गोवा को मिल सकता है नया CM, जानिए, क्या है पुरा मामला!

गोवा को मिल सकता है नया CM, जानिए, क्या है पुरा मामला!

30-Aug-2018

बड़े जोड़तोड़ के बाद कांग्रेस के हाथ से गोवा की गद्दी छीन लेने के बाद भी भाजपा को रास नहीं आ रही है। दरअसल पिछले लंबे समय से राज्य के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर अपनी सेहत से ही जूझ रहे हैं। ऐसे में प्रदेश में छोटे-बड़े तमाम फैसले लेने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
मुंबई के एक निजी अस्पताल में भर्ती गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर बुधवार फिर से इलाज के लिए अमरीका रवाना हो गये हैं। आपको बता दें कि पर्रिकर 22 अगस्त को ही अमरीका से गोवा लौटे थे, लेकिन लौटने के कुछ ही घंटों के भीतर उन्हें मुंबई के एक अस्पताल में भर्ती करा दिया गया था। यही वजह है कि भारतीय जनता पार्टी मनोहर पर्रिकर की तबीयत को देखते हुए एहतियातन उनके विकल्प की तलाश में जुट गई है।
लंबे समय से सेहत की परेशानी से झूझ रहे पर्रिकर के कारण प्रदेश में कई कामों पर सीधा असर पड़ रहा है। ऐसे में खबरों की मानें तो गोवा बीजेपी के नेता अगले-एक दो दिनों में दिल्ली आ सकते हैं और पर्रिकर की तबीयत को ध्यान में रख अमित शाह से संभवानाओं पर चर्चा कर सकते हैं।
सूत्रों की मानें तो पिछले लंबे समय से मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर की तबीयत को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी गोवा में नए मुख्यमंत्री के नाम पर विचार कर रही है। ऐसे में इस बार प्रदेश के नेताओं के दिल्ली पहुंचने के बाद नए नाम पर विचार हो सकता है।
हालांकि, अभी तक आधिकारिक तौर पर न तो मनोहर पर्रिकर के इस्तीफे की बात सामने आई है, और न ही भारतीय जनता पार्टी ने उनके विकल्प के तौर पर किसी के नाम का ऐलान किया है।
गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर की ओर से करवाये जा रहे उपचार के चलते तटीय राज्य के नेतृत्व के मुद्दे पर चर्चा के लिए भाजपा प्रमुख अमित शाह के साथ पार्टी के नेताओं की नयी दिल्ली में प्रस्तावित बैठक रद्द हो गई।
हालांकि भाजपा प्रदेश इकाई के सूत्रों ने कहा कि माना जा रहा है कि बैठक इसलिए रद्द हो गई क्योंकि शाह ने राज्य कोर कमेटी को मिलने का समय नहीं दिया।
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लोगों को ट्विटर पर ब्लॉक नहीं कर सकते, अदालत ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप से कहा

लोगों को ट्विटर पर ब्लॉक नहीं कर सकते, अदालत ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप से कहा

30-Aug-2018

सैन फ्रांसिस्को: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अदालत के आदेश के बाद अपने कुछ आलोचकों को ट्विटर पर अनब्लॉक कर दिया है. अदालत ने ट्रंप से कहा था कि वो इस तरह से अपने आलोचकों का मुंह नहीं बंद कर सकते हैं. फेडरल डिस्ट्रिक्ट जज ने मई में फटकार लगाते हुए आदेश दिया था कि राष्ट्रपति के आधिकारिक ट्विटर एकाउंट से ब्लॉक किया जाना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकारों के पहले संशोधन (फर्स्ट अमेंडमेंट) का उल्लंघन है. ट्रंप द्वारा लोगों को ब्लॉक किये जाने के खिलाफ कोलंबिया यूनिवर्सिटी में 'द नाइट फर्स्ट अमेंडमेंट इंस्टीच्यूट' ने अपील किया था. ट्रंप ने उन सात लोगों को अनब्लॉक किया है जिनके नाम मुकदमे में थे. संस्था ने कल ट्वीट किया कि उसे मिली सूचना के अनुसार न्याय मंत्रालय के पास मौजूद एक लिस्ट में से 41 अन्य लोगों को भी डोनाल्ड ट्रंप के ट्विटर एकाउंट ने अनब्लॉक कर दिया है.

संस्था ने कहा कि हमें खुशी है कि व्हाइट हाउस ने जिला अदालत के फैसले का पालन करने के लिए कदम उठाया है. अदालत ने अपने फैसले में कहा था कि संविधान राष्ट्रपति को उनकी आलोचना करने वालों को ट्विटर पर ब्लॉक करने से रोकता है. हालांकि, संस्था ने कहा कि उसे सूचना मिली है कि इस लिस्ट से बाहर अभी भी बहुत से ऐसे लोग हैं जो राष्ट्रपति के ट्विटर अकाउंट पर ब्लॉक हैं.

 


पत्रिका और दैनिक भास्कर पर भड़के अभिनेता ऋतिक रोशन

पत्रिका और दैनिक भास्कर पर भड़के अभिनेता ऋतिक रोशन

29-Aug-2018

मुंबई : बालीवुड अभिनेता ऋतिक रोशन ने उन मीडिया रिपोर्ट की निंदा की है, जिसमें यह दावा किया गया है कि अभिनेत्री दिशा पटानी ने ऋतिक रोशन की वजह से एक फिल्म छोड़ दी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ऐसी रिपोर्ट थीं कि दिशा पटानी एक फिल्म से इसलिए हट गयीं क्योंकि उसमें ऋतिक थे जिन्होंने कथित तौर पर उनके साथ फ्लर्ट किया था। इस दावे को अभिनेत्री ने भी खारिज किया है। ऐसी खबरों को उन्होंने ‘बचकाना और गैर-जिम्मेदाराना कोरी बकवास’ बताया है।

विभिन्न मीडिया पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित लेखों की तस्वीर साझा करते हुए ऋतिक ने ट्वीट करते हुए लिखा कि, अगर अपने प्रचार के लिये आप कोई मदद चाहते हैं तो अगली बार मुझसे सीधे संपर्क करें। एक अन्य ट्वीट में ऋतिक ने एक पत्रकार को सलाह दी कि वह जिम जाये और अपने दिमाग से ‘कचरा साफ करने के लिये कसरत करे’।

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पत्रिका की स्टोरी का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए ऋतिक ने लिखा, “मेरे प्यारे मित्र ‘पत्रिका जी’, कसरत करते हो? थोड़ा gym जाओ। mind से सारा कचरा निकल जाएगा! ख़ासकर बीस donkey किक्स, बीस monkey रोल & 2 dog jumps आप के लिए सही रहेगा। ज़रूर कीजिएगा। गुड luck, गुड day, And लव you टू:)”

ऋतिक ने दैनिक भास्कर की स्टोरी का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए लिखा, ‘भास्कर भाई साहब? कहाँ हो? हाल चाल सब? सब ठीक? देखिए, आपकी दुकान की प्रगति के लिए मेरी तरफ़ से यह ट्वीट। आने वाले समय में सीधे बोल देना की हेल्प चाहिए।” वहीं, अभिनेत्री दिशा पटानी ने भी अपनी तरफ से एक बयान जारी कर इन रिपोर्टों को खारिज किया है। दिशा ने कहा, ‘ऋतिक सर और मेरे बारे में कुछ बचकाना और गैर जिम्मेदाराना बकवास बातें की जा रही हैं। मैं कहना चाहूंगी कि यह बिल्कुल झूठ है और उनके साथ जो मेरी थोड़ी बहुत बातचीत हुई है, उसके आधार पर मुझे लगता है कि वह सबसे सम्मानित और खुशमिजाज लोगों में से एक हैं।’

 

 


रायपुर के पूर्व कलेक्टर ओपी चौधरी को अमित शाह ने दिलाई बीजेपी की सदस्यता

रायपुर के पूर्व कलेक्टर ओपी चौधरी को अमित शाह ने दिलाई बीजेपी की सदस्यता

28-Aug-2018

रायपुर : रायपुर के पूर्व कलेक्टर ओपी चौधरी ने दिल्ली में बीजेपी की सदस्यता ले ली है भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने ओपी चौधरी को बीजेपी की सदस्यता दिलाई इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह भी मौजूद थे आपको बता दें की मीडिया में पहले से ही ख़बरें थी की ओपी चौधरी कलेक्टर पद से इस्तीफा देकर बीजेपी की सदस्यता लेंगे व खरसिया से चुनाव लड़ेंगे आज दिल्ली में ओपी चौधरी ने बीजेपी की सदस्यता ली है.


रूस के मॉस्को में वर्ल्ड एजुकेशन कॉन्फ्रेंस को संबोधित करने आमंत्रित किए गए थे सिसोदिया,  मोदी सरकार ने जाने की नहीं दी इजाजत !

रूस के मॉस्को में वर्ल्ड एजुकेशन कॉन्फ्रेंस को संबोधित करने आमंत्रित किए गए थे सिसोदिया, मोदी सरकार ने जाने की नहीं दी इजाजत !

28-Aug-2018

नई दिल्ली : केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार और दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार के बीच जारी घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने मंगलवार (28 अगस्त) को ट्वीट कर मोदी सरकार पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें एक कॉन्फ्रेंस को संबोधित करने के लिए रूस की राजधानी मॉस्को जाना था, लेकिन केंद्र ने उन्हें इजाजत नहीं दी। सिसोदिया ने ट्वीट कर आरोप लगाया है कि राजधानी दिल्ली में शिक्षा से जुड़े बदलावों को लेकर उन्हें मॉस्को में वर्ल्ड एजुकेशन कॉन्फ्रेंस में संबोधित करने के लिए आमंत्रित किया गया था। उन्होंने कहा कि मुझे आज रात को ही मॉस्को रवाना होना था, लेकिन यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि भारत सरकार ने मुझे इजाजत नहीं दी। शिक्षा मंत्री ने मोदी सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनका रिक्वेस्ट करीब 10 दिनों से लंबित पड़ा है।

एक अन्य ट्वीट में सिसोदिया ने लिखा कि दिल्ली में शिक्षा क्षेत्र में हुए बदलावों की पिछले कुछ महीनों से विश्व भर में चर्चा हो रही है। लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शायद ऐसा नहीं होने देना चाहते हैं। पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए सिसोदिया ने लिखा कि सर, दिल्ली भी भारत का ही हिस्सा है। अगर हमारे स्कूल विश्व स्तर पर तवज्जों पाते हैं तो देश का ही मान बढ़ेगा। यह भारत के लिए गर्व का विषय है। बता दें कि दिल्ली के सरकारी स्कूलों में हुए व्यापक बदलाव को लेकर देश-विदेश में सिसोदिया की जमकर सराहना हो रही है। दिल्ली सरकार ने अभी हाल ही में नर्सरी से कक्षा 8 के बच्चो के लिए हैप्पीनेस क्लासेस शुरू करने का फैसला किया है। जिसमें प्रतिदिन एक पीरियड हैप्पीनेस विषय का होगा। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम ने भी अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर इस फैसले की तारीफ की है।


हिन्दू धर्म अपना कर शादी करने वाले मुस्लिम लड़के को सुप्रीम कोर्ट से झटका , युवती को परिजनों को सौपने का आदेश !

हिन्दू धर्म अपना कर शादी करने वाले मुस्लिम लड़के को सुप्रीम कोर्ट से झटका , युवती को परिजनों को सौपने का आदेश !

28-Aug-2018

मामला है छत्तीसगढ़ के धमतरी का जहाँ एक मुस्लिम युवक ने अपना धर्मपरिवर्तन कर के जैन समाज की युवती से आर्य समाज मंदिर में विवाह किया था ,अब सुप्रीम कोर्ट ने 23 वर्षीय जैन युवती  को उसकी इच्छा पर सहमति जताते हुए उन्हें पति की जगह माता-पिता के साथ रहने इजाजत दे दी। उनके पति ने उनसे शादी करने के लिए कथित रूप से इस्लाम को छोड़ कर हिंदुत्व अपना लिया था।
चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने महिला की इच्छा जानने के लिए विशुद्ध हिंदी में कुछ सवाल पूछे। इससे पहले पीठ ने छत्तीसगढ़ पुलिस को निर्देश दिया था कि वह महिला को सोमवार को उसके समक्ष प्रस्तुत करे। पीठ में शामिल अन्य जज न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर और डी वाई चंद्रचूड़ ने महिला से कई सवाल पूछे। मसलन ‘आपका नाम क्या है, क्या वाकई आपकी शादी हुई है और आप अपने पति के साथ क्यों नहीं रहना चाहतीं।’
जवाब में महिला ने कहा कि वह बालिग है। उस पर किसी ने दबाव नहीं डाला और उसने मोहम्मद इब्राहिम सिद्दीकी उर्फ आर्यन आर्या से खुद शादी की थी और स्वेच्छा से अपने माता-पिता के साथ रहना चाहती है। पीठ ने तय किया कि महिला का बयान बिलकुल स्पष्ट और असंदिग्ध है। इसलिए महिला को अभिभावक के साथ रहने की इजाजत दे दी।
इससे पहले मोहम्मद इब्राहिम ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका देकर अपनी पत्नी को उसके अभिभावकों की गिरफ्त से मुक्त कराने का आग्रह किया था। इस पर पीठ ने पुलिस को अंजली जैन को उसके सामने पेश करने का निर्देश दिया था। उसने हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें उसने महिला से पूछा था कि क्या वह माता-पिता के साथ रहना चाहती हैं या हॉस्टल में। और उसने महिला को माता-पिता के साथ रहने की इजाजत दे दी थी।
इससे पहले की जज महिला से बात करते, राज्य के एडवोकेट जनरल जुगल किशोर गिल्डा ने कहा कि यह झूठी शादी है क्योंकि शख्स का दो बार तलाक हो चुका है और उसने इसे छुपाए रखा। महिला ने लगातार बेंच से कहा कि उसने शख्स से शादी की थी लेकिन अब वह अपने माता-पिता के साथ रहना चाहती है। उसने कोर्ट से कहा कि वह मां-बाप के दबाव में यह बयान नहीं दे रही है।
बेंच ने आर्यन के वकील से कहा कि लड़की ने शादी की बात स्वीकार की है, वह पति के साथ नहीं रहना चाहती। शख्स के वकील नय्यर ने कहा कि लड़की अपने मां-बाप के दबाव की वजह से अपनी इच्छा व्यक्त नहीं कर पा रही है। लेकिन बेंच ने कहा, ‘वह एक वयस्क  है और उसे अपनी इच्छानुसार कार्य करने की स्वतंत्रता है। यदि वह अपने पति के साथ नहीं रहना चाहती तो यह वैवाहिक मामला बन जाता है और इसका निपटारा संबंधित कोर्ट करेगा।’

 


18 कोरोड़ बचत बैंक खाते के साथ ‘पोस्टमैन बैंकर’ बैंकिंग सेक्टर में इंटर हुआ

18 कोरोड़ बचत बैंक खाते के साथ ‘पोस्टमैन बैंकर’ बैंकिंग सेक्टर में इंटर हुआ

27-Aug-2018

नई दिल्ली : सितंबर आने वाला है, भारत के 350,000 अच्छी तरह से प्रशिक्षित पोस्टमैन पोस्ट ऑफिस को स्मार्ट बैंकर के रूप में बदल देंगे, जो दूरस्थ गांवों में खड़े आखिरी व्यक्ति के दरवाजे तक ये वित्तीय सेवाएं प्रदान करेंगे। पूरे देश में 155,000 डाकघरों में भूरे रंग के ड्रेस पहने पुरुष केवल पत्र और पार्सल वितरित कर रहे हैं, लेकिन बचत खातों को खोलने के लिए स्मार्ट हाथ से आयोजित उपकरणों को लेकर घरों में जाकर सामान्य नागरिकों के लिए बैंकिंग को आसान बना दिया जाएगा, धन हस्तांतरण, नकद जमा स्वीकार करेंगे, निकासी की सुविधा भी मिलेगी और आपको क्या चाहिए।
यह संभव होगा जब प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी 1 सितंबर को डाक टिकट में 650 शाखाओं के साथ डाक विभाग (डीओपी) के तहत 100% सरकारी स्वामित्व वाली सार्वजनिक सीमित कंपनी, लंबे समय से विलंबित भारत पोस्ट पेमेंट्स बैंक (आईपीपीबी) लॉन्च करेंगे। जहां देश के हर जिले में कार्यालय होगा।
वर्तमान में 155,000 डाकघरों में 18 कोरोड़ बचत बैंक खाते हैं जिसमें 850 अरब रुपए की शेष राशि जमा हैं, पोस्ट पेमेंट्स बैंक की 650 शाखाओं और अतिरिक्त 3,250 पहुंच बिंदुओं से कंप्यूटर से जुड़ा होगा, जिससे यह सबसे बड़ा बैंकिंग नेटवर्क हो जाएगा जो सीधे गांव के स्तर पर उपस्थिति दर्ज़ करेगा । जबकि डीओपी का अपना पूर्ण बैंक तत्काल भुगतान सेवा, राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर, और रीयल टाइम सकल निपटारे के माध्यम से धन हस्तांतरण सेवाओं के लिए बहुभाषी ग्राहक सहायता प्रदान करेगा, मजदूरी, सब्सिडी और पेंशन वितरित करने के साथ ही सरकार की अनगिनत योजनाएं के लिए सरकार देशव्यापी पहुंच का लाभ उठाएगी।
अहमदाबाद में पीएम मोदी के पूर्व विधानसभा क्षेत्र में मणिनगर डाकघर के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अपने गृह राज्य में कहा, “आईपीपीबी भी डीओपी के लिए राजस्व उत्पादन का अतिरिक्त स्रोत बन जाएगा। उसी दिन मोदी द्वारा एक आईपीपीबी मोबाइल ऐप का अनावरण किया जाएगा – 1 सितंबर को अपने ग्राहकों को विभिन्न वित्तीय सेवाओं के लिए डिजिटल लेन-देन का आनंद लेने में सक्षम बनाएगा, जो निश्चित रूप से डाकघर या ग्रामीणों में आने वाले पोस्टमेन द्वारा उपलब्ध कराए जाएंगे।
आईपीपीबी ग्राहक अपने फोन रिचार्ज कर सकते हैं या गैस, फोन, पानी और बिजली के बिल का भुगतान कर सकते हैं और मामूली शुल्क पर और अधिक हासिल कर सकते हैं। अद्वितीय डाक बैंक तीन प्रकार के बचत खाते-नियमित, डिजिटल और बुनियादी-शून्य-बैलेंस सुविधा और ब्याज दरें सालाना 4 प्रतिशत पर तय करेगा। हालांकि 19 कोरोड़ भारतीयों के पास बैंक खाता नहीं है, आईपीपीबी किसी भी अन्य बैंक की तरह होगा, लेकिन अधिकांश बैंकिंग परिचालनों को पूरा करने के लिए एक छोटे पैमाने पर परिचालन करेगा, लेकिन केवल 100,000 रुपये तक की जमा राशि स्वीकार करते समय ऋण अग्रिम नहीं कर सकता है या क्रेडिट कार्ड जारी नहीं कर सकता है।
हालांकि, अतिरिक्त नकद शेष राशि डाकघर बचत बैंक खाते में स्थानांतरित की जाएगी जो आईपीपीबी की तुलना में छोटी बचत से रिटर्न पर अधिक ध्यान केंद्रित करती है जो लेनदेन पर विशेष ध्यान देगी, इस प्रकार एक-दूसरे को पूरक करेगी।
8 अरब रुपये के मानव शरीर के साथ स्थापित आईपीपीबी बैंकिंग क्षेत्र के लिए गेम परिवर्तक साबित होगा और नियमित बैंकों को उनके पैसे के लिए एक रन देगा क्योंकि उनके पास एक साथ 90,000 शाखाएं हैं। दरअसल, डीओपी को जापान पोस्ट बैंक और चीन के पोस्टल सेविंग बैंक की सफलता की प्रतिलिपि बनाने पर भरोसा है।
दूरसंचार और आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद के मुताबिक, डाकिया का एक महत्वपूर्ण भावनात्मक संबंध है और गांवों में हर परिवार का लगभग हिस्सा है, और जल्द ही, पोस्टमैन की भूमिका आईपीपीबी के सफल रोलआउट में बहुत महत्वपूर्ण होगी ताकि हर भारतीय के लिए वित्तीय समावेश संभव हो सके।
21 अगस्त को निर्धारित मोदी द्वारा आईपीपीबी का शुभारंभ पूर्व प्रधान मंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन के बाद घोषित सात दिवसीय राष्ट्रीय शोक के चलते 1 सितंबर को कर दिया गया है। पांच साल पहले, भारतीय रिजर्व बैंक ने योजना का समर्थन करने के बावजूद संघीय वित्त मंत्रालय ने पोस्ट ऑफिस नेटवर्क को खुदरा बैंक में बदलने के लिए डीओपी कदम को रोक दिया था। लेकिन यह 2016 में ही था कि संघीय कैबिनेट ने आईपीपीबी स्थापित करने के लिए एक लंबे समय से प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।

 


बिहार की पूर्व मंत्री मंजू वर्मा और उनके पति अग्रिम जमानत याचिका खारिज, बढ़ी मुश्किल

बिहार की पूर्व मंत्री मंजू वर्मा और उनके पति अग्रिम जमानत याचिका खारिज, बढ़ी मुश्किल

26-Aug-2018

बिहार के बेगूसराय जिला की अलग-अलग अदालतों ने पूर्व समाज कल्याण मंत्री मंजू वर्मा और उनके पति चंद्रशेखर वर्मा की अग्रिम जमानत की अर्जी को आज खारिज कर दिया.

मुजफ्फरपुर स्थित एक बालिका गृह में 34 लडकियों के साथ यौन शोषण मामले की जांच कर रही सीबीआई द्वारा गत 17 अगस्त को की गई छापेमारी के दौरान बेगूसराय जिला के चेरिया बरियारपुर थाना अंतर्गत अर्जुन टोला गांव स्थित मंजू वर्मा के पति के आवास से विभिन्न हथियारों के 50 कारतूस बरामद किए थे.

इस मामले को लेकर सीबीआई ने स्थानीय अदालत में पूर्व मंत्री मंजू वर्मा एवं उनके पति चन्द्रशेखर वर्मा के विरूद्ध चेरिया बरियारपुर थाना में कांड संख्या 143 दर्ज कराया था.

पूर्व मंत्री की इस मामले में अग्रिम जमानत की याचिका को जिला जज दीवान अब्दुल अजीज ने तथा उनके पति की अग्रिम जमानत के आवेदन को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायधीश (पंचम) राजकिशोर राज ने खारिज कर दिया.

फोन सीडीआर में मुजफ्फरपुर बालिका गृह मामले के मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर के फोन पर मंजू वर्मा के पति के 17 बार बातचीच करने की बात सामने आने पर मंजू ने गत आठ अगस्त को मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था. 


 सुप्रीम कोर्ट ने कहा, पैतृक संपत्ति बेचने से पिता को नहीं रोक सकते बेटे या अन्य हिस्सेदार

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, पैतृक संपत्ति बेचने से पिता को नहीं रोक सकते बेटे या अन्य हिस्सेदार

25-Aug-2018

एजेंसियों से 

नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने एक फैसले में कहा है कि पारिवारिक कर्ज चुकाने या अन्य कानूनी जरूरतों के लिए यदि परिवार का मुखिया पैतृक संपत्ति बेचता है तो पुत्र या अन्य हिस्सेदार उसे कोर्ट में चुनौती नहीं दे सकते।  यह कहते हुए सुप्रीम कोर्ट ने 54 वर्ष पहले दायर एक मुकदमे को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि एक बार यह सिद्ध हो गया कि पिता ने कानूनी जरूरत के लिए संपत्ति बेची है तो हिस्सेदार इसे अदालत में चुनौती नहीं दे सकते। यह मामला पुत्र ने अपने पिता के खिलाफ 1964 में दायर किया था। मामले के सुप्रीम कोर्ट पहुंचने तक पिता और पुत्र दोनों इस दुनिया में नहीं रहे, लेकिन उनके उत्तराधिकारियों ने मामले को जारी रखा। 

जस्टिस ए.एम. सप्रे और एस.के. कौल की पीठ ने यह फैसला देते हुए कहा कि हिन्दू कानून के अनुच्छेद 254 में पिता द्वारा संपत्ति बेचने के बारे में प्रावधान है। इस मामले में प्रीतम सिंह के परिवार पर दो कर्ज थे और वहीं उन्हें खेती की जमीन में सुधार के लिए पैसे की भी जरूरत थी। पीठ ने कहा कि प्रीतम सिंह के परिवार का कर्ता होने के कारण उसे पूरा अधिकार था कि वह कर्ज चुकाने के लिए संपत्ति बेचे।

अनुच्छेद 254(2) में प्रावधान है कि कर्ता चल/अचल पैतृक संपत्ति को बेच सकता है, रेहन रख सकता है यहां तक कि वह पुत्र तथा पौत्र के हिस्से को भी कर्ज चुकाने के लिए बेच सकता है। लेकिन यह कर्ज पैतृक होना चाहिए और किसी अनैतिक और अवैध कार्य के जरिए पैदा न हुआ हो। कोर्ट ने कहा कि पारिवारिक व्यवसाय या अन्य जरूरी उद्देश्य कानूनी आवश्यकताओं के तहत आते हैं।  इस मामले में प्रीतम सिंह ने 1962 में लुधियाना तहसील में अपनी 164 कैनाल जमीन दो व्यक्तियों को 19,500 रुपये में बेच दिया था। इस फैसले को उनके पुत्र केहर सिंह ने अदालत में चुनौती दी और कहा कि पैतृक संपत्ति को पिता नहीं बेच सकते क्योंकि वह उसके हिस्सेदार हैं। उनकी अनुमति के बिना पिता जमीन नहीं बेच सकते। ट्रायल कोर्ट ने इस मामले में फैसला पुत्र के पक्ष में दिया और बिक्री रद्द कर दी।

मामला अपील अदालत में आया और उसने देखा कि  कर्ज चुकाने के लिए जमीन बेची गई थी। अपील कोर्ट ने फैसला पलट दिया। मामला हाईकोर्ट गया और यहां 2006 में यह फैसला बरकरार रखा गया। हाईकोर्ट की खंडपीठ ने भी इस मामले में यही फैसला रखा और कहा कि कानूनी जरूरत के लिए कर्ता संपत्ति को बेच सकता है।  पैतकृ कर्ज चुकाने के लिए, संपत्ति पर सरकारी देनदारी के लिए, परिवार के हिस्सेदारों और उनके परिवारों के सदस्यों के भरण-पोषण के लिए, पुत्र के विवाह तथा उनकी पुत्रियों के विवाह के लिए, परिवार के समारोह या अंतिम संस्कार के लिए, संपत्ति पर चल रहे मुकदमे के खर्च के लिए, संयुक्त परिवार के मुखिया के खिलाफ गंभीर आपराधिक मुकदमे में उसके बचाव के लिए।


बॉलीवुड डांसर अभिजीत शिंदे ने फांसी लगा कर की आत्महत्या

बॉलीवुड डांसर अभिजीत शिंदे ने फांसी लगा कर की आत्महत्या

24-Aug-2018

मुंबई : पॉपुलर बॉलीवुड डांसर अभिजीत शिंदे ने फांसी लगा कर आत्महत्या कर ली है। अभिजीत का मृत शरीर उनके मुंबई वाले घर में मिला। शिंदे का शव पंखे से लटका मिला था। इसी के साथ ही पुलिस को छान-बीन में एक सुसाइड नोट भी मिला है। सुसाइड नोट में लिखा गया था कि वह अपना बैंक अकाउंट अपनी बेटी के नाम ट्रांस्फर करना चाहते हैं। अभिजीत डिप्रेशन में थे। जब से उनकी पत्नी उन्हें छोड़ कर चली गई थीं, तभी से उनकी हालत ऐसी थी।

एक पुलिस ऑफिस के मुताबिक, शिंदे की पत्नी पिछले तीन महीनों से अपनी मां के घर पर रह रही थी। इस दौरान वह अपनी 2 साल की बेटी को शिंदे से मिलने नहीं दिया करती थी। ऐसे में शिंदे काफी परेशान रहने लगे थे। कुछ दिनों से वह डिप्रेशन से जूझ रहे थे। अभिजीत शिंदे के आस पड़ोस में रहने वाले लोगों ने शिंदे के घर का दरवाजा खुला देखा, ऐसे में जब वह घर के अंदर चेक करने गए तो वहां शिंदे पंखे से लटके मिले। भंडूप पुलिस स्टेशन के सीनियर इंस्पेक्टर रमेश खाडे कहते हैं- हमने इस केस में एक्सिडेंटल डेथ रिपोर्ट दर्ज कराई है और पोस्टमॉर्टम के बाद परिवार को बॉडी सौंप दी है। इससे पहले शिंदे की बॉडी को अस्पताल ले जाया गया था, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया था। फिलहाल मामले में पुलिस जांच में जुटी हुई है।

बता दें, 32 साल के डांसर अभिजीत शिंदे की पत्नी 3 महीने से उनसे अलग रह रही थीं। अभिजीत की पत्नी अपनी मां के साथ रह रही थी। बता दें, बॉलीवुड के मशहूर डांसर अभिजीत अब तक कई जानी मानी हस्तियों के साथ काम कर चुके थे। डांसर रणबीर कपूर, रणवीर सिंह और अजय देवगन के साथ भी काम कर चुके थे।

 


चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में अजीबो-गरीब फरमान! बिना गर्लफ्रेंड-बॉयफ्रेंड के कॉलेज में दिखने पर लगेगा जुर्माना

चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में अजीबो-गरीब फरमान! बिना गर्लफ्रेंड-बॉयफ्रेंड के कॉलेज में दिखने पर लगेगा जुर्माना

23-Aug-2018

चंडीगढ़ : 

चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के एक अजीबो-गरीब फरमान का स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर बुधवार (22 अगस्त) को जमकर वायरल हुआ। फरमान में कहा गया, ‘बिना गर्लफ्रेंड या बॉयफ्रेंड के जो भी कॉलेज में दिखेगा, उस पर कार्रवाई होगी और जुर्माना लगाया जाएगा।’ ये बातें इसमें प्रबंधन के हवाले से कही गई थीं। लेकिन जब यूनिवर्सिटी प्रबंधन के सामने इसका स्क्रीनशॉट वायरल होते हुए पहुंचा, तो हकीकत सामने आई। दरअसल, यूनिवर्सिटी के ही एक छात्र ने शरारत में फर्जी लेटर टाइप कर के वायरल किया था। प्रबंधन के नाम पर उसी ने यूनिवर्सिटी कैंपस में गर्लफ्रेंड-बॉयफ्रेंड को जरूरी बताने वाले अनोखे नियम की बात कही। नोटिस में लिखा था, “13 अगस्त के बाद हर किसी को गर्लफ्रेंड या बॉयफ्रेंड बनाना जरूरी होगा। अगर ऐसा न हुआ तो छात्र-छात्राओं को सस्पेंड किया जा सकता है। उन पर 1000 रुपए तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है।”

यही नहीं, लेटर में बताया गया- एक छात्र एक ही गर्लफ्रेंड रख सकेगा। कॉलेज के नाम पर यह फर्जी नोटिस जब लोगों के पास पहुंचा, तो वे दंग रह गए। बाद में इस बारे में प्रबंधन विभाग को इसकी खबर हुई। जांच-पड़ताल के बाद आरोपी छात्र का पता लगाया, जिसके बाद उसे यूनिवर्सिटी से निकाल दिया गया। आरोपी की पहचान उत्तर प्रदेश के अभिषेक के रूप में हुई है। वह यहां पर कंप्यूटर सांइस विषय में इंजीनियरिंग की पढ़ाई (प्रथम वर्ष) कर रहा था। पूछताछ में उसने अपनी गलती कबूल ली है। आरोपी ने यह अजीबो-गरीब और फर्जी फरमान महज मजाक के लिए जारी किया था, जिसे उसने 13 अगस्त को तैयार किया। आरोपी ने इसमें चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के डायरेक्टर स्टूडेंट वेलफेयर अरविंदर सिंह कंग के नाम इस्तेमाल किया। लेटर पूरा बनने के बाद उसने वॉट्सऐप पर कुछ लोगों को इसका स्क्रीनशॉट भेजा, जहां से यह फरमान वायरल हो गया था।

साभार : जनसत्ता से 


ममता सरकार ने CAG को सरकारी खर्चों का ऑडिट करने से रोका

ममता सरकार ने CAG को सरकारी खर्चों का ऑडिट करने से रोका

21-Aug-2018

कोलकाता : पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार टकराव के रास्ते पर नजर आ रही है। ममता सरकार ने राज्य की कानून एवं व्यवस्था से जुड़े खर्च का ऑडिट करने के लिए नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) को साफ इन्कार कर दिया है, जबकि कैग ने दलील है दी है कि बंगाल, संविधान के दायरे से बाहर नहीं है। क्या देश के बड़े मामलों से ऊपर की चीज है? ऐसे में केंद्र और राज्य सरकार के बीच फिर से विवाद की आशंका है।

कैग के अकाउंटेंट जनरल नमिता प्रसाद ने इस बारे में गृह सचिव अत्रि भट्टाचार्य को एक चिट्ठी लिखी। उन्होंने इसमें बताया कि कैग, पश्चिम बंगाल के पब्लिक ऑर्डर का ऑडिट करना चाहती है। कानून एवं व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, राज्य में हथियारों के लाइसेंस समेत कई अन्य चीजों का ब्योरा लिया जाएगा, जिसके आधार पर ऑडिट होगा। राज्य के गृह विभाग ने इस पर न कह दी थी। मगर कैग ने दोबारा इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाया है।

कैग की ओर से सचिवालय से कहा गया है कि कुछ अन्य राज्यों में भी पब्लिक ऑर्डर से जुड़े ऑडिट हो रहे हैं। उनमें केरल, असम, मणिपुर और राजस्थान शामिल हैं। ऐसे में पश्चिम बंगाल संविधान के दायरे से बाहर नहीं है। यह देश की सुरक्षा से जुड़ा मसला है। वैसे राज्य के गृह विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि कैग को राज्य की कानून एवं व्यवस्था में किसी तरह से दखल नहीं देने दी जाएगी।


100 रुपये कमाने के लिए रेलवे करती है 111 रुपये का खर्च, हालत खस्ता

100 रुपये कमाने के लिए रेलवे करती है 111 रुपये का खर्च, हालत खस्ता

20-Aug-2018

नई दिल्लीः भारतीय रेलवे की आर्थिक हालत खस्ता है और इसका पता इस बात से चलता है कि रेलवे जितनी कमाई कर रहा है उससे ज्यादा खर्च कर रहा है. रेलवे की आर्थिक दुर्दशा का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसको यात्री किरायों और मालभाड़े से जितनी कमाई होती है उससे ज्यादा रेलवे खर्च कर देता है. रेलवे के फाइनेंस विंग से निकाले आंकड़ों से ये साफ हुआ है कि हर 100 रुपये कमाने के लिए रेलवे को 111.51 रुपये खर्च करने पड़ते हैं.

अप्रैल-जुलाई में रेलवे का रिकॉर्ड ऑपरेटिंग रेश्यो आया है जो कि 111 फीसदी पर है. ये उम्मीद से कम ट्रैफिक ग्रोथ और ऊंचे खर्चों को दिखाता है जिसमें बढ़ती पेंशन की देनदारी और ऑपरेशनल खर्चे शामिल हैं. रेलवे का ऑपरेटिंग रेश्यो काफी सालों से ऊपर है और लेकिन पिछले 5-6 सालों से ये 90 फीसदी के दायरे में चल रहा था यानी रेलवे को 100 रुपये कमाने के लिए करीब 90 रुपये खर्च करने पड़ रहे थे. साल 2017-18 में ये 96 फीसदी थी पूरे साल के लिए ऑपरेटिंग रेश्यो का लक्ष्य 92.8 फीसदी पर रखा गया था.

ऑपरेटिंग रेश्यो वो पैमाना है जिसके तहत राजस्व की तुलना में खर्चों की गणना की जाती है. इसके जरिए ऑपरेशनल खर्चों को ऑपरेशनल राजस्व से भाग दिया जाता है जो कि किसी संस्थान के प्रदर्शन को नापने में मदद करता है. ऊंचे ऑपरेटिंग रेश्यो का ये साफ मतलब है कि ये राष्ट्रीय ट्रांसपोर्टर इतना पैसा नहीं पाती है कि नए निवेश कर सके. नई रेलवे लाइनें बिछाने, नए कोच बनाने और रेलवे के आधुनिकीकरण के काम नहीं किए जा सकते हैं.

रेलवे ने अप्रैल-जुलाई में 17,273.37 करोड़ रुपये की कमाई यात्री किरायों से की जबकि इसका लक्ष्य 17,736.09 करोड़ रुपये रखा गया था. वित्तीय वर्ष 2018-19 के पहले चार महीनों में रेलवे की कमाई इसके तय किए गए लक्ष्य से कम रही है. रेलवे के फाइनेंस विंग से ये आंकड़ा इकट्टा किया गया है. अप्रैल-जुलाई में रेलवे की सामान से होने वाली ढुलाई भी इसके अनुमानित लक्ष्य से कम रही है. ये चार महीनों में 36,480.41 करोड़ रुपये रही जबकि इसके लिए तय लक्ष्य 39,253.41 करोड़ रुपये था. चालू वित्तीय वर्ष में रेलवे की कुल कमाई 56,717.84 करोड़ रुपये रही है जबकि इसका लक्ष्य 61,902.51 करोड़ रुपये रखा गया था. रेलवे को चलाने का खर्च देखें तो अप्रैल-जुलाई के दौरान ये 52,517.71 करोड़ रुपये रहा जबकि इसकी तुलना में रेलवे ने 50,487.36 करोड़ रुपये की ही कमाई की थी. रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने जानकारी दी कि रेलवे को चलाने के खर्च के अलावा कुछ अन्य खर्चें भी हैं जिसके चलते ऑपरेटिंग रेश्यों इतना ज्यादा हो गया है.

 


पतंजलि ने प्ले स्टोर से हटाया एक दिन पहले लॉन्च किए किम्भो ऐप का ट्रायल वर्जन

पतंजलि ने प्ले स्टोर से हटाया एक दिन पहले लॉन्च किए किम्भो ऐप का ट्रायल वर्जन

20-Aug-2018

नई दिल्ली: योगगुरु बाबा रामदेव के नेतृत्व वाली पतंजलि आयुर्वेद ने अपने मैसेजिंग ऐप ‘किम्भो’ को गूगल प्ले स्टोर से गुरुवार को हटा लिया. कंपनी ने इसका ‘ट्रायल’ वर्जन प्ले स्टोर पर डालने के एक दिन बाद ही हटा लिया है. कंपनी ने आरोप लगाया कि यह स्वेदशी कंपनी के खिलाफ बहुराष्ट्रीय कंपनियों का षडयंत्र है. कंपनी ने कहा कि ऐप जल्द ही वापस आयेगा.

पतंजलि के प्रवक्ता एस के तिजारवाला ने ट्वीट में कहा कि पतंजलि किम्भो ऐप बहुराष्ट्रीय कंपनियों के षड्यंत्र का शिकार हुआ. हमें असुविधा के लिये खेद है. यह जल्द वापस आयेगा. उन्होंने ऐप को हटाने का कारण नहीं बताया है. उल्लेखनीय है कि पतंजलि ने बुधवार को किम्भो ऐप का ट्रायल वर्जन पेश किया था और कहा था कि पतंजलि 27 अगस्त को इसे आधिकारिक रूप से पेश करेगी. बता दें कि इस वर्ष 31 मई को पतंजलि ने किम्भो ऐप को पेश किये जाने के एक दिन बाद ही इसे गूगल प्ले स्टोर और ऐपल ऐप स्टोर से हटा लिया था. कंपनी ने कहा था कि इसे सिर्फ एक दिन ट्रायल के लिये जारी किया गया था. इस दौरान, कई प्रौद्योगिकी विशेषज्ञों ने ऐप में सुरक्षा खामियां उजागर की.


वेश्यावृत्ति मामले में जापान के चार खिलाड़ी एशियाई खेलों से बाहर

वेश्यावृत्ति मामले में जापान के चार खिलाड़ी एशियाई खेलों से बाहर

20-Aug-2018

जकार्ता : जापान के बास्केटबाल के चार खिलाड़ियों को वेश्याओं से संबंध बनाने के लिए पैसे देने के आरोप में एशियाई खेलों से बाहर कर स्वदेश वापस भेज दिया गया है. जापान ओलिंपिक समिति (जेओसी) ने सोमवार को कहा, ‘इन खिलाड़ियों को शहर के रेड लाइट (वेश्यावृत्ति का अड्डा) इलाके में राष्ट्रीय टीम की जर्सी में देखा गया था. इन्हें तत्काल यहां से जाने को कहा गया है.’ 

इन खलाड़ियों में यूया नागायोशी, तायुका हाशिमोतो, ताकुमा सातो, केइता इमामुरा शामिल हैं. जापान के लिए इसे बड़ी फजीहत की तरह देखा जा रहा है, क्योंकि वर्ष 2014 में हुए पिछले एशियाई खेलों में एक तैराक को पत्रकार का कैमरा चुराने के आरोप में स्वदेश भेजा गया था. जापानी दल के प्रमुख यासुहिरो यामाशिता ने कहा, ‘मुझे इस मामले को लेकर काफी शर्मिंदगी है. हम माफी मांगते हैं और अब से एथलीटों को पूरी तरह से मार्गदर्शन देने का इरादा है.’ उन्होंने कहा कि बास्केटबाॅल खिलाड़ी खेलगांव में खाना खाने के बाद सड़क पर दलाल के संपर्क में आ गये, जिसने उन्हें महिला के साथ होटल में जाने के लिए तैयार कर लिया.

जापान बास्केटबाॅल के प्रमुख युको मित्सुया ने एक कहा, ‘मैं इस दुःखद घटना के लिए जापान के नागरिकों, जेओसी और बास्केटबाॅल का समर्थन करने वाले हर किसी से विनम्रतापूर्वक माफी मांगना चाहता हूं.’ उन्होंने कहा, ‘हम सभी तथ्यों को सुनाने के बाद चारों खिलाड़ियों के खिलाफ उचित सजा पर फैसला करेंगे. हमें यह सुनिश्चित करने के लिए कड़ी मेहनत करने की जरूरत है कि इस प्रकार की घटना फिर से न हो.’


सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट डालने पर यूपी पुलिस लगाएगी ‘रासुका’

सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट डालने पर यूपी पुलिस लगाएगी ‘रासुका’

19-Aug-2018

यूपी पुलिस सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट से सोशल नेटवर्किंग साइटों पर धार्मिक उन्माद फैलाने की कोशिश करेगा तो उसके खिलाफ रासुका के तहत कार्रवाई करेगी  . एसएसपी के मुताबिक उन लोगों पर भी कार्रवाई की जाएगी, जो इस तरह के आपत्तिजनक तस्वीरों व मैसेज पर लाइक या कमेंट करते हैं और इसे अपनी आईडी से आगे प्रसारित करते हैं.
एसएसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि कुछ लोग धार्मिंक उन्माद फैलाने की नीयत से सोशल मीडिया बहुत ही बेहूदा पोस्ट डालते हैं. इससे समाज में धार्मिंक तनाव पैदा होता है. इस तरह का काम करने वालों पर अब पुलिस सख्ती से निपटेगी. इसलिए इन व्यक्तियों पर सामान्य धाराओं के साथ ही रासुका के तहत कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने बताया कि फेसबुक, ट्विटर और व्हाट्सएप पर जिले की साइबर सेल पैनी नजर रखेगी.
सोशल मीडिया पर निगरानी रखने के लिए प्रदेश सरकार मेरठ में सूबे की पहली सोशल मीडिया लैब स्थापित कर रही है. इसमें सोशल मीडिया पर डलने वाले आपत्तिजनक पोस्ट का बारीकी से अध्ययन किया जाएगा. इसमें यह देखा जाएगा कि आपत्तिजनक पोस्ट किसने डाला है. इसके बाद इसे कितने लोगों ने आगे फॉरवर्ड किया है. इसी के अनुसार लोगों पर कार्रवाई की जाएगी. 

 


मोदी सरकार के कार्यकाल से ज्यादा मनमोहन सिंह के कार्यकाल में सबसे तेज रही आर्थिक वृद्धि दर: रिपोर्ट

मोदी सरकार के कार्यकाल से ज्यादा मनमोहन सिंह के कार्यकाल में सबसे तेज रही आर्थिक वृद्धि दर: रिपोर्ट

18-Aug-2018

देश की आर्थिक वृद्धि दर का आंकड़ा 2006-07 में 10.08 प्रतिशत रहा जो कि उदारीकरण शुरू होने के बाद का सर्वाधिक वृद्धि आंकड़ा है। यह आंकड़ा पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कार्यकाल का है। आधिकारिक आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है। आजादी के बाद देखा जाए तो सर्वाधिक 10.2 प्रतिशत आर्थिक वृद्धि दर 1988-89 में रही। उस समय प्रधानमंत्री राजीव गांधी थे। समाचार एजेंसी भाषा के हवाले से एक न्यूज़ वेबसाइट में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रीय सांख्यिकी आयोग द्वारा गठित ‘कमेटी आफ रीयल सेक्टर स्टैटिक्स’ ने पिछली श्रृंखला (2004-05) के आधार पर जीडीपी आंकड़ा तैयार किया। यह रिपोर्ट सांख्यिकी और कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय की वेबसाइट पर जारी की गयी है।

रिपोर्ट में पुरानी श्रृंखला (2004-05) और नई श्रंखला 2011-12 की कीमतों पर आधारित वृद्धि दर की तुलना की गयी है। पुरानी श्रंखला 2004-05 के तहत सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर स्थिर मूल्य पर 2006-07 में 9.57 प्रतिशत रही। उस समय मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे। नई श्रृंखला (2011-12) के तहत यह वृद्धि दर संशोधित होकर 10.08 प्रतिशत रहने की बात कही गयी है। वर्ष 1991 में तत्कालीन प्रधानमंत्री पी वी नरसिम्हा राव की अगुवाई में शुरू आर्थिक उदारीकरण की शुरूआत के बाद यह देश की सर्वाधिक वृद्धि दर है।

रिपोर्ट के बाद कांग्रेस पार्टी ने ट्विटर पर लिखा है, ‘जीडीपी श्रृंखला पर आधारित आंकड़ा अंतत: आ गया है। यह साबित करता है कि संप्रग शासन के दौरान (औसतन 8.1 प्रतिशत) की वृद्धि दर मोदी सरकार के कार्यकाल की औसत वृद्धि दर (7.3 प्रतिशत) से अधिक रही।’ पार्टी ने कहा, ‘संप्रग सरकार के शासन में ही वृद्धि दर दहाई अंक में रही जो आधुनिक भारत के इतिहास में एकमात्र उदाहरण है।’ रिपोर्ट के अनुसार बाद के वर्षों के लिये भी जीडीपी आंकड़ा संशोधित कर ऊपर गया है। राष्ट्रीय सांख्यिकी आयोग ने इन आंकड़ों के संग्रह, मिलान और प्रसार के लिये प्रणाली तथा प्रक्रियाओं को मजबूत करने हेतु उपयुक्त उपायों का सुझाव देने के लिये समिति का गठन किया था।

 

 


स्पॉट फिक्सिंग मामले में दोषी, पाकिस्तान के बल्लेबाज नासीर जमशेद पर PCB ने लगाया 10 साल का प्रतिबन्ध

स्पॉट फिक्सिंग मामले में दोषी, पाकिस्तान के बल्लेबाज नासीर जमशेद पर PCB ने लगाया 10 साल का प्रतिबन्ध

17-Aug-2018

दिल्ली : पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने शुक्रवार(17 जुलाई) को घोषणा की कि पाकिस्तान के पूर्व सलामी बल्लेबाज नासिर जमशेद पर 10 साल का प्रतिबंध लगा दिया गया है। ख़बरों के मुताबिक, जमशेद पर ये प्रतिबंध PCB के भ्रष्टाचार विरोधी नियमों के बार-बार किए उल्लंघन के लिए लगाया गया है।

एक न्यूज़ वेबसाइट की रिपोर्ट के मुताबिक, बोर्ड की भ्रष्टाचार विरोधी युनिट ने पाकिस्तान सुपर लीग के 2016-17 सीजन के दौरान जमशेद को फिक्सिंग का दोषी पाया है। इस तीन सदस्यीय समिति ने फैसला किया है कि जमशेद को दस साल के लिए अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से बैन करने के साथ उन्हें पाकिस्तान क्रिकेट मैनेजमेंट में किसी भी पद पर काम करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। रिपोर्ट के मुताबिक, पीसीबी के वकील तफज़ुल रिज़वी ने अपने बयान में कहा, कुछ केस ऐसे होते हैं, जिन्हें जीतने के बाद भी आपको खुशी नहीं होती है। ये ऐसा ही केस था क्योंकि एक खिलाड़ी ने स्पॉट फिक्सिंग और उसकी रिपोर्ट बोर्ड को ना करने की वजह से अपना करियर बर्बाद कर लिया। नासिर जमशेद ने 2008 में इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू किया था, उन्होंने पाकिस्तान के लिए दो टेस्ट और 48 वनडे मैच खेले हैं।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले दो वर्षों में यह दूसरी बार नासिर जमशेद को दोषी ठहराया गया है। इससे पहले, पिछले साल दिसम्बर में जमशेद को 2017 पीएसएल स्पॉट फिक्सिंग मामले में सही से सहयोग न देने के लिए एक साल के लिए प्रतिबंधित किया गया था। इस साल की शुरुआत में जमशेद पर लगा यह प्रतिबंध समाप्त हुआ था, लेकिन अब उन पर एक बार फिर प्रतिबंध लग गया है।

 


पश्चिम बंगाल: तिरंगा फहराने मोबाइल टॉवर पर चढ़ा युवक, गिरकर मौत

पश्चिम बंगाल: तिरंगा फहराने मोबाइल टॉवर पर चढ़ा युवक, गिरकर मौत

16-Aug-2018

एजेंसियो से 

कोलकाता: पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में एक युवक की मौत उस वक्त हो गई जब वह स्वतंत्रता दिवस के मौके पर मोबाइल टॉवर पर चढ़कर झंडा फहराने की कोशिश कर रहा था। पुलिस ने बुधवार को इसकी जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि 19 वर्षीय युवक झंडा फहराने के लिए मोबाइल टॉवर पर चढ़ गया था और वह 80 फीट ऊंचाई से नीचे गिर गया जिसके बाद उसकी मौत हो गई। 

बता दें कि ऐसी ही एक घटना महाराष्ट्र में भी सामने आई जब एक बारामती में एक युवक झंडा फहराने के लिए टॉवर पर चढ़ गया था। लोगों ने उससे अपील की ताकि वो नीचे उतर आए लेकिन वो युवक इसके लिए तैयार नहीं था। आसपास के लोगों ने काफी विनती की लेकिन वो युवक नीचे नहीं उतरा। जब झंडारोहण कार्यक्रम के लिए इलाके की सांसद सुप्रिया वहां पहुंची, उन्होंने युवक से नीचे उतरने की अपील की। तब कहीं जाकर वह तैयार हुआ और नीचे उतरा। 


पीएम नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र वाराणसी सबसे गंदे स्टेशनों में शामिल

पीएम नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र वाराणसी सबसे गंदे स्टेशनों में शामिल

14-Aug-2018

दिल्ली 

तीसरे स्वच्छता सर्वेक्षण में राजस्थान के जोधपुर व मारवाड़ रेलवे स्टेशन सबसे स्वच्छ घोषित किए गए हैं, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी को सफाई के मामले में पलीता लग गया। वाराणसी का स्टेशन इस सर्वेक्षण में फिसलकर 69वें स्थान पर आ गया। पिछले साल इसका स्थान 14वां था। सोमवार (14 अगस्त, 2018) को स्वच्छता सर्वेक्षण रिपोर्ट को जारी करते हुए रेलमंत्री पीयूष गोयल ने कहा, “जोधपुर ए-1 स्टेशन श्रेणी के तहत सबसे स्वच्छ स्टेशन के रूप में सामने आया है। बीते साल विशाखापट्नम पहले स्थान पर था।”

उन्होंने कहा कि राजस्थान की राजधानी जयपुर का स्टेशन दूसरे नंबर पर है और आंध्र प्रदेश का तिरुपति स्टेशन तीसरे स्थान पर है। पिछले सर्वेक्षण में जोधपुर 17वें स्थान पर, जबकि जयपुर व तिरुपति क्रमश: 18वें व 19वें स्थान पर थे। वाराणसी रेलवे स्टेशन देश के सबसे व्यस्त 75 स्टेशनों में इस साल 69वें स्थान पर पहुंच गया। यह स्टेशन स्वच्छता सर्वेक्षण में 2017 में 14वें स्थान पर था।