सूरजपुर : अवैध रेत परिवहन रोकने खनिज एवं राजस्व विभाग की संयुक्त कार्रवाई

सूरजपुर : अवैध रेत परिवहन रोकने खनिज एवं राजस्व विभाग की संयुक्त कार्रवाई

25-Sep-2021

द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा 

सूरजपुर : कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह के द्वारा जिले में अवैध रेत खनन और अवैध रेत परिवहन रोकने के निर्देश दिए गए है इसके परिपालन में खनिज विभाग एवं राजस्व विभाग के संयुक्त दल ने 23 सितम्बर 2021 को आकस्मिक निरीक्षण के दौरान ग्राम बंजा, गेलहापारा तहसील भैयाथान स्थित कोलुहा नदी में कार्यवाही करते हुए जेसीबी ऑपरेटर छुबुलपाल निवासी कुसमुसी, वाहन मालिक अद्राज सिंह बंजा निवासी के सोनालिका ट्रेक्टर से 3 घनमीटर एवं संजय सिंह निवासी बंजा भैयाथान के महेन्द्रा ट्रेक्टर से 3 घनमीटर एवं इन्हीं के जेसीबी के द्वारा रेत खनन करते मौके पर पाया गया दोनोें ट्रेक्टर सहित जेसीबी जप्त करते हुए थाना बसदेई को सुपुर्द कर प्रकरण दर्ज की कार्रवाई की गई।


राजनांदगांव  के बहुचर्चित भाजपा नेता व ठेकेदार संजीव जैन आत्महत्या कांड में पुलिस ने हैरान करने वाला खुलासा ?

राजनांदगांव के बहुचर्चित भाजपा नेता व ठेकेदार संजीव जैन आत्महत्या कांड में पुलिस ने हैरान करने वाला खुलासा ?

13-Sep-2021

राजनांदगांव TNIS  के जिला प्रतिनिधि की रिपोर्ट के अनुसार राजनांदगांव जिले के बहुचर्चित भाजपा नेता व ठेकेदार संजीव जैन आत्महत्या कांड में पुलिस ने बड़ा  खुलासा किया है। पुलिस ने बीजेपी नेता को आत्महत्या के लिए उकसाने के पीछे अनैतिक सम्बन्ध से ब्लैक मेल और ठगी  को कारण बताया है। पुलिस का दावा है कि मामले में मुख्य आरोपी मानसी यादव नाम की महिला है। वह रायपुर की रहने वाली है। पुलिस के मुताबिक मानसी यादव द्वारा संजीव जैन से फोनकॉल के माध्यम से दोस्ती की गई। इसके बाद रिश्ते बढ़ाकर ब्लैकमेलिंग का सिलसिला शुरू किया गया। इस पूरी साजिश को महिला के पति और देवर ने उसके साथ मिलकर रचा। बीजेपी नेता संजीव जैन से आरोपियों ने करीब 1 करोड़ 75 लाख रुपये ठग लिए थे।
राजनांदगांव के बीजेपी नेता व ठेकेदार 56 वर्षीय संजीव जैन का बीते 10 अगस्त को फांसी के फंदे पर लटका हुआ शव बरामद किया गया था। पुलिस ने इस मामले में बीते 11 सितंबर को बड़ा खुलासा किया। इस चर्चित सुसाइड केस में मानसी यादव और उसके पति ललित सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मामले का एक अन्य आरोपी मानसी यादव का देवर कौशल सिंह अब भी फरार है। ललित सिंह और कौशल सिंह मूलत: उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। बताया जा रहा है कि संजीव जैन को तीनों आरोपी पिछले 8 साल से ब्लैकमेल कर रहे थे। पूरी वारदात को फिल्मी अंदाज में अंजाम दिया गया।
 
राजनांदगांव की एडिशनल एसपी प्रज्ञा मेश्राम ने बताया कि आरोपियों ने पूछताछ में बड़े खुलासे किए हैं। ब्लैकमेलिंग की स्क्रिप्ट मानसी यादव, उसके पति और देवर ने मिलकर तैयार की थी। इसके तहत मानसी द्वारा संजीव जैन के मोबाइल फोन पर कॉल किया गया और फिर रॉन्ग नंबर कहकर कॉल कट कर दिया गया। इसके बाद लगातार कॉलिंग होती रही और इसी तरह मानसी ने संजीव से दोस्ती कर ली। फोन पर की गई ये दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदल गई और फिर दोनों के बीच शारीरिक संबंध बनने शुरू हो गए।
 
पुलिस मुताबिक संजीव जैन से संबंध बनने के बाद मानसी, उसके पति और देवर ने ब्लैकमेलिंग शुरू की। मानसी यादव अपने अकाउंट में धीरे-धीरे कर संजीव जैन से करीब पौने 2 करोड़ रुपये ट्रांसफर करवा लिये। पैसे लेने के पीछे मानसी अपनी सरकारी नौकरी, कार व घर खरीदने का हवाला देती थी। पुलिस ने बताया कि 8 सालों से मानसी की डिमांड पूरी करते-करते संजीव परेशान हो गया था। पैसे नहीं देने पर आरोपी उसके घर में संबंधों की बात कहने और दूसरे तरीकों से ब्लैकमेल करते थे। इससे तंग आकर ही संजीव जैन ने आत्महत्या कर ली थी। सुसाइड नोट और बैंक अकाउंट के आधार पर पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
 
पुलिस के मुताबिक मानसी यादव रायपुर की रहने वाली है, जिसकी शादी मेरठ में रहने वाले ललित सिंह से हुई है। ललित सिंह आठवीं बटालियन राजनांदगांव में आरक्षक के रूप में पदस्थ था और उसका देवर कौशल सिंह उत्तर प्रदेश के मेरठ में रहता है। बताया जा रहा है कि राजनांदगांव में रहते हुए ही उसको संजीव जैन के बारे में पता चला था। संजीव की आत्महत्या के बाद बसंतपुर पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही थी। पुलिस ने मानसी यादव को रायपुर से गिरफ्तार किया है, जब वह अपने घर तीजा मनाने आई थी और उसके पति भी उसके साथ ही था।

 

 


जागरूकता ही बचाएगी डेंगू के डंक से  दिन के समय रखें विशेष ध्यान

जागरूकता ही बचाएगी डेंगू के डंक से दिन के समय रखें विशेष ध्यान

11-Sep-2021

रायपुर KPN 

कोविड संक्रमण काल में मच्छर जनित रोगों से जागरूक होकर ही लड़ा जा सकता है। आसपास सफाई के साथ-साथ पानी एकत्रित नहीं होने पाए इसका सभी को विशेष ध्यान रखना होगा । इसके लिए स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम द्वारा कोरोना वायरस के साथ-साथ डेंगू के प्रसार को भी रोकने का प्रयास किया जा रहा है ।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.मीरा बघेल ने कहा, ‘’जागरूकता ही डेंगू के डंक से बचाती है, डेंगू एडीज एजिप्टी रोग वाहक मच्छर के द्वारा फैलता है। इस रोग का प्रसार अधिकतर जुलाई से नवंबर माह के मध्य तक होता है। यह मच्छर घर के अंदर और उसके आसपास के स्थानों पर रहता है, वहीं पर पलता है और केवल दिन के समय में ही काटता है।

यह एक प्रभावित व्यक्ति से दूसरे स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में तेजी से प्रसार करता है। डेंगू बुखार की रोकथाम एवं निवारण में जागरूकता की महत्वपूर्ण भूमिका है।  डेंगू में रोगी के शरीर पर बुखार के साथ साथ लाल दाने निकल आते हैं। दो से सात दिनों की अवधि के तीव्र ज्वर के साथ सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, बदन दर्द, शरीर पर महीन दाने एवं खराश होने पर रोगी संदेहात्मक श्रेणी में होता है। प्रारंभिक लक्षण तथा परीक्षण जांच के आधार पर डेंगू के संभावित रोगियों की पहचान की जाती है।“

डॉ. बघेल कहती है,  “वर्तमान समय में रुक-रुक कर हो रही बारिश भी डेंगू के लार्वा को पनपने के लिए एक अनुकूल मौसम प्रदान कर रही है मलेरिया विभाग द्वारा मच्छर के अंडे, लार्वा को नष्ट करने के लिए पूर्व से ही उचित कार्रवाई की जा रही है । क्योंकि रुक रुक कर होने वाली वर्षा में लार्वा को पनपने के लिए स्वच्छ पानी मिल जाता है और वह तेजी से विकसित हो जाते हैं ।

डेंगू नियंत्रण के लिए लोगों को नियमित रूप से घरों की छत और घर में रखे गमले की ट्रे, कूलर, पानी की टंकी को खाली कर सुखाने के पश्चात उपयोग करना चाहिए। मच्छरों को पनपने से रोकने के लिए घर और आसपास पुराने टायर, मटके, कबाड़ आदि में बरसात का पानी एकत्रित ना होने दें । घर के बाहर छोटे गड्ढों में मिट्टी का भराव करें। जिससे मच्छरों के प्रजनन को कम किया जा सके। पानी के फैलाव को रोकने के लिए नियमित रूप से साफ-सफाई और दवाई का छिड़काव करते रहें। साथ ही नालियों की साफ-सफाई और घर के आस-पास पानी के टैंकों की नियमित रूप से साफ-सफाई रखें।“

डेंगू बीमारी के लक्षण

तेज बुखार, उल्टी आना, शरीर पर लाल चकते पड़ना है। बुखार को कन्ट्रोल करने के लिए चिकित्सीय परामर्श लें। हर बुखार डेंगू का नही होता है, डेंगू के लक्षण होने पर समय से डॉक्टर की सलाह लें और डॉक्टर की सलाह पर ही दवा का सेवन करें।

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मिला सहारा, जिंदगी चली दुबारा  स्पर्श क्लीनिक से मिली नई जिंदगी

मिला सहारा, जिंदगी चली दुबारा स्पर्श क्लीनिक से मिली नई जिंदगी

10-Sep-2021

मिला सहारा, जिंदगी चली दुबारा

स्पर्श क्लीनिक से मिली नई जिंदगी

पति के किसी अन्य महिला से रिश्ते को लेकर डिप्रेशन में गई सुचिता (बदला हुआ नाम) को जीवन लीला समाप्त करना ही अंतिम विकल्प लग रहा था । दिन भर रोना, उदास रहना, खाने पीने में मन न  लगना, और चिड़चिड़ापन इतना बढ़ गया की  बात-बात पर आत्महत्या के ख्याल आने लगे ।

इसी बीच सुचिता की सहेली ने उससे जिला अस्पताल, पंडरी में स्थित स्पर्श क्लीनिक जाकर अपनी समस्या बताएँ तो निश्चित रूप से उसकी मानसिक समस्या का निराकरण होगा ।

 शादीशुदा सुचिता (40) को अपने विवाह के 7 साल बाद पता चला  कि  उनके पति का किसी अन्य महिला से संबंध है ।

संबंधों के शक को लेकर बात बढ़ती गई और एक दिन उन्होंने इन सब संबंधों का राज पता चल गया  जिस के बाद धीरे धीरे सुचिता डिप्रेशन में चली गई और अपनी जीवन लीला को समाप्त करने का विचार उसके मन में आने लगा ।

स्पर्श क्लीनिक की साइकोलॉजिस्ट ममता गिरी गोस्वामी कहती हैं ‘’जब सुचिता  उसके  पास आई तो  सबसे पहले  उसका पीएचयू (पेशेंट हेल्थ क्वेश्चनायर ) भरवाया गया जो आत्महत्या की ओर बढ़ रहे लोगों के लिए एक टूल होता है । ``जब हमने उनसे चर्चा कर नतीजा निकाला तो वह मॉडरेट लेवल का डिप्रेशन में थी ।  इस प्रश्नावली  में रोजमर्रा  से जुड़े सवाल होते हैं  जिसमें  अंक दिये जाते  है ।‘’ 

 विश्लेषण में पाया गया सुचिता आत्मग्लानि और असफल महसूस कर रही थी । किसी भी काम में उनका मन  नहीं था।  बातचीत के दौरान उनमें एकाग्रता  की कमी भी थी । ``इस बातचीत के दौरान हमने पाया की वह अपने बच्चों से बहुत प्यार करती थी  और तब  हमें वह चाबी  मिल गई जिससे हम उन्हें आत्महत्या की  सोच  से बाहर निकाल पाए,’’ ममता गिरी ने बताया ।

 ``हमने उनकी 15 -15  दिन के अंतराल से चार बार काउंसलिंग की गई और साथ में उनके पति को  भी एक बार काउंसलिंग  के लिए बुलाया गया । पति को  यह  समझाया गया कि अगर वह  पत्नी का सहयोग नहीं करते हैं और इस बीच  पत्नी ने कोई कदम उठा लिया तो  उसकी सरकारी नौकरी भी जा सकती है साथ ही   न्यायिक परेशानियों से भी परेशान हो सकते हैं,’’ ममता गिरी ने बताया  ।

सुचिता कहती है समय रहते उनको  सहेली से सहारा मिला जिसने  उससे  जिला अस्पताल पंडरी में स्थित स्पर्श क्लीनिक के बारे में बताया  जहां उससे  सहारा मिल और जिंदगी  दुबारा चल पड़ी ।


छत्तीसगढ़ में पूंजी निवेश की अपार संभावनाएं : मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल

छत्तीसगढ़ में पूंजी निवेश की अपार संभावनाएं : मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल

03-Sep-2021

ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट ’इन्वेस्टगढ़ छत्तीसगढ़ 2022’ का आयोजन नवा रायपुर में 27 जनवरी से 1 फरवरी 2022 तक 

राज्य सरकार की नयी औद्योगिक नीति से पूंजी निवेश  के लिए बना सकारात्मक वातावरण

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पौने तीन साल में 132 एमओयू के जरिए 58,950 करोड़ रुपए का पूंजी निवेश 
प्रस्तावित, 1564 नयी औद्योगिक इकाईयां हुई स्थापित

 छत्तीसगढ़ में वैश्विक निवेश आकर्षित करने के लिए नवा रायपुर में ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट 2022 ’इन्वेस्टगढ़ छत्तीसगढ़’ का आयोजन 27 जनवरी 2022 से 01 फरवरी 2022 तक किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज यहां अपने निवास कार्यालय में आयोजित ’इन्वेस्टगढ़ छत्तीसगढ़ परियोजना’ के उद्घाटन समारोह में ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट 2022 की औपचारिक घोषणा की। उन्होंने इस अवसर पर इन्वेस्टगढ़-छत्तीसगढ़ का लोगो (प्रतीक चिन्ह) और वेबसाइट लांच की। 

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में औद्योगिक विकास और पूंजी निवेश की अपार संभावनाएं हैं। राज्य सरकार ने उद्योग हितैषी नई औद्योगिक नीति तैयार की है। राज्य में अधिक से अधिक निवेश आकर्षित करने के लिए आवंटित भूमि की दरों में 30 प्रतिशत तथा लीज रेंट की दरों में एक प्रतिशत की कमी करने के साथ औद्योगिक भूमि को फ्री-होल्ड, आंशिक हस्तांतरण की प्रक्रिया को सरल किया गया है। उद्योगों के लिए सिंगल विन्डो स्थापित करने के साथ अनेक रियायतें और विशेष पैकेज तथा परिवहन अनुदान की सुविधा देने जैसे कदम उठाए गए है। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ में निवेश के फायदों की जानकारी देते हुए कहा कि राज्य शासन की ओर से दिए जा रहे प्रोत्साहन के साथ अच्छी परिवहन प्रणाली, बढ़िया कानून व्यवस्था, भरपूर पानी, देश के प्रमुख बाजारों तक आसान पहुंच, कम उत्पादन लागत जैसे बहुत से लाभ उद्योगों को मिलते है। उन्होंने कहा कि कोरोना संकट के बावजूद छत्तीसगढ़ में अर्थव्यवस्था गतिशील बनी रही। कृषि जैसे अनेक महत्वपूर्ण काम रूकने नहीं दिया गया। श्री बघेल ने कहा कि ग्लोबल इंवेस्टर्स मीट के दौरान राज्य सरकार द्वारा स्थानीय कम्पनियों और उद्योगों के लिए ‘गो-ग्लोबल‘ की पहल की जाएगी ताकि स्थानीय उद्योगपति भी वैश्विक स्तर पर अपने व्यवसाय का प्रसार कर सके। 
 
इस अवसर पर उद्योग मंत्री श्री कवासी लखमा, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू, उद्योग विभाग के प्रमुख सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ, मुख्यमंत्री के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम के प्रबंध संचालक श्री अरूण प्रसाद, उद्योग विभाग के संचालक श्री अनिल टुटेजा भी उपस्थित थे। इस कार्यक्रम से वियतनाम, मलेशिया, सिंगापुर, लंदन, यूएसए, दुबई, इजिप्ट आदि अनेक देशों से निवेशक समुदाय के प्रतिनिधि वर्चुअल रूप से जुड़े।

    मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की अगुवाई में छत्तीसगढ़ वाणिज्य एवं उद्योग विभाग द्वारा ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट 2022 का आयोजन किया जा रहा है। ’इन्वेस्टगढ़ छत्तीसगढ़’ के आयोजन के माध्यम से राज्य में 50 बिलियन डॉलर से अधिक वैश्विक निवेश आकर्षित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। नया रायपुर में आयोजित होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट, 2022 की मेजबानी अंतर्राष्ट्रीय स्तर की कंसलटेंसी फर्म मेसर्स एडूविजन इंडिया प्रायवेट लिमिटेड ब्रैण्डनेम ’विएक्सपोइंडिया’ द्वारा की जाएगी। आज इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा ’विएक्सपोइंडिया’ के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। राज्य सरकार की ओर से उद्योग विभाग के प्रमुख सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ और विएक्सपोइंडिया के सीईओ श्री के. विनोथ कुमार ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। उद्योग विभाग के प्रमुख सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ ने ग्लोबल इंनवेस्टर्स मीट के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। विएक्सपोइंडिया के सीईओ श्री विनोथ कुमार और श्री जैसन राजकुमार ने भी अपने विचार व्यक्त किए। 

    कंसलटेंसी फर्म मेसर्स एडूविजन इंडिया प्रायवेट लिमिटेड, ने कई हाईप्रोफाइल प्रोजेक्ट का नेतृत्व किया है। इस फर्म ने वर्ल्ड बैंक एवं तेलंगाना सरकार के साथ भी कार्य किया है। ’विएक्सपोइंडिया’ द्वारा ’इन्वेस्टगढ़ छत्तीसगढ़’ परियोजना के आयोजन के लिए विस्तृत परियोजना प्लान तैयार किया गया है। कम्पनी द्वारा परियोजना की पूरी लागत सरकार का सहयोग प्राप्त कर प्रायोजकों के माध्यम से जुटाई जायेगी। एमओयू के तहत राज्य शासन द्वारा ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट, 2022 के आयोजन के लिए ’विएक्सपोइंडिया’ को नवा रायपुर में स्थल निःशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा। ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट 2022 का फोकस मुख्य रूप से एग्रीकल्चर, माईनिंग, हैवी इंजीनियरिंग एण्ड फैब्रिकेशन, ग्रीन एनर्जी के साथ फार्मासियूटिकल और आटोमोबाइल क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने में होगा। विएक्सपोइंडिया द्वारा ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट के संबंध में प्रस्तुतिकरण भी दिया गया। 

’इन्वेस्टगढ़ छत्तीसगढ़’ परियोजना का कुल बजट लगभग रूपये 107 करोड़ प्रस्तावित किया गया है। इस परियोजना के माध्यम से चरणबद्ध तरीके से राज्य में 50 बिलियन डालर का निवेश आकर्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। छत्तीसगढ़ में निवेश को बढ़ावा देने के लिए आयोजित की जा रही ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट के माध्यम से विश्व के प्रमुख निवेशक समुदायों, कंपनियों, बिजनेस लीडर, राज्य सरकार के अधिकारी, स्थानीय उद्योगपतियों को एक ही मंच पर आने का अवसर मिलेगा, इससे राज्य के औद्योगिक विकास को गति मिलेगी और रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे। विएक्सपोइंडिया द्वारा ग्लोबल इंवेस्टर्स मीट में शामिल होने वाले निवेशक समुदायों और वैश्विक कम्पनियों को छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाओं और इससे मिलने वाले लाभ, राज्य सरकार की नीति, प्रक्रिया, नियमों की जानकारी देने के साथ उनकी जिज्ञासाओं का समाधान करेगी। 

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2018 में छत्तीसगढ़ में नयी सरकार के गठन के बाद नये औद्योगिक और आर्थिक वातावरण का निर्माण हुआ है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य सरकार ने नयी उद्योग नीति का निर्माण कर कृषि और वन आधारित उद्योगों को प्राथमिकता देने के साथ-साथ निवेश के लिए अनुकूल वातावरण के निर्माण के लिए विशेष पैकेज और रियायतें दी हैं। साथ ही उद्योगों की स्थापना तथा संचालन के नियमों का भी सरलीकरण किया है। 

राज्य में 1 जनवरी 2019 से 6 अगस्त 2021 तक नये उद्योगों की स्थापना के लिए 132 एमओयू किए गए हैं, जिसमें 58 हजार 950 करोड़ रूपए का पूंजी निवेश प्रस्तावित है। इससे 78 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। इसमें कोर सेक्टर के साथ ही साथ एथेनॉल, फूड सेक्टर, फार्मास्युटिकल, इलेक्ट्रानिक्स, डिफेंस, सोलर आदि क्षेत्रों की परियोजनाएं शामिल हैं। राज्य में इस अवधि में 1564 नयी औद्योगिक इकाईयां स्थापित हुई हैं, जिसमें 30 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। वर्तमान में राज्य की महत्वाकांक्षी औद्योगिक परियोजना बायो एथेनॉल संयंत्र की स्थापना हेतु 13 एमओयू किए गए हैं, जिसमें लगभग 2 हजार 202 करोड़ रूपए का पूंजी निवेश प्रस्तावित है। 

 


जमीन के विवाद को सांप्रदायिक रंग देकर् असमाजिक तत्वों के द्वारा सामाजिक सौहार्द बिगाडने का प्रयास ?

जमीन के विवाद को सांप्रदायिक रंग देकर् असमाजिक तत्वों के द्वारा सामाजिक सौहार्द बिगाडने का प्रयास ?

01-Sep-2021

जमीन के विवाद को सांप्रदायिक रंग देकर् असमाजिक तत्वों के द्वारा सामाजिक सौहार्द बिगाडने का प्रयास ?
शांत प्रिय छत्तीसगढ़ राज्य मे भगवा आतंक की दस्तक

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मामला जशपुर जिले के ग्राम - पोस्ट चेटवा तहसील बटाइ केला में  प्रार्थी  अशरफ सलीम अंसारी पिता हनीफ अंसारी जिस का प्रकरण न्यायालय में लंबित चल रहा है, जिस पर भूमि के दूसरे पक्ष् के द्वारा कथित असमाजिक तत्वों के साथ मिल कर उक्त जमीन जिसमे प्रार्थी ढाबा संचालन कर रहा था वहाँ सांप्रदायिक माहौल बना कर आशांति फ़ैलाने का का प्रयास करते हुए आतंक की स्थिति बनाई जा रही हैं वहाँ असमाजिक तत्वों के द्वारा वर्ग विशेष के विरुद्ध सांप्रदायिक नारे लगा कर माहौल बना कर आतंक फैलाने का कार्य किया जा रहा  है 
 ये सभी असमाजिक तत्व उक्त भूमि विवाद से जुड़े  ब्रिज मोहन पिता अगानु के साथी बताये जा रहे है । जिन्हे बुलाकर निजी विवाद को सांप्रदायिक रूप देने का प्रायस किया जा रहा है जबकि इस घटना लिखित शिकायत जशपुर जिले के कलेक्टर और पुलिस आधीक्ष् क से की जा चुकी हैं ऐसी स्थिति मे पुलिस की उपस्थिति मे कथित असमाजिक तत्वों  के द्वारा नारे बाजी और गाली गलौज किया जाना किसी भी अप्रिय घटना का संकेत दे रहा है वही पुलिस विभाग की कोई कार्यवाही का नहीं होने से उन असामाजिक तत्वों के हौसले  है ,निजी समपत्ति  विवाद को एक वर्ग विशेष से जोड़ कर  आपत्ति जनक टिप्पणी और अभद्र व्यवहार  कथित असमाजिक तत्वों के द्वारा किया गया है वहाँ  भय और आतंक फैला कर डराया जा रहा है जिससे कथित असमाजिक तत्वों के हौसला बढ़ाने का ही काम कर रहा था जबकी स्थिति वहाँ बल प्रयोग करने जैसा था जिसे गंभीरता से प्रशासन नही लिया कल किसी भी अप्रिय घटना का जिम्मेदार कौन होगा इन लोगों गिरिफ्तरि नही होने की स्थिति में समाज के प्रतिनिधि उक्त घटना   जानकारी माननीय  मुख्य मंत्री जी के संज्ञान में भी लाने जल्द ही भेट करने वाले है 

 


छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का अहम् फैसला पत्‍नी के साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाना बलात्कार नहीं !

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का अहम् फैसला पत्‍नी के साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाना बलात्कार नहीं !

28-Aug-2021

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का अहम् फैसला पत्‍नी के साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाना बलात्कार नहीं !

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पत्नी के साथ रेप के मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कहा है कि अगर पत्नी कानूनी तौर पर विवाहित है और उसकी उम्र 18 साल से अधिक है तो पत्नी के साथ बलपूर्वक या उसकी इच्छा के विरुद्ध यौन संबंध या यौन क्रिया बलात्कार नहीं है। कोर्ट ने पति को बलात्कार के मामले में आरोपमुक्त कर दिया। हालांकि उसके ऊपर लगे अन्य आरोपों के मामले में आरोप तय कर दिए गए हैं। यह फैसला छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के जस्टिस एनके चन्द्रवंशी की कोर्ट ने दिया है।
 
बेमेतरा जिला निवासी एक महिला ने अपने 37 वर्षीय पति पर उसके साथ जबरदस्ती व उसकी मर्जी के खिलाफ शारीरिक संबंध बनाने का केस दर्ज कराया था। पत्नी ने पति और उसके परिवार के कुछ लोगों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का केस भी दर्ज कराया गया था। पत्नी का आरोप था कि साल 2017 में उसके विवाह के बाद पति ने उसके साथ कई बार उसकी मर्जी के खिलाफ शारीरिक संबंध बनाए और दहेज के लिए प्रताड़ित किया। कोर्ट ने इस मामले में कहा कि चूंकि पत्नी की उम्र 18 साल से अधिक हैं, ऐसे में किसी पुरुष द्वारा अपनी पत्नी के साथ यौन संबंध या यौन क्रिया बलात्कार नहीं है। पत्नी ने अपनी शिकायत में कहा था कि उसका पति उसके साथ अप्राकृतिक कृत्य करता है। इसके तहत वे उसके प्राइवेट पार्ट में उंगली डालता है और इतना ही नहीं एक बार उसने उसके निजी अंगों में मूली भी डाल थी। इस मामले में कोर्ट ने धारा 377 के तहत पति पर आरोप तय किए हैं। कोर्ट ने कहा है कि किसी भी तरह से अप्राकृतिक यौन संबंध बनाना अपराध है।


शत प्रतिशत कोविड का पहला डोज लगाने वाला राज्य का पहला जिला बना रायगढ़

शत प्रतिशत कोविड का पहला डोज लगाने वाला राज्य का पहला जिला बना रायगढ़

23-Aug-2021

सभी के साझा प्रयास से कोविड टीकाकरण में रायगढ़ जिला अव्वल

शत प्रतिशत कोविड का पहला डोज लगाने वाला राज्य का पहला जिला बना रायगढ़

दूसरे डोज को भी शत प्रतिशत जल्द हासिल करेंगे : सीएमएचओ डॉ. केसरी

टीका मिलना, योजना से बांटना, प्रचार-प्रसार और जागरूकता का योगदान : जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. भानू पटेल

रायपुर, 21 अगस्त 2021, राज्य में कोविड टीकाकरण के पहले लक्षित डोज को शत प्रतिशत प्राप्त करने वाला रायगढ़ पहला जिला बन गया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ट्वीट कर जिले के स्वास्थ्य अमले, प्रशासनिक व्यवस्था और जागरूक लोगों बधाई दी है। रायगढ़ कलेक्टर भीम सिंह ने इसे अधिकारियों-कर्मचारियों और लोगों की साझा मेहनत का परिणाम बताया है।

स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले की कुल आबादी 16.94 लाख में से 10.42 लाख लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया था। 19 अगस्त तक 99.8 प्रतिशत लोगों को टीका लग चुका था शेष 0.2 प्रतिशत लोगों को 20 अगस्त को टीका लगने के साथ ही शत प्रतिशत लोगों को टीके का पहला डोज लग गया। सारंगढ़ ब्लाक में आखिरी दिन 1,780 लोगों को टीका लगाया गया।

स्वास्थ्य विभाग में लक्षित डोज को समय से प्राप्त करने पर हर्ष व्याप्त है। बीते डेढ़ साल में विभाग में खुशी मनाने का यही एक मौका मिला है। लक्ष्य की प्राप्ति में सबसे महती भूमिका खंड चिकित्सा अधिकारी और खंड कार्यक्रम प्रबंधकों की रही जिन्होंने सबसे निचले स्तर पर कार्य किया और वैक्सीन लगवाने की पूरी  योजना बनायीं ।

कलेक्टर भीम सिंह ने भी इस उपलब्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जिस समय अन्य जिले 2,000-4,000 डोज के लिए राज्य स्तर पर वैक्सीन पाने के लिए संघर्ष कर रहे थे तब उन्होंने जिले को 1 लाख डोज तक दिलाया। 26 जून को टीका महाभियान चलवाया और पूरे टीकाकरण पर बराबर नजर रखे हुए हैं फिर चाहे वह सांरगढ़ जाकर लोगों को डोर-टू-डोर समझाना या फिर लैलूंगा में टीके के फायदे गिनवाना। जिला पंचायत सीईओ डा. रवि मित्तल ने जिला स्तरीय योजना बनाने और अपने विभाग के कर्मचारियों को इस टीकाकरण कार्य में लगाए रखा और सतत निगरानी करते रहे।

कोल्ड चैन को मेंटेन करते हुए रायपुर से कोविड वैक्सीन लाना और फिर उसे टीकाकरण केंद्रों तक बांटना भी चुनौतीपूर्ण था लेकिन स्वास्थ्य विभाग के टेक्नीशियन हलधर यादव, डीआईओ के सहायक चोलेश्वर पटेल और वाहन चालक लीनूस केरकेट्टा जो एक आदेश में रायगढ़ के धरमजगढ़ से रायपुर तक की दूरी बिना थके नाप देते और टीकाकरण सत्र शुरू होने से पहले आवश्यक डोज केंद्रों तक पहुंचा देते।

सभी का साझा प्रयास : डीआईओ डॉ. पटेल

जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. भानू पटेल बताते हैं, “शत प्रतिशत टीकाकरण सभी का साझा प्रयास है। इसमें अधिकारी हैं, कर्मचारी हैं और जागरूक लोग। सबसे पहले टीके की उपलब्धता जिसे जिलाधीश महोदय ने सबसे ज्यादा और सबसे पहले करवाया फिर उसे केंद्रों तक पहुंचाना, टीकाकरण केंद्र खोलना और वहां वैक्सीनेटर व बाकी स्टाफ रखना सभी शामिल हैं । अन्य विभागों से कर्मचारियों का सहयोग मिलना। इसके बाद लोगों को प्रेरित करना हर कदम पर सभी ने अपना भरपूर योगदान दिया। शहरी क्षेत्र में पार्षदों और ग्रामीण क्षेत्रों में पंच-सरपंचों ने स्वास्थ्य विभाग का सहयोग किया है”।

 

 

 

प्लानिंग के साथ सत्र रखा : सीएमएचओ डॉ. केसरी

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एसएन केसरी ने बताया,  “रायगढ़वासियों को बहुत-बहुत बधाई। सभी के सहयोग से जिल ने कोविड वैक्सीनेशन का पहला डोज शत प्रतिशत प्राप्त कर लिया है। हम छत्तीसगढ़ में पहले जिले हैं जिन्होंने यह लक्ष्य प्राप्त किया है। आप सभी के सहयोग से दूसरी डोज भी शत प्रतिशत पूरा करेंगे। कोविड वैक्सीनेशन के मामले में रायगढ़ जिला शुरुआत से ही बेहतर रहा है और हमने प्लानिंग के साथ टीकाकरण सत्र रखे और इसकी सतत निगरानी की। पूरे प्रशासनिक अमले और जनप्रतिनिधियों का हमें सहयोग मिला। लोगों की जागरूकता भी बड़ा फैक्टर है। “

मीडिया का सहयोग और डेटा एनालिसिस

सीएमएचओ कार्यालय के जिला डेटा मैनेजर लखन उरांव की मुस्तैदी टीकाकरण के प्रत्येक सेशन पर नजर रखे हुए थे। हर दो घंटे में जिला स्तर डेटा मुहैया कराना उन्ही की ही जिम्मेदारी है जिसके आधार पर आगे की प्लानिंग की जाती है। लखन और उनकी टीम ने समय रहते डेटा दिये और जिसके आधार पर कम समय में अधिक लक्ष्य हासिल हो पाया। वहीं स्वास्थ्य महकमा मीडिया को बराबर श्रेय देता है। उनके मुताबिक माडिया ने टीकाकरण के सत्र से लेकर जरूरत सब को बेहतर तरीके से कवर किया और टीके से संबंधित जानकारियों को समय रहते लोगों को तक पहुंचाया। लोगों को पता रहता था कि किस दिन कहां और कितने सेशन लगेंगे, इससे एक बड़ी आबादी प्रभावित हुई। 


अकलतरा जिला जांजगीर-चांपा से आई महिला के साथ गैंग रेप महिला काम की तलाश में रायपुर आयी थी

अकलतरा जिला जांजगीर-चांपा से आई महिला के साथ गैंग रेप महिला काम की तलाश में रायपुर आयी थी

19-Aug-2021

अकलतरा जिला जांजगीर-चांपा से आई महिला के साथ गैंग रेप महिला काम की तलाश में रायपुर आयी थी 

रायपुर। क्राइम बयूरो खुलासपोस्ट की खबर के अनुसार एक महिला निवासी अकलतरा जिला जांजगीर-चांपा ने थाना खमतराई में रिपोर्ट दर्ज कराया कि वह दिनांक 11.08.21 को अपने पति के साथ काम की तलाश में रायपुर आयी थी तथा अपने पति के साथ रात्रि लगभग 8 बजे एक परिचित से मिलने बंजारी मंदिर पास गये थे। इसी दौरान तीन लड़के प्रार्थिया एवं उसके पति का पीछा कर रहे थे। रात होने से प्रार्थिया अपने पति के साथ बंजारी मंदिर में जहां लोग सोते हैं, वहां पर बैठी थी कि रात्रि करीबन 12 बजे दो लड़के प्रार्थिया के पति के पास आए जो प्रार्थिया के पति को बुलाकर ले गए तथा एक लड़का बाहर खड़ा था। प्रार्थिया के पति को लेकर जाने के बाद तीनों लड़के रात्रि करीबन 12.40 बजे पुनः प्रार्थिया के पास आए तथा बोले कि तुमको तुम्हारे पति बुला रहे हैं। जिस प्रार्थिया उनके साथ जाकर पिकअप वाहन में बैठ गयी। इसी दौरान तीनों लड़के प्रार्थिया को पिकअप वाहन में बैठाकर खेत की ओर ले गये तथा दो लड़के प्रार्थिया के साथ बारी-बारी सामूहिक दुष्कर्म किये तथा एक लड़का रास्ते में उतरकर चला गया।
 
प्रार्थिया उन लड़कों से बोली उसे अपने पति के पास जाना है, तो वह लड़के बोले पुलिस को नहीं बताओगे तो तुम्हारे पति को छोड़ देंगे एवं प्रार्थिया को बंजारी मंदिर पास लाकर छोड़ दिए। प्रार्थिया मंदिर के पास पुलिस चौकी में गई, तब उसे पता चला कि उसका पति उन लोगों से स्वयं को छुड़ाकर भागकर थाना गया है एवं प्रार्थिया का मुलाकात उसके पति से थाना में हुआ। तब प्रार्थिया का पति बताया कि तीनों लड़के उसे पकड़कर कहीं ले जा रहे थे एवं उसका मोबाईल फोन भी लूट लिये थे। इसी दौरान प्रार्थिया का पति किसी प्रकार से स्वयं को उनसे छुड़ाकर भाग गया। जिस पर तीनों अज्ञात आरोपियों के विरूद्ध थाना खमतराई में अपराध क्रमांक 492/21 धारा 376, 376डी, 506बी, 392 भादवि. का अपराध पंजीबद्ध किया गया। घटना को पुलिस उपमहानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस महोदय अजय यादव द्वारा गंभीरता से लेते हुये अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर तारकेश्वर पटेल, नगर पुलिस अधीक्षक उरला विश्वदीपक त्रिपाठी एवं थाना प्रभारी खमतराई विनीत दुबे को अज्ञात आरोपियों की पतासाजी कर जल्द से जल्द गिरफ्तार करने हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये।
 
जिस पर थाना प्रभारी खमतराई विनीत दुबे के नेतृत्व में थाना खमतराई की एक विशेष टीम का गठन कर अज्ञात आरोपियों की पतासाजी प्रारंभ किया गया। घटना के संबंध में प्रार्थिया एवं उसके पति से विस्तृत पूछताछ की गई। टीम के सदस्यों द्वारा बंजारी मंदिर एवं उसके आसपास लगे सी.सी.टी.व्ही. कैमरों के फुटेजेस का अवलोकन करने के साथ ही तकनीकी विश्लेषण के माध्यम से भी अज्ञात आरोपियों की पहचान सुनिश्चित करने के प्रयास किये जा रहे थे। अज्ञात आरोपियों की पतासाजी के संबंध में मुखबीर भी लगाए गए। इसी दौरान अज्ञात आरोपियों की गिरफ्तारी में लगी टीम को घटना में संलिप्त आजाद नगर रावाभांठा खमतराई निवासी आरोपी राजेश कुमार साहू के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई, जिस पर टीम के सदस्यों द्वारा आरोपी की पतासाजी कर आरोपी राजेश कुमार साहू को पकड़ने में सफलता मिली।
 
प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर टीम के सदस्यों द्वारा आरोपी राजेश कुमार साहू से कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी द्वारा अपने अन्य दो साथी मुकेश साहू एवं संतोष बेलदार के साथ मिलकर उक्त घटना को कारित करना स्वीकार किया। जिस पर टीम के सदस्यों द्वारा घटना में संलिप्त आरोपी मुकेश साहू एवं संतोष बेलदार को भी पकड़ा गया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि दिनांक घटना को तीनों ने पहले प्रार्थिया के पति को बुलाकर उसे पकड़कर पिकअप वाहन में बैठाकर उसके मोबाईल फोन को लूट लिए एवं आउटर क्षेत्र में ले जा रहे थे। इसी दौरान प्रार्थिया का पति स्वयं को छुड़ाकर भाग गया। तीनों आरोपी पुनः बंजारी मंदिर आए एवं प्रार्थिया को पिकअप वाहन में बैठाकर आउटर क्षेत्र में ले जाकर आरोपी राजेश कुमार साहू एवं मुकेश साहू ने बारी-बारी प्रार्थिया के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया तथा आरोपी संतोष बेलदार रास्ते में उतरकर चला गया। आरोपी राजेश कुमार साहू एवं मुकेश साहू ने प्रार्थिया को पुनः बंजारी मंदिर पास ले जाकर छोड़ दिया।
 
तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनकी निशानदेही पर कब्जे से लूट की 01 नग मोबाईल फोन एवं घटना में प्रयुक्त पिकअप वाहन को जप्त किया। आरोपी राजेश कुमार साहू पिता भरत साहू उम्र 37 साल निवासी आजाद नगर रावाभांठा खमतराई रायपुर, मुकेश साहू पिता सेवा राम साहू उम्र 24 साल निवासी फुलवारी चौक रावाभांठा खमतराई रायपुर, संतोष बेलदार पिता कुंजल बेलदार उम्र 30 साल निवासी आजाद नगर रावाभांठा खमतराई रायपुर को गिरफ्तार करने में निरीक्षक विनीत दुबे थाना प्रभारी खमतराई, उपनिरीक्षक कमल नारायण शर्मा थाना खमतराई, सायबर सेल से प्रधान आरक्षक महेन्द्र राजपूत, सुरेश देशमुख, थाना खमतराई से आरक्षक सुदीप मिश्रा, पुष्पराज परिहार, सुनील सिलवाल, दीपक मिश्रा, विकास सिंह एवं आदित परिहार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।


जिला मुख्यालयों में आयोजित मुख्य समारोह में विधानसभा अध्यक्ष, मंत्रीगण और संसदीय सचिव फहराएंगे तिरंगा

जिला मुख्यालयों में आयोजित मुख्य समारोह में विधानसभा अध्यक्ष, मंत्रीगण और संसदीय सचिव फहराएंगे तिरंगा

11-Aug-2021

स्वतंत्रता दिवस समारोह - 2021 : मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल राजधानी रायपुर में करेंगे ध्वजारोहण

जिला मुख्यालयों में आयोजित मुख्य समारोह में विधानसभा अध्यक्ष, मंत्रीगण और संसदीय सचिव फहराएंगे तिरंगा

रायपुर : प्रदेश में 15 अगस्त 2021 को स्वतंत्रता दिवस पूरी गरिमा और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राऊण्ड में आयोजित मुख्य समारोह में ध्वजारोहण करेंगे। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत कोरिया जिला मुख्यालय में एवं उपाध्यक्ष श्री मनोज सिंह मण्डावी कोण्डागांव जिला मुख्यालय में आयोजित मुख्य समारोह में ध्वजारोहण करेंगे। अन्य जिला मुख्यालयों में मंत्रीगण और संसदीय सचिव राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे और मुख्यमंत्री का प्रदेश की जनता के नाम संदेश का वाचन करेंगे।

 राज्य शासन के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा प्रदेश के जिला मुख्यालयों में ध्वजारोहण हेतु मुख्य अतिथियों की सूची जारी कर दी गई है। गृह एवं लोक निर्माण मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू महासमुंद में, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा स्वास्थ्य मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव कबीरधाम में, कृषि एवं जल संसाधन मंत्री श्री रविन्द्र चौबे रायगढ़ में, वन एवं परिवहन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर दुर्ग में, स्कूल शिक्षा तथा अनुसूचित जाति तथा आदिम जाति विकास मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम कोरबा में, उद्योग एवं आबकारी मंत्री श्री कवासी लखमा बस्तर में, नगरीय प्रशासन एवं श्रम मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया सरगुजा में, खाद्य एवं संस्कृति मंत्री श्री अमरजीत भगत राजनांदगांव में, उच्च शिक्षा एवं खेल मंत्री श्री उमेश पटेल बलौदाबाजार-भाटापारा में, राजस्व एवं वाणिज्यिक कर मंत्री श्री जयसिंह अग्रवाल बिलासपुर में तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी एवं ग्रामोद्योग मंत्री श्री गुरू रूद्रकुमार मुंगेली मंे, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेंड़िया कांकेर जिला मुख्यालय में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में ध्वजारोहण करने के पश्चात मुख्यमंत्री का प्रदेश की जनता के नाम संदेश का वाचन करेंगे।

     इसी प्रकार संसदीय सचिव श्री यू.डी. मिंज बलरामपुर में, श्री विकास उपाध्याय बेमेतरा में, श्री रेखचंद जैन सुकमा में, श्री इन्द्रशाह मंडावी दंतेवाड़ा में, श्री विनोद सेवनलाल चन्द्राकर धमतरी में, श्री चिन्तामणि महाराज जशपुर में, श्री द्वारिकाधीश यादव गरियाबंद में, श्री शिशुपाल सोरी बीजापुर में, श्री पारसनाथ राजवाड़े गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में, सुश्री शकुंतला साहू सूरजपुर में, श्री गुरूदयाल सिंह बंजारे नारायणपुर में, डॉ. श्रीमती रश्मि आशीष सिंह बालोद में एवं श्री चन्द्रदेव प्रसाद राय जांजगीर-चांपा जिला मुख्यालय में आयोजित 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में ध्वजारोहण करने के बाद मुख्यमंत्री का प्रदेश की जनता के नाम संदेश का वाचन करेंगे।


भारत बचाओ आंदोलन  *छत्तीसगढ़ किसान सभा (CGKS)

भारत बचाओ आंदोलन *छत्तीसगढ़ किसान सभा (CGKS)

10-Aug-2021

*छत्तीसगढ़ किसान सभा (CGKS)*
*(अ. भा. किसान सभा - AIKS से संबद्ध)*
*नूरानी चौक, राजा तालाब, रायपुर, छग*

*केंद्र-राज्य की कॉर्पोरेटपरस्ती के खिलाफ पूरे प्रदेश में हुए धरना-प्रदर्शन, जलाई गई कृषि कानूनों की प्रतियां : खाद-बीज की कमी-कालाबाज़ारी और आदिवासियों पर राजकीय दमन का भी विरोध*

संयुक्त किसान मोर्चा, अखिल भारतीय किसान संघर्ष समिति और विभिन्न ट्रेड यूनियन संगठनों के आह्वान पर आज 9 अगस्त को पूरे छत्तीसगढ़ में भी 'भारत बचाओ, कॉर्पोरेट भगाओ' के नारे के साथ आंदोलन हुआ। यह आंदोलन कॉर्पोरेटपरस्त तीन किसान विरोधी कानूनों तथा मजदूर विरोधी श्रम संहिता को वापस लेने, फसल की सी-2 लागत का डेढ़ गुना न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित करने और किसानों की पूरी फसल की सरकारी खरीदी का कानून बनाने, बिजली कानून में जन विरोधी संशोधनों को वापस लेने, छत्तीसगढ़ में खाद-बीज-दवाई की कमी और बाजार में इसकी कालाबाज़ारी पर रोक लगाने, बिजली दरों में की गई वृद्धि वापस लेने, आदिवासियों पर हो रहे राज्य प्रायोजित दमन तथा विस्थापन पर रोक लगाने तथा इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों को सजा देने, प्रदेश के कोयला खदानों की नीलामी पर रोक लगाने, वनाधिकार कानून, पेसा और 5वीं अनुसूची के प्रावधान लागू करने, मनरेगा में 200 दिन काम देने, आयकर दायरे से बाहर हर परिवार को प्रति माह 7500 रुपये की नगद मदद करने तथा प्रति व्यक्ति हर माह 10 किलो अनाज सहित राशन किट मुफ्त देने की मांग पर आयोजित किया गया।

यह जानकारी छत्तीसगढ़ किसान सभा के प्रदेश अध्यक्ष संजय पराते और महासचिव ऋषि गुप्ता ने दी। उन्होंने बताया कि आदिवासी एकता महासभा के साथ मिलकर किसान सभा ने प्रदेश के अधिकांश जगहों पर स्वतंत्र रूप से, तो कुछ जगहों पर ट्रेड यूनियनों के साथ मिलकर धरना और प्रदर्शन आयोजित किये गए तथा अनेकों जगहों पर किसान-मजदूर विरोधी कृषि कानूनों और श्रम संहिता की प्रतियां जलाई गई। उनकी इस कार्यवाही को मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी सहित सभी वामपंथी पार्टियों का भी समर्थन प्राप्त था और वामपंथी कार्यकर्ता भी इन आंदोलनों में शामिल हुए। रायपुर, कोरबा, सरगुजा, सूरजपुर, रायगढ़, जांजगीर, बस्तर, बिलासपुर, मरवाही, कांकेर, राजनांदगांव, धमतरी सहित 20 से ज्यादा जिलों में ये आंदोलन आयोजित किये गए। संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से पूर्व सांसद हन्नान मोल्ला ने सफल विरोध कार्यवाहियां आयोजित करने के लिए प्रदेश की आम जनता और मजदूर-किसानों को बधाई दी है।

किसान सभा नेताओं ने कहा कि मोदी सरकार ने जिस तरह संसदीय प्रक्रिया को ताक पर रखकर और देश के किसानों व राज्यों से बिना विचार-विमर्श किये तीन कृषि कानून बनाये हैं, ये कानून अपनी ही खेती पर किसानों को कॉरपोरेटों का गुलाम बनाने का कानून है। इन कानूनों के कारण निकट भविष्य में देश की खाद्यान्न आत्म-निर्भरता ख़त्म हो जाएगी, क्योंकि जब सरकारी खरीद रूक जायेगी, तो इसके भंडारण और सार्वजनिक वितरण प्रणाली की व्यवस्था भी समाप्त हो जायेगी। इसका सबसे बड़ा नुकसान देश के गरीबों, भूमिहीन खेत मजदूरों और सीमांत व लघु किसानों को उठाना पड़ेगा। इसलिए इन कानूनों की वापसी तक छत्तीसगढ़ में भी आंदोलन जारी रहेगा।

उन्होंने कहा कि जब देश की जनता और अर्थव्यवस्था कोरोना संकट से बर्बाद हो रही है और आम जनता अपनी रोजी-रोटी गंवा रही है, उसे मुफ्त अनाज और नगद राशि से मदद करने के बजाय संघपरस्त मोदी सरकार ने अपनी तिजोरियों का मुंह देशी-विदेशी कॉरपोरेटों के लिए खोल दिया है और देश के प्राकृतिक संसाधनों और सार्वजनिक क्षेत्र के उद्योगों को उन्हें सौंपने की मुहिम चला रही है। इसका नतीजा है कि केवल अडानी और अंबानी मिलकर हर घंटे औसतन 200 करोड़ रुपये कमा रहे हैं, जबकि मोदी और भाजपा के पिछले सात सालों के राज में हर घंटे दो किसान आत्महत्या कर रहे हैं। किसान सभा नेताओं ने कहा कि इसलिए यह आंदोलन स्वतंत्र भारत के इतिहास में कार्पोरेट लूट के खिलाफ सबसे बड़ा जन आंदोलन है।

इस आंदोलन के जरिये राज्य की कांग्रेस सरकार की आदिवासी विरोधी नीतियों का भी विरोध किया गया। किसान सभा नेताओं ने कहा कि प्रदेश में कॉरपोरेटों द्वारा जल-जंगल-जमीन की लूट को आसान बनाने के लिए उन्हें अपनी भूमि से विस्थापित करने की नीति अपनाई जा रही है। प्रदेश के 17 कोयला खदानों की नीलामी से और बस्तर में नक्सलियों से निपटने के नाम पर आदिवासियों के संवैधानिक प्रावधानों को ताक पर रखकर उन पर गोलियां चलाये जाने से यह स्पष्ट है। 

*संजय पराते*, अध्यक्ष
(मो) 094242-31650
*ऋषि गुप्ता*, महासचिव
(मो) 094062-21661


सीएम की दौड़ से राज्य में हाईजैक मोड पर स्वास्थ्य सेवाएं- बिलासपुर में 200 करोड़ का सर्व सुविधा युक्त अस्पताल आज भी अधूरा-पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल

सीएम की दौड़ से राज्य में हाईजैक मोड पर स्वास्थ्य सेवाएं- बिलासपुर में 200 करोड़ का सर्व सुविधा युक्त अस्पताल आज भी अधूरा-पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल

09-Aug-2021

सीएम की दौड़ से राज्य में हाईजैक मोड पर स्वास्थ्य सेवाएं- बिलासपुर में 200 करोड़ का सर्व सुविधा युक्त अस्पताल आज भी अधूरा-पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल

  • लोक सुविधाएं और सेवाएं उपलब्ध कराने की बजाय प्रचार तंत्र के द्वारा ढिंढोरा पीटने वाली सरकार -श्री अमर  अग्रवाल
  • ओलंपिक में उपलब्धियों के लिए खिलाड़ियों को दी बधाई

रायपुर : पूर्व मंत्री श्री अमर अग्रवाल ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा है कि छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सुविधाएं बेहाल हैं, स्वास्थ्य विभाग पिछले ढाई वर्षो में हाईजैक मोड में रहा, सीएम के पद की भागदौड़ के चक्कर में लोकस्वास्थ के संवेदनशील विषयों पर भी सरकार संजीदा दिखाई नहीं देती । कोविद प्रबन्धन का मामला हो या महामारी उन्मूलन के लिए टीकाकरण का अभियान, छत्तीसगढ़ सरकार सतत और गुणवत्तापूर्ण लोक सुविधाएं और सेवाएं उपलब्ध कराने की बजाय प्रचार तंत्र के द्वारा ढिंढोरा पीटने वाली साबित हुई है।केंद्रीय स्वास्थ्य परियोजनाओ के समय पर  निष्पादन में छत्तीसगढ़ सरकार नुक्ताचीनी करने का कार्य करती है। खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना के अंतर्गत आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के परिवार  को शामिल कर  स्वास्थ्य बीमा योजना चलाई जा रही है,योजना लाभ लोगो को नहो मिल पा रहा है।

 श्री अमर अग्रवाल ने बताया क्षेत्र और प्रदेश के लोगों को स्थानीय स्तर पर सस्ते खर्च पर बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधा मिल सके इस हेतु  उनकी  परिकल्पना के आधार पर छत्तीसगढ़ का दूसरा मल्टीस्टोरी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल की सौगात केंद्र सरकार के द्वारा बिलासपुर को मिली।

200 करोड़ रुपए की इस परियोजना में 120 करोड़ रुपए केंद्र सरकार ₹80 करोड़  राज्य सरकार द्वारा खर्च किया जाना है। भू माफियाओं से  काबिज बिलासपुर शहर में सर्व सुविधा युक्त मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल के लिए जमीन का चुनाव का सबसे बड़ी चुनौती थी। श्री अग्रवाल ने कहा इस हेतु उन्होंने एग्रीकल्चर और  इंजीनियरिंग कॉलेज की जमीन का सर्वे कराया, कोनी में 50 एकड़ की जमीन का ड़ीमार्केशन कराया, राजस्व विभाग से भू आवंटन  कराया, स्थल चयन के साथ ड्राइंग डिजाइन प्रस्ताव भारत सरकार के केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा पारित कराया गया। पांच मंजिल से अधिक निर्माण कार्य के लिए अनुमति कराई गई।प्रथम किश्त जारी होते ही निर्माण कार्य आरंभ हुआ। केंद्र सरकार ने अपने हिस्से की राशि तत्काल जारी कर दी। निर्माण एजेंसी को भवन निर्माण एवं उपकरण खरीदी के लिए अलॉट आवंटन हुआ। 11 मंजिलों के सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के लिए 2020 डेड लाइन रखी गई थी, प्रारंभ में  तेजी से कार्य हुआ लेकिन जैसे ही राज्य में कांग्रेस की सरकार बनी सीएम की दौड़ में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव के बीच सत्ता संघर्ष की स्थिति से विकास कार्य अवरुद्ध हो गया। राज्य सरकार के द्वारा राज्याश भुगतान भी लंबित रखा गया, राज्य सरकार को राज्यांश की राशि चार किस्तों में देनी थी भाजपा सरकार के कार्यकाल में पहली किस्त जारी की गई थी,कालांतर में स्टेट के द्वारा राज्यांश को बिना कारण लंबित रखा गया और महामारी की आड़ में प्रोजेक्ट को एक्सटेंशन देने से परियोजना लागत बढ़ना लाजिमी  है। स्वास्थ्य परियोजनाओं का क्रियान्वयन करना राज्य सूची का विषय है बावजूद इसके सर्व सुविधा युक्त अस्पताल की कम खर्च स्वास्थ सेवाएं  लोगों को स्थानीय स्तर पर मिल जाये,इस हेतु राज्य सरकार के प्रयासों नाकाफी रहे है।

श्री अग्रवाल ने कहा उनके कार्यकाल में 2018  कोनी में सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल की मंजूरी मिलते ही  ड्राइंग डिजाइन  फाइनल कराकर शासन से हॉस्पिटल के निर्माण के लिए 1 अरब 99 करोड़ रुपए का प्रस्ताव  कराया गया। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम ने निरीक्षण परीक्षण करके प्रोजेक्ट को हरी झंडी दी, प्रथम किस्त आते ही हॉस्पिटल निर्माण कार्य प्रारंभ हो गया।2018 से बंन रहे अस्पताल का महज आज तक आधा कार्य ही पूरा हो पाया है।ग्राउंड फ्लोर और मंजिलों के निर्माण का कार्य हो रहा है सिविल वर्क और इंटीरियर डेकोरेशन का कार्य भी शेष है। जिसे 2020 में पूरा हो जाना था ,अगस्त 2021 को दी गई दुसरीं अंतिम समय सीमा के बाद भी कार्य अपूर्ण होने से बिलासपुर और प्रदेश के लोगों को सरकारी दर पर बेहतर इलाज की सुविधा  से वंचित किया जा रहा है। निर्माणाधीन सर्व सुविधा युक्त अस्पताल की सेवाएं कब तक शुरू हो पाएगी यह बता पाने में प्रशासन को कोई मालूमात नही है। श्री अग्रवाल ने बताया कि कोनी के सर्व सुविधा युक्त अस्पताल के लिए 50 एकड़ भूमि में  राज्य कैंसर सेंटर, ट्रामा सेंटर बर्न सेंटर, छात्रावास एवं डॉक्टरों के लिए रेसीडेंसी एरिया आदि सुविधाएं होगी। प्रथम चरण में निर्माणाधीन अस्पताल की बहुमंजिला इमारत में प्रथम चरण में 100 आइसीयू समेत 244 बिस्तरों से होगी चिकित्सा सेवा शुरुआत होनी है,500 से ज्यादा चिकित्सक, स्वास्थ्य कर्मी,अधिकारी,कर्मी अस्पताल में अपनी  सेवा देंगे।

श्री अमर अग्रवाल ने बताया पी एम स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत देश मे घोषित 10 सुपर स्पेशलिटी अस्पताल की सुविधा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की बिलासपुर को बहुप्रतिक्षित देन है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन द्वारा घोषित  कोनी में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल आरम्भ हो जाने से  कम खर्च में बेहतर सुविधा मिलेगी। एक ही परिसर में सब कुछ रहेगा। इसमें से 10 एकड़ में राज्य का पहला कैंसर हास्पिटल का निर्माण हो रहा है। इसके अलावा 40 एकड़ जमीन पर सुपर स्पेशलिटी व अन्य जरूरी यूनिट रहेंगी।इसके शुरू हो जाने से क्षेत्र के कैंसर पीड़ितों को उपचार के लिए दूसरे शहर व राज्य नहीं जाना पड़ेगा। कैंसर हास्पिटल में किमोथेरेपी, रेडियो थैरेपी, आंकोलाजी, अंको सर्जरी की चार ब्रांच खोली जाएंगी। यहां अलग-अलग कैंसर से पीड़ितों को भर्ती करके इलाज किया जाएगा।सर्वसुविधायुक्त अस्पताल में हृदय रोग से संबंधित समस्त मेडिसिन व शल्य क्रियाएं (कार्डियोलाजी विभाग व कार्डियो थोरेसिक वैस्कुलर सर्जरी विभाग),किडनी रोग से संबंधित नेफ्रोलाजी विभाग व यूरोलाजी विभाग,न्यूरोलाजी विभाग एवं न्यूरोसर्जरी विभाग की सुविधा होगी।

श्री अग्रवाल ने कहा लोकस्वास्थ्य पर  नीति  नियोजन से ज्यादा क्रियान्वयन के स्तर पर ध्यान दिए जाने की महती आवश्यकता होती है ताकि जीवन उपयोगी सेवाएं  नागरिकों को सहज सुलभ हो अतएव लोक स्वास्थ्य उन्नयन हेतु स्वास्थ्य परियोजनाओं  और सेवाओं को शीघ्र शुरू किया जाना चाहिए।स्वस्थ एवं बेहतर छत्तीसगढ़ का निर्माण के लिए स्वास्थ परियोजनाओं का स्वस्थ प्रक्रियागत  संचालन हो ,समय पर लोगो चिकित्सा एवं सम्बद्ध  सुविधाएं मिल सकें तब कही जाकर स्वस्थ एवं बेहतर छत्तीसगढ़ का निर्माण किया जा सके।लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाने के दावे सरकार द्वारा किए जाते हैं। लेकिन धरातल पर यह सभी दावे खोखले साबित हो रहे हैं।

पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल ने ओलंपिक खेलों में भारतीय खिलाड़ियों को शुभकामनाएं

पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल ने ओलंपिक खेलों में भारतीय खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारत के गोल्डन बाय नीरज चोपड़ा ने 135 करोड़ भारतीयों का दिल जीत लिया है वे आने वाले खिलाड़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेंगे ।श्री  अग्रवाल ने कहा मीराबाई चानू और रवि दहिया के रजत तथा बैडमिंटन में पी वी सिंधु  बॉक्सर लवीना बोरगोहन, पहलवान बजरंग पूनिया, पुरुष हॉकी टीम ने कांस्य सहित  भारतीय खिलाड़ियों के दल ने कुल सात पदक जीतकर  मॉडर्न ओलंपिक 125 वर्षों के इतिहास में  अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए नए भारत के नए की शुरुआत की है, पूरा देश भारतीय खिलाड़ियों के सफलताओं पर स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। कुछ वर्षों पहले महज 1 पदक को देशवासी और खेल प्रेमी तरस जाते थे भारत सरकार के संकल्पबद्घ प्रयासों से स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया एव अन्य खेल संघो ने मिशन ओलंपिक में पिछले  ओलंपिक के पहले दिन से ही कोने कोने में खेल प्रतिभाओं को तराशने एवं उभारने का काम किया। बेहतर सुविधाएं, बेहतर अवसर और उपयुक्त प्रशिक्षण से परिणाम आज सामने है।खेलो के दुनिया के सबसे बड़े मंच ओलंपिक  महामारी के बावजूद भारत की टीम में ऐतिहासिक प्रदर्शन किया है समस्त खिलाड़ियों के उज्जवल भविष्य के लिए हार्दिक शुभकामनाएं।

खेल पुरुस्कार का नामकरण मेजर ध्यान चंद को सच्ची श्रद्धांजलि-

खेल पुरुस्कार का नामकरण मेजर ध्यान चंद को सच्ची श्रद्धांजलि-श्री अग्रवाल ने कहा हॉकी के जादूगर और भारत में खेलों की दुनिया का सबसे नाम मेजर ध्यानचंद के नाम से देश के सबसे बड़े खेल पुरुस्कार का नाम ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार किए जाने की घोषणा खेल और खिलाड़ियों को हृदय से समर्थन का परिचायक है और मेजर ध्यानचंद को सच्ची श्रद्धांजलि है।


मुख्यमंत्री  श्री भूपेश बघेल ने लोकवाणी में ‘आदिवासी अंचलों की अपेक्षाएं और विकास’ विषय पर की बातचीत

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने लोकवाणी में ‘आदिवासी अंचलों की अपेक्षाएं और विकास’ विषय पर की बातचीत

09-Aug-2021

जनसुविधा की दृष्टि से हमने किया राज्य में 29 नई तहसीलों और 4 नए अनुविभागों का गठन : मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल

छत्तीसगढ़ को लघु वनोपज की खरीदी के लिए 11 राष्ट्रीय पुरस्कार

मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान की यूएनडीपी और नीति आयोग ने की सराहना

 

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज ‘‘लोकवाणी‘‘ की 20वीं कड़ी में ‘‘आदिवासी अंचलों की अपेक्षाएं और विकास‘‘ विषय पर प्रदेशवासियों से बात-चीत करते हुए सबसे पहले छत्तीसगढ़ी में प्रदेशवासियों को पारंपरिक हरेली तिहार की बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ी संस्कृति के अनुसार हरेली साल का पहला त्यौहार है। इस दिन अपने गांव-घर, गौठान को लीप-पोत कर तैयार किया जाता है। गौमाता की पूजा की जाती है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़िया भावना को ध्यान में रखते हुए हरेली सहित पांच त्यौहारों में सरकारी छुट्टी घोषित की गई है। उन्होने विश्व आदिवासी दिवस की बधाई देते हुए कहा कि हमारी सरकार बनने के बाद प्रदेश में पहली बार विश्व आदिवासी दिवस 9 अगस्त को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है। इससे सभी लोगों को आदिवासी समाज की परंपराओं, संस्कृतियों और उनके उच्च जीवन मूल्यों को समझने का अवसर मिला है। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने प्रदेशवासियों को अगस्त माह में आने वाले त्यौहार हरेली, नागपंचमी, राष्ट्रीय पर्व स्वतंत्रता दिवस, ओणम, राखी, कमरछठ और कृष्ण जन्माष्टमी की भी बधाई दी।

29 नई तहसीलों और 04 अनुविभागों का गठन

मुख्यमंत्री ने कोरिया जिले के श्री सतीश उपाध्याय, बालोद जिले के युवा श्री विनय कुमार मरकाम और बस्तर अंचल के दरभा के रहने वाले श्री सोमनाथ से हुई बातचीत का उत्तर देते हुए कहा कि हमने ढाई वर्षों में 29 नई तहसीलें और 4 नए अनुविभाग गठित किए हैं, उनमें से अधिकतर आदिवासी अंचल में ही हैं। कोरिया जिले में पटना के साथ चिरमिरी और केल्हारी तहसीलें भी गठित की गई हैं। इसके अलावा कबीरधाम जिले में रेंगाखार-कला, सरगुजा जिले में दरिमा, बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में रामचंद्रपुर, सामरी, सूरजपुर जिले में लटोरी, बिहारपुर, जशपुर जिले में सन्ना और सुकमा जिले में गादीरास आदि प्रमुख हैं। इसी तरह चार नवीन अनुविभागों में दंतेवाड़ा का बड़े बचेली और बस्तर का लोहंडीगुड़ा शामिल है। बरसों पुरानी मांग को ध्यान में रखते हुए गौरेला - पेण्ड्रा - मरवाही को जिला ही नहीं बनाया गया बल्कि आदिवासी बहुल आबादी वाले इस क्षेत्र को उनका हक भी दिया गया। हमारा यह मानना है कि नई प्रशासनिक इकाईयों के गठन से लोगों को अपनी भूमि, खेती-किसानी से संबंधित काम, बच्चों की पढ़ाई, नौकरी या रोजगार से संबंधित कामों के लिए आसानी होगी। सरकारी योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन होगा। इसे ही हमने प्रशासनिक संवेदनशीलता का मूलमंत्र बनाया है। उन्होंने कहा कि जहां तक कोरिया जिले के मेरीन फॉसिल्स पार्क - जैव विविधता पार्क का सवाल है, हम सिर्फ कोरिया ही नहीं, बल्कि प्रत्येक जिले में अपनी ऐतिहासिक और पुरातात्विक धरोहर को सहेजने के सार्थक प्रयास कर रहे हैं।

52 वनोपज की समर्थन मूल्य पर खरीदी

     मुख्यमंत्री ने ग्राम पंचायत चेरपाल की सुश्री यशोदा पुजारी, सुकमा जिले के पोलमपल्ली निवासी श्री अजय बघेल और कबीरधाम जिले के श्री दयाल सिंह बैगा के प्रश्नों का उत्तर देते हुए कि छत्तीसगढ़ राज्य गठन से हमें लगा था कि आदिवासी अंचलों और शेष क्षेत्रों के बीच विकास का अंतर दूर कर लिया जाएगा, लेकिन विगत 15 वर्षों में यह अंतर और भी अधिक बढ़ गया है। इसलिए हमने सबसे पहले विश्वास जीतने की बात की। इसके लिए निरस्त वन अधिकार पट्टों के दावों की समीक्षा, जेल में बंद आदिवासियों के प्रकरणों की समीक्षा कर अपराध मुक्ति, बड़े उद्योग समूह के कब्जे से आदिवासियों की जमीन वापस लौटाने का निर्णय, तेंदूपत्ता संग्रहण दर 2500 रुपए से बढ़ाकर 4 हजार रुपए प्रति मानक बोरा करने का निर्णय लिया गया। इससे आदिवासी अंचलों में सरकार और व्यवस्था के प्रति विश्वास का नया दौर शुरू हुआ है। हमने 7 से बढ़ाकर 52 वनोपज को समर्थन मूल्य पर खरीदने की व्यवस्था की, पुरानी दरों को भी बदला जिसके कारण वनोपज संग्रह से ही 500 करोड़ रुपए से अधिक अतिरिक्त सालाना आमदनी का रास्ता बन गया। अनुसूचित क्षेत्रों में कोदो, कुटकी, रागी जैसी फसलों को भी समर्थन मूल्य पर खरीदने के इंतजाम किए गए हैं तथा लाख को कृषि का दर्जा दिया गया है। वन अधिकार मान्यता पत्रधारी परिवारों के खेतों में उपजे धान को भी समर्थन मूल्य पर खरीदने की व्यवस्था की गई है। देवगुड़ी और घोटुल स्थलों का विकास कर आदिवासी संस्कृति को बढ़ावा दिया जा रहा है।

नक्सलवाद प्रभावित क्षेत्रों में 1637 करोड़ रूपए की लागत से सड़कें

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 16 हजार करोड़ रुपए की लागत से सड़कों का निर्माण किया जा रहा है, जिससे हमारे आदिवासी अंचलों को सैकड़ों ऐसी सड़कें मिलेंगी, जिनका इंतजार वे दशकों से कर रहे थे। नक्सलवाद प्रभावित क्षेत्रों में संपर्क बहाल करने के लिए हम 1 हजार 637 करोड़ रुपए की लागत से सड़कें बना रहे हैं। आदिवासी अंचलों में बिजली की सुविधा देने के लिए अति उच्च दाब के चार वृहद उपकेन्द्र का निर्माण पूरा कर लिया गया है। नारायणपुर, जगदलपुर, बीजापुर और सूरजपुर जिले के उदयपुर में ये उपकेन्द्र प्रारंभ हो जाने से बिजली आपूर्ति सुचारू हो गई है। इसके अलावा विगत ढाई वर्षों में आदिवासी अंचलों में सौर ऊर्जा से संचालित 74 हजार सिंचाई पम्प, 44 हजार से अधिक घरों में रोशनी और लगभग 4 हजार सोलर पेयजल पम्पों की स्थापना की गई है, जो अपने आप में कीर्तिमान है।

छत्तीसगढ़ को लघु वनोपज की खरीदी के लिए 11 राष्ट्रीय पुरस्कार

     कबीरधाम जिले के श्री किशन लाल द्वारा वनोपजों के प्रसंस्करण को आगे बढ़ाने को लेकर पूछे गए प्रश्न के जवाब में मुख्यमंत्री श्री बघेल ने बताया कि बस्तर जिले के लोहंडीगुड़ा में एक बड़े उद्योग की स्थापना के नाम से ली गई आदिवासियों की जमीन वापसी की घोषणा के साथ आदिवासियों को न्याय दिलाने का सिलसिला शुरू हो गया है। 10 गांवों के 1 हजार 707 किसानों को 4 हजार 200 एकड़ जमीन के दस्तावेज प्रदान किए जा चुके हैं। कोण्डागांव में मक्का प्रोसेसिंग इकाई का शिलान्यास किया गया है। प्रदेश में 146 विकासखण्डों में से 110 विकासखण्डों में फूडपार्क स्थापित करने हेतु भूमि का चिन्हांकन तथा अनेक स्थानों पर भूमि हस्तांतरण भी किया जा चुका है। छत्तीसगढ़ में 139 वनधन विकास केन्द्र स्थापित हो चुके हैं, जिनमें से 50 केन्द्रों में वनोपजों का प्रसंस्करण भी हो रहा है। इस काम में लगभग 18 हजार लोगों को रोजगार मिला है। छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ द्वारा ‘छत्तीसगढ़ हर्बल ब्रांड’ के नाम से 121 उत्पादों की मार्केटिंग की जा रही है। भारत सरकार की संस्था ट्रायफेड द्वारा 6 अगस्त को छत्तीसगढ़ को लघु वनोपज की खरीदी तथा इससे संबंधित अन्य व्यवस्थाओं के लिए 11 राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किए गए हैं।  यह हमारे आदिवासी अंचलों के साथ पूरे प्रदेश के लिए भी गौरव का विषय है। दुर्ग जिले में 78 करोड़ रुपए से अधिक लागत पर एक वृहद प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित की जा रही है। राज्य में वनोपज आधारित उद्योगों की स्थापना को बढ़ावा देने के लिए वनांचल उद्योग पैकेज लागू किया गया है। इसके अलावा दंतेवाड़ा में रेडिमेड कपड़ों का ‘ब्रांड डेनेक्स’ एक सफल प्रयोग साबित हुआ है। नवचेतना बेकरी भी काफी सफल हो रही है। ऐसे कामों से सैकड़ों स्थानीय युवाओं को रोजगार मिला है।

‘मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना’ से बढ़ेंगे ग्रामीणों के आय के साधन

‘मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना’ के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना को वे भविष्य में स्थानीय लोगों, आदिवासी और वन आश्रित परिवारों की आय के बहुत बड़े साधन के रूप में देखते हैं। खुद लगाए वृक्षों से इमारती लकड़ी की कटाई और फलों को बेचकर लोगों की आय बड़े पैमाने पर बढ़ेगी।  निजी लोगों को ही नहीं, बल्कि पंचायतों और वन प्रबंधन समितियों को भी पेड़ लगाने और काटने के अधिकार दिए गए हैं।

हाट-बाजारों तक पहुंची स्वास्थ्य सुविधा, एनीमिया और कुपोषण में आई कमी

    लोकवाणी के माध्यम से आदिवासी क्षेत्र की मूलभूत आवश्यकताएं अच्छी शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य, रोजगार और स्कूल में शिक्षकों की कमी के प्रश्न पर जवाब देते हुए श्री बघेल ने कहा कि निश्चित तौर पर आदिवासी अंचलों में स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार सबसे बड़ी जरूरत है। इस दिशा में प्राथमिकता से काम शुरू किया गया है। स्वास्थ्य सुविधाओं की जरूरतोें को  डीएमएफ मद से पूरी करने के लिए आवश्यक नियम बनाए गए हैं। सीएसआर और अन्य मदों की राशि भी इन्हीं प्राथमिकताओं के लिए खर्च करने की रणनीति अपनाई है। इसके कारण बीजापुर, दंतेवाड़ा और जगदलपुर में अब उच्च स्तर की चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो गई हैं। सुकमा जिले में भी बड़े स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य के सुदूर अंचल में ग्रामीणों को सहजता से स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने हमने मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लीनिक योजना शुरू की है। इससे अब आदिवासी भाई-बहनों का उपचार हाट-बाजारों में होने लगा है। इसका लाभ 11 लाख से अधिक लोगों को मिल चुका है।
        उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में पांच वर्ष से कम उम्र के 37.7 प्रतिशत बच्चे कुपोषण के शिकार थे और 15 से 49 वर्ष तक की 47 प्रतिशत महिलाएं एनीमिया अर्थात खून की कमी से ग्रस्त थीं। आदिवासी जिलों में हालत और भी खराब थी। इसे देखते हुए हमने मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान शुरू किया, जिसमें डीएमएफ और जनभागीदारी के योगदान को बढ़ावा दिया। योजना के माध्यम से बच्चों को दूध, अण्डा, स्थानीय प्रचलन के अनुसार पौष्टिक आहार दिया, जिसके कारण कुपोषण और एनीमिया की दर में तेजी से कमी आ रही है।

मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान की यूएनडीपी और नीति आयोग ने की सराहना

मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘मलेरिया मुक्त बस्तर’ अभियान शुरू होने से एक साल में बस्तर संभाग में मलेरिया के प्रकरण 45 प्रतिशत और सरगुजा संभाग में 60 प्रतिशत कम हो जाना सुखद है। यूएनडीपी और नीति आयोग ने मलेरियामुक्त बस्तर अभियान की तारीफ करते हुए बीजापुर जिले में मलेरिया में 71 प्रतिशत तथा दंतेवाड़ा में 54 प्रतिशत तक कमी करने की सफलता को बेस्ट प्रेक्टिस के रूप में सराहा है और अन्य आकांक्षी जिलों को भी इस अभियान को अपनाने की सलाह दी है।

प्रदेश में 14 हजार 580 शिक्षक-शिक्षिकाओं की नियुक्ति

    श्री बघेल ने बताया कि शिक्षा के लिए हमने संकटग्रस्त क्षेत्रों पर ज्यादा फोकस किया। जिसके कारण सुकमा जिले के जगरगुंडा में 13 वर्षों से बंद स्कूल बीते साल खुल चुका है। कुन्ना में स्कूल भवन का पुनर्निर्माण तथा दंतेवाड़ा जिले के मासापारा-भांसी में भी 6 सालों से बंद स्कूल अब खुल गया है। कोरोना काल में पढ़ाई तुंहर पारा अभियान के तहत लाखों बच्चों को उनके गांव-घर-मोहल्लों में खुले स्थानों पर भी पढ़ाया गया। प्रारंभिक कक्षाओं में बच्चों को मातृभाषा में समझाना अधिक आसान होता है इसलिए हमने 20 स्थानीय बोली-भाषाओं में पुस्तकें छपवाईं, जिसका लाभ आदिवासी अंचलों में मिला। बीस साल बाद प्रदेश में 14 हजार 580 शिक्षक-शिक्षिकाओं की नियुक्ति आदेश दे दिए गए हैं। इससे आदिवासी अंचलों में भी शिक्षकों की कमी स्थायी रूप से दूर हो जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कोरोना की ‘तीसरी लहर’ को लेकर सभी से बहुत सावधान रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि पर्व-त्यौहार मनाते समय फिजिकल डेस्टिेंसिंग का पालन करें, मास्क का उपयोग करें, हाथ को साबुन-पानी से धोते रहें तथा टीका जरूर लगवाएं। खुद को बचाए रखना ही सबसे जरूरी उपाय है।

मुख्यमंत्री श्री बघेल ने राम-वन-गमन पथ पर बात करते हुए कहा कि यह बहुत गर्व का विषय है कि भगवान राम का अवतार जिस काम के लिए हुआ था, उन प्रसंगों की रचना छत्तीसगढ़ में हुई। वास्तव में भगवान राम छत्तीसगढ़ में कौशल्या के राम और ‘वनवासी राम’ के रूप में प्रकट होते हैं।  यह अद्भुत संयोग है कि भगवान राम का छत्तीसगढ़ में प्रवेश, संचरण और प्रस्थान सघन आदिवासी अंचल में ही हुआ। कोरिया जिले के सीतामढ़ी हरचौका में प्रवेश और सुकमा जिले के अंतिम स्थान कोंटा तक उनकी पदयात्रा। एक बार फिर राम के रास्ते पर चलते हुए अगर हम 2 हजार 260 किलोमीटर सड़कों का निर्माण करते हैं तो इससे पूरे रास्ते में विकास के दीये जल उठेंगे। आस्था के साथ जुड़ी सड़कें, सुविधाओं के साथ आजीविका के नए-नए साधन भी आएंगे। यह समरसता और सौहार्द्र के साथ वनवासी राम के प्रति आस्था का परिपथ बनेगा, जो नदियों, नालों, झरनों, जलप्रपातों, खूबसूरत जंगलों से गुजरते हुए सैकड़ों पर्यटन स्थलों का उद्धार करेगा।


दंतेवाड़ा :  नक्सली का धौंस दिखाकर पीड़ित के घर घुसे बदमाशों ने लुटे सारे पैसे, मास्टर माइंड समेत सभी आरोपी गिरफ्तार

दंतेवाड़ा : नक्सली का धौंस दिखाकर पीड़ित के घर घुसे बदमाशों ने लुटे सारे पैसे, मास्टर माइंड समेत सभी आरोपी गिरफ्तार

02-Aug-2021

दंतेवाड़ा :  नक्सली का धौंस दिखाकर पीड़ित के घर घुसे बदमाशों ले लुटे सारे पैसे, मास्टर माइंड समेत सभी आरोपी गिरफ्तार 

दंतेवाड़ा : दिनांक 31.07.2021 को प्रातः 8.00 बजे दुगेली ग्राम के प्रार्थीयों द्वारा थाना बचेली में आकर मौखिक सूचना दिया गया कि दिनांक 30.07.2021 के रात्रि हमारे घर 03-04 लोग आकर घर का दरवाजा खटखटाये दरवाजा खोलने पर खाकी वर्दीधारी व्यक्ति घर में घूसे जिनमें से एक के पास चाकू, एक के पास राड़ रखा था, चाकू का भय दिखाते हुये हम नक्सली हैं, तुम्हारे घर में जितना पैसा है निकालो कहते हुये घर में रखे पैसे को लूट कर ले गये है। इस सूचना पर पुलिस अधीक्षक महोदय दंतेवाड़ा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय दंतेवाड़ा एवं एसडीओपी महोदय किरन्दुल को उक्त घटना की सूचना दी गई। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा तत्काल कार्यवाही करने एवं आसपास हुलिया के आधार पर पता तलाश करने का निर्देश दिया गया। इसी क्रम में प्रार्थीयों से लूट करने आये आरोपियों का हुलिया एवं अन्य जानकारी ली गई जिसकी पहचान गोरा लम्बा बाल वाला के रूप में होने से एक आरोपी के एक दिन पूर्व थाने आने के कारण थाना स्टॉफ द्वारा इस आरोपी का फोटो दिखाकर पहचान कराया गया जिसे प्रार्थी ने तत्काल पहचानते हुये इसके एवं अन्य साथियों के द्वारा घटना को अंजाम देना बताया गया। तत्काल थाना टीम बनाकर उक्त आरोपी के वर्तमान निवास में दबिश दी गई। निवास स्थल पर प्रार्थी द्वारा पहचान किये आरोपी के अलावा उनके तीन अन्य साथी भी निवास स्थान पर मिले निवास स्थल पर रखे बैग की तलाशी लेने पर लूट की घटना को अंजाम देने में प्रयुक्त चाकू लूटे गये रूपये, पाना, पेनचिंस व सादा खाकी वर्दी बैग से प्राप्त होने पर उक्त चारों आरोपियों से पूछताछ करने पर रात्रि में लूट की घटना को अंजाम देना स्वीकार किये।

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घटनाक्रम -

आरोपियों द्वारा बताया गया कि रात्रि 11.00 बजे किराये के मकान में घटना का मास्टर माइंड चंदू कर्मा पिता जोगा कर्मा साकिन टिकनपाल द्वारा हम सभी को समझाया कि आज हम लोग नक्सली बनकर पाढापुर और दुगेली के 03-04 घर में लूट की घटना को अंजाम देते हैं जिसका पैसा सभी में बराबर बाटेगें हम लोगों को कोई पहचानेगा नही और सभी को पैसा मिल जायेगा कहने पर हम लोग उनकी बातों में लालच में आकर तैयार हो गये योजना बनाने के बाद 02 मोटर सायकल में हम पांच लोग बैठकर पाढापुर की ओर निकले जहां नाला के पास बैग में रखे एनसीसी खाकी वर्दी को पहनकर सोमडू कुंजाम निवासी पाढ़ापुर एवं वेल्ला ईलामी निवासी पाढ़ापुर के घर बारी-बारी चाकू, बण्डा व डण्डा का भय दिखाकर लूट की घटना को अंजाम दिये पाढापुर से निकलकर दुगेली की ओर गये जहां रोड़ किनारे एक दूकान में लगे ताला को चंदु कर्मा द्वारा तोड़ा गया दुकान में रखे पाना, साबून, गुडाखू, गुटका को बैग में रखकर आगे निकले दुगेली गांव से थोड़ी दूर मोटर सायकल को रखकर हम पांचों कैलाश कर्मा के घर पहुंचे और दरवाजा खटखटाकर खुलवाया, खोलने पर चंदू कर्मा ने कहा कि हम नक्सली है हमें पैसा चाहिए, पैसा नही है बोलने पर लोहे की राड़ से प्रार्थी के जंधे में मारे और बोले कि तुम्हारे घर में जितना पैसा है निकालो जिससे घर के अन्य लोग डर गये और घर के आलमारी में झिल्ली में रखे 20,000/-रू, आधार कार्ड और बैंक पास बुक को छिनकर अपने पास रखे बैग में रखकर चले गये। वहां से निकलकर पोदिया कर्मा के घर गये वहां भी हम नक्सली है हमें पैसा दो कहकर डराने लगे पोदिया कर्मा द्वारा 2000/- रु. देने पर नहीं माने और घर के अंदर पेटी की तलाशी कर पेटी में रखे 4500/-रू और हाथ में रखे 2000/- रू. को लूट कर ले गये। उसके बाद कुछ दूर संजय कर्मा के घर जाकर भी दरवाजा खटखटाकर नक्सली बताकर पैसे की मांग करते हुये प्रार्थी के गले में चाकू अड़ाकर बोला कि तुम दो ट्रेक्टर के मालिक हो 40000/-रू दो, नही तो तुम्हारा गला काट देगें, बोलने पर प्रार्थी डर कर कमरे के पेटी में छिपाकर रखा हुआ 20,000/-रु. निकालकर दे दिया। चंदू कर्मा के द्वारा और पैसे की मांग करने पर दुसरे कमरे में रखे 20000/- रू. निकालकर दिया इस तरह 40000/- रू. को लूट लिये और चले गये। दूर में रखे बाईक के पास जाकर एनसीसी खाकी वर्दी को उतारकर बैग में रखे गोंगपाल जाकर चंदू कर्मा ने कहा कि पैसे का बटवारा बाद में आकर करेंगे। मैं अपने घर टिकनपाल जा रहा हूँ, तुम लोग बचेली चले जाओं, कहने पर हम चार लोग नकुलनार सातधार होते हुये बचेली अपने मकान में आकर सो गये। उक्त घटना को अंजाम देने में आरोपी चंदू कर्मा पिता जोगा कर्मा निवासी टिकनपाल, गोपाल कड़ती पिता मंगल कड़ती निवासी मदाड़ी मझारपारा थाना किरन्दुल एवं 03 अन्य अपचारी बालक संलिप्त थे। इनमें से 04 को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है एवं फरार आरोपी चंदू कर्मा की पता तलाश जारी है।

प्राथीयों के सूचना के आधार पर थाना बचेली में पृथक-पृथक से अपराध दर्ज करते हुये पुलिस अनुविभागीय अधिकारी किरन्दुल श्री देवांश सिंह राठौर के नेतृत्व में निरीक्षक अमित पाटले, उप निरीक्षक केशव ठाकुर, उनि० कैलाश साहू, सउनि० के० सीमाचलम एवं पूरा थाना स्टाफ द्वारा टीम भावना से घटना का खुलासा करने में सराहनीय योगदान दिया।


 विधानसभा में 2485.59 करोड़ रूपए का अनुपूरक बजट पारित

विधानसभा में 2485.59 करोड़ रूपए का अनुपूरक बजट पारित

29-Jul-2021

 विधानसभा में 2485.59 करोड़ रूपए का अनुपूरक बजट पारित

 मुख्यमंत्री ने राज्य में ‘राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना‘ लागू करने की घोषणा की

भूमिहीन एवं पात्र परिवारों को प्रतिवर्ष 6000 रूपए की मिलेगी मदद

कोरोना की तीसरी लहर की रोकथाम और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए 957 करोड़ रूपए का अतिरिक्त प्रावधान

वनवासियों की मदद के लिए 520.80 करोड़़ रूपए तथा मनरेगा के मजदूरों और श्रमिकों के लिए 695 करोड़ रूपए का प्रावधान

 मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज विधानसभा में अनुपूरक बजट पर चर्चा के दौरान छत्तीसगढ़ राज्य के ग्रामीण अंचल के भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों को राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना के तहत प्रतिवर्ष 6000 रूपए की आर्थिक मदद दिए जाने की घोषणा की। यह योजना वित्तीय वर्ष 2021-22 से लागू होगी। अनुपूरक बजट में इसके लिए 200 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। विधानसभा में 2485.59 करोड़ रूपए का प्रथम अनुपूरक बजट ध्वनिमत से पारित हुआ। 

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने अनुपूरक बजट चर्चा के दौरान कहा कि छत्तीसगढ़ किसानों को प्रदेश है, किसान हमारे अन्नदाता है। इस अनुपूरक बजट की संरचना को देखकर यह स्पष्ट हो जाता है कि हमने अपनी न्याय की अवधारणा को आगे बढ़ाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार ने 60 लाख मीटरिक टन चावल लेने की सहमति दी थी, लेकिन छत्तीसगढ़ से मात्र 24 लाख मीटरिक टन चावल लिया है। इसके कारण अतिशेष धान की नीलामी हमें घाटा उठाकर करनी पड़ रही हैं। इसके बावजूद भी हम हर हाल में किसानों की मदद कर रहे है, इसके लिए हमें भले ही कर्ज लेना पड़े। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना से लेकर राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना तक, अभी वक्त तो बहुत कम गुजरा है, लेकिन इसके लाभ का दायरा लाखों लोगों तक पहुंच गया है। किसानों की ऋण माफी, सिंचाई कर माफी, समर्थन मूल्य पर अनाज बेचने वाले किसानों को देश में सबसे ज्यादा लाभ, वनोपज की खरीदी से आदिवासी और वन आश्रित परिवारों को सर्वाधिक लाभ, गोधन न्याय योजना जैसे हमारे नवाचारों के आंकड़े अब अरबों में पहुंच चुके हैं। बस्तर से लेकर सरगुजा तक, छोटे-छोटे गांवों, कस्बों, गली, मोहल्लों में रहने वाले लोगों के जीवन में बदलाव स्पष्ट देखा जा सकता है।  

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास का हमारा छत्तीसगढ़ी मॉडल की देश में है, तो इस पर भी अगर अभिमान न करें तो क्या करें? उन्होंने कहा कि हमारे छत्तीसगढ़ी मॉडल ने सिर्फ छत्तीसगढ़ निवासियों को ही नहीं, बल्कि हमारे जैसी परिस्थितियों में देश के अन्य हिस्सों में रहने वाले लोगों के जीवन में भी उम्मीद की नई किरण जगाई है। यही कारण है कि मलेरिया मुक्त बस्तर हो, मनरेगा हो, वनोपज की खरीदी हो, कृषि उपज की खरीदी हो, नरवा, गरूवा, घुरुवा, बाड़ी हो या गोधन न्याय योजना जैसे ग्राम और वन उन्मुख नवाचार, कुपोषण के विरुद्ध मुहिम हो, मलेरिया का उन्मूलन हो, हमारी ऐसी हर पहल आज देश में उन लोगों के लिए आशा लेकर आई है, जिन्हें बरसों से ऐसे सकारात्मक बदलाव की जरूरत थी। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्नदाता किसान हो या बेसहारा मजदूर, हमारी सरकार ने सभी के लिए किए गए वायदे निभाने का सिलसिला जारी रखा है। किसानों और गौ-पालकों के लिए लागू की गई न्याय योजनाओं की अगली कड़ी में हम भूमिहीन कृषि मजदूरों के लिए राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना लागू करने जा रहे हैं। इस योजना के लिए इस अनुपूरक में हमने 200 करोड़ रूपए का प्रावधान किया है। छत्तीसगढ़ निःशक्तजन वित्त एवं विकास निगम द्वारा राष्ट्रीय निःशक्तजन वित्त एवं विकास निगम को एकमुश्त ऋण राशि वापस करने हेतु राज्य शासन के निर्णय के अनुरूप 21 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को गणवेश प्रदाय हेतु 7.62 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना की पहली एवं दूसरी लहर के दौरान जिन सुविधाओं के अभाव ने हमारे सामने कड़ी चुनौतियां पेश की थी, उन्हें हमारी सरकार जल्द से जल्द दूर करके बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं को पूरे प्रदेश में पहुंचाना चाहती हैं। इसलिए हमारी सरकार ने स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के लिए इस अनुपूरक में  957 करोड़ रूपए का प्रावधान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना एवं डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना के अंतर्गत राज्य के 6 लाख 20 हजार 432 लोगों को 852 करोड़ रूपए की चिकित्सा सुविधा का लाभ मिला है। उन्होंने कहा कि दूसरी लहर के दौरान हमने न सिर्फ छत्तीसगढ़ में बेहतर प्रबंधन किया बल्कि दूसरे राज्यों को भी ऑक्सीजन की आपूर्ति की और अब संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए भी पूरी गंभीरता से तैयारी की जा रही है। कोविड-19 संक्रमण से रोकथाम एवं बचाव हेतु दवाईयों एवं अन्य व्यय हेतु 304 करोड़ रूपए, चिकित्सा उपकरणों के क्रय हेतु 215 करोड़ रूपए का प्रावधान किया है। चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज के अधिग्रहण हेतु 39 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। महामारी की विशेष स्थिति को ध्यान में रखते हुए इमरजेंसी रिस्पांस एवं हेल्थ सिस्टम प्रिपेअर्डनेस पैकेज हेतु 376 करोड़ रूपए का प्रावधान रखा गया है। नैमेड़ जिला-बीजापुर में 30 बिस्तर अस्पताल, बेलपत जिला-गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, जिला चिकित्सालय जिला-गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में ब्लड बैंक तथा अल्दा विकासखंड तिल्दा में नवीन उप स्वास्थ्य केन्द्र की स्थापना हेतु बजट में सेटअप एवं वित्तीय प्रावधान किया गया है। महासमुंद, कोरबा एवं कांकेर में नये चिकित्सा महाविद्यालयों की स्थापना हेतु प्रति महाविद्यालय 116 पदों के मान से 348 पदों का सेटअप एवं 12 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में छत्तीसगढ़ हाट बाजार क्लीनिक योजना की लोकप्रियता एवं उपयोगिता को देखते हुए 7 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुपूरक बजट में भी हमारा फोकस न्याय योजनाओं और स्वास्थ्य सुविधाओं पर है। राज्य सरकार ग्रामीण मजदूरों को महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत भारत सरकार द्वारा निर्धारित 100 दिवस के अतिरिक्त 50 दिवस का रोजगार राज्य बजट से मुहैया कराती है। इस प्रयोजन हेतु 50 करोड़ रूपए का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है। ग्रामीण महिलाओं को रोजगार मूलक गतिविधियों से जोड़कर आजीविका में वृद्धि के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन चलाया जा रहा है। इस योजना को भी निरंतर चालू रखने के लिए 122 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में खाद्य भण्डारण क्षमता के विस्तार हेतु वेयर हाउसिंग कार्पाेरेशन के माध्यम से सनावल, रामानुजगंज, कुसमी, बगीचा, जशपुर, लखनपुर, करपावंड एवं सुकमा जैसे आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों सहित कुल 12 स्थानों पर 142 करोड़ रूपए की लागत से गोदाम निर्माण किया जायेगा। इन गोदामों के निर्माण से भण्डारण क्षमता में 2 लाख 38 हजार 200 मीटरिक टन की वृद्धि होगी। इस हेतु 67 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। प्रदेश में 15 नवीन तहसील (अहिवारा, डौरा कोचली, कोटमी सकोला, सरोना, कोरर, बारसूर, मर्दापाल, धनोरा, अड़भार, कुटरू, गंगालूर, बोदरी, लाल बहादुर नगर, तोंगपाल एवं भटगांव) की स्थापना की जायेगी। इसलिए अनुपूरक बजट में 210 पदों के सेटअप एवं वित्तीय प्रावधान किया गया है। राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करने वाले 22 लाख 15 हजार परिवारों को कार्यशील घरेलू नल कनेक्शन क माध्यम से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने हेतु 500 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 जिलों में 942 करोड़ रूपए की लागत से 46 सड़कों के निर्माण जिससे लगभग 556 कि.मी. सड़कों का निर्माण छत्तीसगढ़ सड़क निर्माण एवं अधोसंरचना विकास निगम के माध्यम से कराये जाने का निर्णय लिया गया है। इसी प्रकार 14 जिलों में 3 हजार 886 करोड़ रूपए की लागत से 23 सड़कों का निर्माण, छत्तीसगढ़ स्टेट रोड डेव्हलपमेंट सेक्टर प्रोजेक्ट के माध्यम से कराये जाने का निर्णय लिया गया है। इससे लगभग 968 कि.मी. की सड़कों का निर्माण होगा। इस हेतु अनुपूरक बजट में प्रावधान किया गया है। इन निर्माण कार्यों से राज्य के आम नागरिकों को आवागमन की सुविधा में बढ़ोत्तरी होने के साथ सुदूर क्षेत्रों की सड़कें राज्य की मुख्य सड़कों से जुड़ने से आवागमन में सुविधा होगी। जिला गरियाबंद के राजिम में लक्ष्मण झूला विद्युतीकरण कार्य हेतु 101.22 लाख रूपए का प्रावधान किया गया है। जिला-जांजगीर चांपा अंतर्गत शिवरीनारायण में सात विभिन्न विकास कार्यों हेतु 11.92 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। सरगुजा जिले के सीतापुर में मांड डायवर्सन योजना के दांयी ओर नहर निर्माण तथा जिला कांकेर अंतर्गत दुधावा आर.बी.सी. नहर का चारामा तक विस्तार हेतु सर्वेक्षण कार्य एवं नारायणपुर जिले के अंतर्गत गढ़बेगाल में कुकुर नदी पर स्टापडेम निर्माण कार्य के लिये आवश्यक राशि का प्रावधान किया गया है। बांध पुनर्वास एवं सुधार परियोजना फेस-2 अंतर्गत न्यू रूद्री बैराज, मॉडमसिल्ली बांध, जिसका नाम बदलकर हमने बाबू छोटेलाल श्रीवास्तव बांध कर दिया है। नियारी जलाशय एवं दुधावा जलाशय वृहद परियोजना अंतर्गत कार्यों को शामिल किया गया है। जिसके लिए आवश्यक प्रावधान किया गया है। बांध पुनर्वास एवं सुधार परियोजना फेस-2 अंतर्गत पेण्ड्रावन जलाशय, किंकारी जलाशय एवं घोंघा जलाशय मध्यम परियोजना अंतर्गत कार्यों को शामिल किया गया है, जिसके लिए प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सीसीटीएनएस (क्राईम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एवं सिस्टम) परियोजना का उद्देश्य पुलिस थाने के स्तर पर कुशलता एवं प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए एक व्यापक और समेकित प्रणाली स्थापित करना है। इस योजना के क्रियान्वयन हेतु सिस्टम इंटीग्रेटर की सेवाएं लेने के लिए 4 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। एन्टी ह्यूमेन ट्रेफिकिंग यूनिट का मुख्य उद्देश्य बंधुआ मजदूर, देह व्यापार और बाल श्रम पर अंकुश लगाना है। इस योजना के अंतर्गत 3 करोड़ 60 लाख का प्रावधान किया गया है। नक्सली हिंसा में शहीद जवानों के परिजनों को विशेष अनुग्रह अनुदान राशि के भुगतान हेतु 7 करोड़ 10 लाख का प्रावधान किया गया है। छत्तीसगढ़ राज्य में राज्य न्यायिक विज्ञान प्रयोगशाला के अंतर्गत डीएनए प्रयोगशाला स्थापित करने के लिए 13 नवीन पदों का प्रावधान किया गया है। ग्राम नगोई, जिला बिलासपुर में 126 करोड़ की लागत से 1500 बंदियों की क्षमता युक्त विशेष जेल के निर्माण हेतु प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में साग-सब्जी, फल-फूल एवं औषधीय और सुगंधित फसलों की अपार संभावनाओं के दृष्टिगत राज्य में प्रशिक्षित युवाओं को रोजगार के सुअवसर प्रदान किये जाने के उद्देश्य से शैक्षणिक सत्र 2020-21 से महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय ग्राम सांकरा, विकासखण्ड-पाटन जिला दुर्ग के परिसर में नवीन उद्यानिकी महाविद्यालय की स्थापना हेतु प्रावधान किया गया है। महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय परिसर सांकरा में वानिकी महाविद्यालय की स्थापना किये जाने हेतु प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि कोरोना महामारी से मृत व्यक्तियों के बेसहारा एवं अनाथ बच्चों को निःशुल्क स्कूली शिक्षा उपलब्ध कराये जाने हेतु छत्तीसगढ़ महतारी दुलार योजना शैक्षणिक सत्र 2021-22 से सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ राज्य में लागू की जा रही है। ऐसे बच्चे जिनके माता-पिता दोनों की कोरोना से मृत्यु हो गई है, उनके शिक्षा का सम्पूर्ण व्यय शासन वहन करेगा, साथ ही छात्रवृत्ति दी जायेगी। कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों को 500 रूपए प्रतिमाह एवं कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों को 1000 रुपये प्रतिमाह छात्रवृत्ति दी जायेगी। प्रतिभावान छात्रों को व्यवसायिक पाठ्यक्रम में प्रवेश हेतु प्रशिक्षण एवं कोचिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जायेगी। इस हेतु 4 करोड़ का प्रावधान किया गया है। छत्तीसगढ़ के सुदूर एवं दुर्गम वनांचल में शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ग्राम-अवापल्ली, विकासखण्ड उसूर, जिला-बीजापुर एवं विश्रामपुरी जिला-कोण्डागांव में नवीन महाविद्यालय की स्थापना हेतु प्रति महाविद्यालय 34 पदों के मान से कुल 68 पदों का सृजन किया गया है। गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा प्रदान किये जाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान अंतर्गत पांच शासकीय मॉडल डिग्री कॉलेज रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, कांकेर एवं जगदलपुर हेतु पद सृजन किया जाना है। इसके लिए अनुपूरक बजट में प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुटरू, जिला बीजापुर में स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय की स्थापना हेतु प्रावधान किया गया है। अनुसूचित जाति पोस्टमैट्रिक छात्रवृत्ति हेतु 11 करोड़ एवं अनु. जनजाति पोस्टमैट्रिक छात्रवृत्ति हेतु 4 करोड़ 80 लाख का प्रावधान है। आदिवासी बालक छात्रावास गोडलवाही, विकासखंड छुरिया के भवन निर्माण हेतु प्रावधान किया गया है। राम वनगमन पथ के पर्यटन विकास अंतर्गत कुल 16.43 करोड़ का प्रावधान किया गया है। रायपुर में स्वामी विवेकानंद स्मृति संस्थान की स्थापना हेतु 1 करोड़ 30 लाख रूपए का प्रावधान किया गया है। इसी प्रकार शहीद वीरनारायण सिंह स्मारक एवं संग्रहालय निर्माण हेतु 4.65 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।


टी एस सिंहदेव और छत्तीसगढ़ सरकार की छवि धूमिल करने के फलस्वरूप बृहस्पति सिंह पर सख्त कार्रवाई हो - प्रकाशपुन्ज पाण्डेय

टी एस सिंहदेव और छत्तीसगढ़ सरकार की छवि धूमिल करने के फलस्वरूप बृहस्पति सिंह पर सख्त कार्रवाई हो - प्रकाशपुन्ज पाण्डेय

28-Jul-2021

टी एस सिंहदेव और छत्तीसगढ़ सरकार की छवि धूमिल करने के फलस्वरूप बृहस्पति सिंह पर सख्त कार्रवाई हो - प्रकाशपुन्ज पाण्डेय 

रायपुर : समाजसेवी, राजनीतिक विश्लेषक और पत्रकार प्रकाशपुन्ज पाण्डेय ने छत्तीसगढ़ के कांग्रेस विधायक बृहस्पति सिंह के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है। 

मीडिया के माध्यम से प्रकाशपुन्ज पाण्डेय ने कहा कि कांग्रेस विधायक बृहस्पति सिंह के झूठे आरोप के कारण न सिर्फ सरगुजा रियासत के महाराजा, कांग्रेस के दिग्गज नेता और छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव की छवि धूमिल हुई है बल्कि कांग्रेस पार्टी, छत्तीसगढ़ सरकार और पूरे विश्व में छत्तीसगढ़ की बदनामी हो रही है।

प्रकाशपुन्ज पाण्डेय ने कहा कि केवल भावना वश आवेश में आकर एक सज्जन व्यक्ति पर इतना संगीन आरोप लगाया जाना एक सामान्य प्रक्रिया नहीं है। लगभग 20 विधायकों की लामबंदी कर शक्ति प्रदर्शन के साथ सुनियोजित रूप से इस घटना को अंजाम दिया गया है। पार्टी द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी होने के बाद रामानुजगंज के कांग्रेस विधायक बृहस्पति सिंह सदन में खेद व्यक्त करते हैं। अब ये साज़िश है ये मानसिक दिवालियापन? ये तो जांच का विषय है। 

इसीलिए मैं छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मांग करता हूं कि छत्तीसगढ़ और छत्तीसगढ़ शासन के मंत्री टी एस सिंहदेव की छवि धूमिल करने वाले विधायक बृहस्पति सिंह के झूठ की पोल खुलने के बाद उन पर सख्त से सख्त कार्रवाई करें क्योंकि यह विषय छत्तीसगढ़ की अस्मिता से जुड़ा हुआ है और छत्तीसगढ़ की बदनामी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जा सकती है। 

प्रकाशपुन्ज पाण्डेय। 
7987394898, 9111777044


आदिवासियों की जमीन पर लगे वृक्षों की कटाई की अनुमति की प्रक्रिया होगी सरलीकृत: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

आदिवासियों की जमीन पर लगे वृक्षों की कटाई की अनुमति की प्रक्रिया होगी सरलीकृत: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

17-Jul-2021

'द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार 

आदिवासियों की जमीन पर लगे वृक्षों की कटाई की अनुमति की प्रक्रिया होगी सरलीकृत : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

अधिनियम में संशोधन की अनुशंसा : कलेक्टर के स्थान पर अनुविभागीय अधिकारी दो माह की समय-सीमा में दें अनुमति

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित छत्तीसगढ़ जनजाति सलाहकार परिषद की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण अनुशंसाएं

अभियान चलाकर वन अधिकार मान्यता पत्र प्राप्त हितग्राहियों की भूमि में कराए जाएं सुधार कार्य: फलदार वृक्षों के रोपण के साथ अंतरवर्ती फसलों के लिए दिया जाए प्रशिक्षण 

प्रयास आवासीय विद्यालयों में अब प्रदेश के सम्पूर्ण अनुसूचित क्षेत्रों के विद्यार्थियों को प्रवेश देने की अनुशंसा  

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए सरगुजा में खुलेगा ‘‘परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केन्द्र‘‘

विशेष पिछड़ी जनजातियों के शिक्षित युवाओं की सरकारी नौकरियों में भर्ती प्रक्रिया होगी तेज

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में आज यहां उनके निवास कार्यालय में आयोजित की गई छत्तीसगढ़ जनजाति सलाहकार परिषद की बैठक में जनजाति हितों से जुड़े विभिन्न विषयों पर गहन विचार-विमर्श कर अनेक महत्वपूर्ण अनुशंसाएं की गई। 

आदिवासियों की निजी भूमि पर वृक्षों को काटने के लिए अनुमति प्रदान करने की प्रक्रिया को सरलीकृत करने के प्रस्ताव पर सदस्यों के साथ चर्चा के बाद सर्वसम्मति से आदिम जनजातियों का संरक्षण (वृक्षों के हित में) अधिनियम 1999 एवं नियम 2000 में संशोधन की अनुशंसा की गई। जिसके अनुसार वृक्ष काटने की अनुमति कलेक्टर की जगह अनुविभागीय अधिकारी राजस्व द्वारा दो माह की  समय-सीमा के भीतर प्रदान की जाए। हितग्राही वृक्ष काटने की अनुमति हेतु अपना आवेदन अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को देंगे। स्थल पर मौके का मुआयना पटवारी और रेंजर द्वारा किया जाएगा। अनुमति मिलने के बाद वन विभाग द्वारा वृक्ष की कटाई और नीलामी की कार्यवाही की जाएगी तथा वनमण्डलाधिकारी द्वारा संबंधित  हितग्राही के बैंक खाते में राशि जमा की जाएगी। इससे अवैध कटाई पर अंकुश लगेगा और आदिवासियों को उनके वृक्ष का उचित दाम मिलेगा। बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत जो हितग्राही वृक्ष लगाएंगे उन्हें काटने के लिए हितग्राहियों को केवल सूचना देनी होगी। 

बैठक में व्यक्तिगत वन अधिकार मान्यता पत्र प्राप्त हितग्राहियों की भूमि पर मनरेगा के माध्यम से भूमि समतलीकरण और सुधार का कार्य के लिए अभियान चलाने की अनुशंसा की गई। यह भी सुझाव दिया गया कि क्रेडा के माध्यम से हितग्राही की भूमि पर सिंचाई के लिए सोलर पम्प लगाया जाएगा और भूमि पर फलदार प्रजातियों जैसे हर्रा, बेहड़ा, आंवला, महुआ, बांस, आम, इमली, चिरौंजी, नींबू आदि के पौधों का रोपण किया जाए। हितग्राही को जिमीकंद, हल्दी, तिखुर जैसी अंतरवर्ती फसलों का प्रशिक्षण प्रदान करने का सुझाव भी दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजाति परिषद के सदस्य अपने-अपने क्षेत्रों में पात्र लोगों को वन अधिकार पट्टे दिलाने और उनकी भूमि पर सुधार कार्य, फलदार वृक्षों के रोपण, तालाब और डबरी निर्माण के लिए सक्रिय पहल करें। अपने भ्रमण के दौरान जिला मुख्यालयों में आयोजित बैठकों में भी इन कार्याें की प्रगति की जानकारी लें। उन्होंने बीजापुर और सुकमा जिले में इसके लिए विशेष प्रयास करने को कहा।

मुख्यमंत्री ने नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र में गांवों का सर्वे कर ग्रामीणों को विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए उनके प्रारंभिक अभिलेखों का प्रकाशन कर भुईंया पोर्टल में उनकी प्रविष्टि करने के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि ओरछा विकासखण्ड को चार गांवों में जहां राजस्व सर्वेक्षण का कार्य पूरा हो गया है, वहां पट्टा पात्र किसानों ने इस वर्ष पहली बार लैम्पस में समर्थन मूल्य पर धान बेचा। उन्होंने कहा कि ऐसे शहरी क्षेत्र जहां वन भूमि है, वहां पात्रताधारियों को वन मान्यता आधार पत्र दिए जाएं।

छत्तीसगढ़ जनजाति सलाहकार परिषद की बैठक में प्रयास आवासीय विद्यालय में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के साथ सम्पूर्ण अनुसूचित क्षेत्र के बच्चों को प्रवेश देने की अनुशंसा की गई। प्रयास आवासीय विद्यालय में नक्सल प्रभावित जिलों से चयनित विद्यार्थियों को कक्षा 9वीं से 12वीं तक अध्ययन एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाती है। वर्तमान में नक्सल प्रभावित 9 जिलों के बच्चों को प्रयास आवासीय विद्यालय में प्रवेश दिया जा रहा है। अब सम्पूर्ण अनुसूचित क्षेत्र के 25 जिलों के बच्चों को प्रवेश देने और नक्सल पीड़ित परिवारों के बच्चों को बिना प्रवेश परीक्षा के सीधे प्रयास आवासीय विद्यालय में दाखिला देने की अनुशंसा की गई। इसी तरह सरगुजा में विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ‘‘परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केन्द्र‘‘ खोलने की अनुशंसा की गई। वर्तमान में रायपुर, बिलासपुर, जगदलपुर, नारायणपुर और कबीरधाम जिले में परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केन्द्र संचालित हैं, जहां विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाती है। 

छत्तीसगढ़ जनजाति सलाहकार परिषद की बैठक में आज पहली बार पहाड़ी कोरवा विकास अभिकरण के अध्यक्ष श्री पीताम्बर राम और बैगा विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री गिरधारी बैगा शामिल हुए और मुख्यमंत्री ने उनसे चर्चा भी की। परिषद की इससे पूर्व आयोजित बैठक में जनजाति सलाहकार परिषद में विशेष पिछड़ी जनजाति के प्रतिनिधियों को शामिल करने की अनुशंसा की गई थी। श्री गिरधारी बैगा ने मुख्यमंत्री से चर्चा के दौरान मरवाही के धनौली में कक्षा 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के लिए छात्रावास और एक कन्या छात्रावास की स्वीकृति तथा विशेष पिछड़ी जनजाति के लोगों को बकरी पालन, मुर्गी पालन, सुअर पालन, गाय पालन के लिए शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने उनसे कहा कि जनजाति के युवा समूह बनाकर गौठानों में इन गतिविधियों को प्रारंभ कर सकते हैं, इनके लिए सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। कोदो, कुटकी के लिए हाॅलर मिल की व्यवस्था भी गौठान में की जाएगी। बैठक में विशेष पिछड़ी जनजातियों के शिक्षित युवाओं को सरकारी नौकरियों में भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने की अनुशंसा की गई।  

     बैठक में आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति मंत्री एवं परिषद के उपाध्यक्ष डॉ. प्रेमसाय सिंह, खाद्य मंत्री श्री अमरजीत भगत, राज्य जनजाति परिषद के उपाध्यक्ष श्री रामपुकार सिंह, संसदीय सचिव श्री शिशुपाल सोरी, सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री बृहस्पति सिंह, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के सचिव श्री डी. डी. सिंह, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग की आयुक्त श्रीमती शम्मी आबिदी मुख्यमंत्री निवास में उपस्थित थीं ।

विधानसभा के उपाध्यक्ष श्री मनोज मण्डावी, सांसद श्री दीपक बैज, संसदीय सचिव श्री इंदरशाह मंडावी,  श्री चिंतामणि महाराज, बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री लखेश्वर बघेल, उपाध्यक्ष सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण श्री गुलाब कमरो, मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष डॉ. लक्ष्मी ध्रुव, विधायक श्रीमती देवती कर्मा, श्री विनय भगत, श्री अनूप नाग, श्री चक्रधर सिंह, श्री बोधराम कंवर, पहाड़ी कोरवा विकास अभिकरण अम्बिकापुर के अध्यक्ष श्री पीताम्बर राम और बैगा विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री गिरधारी बैगा के साथ ही प्रमुख सचिव विधि एवं विधायी कार्य श्री नरेन्द्र कुमार चन्द्रवंशी, वन विभाग के प्रमुख सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ, राजस्व विभाग की सचिव सुश्री रीता शांडिल्य, वित्त एवं नगरीय प्रशासन विभाग की सचिव श्रीमती अलरमेलमंगई डी, बस्तर संभाग के आयुक्त श्री जी.आर चुरेन्द्र, बिलासपुर संभाग के आयुक्त श्री संजय कुमार अलंग तथा सरगुजा संभाग की आयुक्त सुश्री जिनेविवा किण्डो वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग द्वारा बैठक में शामिल हुईं ।

 


छत्तीसगढ़ ने कृषि क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर एक बार फिर से लहराया परचम : कृषि विज्ञान केन्द्र कोरिया देश के सर्वश्रेष्ठ कृषि विज्ञान केन्द्र के रूप में सम्मानित

छत्तीसगढ़ ने कृषि क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर एक बार फिर से लहराया परचम : कृषि विज्ञान केन्द्र कोरिया देश के सर्वश्रेष्ठ कृषि विज्ञान केन्द्र के रूप में सम्मानित

17-Jul-2021

'द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार 

छत्तीसगढ़ ने कृषि क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर एक बार फिर से लहराया परचम : कृषि विज्ञान केन्द्र कोरिया देश के सर्वश्रेष्ठ कृषि विज्ञान केन्द्र के रूप में सम्मानित

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के स्थापना दिवस के अवसर पर केव्हीके कोरिया को मिला वर्ष 2020 पंडित दीनदयाल उपाध्याय कृषि विज्ञान राष्ट्रीय प्रोत्साहन पुरस्कार

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल एवं कृषि मंत्री श्री रविन्द्र चौबे ने दी बधाई

सुराजी गांव योजना के नरवा, गरूवा, घुरवा, बाड़ी विकास कार्यक्रम को मिली राष्ट्रीय पहचान

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रायपुर : छत्तीसगढ़ ने कृषि विकास के क्षेत्र में एक बार फिर से राष्ट्रीय स्तर पर अपना परचम फहराया है। छत्तीसगढ़ राज्य के कृषि विज्ञान केन्द्र कोरिया को भारत सरकार द्वारा देश के सर्वश्रेष्ठ कृषि विज्ञान केन्द्र के रूप में पुरस्कृत किया गया है।   कृषि विज्ञान केन्द्र कोरिया को छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी योजना नरवा, गरूवा, घुरवा और बाड़ी के प्रभावी क्रियान्वयन तथा कृषकों में उद्यमिता विकास हेतु सम्मानित किया गया है। भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के 93 वें स्थापना दिवस के अवसर पर आज कृषि भवन नई दिल्ली में आयोजित सम्मान समारोह में केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कृषि विज्ञान केन्द्र कोरिया को देश भर में संचालित 722 कृषि विज्ञान केन्द्रों में सर्वश्रेष्ठ कृषि विज्ञान केन्द्र के रूप में कृषि विज्ञान राष्ट्रीय प्रोत्साहन पुरस्कार-2020 से सम्मानित किया। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल, कृषि एवं जल संसाधन मंत्री श्री रविन्द्र चौबे ने कृषि विज्ञान केन्द्र कोरिया की इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। कृषि मंत्री ने कहा है कि कृषि विज्ञान केन्द्र कोरिया की टीम ने अपने अथक परिश्रम एवं नवाचार से कोरिया जिले के किसानों को लाभकारी और उन्नत खेती की ओर प्रेरित किया है।

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सम्मान समारोह कार्यक्रम में केन्द्रीय पशुधन विकास मंत्री श्री पुरूषोत्तम रूपाला, कृषि राज्य मंत्री श्री कैलाश चौधरी एवं सुश्री शोभा करंदलाजे तथा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक डॉ. त्रिलोचन महापात्रा, उपमहानिदेशक डॉ. ए.के. सिंह उपस्थित थे। कृषि उत्पादन आयुक्त छत्तीसगढ़ डॉ. एम.गीता, कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान जबलपुर के निदेशक डॉ. एस.आर.के. सिंह, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एस.के. पाटिल एवं निदेशक विस्तार सेवाएं डॉ. एस.सी. मुखर्जी कार्यक्रम में वर्चुअल रूप से शामिल हुए। कृषि विज्ञान केन्द्र कोरिया के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. रंजीत सिंह राजपूत ने यह पुरस्कार वर्चुअल माध्यम से ग्रहण किया। उल्लेखनीय है कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित कृषि विज्ञान केन्द्रों को चौथी बार राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है। इसके पूर्व कृषि विज्ञान केन्द्र बस्तर, कृषि विज्ञान केन्द्र दंतेवाड़ा तथा कृषि विज्ञान केन्द्र कांकेर को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जा चुका है।

     कृषि विज्ञान केन्द्र कोरिया को यह सम्मान छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी योजना नरवा, गरूवा, घुरवा और बाड़ी के प्रभावी क्रियान्वयन, कृषकों को संगठित कर किसान उत्पादक संगठन (कोरिया एग्रो प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड) की स्थापना, जिले में 55 एकड़ में गौठान ग्रामों में चारागाह विकास कार्यक्रम, नवोन्मेषी कृषि, उद्यानिकी एवं संबंधित गतिविधियों में सिंदूर हर्बल पावडर, लेमनग्रास चायपत्ती, शकरकंद आटा, हल्दी, नीलगिरी एवं सौंफ की पत्तियों व टहनियों से सगंध तेल निष्कासन एवं गौठान ग्रामों में सौंफ की खेती का सफल प्रदर्शन, शहद उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए आदिवासी कृषकों का समूह बनाकर मधुमक्खी पालन एवं दलहन तथा तिलहन फसलों की उन्नत प्रजातियों का कल्स्टर प्रदर्शन, छत्तीसगढ़ में किसानों की आय बढ़ाने हेतु विभिन्न फसलों के प्रसंस्करण एवं विपणन आदि नवोन्मेषी कार्यों के सफल क्रियान्वयन हेतु प्रदान किया गया है।  

उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन-कोरिया के सहयोग से कृषि विज्ञान केन्द्र कोरिया द्वारा 55 एकड़ में गौठान ग्रामों में चारागाह विकास कार्यक्रम के अंतर्गत चारा फसलों की उन्नत किस्मों जैसे-नेपियर, बहुवर्षीय ज्वार का प्रादर्श प्रक्षेत्र स्थापित किया गया। गौठान ग्रामों में नगदी फसलों को बढ़ावा देने के लिए 35 एकड़ में हल्दी की उन्नत प्रजातियाँ जैसे-रोमा, बी.एस.आर-2 एवं रश्मि का प्रदर्शन प्रक्षेत्र स्थापित किया गया है। कृषकों की सामूहिक बाड़ियों का चयन कर 75 एकड़ में ड्रिप पद्धति से फलदार मातृवाटिका तैयार कर अर्न्तवर्तीय खेती के रुप में सामूहिक बाड़ियों में फसल विविधकरण के अंतर्गत 40-50 एकड़ में पड़त भूमि विकास के अंतर्गत लेमनग्रास, खस, पामारोजा, सिट्रोनेला एवं शकरकन्द इत्यादि का रोपण कर पड़त भूमि की फसल सघनता को 300 प्रतिशत तक आंका गया। केन्द्र द्वारा बाड़ी विकास कार्यक्रम में सब्जियों की उन्नत प्रजाति सह फलदार पौध रोपण का तकनीकी प्रदर्शन 200 बाड़ियों में क्रियान्वित किया गया। घुरवा प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए आदिवासी कृषक समूह द्वारा   कृषि विज्ञान केन्द्र कोरिया एवं मनरेगा से 100 केचुआ टांका की स्थापना कर केचुआ खाद, वर्मीवाष एवं केचुआ का विक्रय किया गया। वैज्ञानिकों द्वारा गौठान ग्रामों में महिला समूह को गुणवत्ता युक्त केचुआ एवं खाद उत्पादन, केचुआ उत्पादन का प्रशिक्षण एवं तकनीकी मार्गदर्शन निरंतर प्रदान किया जा रहा है।  

कृषि विज्ञान केन्द्र कोरिया द्वारा कृषकों को संगठित कर किसान उत्पादक संगठन ‘‘कोरिया एग्रोप्रोड्यूसर’’ नामक कम्पनी बनाई गई है, जो 22 कृषि आधारित उत्पादों का निर्माण, प्रसंस्करण एवं विपण कर रही है। 573 कृषक सदस्यों वाली इस कम्पनी ने इस वर्ष 42 लाख रूपये का व्यवसाय किया है। इस किसान उत्पादक संगठन में 72 प्रतिशत सदस्य आदिवासी कृषक हैं। जिला प्रशासन कोरिया के वित्तीय सहयोग से कृषि विज्ञान केन्द्र कोरिया के तकनीकी मार्गदर्शन में किसान उत्पादक संगठन के लिए प्रसंस्करण एवं मूल्यवर्धन उत्पादों हेतु दुग्ध प्रसंस्करण, सगंध तेल निष्कासन हेतु भाप संयंत्र, दाल मिल, राईस मिल, खाद्य तेल मिल, सगंध अगरबत्ती निर्माण मशीन की स्थापना कर 20-25 उत्पाद मानक आधार पर तैयार कराकर विपणन के लिए खादी इंडिया, ट्राईफेड इंडिया, हस्त शिल्प विकास बोर्ड, खादी ग्रामोद्योग इत्यादि को उपलब्ध कराया जा रहा है। महिला समूहों की आजीविका उन्नयन हेतु केन्द्र द्वारा हस्त निर्मित सगंध साबुन एवं सगंध अगरबत्ती निर्माण एवं विपण का भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कृषि विज्ञान केन्द्र द्वारा जिले के किसानों को प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना एवं मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत निरंतर व्यवसायिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। नवोन्मेषी कृषि, उद्यानिकी एवं संबंधित गतिविधियों में सिंदूर हर्बल पावडर, लेमनग्रास चायपत्ती, शकरकंद आटा, हल्दी, नीलगिरी एवं सौंफ की पत्तियों व टहनियों से सगंध तेल निष्कासन एवं गौठान ग्रामों में सौंफ की खेती का प्रदर्शन किया जा रहा है।


साझा कम्युनिकेशन पर किसान सभा की प्रतिक्रिया

साझा कम्युनिकेशन पर किसान सभा की प्रतिक्रिया

12-Jul-2021

साझा कम्युनिकेशन पर किसान सभा की प्रतिक्रिया

*छत्तीसगढ़ किसान सभा (CGKS)*
*(अ. भा. किसान सभा - AIKS से संबद्ध)*
*नूरानी चौक, राजा तालाब, रायपुर, छग*

*'साझा कम्युनिकेशन' के जरिये वनाधिकार कानून को कमजोर करने की कोशिश, किसान सभा ने जताया विरोध*

छत्तीसगढ़ किसान सभा ने केंद्र की मोदी सरकार पर आदिवासी मंत्रालय तथा वन व पर्यावरण मंत्रालय के 'साझा कम्युनिकेशन' के जरिये आदिवासी वनाधिकार कानून को कमजोर करने का आरोप लगाया है। किसान सभा ने इस कम्युनिकेशन को वापस लेने तथा वनाधिकार कानून के प्रावधानों के अनुसार इसके क्रियान्वयन के लिए पूर्व की तरह ही आदिवासी मंत्रालय को नोडल एजेंसी बनाने की मांग की है।

आज यहां जारी एक बयान में छग किसान सभा के अध्यक्ष संजय पराते और महासचिव ऋषि गुप्ता ने कहा है कि सत्ता में आने के बाद से ही मोदी सरकार वनाधिकार कानून को कमजोर व निष्प्रभावी करने की कोशिश कर रही है। इसी कोशिश का नतीजा हाल ही में आदिवासी और वन व पर्यावरण मंत्रालय द्वारा जारी 'साझा कम्युनिकेशन' है, जो पूरी तरह वनाधिकार कानून के प्रावधानों का उल्लंघन करता है और आदिवासी मंत्रालय को शक्तिहीन बनाते हुए उसे वन व पर्यावरण मंत्रालय के मातहत करता है।

किसान सभा नेताओं ने कहा कि वनाधिकार कानून में 'आदिवासियों के साथ जारी ऐतिहासिक अन्याय' के लिए वन विभाग को जिम्मेदार ठहराया गया है और इस कानून को क्रियान्वित करने की जिम्मेदारी आदिवासी मंत्रालय को सौंपी है। इसके बावजूद यह कम्युनिकेशन सामुदायिक वन प्रबंधन में, गैर-इमारती वनोत्पादों के उपयोग में आदिवासी समुदायों की भागीदारी को सीमित करता है तथा नीति निर्धारण के क्षेत्र में वन मंत्रालय को महत्वपूर्ण स्थान देता है, जो पूरी तरह से वनाधिकार कानून की भावना के ही खिलाफ है।

किसान सभा नेताओं ने कहा कि वनाधिकार कानून बनने के बाद भी वन मंत्रालय वनों पर अपने आधिपत्य को छोड़ने के लिए तैयार नहीं है। यही कारण है कि उसने वन अधिनियम में आदिवासी विरोधी संशोधनों को प्रस्तावित किया था, वनों को निजी हाथों में सौंपने की वकालत करती है तथा विकास के नाम पर आदिवासियों को विस्थापित करने की योजना बनाती है। अपने आदिवासी विरोधी रूख के कारण इस मंत्रालय ने कभी भी न तो वनाधिकार कानून का सम्मान किया और न ही आदिवासी समुदायों की स्वीकृति और सहमति प्राप्त करने की कोशिश की।

छत्तीसगढ़ किसान सभा ने इस आदिवासी विरोधी 'साझा कम्युनिकेशन' वापस लेने, वनाधिकार कानून के सही क्रियान्वयन के लिए आदिवासी मंत्रालय को सशक्त बनाने तथा वन भूमि पर काबिज आदिवासियों व कमजोर वर्गों की बेदखली पर रोक लगाकर उन्हें व्यक्तिगत व सामुदायिक उपभोग के लिए अधिकार पत्र देने तथा पेसा कानून के अनुसार विकास कार्यों के लिए आदिवासी समुदायों की सहमति व स्वीकृति को अनिवार्य बनाने की मांग की है।

*संजय पराते*, अध्यक्ष
(मो) 094242-31650
*ऋषि गुप्ता*, महासचिव
(मो) 094062-21661

 


राजनांदगांव: बीएमओ डॉ. विवेक बिसेन की कृपा से खैरागढ़ सरकारी अस्पताल में वाहन चालक कर रहा लेखापाल का काम!, अनुविभागीय अधिकारी को भी नहीं है जानकारी!

राजनांदगांव: बीएमओ डॉ. विवेक बिसेन की कृपा से खैरागढ़ सरकारी अस्पताल में वाहन चालक कर रहा लेखापाल का काम!, अनुविभागीय अधिकारी को भी नहीं है जानकारी!

08-Jul-2021

राजनांदगांव: बीएमओ डॉ. विवेक बिसेन की कृपा से खैरागढ़ सरकारी अस्पताल में वाहन चालक कर रहा लेखापाल का काम!, अनुविभागीय अधिकारी को भी नहीं है जानकारी!

नितिन कुमार भांडेकर

स्वास्थ्य मंत्री टी एस बाबा देखिए क्या हो रहा है आपके विभाग में?

राजनांदगांव/खैरागढ़ : खैरागढ़ के सरकारी अस्पताल में बीएमओ डॉ. विवेक बिसेन द्वारा सांठ गांठ करके एक ड्राइवर को दे दिया गया जीवनदीप समिति चलाने का जिम्मा।

खैरागढ़ विधायक और खैरागढ़ अनुविभागीय अधिकारी को भी नहीं है इसकी जानकारी।

खैरागढ़ के रहने वाले संजय श्रीवास्तव जीवनदीप समिति का लेखापाल का कार्य नियम विपरीत कई सालों से कर रहे हैं जबकि वर्तमान में सरकारी अस्पताल में चार चार बाबू खाली बैठे हैं।

दाऊ चौरा निवाशी एक व्यक्ति ने इस सबन्ध में जिला के उच्च अधिकारियों को इस सबन्ध में शिकायत भी की थी किंतु इस पर न जाने किसकी कृपा बरस रही है कि, अभी भी उक्त वाहन चालक बाबूगिरी का कार्य संभाल रहा है। कमलेश त्रिपाठी जो लेखापाल हैं उन्हें कुछ महीने ही हुवा है कुछ जिम्मेदारी दिए हुए जिनमें उनका काम सिर्फ वेतन सबंधी कार्य करना है। जबकि जीवन दीप समिति का संपूर्ण लेखा जोखा अस्पताल के ड्राइवर बाबू संजय श्रीवास्तव जी संभाल रहे हैं। कमलेश त्रिपाठी को लेखपाल का कार्य उच्च अधिकारियों से फटकार मिलने के बाद दिया गया है। पर आपको बता दें लेखपाल को अभी तक पूरा चार्ज नहीं दिया गया है।

खैरागढ़ के विधायक और अनुविभागिय अधिकारी अभी तक तो उक्त वाहन चालक को ही लेखापाल समझ रहे थे। चालक का ठाठ बाठ तो सातवें आसमान है। और होगा भी क्यों नहीं कई सालों से मलाई जो खा रहा है। 

बड़ा सवाल ―
नियमतः देखा जाए तो ऐसी क्या मजबूरी आन पड़ी थी कि एक चालक को जीवनदीप समिति के लेखा जोखा का कार्य चार-चार बाबू के रहते देना पड़ा। कहीं ये भ्रष्टाचार का लंबा खेल का मोहरा तो नहीं है? आखिर क्यों एक वाहन चालक को जीवनदीप समिती के लांखों के लेनदेन का हिसाब किताब का कार्य नियम विपरीत करवाया जा रहा है । जबकि चार-चार लेखा अधिकारी उक्त सरकारी अस्पताल में पदस्थ हैं। 

खबर लगने के बाद देखते हैं उक्त मामले पर स्वास्थ्य विभाग के मुखिया स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंह देव जी क्या कार्यवाही करते हैं। या ऐसे ही भर्राशाही करने अभयदान दे देंगे। देखना होगा सबन्धित मामले पर कितनी गंभीरता दिखाती है प्रशासन।