोग शुरू किया गया है, जिसे श्ब्लैक बोर्ड से-की बोर्ड की ओरश् अभियान का नाम दिया है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में सहायता का दायरा बढ़ाते हुए 15 हजार रुपए के स्थान पर 25 हजार रुपए कर दिया है। पीडीएस से राशनकार्डधारी परिवारों को चावल, शक्कर, नमक, चना, केरोसिन के साथ-साथ अंत्योदय परिवारों को हर माह दो किलो गुड़ देने का निर्णय लिया गया है।


सरकार के फैसलों से लोगों के जीवन में आया परिवर्तन : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

सरकार के फैसलों से लोगों के जीवन में आया परिवर्तन : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

17-Aug-2019

मुख्यमंत्री ने बस्तर जिले में कुपोषण को मिटाने हरिक नानी बेरा यानि खुशहाल बचपन अभियान का किया शुभारंभ

 

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि विगत सात महीनें के कार्यकाल में नई सरकार ने लोगों के जीवन मे परिवर्तन लाने के लिए कई अहम फैसलें लिये है। इससे लोगों की न केवल क्रय शक्ति बढ़ी है बल्कि उनका मान सम्मान भी बढ़ा है। उन्होंने कहा कि पूरे देश के साथ-साथ प्रदेश में भी कुपोषण एक बड़ी चुनौती है। हमनें इस चुनौती को स्वीकार करते हुए कल दंतेवाड़ा में सुपोषित दंतेवाड़ा अभियान और आज यहां बस्तर जिले में हरिक नानी बेरा यानि खुशहाल बचपन अभियान का शुभारंभ किया जा रहा है। महात्मा गांधी 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में आगामी 02 अक्टूबर से पूरे प्रदेश में कुपोषण मुक्ति महाअभियान प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तोकापाल में आयोजित कार्यक्रम में 68 करोड़ 57 लाख 49 हजार रूपए के विभिन्न विकास कार्यों की घोषणा की। 24 करोड़ की लागत से तोकापाल में एकलव्य आवासीय विद्यालय भवन का निर्माण, 18 करोड़ 17 लाख 27 हजार रूपए की लागत से विकासखण्ड तोकापाल के अन्तर्गत रायकोट  सालेपाल मार्ग में 23 किलोमीटर सड़क का चौड़ीकरण, 3 करोड़ 96 लाख 70 हजार रूपए की लागत से बड़ेबादेनार से कावड़गांव मार्ग का निर्माण, 21 करोड़ 63 लाख 52 हजार रूपए की लागत से डिलमिली से पखनार मार्ग का निर्माण तथा 80 लाख रूपए की लागत से कोपागुड़ा में फार्मर गेस्ट हॉउस के निर्माण की घोषणा की।

    मुख्यमंत्री ने अपने उद्बोधन में आगे कहा कि गढ़बों नवा छत्तीसगढ़ की दिशा में शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य और कुपोषण पर विशेष रणनीति बनाकर कार्य किए जा रहे है। इसके लिए स्वास्थ्य के क्षेत्र में आगामी 02 अक्टूबर से ही पूरे प्रदेश में मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लिनिक शुरू करेंगे। शिक्षा के क्षेत्र में बस्तर अंचल के सुकमा जिले के 85 बंद स्कूलों शुरू किये गये है। इसी प्रकार जगरगुंडा में विगत 13 वर्षों से बंद विद्यालय को फिर से शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि बस्तर के युवाओं को भटकनें की जरूरत नही पड़ेगी कनिष्ठ सेवा चयन बोर्ड तृृतीय एवं चतुर्थ वर्ग की भर्ती स्थानीय स्तर पर की जायेंगी। इसी प्रकार एनएमडीसी की भर्ती के लिए परीक्षायें भी बस्तर और दंतेवाड़ा में ली जायेंगी।

इस अवसर पर उद्योग मंत्री श्री कवासी लखमा, स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, लोकसभा सांसद श्री दीपक बैज, विधायक सर्वश्री मोहन मरकाम, श्री रेखचंद जैन, श्री चंदन कश्यप, बस्तर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री लखेश्वर बघेल, पूर्व मंत्री श्री अरविन्द्र नेताम, पूर्व विधायक श्रीमती फूलोदेवी नेताम, मुख्यमंत्री के संसदीय सलाहकार श्री राजेश तिवारी सहित बड़ी संख्या में क्षेत्र के जनप्रतिनिधि और ग्रामीणजन उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तोकापाल में आयोजित कार्यक्रम में 68 करोड़ 01 लाख 9 हजार रूपए के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण किया। जिन विकास कार्यों का लोकार्पण किया गया उनमें-2 करोड़ 7 लाख 27 हजार रूपए के तोकापाल में नवीन आई.टी.आई भवन का निमार्ण कार्य, 1 करोड़ 5 लाख 48 हजार रूपए के तोकापाल में छात्रावास भवन का निर्माण कार्य, 62 लाख 83 हजार रूपए के नवीन हाईस्कूल भवन एर्राकोट 13 लाख 20 हजार रूपए के एन.आर.सी भवन निर्माण कार्य, 1 करोड़ 92 लाख 72 हजार रूपए के शासकीय पॉलीटेक्निक जगदलपुर में 50 सीटर कन्या छात्रावास एवं अधीक्षिका सह चौकीदार आसावगृह का निर्माण कार्य, 3 करोड़ 27 लाख 75 हजार रूपए के शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय जगदलपुर के रूरल हेल्थ ट्रेनिंग सेन्टर-छात्रावास का भवन निर्माण कार्य, 39 लाख 80 हजार रूपए के इंदिरा गांधी कृषि महाविद्यालय कुम्हरावण्ड जगदलपुर पहुंच मार्ग लम्बाई 800 मीटर निर्माण कार्य,3 करोड़ 29 लाख  39 हजार रूपए के नगरनार नदी बोडना से बसेली मार्ग के 1.9 किलोमीटर गुलझोड़ी नाला पर उच्चस्तरीय पुल निर्माण कार्य, 25 लाख 30 हजार रूपए के उप स्वास्थ्य केन्द्र भवन बुरूंगपाल (नहरमुण्डा) का निर्माण कार्य, 1 करोड़ 12 लाख 35 हजार रूपए, के 21 स्थानों पर सोलर हाई मास्ट संयेत्रों की स्थापना कार्य, 4 करोड़ 88 लाख रूपए के बास्तानार में 44 जीएडी क्वाटर्स निर्माण तथा 48 करोड़ 97 लाख रूपए के 200ध्132/33 के.व्ही. विद्युत उपकेन्द्र, महुपालबरई (परचनपाल) जगदलपुर निर्माण कार्य शामिल है।
इसी प्रकार मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने तोकापाल में आयोजित कार्यक्रम में 55 करोड़  87 लाख 56 हजार रूपए के विभिन्न विकास कार्यों का शिलान्यास और भूमिपूजन किया। जिन विकास कार्यों का शिलान्यास और भूमिपूजन किया गया

उनमें-भूमि पूजन योजना के अन्तर्गत 1 करोड़ 51 लाख 28 हजार रूपए के कोड़ेनार से कुमापारा घाटरोड तक 1.2 किलोमीटर क्रांकिट रोड़ का निमार्ण कार्य, 3 करोड़ 96 लाख रूपए के महारानी अस्पताल, जगदलपुर में ट्रांजिट हॉस्टल निर्माण कार्य,9 करोड़ 46 लाख 55 हजार रूपए के जगदलपुर कोंटा मार्ग 35 किलोमीटर, दरभा से चांदामेटा डामरीकृत सड़क लम्बाई 33 किलोमीटर निमार्ण कार्य,2 करोड़ 25 लाख 38 हजार रूपए के जगदलपुर कोंटा रोड के बुदुपारा से भादुपारा तक लम्बाई 3 किलोमीटर डामरीकृत सड़क निमार्ण कार्य,87 लाख 70 हजार रूपए के जगदलपुर कोंटा रोड में पदरपारा रोड से लखमापारा तक 2.5 किलोमीटर डामरीकृत सड़क निमार्ण कार्य,1 करोड़ 31 लाख 34 हजार रूपए से जगदलपुर कोंटा रोड से बुदुपारा तक 6.40 किलोमीटर डामरीकृत सड़क निमार्ण कार्य,1 करोड़ 21 लाख 16 हजार रूपए से जिला बस्तर विकासखण्ड तोकापाल के सिरिसगुड़ास में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भवन का निर्माण कार्य,2 करोड़ 32 लाख 8 हजार रूपए सेे प्रदेश के विभिन्न जेलों में 50-50 बंदी क्षमता वाले 30 बैरकों का निर्माण कार्य। इसमें जगदलपुर में 6 बैरकों का निर्माण होगा। 4 करोड़ 30 हजार रूपए से महारानी अस्पताल जगदलपुर का नवीनीकरण कार्य लैब व मातृशिशु केन्द्र का निर्माण।2 करोड़ 86 लाख 40 हजार रूपए से जगदलपुर में चिकित्सकों के लिये ट्रांजिट क्वाटर्स का निर्माण कार्य, 2 करोड़ 65 लाख 98 हजार रूपए सेे किसानों की आय को 3 गुना करने के लिये इन्द्रावती नदी के किनारे ग्राम चितालूर के 200 किसानों के लगभग 300 एकड़ निजी भूमि एवं 200 एकड़ शासकीय पर 19298 वृक्षारोपण एवं फेसिंग कार्य, 70 लाख रूपए की लागत से नैननार, बिरगाली, वाहनपुर, ककनार, बीसपुर, नकटीसेमरा और ककालगुर में उचित मूल्य दुकान सह गोदाम निर्माण।18 लाख 90 हजार रूपए से डिमरापाल में बाजार शेड निर्माण।

1 करोड़ 91 लाख 17 हजार रूपए से ग्राम तुरेनार में पोेल्ट्री एवं हैचरी सेन्टर निर्माण, विकासखण्ड जगदलपुर के कार्यालय भवन निर्माण, ट्रेनिंग सेन्टर, हैचिंग हाउस, बुडर हाउस एवं सीसी सड़क निर्माण तथा नाली निर्माण कार्य, 1 करोड़ 24 लाख 75 हजार रूपए से जिला पंचायत परिसर में ट्रांजिस्ट हॉस्टल का निर्माण, 2 करोड़ 49 लाख  50 हजार रूपए से आड़ावाल एजुकेशन हब में ट्रांजिस्ट हॉस्टल का निर्माण, 1 करोड़ 56 लाख रूपए सेे रूर्बन क्षेत्र के 13 ग्रामों में सोलर लाईट की स्थापना, 46 लाख 15 हजार रूपए से ग्राम ताईपदर जनपद पंचायत जगदलपुर में स्टामडेम निर्माण, 13 करोड़ 85 लाख 50 हजार रूपए से जगदलपुर जिले के सात विकासखण्डों के सात नालों के उपचार के लिए जलसंवर्धन और भू-संरक्षण के विभिन्न संरचनाओं का निर्माण, 37 लाख 78 हजार रूपए से दरभा विकासखण्ड के 6 ग्राम पंचायतों के 357 हितग्राहियों के 336 एकड़ बाड़ी में सिचाई सुविधा 34 लाख 37 हजार रूपए से दरभा विकासखण्ड के 6 ग्राम पंचायतों के 353 हितग्राहियों के 338 एकड़ बाड़ी में सिंचाई सुविधा शामिल है।


राज्य स्तर पर स्थानांतरण की तिथि 23 अगस्त तक बढ़ी

राज्य स्तर पर स्थानांतरण की तिथि 23 अगस्त तक बढ़ी

14-Aug-2019

रायपुर : छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा 27 जून 2019 को जारी स्थानांतरण नीति, वर्ष 2019 की अवधि में बढ़ोत्तरी कर दी गई है। राज्य स्तर पर स्थानांतरण की अवधि 15 जुलाई 2019 से 14 अगस्त 2019 तक निर्धारित की गई थी। जिसे बढ़ाकर अब 15 जुलाई से 23 अगस्त 2019 तक कर दिया गया है। इसी तरह स्थानांतरण के क्रियान्वयन की स्थिति को वेबसाइट में अपलोड करने की तिथि 31 अगस्त से बढ़ाकर 7 सितम्बर 2019 कर दिया गया है। राज्य सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा आज आदेश जारी कर दिया गया है। स्थानांतरण नीति की शेेष शर्तें यथावत रहेंगी।


मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नवा रायपुर अटल नगर में मुख्यमंत्री निवास, विधायक विश्राम गृह और अधिकारियों के आवास के लिए प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण किया

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नवा रायपुर अटल नगर में मुख्यमंत्री निवास, विधायक विश्राम गृह और अधिकारियों के आवास के लिए प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण किया

13-Aug-2019

नवा रायपुर : मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज नवा रायपुर अटल नगर के सेक्टर 24 में मुख्यमंत्री निवास, विधायक विश्राम गृह और अधिकारियों के आवास के लिए प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण किया। आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री मोहम्मद अकबर, गृह मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू, कृषि एवं जल संसाधन मंत्री श्री रविन्द्र चौबे और राजस्व मंत्री श्री जय सिंह अग्रवाल इस अवसर पर उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने प्रस्तावित निर्माण कार्याें के बारे में अधिकारियों से स्थल पर जानकारी प्राप्त की और उन्हें आवश्यक निर्देश दिए।   


सुकमा : अपने दो बच्चियों को जहर पिलाकर महिला ने भी पी लिया जहर, 2 लोगों की मौत

सुकमा : अपने दो बच्चियों को जहर पिलाकर महिला ने भी पी लिया जहर, 2 लोगों की मौत

12-Aug-2019

सुकमा : बीती रात जिले के विकासखण्ड छिंदगढ़ के ग्राम पंचायत पालम में निवासरत एक महिला ने अपने दो बच्चो को जहर पिलाकर खुद भी जहर का सेवन कर लिया इस घटना में महिला हूंगी और उसकी  6 माह की पुत्री सुनीता की मौत हो गई वही दूसरी बच्ची संजना (4 वर्ष) बच गई लेकिन डॉक्टर बच्ची की हालत को नाजुक बता रहे हैं बताया जा रहा है कि जहर पीने के बाद लगभग आज 5 बजे उसकी मृत्यु घटना के समय महिला का पति अपने ससुराल गया हुआ था कहा जा रहा है कि मृतका हूंगी कुछ दिनों से अजीब सी हरकतें कर रही थी, जिसके कारण हूंगा ग्राम लखापाल जो कि उसका ससुराल है, वहां सिरहा गुनिया करवाने गया हुआ था। जब वह आज सुबह 5 बजे अपने घर लौटा तब उसे इस घटना की जानकारी हुई. 

 


मोर गोठ-बात सुनैया जम्मो सियान अउ संगवारी मन ल, दीदी-बहिनी अउ नोनी-बाबू मन ल जय जोहार। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल

मोर गोठ-बात सुनैया जम्मो सियान अउ संगवारी मन ल, दीदी-बहिनी अउ नोनी-बाबू मन ल जय जोहार। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल

11-Aug-2019

एंकर
-    सभी श्रोताओं को नमस्कार, जय जोहार।
-    आज हमारे साथ स्टूडियो में मौजूद हैं, छत्तीसगढ़ के माननीय मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल जी। वे आज से छत्तीसगढ़ की जनता के साथ बातचीत की एक नई शुरूआत कर रहे हैं। मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘लोकवाणी’ के माध्यम से वे छत्तीसगढ़ की जनता के सवालों के जवाब भी देंगे और अपने विचार भी रखेंगे।
-    हम आकाशवाणी की ओर से माननीय मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल जी का हार्दिक अभिनंदन करते हैं।
माननीय मुख्यमंत्री जी का जवाब
-    जय जोहार। सबले पहिली, मैं जम्मो रेडियो सुनइया भाई-बहिनी मन के सब स्वागत करत हंव। आम जनता, खेत-खार म काम-बुता करत किसान भाई-बहिनी मन, घर में अपन काम-बुता करत रेडियो सुनैया हमर दीदी-बहिनी मन, अलग-अलग जगह म अपन सुविधा ले मोर गोठ-बात सुनैया जम्मो सियान अउ संगवारी मन ल, दीदी-बहिनी अउ नोनी-बाबू मन ल जय जोहार।

एंकर
-    माननीय मुख्यमंत्री जी, सबसे पहले जनता ये जरूर जानना चाहेगी कि ‘लोकवाणी’ का विचार आपके मन में कैसे आया ?
माननीय मुख्यमंत्री जी का जवाब
-    अब तो संचार के नवा-नवा माध्यम आ गे हे, लेकिन अभी भी रेडियो एक अइसे माध्यम हे, जेखर पहुंच अभी भी आमजनता तक म हे। ते पाय के मोला लागिस के रेडियो ल हमर बातचीत के माध्यम बनाना ठीक रइही।
-    मोला याद हे, 12 नवम्बर 1947 के दिन जब महात्मा गांधी देश ल कुरूक्षेत्र-हरियाणा में सम्बोधित करिस अउ रेडियो के माध्यम से जनता के बीच म अपन बात ल कहिस।
-    तब बापू कहे रहिसे के ‘मैं रेडियो ल ईश्वरीय चमत्कार मानथंव, यदि इहि बात ल कोनो सभा म जाके कहितेव तव कम आदमी सुन पातिस, लेकिन रेडियो के माध्यम से बहुत अकन आदमी कर अपन बात ल पहुंचाय जा सकथे। एकर सेति रेडियो आज भी सर्वश्रेष्ठ माध्यम हे।
-    हमर छत्तीसगढ़ के दूर-दराज म बसे गांव में, आदिवासी अंचल म जेमा बहुत ही बिरला आबादी हे, दूर-दूर तक के बसे हे। मैं चाहथंव वो सब मन के भावना से अवगत हो सकंव। आप मन के बात ल सुनव, अउ आप मन के जवाब दव। एकरे सेति हमन अब हर महीना लोकवाणी के माध्यम से आप मन के सामने रूबरू होबो।

एंकर
-    माननीय मुख्यमंत्री जी, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के साथ रेडियो से जुड़ी बहुत अच्छी बात याद की आपने। इससे रेडियो बिरादरी का गौरव भी बढ़ा है।
-    अब आज के मुख्य विषय पर आते हैं। हमने छत्तीसगढ़ में ‘कृषि तथा ग्रामीण विकास’ विषय पर जनता की भावनाएं आमंत्रित की थी। हमें बहुत उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली है।
-    2500 रू. क्विंटल में धान खरीदी/तेन्दूपत्ता संग्र्रहण पारिश्रमिक 4000 रू. प्रति मानक बोरा, हरेली, तीजा, विश्व आदिवासी दिवस, भक्त माता कर्मा जयंती और छठ पूजा पर सार्वजनिक अवकाश की घोषणा। ऐसे अनेक ऐतिहासिक फैसलों के लिए बहुत से भाई-बहनों ने बधाई संदेश भेजे हैं।
-    जिसमें शामिल हैं-लोहारा से गिरीश साहू, परपोड़ी से बुधवा, बेलसरी से दुर्गा प्रसाद पाण्डे, मरवाही से श्याम लाल, झीट-पाटन से भुवन लाल सिन्हा, पिपरिया-कबीरधाम से कमलकांत गुप्ता, पामगढ़ से चन्द्रशेखर खरे और भी अनेक श्रोता, तो आइये पहले इन संदेशों को सुन लेते हैं।
-     जी मैं चन्द्रशेखर खरे बोल रहा हूं, पामगढ़-जांजगीर से। भूपेश सरकार ने जो नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी जो योजना चलाई है, उसके लिए मैं बधाई देता हूं सरकार को।
-    गंगाराम साहू पोस्ट पिपरिया जिला-कबीरधाम। लोकवाणी के लिए महोदय जी ने जो शुरूआत की है, इसके लिए बहुत बहुत बधाई हो और बहुत-बहुत शुभकामनाएं।
-     बुधवा परपोड़ी से ये बड़ा अच्छा कार्यक्रम निकाले है जनसाधारण के लिए। और धन्यवाद के पात्र है माननीय मुख्यमंत्री जी कि हरियाली त्यौहार को मनाया गया है।
-     दुर्गा प्रसाद पाण्डे बोल रहा हू, ग्राम बेलसरी, तखतपुर से। सर्वप्रथम तो अपने एकदम ठेठ छत्तीसगढ़ी सरकार बनने के लिए बधाई है। मेरी ओर से मुख्यमंत्री महोदय को।
माननीय मुख्यमंत्री जी का जवाब
-    बधाई और शुभकामना संदेशों के लिए आप सभी को बहुत-बहुत धन्यवाद। निश्चित तौर पर इससे हम सबका उत्साह बढ़ा है।
-    आपकी प्रतिक्रिया जानकर हमें यह संतोष मिला है कि सरकार सही दिशा में काम कर रही है।
एंकर
-    माननीय मुख्यमंत्री जी, धान के दाम को लेकर एक ओर लोगों में खुशी है तो दूसरी ओर यह संदेह है कि आगे उन्हंे यह दाम मिलेगा कि नहीं। आइये लेते हैं एक सवाल, जो सिर्फ लोहारा के गिरीश साहू का ही नहीं बल्कि पूरी किसान बिरादरी का है।
-     मैं ग्राम लोहारा से गिरीश कुमार साहू बालोद जिला से बोलत हव। हमारे छत्तीसगढ़ में 2500 रूपये में जो धान लिया है, उसी तरह आगे भी लेगा की नई लेगा ?
माननीय मुख्यमंत्री जी का जवाब
-    गिरीश भाई और सभी किसान साथियों। आपके खाते में 2500 रूपए क्ंिवटल की दर से धान का पैसा आ गया है, यह तो आप मानते हैं ना।
-    अब छत्तीसगढ़ में हमारी सरकार है, इसलिए आपको न संदेह करने की जरूरत है और न ही किसी प्रकार की चिंता करने की।
-    अब हर साल आपका धान हम 2500 रू. क्ंिवटल में ही खरीदेंगे। इस फैसले से अब कोई ताकत हमें पीछे नहीं हटा सकती।
-    मुझे लगता है कि पिछले महीने केन्द्र सरकार ने धान का समर्थन मूल्य सिर्फ 65 रू. बढ़ाने की घोषणा की थी, उसके कारण आपके मन में भ्रम हुआ होगा। लेकिन आप ध्यान दीजिएगा कि हमने साफ घोषणा की थी कि आप लोग अपना धान रोक कर नहीं रखें। केन्द्र सरकार से चाहे जो दर मिले, हम अपने वायदे पर कायम रहेंगे। 2500 रूपए क्विंटल में धान खरीदा था और खरीदेंगे यह मेरा आप सबसे वादा है।
एंकर
-    माननीय मुख्यमंत्री जी, श्रोताओं के सवालों से स्पष्ट है कि प्रदेश में ‘नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी’ योजना को लेकर जबरदस्त उत्साह है। सर्वाधिक विचार तो इसी को लेकर सामने आए हैं। लोग जानना चाहते हैं कि इस विषय पर आपकी पूरी सोच क्या है? ‘सुराजी गांव योजना’ कितने दिनों में शबाब पर आ जाएगी? इससे ग्रामीण और किसान जनता को किस-किस तरह से लाभ मिलंेगे? अंततः ग्रामीण अर्थव्यवस्था और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को इससे कैसे मजबूती मिलेगी?
-    भाई लक्ष्मी यादव, कमलकांत गुप्ता, गोपाल प्रजापति, भुवन लाल सिन्हा, चंद्रकांत, भावेश यादव, गजानंद साहू, होरी लाल, सुखलाल भारती, मदन सेन, राम राजपूत, विशेषर सिंह और मालिक राम इनके साथ-साथ बहुत से साथी जानना चाहते हैं कि इस विषय पर आपकी पूरी सोच क्या हैं? माननीय मुख्यमंत्री जी, सभी की आवाजें सुनने में काफी समय लगेगा इसलिए आइये लक्ष्मी जी, गुलशन की आवाज में सुन लेते हैं, इससे संबंधित सवाल और आप कृपया सभी जवाब एक साथ दे दीजिएगा।
-    मेरा नाम लक्ष्मी कुमार यादव है। मैं खैरागढ़ जिला-राजनांदगांव से बोल रहा हूं। सर अभी तो अब इतने सारे बाड़ी-वाड़ी तो रह नहीं गये हैं, घुरवा भी नहीं रह गये हैं तो इसका क्या उपयोग होगा।
-    गुलशन कुमार तहसील मोहला, जिला-राजनांदगांव मेरा प्रश्न है कि छत्तीसगढ़ गांव में बसता हैं, तो हम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को कैसे बनाएंगे। नई सरकार से हम क्या उम्मीद कर सकते हैं ग्रामीण अर्थव्यवस्था के बारे में? कैसे विकास कर सकते हैं गांव की।
माननीय मुख्यमंत्री जी का जवाब
-        सवाल पूछने के लिए आप सबको बहुत-बहुत धन्यवाद।
‘छत्तीसगढ़ के चार चिन्हारी
नरवा, गरवा, घुरवा, बारी
येला बचाना हे संगवारी’
-        मुझे खुशी है कि यह नारा न सिर्फ गांव-गांव, घर-घर में पहुंच गया है बल्कि उससे भी आगे मैं यह कहना चाहता हूँ कि छत्तीसगढ़ के जनजीवन में यह नारा उसी तरह से घुल-मिल गया है, जैसे शक्कर और पानी मिलकर शरबत बनता है।
-    वास्तव में छत्तीसगढ़ के चार चिन्हारी सदियों से हमारे मन के भीतर है। हमारी नस-नस में समायी हुई है। हमारी संस्कृति में रची-बसी है।
-    फर्क सिर्फ इतना आया है कि छत्तीसगढ़ राज्य गठन के बाद और खासकर विगत 15 वर्षों में हम अपने पुरखों के रास्ते से भटक गए थे। जिसे दिल सही कहता था, उसे हम कर नहीं पाते थे और हमारे किसान भाइयों को जमाने की हवा के नाम पर बहाया जा रहा था।
-    आपकी सरकार ने आते ही यह फैसला कर लिया कि अपने ‘चार चिन्हारी-नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी’ को फिर से अपनी खोई हुई शक्ति, शान और मान वापस दिलाना है, तो उसमें आप जैसे जागरूक लोग जुड़ गए हैं और कारवां बनता चला गया।
-    जहॉ तक कि अर्थव्यवस्था का सवाल है तो यह बात बहुत साफ है कि जब हम छत्तीसगढ़ की समृद्धि और खुशहाली की कल्पना करते हैं तो हमारे ध्यान में खेत, किसान और गांव में रहने वाली जनता आती है। उनके रहन-सहन और बारहमासी रोजगार की तस्वीरें आती हैं कि असली छत्तीसगढ़ आज किस हालत में है और उसे किस हालत में होना चाहिए था।
-    आपको 17 दिसम्बर 2018 के पहले की परिस्थितियां याद होंगी। उस समय जब हम गांव-गांव का दौरा करते थे, तब हम देखते थे कि किस तरह किसान गांवों में आर्थिक संकट से जूझ रहा था, कुशासन था, बदहाली थी। किसान कैसे भटक रहे थे। धान का सही दाम पाने के लिए कैसे संघर्ष कर रहे थे। लाखों किसान कर्जदार और डिफाल्टर होने के कारण नए सिरे से खेती-किसानी नहीं कर पा रहे थे।
-    आप सबको इस बात का अनुभव है कि जब खेती थम जाती है तो कैसे राज्य का विकास थम जाता है। अच्छी खेती, अच्छी पैदावार हो किसानों को उसकी उपज का अच्छा दाम मिलता है, तब वह पैसा गांव से लेकर शहर तक के बाजारों में आता है।
-    इसलिए मैं कहता हूं, जब खेती चलती है तो कारखाने के पहिए भी चलते हैं। हमारी पूरी अर्थव्यवस्था की ताकत यदि किसी एक चीज से बढ़ेगी तो, वह खेती-किसानी है।
-    इसलिए हमने किसानों और उनके माध्यम से गांवों को समृद्ध बनाने की रणनीति अपनाई है।
-    और इसलिए आते ही हमने 2500 रू. क्ंिवटल में धान खरीदी, कर्ज माफी, सिंचाई कर माफी और आखिर में वन टाइम सेटलमेंट का निर्णय लिया, ताकि जितनी जल्दी हो सके किसानों को अपना खोया हुआ मान-सम्मान वापस मिल सके।
-    हमने खूब विचार-विमर्श किया। किसानों से, गांव वालों से, सबसे मिलकर यह तय किया कि खेती-किसानी और गांवों के हालात बदलने के लिए एक-दो उपाय से काम नहीं चलेगा। लम्बे समय तक चलने वाले कार्यक्रम बनाने पड़ेंगे ताकि खेती की जमीन में भी सुधार हो, गांव में पशुधन के रास्ते से आने वाली आय बढ़े, फूड प्रोसेसिंग इकाइयां लगे, गांव की उपज का गांवों में वेल्यू एडीशन हो। सिंचाई और निस्तार के लिए पानी की स्थाई व्यवस्था हो, जो कभी धोखा न दे। इन सबके चलते ‘नरवा, गरवा, घुरवा, बारी’ को संस्थागत रूप से विकसित करने का निर्णय लिया गया है।
एंकर
-    माननीय मुख्यमंत्री जी ‘नरवा, गरवा, घुरवा, बारी’ ऐ योजना आखिर हे का।

माननीय मुख्यमंत्री जी का जवाब
-        हमन गांव-गांव किसान मन से, मजदूर मन से, संगवारी मन से, दीदी बहनी मन से भेट मुलाकात करत रेहेन। अउ गांव के समस्या चाहे चाहे शहर के समस्या ऐला बहुत नजदीक से हमन देखे हन। एक बात दिमाग म आईस सब साथी मन से चर्चा करेन, इही बात आइस छत्तीसगढ़ के चार चिन्हारी नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी, येला बचाना हे संगवारी।
-    नरवा, हमर छत्तीसगढ़ म 20 हजार नरवा हे, 285 ठक नदिया हे, 85 नदी ऐसे हे जे ह बारो महिना पानी बोहाथे। ओखर बाद भी हमर सिंचिंत रकबा हे तेन केवल 31 प्रतिशत हे। हमन हा बरसत पानी ल सहेज नई पात हन। आज सबसे ज्यादा जेन समस्या हे एक समय रीहिस हे जब हमन ह तरिया के नरवा के अउ झिरिया के पानी ला पियत रेहेन। बाद म ट्यूबवेल आगे, अब कोनो तरिया के पानी ल पी नई सकय। कुआं के पानी आज कोनो उपयोग नई करत हे। बहुत कम होवत हे। जतका पानी हे तेन नलकुप से ट्यूबवेल से पानी पियत हन। लगातार जेन भूमिगत जल हे तेखर दोहन हमन करत हन। उलीचे के काम करत हन, भरे के काम ल एको कनिक नई करत हन। अउ ओखर से आज समस्या सबसे ज्यादा होथे पेयजल के निस्तार के अउ आगे बढ़बो त सिंचाई के। पानी नई गिरय, नरवा म धार नई बोहाय, त हमर ट्यूबवेल मा रिचार्ज नई होय येला किसान मन समझत हे। जहां पानी गिरिश नरवा बोहाईस तब सब हमर ट्यूबवेल रिचार्ज हो जाही। ये बात ल गांव के जेन अनपढ़ किसान हे तेनो ये बात ल समझथे। आज विज्ञान बहुत आगे बढ़ गेहे। हम सेटेलाईट से भी फोटो खींच सकत हन। जमीन के उपर भी, जमीन के अउ जमीन के नीचे भी हमर छत्तीसगढ़ सरकार के ऐखर व्यवस्था हे, के पूरा छत्तीसगढ़ के एक-एक इंच जमीन के नीचे कतेकन का चीज हे तेखरो जानकारी हे, पुर्नभरण कर सकन तेखर जानकारी हे ओखर आधार म हमन ह पूरा 1000 नरवा के हमर योजना बना चुके हन। अउ ओखर आधार म हमन ल आगे तेजी से हमन ल काम करना हे। ताकि वाटर रिचार्जिंग हो। हमन ल जेन छोटे-बड़े स्ट्रक्चर हमन खड़ा करबो जमीन के डुबान नई आना चाहिए। ये व्यवस्था ल भी देखबो। काबर हमर इहा 44 प्रतिशत जंगल हे त हमन ल कोई पर्यावरण के या वन अधिनियम के उल्लघंन भी नई करना हे हमन ल। अउ ओ स्ट्रक्चर खड़ा करबो छोटे-बड़े स्ट्रक्चर खड़ा करबो ताकि हमर सतही जल रहै, जमीन मे भी नमी रहै, अउ भूमिगत जल भी पुर्नभरण हो सकय। ओखर से फायदा ये रहही पर्यावरण म सुधार होही। तो ये वाटर रिचार्जिंग करबो। ओखर से बारो महिना किसान ल पानी मिलही। उद्योग ल पानी मिलही। निस्तार अउ पेयजल बर पानी मिलही, ये हमर नरवा योजना।
-    गरवा जेन योजना हे तेन हा एक समय रिहीस जब ऐ पशुधन ह हमर किसान के, मजदूर के, गांव के, गरीब क,े शहर के, रहैया मन के आर्थिक आय के श्रोत रिहीस हे। आज ओ हमर कमजोरी बन गे हे। गाय हा गरू होगे हे। कोनो अपन घर में गरूवा नई रखना चाहय। बड़े-बड़े जेन किसान हे, तेखर गोर्रा मन में अब मुसवा मन कबड्डी खेलत हे। कोनो गरवा रखना नई चाहत हे। स्थिति ये हे के हमर छत्तीसगढ़ म धान बोवत रेहेन, धान के बाद उतेरा लेत रेहेन, उतेरा ल तो भूला गे किसान ह। अब ऐके फसल बचा पाना मुश्किल हे। किसान फसल बचाय बर परेशान हे। सड़क म गरवा मन बैठ जथे। ओखर से आए दिन एक्सीडेंट होवत हे। कतको झन के जान चल देथे। कतको झन के हाथ-पाव टूटत हे, मवेशी मरथे तेन अलग, गाड़ी टुटथ फूटथ हे तेन अलग। आर्थिक नुकसान होथे, जान-माल के नुकसान होथे। कैसे ढंग से ये योजना लाभकारी होय। गोशाला बहुत झन चलात हे लेकिन होत का हे। गरवा बर चारा नई मिलत हे। लेकिन गोशाला चलईया मन मोटावत जात हे, सरकार से अनुदान मांगत हे। लेकिन अब ये जेन योजना हमन बनाए हन गांव-गांव म हमर गौठान के परम्परा रहीस हे। ये परम्परा ल हमन पुर्नजीवित करत हन अउ पुर्ननियोजन करत हन। सरकार ह घेरा बनाए के काम ल करही। मनरेगा के तहत हमन घेरा बनात हन। जेमा लगभग 2000 गांव ल हमन चिंहिंत करे हन ओमा काम चलत हे। 900 से उपर जेन गौठान हे तेन ल लोकार्पण कर देहन। अब ऐमा काम ऐ हे कि 5 एकड़ जमीन ल घेर दे, तब गांव के 1000 एकड़ ल घेरे के जरूरत नई हे। आज जेखर घर ट्यूबवेल हे तेन मन सबसे पहली का करथे। घेरा करथे खेत ला। कृषि लागत बाढ़ गे। यदि पांचे एकड़ ल घेर दन अउ गरवा ल उहा बैठार दन त ओ मन ला जतका भी दूसरा फसल लेना हे या बरसाती फसल भी लेना हे। त ओखर चिंता किसान ल नई करे बर लगए ओ मुक्त हो जाही। हमर खेती बच गे। एक फसल भी ले सकत हन दू फसल भी ले सकत हन अउ तीन फसल भी ले सकत हन। लेकिन जब गरवा ल हमन गौठान मे बैठारबो त ओखर बर पानी के व्यवस्था सरकार करत हे ओखर चारा बर 10 एकड़ चिन्हित करे रेहेन त बारहो महिना गरवा ल हरियर चारा मिलय। येखर बर ओ जेन व्यवस्था हे तेन अपन आप से आर्थिक रूप से संपन्न हे।
-    हमन जेन सोचथन गोबर से पैसा निकालबो। गोबर से कम्पोस्ट खाद बना। गोबर से वर्मी खाद बना। जेन गोबर ल हमन ट्रॉली म खरीदत रेहेन। आज ओ किलो म बेचावत हे। 7 रूपया 8 रूपया किलो म वर्मी खाद बिकत हे। हमन गौठान समिति बनाबो, जेमा गांव के सरपंच हे सचिव हे, गांव के जेन बुद्धिजीवी मन हे अउ जेन स्वसहायता समूह हे सब ल जोड़बो। ताकि उहा न केवल वर्मी खाद अउ कम्पोस्ट खाद बल्कि अब तो हमर जेन बहनी मन हे ते मन तो ओखर सेे उबटन भी बनाथे, ओखर ले धूप भी बनाथ,े अउ ओखर से पैसा कमात हे। गौमूत्र से फिनायल भी बनाथ हे। अउ दूसर प्रकार के दवाई बनात हे। तो हमर ऐखर से फायदा ये होही कि कृषि लागत कम होही। जैविक खेती तरफ बढ़बो, आज जेन फसल के कारण से जेन बिमारी होथे चाहे ओ साग भाजी हो या चाहे अनाज हो। अतेक अकन हमन ह रसायनिक खाद अउ दवाई डालत हन जेखर कारण से फसल ह, जहरीला होवत जाथ हे। अनाज जहरीला होवत जात हे। सब्जी भाजी, फल मन जहरीला होवत जात हे। जेखर कारण अनेक प्रकार के बिमारी होथे। यदि ऐखर से बिमारी से बचना हे तो हमन ल ऐ दिशा में आगे बढ़ना है। अउ ओ दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार ह मजबूत कदम उठाए हे। ओखर से का होही कि वर्मी खाद, कम्पोस्ट खाद जब हमर खेत म जाही त हमर खेत के उर्वरा शक्ति बडही बिमारी कमती लगही, बिमारी कमती होही त पेस्टीसाईड के उपयोग नई होए। कृषि लागत भी कम होही। जेन उपभोक्ता हे तेन ल शुद्ध चीज मिलही। ओखर से बिमारी भी कम होही। ये होगे हमर गरवा।
-    अउ घुरवा ले कम्पोस्ट खाद बनाबो, घर के भी कचरा ल उहे लेग जबो, त हमर गांव के स्वच्छता अभियान भी चलही। अब सवाल हे गरवा बर चारा। अब एक तरफ 10 एकड़ जमीन ल हमन चिन्हिंत करे हन। तेमा हरियर चारा मिलही। किसान मन अपन जेन पैरा ल धान लुये के बाद पैरा ल छोड़ देथे अउ माचिस मार के भुर्री बार देथे। पर्यावरण असंतुलित हो गेहे। सुप्रीम कोर्ट तक चिंतिंत हे। के दिल्ली ल गैस के चेम्बर बना देहे। आज छत्तीसगढ़ सरकार ह ओ दिशा म काम करत हे। किसान मन ल कहत हन कि जेन जब गरवा ह तुहर हे त पैरा ल तुही मन दव। जब तुही मन बर पम्प लगाये हन। उही म सोलर पंप भी लगाय हन। पंप से चेप कटर चालू करबो। ताकि कुट्टी काट सकन। पर्यावरण सुधान भी होगे। पैरा ल इकठ्ठा भी कर देन। मवेशी ल चारा मिल गे। नस्ल सुधार होही। त गांव म दूध-दही के नदिया बोहाही। त गांव ल सपन्न करना हे। ये पूरा एक साईकिल हे। अउ येला पूरा हमन करबो। ये सरकार के भरोसा नई, सरकार त शुरू करके देदीही। बचत गांव वाला मन ल चलाना हे। गांव वाला मन येमा सहर्ष स्वीकार भी करत हे। अउ सब जिहा-जिहा जाथव सब किसान मन हमर गांव म गौठान कब शुरू होगी, ऐसे योजना जेन ल हर किसान चाहत हे। हर ग्रामीण चाहत हे के हमरो गांव म होय अउ गांव वाला बस नहीं शहर वाला मन भी कहत हे के भई ये गौठान योजना ल हमर शहर म काबर लागू नई करत हस। त उहो घलो शुरूआत करे हन। खुले म मवेशी जेन चरत हे। आज नगर निगम म वर्मी खाद या दवाई बर हार्टीकल्चर बर सब खर्चा करत हे। त इही जेन गौठान हे तेन शहर म बनही। तेने गौठान में वर्मी खाद बनही तेन ल खरीद लैय। ताकि ओ जो काम करैया हे गौठान म काम करत हे तेन मन ल रोजी भी मिल जाए। दूसरा हमर जेन हार्टीकल्चर हे तेन, गांव के साथ-साथ शहर भी बिल्कुल हरा-भरा होना चाहिए। त ये हा होंगे छत्तीसगढ़ के चार चिन्हारी-नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी।
एंकर
-    माननीय मुख्यमंत्री जी, बहुत से किसान भाइयों ने इस साल खेती-बाड़ी के हाल को लेकर सवाल पूछे हैं। राज्य सरकार ने क्या तैयारी की है, जिससे किसानों को कोई तकलीफ न हो?
माननीय मुख्यमंत्री जी का जवाब
-    प्रदेश में इन दिनों किसानी का सीजन चल रहा है। किसान भाई अपने बियासी, रोपाई में जुटे हैं। हमने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिया है कि किसानों को समय पर खाद और बीज उपलब्ध कराएं। अधिकारी लगातार मॉनिटरिंग करते रहंे।
-    खरीफ सीजन में किसानों को सहकारी समिति और अन्य संस्थाओं के माध्यम से 8 लाख किं्वटल से अधिक बीज तथा 7 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का वितरण किया जा चुका है।
-    जहां वर्षा पर्याप्त है, वहां खाद-बीज, दवा में कमी न होने पाए, इसके लिए न सिर्फ सही समय पर भण्डारण किया गया है, बल्कि राज्य एवं जिलास्तर पर उड़नदस्ता बनाकर निगरानी भी की जा रही है।
एंकर
-    माननीय मुख्यमंत्री जी, बिधियापुर-धमधा के श्री प्रदीप शर्मा, आमापाली-धरमजयगढ़ के किसान श्री दुनित राम वर्मा, बलौदाबाजार से श्री लाल सिंह कोसले और भी अनेक श्रोता इस वर्ष मानसून की असफलता को लेकर चिंता जता रहे हैं। राज्य में वर्षा की स्थिति क्या है और ऐसी स्थिति में किसान भाइयों को किस तरह से काम करना चाहिए। राज्य शासन की क्या सहायता मिल सकती है, कृपया इस संबंध में बताने का कष्ट करें।
माननीय मुख्यमंत्री जी का जवाब
-    मैं किसान भाइयों से यह अनुरोध करना चाहता हूं कि वे किसी भी परिस्थिति में अपने आपको कमजोर न समझंे और न ही हिम्मत हारंे।
-    वर्षा आज की तारीख में कृषि कार्य करने के लिए पर्याप्त हो चुका है। अल्प वर्षा या खण्ड वर्षा की स्थिति में किसानों के पास अनेक विकल्प होते हैं। कम समय और कम पानी में पकने वाली किस्मों से किसानों को होने वाली क्षति को कुछ हद तक रोका जा सकता है। हम सूखा प्रभावित क्षेत्रों में ऐसी फसलों के बीज उपलब्ध कराएं हैं।
-    ‘फसल बीमा योजना’ का लाभ किसानों को मिले, इसके लिए तैयारी की गई है। हमने लक्ष्य रखा है कि 15 अगस्त के पहले अच्छी तरह छान-बीन कर लिया जाए, ताकि कोई भी किसान न छूटे, सबके प्रीमियम सही समय पर चला जाए।
-    बीते अनुभव से सीख लेकर सावधानी बरतें। गड़बड़ी होने पर संबंधित अधिकारी जिम्मेदार होंगे।
बिजली व्यवस्था को लेकर सवाल
एंकर
-    माननीय मुख्यमंत्री जी, कहीं-कहीं बिजली प्रदाय में अवरोध की शिकायत मिली है। जबकि पिछले 6 माह में विद्युत विकास को लेकर जो काम हुए है उसकी तारीफ भी हो रही है। इस सम्बंध में आप क्या कहना चाहेंगे।
माननीय मुख्यमंत्री जी का जवाब
-    मैं बताना चाहता हूॅ कि छत्तीसगढ़ में विद्युत आपूर्ति की विश्वसनीयता देश में सर्वाधिक है ऐसा मैं नहीं कहता भारत सरकार के अंतर्गत कार्यरत संस्था सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी ने अपने रिपोर्ट में यह बात कही है।
-    खराब मौसम में होने वाली टूट-फूट के कारण आने वाले व्यवधान को दूर करने में जो समय लगता है उसे छोड़ दे तो मैं आपको आश्वस्त करता हूॅ कि प्रदेश में किसी तरह का बिजली संकट नहीं है। आपके लिए भरपूर बिजली उपलब्ध है और आपूर्ति की जा रही है।
-    मैं आपको बताना चाहूंगा कि बिजली प्रदाय में सुधार के लिए हमने बड़ा अभियान चलाया है। जिसके कारण सिर्फ 6 माह में अभूतपूर्व कार्य किए गए है।
-    316 नए उपकेन्द्र बनाने का काम तेजी से पूरा करने का निर्णय लिया गया था, जिसमें से 280 उपकेन्द्रों का काम विभिन्न योजनाओं के तहत पूरा हो चुका है। पुराने उपकेन्द्रों में 210 नए ट्रांसफार्मर लगाने तथा क्षमता बढ़ाने के काम किए गए हैं।
-    सरगुजा में छत्तीसगढ़ की बिजली पहुंचाने और गरियाबंद में कनेक्टिविटी की समस्या हल करने के ऐसे इंतजाम किए गए हैं, जिसका इंतजार बरसों से था।
-    हमारी सरकार ने किसानों को निःशुल्क बिजली देने की योजना जारी रखी है, जिसका लाभ 5 लाख किसानों को मिल रहा है। अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति के किसानों को तो पूरी खपत पर बिजली बिल से छूट दी गई है।
-        जिन स्थानों पर बिजली की पहुंच नहीं है, वहां सौर ऊर्जा से बिजली कनेक्शन दिए जा रहे हैं।
-    अब बिजली किसानों की सबसे भरोसेमंद साथी बनेगी। इस बारे में किसी को चिंता करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
-    सभी श्रोताओं को बहुत-बहुत धन्यवाद कि आप लोगों ने अपना काफी समय देकर सवाल किए और मेरे जवाब तथा मेरे विचारों से अवगत होने का अवसर दिया।
-    नमस्कार, जय-जोहार, जय हिन्द, जय छत्तीसगढ़।
एंकर
-    श्रोताओं, मैं एक बार फिर यह बताना चाहता हूॅ कि लोकवाणी के लिए बहुत से सवाल मिले लेकिन समय सीमा में सभी सवालों को लेना संभव नहीं था इसलिए कुछ प्रतिनिधि सवालों के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री जी के विचार जानने का प्रयास किया गया। हमें लगता है कि मुख्यमंत्री जी ने काफी विस्तार से अपनी बात कही है जिससे लगभग हर सवाल का जवाब मिल गया है।
-    अब लोकवाणी का आगामी प्रसारण 08 सितम्बर 2019 को होगा। विषय होगा ’’युवा तथा शिक्षा’’ इस विषय पर हमारे श्रोता अपने विचार 28, 29 एवं 30 अगस्त के बीच रख सकेंगे। पहले की तरह ही आप फोन नम्बर 0771-2430501, 2430502, 2430503 पर दोपहर 3 से 4 बजे के बीच फोन करके अपने सवाल रिकार्ड करा सकते हैं और इसी के साथ आज का ये कार्यक्रम सम्पन्न होता है। नमस्कार!
 


बिलासपुर : पत्नी पर धारदार हथियार से हमला करने के बाद खुद लटक गया फांसी पर, पति की मौत, पत्नी गंभीर

बिलासपुर : पत्नी पर धारदार हथियार से हमला करने के बाद खुद लटक गया फांसी पर, पति की मौत, पत्नी गंभीर

10-Aug-2019

बिलासपुर : जिले के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के दीनदयाल कॉलोनी में एक पति के द्वारा अपनी पत्नी को चाकू से मारकर घायल करने व खुद फांसी के फंदे से लटक कर आत्महत्या करने का मामला प्रकाश में आया है घटना आज शनिवार (10 अगस्त) की बताई जा रही है जहां मंगला इलाके के दीनदयाल कॉलोनी में रहने वाले अविनाश वस्त्रकार और पूजा वस्त्रकार के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ । जिसके बाद अविनाश ने अपनी पत्नी पर धारदार हथियार से हमला कर दिया, और खुद फांसी के फंदे पर झूल गया पूजा को गंभीर हालत में सिम्स में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है, वहीं अविनाश की मौत हो चुकी है। बताया जा रहा है कि दोनों ने 7 साल पहले प्रेम विवाह किया था दोनों के 5 और 3 साल के बच्चे हैं आसपास के लोगो से मिली जानकारी अनुसार दोनों के बीच अक्सर किसी न किसी बात को लेकर विवाद होते ही रहती थी घटना की सूचना पर सिविल लाइन पुलिस मामले की जांच कर रही है। 

husband attempt to murder wife and then hangs himself to death


रायपुर : मुख्यमंत्री ने किया आदिवासी समाज के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं का सम्मान

रायपुर : मुख्यमंत्री ने किया आदिवासी समाज के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं का सम्मान

09-Aug-2019

रायपुर : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज विश्व आदिवासी दिवस पर राजधानी रायपुर के इंडोर स्टेडियम में आयोजित समारोह में आदिवासी समाज के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं का सम्मान किया। उन्होंने देश के विभिन्न आईआईटी, एनआईटी मेडिकल कॉलेज में अध्ययनरत 51 छात्रों को लैपटॉप प्रदान किया। सीएम बघेल ने समारोह में युवा कैरियर निर्माण योजनांतर्गत विभिन्न शासकीय सेवाओं में चयनित 10 प्रतिभागियों को स्मृति चिन्ह प्रदान कर उन्हें सम्मानित किया।

इस मौके पर गरियाबंद, कांकेर, जशपुर के सांस्कृतिक दलों ने मनमोहक प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में आदिवासी समाज के लोगों को अपनी सभ्यता-संस्कृति के संरक्षण के लिए संकल्प भी लिया। मुख्यमंत्री जब विद्यार्थियों को लैपटॉप और प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित कर रहे थे तभी एक छात्रा ने उनके साथ सेल्फी लेने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने छात्रा के हाथ से मोबाइल लेकर उनके साथ सेल्फी लेकर उत्साहवर्धन किया। 

 मुख्यमंत्री ने समारोह में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के राष्ट्रीय स्तर स्वर्ण, कास्य पदक 7 विजेता-प्रतिभागियों को सम्मानित किया। खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। इसी प्रकार विभागीय योजनाओं से मेरिट में स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों, पी.एच.डी. के शोध विद्यार्थी, आदर्श अधीक्षक तथा अंत्यावसायी विभाग की योजनाओं में हितग्राहियों को सामग्री का वितरण किया गया। कार्यक्रम में आदिवासी विकास विभाग द्वारा विश्वविद्यालयों एवं संस्थाओं के प्रतिभागी छात्रों को सम्मानित कर पुरस्कृत किया गया। 

    समारोह की अध्यक्षता आदिम जाति, अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने की। इस अवसर पर नगरीय विकास मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, उद्योग मंत्री कवासी लखमा, खाद्य मंत्री अमरजीत भगत, विधायक मोहन मरकाम और शिशुपाल सोरी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे।     

 
 
 

बेमेतरा : सुबह टहलने निकला था शिक्षक अज्ञात वाहन ने मारी टक्कर मौके पर ही मौत

बेमेतरा : सुबह टहलने निकला था शिक्षक अज्ञात वाहन ने मारी टक्कर मौके पर ही मौत

09-Aug-2019

बेमेतरा जिले के देवरबीजा केशडबरी मार्ग पर आज शुक्रवार (9 अगस्त) को एक एक्सीडेंट में एक शिक्षक की मौत हो गई मृतक की पहचान देवरबीजा निवासी शिक्षक पुरुषोत्तम पटेल के रूप में की गई जो खैरझिटिकला स्कूल में पदस्थ थे. बताया जा रहा है कि शिक्षक आज सुबह मॉर्निंग वॉक के लिए निकले थे. तभी किसी अज्ञात वाहन ने उसे टक्कर मार दी जिससे शिक्षक की मौके पर ही मौत हो गई लोगों ने पुलिस में इसकी सूचना दी जिसके बाद घटनास्थल पहुंची पुलिस ने शव को जब्त कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कार्रवाई कर रही है ।