राजस्थान के कॉलेजों में नहीं पहन पाएँगे अपनी पसंद के कपड़े, लागू होगा ड्रेस कोड

राजस्थान के कॉलेजों में नहीं पहन पाएँगे अपनी पसंद के कपड़े, लागू होगा ड्रेस कोड

06-Mar-2018

एजेंसी 

नई दिल्ली. राजस्थान की बीजेपी सरकार ने राज्य सरकार द्वारा संचालित स्कूलों के लिए ड्रेस कोड लागू करने का फैसला किया है. राजस्थान सरकार साल 2018-19 के शैक्षणिक सत्र से ड्रेस कोड लागू करने जा रही है. इस मामले को लेकर कांग्रेस ने वसुंधरा सरकार पर निशाना साधा है. कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि वसुंधरा सरकार शैक्षणिक संस्थानों का भगवाकरण करने की कोशिश कर रही है.

डिपार्टमेंट ऑफ कॉलेज एजूकेशन की ओर से राज्य के सभी कॉलेजों को एक सर्कुलर जारी किया गया है. इस सर्कुलर में ड्रेस के रंग को लेकर सुझाव मांगे गए हैं. सर्कुलर में कहा गया है कि यूनीफॉर्म लागू करने से पहले छात्र संघ सदस्यों, विद्यार्थियों और विभागाध्यक्षों से यूनीफॉर्म के रंग को लेकर राय ली जाए.

कॉलेज में ड्रेस कोड लागू होने को लेकर उठ रहे विवाद के बीच शिक्षा मंत्री किरन माहेश्वरी ने कहा कि ये स्टूडेंट्स की डिमांड थी कि उनके कॉलेज में ड्रेस कोड होना चाहिए. जिससे ये साफ हो सके कि ये पढ़ने वाला बच्चा है. हमने ये नहीं कहा है कि किसी विशेष रंग की ही ड्रेस होनी चाहिए. अंत में ड्रेस पर फैसला स्टूडेंट्स को ही लेना है.

हालांकि कांग्रेस का कहना है कि बीजेपी आरएसएस के इशारे पर स्कूलों का भगवाकरण करना चाह रही है. बीजेपी चाहती है कि सबको भगवा पहनाकर बाबा बना दिया जाए. कांग्रेस नेता गोविंग देव सिंह ने कहा कि राजस्थान में सरकार आरएसएस के इशारे पर चल रही है. पहले पाठ्यक्रम में बदलाव किया, फिर स्कूलों में भगवा कपड़े पहनने का नोटिस दिया. अब सब कुछ भगवा करके, ये सबको बाबा बनाना चाहते हैं.


यूपी पुलिस के एनकाउंटर से डरे अपराधी, 5500 अपराधियों ने रद्द कराई जमानत, पहुंचे जेल

यूपी पुलिस के एनकाउंटर से डरे अपराधी, 5500 अपराधियों ने रद्द कराई जमानत, पहुंचे जेल

05-Mar-2018

एजेंसी 

लखनऊ : यूपी में योगी सरकार के बाद से अपराधियों में यूपी पुलिस का खौफ घर कर गया है. जिसके कारण पिछले 10 महीनों में 5500 अपराधी अपनी जमानत रद्द करवाकर जेल जा चुके हैं. ये कहना है यूपी पुलिस के मुखिया डीजीपी ओपी सिंह का. आगरा में अपराध समीक्षा बैठक में डीजीपी ने कहा कि अपराधियों के खिलाफ यूपी पुलिस की कार्रवाई को सफल बनाने के लिए एसटीएफ ने निष्ठापूर्वक प्रयास किए हैं, जिसके कारण अब तक 5500 अपराधी अपनी जमानत रद्द करवा चुके हैं.

डीजीपी ओपी सिंह ने बताया कि योगी सरकार बनने के बाद से यानि मार्च 2017 से जनवरी 2018 के बीच यूपी पुलिस ने 1331 एनकाउंटर किए हैं. जबकि 10 महीने में 5409 अपराधियों ने अपनी बेल रद्द करवा ली है. इसके अलावा 3091 वांछित अपराधी गिरफ्तार किए गए हैं. इनमें से 50 फीसदी के ऊपर इनाम घोषित था.

बता दें कि एन्काउंटर के मामले में सबसे आगे पश्चिमी उत्तर प्रदेश है. सिर्फ मेरठ जोन में ही 449 एन्काउंटर्स हुए हैं. यहां 985 को गिरफ्तार किया गया, जबकि 22 अपराधियों को मार गिराया गया और 155 घायल हुए. हालांकि एन्काउंटर्स के दौरान 128 पुलिसकर्मी घायल भी हुए, जिनमें से एक शहीद हो गया. उत्तर प्रदेश पुलिस की जानकारी के मुताबिक 20 मार्च 2017 से 31 जनवरी 2018 के बीच सूबे में कुल 1331 एन्काउंटर्स हुए.


जब देश के रक्षक ही आपस में भिडे, खूब चली लाठियां

जब देश के रक्षक ही आपस में भिडे, खूब चली लाठियां

27-Feb-2018

एजेंसी 

नई दिल्ली : अपराधियों और आतंकियों से लड़ने वाली सेना और दिल्ली पुलिस के जवान एक दूसरे को ही मारने पर उतारू हो जाएं तो इससे शर्मनाक बात और क्या हो सकती है. लेकिन दिल्ली में सोमवार को ऐसा ही हुआ. पुलिस और आर्मी के बीच दिल्ली में जो देखने को मिला, वो शायद ही कभी दिखा होगा. सीमा पर देश की सुरक्षा करने वाली आर्मी और राज्य की सुरक्षा करने वाली, पुलिस दोनों में आपस में ही मामूली सी बात पर जमकर मार-पीट हुई. दोनों ही एजेंसियों के लिए यह एक शर्मनाक विषय है.  मामला दिल्ली कैंट इलाके का है. यहां एक मामूली सी बात पर सेना के जवानों और पुलिसकर्मियों के बाच जमकर लात-घूंसे और लाठी-डंडे चले. इस मारपीट में एक कांस्टेबल बुरी तरह से घायल हो गया, जिसका उपचार हॉस्पिटल में चल रहा है. 

आर्मी पुलिस के बीच जमकर मारपीट के लिए इमेज परिणाम

मारपीट कर रहे सेना और पुलिस के जवानों का वीडियो स्थानीय लोगों ने बना लिया और उसे सोशल मीडिया पर डाल दिया. वीडियो में दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल को सेना के जवान कभी लाठी तो कभी रायफल के बट से मारते नजर आ रहे हैं. पिटाई इस कदर हुई कि हेड कांस्टेबल जमीन पर गिर पड़ा. वीडिया में सेना का एक अधिकारी बीच-बचाव करता नजर आ रहा है. बाद में दोनों पक्षों के बीच मामला शांत हुआ. 

घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस के आलाधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया. समाचार लिखे जाने तक इस मामले में कोई प्राथमिक रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई है, हालांकि चोट लगने से घायल हेड कांस्टेबल का अस्पताल में इलाज चल रहा है. वहीं पुलिस अधिकारी के मुताबिक दिल्ली कैंट थाना से एक हेड कांस्टेबल वेरीफिकेशन के सिलसिले में सेना के कार्यालय की ओर जा रहा था. प्रवेश द्वार पर उसे वहां मौजूद सेना के जवान ने रोका. इस पर हेड कांस्टेबल ने कहा कि वह वेरीफिकेशन के सिलसिले में आया है और उसे अंदर जाने दिया जाए. उसने यह भी कहा कि यदि शक हो तो उसका परिचय पत्र देखा जाए. इसके बाद दोनों ओर से कहासुनी शुरु हो गई. कहासुनी के दौरान दोनों में मारपीट होने लगी. इसके बाद पुलिस ने घटना की जानकारी थाने को दी. थाने से जब पुलिसकर्मी पहुंचे तो मामला और बिगड़ गया. इसके बाद मारपीट का मामला जोर पकड़ता चला गया. मारपीट की शुरुआत किसकी ओर से हुई, इस संबंध में अभी पुलिस अधिकारी कुछ भी नहीं कह रहे हैं.


डीजे वाले बाबू ने गाना बजाने से किया मना, तो लोगों ने धून डाला

डीजे वाले बाबू ने गाना बजाने से किया मना, तो लोगों ने धून डाला

22-Feb-2018

आगराः डीजे वाले बाबू ने गाना बजाने से मना किया तो उसकी पिटाई हो गयी. यूपी के आगरा में एक शादी के दौरान तब बवाल मच गया जब रात के दस बजे गाना बजाने से मना करने पर डीजे की पिटाई हो गयी. डीजे से ना सिर्फ मारपीट हुई बल्कि उसका सारा म्यूजिक सिस्टम भी तोड़ दिया गया.

न्यूज एजेंसी एएनआई ने इस घटना का सीसीटीवी फुटेज जारी किया है. इस वीडियो में आप देख सकते हैं कि कैसे पहले डीजे वाले को थप्पड़ मारा गया. इसके बाद भीड़ ने म्यूजिक सिस्टम को तोड़ दिया. डीजे और उसके साथियों को लात-घूसों से मारने लगे. इस मामले पर डीजे ने पुलिस में शिकायत की है हालांकि अबतक यह स्पष्ट नहीं है कि पुलिस ने इस मामले में एक्शन लिया या नहीं.

पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस पार्टी में कितने लोग शराब के नशे में थे. डीजे वाले ने नियम का हवाला देते हुए गाना बजाने से इनकार किया था. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार कार्यक्रमों में रात 10 बजे के बाद डीजे बजाने पर प्रतिबंध लगा दिया है. अगर विशेष आयोजन करना है, तो इसके लिए पुलिस से इजाजत लेनी पड़ती है.


कर्नाटक चुनाव में प्रचार करने गए पीएम मोदी को होटल में नहीं मिला रूम, कहीं और करना पड़ा ठहरने का इंतजाम

कर्नाटक चुनाव में प्रचार करने गए पीएम मोदी को होटल में नहीं मिला रूम, कहीं और करना पड़ा ठहरने का इंतजाम

20-Feb-2018

KP STAFF

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके स्टाफ को मैसूर के प्रसिद्ध होटल ललित महल पैलेस में ठहरने की जगह नहीं मिल पाई, क्योंकि होटल के लगभग सारे कमरे एक शादी समारोह के लिए पहले से ही बुक थे। इसके बाद जिला प्रशासन ने शहर के एक अन्य आलीशान होटेल में उनके लिए इंतजाम किया।

समाचार एजेंसी भाषा की रिपोर्ट के मुताबिक, दरअसल ललित महल पैलेस के सारे कमरे एक शादी समारोह के लिए बुक थे, जिसकी वजह से पीएम मोदी और उनके स्टाफ को वहां रूम नहीं मिल पाया। होटल के महाप्रबंधक जोसेफ मथियास ने कहा कि, ‘उपायुक्त कार्यालय के एक अधिकारी प्रधानमंत्री और सुरक्षाकर्मियों सहित उनके स्टाफ के लिए कमरे बुक करने हमारे पास आए थे लेकिन हम ऐसा नहीं कर सके, क्योंकि ज्यादातर कमरे एक शादी समारोह के लिए बुक थे।’

मथियास ने कहा कि मोदी सोमवार शाम यहां ऐसे समय आने वाले थे जब शादी का रिसेप्शन था। उन्होंने कहा कि उनके पास केवल तीन कमरे उपलब्ध थे जो उनके लिए पर्याप्त नहीं थे। उन्होंने कहा कि, ‘सुरक्षा कारणों को ध्यान में रखते हुए, इतने विशाल स्टाफ के लिए केवल तीन कमरे बुक करना सलाह योग्य नहीं था।’ हालांकि जिला प्रशासन ने वैकल्पिक बंदोबस्त किया। पीएम मोदी होटेल रेडिसन ब्लू में गए जहां वह रविवार रात और सोमवार ठहरे। कहा जा रहा है कि वहां भी होटेल प्रबंधन ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए एक कारोबारी परिवार को शादी के रिसेप्शन का समय बदलने को कहा ताकि यह प्रधानमंत्री के आने से पहले संपन्न हो जाए। गौरतलब है कि कर्नाटक विधानसभा चुनाव में फतह हासिल करने के लिए बीजेपी और कांग्रेस दोनों जोर-शोर से जुटी हैं। इसी क्रम में पीएम मोदी कर्नाटक के दौरे पर सोमवार (19 फरवरी) को मैसूर में एक जनसभा को संबोधित करने पहुंचे थे।


लाइव मर्डर के आरोपी शंभूलाल का जेल से वीडियो वायरल, मचा हड़कंप

लाइव मर्डर के आरोपी शंभूलाल का जेल से वीडियो वायरल, मचा हड़कंप

19-Feb-2018

लव जेहाद के नाम पर लाइव मर्डर कर देश को दहलाने वाले शंभूलाल रैगर का फिर से एक वीडियो वायरल हुआ। जिसने फिर पुलिस-प्रशासन के होश फाख्ता कर दिए हैं। राजसमंद में लाइव मर्डर को अंजाम देने वाला शंभूलाल फिलहाल देश की सबसे सुरक्षित जेलों में से एक जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद है। जेल प्रशासन का दावा है कि शंभूलाल को यहां के सबसे सुरक्षित बैरक में रखा है। लेकिन अब शंभूलाल ने कुछ ऐसा किया है, जिसने जेल प्रशासन के दावों की पोल खोल दी है। 

दरअसल इन दिनों सोशल मीडिया पर एक बार फिर से शंभूलाल रैगर का वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में वह जेल की बैरक में दिख रहा है। वीडियो में शंभूलाल रैगर अपनी जान का खतरा बता रहा है। बताया जा रहा है कि शंभूलाल ने यह वीडियो खुद ही रिकॉर्ड किया है। वह कहता हुआ दिख रहा है कि जेल प्रशासन ने उसे बहुत ही सुरक्षित बैरक में रखा है। लेकिन उसकी जान को खतरा बना हुआ है। 

शंभूलाल वीडियो में अपनी ही बैरक में बंद एक अन्य बंदी पर आरोप लगा रहा है। वह कह रहा है कि वासुदेव नाम का एक बंदी जो पश्चिम बंगाल का रहने वाला है वह उसे मार सकता है। बताया जा रहा है कि शंभूलाल का यह वीडियो एक-दो दिन पुराना है। राजसमंद में लाइव मर्डर को अंजाम देने वाला शंभूलाल भड़काऊ मैसेज को लेकर भी सुर्खियों में रहा है। जिस बंगाली मजदूर का शंभूलाल ने लव जेहाद के नाम पर लाइव मर्डर किया था उसका नाम अफराजुल था। 
 
लाइव मर्डर के आरोपी का जेल से वीडियो वायरल होने के बाद जयपुर तक हड़कंप मच गया है। राजस्थान के जेल विभाग के अधिकारियों ने आनन-फानन में जोधपुर सेंट्रल जेल में तलाशी के आदेश दिए। आज सुबह ली गई जेल की तलाश में 20 से ज्यादा मोबाइल जब्त होने की बात सामने आई है। लेकिन अब तक यह स्पष्ट नहीं है कि लाइव मर्डर के आरोपी शंभूलाल से कोई मोबाइल मिला है या नहीं। 

गौरतलब है कि जोधपुर सेंट्रल जेल को देश की सबसे सुरक्षित जेलों में माना जाता है। इस पूरी जेल में गृह विभाग के अनुसार जैमर लगे हुए हैं। लेकिन बीते कुछ समय से इस जेल में बंद कैदियों के लगातार सोशल मीडिया अकाउंट होते रहे हैं। आज जेल में तलाशी से पूर्व भी इस जेल से 25 से अधिक मोबाइल बरामद किए जा चुके है। यह जेल सुर्खियों में तब आयी थी जब यहां के जेलर की एक बंदी ने हत्या कर दी थी। नाबालिग से दुराचार के आरोपी आसाराम भी इसी जेल में बंद है। 


जेटली मानहानि मामला : एक और वकील ने छोड़ा अरविन्द केजरीवाल का केस

जेटली मानहानि मामला : एक और वकील ने छोड़ा अरविन्द केजरीवाल का केस

17-Feb-2018

नई दिल्ली 

केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा दायर मानहानि केस में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। जाने माने वकील राम जेठमलानी के केस से अलग होने के बाद अब एक और वरिष्ठ अधिवक्ता अनूप जॉर्ज चौधरी ने दिल्ली हाई कोर्ट में उनका प्रतिनिधित्व करने से मना कर दिया।
समाचार एजेंसी भाषा की रिपोर्ट के मुताबिक, अनूप जॉर्ज चौधरी ने कहा कि उन्होंने केजरीवाल के वकील अनुपम श्रीवास्तव को पत्र लिखा है कि वह उनके मुवक्किल की तरफ से पेश नहीं होंगे। उन्होंने जेठमलानी की जगह ली थी। वरिष्ठ अधिवक्ता ने 12 फरवरी की सुनवाई का जिक्र करते हुए लिखा कि उस दिन उन्हें न्यायमूर्ति राजीव सहाय के सामने शर्मिंदा होना पड़ा।

चौधरी ने कहा कि उनके कुछ सवालों को न्यायाधीश की तरफ से टिप्पणी के साथ स्वीकार नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि ऐसा वकील की तरफ से ब्रीफिंग की वजह से हुआ, क्योंकि उन्होंने उन्हें कुछ तथ्यों और अदालत के पिछले आदेशों के बारे में जानकारी नहीं दी थी।

पत्र में कहा गया है कि, ‘‘एक अन्य पीठ (न्यायमूर्ति मनमोहन) द्वारा डीडीसीए की बैठक के विवरण की पुस्तिका को मंगाने के संबंध में अपील पर दिए गए आदेश को मेरे संज्ञान में नहीं लाया गया। इस आदेश को मुझे पहली बार 12 फरवरी को मामले पर सुनवाई के दौरान अदालत में दिखाया गया।’ उन्होंने कहा कि, ‘ब्रीफिंग में इस लचर और लापरवाह ढंग की वजह से मुझे भुगतना पड़ा और मैं निश्चित तौर पर इसका पक्ष नहीं बनना चाहूंगा।’ पत्र में कहा गया, ‘कृपया मुवक्किल केजरीवाल को मेरी मामले में आगे से पेश होने में अक्षमता के बारे में बता दें।’ बता दें कि इससे पहले देश के जाने माने वकील राम जेठमलानी ने विवादास्पद परिस्थितियों में खुद को इस मामले से अलग कर लिया था।

 

 


केंद्रीय सूचना आयोग का आदेश- पीएम बताएं, 2014 से 2017 तक अपने साथ किन-किन को ले गए विदेश

केंद्रीय सूचना आयोग का आदेश- पीएम बताएं, 2014 से 2017 तक अपने साथ किन-किन को ले गए विदेश

16-Feb-2018

केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने प्रधानमंत्री कार्यालय को पीएम नरेंद्र मोदी की विदेश यात्रा में सरकारी खर्च पर उनके साथ जाने वाले लोगों की सूची देने को कहा है। पीएमओ सुरक्षा कारणों का हवाला देकर लगातार ऐसे लोगों की सूची देने से इनकार करता रहा है।

लेकिन, अब मुख्‍य सूचना आयुक्‍त आरके माथुर ने सूचना का अधिकार कानून (आरटीआई) के तहत दाखिल अर्जी पर ऐसे लोगों की सूची सौंपने को कहा है जो वर्ष 2014-2017 के बीच प्रधानमंत्री की आधिकारिक यात्रा पर उनके साथ गए थे। उन्‍होंने सरकार की आपत्तियों को खारिज कर दिया है।

नीरज शर्मा ने आरटीआई कानून के तहत पिछले साल जुलाई में अर्जी दाखिल कर ऐसे लोगों की सूची मांगी थी, लेकिन उन्‍हें लिस्‍ट नहीं सौंपी गई थी। नीरज ने सरकारी खर्च पर पीएम मोदी के साथ जाने वाले निजी कंपनियों के सीईओ, मालिक, पार्टनर और अन्‍य अधिकारियों की सूचना मांगी थी। उन्‍होंने पीएम के साथ जाने वाले प्रतिनिधिमंडल का हिस्‍सा बनने वाले लोगों के चयन के तौर-तरीकों के बारे में भी जानकारी मांगी थी।

नीरज ने जुलाई, 2017 में आरटीआई कानून के तहत आवेदन कर जानकारी मांगी थी। प्रधानमंत्री कार्यालय ने 1 सितंबर, 2017 को जवाब दिया था। इसमें कहा गया था, ‘प्रधानमंत्री के देश और विदेश की यात्राओं के बारे में पीएमओ की वेबसाइट पर जानकारी उपलब्‍ध है। उनके साथ जाने वाले प्रतिनिधिमंडल के सदस्‍यों के बारे में सुरक्षा कारणों के चलते जानकारी नहीं दी जा सकती है।

आरटीआई कानून, 2005 के तहत भी ऐसी सूचना न देने की व्‍यवस्‍था है।’ सदस्‍यों के चयन के तौर-तरीकों पर पीएमओ ने कुछ नहीं कहा था। प्रधानमंत्री कार्यालय के रवैये से नाखुश नीरज शर्मा ने 29 सितंबर, 2017 को दूसरी बार आवेदन किया था।

इसमें उन्‍होंने पीएमओ द्वारा सूचना देने में जानबूझ कर देरी करने का आरोप लगाया था। उन्‍होंने कहा था कि यदि पीएमओ के पास ऐसी जानकारी नहीं है तो उसे आरटीआई आवेदन को लंबित नहीं रखना चाहिए था। साथ ही नीरज ने सीआईसी को बताया था कि वेबसाइट पर भी इसके बारे में किसी तरह की जानकारी उपलब्‍ध नहीं थी। मुख्‍य सूचना आयुक्‍त आरके. माथुर ने नीरज शर्मा की अर्जी स्‍वीकार करते हुए पीएमओ को सूचना मुहैया कराने का आदेश दिया है। पीएमओ के रवैये से नाराज नीरज शर्मा ने कहा कि डॉक्‍टर मनमोहन सिंह की सरकार मोदी सरकार से ज्‍यादा पारदर्शी थी।

साभार जनसत्ता से 


'भाबी जी शिल्पा शिंदे ने प्रोड्यूसर से यौन शोषण का केस लिया वापस

'भाबी जी शिल्पा शिंदे ने प्रोड्यूसर से यौन शोषण का केस लिया वापस

14-Feb-2018

रिपोर्ट 

बिग बॉस 11 की विनर शिल्पा शिंदे एक बार फिर सुर्खियों में हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने 'भाबी जी घर पर हैं' के प्रड्यूसर से यौन शोषण का केस वापस ले लिया है। उन्होंने बीते साल मार्च में केस दर्ज करवाया था। बता दें कि शिल्पा सीरियल 'भाबी जी...' से घर-घर में लोकप्रिय हो गई थीं लेकिन उन्होंने बीच में ही शो छोड़ 

दिया था। शो के प्रड्यूसर ने उन पर अनप्रफेशनल होने का आरोप लगाया था। इसके बाद शिल्पा ने प्रड्यूसर बेनिफर के पति संजय कोहली पर सेक्शुअल हरैस्मन्ट का आरोप लगाया था। शिल्पा शिंदे ने संजय कोहली पर उनका फायदा उठाने और गलत तरीके से छूने की कोशिश करने का आरोप लगाया था। अपने आरोप में उन्होंने यह भी कहा था कि संजय ने उन्हें यह धमकी भी दी है कि अगर उन्होंने इस बारे में किसी से बात की तो वो उन्हें शो से निकाल देंगे। 

शिल्पा के शो छोड़ने के बाद बेनिफर के साथ उनकी लड़ाई बहुत ज्यादा बढ़ गई थी। बात यहां तक पहुंच गई थी कि टीवी के प्रड्यूसर असोसिएशन ने शिल्पा को बॉयकॉट तक कर दिया था। इस विवाद के बाद शो के प्रोग्रामिंग हेड विकास गुप्ता के साथ उन्होंने बिग बॉस में हिस्सा लिया था। शो में दोनों के बीच काफी नोकझोंक भी हुई हालांकि उन्होंने शो के दौरान यह भी कहा था कि मौका मिला तो वे साथ काम करेंगे। 

एक वेबसाइट को दिए गए बयान के मुताबिक, शिल्पा का कहना है कि शो में मेरा जो पैसा बाकी था वह मुझे मिल गया अब केस आगे बढ़ाने से कोई फायदा नहीं। 


इंग्लिश स्पीकिंग कोर्स की तर्ज पर संस्कृत बोलना सिखाएगी गुजरात यूनिवर्सिटी

इंग्लिश स्पीकिंग कोर्स की तर्ज पर संस्कृत बोलना सिखाएगी गुजरात यूनिवर्सिटी

12-Feb-2018

अहमदाबादः इंग्लिश स्पीकिंग के बढ़ते रुप और बाजार को देखते हुए गुजरात यूनिवर्सिटी अब संस्कृत स्पीकिंग कोर्स शुरु करने जा रही है. जिसकी शुरुआत केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने यूनिवर्सिटी में सेंटर फॉर स्पोकन संस्कृत की शुरुआत की. यूनिवर्सिटी ने इस प्राचीन भाषा को वर्तमान और भविष्य में लोकप्रिय बनाने के लिए इस कोर्स की शुरुआत की है. अंग्रेजी स्पीकिंग की तर्ज पर शुरु हुआ संस्कृत स्पीकिंग कोर्स शायद देश में अपनी तरह का पहला और अनोखा कोर्स होगा.

गुजरात यूनिवर्सिटी द्वारा स्पीकिंग संस्कृत कोर्स के लिए 6 महीने का पाठ्यक्रम तय किया गया है. विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर स्पोकन संस्कृत के समनवयक अतुल उनागर ने कहा कि भारत में किसी भी विश्वविद्यालय की ओर से शुरु किया गया संभवतः ऐसा पहला पाठ्यक्रम है जिन्होने. अतुल से मिली जानकारी के मुताबिक इस कोर्स के लिए कक्षाएं शनिवार और रविवार को हुआ करेंगी.

इंग्लिश स्पीकिंग कोर्स की तर्ज पर संस्कृत बोलना सिखाएगी गुजरात यूनिवर्सिटी

(फोटो क्रेडिट- सोशल मीडिया)

उनागर ने कहा, संस्कृत स्पीकिंग के इस पाठ्यक्रम के लिए किसी भी छात्र को पहले से संस्कृत की जानकारी होने की जरुरत नहीं पड़ेगी. इस पाठ्यक्रम का पहला बैच 10 दिनों में शुरु हो सकता है. विश्वविद्यालय की तरफ से इस संस्कृत स्पीकिंग कोर्स के लिए अधिकतम 30 छात्रों को प्रवेश दिया जाएगा और इसकी फीस 500 रुपए तय की गई है.

हालांकि गुजरात विश्वविद्यालय की तरफ से कहा गया है कि ये संस्कृत का पहला कोर्स होगा लेकिन राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़ी संस्था संस्कृत भारती भी इस तरह का स्पीकिंग कोर्स चलाती है. इसके अलावा कर्नाटक के एक गांव को संस्कृत गांव के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि वहां पर ज्यादातर लोग आज भी संस्कृत भाषा में ही बात करते हैं.


बिग बी ने ट्विटर में किया कांग्रेस को फॉलो , कांग्रेस ने कहा धन्यवाद

बिग बी ने ट्विटर में किया कांग्रेस को फॉलो , कांग्रेस ने कहा धन्यवाद

10-Feb-2018

रिपोर्ट 

अमिताभ बच्चन ने ट्विटर पर कांग्रेस को फॉलो करना शुरू कर दिया है। राहुल गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस ने भी बिग बी का ट्विटर पर शानदार स्वागत किया है। कांग्रेस ने ट्वीट किया, ‘फॉलो करने के लिए धन्यवाद। हम आपको ‘102 नॉट आउट’ के लिए ऑल द बेस्ट भी कहते हैं। हमारे पास सेलिब्रेट करने का एक और कारण भी है। हमारे अब 4 मिलियन फॉलोअर्स हो गए हैं। सभी को धन्यवाद।’ कांग्रेस और अमिताभ बच्चन का रिश्ता बोफोर्स घोटाले के दौरान खत्म हुआ था।

1984 में कांग्रेस के माध्यम से राजनीति में एंट्री करने वाले अमिताभ बच्चन ने 8वें लोकसभा चुनाव के दौरान इलाहबाद से चुनाव लड़ा था। उन्होंने इसमें जीत हासिल की थी और इलाहबाद से सांसद बने थे। बिग बी और कांग्रेस के बीच पारीवारिक रिश्ते थे, लेकिन दोनों के रास्ते साल 1987 में बोफोर्स स्कैंडल के दौरान अलग हो गए थे, लेकिन अमिताभ बच्चन ने अपने दोस्त और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी और उनके परिवार से दोस्ती खत्म नहीं की थी। लगभग एक दशक तक दोनों परिवारों के बीच अच्छे रिश्ते थे, हालांकि 1996 में बिग बी ने गांधी परिवार से पूरी तरह से दूरियां बना ली थीं।

काफी सालों पहले जब राजीव गांधी से दोस्ती के बारे में सवाल किया गया था तब उन्होंने पत्रकार खालिद मोहम्मद की पुस्तक ‘टू बी ऑर नॉट टू बी अमिताभ बच्चन’ में बताया था, ‘मुझे अपनी दोस्ती के बारे में क्यों बात करना चाहिए? यहां इसकी कोई जरूरत नहीं है। दोस्ती व्यक्तिगत मामला है। इसे केवल महसूस करना चाहिए, इसके बारे में कुछ बोलने की जरूरत नहीं होनी चाहिए।’

वहीं साल 2004 में राज्सभा सासंद ने समाजवादी पार्टी की एक रैली में कहा था कि जिन्होंने उनके पति को राजनीति में लाया था वे लोग उनके मुश्किल भरे दिनों में साथ खड़े नहीं हुए। हालांकि अमिताभ बच्चन हमेशा से ही गांधी परिवार के बारे में कुछ भी बोलने से बचते रहे हैं, लेकिन एक बार उन्होंने कहा था, ‘नेहरू-गांधी परिवार ने हमारे देश पर शासन किया है। वो राजा हैं, हम रंक हैं।’


बैंक कर्मचारी ही आधार कार्ड की जानकारी इस्तेमाल कर ग्राहकों के खाते से निकाल रहे, 1.42 करोड़ रुपए का लगा दिया चूना

बैंक कर्मचारी ही आधार कार्ड की जानकारी इस्तेमाल कर ग्राहकों के खाते से निकाल रहे, 1.42 करोड़ रुपए का लगा दिया चूना

08-Feb-2018

By : hindi.oneindia.com

नई दिल्ली। आधार सत्यापन के नाम पर बैंकों का फर्जीवाड़ा सामने आया है। एक रिपोर्ट के अनुसार बैंक के कर्मचारी ही आधार कार्ज की जानकारी इस्तेमाल कर ग्राहकों के खाते से रुपए निकाल रहे थे। इलाहाबाद बैंक,बैंक ऑफ इंडिया,सिंडीकेट बैंक और यूको बैंक ने जानकारी दी है कि ग्राहकों की आधार संख्या का इस्तेमाल कर के 1.42 करोड़ रुपए निकाल लिए गए। वित्त राज्य मंत्री शिव प्रताप शुक्ल ने मंगलवार (6 फरवरी) को राज्य सभा में लिखित जवाब में कहा था कि सरकारी बैंकों से मिले आकड़ों के अनुसार ग्राहकों की आधार संख्या का दुरुपयोग कर बैंकों से पैसा निकालने का मामला सामने आया है। बता दें कि यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब सुप्रीम कोर्ट में पांच जजों की संवैधानिक पीठ आधार के कानून की वैधता पर सुनवाई कर रही है। 

अंग्रेजी समाचार पत्र बिजनेस स्टैंडर्ड के अनुसार बैंक ऑफ इंडिया बैंक से जुड़े दो मामलों में बैंक के दो प्रतिनिधियो ने आधार संख्या को गलत बैंक खातों से जोड़कर फर्जीवाड़ा किया। रिपोर्ट के अनुसार बैंक खातों से कुल 1.37 करोड़ रुपए निकाले गए। बैंकों की ओर से सरकार को जानकारी दी गई कि आधार संख्या को खातों से जोड़ने, नियंत्रण उपायों को मजबूत करने और आगे ऐसी किसी भी धोखाधड़ी के मामले से निपटने के लिए बैंक के पास सक्षम कर्मचारी हैं। बैंक ने इस मामले में आरोपी कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं इलाहाबाद बैंक भी एक ऐसे ही मामले की जांच कर रहा है जहां आधार का दुरुपयोग कर 49,000 रुपए की निकासी कर ली गई। 

इलाहाबाद बैंक को जानकारी मिली की दो अलग अलग नामों के साथ एक ही आधार संख्या छपी थी। जब तक बैंक को इस गलती का पता चला तब तक खातों से लेन देन हो चुका था। इलाहाबाद बैंक के एक प्रवक्ता ने कहा कि हम एक ऐसे मामले की जानकारी मिली है जिसमें रुपए ट्रांसफर करने के लिए फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल किया गया है।बैंक ने कहा कि वो अभी UIDAI के सत्यापन का इतंजार कर रहे हैं। वहीं सिंडिकेट बैंक ने अपने ही कर्मचारियों की ओर से फर्जीवाड़ा कर निकाले गए 2 लाख 26 हजार रुपये बरामद किए है। यह मामला सामने आने पर बैंक आधार संख्या से जुड़े सभी खातों का दोबारा सत्यापन करा रहा है और आधार को बैंक खातों से जोडऩे के लिए मानक प्रक्रिया का पालन करने का आदेश जारी किया है। बीते साल भी ऐसे ही दो मामलों में 1 लाख 21 हजार पांच सौ रुपए की निकासी की शिकायत मिली थी। 

यूको बैंक में शिकायत आई है कि ने भी पाया है कि आधार की जानकारी द्वारा बैंक खातों से 1 लाख 15 हजार रुपये की निकासी की गई। यह निकासी बैंक के ही व्यवसाय प्रतिनिधि ने की थी। बैंक की ओर से जानकारी दी गई कि, 'व्यवसाय प्रतिनिधि की सारी सेवाएं खत्म कर दी गई हैं। संबंधित कर्मचारियों पर एफआईआर दर्ज करा दी गई है और अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा रही है।' 


हैक हुआ अनुपम खेर का ट्विटर अकाउंट, हैकर्स ने लिखा- 'आई लव पाकिस्तान'

हैक हुआ अनुपम खेर का ट्विटर अकाउंट, हैकर्स ने लिखा- 'आई लव पाकिस्तान'

06-Feb-2018

नई दिल्ली 

मशहूर अभिनेता अनुपम खेर का ट्विटर अकाउंट मंगलवार को हैक हो गया। हैकर्स ने खुद को तुर्की स्थित बताया है। अपने पहले ट्वीट में उन्होंने लिखा, 'आपका अकाउंट तुर्की स्थित साइबर आर्मी आइदिज़ तिम द्वारा हैक कर लिया गया है। आपका सारा जरूरी डेटा कैप्चर कर लिया है।' 


हालांकि ट्वीट के अंत में उन्होंने जो लिखा, वह हैरान करने वाला है। ट्वीट के अंत में हैकर्स ने 'आई लव पाकिस्तान' भी लिखा है। इसके अलावा खबर लिखे जाने तक हैकर्स ने अनुपम खेर के अकाउंट से एक के बाद एक कई ट्वीट किए हैं। सभी ट्वीट्स में 'आई सपॉर्ट तुर्की' और 'आई लव पाकिस्तान' लिखा है। साथ ही ट्वीट्स में तुर्की का झंडा और बंदूक पकड़े आतंकी और मिसाइलें दिख रहे हैं। 

 


‘वन मैन शो’और पार्टी ‘टू मैन आर्मी’ है बीजेपी : शत्रुघ्न सिन्हा

‘वन मैन शो’और पार्टी ‘टू मैन आर्मी’ है बीजेपी : शत्रुघ्न सिन्हा

06-Feb-2018

नई दिल्ली : एजेंसी 

बीजेपी और सांसद शत्रुघ्न सिन्हा का कोल्ड वार थमने का नाम नहीं ले रहा है। शत्रु का समय समय पर दिया जाने वाला बयान हर दिन नए विवादों को जन्म दे रहा है। पिछले दिनों शत्रुघ्न मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर में थे जहां उन्होंने कहा कि मौजूदा वक्त में केंद्रीय मंत्रियों की अहमियत बहुत कम हुई है। उन्होंने कहा कि मुझे ही नहीं बहुत सारे लोगों को लगता है कि सरकार ‘वन मैन शो’और पार्टी ‘टू मैन आर्मी’है।  सिन्हा ने कहा कि सामूहिक फैसला लेने का समय आ गया है।

शत्रुघ्न सिन्हा किसानों की मांगों के समर्थन में यहां यशवंत सिन्हा के धरने में शामिल होने के लिए रविवार को नरसिंहपुर गए थे।  पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा चार दिनों से धरने पर बैठे थे। शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि बहुत सारे लोग 80 फीसदी मंत्रियों को नहीं जानते। यदि जानते हैं तो मानते नहीं, मानते हैं तो पहचानते नहीं और पहचानते हैं तो ये मंत्री किसी काम के नहीं दिखते। उन्होंने कहा कि अटल जी की सरकार में हम सबकी अपनी पहचान थी। 

शत्रुघ्न सिन्हा के लिए इमेज परिणाम

भाजपा सांसद ने कहा कि यदि जनता को लगता है कि विकास कार्य नहीं हुए और केवल जुमले बाजी हुई तो इसका खामियाजा हम पहले ही भुगत चुके हैं। इस दौरान यशवंत सिन्हा भी उनकी बगल में उपस्थित थे।  भाजपा सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने सोमवार को केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो के उस बयान पर तगड़ा पलटवार किया जिसमें उन्होंने सिन्हा को कहा था कि आप भाजपा को खुद ‘तीन तलाक’ देकर उसे छोड़ दीजिए। सिन्हा ने जवाब देते हुए कहा, ‘बाबुल सुप्रियो अभी बच्चे हैं। आप तो जानते ही हैं कि वह कुछ ही दिनों पहले राजनीति में आए हैं। शायद पहली और अंतिम बार वह सांसद चुने गए हैं।’


पतंजली बिस्कुट की क्वालिटी को लेकर FIR दर्ज, हाईकोर्ट पहुंचे बाबा रामदेव

पतंजली बिस्कुट की क्वालिटी को लेकर FIR दर्ज, हाईकोर्ट पहुंचे बाबा रामदेव

05-Feb-2018

एजेंसी 

जयपुर : राजस्थान में बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि के बिस्कुट की क्वालिटी को लेकर रामदेव के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है. वहीं बाबा रामदेव ने गिरफ़्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट में याचिका लगाई है. पंतजलि की ओर से दाखिल की गई याचिका में एफआईआर रद्द कराने का अनुरोध किया गया है. हाईकोर्ट ने आज पूरे मामले में सुनवाई करते हुए शिकायतकर्ता और राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. न्यायाधीश दीपक माहेश्वरी की एकलपीठ ने यह आदेश रामकिशन यादव उर्फ बाबा रामदेव व आचार्य बालकिशन सहित आस्था चैनल पर दायर आपराधिक याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए दिए.

Image result for रामदेव बिस्कुट

राजस्थान हाईकोर्ट ने अजमेर निवासी एसके. सिंह और राज्य सरकार को नोटिस जारी कर पूछा है कि जालुपुरा थाने में बाबा रामदेव सहित अन्य के खिलाफ दर्ज एफआईआर को क्यों न रद्द कर दें. इसके साथ ही अदालत ने जवाब पेश करने के लिए 20 मार्च का समय दिया है. राजस्थान हाईकोर्ट के न्यायाधीश दीपक माहेश्वरी ने यह आदेश दिया है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार एसके सिंह नामक शख्स ने पंतजलि प्रोडक्ट से जुड़े बिस्किुट में मैदा होने का आरोप लगाया है. एसके सिंह का आरोप है कि बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि के बिस्कुट को मैदा फ्री होना बताया जाता है, मगर जब उन्होंने इसकी जांच लैब में कराई तो इसमें अन्य अवयव भी मिले हैं.

एसके. सिंह ने गत दिनों जालुपुरा थाने में इस्तगासे से रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि पतंजलि के एक बिस्कुट को सौ फीसदी आटा होने और मैदा का इस्तेमाल नहीं करने का दावा करते हुए बेचा जा रहा है. इसका विज्ञापन आस्था चैनल पर दिखाकर लोगों को भ्रमित किया जा रहा है. शिकायतकर्ता का कहना है कि उसने जयपुर के एक लैब में इस बिस्कुल की जांच करवाई, जिसमें यह बात सामने आई है कि इसमें मैदा मिला हुआ है.


अब सहारनपुर की महिला अधिकारी ने लिखा फेसबुक पोस्ट, कहा- चंदन गुप्ता को भगवा ने मारा

अब सहारनपुर की महिला अधिकारी ने लिखा फेसबुक पोस्ट, कहा- चंदन गुप्ता को भगवा ने मारा

03-Feb-2018

यूपी 

बरेली के जिलाधिकारी राघवेंद्र विक्रम सिंह के फेसबुक पोस्ट से उठा तूफान अभी शांत भी नहीं है कि अब सहारनपुर की महिला अफसर ने सोशल मीडिया पर कासगंज हिंसा में मारे गए चंदन गुप्ता की मौत पर एक पोस्ट लिखा है, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। महिला अफसर ने अपनी फेसबुक पोस्ट में लिखा है कि चंदन गुप्ता को खुद भगवा ने मारा है।

हिन्दुस्तान.कॉम की रिपोर्ट के मुताबिक, सहारनपुर की डिप्टी डायरेक्टर (सांख्यिकी ) रश्मि वरुण ने फेसबुक पोस्ट में कासगंज हिंसा की तुलना सहारनपुर के मामले से की है।

28 जनवरी को रश्मि वरुण ने अपनी फेसबुक पोस्ट में लिखा है, ‘तो ये थी कासगंज की तिरंगा रैली.. कोई नई बात नहीं है ये, अंबेडकर जयंती पर सहारनपुर सड़क दूधली में भी ऐसी ही रैली निकाली गई थी, उसमें से अंबेडकर गायब थे या कहिए कि भगवा रंग में विलीन हो गये थे.. कासगंज में भी यही हुआ… तिरंगा गायब और भगवा शीर्ष पर जो लड़का मारा गया, उसे किसी दूसरे, तीसरे समुदाय ने नहीं मारा उसे केसरी, सफेद और हरे रंग की आड़ लेकर भगवा ने खुद मारा.’ उन्होंने अपने पोस्ट में आगे लिखा कि, ‘जो नहीं बताया जा रहा है वो ये कि अब्दुल हमीद की मूर्ति या तस्वीर पे तिरंगा फहराने की बजाय इस तथाकथित तिरंगा रैली में चलने की जबरदस्ती की गई और केसरिया, सफेद, हरे और भगवा रंग पे लाल रंग भारी पड़ गया…’

बता दें कि, इससे पहले बरेली के जिलाधिकारी राघवेंद्र विक्रम सिंह ने एक फेसबुक पोस्ट लिखा था। 28 जनवरी को अपने पोस्ट में उन्होंने लिखा था, ‘अजब रिवाज बन गया है. मुस्लिम मुहल्लों में जबर्दस्ती जुलूस ले जाओ और पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाओ। क्यों भाई वे पाकिस्तानी हैं क्या? यही यहां बरेली में खैलम में हुआ था, फिर पथराव हुआ, मुकदमे लिखे गए…’ फेसबुक पोस्ट पर विवाद खड़ा होने और योगी सरकार की नाराजगी के बाद बरेली के जिलाधिकारी राघवेंद्र विक्रम सिंह ने अपनी फेसबुक वॉल से पोस्ट को हटा लिया था। साथ ही नया पोस्ट कर लोगों की भावनाएं आहत होने पर माफी मांगी है और एक नई पोस्ट में लिखा कि मुस्लिम हमारे भाई हैं, हमारा रक्त और डीएनए एक ही है।

गौरतलब है कि, उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले में गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) के मौके पर तिरंगा यात्रा के दौरान दो समुदायों में भिड़ंत हो गई जिससे तनाव व्याप्त हो गया। इस दौरान दोनों समुदायों की और से जमकर पथराव और आगजनी की गई। इसके बाद वहां तोड़-फोड़ और कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया। साथ ही उपद्रवियों ने शहर के कई दुकानों में भी आग लगा दी थी। इस हिंसा में 22 वर्षीय चंदन गुप्ता नाम के युवक की जान चली गई थी, वहीं अकरम नाम के एक युवक की एक आंख फोड़ दी गई थी।


ग्रेटर नोएडा में युवक-युवती को दबंगों ने बेहद पीटा, मांगते रहे रहम की भीख

ग्रेटर नोएडा में युवक-युवती को दबंगों ने बेहद पीटा, मांगते रहे रहम की भीख

31-Jan-2018

देश की राजधानी दिल्ली से सटे ग्रेटर नोएडा से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला एक वीडियो सामने आया है, जो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मोबाइल कैमरे से शूट इस वीडियो में कुछ बदमाश दो लड़के और एक लड़की को बुरी तरह पीटते हुए दिखाई दे रहें है। इतना ही नही इस दौरान आरोपी युवक अभद्र भाषा का प्रयोग कर युवती को गाली तक दे रहे हैं।

यह वीडियो किसी और ने नहीं बल्की खुद बदमाशों ने बनाया और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो में दिख रहा है कि कुछ दबंगों ने दो लड़कों और एक लड़की को घेर रखा है और उन्हें धमकाते हुए उनका वीडियो बना रहे हैं। यह दबंग युवक लड़की की तस्वीर वायरल करने की धमकी भी दे रहे थे।

गिड़गिड़ाती रही युवती और बेरहमी से पीटते हुए वीडियो बनाते रहे गुंडे, देखें वीडियो-

दबंगों से घिरे युवक-युवती ने पहले तो किसी भी तरह की सफाई नहीं दी लेकिन जब बदमाशों ने तीनों से मौज मस्ती करने की बात की तो लड़की और लड़के ने खुले तौर पर इसका विरोध किया। जिसके बाद इन दबंगों ने डंडे से लड़के और लड़की को मारना शुरू कर दिया।

इस दौरान युवती आरोपियों के सामने गिड़गिड़ा रही है और पिटाई नहीं करने की गुहार लगा रही है, लेकिन इन समाज सुधारकों ने उन पर जरा भी तरस नहीं खाई और युवती-युवक को बेरहमी से पीटते रहे। इस दौरान आरोपी युवक अभद्र भाषा का प्रयोग कर युवती को गाली तक दे रहे हैं। आरोपियों की मारपीट से परेशान युवती रोती हुई भी नज़र आ रहीं है। Khabar IndiaTV की रिपोर्ट के मुताबिक, मारपीट का यह वीडियो वायरल होने के बाद मीडिया के ज़रिए पुलिस तक पहुंचा तो पुलिस के आला अधिकारियों ने कार्रवाई करते हुए मारपीट करने वाला लड़का और एक आरोपी को पुलिस ने पकड़ लिया। वीडियो में मारपीट करने वाला बदमाश खुद को नाबालिक बताते हुए पूरे मामले पर माफी मांगने लगा।

Khabar IndiaTV की रिपोर्ट के मुताबिक, ये पूरी वारदात एक जनवरी की है। नए साल के मौके पर तीन दोस्त बिसरख के खेतों से होते हुए कहीं जा रहे थे। खुली जगह में बैठे लड़की और लड़कों को देखकर दबंगों ने पहले उन्हें रोका, फिर रौब दिखाते हुए बदतमीज़ी की और फिर बुरी तरह पीटते हुए पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। अब पुलिस पकड़े गए आरोपियों की पड़ताल कर पूरे मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही है।

By : Jantakareporter.com


दिल्ली : शर्मनाक ! महज 8 महीने की बच्‍ची से किया रेप

दिल्ली : शर्मनाक ! महज 8 महीने की बच्‍ची से किया रेप

30-Jan-2018

एजेंसियों से 

नई दिल्ली। अंधे हो चुके हैं लोग, मर चुकी है ऐसे लोगों की आत्मा, जो महिलाओं को घटिया नजरों से देखते हैं, जो पैदा हुई बच्ची तक से खिलवाड़ करते हैं। ऐसा ही एक मामला दिल्‍ली में फिर सामने आया है जिसे पढने बाद शायद आपकी भी आंखों से आंसू निकल आए। जहां इंसानियत इस कदर मर गई कि सब दिखाई देना बंद हो गया। दरअसल, मामला दिल्‍ली के शकूर बस्ती इलाके का है। जहां महज आठ महीने की बच्‍ची से रेप का मामला सामने आया है। वहीं पुलिस ने इस मामले में बच्‍ची के चचेरे भाई (28 साल) को देर रात गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस के मुताबिक, शकूरबस्ती इलाके में बच्ची की मां घरों में साफ-सफाई का काम करती हैं। बीते दिनों रविवार को बच्ची की मां बच्ची को अपनी रिश्तेदार के भरोसे छोड़कर सुबह काम पर निकल गई थीं। पिता मजदूर हैं वो भी थोड़ी देर बाद काम पर निकल गए। देर शाम जब मां घर लौटी तो तो बच्ची लगातार रो रही थी और उसके प्राइवेट पार्ट से ब्लीडिंग हो रही थी।

पुलिस ने बताया कि बच्ची की मां आरोपी की मां के पास उसे छोड़कर काम पर गई थीं। वहीं आरोपी बच्‍ची को खिलाने के बहाने उसे टॉप फ्लोर पर ले गया। वहां ले जाकर आरोपी ने बच्‍ची के साथ दुष्कर्म किया। आरोपी ने उसका मुंह दबा रखा था, ताकि उसके रोने-चिल्लाने की आवाजें बाहर न पहुंचें।

ऐसे में जब मामले का पता चला तो तुरंत पुलिस को सुचित किया गया। यौन शोषण के बारे में पता चलने पर जब पुलिस ने शुरुआती पूछताछ की तो आरोपी ने गुनाह कबूल नहीं किया और बाद में फरार हो गया। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पु‍लिस ने बताया कि आरोपी अविवाहित है और आईपीसी की धाराओं और पॉक्सो ऐक्ट के तहत सुभाष पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर लिया गया है। वहीं पुलिस ने पीडि़त बच्‍ची का मेडिकल कराया जिसमें दुष्कर्म की पुष्टि हुई है। फिलहाल बच्‍ची की हालत नाजुक बताई जा रही है। उसे कलावती सरन अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसे वेंटिलेटर पर रखा गया है।


सुप्रीम कोर्ट का आदेश, बिहार में शिक्षकों को मिले एक समान वेतन

सुप्रीम कोर्ट का आदेश, बिहार में शिक्षकों को मिले एक समान वेतन

29-Jan-2018

नई दिल्ली : एजेंसी 

सुप्रीम कोर्ट ने बिहार में पंचायत के जरिए चुने गए शिक्षकों को नियमित अध्‍यपकों के बराबर वेतन देने हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है, कोर्ट ने एक समान वेतन देने के मामले में मुख्य सचिव की अध्यक्षता कमेटी बनाने का आदेश दिया और कहा कि कमेटी देखे की इन शिक्षकों को नियमितों के समान वेतन देने के लिए क्या कुछ और टेस्ट आदि लिए जा सकते हैं। अगली सुनवाई 15 मार्च को होगी। 

जस्टिस एके गोयल और यूयू ललित की पीठ ने कहा वेतन आज नहीं तो कल बराबर तो करना ही होगा। ये शिक्षक राज्य में कुल शिक्षकों का 60%है। कोर्ट ने कहा ये असमानता उचित नहीं है। उन्हे बराबरी पर लाना ही होगा। पंचायत के जरिए 2006 में और इससे पूर्व चुने गए 3.5 लाख शिक्षकों को एक समान वेतन देने के लिए सरकार को 10,000 करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च करने होंगे। इन शिक्षकों को सरकार अभी 6000 रुपये प्रति माह देती है जबकि नियमित शिक्षकों को 50,000 रुपये प्रति माह मिलते हैं। 

पटना हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि जब स्कूल एक है, योग्यता एक है, बच्चे एक है, काम भी एक है तो वेतन में असमानता क्यों। राज्य सरकार ने इस आदेश को चुनौती दी है। कहा है कि इससे राज्य पर 28,000 करोड़ रुपये का भार पड़ेगा।  इसके साथ ही कोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार को भी पार्टी बना दिया है और एएसजी पीएस नरसिम्हा से कहा है कि वह सुनवाई के दौरान कोर्ट में मौजूद रहें। 

राज्य की और से अधिवकता गोपाल सिंह, गोपाल सुब्रह्मण्ययम ने मुकुल रोहतगी बहस की। उन्होंने कहा कि पंचायत शिक्षकों का काम एक जैसा नहीं है वह पंचायत क्षेत्र में ही रहते हैं जबकि नियमितों का राज्य भर में तबादला होता है। वहीं उनका चयन भी उतना कठिन नहीं होता। उनके लिए एक पब्लिक नोटिस निकाला जाता है और मेरिट पर चयन कर लिया जाता है।  पीठ ने कहा की यह अब सामान्य हो गया है पहले काम वेतन पर भर्ती कर लो और फिर उन्हें निकालने की बात करो। यह नहीं होगा आप को इन्हें वेतन देना ही होगा। 

पटना हाईकोर्ट ने 31अक्टूबर 2017 को दिए आदेश में इन शिक्षकों को नियमितों के बराबर वेतन देने का आदेश दिया था।


दिल्ली-एनसीआर के प्रदूषण से निपटने के लिए 1000 करोड़ रुपए खर्च करेगी केंद्र सरकार

दिल्ली-एनसीआर के प्रदूषण से निपटने के लिए 1000 करोड़ रुपए खर्च करेगी केंद्र सरकार

25-Jan-2018

नई दिल्ली : एजेंसी 

दिल्ली एनसीआर के इलाकों में वायु प्रदूषण की वजह से बहुत से लोगों को सांस लेने में दिक्कत का सामना करना पड़ता है। सर्दी शुरू होने से पहले किसानों द्वारा पराली जलाने की वजह से हवा और दूषित हो जाती है। मगर अब हवा को सांस लेने लायक बनाने के लिए केंद्र सरकार आगामी बजट में 1,000 करोड़ रुपए आवटिंत करेगी। केंद्र का कहना है कि पराली जलाने और दूसरी समस्याओं से निपटने के लिए 1,000 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।

जस्टिस मदन बी.लोकुर और जस्टिस दीपक गुप्ता की बेंच के सामने एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ए.एन.एस.नंदकरणी ने कहा कि केंद्र सरकार ने हैपी सीडर और रोटेवेटर्स मशीन खरीदने के लिए किसानों को सब्सिडी देने का निर्णय लिया है। जिससे खेती के बचे हुए अपशिष्ट को जलाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। ठंड के मौसम में दिल्ली और आसपास के इलाकों में स्मॉग की समस्या काफी बढ़ जाती है जिसका कारण किसानों द्वारा जलाई जाने वाली पराली है।

प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव नृपेंद्र मिश्रा के नेतृत्व में एक टास्क फोर्स का गठन किया है। इस कमिटी ने पराली जलाए जाने की समस्या से निपटने के लिए उप समिति का गठन किया है। कमिटी ने अपनी रिपोर्ट में मशीन खरीदने की इच्छा रखने वाले किसानों को 50 फीसदी सब्सिडी देने की सिफारिश की है।

बजट में आवंटित की जाने वाली राशि को किसानों की विभिन्न स्कीमों पर खर्च किया जाएगा। हालांकि बेंच का कहना है कि प्रदूषण की रोकथाम के लिए यह कोई बड़ी रकम नहीं है। सॉलिसिटर जनरल ने बेंच से कहा कि खरीफ फसल की कटाई से पहले सितंबर के आखिर तक किसानों को मशीन मुहैया करवा दी जाएगी।