मकोका के जैसा योगी सरकार का यूपीकोका, कैबिनेट से मंजूरी

मकोका के जैसा योगी सरकार का यूपीकोका, कैबिनेट से मंजूरी

13-Dec-2017

एजेंसी से 

लखनऊ : उत्तर प्रदेश सरकार ने लैंड माफिया, खनन माफिया और संगठित अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के लिए यूपीकोका UPCOCA (Uttar Pradesh Control Of Organised crime) क़ानून लागू करेगी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में अपराधियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई से जुड़े इस यूपीकोका बिल को मंजूरी मिल गई. अब इस बिल को विधानसभा में पेश किया जाएगा.

राज्य सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह ने बताया कि यूपीकोका को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है. इसे विधानसभा में पेश किया जाएगा. उन्होंने कहा कि सूबे के लैंड माफिया, खनन माफिया और संगठित अपराध को रोकने के लिए यूपीकोका बिल लाया गया है. यूपीकोका क़ानून को केंद्र के मकोका क़ानून की तर्ज पर लाया गया है. ज्ञात हो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले भी क़ानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर अपने सख्त तेवरों को जता चुके हैं.

कैबिनेट की बैठक में यूपीकोका के अलावा कई महत्वपूर्ण नीतिगत प्रस्ताव भी रखे गए. इनमें 2017-18 के अनुपूरक बजट के मसौदे पर भी मुहर लगी. ज्ञात हो विधानमंडल के शीतकालीन सत्र में अनुपूरक बजट 18 दिसम्बर को पेश होना है. कैबिनेट बैठक में 16 प्रस्तावों पर चर्चा हुई. कैबिनेट ने वक्फ अधिकरण रामपुर को समाप्त कर दिया. उसकी जगह वक्फ अधिकरण लखनऊ का गठन किया जाएगा.  

पेराई सत्र 2012-13 में चीनी मिलों को गन्ना क्रयकर में एक वर्ष की दी गई छूट के संबंध में आ रही विसंगतियों के निराकरण संबंधी प्रस्ताव भी पास हुआ. एफएसडीए सेवा नियमावली 2017 को मंजूरी दी गई. केजीएमयू के शताब्दी फेज 1 के थर्ड फ्लोर पर आर्गन ट्रांसप्लांट यूनिट आईसीयू के प्राइवेट वार्ड को अपग्रेड करने का प्रस्ताव पास हुआ. उत्तर प्रदेश सूचना प्रौद्योगिकी और स्टार्ट अप के संबंध में पालिसी को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई. नई आईटी पालिसी में निवेशकों को रियायत का प्राविधान किया गया है.

स्टार्ट अप कार्पस फंड को 100 करोड़ से बढ़ाकर 1000 करोड़ किया गया. यूपी इलेक्ट्रॉनिक और मेन्युफेक्चरिंग नीति को मंजूरी मिली. इसके अलावा अब सचिवालय में सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए बायोमेट्रिक अटेंडेंस का यूज अनिवार्य कर दिया गया है. यानी अब प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी के कार्यालय आने का टाइम आटोमेटिक दर्ज हो जायेगा. किसानों के लिए 75 फीसदी अनुदान को अनुमति दी गई. बर्मी कंपोस्ट यूनिट के निर्माण कराने के प्रस्ताव को मंजूरी. जमीन की उर्वरता को बनाये रखने के लिए सभी राजस्व गांवों में कंपोस्ट यूनिट बनाने का प्रस्ताव पास।


मैच के बाद टीमों के बीच हुई जमकर मारपीट, कोच का चेहरा खून से सना

मैच के बाद टीमों के बीच हुई जमकर मारपीट, कोच का चेहरा खून से सना

11-Dec-2017

नई दिल्ली। मैनचेस्टर कोच मिकेल अर्टेटा को मैच के बाद गंभीर चोट आई हैं, मैच के बाद दोनों टीम के बीच जिस तरह से भिड़ंत हुई उसमें कोच मिकेल के चेहरे पर जमकर घूंसों की बारिश की गई, जिसके चलते उनका चेहरा खून से सन गया। ब्लू डर्बी की यूनाइटेड के खिलाफ जीत के बाद ओल्ड ट्रैफर्ड में जमकर भिडंत हुई। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार जोस मौरिन्हो ने सिटी स्टार्स के खिलाड़ियों से अपना जश्न को कम करने के लिए कहा। जश्न के दौरान ये लोग दूथ और पानी फेंकने लगे थे, जिसके बाद माहौल बिगड़ गया, इसी बीच ब्लूज के गोलकीपर एडर्सन ने आपा खो दिया। 

Lukaku shoots.

इसके बाद खिलाड़ियों और स्टाफ के बीच तनाव बढ़ गया और दोनों एक दूसरे पर हमला करने लगे, झगड़ा इतना बढ़ा कि कोच अर्टेटा को गंभीर चोटे आई, उनकी आंख के उपर गंभीर चोट आई, उन्हें यह चोट बोतल से मारे जाने की वजह से आई है। मौके पर मौजूद चश्मदीद का कहना है कि ड्रेसिंग रूम से काफी आवाजें आ रही थीं, दोनों ही तरफ से लोगों के बीच जमकर मारपीट हुई। 

By : oneindia.com


गुजरात चुनाव में वोटिंग से एक दिन पहले बीजेपी छोड़ने वाले नाना पटोले राहुल गांधी की रैली में होंगे शामिल

गुजरात चुनाव में वोटिंग से एक दिन पहले बीजेपी छोड़ने वाले नाना पटोले राहुल गांधी की रैली में होंगे शामिल

09-Dec-2017

नई दिल्ली: बीजेपी के महाराष्ट्र के नेता नाना पटोल ने लोकसभा से इस्तीफा दे कर शुक्रवार को पार्टी छोड़ दी थी। अब वो कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के साथ अहमदाबाद में 11 दिसंबर को राहुल गांधी की रैली में उनके साथ मंच साझा करेंगे। कांग्रेस के एक नेता ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

कांग्रेस के महाराष्ट्र राज्य प्रभारी मोहन प्रकाश ने कहा कि वह शुक्रवार को पटोले से मिले और किसानों के लिए संघर्ष करने पर उन्हें बधाई दी। प्रकाश ने बताया, ‘मैं उनसे मिलने गया था। कांग्रेस पार्टी महाराष्ट्र में किसानों का मुद्दा उठा रही है। महाराष्ट्र में हमारी छह रैलियां होने वाली हैं। 12 दिसंबर को राज्य विधानसभा के बाहर हम मोर्चा (रैली) निकालेंगे।’

उन्होंने बताया, ‘चूंकि राज्य में वह भी इसी मुद्दे पर लड़ रहे हैं और इसको ध्यान में रखते हुए, मैं उन्हें बधाई देने गया था।’ यह पूछे जाने पर कि क्या पटोले महाराष्ट्र में भी कांग्रेस के प्रदर्शन में शामिल होंगे? उन्होंने कहा, ‘इसके बारे में तो नहीं बात हुई, लेकिन उन्होंने खुद कहा कि वह 11 दिसंबर को अहमदाबाद में राहुल गांधी की रैली में शामिल होंगे।’

पटोले के कांग्रेस में शामिल होने की संभावना पर कहा, ‘यह उनका निर्णय होगा। इस मुद्दे पर मेरी उनसे कोई बात नहीं हुई। मैंने उनके द्वारा किए गए संघर्ष के लिए उन्हें बधाई दी।’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सार्वजनिक रूप से आलोचना करने वाले पटोले ने शुक्रवार को भंडारा-गोंदिया लोकसभा सीट से इस्तीफा दे दिया और साथ ही पार्टी से भी इस्तीफा दे दिया। इससे पहले वह इस सप्ताह महाराष्ट्र के अकोला में किसानों के मुद्दे पर प्रदर्शन कर रहे वरिष्ठ भाजपा नेता यशवंत सिन्हा के साथ प्रदर्शन कर चर्चा में आए थे।


लालू यादव की पटना की मॉल वाली तीन एकड़ जमीन जब्त

लालू यादव की पटना की मॉल वाली तीन एकड़ जमीन जब्त

08-Dec-2017

एजेंसियों से

पटना : रेलवे आईआरसीटीसी टेंडर घाटाले में बुरी तरह फंसे लालू यादव और उनके परिवार की मुसीबतें लगातार बढ़ती जा रही है और एक बाद एक नया झटका लगता जा रहा है। ताज़ा झटका है पटना में तीन एकड़ जमीन पर बनाए जा रहा है मॉल का। प्रवर्तन निदेशालय ने अपना शिकंजा कसते हुए इस जमीन को जब्त कर लिया है।

रेलवे टेंडर स्कैम उस वक्त का मामला है जब लालू यादव यूपीए सरकार के दौरान रेलमंत्री थे। उनके ऊपर यह आरोप है कि उन्होंने गलत तरीके से  आईआरसीटीसी का टेंडर दिया था और उसके बदले उन्हें और उनके परिवार को फायदा पहुंचाया गया था। अभी करीब हफ्ता भर पहले ही इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय की तरफ से पूर्व मुख्यमंत्री और लालू यादव की पत्न से लंबी पूछताछ की गई थी। गौरतलब है कि लालू यादव और उनके परिवार के खिलाफ कई केन्द्रीय जांच एजेंसियां मनीलांड्रिंग समेत कई मामलों में जांच कर रही है।  

दरअसल, सीबीआई के मुताबिक, मई 2004 में जब लालू प्रसाद रेल मंत्री थे जो उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग किया। उन्होंने पटना स्थित होटल चाणक्य के मालिक विनय कोचर ओर विजय कोचर के साथ मिल कर करोड़ों रुपये का भ्रष्टाचार किया है। भ्रष्टाचार की साजिश में आईआरसीटीसी के एमडी सहित अन्य लोग भी शामिल थे। इस शिकायत के आधार पर सीबीआई ने प्रारंभिक जांच का मामला दर्ज किया और तफ्तीश में पता चला कि करोड़ों रुपये का यह घोटाला वर्ष 2004 से 2014 के बीच किया गया है।

 सीबीआई जांच पूरी होने के बाद पांच जुलाई 2017 को प्राथमिकी दर्ज की गई जिसमें लालू यादव, राबड़ी, बेटा तेजस्वी के साथ ही विजय कोचर, विनय कोचर, आईआरसीटीसी के पूर्व एमडी पीके गोयल और मैसर्स लारा प्रोजेक्ट्स उर्फ एलएलपी मैसर्स लारा प्रोजेक्ट्स प्रा.लि., मैसर्स डिलाईट मार्केटिंग कंपनी प्रा.लि. शामिल है। सीबीआई तफ्तीश में यह बात सामने आयी थी कि पूर्व रेल मंत्री ने अपने कार्यकाल के दौरान रांची और पुरी में बीएनआर होटलों के विकास, रखरखाव और संचालन के लिए टेंडर निकाले थे। बीएनआर होटल रेलवे के हेरिटेज होटल हैं जिन्हें आईआरसीटीसी ने अपने अधीन कर लिया था।। दोनों होटलों का टेंडर मैसर्स सुजाता होटल प्रा.लि. को दिया गया था। सुजाता होटल प्रा.लि. के मालिक विजय कोचर और उनका भाई हैं।

सीबीआई का कहना था कि तफ्तीश में यह भी खुलासा हुआ कि विनय कोचर और हर्ष कोचर ने 25 फरवरी 2005 में पटना स्थित तीन एकड़ जमीन को दस सेलडीड के जरिये सरला गुप्ता की कंपनी डीएमसीएल  को ट्रांसर्फर की गई और बाद में पूर्व रेल मंत्री की पत्नी की कंपनी लारा प्रोजेक्ट्स को ट्रांसर्फर की गई। सीबीआई के अतिरिक्त निदेशक ने बताया कि जिस सम्पति की कीमत सर्किल रेट के हिसाब से 32 करोड़ रुपये थे और मार्केट मूल्य 94 करोड़ रुपये उस जमीन को मात्र 65 लाख रुपये में बेचा गया था।


केजरीवाल सरकार का आइडिया, वीरान बसों को गरीबों के लिए बना दिया रैन बसेरा

केजरीवाल सरकार का आइडिया, वीरान बसों को गरीबों के लिए बना दिया रैन बसेरा

08-Dec-2017
सौम्या तिवारी
Email  tiwarisaumya26@gmail.com
twitter   @SaumyaT34593420
BY : indiasamvad.co.in

नई दिल्ली : दिल्ली में कड़ाके की ठंड और तपती धूप में भी सड़क पर रहने को मजबूर बेघर लोगों के लिए आम आदमी पार्टी (आप) सरकार का नया आइडिया पर काम कर रहा है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की सरकार दिल्ली के अंदर खड़ी वीरान बसों को गरीबों के लिए रैन बसेरा में बदल दिया है।

सीएम केजरीवाल की दरियादिली का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वे गरीबों और बेसहारा लोगों को दिल्ली की कड़ाके की ठंड से बचाने के लिए जनता से अपील करने में भी पीछे नहीं हट रहे हैं।

गरीबों के लिए मसीहा बनें CM केजरीवाल,

बता दें कि केजरीवाल के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी मजबूर बेघर लोगों के लिए कंबल और बाकी बेसिक सुविधाएं भी मुहैया कराती है। ताकि बेघर लोग कम से कम रात में आराम से सो सकें।

सोशल मीडिया के जरिए भी लोगों से अपील

आम आदमी पार्टी ने ​अपने फेसबुक पेज के माध्यम से यह जानकारी लोगों के साथ साझा की। पार्टी ने लिखा कि 'आप' हमेशा से नागरिकों के लिए कम खर्च और नए विचार के साथ उनके दिक्कतों को दूर करना चाहती है। इतना ही नहीं पार्टी गरीबों की मदद के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। दिल्ली में ठंड में खुले में सोने से किसी भी बेघर व्यक्ति की मौत रोकने के प्रयास के तहत सरकार ने कम से कम 19 हजार लोगों के रहने के लिए रैन बसेरों और तंबुओं का इंतजाम किया है। पार्टी इस बात पर जोर दे रही है कि ठंडी रातों में खुले में सोने से किसी भी व्यक्ति की मौत न हो। पार्टी का एक ही उद्देश्य है कि हम सबको इस दिशा में प्रयास करने की जरूरत है।

गौरतलब है कि दिल्ली के शहरी विकास मंत्री मनीष सिसौदिया ने बताया था कि उनके सर्वे के अनुसार दिल्ली में कुल 212 जगहों पर 4018 लोग खुले में सोते हैं। इसलिए सरकार ने 100 नए रैन बसेरे बनाने का फैसला लिया था।

सोशल मीडिया में हो रही तारीफ- लोग सीएम के इस सराहनीय कार्य की जमकर तारीफ कर रहे हैं। दक्षिणी दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में डीडीए ने महिलाओं और बच्चों के एक रैन-बसेरे को ध्वस्त कर दिया गया था। इसको लेकर रोष और विवाद की स्थिति पैदा हो गई है। शहरी निकाय ने हालांकि अपनी कार्रवाई को ‘कानूनसम्मत’ करार देते हुए कहा था कि अतिक्रमण हटाने के लिए एेसा किया गया था। इसी बीच दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने भी डीडीए की इस कार्रवाई पर अपनी प्रतिक्रिया भी दी थी। उन्होंने ट्वीट किया था, ‘‘बहुत दुखद। दिल्ली सरकार के रैन-बसेरे को ध्वस्त कर दिया गया। महिलाओं, बच्चों को आश्रयविहीन छोड़ दिया गया। उनको अन्य रैन-बसेरों में ले जाया जा रहा है।’’


अब दलित से शादी करने पर मोदी सरकार देगी 2.5 लाख रुपये

अब दलित से शादी करने पर मोदी सरकार देगी 2.5 लाख रुपये

06-Dec-2017

एजेंसी 

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने अंतरजातीय विवाह को बढ़ावा देने के लिए एक योजना तैयार की है, जिसके अनुसार, अगर आप किसी दलित से शादी करते हैं तो सरकार की ‘डॉ. अम्बेडकर स्कीम फॉर सोशल इंटिग्रेशन थ्रू इंटर कास्ट मैरिज’ के तहत आपको 2.5 लाख रुपये दिए जाएंगे। इस शादी में चाहे दूल्हा हो या दुल्हन, किसी एक का सिर्फ दलित होना अनिवार्य है।

बताते चलें, ‘डॉ. अम्बेडकर स्कीम फॉर सोशल इंटिग्रेशन थ्रू इंटर कास्ट मैरिज’ योजना तो सरकार ने साल 2013 में शुरू कर दी थी। तब से हर साल 500 अंतरजातीय जोड़ों को अंतरजातीय विवाह करने के लिए 2.5 लाख रुपये का मौद्रिक प्रोत्साहन देने का लक्ष्य सरकार ने तय किया था। मगर तब आय सीमा भी रखी गई थी लेकिन अब सरकार ने आय सीमा खत्म कर दी है। पहले ये था कि जिन जोड़ों की कुल वार्षिक आय 5 लाख रुपये से कम है या इतनी ही है, सिर्फ उन्हें ही सरकार 2.5 लाख रुपये का प्रोत्साहन एक बार देगी। मगर अब सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने अपने निर्देश जारी करते हुए साफ़ कह दिया है कि इस योजना के लिए आय सीमा खत्म की जा रही है लेकिन जोड़ों को आधार संख्या और आधार से लिंक ज्वाइंट बैंक खाते का विवरण जमा करना होगा। यह अनिवार्य है।

वहीं, सरकार इस बार भी 500 अंतरजातीय जोड़ों को मौद्रिक प्रोत्साहन देगी। ऐसा सरकार इसलिए कर रही है क्योंकि देश अब भी कई राज्य ऐसे में हैं जहां अंतरजातीय विवाह का प्रचलन काफी कम है। इस लिस्ट में जम्मू और कश्मीर, राजस्थान, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, मेघालय, तमिलनाडु, पंजाब, सिक्किम, गोवा और केरल जैसे राज्यों का नाम शामिल है।

वहीं, सरकार ने जोड़ों के लिए कुछ शर्ते भी रखी हैं। इसका मतलब ये हुआ कि जो जोड़े अंतरजातीय विवाह कर रहे हैं, उन्हें इन शर्तों पर खरा उतरना जरुरी है। शर्तों की बात करें तो यह जोड़े की पहली शादी होनी चाहिए। इसके अलावा शादी हिंदू मैरिज एक्ट के तहत पंजीकृत होनी चाहिए। ऐसा कदम सरकार इसलिए उठा रही है ताकि वह सामाजिक तौर पर उठाए गए बोल्ड स्टेप की सराहना कर सके।


बीजेपी के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा के समर्थन में आए केजरीवाल और ममता, गिरफ़्तारी की निंदा की

बीजेपी के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा के समर्थन में आए केजरीवाल और ममता, गिरफ़्तारी की निंदा की

06-Dec-2017

मोदी सरकार की किसान विरोधी नीतियों और आर्थिक फैसलों का खुलकर विरोध करने वाले भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा को सोमवार (4 दिसंबर) को महाराष्ट्र पुलिस ने अकोला जिले में गिरफ्तार कर लिया। हालांकि बाद में उन्हें छोड़ दिया गया, लेकिन वह वापस फिर से प्रदर्शन पर बैठ गए। सिन्हा सैकड़ों विदर्भ क्षेत्र के किसानों के प्रति महाराष्ट्र सरकार की ‘बेरूखी’का विरोध कर रहे थे। बता दें कि राज्य में उनकी ही पार्टी बीजेपी की सरकार है।

अब यशवंत सिन्हा के समर्थन में विपक्ष के दो मुख्यमंत्री खुलकर सामने आ गए हैं। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर बीजेपी नेता सिन्हा का समर्थन किया है। बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने ट्वीट किया, ‘मैं पूर्व वित्तमंत्री यशवंत सिन्हा जी के जेल जाने के बारे में सुनकर चिंतित हूं। मैं अपने सांसद दिनेश त्रिवेदी को उनसे मिलने के लिए भेजूंगी। वह किसानों की हक की लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्हें हमारा पूरा समर्थन है।’ वहीं, दूसरी तरफ दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने भी सिन्हा के समर्थन में ट्वीट करते हुए कहा कि, ‘यशवंत सिन्हाजी को क्यों गिरफ्तार किया गया? उन्हें जल्द से जल्द रिहा किया जाना चाहिए।

अकोला के जिला पुलिस अधीक्षक राकेश कालासागर ने न्यूज एजेंसी PTI से कहा कि, ‘‘हमने बंबई पुलिस कानून की धारा 68 के प्रावधानों के तहत जिला कलेक्ट्रेट के बाहर करीब 250 किसानों के साथ सिन्हा को हिरासत में लिया।’’ आईपीएस अधिकारी ने कहा कि हिरासत में लिये गए लोगों को अकोला जिला पुलिस मुख्यालय मैदान ले लाया गया।
आपको बता दें कि सैकड़ों किसानों के साथ सिन्हा अकोला जिला कलेक्टर के कार्यालय के बाहर कपास और सोयाबीन पैदा करने वाले किसानों के प्रति राज्य सरकार की कथित बेरूखी का विरोध कर रहे थे।

 


तेलंगाना: गर्भवती महिला से चलती वैन में रेप की कोशिश, कूदकर दी जान

तेलंगाना: गर्भवती महिला से चलती वैन में रेप की कोशिश, कूदकर दी जान

05-Dec-2017

By : jantakareporter.com

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली सहित देश के अन्य राज्यों में महिलाओं के साथ बलात्कार की घटनाएं कम होने का नाम ही नहीं ले रहीं है। हाल ही में एक ऐसा मामला सामने आया है जो, देश को शर्मसार कर देने वाला है। दरअसल, तेलंगाना के मेदक जिले में अपनी सात साल की बेटी के साथ डीसीएम वैम में सवार गर्भवती महिला के साथ बलात्कार की कोशिश की गई। वैन चालक सहित दो व्यक्तियों ने महिला के साथ बलात्कार का प्रयास किया जिससे डरकर पीड़िता ने उनसे बचने के लिए चलती वैन से कूद गई, जिससे उससे मौत हो गई। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, जिले के तूप्रान मंडल के रावेल्ली गांव के सीमांत राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर शनिवार की रात यह घटना घटी। मंडल के पोतराजुपल्ली की रहने वाली उगिड़े कलावती(34) सात महीने की गर्भवती थी और वह अपनी सात साल की बेटी (शिरीशा) के साथ मिलकर कपड़ों के व्यापार के सिलसिले में मेडचल जिले के कोमपल्ली गई थी और रात में वापसी के लिए रास्ते में एक डीसीएम वैन में सवार हो गई। डीसीएम वैन के करीमगुड़ा चौराहे के पास रुके आगे बढ़ने पर कलावती ने वैन को रोकने को कहा लेकिन चालक उसकी एक नहीं सुनी और वैन को आगे ले गया और उसके साथ जबर्दस्ती करने की कोशिश की। पीड़िता ने उनकी चंगुल से बचने के प्रयास में चलती वैन के कूद गई, जिससे उसके सिर में गंभीर चोटें आ गई और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।

घटना के बाद वैन चालक और उसका साथी शिरीशा और कपड़ों की पोटली को वहीं सड़क पर छोड़कर मौके से फरार हो गए। जिसके बाद वहां से गुजर रहे लोगों ने पुलिस को इसकी सूचना दी। लोगों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। ख़बरों के मुताबिक, रिश्तेदारों की शिकायत के बाद पुलिस ने संदिग्ध मौत का मामला दर्ज कर इसकी जांच शुरु कर दी है।

 


विराट कोहली ने टेस्ट में पूरे किये 5000 रन

विराट कोहली ने टेस्ट में पूरे किये 5000 रन

02-Dec-2017

नयी दिल्ली : बेहतरीन फार्म में चल रहे भारतीय कप्तान विराट कोहली शनिवार को यहां फिरोजशाह कोटला मैदान पर श्रीलंका के खिलाफ तीसरे और अंतिम क्रिकेट टेस्ट के पहले दिन टेस्ट क्रिकेट में 5000 रन के आंकड़े को पार करने में सफल रहे. पहली पारी में श्रीलंका के तेज गेंदबाज सुरंगा लकमल पर चौके के साथ 25 रन के आंकड़े को पार करते ही कोहली ने यह उपलब्धि हासिल की. वह यह उपलब्धि हासिल करने वाले 11वें भारतीय बल्लेबाज हैं.

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कोहली ने अपनी 105वीं पारी में यह कारनामा किया. भारत की ओर से सबसे कम पारियों में 5000 टेस्ट रन बनाने का रिकार्ड पूर्व दिग्गज सलामी बल्लेबाज सुनील गावस्कर के नाम दर्ज है जिन्होंने 95 पारियों में इस आंकडे को छुआ है. भारत के लिए कोहली से कम पारियों में 5000 टेस्ट रन गावस्कर के अलावा वीरेंद्र सहवाग (99) और सचिन तेंदुलकर (103) ने बनाये हैं.

टेस्ट क्रिकेट में सबसे कम पारियों में 5000 रन बनाने का रिकार्ड आस्टेलिया के पूर्व महान बल्लेबाज डान ब्रेडमैन के नाम है जिन्होंने सिर्फ 56 पारियों में यह उपलब्धि हासिल की थी. उनके अलावा टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में कोई बल्लेबाज 90 पारियों में भी 5000 रन नहीं बना पाया है. इस मैच से पहले कोहली के नाम 62 टेस्ट में 51.82 की औसत से 4975 रन दर्ज थे.

इससे पहले श्रीलंका के आफ स्पिनर दिलरुवान परेरा भारत के सलामी बल्लेबाज शिखर धवन (23) को आउट करके टेस्ट क्रिकेट में सबसे कम मैचों में 100 विकेट हासिल करने वाले श्रीलंकाई गेंदबाज बने. परेरा ने अपने 25वें टेस्ट में यह उपलब्धि हासिल करते हुए महान स्पिनर मुथैया मुरलीधरन (27 मैच) का रिकार्ड तोड़ा. वह 100 टेस्ट विकेट हासिल करने वाले छठे श्रीलंकाई गेंदबाज हैं.


2019 में बैलट पेपर से मतदान हुए तो भाजपा का हो जाएगा सफाया

2019 में बैलट पेपर से मतदान हुए तो भाजपा का हो जाएगा सफाया

02-Dec-2017

एजेंसी 

लखनऊ : उत्तर प्रदेश के निकाय चुनावों में भाजपा के बाद दूसरे नंबर की पार्टी बनकर उभरी बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की मुखिया मायावती ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (इवीएम) पर एक बार फिर सवाल उठाये हैं. उन्होंने निकाय चुनावों में इससे छेड़छाड़ का आरोप लगाया है. यहां चर्चा कर दें कि इससे पहले 2014 के आम चुनाव के दौरान भी वह इवीएम में गड़बड़ी का आरोप लगा चुकी हैं. निकाय चुनाव के परिणामों पर सवाल किये जाने पर मायावती ने भाजपा को चुनौती देते हुए कहा कि यदि 2019 के लोकसभा चुनाव बैलट पेपर पर होते हैं तो बसपा उनका सफाया कर देगी.

मायावती ने शनिवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि यदि भाजपा ईमानदार है और लोकतंत्र में विश्वास करती है तो उसे इवीएम हटा देना चाहिए और बैलट पेपर पर चुनाव कराने चाहिए. यदि भाजपा को विश्वास है कि जनता उसके साथ है तो उसे बैलट पेपर पर चुनाव कराने चाहिए. परिणाम भाजपा को चौंका देगा. आगे बसपा प्रमुख ने कहा कि मैं गांरटी देती हूं कि बैलट पेपर्स का इस्तेमाल किया गया तो भाजपा को मुंह की खानी पड़ेगी.

गौर हो कि मायावती इस साल हुए यूपी विधानसभा चुनाव में बसपा की करारी हार के बाद से लगातार इवीएम पर प्रश्‍न खड़ा कर रही है. मायावती ने आरोप लगाया था कि इवीएम छेड़छाड़ के कारण ही उनकी पार्टी को हार का सामना करना पड़ा. मायावती के सवाल का जवाब प्रदेश के उपमुख्‍यमंत्री दिनेश शर्मा ने दिया है. शर्मा ने कहा है कि वोट बैंक पॉलिटिक्स के कारण इन दलों को पराजय का सामना करना पड़ा है. उन्‍होंने कहा कि खोट इवीएम में नहीं, बल्कि विरोध कर रहे लोगों के दिमाग में है. विपक्षी दलों पर वार करते हुए शर्मा ने कहा कि वे जाति और संप्रदाय की राजनीति करते थे, जिसके कारण उन्हें मुंह की खानी पड़ी है.

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के नगर निकाय चुनावों में भाजपा को प्रचंड जीत मिली है. महापौर की 16 सीटों में से 14 परिणाम भाजपा के पक्ष में रहे, जबकि अलीगढ़ और मेरठ सीटें बसपा के खाते में गयी. महापौर चुनाव में सपा व कांग्रेस का खाता भी नहीं खुला. इन चुनाव में जहां भाजपा की आंधी चली, तो बसपा को जीत की संजीवनी भी मिली. वहीं आम आदमी पार्टी ने भी कुछ वार्ड में जीत हासिल कर यूपी की राजनीति में दस्तक दी है.


मामूली बात को लेकर शिक्षकों ने जबरन उतरवाए 88 छात्राओं के कपड़े

मामूली बात को लेकर शिक्षकों ने जबरन उतरवाए 88 छात्राओं के कपड़े

30-Nov-2017

मीडिया रिपोर्ट 

अरुणाचल प्रदेश के एक स्कूल में शिक्षकों द्वारा सजा के तौर पर ज़बरदस्ती छात्राओं के कपड़े उतरवाए जाने का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में पापुम पारे जिले के एक स्कूल और कुछ टीचर्स के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। मामला अरुणाचल प्रदेश के पापम पेरे जिले में मौजूद कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की है। जहां पर 88 छात्राओं को तीन शिक्षकों ने सजा के तौर पर कथित तौर पर अपने कपड़े उतारने के लिए मजबूर किया। दरअसल, इन छात्राओं पर स्कूल के प्रिंसिपल के खिलाफ कथित तौर पर अश्लील शब्द लिखने का आरोप लगा है। जिस कागज पर वह सब लिखा गया था उसको ढूंढने के लिए ही उन छात्रों के साथ ऐसा किया गया।

स्कूली छात्रा के लिए चित्र परिणामप्रतीकात्मक तस्वीर 

न्यूज़ एजेंसी भाषा की ख़बर के मुताबिक, इस मामले पर जानकारी देते हुए एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि पापुम पारे जिला में तनी हप्पा (न्यू सागली) स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की छठी और सातवीं कक्षा की 88 छात्राओं को 23 नवंबर को इस सजा का सामना करना पड़ा था। यह मामला 27 नवंबर को सामने आया था जब पीड़िताओं ने ऑल सागली स्टूडेंट्स यूनियन से संपर्क कर आपबीती सुनाई।

यूनियन की मदद से छात्राओं ने स्थानीय पुलिस थाने में स्कूल प्रशासन और आरोपी शिक्षकों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। छात्राओं की शिकायत के मुताबिक दो सहायक शिक्षकों और एक जूनियर शिक्षक ने 88 छात्राओं को अन्य छात्राओं के सामने अपने कपड़े उतारने के लिए मजबूर किया। प्राप्त जानकारी के अनुसार इन छात्राओं के पास से एक कागज मिला था जिस पर प्रिंसिपल और एक छात्रा के खिलाफ अश्लील शब्द लिखे हुए थे। जिले के पुलिस अधीक्षक तुम्मे अमो ने छात्र संगठन (एएसएसयू) द्वारा प्राथमिकी दर्ज कराए जाने की गुरुवार को पुष्टि की। उन्होंने बताया कि फिलहाल यह मामला स्थानीय महिला पुलिस थाने को सौंप दिया गया है। महिला थाने की प्रभारी ने बताया कि पीड़िताओं और उनके माता-पिता के साथ-साथ शिक्षकों से पूछताछ की जाएगी।


अॉस्ट्रेलिया में समलैंगिक विवाह बिल पास

अॉस्ट्रेलिया में समलैंगिक विवाह बिल पास

29-Nov-2017

आस्ट्रेलिया के सदन सीनेट ने समलैंगिक विवाह के कानून का रास्ता साफ करते हुए और धार्मिक स्वतंत्रता का संरक्षण बढ़ाने के रूढ़िवादियों के दबाव को नकारते हुए आज एक विधेयक पारित किया। अधिकतर सांसदों द्वारा आस्ट्रेलियाई नागरिकों की इच्छा का सम्मान करने पर सहमति जताने के मद्देनजर ऐसी उम्मीद है कि यह विधेयक क्रिसमस से पहले सदन के निचले सदन में आसानी से पारित हो जाएगा। आस्ट्रेलियाई नागरिकों ने हाल में राष्ट्रभर में डाक द्वारा हुए मतदान में समलैंगिक विवाह के समर्थन में मतदान किया था।

आस्ट्रेलिया की सबसे ऊंची प्रोफाइल की समलैंगिक नेता एवं लेबर पार्टी की सदस्य पेन्नी वोंग ने कहा, हम स्वीकार्यता, समावेशिता, सम्मान, जश्न का हिस्सा है, हम उस दिन का हिस्सा है जब इस सीनेट ने हमारे एलजीबीटीआईक्यू भाइयों और बहनों की स्वीकार्यता की घोषणा की है।

पेन्नी ने कहा, यह विधेयक कहता है कि आप जो हैं, आपको उसी रूप में इतनी अधिक संख्या में आस्ट्रेलियाई नागरिकों, इस संसद, इस देश ने स्वीकार किया है। आपका प्यार किसी से कम नहीं है और आप किसी से कम नहीं है।


फ्लिपकार्ट के फाउंडर्स सचिन बंसल और बिन्नी बंसल के खिलाफ करीब 10 करोड़ रुपए का धोखाधड़ी का केस दर्ज

फ्लिपकार्ट के फाउंडर्स सचिन बंसल और बिन्नी बंसल के खिलाफ करीब 10 करोड़ रुपए का धोखाधड़ी का केस दर्ज

27-Nov-2017

मीडिया रिपोर्ट 

बेंगलुरु। ई-कॉमर्स की दिग्गज कंपनी फ्लिपकार्ट के फाउंडर सचिन बंसल और बिन्नी बंसल पर एक कारोबारी से कथित रूप से धोखाधड़ी करने के आरोप में केस दर्ज किया गया है। इनके अलावा कंपनी के 3 अन्य कर्मचारियों सेल्स डायरेक्टर हरी, अकाउंट्स मैनेजर सुमित आनंद और शर्राक़ के खिलाफ भी केस दर्ज हुआ है। कहा जा रहा है कि इस कारोबारी को कंपनी की तरफ से उसके 9.96 करोड़ रुपए उसे नहीं दिए जा रहे हैं।

flipkart founder के लिए चित्र परिणाम

इस कारोबारी ने बताया कि उसने फ्लिपकार्ट को कुल 12,500 लैपटॉप दिए थे, जिसके पैसे उन्होंने नहीं मिले हैं। इस कारोबारी का नाम नवीन है, जो बेंगलुरू के इंदिरानगर में स्थित सी-स्टोर कंपनी के मालिक हैं। 21 नवंबर को की अपनी शिकायत में नवीन ने कहा है कि वह फ्लिपकार्ट को लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक चीजें सप्लाई करते थे। उन्होंने बताया कि जून 2015 से लेकर जून 2016 के बीच कंपनी के बिग बिलियन डे सेल के के लिए उन्होंने फ्लिपकार्ट को करीब 14,000 लैपटॉप सप्लाई किए थे। इसमें से फ्लिपकार्ट ने 1,482 लैपटॉप वापस कर दिए, लेकिन बाकी के लैपटॉप के पैसे नहीं दिए। यहां तक कि इन लैपटॉप के टीडीएस और शिपिंग चार्ज का भी फ्लिपकार्ट ने भुगतान नहीं किया। 

नवीन का दावा है कि जब पैसों के बारे में फ्लिपकार्ट से बात की गई तो उन्होंने झूठ बोलते हुए कहा कि कंपनी की ओर से 3,901 लैपटॉप वापस किए गए थे। एफआईआर में नवीन ने कहा है कि फ्लिपकार्ट ने उनके साथ 9,96,21,419 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की है। यह केस आईपीसी की धारा 34, धारा 406 और धारा 420 के तहत दर्ज किया गया है। 


धूम 2 से प्रेरित होकर तीन लोगों ने दिल्ली में म्यूजियम को लूटा

धूम 2 से प्रेरित होकर तीन लोगों ने दिल्ली में म्यूजियम को लूटा

24-Nov-2017

नई दिल्ली : बॉलीवुड फिल्म ‘धूम 2’ से प्रेरित होकर यहां नेशनल हैंडीक्राफ्ट एंड हैंडलूम म्यूजियम से 2 करोड़ रूपये मूल्य की 16 पुरानी पशमीना शॉल कथित तौर पर चुराने वाले 3 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है.

प्रोफाइल फोटो (साभार-यूट्यूब)

पुलिस ने बताया कि चोरों ने म्यूजियम के बंद पड़े सीसीटीवी कैमरों का फायदा उठा कर चोरी को अंजाम दिया. गौरतलब है कि 31 अक्तूबर को प्रशासन एवं सुरक्षा अधिकारी डी राम कृष्ण राव ने पुलिस के पास इस सिलसिले में एक शिकायत दर्ज कराई थी. पुलिस ने बताया कि ये शॉल कश्मीर से लाई गई थी और ये करीब 200 से 250 साल पुरानी हैं.


जिस मंदिर में भीख मांगती थी उसी मंदिर में एक भिखारिन ने दिए लाखों का दान

जिस मंदिर में भीख मांगती थी उसी मंदिर में एक भिखारिन ने दिए लाखों का दान

22-Nov-2017

By : Siasat.com

मैसूर : कर्नाटक के मैसूर में एक भिखारिन ने मंदिर को करीब ढाई लाख दान दे दी। यह वाकया मैसूर के वोंटिकोप्पल स्थित प्रसन्ना अंजनेय स्वामी मंदिर का है. 85 वर्षीय वृद्धा भिखारिन सीतालक्ष्मी मंदिर के बाहर भीख मांगकर गुजारा करती है उसी मंदिर को वो दान दी है। बताया जा रहा है कि यह पहली बार नहीं है, जब सीतालक्ष्मी ने मंदिर को पैसे दान दिए हों. इसके पहले भी गणेश महोत्सव के दौरान उन्होंने करीब 30,000 रुपये मंदिर ट्रस्ट को दान दे चुकी हैं.

सीतालक्ष्मी का मानना है कि भगवान ही उनके लिए सबकुछ है. यही वजह है कि उन्होंने मंदिर को अपने पैसे दान दे दिए. बता दें कि उनकी मंदिर ट्रस्ट द्वारा अब देखभाल भी की जाती है.

मंदिर ट्रस्ट के चेयरमैन एम बसावाराज के मुताबिक, “सीतालक्ष्मी साफ़ दिल की हैं. वो कभी भी मंदिर में आने वाले भक्तों से दान के लिए पीछे नहीं पड़ती. उन्हें मंदिर में आने वाले लोग अपनी मर्जी के मुताबिक दान देते हैं. मंदिर में पैसे दान करके उन्होंने महान काम किया है.” बताया जा रहा है कि सीतालक्ष्मी को विधायक वासु मंदिर के एक कार्यक्रम में सम्मानित भी करेंगे. मंदिर के एक कर्मचारी के अनुसार, नेता हो या कोई बड़ा अधिकारी जो भी सीतालक्ष्मी के बारे में सुनता है तो उनकी उदारता देखकर दंग रह जाता है. बड़े -बड़े अफसर भी उनके काम को सलाम करते हैं.

 


बिहार सरकार का फरमान, शिक्षक खुले में शौच करने वालों को रोके, शिक्षक संघ का इंकार

बिहार सरकार का फरमान, शिक्षक खुले में शौच करने वालों को रोके, शिक्षक संघ का इंकार

21-Nov-2017

पटना : बिहार में नियोजित शिक्षकों का वेतन पिछले पांच महीने से नहीं मिला है. शिक्षक सूबे में जगह-जगह वेतन और समान वेतनमान की मांग को लेकर काली पट्टी बांध रहे हैं, वहीं दूसरी ओर विरोध प्रदर्शन भी कर रहे हैं. वहीं दूसरी ओर बिहार सरकार की ओर से रोजाना जारी हो रहे नये-नये फरमान उनके लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं. जानकारी के मुताबिक बिहार सरकार ने शिक्षकों को अब एक नया फरमान जारी कर दिया है. उसके मुताबिक शिक्षक और खुले में शौच करने वालों पर निगरानी रखेंगे. सरकार के इस फरमान का शिक्षक संघों ने विरोध किया है. माध्यमिक शिक्षक संघ ने, तो यहां तक कहा है कि यह शिक्षकों के पद और गरिमा का अपमान है. वह कतई इस कार्य को नहीं करेंगे. 

सरकारी आदेश के मुताबिक बिहार के हाइस्कूल के शिक्षक अब खुले में लोटा लेकर शौच जाने वालों पर अपनी नजर रखेंगे. साथ ही उन्हें खुले में शौच के खिलाफ जागरूक करेंगे और स्वच्छता के महत्व को समझाएंगे. शिक्षकों का यह भी काम होगा कि सुबह शाम वे इसकी निगरानी भी करेंगे. इस मामले में सभी बीईओ की तरफ से हाइस्कूल के शिक्षकों को यह निर्देश जारी किया गया है कि वह लोग खुले में शौच करने वालों को रोकेंगे और उनकी कठोर निगरानी करेंगे. इसके लिए शिक्षकों को ड्यूटी के लिए जहां पत्र भेजा गया है वहीं प्रधानाध्यापकों को शौचालय निगरानी का पर्यवेक्षक बनाया गया है.

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सरकार के इस फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए बक्सर जिले के कोरान सराय पंचायत के मध्य विद्यालय के अपने कर्तव्य के प्रति सजग रहने वाले और बच्चों की शिक्षा को लेकर सरोकारी प्रयास करते रहने वाले शिक्षक पूर्णानंद मिश्रा का कहना है कि बिल्कुल करेंगे सरकार, लेकिन पहले हमारे भोजन का मुक्कमल इंतजाम तो कर दीजिए. पांच माह से वेतन नहीं दिये और शौच की निगरानी का का फरमान निकाल दिये! जनगणना , पशुगणना, चुनाव , बी पी एल, निर्वाचन सूचि, ओ-डी-एफ और मध्याह्न भोजन , सब कुछ तो करते आ रहे सिर्फ पढ़ाई के अलावे,  अब तो अंडा भी खिलाने लगे सुशासन बाबू. गुणवत्तापूर्ण शिक्षण के लिये यही एक काम बच गया था हमारे लिये, उसे भी आपने पूरा कर ही दिया. 

ग्रामीण इलाकों में खुले में शौच को रोकने के लिए शिक्षकों को साथ लेकर वार्ड स्तर का सदस्य बनाया गया है. इसमें शिक्षकों का काम होगा कि स्वच्छता अभियान के तहत बनने वाले शौचालय का शिक्षक निरीक्षण करेंगे. उसके निर्माण कार्य का जायजा लेंगे और उसका भौतिक सत्यापन कर उसकी रिपोर्ट ागे देंगे. नयी जिम्मेवारी के साथ-साथ सप्ताह में दो दिन कार्यों की समीक्षा के लिये बैठक करने का भी दिशा-निर्देश दिया गया है. शिक्षकों का कहना है कि उनके ऊपर पहले से ही कई तरह के गैर शैक्षणिक कार्य करने की जिम्मेदारी है, जिसके तहत वे वोटर लिस्ट निर्माण और जनगणना का काम देखते रहे हैं. इतना ही नहीं बीच-बीच में शराबबंदी और दहेज विरोधी अभियान के लिए भी उन्हें कुछ न कुछ कार्य थमा दिया जाता है.

सरकार के इस फरमान के खिलाफ माध्यमिक शिक्षक संघ ने जोरदार प्रतिक्रिया दी है. मीडिया से बातचीत में संघ के महासचिव शत्रुघ्न प्रसाद सिंह ने साफ कहा है कि यह सरकार का आदेश नहीं बल्कि पागलपन है. शिक्षकों को ऐसे कार्य में लगाना उनकी गरिमा और पद को ठेस पहुंचाना है. संघ ने सरकार से साफ कहा है कि सरकार इस फरमान को तुरंत वापस ले, वरना शिक्षक संघ इस मसले को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र लिखेगा.

साभार प्रभात खबर 


भारतीय मुद्रा लेने से इनकार करने पर इंडिगो पर राष्ट्रद्रोह का मुकदमा

भारतीय मुद्रा लेने से इनकार करने पर इंडिगो पर राष्ट्रद्रोह का मुकदमा

21-Nov-2017

नयी दिल्ली : विमानन कंपनी इंडिगो एक बार फिर मुसीबत में नजर आ रही है अभी हाल ही में खुद के कर्मचारियों द्वारा एक सवारी की पिटार्इ किये जाने के बाद शर्मसार हुर्इ इस विमानन कंपनी पर अब राष्ट्रद्रोह का मुकदमा दर्ज करने की बात कही जा रही है. मीडिया में आ रही खबरों के अनुसार, इस विमानन कंपनी की आेर से भारतीय मुद्रा लेने से इनकार करने के बाद उस पर यह मुकदमा दर्ज किया गया है. बताया जा रहा है कि विमानन कंपनी इंडिगो के खिलाफ नयी दिल्ली के सरोजनी नगर पुलिस स्टेशन में एयरलाइन के खिलाफ राष्ट्रद्रोह की शिकायत दर्ज करायी गयी है. यह मामला प्रमोद कुमार जैन ने दर्ज करायी है.

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बताया जा रहा है कि बेंगलुरु से दुबई के सफर के दौरान इस विमानन कंपनी ने शिकायतकर्ता प्रमोद जैन से भारतीय मुद्रा लेने से इंकार कर दिया. प्रमोद कुमार जैन ने कहा कि उन्होंने इंडिगो के खिलाफ आईपीसी की धारा 124 A (राष्ट्र द्रोह) और नेशनल ऑनर एक्ट 1971 के तहत मामला दर्ज किया गया है. गौरतलब है कि रियल एस्टेट कारोबारी प्रमोद कुमार ने 10 नवंबर, 2017 को बेंगलुरु से दुबई के लिए इंडिगो फ्लाइट नंबर 6E95 में टिकट करायी थी. सुबह 7:20 बजे उन्होंने विमान से यात्रा शुरू की. उन्होंने बताया कि टिकट में उन्होंने भोजन नहीं लिया था. सफर के दौरान उन्होंने भोजन ऑर्डर किया, लेकिन क्रू मेंबर्स ने उन्हें खाना देने से इंकार कर दिया. इसका कारण यह है कि वे भारतीय मुद्रा में भुगतान कर रहे थे.

उनका आरोप है कि क्रू मेंबर्स ने उनसे विदेशी मुद्रा में भुगतान करने को कहा था. प्रमोद कुमार के मुताबिक, लगातार कहने पर भी क्रू मेंबर्स ने उनसे भारतीय करेंसी में भुगतान लेने से इनकार कर दिया. उनका आरोप है कि यह राष्ट्र द्रोह का मामला है. कोई भारतीय विमानन कंपनी देश की करेंसी लेने से इनकार नहीं कर सकती है, जबकि वह भारतीय सवारियों के लिए लीगल टेंडर है.

अभी हाल ही के कुछ दिन पहले भी इंडिगो का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें इंडिगो ग्राउंड स्टाफ ने एक बुजुर्ग सवारी के साथ मारपीट की थी. हालांकि, कंपनी ने इस मामले में बयान जारी कर माफी मांगी थी. हालांकि, जैन के मामले में अभी तक विमानन कंपनी की आेर से कोई बयान जारी नहीं किया गया है.


करोल बाग को छोड़कर कहीं और जाएँगे हनुमान जी ! हाईकोर्ट ने दिया आदेश

करोल बाग को छोड़कर कहीं और जाएँगे हनुमान जी ! हाईकोर्ट ने दिया आदेश

21-Nov-2017

नई दिल्ली। दिल्ली की पहचान बन चुकी डेढ़ दशक पुरानी 108 फुट ऊंची हनुमान की मूर्ति को शिफ्ट किया जा सकता है। करोल बाग इलाके में अतिक्रमण पर नाराज दिल्ली हाईकोर्ट ने मूर्ति को एयरलिफ्ट करने की संभावनाएं तलाशने को कहा है। करोल बाग की सड़कों पर लगातार बढ़ रहे अतिक्रमण को लेकर कोर्ट एक पब्लिक पिटीशन पर सुनवाई कर रहा है।

मामले पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि करोल बाग और झंडेवालान के बीच करीब डेढ़ दशक पुरानी 108 फुट ऊंची हनुमान की मूर्ति को एयरलिफ्ट किया जा सकता है या नहीं। इस पर सिविक एजेंसिया और एमसीडी अपनी रिपोर्ट दे, इस बारे में उपराज्यपाल से भी मीटिंग करें।

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हाईकोर्ट ने अपने विचार रखते हुए कहा कि अमेरिका में भी कई जगहों पर कई गगनचुंबी इमारतों को एक जगह से दूसरी जगह शिफ्ट किया गया है। दिल्ली हाईकोर्ट ने सिविक एजेंसियों से नाराज होते हुए पूछा कि सिविक एजेंसी दिल्ली की कोई एक जगह बताएं जहां पर अतिक्रमण ना हुआ हो और नियमों का पालन हुआ हो।

सिविक एजेंसियों को फटकार लगाते हुए कोर्ट ने कहा है कि लोगों का माइंडसेट हो गया है कि कोई उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकता। सिविक एजेंसियों को कई मौके दिए लेकिन उन्होंने कुछ नहीं किया। लगता है कोई कुछ करना ही नहीं चाहता। 15 नवंबर तक अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया गया था. लेकिन हाईकोर्ट ने इसमें बदलाव करते हुए सुनवाई की अगली तारीफ 24 नवंबर तय की है।


 योगी के मंत्री जी के ठाठ, कार्यकर्ताओं से करा रहे मसाज ! वीडियो वायरल

योगी के मंत्री जी के ठाठ, कार्यकर्ताओं से करा रहे मसाज ! वीडियो वायरल

15-Nov-2017

एजेंसी 

नई दिल्ली : यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल नंदी का पैर दबवाते हुए वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। वायरल हो रहे इस वीडियो में कुछ लोग मंत्री जी के पैर दबाते भी नजर आ रहे हैं। कहा जा रहा है कि वीडियो में पैर दबाते नजर आ रहे लोग पार्टी के कार्यकर्ता हैं।

नंद गोपाल नंदी इलाहाबाद की सीट शहर दक्षिणी से चुनाव जीते थे। वह पहले बसपा में थे। मायावती ने उन्हें मंत्री बनाया था। वहीं यूपी विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी में शामिल हो गए।  बताया जा रहा है कि यह वीडियो चुनाव प्रचार के दौरान का है। दरअसल मंत्री नंद गोपाल की पत्नी अभिलाषा गुप्ता नंदी इलाहाबाद से महापौर की प्रत्याशी हैं। वह भाजपा के टिकट पर ही महापौर का चुनाव लड़ रही हैं। 

Video-  योगी के मंत्री नंदी का वीडियो वायरल, कार्यकर्ताओं से करा रहे मसाज

आरोप लगाया जा रहा है कि मंत्री नंद गोपाल चुनाव प्रचार के लिए इलाहाबाद गए हुए थे। उसी दौरान उन्होंने दो कार्यकर्ताओं से पैर दबवाए। जिसका वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में मंत्री के पास उत्तरी से भाजपा विधायक हर्षवर्धन बाजपेयी भी दिखाई दे रहे हैं।  

कहा जा रहा है कि मंत्री जी यूपी निकाय चुनाव में लगे हैं। जो वीडियो वायरल हो रहा है उसमें वे आंखें बंद किए नजर आ रहे हैं। मानो वे सो रहे हो।  दावा किया जा रहा है कि नंदी का पैर दबाया जा रहा है और वे सो रहे हैं।  


देश की सबसे बड़ी समाचार एजेंसी PTI के संपादक ने संसद का पास बनवाने के लिए दी झूठी जानकारी

देश की सबसे बड़ी समाचार एजेंसी PTI के संपादक ने संसद का पास बनवाने के लिए दी झूठी जानकारी

14-Nov-2017

By : indiasamvad.co.in

देश की सबसे बड़ी समाचार एजेंसी प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (पीटीआई) के एडिटर इन चीफ विजय जोशी विवादों में हैं। उनपर आरोप है कि उन्होंने संसद भवन का परमानेंट पास बनवाने के लिए अपनी झूठा हलफनामा दिया और संसद भवन में काम करने वाले कर्मचारियों ने भी बिना उसकी जांच किए ही विजय जोशी के नाम से परमानेंट पास जारी कर दिया। आपको बता दें कि संसद भवन के परमानेंट (आरएफ टैग के साथ मीडिया पास) के लिए कमसे कम 10 सत्र को टेंपररी पास के कवर करना होता है। उसके बाद ही किसी शख्स के नाम से परमानेंट पास जारी किया जा सकता है। 

नियमों की माने तो कोई पत्रकार आरएफ टैग वाला परमानेंट मीडिया पास तभी हासिल कर सकता है यदि उसने या तो लोकसभा या राज्यसभा को कम से कम 10 सत्रों के लिए अस्थायी पास के साथ कवर किया हो। लेकिन पीटीआई के एडिटर इन चीफ विजय जोशी के मामले में इन नियमों को ताक पर रख दिया गया। बताया जा रहा है कि विजय दोशी ने 10 सत्र लगातार कवर करने का दावा भी किया है। 

देश की सबसे बड़ी समाचार एजेंसी PTI के संपादक ने संसद का पास बनवाने के लिए दी झूठी जानकारी

लोकसभा के प्रेस खंड द्वारा तैयार किए गए एक नोट में कहा गया है कि विजय जोशी ने दावा किया है कि उन्होंने संसद को कवर किया है। सवाल ये उठता है कि अगर विजय जोशी ने झूठा दावा किया तो उसे संसद भवन के कर्मचारियों ने चेक क्यों नहीं किया। आम तौर पर हर पत्रकार और उनके संगठन को संसद के कवरेज के अनुभव के लिए सबूत देना पड़ता है, जिसे लोकसभा और राज्य सभा की मीडिया गैलरी के प्रवेश में रखा उपस्थिति रजिस्टर के साथ चेक किया जा सकता है। 

जानकारों की मानें तो विजय जोशी के रिज्यूम के साथ-साथ उनके पत्रकारिता करियर के ग्राफ को देखकर साफ पता चलता है कि उन्होंने कवी संसद भवन को कवर ही नहीं किया है। 1986 में जोशी ने ट्रेनी के तौर पर पीटीआई के साथ अपना करियर शुरू किया था। पीटीआई में काम करने दौरान उनके साथ काम करने वाले साथी बताते हैं की उस वक्त सत्र कवर करने की बात तो दूर उन्होंने संसद परिसर में पैर भी नहीं रखा था। 1989 में जोशी ने पीटीआई को अलविदा कह दिया और वो एसोसिएटेड प्रेस के साथ जुड़ गए जहां उन्हें सिंगापुर भेज दिया गया। अब सिंगापुर से भारतीय संसद सत्र को तो कोई कवर कर नहीं सकता। फरवरी 2017  में जोशी भारत वापस लौटे और पीटीआई के हेड बन गए। 

यहां सवाल यह है कि संसद के अधिकारियों ने जानबूझकर विजय जोशी के झूठे अनुभव के दावे को नजरअंदाज कर दिया। कानून के मुताबिक सरकारी दस्तावेजों में झूठी सूचना देना एक अपराध है और जब मामला संसद भवन से जुड़ा हो तो ये अपराध और भी बड़ा हो जाता है। ऐसे में सवाल ये हैं कि क्या विजय जोशी के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा। हालांकि इस मुद्दे पर विजय जोशी का पक्ष जानने के लिए हमने उनसे भी संपर्क करने की कोशिश की लेकिन संपर्क हो नहीं पाया।