देश प्रेम, अनुशासन और नेतृत्व का पाठ सीखते हैं एनसीसी कैडेट : डॉ. रमन सिंह

देश प्रेम, अनुशासन और नेतृत्व का पाठ सीखते हैं एनसीसी कैडेट : डॉ. रमन सिंह

03-Feb-2018

रायपुर : मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि राष्ट्रीय कैडेट कोर (एन.सी.सी.) के कैडेट के रुप में विद्याथियों में देश प्रेम, अनुशासन, साहस, सामूहिकता, एकता और समाज के प्रति जवाबदेही जैसे सर्वश्रेष्ठ गुणों का विकास होता है, जो जीवन भर साथ रहते हैं। व्यक्तित्व विकास के साथ विद्यार्थी एक जिम्मेदार नागरिक बनते हैं।

    मुख्यमंत्री आज राजधानी रायपुर के सेजबहार स्थित शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज में आयोजित राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के रायपुर समूह के 126 कैडेटों के सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश एनसीसी निदेशालय की ओर से इन 126 कैडेटों ने 26 जनवरी को नई दिल्ली में आयोजित गणतंत्र दिवस के राष्ट्रीय समारोह की परेड में शानदार प्रदर्शन किया था। इन कैडेटों के सम्मान के लिए इस समारोह का आयोजन किया गया। कैडेटों के इस समूह में रायपुर ग्रुप के 38 कैडेट शामिल थे। रायपुर ग्रुप के कैडेटों ने गणतंत्र दिवस की राष्ट्रीय परेड में शानदार प्रदर्शन करके प्रतिष्ठित ‘मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप बैनर’ जीता। मुख्यमंत्री ने रायपुर ग्रुप को मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप बैनर और ट्राफी प्रदान की। उन्होंने कैडेटों के इंदौर, जबलपुर सहित अन्य ग्रुप के कैडेटो को अलग-अलग वर्गों में शानदार प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने बेस्ट एन.सी.सी. अधिकारी, बेस्ट एन.सी.सी. कैडेटो को अवार्ड, मेडल और स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि वे भी स्कूल के समय एन.सी.सी. कैडेट थे। एन.सी.सी. कैडेट के रूप में उन्होंने अनुशासन, नेतृत्व और साहस जैसे गुण सीखे। कैडेट बनने के बाद उनके व्यक्तित्व में निखार आया। मुख्यमंत्री ने कहा कि एन.सी.सी. कैडेट के रूप में सीखे गए गुण जीवन भर काम आते हैं। कैडेटो को अपने इन गुणों को और अधिक विकसित करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रसन्नता का विषय है कि इस वर्ष  एनसीसी निदेशालय मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ के 126 सर्वश्रेष्ठ कैडेटों के दल को विगत माह नवम्बर -दिसम्बर 2017 में रायपुर ग्रुप द्वारा प्रशिक्षण दिया गया और गणतंत्र दिवस के राष्ट्रीय समारोह के लिए तैयार किया गया। इन सभी कैडेटों ने नई दिल्ली के गणतंत्र दिवस समारोह में कई कार्यक्रमों और प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया और कई पदक जीते।  

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनांदगांव और कोरबा में एन.सी.सी. की दो बटालियन स्थापित की जा रही है और रायपुर जिले के आरंग विकासखंड के लखोली गांव में एन.सी.सी. विशेष प्रशिक्षण अकादमी खोली जा रही है। देश में ऐसी मात्र चार प्रशिक्षण अकादमी हैं। उन्होंने सम्मानित होने वाले सभी कैडेटों को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उन्होंने गणतंत्र दिवस की राष्ट्रीय परेड में अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन से छत्तीसगढ़ और मध्यप्र्रदेश को गौरवान्वित किया।

एन.सी.सी. के मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ निदेशालय के एडिशनल डायरेक्टर जनरल मेजर जनरल श्री मुकेश के दत्ता और एन.सी.सी. छत्तीसगढ़ के ग्रुप कमांडर ब्रिगेडियर डी.बी पाणि ने भी समारोह को सम्बोधित किया। संचालक लोक शिक्षण श्री एस. प्रकाश सहित स्थानीय एन.सी.सी. यूनिट के कमान अधिकारी, विश्वविद्यालय के कुलपति,कॉलेज और स्कूलों के प्राचार्य, एन.सी.सी. कैडेट और उनके अभिभावक, अनेक वरिष्ठ अधिकारी और प्रबुद्ध नागरिक इस अवसर पर बड़ी संख्या में उपस्थित थे। एन.सी.सी. कैडेटो ने इस अवसर पर गणतंत्र दिवस के अवसर पर नई में प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों की झलक दिखायी।

मुख्यमंत्री ने हर्बल कंपनियों को दिया राज्य में पूंजी निवेश का न्यौता

 छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने वनौषधियों के उत्पादन के लिए देश की बड़ी नामी-गिरामी हर्बल कम्पनियों को राज्य में पूंजी निवेश और उद्योग लगाने का न्यौता दिया है। डॉ. सिंह ने आज यहां वनौषधियों पर केन्द्रित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी - वनौषधि छत्तीसगढ़  2018’‘का शुभारंभ करने के बाद समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने इस अवसर पर आयोजक संस्था छत्तीसगढ़ राज्य औषधीय पादप बोर्ड द्वारा प्रकाशित स्मारिका का विमोचन भी किया।

    मुख्यमंत्री ने संगोष्ठी में आए वनौषधि निर्माता कंपनियों को छत्तीसगढ़ में वनौषधियों की खेेती, उनके उत्पादन और बाजार व्यवस्था की संभावनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की बहुमूल्य वन सम्पदा में वनौषधियों के पेड़-पौधे का भी बड़ा योगदान है। राज्य में हर्बल खेती का भी तेजी से विकास हो रहा है। यह हमारे वनवासी परिवारों की अतिरिक्त आमदनी का एक बड़ा जरिया है। वनौषधि आधारित उद्योग लगने पर इनके संग्रहण में लगे वनवासी भाई-बहनों को रोजगार के लिए अच्छा बाजार मिलेगा।

डॉ. रमन सिंह ने निवेशकों से कहा -  अगर आप चाहें तो अपनी पांच वर्ष की कार्य योजना बनाकर सम्मेलन के दूसरे दिन यानी कल ही इसके लिए यहां पर राज्य सरकार के साथ एम.ओ.यू. कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने उनसे आग्रह किया कि वे इसके लिए छत्तीसगढ़ राज्य वनौषधि बोर्ड और राज्य औद्योगिक विकास निगम के पदाधिकारियों के साथ चर्चा करें। राष्ट्रीय संगोष्ठी के शुभारंभ समारोह की अध्यक्षता केन्द्रीय इस्पात राज्य मंत्री श्री विष्णु साय ने की। छत्तीसगढ़ राज्य औषधीय पादप बोर्ड द्वारा आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में लगभग 400 परम्परागत वैद्यों सहित कई बड़ी कम्पनियों के पदाधिकारी हिस्सा ले रहे हैं। इसका आयोजन यहां शासकीय विज्ञान महाविद्यालय परिसर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय आडिटोरियम में किया गया है।

मुख्य अतिथि की आसंदी से शुभारंभ समारोह में डॉ. रमन सिंह ने कहा पूरी  परम्परागत खेती के साथ-साथ पशुपालन, डेयरी, उद्यानिकी और वानिकी से संबंधित कार्य भी कृषि क्षेत्र से सम्बद्ध  हैं। दुनिया में और विशेष रूप से भारत के छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में वनोपजों का उत्पादन और संग्रहण वनवासियों के आर्थिक स्वावलंबन का एक बड़ा महत्वपूर्ण जरिया है।     डॉ. सिंह ने कहा - पूरी दुनिया में हर्बल दवाइयों का बाजार तेजी से बढ़ रहा है। निकट भविष्य में यह सबसे बड़ा बाजार होगा। आज की स्थिति में हर साल इसमें 10 से 15 प्रतिशत की वृद्धि हो रही है। दुनिया के हर्बल बाजार का लगभग 65 प्रतिशत हिस्सा चीन के हाथों में है। ऐसे में भारत को भी इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ने की जरूरत है। इसमें भारत के छत्तीसगढ़ जैसे नये राज्य की भी एक बड़ी भागीदारी होगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में वनौषधियों की खेती, हर्बल दवाइयों के उत्पादन और उन्हें बाजार तक पहुंचाने की काफी अच्छी संभावनाएं है।

हमारे यहां काफी बड़ा वन क्षेत्र है। बस्तर जैसे इलाके में हजारों-लाखों एकड़ में वन हल्दी, वन तुलसी आदि प्रजातियों के पौधे मिल सकते हैं। इसके लिए व्यापक सर्वेक्षण की भी जरूरत है।  धमतरी में हर्रा, बहेड़ा, आंवला आदि वनोपजों और जड़ी-बूटियों  का एक बड़ा राष्ट्रीय बाजार विकसित हो गया है। प्रदेश का मौसम भी काफी अनुकूल है। इन तमाम अनुकूलताओं को देखते हुए राज्य में निवेशकों को वनौषधि प्रसंस्करण उद्योग लगाने के लिए सरकार हर जरूरी मदद करने को तैयार है। मुख्यमंत्री ने कहा - राज्य सरकार ने सभी जिलों में स्थानीय स्तर पर मिलने वाले वनौषधीय महत्व के पेड़-पौधों को चिन्हांकित किया है। नर्सरी भी विकसित की जा रही है।

 डॉ. सिंह ने कहा - नया रायपुर स्थित जंगल सफारी के नजदीक प्रदेश सरकार ने 500 एकड़ में हर्बल गार्डन विकसित किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य औषधीय पादप बोर्ड द्वारा पूरे प्रदेश में वनौषधियों के संरक्षण, संवर्धन और उनकी खेती को बढ़ावा देने के हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य औद्योगिक विकास निगम द्वारा वनौषधि निर्माताओं को प्रदेश की उद्योग नीति के तहत सभी जरूरी सुविधाएं दी जाएंगी। टैक्स में कुछ रियायत देने के बारे में भी विचार किया जा सकता है। संगोष्ठी में राष्ट्रीय स्तर के वनौषधि निर्माता और विषय विशेषज्ञ मौजूद हैं, जिनके विचार हम सबके लिए काफी उपयोगी है।

डॉ. सिंह ने कहा कि देश और दुनिया में लगभग 76 प्रकार के औषधीय महत्व के पेड़-पौधों की प्रजातियां विलुप्त होने की कगार पर हैं। उन्हें संरक्षित करने के लिए भी प्रयास जरूरी है। टिश्यू कल्चर के जरिये ऐसा किया जा सकता है। इसके लिए हमने छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में लैब की भी स्थापना की है। मुख्यमंत्री ने कहा - वन क्षेत्र के लोगों और वन समितियों को साथ लेकर वनौषधियों की खेती को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार पूरी गंभीरता से प्रयास कर रही है। इसके लिए फंड की कोई कमी नहीं है। कैम्पा निधि, जिला खनिज विकास निधि (डी.एम.एफ.) आदि मदों से हम उन्हें फंडिंग कर सकते हैं।

शुभारंभ समारोह  की अध्यक्षता करते हुए केन्द्रीय इस्पात राज्य मंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि लगभग 44 प्रतिशत वन क्षेत्र वाले छत्तीसगढ़ में वनौषधियों के पेड़-पौधों की भरमार है। इनका समुचित और संतुलित दोहन किया जा रहा है। एक बहुत बड़ी ग्रामीण आबादी का पालन -पोषण इन्हीं वनौषधियों के संग्रहण कार्य से होता है। सम्पूर्ण आयुर्वेद वनौषधियों पर ही आधारित है। इसके महत्व को देखते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने केन्द्र में अलग से आयुष मंत्रालय की भी स्थापना की है। केन्द्रीय राज्य मंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ में वनौषधियों की खेती को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।

संगोष्ठी के शुभारंभ समारोह में छत्तीसगढ़ राज्य औषधीय पादप बोर्ड के अध्यक्ष श्री रामप्रताप सिंह, उपाध्यक्ष श्री जे.पी. शर्मा,  वन विकास निगम के अध्यक्ष श्री श्रीनिवास राव मद्दी, छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम (सी.एस.आई.डी.सी.) के अध्यक्ष श्री छगन लाल मुंदड़ा, राज्य कृषि एवं बीज निगम के अध्यक्ष श्री श्याम बैस, राज्य सहकारी बैंक (अपेक्स बैंक) के अध्यक्ष श्री अशोक बजाज, माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष श्री चन्द्रशेखर पांडे़, छत्तीसगढ़ दुग्ध सहकारी महासंघ के अध्यक्ष श्री रसिक परमार, राज्य अन्त्यावसायी सहकारी विकास निगम के अध्यक्ष श्री निर्मल सिन्हा, मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष मिर्जा एजाज बेग, प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव श्री अजय सिंह, वन विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री सी.के. खेतान, छत्तीसगढ़ राज्य औषधीय पादप बोर्ड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री शिरीष चन्द्र अग्रवाल और अन्य संबंधित संस्थाओं के पदाधिकारी, कॉलेजों के विद्यार्थी तथा अनेक वरिष्ठजन उपस्थित थे। राज्य औषधीय पादप बोर्ड के अध्यक्ष श्री रामप्रताप सिंह ने स्वागत भाषण दिया। वन विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री सी.के. खेतान ने भी शुभारंभ समारोह को सम्बोधित किया।


रायपुर : पूर्व मुख्य सचिव सुनील कुमार बने मुख्यमंत्री सलाहकार, आदेश जारी

रायपुर : पूर्व मुख्य सचिव सुनील कुमार बने मुख्यमंत्री सलाहकार, आदेश जारी

01-Feb-2018

रायपुर : राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्य सचिव और राज्य योजना के उपाध्यक्ष सुनील कुमार को मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह का सलाहकार बनाया है इस बारे में रमन सरकार के द्वारा आदेश जारी किया गया है सुनील कुमार एक सलाहकार के रूप में सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों का मुल्यांकन करेंगे और उससे संबंधित सुझाव मुख्यमंत्री को देंगे। 

 
 
 

केन्द्र के नये बजट से साकार होगा ‘सबका साथ-सबका विकास’ का संकल्प: डॉ. रमन सिंह

केन्द्र के नये बजट से साकार होगा ‘सबका साथ-सबका विकास’ का संकल्प: डॉ. रमन सिंह

01-Feb-2018

रायपुर : छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि केन्द्र सरकार आगामी वित्तीय वर्ष 2018-19 के बजट का स्वागत किया है। उन्होंने कहा है कि यह देशवासियों की बेहतरी के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की सर्वोच्च प्राथमिकताओं का बजट है, जो विगत वर्षों की तरह नये वित्तीय वर्ष में भी देश के विकास और गांव-गरीब तथा किसानों के जीवन में उत्साहजनक और सकारात्मक बदलाव लाने में सहायक होगा। उन्होंने इसे एक ऐतिहासिक, लोक हितैषी और क्रांतिकारी बजट बताया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि केन्द्रीय बजट में ‘सबका साथ-सबका विकास’ के लिए प्रधानमंत्री के संकल्प के साकार होने के उज्ज्वल संकेत मिल रहे हैं।

    डॉ. सिंह ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और वित्त मंत्री श्री अरूण जेटली को संसद में आज पेश किए गए आगामी वर्ष के बजट के लिए उन्हें बधाई दी है। डॉ. सिंह ने केन्द्रीय बजट पर यहां जारी अपनी त्वरित प्रतिक्रिया में कहा - वित्त मंत्री श्री जेटली ने आगामी वर्ष के बजट में कई ऐसे लोक कल्याणकारी प्रावधान किए है, जिनका लाभ छत्तीसगढ़ की जनता को भी मिलेगा। बजट में किसानों को उनकी फसलों की लागत का डेढ़ गुना न्यूनतम समर्थन मूल्य देने की जो घोषणा की गई है, उसका फायदा देश के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के किसानों को भी मिलेगा। इतना ही नहीं इस बजट में किसानों को फसलों का बेहतर बाजार दिलाने के उद्देश्य से कृषि बाजार के विकास के लिए दो हजार करोड़ रूपए का प्रावधान, कृषि ऋणों के लिए 11 लाख करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।

    डॉ. रमन सिंह ने कहा - खेती-किसानी को बेहतर बनाने के नेक इरादे के साथ उनकी आमदनी को दोगुना करने का जो संकल्प मोदी सरकार ने लिया है, इस बजट में किए गए कल्याणकारी प्रावधानों से उनका वह संकल्प तेजी से साकार हो सकेगा। डॉ. रमन सिंह ने कहा कि श्री जेटली ने बजट में कृषि प्रधान भारत की उभरती अर्थव्यवस्था के अनुरूप राज्यों के साथ मिलकर काम करने की दिशा में भी कई अच्छे प्रावधान किये हैं। जीएसटी को आसान बनाकर अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने का प्रयास इस बजट में किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा - आयुष्मान भारत के तहत दो नये प्रावधान लागू करके प्रति परिवार सालाना 5 लाख रूपए तक स्वास्थ्य सुविधा और टीबी के मरीजों को पौष्टिक आहार के लिए हर महीने पांच सौ रूपए की सहायता देने की घोषणा भी ऐतिहासिक है और स्वागत योग्य है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुसूचित जाति वर्ग के विकास के लिए केन्द्र ने अपने नये बजट में 56 हजार करोड़ रूपए से ज्यादा राशि का एस.सी. कल्याण फण्ड बनाया है। आदिवासी क्षेत्रों में संचालित वहीं एकलव्य आदर्श विद्यालयों को नवोदय विद्यालयों की तर्ज पर विकसित करने की घोषणा की गई है। इन घोषणाओं का  छत्तीसगढ़ को भी निश्चित रूप से फायदा मिलेगा। डॉ. सिंह ने कहा - केन्द्र के नये बजट में 70 लाख से ज्यादा नौकरियों के सृजन की घोषणा देश के युवाओं के लिए नई उम्मीदों का पैगाम लेकर आयी है।


बेमेतरा : बेरला रोड़ में मेटाडोर पलटी, 3 की मौत, 11 गंभीर रूप से घायल

बेमेतरा : बेरला रोड़ में मेटाडोर पलटी, 3 की मौत, 11 गंभीर रूप से घायल

01-Feb-2018

बेमेतरा : बेमेतरा जिले के बेरला रोड़ में बीती रात बुधवार 31 जनवरी को एक मेटाडोर के पलटने की खबर मिली है जिसमे 3 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई मिली जानकारी अनुसार सहसपुर थाना के ग्राम ढोरली निवासी अपने रिश्तेदार के घर बेरला के सेमरिया में एक मेटाडोर से छठ्ठी कार्यक्रम में आए हुए थे। वापस लौटते समय मेटाडोर ग्राम सिवार तालाब मोड़ के पास अनियंत्रित होकर पलट गई इस हादसे में तीन लोग जानकी बाई यादव (35), रैमत बाई निषाद (40) ढोरली निवासी की घटनास्थल में ही मौत हो गई एक की शिनाख्त नहीं हो पाया था वहीँ 20 से ज्यादा लोग घायल हो गए जिसमें से 11 लोगों को गम्भीर हालत में उपचार के लिए रायपुर रेफर किया गया है वहीं अन्य घायलों का बेरला के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व जिला अस्पताल में इलाज कराया जा रहा है। बताया जा रहा है की मेटाडोर में कुल 45 लोग सवार थे। पुलिस मामला दर्ज कर जांच कर रही है. जांच अधिकारी केआर उईके ने बताया कि मृतकों का पीएम बेरला में ही किया जा रहा है. 

 
 
 

मुख्यमंत्री ने किसान को लगाया फोन कहा............ प्रेमनगर आहूं त तुंहर से मुलाकात होही

मुख्यमंत्री ने किसान को लगाया फोन कहा............ प्रेमनगर आहूं त तुंहर से मुलाकात होही

31-Jan-2018

रायपुर : मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने प्रदेश के किसानों को आज एक बार फिर गर्मी के मौसम में धान की फसल नहीं लेने और उसके स्थान पर चना और गेहूं की खेती करने की सलाह दी है। उन्होंने कहा है कि गर्मियों में वैसे भी आम तौर पर भू-जल स्तर कुछ नीचे चला जाता है और इस मौसम में धान की फसल को पानी की बहुत ज्यादा जरूरत होती है। गांव का पूरा पानी गर्मी का धान खींच लेता है, जबकि रबी की फसलों में पानी कम लगता है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि इसे देखते हुए सभी किसानों को गर्मियों में गेहूं और चने जैसी रबी फसलों की खेती पर ध्यान देना चाहिए। मुख्यमंत्री ने आज अपने निवास कार्यालय से राजनांदगांव जिले के ग्राम पेण्ड्रीकला (विकासखंड-खैरागढ़)  एक किसान श्री योगेश कुमार को टेलीफोन पर यह सलाह दी। डॉ. सिंह ने हर महीने होने वाले अपने ‘जनसंवाद’ कार्यक्रम के तहत श्री योगेश कुमार सहित सूरजपुर जिले के ग्राम रघुनाथपुर (विकासखंड प्रेमनगर) निवासी श्री सुरेश कुमार, बस्तर  जिले के ग्राम दरभा निवासी श्री सोमसिंह और रायगढ़ जिले ग्राम धानीगनवां (विकासखंड-बरमकेला) के श्री हेमानंद को अचानक टेलीफोन लगाया और उनसे अलग-अलग बाचतीत करते हुए उनके गांवों का, गांव वालों का और घर परिवार का हाल-चाल पूछा।

उन्होंने इन ग्रामीणों से गांव में उपलब्ध चिकित्सा व्यवस्था, राशन दुकानों स्कूलों, और आंगनबाड़ी केन्द्रों की स्थिति, सिंचाई और सड़क सुविधाओं की भी जानकारी ली। मुख्यमंत्री का फोन अचानक पहुंचने पर इन ग्रामीणों में आश्चर्य मिश्रित खुशी देखी गई। डॉ. सिंह ने ग्रामीणों से कहा - आज कल मैं गांव वालों को सीधे फोन लगाकर उनका हालचाल और गांवों में योजनाओं तथा विकास कार्याें की स्थिति के बारे में पूछ रहा हूं। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री का जनसंवाद कार्यक्रम 17 सितम्बर 2017 से शुरू हुआ है।

    डॉ. रमन सिंह ने आज के ‘जनसंवाद’ राजनांदगांव जिले के पेण्ड्रीकला निवासी श्री योगेश कुमार को फोन लगाकर कहा - डॉ. रमन बोलत हं। का हाल हे योगेश जी ? गांव म सब बने-बने तो हवय ? पिये के पानी के का सुविधा हे ? राशन दुकान कइसे चलत हे ? योगेश ने बताया - राशन दुकान ठीक चल रही है समय पर राशन मिल जाता है। पेयजल के लिए नल लगा है, लेकिन बोरिंग में कुछ समस्या है। गांव में आठवीं कक्षा तक स्कूल है। शिक्षक भी है दर्ज संख्या भी पर्याप्त है। आंगनबाड़ी केन्द्र में हर हफ्ते टीकाकरण हो रहा है। श्री योगेश ने कहा कि गांव की गलियों में सीमेंट कांक्रीटीकरण हुआ था, जो अब कहीं-कहीं पर कुछ खराब हो गया है। मरम्मत की जरूरत है।

बिजली की कोई दिक्कत नहीं है। गांव में सिंचाई पम्प भी पर्याप्त संख्या में है। मुख्यमंत्री ने जब उनसे पूछा कि गर्मियों के मौसम में कौन-सी फसल लेने की तैयारी है, इस पर उन्होंने बताया कि किसान रबी में धान की खेती करते हैं। मुख्यमंत्री ने उनसे कहा कि किसानों को समझाएं कि धान की फसल गर्मियों में नहीं लेनी चाहिए, क्योंकि गर्मी के मौसम में पेयजल हम सबकी पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। इस मौसम में धान की खेती करेंगे तो अधिकांश पानी धान सोख लेगा। इसलिए गेहूं और चने जैसी फसलों की खेती करें। मुख्यमंत्री ने योगेश को स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड के बारे में भी बताया और कहा कि राज्य सरकार अब इस योजना के तहत प्रत्येक परिवार को वार्षिक 30 हजार रूपए के स्थान पर 50 हजार रूपए तक निःशुल्क इलाज की सुविधा दे रही है। अगर किसी परिवार का कार्ड नहीं बना है तो जल्द बनवा ले। योगेश ने मुख्यमंत्री को बताया कि ग्राम पेण्ड्रीकला से जिला मुख्यालय राजनांदगांव और कवर्धा सहित अपने ब्लॉक मुख्यालय खैरागढ़ तक बारह मासी सड़क की सुविधा है।  

    डॉ. सिंह ने सूरजपुर जिले के ग्राम रघुनाथपुर (विकासखंड-प्रेमनगर) निवासी सुरेश कुमार से भी उनके पंचायत क्षेत्र में संचालित योजनाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने सुरेश से पूछा - गांव में शौचालय का निर्माण हो गया है क्या ? इस पर सुरेश कुमार ने उन्हें बताया कि शत-प्रतिशत घरों में शौचालय बन चुके हैं। राशन दुकान उनके घर से एक किलोमीटर की दूरी पर है और स्व-सहायता समूह के जरिये उसका संचालन सुंदर ढंग से हो रहा है। आंगनबाड़ी केन्द्रों में हर हफ्ते टीकाकरण भी हो रहा है।

मिडिल स्कूल तक शिक्षा की व्यवस्था है। मुख्यमंत्री ने उनसे शिक्षा की गुणवत्ता के बारे में पूछा तो सुरेश ने बताया कि गुणवत्ता ठीक है, लेकिन कभी-कभी शिक्षक हड़ताल पर चले जाते हैं तो दिक्कत होती है। स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में पूछने पर सुरेश कुमार ने मुख्यमंत्री को बताया कि प्रेमनगर के अस्पताल में डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने की जरूरत है। सौर सुजला योजना में दो किसानों के खेतों में सोलर सिंचाई पम्प लग चुके हैं। गांव में शत-प्रतिशत विद्युतीकरण हो गया है। हर घर में बिजली पहुंच गई है। मुख्यमंत्री ने उनसे कहा - प्रेमनगर आहूं त सुरेश तुंहर से मुलाकात होही।


बया अनिश्चितकालीन धरना का नौवां दिन.

बया अनिश्चितकालीन धरना का नौवां दिन.

31-Jan-2018

 महासमुंद/पिथौरा / नितीन गुप्ता 

ग्राम बयां - जन संघर्ष समिति बार क्षेत्र व दलित आदिवासी मंच के बेनर तले हजारो वनवासी वनविभाग के ताना शाही  एवं  पुलिस द्वारा वन विभाग के  रेंजर संजय रौतिया  को बचाने के विरोध में अब जन सैलाब बढ़ते जा रही है अब ये लड़ाई बार अभ्यारण की नही छत्तीसढ़ के 60 प्रतिशत वन वासियो की हो गई है  पूर्व सांसद सोहन पोटाई  व सर्व आदिवासी संरक्षक छग ने कहा कि राजकुमार के ऊपर जो धारा जो लगाई गई है बे बुनियाद  है उन्हों ने डॉक्टर बाबा साहब भीम राव अम्बेडकर द्वारा बनाई गई अनुसूचित जाति अनुसूचित जन जाती अत्याचार निवारण अधिनियम के धार के तहत आदिवसियों के साथ शारीरिक मानसिक आर्थिक रूप से जो चोट पहुचायेगा उसके ऊपर SC/ ST  ACT  के तहत कारवाही होनी चाहिए और यहाँ बया के चौकी प्रभारी संतोष साहू के खिलाफ भी SC.ST Atrociti ACT  के तहत धारा लगाना चाहिए कियोकि जो दोसी को बचाने का प्रयास किया सर्व आदिवसी बया के इस न्याय संगत लड़ाई में कंधे से कंधे मिलाकर राजधानी तक इस लड़ाई को लड़ा जाएगा  छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के अमित बघेल ने कहा की बार नयापारा में पदस्थ रेंजर मात्र 5 वर्षों के कार्यकाल में करोड़ों रुपए की संपत्ति कहाँ से अर्जित की ।

पिथौरा में नेशनल हाइवे के किनारे करोड़ों का बंगला , फार्म हाउस, 20 लाख की चमचमाती गाड़ी , कन्तरा नाला के पास निर्माणाधीन होटल  आदि की भी जांच कराई जाएगी
आगे सभा को अन्य संगठन के आथियो ने भी संबोधित किया पूर्व विधायक जनक लाल ठाकुर छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्च से अमृत बेदराम बरिहा ज प कसडोल अध्यक्ष  देवगन ज प उपाध्यक्ष संतोष दीवान सोसायटी अध्यक्ष पंडा जी मंडल अध्यक्ष बार सरपंच सम्पत ठाकुर मनराखन ठाकुर पिथौरा  उपसरपंच रामचरण यादव सूंदर बरिहा माधव तिवारी सखा बाई चौहान खेमिन सिंह ठाकुर और दलित आदिवासी मच से देवेंद्र बघेल मंच संचालन राजिम तांडी जी दलित आदिवासी मंच की सयोजिक व पुरषोत्तम प्रधान जी जन संघर्ष समिति बार क्षेत्र अध्यक्ष अमर ध्वज यादव द्वरा लड़ाई में सरीक हुए सभी लीडर को धन्यवाद देते हुय धरना को और गतिशिल बनाने का निर्णय लेते हुए सभा का समापन किया गया l


रायपुर : कल मुख्यमंत्री निवास में नहीं होगा जनदर्शन

रायपुर : कल मुख्यमंत्री निवास में नहीं होगा जनदर्शन

31-Jan-2018

रायपुर : मुख्यमंत्री निवास में कल गुरुवार 1 फरवरी को जनदर्शन नहीं होगा मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह कल जगदलपुर होते हुए तेलांगाना राज्य का दौरा करेंगे। मुख्यमंत्री राजधानी रायपुर से सवेरे 10 बजे शासकीय विमान द्वारा जगदलपुर (बस्तर) जाएंगे। वे सवेरे 11 बजे जगदलपुर से हेलीकाप्टर द्वारा रवाना होकर दोपहर 12 बजे तेलांगाना राज्य के मेडाराम हेलीपेड (जिला भूपालापल्ली जयशंकर) पर पहुंचेंगे। डॉ. सिंह वहां से कार द्वारा रवाना होकर दोपहर 12.15 बजे समाक्का-सरलम्मा जठारा आएंगे और वहां स्थानीय कार्यक्रम में शामिल होने के बाद दोपहर 1.30 बजे समाक्का-सरलम्मा मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना करेंगे। 

 
 
 

छत्तीसगढ़ के हस्तशिल्पियों के हाथों में हजारों वर्ष पुरानी कला को जीवित रखने का जादू: डॉ. रमन सिंह

छत्तीसगढ़ के हस्तशिल्पियों के हाथों में हजारों वर्ष पुरानी कला को जीवित रखने का जादू: डॉ. रमन सिंह

30-Jan-2018

रायपुर : मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि हमारे हस्तशिल्पियों के हाथ में अपनी हजारों वर्षों की परम्परागत कला को जीवित रखने का जादू है। मुख्यमंत्री आज यहां पंडरी स्थित छत्तीसगढ़ हाट परिसर में छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड द्वारा आयोजित दस दिवसीय जगार 2018 के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे। यह अखिल भारतीय हस्तशिल्प एवं हाथ करघा वस्त्रों की भव्य प्रदर्शनी सात फरवरी तक प्रतिदिन पूर्वान्ह 11 बजे से रात्रि नौ बजे तक आम जनता के लिए खुली रहेगी। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ हाट परिसर पंडरी में पद्मश्री सम्मान प्राप्त हस्तशिल्पी स्वर्गीय श्री जयदेव बघेल के नाम पर हस्तशिल्पियों के लिए 20 लाख रूपए की लागत से विश्राम भवन का निर्माण कराने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि हाट परिसर में आने वाले शिल्पियों के लिए यह भवन निःशुल्क उपलब्ध रहेगा। स्वर्गीय श्री जयदेव बघेल कोण्डागांव के सुप्रसिद्ध बेलमेटल शिल्पी थे, जिन्हें शिल्प गुरू का सम्मान भी प्राप्त है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड द्वारा प्रकाशित स्मारिका का विमोचन किया।

    कार्यक्रम की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष श्री गौरीशंकर अग्रवाल ने की। ग्रामोद्योग मंत्री श्री पुन्नूलाल मोहले, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती रमशीला साहू और छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री दीपक ताराचंद साहू, बोर्ड के संचालक मंडल की सदस्य श्रीमती मीना लहरे और श्री प्रदीप सागर विशेष अतिथि के रूप में कार्यक्रम में उपस्थित थे। इस प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ सहित 14 राज्यों मध्यप्रदेश, ओडिशा, आंध्रप्रदेश, तेलंगना, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, नईदिल्ली, उत्तरप्रदेश, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल के लगभग 200 कलाकारों ने अपनी हस्तशिल्प और हाथकरघा वस्त्रों की प्रदर्शनी लगाई है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर पांच शिल्पियों को उनकी उत्कृष्ट कलाकृतियों के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कार से सम्मानित किया।

    मुख्यमंत्री ने समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि जगार के माध्यम से छत्तीसगढ़ सहित देशभर के हस्तशिल्पियों को एक मंच प्रदान करने का प्रयास किया जा रहा है, जहां  उन्हें अपनी कलाकृतियों का प्रदर्शन करने के साथ-साथ दूसरे कलाकारों से भी सीखने का अवसर मिलता है। इस दौरान हस्तशिल्पियों के लिए कार्यशाला का आयोजन भी किया जाता है और उनके कलाकृतियों की बिक्री भी होती है। इस प्रदर्शनी में हस्तशिल्पियों ने ढोकरा, बेलमेटल, टेराकोटा, लौहशिल्प, तुंबाशिल्प, काष्ठशिल्प सहित हाथकरघा वस्त्रों की प्रदर्शनी लगाई है। राजधानी रायपुर सहित छत्तीसगढ़ के लोगों को भी हर वर्ष आयोजित होने वाली जगार प्रदर्शनी का इंतजार रहता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी चाहते हैं हस्तशिल्पी अधिक से अधिक संख्या में शासकीय योजनाओं का लाभ लेकर आगे बढ़े। प्रधानमंत्री ने खादी को बढ़ावा देने के लिए एक व्यक्ति एक खादी वस्त्र का आव्हान किया था। उनके इस आव्हान से खादी वस्त्रों की मांग में 60 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है। छत्तीसगढ़ में भी लगभग 42 लाख लोग हाथकरघा वस्त्रों के उत्पादन से जुड़े हैं।राज्य सरकार इन्हें बढ़ावा देने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है।

    डॉ. सिंह ने कहा कि हस्तशिल्प जीवित रखने और इसे बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है। विधानसभा अध्यक्ष श्री गौरीशंकर अग्रवाल ने समारोह की अध्यक्षता करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के हस्तशिल्पियों ने अपनी कलाकृतियों से देश-विदेश में छत्तीसगढ़ की पहचान बनाई है। समय के साथ-साथ हमारे शिल्पियों की कला में निखार आ रहा है। उन्होंने नई पीढ़ी को भी हस्तशिल्प से जोड़ने की आवश्यकता बतायी। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि गा्रमोद्योग मंत्री श्री पुन्नूलाल मोहले ने बताया कि प्रदेश में 15 हजार हस्तशिल्पी परिवार बोर्ड में पंजीकृत हैं। बोर्ड की प्रशिक्षण योजना के अंतर्गत 8957 हस्तशिल्पियों को विभिन्न शिल्प में उन्नत प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ा गया है।

प्रदेश में 1215 हस्तशिल्पियों को औजार उपकरण अनुदान के अंतर्गत 60 लाख 75 हजार रूपए की सहायता दी गई है, 286शिल्पियों को कर्मशाला निर्माण के लिए 28 लाख 60 हजार रूपए का अनुदान दिया गया है। साठ वर्ष से अधिक आयु के 20 शिल्पियों को प्रति माह 5 हजार रूपए मासिक पेंशन दी जा रही है। अब तक 84 शिल्पियों को राज्य स्तरीय पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है। छत्तीसगढ़ के शिल्पियों को भारतीय शिल्प संस्थान जयपुर में डिजाइन शिक्षा के लिए भेजा जाता है। इस योजना में 35 शिल्पियों को प्रशिक्षण दिलाया गया। प्रति हितग्राही चार लाख रूपए के मान से एक करोड़ 40 लाख रूपए की सहायता दी गई है।

    छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री दीपक ताराचंद साहू ने लोगों से आव्हान किया कि हर व्यक्ति कम से कम एक हस्तशिल्प प्रदर्शनी में खरीदे। इससे हस्तशिल्पियों को सहायता मिलेगी और राष्ट्र निर्माण में भागीदारी सुनिश्चित हो सकेगी। ग्रामोद्योग विभाग की सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह ने स्वागत भाषण दिया। उन्होंने बताया कि जगार 2018 में अनुमान है कि हस्तशिल्पी लगभग एक करोड़ रूपए का व्यवसाय करेंगे। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 14 प्रकार की हस्तशिल्प बेलमेटल, लौहशिल्प, काष्ठ शिल्प, बांस शिल्प, पत्थर शिल्प, कौड़ी शिल्प, कशीदाकारी, भित्ती चित्र, गोदना शिल्प, तुम्बा शिल्प, टेराकोटा, जूट शिल्प, ड्राय फ्लावर, ट्रायबल पेंटिंग आदि प्रचलित हैं। आभार प्रदर्शन छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड के प्रबंध संचालक श्री श्याम धावड़े ने किया।

    मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में पांच हस्तशिल्पियों को राज्य स्तरीय पुरस्कारों से सम्मानित किया। इनमें रायगढ़ जिले के एकताल के बेलमेटल शिल्पी श्री अभिमन्यु झारा, कोण्डागांव जिले के ग्राम किड़ईचेपड़ा की लौह शिल्पी श्रीमती सोनादयी बाई विश्वकर्मा, बस्तर जिले के भोंड गांव के काष्ठशिल्पी श्री रामनाथ कश्यप, सरगुजा जिले के सिरकोतंगा गांव की भित्ती चित्र कलाकार श्रीमती सुंदरी बाई और सरगुजा जमगला गांव की गोदना शिल्प की कलाकार श्रीमती सफियानों पावले शामिल हैं। इन कलाकारों को पुरस्कार स्वरूप 25-25 हजार रूपए की राशि के चेक, शाल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में हस्तशिल्पी उपस्थित थे।


बिलासपुर : संसदीय सचिव मामले में अब कल होगी सुनवाई

बिलासपुर : संसदीय सचिव मामले में अब कल होगी सुनवाई

30-Jan-2018

बिलासपुर : काफी दिनों से तारीखों में झूल रहे संसदीय सचिव मामले की सुनवाई आज एक बार फिर पूरी नहीं हो सकी और इसे कल के लिए टाल दिया गया ज्ञात हो की छत्तीसगढ़ में संसदीय सचिव मामले की सुनवाई हाईकोर्ट में चल रही है आपको बता दें की दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार के 20 संसदीय सचिव को राष्ट्रपति ने अयोग्य ठहरा दिया है जिसपर 'आप' ने हाईकोर्ट की शरण ली है उसी को देखते हुए छत्तीसगढ़ में भी संसदीय सचिवो के फैसले पर विपक्ष की नजर है  ।

 
 
 

जाति मामला : अजित जोगी को राहत, हाईपॉवर कमेटी की जांच खारिज

जाति मामला : अजित जोगी को राहत, हाईपॉवर कमेटी की जांच खारिज

30-Jan-2018

बिलासपुर : जाति मामले में घिरे पूर्व मुख्यमंत्री और जनता कांग्रेस के संस्थापक अजित जोगी को बिलासपुर हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है हाईकोर्ट ने अजित जोगी को राहत देते हुए अजीत जोगी की याचिका को स्वीकार करते हुए हाईपॉवर कमेटी की जांच को खारिज कर दिया और दोबारा हाईपॉवर कमेटी बनाने को कहा है. जिसके बाद अब फिर से इस मामले की जांच होगी इस फैसले के बाद अजित जोगी ने कहा की गाँधी जी की पुण्यतिथि के दिन सच की जीत हुई और हमे न्याय मिला यह एतिहासिक है। यह जीत मेरी नहीं बल्कि छत्तीसगढ़ के ढाई करोड़ जनता की है जो रमन राज से त्रस्त हो चुकी है और जोगी सरकार बनाने का मन बना चुकी है।

 
 
 

पत्रकारिता में विश्वसनीयता सबसे जरूरी: मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह

पत्रकारिता में विश्वसनीयता सबसे जरूरी: मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह

29-Jan-2018

रायपुर : मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि पत्रकारिता में विश्वसनीयता सबसे जरूरी है। शालीनता से ही पत्रकारिता होती है, चिल्लाने से नहीं। डॉ. सिंह आज यहां कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता और जनसंचार विश्वविद्यालय में छात्र-छात्राओं के प्रशिक्षण के लिए एफ.एम. सामुदायिक रेडियो स्टेशन और टेलीविजन कार्यक्रम निर्माण स्टूडियो का लोकार्पण के अवसर पर इस आशय के विचार व्यक्त किए। उन्होंने विद्यार्थियों के लिए इन सुविधाओं का लोकार्पण करते हुए विश्वविद्यालय को बधाई और शुभकामनाएं दी।

    डॉ. सिंह ने कहा यह रेडियो स्टेशन विद्यार्थियों के प्रशिक्षण के साथ-साथ स्वच्छता, पर्यावरण आदि विषयों को लेेकर समाज में जनजागरण का भी माध्यम बनेगा। उन्होंने इस नये रेडियो स्टेशन और टेलीविजन स्टूडियो को अपना साक्षात्कार भी दिया। डॉ. सिंह ने कहा- सोशल मीडिया का भी प्रभाव बढ़ रहा है। ऐसे समय में प्रिंट मीडिया और इलेक्ट्रानिक मीडिया दोेनों पर अपनी खबरों की विश्वसनीयता बनाए रखने की जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री के रेडियो इंटरव्यू का तत्काल लाइव प्रसारण भी किया गया। यह सामुदायिक एफ.एम. रेडियो स्टेशन 90.8 फ्रिक्वेंसी पर विश्वविद्यालय के दोनों तरफ बीस-बीस किलोमीटर के दायरे में सुना जा सकेगा। लोकार्पण कार्यक्रम में प्रदेश के उच्च शिक्षा और तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री प्रेमप्रकाश पाण्डेय विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थे।

    मुख्य अतिथि की आसंदी से समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा - इस विश्वविद्यालय में आज उपलब्ध करायी गई सुविधाएं देश के कई राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों में भी नहीं है। आज इन सुविधाओं के उपलब्ध होने से विद्यार्थी इन माध्यमों के तकनीकी पहलुओं का प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे। इसके पहले यहां के विद्यार्थियों को इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का व्यावहारिक काम क्षेत्र में देख-देख कर सीखना पड़ता था। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में पत्रकारिता का गौरवशाली इतिहास रहा है। आज से 118 वर्ष पूर्व सन् 1900 में माधव राव सप्रे पेण्ड्रा से छत्तीसगढ़ मित्र का प्रकाशन प्रारंभ किया था। पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी ने इस विश्वविद्यालय का उद्घाटन किया । इस विश्वविद्यालय से कुशभाऊ ठाकरे जैसी विभूति का नाम जुड़ा हुआ है।  आने वाले समय में इस विश्वविद्यालय की पहचान बनाने की जवाबदारी यहां से निकले विद्यार्थियों की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पत्रकारिता में विश्वसनीयता सबसे महत्वपूर्ण है। पत्रकारिता में आगे बढ़ने के काफी अवसर है। उन्होंने पंडित रविशंकर शुक्ल और श्री मोतीलाल वोरा का इस संदर्भ में उल्लेख किया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि इन सुविधाओं के उपलब्ध होने से विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को इलेक्ट्रॉनिक पत्रकारिता और रेडियो पत्रकारिता का व्यवहारिक प्रशिक्षण मिलेगा और वे पूरे आत्मविश्वास के साथ पत्रकारिता जगत में काम प्रारंभ कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि तथ्यपरक खबरों और तर्कसंगत तरीके से अपनी बात रखने पर ही किसी पत्रकार की विश्वसनीयता बनती है। पत्रकार को अध्ययनशील होना चाहिए। पत्रकारिता के विद्यार्थियों को छत्तीसगढ़ के इतिहास, भूगोल की पूरी जानकारी हो, छत्तीसगढ़ के साहित्य, संस्कृति, राजनीति, वर्तमान घटनाक्रम की भी पूरी जानकारी होनी चाहिए और शालीनता के साथ अपनी बात रखना चाहिए।

        उच्च शिक्षा मंत्री श्री प्रेमप्रकाश पाण्डेय ने कहा कि विश्वविद्यालय में एफ.एम. सामुदायिक रेडियो स्टेशन और टेलीविजन कार्यक्रम निर्माण स्टूडियो की सुविधा उपलब्ध होने से आज विश्वविद्यालय के जुड़े जनसंचार नाम की पूर्णता हुई। अब विद्यार्थियों को जन संचार का व्यवहारिक ज्ञान यहां मिलेगा। श्री पाण्डेय ने कहा कि आज के बदलते परिवेश और सूचना प्रौद्योगिकी के बढ़ते प्रयोग से सूचनाओं की बाढ़ आ गई है। इन सूचनाओं की विश्वसनीयता को परखने की जिम्मेदारी पत्रकारिता से जुड़े लोगों की है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. मानसिंह परमार ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय में अब विद्यार्थियों को टेलीविजन प्रोडक्शन, एंकरिंग, इटरव्यू, डॉक्यूमेंट्री तैयार करने के तकनीकी पहलुओं का व्यवहारिक प्रशिक्षण मिल सकेगा। रेडियो संवाद के प्रारंभ होने से इस क्षेत्र का भी व्यवहारिक प्रशिक्षण विद्यार्थियों को मिलेगा।

    उन्होंने कहा आने वाले समय में विश्वविद्यालय से एक दैनिक समाचार पत्र का प्रकाशन प्रारंभ करने की योजना है, जिससे विद्यार्थियों को प्रिंट मीडिया का भी व्यावहारिक अनुभव मिल सके। उन्होंने बताया कि भारतीय जनसंचार संस्थान विश्वविद्यालय से निकले छात्रों के प्लेसमेंट में मदद कर रहा है। इस संस्थान के साथ फेकल्टी और छात्रों के एक्सचेंज का कार्यक्रम भी भविष्य में संचालित किया जाएगा। आभार प्रदर्शन विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. अतुल तिवारी ने किया। इस अवसर पर अनेक वरिष्ठ पत्रकार, गणमान्य नागरिक, विश्वविद्यालय के शिक्षक और विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. श्रीमती कीर्ति सिसोदिया ने किया। 


राज्य प्रशासनिक सेवा के चार अफसर इधर से उधर,  अंकिता गर्ग  रायपुर के नए डिप्टी कलेक्टर

राज्य प्रशासनिक सेवा के चार अफसर इधर से उधर, अंकिता गर्ग रायपुर के नए डिप्टी कलेक्टर

29-Jan-2018

रायपुर : नया रायपुर मंत्रालय से आज राज्य प्रशासनिक सेवा के चार अफसरों के ट्रांसफर आदेश जारी किए गए कोरबा में डिप्टी कलेक्टर के पद में रही आभा तिवारी को महासमुंद जनपद पंचायत का सीईओ बनाया गया है बालोद के डिप्टी कलेक्टर आनंदरूप तिवारी को कवर्धा जिले के पंडरिया का जनपद पंचायत सीईओ बनाया गया है वहीं प्रियंका वर्मा जो पंडरिया में जनपद पंचायत सीईओ थी उन्हें बालोद का डिप्टी कलेक्टर बनाया गया है। तो वहीँ महासमुंद जिले की जनपद पंचायत सीईओ अंकिता गर्ग  को रायपुर का डिप्टी कलेक्टर बनाया गया है। आपको बता दें की आभा तिवारी और आनंदरूप तिवारी 2016 बैच के राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं तो डॉ. प्रियंका वर्मा और अंकिता गर्ग 2015 बैच की राज्य प्रशासनिक सेवा की अधिकारी हैं ।


दुर्ग/भिलाई : चोरी के 13 नग मोबाइल के साथ दो अपचारी बालक गिरफ्तार

दुर्ग/भिलाई : चोरी के 13 नग मोबाइल के साथ दो अपचारी बालक गिरफ्तार

29-Jan-2018

दुर्ग/भिलाई : पुलिस पेट्रोलिंग टीम ने चोरी का मोबाइल बेचने की फिराक में घूम रहे दो अपचारी बालक को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है मिली जानकारी अनुसार दोनों अपचारी बालक अलग-अलग जगहों से चोरी किए मोबाइल जो की 13 नग है को बेचने की फिराक में घूम रहे थे जिसे पुलिस पेट्रोलिंग टीम ने संदिग्ध देखकर रोककर उनकी जाँच की जिसमें उनके पास से 13 नग मोबाइल जब्त किया गया जिसकी कीमत 1 लाख 10 हजार रुपए आंकी गई है. पुलिस ने दोनों को हिरासत में ले लिया है और उनके खिलाफ थाना खुर्सीपार में 3/2018 धारा 41(1+4) एवं 379 के तहत अपराध पंजीकृत कर कार्यवाही की जा रही है |
 


राईस मिल की छत ढहने से 3 मजदूरों की मौत 6 मजदूर गंभीर रूप से घायल

राईस मिल की छत ढहने से 3 मजदूरों की मौत 6 मजदूर गंभीर रूप से घायल

27-Jan-2018

बस्तर :  सुकमा जिले के अरिहंत राईस मिल की जर्जर छत शनिवार सुबह अचानक भरभरा की गई। छत गिरने से राईस मिल में काम कर रहें मजदूरों में 3 मजदूरों की मौत हो गई। वहीं 6 मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए है। घायल मजदूरों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। राईस मिल की छत काफी समय से जर्जर हो चुकी थी। मजदूरों का राईस मिल प्रबंधन पर आरोप है कि इसे मरम्मत करने के बार-बार कहा गया था, लेकिन इस पैर उन्होंने कभी ध्यान नहीं दिया।

 


नगर पंचायत अधिकारी से शिकायत के बावजूद स्वच्छता कमांडो द्वारा  खुले में फेंक रहे हैं कचरा

नगर पंचायत अधिकारी से शिकायत के बावजूद स्वच्छता कमांडो द्वारा खुले में फेंक रहे हैं कचरा

27-Jan-2018

पिथौरा- नगर पंचायत पिथौरा के वार्ड नं 12 में  मुख्य नगर पंचायत अधिकारी से शिकायत के बावजूद स्वच्छता कमांडो द्वारा  खुले में फेंक रहे हैं गार्बेज ( गीला /सूखा कचरा)जिसे पर्यावरण प्रदूषित तो हो ही रहा है साथ ही साथ गाय ,सुवर जैसे जानवर भी खाद्य सामग्री खाने के चक्कर में पॉलिथीन गटक रहे हैं। इस भयावह स्थिति को देखकर लगता है कि केवल कागजों पर स्वच्छता अभियान दिखाकर अधिकारी कर्मचारी अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर रहे हैं।घूम घूम कर कचरा इकठ्ठा करने वाली महिलाएं(स्वच्छता कमाण्डो)ने बताया कि अधिकारी हमे कहाँ कचरा फेकना है यह नही बताते जिससे असमंजस की स्थिति रहती है, हमारी मजबूरी है हम क्या करें।सांसद प्रतिनिधि अजय खरे ने मुख्य नगर पंचायत अधिकारी से फोन पर इस गंभीर समस्या को हल करने का अनुरोध किया है। बहरहाल देखना यह होगा कि गार्बेज डंप की समस्या ज्यों की त्यों रहेंगी या कुछ होगा ।

 


जनसम्पर्क संचालनालय में श्री राजेश सुकुमार टोप्पो ने किया ध्वजारोहण

जनसम्पर्क संचालनालय में श्री राजेश सुकुमार टोप्पो ने किया ध्वजारोहण

26-Jan-2018

   जनसम्पर्क संचालनालय में श्री राजेश सुकुमार टोप्पो ने किया ध्वजारोहण
रायपुर, 26 जनवरी 2018  गणतंत्र दिवस के अवसर पर जनसम्पर्क संचालनालय छोटापारा रायपुर में संचालक एवं विशेष सचिव श्री राजेश सुकुमार टोप्पो ने ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर संचालनालय और छत्तीसगढ़ संवाद के सभी अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे। श्री टोप्पो ने उन्हें गणतंत्र दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दी।

                                        

 


फेसबुक से जुड़कर छत्तीसगढ़ के सामान्य सेवा केन्द्र जनसेवा और जनजागरूकता का बड़ा माध्यम बनेंगे : डॉ. रमन सिंह

फेसबुक से जुड़कर छत्तीसगढ़ के सामान्य सेवा केन्द्र जनसेवा और जनजागरूकता का बड़ा माध्यम बनेंगे : डॉ. रमन सिंह

25-Jan-2018

रायपुर : मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि छत्तीसगढ़ के सामान्य सेवा केन्द्र फेसबुक से जुड़कर जनसेवा और जनजागरूकता का बड़ा माध्यम बनेंगे। मुख्यमंत्री आज यहां इंडोर स्टेडियम में राज्य सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की संस्था ‘चिप्स’ के स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित ग्रामीण डिजिटल उद्यमिता सम्मेलन (रूरल डिजीप्रेन्योर समिट) को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने दीप प्रज्जवलित कर सम्मेलन का शुभारंभ किया। यह सम्मेलन छत्तीसगढ़ इन्फोटेक प्रमोशन सोसायटी (चिप्स) द्वारा संचालित सामान्य सेवा केन्द्रों (सीएससी) के संचालकों के लिए आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर इन सामान्य सेवा केन्द्रों के लिए फेसबुक के वेरिफाईड 7500 पृष्ठों का लोकार्पण भी किया। यह फेसबुक जैसे सोशल मीडिया के लिए एक विश्व कीर्तिमान है।

डॉ. सिंह ने इस अवसर पर कहा कि प्रदेश के सामान्य सेवा केन्द्रों के ग्रामीण उद्यमी फेसबुक के इस मंच पर एक साथ जुड़ रहे हैं। लोकप्रिय सोशल मीडिया प्लेटफार्म फेसबुक के साथ जुड़ने से सामान्य सेवा केन्द्रों की सेवाओं के संबंध में जनजागरूकता बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ आज तकनीकी के नये युग में प्रवेश कर रहा है। इस नये युग के अग्रदूत हमारे सामान्य सेवा केन्द्रों के ग्रामीण उद्यमी हैं। इस अवसर पर सूचना प्रौद्योगिकी और इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के प्रमुख सचिव श्री अमन कुमार सिंह, फेसबुक की संचालक सुश्री केटी हरबथ और यस बैंक के कार्यकारी उपाध्यक्ष श्री वैभव जोशी विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने सामान्य सेवा केन्द्रों के लिए आठ जनोपयोगी सेवाओं का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने जिन सेवाओं का शुभारंभ किया उसमें बैंकिंग पत्राचार सेवा में बैंक संबंधी सभी सेवाएं सामान्य सेवा केन्द्रों से दी जाएंगी। ग्रामीण बीपीओ सेवा में प्रदेश के सभी 27 जिलों में सामान्य सेवा केन्द्र बीपीओ सेवाएं प्रदान करेंगे। चाय पर चर्चा कैफे सेवा में सभी सामान्य सेवा केन्द्र गांव में मनोरंजन और जानकारी साझा करने के लिए कैफे की भूमिका निभाएंगे। टेली मेडिसिन सेवा में सामान्य सेवा केन्द्र वीडियो कॉन्फ्रेंस सुविधा के जरिए मरीजों को डॉक्टरों से सलाह-मशवरा की सुविधा उपलब्ध कराएंगे। वाई-फाई चौपाल सुविधा में सामान्य सेवा केन्द्र हॉट-स्पॉट के माध्यम से ग्रामीणों को इंटरनेट सुविधा उपलब्ध कराएंगे। सेनिटरी नैपकिन उत्पादन इकाई के रूप में सामान्य सेवा केन्द्र सेनिटरी नेपकिन उत्पादन की छोटी इकाईयों की सुविधा प्रदान करेंगे। मुख्यमंत्री ने सीएससी मॉल सुविधा का भी लोकार्पण किया। सीएससी से ई-कामर्स की सुविधाएं भी ग्रामीणों को प्रदान की जाएंगी। उन्होंने यसबैंक की यश आई एम चेंज प्रोग्राम का भी शुभारंभ किया।  

मुख्यमंत्री ने कहा कि सामान्य सेवा केन्द्रों में बैंकिंग सेवाएं शुरू होने से ग्रामीण क्षेत्रों में क्रांतिकारी परिवर्तन आएगा। मनरेगा, सामाजिक सुरक्षा पेंशन और स्कॉलरशिप के भुगतान के साथ-साथ सीधे प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) की सुविधा दूरस्थ अंचलों के गांवों में भी संभव हो पाएंगी। सामान्य सेवा केन्द्रों के लिए आज प्रारंभ की गई जनोपयागी सेवाएं प्रदेश के ग्रामीण अंचलों के विकास और नागरिक सेवाएं उपलब्ध कराने में मील का पत्थर साबित होंगी। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर राज्य में सामान्य सेवा केन्द्रों के अंतर्गत किए गए कार्यों पर केन्द्रित पुस्तक का विमोचन किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2004 छत्तीसगढ़ और फेसबुक के लिए एक महत्वपूर्ण वर्ष रहा। इस वर्ष 2003 में निर्वाचित राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ को विकास की दृष्टि से विकसित बनाने के लिए कार्य प्रारंभ किया। इसी वर्ष मार्क जुकरबर्ग ने फेसबुक की शुरूआत की। आज छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है और फेसबुक सर्वाधिक लोकप्रिय सोशल मीडिया प्लेटफार्म है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब अबूझमाड़ के लोग भी स्मार्टफोन और मोबाइल कनेक्टिविटी की मांग कर रहे हैं। देश, दुनिया और नई तकनीक से जुड़ना चाहते हैं। उन्होंने चिप्स के 18वें स्थापना दिवस पर इससे जुड़े सभी अधिकारियों और कर्मचारियों तथा सम्मेलन में उपस्थित लगभग 10 हजार सामान्य सेवा केन्द्रों के ग्रामीण उद्यमियों को बधाई और शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर फेसबुक की संचालक केटी हरबथ, दंतेवाड़ा के पालनार गांव को देश का पहला कैशलेस गांव बनाने में उल्लेखनीय योगदान के लिए वहां के सामान्य सेवा केन्द्र की उद्यमी जानकी कश्यप और बलरामपुर-रामानुजगंज के ग्रामीण उद्यमी देवनंदन कुमार को बैंकिंग सेवाओं में योगदान के लिए सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बलरामपुर में दस हजार ग्रामीणों के बैंक खाते खोले गए हैं। उन्होंने चिप्स द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर हासिल की गई उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने चिप्स के अधिकारियों और कर्मचारियों को भी सम्मेलन में सम्मानित किया।

सूचना प्रौद्योगिकी और इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के प्रमुख सचिव श्री अमन कुमार सिंह ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के सामान्य सेवा केन्द्र देश में सबसे प्रगतिशील और सक्रिय केन्द्र हैं। प्रदेश के दूरस्थ अंचलों में सामान्य सेवा केन्द्र राज्य सरकार के प्रतिनिधि के रूप में कार्य कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ के सामान्य सेवा केन्द्रों में नागरिक सेवाओं से संबंधित प्रति व्यक्ति ट्रांजेक्शन का औसत देश में सर्वाधिक है। देश के सामान्य सेवा केन्द्रों के लिए यह औसत दो से चार प्रति व्यक्ति हैं, जबकि छत्तीसगढ़ में यह औसत 9 है। उन्होंने पिछले 17 वर्षों में चिप्स द्वारा हासिल की गई विशिष्ट उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में बेहतर कनेक्टिीविटी के लिए तीन महत्वपूर्ण परियोजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है। बस्तर नेट परियोजना के अंतर्गत छह हजार किलोमीटर ऑप्टिकल फाइबर बिछाया जा रहा है।

भारत नेट परियोजना के अंतर्गत रिंग टेक्नोलॉजी के माध्यम से दस हजार ग्राम पंचायतों में ब्रॉड बैंड कनेक्टिविटी देने का काम किया जाएगा। इसके लिए केन्द्र सरकार द्वारा 1600 करोड़ रूपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। उन्होंने संचार क्रांति योजना ‘स्काई’ का उल्लेख करते हुए कहा कि इस योजना में 50 लाख लोगों को स्मार्ट फोन वितरित किए जाएंगे। इसके साथ 1500 नये टॉवर लगाए जाएंगे और तीन हजार पुराने मोबाइल टॉवरों की क्षमता बढ़ाई जाएगी। इससे सामान्य सेवा केन्द्रों को भी बेहतर कनेक्टिीविटी मिल सकेगी।

फेसबुक की संचालक सुश्री केटी हरबथ ने प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में चलाए जा रहे सामान्य सेवा केन्द्रों के कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि इन केन्द्रों के माध्यम से लोगों को नागरिक सेवाएं सुगमता से उपलब्ध कराने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों और उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि फेसबुक के आज लांच किए 7500 पेजों के माध्यम से लोगों को सामान्य सेवा केन्द्रों के कार्यों के बारे में बेहतर ढंग से जानकारी मिलेगी। इस अवसर पर फेसबुक और चिप्स के अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। आभार प्रदर्शन चिप्स के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एलेक्स पॉल मेनन ने किया। इस अवसर पर चिप्स की उपलब्धियों पर एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म भी दिखाई गई।

 


मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने रूरल डिजीप्रेन्योर समिट का किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने रूरल डिजीप्रेन्योर समिट का किया शुभारंभ

25-Jan-2018

रायपुर : छत्तीसगढ़ इंफोटेक प्रमोशन सोसायटी यानि चिप्स का 17वां स्थापना दिवस के मौके पर आज मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने रूरल डिजीप्रेन्योर समिट का शुभारंभ किया. इस अवसर पर फेसबुक के डायरेक्टर केटी हरबर्ट भी कार्यक्रम में शामिल रहे सीएम ने कहा की सरकार की योजनाओं में फेसबुक की अहम भूमिका है. सीएम ने कहा कि आम लोगों तक सरकार की योजनाओं को पहुंचाने में फेसबुक का योगदान महत्वपूर्ण है. मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा की चिप्स ने छत्तीसगढ़ के सेवाओं को बेहतर बनाने में सहयोग दिया. उन्होंने कहा कि देश के अन्य राज्यों से हम छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने में सफल हुए हैं, तो इसमें चिप्स की बड़ी भूमिका है. रूरल डिजीप्रेन्योर समिट में 7500 कॉमन सर्विस सेंटर लॉन्च किया गया. इनका ऑफिशियल फेसबुक पेज लॉन्च किया गया. उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचल की आवश्यकताओं में अब बदलाव आया है.

 उल्लेखनीय है कि चिप्स द्वारा प्रदेश भर में 16 हजार से ज्यादा सामान्य सेवा केन्द्र स्थापित किए गए है। इनमें से अब तक 11 हजार 856 केन्द्र क्रियाशील हो चुके हैं। इनका संचालन निजी उद्यमियों के माध्यम से किया जा रहा है। इनमें से आठ हजार 555 सामान्य सेवा केन्द्र ग्राम पंचायतों के स्तर पर कार्यरत है। इन सामान्य सेवा केन्द्रों में निवास और आमदनी प्रमाण पत्र, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र सहित विभिन्न प्रकार की शासकीय सेवाओं के दस्तावेज ऑन लाइन प्राप्त हो रहे हैं।


पुलिस नक्सलियों के बीच मुठभेड़, 11 जवान घायल, 4 जवानो के शहीद होने की खबर

पुलिस नक्सलियों के बीच मुठभेड़, 11 जवान घायल, 4 जवानो के शहीद होने की खबर

24-Jan-2018

नारायणपुर: नारायणपुर जिले में नक्सलियों और पुलिस के बीच मुठभेड़ की खबर प्राप्त हुई है जिसमें 11 जवानो के घायल होने की खबर है वहीँ 4 जवानो के शहीद होने की खबर है यह घटना अबूझमाड के इरपानार के जंगल की है। घायल जवानों को रायपुर रिफर किया गया है। उन्हें हेलीकाप्टर से रायपुर लाया जा रहा है। अभी विस्तृत खबर की प्रतीक्षा है 

 
 
 

तुर्काडीह पुल घोटाला : ईओडब्ल्यू की टीम ने पीडब्ल्यूडी के अस्टिटेंट इंजीनियर आरके वर्मा को किया गिरफ्तार

तुर्काडीह पुल घोटाला : ईओडब्ल्यू की टीम ने पीडब्ल्यूडी के अस्टिटेंट इंजीनियर आरके वर्मा को किया गिरफ्तार

24-Jan-2018

बिलासपुर : तुर्काडीह पुल घोटाले मामले में आज ईओडब्ल्यू की टीम ने पीडब्ल्यूडी के अस्टिटेंट इंजीनियर आरके वर्मा को गिरफ्तार किया है वर्मा लंबे समय से फरार चल रहे थे. आपको बता दें की बिलासपुर में तुर्काडीह पुल निर्माण का कार्य किया गया था पुल निर्माण के केवल 7 साल बाद ही पुल में ही दरार आ गयी जिसके बाद करीब 3 साल तक इसपर आवाजाही रोक दी गई इस पुल का निर्माण 3 करोड़ रुपए में किया गया था दरार आने के बाद इसे दोबारा तैयार करने के लिए फिर 3 करोड़ रुपए लगा दिया गया हाईकोर्ट ने मामले में संज्ञान लेते हुए जांच का आदेश दिया। इस मामले में आरोपी बनाए गए तत्कालीन ईई एससी खंडेलवाल, लोक निर्माण विभाग के कार्य प्रभारी अधीक्षण यंत्री, सब इंजीनियर आरके वर्मा और सुदंरानी कंस्ट्रक्शन के डायरेक्टर के खिलाफ पिछले वर्ष 2017 विशेष न्यायालय में चालान पेश किया गया सभी आरोपियों को कोर्ट में उपस्थित होने का नोटिस दिया गया था नोटिस जारी होने के बाद भी आरोपियों ने इसकी अनदेखी की और कोर्ट में उपस्थित नहीं हो रहे थे जिसके बाद कोर्ट ने सभी आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया