कोविड संक्रमण से स्वस्थ्य होने के तीन माह बाद लें टीका

कोविड संक्रमण से स्वस्थ्य होने के तीन माह बाद लें टीका

22-May-2021

कोविड संक्रमण से स्वस्थ्य होने के तीन माह बाद लें टीका

धात्री माताएं भी ले सकती हैं टीका

· नेशनल एक्सपर्ट ग्रुप ऑन वैक्सीन एडमिनिस्ट्रेशन फॉर कोविड-19 ने दी सलाह

· पहला डोज लेने के बाद संक्रमित होने पर भी 3 महीने के बाद लें दूसरा डोज

· टीकाकरण के 14 दिन बाद कर सकते हैं रक्तदान

रायपुर, अब स्तनपान करवाने वाली महिलायें भी कोविड संक्रमण से बचाव के लिए टीका ले सकती है। कोविड टीकाकरण कार्यों और वैक्सीन के प्रभावों की निगरानी कर रहे नेशनल एक्पर्ट ग्रुप ऑन वैक्सीन एडमिनिस्ट्रेशन फॉर कोविड-19 की सलाह पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के सचिव राजेश कुमार ने इस संबंध में पत्र जारी कर जानकारी दी है। टीकाकरण की रणनीति तैयार करने में भी यह एक्पर्ट ग्रुप अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। कोविड आपदा को लेकर लगातार बदलते हालात तथा वैश्विक स्तर पर टीकाकरण से जुड़े वैज्ञानिक साक्ष्यों तथा अनुभवों को देखते हुए नेशनल एक्सपर्ट ग्रुप ऑन वैक्सीन एडमिनिस्ट्रेशन फॉर कोविड-19 द्वारा यह सलाह दी गयी है।

अभी तक धात्री और गर्भवती महिलाओं को टीका नहीं दिया जा रहा था। कोविड संक्रमण से ठीक हुए लोगों को अब 3 महीने के बाद टीका दिया जाएगा। वहीं, ऐसे लोग जो टीके का पहला डोज लेने के बाद संक्रमित हुए हैं, उन्हें भी 3 महीने के बाद ही दूसरा डोज लेने की सलाह दी गयी है।

धात्री माताएं भी ले सकती हैं टीका :

स्तनपान कराने वाली यानी धात्री माताओं को कोविड टीकाकरण कराने को लेकर कई तरह की बातें की जा रही थी। सोशल मीडिया पर कोविड का टीका स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए घातक बताया जा रहा था। लेकिन एक्पर्ट ग्रुप के अनुसार सभी धात्री माताएं टीका ले सकती हैं। 

गंभीर रूप से बीमार लोग 4 से 8 सप्ताह बाद ले सकते हैं टीका:

पत्र में यह कहा गया है कि कोविड संक्रमित रोगियों को यदि एंटी सार्स 2 मोनोक्लोनल एंटीबॉडी दिया गया है तो ऐसे लोग अस्पताल से निकलने के 3 माह बाद टीका ले सकते हैं। साथ ही वैसे सभी लोग जो बीमार है और जिन्हें अस्पताल या आईसीयू देखभाल की जरूरत है, उन्हें कोविड का टीका 4 से 8 सप्ताह बाद तक लगाया जा सकता है।

14 दिन बाद कर सकते हैं रक्तदान:

एक्सपर्ट ग्रुप ने कहा है कोई भी स्वस्थ्य व्यक्ति कोविड काल में रक्तदान कर सकता है। ऐसे लोग जिनका टीकाकरण हुआ है वे टीकाकरण के 14 दिन बाद रक्तदान कर सकते हैं। वैसे लोग जो कोविड संक्रमित हुए और फिर उनका आरटीपीसीआर निगेटिव आ गया है तो वह भी 14 दिन बाद रक्तदान कर सकते हैं। एक्सपर्ट ग्रुप ने कहा है स्तनपान कराने वाली महिला भी कोविड 19 टीकाकरण करा सकती है। साथ ही यह भी सलाह दी है कि कोविड टीकाकरण से पूर्व वैक्सीन लेने वाले लोगों के रैपिड एंटीजेन टेस्ट की जरूरत नहीं होती है।

प्रभावी तरीके से अनुपालन का निर्देश:

मंत्रालय ने आदेश जारी कर संबंधित अधिकारियों को इन सिफारिशों के अनुपालन को प्रभावी तरीके से सुनिश्चित कराने का आदेश दिया है। साथ ही इन सिफारिशों व जानकारियों को कोविड रोकथाम एवं टीकाकरण से संबंधित सेवा देने वाले लोगों तक पहुंचाने के लिए स्थानीय भाषा का उपयोग करते हुए मीडिया के माध्यम से प्रचार प्रसार का आदेश दिया है। साथ ही सभी स्तर पर टीकाकरण कार्य में लगे लोगों को इस संबंध में आवश्यक प्रशिक्षण भी मुहैया कराने की बात कही है। ------------------------------- 


मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने भारत के पूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न स्वर्गीय श्री राजीव गांधी को 21 मई को उनकी पुण्यतिथि पर नमन किया

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने भारत के पूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न स्वर्गीय श्री राजीव गांधी को 21 मई को उनकी पुण्यतिथि पर नमन किया

21-May-2021

 मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने भारत के पूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न स्वर्गीय श्री राजीव गांधी को 21 मई को उनकी पुण्यतिथि पर नमन किया है। श्री बघेल ने देश के विकास और नवनिर्माण में स्वर्गीय श्री राजीव गांधी के महत्वपूर्ण योगदान को याद करते हुए उनकी पुण्यतिथि की पूर्व संध्या पर आज यहां जारी अपने संदेश में कहा है कि राजीव जी ने सबसे युवा प्रधानमंत्री के रूप में देश की बागडोर सम्हाली। उन्होंने 21वीं सदी के आधुनिक भारत का सपना देखा था। अपनी आधुनिक और प्रगतिशील सोच से उन्होंने भारत में सूचनाक्रंाति का सूत्रपात किया। उनकी दूरदर्शी सोच का परिणाम है कि हम आज ई-प्रशासन का वर्तमान स्वरूप देख रहे हैं। उन्होंने सूचना प्रौद्योगिकी की शुरूआत कर देश में भारत संचार नेटवर्क और कम्प्यूटर क्रांति का आगाज किया तथा वर्तमान के डिजिटल इंडिया की नींव रखी। राजीव जी ने पंचायती राज संस्थाओं और नगरीय निकायों को भी अधिक अधिकार देकर देश में लोकतांत्रिक विकेन्द्रीकरण को बढ़ावा दिया। उन्होंने मतदान की आयु 21 वर्ष से घटा कर 18 वर्ष करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया। 

श्री बघेल ने कहा कि सहज, सरल स्वभाव के राजीव जी का छत्तीसगढ़ से भी गहरा लगाव था। यहां की आदिवासी संस्कृति और निवासियों को भी उन्होंने करीब से देखा, जाना और उनके विकास के लिए काम किया। गरियाबंद जिले के आदिवासी अंचल कुल्हाड़ीघाट में 1985 का उनका संक्षिप्त प्रवास आज भी वहां के निवासियों की स्मृतियों में ताजी है। इसी समय उन्होंने धमतरी जिले के दुगली की यात्रा की, जिसे अब राजीव ग्राम के नाम से भी जाना जाता है। श्री बघेल ने कहा कि राजीव जी के पदचिन्हों पर चलते हुए छत्तीसगढ़ सरकार भी सबके विकास के लिए काम कर रही है। 

 श्री बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने पिछले वर्ष पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री राजीव गांधी की पुण्यतिथि पर ‘राजीव गांधी किसान न्याय योजना’ शुरू की, जिसके तहत प्रदेश के 19 लाख किसानों को 5628 करोड़ रूपए की राशि चार किश्तों में सीधे उनके खातों में अंतरित की गई। इस वर्ष भी 21 मई को किसानों को कृषि आदान सहायता राशि (इनपुट सब्सिडी)के रूप में इस योजना की पहली किश्त दी जाएगी। उन्होंने कहा कि राजीव जी आतंकवाद के आगे नहीं झुके और देश के लिए अपने प्राणों की भी परवाह नहीं की। स्वर्गीय राजीव गांधी के सम्मान में उनको श्रद्धांजलि देने के लिए उनकी पुण्यतिथि 21 मई को पूरा देश आतंकवाद विरोधी दिवस के तौर पर मनाता है। देश और प्रदेश के विकास के लिए हमारा योगदान राजीव जी को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।


मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के मृत्यु के प्रकरणों में उनके पारिवारिक सदस्यों को नियुक्ति करने के प्रस्ताव पर सहानुभूतिपूर्वक विचार का दिया आश्वासन

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के मृत्यु के प्रकरणों में उनके पारिवारिक सदस्यों को नियुक्ति करने के प्रस्ताव पर सहानुभूतिपूर्वक विचार का दिया आश्वासन

19-May-2021

द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा से साभार 

मुख्यमंत्री ने महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती भेंड़िया से प्रस्ताव प्रस्तुत करने कहा

रायपुर, मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कोरोना संकट काल और लॉकडाउन के दौरान फ्रंट लाइन वर्कर के रूप में कार्य कर रहीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के मृत्यु के प्रकरणों में उनके पारिवारिक सदस्यों को नियुक्ति करने के प्रस्ताव पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया है। 

 आज कैबिनेट की वर्चुअल बैठक के दौरान महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेंड़िया ने मुख्यमंत्री श्री बघेल से इस विषय पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं घर-घर जाकर रेडी-टू-ईट के पैकेट का नियमित रूप से महिलाओं और बच्चों को वितरण कर रही है। इसके साथ ही साथ उनके स्वास्थ्य एवं टीकाकरण की भी निगरानी कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि संकट काल में महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण की चिंता करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। श्री बघेल ने महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती भेंड़िया को इस संबंध में प्रस्ताव प्रस्तुत करने को कहा। उन्होंने इस प्रस्ताव पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया। 

 गौरतलब है कि कोरोना संक्रमण के कारण फिलहाल आंगनबाड़ी केन्द्र बंद हैं। इसके बावजूद बच्चों एवं महिलाओं को खाद्यान्न सामग्री का वितरण नियमित रूप से किया जा रहा है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका खाद्यान्न सामग्री के वितरण के साथ-साथ बच्चों को पात्रता अनुसार सप्ताहिक टीकाकरण के कार्य तथा कोविड से बचाव के लिए लोगों को टीका लगवाने के लिए प्रोत्साहित कर रही हैं। 


संजीवनी वृद्ध आश्रम के बुजुर्गों का किया गया शत-प्रतिशत टीकाकरण

संजीवनी वृद्ध आश्रम के बुजुर्गों का किया गया शत-प्रतिशत टीकाकरण

13-May-2021

संजीवनी वृद्ध आश्रम के बुजुर्गों का किया गया शत-प्रतिशत टीकाकरण

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रायपुर :संजीवनी वृद्ध आश्रम, कोटा में रहने वाले बुजुर्गों को कोविड का दूसरा डोज़ लगाकर शत-प्रतिशत लक्ष्य पूर्ण किया गया । टीकाकरण  को शत प्रतिशत पूर्ण करवाने में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता लक्ष्मी तिवारी का सहयोग महत्वपूर्ण रहा ।

वृद्ध आश्रम में रहने वाले 35 लोगों को दूसरा डोज़ दिया गया|  कोविड-19 का प्रथम डोज़ लगाने के समय बुजुर्गों के मन में बहुत सारी जिज्ञासाऐं थी जिन्हें जानकारी देकर शांत किया गया ।

गुढ़ियारी सेक्टर की पर्यवेक्षक रीता चौधरी ने बताया:“संजीवनी वृद्ध आश्रम कोटा मेंरहने वाले बुजुर्गों का सियान सदन बाल गंगाधर तिलक वार्ड क्रमांक 18 में शत प्रतिशत वैक्सीनेशन किया जा चुका है । वृद्ध आश्रम में रहने वाले 35 बुजुर्गों  का वैक्सीनेशन करवा गया है । इसमें  25 महिलाऐं और 10 पुरूषों शामिल है। टीकाकरण  करवाने वालों में सबसे वृद्ध 90 वर्षिय यशवंत सिन्हा भी आए थे।

रायपुर पश्चिम के विधायक विकास उपाध्याय द्वारा पहल करते हुए होम आइसोलेशन और कोविड-19 गाइडलाइन की पुस्तिका का वितरण भी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से करवाया जा रहा है जिसको पूरे उत्साह के साथ आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया है ।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता लक्ष्मी तिवारी बताती है:“बुजुर्ग लोगों को सियान सदन में लाकर चरणबद्ध तरीके से उनका टीकाकरण किया गया । कुछ बुजुर्ग लोगों का टीकाकरण जिस वाहन में वह आए थे वही जाकर वैक्सीनेटर द्वारा किया गया । साथ ही शारीरिक दूरी और मास्क का प्रयोग किया गया और नियम अनुसार उनको वापस वृद्ध आश्रम तक पहुंचाया गया ।‘’

संजीवनी वृद्ध आश्रम में रहने वाले 75 वर्षिय बुजुर्ग ओमप्रकाश श्रीवास्तव ने कहा कोविड-19 से बचने के लिए वैक्सीनेशन के दोनों डोज़ अनिवार्य रूप से लेना चाहिए जिससे कोविड-19 के संक्रमण से सुरक्षित हो सके । ``मैंने भी आज अपना दूसरा डोज़ यहां आकर लिया है । मैं अपने हमउम्र लोगों से अपील भी करता हूं कि वह भी वैक्सीनेशन करवाएं और महामारी को खत्म सहयोग करें।“

जिला कार्यक्रम अधिकारी  अशोक पांडे के मार्गदर्शन में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं  सहायिका दिए गए निर्देशों और कार्यों को लगन के साथ कर रहे हैं ।

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जीवन बचाना परमात्मा के हाथ में-सावित्री चंद्राकर

जीवन बचाना परमात्मा के हाथ में-सावित्री चंद्राकर

12-May-2021

नर्सिंग दिवस पर विशेष
“तीन बार पूछा यह तरबूज कितने का है और वह टिकटिकी बांधे मुझे देख रहा था, फिर एक बार बोला आपने मेरी बेटी की जान बचाई थी । मैं सोच में पड़ गई कब और आज तक सोचती हूं“किसी का जीवन बचाना परमात्मा के हाथ में होता है हम तो उसकी रस्सी से बंधे एक कलाकार है ।

यह बात 1987-88 की है जब वह गोल बाजार में फल लेने गई थी। लेकिन नर्स सावित्री चंद्राकर अब तक नहीं समझ पाई उसने कब और किसकी जान बचाई थी क्योंकि अपने 37 वर्ष के नर्सींग प्रोफेशन में उसने कई लोगों की मदद की है।

 9 मई को स्वास्थ्य विभाग में सेवा करते हुए सावित्री के 37 वर्ष पूरे हुए ।  पहली पोस्टिंग  पिथौरा पीएचसी में हुई थी जो वर्तमान में सीएचसी हो गया है ।

वर्ष 1984 की बात याद करते हुए सावित्री कहती है उन दिनों पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या  के बाद जहां पूरे देश में हालत खराब थे तो प्रदेश में भी हालात बिगड़ गए थे। शाम को अस्पताल से एक व्यक्ति मुझे लेने आया और बोला चलो गोली निकालनी है लेकिन में समझ नहीं पाई क्या हुआ था। ``वह साइकिल पर बैठाकर मुझको अस्पताल तक लेकर गया । एक सब्जी वाले को गोली लगी हुई थी जिसकी  गोली मैंने निकाली। लेकिन जीवन में कभी कभी लगता है कितने लोगों की सेवा की जाते समय कोई धन्यवाद का एक शब्द भी नहीं कहकर गया’’ सावित्री कहती है  ।

सावित्री कहती हैं कि सन 1980-81 में डीकेएस से नर्सिंग की ट्रेनिंग करने के उपरांत 14 वर्ष पिथौरा पीएचसी में 3 वर्ष डीकेएस रायपुर में 16 वर्ष माना (रायपुर) के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 1 वर्ष धरसींवा में सेवाएं दी। वर्तमान में 2017 से जिला चिकित्सालय पंडरी में मैट्रन  के पद पर कार्य कर रही है ।

अपने जीवन के अनुभव को साझा करते हुए सावित्री कहती हैं कि कोरबा 1983 में एक रिश्तेदार के घर डिलीवरी हुई बच्चा प्री-मेच्योर था। प्रसव के उपरांत बच्चा नीला पड़ गया । ``कोरबा से रायपुर आने में बस से लगभग 6 घंटे हम लोग लगे । मैं बच्चे को रस्ते भर थपथपाती रही, मुंह से कृत्रिम सांस देती रही चुटकी भरती रही ।डीकेएस अस्पतल रायपुर में लाकर उसको एडमिट कराई और वह बच्चा बच गया । उस बच्चे को देखकर आज भी लगता है । जीवन की असली सफलता यही होती है कि हम किसी का जीवन बचा सके ।‘’

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कमजोर इम्युनिटी वालों को हो रहा म्यूकोरमाइकोसिस संक्रमण

कमजोर इम्युनिटी वालों को हो रहा म्यूकोरमाइकोसिस संक्रमण

11-May-2021

कमजोर इम्युनिटी वालों को हो रहा म्यूकोरमाइकोसिस संक्रमण

•          यह एक दुर्लभ फंगल इन्फेक्शन है जो कोरोना काल में ज्यादा हो रहा है 

•          कोविड-19 से ठीक हुए मरीजों में यह इन्फेक्शन दिखने को मिल रहा है

•          डायबिटीज के मरीजों के लिए खतरनाक, शुगर लेवल नियंत्रित रखें

रायपुर  

कोविड-19 की दूसरी लहर के बीच कई लोग म्यूकोरमाइकोसिस नाम के फंगल इन्फेक्शन की चपेट में आ रहे हैं। यह दुर्लभ फंगल इन्फेक्शन है जो किसी व्यक्ति की प्रतिरोधक क्षमता कम होने पर होती है| कोविड-19 और डायबिटीज के मरीजों के लिए यह इन्फेक्शन और ज्यादा  खतरनाक साबित हो सकता है।  इस संक्रमण को `ब्लैक फंगस’ के नाम से भी जाना जाता है|

क्या है म्यूकोरमाइकोसिस ?

इंडियन काउन्सल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) द्वारा जारी अड्वाइज़री के अनुसार म्यूकोरमाइकोसिस फंगल इंफेक्शन है जो शरीर में बहुत तेजी से फैलता है। म्यूकोरमाइकोसिस इंफेक्शन नायक, आँख, दिमाग, फेफड़े या फिर स्किन पर भी हो सकता है। इस बीमारी में कई लोगों की आंखों की रौशनी चली जाती है वहीं कुछ मरीजों के जबड़े और नाक की हड्डी गल जाती है।

कोरोना के मरीजों को ज्यादा खतरा

म्यूकोरमाइकोसिस आम तौर पर उन लोगों को तेजी से अपना शिकार बनाती है जिन लोगों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बहुत कम होती है। कोरोना के दौरान या फिर ठीक हो चुके मरीजों का इम्यून सिस्टम बहुत कमजोर होता है इसलिए वो आसानी से इसकी चपेट में आ रहे हैं। खासतौर से कोरोना के जिन मरीजों को डायबिटीज है। शुगर लेवल बढ़ जाने पर उनमें म्यूकोरमाइकोसिस खतरनाक रूप ले सकता है।

यह संक्रमण सांस द्वारा नायक से व्यक्ति के अंदर चला जाता है| जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता काम होती है उनको यह जकड़ लेता है| 

लक्षण

•          नाक में दर्द हो, खून आए या नाक बंद हो जाए

•          नाक में सूजन आ जाए

•          दांत या जबड़े में दर्द हो या गिरने लगें

•          आंखों के सामने धुंधलापन आए या दर्द हो, बुखार हो

•          सीने में दर्द

      बुखार

      सिर दर्द

      खांसी

      सांस लेने में दिक्कत

      खून की उल्टियाँ होना

      कभी दिमाग पर भी असर होता है 

किन रोगियों में ज्यादा पाया गया है:

·       जिनका शुगर लेवल हमेशा ज्यादा रहता है

·       जिन रोगियों ने कोविड के दौरान ज्यादा स्टेरॉइड लिया हो

·       काफी देर आय सी यू में रहे रोगी 

·       ट्रांसप्लांट या कैंसर के रोगी

कैसे बचें

•          किसी निर्माणधीन इलाके में जाने पर मास्क पहनें

•          बगीचे में जाएं तो फुल आस्तीन शर्ट, पैंट व गलब्स पहनें

•          ब्लड ग्लूकोज स्तर को जांचते रहें और इसे नियंत्रित रखें

स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है हल्के लक्षण दिखने पर जल्दी से डॉक्टर से संपर्क करें| कोविड के रोगियों में अगर बार बार नाक बंद होती हो या नाक से पानी निकलता रहे, गालों पर काले या लाल चकते दिखने लगें, चेहरे के एक तरफ सूजन हो या सुन्न पद जाए, दांतों और जबड़े में दर्द, काम दिखाई दे या सांस लेने में तकलीफ हो तो यह ब्लैक फंगस हो सकता है|


मुख्यमंत्री बघेल ने दंतेवाड़ा नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष दीपक कर्मा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया

मुख्यमंत्री बघेल ने दंतेवाड़ा नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष दीपक कर्मा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया

06-May-2021

रायपुर : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दंतेवाड़ा नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष श्री दीपक कर्मा के आकस्मिक निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है।  श्री दीपक कर्मा प्रदेश के पूर्व केबिनेट मंत्री शहीद महेंद्र कर्मा और विधायक श्रीमती देवती कर्मा के पुत्र थे। 

श्री बघेल ने कहा है कि श्री दीपक कर्मा के रूप में हमने एक युवा नेता को खो दिया है। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने भगवान से दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिजनों को इस दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।


मोर्चे पर योद्धा की तरह डटी है आंगनवाड़ी कार्यकर्ता

मोर्चे पर योद्धा की तरह डटी है आंगनवाड़ी कार्यकर्ता

05-May-2021

घर पर गर्भवती बिटिया अकेली थी और  खुद को लगना था  कोविड वैक्सीनेशन का दूसरा डोज़ लेकिन  समस्या यह  थी कि साथ कौन जाए। तब इस समस्या क समाधान आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ममता द्वारा दिया गया| ममता ने 70 वर्षीय महिला संजु राय को सीता  नगर, गोकुल टावर के पास सियान सदन टीकाकरण केंद्र ले जाकर दूसरा डोस लगवाया । ममता न केवल साथ गई, टीका लगने के बाद 30 मिनट तक साथ रही और घर वापस लेकर भी आई।

ममता पूर्व में वैक्सीनेशन के सर्वे का काम कर ही रही थी लेकिन 16 अप्रैल 2021 को उनके भाई का निधन कोरोना  हो गया|  उसने   वैक्सीनेशन नहीं करवाया था जिस की महत्ता को ममता ने  बहुत ही गहराई से समझा और उन्होंने यह मन में ठान लिया कि कोई भी 45 साल से ऊपर के लोग वैक्सीनेशन करवाने में न छूटे| उन्होंने सबको वैक्सीनेशन करवाने के लिए घर-घर जाकर सर्वे करके उनको टीकाकरण स्थान तक पहुंचाने का एक बीड़ा उठा लिया है |

आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ममता ढीढी बताती है:‘’बाल गंगाधर तिलक वार्ड क्रमांक 18 में गोकुल टावर सीता नगर गुढ़ियारी की संजू राय जोकि 70 वर्ष की है और उनके घर में उनकी बेटी गर्भवती है । संजू राय को दूसरा  टीका लगने का समय हो गया था जिसकी जानकारी मुझे मिली तो मैने पूरी जानकारी फोन के माध्यम से लेकर उनको टीका लगवाने के लिए सियान सदन तक अपने वाहन में बैठाकर लाई और वैक्सीनेशन करवाया ।आधे घंटे उनके साथ ऑब्जरवेशन में रही । साथ ही वैक्सीनेशन के उपरांत किये जाने वाले व्यवहार की भी जानकारी दी मास्क लगाना,शारीरिक दूरी का पालन करना है नियमित रूप से हाथ धोते रहना बताया और किसी भी प्रकार की समस्या आने पर तुरंत संपर्क करने का भी बताया गया उसके उपरांत उन्हें घर पर छोड़ा ।‘’

ममता कहती है “वैक्सीनेशन के लिए घर-घर सर्वे करने के साथ यदि कोई अकेला है  उसकी जानकारी भी सर्वे करते समय लेकर रख लेती है। इस प्रकार वह वैक्सीनेशन करवाने के लिए कोविड-19 की गाइडलाइन का पालन करते हुए वृद्ध महिलाओं बुजुर्ग को अपनी गाड़ी में बैठा कर लाई है । इसी प्रकार कुमारी साहू जो सीता नगर की है और  इनको भी टीकाकरण स्थल तक लेकर आई । इसी प्रकार तिलक नगर सामुदायिक भवन गुढ़ियारी बाल गंगाधर तिलक वार्ड की 78 वर्ष की बुजुर्ग वीओ कुंनाम को भी स्कूटी पर ला कर  दूसरा वैक्सीनेशन लगवाया”

वहीं  संजु रॉय ने बताया ‘’वैक्सीनेशन का दूसरा डोज़ लेने के लिये आंगनवाड़ी मोर्चे पर योद्धा की तरह हम लोगों की मदद कर रही हैं । उनको जैसे ही खबर लगी कि मेरा आज दूसरा वैक्सीनेशन होना है उन्होंने मुझसे व्यक्तिगत संपर्क किया और मुझे सियान सदन  वैक्सीनेशन केंद्र पर लाकर वैक्सीनेशन करवाया ।‘’

कार्यकर्ता नियमित रूप से जिला कार्यक्रम अधिकारी अशोक पांडे से मिल रहे निर्देशों का जमीनी स्तर पर पालन सुनिश्चित कर रही है।     -------- 

 


मुख्यमंत्री बघेल ने ग्रामीण स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, एएनएम एवं मितानिनों से गांवो में कोरोना संक्रमण की स्थिति एवं उपचार की जानकारी ली

मुख्यमंत्री बघेल ने ग्रामीण स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, एएनएम एवं मितानिनों से गांवो में कोरोना संक्रमण की स्थिति एवं उपचार की जानकारी ली

01-May-2021

'द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार 

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दुर्ग एवं रायपुर संभाग अन्तर्गत विभिन्न विकास खंडों के ग्रामीण स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, एएनएम एवं मितानिनों से गांवो में कोरोना संक्रमण की स्थिति एवम उपचार की जानकारी ली ।

गांवों में कोरोना की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रदाय की गई कोरोना दवा किट के वितरण के बारे में पूछताछ की।

मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं , मितानिनों को घर-घर जाकर लोगों को यह समझाइश देने की बात कही कि कोरोना का लक्षण दिखते ही तत्काल दवा लेना जरूरी है ताकि कोरोना की बीमारी को शुरुआत में ही रोका जा सके । दवा लेने में देर होने से बीमारी गंभीर हो जाती है ।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन ,अपर मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू ,मुख्यमंत्री के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी उपस्थित हैं।


मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने श्रमवीरों को दी मई दिवस की शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने श्रमवीरों को दी मई दिवस की शुभकामनाएं

30-Apr-2021

'द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार 

रायपुर : मंत्री भूपेश बघेल ने श्रमवीरों को मई दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। श्री बघेल ने कहा है कि अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस को हम श्रमिक दिवस या मई दिवस के रूप में मनाते हैं। यह दिन श्रमिकों की मेहनत और समर्पण के सम्मान का दिन है। 

मुख्यमंत्री ने कहा है कि श्रमिक हमारे समाज का अभिन्न अंग और विकास की आधारशिला हैं। कोरोना संकट के दौर में श्रमिकों सहित जरूरतमंद लोगों को राहत पहुंचाने का हरसंभव प्रयास राज्य सरकार द्वारा किया जा रहा है। गांवों में कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए मनरेगा के काम आवश्यकतानुसार प्रारंभ किए जा रहे हैं। औद्योगिक संस्थानों से अपने संस्थान के श्रमिकों का टीकाकरण कराने, उनकी सहूलियत का ध्यान रखने और संस्थानों में कोरोना से बचाव की गाइडलाइन का कड़ाई से पालन करने को कहा गया है। छत्तीसगढ़ सरकार सभी कामगारों की सामाजिक-आर्थिक खुशहाली के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में लगातार काम कर रही है। 


कोरोना संक्रमण के उपचार में आने वाली दवाओं को आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत करें अधिसूचित, सीएम बघेल ने किया स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन से अनुरोध

कोरोना संक्रमण के उपचार में आने वाली दवाओं को आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत करें अधिसूचित, सीएम बघेल ने किया स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन से अनुरोध

29-Apr-2021

'द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार 

रेमेडिसविर इंजेक्शन, आइवरमेक्टिन टैबलेट्स, एनोक्सापारिन इंजेक्शन, डेक्सामेथासोन टैबलेट एवं इंजेक्शन, टोसीलीजुमब इंजेक्शन और फेविपिराविर कैप्सूल को करें अधिसूचित

जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने में मिलेगी मदद

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत कोविड-19 संक्रमण के प्रबंधन के लिए आवश्यक दवाओं की अधिसूचना के सम्बंध में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री हर्षवर्धन को पत्र लिखा है।

पत्र में उल्लेखित है कि देश के बाकी प्रदेशों की तरह छत्तीसगढ़ में भी कोविड-19 की द्वितीय लहर के अंतर्गत संक्रमण के मामलों में वृद्धि दर्ज की जा रही है। इस महामारी के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में 25 अप्रैल 2021 तक के 6,52,362 मामले दर्ज किए गए हैं। आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 अंतर्गत औषधियों को आवश्यक वस्तुओं में शामिल किया गया है। औषधि का अर्थ औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 के तहत अधिसूचित औषधियों से है।

भारत सरकार ने इससे पहले भी कोविड-19 से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए मास्क (2 और 3 प्लाई सर्जिकल मास्क एवं N95 मास्क) एवं हैंड सेनेटाइजर को आवश्यक वस्तु अधिनियम,

1955 के अंतर्गत अधिसूचित (भारत सरकार अधिसूचना दिनांक 13 मार्च, 2020) किया था जिससे महामारी की पहली लहर से निपटने में अत्यंत सहायता हुई। 

कोविड-19 की वजह से प्रदेश में बढ़ते संक्रमण के मद्देनजर मरीजों के उपचार हेतु रेमेडिसविर इंजेक्शन, आइवरमेक्टिन टैबलेट्स, एनोक्सापारिन इंजेक्शन, डेक्सामेथासोन टैबलेट एवं इंजेक्शन, टोसीलीजुमब इंजेक्शन और फेविपिराविर कैप्सूल की मांग बढ़ गयी है। इन औषधियों की बड़ी मांग के कारण इनके जमाखोरी एवं काला बाजारी की शिकायतें भी लगातार प्राप्त हो रही है जिसकी वजह से मरीजों के उपचार में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।प्रदेश सरकार ने उपरोक्त औषधियों की काला बाजारी को रोकने के कई निर्णायक कदम उठाए हैं। इसमें अस्पतालों में दवाओं के वितरण एवं उपयोग पर लगातार निगरानी, विशेष टास्क फोर्स का गठन, आकस्मिक जाँच एवं काला बाजारी की खबर मिलने पर तत्काल दबिश इत्यादि

शामिल हैं। उपरोक्त औषधियों को आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के अंतर्गत अधिसूचित करने से प्रशासन को काला बाजारी रोकने तथा गुणवत्ता एवं आपूर्ति सुनिश्चित करने में आवश्यक सहायता प्राप्त होगी।

मुख्यमंत्री श्री बघेल ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन से अनुरोध किया है कि कोविड-19 महामारी की स्थिति को ध्यान में रखते हुए उपरोक्त औषधियों को आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत आवश्यक वस्तुओं के रूप में तत्काल अधिसूचित किया जाए।


मुख्यमंत्री बघेल ने जनसम्पर्क विभाग के सहायक संचालक डॉ. छेदीलाल तिवारी के निधन पर गहरा दुःख प्रकट किया

मुख्यमंत्री बघेल ने जनसम्पर्क विभाग के सहायक संचालक डॉ. छेदीलाल तिवारी के निधन पर गहरा दुःख प्रकट किया

27-Apr-2021

'द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार 

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने जनसम्पर्क विभाग के सहायक संचालक डॉ. छेदीलाल तिवारी के निधन पर गहरा दुःख प्रकट किया है। मुख्यमंत्री ने डॉ. तिवारी के शोक संतप्त परिवारजनों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए उनकी आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है।


मुख्यमंत्री भूपेश बघेल वीडियो कॉन्फ्रेंस से बिलासपुर, सरगुजा और बस्तर संभाग के नगर पालिका अध्यक्षों और मुख्य नगर पालिका अधिकारियों से....

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल वीडियो कॉन्फ्रेंस से बिलासपुर, सरगुजा और बस्तर संभाग के नगर पालिका अध्यक्षों और मुख्य नगर पालिका अधिकारियों से....

26-Apr-2021

'द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार 

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल वीडियो कॉन्फ्रेंस से बिलासपुर, सरगुजा और बस्तर संभाग के नगर पालिका अध्यक्षों और मुख्य नगर पालिका अधिकारियों से वहां कोरोना संक्रमण की स्थिति, नियंत्रण के उपायों और टीकाकरण की प्रगति की समीक्षा कर रहे हैं। नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू, सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी और नगरीय प्रशासन विभाग की सचिव श्रीमती अलरमेलमंगई डी. भी वीडियो कॉन्फ्रेंस में शामिल हैं।


राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार-2021 : छत्तीसगढ़ को मिला 12 पुरस्कार

राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार-2021 : छत्तीसगढ़ को मिला 12 पुरस्कार

24-Apr-2021

'द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार 

राष्ट्रीय पंचायतीराज दिवस पर आयोजित वर्चुअल समारोह में प्रधानमंत्री ने विजेता पंचायतों के खातों में अंतरित की पुरस्कार राशि

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल और पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव ने पुरस्कार हासिल करने वाले पंचायतों को दी बधाई एवं शुभकामनाएं

प्रदेश को ई-पंचायत सहित कोंडागांव जिला पंचायत, गरियाबंद और तिल्दा जनपद पंचायत तथा 7 ग्राम पंचायतों को विभिन्न श्रेणियों में राष्ट्रीय पुरस्कार

रायपुर : केन्द्रीय पंचायतीराज मंत्रालय द्वारा दिए जाने वाले राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार-2021 के अंतर्गत छत्तीसगढ़ को 12 पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रीय पंचायतीराज दिवस के मौके पर आज नई दिल्ली में आयोजित वर्चुअल समारोह में विजेता पंचायतों के खातों में पुरस्कार राशि का ऑनलाइन अंतरण किया। केन्द्रीय पंचायतीराज एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर भी कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव और राजस्व मंत्री श्री जयसिंह अग्रवाल पुरस्कार समारोह में वीडियो कॉन्फ्रेंस से जुड़ें। उन्होंने पुरस्कार हासिल करने वाले सभी पंचायतों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।  

यह लगातार दूसरा वर्ष है जब प्रदेश की पंचायतीराज संस्थाओं को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए राष्ट्रीय स्तर के 12 पुरस्कारों से नवाजा गया है। वर्ष 2020 में भी प्रदेश को ई-पंचायत पुरस्कार और 11 पंचायतीराज संस्थाओं को विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कृत किया गया था। उससे पहले 2019 में भी प्रदेश की पंचायतों को 11 राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हुए थे। पुरस्कार कार्यक्रम में मुख्यमंत्री निवास कार्यालय से मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री राजेश तिवारी और श्री विनोद वर्मा, सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी, पंचायत एवं ग्रामाण विकास विभाग के सचिव श्री प्रसन्ना आर. और संचालक, पंचायत श्री मोहम्मद कैसर अब्दुलहक भी वीडियो कॉन्फ्रेंस से जुड़े थे।  

इन पंचायतों को मिला पुरस्कार

प्रदेश की पंचायतों में आईसीटी (Information & Communication Technology) के इस्तेमाल में बेहतर प्रदर्शन के लिए भारत सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ को ई-पंचायत पुरस्कार प्रदान किया गया। तीन अलग-अलग वर्गों में दिए जाने वाले इस पुरस्कार में छत्तीसगढ़ को प्रथम वर्ग (Category-I) में असम के साथ संयुक्त रूप से दूसरा स्थान मिला। वहीं केन्द्रीय पंचायतीराज मंत्रालय द्वारा कोंडागांव जिला पंचायत, गरियाबंद और तिल्दा जनपद पंचायत तथा सरगुजा जिले के अंबिकापुर विकासखंड के सरगवां और लुंड्रा विकासखंड के रिरी, बालोद जिले के गुंडरदेही विकासखंड के माहुद (अ), कबीरधाम जिले के सहसपुर लोहारा विकासखंड के माहराटोला एवं रायपुर जिले के आरंग विकासखंड के बैहार ग्राम पंचायत को दीनदयाल उपाध्याय पंचायत सशक्तिकरण पुरस्कार दिया गया। राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार-2021 के अंतर्गत बीजापुर जिले के भोपालपटनम विकासखंड के दूरस्थ वनांचल गोटईगुड़ा ग्राम पंचायत को नानाजी देशमुख राष्ट्रीय गौरव ग्राम सभा पुरस्कार, रायपुर जिले के अभनपुर विकासखंड के नवागांव (ल) को बाल हितैषी ग्राम पंचायत पुरस्कार और आरंग विकासखंड के बैहार को ग्राम पंचायत विकास योजना पुरस्कार प्रदान किया गया।


मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की संवेदनशील पहल- सार्वजनिक वितरण प्रणाली के उपभोक्ताओं को एकमुश्त मिलेगा मई और जून माह का खाद्यान्न

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की संवेदनशील पहल- सार्वजनिक वितरण प्रणाली के उपभोक्ताओं को एकमुश्त मिलेगा मई और जून माह का खाद्यान्न

23-Apr-2021

'द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार 

महापौर एवं पार्षद निधि का हो सकेगा कोरोना नियंत्रण एवं उपचार की व्यवस्था में उपयोग

कोरोना जांच के बिना किसी को राज्य की सीमा में प्रवेश की अनुमति नहीं

कलेक्टरों को राज्य के चेकपोस्टों, बस स्टेंडों, रेल्वे स्टेशनों में अन्य राज्यों से आने वाले लोगों की टेस्टिंग की व्यवस्था के निर्देश

रेमडेसिविर इंजेक्शन की आपूर्ति सिर्फ अस्पतालों को ही होगी

कोरोना लक्षण वाले लोगों को तत्काल दिए जाएं दवाओं के किट

नगर निगमों को उनकी डिमांड के अनुसार इलेक्ट्रिक शवदाह गृह की स्थापना की स्वीकृति देने के निर्देश

राजनीतिक दलों एवं स्वयंसेवी-समाजसेवी संस्थाओं और दानदाताओं के सहयोग से जरूरतमंदों के लिए सूखा राशन एवं गर्म भोजन की व्यवस्था सुनश्चित करने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने मेडिकल कॉलेज राजनांदगांव में अव्यवस्था को लेकर जताई नाराजगी: अस्पताल अधीक्षक को हटाने के निर्देश

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने राज्य के नगर निगम क्षेत्रों में कोरोना महामारी के नियंत्रण, उपचार एवं जरूरतमंद लोगों की मदद के संबंध में महापौर, कलेक्टर एवं निगम आयुक्तों की वर्चुअल बैठक लेकर अद्यतन स्थिति की गहन समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण की गंभीर चुनौती हमारे सामने है। राज्य के नगरीय इलाकों में विशेषकर नगर निगम क्षेत्रों में कोरोना संक्रमितों की संख्या अत्यधिक है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में निगम क्षेत्रों में साफ-सफाई, मेडिकल वेस्ट के निष्पादन, होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों को दवाओं तथा राशन, फल-सब्जी के आपूर्ति की व्यवस्था की बड़ी जिम्मेदारी नगर निगमों पर है। उन्होंने कोरोना संकट काल में उक्त जिम्मेदारियों के सफल निर्वहन के लिए नगरीय निकायों के पदाधिकारियों एवं अधिकारियों-कर्मचारियों को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि कोरोना की चुनौती से निपटने के लिए हम सबको बिना थके, बिना रूके सामंजस्य के साथ काम करना है। उन्होंने कहा कि लोगों को किसी भी तरह की असुविधा न हो, इसका विशेष रूप से ध्यान रखा जाना चाहिए। 

 मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आगे कहा कि कोरोना के मरीजों को उनके जरूरत के अनुरूप रेमडेसिविर इंजेक्शन की आपूर्ति अस्पतालों के माध्यम से की जाएगी। उन्होंने राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन एवं अन्य उपचारात्मक व्यवस्थाओं के संबंध में मिली शिकायत पर नाराजगी जताई और अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य श्रीमती रेणु जी. पिल्ले को तत्काल कार्यवाही के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी चिकित्सालयों में अग्निशमन की व्यवस्था की जांच-पड़ताल के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना लक्षण वाले लोगों को तत्काल दवाओं की किट प्रदाय किए जाने की व्यवस्था की जानी चाहिए। उन्होंने कोरोना से संक्रमित ऐसे लोग, जो होम आइसोलेशन में रहकर उपचार करा रहे हैं, उनके परिजनों को संक्रमण से बचाने के लिए मार्गदर्शन एवं एहतियाती तौर पर आवश्यक दवाएं भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। 

 मुख्यमंत्री ने कोरोना संकट काल में राज्य के सार्वजनिक वितरण प्रणाली उपभोक्ताओं को मई एवं जून माह का राशन एकमुश्त उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने लॉकडाउन की अवधि में राजनीतिक दल और दानदाताओं के सहयोग से जरूरतमंदों को सूखा राशन एवं गर्म भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश कलेक्टरों एवं निगम आयुक्तों को दिए। मुख्यमंत्री ने बाहर से आने वाले श्रमिकों एवं अन्य लोगों की कोरोना टेस्टिंग की व्यवस्था के भी निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि इसके लिए रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंडो, एवं राज्य के सीमावर्ती चेक पोस्टों पर कोरोना टेस्टिंग टीम अनिवार्य रूप से तैनात की जानी चाहिए। बिना टेस्टिंग बाहर से आने वाले को राज्य की सीमा में प्रवेश न दिया जाए। 

 मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि नगर निगमों को उनके प्रस्ताव के अनुसार इलेक्ट्रिक शवदाह गृह की स्थापना की मंजूरी दी जाएगी। राज्य सरकार द्वारा आगामी एक मई से राज्य में 18 वर्ष से अधिक उम्र वाले लोगों को कोरोना का टीका लगाए जाने के निर्णय के क्रियान्वयन के लिए मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की कमेटी गठित किए जाने तथा टीकाकरण की कार्ययोजना तैयार करने के भी निर्देश दिए। 

 स्वास्थ्य मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव ने वर्चुअल बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में राज्य में कुल कोरोना संक्रमितों में से 43 प्रतिशत लोग शहरी क्षेत्रों के हैं। कोरोना संक्रमितों के उपचार को लेकर सबसे ज्यादा दबाव भी शहरी क्षेत्रों में है। उन्होेंने मेडिकल कॉलेजों में आईसीयू बेड की संख्या बढ़ाए जाने के संबंध में की जा रही कार्यवाही की जानकारी दी। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज में अव्यवस्था की शिकायत के मद्देनजर वहां के अस्पताल अधीक्षक को हटाने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने कोरोना वैक्सीन की आपूर्ति एवं आरटीपीसीआर टेस्ट सेम्पल लिए जाने के संबंध में भी विस्तार से जानकारी दी। बैठक को नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया ने भी सम्बोधित किया। उन्होंने साफ-सफाई व्यवस्था में लगे कर्मियों को सुरक्षा उपकरण जैसे मास्क, हैण्डग्लोब्स एवं अन्य संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश निगम आयुक्तों को दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश अनुसार महापौर एवं पार्षद निधि से कोरोना पीड़ितों के इलाज के लिए दवाएं उपकरण एवं अन्य व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने गर्मी के मौसम को देखते हुए नगरीय क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति तथा पीलिया की रोकथाम के लिए विशेष उपाय किए जाने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन एवं अपर मुख्य सचिव गृह श्री सुब्रत साहू ने कलेक्टरांे एवं निगम आयुक्तों को लॉकडाउन के अवधि में आवश्यक सामग्रियों की होम डिलिवरी, नगरीय क्षेत्रों में रिक्त भवनों को कोविड केयर सेंटर के रूप में स्थापित करने हेतु स्वास्थ्य विभाग को सौंपने, जरूरतमंदों को फूड पैकेट का वितरण सुनिश्चित करने के साथ ही लोगों की सहूलियत के लिए कंट्रोल रूम स्थापित करने निर्देश दिए। बैठक के शुरूआती दौर में मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने एक-एक कर सभी नगर निगम क्षेत्रों के महापौर, कलेक्टर एवं निगम आयुक्तों से साफ-सफाई, होम आइसोलेशन, वैक्सीनेशन, सब्जी-फल एवं राशन की सप्लाई, गरीबों एवं निराश्रितों के लिए सूखा राशन एवं भोजन की व्यवस्था के बारे में जानकारी ली। वीडियो कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी और नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव श्रीमती अलरमेलमंगई डी. भी मौजूद थी।


बस्तर संभाग में पिछली बार की भांति कोरोना संक्रमण की दर को शून्य प्रतिशत तक लाने का हो लक्ष्य :मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

बस्तर संभाग में पिछली बार की भांति कोरोना संक्रमण की दर को शून्य प्रतिशत तक लाने का हो लक्ष्य :मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

21-Apr-2021

'द न्यूज़ इंडिया समाचार' सेवा से साभार 

कर्तव्य के प्रति सजगता से ही मिलेगी सफलता

बाहर से आने वाला हर व्यक्ति के टेस्टिंग के बिना शहर या गांवों में प्रवेश पर मनाही

छुट्टी से लौटने वाले सीआरपीएफ और पैरामिलिट्री फोर्स के जवानों को टेस्टिंग और क्वारेंटाइन के बाद ही कैम्पों में भेजा जाए

खदान क्षेत्रों में बाहर से आने वाले ड्राइवर और क्लीनरों की जांच और मजदूरों से अलग रखने की हो व्यवस्था

कोविड की गाइडलाइन का पालन करते हुए मनरेगा और लघु वनोपजों के संग्रहण के काम प्रारंभ किए जाए 

टेस्टिंग, मरीजों के इलाज, वैक्सीनेशन और कोरोना संक्रमण की रोकथाम पर हो फोकस 

कोरोना संक्रमितों के कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग का पता कर सघन जांच की हो कार्यवाही

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रायपुर :  मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने निवास कार्यालय में आयोजित वर्चुअल बैठक में बस्तर संभाग के 7 जिलों कांकेर, कोंडागांव, बस्तर, बीजापुर, नारायणपुर, सुकमा और दंतेवाड़ा में कोरोना संक्रमण की वर्तमान स्थिति और उससे नियंत्रण के उपायों की समीक्षा की। 

    मुख्यमंत्री श्री बघेल ने समीक्षा करते हुए कहा कि राज्य के बस्तर संभाग में पिछली बार कोरोना संक्रमण को रोकने में शासन-प्रशासन सहित सबके सहयोग से अच्छी सफलता मिली थी। इस बार भी हम सभी बस्तर संभाग में कोरोना संक्रमण की दर को पिछली बार की तरह शून्य प्रतिशत तक लाने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि बस्तर संभाग के अधिकारी-कर्मचारी अच्छा काम कर रहे हैं। अपने कर्तव्यों के प्रति सजगता से ही लक्ष्य को प्राप्त करने में जरूर सफलता मिलेगी। 

    मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में संक्रमण न फैले इसके लिए यह जरूरी है कि बाहर से आने वाला हर व्यक्ति बिना टेस्टिंग के न तो गांव में और न ही शहर में जाए। आवश्यकता अनुसार उन्हें क्वारेंटाइन सेंटर और आइसोलेशन केेन्द्र में रखने की व्यवस्था की जाए। बाहर  से आने वालों की एयरपोर्ट, रेल्वे स्टेशन, बस स्टेंड, अंतर्राज्यीय सीमाओं के एन्ट्री पाइंट पर ही टेस्टिंग सुनिश्चित कर ली जाए। हमारा फोकस टेस्टिंग के साथ-साथ मरीजों के इलाज, वैक्सीनेशन, कोरोना संक्रमण की रोकथाम और संक्रमित व्यक्तियों की कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग तथा सघन जांच पर होना चाहिए। कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग से संक्रमण को रोकने में काफी हद तक मदद मिलेगी।     

    मुख्यमंत्री ने कहा कि छुट्टी से लौटने वाले सीआरपीएफ और पैरामिलिट्री फोर्स के जवानों की टेस्टिंग एन्ट्री पाइंट पर की जाए। उन्हें क्वारेंटाइन और आइसोलेशन में रखने के बाद ही कैम्पों में जाने की अनुमति दी जाए। उन्होंने कहा कि पिछली बार इसी वजह से बस्तर में संक्रमण बढ़ा था। बस्तर आईजी आने वाले जवानों की जानकारी रखे और ऐसे जवानों को लाने के लिए पृथक वाहन की व्यवस्था करें। जवान सार्वजनिक परिवहन के साधनों से वापस न लौटे। उन्होंने कहा कि खदान क्षेत्रों में ट्रकों में आने वाले ड्राइवरों और क्लीनरों की जांच की जाए और उन्हें मजदूरों से अलग रखने की व्यवस्था की जाए। 
    मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए कोरोना से बचाव की गाइडलाइन का पालन करते हुए मनरेगा और लघु वनोपजों के संग्रहण कार्य प्रारंभ किए जाएं। इससे लोगों को सुगमता से रोजगार उपलब्ध होगा और अतिरिक्त आमदनी भी मिलेगी। स्वास्थ्य मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव ने बस्तर संभाग में कोरोना संक्रमण की स्थिति के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए हर आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कहा। साथ ही सभी कलेक्टरों को अपने-अपने जिले में पंचायतवार बाहर गए मजदूरों और लोगों की जानकारी भी एकत्रकर पोर्टल में प्रदर्शित करने को कहा। उन्होंने ग्राम पंचायतों में क्वारेंटाइन सेंटर और आइसोलेशन सेंटर की स्थापना के संबंध में भी आवश्यक निर्देश दिए। 

    मुख्यमंत्री श्री बघेल ने बैठक में बस्तर संभाग के सभी जिलों में ऑक्सीजन बेड, आईसीयू बेड, वेंटिलेटर वाले बेड की उपलब्धता, ऑक्सीजन की सप्लाई चैन, ऑक्सीजन सिलेंडरों की उपलब्धता और रोटेशन, मेडिकल स्टाफ की उपलब्धता, रेमडेसिविर और अन्य आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता तथा सीएसआर मद, औद्योगिक क्षेत्र और सामाजिक संगठनों के सहयोग से किये जा रहे कार्यों की समीक्षा की।
    बैठक में स्वास्थ्य मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य श्रीमती रेणु जी. पिल्ले, अपर मुुख्य सचिव गृह श्री सुब्रत साहू, मुख्यमंत्री के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, बस्तर संभाग के कमिश्नर, आई.जी., इन सभी 7 जिलों के जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक शामिल हुए।


चुनौतियों से भरा रहा पढ़ई तुंहर दुआर, फिर भी दे गया अमिट छाप

चुनौतियों से भरा रहा पढ़ई तुंहर दुआर, फिर भी दे गया अमिट छाप

08-Apr-2021

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गत वर्ष इसी दिन छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल द्वारा छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी योजना पढ़ई तुंहर दुआर का शुभारंभ किया गया। स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम के सफल निर्देशन में कार्यक्रम संचालित किया गया। एक वो दिन था और एक आज का दिन। इस एक साल में भले ही दुनिया के चारों ओर कोरोना पर हाहाकार मचा है, पर दूसरी ओर छत्तीसगढ़ प्रदेश ने शिक्षा के क्षेत्र में कई परचम लहराये जो, शिक्षण क्षेत्र से जुड़े सभी कर्मठ अधिकारीगण तथा शिक्षकों की मेहनत से ही संभव हो पाया है। छत्तीसगढ़ ही नहीं भारत के अन्य राज्यों में भी इसकी तारीफ की जा रही है। हाल ही में इस योजना को ई-गवर्नेंस अवार्ड कम्प्यूटर सोसायटी ऑफ इंडिया द्वारा प्रदान किया गया है।  
    ज्ञातव्य है कि 25 मार्च 2020 से कोविड महामारी की वजह से स्कूलों को बंद किया गया था जिससे बच्चांे के सीखने की सतत प्रक्रिया बहुत अधिक प्रभावित हुई। कोविड-19 के चलते प्रदेश में लॉकडाउन में सबसे बड़ी चुनौती थी की बच्चों को सीखने की सतत प्रक्रिया के अवसर बराबर जारी रहें, एवं सुनिश्चित करना की विद्यालय बंद होने के कारण बच्चों के सीखने के स्तर में गिरावट नही आएं तथा ड्रापऑउट अनुपात न बढ़ें।
    यह उल्लेखनीय है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के कुशल नेतृत्व में इस महत्वपूर्ण कार्य की नींव रखी गई। स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम के निर्देशन पर इस कार्यक्रम को स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. आलोक शुक्ला ने कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान कार्यालयों के बंद होने की स्थिति में अपने निवास पर एन.आई.सी. और विभाग की टीम के साथ बहुत ही कम लागत में बिना किसी बाहरी एजेंसी की सहायता लिए पूरी तरह विभागीय संसाधनों से सीजीस्कूलडॉटइन पोर्टल का निर्माण किया। वालेंटियर शिक्षक द्वारा नई व्यवस्था में छात्रों को जागरूक एवं साथ लेते हुए इस पोर्टल में एक माह के भीतर 2.2 मिलियन छात्र पंजीकृत किये गए एवं मिशन मोड पर कैम्पन चलाया गया। पोर्टल में शिक्षकों द्वारा पाठ्यक्रम व विषयवस्तु से संबंधित छात्रों के लिए उच्च कोटि शिक्षण सामग्री निर्माण कर पोर्टल में अपलोड किया गया, जो न ही प्रासंगिक था अपितु जिसमें रोचकता का भी समावेश था।
    इस परिपेक्ष्य में जुगाड़ स्टूडियों द्वारा 30 हजार विडियों, आडियों, वर्कशीट एवं डिजीटल रिसोर्ससेस का निर्माण कर जीरों बजट में घर से ही शिक्षकों द्वारा स्मार्ट फोन का इस्तमाल कर पॉवर पाइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से अतुलनीय सीखने की प्रक्रिया को सतत जारी रखा गया है। इसी कड़ी में शिक्षकों द्वारा सहायक शिक्षण सामग्री निर्माण, बच्चों तक अपनी बात पाठ्यक्रम अनुसार पहुंचाना, कक्षागत प्रबंधन कर वर्चुअल मोड में भी निरंतर सीखने की प्रक्रिया को जारी रखा गया।
    ज्ञातव्य है कि एससीईआरटी एवं सीजीबीएसई द्वारा कक्षा पहली से कक्षा 12वीं तक शिक्षार्थियों की सुविधा के लिए 46,639 वर्चुअल स्कूल का सृजन कर इंटरक्टीव ऑनलाइन क्लासेस ली गई। होमवर्क, आंकलन व उपचारात्मक शिक्षण सामग्री भी वर्चुअल स्कूल के माध्यम से बच्चों को वन-टु-वन शिक्षकों द्वारा प्रदान की गई। बच्चें शिक्षकों से विषयवस्तु संबंधी शंका का समाधान करना तथा शिक्षार्थियों को होमवर्क अपलोड कर शिक्षकों द्वारा आंकलन किया गया। शिक्षकों ने सीखने की प्रतिफल के आधार पर 50 हजार प्रश्नों को तैयार कर क्वीज भी अपलोड किया गया।
    विदित हो कि हमारा प्रदेश वनांचल दुरस्त व दुर्गम पहाडीयों से घीरा हुआ है। इन स्थानों पर इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध न होने पर भी प्रदेश द्वारा डिजीटल कंटेंट का निर्माण किया गया। जिससे बच्चे ऑफलाइन एनरॉइड एप के माध्यम से देख सकते हैं, सुन सकते है व सीख सकते हैं। इस ऑफलाइन एनरॉइड एप में ई-बुक्स, वीडियोज, आडियोज, क्वीजेज एवं शैक्षिक विषयवस्तु ब्लूटूथ के माध्यम से शिक्षकों द्वारा ई-पाठ्य सामग्रीयों का साझा बच्चों के साथ किया गया। प्रमुखता इस बात है कि गुगल प्ले स्टोर में सीजीस्कूल एप आसानी से डॉउनलोड कर शिक्षण सामग्री प्राप्त की जा सकती है। गुगल प्ले स्टोर में बुल्टू के बोल एप में हर विषय के ऑडियों कंटेंट भी है जिसे किसी भी समय सुना जा सकता है। जिन बच्चों के पास इंटरनेट व मोबाईल की सुविधा नहीं है उनका भी भरपूर ध्यान पढ़ई तुंहर दुआर में रखा गया है।
    यह पोर्टल अपने आप में खास व लाभदायक तो है कि साथ ही इस कार्यक्रम को और अधिक प्रभावशाली हमारे छत्तीसगढ़ के शिक्षकों के नवाचारों ने बनाया है। कोरोना अब अपने दुसरे वर्ष में भी जारी है और पढ़ई तुंहर दुआर योजना की भी दुसरी पारी की शुरूआत हो रही है। इस दुसरी पारी में छत्तीसगढ़ शिक्षा विभाग पुरी तरह से तैयार है और प्रदेश में बच्चों की पढ़ाई बिना रूके पढ़ई तुंहर दुआर के माध्यम से जारी रहेगी।

 


छत्तीसगढ़ के सात प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों को मिला नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस सर्टिफिकेशन अवार्ड

छत्तीसगढ़ के सात प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों को मिला नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस सर्टिफिकेशन अवार्ड

08-Apr-2021

छत्तीसगढ़ के सात प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार की ओर सेनेशनल क्वालिटी एश्योरेंस सर्टिफिकेशन अवार्ड दिया गया है।

कोरोना वायरस संक्रमण को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार द्वारा इस बार स्वास्थ्य सुविधाओं का मूल्यांकन वर्चुअली (ऑनलाइन माध्यम से) किया गया | इस सर्टिफिकेशन के लिए केंद्र द्वारा गठित टीम द्वारा चिन्हित स्वास्थ्य केन्द्रोंमें उपलब्ध सुविधाओं को कई बिन्दुओं पर जांचा गया और उन सभी पैमानों पर खरा उतरने के बाद ही छत्तीसगढ़ के सात प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों को यह सर्टिफिकेशनप्रदान किया गया है।यह सर्टिफिकेशन प्राप्त करने के लिए स्वास्थ्य केन्द्रों की सुविधाओं को एनक्यूएएस (नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड्स) के मानकों के अनुरूप बेहतर और गुणवत्तापूर्ण बनाया जाता है। इसके तहत प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में सुविधा बढ़ाने को लेकर कई काम किए गए हैं।

इस सम्बन्ध में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, भारत सरकार की अपर सचिव एवं मिशन निदेशक वंदना गुरुनानी ने  छत्तीसगढ़ की अपर स्वास्थ्य सचिव रेनू पिल्लई को एक पत्र जारी कर सूचित भी किया है।

इन प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों को मिला है नेशनल क्वालिटी एश्योरेंससर्टिफिकेट

नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस सर्टिफिकेटमिलने वालों में सरगुजा  के दो प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र लून्दरा एवं  रघुनाथपुर, कोरिया का प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र खडगवां, बेमेतरा का प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र देओरविजा, रायपुर का प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र मंदिर हसौद, जांजगीर का प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र राहोद एवं महासमुंद जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पटेवा हैं |  कोरिया जिले के खडगवां एवं महासमुंद जिले के पटेवा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र को कुछ शर्तों के आधार पर यह सर्टिफिकेशन अवार्ड दिया गया है।

इतने प्रतिशत अंक हासिल कर मिला सर्टिफिकेट

क्रम संख्या

स्वास्थ्य केंद्र का नाम

प्राप्त अंकों का प्रतिशत

1

प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र लून्दरा, सरगुजा

94.42

2

प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र रघुनाथपुर, सरगुजा

90.95

3

प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र खडगवां, कोरिया

84.95

4

प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र देओरविजा, बेमेतरा

74.92

5

प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र मंदिर हसौद, रायपुर

94.44

6

प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र राहोद,जांजगीर

86.36

7

प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पटेवा, महासमुंद

82.02

 

नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस सर्टिफिकेशनप्राप्त करने को लाने होते हैं70 फीसदी से अधिक अंक !

नेशनल क्वालिटी सर्टिफिकेट के लिए स्वास्थ्य केन्द्रों  को 70 फीसदी से ज्यादा अंक लाने होते हैं। भारत सरकार ने देशभर के अस्पतालों में मरीजों से जुड़ी सुविधाएं बढ़ाने और उनकी गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए एनक्यूएएस बनाया है। इसमें 8 बिंदुओं पर अस्पताल का मूल्यांकन किया जाता है। चेकलिस्ट के आधार पर सुविधाओं का आंकलन किया जाता है ताकि छोटी से छोटी सुविधा का भी मूल्यांकन हो सके। 

इन बिंदुओं पर होता है आंकलन !

नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड्स अस्पतालों में मिलने वाली सुविधाओं, सफाई व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरे, डाक्टरों की संख्या आदि के आधार पर अस्पतालों का सर्टिफिकेशन करती है। इसके होने के बाद अस्पतालों को अपने आप को उनके स्टैंडर्ड्स के हिसाब से मेंटेन भी करना पड़ता है। क्लीनिकल सेवाएं, इंफ्रास्ट्रक्चर, स्टाफ, पेशेंट वेटिंग एरिया, अस्पताल में वेंटिलेशन, प्रति बेड डॉक्टर और नर्स की संख्या, ओटी में तीन अलग-अलग जोन हैं या नहीं, एयर फिल्टर, तापमान, इंफेक्शन कंट्रोल के उपाय, ऑपरेशन में प्रोटोकाल का पालन, डॉक्टर व स्टाफ को इंफेक्शन कंट्रोल के बारे में जानकारी, मरीज को इलाज में कितना समय लगा आदि। इन बिंदुओं पर आंकलन करने के बाद ही मूल्यांकन दल द्वारा अंक दिए जाते हैं। 

सर्टिफिकेशनके साथ ही स्वास्थ्य केन्द्रों की गुणवत्ता मजबूत करने को मिलती है अतिरिक्त धनराशि

स्वास्थ्य केन्द्रों को जब यह सर्टिफिकेट मिलता है तो भारत सरकार की ओर सम्बंधित स्वास्थ्य केंद्र को अतिरिक्त धनराशि देने का भी प्रावधान है ताकि स्वास्थ्य केन्द्रों की गुणवत्ता को और मजबूत किया जा सके । इस राशि को स्वास्थ्य केन्द्रों की सुविधाओं को बढ़ाने में खर्च किया जाता है। 


सूरजपुर : कोरोना के रोकथाम एवं बचाव के लिए जिला प्रशासन सतर्क एवं सख्त, जागरूक करने लापरवाह व्यापारियों की दुकानें की गई शील

सूरजपुर : कोरोना के रोकथाम एवं बचाव के लिए जिला प्रशासन सतर्क एवं सख्त, जागरूक करने लापरवाह व्यापारियों की दुकानें की गई शील

03-Apr-2021

द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा से साभार 

सूरजपुर : कोरोना के रोकथाम एवं बचाव के लिए जिला प्रशासन सतर्कता बरत रहा है। बिना मास्क पहने घूमने फिरने वालों पर जागरूक करने चालानी कार्रवाई की जा रही है। कलेक्टर श्री रणबीर शर्मा स्वयं प्रत्येक नागरिक को जागरूक करने सड़कों एवं दुकानों में पहुंच रहे हैं तथा कोरोना से बचने, बचाने, सहयोग करने व्यवसायियों एवं नागरिकों से अपील की हैं। इसी संदर्भ में 2 अप्रैल को शाम सुभाष चैक एवं भैयाथान रोड पर बिना मास्क के घूमने वालों का चालान काटा गया, जिसमें 38 लोगों से 19000 रू. जुर्माना वसूला गया। नियम विरूद्ध दुकान का संचालन करते हुए पाए जाने पर 11 दुकानें सील की गई जिनके नाम महालक्ष्मी ड्रेसेस, गायत्री ड्रेसेस, मेसर्स अनुपम, सुषमा सुहाग सेंटर, वैभव साड़ी, जैन वॉच कॉर्नर, शंकर इलेक्ट्रिकल्स, मनोज साड़ी सेंटर, गुप्ता पान सेंटर, अंजली ज्वेलर्स, ज्योति इलेक्ट्रिकल्स इन सभी दुकानों को शील कर दिया गया है।

 गौरतलब हैं कि जिले में रात्रि कालिन कफ्र्यू लगाया गया हैं, रात्रि 08.00 बजे से सुबह 06.00 बजे तक लोगों की अनावश्यक आवाजाही पर प्रतिबंध किया गया है। धारा 144 लगने के बाद भीड़-भाड़ या अधिक लोग एक जगह एकत्रित नहीं हो सकते हैं। कोरोना के गाइडलाइन के अनुसार मास्क पहनना, दो गज की शारीरिक दूरी बनाये रखना, सेनेटाइज करना आवश्यक है।

कलेक्टर श्री रणबीर शर्मा के मार्गदर्शन में 2 अप्रैल शाम को प्रशासनिक अमला द्वारा शहर भ्रमण किया गया जहां लापरवाह बरतने वाले अनेक व्यवसायियों के दुकानें नियम विरूद्ध संचालित करते पाये जाने पर दुकानें शील कर दी गई तथा बिना मास्क पहने घूमने फिरने वालों पर चलानी कार्रवाई भी की गई। कलेक्टर श्री रणबीर शर्मा ने कहा कि कोरोना के निर्धारित गाईडलाइन का उल्लंघन करने वाले सभी लोगों पर कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। जिससे कोरोना की महामारी को नियंत्रण कर जंग जीता जा सके एवं हमारा दिनचर्या पूर्व की तरह सामान्य हो सके। इस दौरान एसडीएम श्री पुष्पेन्द्र शर्मा, तहसीलदार श्री नंदजी पांडे, डूडा के अधिकारी श्री संजीव तिवारी सहित नगर पालिका के अधिकारी कर्मचारी, पुलिस अमला उपस्थित थे।


ज्योति सिंह बनी महिला मोर्चा मीडिया प्रभारी

ज्योति सिंह बनी महिला मोर्चा मीडिया प्रभारी

03-Apr-2021

भाजपा महिला मोर्चा की जिला कार्यकारिणी घोषित

सूरजपुर-भाजपा महिला मोर्चा की जिला कार्यकारिणी भाजपा जिलाध्यक्ष बाबूलाल अग्रवाल की अनुशंसा पर महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष लक्ष्मी राजवाड़े ने घोषित कर दी है|नवगठित कार्यकारिणी में दो महामंत्री तीन उपाध्यक्ष, तीन मंत्री सहित इक्कीस सदस्यों को कार्यसमिति में जगह मिली है|महिला मोर्चा के जिला कार्यकारिणी में उपाध्यक्ष महेश्वरी शर्मा, रुकमणी सिंह, किरण साहू, महामंत्री बीना गुप्ता, व नूतन विश्वास, मंत्री महरजिया सिंह, लीलावती कुशवाहा, श्रीमती देवी को बनाया गया है| कोषाध्यक्ष के रूप में विमला भगत व सह कोषाध्यक्ष सुशीला गुप्ता तथा ज्योति सिंह को मीडिया प्रभारी व सुश्री रानू सिंह को सह मीडिया प्रभारी बनाया गया है|वहीं कार्यालय प्रभारी चन्द्रकला चक्रधारी व सह  कार्यालय प्रभारी देवमुनिया तथा सोशलमीडिया प्रभारी पुनीता दास व सह सोशलमीडिया प्रभारी पूनम देवांगन बनाई गई हैं| नवगठित कार्यकारिणी में जिले के सभी क्षेत्रों व वर्गों को अवसर देते हुए संतुलित टीम बनाई गई है|इसके साथ ही महिला मोर्चा के मंडल अध्यक्षों की भी घोषणा कर दी गई है|मंडल अध्यक्ष के लिए प्रेमनगर कंचन श्याम, रामानुजनगर कुसुम लता साहू, देवनगर शकुन्तला देवांगन, सूरजपुर शहर सरोज साहू, सूरजपुर ग्रामीण जुगनी सिंह, विश्रामपुर लीना मांझी, शिवनंदनपुर फुलबसिया राजवाड़े, लटोरी सीता जायसवाल, भटगांव हीरा सिंह, जरही नीलिमा पैकरा, प्रतापपुर लक्ष्मी गुप्ता, भैयाथान नेहा तिवारी, ओड़गी विनीता यादव, बिहारपुर अनुराधा विश्वकर्मा के नाम की घोषणा की गई है|