पंजाब पुलिस का अमानवीय चेहरा, महिला को जीप की छत पर बांधकर घुमाया फिर नीचे फेंका

पंजाब पुलिस का अमानवीय चेहरा, महिला को जीप की छत पर बांधकर घुमाया फिर नीचे फेंका

27-Sep-2018

मीडिया रिपोर्ट 

नई दिल्ली: पंजाब पुलिस का अमानवीय चेहरा सामने आया है. आरोप है कि पुलिस वालों ने एक आरोपी की पत्नी को जीप की छत पर बांध कर घुमाया और अंत में सड़क किनारे फेंक कर फरार हो गए. मामला अमृतसर के चाविंडा देवी गांव का है. घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस की इस करतूत पर सवाल उठ रहे हैं. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस मजीठा के चविंडा देवी गांव में एक आरोपी को पकड़ने गई थी. आरोप है कि जब वह घर में नहीं मिला तो पुलिस ने उसकी पत्नी के साथ बदसलूकी की. इस दौरान पुलिसकर्मियों की महिला से कहासुनी हो गई. महिला का आरोप है कि पुलिस बिना किसी वजह के उसके पति को गिरफ्तार करने घर पहुंची थी. उसने जब इसका विरोध किया तो पुलिसवालों ने उसके साथ दुर्व्यवहार किया. कहासुनी के बाद पुलिसकर्मी महिला को अपने साथ ले गए और अपनी गाड़ी की छत पर बांध दिया. इसके बाद उन्होंने उसे पूरे गांव में घुमाया.

पुलिस की इस मनमानी के बीच गांव के लोग भी जुट गए. बताया जा रहा है कि पीड़िता गाड़ी से गिर भी गई थी, जिससे उसे चोटें आई हैं. आखिर में लोगों के गुस्से को भांपते हुए पुलिसकर्मी पीड़िता को छोड़कर चले गए. पीड़िता को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. इस वीडियो के सामने आने के बाद पंजाब पुलिस के कामकाज के तरीके पर सवाल उठ रहे हैं. विपक्षी पार्टी शिरोमणि अकाली दल ने राज्य में बढ़ती इस तरह की घटनाओं के लिए कांग्रेस सरकार को दोषी ठहराया है. गौरतलब है कि इस महीने की शुरुआत में संगरूर शहर में अपनी पत्नी के साथ एक प्रमुख एसएडी कार्यकर्ता को गोली मार दी गई थी. कुछ दिन पहले ही उत्तर प्रदेश के मेरठ में मेडिकल की एक छात्रा को महिला कॉन्स्टेबल को थप्पड़ मारते हुए वीडियो वायरल हुआ था.


ट्विटर यूजर ने अभिषेक बच्चन से कहा- एक्टिंग छोड़ वडा पाव बेचें, भिड गए अभिषेक

ट्विटर यूजर ने अभिषेक बच्चन से कहा- एक्टिंग छोड़ वडा पाव बेचें, भिड गए अभिषेक

26-Sep-2018

मुंबई : 

अभिषेक बच्चन की फिल्म  ‘मनमर्जियां’ बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह पिट गई जिसके बाद ट्विटर पर कुछ लोग फिर से अभिषेक को ट्रोल करने लगे फिल्म में अभिषेक बच्चन की परफॉर्मेंस को क्रिटिक्स द्वारा काफी सराहा गया। दर्शकों को भी फिल्म एंटरटेंनमेंट के हिसाब से पसंद आई। वहीं फिल्म के पब्लिक रिव्यू भी अच्छे रहे। लेकिन कमाई के मामले में फिल्म फिसड्डी साबित हुई। ऐसे में मनमर्जियां की बॉक्स ऑफिस कमाई पर तंज कसते हुए एक ट्विटर यूजर ने अभिषेक बच्चन को भी निशाने पर ले लिया। यूजर ने अपने पोस्ट में अभिषेक को नेपोटिजम का हिस्सा भी बताया। जब अभिषेक ने इस ट्वीट को देखा तो उन्होंने इस ट्विटर यूजर को जवाब देने का फैसला किया।

ट्विटर यूजर ने लिखा- ‘मनमर्जियां बॉक्स ऑफिस पर बेहोश हो गई। एक बार फिर से ये साबित होता है कि अभिषेक फ्लॉप देने में लेजेंड हैं। सबके पास ये काबिलियत नहीं होती। अब नेपोटिजम का समय गया। स्टार किड्स को अब वड़ा पाव बेचना शुरू कर देना चाहिए। लोल।’ इस ट्वीट को जवाब देते हुए अभिषेक बच्चन ने लिखा, ‘आपको सम्मान के साथ लिखता हूं सर, आप एक डॉक्टर हैं आपको खुद सारे फैक्ट और फिगर्स को देखकर और समझ कर बात करनी चाहिए। आशा है आप अपने पेशेंट्स के साथ ठीक से पेश आते होंगे। ट्वीट करने से पहले फिल्म की इकॉनोमिक्स के बारे में जानें, यह आपको अंबेरेस करेंगे।’

बता दें, फिल्म ‘मनमर्जियां’ के जरिए अभिषेक बच्चन अनुराग के साथ 13 साल बाद काम करते नजर आए। फिल्म में अभिषेक पगड़ी पहने नजर आ रहे हैं। अभिषेक फिल्म में रॉबी भाटिया के किरदार में हैं। अभिषेक के अपोजिट फिल्म में तापसी पन्नू हैं। अनुराग की फिल्म में अभिषेक और तापसी के अलावा विक्की कौशल भी हैं।


शिवसेना ने कहा- पर्रीकर को गोवा का सीएम बनाए रखना क्रूर और अमानवीय

शिवसेना ने कहा- पर्रीकर को गोवा का सीएम बनाए रखना क्रूर और अमानवीय

25-Sep-2018

एजेंसी 

नई दिल्ली। मनोहर पर्रिकर की त​बीयत खराब होने के कारण गोवा के मुख्यमंत्री पद को लेकर ऊहापोह की स्थिति बनी हुई थी। हालांकि, गोवा के सीएम पद के लिए नए चेहरे को लेकर लगाई जा रही अटकलों पर विराम तब लगा था जब रविवार को बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने साफ कर दिया था कि मनोहर पर्रिकर गोवा के मुख्यमंत्री बने रहेंगे। वहीं, बीजेपी के इस फैसले पर शिवसेना ने हमला बोलते हुए इसे क्रूर और अमानवीय करार दिया है। 

शिवसेना के मुखपत्र सामना में बीजेपी द्वारा मनोहर पर्रिकर को गोवा का सीएम बनाए रखने के फैसले की कड़ी आलोचना की गई है। सामना के संपादकीय में कहा गया है कि पार्टी को डर था कि कहीं उनके हाथ से गोवा निकल न जाए। पार्टी में पर्रिकर के स्थान पर गोवा का सीएम बनने लायक कोई योग्य चेहरा नहीं होना, प्रदेश बीजेपी के लिए मुसीबत का सबब बन गया था। 

मनोहर पर्रिकर का इलाज इस वक्त दिल्ली स्थित एम्स में चल रहा है। शिवसेना ने कहा कि वे इस वक्त गोवा में नहीं है। पर्रिकर के कैंसर का इलाज दिल्ली के अस्पताल में चल रहा है। इस स्थिति में उन्हें गोवा का सीएम बनाए रखने का फैसला राज्य ही नहीं, उनके साथ भी अन्याय है। शिवसेना ने कहा कि पर्रिकर के स्वास्थ्य के लिए इस वक्त तनाव हानिकारक साबित होगा। लेकिन बीजेपी आलाकमान को ये बात कौन समझाए। बीजेपी को पर्रिकर की सेहत से अधिक गोवा के हाथ से चले जाने का डर है। 


शाहजहां अंसारी पर हमले की असली कहानी ?  और इसके पीछे षड़यंत्र का खुलासा

शाहजहां अंसारी पर हमले की असली कहानी ? और इसके पीछे षड़यंत्र का खुलासा

24-Sep-2018

जिस तरह से जमालुद्दीन खाँ पूर्व प्रधान और  रशीद खाँ पूर्व प्रमुख ने षड़यंत्र करके शाहजहां अंसारी के ऊपर घर में घुस कर जानलेवा हमला करवाया वो आश्चर्यचकित करने वाला और अपने आप में असाधारण था. इससे पूरा कमसार स्तब्ध है. यह घटना असाधारण इसलिए भी है क्योंकि जिस घर पर हमला हुआ वो घर एक समाज में बहुत ही सम्मानित और प्रतिष्ठा वाला घराना है और उस घर पर हमला करना कोई छोटी घटना नहीं थी. इस अंसारी परिवार ने दो बड़े अधिकारी जनाब वज़ीर अंसारी (पूर्व डीजीपी) और प्रोफेसर मुख़्तार अंसारी(पूर्व सुचना आयुक्त) दिए जो ना सिर्फ अपने समाज के लिए अनुकरणीय कार्य किये हैं बल्कि पुरे समाज को इनसे भारी लाभ हुआ है. शाहजहां अंसारी के पिता श्री बादशाह अंसारी भी काफी सामाजिक रहे हैं और गांव के भले कार्यों ने उनका अच्छा योगदान रहा है. जब तक उनकी तबियत अच्छी थी वो इस्लामिया स्कूल के मैनेजर के पद पर कार्यरत रहे. खास तौर से पठान बिरादरी अंसारी परिवार की वजह से काफी लाभ उठाते रहे हैं. प्रोफेसर मुख़्तार अंसारी(पूर्व सुचना आयुक्त)  ने जहाँ कमसार को  एसकेबीऍम जैसी डिग्री कॉलेज की मान्यता दिलवायी, वहीँ  श्री वज़ीर अंसारी कमसार ही क्या पुरे गाज़ीपुर में काफी लोकप्रिय रहे हैं और इनको इलाक़े का बच्चा-बच्चा जानता और इज़्ज़त करता है और प्रेरणा स्त्रोत समझता है. 
जमालुद्दीन खाँ पूर्व प्रधान और  रशीद खाँ पूर्व प्रमुख जैसे चतुर राजनेताओं की वजह से जिन्होंने उत्तर मोहल्ला (जामा मस्जिद पर) के कुछ लोगों को उकसाया और पंचायत करके इस प्रकरण में शाहजहां अंसारी के सम्मलित न होने के बावजूद भी और सिर्फ शक के आधार पर उनका नाम घसीटा गया और उनको लक्ष्य बनाया। बाद में एक इज़्ज़तदार खातून को मोहरा बनाकर उससे हर जगह झूठा गवाही दिलवाई और ३१ दिन बाद झूठा मुक़दमा करने  में सफल रहे।  हाजी बादशाह अंसारी जो कि स्वास्थ्य ठीक न होने की वजह से पिछले ५ वर्षों से बिस्तर पर है और चल -फिर नहीं सकते हैं, उनके साथ भी इन बदमाशों ने घर में खुलकर गाली गलोज की, शाहजहां अंसारी की माँ जो बीमार रहती हैं, उनके साथ भी अभद्र व्यवहार किया गया और यदि वह वहां से हटती नहीं तो उनको भी बदमाशों के धक्का मुक्की करने से चोट आ सकती थी. इतना ही नहीं लगभग ३0-४० लोग जो घर में घुस आये थे शाहजहां अंसारी को घसीटते हुए बाहर ले गए और इतना पीटा की वो बेचारा मौके पर ही बेहोश हो गया और सर में, सीने में और कमर में काफी गंभीर छोटे आयी हैं जिसका इलाज अभी भी चल रहा है. यदि गांव वालों का विश्वाश किया जाये तो जमालुद्दीन खां और रशीद प्रमुख का मूल षड़यंत्र ये था कि शाहजहां अंसारी को रेलवे स्टेशन पर लिटा दिया जाये और ट्रैन के आने से इसकी मौत हो जाये। इसी को अंजाम देने के लिए ये लोग शाहजहां अंसारी के बेहोश होने के बावजूद भी खटिया पर लाद कर जमालुद्दीन खां के दुवारे में ले गए और ट्रैन आने का इंतज़ार करने लगे. लेकिन वही पर पुलिस के समय पर आ जाने से और तत्काल एम्बुलेंस द्वारा भदौरा सरकारी अस्पताल में भर्ती होने और फिर गाज़ीपुर सिटी हॉस्पिटल रेफर होने की वजह से शाहजहां अंसारी की जान बचायी जा सकी. इस घटना क्रम में पुलिस का कार्य काफी सराहनीय रहा और पुलिस के समय पर आने से बड़ी अनहोनी घटना को टाला जा सका. 
इस घटना से पहले कुछ खास घटना क्रम जो इस बड़ी साजिश की तरफ इशारा करता हैं:
१)  शाहजहां अंसारी के ऊपर लांछन लगा कर झूठे केस में फ़साने की पूर्व  में भी जमालुद्दीन खां की महत्वपूर्ण भूमिका रही है . इसलिए इस बार कोई आश्चर्य नहीं है इनकी भूमिका पर और साजिश में बढ़ जढ़कर कर हिस्सा लेने पर.  
२) महिला के साथ छिनताई की घटना में ४-५ लोगों का नाम उछाल रहा था जिसमे इरफ़ान खान और शाहनवाज़ खान का नाम मुख्य रूप से था लेकिन जब इन लोगों ने महिला से थाने में तहरीर दिलवाई तो कुछ पठानों का नाम निकाल दिया और शाहजहां अंसारी को मुख्य अभियुक्त बनाया ताकि जो एफ.आई.आर शाहजहां अंसारी ने करवाया है इनके खिलाफ उसको क्रॉस एफ.आई.आर करके  कमज़ोर किया जा सके.    
३) इन लोगों ने खाप पंचायत बुलाकर शाहजहाँ अंसारी की आड़ में बड़ी घटना को घर में घुसकर अंजाम दिया और बूढ़े माता पिता और घर की महिलाओं  के  साथ अभद्र भेवहार किया और ये ही नहीं घर की औरतों को भद्दी-भद्दी गाली दी.  अपाहिज पिता को भी बुरी-बुरी गलियां दी. इनलोगों ने उससे बड़ा अपराध किया। 
४) अंसारी परिवार की रेलवे स्टेशन वाली ज़मीन विवाद में भी जमालुद्दीन खां ने इनाम खान को उकसाया और उसको हाई कोर्ट से स्टे दिलवाने में भारी मदद की ताकि वज़ीर अंसारी का स्कूल बनाने का सपना चूर हो जाये और कार्य रुक जाये और वही हुआ। रातो रात इनको स्टे मिल गया और एक अच्छा कार्य होने से रह गया जिससे गांव के भविष्य को भरी नुकसान हुआ. अन्यथा अंसारी परिवार की गांव के लोगों के लिए एक अच्छा स्कूल बनाने की योजना थी. 
५) श्री वज़ीर अंसारी का नाम कुछ लोग जैसे शमशाद खान नेता (उत्तर मोहल्ला, उसिया) और मोहम्मद एकराम खान (दखिन मोहल्ला, उसिया) फेसबुक पर उनका फोटो लगा कर लोगों से सलाह मांग रहे थे की श्री वज़ीर अंसारी को कौन सी पार्टी ज्वाइन करनी चाहिए। जब उनसे पूछा गया इसबारे में तो इनको इसकी कोई जानकारी नहीं थी. इससे मालूम चलता है की ये लोग जान बुझ कर इनका नाम उछाल रहे थे और जो नेता कमसार में बरसो से जमे हुए है उनको ये डर सताने लगा था की कहीं ये नौकरी से रिटायरमेंट के बाद गांव पर आ गए और किसी राजनीति पार्टी में शामिल हो गए तो इनकी अच्छी छवि होने की वजह से इन सारे जमे जमाये नेताओं की दुकाने बंद हो जाएगी. 
६) महिला के साथ घटना १९ अगस्त को हुई थी, लेकिन इन लोगों ने ६ दिन तक इंतज़ार किया और हमला २५ अगस्त को किया। ऐसा प्रतीत होता है की मामला कुछ और था अन्यथा पठान ६ दिन तक इंतज़ार नहीं करते किसी को पीटने के लिए. महिला के साथ घटना होने के ६ दिन के बाद इन लोगों ने शाहजहां अंसारी पर योजनाबद तरीके से ४०-५० लोगों के

७) शाजहाँ अंसारी पर घर में घुसकर जानलेवा हमला करने से एक हफ्ते पहले ही उसिया सैफन पर हारुन  खान और उसके बेटों ने (जामा मस्जिद पर) ने अंसारी परिवार की जमीन पर कब्ज़ा करने का प्रयत्न किया था जिसपर शाहजहां अंसारी ने आपत्ति किया तो इनलोगों ने गाली गलोज और हाथापाई की. इन लोगों ने कई बार जिसमे  रियाजुल खान (लकड़ी वाला) भी  शामिल है, रास्ते में आते-जाते शाहजहां अंसारी को धमकी दी थी कि तुमको किसी दिन हम लोग बहुत मारेंगे, और वही हुआ. शाहजहां अंसारी पर २५ अगस्त के हमले में हारुन  खान और उसके दोनों लड़के सद्दाम और अफजाल खान भी शामिल थे जिससे इस बड़ी शाजिश कर पता चलता है.
८) घटना के ३१ दिन के बाद इन लोगों ने ज़मानिया सी.ओ. पर दबाव बनाकर क्रॉस FIR करने में सफल रहे ताकि इनपर जो शाहजहां अंसारी पर जान से मारने के लिए ३०७ का मुक़दमा लगा है उसको कमज़ोर किया जा सके और परिवार पर दबाव बनाया जा सके.

इन तथ्यों को देखते हुए अब गांव की जनता को निश्चित करना है की ऐसे गुंडा तत्वों को भविष्य में कैसे सबक सिखाना है, ऐसा आज अंसारी परिवार के साथ हुआ है, कल को किसी और के साथ भी हो सकता है. लोग आपके घर में घुसकर गुंडागर्दी कर सकते हैं, कानून को अपने हाथ में लेकर कुछ भी अपराध कर सकते हैं. ऐसे में पुरे समाज को बैठकर ऐसे बदमाश तत्वों और आपराधिक छवि की लोगों द्वारा पंचायत का गलत इस्तेमाल पर लगाम कसने की जरूरत है और साथ ही साथ पुलिस और न्यायालय को ऐसे संगीन जुर्म को नज़र अंदाज़ नहीं करकर उचित कार्यवाही करते हुए इस गुंडागर्दी में शामिल सारे नामजद आरोपियों को अविलम्ब जेल भेजना चाहिए।

 


नेपाल कें ओली सरकार ने सबसे बडे हाईड्रो प्राजेक्ट  चीन को देकर  भारत के साथ फिर से धोखा किया

नेपाल कें ओली सरकार ने सबसे बडे हाईड्रो प्राजेक्ट चीन को देकर भारत के साथ फिर से धोखा किया

24-Sep-2018

काठमांडू, {राजु लामा नेपाल } भारत से सुधरते रिस्ते कों नेपाल कें प्रधानमंत्री ने फिर से ब्रेक लगा दिया हैं । यही प्रधानमंत्री हे जिसके पहेली कार्यकाल में नेपाल कों भारत ने अघोषित नाकाबन्दी लगाया था । मगर कुछ बक्त गुजरने कें बाद बर्तमान प्रधानमंत्री केपी ओली ने भारत कें साथ रिस्ते कों नई आयाम दिया था । नेपाल कें ही  नेतृत्व में बिम्सटेक राष्ट्रों की सम्मेलन भी नेपाल ने काठमांडू मे आयोजित किया था । मगर बिम्सटेक सम्मेलन के कुछ ही दिनों बाद भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान में बिम्सटेक राष्ट्रों की संयुक्त सैन्य अभ्यास में नेपाल की और से सहभागिता नही जनाई बल्कि बद्ले मे चीन के साथ उसने संयुक्त सैन्य अभ्यास करने को मन्जुरी दे दिई गयी । 
यें नेपाल के बर्तमान प्रधानमंत्री केपी ओली के ही कडे निर्देशन मे हुवा हैं । बिम्सटेक राष्ट्राें की सहभागिता में भारत कें पुणे में हुई सैन्य संयुक्त अभ्यास कों ना मञ्जुरी देने में ओली के ही हात रहाँ था । भारत सरकार और भारतीय सेना ने ये निर्णय कों बडी शब्दो में नेपाल की निंदा और आलोचना किया था  । इसी कदम सें कुछ समय से नेपाल और भारत के बीच में सुधरते सम्बंधो में नेपाल के ही प्रधानमंत्री केपी ओली कें और से दरार पैदा कर दिया हैं । 
अब नेपाल इस मे ही नही रुकी नेपाल कें उर्जा मंत्रालय ने नचाहते हुये प्रधानमंत्री केपी ओली ने नेपाल के सबसे बढी हाईड्रो प्रोजेक्ट बुढी गण्डकी हाईड्रो प्रजेक्ट की चाँबी चीन कों दे दिया है । ओली के सिधे और कडे निर्देशन में चीनी कम्पनी गेजुवा कों ये प्रोजेक्ट देने के बाद नेपाल और भारत के बीच में रिस्ते में फिर दरार खडा करने की संभावना बढ् गई  हैं क्युकि भारत ने भी इस प्रोजेक्ट कों अप्ने और से बनाने का प्रस्ताव नेपाल कों किया था मगर नेपाल कें प्रधानमंत्री केपी ओली ने भारत कों इस प्रोजेक्ट नदेते हुये चीन को दे दिया हैं । 
इस से नेपाल और भारत कें बीच मे फिर से संबधो में समस्या आने की संभावना दिखाई दिया हैं । नेपाल कें प्रधानमंत्री जित्ने भी भारत से संबंध सुधारने की बात करते हें वो भारत कें खिलाफ में काम करते आये हें इस से ये साबित होता हें की केपी ओली भारत कों चकलेट दिखा के चक्मा देने मे माहिर नजर आ रही हैं । इस से नेपाल और भारत के बीच में चल रही सदियौं पुरानी रिस्ते और दोस्ती में भबिष्य में बडा दरार पैदा होती नजर आ रही हैं ।

 


अमेरिका ने भारत से कहा- रूस से खरीदा मिसाइल तो लगेगा प्रतिबन्ध

अमेरिका ने भारत से कहा- रूस से खरीदा मिसाइल तो लगेगा प्रतिबन्ध

22-Sep-2018

मीडिया रिपोर्ट 

भारत के रूस के साथ होने वाले सैन्य समझौतों पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने तेवर कड़े कर लिए हैं। चीन पर प्रतिबंध लगाने के बाद ट्रंप प्रशासन ने अब धमकी दी है कि वह अगर भारत ने रूस के साथ एस-400 डील की तो उस पर भी बैन लगाया जा सकता है। दरअसल भारत अरबों डॉलर खर्च कर रूस से S-400 ट्रायम्फ मिसाइल एयर डिफेंस सिस्टम्स खरीदने के आखिरी चरण में पहुंच चुका है। इससे पहले भी अमेरिका ने भारत को इस सौदे पर चेतावनी दी थी, लेकिन भारत ने उसे नजरअंदाज कर दिया था। अब अमेरिकी प्रशासन ने कहा है कि वह इस सौदे को ‘अहम सौदा’ मानेगा। इसके कारण भारत पर प्रतिबंध भी लगाया जा सकता है।

अमेरिका पहले ही कह चुका है कि भारत रूस से ये डील न करे और एयर डिफेंस सिस्टम न खरीदे। कहा जा रहा है कि ट्रंप ने उन आदेशों पर साइन कर दिए हैं, जिसके कारण उन देशों पर प्रतिबंध लगाया जा सकेगा, जो काउंटरिंग अमेरिका एडवर्सिरीज थ्रो सेंक्शन एक्ट (CAATSA) का उल्लंघन करेगा। इसी का पालन करते हुए अमेरिका ने चीन पर भी प्रतिबंध जड़ दिए हैं। इस कानून के तहत अमेरिका, ईरान, उत्तर कोरिया और रूस पर भी प्रतिबंध लगा चुका है। रक्षा विशेषज्ञ के अनुसार, S-400 सिस्टम का इस्तेमाल न सिर्फ अमेरिका के F-35s से जुड़े रेडार ट्रैक्स की पहचान करने में किया जा सकता है बल्कि इससे F-35 के कॉन्फिगरेशन का भी ठीक-ठीक पता लगाया जा सकता है। माना जा रहा है कि F-35 लाइटनिंग 2 जैसे अमेरिकी एयक्राफ्ट में स्टील्थ के सभी फीचर्स नहीं हैं।


डीजे के तेज आवाज में दबी 4 युवकों की आवाजें, गणपति विसर्जन के दौरान डूबे, 1 की मौत

डीजे के तेज आवाज में दबी 4 युवकों की आवाजें, गणपति विसर्जन के दौरान डूबे, 1 की मौत

20-Sep-2018

मीडिया रिपोर्ट 

लखनऊ। यूपी की राजधानी लखनऊ में गणपति विसर्जन करने के लिए गए चार युवक बुधवार शाम को नदी में डूब गए। घटना की जानकारी मिलने के बाद गोताखोरों ने मौके पर पहुंचकर एक युवक के शव को बाहर निकाला है, जबकि तीन युवक अभी भी लापता हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। जानकारी के अनुसार एक युवक हरदोई बाईपास स्थित घैला पुल के पास गणपति विसर्जन करने के दौरान डूब गया है, जिसका अभी तक पता नहीं चल सका है। 

जानकारी के अनुसार खदरा में गणेश पूजा के बाद लोग शाम को पांच बजे गणपति विसर्जन करने के लिए शिवनगर बंधे के पास गोमती न दी में गए थे। इस दौरान गणेश जी की भारी मूर्ति को नदी में विसर्जित करने के लिए कुछ युवक पानी में उतरे और बाकी किनारे से ही मूर्ति को धक्का दे रहे थे। तभी मूर्ति अचानक से पानी में गिरी और एक युवक उसके नीचे दब गया। लेकिन डीजे की तेज आवाज की वजह से युवक की चीख नहीं सुनाई दी। लेकिन कुछ देर बाद जब युवक की तलाश शुरू हुई तो जानकारी मिली की वह लापता है। 

मूर्ति विसर्जन में राजा निषाद, राहुल, नरेंद्र और विशाल पानी में डूब गए। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस की टीम को यहां पहुंचने में 2 घंटे लग गए। किसी तरह से गोताखोरो ने विशाल के शव को तलाश कर बाहर निकाला और उसे ट्रॉमा सेंटर भेजा गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं इस पूरी घटना के बारे में पुलिस का कहना है कि हम युवकों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं। 


चोर को पकड़ने गई क्राइम ब्रांच की टीम ही बन गई बंधक, ग्रामीणों ने बनाया बंधक

चोर को पकड़ने गई क्राइम ब्रांच की टीम ही बन गई बंधक, ग्रामीणों ने बनाया बंधक

20-Sep-2018

एजेंसी 

ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में चोरी के आरोपी को पकड़ने गई क्राइम ब्रांच की टीम को ग्रामीणों ने बंधक बना लिया। इस घटना का पता चलते ही पुरानी छावनी थाने के साथ ही अन्य थानों के पुलिस बल घटनास्थल पर पहुंच गए और गांव की घेराबंदी कर दी। ग्रामीणों को जैसे ही पता चला की पुलिस ने गांव की घेराबंदी कर दी है गाव वालों ने क्राइम ब्रांच के जवानों को मुक्त कर दिया। 

क्राइम ब्रांच की टीम बुधवार की सुबह साल 2017 में हुई चोरी के संदेही को पकड़ने के लिए पुरानी छावनी थाना क्षेत्र के खालसा गांव में गई थी। क्राइम ब्रांच को एएसआई सत्यवीर सिंह लीड कर रहे थे। गांव में पहुंची टीम ने आरोपी की घेराबंदी भी कर ली लेकिन टीम आरोपी को दबोचकर गांव से बाहर निकलती इससे पहले ही ग्रामीणों ने क्राइम ब्रांच को घेर लिया और बंधक बना लिया।  घटना की सूचना मिलते ही पुलिस भी तत्काल सक्रिय हुई और गांव की घेराबंदी कर ली। पुरानी छावनी और रिठौरा थाना पुलिस के साथ ही अन्य थानों के पुलिस बल ने एक साथ गांव में दबिश दी। पुलिस घेराबंदी का पता चलते ही ग्रामीण घबरा गए और पुलिस ने क्राइम ब्रांच टीम को मुक्त करा लिया। पुलिस ने गांव से एक आरोपी को भी पकड़ा है और उससे पूछताछ की जा रही है। 


AMAZON पर आरएसएस बेचेगा गौ-मूत्र से बने साबुन और टूथपेस्ट

AMAZON पर आरएसएस बेचेगा गौ-मूत्र से बने साबुन और टूथपेस्ट

19-Sep-2018

मीडिया रिपोर्ट 

नई दिल्ली। यदि आप उन लोगों में से हैं जो गाय के मूत्र और गोबर से बने उत्पादों का उपयोग करते हैं तो आपके लिए अच्छी खबर है। अक्टूबर से ये सारे उत्पाद आपकी उंगली की एक टच पर उपलब्ध होंगे। राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ समर्थित एक फॉर्मेसी ऐसे दर्जनों नेचुरल कॉस्‍मेटिक प्रॉडक्‍टों और दवाओं को ऑनलाइन शॉपिंग साइट आमेजन पर लाने जा रही है। पोर्टल पर बेचे जाने वाला सारा सामान आरएसएस की अपनी लैब में ही तैयार किया जाएगा जो उत्तर प्रदेश के मथुरा में स्थित है। 

लोगों के पास गौ-मूत्र और गोबर के उत्पादों के अलावा खरीद के कई और विकल्प भी आरएसएस मुहैया करा रही है। अमेजन की वेबसाइट पर योगी और मोदी स्टाइल के कुर्ते भी उपलब्ध होंगे। मथुरा में आरएसएस की ओर से चलाए जा रहा दीन दयाल धाम शुरू में 30 सामानों को ऑनलाइन बेचेगा। इनमें पर्सनल केयर से लेकर चिकित्‍सा संबंधी प्रॉडक्‍ट जैसे कामधेनु अर्क शामिल हैं। जानकारी के मुताबिक इस प्रॉडक्ट्स में लोगों को कैंसर, डायबिटीज की दवाएं, सौंदर्य उत्पाद जिसमें चेहरे पर लगाने वाले फेसपैक और नहाने के साबुन शामिल हैं। 

इसके अलावा दीन दयाल धाम 10 तरह के कपड़े भी ऑनलाइन बेचेगा। इनमें योगी और मोदी स्टाइल के कुर्तों को प्रमुख तौर पर शामिल किया गया है। ऑनलाइन पोर्टल में इन सब चीजों को बेचे जाने पर संघ के प्रवक्ता अरुण कुमार ने कहा, इस ऑनलाइन पोर्टल को शुरू करने के पीछे का असली मकसद स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर देना है। उन्होंने कहा, अगर ये ऑनलाइन पोर्टल लोगों के बीच लोकप्रिय होता है तो इससे रोजगार में बढ़ोतरी होगी। धाम हर माह एक लाख रुपये का पर्सनल केयर और तीन लाख रुपये के कपड़े बेचता है। 

अरुण कुमार ने बताया कि गोमूत्र और सौंफ से बनने वाले कामधेनू अर्क के अलावा कामधेनू गोशाला फॉर्मेसी घनवटी, कामधेनू मधुनाशक चूर्ण, शूलहार तेल, सैंपू, नहाने का साबुन, फेसपैक, टूथपेस्‍ट बनाती है। गुप्‍ता ने बताया कि साबुन और फेसपैक गोमूत्र और गाय के गोबर से बनाए गए हैं और इसमें किसी सिंथेटिक कैमिकल का इस्‍तेमाल नहीं किया गया है। उन्‍होंने बताया कि धाम में तैयार सारे प्रॉडक्‍ट के दाम 10 रुपये से लेकर 220 रुपये के बीच हैं। 


RTI से खुलासा- नोटबंदी के दौरान नेताओं की अध्‍यक्षता वाले सहकारी बैंकों में बदले गए सबसे ज्यादा पुराने नोट

RTI से खुलासा- नोटबंदी के दौरान नेताओं की अध्‍यक्षता वाले सहकारी बैंकों में बदले गए सबसे ज्यादा पुराने नोट

18-Sep-2018

दिल्ली : भ्रष्टाचार और कालेधन पर लगाम लगाने के लिए मोदी सरकार ने नोटबंदी की घोषणा की, लेकिन इससे न तो भ्रष्टाचार कम हुआ और न ही कालेधन पर लगाम लगी। एक आरटीआई में  हुए खुलासे से पता चला है कि देश के 10 केंद्रीय सहकारी बैंकों में सबसे ज्यादा नोट बदले गए हैं और उन सभी बैंकों में शीर्ष पदों पर भाजपा, कांग्रेस, एनसीपी और शिवसेना तक के नेता शामिल हैं।

जानकारी के मुताबिक, देश के 370 जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों में नोटबंदी के दो दिन बाद यानी 10 नवंबर, 2016 से 31 दिसंबर तक 500 और 1 हजार के पुराने नोट 22.270 करोड़ रुपए नए नोटों से बदले गए थे। जिन सहकारी बैंको में इन पैसों को बदला गया, उसमें से चार गुजरात में स्थित हैं तो चार महाराष्ट्र में, जबकि एक कर्नाटक और एक हिमाचल में है। 18.82 फीसदी राशि इन बैंकों में जमा कराई गई है। यह जानकारी सूचना के अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के तहत इंडियन एक्सप्रेस ने दी है।

इन बैंकों में जमा कराए गए पुराने नोट

जिस सहकारी बैंक में सबसे ज्यादा 745.59 करोड़ रुपए के पुराने नोट जमा किए गए हैं, वो गुजरात के अहमदाबाद का जिला सहकारी बैंक है, जिसके निदेशक बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और अजयभाई एच पटेल हैं।
राजकोट का जिला सहकारी बैंक पुराने नोट जमा करवाने में दूसरे नंबर पर है, जिसमें 693.19 करोड़ रुपए जमा कराए गए, जिसके अध्यक्ष हैं बीजेपी नेता जयेशभाई राडियाडिया।

तीसरे नंबर पर है पुणे का जिला केंद्रीय सहकारी बैंक, जिसमें 551.62 करोड़ रुपए के पुराने नोट बदलवाए गए हैं। इस बैंक के अध्यक्ष हैं एनसीपी के पूर्व विधायक रमेश थोराट। इस बैंक की उपाध्यक्ष कांग्रेस की नेता अर्चना गारे हैं।

चौथे नंबर पर कांगड़ा जिला केंद्रीय सहकारी बैंक है, जिसमें 543.11 करोड़ रुपए के पुराने नोट बदलवाए गए हैं। इस बैंक के अध्यक्ष कांग्रेस नेता जगदीश पहेलिया हैं।

सबसे ज्यादा पुराने नोट बदलवाने की सूची में पांचवें नंबर पर है सूरत का जिला सहकारी बैंक, जिसमें 269.85 करोड़ रुपए बदले गए हैं। इस बैंक के अध्यक्ष हैं भाजपा नेता नरेशभाई भिखाभाई पटेल।

छठे नंबर पर है सबरकंठा का जिला केंद्रीय सहकारी बैंक जहां 328.5 करोड़ रुपए के पुराने नोट बदले गए हैं। इस बैंक के अध्यक्ष हैं बीजेपी के नेता महेशभाई अमितचंदभआई पटेल।

सातवें नंबर पर है साउठ केनार जिला सहकारी बैंक, जिसमें 327.81 करोड़ रुपए के पुराने नोट बदले गए हैं और इसके अध्यक्ष हैं कांग्रेस के नेता एमएन राजेंद्र कुमार।

आठवें नंबर पर नासिक का जिला केंद्रीय सहकारी बैंक है, जिसमें 319.68 करोड़ रुपए के पुराने नोट बदले गए हैं। इस बैंक के अध्यक्ष हैं शिवसेना के नेता रेंद्र दारडे।

नौवें नंबर पर सतारा जिला का केंद्रीय सहकारी बैंक है, जिसमें 312.04 करोड़ रुपए के पुराने नोट बदले गए थे। इस बैंक के अध्यक्ष हैं रांकपा नेता छत्रपति शिवेंद्र सिंह राजे।

10वें नंबर पर है सांगली जिला का सहकारी बैंक, जिसमें 301.08 करोड़ रुपए के पुराने नोट बदले गए हैं। इस बैंक के उपाध्यक्ष हैं भाजपा नेता संग्राम सिंह समपत्रो देशमुख।


मशहूर टाइम मैगजीन 1377 करोड़ रूपये में बिकी

मशहूर टाइम मैगजीन 1377 करोड़ रूपये में बिकी

17-Sep-2018

दिल्ली 

अमेरिकी मीडिया कंपनी मेरेडिथ कॉर्प ने मशहूर ‘टाइम’ मैगजीन को बेच दिया है। सेल्सफोर्स के सह-संस्थापक मार्क बेनीऑफ और उनकी पत्नी ने इस मैगजीन को 190 मिलियन डॉलर ( करीब 1377 करोड़ भारतीय रुपये) में खरीदा। द वॉल स्ट्रीट जर्नल की खबर के मुताबिक, यह पत्रिका सेल्सफोर्स के चार सह-संस्थापकों में एक मार्क बेनीऑफ को 190 मिलियन डॉलर में बेची गई है। मेरेडिथ कॉर्पोरेशन की ओर से बताया गया कि टाइम मैगज़ीन का सौदा 190 मिलियन डॉलर में हुआ है। इसे बेनॉफ दंपति को बेचा जा रहा है। बेनॉफ क्लाउड कंप्यूटिंग की अगुवा कंपनी सेल्फफोर्स के को-फाउंडर हैं। मेरेडिथ की घोषणा में कहा गया कि बेनॉफ दंपति टाइम मैगज़ीन के रोजमर्रा के कामकाज और पत्रकारिता से जुड़े कामों और फैसलों में शामिल नहीं रहेंगे। ये फैसले टाइम मैगजीन की मौजूदा एक्ज़ीक्यूटिव लीडरशिप ही लेगी।

मेरेडिथ के प्रेसीडेंट और सीईओ टॉम हार्टी ने कहा, ‘हम टाइम जैसे प्रतिष्ठित ब्रांड के लिए मार्क और लाइनी बेनॉफ जैसे खरीददारों को पाकर काफी खुश हैं। पिछले 90 सालों में टाइम सबसे बड़ी और अहम घटनाओं के साथ ही पूरी दुनिया पर असर डालने वाली खबरों का गवाह रहा है। इन खबरों ने पूरी दुनिया के बीच बातचीत को आकार दिया है। सेल्सफोर्स ‘क्लाउड कंप्यूटिंग’ की दिग्गज कंपनी है। ‘पीपल’ और ‘बेटर होम्स एंड गार्डन्स’ जैसी पत्रिकाओं का प्रकाशन करने वाली मेरेडिथ ने आठ महीने पहले ‘टाइम इंक’ की चार पत्रिकाओं को मार्च में बेचने की पेशकश की थी। ‘टाइम’ के बाद अब बची हुई तीन पत्रिकाओं फॉर्च्यून, मनी और स्पोर्ट्स इलस्ट्रेटेड की बिक्री की बिक्री के संबंध में बातचीत जारी है।

ये प्रस्तावित बिक्री 30 दिनों में पूरी होने की उम्मीद है। द वॉल ​स्ट्रीट जनरल को दिए अपने इंटरव्यू में बेनॉफ ने कहा, ” मैं और मेरी पत्नी ऐसी कंपनी में निवेश कर रहे थे जिसका पूरी दुनिया में व्यापक असर है। ये ऐसी कंपनी भी है जिसका कारोबार भी बेहद मजबूत है। ये वही है, जिसे हम परिवार के तौर पर निवेश करने के लिए चाहते थे।” इससे पहले द वॉशिंगटन पोस्ट को अमेजन के संस्थापक जेफ बेजोस ने 2013 में खरीदा था। ये सौदा उस वक्त करीब 250 मिलियन डॉलर (करीब 1800 करोड़ रुपये) में हुआ था। वैसे बता दें कि टाइम मैगजीन को येल विश्वविद्यालय के छात्रों हेनरी लूस और ब्रिटोन हैडन ने शुरू किया था। इसकी पहली बिक्री मार्च 1923 में शुरू हुई थी।

जनसत्ता से साभार 


उसिया प्रकरण: एक  महिला की बेइज़्ज़ती का बदला चार महिला की बेइज्जती कर लिया

उसिया प्रकरण: एक महिला की बेइज़्ज़ती का बदला चार महिला की बेइज्जती कर लिया

15-Sep-2018

गाजीपुर : जिला ग़ाज़ीपुर के दिलदारनगर के ग्राम उसिया में पिछले कुछ दिनों पूर्व घटित घटना ने जिले को हिला कर रख दिया है। एक ओर कानून व्यवस्था की लचर स्थिति को उजागर किया है तो दूसरी ओर गांव के पठानों की करतूतों ने शर्मशार कर दिया है। देश की न्याययालयों को न्याय का मंदिर कहा जाता है इसी प्रकार गांव की पंचायतों को पंच परमेश्वर का दर्जा प्राप्त है, जहाँ सिर्फ न्याय होता है, बिना किसी जात-पात या भेद-भाव के, पर गांव उसिया की पंचायत ने इन लफ़्ज़ों का मतलब ही बदल दिया है। किस प्रकार खाप पंचायत गांव  के दबंग पठानों के हाथ की कठपुतली हो गयी है या यूँ कहें कि बिक गयी है कि एक महिला की बेइज़्ज़ती का बदला चार महिलाओं की बेइज़्ज़ती कर लेने को सही फरमाती है।

उसिया गांव  के पठानों का आतंक दिन प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है। गांव के दलित या अन्य पिछड़ों को तो ये इंसान ही नहीं समझते हैं। ये मात्र इनके लिए गाय-बकरी हैं। आये दिन इन दलितों पर अत्याचार करना, इनकी बहु-बेटियों के साथ छेड़छाड़ करना ये अपनी शान समझते हैं। यह बात कोई छुपी हुई नहीं है। 

गांव के जमालू प्रधान, शरफुद्दीन खां, इक़बाल खां उर्फ़ बाला, रशीद मैनेजर और कुछ अन्य पठान अपने आपको उसिया गांव का रहनुमा समझने लगे हैं। इनके आतंक से गांव का माहौल दिन प्रतिदिन बद से बदतर होते जा रहा है। नहीं समझ आ रहा है कि कौन इनके आतंक से गांव को बचाएगा। गांव न हो गया इन पठानों के अपराध का गढ़ बन गया है। 

आज गांव का एक भी दलित या अन्य पिछड़ा वर्ग समाज अपने आपको सुरक्षित महसूस नहीं कर रहा है और न ही इनके घर की बहु-बेटियों की आबरू सुरक्षित है। पता नहीं कब कौन पठान इनकी बहु बेटी की चुन्नी तार-तार कर दे? गांव से लगा हुआ थाना दिलदार नगर है पर इन पठानों को थाना, कोर्ट कचहरी का, प्रशाशन का कोई डर और भय नहीं है। सबको ये अपनी जेब में भरकर घूमते हैं और गलती से किसी गांव वालों ने इनकी शिकायत कर दी तो बस जो इस शाहजहां(जुलाहे) और उसके घर के बहु बेटी माँ के साथ अभद्र व्यवहार किया है वही दोहराते हैं। गांव के लोगों की जमीन पर कब्ज़ा करना, उनकी फसलों पर कब्ज़ा करना, उनके घर पर कब्ज़ा करना, यही धंधा बन गया है इन पठानों का। जमीन तो छोड़िये, ये कब्रिस्तान, तालाब को भी नहीं छोड़ते हैं। वहां पर भी ये कब्ज़ा कर बैठे हैं। और जब कोई मज़लूम इनकी शिकायत करता है तो उसे शाहजहां की तरह झूठे अपराध के मामले में फसाकर उससे और उसके परिवार से बदला लेते हैं। मार-मार कर उसका दम निकाल देते हैं। 

जिस तरह गांव के पठानों ने अपने बिरादरी के पढ़े लिखे नौजवान लड़कों को इस जात-पात की लड़ाई में झोक दिया है इससे इन नौजवानों का भविष्य अंधकारमय हो गया है। क्योंकि इस प्रकार के खून खराबे से ये अपना भविष्य स्वयं अपने हाथों से बर्बाद कर रहे हैं। इन पठानों की मूर्खता का भुगतान इन बेचारे नौजवान पीढ़ी को अपना भविष्य ख़राब कर भुगतना होगा। 

आज पढ़े लिखे होने के बावजूद भी पठान अपने जंगली रवैये से बाज नहीं आ रहे हैं। वही जंगल राज का कानून आज भी गांव में चल रहा है। वही जंगल राज कानून एक के बदले चार की जान लेना इनका शौक बन गया है। तथाकथित एक महिला की बेइज़्ज़ती का बदला ये उसी प्रकार चार महिलाओं की बेइज़्ज़ती से ले रहे हैं। आज तक उस महिला को न्याय भी नहीं दिला पाए और बदनाम इतना किया कि चारो तरफ इसकी दुर्गन्ध फैली है।  गांव उसिया कब इन पठानों के बहशीपन से मुक्ति पायेगा ये तो खुदा  ही जाने। आज लोग पढ़े लिखे होने के बाद भी, देश में कानून राज होने के बाद भी, स्वयं अपनी खाप-पंचायत बुलाकर अपनी मनमर्ज़ी का फरमान जारी कर गांव के मजलूम लोगों पर अत्याचार कर रहे हैं। इन पठानों को देश के कानून, पुलिस, प्रशाशन किसी का भी सरोकार और डर-भय नहीं है।  क्या बूढ़ा, क्या जवान, सब अपनी मन मर्ज़ी के मालिक हैं। पठानों की क्रूरता का अंत कब होगा? यह गंभीर चिंता का विषय है।


देश के एक और भगोड़े ललित मोदी ने विजय माल्या के दावों की पुष्टि की, जेटली पर लगाया झूठ बोलने का आरोप

देश के एक और भगोड़े ललित मोदी ने विजय माल्या के दावों की पुष्टि की, जेटली पर लगाया झूठ बोलने का आरोप

14-Sep-2018

मीडिया रिपोर्टो से 

माल्या-जेटली मुलाकात विवाद पर कांग्रेस और बीजेपी के बीच जारी घमासान के बीच देश से फरार आईपीएल के पूर्व कमिश्नर ललिल मोदी भी कूद पड़े हैं। ललित मोदी ने विजय माल्या के दावों की पुष्टि करते हुए वित्त मंत्री पर झूठ बोलने का गंभीर आरोप लगाया है। साथ ही मोदी ने अपने ट्वीट में इशारों-इशारों में वित्त मंत्री की तुलना सांप से कर डाली है।

ललित मोदी ने ट्वीट कर वित्त मंत्री पर निशाना साधते हुए कहा है कि अरुण जेटली इनकार कर रहे हैं लेकिन ये बिल्कुल सच है कि विजय माल्या जाने से पहले उनसे मिले थे। उनको इस बात को स्वीकार करना चाहिए। वो क्यों इस बात को नकार रहे हैं कि वो माल्या से मिले हैं जबकि कई लोग इस बात को जानते हैं कि उसने मुलाकात की थी जो वहां पर मौजूद थे। जेटली को झूठ बोलने की आदत हो गई है। आप एक सांप (सांप का चिन्ह) से क्या उम्मीद कर सकते हैं।

दरअसल, माल्या ने बुधवार (12 सितंबर) को कहा कि वह भारत से रवाना होने से पहले वित्त मंत्री से मिला था। लंदन में वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश होने के लिए पहुंचे माल्या ने संवाददाताओं को बताया कि उसने मंत्री से मुलाकात की थी और बैंकों के साथ मामले का निपटारा करने की पेशकश की थी। उधर, वित्त मंत्री ने माल्या के बयान को झूठा करार देते हुए कहा कि उन्होंने 2014 के बाद उसे कभी मिलने का समय नहीं दिया। जेटली ने कहा कि माल्या राज्यसभा सदस्य के तौर पर हासिल विशेषाधिकार का ‘दुरुपयोग’ करते हुए संसद-भवन के गलियारे में उनके पास आ गया था। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कल माल्या के दावे को ‘अति गंभीर आरोप’ करार दिया था और कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को जांच का आदेश देना चाहिए और जांच पूरी होने तक जेटली को इस्तीफा दे देना चाहिए।

 


टूटी सड़क की शिकायत लेकर गए थे लोग, पार्षद ने उन्ही पर कर दिया SC-ST एक्ट के तहत मुकदमा

टूटी सड़क की शिकायत लेकर गए थे लोग, पार्षद ने उन्ही पर कर दिया SC-ST एक्ट के तहत मुकदमा

12-Sep-2018

ग्वालियर : एससी-एसटी एक्ट पर मचे घमासान के बीच ग्वालियर में एक साथ 100 लोगों के उपर इस एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ है. मुकदमा स्थानीय पार्षद ने दर्ज करवाया है. दरअसल, धोलपुर के कुशवाहा मोहल्ले में सड़क काफी दिनों से टूटी पड़ी है. सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं. सीवर का चैंबर भी खुला है. आए दिन खुले चैंबर और टूटी सड़क की वजह से कोई न कोई हादसा होता रहता है और लोग घायल हो जाते हैं, लेकिन मंगलवार को तो अति हो गई. दरअसल, बाइक पर बैठी एक बच्ची अचानक सड़क के गड्ढों में गिर पड़ी और बमुश्किल पिता ने उसको निकाला. इस घटना से स्थानीय लोग काफी नाराज हो गए और सड़क पर गड्ढों की शिकायत करने पार्षद के घर पहुंच गए.

लोगों का कहना है कि सड़क लंबे वक्त से टूटी पड़ी है और इस समस्या की CM हेल्पलाइन पर भी शिकायत की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई. सुनवाई न होने पर वे पार्षद को समस्या बताने गए थे. मंगलवार की घटना से लोगों में नाराजगी भी थी. दूसरी तरफ, वार्ड नंबर 21 से पार्षद चतुर्भुज धनौनिया ने आरोप लगाया है कि लोगों ने उनके साथ गाली-गलौज की और घर को घेर लिया. इसके बाद उन्होंने शिकायत करने पहुंचे सभी 100 लोगों पर एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करा दिया है.

साभार NDTV से 


MP : छिंदवाड़ा में आप नेता संजय सिंह की गाड़ी पर हमला

MP : छिंदवाड़ा में आप नेता संजय सिंह की गाड़ी पर हमला

11-Sep-2018

एजेंसियों से 

भोपाल : मध्‍य प्रदेश में आने वाले कुछ महीनों में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में राज्‍य की राजनीति भी गर्माने लगी है। आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्‍ठ नेता और राज्‍यसभा सांसद संजय सिंह एक कार्यक्रम में शिरकत करने प्रदेश के छिंदवाड़ा गए हुए हैं, जहां उन्‍हें लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा है। उन्‍होंने खुद ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी है। AAP सांसद ने लिखा, ‘छिंदवाड़ा में मेरी गाड़ी पर हमला हुआ। कार का दरवाजा खोलकर मुझे बाहर निकालने की कोशिश की गई। SC/ST एक्‍ट के नाम पर हिंसक विरोध शुरू हो गया है।’ इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया में आया है।

इसमें बड़ी तादाद में लोगों को उनकी कार को घेरे हुए देखा जा सकता है। बताया जा रहा है कि प्रदर्शनकारी SC/ST के मसले पर अपनी नाराजगी जता रहे थे। AAP सांसद को काले झंडे भी दिखाए गए। इस बीच, पुलिस अधिकारियों को वहां जमा लोगों को हटाने का प्रयास करते हुए भी देखा जा सकता है। लेकिन दर्जनों की तादाद में जमा लोग संजय सिंह की कार का रास्‍ता छोड़ने को तैयार नहीं थे। हालांकि, इस वीडियो में लोगों द्वारा सांसद को कार से निकालने का प्रयास करते हुए नहीं देखा गया। AAP सांसद ने उग्र लोगों पर कार से बाहर निकालने का भी आरोप लगाया है।

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने एक फैसले में SC/ST एक्‍ट में संशोधन किया था, जिसमें बिना जांच के गिरफ्तारी पर रोक लगा दी गई थी। नरेंद्र मोदी सरकार ने एक विधेयक लाकर शीर्ष अदालत के फैसले को पलट दिया और कानून के प्रावधानों को पूर्व की तरह ही बरकरार रखा। इसके बाद से ही कई राज्‍यों में इसका विरोध किया जा रहा है। कुछ‍ दिनों पहले इसमें संशोधन की मांग को लेकर भारत बंद का आह्वान किया गया था। इस दौरान कई जगहों पर विरोध-प्रदर्शन हिंसक हो गया था।


राजस्थान के राज्यपाल के पास आसाराम ने भेजी दया याचिका

राजस्थान के राज्यपाल के पास आसाराम ने भेजी दया याचिका

11-Sep-2018

एजेंसी 

जयपुर। नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप में राजस्थान की जोधपुर जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम का जेल में मन नहीं लग रहा है। उन्होंने राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह को पत्र लिखकर दया की गुहार लगाई है। इतना ही नहीं उन्हेंने जिलाधिकारी के पास पैरोल के लिए आवेदन किया है। लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं मिला। बता दें कि आसाराम ने राजस्थान के राज्यपाल का दरवाजा खटखटाया है।

उन्होंने दया याचिका राज्यपाल कल्याण सिंह को भेजी है। दया याचिका को राजभवन ने गृह विभाग भेज दिया है। अब डीजीपी जेल के मार्फत पूरी रिपोर्ट मंगवाई है। डीजी जेल ने जोधपुर जेल से रिपोर्ट मांगी है। बता दें कि अपनी याचिका में आसाराम ने सजा को कम करने सहित अन्य राहत मांगी है। सुप्रीम कोर्ट में अब तक आसाराम की करीब 10 जमानत याचिकाएं खारिज हो चुकी हैं। 


नन रेप केस में ननों ने पुलिस पर लगाया बिशप को बचाने का आरोप

नन रेप केस में ननों ने पुलिस पर लगाया बिशप को बचाने का आरोप

10-Sep-2018

कोच्चि: विभिन्न कैथोलिक सुधार संगठनों ने रोमन कैथोलिक चर्च के बिशप के खिलाफ एक नन द्वारा दायर बलात्कार की शिकायत की जांच में पुलिस की ओर से कथित तौर पर ढिलाई बरते जाने के खिलाफ रविवार को यहां दूसरे दिन प्रदर्शन किया. इस बीच पांच ननों ने शीर्ष पुलिस अधिकारियों पर मामले की जांच में रोड़े अटकाने के प्रयास करने का आरोप लगाया.
कोट्टायम में एक कान्वेंट की ननों ने जालंधर के बिशप फ्रैंको मुलक्कल के खिलाफ जांच अपराध शाखा को सौंपने के कथित रिपोर्टों की निंदा की. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस अधिकारी बिशप फ्रैंको को बचाने के लिए मामले की जांच में देरी करने का प्रयास कर रहे हैं.
प्रदर्शन में शामिल लोगों ने ‘‘अपनी सिस्टर’’ के लिए न्याय की मांग की और उन्होंने वाइकोम के पुलिस उपाधीक्षक के.सुभाष द्वारा की जा रही जांच पर विश्वास जताया. ननों ने दावा किया कि पुलिस अधिकारी बिशप फ्रैंको को बचाने के लिए मामले की जांच में देरी करने का प्रयास कर रहे हैं.

उन्होंने कहा, ‘‘हमें पुलिस उपाधीक्षक की जांच में पूर्ण विश्वास है लेकिल शीर्ष पुलिस अधिकारी उन्हें स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच करने नहीं दे रहे हैं.’’ एक नन ने कोट्टायम जिले में कुरविलंगाडू में संवाददाताओं से बातचीत में आरोप लगाया,‘‘उन्हें स्वतंत्र एवं निष्पक्ष ढंग से जांच नहीं करने दी जा रही है. मामले को दबाने के लिए वे जांच में देरी करने का प्रयास कर रहे हैं.’’

ननों ने कहा कि अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए शिकायतकर्ता पर कथित रूप से हमला करने वाले एक निर्दलीय विधायक के खिलाफ उन्होंने कानूनी कार्रवाई शुरू करने का निर्णय लिया है. इस बीच पीड़ित नन के परिवार के सदस्यों ने कहा कि डीएसपी द्वारा की जा रही जांच में उन्हें पूरा भरोसा है और अदालत की निगरानी में जांच की मांग को लेकर उनकी केरल उच्च न्यायालय जाने की भी योजना है.

केरल के पुलिस महानिदेशक लोकनाथ बेहरा ने हालांकि कहा कि इस समय जांच को अपराध शाखा को सौंपने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है. तिरुवनंतपुरम में पत्रकारों से बातचीत में डीजीपी ने कहा कि उन्होंने एर्नाकुलम रेंज के आईजी विजय सखारे को जल्द से जल्द मामले की जांच पूरी करने के निर्देश दिये है.


 


AIMIM जैसे सांप को दूध पिलाकर पाल रही है TRS- बीजेपी नेता श्रीधर रेड्डी

AIMIM जैसे सांप को दूध पिलाकर पाल रही है TRS- बीजेपी नेता श्रीधर रेड्डी

09-Sep-2018

हैदराबाद : बीजेपी प्रवक्ता श्रीधर रेड्डी ने एआईएमआईएम की ओर ईशारा करते हुए कहा कि तेलंगाना राष्ट्र समिति सांप को दूध पिलाकर पाल रही है। टीआरएस का रवैया देखकर लगता है कि तेलंगाना में एक बार फिर रजाकार का दौर आएगा। बीजेपी प्रवक्ता श्रीधर रेड्डी ने शनिवार को मीडिया से यह बात कही।

श्रीधर रेड्डी ने अकबरुद्दीन के कल दिये गये बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि वह बिना सोच के बोल रहे हैं। श्रीधर ने कहा कि पुराने शहर में केवल सात सीटों तक सीमित रह चुकी एआईएमआईएम का विधायक मुख्यमंत्री कैसे बन सकता है।

 

आपको बता दें कि अकबरुद्दीन ने कहा था कि कर्नाटक में कम सीट जीतने वाले कुमार स्वामी मुख्यमंत्री बन सकते हैं तो तेलंगाना में एआईएमआईएम के नेता मुख्यमंत्री क्यों नहीं बन सकते हैं..?

श्रीधर रेड्डी ने आगे कहा कि आने वाले चुनाव में यदि कोई टीआरएस को वोट दें तो एआईएमआईएम को दिये जैसा हो जाएगा। उन्होंने सवाल किया कि धर्मनिरपेक्ष कहने वाली टीआरएस अब एआईएमआईएम के नेता अकबरुद्दीन के बयान पर स्पष्टीकरण दें। बीजेपी प्रवक्ता ने तेलंगाना के लोगों को आगाह किया कि छद्म धर्मनिरपेक्ष टीआरएस से सावधान रहें।

NTR ट्रस्ट भवन बनाम गांधी भवन

श्रीधर रेड्डी ने टीडीपी अध्यक्ष नारा चंद्रबाबू नायुडू को एनटीआर ट्रस्ट भवन का नाम बदलकर गांधी भवन करने का सुझाव दिया। बीजेपी प्रवक्ता ने आगे कहा कि चंद्रबाबू नायुडू अपने स्वार्थ की राजनीति के लिए तेलंगाना के सूखे हुए जख्मों को ताजा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि टीडीपी और कांग्रेसी मिलकर दोनों राज्य में एक बार फिर दरार पैदा करने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने कहा कि टीडीपी का न कोई सिद्धांत है न ही लक्ष्य है।
श्रीधर ने आगे कहा कि यदि टीडीपी और कांग्रेस मिलकर चुनाव लड़ती हैं तो दिवंगत एनटीआर की आत्मा दुखी होगी। उन्होंने पूछा कि क्या वर्ष 2019 में होने वाले चुनाव में टीडीपी अकेली चुनाव लड़ सकती है?


मुजफ्फरपुर : सांसद पप्पू यादव पर बंद समर्थकों ने किया हमला, कहा- जाति पूछकर पीटा गया

मुजफ्फरपुर : सांसद पप्पू यादव पर बंद समर्थकों ने किया हमला, कहा- जाति पूछकर पीटा गया

06-Sep-2018

मीडिया रिपोर्ट 

मुजफ्फरपुर : जन अधिकार पार्टी के नेता और सांसद पप्पू यादव पर आज बंद समर्थकों ने हमला कर दिया . पप्पू यादव पर हमले की घटना मुजफ्फरपुर के निकट खबरा में हुई. प्राप्त जानकारी के अनुसार उनके काफिले पर रोड़ेबाजी की गयी. हमले के बाद पप्पू यादव ने रोते हुए कहा कि उनकी जाति पूछकर उनपर हमला किया गया. उन्होंने कहा कि मैंने कभी जाति आधारित राजनीति नहीं की लेकिन आज मेरे साथ यह हादसा हुआ.

मुख्य सड़क जाम होने के कारण पप्पू यादव सकरी से खबरा गांव होते हुए खबरा मंदिर के पास एन एच-28 पर मधुबनी जाने के लिए निकले थे. लेकिन खबरा मंदिर के पास स्थानिय लोग एनएच-28 के9 जाम कर रखा था. पप्पू यादव आगे जाना चाह रहे थे तो लोगों ने विरोध कर दिया. इसके बाद पप्पू और उनके समर्थक भी अड़ गए  तो आक्रोशित लोग उनसे उलझ गए. दोनों ओर से तनातनी हो गयी. आक्रोशित बंद समर्थकों ने उनके काफिले पर हमला कर दिया. उनके कई कार्यकर्ताओं को चोट भी लगी. कई कार्यकर्ताओं की मोबाइल भी टूट गयी. बाद में सुरक्षा कर्मियों ने स्थिति संभाली. पप्पू भी स्थानीय बंद समर्थकों से क्षमा मांगते हुए वापस लौट गये.

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पप्पू यादव ने ट्‌वीट कर बताया- राज्य और केंद्र की सरकारें देश को जातीय-सांप्रदायिक हिंसा-प्रतिहिंसा की आग में झोंक देना चाहती हैं. जब Y सिक्युरिटी सुरक्षा प्राप्त सांसद पर कट्टा लहराकर हमला हो सकता है तो आम लोगों की क्या दशा होगी? गौरतलब है कि पप्पू यादव नारी बचाओ पदयात्रा के लिए मधुबनी जा रहे थे उसी दौरान उनपर बंद समर्थकों ने हमला किया. पप्पू यादव ने ट्‌वीट कर बताया कि गुंडों ने हमला किया,कार्यकर्ताओं को बुरी तरह जाति पूछ-पूछकर पीटा .

 


फिल्म पाकीजा के गाने के रिमिक्स पर पाकिस्तानी सिंगर आतिफ असलम पर भड़की लता मंगेशकर

फिल्म पाकीजा के गाने के रिमिक्स पर पाकिस्तानी सिंगर आतिफ असलम पर भड़की लता मंगेशकर

05-Sep-2018

मुंबई 

बॉलीवुड अभिनेता जैकी भग्नानी और कृतिका कामरा की आने वाली फिल्‍म ‘मित्रों’ का हाल ही में एक गाना ‘चलते चलते’ रिलीज हुआ है, इस गाने को आतिफ असलम ने गया है। यह गाना फिल्‍म पाकीजा का ‘चलते-चलते यूं ही कोई मिल गया…’ का रिमिक्‍स है। इस गाने को भारत रत्न लता मंगेशकर ने गाया था लेकिन जब हाल ही में लता मंगेशकर से इस नए गाने को लेकर पूछा गया कि आतिफ असलम की आवाज में उन्हें यह गाना कैसा लगा तो लता मंगेशकर भड़क गईं। समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में लता मंगेशकर ने कहा, ‘मैंने इस गाने को नहीं सुना है और मैं इसे सुनना भी नहीं चाहती। पुराने गानों के रिमिक्स बनाने का जो ट्रेंड चला है इससे मैं दुखी हूं इन गानों में क्रियेटिविटी कहां है, क्‍लासिकल गानों में हेर-फेर करना ठीक नहीं है। मैंने तो यह भी सुना है कि गाने के बोल तक बदल दिये जाते हैं।’

उन्होंने आगे कहा, ‘किसकी सहमति से यह सब करते हैं? किसी कवि और लेखक की यह अपनी रचना होती है। किसी को भी यह हक नहीं है कि उन महान कवियों और कंपोजर्स की कविताओं को अपना बना लें।’इस बारे में बीजेपी सांसद और सिंगर बाबुल सुप्रियो का भी बयान सामने आया है। उन्‍होंने कहा,’ आज बॉलीवुड में कला खत्‍म होती जा रही है. मैं एक गायक होने के नाते आतिफ असलम का सम्‍मान करता हूं। लेकिन मैं कुछ बोलने के बजाय दो मिनट का मौन रखना चाहूंगा।’