प्रदेश की 40 लाख बहनों को स्मार्ट फोन तीजा का उपहार : डॉ. रमन सिंह

प्रदेश की 40 लाख बहनों को स्मार्ट फोन तीजा का उपहार : डॉ. रमन सिंह

03-Aug-2018

मुख्यमंत्री ने किया दुर्ग जिले में के नौ शहरी क्षेत्रों में स्मार्ट फोन वितरण की शुरूआत

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि तीजा के त्योहार में हर भाई अपनी बहन को कुछ न कुछ उपहार देता है, राज्य सरकार की संचार क्राति योजना में प्रदेश की 40 लाख बहनों को फोर जी स्मार्ट फोन एक भाई की ओर से बहनों को तीजा का उपहार है।  डॉ. सिंह आज दोपहर  जिला मुख्यालय दुर्ग के रविशंकर स्टेडियम में आयोजित मोबाइल तिहार के कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कुछ हितग्राहियों को मोबाइल फोन का वितरण कर जिले के नौ शहरी क्षेत्रों के लिए स्मार्ट फोन वितरण की शुरूआत की। कार्यक्रम में उन्होने थर्ड जेण्डर के लोगों को भी स्मार्ट फोन देने की घोषणा की। इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री श्री प्रेम प्रकाश पाण्डेय, लोक निर्माण मंत्री श्री राजेश मूणत, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती रमशीला साहू, संसदीय सचिव श्री लाभचंद बाफना, विधायक राजमहंत सांवलाराम डाहरे और श्री विद्यारतन भसीन, नगर दुर्ग की महापौर श्रीमती चंद्रिका चंद्राकर, भिलाई-चरौदा नगर निगम की महापौर श्रीमती चन्द्रकांता मांडले, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती माया बेलचंदन सहित अनेक जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे।
           मुख्यमंत्री ने इस मौके पर जिले के विकास के लिए लगभग 384 करोड़ रूपए के 104 निर्माण कार्यों की सौगात दी। उन्होंने इनमें से 68 करोड़ 29 लाख रूपए के 35 पूर्ण हो चुके निर्माण कार्यों का लोकार्पण और करीब 316 करोड़ रूपए के नये स्वीकृति 69 निर्माण कार्यों का भूमिपूजन और शिलान्यास किया। मोबाइल तिहार में मुख्यमंत्री के हाथों शासन की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत 89 हजार से अधिक हितग्राहियों को लगभग 32 करोड़ रूपए की सामग्री और सहायता राशि के वितरण की भी शुरूआत हुई। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ने जिन निर्माण कार्यों का लोकार्पण किया, उनमें दुर्ग-राजनांदगांव मार्ग पर शिवनाथ नदी में 25 करोड़ रूपए की लागत से निर्मित उच्च स्तरीय पुल भी शामिल है।
          मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि दुर्ग संभाग में अगस्त -सितंबर माह तक 11 लाख 3 हजार लोगों के हाथों में मोबाइल फोन आ जाएंगे। उन्होंने कहा कि मोबाइन फोन वितरण के लिए 60 दिनों की कार्य योजना बनायी गई है। उन्होंने कहा कि दुर्ग जिले के 2 लाख 41 हजार मोबाइल फोन वितरण के साथ दुर्ग जिला भी स्मार्ट जिला बन जाएगा।  डॉ. सिंह ने बताया कि संचार क्रांति योजना 1467 करोड़ रूपए की योजना है जिसमें 50 लाख स्मार्ट फोन का वितरण किया जाएगा। इसके वितरण होने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल कव्हरेज 66 प्रतिशत से बढ़कर 90 प्रतिशत हो जाएगा।
          उन्होंने कहा कि संचार क्रांति योजना के माध्यम से छत्तीसगढ एक डिजिटल युग में प्रवेश कर रहा है। योजना के तहत स्मार्ट फोन वितरण के अलावा 16 सौ नए मोबाइल टावर लगाए जाएंगे। इससे चार हजार नए गांवों में मोबाइल नेटवर्क का विस्तार होगा।  स्मार्ट फोन एक कम्प्यूटर लेपटाप का काम करेगा। इसके जरिए घर बैठे ही रेल और सिनेमा की टिकिट, रूपए एक खाते से दूसरे खाते में भेजना, बिजली बिल का भुगतान, और विभिन्न परीक्षाओं जैसे पीएमटी, हाईस्कूल परीक्षा आदि के परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।         मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री उज्जवला गैस योजना में जिले के 3 लाख 79 हजार परिवारों में रसोई गैस पहुंच चुका है। ये बड़ी उपलब्धि है यह बताता है कि विकास की दिशा किस ओर है।
      मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने जो वादा किया पूरा करके दिखाया है, पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी बाजपेयी ने हमें नया राज्य दिया। हमने गांव गरीब और किसानों के विकास के लिए अनेक योजनाएं शुरू की। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देश के इतिहास में पहली बार किसानों के लिए धान के समर्थन मूल्य में 200 रूपए की बढो़तरी की । उन्होंने कहा कि धान का समर्थन मूल्य में दो सौ की बढ़ोतरी के बाद 1750 रूपए हुआ। इसके साथ ही राज्य सरकार की ओर से तीन सौ रूपए की बोनस भी दिया जाएगा।  इस प्रकार इस वर्ष किसानों को धान का प्रति क्विंटल 2050 रूपए मूल्य मिलेगा। उन्होंने कहा कि किसानों को एक से अधिक सिचाई पम्प होने पर भी उन्हें फ्लेट रेट में बिजली बिल देने की सुविधा मिलेगी। साथ ही नलकूप के विद्युतीकरण के लिए फिर से एक लाख रूपए का अनुदान देना शुरू कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों के लिए राज्य सरकार ने तीन स्तरीय वेतनमान को बढाकर चार स्तरीय वेतनमान देने का निर्णय लिया है। उन्होंने आयुष्मान भारत योजना का भी उल्लेख किया। कार्यक्रम को उच्च शिक्षा मंत्री श्री प्रेम प्रकाश पाण्डेय ने भी सम्बोधित किया।
2 लाख 14 हजार लोगों को मिलेगा स्मार्ट फोन
मोबाइल तिहार में संचार क्रांति योजना में दुर्ग जिले के नौ शहरी निकायोें के 76 हजार और ग्रामीण क्षेत्र में 98 हजार 765 हितग्राहियों को तथा महाविद्यालयों में अध्ययनरत 66 हजार 303 विद्यार्थियों इस प्रकार कुल 2 लाख 41 हजार 112 हितग्राही को स्मार्ट फोन का वितरण किया जाएगा। संचार क्रांति योजना में 17 अगस्त से ग्रामीण हितग्राहियों को तथा सितम्बर माह से महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं को स्मार्ट मोबाईल फोन का वितरण किया जाएगा। योजना के तहत नगर निगम दुर्ग में 19 हजार 311, नगर निगम भिलाई में 36 हजार 910, नगर निगम भिलाई-चरोदा में 7 हजार 596, नगर पालिका कुम्हारी में 3 हजार 533, नगर पालिका जामुल में 3 हजार 588, नगर पालिका अहिवारा में एक हजार 974, नगर पंचायत उतई में 327, नगर पंचायत धमधा में एक हजार 404 एवं नगर पंचायत पाटन में एक हजार 374 हितग्राहियों को स्मार्ट फोन का वितरण किया जाएगा। इसी प्रकार ग्रामीण क्षेत्रों में विकासखण्ड दुर्ग में 33 हजार 737, धमधा में 30 हजार 250 एवं पाटन में 34 हजार 778 हितग्राहियों के अलावा विभिन्न महाविद्यालयों के 66 हजार 330 विद्यार्थियों को भी स्मार्टफोन का वितरण होगा।
लोकार्पण और भूमिपूजन

मुख्यमंत्री जिन निर्माण कार्याें का लोकार्पण किया, उनमें शिवनाथ नदी के पुल के अलावा अंजोरा स्थित वेटनरी महाविद्यालय में बाढ़ से सुरक्षा के लिए लगभग 8 करोड़ 70 लाख रूपए की लागत से कराए गए निर्माण कार्य, लगभग 2 करोड़ 69 लाख रूपए की लागत की रसमड़ा नल-जल योजना, लगभग 2 करोड़ 44 लाख रूपए की लागत से ग्राम निकुम में निर्मित 13/11 के.व्ही. विद्युत उपकेन्द्र और 2 करोड़ 20 लाख रूपए की लागत से निर्मित तुमाखुर्द-घसरा मुख्य मार्ग भी शामिल हैं। उनके हाथों जिन निर्माण कार्यों का भूमिपूजन और शिलान्यास हुआ, उनमें लगभग 49 करोड़ 35 लाख रूपए की लागत से बनने वाला जिला मुख्यालय दुर्ग से जुनवानी-कोहका-कुरूद मार्ग, लगभग 27 करोड़ 38 लाख की लागत से दुर्ग-दल्ली-राजहरा रेलमार्ग में ठगड़ा बांध रेल्वे क्रासिंग पर प्रस्तावित ओव्हरब्रिज एवं रेल्वे अंडरब्रिज, 24 करोड़ 45 लाख रूपए की लागत से बनने वाला उतई-खोपली-मचांदुर मार्ग, 16 करोड़ 69 लाख रूपए की लागत से कुम्हारी से बेमेतरा मार्ग का डामरीकरण कार्य और 14 करोड़ 23 लाख रूपए की लागत से बनने वाला दुर्ग विश्वविद्यालय का प्रशासनिक भवन भी शामिल है।


पूर्व आईजी पवन देव मामले की सुनवाई अब कैट में ही होगी, HC ने किया 'डिस्पोजल ऑफ'

पूर्व आईजी पवन देव मामले की सुनवाई अब कैट में ही होगी, HC ने किया 'डिस्पोजल ऑफ'

03-Aug-2018

बिलासपुर : महिला कांस्टेबल से छेड़छाड़ के आरोप में घिरे बिलासपुर जिले के पूर्व आईजी पवन देव के मामले की सुनवाई अब हाईकोर्ट नहीं करेगी हाईकोर्ट ने इसे डिस्पोजल ऑफ कर दिया है HC ने कहा है की चूँकि यह इसकी सुनवाई कैट में चल रही है इसलिए इसकी सुनवाई एक जगह ही होनी चाहिए अब पवन देव के मामले की सुनवाई कैट में ही होगी आपको बता दें की महिला कांस्टेबल ने पूर्व आईजी पवन देव पर छेड़छाड़ की शिकायत की थी जिसके बाद राज्य शासन ने रेणु पिल्ले कमेटी से मामले की जांच कराई थी.

इस कमेटी ने पवन देव को छेड़छाड़ का आरोपी पाया था, लेकिन इस रिपोर्ट पर राज्य शासन ने कोई कार्रवाई नहीं की. इसके खिलाफ महिला कांस्टेबल ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी इस मामले पर सुनवाई हो रही थी 

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जनसंवाद कॉल सेंटर से सरकार को मिल रहा योजनाओं का फीडबैक : डॉ. रमन सिंह

जनसंवाद कॉल सेंटर से सरकार को मिल रहा योजनाओं का फीडबैक : डॉ. रमन सिंह

03-Aug-2018

रायपुर : मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कल शाम यहां अपने निवास कार्यालय से बस्तर और दुर्ग राजस्व संभागों के 12 जिला कलेक्टरों से वीडियो क्रांफेंसिंग के जरिए विभिन्न योजनाओं प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की जनसंवाद परियोजना के तहत कॉल सेंटर के माध्यम से शासन को आम जनता से शासकीय योजनाओं का फीडबैक मिल रहा है और लोगों की जरूरतों की भी जानकारी मिल रही है। यह परियोजना सरकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने दुर्ग संभाग के पांच जिलों-बेमेतरा, दुर्ग, राजनांदगांव, कवर्धा और बालोद तथा राजस्व संभाग बस्तर के सात जिलों-कांकेर, कोण्डागांव, बस्तर, नारायणपुर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा में चल रही योजनाओं की समीक्षा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास यात्रा के दूसरे चरण में तेन्दूपत्ता बोनस के रूप में 608 करोड़ की राशि तथा 12 लाख चरण पादुकाओं के वितरण के लिए सभी जिलों में आवश्यक तैयारी कर ली जाए। उन्होंने कलेक्टरों से कहा कि संचार क्रांति योजना में स्मार्ट फोन वितरण कार्य योजना में किसी भी प्रकार का परिवर्तन नहीं किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को फ्लेट रेट का विकल्प दिया गया है उसका ग्रामीण क्षेत्रों में प्रचार प्रसार किया जाए। उन्होंने विद्युत वितरण केन्द्रों में विद्युत समस्याओं के निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा राजस्व मामलों के निराकरण में किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों से कहा कि अगले 15-20 दिनों के भीतर मजदूरी भुगतान के लंबित मामलों का निराकराण पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अमलों को मैदानी क्षेत्रों में भेज कर कराया जाए तथा जिन मामलों में भुगतान किया जा चुका है उन सभी मामलों में संबंधितों को मोबाइल के माध्यम से एस एम एस कर सूचना दी जाए।

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में वीडियो कांफ्रेंसिंग में प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत रसोई गैस सिलेंडरों की रिफिलिंग व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। खाद्य विभाग की सचिव ने बस्तर के सुदूर क्षेत्रों में बाजार हाट में गैस सिलेन्डरों के वितरण कराने तथा गैस रिफिलिंग एवं गैस कनेक्शन एवं इसके साथ मिलने वाले अन्य उपकरणों के संबंध में बाल राइटिंग कराने कहा। उर्जा विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी ने बताया कि 20 से 30 अगस्त के बीच विद्युत वितरण केन्द्र्रों पर विद्युत समस्याओं के निराकरण के लिए शिविर लगाए जाएंगे। इसके अलावा लाइन में की संख्या बढ़ाने जा रहे हैं। मेंटेनेंस पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बैठक में जानकारी दी गई कि लगभग एक लाख 08 हजार शिक्षकों की कोषालय में डाटा एन्ट्री हो चुकी है। अब तक 99 हजार शिक्षक पंचायत एवं नगरीय संवर्ग के शिक्षकों का वेतन निकाला जा चुका है।

बैठक में संचार क्रांति योजना, अधोसंरचना के कार्यों, आबादी पट्टा वितरण, प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना (सौभाग्य), मजदूरी भुगतान, प्रधानमंत्री उज्जवला योजना, मुख्यमंत्री पेंशन योजना, गांवों में विद्युत समस्याओं के निराकरण, शिक्षक पंचायत एवं नगरीय निकाय संवर्ग के संविलियन के बाद वेतन भुगतान सहित अस्पतालों, उचित मूल्य दुकानों और आंगनबाड़ी केन्द्रांें के समय पर खुलने, शिक्षक और पटवारी की उपस्थिति, पंचायत सचिव के मुख्यालाय पर रहने आदि की जानकारी ली गई। वीडियो कॉन्फ्रेंसिग के दौरान मुख्यमंत्री के साथ मुख्य सचिव श्री अजय सिंह, वन विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री सी.के खेतान, कृषि विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री सुनील कुजूर, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री आर.पी.मंडल, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री अमन कुमार सिंह, खाद्य विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, खनिज साधन विभाग के सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, स्वास्थ्य विभाग की सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, श्रम विभाग की सचिव श्रीमती आर. शंगीता, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव श्री गौरव द्विवेदी, ऊर्जा विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी, आवास और पर्यावरण विभाग के सचिव श्री संजय शुक्ला, समाज कल्याण विभाग के विशेष सचिव श्री आर. प्रसन्ना, एनआरडीए के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री रजत कुमार तथा संबंधित विभागों के अन्य अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

 
 
 

मुख्यमंत्री शामिल हुए वन महोत्सव में : प्रदेश में हरियर छत्तीसगढ़ महाभियान के तहत इस वर्ष सात करोड़ पौधे लगाए जाएंगे: डॉ. रमन सिंह

मुख्यमंत्री शामिल हुए वन महोत्सव में : प्रदेश में हरियर छत्तीसगढ़ महाभियान के तहत इस वर्ष सात करोड़ पौधे लगाए जाएंगे: डॉ. रमन सिंह

02-Aug-2018

रायपुर : मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने आज यहां पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के परिसर में हरियर छत्तीसगढ़ वृक्षारोपण महाभियान के तहत आयेाजित वन महोत्सव में स्कूल-कॉलेजों के विद्यार्थियों और नागरिकों के साथ वृक्षारोपण किया। डॉ. सिंह ने समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि हरियर छत्तीसगढ़ महाभियान के तहत इस वर्ष मानसून के दौरान प्रदेश भर में आम जनता की भागीदारी से विभिन्न प्रजातियों के सात करोड़ पौधे लगाए जाएंगे।  मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय परिसर में कृष्णवट (बड़) का पौधा लगाया, जो औषधीय गुणों से परिपूर्ण है और जिसे मक्खन कटोरी के नाम से भी जाना जाता है। मुख्यमंत्री ने वृक्षारोपण कार्यक्रम को यादगार बनाने के लिए हरियर छत्तीसगढ़ महाभियान की पट्टिका का अनावरण भी किया।

      उन्होंने वृक्षारोपण के बाद विद्यार्थियों और नागरिकों को वृक्षारोपण, पर्यावरण और वन्यप्राणी को सुरक्षित रखने और जनमानस में इनके प्रति चेतना जगाने की शपथ दिलाई। डॉ. रमन सिंह ने कहा - पर्यावरण की रक्षा हम सबकी नैतिक जवाबदारी है। पौधारोपण जैसे कार्यो से प्रकृति के प्रति जुडाव बढ़ता है और पृथ्वी को बचाने के लिए हमारी भागीदारी और भूमिका बढ़ती है। उन्होंने कहा वर्षो बाद जब वृक्ष लगाने वाले बच्चें और लगाये गये पौधें दोनों बड़े हो जायेंगे तो लगाने वाले बच्चों को इन्हें देखने में काफी आनंद आयेंगा और उन्हें सुकून महसूस होगा। मुख्यमंत्री ने कहा इस वर्ष छत्तीसगढ़ में 7 करोड़ पौधों का वृक्षारोपण किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा ऐसे कार्यक्रमों के जरिये आम जनता के बीच पेड़-पौधों के महत्व को लेकर जागरूकता आती है। समाज में पर्यावरण संरक्षण का संदेश जाता है। उन्होंने कहा  राज्य को हरा -भरा बनाने के लिए पौधरोपण के साथ-साथ उनकी सुरक्षा और देखभाल का भी संकल्प लेना चाहिए।

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रदेश के वन तथा विधि एवं विधायी कार्य मंत्री श्री महेश गागड़ा ने पर्यावरण की रक्षा और वृक्षारोपण के इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में नागरिकों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। राजभाषा आयोग के अध्यक्ष पद्मश्री डॉ. सुरेन्द्र दुबे ने वृक्षारोपण को बढ़ाने की अपील बच्चों से की। प्रदेश के अपर मुख्य सचिव (वन विभाग) श्री सी के खेतान ने बताया कि पर्यावरण के प्रति नागरिकों को सजग करने की दृष्टि से राज्य में वर्ष 2007 वन महोत्सव के माध्यम से व्यापक वृक्षारोपण का कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की पर्यावरण और वृक्षारोपण के प्रति विशेष रूचि रहती है और वे अपने पूरी दिल और दिमाग से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में भारत सरकार द्वारा कराये गये सर्वेक्षण से छत्तीसगढ़ में दो सौ वर्ग किलोमीटर में वनों का विस्तार होने की जानकारी मिली है।

    हरियर छत्तीसगढ़़ महाभियान के तहत आज पंडित रविशंकर विश्वविद्यालय के 7.2 हेक्टेयर में 9700 पौधे लगाए गए। इनमें मौलश्री, आंवला, पीपल, नारियल, अमरूद, कटहल, हल्दू जैसे फलदार और छायादार प्रजातियां शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने यहां कृष्णवट का पौधा लगाया जो छत्तीसगढ़ का प्राचीन एवं औषधियों से भरपूर दुर्लभ पौधा है। यह पहले सिर्फ शिवरीनारायण में ही उपलब्ध था इसकी पत्ती पीछे से दोनें की शक्ल में मुड़ी होती है जिसके कारण अनेक धार्मिक मान्यतायें और किवदंतियां भी इससे जुड़ी है। ऐसा माना जाता है भगवान श्री कृष्ण इसके पत्ते में मक्खन स्वयं खाते थे और गोपियों को भी खिलाते थे यह भी मान्यता है कि शबरी ने भगवान श्री राम को इसी वृक्ष के पत्ते में बेर रख कर खिलाया था। आयुर्वेद के अनुसार यह पेड़ का छाल, तना और पत्ता मधुमेह, अल्सर, ज्वर, जलन, लेप्रोसी, सिफलीस, लीवर जलन आदि के इलाज के लिए उपयोगी है।


छत्तीसगढ़ में न्यायिक सेवाओं का बजट 16 करोड़ से बढ़कर  अब 639 करोड़ रूपए : डॉ. रमन सिंह

छत्तीसगढ़ में न्यायिक सेवाओं का बजट 16 करोड़ से बढ़कर अब 639 करोड़ रूपए : डॉ. रमन सिंह

02-Aug-2018

रायपुर : मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि राज्य सरकार आम जनता को सहज, निष्पक्ष और सुलभ न्याय दिलाने के लिए वचनबद्ध है। इस उद्देश्य से न्यायिक अधोसंरचनाओं का विकास और विस्तार तेजी से किया जा रहा है। उन्होंने कहा - राज्य निर्माण के समय वर्ष 2000 में छत्तीसगढ़ में विधिक अथवा न्यायिक सेवाओं का बजट सिर्फ 16 करोड़ रूपए था, जो आज बढ़कर 639 करोड़ रूपए हो गया है। इतना ही नहीं बल्कि इस दौरान अदालतों में न्यायिक अधिकारियों के पदों की संख्या 102 से बढ़कर 503 तक पहुंच गई है। 

    मुख्यमंत्री कल दोपहर राज्य के जिला मुख्यालय बिलासपुर में जिला अधिवक्ता संघ के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के शपथ ग्रहण समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने मुख्य अतिथि की आसंदी से इन पदाधिकारियों को शपथ दिलाई और उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी। डॉ. सिंह ने कहा - न्यायिक प्रक्रिया में वकीलों की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसे ध्यान में रखकर उन्हें पीडि़तों को न्याय दिलाने के लिए हमेशा सजगता के साथ प्रयास करते रहना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा - बिलासपुर का जिला अधिवक्ता संघ प्रदेश का सबसे बड़ा जिला अधिवक्ता संघ है, जिसके लगभग चार हजार सदस्य हैं। उन्होंने अधिवक्ता संघ के आग्रह पर वाणिज्यिक-कर विभाग के पुराने कार्यालय भवन की जमीन संघ के कार्यालय भवन के निर्माण के लिए उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। 

    नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अमर अग्रवाल और विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष श्री धरमलाल कौशिक और जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष श्री सुरेश सिंह गौतम ने भी समारोह को सम्बोधित किया। इस अवसर पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री एन.डी. तिगाला, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री पुन्नूलाल मोहले, संसदीय सचिव श्री तोखन साहू, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती हर्षिता पाण्डेय, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल के अध्यक्ष श्री भूपेन्द्र सवन्नी, नगर निगम बिलासपुर के महापौर श्री किशोर राय, राज्य विधिक परिषद के अध्यक्ष श्री प्रभाकर सिंह चंदेल भी उपस्थित थे। 

 


वयोवृद्ध महिला श्रीमती राधा सोनवानी के आग्रह पर मुख्यमंत्री ने उनके साथ सेल्फी ली

वयोवृद्ध महिला श्रीमती राधा सोनवानी के आग्रह पर मुख्यमंत्री ने उनके साथ सेल्फी ली

01-Aug-2018

 बिलासपुर : मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज दोपहर राज्य के जिला मुख्यालय बिलासपुर के पुलिस मैदान में आयोजित ‘मोबाइल तिहार’ में वयोवृद्ध महिला श्रीमती राधा सोनवानी को भी सूचना क्रांति योजना के अंतर्गत स्मार्ट फोन दिया। मोबाइल मिलने से प्रसन्न श्रीमती सोनवानी ने मुख्यमंत्री से एक सेल्फी लेने का आग्रह किया। उनकी चेहरे पर खुशी देख डॉ. सिंह भी उन्हें इंकार नहीं कर सके, उन्होंनेे तुरंत अपने मोबाइल से श्रीमती राधा सोनवानी के साथ सेल्फी ली। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कुछ हितग्राहियों को मोबाइल फोन वितरित कर बिलासपुर जिले के 10 शहरों के लगभग 25 हजार हितग्राहियों को स्मार्ट फोन वितरण का शुभारंभ किया। बिलासपुर नगर निगम क्षेत्र के 14 हजार 769 हितग्राहियों को मोबाइल फोन वितरित किए गए। नगरीय विकास मंत्री श्री अमर अग्रवाल, संसदीय सचिव श्री राजू क्षत्री, विधानसभा उपाध्यक्ष श्री बद्रीधर दीवान, विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष श्री धरमलाल कौशिक छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष श्री भूपेन्द्र सिंह सवन्नी, छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती हर्षिता पाण्डेय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री दीपक साहू और नगर निगम बिलासपुर के महापौर श्री किशोर राय कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थे।


परिचय को तरसते शालाओं के नाम

परिचय को तरसते शालाओं के नाम

01-Aug-2018
राजेन्द्र ओझा 
 
रायपुर : उस कुछ मीटर के रास्ते पर आवा-जाही कुछ कम ही रहती थी। उस रास्तें के दोनों तरफ शहर पूरी तरह शहर था। दौड़ता हुआ। आजू-बाजू किसी गिरे हुये के पास से गुजरता-बचा कर कम, लांघ कर ज्यादा। वह कुछ मीटर का लगभग खाली रास्ता, शांत और साफ रास्ता हमेशा शहर में भी एक गाँव के छिपे होने का आभास देता। पेड़ के नीचे सड़क पर बैठकर बतियाते कुछ बुजुर्ग, तो कोई छोटे से मंदिर के पास लाल कपड़े में बंधी धार्मिक किताब पढ़ता दिख जाता। कोई धोती पहना अधेड़ बोरिंग किनारे बैठ दातुन रगड़ता दिख जाता, तो कुछ युवा दिख जाते खड़ी साईकिल की स्टैण्ड पर बैंठे पैडल मार पीछे चक्के को घुमाते, तो कभी यूं ही घंटी बजातें। 
 
उस सड़क पर पक्के मकान थंे, तो झोपड़ियाँ भी थीं। छोटे दरवाजें-जैसे कह रहे हों ’’झुकोगे तभी अंदर आ पाओगे।’’ और अंदर पहुँच गये तो दिखता लोगों के दिल जैसा बड़ा और खुला आंगन। आम पेड़ की छाँह, मटके का ठंडा पानी, बूच की रस्सी से गूंथी, बार-बार ढीली होती और बार-बार तनती खाट पर बैठकर कोरी चाय पीने का आनंद। 
थोड़े से शहर और ज्यादा से गाँव का आभास देती इस सड़क पर एक बड़ा सा परिसर है। इस परिसर के भीतर आंगनबाड़ी, प्राथमिक शाला-लड़कों की अलग, तो अलग लड़कियों के लिये भी। पूर्व माध्यमिक शाला है तो है हाई स्कूल भी। परिसर एक चहार दीवारी से घिरा है और स्कूल शासकीय होने के कारण या तों नगर-निगम के द्वारा संचालित हो रहे होंगे या प्रदेश शासन द्वारा। लेकिन चहार दीवारी पर स्कूल की जानकारी को छोड़कर वैवाहिक भवन, किराया भंडार एवं कैटरर्स, धुमाल पार्टी, आरोग्य मंदिर आदि के साथ-साथ निजी स्कूल के विज्ञापन भी लिखे हुये है। 
 
स्कूल के नामों पर जब नज़र पड़ी तो पता चला कि शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला किसी श्रीधर जुनानकर के नाम पर है तो शासकीय प्राथमिक शाला का नामकरण किसी उमेश पाध्ये के नाम पर किया गया है। शालाओं का नामकरण तो इन विशिष्ट व्यक्तियों के नाम पर हो गया लेकिन इन विशिष्ट व्यक्तियों का परिचय, साहित्यिक, सामाजिक, शैक्षणिक, सांस्कृतिक आदि क्षेत्र, जिसमें इन्होंने उपलब्धियाँ हासिल की आदि का कहीं कोई उल्लेख नहीं था। 
 
मन में उत्सुकता थी इन विशिष्ट विभूतियों के बारें में जानने की। मैंने लोगों से पूछना प्रारंभ किया। युवा या उससे कुछ ज्यादा उम्र के लोगों को इनके बारें में कोई जानकारी नहीं थी। जिनके बारें में यह कहा जाता है कि इन्होंने अपनी उम्र गुजार दी, ऐसे 60-70 वर्ष की उम्र के लोगों से सतही तौर पर यह जानकारी प्राप्त हुई कि श्री उमेश पाध्ये वैज्ञानिक थे और कुआँनुमा गड्ढा कर अंतरिक्ष की स्थिति के बारें में कुछ खोज/अध्ययन करते थें और श्रीधर जुनानकर का संबंध स्वतंत्रता संग्राम से था। लेकिन इनके बारे में गहन और विस्तृत जानकारी प्राप्त नहीं हुई।
इसी तरह पंडरी मुख्य सड़क से कृषि उपज मंडी की तरफ जाने वाली सड़क पर भी ऐसा ही एक परिसर है जहाँ आंगनबाड़ी, अवंति बाई लोधी शासकीय प्राथमिक कन्या शाला, स्व. मधु पिल्ले स्मृति शासकीय प्राथमिक विद्यालय, फिरतूराम वर्मा शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला, स्व. रामबाई वर्मा की स्मृति में श्री दाऊलाल वर्मा द्वारा निर्मित कन्या हाई स्कूल स्थित है। लेकिन यहाँ भी स्कूल का नामकरण जिनकी स्मृति में किया गया है, के जीवन वृत्त एवं उपलब्धियों का कहीं कोई उल्लेख नहीं था। 
 
प्रदेश के प्रायः सभी शहरों, कस्बों एवं गाँवों में किसी-न-किसी शाला का नाम किसी-न-किसी की स्मृति में रखा गया है, उनमें से बहुत से लोगों की उपलब्धियों के बारे में जानकारी या तों बिल्कुल ही नहीं है या अत्यंत अल्प है। अतः शासन/प्रशासन को चाहिये कि ऐसी समस्त शालायें जिनका नामकरण किसी-न-किसी विभूति के नाम पर किया गया है, का जीवन परिचय, उपलब्धियाँ स्कूल परिसर के भीतर होर्डिंग्स के रूप में एवं चहार दीवारी पर मुख्य गेट के पास अंकित करावें साथ ही इन विशिष्ट व्यक्तियों के तैलचित्र भी स्कूल के भीतर ससम्मान लगाये जावें। उनके जन्म और स्मृति दिवस पर उन्हें याद भी किया जाना चाहिये। 
 
शाला परिसर की चहार दीवारी जिन पर अनेक प्रकार के निजी विज्ञापन अंकित कर दिये जाते है, के स्थान पर चहार दीवारी के बाहरी तरफ भारतीय संविधान की जनोपयोगी जानकारियाँ, संविधान के तहत प्रदत्त मूलभूत अधिकार एवं नागरिकों के कर्तव्य, केन्द्र एवं राज्य सरकार की जनहित योजनाओं की जानकारियाँ, वैज्ञानिक, समाज सुधारकों सहित आध्यात्मिक महापुरूषों की उक्तियाँ, उनके चित्र आदि का अंकन किया जाना चाहिये एवं चहार दीवारी के भीतरी तरफ स्कूल एवं छात्रोंपयोगी जानकारियाँ अंकित की जानी चाहिये जिससे  चहार दीवारी का न केवल सदुपयोग होगा अपितु छात्रों एवं वहाँ से गुजरने वाले लोगों को उपयोगी जानकारियाँ भी प्राप्त हो सकेंगी। 
 
अंत में एक बात और शाला का नामकरण जिनकी स्मृति में किया गया है उनके नाम पर छात्रों के लिये पुरस्कार की घोषणा छात्रों में अध्ययन के प्रति रूचि को बढ़ाने में सहायक ही सिद्ध होगी। 
राजेन्द्र ओझा
पहाड़ी तालाब के सामने कुशालपुर
रायपुर, (छत्तीसगढ़) - 492001
मो.नं. -95754-67733, 87703-91717
 
 
 

 नई तकनीकों से दूरस्थ क्षेत्रों में पहुंचाई  जा सकती हैं, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं: डॉ. रमन सिंह

नई तकनीकों से दूरस्थ क्षेत्रों में पहुंचाई जा सकती हैं, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं: डॉ. रमन सिंह

31-Jul-2018

रायपुर : मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में खोजी जा रही नई तकनीकों के प्रयोग से राज्य के दूरस्थ अंचलों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, टेलीमेडीसिन, बायोसेंसर जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल इसके लिए किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में नवाचारों के जरिए मातृ मृत्यु दर, शिशु मृत्यु दर और कुपोषण में कमी लाने के लिए कार्य योजना बनाकर कार्य किया गया, जिसके बेहतर नतीजे मिले। डॉ. सिंह आज यहां स्वास्थ्य विभाग और स्टेनफोर्ड बायो डिजाइन इन इंडिया फाउंडर्स फोरम द्वारा आयोजित एक दिवसीय ’मेडिटेक इनोवेशन समिट’ के उद्घाटन सत्र को सम्बोधित कर रहे थे। कार्यशाला में डॉ. सिंह ने ’हेल्थ टेक्नॉलाजी इनोवेशन इन द इंडियन कांटेक्स्ट’ शीर्षक से प्रकाशित पुस्तिका का विमोचन किया और अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों की प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। 

           मुख्यमंत्री ने कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ को मैं एक स्टार्ट अप राज्य के रूप में देखता हूं। राज्य में मातृ मृत्यु दर, शिशु मृत्यु दर कुपोषण एक बड़ी चुनौती के रूप में हमारे सामने थी। इन सूचकांकों में सुधार के लिए प्रदेश में अनेक नवाचारों के जरिए कार्ययोजना बनाकर कार्य किया गया और बड़ी सफलता हासिल की। प्रदेश में पिछले 18 वर्षों में स्वास्थ्य सहित कई क्षेत्रों में नए प्रयोग किए गए हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में नई तकनीक का उपयोग स्वास्थ्य के क्षेत्र में करने के लिए स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी के साथ वर्ष 2016 में एम.ओ.यू. हुआ। इस कार्यशाला में स्वास्थ्य के क्षेत्र में नई तकनीकों के माध्यम से अस्पतालों और चिकित्सकों को आपस में जोड़कर आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, टेलिमेडिसिन, बायोसेंसर जैसी तकनीकों के इस्तेमाल पर चर्चा होगी और सस्ती स्वास्थ्य तकनीकों के उपयोग पर विचार होगा। 

             कार्यशाला में मुख्य सचिव श्री अजय सिंह, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री अमन कुमार सिंह, स्वास्थ्य विभाग की सचिव श्रीमती निहारिका बारीक सिंह, स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी के इंडिया बायोडिजाइन प्रोग्राम के सह संचालक डॉ. राजीव दोशी और डॉ. अनुराग मायरल, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, और गुजरात, महाराष्ट्र सहित छह राज्यों के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, देश विदेश के इनोवेटर्स, चिकित्सक, यूनिसेफ और विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

 


कठिनाइयों में भी अडिग रहे प्रेमचंद,  छात्रों ने भी सुनाई अपनी रचनाएं

कठिनाइयों में भी अडिग रहे प्रेमचंद, छात्रों ने भी सुनाई अपनी रचनाएं

31-Jul-2018

राजेन्द्र ओझा 

रायपुर : नारायणी साहित्य अकादमी एवं ज्ञानवाहिनी शिक्षण समिति  के संयुक्त तत्वावधान में कुशालपुर स्थित पाञ्चजन्य विद्या मंदिर में प्रेमचंद की कहानियों में सामाजिक संदेश विषय पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। संस्था की प्रादेशिक अध्यक्ष डॉ श्रीमती मृणालिका ओझा ने संस्था के उद्देश्य बताते हुए कहा कि विद्यार्थियों एवं युवाओं को साहित्य लेखन एवं पठन- पाठन के लिए प्रेरित करना हमारा उद्देश्य है। 

इस अवसर पर शाला के छात्र करण यादव ने प्रेमचंद का जीवन परिचय बताते हुए कहा कि गरीबी, अभाव, शोषण, उत्पीड़न जैसी परिस्थितियों के बाद भी प्रेमचंद ने अपार साहित्य रचा और समाज को एक दिशा प्रदान की। शाला की शिक्षिका श्रीमती नीलिमा सोनी एवं शिक्षक  श्री सुरेन्द्र कुमार यादव ने भी परिवार से लेकर वैश्विक स्तर की समस्या को लेकर रचे गए प्रेमचंद के साहित्य को लगातार पढ़ने की जरूरत पर बल दिया। श्रीमती शारदा अग्रवाल ने प्रेमचंद की कहानी ईदगाह पर विचार व्यक्त किये।

    प्रेमचंद के अतिरिक्त अन्य विषयों पर भी छात्रों ने अपने विचार व्यक्त किये।  'सभी व्यक्तियों में एकता की भावना ही राष्ट्रीयता है' जैसी बात कुमारी तनु साहू ने कही। सूरज पटेल ने पर्यावरण प्रदूषण को गंभीर बताते हुए इससे हो रहे विनाश के प्रति ध्यान आकर्षित किया। कुमारी भावना साहू ने ॠतुओं के बारे में, कुमारी श्वेता चिचोलकर ने गुरू की महिमा पर, एवं कुमारी संजना वर्मा, कुमारी निशा हाईत,  तथा कुमारी प्रीति देवांगन  सहित अन्य  विद्यार्थियों  ने विभिन्न विषयों पर अपनी कविताएं प्रस्तुत की।

      कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि अजय अवस्थी किरण ने प्रेमचंद साहित्य का उल्लेख करते हुए हम बडे भी छात्रों से प्रेरणा लेना चाहते हैं जैसी बात कही। रजनीश कुमार यादव ने   कहा कि उस समय समाज में जो बुराइयाँ थी उनका और अंग्रेजी शासन का विरोध प्रेमचंद ने अपने साहित्य के माध्यम से किया। संजीव ठाकुर ने बुजुर्गों के स्नेह एवं गांव की मधुर यादों पर गीत सुनाते हुए उनके प्रति सम्मान बनाये रखने की बात कही।

शाला के संचालक श्री कृष्ण कुमार शर्मा ने गंभीर विषयों पर भी सरल शब्दों में बात रखने की उनकी विशेषता को रेखांकित किया। मुख्य अतिथि की आसंदी से बोलते हुए प्रख्यात कवयित्री  शशि दुबे ने प्रेमचंद साहित्य पर विस्तीर्ण प्रकाश डालते हुए राष्ट्रीयता के महत्व को बताया। अध्यक्षता करते हुए डॉ. स्नेह लता पाठक ने प्रेमचंद के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि विद्यार्थियों को उनके साहित्य से क्या संदेश मिलता है। किस तरह विद्यार्थी धनपत राय उपन्यास सम्राट प्रेमचंद के नाम से पहचाने गये। कार्यक्रम का संचालन राजेंद्र ओझा ने किया एवं   अंत में प्राचार्या  श्रीमती इन्द्राणी शर्मा   ने संपूर्ण कार्यक्रम को विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्पद बताते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया।

 


संसदीय सचिव द्वारा आम जनता से पौधारोपण करने की अपील

संसदीय सचिव द्वारा आम जनता से पौधारोपण करने की अपील

31-Jul-2018

संजीव गुप्ता की रिपोर्ट 

कोरिया! जिले के मनेंद्रगढ़ जनपद पंचायत के अंतर्गत ग्राम पंचायत साल्ही में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजनान्तर्गत आज निजी भूमि में सामुहिक मिश्रित फल पौधा रोपण कार्यक्रम में हुआ जिसमें मुख्य अतिथि संसदीय सचिव श्री मति चम्पा देवी पावले द्वारा पौधा रोपण किया गया एवं ग्राम में आम सभा के आयोजन किया गया जिसमें समाज के सभी वर्गों से पौधा रोपण का आग्रह किया है व जनता के बीच जन सुनवाई करते हुए को जल्द से जल्द निराकरण करने के अधिकारियों को निर्देश दिए।

 इस अवसर पर :-  महिला मोर्चा जिला मंत्री कविता दीवान, मंडल अध्यक्ष श्याम बिहारी जायसवाल,  महामंत्री उदित नारायण , उपाध्यक्ष प्रदीप वर्मा, संजय राय , महिला मोर्चा मंडल अध्यक्ष उर्मिला नेताम, सरपंच राम सिंह, ललित केशरवानी गोरे लाल , धर्म पाल, राजकुमार उपस्थित में कार्यक्रम सम्पन्न हुआ l


लोगों को स्मार्टफोन बाँटने वाली योजना ! मोबाइल तिहार का शुभारंभ

लोगों को स्मार्टफोन बाँटने वाली योजना ! मोबाइल तिहार का शुभारंभ

30-Jul-2018

रायपुर : रमन सरकार आज अपनी महत्वाकांक्षी योजना संचार क्रांति योजना के तहत मोबाइल तिहार का आयोजन आज सोमवार 30 जुलाई को इंडोर स्टेडियम में किया गया है कार्यक्रम के शुरुआत में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह कहा की आज छत्तीसगढ़ में नए युग की शुरुआत हो रही है। अब छत्तीसगढ़ स्मार्ट प्रदेश के रूप में जाना जाएगा। आज 556 मोबाइल टॉवर का लोकार्पण किया गया। अब छत्तीसगढ़ में हर गरीब के हाथ में मोबाइल होगा। राज्य के 50 लाख लोगों को मोबाइल दिए जाएंगे। नेटवर्क की समस्याएं न आए इसके लिए 556 टॉवर लगाए गए हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बालीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत को स्मृति चिन्ह भी भेंट  किया।  इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने कहा कि वो दिन भी आ रहा है कि जो रमन सिंह, अमर अग्रवाल के पास है, वो आम लोगों के पास होगा। छत्तीसगढ़ का युग बदलने वाला है। मुख्यमंत्री ने कंगना की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने एक छोटे के गांव से निकलकर एक मुकाम हासिल किया, इसलिए वो तारीफ के काबिल हैं। उनका पूरा जीवन संघर्ष से भरा है।

डॉ सिंह ने कहा कि 50 लाख लोगों, जिसमें युवा, किसान, महिलाएं, ग्रामीण भी शामिल है, आज के युग में स्मार्ट फोन जरूरी और उपयोगी है। इससे हमारी डेनसिटी काफी बढ़ जाएगी। उन्होंने कहा कि एक लाख पट्टे का वितरण रायपुर में किया जाएगा। अब छत्तीसगढ़ स्मार्ट छत्तीसगढ़ के रूप में जाना जाएगा। वहीं अभिनेत्री कंगना ने कहा कि ‘ये हैरानी कि बात है कि मैं इतने सालों में अब तक रायपुर नहीं आई। पहली बार आई हूं। यहां आकर मुझे ये प्रदेश अपने हिमाचल की तरह ही लगा। यहां इतनी हरियाली है। मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंहजी ने मुझे बताया कि यहां 54फीसदी जमीन वनभूमि है’। उन्होंने कहा कि जिस परियोजना के लिए आई हूं, वह महिला सशक्तीकरण के लिए एक बड़ा उदाहरण है, महिलाएं जब तक सशक्त नहीं होगी, देश आगे नहीं बढ़ेगा। इस फोन से छोटे से गांव में रहने वाली महिला पूरी दुनिया से जुड़ेगी। यह बड़ी बात है। मैं आज यहां अपनी इंडस्ट्री का प्रतिनिधित्व कर रही हीं।

कंगना ने अपनी बात यह कहते हुए खत्म की कि उम्मीद है आप सब से फिर मुलाकात होगी। संचार क्रांति के तहत इस तिहार के दौरान जिले के 65 कॉलेजों के 68 हजार और अगस्त तक 32 हजार 282 महिलाओं को स्मार्टफोन का वितरण किया जाएगा।  कॉलेज के विद्यार्थियों को मोबाइल का वितरण करने उनसे आवेदन मंगाए जा रहे हैं। मंगलवार से पात्र महिलाओं को मोबाइल का वितरण शुरू कर दिया जाएगा। वार्डों में महिलाओं को शिविर लगाकर मोबाइल बांटने का कार्यक्रम कल से ही शुरू होगा।


जगदलपुर : ड्राईवर ने बस के स्टेयरिंग से खोया अपना नियंत्रण तालाब में जा घुसी बस, 2 यात्रियों के घायल होने की खबर

जगदलपुर : ड्राईवर ने बस के स्टेयरिंग से खोया अपना नियंत्रण तालाब में जा घुसी बस, 2 यात्रियों के घायल होने की खबर

30-Jul-2018

जगदलपुर : आज सोमवार 30 जुलाई को जगदलपुर से ओड़िसा के धरमगढ़ जा रही एक यात्री बस अनियंत्रित होकर तालाब में जा घुसी जिससे 2 यात्री घायल हो गए वहीँ एक की हालत नाजुक भी बताई जा रही है मिली जानकारी अनुसार गुप्ता ट्रेवल्स की बस जगदलपुर से धरमगढ़ (ओडिशा) की ओर जा रही थी इस बस में करीब 40-45 यात्री सवार थे बस के ड्राईवर ने अपना नियंत्रण  बस से खो दिया और बस तालाब में जा घुसी जिसके बाद बस में सवार यात्री घबरा गए और चीख पुकार मच गई अभी फिलहाल इस घटना के बारे में अधिक जानकारी नहीं मिल पाई है इस घटना में 2 यात्री के घायल होने की खबर है मौके पर पुलिस पहुँच चुकी है ।

Accident: यात्री बस तालाब में घुसी, दो घायल, एक गंभीर


24 घंटे के अंदर नाबालिग बालिका का अपहरण करने वाला आरोपी पुलिस की गिरफ्त में

24 घंटे के अंदर नाबालिग बालिका का अपहरण करने वाला आरोपी पुलिस की गिरफ्त में

30-Jul-2018

कोरिया /पटना :  थाना प्रभारी आनंद सोनी के नेतृत्व व उनके टीम के द्वारा जनता की नजरों में पुलिस का कद विश्वास के साथ आगे बढ़ता चला जा रहा है तथा इसी क्रम में फिर एक मामले में नाबालिग बालिका के अपहरण के आरोपी को रिपोर्ट दर्ज करने के मात्र 24 घंटे के अंदर ही चांपा से गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार दिनांक 28/7/2018 को प्रार्थी के द्वारा थाना पटना में रिपोर्ट दर्ज कराया गया कि उसकी नाबालिक लड़की को आरोपी ईश्वर प्रसाद के द्वारा अपहरण कर के ले गया है । जिस पर थाना पटना में अपराध क्रमांक 163/18 धारा 363 आईपीसी कायम कर पुलिस अधीक्षक के निर्देशन एवं उप अधीक्षक निवेदिता पाल के मार्गदर्शन पर आरोपी पता साजी हेतु टीम गठित कर रवाना किया गया ।

इस दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली की आरोप ईश्वर अपहृत नाबालिग बालिका को जांजगीर जिला के चांपा ले गया है। जिसके बाद थाना प्रभारी आनंद सोनी ने फौरन ही अपनी टीम के साथ अपहृत नाबालिक लड़की को आरोपी ईश्वर प्रसाद के कब्जे से 24 घण्टे के अंदर चाम्पा से बरामद कर आरोपी ईश्वर प्रसाद को धारा 363,366,376(2)(ढ) भादवि. व 6 पाक्सो एक्ट में गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा दिया गया है।

 


मुख्यमंत्री 30 जुलाई को राजधानी में करेंगे प्रदेश व्यापी मोबाइल तिहार का शुभारंभ

मुख्यमंत्री 30 जुलाई को राजधानी में करेंगे प्रदेश व्यापी मोबाइल तिहार का शुभारंभ

28-Jul-2018

रायपुर : मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह सोमवार 30 जुलाई को राजधानी रायपुर में आयोजित समारोह में रायपुर जिले की महिलाओं और कॉलेजों के विद्यार्थियों को निःशुल्क स्मार्ट फोन का वितरण करते हुए प्रदेश व्यापी मोबाइल तिहार की शुरूआत करेंगे। समारोह यहां बूढ़ा तालाब (विवेकानंद सरोवर) के सामने इंडोर स्टेडियम में सवेरे 11 बजे शुरू होगा।

 जिला प्रशासन ने मोबाइल तिहार के आयोजन की तैयारी शुरू कर दी है। इस सिलसिले में कलेक्टर श्री ओ.पी. चौधरी ने कल यहां कलेक्टोरेट परिसर स्थित रेडक्रास भवन में जिले के विभिन्न कॉलेजों के प्राचार्यों और प्रशासन के अधिकारियों की बैठक लेकर उन्हें जरूरी निर्देश दिए। श्री चौधरी ने बताया कि मोबाइल तिहार के इस विशेष आयोजन में रायपुर के लोकसभा सांसद श्री रमेश बैस, प्रदेश के कृषि और जल संसाधन मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल, नगरीय प्रशासन और विकास मंत्री श्री अमर अग्रवाल, लोक निर्माण, आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री राजेश मूणत, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री पुन्नू लाल मोहले, पाठ्यपुस्तक निगम के अध्यक्ष एवं विधायक धरसींवा श्री देवजी भाई पटेल, रायपुर नगर पालिक निगम के महापौर श्री प्रमोद दुबे, विधायक रायपुर ग्रामीण श्री सत्यनारायण शर्मा, अभनपुर विधायक श्री धनेन्द्र साहू, विधायक रायपुर (उत्तर) श्री श्रीचंद सुंदरानी, आरंग विधायक श्री नवीन मारकण्डेय सहित अध्यक्ष जिला पंचायत रायपुर श्रीमती शारदा देवी वर्मा विशेष अतिथि के रूप उपस्थित रहेंगी। उनके अलावा मुम्बई की फिल्म कलाकार सुश्री कंगना रणावत भी कार्यक्रम में मौजूद रहेंगी।


स्मार्ट फोन के लिए कॉलेज अपने विद्यार्थियों की जानकारी
वेबसाईट में 31 जुलाई तक अनिवार्य रूप से दर्ज करें

    कलेक्टर श्री ओ.पी.चौधरी ने रायपुर जिले के सभी शासकीय एवं निजी विश्वविद्यालय तथा महाविद्यालयों को संचार क्रान्ति योजना की बेवसाईट में पात्र छात्रों की जानकारी आगामी 31 जुलाई तक अनिवार्य रूप से दर्ज करने के निर्देश दिए है। कलेक्टर श्री चौधरी आज यहां जिला कलेक्टोरेट परिसर स्थित रेडक्रॉस सभाकक्ष में जिले के शासकीय और निजी कॉलेजों के प्राचार्यो की बैठक में उपरोक्त निर्देश दिए। उन्होंने धीमी गति से प्रविष्टि करने वाले कॉलेजों के नोडल अधिकारियों पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्धारित समय-सीमा  में प्रविष्टि पूर्ण करने के निर्देश दिए है। कलेक्टर ने कहा है कि यदि किसी संस्थान का कोई भी पात्र विद्यार्थी वेबसाईट में प्रविष्टि नहीं होने के कारण मोबाईल प्राप्त नहीं कर पाता है तो इसके लिए संबंधित संस्थान के प्राचार्य व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे तथा उनके विरूद्ध कार्यवाही भी की जायेगी ।

कार्यक्रम के निःशुल्क पास मिलेंगे कलेक्ट्रेट से  

    कलेक्टर ने बताया कि मोबाइल तिहार कार्यक्रम के निःशुल्क पास 28 जुलाई को सुबह 11ः30 बजे से कलेक्टेªट के कक्ष क्रमांक -11 से प्राप्त किए जा सकेंगे। लोग यहां से निःशुल्क पास प्राप्त कर सकते है। कार्यक्रम में प्रवेश पास के आधार पर ही होगा तथा सीटों की उपलब्धता पहले आओ पहले पाओ के आधार पर होगा। कार्यक्रम में महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों के दलों के सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं ओपन क्विज प्रतियोगिता भी आयोजित होगी। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री दीपक सोनी, अपर कलेक्टर श्री जोगेन्द्र नायक, रोजगार अधिकारी श्री केदार पटेल, संचार क्रान्ति योजना की प्रभारी सुश्री स्नेहा प्रिया तथा सभी शासकीय व निजी महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालय के नोडल अधिकारी उपस्थित थे।

 
 
 

संचार क्रांति योजना : संगीता के नये मोबाइल पर पहला फोन मुख्यमंत्री का : रायपुर लौटते ही मुख्यमंत्री ने लगाया फोन

संचार क्रांति योजना : संगीता के नये मोबाइल पर पहला फोन मुख्यमंत्री का : रायपुर लौटते ही मुख्यमंत्री ने लगाया फोन

27-Jul-2018

बस्तर : राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद के हाथों कल राज्य सरकार की संचार क्रांति योजना (स्काई) के तहत कल बस्तर अंचल की संगीता निषाद को भी स्मार्ट मोबाइल फोन मिला। संगीता को अपने इस स्मार्ट फोन पर सबसे पहले मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से बात करने का मौका मिला। उल्लेखनीय है कि संगीता ने मोबाइल फोन के लिए सरकार को धन्यवाद देने के साथ-साथ इस फोन से सबसे पहले मुख्यमंत्री के साथ बात करने की मंशा प्रकट की थी। उन्होंने इस निःशुल्क स्मार्ट फोन के लिए राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री को धन्यवाद भी दिया।

    ज्ञातव्य है कि राष्ट्रपति ने कल बस्तर संभाग के मुख्यालय जगदलपुर के पास ग्राम डिमरापाल में इस योजना का शुभारंभ करते हुए प्रतीक स्वरूप तीन हितग्राहियों को निःशुल्क स्मार्ट फोन भेंट किया था। इनमें स्व-सहायता समूह की संगीता निषाद और विमला ठाकुर सहित आईटीआई के छात्र बलवंत कुमार नागेश भी शामिल थे। समारोह के बाद राष्ट्रपति नई दिल्ली रवाना हुए। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह भी वहां से रायपुर आ गए। उन्होंने श्रीमती संगीता निषाद को फोन लगाया और कहा संगीता जी आपको राष्ट्रपति के हाथों स्मार्ट फोन मिल गया है। बहुत-बहुत बधाई। मैंने आपका फोन नम्बर लिया और कहा कि सबसे पहले संगीता जी से बात की जाए। आपने भी मुझसे बात करने की इच्छा व्यक्त की थी। मैंने कहा - ठीक है संगीता से बात करें। आप बहुत खुशकिस्मत हैं कि आपको राष्ट्रपति के हाथों आपको दिया गया।

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस फोन में कई प्रकार की सुविधाएं है। वाट्सअप गु्रप से जुड़ सकते हैं, मैसेज भी कर सकते हैं। धीरे धीरे सबकुछ सीख जाएंगी। डॉ. सिंह ने उनसे पूछा - स्मार्ट फोन मिलने पर घर के लोग खुश तो हैं ? संगीता ने बताया कि परिवार बहुत खुश हैं। मुख्यमंत्री ने फोन पर संगीता से उनके पति के काम-काज के बारे में भी पूछा। संगीता ने बताया कि उनके पति वाहन चालक हैं। डॉ. सिंह ने कहा चलो बहुत अच्छा है। स्मार्ट फोन का बढ़िया उपयोग कीजिए।

    मुख्यमंत्री को राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (विहान) के अंतर्गत विकासखण्ड बस्तर के ग्राम बालेंगा में मां सत्ती स्वसहायता समूह से जुड़ी श्रीमती संगीता निषाद ने बताया कि उनका समूह गांव में साबुन उद्योग चला रहा है। डॉ. सिंह ने उनसे पूछा कि साबुन बनाने के लिए क्या समान उपयोग करते हैं ? उन्होंने खुशी जताई कि अच्छी क्वालिटी का कच्चा माल उनके समूह द्वारा इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने संगीता से कहा कि उनके महिला स्व-सहायता समूह को साबुन उद्योग के संचालन में किसी भी प्रकार की जरूरत हो तो जरूर बताएं। कलेक्टर से कहकर उन्हें हर संभव सहयोग दिलवाएंगे।

उनके समूह द्वारा निर्मित साबुन का उपयोग आंगनबाड़ी केन्द्रों और स्कूलों में कैसे हो सकता है इस बारे में हम कलेक्टर से बात करेंगे। मुख्यमंत्री ने संगीता से कहा कि विहान कार्यक्रम के तहत बस्तर में महिला स्व-सहायता समूहों के कार्यों की तारीफ स्वयं राष्ट्रपति भी कर चुके हैं। बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं।


बेमेतरा : सौर सुजला योजना से किसान सिंचाई के लिये बने आत्मनिर्भर

बेमेतरा : सौर सुजला योजना से किसान सिंचाई के लिये बने आत्मनिर्भर

27-Jul-2018

बेमेतरा : अल्प वर्षा की स्थिति में सौर सुजला योजना किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है। वर्ष 2017-18 मे सौर सुजला योजना अंतर्गत जिला बेमेतरा मे कुल 120 तथा अब तक कुल 236 कृषकों के खेतों मे सोलर पंप सिंचाई हेतु स्थापित हुए है। बहुत ही कम हितग्राही अंशदान से इन पंपों की स्थापना सौर सुजला योजना के अंतर्गत की गई है, अब इन कृषकों को सिंचाई के लिये बिजली कनेक्शन की आवश्यकता नहीं है, और न ही बिजली की उपलब्धता पर निर्भरता है। इसका एक उदाहरण ग्राम-सांकरा, विकासखण्ड बेरला के हितग्राही श्री तिजऊ राम साहू के खेत मे देखने को मिला है, जिन्होने मात्र रु. 15,000/- के व्यय पर सौर सुजला योजना के अंतर्गत 03 एच.पी. का सोलर पंप अपने खेत में स्थापित करवाया था, पंप लगने के पश्चात् लगभग 02 एकड़ खेत में चने की खेती कर चुके हैं, जिससे उन्हें लगभग 11 क्विंटल उत्पादन प्राप्त हुआ है, जिसका अनुमानित मूल्य लगभग रु. 48,400/- होता है। वर्तमान में वे उसी खेत मे धान की खेती कर रहे हैं, जिसकी रोपाई की जा चुकी है तथा सोलर पंप के सहारे अच्छे उत्पादन की उम्मीद जता रहे हैं।

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वे सोलर पंप स्थापना से सिंचाई के लिये आत्मनिर्भर हो गये हैं, उनका मानना है कि, यह योजना किसानों के लिये किसी वरदान से कम नही है। वर्ष 2018-19 में सौर सुजला योजना का कार्य प्रारंभ हो चुका है। जिसमें जिले को कुल 50 पंप स्थापित करने का लक्ष्य प्राप्त हुआ है, अब तक कुल 39 आवेदन प्राप्त हुये है, उनमें से 30 आवेदन पात्र पाये गये है। इन प्राप्त प्रकरणो मे पंप स्थापना का कार्य प्रारंभ किया जा रहा है। जो किसान सौर सुजला योजना का लाभ लेते हुये सोलर पंप स्थापित कराना चाहते है, वे शीघ्र ही अपना आवेदन कृषि विभाग के माध्यम से क्रेडा में जमा करावें। नियमानुसार पात्रता होने पर उनके खेत मे सोलर पंप स्थापित किया जायेगा।

हितग्राही अंश एवं प्रोसेसिंग शुल्क की जानकारी इस प्रकार है - पंप क्षमता 2 एच.पी. अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग के लिए 5 हजार, अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 9 हजार एवं सामान्य के 16 हजार रूपए, तीन एच.पी. पंप अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग के लिए 7 हजार, अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 12 हजार एवं सामान्य के 18 हजार रूपए है। इसी प्रकार पांच एच.पी. पंप अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग के लिए 10 हजार, अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 15 हजार एवं सामान्य के 20 हजार रूपए है। सबमर्सिबल पंप (नलकूप हेतु) 2 एच. पी. नलकूप हेतु 1800 रूपए, तीन एच. पी. नलकूप हेतु 2700 रूपए, पांच एच.पी. नलकूप हेतु 4800 रूपए एवं सरफेस पंप (नदी नाले हेतु) दो एच.पी. के लिए 1800 रूपए, तीन एच.पी. के लिए 2700 रूपए एवं पांच एच.पी. के लिए 4800 रूपए होगी। योजना की अधिक जानकारी के लिये अपने नजदीकी कृषि विभाग अथवा जिले के क्रेडा के कार्यालय मे संपर्क किया जा सकता है।
 

 


भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा ने 11 सूत्रीय मांगो को लेकर निगम आयुक्त को सौंपा ज्ञापन, आन्दोलन की दी चेतावनी

भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा ने 11 सूत्रीय मांगो को लेकर निगम आयुक्त को सौंपा ज्ञापन, आन्दोलन की दी चेतावनी

26-Jul-2018

कोरिया /चिरमिरी! भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष लखनलाल श्रीवास्तव के द्वारा निगम आयुक्त को विभिन्न समस्याओ को लेकर 11 सूत्रीय मांगों के एवज में ज्ञापन सौंपा। उक्त माँगों का निराकरण निगम के द्वारा 7 दिवस के अंदर नहीं किया गया तो पार्टी विवश होकर निगम कार्यालय के समक्ष धरना आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी। जिसकी संपूर्ण ज़िम्मेदारी निगम प्रशासन की होगी।

ज्ञापन में लिखा है की :- 1. मोहन कॉलोनी से स्टीट लाइट विगत एक माह से बंद पड़ी है। यह स्थिति जब है, की केंद्र सरकार के द्वारा स्टीट लाइटो एलईडी बल्ब लगाने दिए है। फिर भी निगम प्रशासन समुचित तरीके से चिरमिरी क्षेत्राअंतर्गत स्टीट लाइटो का रख-रखाव न करने के कारण ऐसी परिस्थितिया निर्मित हो रही है।

2. वॉर्ड क्रमांक 9 -10 गेल्हापानी काली मंदिर दफाई, इटभट्टा दफाई, ऊपर धौड़ा भी एक माह से बंद पड़ी हुई है। जबकि हाथियों का उत्पात सबसे ज़्यादा गेल्हापानी की इन्ही कॉलोनियों में देखने को मिला,

 3. चित्ताझोर पोंड़ी वॉर्ड क्रमांक 01 विधुत लाइन का विस्तार न किये जाने के कारण यहाँ पर पूरा मोहल्ला अंधकार में रहता है, साथ ही कही पर भी स्टीट लाइट भी नहीं लगाई गई है। इन स्थानों पर सौभाग्य व एमडीएफ योज़ना मद से कार्य कराकर लोगों को विधुत सुविधा बहाल की जा सकती है।

4. गोदरीपारा मेनरोड़ न्यू टिकरापारा के पास पोल नंबर 31/466, 467 एवं वॉर्ड क्रमांक 28 में फुलबहरा के घर से लेकर वॉटरएटीएम तक स्टीट लाइट बंद है। लोगों को आवागमन में भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।

5. गोदरीपारा वॉर्ड क्रमांक 28 , 31 व 32 में हनुमान मंदिर से मुन्ना गैरिज एवं प्रेमलाल छड़ीमंडी सहित दर्जनों नालियां वर्षो से सफ़ाई के लिए निगम प्रशासन का मुँह ताक रही है, विगत दिनों ही महापौर के.डोमरु रेड्डी के द्वारा वोर्डवासियो निगम का घेराव करने की सूचना पर छोटी-छोटी 5 नालियों की सफ़ाई कराइ गई, उसके बाद से किसी के द्वारा पुनः दर्जनों नलियों की सफ़ाई की सुध नहीं ली। वही वॉर्ड क्रमांक 32 में विश्वनाथ प्रधान के घर के पास सहित दूसरी नालियां भी जाम होने के कारण पूरा गंदा पानी रोड़ के माध्यमो से घरों में घुसता है।

6. वॉर्ड क्रमांक 32 में ही रोहित प्रधान, मलय, पंकज स्वाई के घर के पास से वाटर सप्लाई  3 इंची पाईप फूटा हुआ है। और बेकार में पानी बह रहा है। उसको ज़ल्द से ज़ल्द सुधरवाया जाए।

7. गोरखनाथ मंदिर में बाहर स्थित पाईप फट जाने के कारण समुचित तरीक़े से वॉटर  सफ्लाई नहीं हो पा रहा है। जिसकी तत्काल मरम्मद कराई जाए।

8. केराडोल वॉर्ड क्रमांक 01 चैतराम के घर रामप्रताप के घर तक पाईप लाइन बिछाकर उक्त मोहल्ले की पेयजल की समस्या अतिशीघ्र समाप्त की जाए।

 9. बुधराम के खेत के पास सीसी रोड़ के आगे ह्यूम पाईप डालकर आने-जाने के लिए सड़क बनवाई जाए।

 10. वॉर्ड क्रमांक 01 में ही केराडोल आंगनबाड़ी निज़ी मकान पर संचालित है, बच्चो को बैठने में असुविधा होती है, तत्त्काल शासकीय भवन बनवाया जाए।

11. निगम क्षेत्राअंतर्गत निगम प्रशासन को समस्त नालियों की सफ़ाई गर्मी के मौसम में करनी थी। परंतु आपके द्वारा सफ़ाई पर गर्मी के मौसम कोई भी ध्यान नहीं दिया गया। तथा जिस जग़ह पर ढ़ालनुमा नाली बनी हुई है। वह तो बरसात में साफ़ हो गई है। परंतु समतलीकरण नाली और नालाओ में बारिश के मौसम में गँदगी से जाम पड़ी हुई है, जिसके कारण बारिश का पानी गंदे नाले-नालियों के माध्यम से गंदा पानी रोड़ पर बहने से रोकने के लिए अतिशीघ्र समस्त नाला-नालियों की सफ़ाई कराइ जाए।

इस दौरान :- मो. रशीद, किशोर केशरवानी, ऋषिराज, ज्ञान सिंह लोधी, संजीत दत्ता, राणा मुखर्जी, बृजेश सिंह, अभिषेक कर, मोहित खरे आदि लोगों की अहम सहभागिता रही।


बस्तर देखकर बोले राष्ट्रपति, बस्तर के जन-जीवन में पिछले एक दशक में आया महत्वपूर्ण बदलाव

बस्तर देखकर बोले राष्ट्रपति, बस्तर के जन-जीवन में पिछले एक दशक में आया महत्वपूर्ण बदलाव

26-Jul-2018

बस्तर : राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविन्द ने कल  यहां दन्तेवाड़ा जिले के ग्राम हीरानार में बिहान महिला स्वसहायता समूह की महिलाओं और आदिवासी किसानों से चर्चा करते हुए कहा कि पिछले 10-15 सालों में बस्तर के जन-जीवन में काफी महत्वपूर्ण बदलाव आया है। बुनियादी अधोसरंचना के साथ-साथ सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए भी राज्य सरकार द्वारा काफी काम किए गए हैं। राष्ट्रपति के रूप में एक वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने के अवसर पर बस्तर आकर और वनवासियों के बीच रहकर मुझे यहां बेहद प्रसन्नता हो रही है।

श्री कोविन्द ने स्वसहायता समूह की महिलाओं के विशेष अनुरोध पर उनके इस्तेमाल के लिए एक एलईडी टी.व्ही प्रदान करने की घोषणा की। यह टी.व्ही यहां माता फूलसुन्दरी जैविक कृषि प्रक्षेत्र एवं कड़कनाथ हब हीरानार में स्थापित की जाएगी। राष्ट्रपति माता फुल सुन्दरी जैविक कृषक प्रक्षेत्र एवं कड़कनाथ हब हीरानार का अवलोकन करने के बाद यहां स्वसहायता समूह की महिलाओं से चर्चा कर रहे थे। राष्ट्रपति की धर्मपत्नी श्रीमती सविता कोविन्द, मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और आदिमजाति एवं अनुसूचित जाति विकास मंत्री श्री केदार कश्यप भी इस अवसर पर उपस्थित थे। इस अवसर पर बस्तर के आदिवासी किसान श्री बोसाराम अटामी ने परम्परागत पेयजल पात्र ‘तुम्बा’ और किसान श्री लुदरूराम नाग ने अपने खेत में जैविक पद्धति से उत्पादित चावल की थैली भेंट की। राष्ट्रपति ने आदिवासी किसानों से यह उपहार सहर्ष ग्रहण करते हुए दोनों किसानों के प्रति आभार प्रकट किया।

राष्ट्रपति श्री कोविन्द ने जैविक कृषि प्रक्षेत्र मंे महिला स्वसहायता समूह और ग्रामीण महिला किसानों से चर्चा करते हुए उनके जीवनयापन और काम-काज की जानकारी ली। महिलाओं ने राष्ट्रपति से चर्चा में बताया कि स्वसहायता समूह ने उन्हें विकास के मार्ग पर आगे बढ़ाया है। उन्होंने बताया कि कड़कनाथ मुर्गीपालन के साथ-साथ मिनी राईस मिल से भी उन्हें अच्छी आमदनी हो रही है। प्रत्येक दिन लगभग 5 सौ रूपए की शुद्ध आमदनी होती है। फूलसुन्दरी महिला समूह की सदस्य श्रीमती निर्मला कश्यप ने बताया कि साल भर पहले उनके पास आमदनी के नियमित साधन नहीं थे।उनका समय बिना कोई काम-काज के ऐसे ही व्यतीत हो जाता था। जीवन-यापन बड़ी कठिनाई से हो पाता था। लेकिन जिला प्रशासन और कृषि विज्ञान केन्द्र की सहायता से हमें जीने की नई राह मिल गई है। जीवन स्तर ऊंचा उठने के साथ-साथ बचत भी हो रही है और जीवन में खुशहाली आने लगी है।

राष्ट्रपति श्री कोविन्द ने महिलाओं से उनके पारिवारिक हालात और बाल-बच्चों के बारे मंे जानकारी ली। उन्होंने महिलाआंे को प्रेरित करते हुए कहा कि वे अपने बच्चों को पढ़ने के लिए नियमित रूप  से स्कूल भेजें। शिक्षा से ही विकास के द्वार खुलते हैं। श्री कोविन्द ने बेहतर भविष्य के लिए छोटे परिवार रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि परिवार के सीमित रहने से बच्चों को और ज्यादा सुविधाएं दी जा सकती हैं। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने इस अवसर पर कहा कि हम छत्तीसगढ़ के लोगों के लिए खुशी की बात है कि राष्ट्रपति जी अपने कार्यकाल का एक साल पूर्ण होने के अवसर पर बस्तर की जनता से मुलाकात करने आए हैं। वे चाहते तो देश से बाहर विदेश भी जा सकते थे। लेकिन छत्तीसगढ़ और विशेषकर बस्तर की जनता के प्रति स्नेह ने उन्हें यहां खींच लाया। राष्ट्रपति ने जैविक कृषि प्रक्षेत्र का विस्तृत अवलोकन भी किया।


वनवासी कल्याण आश्रम के बच्चों से मिले राष्ट्रपति, किया साथ में भोजन

वनवासी कल्याण आश्रम के बच्चों से मिले राष्ट्रपति, किया साथ में भोजन

25-Jul-2018

दंतेवाड़ा : राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद आज मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के साथ छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के ग्राम हीरानार में वनवासी कल्याण आश्रम के बच्चों से मिले वहां के बच्चों के तीरंदाजी कौशल को देखकर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने बच्चों को शाबाशी दी साथ ही आश्रम के बच्चों के साथ बैठकर दोपहर का भोजन किया। उन्होंने भोजन शुरू करने के पहले बच्चों के साथ प्रार्थना भी की। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने भी राष्ट्रपति और आश्रम के बच्चों के साथ भोजन किया। सभी लोगों को दोना-पत्तल में भोजन परोसा गया। श्री कोविंद आश्रम के बच्चों के लिए अपने साथ राष्ट्रपति भवन से मिठाई लेकर आए थे। उन्होंने मिठाई खिलाकर बच्चों को शुभकामनाएं दी। राष्ट्रपति ने आश्रम में कम्प्यूटर लैब स्थापना की भी घोषणा की। श्री कोविंद आश्रम में वैदिक गणित की पढ़ाई और तीरंदाजी प्रशिक्षण को देखकर प्रसन्नता व्यक्त की। उनके साथ मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और स्कूल शिक्षा तथा आदिम जाति विकास मंत्री श्री केदार कश्यप भी मौजूद थे। 

    भोजन के दौरान श्री कोविंद ने विद्यार्थियों को जीवन में सफलता के लिए बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उन लक्ष्यों तक पहुंचने के लिए कड़ी मेहनत करने की सलाह दी। राष्ट्रपति ने कहा-प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में कामयाबी के लिए सपने देखना चाहिए और दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ उन सपनों को पूरा करने का प्रयास करना चाहिए। राष्ट्रपति ने भोजन के दौरान विद्यार्थियों से सामान्य ज्ञान की भी कई बातें पूछी और उनका सही जवाब मिलने पर बच्चों को शाबाशी दी। 

    श्री कोविंद ने आश्रम की छात्रावास व्यवस्था और वहां बच्चों की शिक्षा आदि के लिए दी जा रही सुविधाओं के बारे में भी पूछा। वनवासी कल्याण आश्रम पहुंचने पर वहां के विद्यार्थियों और शिक्षकों ने उनका परम्परागत रूप से आत्मीय स्वागत किया। राष्ट्रपति ने यह जानकर खुशी जताई कि आश्रम में वैदिक गणित की भी पढ़ाई हो रही है और बच्चों को तीरंदाजी का भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। श्री कोविंद ने वैदिक गणित की कक्षा और तीरंदाजी प्रशिक्षण का भी अवलोकन किया।  इस अवसर पर राष्ट्रपति की धर्मपत्नी श्रीमती सविता कोविंद सहित अनेक वरिष्ठजन मौजूद थे। 

राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद ने हीरानार में देखा समन्वित कृषि मॉडल

राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद ने आज यहां हीरानार के फूलसुंदरी जैविक कृषि प्रक्षेत्र में समन्वित कृषि प्रणाली के मॉडल और कड़कनाथ हब का अवलोकन किया। उन्होंने यहां कड़कनाथ प्रजाति के मुर्गियों का पालन कर रहीं स्वसहायता समूह की महिलाओं से बात कर उनके व्यवसाय और आमदनी के बारे में जानकारी ली। राष्ट्रपति यहां गौपालन करने वाले दो किसानों श्री बोमड़ाराम कश्यप और श्री राजेश कश्यप से भी मिले। राष्ट्रपति के साथ उनकी पत्नी श्रीमती सविता कोविंद, मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, आदिम जाति कल्याण मंत्री श्री केदार कश्यप एवं मुख्य सचिव श्री अजय सिंह ने भी फूलसुंदरी जैविक कृषि प्रक्षेत्र का भ्रमण किया। 

    राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद ने मुर्गीपालन करने वाली माता फूलसुंदरी स्वसहायता समूह की दो महिलाओं श्रीमती आसमती आर्य और श्रीमती भारती लेखामी से बात कर इस काम से उन्हें हो रही आमदनी और समूह की अन्य महिलाओं के बारे में पूछा। श्रीमती आसमती आर्य ने राष्ट्रपति को बताया कि पिछले दस माह में कड़कनाथ मुर्गी से उन्हें करीब एक लाख 40 हजार रूपए की कमाई हुई है। उनके समूह में 11 सदस्य हैं। मुर्गीपालन से हुई कमाई से समूह की हर महिला को सात-सात हजार रूपए बांटे गए हैं। शेष रकम व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए उनके समूह के बैंक खाते में जमा है।

      राष्ट्रपति श्री कोविंद ने गौपालक श्री बोमड़ाराम कश्यप से उनकी पारिवारिक स्थिति, उनके काम और बच्चों के बारे में पूछा। इस पर श्री कश्यप ने राष्ट्रपति को बताया कि उनके चारों बच्चे स्कूल जाते हैं। वे पिछले पांच-छह महीनों से यहां जैविक कृषि प्रक्षेत्र में गौपालन कर रहे हैं। गिर और साहीवाल नस्ल की पांच गायों से रोज 30 लीटर दूध मिल रहा है। इस काम से उनकी आर्थिक स्थिति तेजी से सुधर रही है। राष्ट्रपति ने यहां दंतेवाड़ा जिले में पैदा हो रहे विभिन्न जैविक उत्पादों के स्टॉल को भी देखा। अधिकारियों ने उन्हे स्थानीय स्तर पर जैविक खेती से उपजाए गए खूशबूदार चावल लोकटी माछी, दूबराज, जवांफूल और सब्जियों के साथ ही अलग-अलग तरह के शहद उत्पादों की जानकारी दी।

राष्ट्रपति ने यहां राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ में काम रहीं महिला स्वसहायता समूहों की करीब 300 महिलाओं से चर्चा की। उन्होंने महिलाओं से कहा कि वे अपने बच्चों की शिक्षा पर खास ध्यान दें। शिक्षा से ही उन्हें जीवन में आगे बढ़ने के अच्छे अवसर मिलेंगे। परिवार छोटा होने से बच्चों की अच्छी परिवरिश और शिक्षा में सहूलियत होती है। राष्ट्रपति ने महिला समूहों की मांग पर प्रक्षेत्र के लिए एक बड़े आकार की एल.ई.डी. टीवी देने की घोषणा की।  

ग्राम हीरानार में किसान लुदरूराम नाग ने राष्ट्रपति को जैविक खाद से की जा रही धान की खेती के बारे में बताया और उन्हें जैविक खेती से तैयार चावल ‘आदिम’ का पैकेट भेंट किया। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने राष्ट्रपति को दंतेवाड़ा जिले में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए चल रहे प्रकल्पों की जानकारी दी। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा जैविक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए दंतेवाड़ा जिले में किसानों को हर प्रकार की सहायता दी जा रही है। इसी कड़ी में वहां के किसानों ने अपनी कंपनी बनाकर जैविक खेती से तैयार चावल को ब्रांड नेम ‘आदिम’ के नाम से बाजार में उतारा है, जिसे ग्राहकों का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। जिले के कई किसान धान की खुश्बूदार प्रजाति ‘लोकटी माछी’, जवाफूल और दूबराज की भी खेती कर रहे हैं। 


बस्तर : माता दंतेश्वरी के दर्शन के लिए रवाना हुए राष्ट्रपति

बस्तर : माता दंतेश्वरी के दर्शन के लिए रवाना हुए राष्ट्रपति

25-Jul-2018

बस्तर : दो दिवसीय बस्तर प्रवास पर आज राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद छत्तीसगढ़ पहुंचे हैं राष्ट्रपति बस्तर में रात भी गुजारेंगे ऐसा करने वाले वे पहले राष्ट्रपति होंगे। राष्ट्रपति बस्तर में माता दंतेश्वरी के दर्शन के लिए हीरानार से सड़क मार्ग से रवाना हो चुके है। यहाँ बहुत ही कड़ी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं.