नोटबंदी के समर्थन में शाह ने चलाया हस्ताक्षर अभियान

नोटबंदी के समर्थन में शाह ने चलाया हस्ताक्षर अभियान

09-Nov-2017

भाषा की खबर 

जूनागढ़ : बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने नोटबंदी का एक वर्ष पूरा होने पर बीजेपी की ओर से मनाए जा रहे कालाधन विरोधी दिवस के मौके पर बुधवार को जूनागढ़ में एक हस्ताक्षर अभियान शुरू किया। इस दौरान शाह ने कहा कि वह भ्रष्टाचार और कालेधन से मुक्त एक नए भारत के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रतिबद्धता का समर्थन करते हैं। उन्होंने अपने दिन की शुरुआत सोमनाथ मंदिर में दर्शन करके की।

बीजेपी अध्यक्ष पिछले शनिवार से गुजरात में हैं और अगले महीने होनेवाले राज्य विधानसभा चुनाव से पहले विभिन्न जिलों के पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर रहे हैं। शाह ने ट्वीट किया कि कालाधन विरोधी दिवस के दिन भ्रष्टाचार और कालेधन से मुक्त एक नए भारत के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रतिबद्धता का समर्थन करनेवाले देशव्यापी हस्ताक्षर अभियान में शामिल हुआ। 

signature campaign in favour of demonetisation

बीजेपी के शहर इकाई अध्यक्ष शशिकांत भिमानी ने कहा, 'शाह ने शहर के मोतीबाग चौक क्षेत्र में रखे एक बड़े बोर्ड पर हस्ताक्षर करके 8 नवंबर को कालाधन विरोधी दिवस के तौर पर मनाने के लिए एक हस्ताक्षर अभियान शुरू किया।' 

शाह के साथ केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया और अन्य मौजूद थे। शाह ने जूनागढ़ के पार्टी कार्यकर्ताओं से बातचीत की और उन्हें इस बारे में बताया कि दिसंबर में होनेवाले चुनाव के लिए उन्हें चुनाव प्रचार कैसे करना है। भिमानी ने कहा कि नोटबंदी का समर्थन करने के लिए हस्ताक्षर के लिए लोग बड़ी संख्या में लोग आए।  प्रदेश बीजेपी प्रवक्ता हर्षद पटेल ने कहा कि नोटबंदी के समर्थन में पूरे राज्य में हस्ताक्षर अभियान शुरू किया गया है। 


यात्री से मारपीट मामले में एयर इंडिया ने इंडिगो की ली चुटकी

यात्री से मारपीट मामले में एयर इंडिया ने इंडिगो की ली चुटकी

09-Nov-2017

रिपोर्ट 

नई दिल्ली : विमानन कंपनी इंडिगो एयरलाइंस को यात्री पर हमले के मामले में कड़ी आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। इस बीच एयर इंडिया ने विज्ञापनों के माध्यम से इंडिगो पर निशाना साधते हुए यात्रियों को अनबीटेबल सेवा (सुरक्षित सेवा) देने का वादा किया है। न्यूज एजेंसी भाषा की रिपोर्ट के मुताबिक, इंडिगो के कर्मचारियों द्वारा यात्री के साथ मारपीट का वीडियो सामने आने के बाद सरकारी विमानन कंपनी एयर इंडिया ने चुटकी लेते हुए सोशल साइट ट्विटर पर विज्ञापन जारी किए हैं।

विज्ञापन में एयर इंडिया ने अनबीटेबल सेवा (बिना किसी नुकसान के सेवा) देने का वादा किया है, इस विज्ञापन में ‘बीट’ शब्द का रंग नीला है, जो कि इंडिगो का (विषय रंग) थीम कलर है। वहीं, दूसरे विज्ञापन में एयर इंडिया के ट्रेडमार्क महाराज को दिखाया गया है और लिखा गया है ‘हम अपना हाथ सिर्फ नमस्ते करने के लिए उठाते हैं।’ 

हालांकि ट्वीट वायरल होने के बाद एयर इंडिया द्वारा इसे बाद में हटा लिया गया। दरअसल, दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर इंडिगो एयरलाइन के दो कर्मचारियों ने 53 साल के यात्री से बदसलूकी, धक्कामुक्की और मारपीट का चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है। हालांकि, इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद एयरलाइन ने दोनों आरोपी कर्मियों को नौकरी से निकाल दिया है। हालांकि इस घटना के बाद विमानन कंपनी ने यात्री से माफी मांगी।

यह वाकया 15 अक्टूबर का है और यात्री की पहचान राजीव कात्याल के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार 15 अक्तूबर को यात्री राजीव कात्याल के साथ कर्मचारियों ने मारपीट की है। एयरलाइन कर्मियों ने आरोप लगाया था कि यात्री ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया है। नागरिक उड्डयन मंत्री अशोक गजपति राजू का कहना है कि डीजीसीए से रिपोर्ट तलब की है।

 


महंगाई की मार : 94 रुपये महंगा हुआ रसोई गैस सिलेंडर

महंगाई की मार : 94 रुपये महंगा हुआ रसोई गैस सिलेंडर

01-Nov-2017

रसोई गैस में कीमत में एक बार फिर इजाफा हुआ है। तेल कंपनियों ने उपभोक्ताओं को झटका देते हुए एलपीजी के दाम बढ़ा दिए हैं। सब्सिडी वाला सिलेंडर (14.2 किग्रा) 93.50 रुपये तो 19 किग्रा वाला व्यावसायिक सिलेंडर 146.50 रुपये महंगा हो गया है।

दिल्ली में बढ़ोतरी के बाद बिना सब्सिडी वाले सिलिंडर की कीमत 743 रुपये हो गई है। मुम्बई में 14.2 केजी सिलिंडर की कीमत हुई 718 रुपये। 19 केजी की क़ीमत 1268 रुपये हो गई है। 491.13 रुपये से बढ़कर 495.69 रुपये सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडर का दाम 1 नवम्बर से।

रसोई गैस दाम के लिए चित्र परिणाम

चार माह से गैस सिलेंडर के रेट में चार चार रुपये प्रति माह की मामूली वृद्धि हो रही थी, लेकिन मंगलवार शाम इसमें 93.50 रुपये का बड़ा इजाफा कर दिया। इससे गैस सिलेंडर की कीमत बढ़कर करीब 751 रुपये हो गई। कीमतें बढ़ने का असर निम्न व मध्यम वर्गीय परिवारों पर अधिक पड़ेगा। शायद यह पहला मौका है, जब एकमुश्त 93 रुपये की वृद्धि हुई है। पिछले एक साल में सब्सिडी वाले गैस सिलेंडरों की कीमत में करीब 110 रुपये की बढ़ोत्तरी हो चुकी है। रसोई गैस की कीमत बढ़ रही है और सब्सिडी घटती जा रही है। माना जा रहा है कि सब्सिडी बंद होने से कालाबाजारी पर अंकुश लगेगा।

सब्सिडी बंद होने के बाद कुकिंग गैस सिलेंडर (14.2 किग्रा) और कामर्शियल सिलेंडर (19 किग्रा) की कीमत में अधिक अंतर नहीं रहेगा। माना जा रहा है कि अगले साल मार्च तक सब्सिडी और कामर्शियल सिलेंडर की कीमत का अंतर खत्म हो जाएगा और दुकानदार दुकानों पर घरेलू गैस के बजाय कामर्शियल गैस का इस्तेमाल करना पसंद करेंगे। इससे कामर्शियल सिलेंडरों की डिमांड बढ़ने का उम्मीद है, जिससे सरकारों का राजस्व भी बढ़ेगा। कारण, कुकिंग गैस सिलेंडर पर जीएसटी पांच फीसद और कामर्शियल गैस सिलेंडर पर जीएसटी 18 फीसद है।

 


बिहार में अब ‘महादलित मिशन’ में बड़ा घोटाला

बिहार में अब ‘महादलित मिशन’ में बड़ा घोटाला

31-Oct-2017

बिहार के बहुचर्चित 12 सौ करोड़ से अधिक के सृजन घोटाले के बाद बिहार में एक और बड़ा घोटाला उजागर हुआ है। नया घोटाला ‘महादलित विकास मिशन’ में हुआ है। प्रारंभिक जांच में घोटाला करीब चार करोड़ रुपये का है। लेकिन, मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इसकी राशि बढ़ सकती है। दैनिक जागरण अखबार में छपी रिपोर्ट के मुताबिक महादलित विकास मिशन के तहत ट्रेनिंग और सुविधाएं देने के नाम पर हुए इस घोटाले में निगरानी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सोमवार (30 अक्टूबर) को विभाग के दो वर्तमान आईएएस, दो पूर्व (सेवानिवृत) आईएएस समेत 10 पर केस दर्ज किया है। एफआइआर की प्रति पटना स्थित निगरानी की विशेष अदालत को भेज दी गई है। अब निगरानी अन्वेषण ब्यूरो आरोपियों की गिरफ्तारी की तैयारी में है।

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जागरण के मुताबिक, महादलित विकास मिशन को सफल बनाने के लिए बिहार सरकार ने करोड़ों रुपये आवंटित किए। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले महादलित अभ्यथिर्यों को सुविधाएं और साधन देने के लिए श्रीराम न्यू होरिजन और आईआईआईएम कंपनी को टेंडर दिया गया। आईआईआईएम का पटना के बोरिंग रोड स्थित कल्पना मार्केट में शाखा कार्यालय है।

निगरानी के अनुसार आरोपियों ने मिलकर एक षडयंत्र के तहत प्रशिक्षण लेने वालों का गलत आंकड़ा और खर्च दिखा 2010 से 2016 के बीच मिशन के अंतर्गत चल रही योजनाओं के नाम पर करोड़ो रुपये डकार लिए। घोटाला उजागर होने के बाद मिशन की ओर से मुख्य सचिव को पत्र लिखा गया। पत्र के आलोक में सरकार ने जांच का जिम्मा निगरानी को सौंपा।

निगरानी ने निगरानी डीएसपी अरुण कुमार के नेतृत्व में एक टीम गठित कर जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच के बाद डीएसपी के आवेदन के आधार पर निगरानी कांड संख्या 81/2017 दर्ज किया गया। 2010 से 2016 के बीच करोड़ों का घपला उजागर होने के बाद मिशन ने मुख्य सचिव को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा गया था। जिसके बाद मुख्य सचिव ने घोटाले की जांच निगरानी को सौंपी।

क्या है महादलित विकास मिशन?

रिपोर्ट के अनुसार, महादलितों के उत्थान के लिए 2007 में बिहार सरकार ने महादलित विकास मिशन शुरू किया था। यह मिशन 2010 से कार्य करने लगा। मिशन को सामुदायिक भवन का निर्माण, सहायता कॉल केंद्र की स्थापना, विशेष विद्यालय सह छात्रवास का निर्माण व मुख्यमंत्री महादलित रेडियो योजना के तहत रेडियो वितरित करने की स्वीकृति दी गई थी।

प्रभात खबर के मुताबिक महादलित विकास मिशन के तहत दलित समुदाय के छात्रों को 16 से ज्यादा ट्रेडों में कौशल विकास के तहत मुफ्त ट्रेनिंग दी जाती है। ट्रेनिंग का पूरा खर्च बिहार सरकार देती है। इसके लिए निजी एजेंसियों का चयन किया जाता है। इस पूरे मामले में हुई अब तक की जांच में यह बात सामने आई है कि जिन ट्रेनिंग सेंटरों में दलित छात्रों का नामांकन एक जिले में किया गया है, उन्हीं छात्रों का नाम दूसरे, तीसरे और चौथे ट्रेनिंग में दर्ज करवा कर पैसे निकाल लिए गए।

इस तरह एक छात्र के नाम पर कई बार रुपये निकाले लिये गये। इसके अलावा कई ऐसी एजेंसियों को ट्रेनिंग सेंटर दे दी गई, जो सिर्फ कागज पर ही मौजूद हैं। इनका हकीकत में कोई अता-पता ही नहीं है। कई ऐसी एजेंसियों को भुगतान कर दिया गया, जिनमें कभी कोई ट्रेनिंग हुई ही नहीं है।

इस तरह से पूरे ट्रेनिंग कार्यक्रमों को कागजी तौर पर संचालित करके सवा चार करोड़ से ज्यादा सरकारी राशि का गबन किया गया है, जिसमें बड़े अधिकारी से लेकर सभी स्तर के सरकारी कर्मचारियों की मिलीभगत है। जांच में अभी कई लोगों के नाम सामने आने और घोटाले की राशि बढ़ने की आशंका जताई गई है।

इन आरोपी अधिकारियों के खिलाफ दर्ज हुआ है FIR 

1. आईएएस रवि मनु भाई परमार (मिशन के तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी व मुंबई पोर्ट ट्रस्ट के वर्तमान उपाध्यक्ष)
2. निलंबित आईएएस एसएम राजू (बिहार महादलित विकास मिशन के तत्कालीन मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी)
3. सेवानिवृत आईएएस केपी रमैया (मिशन के तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी एवं बिहार भूमि न्याय अधिकरण, पटना के वर्तमान सदस्य)
4. सेवानिवृत आईएएस रामाशीष पासवान (मिशन के तत्कालीन निदेशक)
5. प्रभात कुमार (मिशन के तत्कालीन निदेशक सेवानिवृत बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारी)
6. देवजानी कर (मिशन की राज्य परियोजना पदाधिकारी)
7. उमेश मांझी (मिशन के राज्य परियोजना प्रबंधक)
8. शरत कुमार झा (कोलकाता आधारित साल्ट लेक सिटी स्थित इंडस इंटेगरेटेड इंफॉरमेशन मैनेजमेंट लिमिटेड के निदेशक)
9. सौरभ बसु (न्यू देहली आधारित श्रीराम न्यू होरिजन कंपनी के उपाध्यक्ष)
10. जयदीप कर (पटना बेलीरोड के जगत अमरावती अपार्टमेंट के निवासी)

इस मामले में राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के विधायक और पार्टी प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने ‘जनता का रिपोर्टर’ से बातचीत में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आरजेडी प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि इस घोटाले में नीतीश कुमार के कई बेहद करीबी अधिकारी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यह घोटाला चार करोड़ से कई गुना अधिक हुआ है।

सिंह ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री कार्यालय में बैठकर इस घोटाले को अंजाम दिया गया है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से सृजन घोटाले का दायरा बढ़कर दो हजार करोड़ रुपये से अधिक का हो गया है उसी प्रकार से ‘महादलित विकास मिशन’ घोटाला भी सैकड़ों करोड़ का है। आरजेडी नेता ने कहा कि नीतीश सरकार गरीबों के नाम पर नियमों को ताक पर रखकर तमाम योजनाओं की शुरूआत कर रही है, जिसका फायदा सिर्फ उनके करीबी अधिकारी उठा रहे हैं।

साभार  JANTAKAREPORTER.COM


शिवराज के मध्य प्रदेश में अज्ञात लोगों ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा में लगाई आग

शिवराज के मध्य प्रदेश में अज्ञात लोगों ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा में लगाई आग

31-Oct-2017

जहां एक तरफ आज पूरा देश सरदार वल्लभ भाई पटेल की 142 वीं जयंती और इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि मना रहे हैं। वहीं दूसरी ओर मध्यप्रदेश के मुरैना से एक बेहद ही अजीबोगरीब खबर आ रही है, जिसे जानकर शायद आपकी नजरें शर्म से नीचे झुक जाएगी।

समाचार एजेंसी ANI की ख़बर के मुताबिक, मध्य प्रदेश के मुरैना में जौरा गांधी पार्क में कुछ अज्ञात लोगों ने वहां मौजूद राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा को आग लगा दी। आग लगाने के बाद महात्मा गांधी की प्रतिमा का ऊपरी हिस्सा हुआ छतिग्रस्त हो गया है, प्रतिमा का सिर और चश्मा जल गया है। जिसकी तस्वीर अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।

मध्य प्रदेश

ख़बर लिखे जाने तक इस शर्मनाक हरकत को किसने अंजाम दिया है इसके बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। प्रतिमा में आग लगाने वाले आरोपी अभी भी अज्ञात है, पुलिस अज्ञात आरोपी की तलाश में जुट गई है। गौरतलब है कि ऐसी ही एक घटना पिछले दिनों गुजरात के पोरबंदर में देखने को मिली थी जहां राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा से कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा उनके चश्मे को गायब कर दिया गया था।

बता दें कि पोरबंदर शहर में ही 2 अक्टूबर 1869 को महात्मा गांधी का जन्म हुआ था। महात्मा गांधी को राष्ट्रपिता की उपाधि दी गई है, उनके विचार आज दुनियाभर में पढ़ाए जाते हैं।

 


जम्मू-कश्मीर : पुलिस की नौकरी छोड़कर आतंकी बन गया जवान

जम्मू-कश्मीर : पुलिस की नौकरी छोड़कर आतंकी बन गया जवान

28-Oct-2017

जम्मू-कश्मीर से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। जम्मू-कश्मीर पुलिस का एक जवान नौकरी छोड़ कर आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के साथ जुड़ गया है। बताया जा रहा है कि पुलिसकर्मी कठुआ में तैनात था। पुलिसकर्मी की पहचान शोपियां के इश्फाक अहमद डार के रूप में हुई है।
इश्फाक 2012 के बैच में पुलिस विभाग में भर्ती हुआ था। सूत्रों के मुताबिक इश्फाक पर इससे पहले भी शोपियां में आतंकियों के ओजीडब्लू के मदद करने को लेकर जांच चल रही थी। बताया जा रहा है कि इश्फाक पहले से पुलिस की जांच के घेरे में था।

जिसके कारण से उसे कोई भी सरकारी हथियार मुहैया नहीं करवाए गए थे। गौरतलब है कि आतंकी लगातार घाटी के युवाओं को भ्रमित करके आतंक की दुनिया में शामिल करवाना चाहते हैं लेकिन पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के तत्परता के कारण काफी हद तक इस पर रोक लगाई गई है।

ज्ञात हो कि घाटी में कुछ दिनों पहले भी एक लड़का लापता हो गया था जिसके कुछ दिनों बाद लड़के की फोटो एके-47 के साथ सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी जिसके बाद घर वालों ने अंदाजा लगाया कि लड़का किसी आतंकी संगठन से जुड़ गया है।


शिवसेना ने कहा - मोदी की लहर पड़ रही है फीकी, राहुल पीएम के लायक

शिवसेना ने कहा - मोदी की लहर पड़ रही है फीकी, राहुल पीएम के लायक

27-Oct-2017

नई दिल्ली : केंद्र और महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सरकार की सहयोगी शिवसेना ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की तारीफ करते हुए कहा कि वह देश का नेतृत्व करने में सक्षम हैं. साथ ही शिवसेना ने कहा कि अब मोदी की कोई हवा नहीं है. एक टीवी चैनल से बात करते हुए शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा, कांग्रेस नेता राहुल गांधी देश का नेतृत्व करने में सक्षम हैं. उन्हें पप्पू कहना गलत है. इस मौके पर महाराष्ट्र सरकार के शिक्षा मंत्री और बीजेपी नेता विनोद तावड़े भी मौजूद थे.

उन्होंने कहा कि जिस तरह से राहुल गुजरात और देश के अन्य हिस्सों में लोगों से बात कर रहे हैं उससे साफ है कि अब वह देश में नेतृत्व देने के लिए पूरी तरह से तैयार है. संजय राउत ने कहा कि देश की जनता सबसे बड़ी है और वह जब चाहे जिसे चाहे उसे पप्पू बना सकती है. शिवसेना सांसद संजय राउत ने बीजेपी से गठबंधन पर कहा, उनका बीजेपी से रिश्ता तीन दशक पुराना है. कभी-कभी वैचारिक मतभेद होता रहता है. सरकार में होना किसी की गुलामी नहीं होती है.

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सरकार आती है, सरकार जाती है. राउत ने जीएसटी का जिक्र किया. उन्होंने कहा, जीएसटी का असर गुजरात में सूरत-अहमदाबाद की सड़कों पर दिखा. उसके बाद केंद्र सरकार को बदलाव करना पड़ा. उन्होंने गुजरात में बीजेपी की जीत पर कहा कि उनके पास पूरा सिस्टम है. अमित शाह का गृहराज्य है. बीजेपी को चुनाव जीतने से कोई नहीं रोक सकता. नोटबंदी की आलोचना करते हुए शिवसेना सांसद ने कहा कि नोटबंदी का हमने सबसे पहले विरोध किया था. इससे बेरोजगारी बढ़ी है. मुंबई में 10 से 15 लाख लोग बेरोजगार हुए हैं.


हार्दिक पटेल के लीक CCTV फुटेज पर बवाल, अशोक गहलोत ने गुजरात पुलिस और आईबी पर लगाया जासूसी का आरोप

हार्दिक पटेल के लीक CCTV फुटेज पर बवाल, अशोक गहलोत ने गुजरात पुलिस और आईबी पर लगाया जासूसी का आरोप

24-Oct-2017

मीडिया रिपोर्ट 

गुजरात विधानसभा चुनाव जितना करीब आ रहा है उसी राज्य में राजनीतिक गहमा-गहमी तेज हो गई है। माना जा रहा है कि इस बार कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में कांटे की टक्कर है। इस बीच कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी और पाटीदार नेता हार्दिक पटेल से जुड़ा एक वीडियो मीडिया में आने के बाद हलचल तेज हो गई है। दरअसल, सोमवार (23 अक्टूबर) को कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी गुजरात के दौरे पर थे। कुछ मीडिया रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि हार्दिक पटेल और राहुल गांधी के बीच मुलाकात हुई। वहीं कुछ रिपोर्ट में इन दोनों के बीच मुलाकात नहीं होने की बात बताई जा रही थी, लेकिन इससे जुड़े कुछ वीडियो सामने आए हैं जिसमें हार्दिक पटेल उस होटल में जाते दिख रहे हैं, जहां राहुल गांधी ठहरे हुए थे।

इस वीडियो के सामने आने के बाद कांग्रेस उपाध्यक्ष और हार्दिक पटेल की मुलाकात को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। वहीं, दूसरी तरफ कांग्रेस ने गुजरात पुलिस और इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) पर उसके नेताओं की जासूसी करने का आरोप लगाया है। कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने गुजरात पुलिस और आईबी पर उनकी जासूसी करने तथा अहमदाबाद के उस होटल से सीसीटीवी फुटेज हासिल करने का आरोप लगाया है, जिसमें वह ठहरे हुए थे।

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस महासचिव गहलोत अशोक गहलोत ने आरोप लगाया है कि गुजरात के जिस होटल में वह पाटीदार आरक्षण आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल और दलित नेता जिग्नेश मेवानी से मिले थे उसकी सीसीटीवी फुटेज स्थानीय पुलिस और आईबी के लोग ले गए।

गहलोत ने इंडियन एक्स्प्रेस से कहा कि होटल के अधिकारियों ने उन्हें बताया कि “आईबी और पुलिस के लोग पूछताछ कर रहे थे कि किससे कौन मिलने आया था…उसके बाद वो होटल का सीसीटीवी फूटेज ले गये और उसे मीडिया को दे दिया।” गहलोत ने कहा कि, “राहुल गांधी से मिले, किस से मिले, क्या हुआ…इनको क्या मतलब है। कौन किस से मिला इनको क्या मतलब है। कोई भगोड़ा है क्या?”

अखबार के मुताबिक, होटल के चीफ सिक्योरिटी अफसर विक्रम सिंह शेखावत ने कहा कि, “पुलिस ने किसी कमरे की तलाशी नहीं ली, लेकिन वीवीआईपी की आवाजाही की वजह से होटल में दिन भर पुलिस और आईबी के कई लौग तैनात रहे। पुलिस ने हमसे सीसीटीवी फूटेज मांगा और प्रबंधन से बात करने के बाद हमने उन्हें वो सौंप दिया।”

विधानसभा चुनाव का सामना करने जा रहे गुजरात के कांग्रेस प्रभारी अशोक गहलोत ने ट्वीट कर कहा है कि, “मैंने हार्दिक तथा जिग्नेश से उम्मेद होटल में मुलाकात की। आईबी और पुलिस होटल के कमरों की जांच कर रही हैं। गांधी जी के गुजरात में क्या हो रहा है?” गहलोत ने माइक्रो-ब्लॉगिंग वेबसाइट ट्विटर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा उनके कार्यालय को टैग करते हुए लिखा है, “आईबी तथा पुलिस ने होटल से सीसीटीवी फुटेज क्यों ली…? क्या निजता के अधिकार पर सिर्फ #JayAmitShah का हक है…? मैं BJP के आदेश पर की जा रही इस निगरानी की निंदा करता हूं…”

दरअसल, जिस सीसीटीवी फुटेज को लेकर हंगामा हो रहा है उस वीडियो में हार्दिक पटेल अहमदाबाद के उम्मेद होटल में घुसते दिख रहे हैं, जहां कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी रुके हुए थे। रविवार रात 11 बजकर 53 मिनट से सोमवार शाम 4.14 बजे तक की पांच वीडियो फुटेज में हार्दिक पटेल को होटल में घुसते और बाहर निकलते देखा गया। हालांकि, पटेल ने जोर देकर राहुल गांधी से मुलाकात से इंकार किया है।


'रोहिंग्या शरणार्थी करेंगे हमला' जैसी फर्जी खबर लिखने वाले पत्रकार की नौकरी गई

'रोहिंग्या शरणार्थी करेंगे हमला' जैसी फर्जी खबर लिखने वाले पत्रकार की नौकरी गई

19-Oct-2017

सनसनी फैलाने के लिए गलत खबर लिखने वाले कापी एडिटर की नौकरी गई. मामला समाचार एजेंसी एएनआई का है. ANI ने 12 अक्‍टूबर को खबर दी कि नागालैंड पुलिस की खुफिया शाखा ने रोहिंग्‍या शरणार्थियों की तरफ से हमला किए जाने की आशंका जाहिर की है और इसे लेकर सबको चेतावनी दी. इस खबर का सोर्स खुफिया सूत्रों को बताया गया.

खबर में आगे कहा गया कि दीमापुर के इमाम ने नागालैंड के लोगों पर हमला करने के लिए बांग्लादेश से हथियारों और गोला-बारूद लाने के लिए रोहिंग्‍या विद्रोहियों से संपर्क किया है. नागालैंड के अखबार ‘द मोरंग एक्‍सप्रेस’ ने इस खबर का खंडन किया और इसे पूरी तरह गलत बताया. इसके बाद एएनआई ने खबर लिखने वाले कापी एडिटर को नौकरी से हटा दिया. एएनआई की एडिटर स्‍मिता प्रकाश ने गलत खबर के लिए खेद जताया है.

भड़ास फॉर मीडिया से ली गई खबर 


अमरीका का साथ देने वाले देश को भी कर देंगे तबाह : उ.कोरिया

अमरीका का साथ देने वाले देश को भी कर देंगे तबाह : उ.कोरिया

17-Oct-2017

एजेंसी 

पयोंगयांग : परमाणु परीक्षणों को लेकर उत्तर कोरिया और अमरीका के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है और दोनों देश एक बार फिर आमने-सामने हैं. एक तरफ अमरीका जहां दक्षिण कोरिया के साथ मिलकर सैन्‍य अभ्‍यास में जुटा हुआ है, वहीं दूसरी तरफ उत्‍तर कोरिया ने गुआम पर हमले की दाेबारा धमकी देकर मामले को फिर से गरमा दिया है. खबर है कि संयुक्‍त राष्‍ट्र में अपने एक बयान में उत्‍तर कोरिया ने दूसरे देशों को चेताया है कि वे उसके खिलाफ सैन्‍य कार्रवाई में अमरीका का साथ ना दें, आप प्रतिशोध से सुरक्षित रहेंगे.

यह चेतावनी संयुक्‍त राष्‍ट्र में उत्‍तर कोरिया के डिप्‍टी एंबेसडर किम इन रेयांग द्वारा परमाणु हथियारों पर चर्चा के लिए तैयार की गई एक कॉपी का हिस्‍सा था. इसमें लिखा गया था, जब तक कोई भी देश उत्‍तर कोरिया के खिलाफ अमरीकी सैन्‍य कार्रवाई में हिस्‍सा नहीं लेता है, तब तक हमारा उसके खिलाफ परमाणु हथियार के इस्‍तेमाल या इसकी धमकी देने का कोई इरादा नहीं है.लेकिन अगर किसी देश ने अमरीका का साथ दिया तो उसे भी तबाह कर दिया जाएगा. 

बयान में कहा गया कि अमरीका की मुख्‍य भूमि हमारे फायरिंग रेंज में है और अगर अमरीका ने हमारी एक इंच जमीन पर हमले की हिम्‍मत दिखाई तो दुनिया के किसी भी हिस्‍से में हमारे कड़े दंड से नहीं बच पाएगा. गौरतलब है कि इस साल उत्‍तर कोरिया द्वारा लगातार परमाणु परीक्षण किए जाने से अमरीका के साथ उसके संबंध काफी तनावपूर्ण हो गए हैं.

उत्‍तर कोरिया ने अमेरिकी सरजमीं तक हमले की क्षमता हासिल करने का दावा कर माहौल को खराब कर दिया है. पिछले दिनों उत्‍तर कोरिया अौर राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप के बीच लगातार जुबानी जंग भी देखने को मिली थी. हालांकि कई मौकों पर वह सैन्‍य कार्रवाई की बजाय इस समस्‍या का कूटनीतिक हल निकालने पर जोर दे चुके हैं.


संगीत सोम पर ओवैसी का पलटवार, क्या अब मोदी लाल किले पर तिरंगा फहराना छोड़ देंगे?

संगीत सोम पर ओवैसी का पलटवार, क्या अब मोदी लाल किले पर तिरंगा फहराना छोड़ देंगे?

16-Oct-2017

एजेंसी 

दुनिया के सात अजूबों में शुमार भारत की धरोहर ताजमहल को उत्तर प्रदेश की योगी सरकार द्वारा राज्य की पर्यटन स्थल की सूची से बाहर किए जाने का मामला अभी ठंडा ही नहीं कि भारतीय जनता पार्टी(बीजेपी) के विधायक और फायरब्रांड नेता संगीत सोम ने एक विवादित बयान देकर इस मामले को और आगे बढ़ा दिया है। बीजेपी नेता ने ताजमहल को ‘भारतीय संस्कृति पर कलंक’ बताते हुए कहा कि गद्दारों के बनाए ताजमहल को इतिहास में जगह नहीं मिलनी चाहिए।

संगीत सोम के विवादित बयान पर एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने पलटवार करते हुए सवाल किया कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले से तिरंगा फहराना बंद कर देंगे, क्योंकि वह भी गद्दारों ने बनाया था? ओवैसी ने ट्वीट कर कहा, ‘लाल किले को भी ‘गद्दारों’ ने बनाया था। तो क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले पर तिरंगा फहराना छोड़ देंगे? क्या मोदी और योगी घरेलू और विदेशी पर्यटकों से कहेंगे कि वे ताजमहल को देखने ना आएं?

एक और ट्वीट में ओवैसी ने कहा कि यहां तक कि दिल्ली में हैदराबाद हाउस को ‘गद्दारों’ ने ही बनाया था। क्या मोदी यहां विदेशी मेहमानों की मेजबानी छोड़ देंगे?

बता दें कि उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले की सरधना सीट से बीजेपी विधायक संगीत सोम ने ताजमहल को ‘भारतीय संस्कृति पर कलंक’ बताते हुए कहा गद्दारों के बनाए ताजमहल को इतिहास में जगह नहीं मिलनी चाहिए। रविवार(15 अक्टूबर) को मेरठ के गांव सिसौली में एक मूर्ति के अनावरण समारोह में बीजेपी विधायक ने कहा कि ताजमहल को गद्दारों ने बनवाया था, उसका नाम भारत के इतिहास में नहीं होना चाहिए। न्यूज एजेंसी ANI के अनुसार, संगीत सोम ने कहा कि बहुत-से लोग इस बात से चिंतित हैं कि ताजमहल को यूपी टूरिज़्म बुकलेट में से ऐतिहासिक स्थानों की सूची से हटा दिया गया। उन्होंने कहा कि किस इतिहास की बात कर रहे हैं हम…? जिस शख्स (शाहजहां) ने ताजमहल बनवाया था, उसने अपने पिता को कैद कर लिया था।

बीजेपी विधायक ने आगे कहा कि वह (शाहजहां) हिन्दुओं का कत्लेआम करना चाहता था… अगर यही इतिहास है, तो यह बहुत दुःखद है, और हम इतिहास बदल डालेंगे… मैं आपको गारंटी देता हूं…” संगीत सोम ने मुगल बादशाहों बाबर, औरंगज़ेब और अकबर को ‘गद्दार’ कहते हुए दावा किया कि उनके नाम इतिहास से मिटा दिए जाएंगे।

उन्होंने दावा किया कि बीजेपी सरकार देश के इतिहास से बाबर, अकबर और औरंगजेब की कलंक कथा को इतिहास से निकालने का काम कर रही है। सोम ने मुगल कालीन शासकों के इतिहास को देश के लिए कलंक बताते हुए कहा है कि इतिहास के किताबों से मुगलकालीन शासकों को निकालकर अब यूपी में हिंदुओं के इतिहास को दर्शाया और पढ़ाया जाएगा।


सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स के सीईओ का इस्तीफा

सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स के सीईओ का इस्तीफा

14-Oct-2017

सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स के सीईओ का इस्तीफासैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) वॉन हो-ह्यून ने शुक्रवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया.
उन्होंने इस्तीफा देते हुए कहा कि दक्षिण कोरिया की दिग्गज तकनीकी कंपनी 'अभूतपूर्व संकट' का सामना कर रही है. हालांकि, तीसरी तिमाही में सबसे अधिक मुनाफा होने की उम्मीद जताई गई है. वॉन का इस्तीफा ऐसे वक्त आया है जब कंपनी, सैमसंग के उत्तराधिकारी ली जे इयांग पर रिश्वत कांड में शामिल होने के मुकदमे से बाहर आने की कोशिश कर रही है. इस मामले में उन्हें जेल हुई है.

जुलाई-सितंबर तिमाही में कंपनी का अनुमानित परिचालन लाभ 14,500 अरब वॉन (12.8 अरब डॉलर) हो गया है, जो कि पिछले साल की तुलना में करीब तीन गुना है. तिमाही मुनाफे के लिहाज से यह एक रिकॉर्ड के रूप में चिन्हित है. कंपनी को उम्मीद है कि सेमी-कंडक्टर कारोबार में मुनाफे के साथ उसकी ब्रिकी 29.65 प्रतिशत बढ़कर 62,000 अरब वॉन हो जाएगी.

सैमसंग के शानदार प्रदर्शन के बावजूद सीईओ ने कहा कि कंपनी को 'अभूतपूर्व संकट' का सामना कर रही है, इसी के चलते उन्होंने पद छोड़ने का इरादा जाहिर किया है. उन्होंने अपने बयान में कहा, 'सौभाग्य से, कंपनी इस समय सबसे अच्छे नजीते पेश कर रही है, लेकिन यह केवल पूर्व में किए गए फैसले और निवेश का फल है. मेरा मानना है कि यह समय कंपनी के लिए नए साहस और युवा नेतृत्व के साथ नई शुरुआत करने की है, ताकि तेजी से बदलते आईटी उद्योग में आने वाली चुनौतियों का बेहतर तरह से जवाब दिया जा सके.'


सैमसंग रिश्वत कांड से और उसके बाद उसे सैमसंग नोट 7 फोन की बैट्री में ब्लास्ट होने की घटना से बाहर आने का प्रयास कर रही है. रिश्वत कांड में कंपनी के उत्तराधिकारी ली को जेल जाना पड़ा था. इस मामले में अगस्त में ली को दोषी पाया गया था.


फरीदाबाद में बीफ के शक में गोरक्षकों ने ऑटो ड्राइवर सहित 5 लोगों को पीटा

फरीदाबाद में बीफ के शक में गोरक्षकों ने ऑटो ड्राइवर सहित 5 लोगों को पीटा

14-Oct-2017

मीडिया रिपोर्ट 

कथित गोरक्षकों के भेष में हिंदुत्व आतंकियों का उत्पात देश में थमने का नाम नहीं ले रहा है, जिसका ताजा मामला देश की राजधानी दिल्ली से फरीदाबाद में देखने को मिली है। जहां एक ऑटो में गौमांस होने के शक पर कथित गौरक्षकों ने एक ऑटो ड्राइवर और उसके साथी को जमकर पीटा। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पीड़ित ने बताया कि वह अपने साथी की मीट की दूकान के लिए अपने ऑटो में मीट रखकर ले जा रहा था। इस दौरान उसका एक और साथी ऑटो में बैठा था, लेकिन जैसे ही वह फरीदाबाद के बाजड़ी गांव के नजदीक पहुंचे तभी पीछे से आई एक कार में सवार कुछ युवकों ने उसके ऑटो को रुकवा लिया और रोक कर किसी लड़के के बारे में पूछा और जब उसने कहा की वो उन्हें नहीं जानता है तो आरोपियों ने उससे मारपीट शुरू कर दी।

ख़बरों के मुताबिक, आरोपियों ने ऑटो चालक को भारत माता और हनुमान की जय बोलने के लिए कहा और न बोलने पर उसे पीट पीट कर लहूलुहान कर दिया। आरोप है इसी दौरान ऑटो चालक के अन्य तीन साथियों को भी पीटा गया। इसमें एक युवक को गंभीर चोट लगी है, जिसके बाद घायल युवक को बीके अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने पांचों पीड़ितों के खिलाफ ही गौरक्षा अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। साथ ही पुलिस ने मीट बरामद कर उसे जांच के लिए भेज दिया है। साथ ही पुलिस पीड़ितों की शिकायत का इंतजार कर रही है। वहीं दूसरी ओर पीड़ित ने उसके ऑटो में गौ मांस नहीं होने की बात कही है। पीड़ित का कहना है कि अगर गाय का मीट निकला तो मुझे फांसी दे देना और अगर नहीं तो मुझे इन्साफ चाहिए।

 


देश में बीजेपी हार सकती है, यह बात नांदेड़ के चुनाव से साफ होती है : शिवसेना

देश में बीजेपी हार सकती है, यह बात नांदेड़ के चुनाव से साफ होती है : शिवसेना

13-Oct-2017

मुंबई :  सामना में शिवसेना ने लिखा है कि पूरे देश में कांग्रेस मुक्त भारत का सामना देखने वाली हमारी मित्र पार्टी बीजेपी नांदेड़ में अशोक चव्हाण से हार गई. बीजेपी के लिए यह जरूर धक्कादायक होगा. देश में बीजेपी हार सकती है, यह बात नांदेड़ के चुनाव से साफ होती है. यह कहना गलत नहीं होगा कि इस नतीजों से कांग्रेस में जान आएगी.

शिवसेना ने कहा कि जिस तरह दिल्ली में आम आदमी पार्टी ने बीजेपी को हराया था, उसके सामने नांदेड़ में कांग्रेस की जीत बीजेपी के लिए धोबीपछाड़ है. पहले लातूर में और अब यहां बीजेपी के तमाम दावों के बावजूद उन्हें हार झेलनी पड़ी है.

शिवसेना ने तंज कसते हुए कहा कि लातूर में तो नतीजों से पहले ही पटाखों से गोदाम को भर लिया गया था, ये भी फैसला हो गया था कि महापौर कौन बनेगा. लेकिन सपना टूट गया.

गौरतलब है कि 81 सीटों पर 11 अक्टूबर (बुधवार) को हुए मतदान में करीब 60 फीसदी लोगों ने मतदान किया था. 81 में से कांग्रेस पार्टी को 69 सीटों पर, बीजेपी को 6, शिवसेना को 1 और निर्दलीय को 1 सीट पर जीत मिली है.

 


हरियाणा में टीचर ने दो छात्रों की जूते से पिटाई, वीडियो वायरल

हरियाणा में टीचर ने दो छात्रों की जूते से पिटाई, वीडियो वायरल

13-Oct-2017

नई दिल्ली : सोशल मीडिया में एक वीडियो वायरल हो रहा है। जिसमें शिक्षक बच्चे की बेहरमी से पिटाई करते हुए नजर आ रहा है। घटना हरियाणा की है जहां एक मामूली सेी बात पर शिक्षक ने दो छात्रों की बेहरमी से जूते से पिटाई की। 

इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो गया है। वीडियो को एक स्कूल के छात्र ने ही बनाया है। एएनआई के अनुसार, जिस समय क्लास में शिक्षक पढ़ा रहे थे उसी समय किसी बात को लेकर दोनों छात्रों की आपस में बहस हो गई। इस बात की जानकारी जैसे ही शिक्षक को हुई उसने दोनों को अपने पास बुलाया। 

वीडियो में देख सकते हैं कि दो छात्र शिक्षक के पास बैठे हैं। शिक्षक उनसे कुछ कहता है और फिर अपना जूता निकालकर एक छात्र को पीटना शुरु कर देता है। इतना ही नहीं शिक्षक ने छात्र के मुंह पर जूता मार दिया। इसके बाद वह दूसरे छात्र को थप्पड़ मारता हुआ नजर आ रहा है। जानकारी के अनुसार जब इस बात की जानकारी छात्रों ने परिवार वालों को दी तो छात्रों के परिजन गुस्से में स्कूल पहुंचे। हालांकि स्कूल प्रशासन ने परिवारजनों से बातचीत कर मामला शांत कर दिया है।


पाकिस्तान के चुनाव आयोग ने इमरान खान के खिलाफ जारी किया गैर जमानती वारंट

पाकिस्तान के चुनाव आयोग ने इमरान खान के खिलाफ जारी किया गैर जमानती वारंट

12-Oct-2017

मीडिया रिपोर्ट 

इस्लामाबाद। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के अध्यक्ष इमरान खान के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया है। पाकिस्तान के चुनाव आयोग (ईसीपी) ने इमरान खान के खिलाफ कोर्ट की अवमानना का केस लगाया है। पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक, इमरान खान ने चुनाव आयोग की कार्यवाही को भी गंभीरता से नहीं लिया। ईसीपी के अनुसार, वे न तो सुनवाई के दौरान पहुंचे और न ही उन्होंने लिखित में कोई माफीनामा दिया, जिसके बाद उनके खिलाफ वारंट जारी हुआ है। 

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इमरान खान ने जो पहले जवाब दिया था, उसे ईसीपी ने खारिज कर दिया है। ईसीपी ने अधिकारियों को आदेश दिया है कि उन्हें 26 अक्टूबर को आयोग के सामने पेश करने के लिए गिरफ्तार कर लिया जाए।

पीटीआई लीडर बाबर आवान ने ईसीपी के निर्णय को असंवैधानिक बताते हुए, मामले को इस्लामाबाद हाईकोर्ट में ले जाने की बात कही है। उन्होंने कहा कि न्यायालय के निर्णय के बिना ही ईसीपी ने फैसला शीघ्रता से घोषित किया गया है। पीटीआई नेता ने आगे कहा कि ईसीपी तहरीक-ए-इंसाफ और इमरान खान को टार्गेट कर रहे हैं। उन्होंने साथ में यह भी कहा कि सभी दलों ने दावा किया था कि चुनावों में हेराफेरी हुई थी, लेकिन किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। 


अब पानी बेचेंगे बाबा रामदेव

अब पानी बेचेंगे बाबा रामदेव

30-Aug-2017
सुनील रावत
Email  rawat.snlj@gmail.com
twitter   @rawatddream
 

 

 

 

by : indiasamvad.co.in

नई दिल्ली : योगगुरु बाबा रामदेव अब अपने पतंजलि के कारोबार को और फैलाना चाहते हैं। इसी क्रम में पतंजलि अब पेप्सिको, कोका-कोला पार्ले, बिस्लेरी और टाटा ग्लोबल बेवरेजे जैसी कंपनियों को कड़ी टक्कर देना चाहती हैं। ख़बरों की माने तो पतंजली आयुर्वेद लिमिटेड अब बाजार में 'दिव्या जल' पैकेजिंग नाम से मिनिरल वाटर लॉन्च करने जा रही है। पतंजलि का दावा है कि वह हिमालय की तलहटी से भरे हुए जल को इस दिवाली पर बाजार में उतार देगी। 

रामदेव के प्रवक्ता एस के तिजारावाला का कहना है कि वह साल 2018-19 में अपने बोतलबंद पानी के रेवेन्यू को 1000 करोड़ के पार ले जाना चाहते हैं। भारत में अभी बंद बोतल पानी का कारोबार लगभग 14000 करोड़ का है। कपनी शुरुआती तौर पर इसे दिल्ली- एनसीआर में उतारना चाहती है। पतंजलि का कहना है कि वह अपने 'दिव्या जल' को हरिद्वार और लखनऊ की फैक्ट्रियों के जरिये बनाएगी। जिसमे से उसके लखनऊ वाले प्लांट की क्षमता प्रतदिन लाख लीटर की है।   

बाबा रामदेव बेचेंगे पानी के लिए चित्र परिणाम

शोध फर्म यूरोमोनीटर इंटरनेशनल के मुताबिक 2016 में भारत में पेयजल बाजार का कारोबार 7,040 करोड़ रुपये का अनुमान लगाया गया था और 2021 में इसके 15,080 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। इसमें से सबसे बड़ा कारोबार बिस्लेरी का है। बिस्लेरी पर मुंबई स्थित व्यापारी रमेश चौहान का स्वमित्व है। जिसकी हिसेदारी 24% की है। जबकि अन्य प्रमुख ब्रांडों में अमेरिकी खाद्य और पेय कंपनी पेप्सिको इंक और किनेले और एक्वाफीना शामिल हैं।

ज्यादातर कंपनियों के पास FSSAI का लाइसेंस नहीं 

FSSAI के अनुसार जून 2016 तक देश में 5,842 पंजीकृत पानी पैकेजिंग इकाइयां थीं, जिनमें से केवल 1,495 इकाइयों ही भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) और एफएसएएसएआई का लाइसेंस प्राप्त था। जबकि शेष 4,347 इकाइयां केवल बीआईएस प्रमाण पत्र के साथ काम कर रही थीं। एफएसएएसएआई ने 23 जून 2016 को कहा था कि सभी बॉटलिंग इकाइयों को FSSAI का लाइसेंस प्राप्त था। 

इससे पहले पतंजलि ने पुरुषों, महिलाओं और बच्चों के लिए ब्रांडेड कपडे बेचने की बात कही है। और कहा था कि इसकी शुरआत आज अप्रैल 2018 से शुरू करेगा। परिधान ब्रांड नाम से परिधि ने 5000 करोड़ रुपये की बिक्री करने का लक्ष्य रखा है।


फर्जी बिलो के माध्यम से शासकीय राशि का बंदरबाट, साइलेंट मोड़ में वनमंत्री !

फर्जी बिलो के माध्यम से शासकीय राशि का बंदरबाट, साइलेंट मोड़ में वनमंत्री !

30-Aug-2017
www.khulasapost.in

छत्तीसगढ़ वन विभाग के अधिकारियो के द्वारा किए जा रहे भ्रष्टाचार,घपले को लेकर खुलासा पोस्ट पत्रिका ने अभी बीते दिन अपने खुलासा पोस्ट न्यूज वेबपोर्टल में महासमुन्द वन मंडल के DFO आलोक तिवारी के किए गए कारनामों के बारे में खबर प्रकाशित किया था इसी क्रम में खुलासा पोस्ट पत्रिका को आलोक तिवारी के खिलाफ और भी कुछ खबर प्राप्त हुआ है जिसमें आलोक तिवारी पर वित्तीय नियम के विरूद्ध अपने करीबियों, रिश्तेदारों को कार्य आबंटन किए जाने का की खबर है आरोप है की आलोक तिवारी ने फर्जी बिलो के माध्यम से कार्य कराना तथा सामग्री खरीदी दिखाकर शासकीय धन का बंदरबाट किया है
 
खुलासा पोस्ट पत्रिका को जो डॉक्यूमेंट प्राप्त हुआ है उसमें आलोक तिवारी ने चिल्फी मे बैम्बो हट, वाटर टावर,सरोदा दादर मे वाटर टैंक टावर, पिढ़ाघाट मे पर्यटन अवास,वाच टावर एवं निर्माणघीन वनमंडल कार्यलय तथा सामग्री क्रय के समस्त प्रमाणको में यह नही बताया कि उक्त भुगतान किस मद के अंतर्गत प्राप्त बजट से किया है। इसमें क्रय नियम का पालन नही किया गया। माल किसने प्राप्त किया व किसने उपयोग किया व कहाँ उपयोग हुआ का विवरण भी नही हैं। प्रमाणक में किसी परिक्षेत्र अधिकारी या स्टोर प्रभारी का हस्ताक्षर नही हैं। अतः खरीदी में एक प्रकार से शंका है की यह फर्जी खरीदी तो नही हैं। उपरोक्त खरीदी हेतु मुख्य वन संरक्षक से अनुमति तक नही ली गई हैं।  

 
आदित्य इंटरप्राइजेस को आय मूलक मद अंतर्गत कार्य में उपयोग हेतु प्रमाणक क्र 60, 61, 178 से 181, 228 से 245 तक कुल 24 प्रमाणको में कुल 11,07,815 रू. भुगतान किया गया हैं। जबकि उक्त प्रमाणको में दिखाई गई सामग्री वनमण्डल कार्यालय कवर्धा पहुँचाया ही नही गया हैं। यह चालान से भेजा गया इसका विवरण प्रमाणको से नदारद हैं। प्रमाणकों में चालान नही भेजा गया इसका तात्पर्य हैं कि माल ही नही आया हैं।

 व्हाउचर में सामग्री कहाँ उपयोग होगी उसका भी उल्लेख नही हैं। व्हाउचर में एस.डी.ओ. फॉरेस्ट का काउण्टर साइन होता हैं जो सत्यापन कार्य कहलाता हैं। व्हाउचरो में खासकर आदित्य इंटरप्राइजेस के वहाउचरो में काउण्टर साइन नही हैं। सत्यापन अधिकारी यह सत्यापन करता हैं कि बिल में उल्लेख के अनुसार माल हैं, मात्रा हैं एवं बिल में उल्लेख राशि भुगतान योग्य हैं। यह सत्यापन करता हैं। प्रमाणको में उपरोक्त सत्यापन नही हैं और न ही किसी परिक्षेत्र अधिकारी, डिप्टी रेंजर, वनरक्षक और न ही वनमण्डल कार्यालय के स्टोर शाखा-प्रभारी के ही हस्ताक्षर हैं। ऐसी स्थिति में प्रमाणक पूर्णताः फर्जी होने की आशंका प्रदर्षित करती हैं। उक्त संस्था से 11 लाख से ऊपर की खरीदी की गई जिसमें क्रय नियम का पालन भी नही किया गया। उपरोक्त खरीदी हेतु मुख्य वन संरक्षक से अनुमति नही ली गई ।
 
आदित्य इंटरप्राईजेस, रायपुर और अन्य के द्वारा अभ्यारण क्षेत्र के चिल्फी में एक बैम्बो हट, पानी टंकी टावर तथा पीढ़ाघाट में एक वाचटावर एवं पर्यटक आवास साथ ही सरोदा दादर में पानी टंकी टावर निर्माण कराया गया। सभी  कार्यो की लागत की कुल राशि 19 लाख 32 हजार के ऊपर भुगतान किया गया हैं। व.म.अ. के द्वारा परिक्षेत्र चिल्फी में बन रहे बैम्बो हट में लगने वाली समस्त सामग्रियों को वन प्रबंधन समिति चिल्फी के द्वारा नगद खरीदी की जा रही हैं, जिसकी अनुमति स्वयं श्री आलोक तिवारी देते हैं, जबकि उन्होने ही अपने रिश्तेदार की संस्था/फर्म को उक्त कार्य बिना निविदा के दिया हैं और उनसे अपने मार्ग दर्शन में कार्य कराया जा रहा हैं और नगद भुगतान भी कराया जा रहा हैं। व.म.अ. के द्वारा वन प्रबंधन समिति चिल्फी के माध्यम से बनाए गए बैम्बो हट के सामग्रियो का भुगतान समिति से कराने के बाद भी उन्ही सामग्रियों का आय मूलक मद के अंतर्गत पुनः खरीदी बताई जाकर 08 लाख 42 हज़ार रू. के प्रमाणक बनाकर भुगतान बताया गया। जबकि इन प्रमाणको को 8483-109 नदीघाटी मद में चार्ज किया गया हैं। 
 
व्हाउचर क्र. डी.एल 197, 196, 198, 199, 200, 201 दि. मार्च 2016 मे. आर के इंटरप्राइजेस कैनन इमेज स्क्वायर लोअर ग्राउंड फ्लोर सिटी सेंटर, मालपण्डरी रायपुर से 2,33,985 रू. की सामग्री खरीदी की गई। व्हाउचर में सामग्री का नाम स्पष्ट होना चाहिए। किस मद, किस हेड से यह सामग्री खरीदी जा रही हैं व्हाउचर में हेड/मद का उल्लेख नही हैं। सी.सी.एफ. का आबंटन क्र. भी नही हैं। उपरोक्त खरीदी हेतु मुख्य वन संरक्षक से अनुमति नही ली गई हैं।मे. आर के इंटरप्राइजेस कैनन इमेज स्क्वायर लोअर ग्राउंड फ्लोर सिटी सेंटर, मालपण्डरी रायपुर के द्वारा बिल नं. 725 दि. 16.02.16 को जारी किया गया हैं इसके बाद बिल नं. 726 को 15.02.16 को जारी किया गया हैं। यह कैसे संभव हैं कि किसी बिल के जारी होने के बाद के बिल की दिनांक 01 दिन पूर्व जारी किया जा सकता हैं। इसी प्रकार बिल नं. 727, 728, 729 में भी इसी प्रकार की भिन्नता हैं जो कि अपने आप में बिल का फर्जी होना व्यक्त करता हैं। इसके अतिरिक्त इन प्रमाणको में किसी भी माल प्राप्ति अधिकारी के हस्ताक्षर या चालान पावती नही हैं।  
 
हरजिन्दर सिंह भाटिया डोंगरगढ़ के द्वारा सप्लाई सामग्री का व्हाउचर क्र. डी.एल. 208 दि. मार्च 2016, व्हाउचर क्र. डी.एल. 209,210,211, 88 में 1,15,500 रू. का लोहे का श्लोग्न प्लेट "6x8" इंच का टिने का प्लेट हैं जिसका बाज़ार में वास्तविक मूल्य 50 रू. हैं। जिसे 550 रू. में प्रति नग के दर से वनमण्डल अधिकारी द्वारा खरीदा गया हैं। क्रय एवं भण्डार नियम 2002 का पालन नही हुआ हैं। एक व्यक्ति संस्था को कमीशन के लिए 50 रू. के प्लेट को 550 रू. में प्रति प्लेट खरीदा गया। उपरोक्त खरीदी हेतु मुख्य वन संरक्षक से अनुमति नही ली गई ।
 
व्हाउचर क्र. डी.एल. 88 दि. मार्च 2016 बिल क्र. 31 हरजिन्दर सिंह भाटिया डोंगरगढ़ के प्रमाणक में बोड का बिल/व्हाउचर में साइज लिखा हैं "3x4x10" लिखा हैं। टिने का बोड सिर्फ लंबाई चौड़ाई होती हैं। यहाँ पर बिल में "3x4x10" लिखा हैं। टिन का बोड हैं इसकी वास्तविक कीमत 3000 रू. हैं। इसे ऊँचे दर पर 11500रू. में खरीदा गया हैं। क्रय एवं भण्डार नियम का पालन नही हुआ है। एक तरफा खरीदी हैं।  हरजिन्दर सिंह भाटिया डोंगरगढ़ के द्वारा सप्लाई सामग्री का व्हाउचर क्र. 89, 90, 91 माह मार्च 2016 में 1,14,450 रू. के बिल के साथ चालान नही हैं। माल वनमण्डल आया ही नही हैं। डामर टिन - काला पेन्ट होता है। 76 रू. प्रति लीटर में काला पेन्ट खरीदी किया गया हैं। प्रिंस स्टील्स, कवर्धा से व्हाउचर क्र. 123 दि. मार्च 2016 को 193रू. में काला पेन्ट खरीदी किया गया हैं। वित्तीय वर्ष 2015-16 में रंग/पेन्ट का टेंडर किया ही नही गया हैं। माल किसने प्राप्त किया व किसने उपयोग किया व कहाँ उपयोग हुआ का विवरण भी नही हैं। प्रमाणक में किसी परिक्षेत्र अधिकारी या स्टोर प्रभारी का हस्ताक्षर नही हैं। अतः खरीदी में शंका हैं कि फर्जी खरीदी तो नही हैं। उपरोक्त खरीदी हेतु मुख्य वन संरक्षक से अनुमति नही ली गई हैं।
 
व्हाउचर क्र. 133, 134 माह मार्च 2016 में सुखमन ट्रेडर्स, डोंगरगढ़ से 40रू. का आइल चाक 140रू. पैकेट के ऊँचे दर पर 44,100 रू. की खरीदी किया गया। माल किसने प्राप्त किया व किसने उपयोग किया व कहाँ उपयोग हुआ का विवरण भी नही हैं। प्रमाणक में किसी परिक्षेत्र अधिकारी या स्टोर प्रभारी का हस्ताक्षर नही हैं। अतः खरीदी में शंका हैं कि फर्जी खरीदी तो नही हैं।
माह मार्च 2016 के व्हाउचर क्र. डी.एल. 126 से 132 तक कुल 07 प्रमाणको से  प्रेम साउण्ड, रायपुर से कुल 2,82,750 रू. का साउण्ड सिस्टम खरीदी किया गया। 

प्रमाणक में वनमण्डल के अंतर्गत काष्ठागारों में नीलाम कार्य एवं विभागीय प्रषिक्षण उपयोग हेतु साउण्ड सिस्टम खरीदना बताया गया है। जबकि समस्त काष्ठागार में पूर्व से ही साउण्ड सिस्टम लगे हुए हैं। उपरोक्त खरीदी आंशिक रूप से की गई अन्य प्रमाणक का भुगतान बंदरबाट हेतु किया गया प्रतीत होता हैं। इसमें भी माल किसने प्राप्त किया व किसने उपयोग किया व कहाँ उपयोग हुआ का विवरण नही हैं। प्रमाणक में किसी परिक्षेत्र अधिकारी या स्टोर प्रभारी का हस्ताक्षर नही हैं।
 
व्हाउचर क्र. डी.एल. 13, 14, 15, 21 व 23 से 30 दि. मार्च 2016 तक कुल 12 प्रमाणको से बंषी सेल्स, धमतरी से 5,02,621 रू. का जेन्ट्स यूरिनल सेंसर तथा वाल टाइल्स इत्यादि खरीदी की गई। इसमें भी क्रय नियम का पालन नही किया गया। प्राइमर सेल्स कार्पोरेशन ऑफिस, देहरादुन को बिल क्र. 109 दि. 03.03.16 में उल्लेखित 12 नग ट्राइल कैमरा 12775 के प्रति दर से 1,76,245 रू. भुगतान किया गया जबकि यह कैमरा फील्ड में लगे ही नही हैं। 
 
माह मार्च 2016 के व्हाउचर क्र. डी.एल. 50, 48, 49, अरोरा बोरवेल्स एण्ड पम्प स्टोर्स, कवर्धा से 137140 रू एवं व्हाउचर क्र. डी.एल. 55 उत्तम चंद जैन, राजनांदगांव से 55,097 रू. की रेत एवं फ्लाई एक्स ब्रिक्स खरीदी गई हैं जिसमें रॉयल्टी पर्ची नही लगाई गई हैं, न ही रॉयल्टी काटी गई हैं और न ही वैट टैक्स काटे बगैर पूरा भुगतान किया गया है। वनमण्डल कार्यालय के प्राकलन एवं स्टीमेट बनाने का प्रमाणक क्र. 56, 57 माह मार्च 2016 के माध्यम से 50,000 रू. अपने मित्र आनंद खादिया, रायपुर को भुगतान करना भी शंकास्पद हैं। क्योंकि आज भी उक्त प्राकलन बनाने का कोई भी आर्किटेक्ट 05 से 07 हज़ार रू. में बनाकर दे सकता हैं। इतना रूपये भुगतान करना भ्रश्टाचार के आचरण में आता हैं। 
 
मेसर्स इम्प्रेसिव एडवरटाइजिंग सर्विस, रायपुर से व्हाउचर क्र. 140 माह मार्च 2016 से वन प्रबंधन समितियों के संबंध में संयुक्त वन प्रबंध आकार लेते सपने नामक बंक संबंधी 350 बुक प्रति बुक 800 रू. की दर से 02 लाख 80 हज़ार रू. की बुक छपाई कराई गई तथा प्रमाणक क्र. 139 से 01 लाख 72 हज़ार रू. की छपाई कराई गईं। अर्थात् दो प्रमाणको से कुल  04 लाख 52 हज़ार रू. की पुस्तक छपाई कराई गई जो कि सिर्फ कागजो में हैं तथा इसके लिए नियमानुसार टेंडर आहूत नही की गई। प्रमाणक में दर्षित भुगतान बंदरबाट हेतु किया गया हैं। प्रमाणक में माल किसने प्राप्त किया व किसने उपयोग किया व कहाँ उपयोग हुआ का विवरण भी नही हैं। प्रमाणक में किसी परिक्षेत्र अधिकारी या स्टोर प्रभारी का हस्ताक्षर नही हैं। 
 
यूँ तो डी.एफ.ओ. आलोक तिवारी पर अभी कई गंभीर आरोप है और इन्ही कारनामों को खुलासा पोस्ट पत्रिका क्रमशः प्रकाशित कर रही है अभी आलोक तिवारी के खिलाफ खुलासा पोस्ट और भी खुलासे करने वाली है और भविष्य में अपने आने वाले अंक में भी वन विभाग के अधिकारियो के काले-पीले कारनामों की एक सीरिज प्रकाशित करने वाली है। 

 
                               ( लोकतंत्र कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ए.एस.करीम खान के द्वारा दी गई जानकारी  अनुसार )

भ्रष्टाचार में आकंठ डूबे छत्तीसगढ़ वन विभाग के अधिकारी, वनमंत्री खामोश! भाग-3

भ्रष्टाचार में आकंठ डूबे छत्तीसगढ़ वन विभाग के अधिकारी, वनमंत्री खामोश! भाग-3

30-Aug-2017
www.khulasapost.in

छत्तीसगढ़ राज्य का वन विभाग जिसके दर्ज़नो अधिकारी भ्रष्टाचार में डूबे हुए है, खुलासा पोस्ट न्यूज़ नेटवर्क के द्वारा इन अधिकारियो की भ्रष्ट काली कमाई का खुलासा किया जा रहा जिसे हमारे द्वारा क्रमशः प्रस्तुत किया जा रहा है इसी कड़ी में कवर्धा में पदस्थ रहते हुए भारतीय वन सेवा के अधिकारी आलोक तिवारी द्वारा नियम विरुद्ध किये गए भ्रष्टाचार को हम जनता के सामने ला रहे जिसके समस्त दस्तावेज उपलब्ध है आज उसी कड़ी में आगे..

"भ्रष्टाचार के साथ-साथ सर्विस टैक्स की चोरी "
 
भोरमदेव अभ्यारण्य क्षेत्र के अंतर्गत कवर्धा एवं चिल्फी परिक्षेत्र में भारत सरकार वन एवं पर्यावरण मंत्रालय, एन.टी.आर. (नेशनल टाइगर रिज़र्व) सहित अभ्यारण्य क्षेत्रो के बनाए गए नियम के विरूद्ध अभ्यारण्य क्षेत्रो में पिछले 3 सालों में जे.सी.बी. से तालाब खुदाई व ट्रेक्टरो से ढुलाई, जुताई कार्य बेधड़क तरीके से कराये गए हैं। 
 
इन क्षेत्रो में जे.सी.बी. एवं ट्रेक्टरो से करोड़ो के कार्य कराये जा रहें हैं जो कि सिर्फ कागजो पर होते हैं, जमीन पर इनके निशान भी नही होते। इसका कारण यह हैं कि जे.सी.बी. मालिको को फर्जी बिल देने से कोई फर्क नही पड़ता। जबकि नियमानुसार जे.सी.बी. से कार्य किये जाने के उपरांत विभाग से लिये गए भुगतान को सर्विस टैक्स के अंतर्गत माना जाता हैं तथा दिए गए सर्विस के एवज में जे.सी.बी. मालिको को वाणिज्यिक कर विभाग को 18% सर्विस टैक्स अदा करना होता हैं जो कि ये अदा नही करते तथा इसे इंकम विवरण में भी षामिल न कर इंकम टैक्स विभाग को इंकम टैक्स अदा नही करते हैं, कार्य कराने के पश्चात् वन विभाग के द्वारा प्रमाणक बनाये जाने पर इनके द्वारा प्रस्तुत बिल के भुगतान में से सर्विस टैक्स काटकर भुगतान किया जाना चाहिये जो कि डी.एफ.ओ. के द्वारा नही किया गया हैं।
 
भोरमदेव प्रमाणक क्र. डब्लू एल 37 से 49 माह 12. 2016 में कुछ भी गणना कर दिया गया हैं, व्हाइड्स की गणना कहाँ हैं। 50 हज़ार से कम 48 हज़ार का प्रमाणक बनाकर फर्जी प्रमाणक को सही दिखाने का प्रयास किया गया हैं। प्रमाणक क्र. डब्लू एल 37 से डब्लू एल 49 तक की कुल राशि 4,91,000 हैं। यानी 4,91,000 का भुगतान प्रमाणको में कुछ भी गणितीय गणना सही नही हैं। स्पष्ट हैं कि क्षेत्र में कोई भी माप नही किया गया हैं। प्रमाणक में इसलिये पेज क्रमांक का विस्तृत विवरण नही हैं। क्या एकदम प्लेन सरफेस काटकर मेंड बनाया गया हैं, कम से कम लंबाई चौड़ाई दो नाप होना ही चाहिये, पूरा प्रमाणक फर्जी हैं।
 
भोरमदेव अभ्यारण्य  परिक्षेत्र चिल्फी के प्रमाणक क्र. सी. एल. 04 माह 10.2016 में व्हाइड्स कटौती लिख भर दिया गया है, गणना नही की गई हैं। साफ़ हैं कि कोई कटौती नही की गई हैं 20 प्रतिशत व्हाइड्स की ढुलाई नही हुई हैं। 120 घ.मी. का 20 प्रतिशत व्हाइड = 24 घ.मी. / 154.70 = 3712.80 राशि वसूली योग्य हैं। जे.सी.बी. के 12 घण्टे में यानी 5 ट्रिप से ज्यादा प्रति घण्टा ढुलाई क्या यह संभव हैं? 12 घण्टे में जे.सी.बी. से 65 ट्राली वह भी मात्र 120 घ.मी. ढुलाई करेगी। यह पूर्णतः फर्जी कारोबार हैं। 
 
उसी प्रकार प्रमाणक क्र. सी. एल. 05 माह 10. 2016 में व्हाइड्स कटौती लिख भर दिया गया है, इसमें भी गणना नही की गई हैं। साफ़ हैं कि कोई कटौती नही की गई हैं और न ही 20 प्रतिशत व्हाइड्स की ढुलाई हुई हैं। 420 घ.मी. का 20 प्रतिशत व्हाइड = 84 घ.मी. / 154.70 = 12994.80 राशि वसूली योग्य हैं। जे.सी.बी. से 5 1/2 ट्रिप से ज्यादा प्रति घण्टा ढुलाई हास्यपद हैं। 42 घण्टे में जे.सी.बी. से 229 ट्राली वह भी मात्र 420 घ.मी. ढुलाई करेगी। यह भी पूर्णतः फर्जी प्रतीत होता हैं।
 
उसी प्रकार प्रमाणक क्र. सी. एल. 06 माह 10.2016 में व्हाइड्स कटौती लिख भर दिया गया है, 392 घ.मी. का 20 प्रतिशत व्हाइड = 78.40 घ.मी. / 154.70 = 12128.48  राशि वसूली योग्य हैं। जे.सी.बी. से 5.61 ट्रिप से ज्यादा प्रति घण्टा ढुलाई हास्यपद हैं। 39 घण्टे में जे.सी.बी. से 216 ट्राली वह भी मात्र 392 घ.मी. ढुलाई करेगी।
 
उपर्युक्त समस्त जे.सी.बी. से खुदाई एवं ट्रेक्टर से ढुलाई कार्यो के प्रमाणक की राशि जान-बुझ कर छ.ग. भण्डार क्रय नियम के घेरे में न आए इस हेतु 50 हज़ार रू. से कम के रखे गए हैं। समस्त प्रमाणको एवं जे.सी.बी. ट्रेक्टर मालिको के बिलो का अवलोकन करने से साफ़ होता हैं कि लाखो के कार्यो के भुगतान को अलग-अलग दिनांक में जारी करवाया गया हैं। जबकि समस्त कार्यो हेतु जे.सी.बी से खुदाई के लिए टेंडर आहूत किये जाने पर यह कार्य बहुत ही कम दाम पर हो सकते थे।

रेंजर को अग्रिम एफ.ए. (फॉरेस्ट एडवांस) लिखा गया हैं, वह कैसे जब डी.डी.ओ. प्रमाणको को पास कर रहें हैं और रेंजर को भुगतान का आदेश दे रहें हैं। फिर एफ.ए. (फॉरेस्ट एडवांस) डी.डी.ओ. यानी डी.एफ.ओ. कैसे बता रहें हैं यानी अपना दामन बचाने। अब नियम बदल चुका हैं पहले रेंजर प्रमाणक जमा करने के साथ एफ.ए. (फॉरेस्ट एडवांस) भरकर उतनी ही राशि एफ.ए. (फॉरेस्ट एडवांस) के स्वयं में भेजते थे। अब ऐसा नह हैं, अब डी.एफ.ओ पूरी छानबीन करता हैं, एस.डी.ओ. प्रमाणक लेकर क्षेत्र में जारी कार्य हुआ हैं या नही, कितनी मात्रा में हुआ हैं चेक कर डी.एफ.ओ. को अनुशंसा कर भुगतान करने लिखता हैं। डी.एफ.ओ. रेंजर को प्रमाणक पास कर देता हैं और राशि बैंक में रेंजर के खाते में जो उसका निजी खाता होता हैं उसमें राशि जमा करा देता हैं।

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बिल क्र. 74 दिनांक 11.11.16 के उपरांत बिल क्र. 77, 85, 93 को पिछली तारीखों पर जारी किया जाना भ्रष्टाचार के संकेत देता है बिल नं. 74 के उपरांत जारी बिल फर्जी हैं जिसकी राशि लगभग 54 हजार फर्जी बिल के माध्यम से राशि निकाली गई।  ठीक उसी तरह बिल नं. 313 दि. 23.11.16 के उपरांत बिल नं. 314, 315 पिछली तारिखो पर जारी किया गया जिसकी राशि लगभग 79 हजार फर्जी बिल के माध्यम से राशि निकाली गई।
 
चिल्फी प्रमाणक क्र. सी 84 माह 09.2016 में श्रमिको से कार्य क्यों नही कराया गया? किस ट्रेक्टर ने कितना कार्य किया अलग-अलग नही हैं, फिर भुगतान सिर्फ एक आदमी सौखीराम को क्यों? क्या सारे ट्रेक्टर का ओनर वही हैं? भुगतान फर्जी हैं।  चिल्फी प्रमाणक क्र. सी 86 से 90 माह 09.2016 में कोई व्हाइड्स कटौती की गणना नही की गई हैं। 50000 से ऊपर का काम टेंडर द्वारा क्यो नही? कुल कार्य राशि 313300रू. फिर भी टेंडर नही या फिर मजदूरो से कार्य क्यों नही कराया गया?
 
भोरमदेव प्रमाणक क्र. डब्लू एल 01 माह 09.2016 में R.E.S के दरो पर कार्य नही हुआ हैं। श्री माँ इंटरप्राइजेस, बिलासपुर सामग्री (विद्युत सामग्री) बिक्री करता हैं न कि कार्य भी कराता हैं। भोरमदेव प्रमाणक क्र. डब्लू एल 04 माह 09.2016 में अरूण इलेक्ट्रीकल्स, बिलासपुर के बिल क्र. 146 दि. 17.07.16 द्वारा 7404 रू. की खरीदी के लिए क्या कोटेशन स्वीकृत हैं। वनमण्डलाधिकारी का स्वीकृति क्रमांक नही हैं। भोरमदेव प्रमाणक क्र. डब्लू एल 14, 15, 16 माह 09.2016 में कोटेशन स्वीकृत नही हैं। डी.एफ.ओ. का स्वीकृति क्रमांक टिन नं. का बिल नही हैं। भोरमदेव प्रमाणक क्र. डब्लू एल 20 माह 09.2016 में रूपलाल साहु को गिट्टी सप्लाई का टेंडर ऑर्डर नही हैं। 
 
भोरमदेव प्रमाणक क्र. डब्लू एल 12 से 17 माह 11.2016 में ग्राउंड लेबल ही दर्ज नही हैं। इसलिए घाट कटिंग की मात्रा फर्जी हैं मेजरमेंट दर्ज ही नही हैं। भोरमदेव प्रमाणक क्र. डब्लू एल 22, 23 माह 11.2016 में कितनी मात्रा में कार्य किया गया कोई विवरण नही हैं, सर्विस टैक्स भी नही काटा गया हैं। व.म.अ. ने ऐसा फर्जी प्रमाणक कैसे पास कर दिया। भोरमदेव प्रमाणक क्र. डब्लू एल 27 से 30 माह 11.2016 में बताए गए स्थान पर बोर्ड नही लगा हैं। ब्ैत् दर पर बोर्ड का रेट भी नही हैं। बाबा रेडियम पाइंट ओल्ड बस स्टैण्ड, दुर्ग के बिल क्र. 16 से 19 दि. 21.10.16 की राशि क्रमशः 17500, 35000, 35000, 35000 कुल राशि 122500रू. की खरीदी एक ही दिन में एक ही फर्म से की गई, टेंडर क्यों नही निकाला गया। व.म.अ. भुगतान क्यों नही किया प्रमाणक पूरा फर्जी हैं। जाँच का विशय है।
 
भोरमदेव प्रमाणक क्र. डब्लू एल 41 से 44 माह 11.2016 में कपूर चंद ठाकरे, बम्हनी टिन नं. का बिल ही नही हैं। ईट, सीमेंट, गिट्टी, रेत का टेंडर इनके नाम पर नही हैं फिर इनके बिल में भुगतान कैसे? किया गया। क्या श्री ठाकरे के  भाजपा मंडल के अध्यक्ष होने के कारण बिल नं. 474, 478, 480 एवं 482 में दर्शायी राशि के कार्य बिना टेंडर के उन्हें दिए गए और उनके प्रभाव के कारण ही उन्हें नगद भुगतान भी किया गया।  भोरमदेव प्रमाणक क्र. डब्लू एल 49 माह 11.2016 में टिन नं. का बिल नही हैं।
 
भोरमदेव प्रमाणक क्र. डब्लू एल 53 माह 11.2016 में बिना टेंडर वाले को 15600रू. का भुगतान बिना टिन नं. बिल से किया गया। भोरमदेव प्रमाणक क्र. डब्लू एल 54, 55 एवं 56 माह 11.2016 में सीमेंट, रेत, गिट्टी, ईट का कोई भी टेंडर इस आदमी के नाम पर नही हैं। भोरमदेव प्रमाणक क्र. डब्लू एल 64 माह 11.2016 में 6000 की सीमेंट बोरी बिना टिन नं. बिल द्वारा जारी किया गया। भोरमदेव प्रमाणक क्र. डब्लू एल 69 एवं 70 माह 11.2016 में क्रमश: राशि 40500 एवं 24000रू. के भुगतान का कोई विवरण, मात्रा दर्ज नही हैं, सर्विस टैक्स भी नही काटा गया हैं।
 
भोरमदेव प्रमाणक क्र. डब्लू एल 72 एवं 73 माह 11.2016 में बिल नकली हैं कोई गणितीय गणना कार्य के एवज में नही की गई हैं एवं कार्य का मेजरमेंट ही नही हैं। भोरमदेव प्रमाणक क्र. डब्लू एल 91 माह 11.2016 में 17300रू. का कोई मापन मेजरमेंट नही हैं। भोरमदेव प्रमाणक क्र. डब्लू एल 92 माह 11.2016 में 32400रू. का नगद भुगतान किया गया तथा इसका भी कोई मापन नही हैं। भोरमदेव प्रमाणक क्र. डब्लू एल 28 माह 10.2016 में अरोरा बोरवेल्स एण्ड पम्प स्टोर्स, कवर्धा ने सीमेंट का टेंडर नही लिया हैं फिर उससे कैसे सीमेंट खरीदी की गई। व.म.अ. ने स्वीकृति कैसे दे दिया।
 
भोरमदेव प्रमाणक क्र. डब्लू एल 30 माह 10.2016 में सप्लाई गिट्टी, रेत, मुरूम का सीधे-सीधे घ.मी. की खरीदी दिखई गई हैं जबकि उपरोक्त सामग्री किसी न किसी वाहन से लाया गया होगा उस वाहन एवं सामग्री का मेजरमेंट दर्शाने के उपरांत ही व्हाइड काटी जाती हैं तत्पश्चात व्हाइड की गणना कर प्रमाणक में दर्शाया जाने के उपरांत ही प्रमाणक की भुगतान की जानी चाहिये, परन्तु यहाँ व्हाइड्स की गणना मापक में हैं ही नही फिर वन अधिकारी कैसे जाने कि जा मात्रा प्रमाणक में बताई गई हैं सिर्फ उतनी ही मात्रा उन्हें प्राप्त हुई है। अतः उपरोक्त सामग्रियों में 20 प्रतिशत व्हाइड वसूल की जाए। इसके अतिरिक्त मैं यह भी बता दूँ कि रेत, मुरूम का टेंडर अरोरा को मिला ही नही हैं फिर कैसे उससे क्रय किया गया।
 
भोरमदेव प्रमाणक क्र. डब्लू एल 43 माह 10.2016 में व्हाइड्स काटने का विवरण ही नही हैं। भोरमदेव प्रमाणक क्र. डब्लू एल 45, 47 एवं 49 माह 10.2016 में अरोरा बोरवेल्स एण्ड पम्प स्टोर्स, कवर्धा के मूल बिल में व्हाइड्स का विवरण बिल प्राप्तकर्ता ने दर्ज नही किया हैं बल्कि दूसरी हैंड राइटिंग में फर्जी दर्ज किया गया हैं, इसका विवरण नही हैं।
 
भोरमदेव प्रमाणक क्र. डब्लू एल 61, 62 एवं 63 माह 10.2016 में चालान क्रमांक 753, 754 एवं 755 को ही बिल बनाकर भुगतान दर्शा दिया गया हैं। फर्नीचर क्रय लघु उद्योग नियम से स्वीकृत अधिकृत दुकान से क्रय नही किया गया हैं, यह अवैधानिक हैं। भोरमदेव प्रमाणक क्र. डब्लू एल 85, 88, 89, 92, 93, 96, 97, 100, 101, 104, 105 एवं 107 में ट्रेक्टर से की गई मिट्टी ढुलाई में व्हाइड्स काटने का कोई प्रमाण नही हैं, गणितीय व्याख्या ही नही हैं अतः वसूली के योग्य हैं। सभी प्रमाणको का मेजरमेंट बुक में इंट्री ही नही हैं अतः प्रमाणक फर्जी हैं, प्रमाणको में कोई ब्यौरा नही हैं।
 
चिल्फी अभ्यारण्य के प्रमाणक क्र. सी. एल. 40 माह 12.2016 में षासकीय स्वीकृत दर से कार्य नही कराया गया हैं। संलग्न बिल टैक्स पेड नही हैं भोरमदेव प्रमाणक क्र. डब्लू एल 10 एवं 11 माह 08.2016 में कोटेशन नही हैं, बिना कोटेशन स्वीकृति के खरीदी की गई हैं। व.म.अ. ने स्वीकृति कैसे दे दिया।
 
आप कब तक ख़ामोश रहेंगें माननीय मन्त्री महोदय ये प्रजातंत्र है ,जनता ने आपको चुन कर मंत्री बनाया है आपको इन भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही तो करनी ही पड़ेगी आप और आपकी सरकार नहीं करेगी तो विपक्ष विधानसभा में न्याय के लिए आवाज़ उठाएगा वहाँ न्याय नहीं मिलेगा तो न्यायपालिका से याचना करेंगें कहीं तो न्याय जरूर मिलेगा हम आपको आपका शपथ याद दिलाते है जो कि आपने नामांकन भरने से लेकर मन्त्री बनने तक लिया था शायद आपकी अन्तर्रात्मा जागे  वन मंत्री जी, भारत के संविधान के तहत आपने मंत्री पद की शपथ लेते हुवे कहा है कि.. 
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लेकिन आप इनसे दूर अपने अनुराग स्वार्थ, द्वेष पक्षपात के साथ काम कर रहें है।

                                       ( 
लोकतंत्र कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ए.एस.करीम खान के द्वारा दी गई जानकारी  अनुसार )

छत्तीसगढ़ वन विभाग देश का सबसे बड़ा भ्रष्टाचार का गढ़ बना, उपर से संरक्षण

छत्तीसगढ़ वन विभाग देश का सबसे बड़ा भ्रष्टाचार का गढ़ बना, उपर से संरक्षण

30-Aug-2017
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छत्तीसगढ़ राज्य का वन विभाग शायद भारत देश का सबसे बड़ा भ्रष्टाचार का केन्द्र बना हुआ है, जहाँ वन विभाग के अधिकारियों के सबसे अधिक मामले सामने आ रहे है जिन्हें ऊपर से ही पूरा संरक्षण मिला हुआ है, फ़िर “सैय्या भये कोतवाल तो अब डर काहे का?” छत्तीसगढ़ वन विभाग में अधिकारी तो छोटी मछलियाँ है जो पदस्थापना की वफ़ादारी के एवज में सरकारी पैसो को भ्रष्ट तरीके से अपने आका तक पहुंचाने का काम करते है, जिस तरह से महाराष्ट्र में छगन भुजबल ने भ्रष्टाचार किया था जिन्हे जेल जाना पड़ा था उसी तरह छहत्तीसगढ़ में भी कई छगनभुजबल है जिनके भ्रष्टाचार की देर-सबेर जाँच के दायरे में आने ही वाली है |

अभी ये पॉवर में है जी भरके सत्ता का खूब मज़े ले रहे है और छत्तीसगढ़ की जनता की गाढ़ी कमाई को दोनों हाथो से लूट रहे है, जिस दिन पाप का घड़ा भरेगा मुँह छिपाने के लिए जेल में ही जगह मिलने वाली है वैसे भी इनके पुराने पापों की जाँच भी अभी होनी बाकि है क्योकि सबूत तो दस्तावेजों में है देर सबेर न्यायपालिका जरूर न्याय करेगा अब छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय जॉंच एजेंसियों पर भरोसा करना बे - मानी होगा क्योकि यहाँ तो सर से पाँव तक सब के सब एक ही थैले के चट्टे-बट्टे नज़र आते है अब राज्य स्तरीय जाँच करने के स्थान पर सी.बी.आई.जाँच कराने की  आवश्यकता है | फिर देखिए कैसे बड़ी मछलियाँ जाल में फंसती है ? वैसे भी एक अयोग्य और नकारे व्यक्ति से क्या उम्मीद की जा सकती है ?
 
वन विभाग के भ्रष्ट अधिकारियो के खिलाफ इतने आरोप और प्रकरण लंबित होने के बाद भी कोई कार्यवाही का नहीं होना कई संदेहो को जन्म देता है की इन भ्रष्टाचारों के पीछे कौन है ? जनता देख भी रही है और समझ भी रही है | हमारे द्वरा वन विभाग में हो रहे भ्रष्टाचार पर लगातार खुलासा, “खुलासपोस्ट न्यूज़ नेटवर्क” के द्वारा किया जा रहा जिसकी 5 वीं कड़ी में आज आलोक तिवारी के भ्रष्टाचारों पर नया खुलासा करेंगे लेकिन अफ़सोस की बात है, इनके आकाओं के कान में जूं तक नहीं रेंगती क्योकि जनता के खून पसीने की कमाई के लूट में ये भी तो बड़े हिस्सेदार है ?
वनमंडल कवर्धा में सरोदा-दादर में बन रहे रिसॉर्ट हेतु विभिन्न कार्य बाबत पर्यटन मंडल रायपुर से स्वीकृत राशि 30,14,228 रु एवं 24,55,000 कई माहो से वनमंडल कवर्धा में जमा था। चूँकि कार्य असंभव और औचित्यहीन था अतः तत्कालीन अधीक्षक ने कार्य नहीं कराने का मन बनाया । 

 
जैसे ही तत्कालीन अधीक्षक का अगस्त में ट्रांसफर हुआ तत्कालीन डी.एफ.ओ. श्री आलोक तिवारी ने बिलासपुर के अपने चहेते संस्था को काम दे दिये साथ ही फेब्रिकेशन टंकी का काम अपने भाई के फर्म आदित्य इंटरप्राइजेस, रायपुर को दे दिया । उपरोक्त कार्य बिना प्राकलन के पुनरीक्षित कर डी.एफ.ओ. और प्रभारी अधीक्षक द्वारा कार्य प्रारंभ कर स्वीकृत राशि की बुकिंग शुरू की गई परिणामस्वरूप राशि अधिक व्यय हो गई ।
 
उक्त राशि को भी पर्यटन मंडल से मैनेज कर राशि प्राप्त कर ली गई । अनाप-शनाप खर्च किया जाकर भुगतान डी.एफ.ओ. द्वारा किया गया । प्रश्न यह है कि इन कार्यों को कराने का कोई अनुभव वन विभाग के पास नहीं था, दूसरा पी.ए. क्षेत्र था, तीसरा औचित्यहीन था फिर प्रभारी अधीक्षक द्वारा अधिक रूचि लिया जाना वह भी प्रभारी के रूप में भ्रष्टाचार साबित करता है।

 
दोनों ही टंकियों में पानी कहाँ से भरा जाएगा यह न तो पर्यटन विभाग के एम.डी. ने देखना चाहा न ही आलोक तिवारी और प्रभारी अधीक्षक ने देखने की जहमत उठाई इन्हें तो मात्र भ्रष्टाचार की राशि ही नजर आ रही थी कि वह राशि को कैसे समाप्त करें। उपरोक्त कार्यों के प्रमाणक बनाकर प्रस्तुत कर कमीशन खोरी कर लिया गया । आज की स्थिति में पानी टंकी में पानी भरना तो दूर लगाए गए लोहों में तक जंग लग्न शुरू हो गया हैं इन टंकियो से एक बूंद पानी रिसॉर्ट को नहीं मिल सकता है, इस औचित्यहीन व्यय की राशि वसूली योग्य हैं। तत्कालीन डी.एफ.ओ. और प्रभारी अधीक्षक से वसूल की जावे क्योंकि उन्होंने ही यह कार्य पूर्ण कराया हैं । स्थल अनुपयुक्त होते हुए भी कार्य कराया गया जो कि 100 प्रतिशत फेल हैं । 
 
सी.सी दोनों ही टंकियों में पानी कहाँ से भरा जाएगा यह न तो पर्यटन विभाग के एम.डी. ने देखना चाहा न ही आलोक तिवारी और प्रभारी अधीक्षक ने देखने की जहमत उठाई इन्हें तो मात्र भ्रष्टाचार की राशि ही नजर आ रही थी कि वह राशि को कैसे समाप्त करें। उपरोक्त कार्यों के प्रमाणक बनाकर प्रस्तुत कर कमीशन खोरी कर लिया गया । आज की स्थिति में पानी टंकी में पानी भरना तो दूर लगाए गए लोहों में तक जंग लगना शुरू हो गया हैं इन टंकियो से एक बूंद पानी रिसॉर्ट को नहीं मिल सकता है, इस औचित्यहीन व्यय की राशि वसूली योग्य हैं। तत्कालीन डी.एफ.ओ. और प्रभारी अधीक्षक से वसूल की जावे क्योंकि उन्होंने ही यह कार्य पूर्ण कराया हैं । स्थल अनुपयुक्त होते हुए भी कार्य कराया गया जो कि 100 प्रतिशत फेल हैं । सी.सी रोड़ का कुल प्राकलन 24,55,000 का था जिसको जबरदस्ती हाईवे सरीके बनाने के लिये खर्च बढ़ाकर राशि का बंदरबाट किया गया है ।     

खुलासा पोस्ट वन विभाग के अधिकारियो के किए कारनामों को प्रकाशित करने के साथ ही इस मामले की शिकायत सी.बी.आई न्यायलय में प्रकरण दर्ज करने वाला है  ।