मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के आव्हान पर, किसान कर रहे हैं गौठानों में पैरादान

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के आव्हान पर, किसान कर रहे हैं गौठानों में पैरादान

01-Dec-2022

'द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार 

बेमेतरा : सुराजी गांव योजना के अन्तर्गत गौठान में मवेशियों के लिए चारे की व्यवस्था के लिए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के आव्हान पर जिले के किसान स्वयं आगे आकर गौठानों में पैरादान कर रहे हैं। पर्यावरण को स्वच्छ एवं सुरक्षित रखने के साथ ही पैरादान से गौठान में आने वाले पशुओं हेतु चारे की पर्याप्त उपलब्धता हो रही है। कलेक्टर श्री जितेन्द्र कुमार शुक्ला की अपील पर  किसान स्वस्फूर्त गौठान में पैरा दान कर रहे हैं। 

जनपद पंचायत के सीईओ द्वारा भी किसानों को पैरादान करने हेतु प्रेरित किया जा रहा है। कल बेरला में आयोजित जिला स्तरीय जनचौपाल शिविर में बेरला के किसान संतोष नेताम गोपाल साहू, मुकुंद चंद जैन, विजय जैन, हर्षद जैन, कमल किशोर माहेश्वरी, भूषण ठाकुर, शैलेन्द्र भट्टर सहित अन्य किसानों ने एक-एक ट्रैक्टर-ट्राली पैरादान किया। विधायक एवं कलेक्टर बेमेतरा द्वारा इन किसानों का सम्मान किया गया।
  
गौरतलब है कि खरीफ फसलों के बाद रबी फसल की तैयारी हेतु पराली को जला देना एक अनियंत्रित दहन प्रक्रिया है, जिसके कारण कई प्रकार के ग्रीन हाउस गैसों का उत्सर्जन, ग्लोबल वार्मिंग, जैव विविधता का हनन, मानव व पशुओं के लिए स्वास्थ्य संबंधी खतरा, कार्बन का नुकसान, भूमि की उर्वरा शक्ति का नाश, भूमिगत सूक्ष्म जीव एवं लाभप्रद जीवों की मृत्यु हो जाती है। भूमि की उपजाऊ क्षमता कम होने के कारण फसलों का उत्पादन भी कम हो जाता है। सुराजी ग्राम योजना के तहत निर्मित गौठानो में पैरादान से यह समस्या दूर हो रही है। पैरा दान से पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य के साथ ही जैविक खाद निर्माण, मवेशियों के लिए चारे की उपलब्धता भी आसान हुई है।


मुख्यमंत्री बघेल के निर्देश पर प्रदेश में हो रहा है मजबूत सड़कों एवं पुलों का निर्माण...

मुख्यमंत्री बघेल के निर्देश पर प्रदेश में हो रहा है मजबूत सड़कों एवं पुलों का निर्माण...

30-Nov-2022

'द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार 

सड़क एवं पुलों के 520 कार्यों के लिए मिली 5680 करोड़ रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति

पूरे प्रदेश में युद्धस्तर पर जारी है सड़कों एवं पुल-पुलियों के निर्माण का कार्य

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के निर्देश पर छत्तीसगढ़ में आवागमन के साधनों को मजबूत करने के लिए सड़कों एवं पुलों का निर्माण कार्य किया जा रहा है। इसी के अंतर्गत छत्तीसगढ़ शासन द्वारा छत्तीसगढ़ रोड़ एवं इंफ्रास्ट्रक्चर डेव्लपमेंट कार्पोरेशन लिमिटेड अंतर्गत छत्तीसगढ़  के समस्त जिलों में आवागमन के साधनों  की मजबूती हेतु कुल 520 कार्यों के लिए 5680 करोड़ रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गयी है।   

इसमें 3110 किमी. की लंबार्इ  वाले महत्त्वपूर्ण 429 मार्गों के लिये 4891 करोड़ रूपए तथा 91 उच्चस्तरीय पुलों के निर्माण कार्यों हेतु 788 करोड़ रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गयी है। इसके तहत् अभी तक कुल 492 कार्यों हेतु 5460 करोड़ रूपए की लागत वाले कार्यों की निविदाएं स्वीकृत की जा चुकी है।

छत्तीसगढ़ रोड़ एवं इंफ्रास्ट्रक्चर डेव्लपमेंट कार्पोरेशन लिमिटेड से मिली जानकारी के अनुसार निर्माण कार्यों पर अभी तक 1109 करोड़ रूपए का व्यय किया गया है। वर्तमान में समस्त कार्य प्रगति पर है एवं निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण  कर लिये जायेंगे।

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के निर्देशानुसार प्रदेश में सड़कों के गड्ढों की  भराई एवं सड़कों के मरम्मत का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के परियोजना मण्डल बिलासपुर, मुंगेली, कोरबा एवं गौरेला पेण्ड्रा मरवाही जिले में 1258 कि.मी. लंबाई की कुल 352 सड़कों के मरम्मत एवं नवीनीकरण कार्य के लिए लगभग 160 करोड़ रु. की राशि की स्वीकृति प्राप्त हुई है।

कबीरधाम जिले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत वर्ष 2022-23 में नवीनीकरण के लिए कुल 67 सड़क, लंबाई 252.975 किलोमीटर के लिए 78 करोड़ 97 लाख 8028 रूपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। कबीरधाम से प्रमुख पर्यटन, धार्मिक एवं जन आस्था का केन्द्र भोरमदेव मंदिर पहुंच मार्ग 16 किलोमीटर सड़क लगभग 9 करोड़ 60 लाख 24 हजार रूपए की लागत से डामरीकरण का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। जिसे दिसबंर माह तक पूरा कर किया जाएगा।

इसी तरह से पूरे प्रदेश में सड़कों का निर्माण, मरम्मत तथा डामरीकरण का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के निर्देशानुसार सभी जिलों के कलेक्टर स्वयं इन कार्यों का निरीक्षण कर रहे हैं और मौके पर जाकर सड़कों एवं पुलों की गुणवत्ता भी परख रहे हैं ताकि प्रदेश की जनता को आवागमन की बेहतर सुविधा मिल सके।


नरवा विकास से बदली किसानों की किस्मत...

नरवा विकास से बदली किसानों की किस्मत...

30-Nov-2022

'द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार 

भौता में निर्मित अर्दन डेम से 100 एकड़ रकबा में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध

खारी नाला में 435 भू-जल संवर्धन संबंधी संरचनाओं का निर्माण प्रगति पर  

छत्तीसगढ़ : राज्य सरकार द्वारा संचालित सुराजी गांव योजना के तहत नरवा विकास कार्यक्रम अंतर्गत मनेन्द्रगढ़ वनमंडल के खारी नाला में लगभग 01 करोड़ रूपए की लागत राशि से अर्दन डेम का निर्माण किया गया है। इसके निर्माण से वन क्षेत्रों में जल के स्तर में वृद्धि के साथ-साथ 100 एकड़ रकबा में सिंचाई की सुविधा निर्मित हुई है। उक्त सुविधा के उपलब्ध होने पर वनांचल के किसानों के लिए खारी नाला अब मीठा एवं लाभप्रद साबित होने लगा है। 

गौरतलब है कि वनमंडल मनेन्द्रगढ़ अंतर्गत ग्राम पंचायत भौता के खारी नाला में 210 मीटर चौड़ाई एवं 10 मीटर ऊंचाई के अर्दन डेम निर्मित की गई है, जिसकी कुल लागत 01 करोड़ रूपए है।  इसका कैचमेंट एरिया 55.00 हेक्टेयर है। उक्त अर्दन डेम के निर्माण से निकटतम ग्रामों के लगभग 40 परिवार प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित होने लगे हैं। जिसमें से 5 सीमांत एवं 35 लघु किसानों के कुल 100 एकड़ रकबा सिंचित होगा एवं जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण से ग्रामों के आसपास क्षेत्रों एवं वन क्षेत्रों में जल के स्तर में वृद्धि होगी। इसके फलस्वरूप वनों के पुनरूत्पादन एवं घनत्व में सघन वृद्धि के साथ-साथ वन्यप्राणियों के लिए पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित हुई है। अन्य परिवारों द्वारा निस्तार के साथ-साथ मछली पालन से संबंधित आजीविका कार्य किया जा सकेगा। निर्मित अर्दन डेम से लगा गौठान बना हुआ है जो पशुधन हेतु लाभप्रद होगा। 

गौरतलब है कि वनमंत्री श्री मोहम्मद अकबर के कुशल मार्गदर्शन में वनांचल स्थित नालों में कैम्पा मद के तहत भू-जल संवर्धन संबंधी संरचनाओं का निर्माण तेजी से जारी है। इस तारतम्य में प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वनबल प्रमुख श्री संजय शुक्ला ने बताया कि मनेन्द्रगढ़ वनमंडल स्थित 15 किमी लम्बाई के खारी नाला में कैम्पा मद से वर्तमान में 435 भू-जल संवर्धन संबंधी संरचनाओं का निर्माण प्रगति पर है। इनमें से अब तक 385 भू-जल संवर्धन संबंधी संरचनाओं का निर्माण पूर्ण हो चुका है। इनके निर्माण के लिए कैम्पा की वार्षिक कार्ययोजना 2021-22 के तहत 4 करोड़ 10 लाख रूपए की राशि स्वीकृत है।


मछलीपालन बना अतिरिक्त आय का जरिया...

मछलीपालन बना अतिरिक्त आय का जरिया...

30-Nov-2022

'द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार 

कोण्डागांव : राज्य शासन द्वारा मछलीपालन को कृषि का दर्जा दिये जाने के फलस्वरूप प्रदेश सहित कोण्डागांव जिले के मछली पालक किसान उत्साहित हैं। राज्य शासन द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ उठाकर अब छत्तीसगढ़ की महिलाएं भी मछलीपालन करके आर्थिक सम्पन्नता की ओर अग्रसर हो रही हैं। वे स्वयं तो आत्मनिर्भर की ओर अग्रसर हो रही हैं साथ में अन्य लोगों को भी रोजगार के अवसर उपलब्ध करा रही हैं। कोण्डागांव जिले के फरसगांव ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत फुंडेर की श्रीमती मैनीबाई पति स्व. बिरजूराम मछलीपालन व्यवसाय अपनाकर आत्मनिर्भर बन चुकी हैं। इस कार्य से उन्हें बीते वर्ष 22 से 23 हजार रुपये तक की आमदनी हुई है। वहीं इस साल उक्त डबरी में फिर से मछलीपालन कर रही हैं।  

    फरसगांव ब्लाक के ग्राम पंचायत फुंडेर निवासी श्रीमती मैनीबाई पहले खेती-किसानी एवं मजदूरी कर अपना जीवन-यापन कर रही थीं। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजनान्तर्गत श्रीमती मैनीबाई को वर्ष 2020-2021 में स्वयं के 0.25 हेक्टेयर भूमि पर डबरी निर्माण कार्य की स्वीकृति प्राप्त हुई थी जिस पर मई 2021 में निर्माण कार्य पूरा किया गया। श्रीमती मैनीबाई बताती हैं कि इस डबरी में बीते वर्ष उनके द्वारा 5 किलोग्राम रोहू, कतला और तलबिया मछली के बीज डाला गया था, जिससे उन्हें गत् वर्ष 22 से 23 हजार रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ। इसे ध्यान देते हुए इस वर्ष उन्होंने डबरी में 7 किलोग्राम रोहू, कतला और तलबिया मछली के बीज डाला है। इसके साथ ही मत्स्यपालन विभाग के मैदानी अमले की सलाह पर मछलियों के बढ़वार हेतु खल्ली, चुन्नी चारा के साथ ही सड़े हुए गोबर के लड्डू दाना के रूप में दे रही हैं। वहीं समय-समय पर डबरी मंे जाल चलवा रही हैं। जिससे उन्हे इस वर्ष अच्छा उत्पादन होने की उम्मीद है। 

श्रीमती मैनीबाई को मछलीपालन व्यवसाय शुरू करने से अब अतिरिक्त आमदनी प्राप्त करने का जरिया मिला है और इस अतिरिक्त आय से वह अपनी रोजमर्रा के जीवन की सभी आवश्यकताओं को पूरा करने सहित बच्चों के पोषण पर ध्यान देने के साथ उन्हे अच्छी शिक्षा प्रदान कर रही हैं। वह बताती हैं कि इस अतिरिक्त आमदनी से वह बहुत उत्साहित हैं और भविष्य में इस व्यवसाय का विस्तार करेंगी।


बच्चों के साथ लैंगिक अपराध के प्रकरणों में उनकी पहचान उजागर करना दण्डनीय अपराध... पॉक्सो एक्ट के तहत हो सकती है कार्रवाई

बच्चों के साथ लैंगिक अपराध के प्रकरणों में उनकी पहचान उजागर करना दण्डनीय अपराध... पॉक्सो एक्ट के तहत हो सकती है कार्रवाई

28-Nov-2022

'द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार 

पॉक्सो एक्ट के तहत हो सकती है कार्रवाई

छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने पुलिस अधीक्षकों को  समुचित कार्रवाई करने की अनुशंसा

मीडिया से बच्चों के मामलों में संवेदनशीलता और सतर्कता से रिपोर्टिंग का अनुरोध

रायपुर : बच्चों के साथ लैंगिक अपराध होने के प्रकरणों में उनकी पहचान उजागर करना लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो एक्ट) की धारा 23 का उल्लंघन और दण्डनीय अपराध है। इसका उल्लंघन होने पर 06 माह से 01 वर्ष तक की सजा या जुर्माना या दोनों हो सकता है। छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने अनेक समाचार पत्र, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, वेब न्यूज पोर्टल के द्वारा ऐसे मामलों में बच्चों की पहचान उजागर करने पर पुलिस अधीक्षकों को समुचित कार्रवाई करने की अनुशंसा की है। 

आयोग ने ऐसे प्रकरणों में तत्काल संज्ञान लेकर प्रकाशित, प्रसारित समाचार में बच्चे की पहचान उजागर हो जाने की दशा में अविलंब प्रकरण दर्ज कर दोषियों के विरूद्ध नियमानुसार कार्रवाई कर आयोग को अवगत कराने कहा है। आयोग ने जनसंपर्क विभाग को पत्र लिखकर मीडिया का ध्यान इस ओर आकर्षित करने और ऐसे मामलों में नियमानुसार कार्रवाई करने की अनुशंसा की है। 

आयोग द्वारा जारी पत्र में बताया गया है कि लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 23 (2) में प्रावधान है कि किसी मीडिया से कोई रिपोर्ट, बालक की पहचान जिसके अंतर्गत उसका नाम, पता, फोटो चित्र, परिवार के ब्यौरे, विद्यालय, पड़ोस या अन्य किन्हीं विशिष्टियों को प्रकट नहीं करेगी, जिससे बालकों के पहचान का प्रकटन अग्रसारित होता हो। ऐसा नहीं करने पर धारा 23 (4) किसी भी प्रकार के कारावास से, जो 6 मास से अन्यून नहीं होगा, किंतु जो 01 वर्ष तक हो सकेगा या जुर्माने से या दोनों से, दण्डनीय होगा। 

छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण आयोग ने स्पष्ट किया है कि बच्चों के साथ लैंगिक अपराध होने की दशा में किसी भी प्रकार से पहचान प्रकट नहीं की जा सकती है। समाचार पत्रों, इलेक्ट्रानिक मीडिया, वेबपोर्टल या अन्य मीडिया के द्वारा संस्थाओं का नाम, फोटो आदि प्रकाशित किये जाने की घटनाएं घट रही हैं। आयोग द्वारा उक्त घटनाओं को रोकने तथा बच्चों को सुरक्षित व अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने की दृष्टि से बालक अधिकार संरक्षण आयोग अधिनियम के तहत अनुशंसा की है।


वजन त्यौहार 2022 के आंकड़े जारी: एक वर्ष में कुपोषण की दर में 2.1 प्रतिशत की आई कमी...

वजन त्यौहार 2022 के आंकड़े जारी: एक वर्ष में कुपोषण की दर में 2.1 प्रतिशत की आई कमी...

28-Nov-2022

'द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार 

बच्चों के कुपोषण की दर 19.86 से घटकर 17.76 प्रतिशत पर पहुंची

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की पहल पर प्रदेश में चलाए जा रहे कुपोषण मुक्ति के अभियान से मिल रहे सकारात्मक परिणाम 

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की पहल पर प्रदेश मेें कुपोषण मुक्ति के लिए चलाए जा रहे अभियान के लगातार सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा वजन त्यौहार 2022 के आंकड़े जारी कर दिए गए हैं। इसके अनुसार प्रदेश में पिछले एक वर्ष में कुपोषण के दर में 2.1 प्रतिशत की कमी आई है। वजन त्यौहार के आंकड़े देखें तो वर्ष 2019 में छत्तीसगढ़ में बच्चों में कुपोषण 23.37 प्रतिशत था, जो वर्ष 2021 में घटकर 19.86 प्रतिशत रह गया और 2022 में घटकर 17.76 प्रतिशत पर आ गया है। इस प्रकार पिछले तीन सालों में कुपोषण की दर में 5.61 प्रतिशत की कमी दिखाई दी है। 

गौरतलब है कि 02 अक्टूबर 2019 से प्रदेश में कुपोषण मुक्ति के लिए मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान शुरू किया गया है। इससे प्रदेश के लगभग 02 लाख 11 हजार बच्चे कुपोषण के चक्र से बाहर आ गए हैं। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-5 के 2020-21 में जारी रिपोर्ट के आंकड़े देखे जाएं, तो प्रदेश में 5 वर्ष तक बच्चों के वजन के आधार पर कुपोषण की दर 6.4 प्रतिशत कम होकर 31.3 प्रतिशत हो गई है। यह दर कुपोषण की राष्ट्रीय दर 32.1 प्रतिशत से भी कम है।

उल्लेखनीय है कि राज्य में बच्चों में कुपोषण दर के आंकलन हेतु हर साल वजन त्यौहार का आयोजन किया जाता है। वजन त्यौहार के दौरान प्रदेश के आंगनबाड़ियों में अभियान चलाकर बच्चों का वजन, ऊंचाई मापकर उनकी उम्र के आधार पर कुपोषण का आंकलन किया जाता है। इस दौरान बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण भी किया जाता है। संग्रहित आंकड़ों की ऑनलाइन सॉफ्टवेयर में एंट्री कर पारदर्शी प्रक्रिया अपनायी जाती है। इस वर्ष प्रदेश में अगस्त माह मंें वजन त्यौहार का आयोजन किया गया था। इस दौरान प्रदेश के 33 जिलांे के 23 लाख 79 हजार 29 बच्चों का वजन लिया गया। इनमें 19 लाख 56 हजार 616 बच्चे सामान्य पाए गए, जबकि 04 लाख 22 हजार 413 बच्चों में कुपोषण की स्थिति देखी गई। इनमें 86 हजार 751 बच्चे गंभीर कुपोषण और 03 लाख 35 हजार 662 बच्चे मध्यम कुपोषित मिले। इसी प्रकार बच्चों की ऊंचाई के आधार पर बौने बच्चों का भी आंकलन किया गया है। इन आंकड़ों को जिलेवार, परियोजनावार, पंचायत और आंगनबाड़ीवार पृथक-पृथक संकलित किया गया है, जिससे आंकड़ों का विश्लेषण कर उचित कार्ययोजना के साथ सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ा जा सके। इन परिणामों को सभी कलेक्टरों को भी भेजा गया है।  

मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान से मिले सकारात्मक परिणाम 
उल्लेखनीय है कि श्री बघेल की पहल पर मुख्यमंत्री सुपोषण योजना के माध्यम से कुपोषण मुक्ति के लिए प्रदेशव्यापी अभियान चलाया जा रहा है। महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य और सुपोषण को प्राथमिकता क्रम में रखते हुए इसके लिए राज्य में डीएमएफ, सीएसआर और अन्य मदों की राशि का उपयोग किये जाने की अनुमति मुख्यमंत्री श्री बघेल ने दी है। जनसहयोग भी लिया गया है। योजना के तहत कुपोषित महिलाओं, गर्भवती और शिशुवती माताओं के साथ बच्चों को गरम भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। राशन में आयरन और विटामिन युक्त फोर्टीफाइड चावल और गुड़ देकर लोगों के दैनिक आहार में विटामिन्स और मिनरल्स की कमी को दूर करने का प्रयास किया गया है। इसके साथ ही गुणवत्तापूर्ण पौष्टिक रेडी टू ईट और स्थानीय उपलब्धता के आधार पर पौष्टिक आहार देने की भी व्यवस्था की गई है। महिलाओं और बच्चों को फल, सब्जियों सहित सोया और मूंगफली की चिक्की, पौष्टिक लड्डू, अण्डा सहित मिलेट्स के बिस्कुट और स्वादिष्ठ पौष्टिक आहार के रूप में दिया जा जा रहा है। इससे बच्चों में खाने के प्रति रूचि जागने से कुपोषण की स्थिति में सुधार आया है। प्रदेश में कुपोषण मुक्ति के लिए विभिन्न विभागों के साथ योजनाओं कोे एकीकृत कर समन्वित प्रयास किये जा रहे हैं। इससे तेजी से महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य के साथ पोषण स्तर में सुधार देखा जा रहा है।

 


मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने संविधान दिवस की दी शुभकामनाएं...

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने संविधान दिवस की दी शुभकामनाएं...

26-Nov-2022

'द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार 

रायपुर : ओमुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने प्रदेशवासियों को 26 नवम्बर संविधान दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। श्री बघेल ने अपने शुभकामना संदेश मंे कहा है कि 26 नवम्बर 1949 को संविधान सभा ने भारतीय संविधान को अंगीकृत किया था। लंबे संघर्ष से मिली आजादी के बाद विविधता भरे भारत को एक मजबूत राष्ट्र के रूप मंे स्थापित करना एक महती जिम्मेदारी थी। बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के नेतृत्व में संविधान निर्माताओं ने सभी वर्गों की भावनाओं और जन अपेक्षाओं को संविधान में समाहित कर सशक्त राष्ट्र निर्माण के सपने को बखूबी पूरा किया है। श्री बघेल ने कहा कि हमें गर्व है कि भारतीय संविधान के निर्माण में छत्तीसगढ़ की अनेक विभूतियों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 


मुख्यमंत्री के आव्हान पर जिले के गोठानों में व्यापक पैमाने पर किसान कर रहे हैं पैरादान...

मुख्यमंत्री के आव्हान पर जिले के गोठानों में व्यापक पैमाने पर किसान कर रहे हैं पैरादान...

25-Nov-2022

'द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार 

जिले के गोठानों में 587 ट्रैक्टर ट्रॉली किया गया पैरादान

बिलासपुर : मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की अपील पर जिले के गोठानों में पशुओं के चारा के लिए किसान बड़ी संख्या में आगे आकर पैरादान कर रहे हैं। गोठानों में किसानों द्वारा पैरादान करने से गायों के लिए चारे की व्यवस्था आसानी से होगी। कलेक्टर श्री सौरभ कुमार के मार्गदर्शन में जिले में अभियान चलाकर पैरादान संग्रहण का कार्य किया जा रहा है।

जिले के 145 ग्राम पंचायतों में अब तक 587 ट्रैक्टर ट्रॉली पैरादान किया गया है। बिल्हा विकासखण्ड के 55 ग्राम पंचायतों में 251 ट्रैक्टर ट्रॉली, कोटा विकासखण्ड के 13 ग्राम पंचायतों में 92, मस्तूरी विकासखण्ड के 36 ग्राम पंचायतों में 115 और तखतपुर ब्लॉक के 41 ग्राम पंचायतों में 129 ट्रैक्टर ट्रॉली पैरादान आज तक किया गया है। पैरादान के लिए ग्राम पंचायत की महिलाएं भी अच्छी खासी रूचि दिखा रही है। गांव में पैरादान भरपूर होने से मवेशियों के लिए चारे की उपलब्धता बनी रहेगी। सुराजी ग्राम योजना के तहत निर्मित गोठानों में सालभर चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने की उद्देश्य से किसानों को पैरादान के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। गौरतलब है कि जिले में खरीफ धान फसल की कटाई में कबाईन हार्वेस्टर का बहुतायत में उपयोग होता है। हार्वेस्टर से कटाई उपरांत पैरा खेत में फैल जाता है। खेत में फैले पैरे को किसान आमतौर पर समेटते नहीं है और खेतों में जला देते है। इससे पर्यावरण प्रदूषित होता है और पशुओं के लिए चारा भी नहीं उपलब्ध हो पाता है। इन्हीं कारणों को देखते हुए पैरादान के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। कलेक्टर श्री सौरभ कुमार ने कृषि विभाग और जनपद पंचायतों के सीईओ को पत्र जारी किया है कि मैदानी अमले को गोठानों में अधिक से अधिक पैरादान करवाने के लिए निर्देशित करें। गोठानों में पैरादान प्रोत्साहन हेतु विकासखण्ड स्तर में प्रतियोगिता आयोजित कर सर्वाधिक पैरादान करने वाले किसानों और पैरादान से सर्वाधिक पैरा प्राप्त करने वाले गोठान समिति प्रबंधक को पुरस्कृत भी किया जाएगा।


बजट पूर्व बैठक में शामिल हुए मुख्यमंत्री बघेल, एनपीएस की 17,240 करोड़ की राशि लौटाने की मांग की

बजट पूर्व बैठक में शामिल हुए मुख्यमंत्री बघेल, एनपीएस की 17,240 करोड़ की राशि लौटाने की मांग की

25-Nov-2022

'द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार 

दिल्ली : बजट पूर्व बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने केंद्रीय वित्त मंत्री से एनपीएस की 17,240 करोड़ की राशि लौटने की मांग की। कहा राज्य का अंश पृथक पेंशन निधि में किया जाएगा जमा


मंत्रिपरिषद की बैठक 2022: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय...

मंत्रिपरिषद की बैठक 2022: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय...

24-Nov-2022

'द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार 

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में आज यहां उनके निवास कार्यालय में  आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में निम्नानुसार निर्णय लिया गया। 

  • जिला खनिज संस्थान न्यास से संपादित अधोसंरचना के कार्याें पर व्यय हेतु न्यास निधि में प्राप्त राशि से निश्चित प्रतिशत राशि के बंधन से मुक्त किए जाने के संबंध में छत्तीसगढ़ जिला खनिज संस्थान नियम 2015 में संशोधन किए जाने का निर्णय लिया गया है। 
  •  इसके तहत् डीएमएफ के अन्य प्राथमिकता मद में उपलब्ध राशि का 20 प्रतिशत सामान्य क्षेत्र में तथा 40 प्रतिशत अधिसूचित क्षेत्र में व्यय किए जाने के प्रावधान को समाप्त कर दिया गया है, इससे अधोसंरचना के कार्य को गति मिलेगी जिससे प्रदेश में सामाजिक एवं आर्थिक विकास तेजी से होगा।
  • नवीन मछली पालन नीति में संशोधन किए जाने के विभागीय आदेश का मंत्रिपरिषद द्वारा अनुमोदन किया गया। अब मछली पालन के लिए तालाब/जलाशय की नीलामी नहीं होगी। तालाब/जलाशय  10 वर्ष के लीज पर दिए जाएंगे। तालाब/जलाशय के पट्टा आबंटन में सामान्य क्षेत्र में ढीमर, निषाद, केंवट, कहार, कहरा, मल्लाह  के मछुआ समूह एवं मत्स्य सहकारी समिति को प्राथमिकता दी जाएगी। इसी तरह अनुसूचित जनजाति अधिसूचित क्षेत्र में अनुसूचित जनजाति वर्ग के मछुआ समूह एवं मत्स्य सहकारी समिति को प्राथमिकता दी जाएगी।
  • संशोधन प्रस्ताव के अनुसार ग्रामीण तालाब के मामले में अधिकतम एक हेक्टेयर के स्थान पर आधा हेक्टेयर तथा सिंचाई जलाशय के मामले में 4 हेक्टेयर के स्थान पर 2 हेक्टेयर प्रति सदस्य/प्रति व्यक्ति के मान से जल क्षेत्र आबंटित किए जाने का प्रावधान किया गया है। मछली पालन के लिए गठित समितियों का आडिट अब सहकारिता एवं मछली पालन विभाग की संयुक्त टीम करेगी। 
  • राज्य शासन छत्तीसगढ़ राज्य वनोपज संघ एवं निजी निवेशकों के मध्य सम्पादित त्रिपक्षीय एमओयू के आधार पर स्थापित वनोपज आधारित उद्योगों द्वारा जो उत्पाद निर्माण किए जाएंगे। छत्तीसगढ़ हर्बल ब्रांड के अंतर्गत 40 प्रतिशत की छूट के साथ क्रय करते हुए संजीवनी एवं अन्य माध्यमों से विक्रय हेतु शासन द्वारा निर्णय लिया गया है। इस निर्णय के फलस्वरूप उन उद्योगों को जो वनोपज आधारित उत्पादों का निर्माण करना चाहते हैं उनको बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ हर्बल के अंतर्गत अच्छी क्वालिटी के उत्पादों का विक्रय हो सकेगा। 
  • छत्तीसगढ़ लोक सेवा, अनुसूचित जातियों,अनुसूचित जनजातियों और अन्य पिछड़ा वर्गों के लिए आरक्षण संशोधन विधेयक 2022 के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। 
  •  छत्तीसगढ़ शैक्षणिक संस्था में प्रवेश में आरक्षण संशोधन विधेयक के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। 
  •  द्वितीय अनुपूरक अनुमान वर्ष 2022-23 का विधानसभा में उपस्थापन के लिए छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक 2022 का अनुमोदन किया गया। 
  •  ग्राम सेरीखेड़ी रायपुर पटवारी हल्का नम्बर 77 में स्थित शासकीय भूमि 9.308 हेक्टयर भूमि का आबंटन प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। 
  • प्रदेश के विभिन्न न्यायालयों में विचाराधीन साधारण प्रकृति के प्रकरणों को जनहित में वापस लिए जाने हेतु निर्धारित अवधि 31 दिसंबर 2017 को बढ़ाकर 31 दिसंबर 2018 करने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। 
  • मुख्यमंत्री जी के स्वेच्छानुदान राशि  70 करोड़ से बढ़ाकर 110 करोड़ किए जाने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। 
  • भारत सरकार के संशोधन के अनुसार राजस्व पुस्तक परिपत्र खंड 6 क्रमांक 4 में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा प्रस्तुत संशोधन प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। 

आपदा पीड़ित परिवारों को 32 लाख रूपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत...

आपदा पीड़ित परिवारों को 32 लाख रूपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत...

24-Nov-2022

'द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार 

जगदलपुर : कलेक्टर श्री चंदन कुमार द्वारा प्राकृतिक आपदा-दुर्घटनाओं से पीड़ित 08 परिवारों को 32 लाख रूपए की आर्थिक सहायता राशि प्रदान की गई है।

    इसमें तहसील भानपुरी ग्राम गुनपुर के निवासी लक्ष्मण की मृत्यु तालाब पानी में डूबने से पत्नि श्रीमती सम्पति को, ग्राम मुरकुची के निवासी सेवती की मृत्यु पानी में डूबने से पति श्री पीलाराम को, तहसील लोहण्डीगुड़ा ग्राम बड़ांजी के निवासी पुष्पलता की मृत्यु आकाशीय गाज गिरने से पति श्री बंशीधर को, तहसील तोकापाल ग्राम नैनमूर के निवासी लछनी की मृत्यु पानी में डूबने से पति श्री समलू को, तहसील बकावण्ड ग्राम बजावण्ड के निवासी जगबंधु की मृत्यु पानी में डूबने से पुत्र श्री भुवनेश्वर को, ग्राम लावागांव के निवासी छेडूराम की मृत्यु सांप काटने से पत्नि श्रीमती सोमारी को, तहसील बस्तर ग्राम करमरी के निवासी डाली की मृत्यु पानी में डूबने से पति श्री ईश्वर को और तहसील बास्तानार ग्राम सरगीगुड़ा के निवासी पाण्डू की मृत्यु  पानी मे डूबने से पिता गुण्डरू को 4-4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि दी गई।


पहले यूँ ही बह जाता था पानी, नाला बंधान से किसानों की बढ़ गई आमदनी...

पहले यूँ ही बह जाता था पानी, नाला बंधान से किसानों की बढ़ गई आमदनी...

24-Nov-2022

'द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार 

नरवा विकास योजना ने जिले के अनेक किसानों को दी संजीवनी

जांजगीर-चाम्पा : तीन साल पहले इस गांव के किसानों की तकदीर ऐसी न थीं, सब कुछ मौसम की मेहरबानी पर टिका था। कभी बारिश हुई तो ही खेतों और बाड़ी पर फसल या साग सब्जी ले पाते थे, वरना सबकुछ सूखा सूखा ही था। गांव के लोगों के पास सब्जी या फसल उत्पादन के लिए न तो पानी था और न ही उनकी आमदनी। यह किसान हितैषी मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की दूरदर्शी सोच ही थीं कि उन्होंने ग्राम सुराजी योजना के तहत नरवा योजना से छोटे-छोटे नदी-नालों को विकसित करने और आसपास के ग्रामीणों के लिए जल उपलब्ध कराने की कल्पना की। आखिरकार कुछ महीनों बाद उनकी यह कल्पना धरातल पर न सिर्फ साकार हुई, अपितु स्टापडेम व नाला बंधान जैसे कार्यों से ग्रामीणों को इतना पानी मिलने लगा कि वे हर मौसम में न सिर्फ अपनी बाड़ियों में सब्जी उत्पादन कर पाते हैं, धान सहित अन्य फसल लेकर अपनी आमदनी में भी इजाफा कर रहे हैं।

       जांजगीर-चाम्पा जिला वैसे भी कृषि प्रधान जिला और धान उत्पादन के मामले में अपनी पहचान रखता है, लेकिन जिले में अनेक ऐसे स्थान भी है जहाँ के किसानों को सिंचाई के लिए बारिश पर निर्भर रहना पड़ता था। जिले के गाँव गतवा में अनेक किसान है,जिनके बाड़ी या खेतों के करीब से कर्रा नाला गुजरता है। इस नाले में बारिश के दिनों में उफान और गर्मी में सूखे की स्थिति निर्मित हो जाती थी। यहीं एक बड़ी वजह थी कि आसपास के अनेक किसानों को बारिश के दो से तीन महीनों को छोड़कर अन्य मौसम में खाली बैठना पड़ता था। यहाँ के किसान अमृत लाल ने बताया कि दो-ढाई साल पहले बहुत विकराल स्थिति निर्मित होती थी। नाला में पानी इतना नहीं रहता था कि वे फसल ले पाए। अब स्टापडेम बन जाने के बाद वह धान के अलावा अन्य मौसम में गेहूँ के फसल भी ले पाता है। इसके साथ ही बाड़ी में सब्जी का उत्पादन भी कर लेता है। इससे उसे आर्थिक बोझ भी नहीं पड़ता। गाँव की ही महिला किसान मीना बाई ने एक बड़े हिस्से में सब्जी का उत्पादन किया है। उन्होंने बताया कि नाला का बंधान होने से साल भर लबालब पानी रहता है,जिससे वह भी साल भर सब्जी सहित फसल ले पाती है। उसने बताया कि उसे अब कभी भी सब्जियों के लिए बाजार नहीं जाना पड़ता। उन्होंने बताया कि पानी की पर्याप्त उपलब्धता को देखते हुए अपनी बाड़ी में गोभी, पालक, बरबट्टी, टमाटर, प्याज, लाल भाजी सहित अन्य सब्जियां उगाई है। इन सब्जियों को बेचकर कुछ कमा लेती है और उनके परिवार को अनावश्यक पैसे भी खर्च नहीं करने पड़ते। मीना बाई ने बताया कि 3 साल पहले उन्हें बहुत तकलीफ उठानी पड़ती थी। सब्जियों को खरीदने के लिए पैसे का बंदोबस्त करना बहुत ही कठिन था। उन्हें मजदूरी करनी पड़ती थी और कमाई के पैसे से घर का कुछ जरूरी सामान खरीदने की बजाय सब्जी में चला जाता था। अब ऐसा नहीं है। गांव के ही किसान पदुमन कश्यप ने बताया कि वह 30 डिसमिल क्षेत्र के बाड़ी में सब्जियां उगाता और जरूरत के हिसाब से सब्जी अपने पास रख बाकी बाजार में भी बेंच आता है। इससे उनकी कुछ आमदनी हो जाती है। यह सब कर्रा नाला के पानी से ही सम्भव हो पाया है। हमारे गांव के अनगिनत लोग इस पानी का उपयोग खेती और सब्जी उत्पादन में करते हैं। पहले स्टापडेम नहीं बनने से पानी नाले में हमेशा नहीं ठहरता था। जिससे निस्तारी सहित अन्य कार्यों के लिए पानी की समस्याएं उत्पन्न हो जाती थी। अब नाले में पानी लबालब रहने से मवेशियों के लिए पानी,ग्रामीणों के नहाने के लिए पानी और सब्जी उत्पादन के लिए भी पानी उपलब्ध हो जाता है। ग्राम गतवा के किसानों ने वन विभाग के माध्यम से कर्रा नाले में बने स्टापडेम को अपनी आमदनी और जीवनयापन का एक बड़ा जरिया बताया। किसानों ने कहा कि नरवा-गरवा का संरक्षण और किसानों के हित में राज्य सरकार द्वारा उठाए गए इस कदम से हम जैसे गरीब किसानों का बहुत भला हो रहा है। कर्रानाला से किसानों के अलावा वन विभाग की नर्सरी में तैयार होने वाले पौधों के लिए भी पानी की उपलब्धता हो रही है।

13 नालों में  6 लाख से अधिक संरचना
जिले में नरवा विकास कार्य के अंतर्गत 25006.006 हेक्टेयर वन क्षेत्र में 13 नालों पर कार्य स्वीकृत कर 6 लाख 22 हजार 250 नग संरचना बनाई गई है। कुल 12 हजार 617.92 हेक्टेयर क्षेत्र को उपचारित किया गया है। जिले में कर्रा नाला, गंगदेई नाला, केरवार, चौतरिया, कोतरी, कटिया नाला, गोदलिहा, मुड़ा नाला, तेवानाला, सुनबंधना, मसानिया और देवधारा नाला से पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। 

 


मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देशानुसार युद्ध स्तर पर जारी हैं सड़कों की मरम्मत के कार्य...

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देशानुसार युद्ध स्तर पर जारी हैं सड़कों की मरम्मत के कार्य...

23-Nov-2022

'द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार 

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत ग्रामीण सड़कों का हो रहा कायाकल्प

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के निर्देशानुसार प्रदेश में सड़कों के गड्ढों की  भराई एवं सड़कों के मरम्मत का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है।  सड़कों के मरम्मत एवं नवीनीकरण से पूरे प्रदेश में अब आवागमन  काफी आसान हो गया है। इसी कड़ी में बिलासपुर जिले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत निर्मित एवं 05 वर्ष से अधिक पुराने सड़कों के मरम्मत कार्य हेतु 327 कि.मी. लंबाई की कुल 96 सड़कों के लिये 55.39 करोड़ रुपए की राशि की स्वीकृति दी गई थी। 

मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार प्राप्त स्वीकृति पश्चात विभाग द्वारा बिलासपुर जिले के सभी विकासखण्डों में सड़कों के मरम्मत एवं नवीनीकरण का कार्य युद्ध स्तर पर प्रारम्भ कर दिया गया है। अभी तक 21 सड़कों का नवीनीकरण कार्य पूर्ण कर लिया गया है। शेष सभी ग्रामीण सड़कों के मरम्मत का कार्य जारी है। 

बिलासपुर लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता द्वारा बताया गया है कि शेष सभी सड़कों के मरम्मत एवं नवीनीकरण का कार्य मार्च 2023 तक पूर्ण कर लिया जायेगा । प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना द्वारा निर्मित सड़कों के मरम्मत एवं नवीनीकरण होने से क्षेत्रवासी काफी खुश हैं और इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल का आभार व्यक्त किया है।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के परियोजना मण्डल बिलासपुर के अधीक्षण अभियंता श्री संजय शर्मा ने बताया है कि बिलासपुर, मुंगेली, कोरबा एवं गौरेला पेण्ड्रा मरवाही जिले में 1258 कि.मी. लंबाई की कुल 352 सड़कों के मरम्मत एवं नवीनीकरण कार्य के लिए लगभग 160 करोड़ रु. की राशि की स्वीकृति प्राप्त हुई है। जिसके तहत् सभी जिलों में मरम्मत एवं नवीनीकरण का कार्य प्रारम्भ कर दिया गया है। अधीक्षण अभियंता द्वारा बताया गया कि सभी ठेकेदारों को मरम्मत कार्य पूरी गुणवत्ता से करने के निर्देश दिये गये है तथा ये कार्य मार्च 2023 के पूर्व अनिवार्यतः पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।


मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने किया कृष्ण कुंज का लोकार्पण...

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने किया कृष्ण कुंज का लोकार्पण...

23-Nov-2022

'द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार 

मुख्यमंत्री ने कपूर का पौधा भी लगाया

श्रीमती सूर्यमुखी देवी राजगामी संपदा न्यास राजनांदगांव द्वारा प्रदत्त खेल सामग्री, खिलाड़ियों को  वितरित की

वृक्षारोपण को जन-जन से जोड़ने और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने की दिशा में सार्थक साबित होंगे कृष्ण कुंज

राजनांदगांव  :  मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज राजनांदगांव विधानसभा क्षेत्र में भेंट मुलाकात कार्यक्रम के दौरान राजनांदगांव नगरीय निकाय में बनाए गए कृष्ण कुंज का लोकार्पण किया और कपूर का पौधा भी लगाया। मुख्यमंत्री ने यहां श्रीमती सूर्यमुखी देवी राजगामी संपदा न्यास राजनांदगांव द्वारा प्रदत्त खेल सामग्री, हॉकी स्टिक खिलाड़ियों को वितरित की । साथ ही उन्होंने 5 महिलाओं को सिलाई मशीन भी वितरित की। इस मौके पर खिलाड़ियों से बात कर मुख्यमंत्री ने उनका हौसला भी बढ़ाया। मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों को आशीर्वाद देते हुए तन और मन से खेलने कहा। 

राज्य शासन द्वारा सांस्कृतिक विरासत को सहेजने के लिए कृष्ण कुंज विकसित करने की पहल की गई है। पर्यावरण को सहेजने, पेड़ों को बचाने और आने वाली पीढ़ी को पर्यावरण और पेड़ों के महत्व के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से कृष्ण कुंज स्थापित किए जा रहे हैं । कृष्ण कुंज नगरीय क्षेत्रो में स्थापित किए जा रहे हैं, जहां बरगद ,पीपल,कदम,आम,इमली ,बेर ,जामुन ,गंगा बेर, शहतूत ,चिरौंजी, नीम, गूलर,पलाश ,अमरुद ,सीताफल, बेल जैसे अनेकों महत्व के पेड़ रोपण करने की कार्य योजना है।


मुख्यमंत्री ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय राजनांदगांव में पुलिस जन संवाद केन्द्र भवन का किया उद्घाटन...

मुख्यमंत्री ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय राजनांदगांव में पुलिस जन संवाद केन्द्र भवन का किया उद्घाटन...

23-Nov-2022

'द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार 

राजनांदगांव : मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने प्रदेशव्यापी भेंट-मुलाकात अभियान के दौरान आज पुलिस अधीक्षक कार्यालय राजनांदगांव में पुलिस जन संवाद कक्ष का उद्घाटन किया। पुलिस जन संवाद कक्ष के निर्माण होने से आम जनता से जुड़े विभिन्न विषयों पर बैठकें यहां आयोजित की जा सकेंगी। 

उल्लेखनीय है कि पुलिस अधीक्षक कार्यालय राजनांदगांव परिसर में पुलिस जन संवाद केन्द्र भवन का निर्माण किया गया है। जिसमें महत्वपूर्ण पर्वों के अवसर पर या कानून और व्यवस्था की स्थिति निर्मित होने पर सभी समाज प्रमुखों को आमंत्रित कर प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में शांति समिति की बैठक एवं आपराधिक प्रकरणों में पुलिस को मिली सफलता के संबंध पत्रकारवार्ता की जा सकेगी।


 मुख्यमंत्री बघेल ने भेंट-मुलाकात के दौरान राजनांदगांव क्षेत्र के लिए 63 करोड़ 61 लाख 21 हजार रूपए के 22 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया...

मुख्यमंत्री बघेल ने भेंट-मुलाकात के दौरान राजनांदगांव क्षेत्र के लिए 63 करोड़ 61 लाख 21 हजार रूपए के 22 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया...

23-Nov-2022

'द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार 

46 करोड़ 88 लाख 39 हजार रूपए के 17 कार्यों का भूमिपूजन एवं 16 करोड़ 72 लाख 82 हजार रूपए के 5 कार्यों का किया लोकार्पण

राजनांदगांव : मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने भेंट-मुलाकात कार्यक्रम के दौरान राजनांदगांव विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत 63 करोड़ 61 लाख 21 हजार रूपए के। 22 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। जिनमें 46 करोड़ 88 लाख 39 हजार रूपए के 17 कार्यों का भूमिपूजन एवं 16 करोड़ 72 लाख 82 हजार रूपए के 5 कार्यों का लोकार्पण किया गया। जिसमें कार्यपालन अभियंता लोक निर्माण विभाग राजनांदगांव के अंतर्गत 7 करोड़ 96 लाख 79 हजार रूपए के 3 कार्य, कार्यपालन अभियंता जल संसाधन संभाग के अंतर्गत 2 करोड़ 65 लाख रूपए का एक कार्य एवं कार्यपालन अभियंता सेतु निर्माण लोक निर्माण विभाग दुर्ग के अंतर्गत 6 करोड़ 11 लाख 3 हजार रूपए के कार्य का लोकार्पण किया गया।

इसी तरह मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी खण्ड राजनांदगांव के अंतर्गत 6 करोड़ 26 लाख 55 हजार रूपए के 7 कार्य, कार्यपालन अभियंताा जल संसाधन संभाग राजनांदगांव के अंतर्गत 2 करोड़ 67 लाख 25 हजार रूपए का 1 कार्य, कार्यपालन अभियंता ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग राजनांदगांव के अंतर्गत 15 लाख रूपए का 1 कार्य, कार्यपालन अभियंता लोक निर्माण विभाग राजनांदगांव के अंतर्गत 14 करोड़ 4 लाख 59 हजार रूपए के 7 कार्य तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला राजनांदगांव के अंतर्गत 23 करोड़ 75 लाख रूपए के एक कार्य का भूमिपूजन किया।


सुगम यातायात के लिए सुधरेंगी शहरों की सड़कें...

सुगम यातायात के लिए सुधरेंगी शहरों की सड़कें...

22-Nov-2022

'द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार 

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने प्रदेश के सभी शहरी क्षेत्रों में सुगम यातायात के लिए सड़कों के जरूरी सुधार कार्य करने के निर्देश दिए है। प्रदेश के सभी नगरी निकायों की सड़कें जहां रिपेयर की जरूरत है, पाटहोल या पेच रिपेयर की आवश्यकता है वह कार्य शीघ्र किया जायेगा। इसके लिए आवश्यक राशि आबंटन जारी कर दी गयी है। कलेक्टरों एवं नगरीय निकायों के अधिकारियों को अपने क्षेत्र की सड़कों को दुरूस्त करने के निर्देश दिए गए है। नगरीय प्रशासन एवं विकास  विभाग ने प्रदेश के सभी निकायों को अधोसंरचना मद के अंतर्गत राशि आबंटित की है। राज्य में 14 नगर पालिक निगमों को 70 करोड़ रूपए, 44 नगरपालिका परिषदो को 44 करोड़ और 112 नगर पंचायतों को 33 करोड़ 60 लाख रूपए की राशि उनके क्षेत्र की अंतर्गत शीघ्र ही सड़कों को सुधारने के लिए दी गई है। 


भेंट-मुलाकात : ग्राम सुरगी में इन समस्याओं पर हुई चर्चा...

भेंट-मुलाकात : ग्राम सुरगी में इन समस्याओं पर हुई चर्चा...

22-Nov-2022

'द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार 

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ महतारी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं माल्यार्पण के साथ भेंट-मुलाकात कार्यकम की शुरुआत की।

मुख्यमंत्री ने कहा उम्मीद से अधिक संख्या में लोग सुनने आये हैं, आज आप सभी से मिलने जनप्रतिनिधियों तथा अधिकारियों के साथ आया हूँ।

इससे पहले भी सुरगी आ चुका हूँ, दरी में बैठकर देर तक आपसे सुख-दुख की चर्चा हुई थी।

आप लोगों के लिए कर्जमाफी की, राजीव गांधी किसान न्याय योजना लेकर आये। सरकार बनने के बाद किसानों के हितों में किये गए वादों को पूरा करने का फैसला लिया।

समस्याओं पर चर्चा...

श्यामलाल देवांगन, देवादा ने बताया कि मेरी साढ़े पांच एकड़ खेती है। टोकन लूंगा। मैंने मासरी लगाया है

श्यामलाल ने भारतमाला के संबंध में अपनी समस्या रखी, जिस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने किसानों से कहा था कि इसके लिए हमने फैसला किया था कि अवार्ड पारित होने के बाद दोगुना राशि देंगे। 

मुख्यमंत्री ने बताया कि जो अवार्ड पहले दे दिया गया, उनका भूतलक्षी प्रभाव से भुगतान हुआ। उन्होंने मुआवजे के अलग वितरण पर कहा कि फैसला लेने के पूर्व जो अवार्ड हुए, उसमें कम राशि मिली।

तभी हमने फैसला किया था कि किसानों को दोगुना अवार्ड देंगे।
विस्तार से किसानो को बताया।


मुख्यमंत्री श्री बघेल को रानीतराई निवासी गंगा राम साहू, ने बताया कि एक एकड़ के लिए कर्जा लिया था। सब माफ हो गया
पैसा धान का लगातार मिल रहा है

उपरहा अर्थात एक्स्ट्रा पैसे का क्या कर रहे हो, पूछने पर गंगा ने बताया कि जो लाभ हुआ कि गन्ना लगा लिया।

गंगा ने पूछा कि मैं राजीव गांधी किसान न्याय योजना से चंदन का पौधा लगाना चाहता हूँ। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा, जरूर लगाएं।


मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शीतला माता मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और ख़ुशहाली की कामना की

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शीतला माता मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और ख़ुशहाली की कामना की

22-Nov-2022

'द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार 

राजनांदगांव : मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल आज भेंट-मुलाकात कार्यक्रम के लिए राजनांदगांव विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत सुरगी पहुंचे। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने ग्राम पंचायत सुरगी में माता शीतला मंदिर में पूजा कर प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि और ख़ुशहाली की कामना की। 

छत्तीसगढ़ में शीतला माता का विशेष महत्व और आस्था है। गांव में कोई भी शुभ और मंगल कार्य माता शीतला की पूजा कर की जाती है। छत्तीसगढ़ में विशेष आस्था के साथ शीतला माता की पूजा की जाती है। गांव में ऐसी मान्यता है कि शीतला माता की पूजा करने से गांव में किसी प्रकार की बीमारी या प्राकृतिक प्रकोप नहीं आता है। माता शीतला गांव की रक्षा करती है। इस विश्वास के साथ गांव में माता शीतला का विशेष महत्व होता है।


किसानों को कोदो से होने लगी करोड़ों की आय...

किसानों को कोदो से होने लगी करोड़ों की आय...

21-Nov-2022

'द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार 

मिलेट मिशन के चलते कोदो, कुटकी, रागी की खेती को मिला बढ़ावा

कोदो बीज बेचने से किसानों को हुई एक करोड़ 28 लाख रूपए की आय
 
एक साल में पांच गुना बढ़ गए कोदो बीज उत्पादक किसान 

बीज विक्रय से आमदनी में चार गुना इजाफा

मिलेट को बढ़ावा देने के मामले में छत्तीसगढ़ को मिल चुका है देश के सर्वश्रेष्ठ उदीयमान राज्य का सम्मान

छत्तीसगढ़ : छत्तीसगढ़ मिलेट मिशन के चलते राज्य में कोदो, कुटकी और रागी (मिलेट्स) की खेती को लेकर किसानों का रूझान बहुत तेजी से बढ़ा है। पहले औने-पौने दाम में बिकने वाला मिलेट्स अब छत्तीसगढ़ राज्य में अच्छे दामों में बिकने लगा है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की विशेष पहल के चलते राज्य में मिलेट्स की समर्थन मूल्य पर खरीदी होने से किसानों को करोड़ों रूपए की आय होने लगी है। बीते सीजन में किसानों ने समर्थन मूल्य पर 34298 क्विंटल मिलेट्स 10 करोड़ 45 लाख रूपए में बेचा था। छत्तीसगढ़ देश का इकलौता राज्य है, जहां कोदो, कुटकी और रागी की समर्थन मूल्य पर खरीदी और इसके वैल्यू एडिशन का काम भी किया जा रहा है। कोदो-कुटकी की समर्थन मूल्य पर 3000 प्रति क्विंटल की दर से तथा रागी की खरीदी 3377 रूपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदी की जा रही है।  

     छत्तीसगढ़ राज्य बीज प्रमाणीकरण संस्था के सहयोग एवं मार्गदर्शन से किसान कोदो के प्रमाणित बीज का उत्पादन कर अच्छा खासा मुनाफा अर्जित करने लगे हैं। बीते एक सालों में प्रमाणित बीज उत्पादक किसानों की संख्या में लगभग 5 गुना और इससे होने वाली आय में चार गुना की वृद्धि हुई है। वर्ष 2021-22 में राज्य के 11 जिलों के 171 कृषकों द्वारा 3089 क्विंटल प्रमाणित बीज का उत्पादन किया गया, जिसे बीज निगम ने 4150 रूपए प्रति क्विंटल की दर से किसानों से क्रय कर उन्हें एक करोड़ 28 लाख 18 हजार रूपए से अधिक की राशि भुगतान किया है। राज्य के किसानों द्वारा उत्पादित प्रमाणित बीज, सहकारी समितियों के माध्यम से बोआई के लिए प्रदाय किया जा रहा है।

      बीज प्रमाणीकरण संस्था के अपर संचालक श्री ए.बी.आसना ने बताया कि वर्ष 2020-21 में राज्य में 7 जिलों के 36 किसानों द्वारा मात्र 716 क्विंटल प्रमाणित बीज का उत्पादन किया गया था। इससे उत्पादक किसानों को 32 लाख 88 हजार रूपए की आमदनी हुई थी, जबकि 2021-22 में कोदो बीज उत्पादक किसानों की संख्या और बीज विक्रय से होने वाला लाभ कई गुना बढ़ गया है। बीते तीन वर्षो में कोदो प्रमाणित बीज उत्पादक किसानों ने एक करोड़ 65 लाख 18 हजार 633 रूपए का बीज, छत्तीसगढ़ बीज एवं विकास निगम को विक्रय किया है।

       अपर संचालक श्री आसना ने बताया कि ऐसी कृषि भूमि जहां धान का उत्पादन नाममात्र उत्पादन होता है, वहां कोदो की खेती किया जाना ज्यादा लाभकारी है। कोदो की खेती की कम पानी और कम खाद की जरूरत पड़ती है। जिसके फलस्वरूप इसकी खेती में लागत बेहद कम आती है और उत्पादक कृषकों को लाभ ज्यादा होता है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2019-20 में राज्य में मात्र 103 क्विंटल प्रमाणित बीज उत्पादन हुआ था। मिलेट्स मिशन लागू होने के बाद से छत्तीसगढ़ राज्य बीज प्रमाणीकरण संस्था द्वारा अन्य शासकीय संस्थानों से समन्वय कर कोदो बीज उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है, जिससे बीज उत्पादन में लगातार वृद्धि हो रही है।    

       गौरतलब है कि मिलेट्स की खेती को बढ़ावा देने के मामले में छत्तीसगढ़ राज्य को राष्ट्रीय स्तर का पोषक अनाज अवार्ड 2022 सम्मान भी मिल चुका है। राज्य में मिलेट्स उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए इसको राजीव गांधी किसान न्याय योजना में शामिल किया गया है। मिलेट्स उत्पादक कृषकों को प्रोत्साहन स्वरूप प्रति एकड़ के मान से 9 हजार रूपए की आदान सहायता भी दी जा रही है। 

      राज्य में कोदो, कुटकी और रागी की खेती को राज्य में लगातार विस्तारित किया जा रहा है, जिसके चलते राज्य में इसकी खेती का रकबा 69 हजार हेक्टेयर से बढ़कर एक लाख 88 हजार हेक्टेयर हो गया है। मिलेट की खेती को प्रोत्साहन, किसानों को प्रशिक्षण, उच्च क्वालिटी के बीज की उपलब्धता तथा उत्पादकता में वृद्धि को ध्यान में रखते हुए राज्य में मिलेट मिशन संचालित है। 14 जिलों ने आईआईएमआर हैदराबाद के साथ छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के प्रयास से मिलेट मिशन के अंतर्गत त्रिपक्षीय एमओयू भी हो चुका है। छत्तीसगढ़ मिलेट मिशन के तहत मिलेट की उत्पादकता को प्रति एकड़ 4.5 क्विंटल से बढ़ाकर 9 क्विंटल यानि दोगुना किए जाने का भी लक्ष्य रखा गया है।