मशहूर टाइम मैगजीन 1377 करोड़ रूपये में बिकी

मशहूर टाइम मैगजीन 1377 करोड़ रूपये में बिकी

17-Sep-2018

दिल्ली 

अमेरिकी मीडिया कंपनी मेरेडिथ कॉर्प ने मशहूर ‘टाइम’ मैगजीन को बेच दिया है। सेल्सफोर्स के सह-संस्थापक मार्क बेनीऑफ और उनकी पत्नी ने इस मैगजीन को 190 मिलियन डॉलर ( करीब 1377 करोड़ भारतीय रुपये) में खरीदा। द वॉल स्ट्रीट जर्नल की खबर के मुताबिक, यह पत्रिका सेल्सफोर्स के चार सह-संस्थापकों में एक मार्क बेनीऑफ को 190 मिलियन डॉलर में बेची गई है। मेरेडिथ कॉर्पोरेशन की ओर से बताया गया कि टाइम मैगज़ीन का सौदा 190 मिलियन डॉलर में हुआ है। इसे बेनॉफ दंपति को बेचा जा रहा है। बेनॉफ क्लाउड कंप्यूटिंग की अगुवा कंपनी सेल्फफोर्स के को-फाउंडर हैं। मेरेडिथ की घोषणा में कहा गया कि बेनॉफ दंपति टाइम मैगज़ीन के रोजमर्रा के कामकाज और पत्रकारिता से जुड़े कामों और फैसलों में शामिल नहीं रहेंगे। ये फैसले टाइम मैगजीन की मौजूदा एक्ज़ीक्यूटिव लीडरशिप ही लेगी।

मेरेडिथ के प्रेसीडेंट और सीईओ टॉम हार्टी ने कहा, ‘हम टाइम जैसे प्रतिष्ठित ब्रांड के लिए मार्क और लाइनी बेनॉफ जैसे खरीददारों को पाकर काफी खुश हैं। पिछले 90 सालों में टाइम सबसे बड़ी और अहम घटनाओं के साथ ही पूरी दुनिया पर असर डालने वाली खबरों का गवाह रहा है। इन खबरों ने पूरी दुनिया के बीच बातचीत को आकार दिया है। सेल्सफोर्स ‘क्लाउड कंप्यूटिंग’ की दिग्गज कंपनी है। ‘पीपल’ और ‘बेटर होम्स एंड गार्डन्स’ जैसी पत्रिकाओं का प्रकाशन करने वाली मेरेडिथ ने आठ महीने पहले ‘टाइम इंक’ की चार पत्रिकाओं को मार्च में बेचने की पेशकश की थी। ‘टाइम’ के बाद अब बची हुई तीन पत्रिकाओं फॉर्च्यून, मनी और स्पोर्ट्स इलस्ट्रेटेड की बिक्री की बिक्री के संबंध में बातचीत जारी है।

ये प्रस्तावित बिक्री 30 दिनों में पूरी होने की उम्मीद है। द वॉल ​स्ट्रीट जनरल को दिए अपने इंटरव्यू में बेनॉफ ने कहा, ” मैं और मेरी पत्नी ऐसी कंपनी में निवेश कर रहे थे जिसका पूरी दुनिया में व्यापक असर है। ये ऐसी कंपनी भी है जिसका कारोबार भी बेहद मजबूत है। ये वही है, जिसे हम परिवार के तौर पर निवेश करने के लिए चाहते थे।” इससे पहले द वॉशिंगटन पोस्ट को अमेजन के संस्थापक जेफ बेजोस ने 2013 में खरीदा था। ये सौदा उस वक्त करीब 250 मिलियन डॉलर (करीब 1800 करोड़ रुपये) में हुआ था। वैसे बता दें कि टाइम मैगजीन को येल विश्वविद्यालय के छात्रों हेनरी लूस और ब्रिटोन हैडन ने शुरू किया था। इसकी पहली बिक्री मार्च 1923 में शुरू हुई थी।

जनसत्ता से साभार 


उसिया प्रकरण: एक  महिला की बेइज़्ज़ती का बदला चार महिला की बेइज्जती कर लिया

उसिया प्रकरण: एक महिला की बेइज़्ज़ती का बदला चार महिला की बेइज्जती कर लिया

15-Sep-2018

गाजीपुर : जिला ग़ाज़ीपुर के दिलदारनगर के ग्राम उसिया में पिछले कुछ दिनों पूर्व घटित घटना ने जिले को हिला कर रख दिया है। एक ओर कानून व्यवस्था की लचर स्थिति को उजागर किया है तो दूसरी ओर गांव के पठानों की करतूतों ने शर्मशार कर दिया है। देश की न्याययालयों को न्याय का मंदिर कहा जाता है इसी प्रकार गांव की पंचायतों को पंच परमेश्वर का दर्जा प्राप्त है, जहाँ सिर्फ न्याय होता है, बिना किसी जात-पात या भेद-भाव के, पर गांव उसिया की पंचायत ने इन लफ़्ज़ों का मतलब ही बदल दिया है। किस प्रकार खाप पंचायत गांव  के दबंग पठानों के हाथ की कठपुतली हो गयी है या यूँ कहें कि बिक गयी है कि एक महिला की बेइज़्ज़ती का बदला चार महिलाओं की बेइज़्ज़ती कर लेने को सही फरमाती है।

उसिया गांव  के पठानों का आतंक दिन प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है। गांव के दलित या अन्य पिछड़ों को तो ये इंसान ही नहीं समझते हैं। ये मात्र इनके लिए गाय-बकरी हैं। आये दिन इन दलितों पर अत्याचार करना, इनकी बहु-बेटियों के साथ छेड़छाड़ करना ये अपनी शान समझते हैं। यह बात कोई छुपी हुई नहीं है। 

गांव के जमालू प्रधान, शरफुद्दीन खां, इक़बाल खां उर्फ़ बाला, रशीद मैनेजर और कुछ अन्य पठान अपने आपको उसिया गांव का रहनुमा समझने लगे हैं। इनके आतंक से गांव का माहौल दिन प्रतिदिन बद से बदतर होते जा रहा है। नहीं समझ आ रहा है कि कौन इनके आतंक से गांव को बचाएगा। गांव न हो गया इन पठानों के अपराध का गढ़ बन गया है। 

आज गांव का एक भी दलित या अन्य पिछड़ा वर्ग समाज अपने आपको सुरक्षित महसूस नहीं कर रहा है और न ही इनके घर की बहु-बेटियों की आबरू सुरक्षित है। पता नहीं कब कौन पठान इनकी बहु बेटी की चुन्नी तार-तार कर दे? गांव से लगा हुआ थाना दिलदार नगर है पर इन पठानों को थाना, कोर्ट कचहरी का, प्रशाशन का कोई डर और भय नहीं है। सबको ये अपनी जेब में भरकर घूमते हैं और गलती से किसी गांव वालों ने इनकी शिकायत कर दी तो बस जो इस शाहजहां(जुलाहे) और उसके घर के बहु बेटी माँ के साथ अभद्र व्यवहार किया है वही दोहराते हैं। गांव के लोगों की जमीन पर कब्ज़ा करना, उनकी फसलों पर कब्ज़ा करना, उनके घर पर कब्ज़ा करना, यही धंधा बन गया है इन पठानों का। जमीन तो छोड़िये, ये कब्रिस्तान, तालाब को भी नहीं छोड़ते हैं। वहां पर भी ये कब्ज़ा कर बैठे हैं। और जब कोई मज़लूम इनकी शिकायत करता है तो उसे शाहजहां की तरह झूठे अपराध के मामले में फसाकर उससे और उसके परिवार से बदला लेते हैं। मार-मार कर उसका दम निकाल देते हैं। 

जिस तरह गांव के पठानों ने अपने बिरादरी के पढ़े लिखे नौजवान लड़कों को इस जात-पात की लड़ाई में झोक दिया है इससे इन नौजवानों का भविष्य अंधकारमय हो गया है। क्योंकि इस प्रकार के खून खराबे से ये अपना भविष्य स्वयं अपने हाथों से बर्बाद कर रहे हैं। इन पठानों की मूर्खता का भुगतान इन बेचारे नौजवान पीढ़ी को अपना भविष्य ख़राब कर भुगतना होगा। 

आज पढ़े लिखे होने के बावजूद भी पठान अपने जंगली रवैये से बाज नहीं आ रहे हैं। वही जंगल राज का कानून आज भी गांव में चल रहा है। वही जंगल राज कानून एक के बदले चार की जान लेना इनका शौक बन गया है। तथाकथित एक महिला की बेइज़्ज़ती का बदला ये उसी प्रकार चार महिलाओं की बेइज़्ज़ती से ले रहे हैं। आज तक उस महिला को न्याय भी नहीं दिला पाए और बदनाम इतना किया कि चारो तरफ इसकी दुर्गन्ध फैली है।  गांव उसिया कब इन पठानों के बहशीपन से मुक्ति पायेगा ये तो खुदा  ही जाने। आज लोग पढ़े लिखे होने के बाद भी, देश में कानून राज होने के बाद भी, स्वयं अपनी खाप-पंचायत बुलाकर अपनी मनमर्ज़ी का फरमान जारी कर गांव के मजलूम लोगों पर अत्याचार कर रहे हैं। इन पठानों को देश के कानून, पुलिस, प्रशाशन किसी का भी सरोकार और डर-भय नहीं है।  क्या बूढ़ा, क्या जवान, सब अपनी मन मर्ज़ी के मालिक हैं। पठानों की क्रूरता का अंत कब होगा? यह गंभीर चिंता का विषय है।


देश के एक और भगोड़े ललित मोदी ने विजय माल्या के दावों की पुष्टि की, जेटली पर लगाया झूठ बोलने का आरोप

देश के एक और भगोड़े ललित मोदी ने विजय माल्या के दावों की पुष्टि की, जेटली पर लगाया झूठ बोलने का आरोप

14-Sep-2018

मीडिया रिपोर्टो से 

माल्या-जेटली मुलाकात विवाद पर कांग्रेस और बीजेपी के बीच जारी घमासान के बीच देश से फरार आईपीएल के पूर्व कमिश्नर ललिल मोदी भी कूद पड़े हैं। ललित मोदी ने विजय माल्या के दावों की पुष्टि करते हुए वित्त मंत्री पर झूठ बोलने का गंभीर आरोप लगाया है। साथ ही मोदी ने अपने ट्वीट में इशारों-इशारों में वित्त मंत्री की तुलना सांप से कर डाली है।

ललित मोदी ने ट्वीट कर वित्त मंत्री पर निशाना साधते हुए कहा है कि अरुण जेटली इनकार कर रहे हैं लेकिन ये बिल्कुल सच है कि विजय माल्या जाने से पहले उनसे मिले थे। उनको इस बात को स्वीकार करना चाहिए। वो क्यों इस बात को नकार रहे हैं कि वो माल्या से मिले हैं जबकि कई लोग इस बात को जानते हैं कि उसने मुलाकात की थी जो वहां पर मौजूद थे। जेटली को झूठ बोलने की आदत हो गई है। आप एक सांप (सांप का चिन्ह) से क्या उम्मीद कर सकते हैं।

दरअसल, माल्या ने बुधवार (12 सितंबर) को कहा कि वह भारत से रवाना होने से पहले वित्त मंत्री से मिला था। लंदन में वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश होने के लिए पहुंचे माल्या ने संवाददाताओं को बताया कि उसने मंत्री से मुलाकात की थी और बैंकों के साथ मामले का निपटारा करने की पेशकश की थी। उधर, वित्त मंत्री ने माल्या के बयान को झूठा करार देते हुए कहा कि उन्होंने 2014 के बाद उसे कभी मिलने का समय नहीं दिया। जेटली ने कहा कि माल्या राज्यसभा सदस्य के तौर पर हासिल विशेषाधिकार का ‘दुरुपयोग’ करते हुए संसद-भवन के गलियारे में उनके पास आ गया था। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कल माल्या के दावे को ‘अति गंभीर आरोप’ करार दिया था और कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को जांच का आदेश देना चाहिए और जांच पूरी होने तक जेटली को इस्तीफा दे देना चाहिए।

 


टूटी सड़क की शिकायत लेकर गए थे लोग, पार्षद ने उन्ही पर कर दिया SC-ST एक्ट के तहत मुकदमा

टूटी सड़क की शिकायत लेकर गए थे लोग, पार्षद ने उन्ही पर कर दिया SC-ST एक्ट के तहत मुकदमा

12-Sep-2018

ग्वालियर : एससी-एसटी एक्ट पर मचे घमासान के बीच ग्वालियर में एक साथ 100 लोगों के उपर इस एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ है. मुकदमा स्थानीय पार्षद ने दर्ज करवाया है. दरअसल, धोलपुर के कुशवाहा मोहल्ले में सड़क काफी दिनों से टूटी पड़ी है. सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं. सीवर का चैंबर भी खुला है. आए दिन खुले चैंबर और टूटी सड़क की वजह से कोई न कोई हादसा होता रहता है और लोग घायल हो जाते हैं, लेकिन मंगलवार को तो अति हो गई. दरअसल, बाइक पर बैठी एक बच्ची अचानक सड़क के गड्ढों में गिर पड़ी और बमुश्किल पिता ने उसको निकाला. इस घटना से स्थानीय लोग काफी नाराज हो गए और सड़क पर गड्ढों की शिकायत करने पार्षद के घर पहुंच गए.

लोगों का कहना है कि सड़क लंबे वक्त से टूटी पड़ी है और इस समस्या की CM हेल्पलाइन पर भी शिकायत की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई. सुनवाई न होने पर वे पार्षद को समस्या बताने गए थे. मंगलवार की घटना से लोगों में नाराजगी भी थी. दूसरी तरफ, वार्ड नंबर 21 से पार्षद चतुर्भुज धनौनिया ने आरोप लगाया है कि लोगों ने उनके साथ गाली-गलौज की और घर को घेर लिया. इसके बाद उन्होंने शिकायत करने पहुंचे सभी 100 लोगों पर एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करा दिया है.

साभार NDTV से 


MP : छिंदवाड़ा में आप नेता संजय सिंह की गाड़ी पर हमला

MP : छिंदवाड़ा में आप नेता संजय सिंह की गाड़ी पर हमला

11-Sep-2018

एजेंसियों से 

भोपाल : मध्‍य प्रदेश में आने वाले कुछ महीनों में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में राज्‍य की राजनीति भी गर्माने लगी है। आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्‍ठ नेता और राज्‍यसभा सांसद संजय सिंह एक कार्यक्रम में शिरकत करने प्रदेश के छिंदवाड़ा गए हुए हैं, जहां उन्‍हें लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा है। उन्‍होंने खुद ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी है। AAP सांसद ने लिखा, ‘छिंदवाड़ा में मेरी गाड़ी पर हमला हुआ। कार का दरवाजा खोलकर मुझे बाहर निकालने की कोशिश की गई। SC/ST एक्‍ट के नाम पर हिंसक विरोध शुरू हो गया है।’ इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया में आया है।

इसमें बड़ी तादाद में लोगों को उनकी कार को घेरे हुए देखा जा सकता है। बताया जा रहा है कि प्रदर्शनकारी SC/ST के मसले पर अपनी नाराजगी जता रहे थे। AAP सांसद को काले झंडे भी दिखाए गए। इस बीच, पुलिस अधिकारियों को वहां जमा लोगों को हटाने का प्रयास करते हुए भी देखा जा सकता है। लेकिन दर्जनों की तादाद में जमा लोग संजय सिंह की कार का रास्‍ता छोड़ने को तैयार नहीं थे। हालांकि, इस वीडियो में लोगों द्वारा सांसद को कार से निकालने का प्रयास करते हुए नहीं देखा गया। AAP सांसद ने उग्र लोगों पर कार से बाहर निकालने का भी आरोप लगाया है।

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने एक फैसले में SC/ST एक्‍ट में संशोधन किया था, जिसमें बिना जांच के गिरफ्तारी पर रोक लगा दी गई थी। नरेंद्र मोदी सरकार ने एक विधेयक लाकर शीर्ष अदालत के फैसले को पलट दिया और कानून के प्रावधानों को पूर्व की तरह ही बरकरार रखा। इसके बाद से ही कई राज्‍यों में इसका विरोध किया जा रहा है। कुछ‍ दिनों पहले इसमें संशोधन की मांग को लेकर भारत बंद का आह्वान किया गया था। इस दौरान कई जगहों पर विरोध-प्रदर्शन हिंसक हो गया था।


राजस्थान के राज्यपाल के पास आसाराम ने भेजी दया याचिका

राजस्थान के राज्यपाल के पास आसाराम ने भेजी दया याचिका

11-Sep-2018

एजेंसी 

जयपुर। नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप में राजस्थान की जोधपुर जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम का जेल में मन नहीं लग रहा है। उन्होंने राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह को पत्र लिखकर दया की गुहार लगाई है। इतना ही नहीं उन्हेंने जिलाधिकारी के पास पैरोल के लिए आवेदन किया है। लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं मिला। बता दें कि आसाराम ने राजस्थान के राज्यपाल का दरवाजा खटखटाया है।

उन्होंने दया याचिका राज्यपाल कल्याण सिंह को भेजी है। दया याचिका को राजभवन ने गृह विभाग भेज दिया है। अब डीजीपी जेल के मार्फत पूरी रिपोर्ट मंगवाई है। डीजी जेल ने जोधपुर जेल से रिपोर्ट मांगी है। बता दें कि अपनी याचिका में आसाराम ने सजा को कम करने सहित अन्य राहत मांगी है। सुप्रीम कोर्ट में अब तक आसाराम की करीब 10 जमानत याचिकाएं खारिज हो चुकी हैं। 


नन रेप केस में ननों ने पुलिस पर लगाया बिशप को बचाने का आरोप

नन रेप केस में ननों ने पुलिस पर लगाया बिशप को बचाने का आरोप

10-Sep-2018

कोच्चि: विभिन्न कैथोलिक सुधार संगठनों ने रोमन कैथोलिक चर्च के बिशप के खिलाफ एक नन द्वारा दायर बलात्कार की शिकायत की जांच में पुलिस की ओर से कथित तौर पर ढिलाई बरते जाने के खिलाफ रविवार को यहां दूसरे दिन प्रदर्शन किया. इस बीच पांच ननों ने शीर्ष पुलिस अधिकारियों पर मामले की जांच में रोड़े अटकाने के प्रयास करने का आरोप लगाया.
कोट्टायम में एक कान्वेंट की ननों ने जालंधर के बिशप फ्रैंको मुलक्कल के खिलाफ जांच अपराध शाखा को सौंपने के कथित रिपोर्टों की निंदा की. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस अधिकारी बिशप फ्रैंको को बचाने के लिए मामले की जांच में देरी करने का प्रयास कर रहे हैं.
प्रदर्शन में शामिल लोगों ने ‘‘अपनी सिस्टर’’ के लिए न्याय की मांग की और उन्होंने वाइकोम के पुलिस उपाधीक्षक के.सुभाष द्वारा की जा रही जांच पर विश्वास जताया. ननों ने दावा किया कि पुलिस अधिकारी बिशप फ्रैंको को बचाने के लिए मामले की जांच में देरी करने का प्रयास कर रहे हैं.

उन्होंने कहा, ‘‘हमें पुलिस उपाधीक्षक की जांच में पूर्ण विश्वास है लेकिल शीर्ष पुलिस अधिकारी उन्हें स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच करने नहीं दे रहे हैं.’’ एक नन ने कोट्टायम जिले में कुरविलंगाडू में संवाददाताओं से बातचीत में आरोप लगाया,‘‘उन्हें स्वतंत्र एवं निष्पक्ष ढंग से जांच नहीं करने दी जा रही है. मामले को दबाने के लिए वे जांच में देरी करने का प्रयास कर रहे हैं.’’

ननों ने कहा कि अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए शिकायतकर्ता पर कथित रूप से हमला करने वाले एक निर्दलीय विधायक के खिलाफ उन्होंने कानूनी कार्रवाई शुरू करने का निर्णय लिया है. इस बीच पीड़ित नन के परिवार के सदस्यों ने कहा कि डीएसपी द्वारा की जा रही जांच में उन्हें पूरा भरोसा है और अदालत की निगरानी में जांच की मांग को लेकर उनकी केरल उच्च न्यायालय जाने की भी योजना है.

केरल के पुलिस महानिदेशक लोकनाथ बेहरा ने हालांकि कहा कि इस समय जांच को अपराध शाखा को सौंपने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है. तिरुवनंतपुरम में पत्रकारों से बातचीत में डीजीपी ने कहा कि उन्होंने एर्नाकुलम रेंज के आईजी विजय सखारे को जल्द से जल्द मामले की जांच पूरी करने के निर्देश दिये है.


 


AIMIM जैसे सांप को दूध पिलाकर पाल रही है TRS- बीजेपी नेता श्रीधर रेड्डी

AIMIM जैसे सांप को दूध पिलाकर पाल रही है TRS- बीजेपी नेता श्रीधर रेड्डी

09-Sep-2018

हैदराबाद : बीजेपी प्रवक्ता श्रीधर रेड्डी ने एआईएमआईएम की ओर ईशारा करते हुए कहा कि तेलंगाना राष्ट्र समिति सांप को दूध पिलाकर पाल रही है। टीआरएस का रवैया देखकर लगता है कि तेलंगाना में एक बार फिर रजाकार का दौर आएगा। बीजेपी प्रवक्ता श्रीधर रेड्डी ने शनिवार को मीडिया से यह बात कही।

श्रीधर रेड्डी ने अकबरुद्दीन के कल दिये गये बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि वह बिना सोच के बोल रहे हैं। श्रीधर ने कहा कि पुराने शहर में केवल सात सीटों तक सीमित रह चुकी एआईएमआईएम का विधायक मुख्यमंत्री कैसे बन सकता है।

 

आपको बता दें कि अकबरुद्दीन ने कहा था कि कर्नाटक में कम सीट जीतने वाले कुमार स्वामी मुख्यमंत्री बन सकते हैं तो तेलंगाना में एआईएमआईएम के नेता मुख्यमंत्री क्यों नहीं बन सकते हैं..?

श्रीधर रेड्डी ने आगे कहा कि आने वाले चुनाव में यदि कोई टीआरएस को वोट दें तो एआईएमआईएम को दिये जैसा हो जाएगा। उन्होंने सवाल किया कि धर्मनिरपेक्ष कहने वाली टीआरएस अब एआईएमआईएम के नेता अकबरुद्दीन के बयान पर स्पष्टीकरण दें। बीजेपी प्रवक्ता ने तेलंगाना के लोगों को आगाह किया कि छद्म धर्मनिरपेक्ष टीआरएस से सावधान रहें।

NTR ट्रस्ट भवन बनाम गांधी भवन

श्रीधर रेड्डी ने टीडीपी अध्यक्ष नारा चंद्रबाबू नायुडू को एनटीआर ट्रस्ट भवन का नाम बदलकर गांधी भवन करने का सुझाव दिया। बीजेपी प्रवक्ता ने आगे कहा कि चंद्रबाबू नायुडू अपने स्वार्थ की राजनीति के लिए तेलंगाना के सूखे हुए जख्मों को ताजा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि टीडीपी और कांग्रेसी मिलकर दोनों राज्य में एक बार फिर दरार पैदा करने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने कहा कि टीडीपी का न कोई सिद्धांत है न ही लक्ष्य है।
श्रीधर ने आगे कहा कि यदि टीडीपी और कांग्रेस मिलकर चुनाव लड़ती हैं तो दिवंगत एनटीआर की आत्मा दुखी होगी। उन्होंने पूछा कि क्या वर्ष 2019 में होने वाले चुनाव में टीडीपी अकेली चुनाव लड़ सकती है?


मुजफ्फरपुर : सांसद पप्पू यादव पर बंद समर्थकों ने किया हमला, कहा- जाति पूछकर पीटा गया

मुजफ्फरपुर : सांसद पप्पू यादव पर बंद समर्थकों ने किया हमला, कहा- जाति पूछकर पीटा गया

06-Sep-2018

मीडिया रिपोर्ट 

मुजफ्फरपुर : जन अधिकार पार्टी के नेता और सांसद पप्पू यादव पर आज बंद समर्थकों ने हमला कर दिया . पप्पू यादव पर हमले की घटना मुजफ्फरपुर के निकट खबरा में हुई. प्राप्त जानकारी के अनुसार उनके काफिले पर रोड़ेबाजी की गयी. हमले के बाद पप्पू यादव ने रोते हुए कहा कि उनकी जाति पूछकर उनपर हमला किया गया. उन्होंने कहा कि मैंने कभी जाति आधारित राजनीति नहीं की लेकिन आज मेरे साथ यह हादसा हुआ.

मुख्य सड़क जाम होने के कारण पप्पू यादव सकरी से खबरा गांव होते हुए खबरा मंदिर के पास एन एच-28 पर मधुबनी जाने के लिए निकले थे. लेकिन खबरा मंदिर के पास स्थानिय लोग एनएच-28 के9 जाम कर रखा था. पप्पू यादव आगे जाना चाह रहे थे तो लोगों ने विरोध कर दिया. इसके बाद पप्पू और उनके समर्थक भी अड़ गए  तो आक्रोशित लोग उनसे उलझ गए. दोनों ओर से तनातनी हो गयी. आक्रोशित बंद समर्थकों ने उनके काफिले पर हमला कर दिया. उनके कई कार्यकर्ताओं को चोट भी लगी. कई कार्यकर्ताओं की मोबाइल भी टूट गयी. बाद में सुरक्षा कर्मियों ने स्थिति संभाली. पप्पू भी स्थानीय बंद समर्थकों से क्षमा मांगते हुए वापस लौट गये.

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पप्पू यादव ने ट्‌वीट कर बताया- राज्य और केंद्र की सरकारें देश को जातीय-सांप्रदायिक हिंसा-प्रतिहिंसा की आग में झोंक देना चाहती हैं. जब Y सिक्युरिटी सुरक्षा प्राप्त सांसद पर कट्टा लहराकर हमला हो सकता है तो आम लोगों की क्या दशा होगी? गौरतलब है कि पप्पू यादव नारी बचाओ पदयात्रा के लिए मधुबनी जा रहे थे उसी दौरान उनपर बंद समर्थकों ने हमला किया. पप्पू यादव ने ट्‌वीट कर बताया कि गुंडों ने हमला किया,कार्यकर्ताओं को बुरी तरह जाति पूछ-पूछकर पीटा .

 


फिल्म पाकीजा के गाने के रिमिक्स पर पाकिस्तानी सिंगर आतिफ असलम पर भड़की लता मंगेशकर

फिल्म पाकीजा के गाने के रिमिक्स पर पाकिस्तानी सिंगर आतिफ असलम पर भड़की लता मंगेशकर

05-Sep-2018

मुंबई 

बॉलीवुड अभिनेता जैकी भग्नानी और कृतिका कामरा की आने वाली फिल्‍म ‘मित्रों’ का हाल ही में एक गाना ‘चलते चलते’ रिलीज हुआ है, इस गाने को आतिफ असलम ने गया है। यह गाना फिल्‍म पाकीजा का ‘चलते-चलते यूं ही कोई मिल गया…’ का रिमिक्‍स है। इस गाने को भारत रत्न लता मंगेशकर ने गाया था लेकिन जब हाल ही में लता मंगेशकर से इस नए गाने को लेकर पूछा गया कि आतिफ असलम की आवाज में उन्हें यह गाना कैसा लगा तो लता मंगेशकर भड़क गईं। समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में लता मंगेशकर ने कहा, ‘मैंने इस गाने को नहीं सुना है और मैं इसे सुनना भी नहीं चाहती। पुराने गानों के रिमिक्स बनाने का जो ट्रेंड चला है इससे मैं दुखी हूं इन गानों में क्रियेटिविटी कहां है, क्‍लासिकल गानों में हेर-फेर करना ठीक नहीं है। मैंने तो यह भी सुना है कि गाने के बोल तक बदल दिये जाते हैं।’

उन्होंने आगे कहा, ‘किसकी सहमति से यह सब करते हैं? किसी कवि और लेखक की यह अपनी रचना होती है। किसी को भी यह हक नहीं है कि उन महान कवियों और कंपोजर्स की कविताओं को अपना बना लें।’इस बारे में बीजेपी सांसद और सिंगर बाबुल सुप्रियो का भी बयान सामने आया है। उन्‍होंने कहा,’ आज बॉलीवुड में कला खत्‍म होती जा रही है. मैं एक गायक होने के नाते आतिफ असलम का सम्‍मान करता हूं। लेकिन मैं कुछ बोलने के बजाय दो मिनट का मौन रखना चाहूंगा।’

 


पाकिस्तानी महिला ने गाया भारतीय गाना, सजा मिली- नही बढ़ेगा वेतन

पाकिस्तानी महिला ने गाया भारतीय गाना, सजा मिली- नही बढ़ेगा वेतन

04-Sep-2018

मीडिया खबर 

लाहौर: पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान से एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया है. यहां एक सुरक्षा बल कर्मी को बस इसलिए सज़ा दी गई क्योंकि उसने एक भारतीय गाना गाया. पाकिस्तान के हवाई अड्डा सुरक्षा बल की एक महिला कर्मी ने पाकिस्तानी झंडे वाली टोपी पहन भारतीय गाना गुनगुना दिया जिसके लिए उसे सज़ा दी गई. इस गाने का एक वीडियो सोशल नेटवर्किंग वेबसाइटों पर वायरल हो रहा गया था, जिसके बाद अधिकारियों ने मामले की जांच का आदेश दिया था.


हवाई अड्डा सुरक्षा बल (एएसएफ) ने आचार संहिता के उल्लंघन के लिए 25 साल की महिला कर्मचारी के वेतन और भत्तों में दो साल तक वृद्धि पर रोक लगा दी है. अधिकारियों ने उसे आगाह किया है कि अगर वो भविष्य में आचार संहिता का फिर से उल्लंघन करती है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. देश के नवनिर्वाचित पीएम इमरान खान ने चुने जाने के बाद वैसे तो कई बार शिगुफा छोड़ा है कि अगर भारत दोस्ती का एक कदम आगे बढ़ाता है तो पाकिस्तान दो कदम आगे बढ़ाएगा. लेकिन जो देश भारत में बने गाने को गुनगुनाने के लिए अपने नागरिक को सज़ा दे सकता है उससे किन कदमों को आगे बढ़ाने या किन मसलों को हल करने की उम्मीद की जा सकती है.


सानिया मिर्जा से छेड़छाड़ के आरोप में बांग्लादेश क्रिकेट टीम ने शब्बीर रहमान पर लगाया छह माह का प्रतिबंध

सानिया मिर्जा से छेड़छाड़ के आरोप में बांग्लादेश क्रिकेट टीम ने शब्बीर रहमान पर लगाया छह माह का प्रतिबंध

03-Sep-2018

मीडिया रिपोर्ट 

नई दिल्ली : शब्बीर रहमान बांग्लादेश के उन क्रिकेट में शुमार रहे है. जिनका विवादों से पुराना नाता रहा है. कुछ दिन पहले ही शब्बीर को एक मामले में बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने सुनवाई के लिए बुलाया था. बता दें कि सुनवाई के बाद शब्बीर पर मैदान के बाहर खराब रवैये के चलते उन्हें 6 महीने के लिए टीम से बाहर कर दिया गया है.

बता दें कि बोर्ड ने शब्बीर को एक मामले की सुनवाई के लिए बुलाया था. शब्बीर के अलावा इस सुनवाई में मोसादेक होसैन भी शामिल हुए थे. इस सुनवाई में शब्बीर के ख़िलाफ़ सोशल मीडिया पर एक फैन धमकी देने और मारपीट का मामला पर चर्चा हुई. इसके अलावा मोसादेक को उनकी पत्नी के लगाए आरोपों की सफाई देने के लिए बुलाया गया था. वहीं मोसादेक के खिलाफ अब तक कोई सजा नहीं सुनाई गई है.

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इस मामले में बोर्ड के डॉयरेक्टर इस्माइल हैदर ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि शब्बीर पर लगे आरोपों के चलते कार्रवाई करते हुए हमने उस पर छह महीने का बैन लगा दिया है. आगे कहा फिलहाल बोर्ड ने बैन के साथ क्रिकेटर को आगाह भी किया है कि अगर वो इसी तरह की हरकतें करता रहा तो उस पर लंबा बैन भी लगाया जा सकता है. इससे पहले शोएब मलिक ने इस बांग्लादेशी क्रिकेटर शब्बीर रहमान पर पत्नी सानिया मिर्जा से छेड़खानी करने का आरोप भी लगाया था. 


60 प्रतिशत अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के कामो से है नाखुश, महाभियोग का किया समर्थन

60 प्रतिशत अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के कामो से है नाखुश, महाभियोग का किया समर्थन

01-Sep-2018

मीडिया रिपोर्टो से 

वॉशिंगटन: अमेरिका के करीब 60 प्रतिशत लोगों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कामकाज को नामंजूर कर दिया है और इनमें से करीब आधे लोगों ने महाभियोग का समर्थन किया है. शुक्रवार को प्रकाशित ‘वॉशिंगटन पोस्ट-एबीसी न्यूज’ सर्वेक्षण के अनुसार केवल 30 प्रतिशत लोगों ने ही ट्रंप द्वारा व्हाइट हाउस में किए गए कामकाज को स्वीकारा है. अप्रैल में किए गए आखिरी पोस्ट-एबीसी के सर्वेक्षण में ट्रंप के समर्थन में 40 प्रतिशत और उनके खिलाफ 56 प्रतिशत लोगों ने अपने विचार जाहिर किए थे. इस ताजा सर्वेक्षण में 1003 वयस्कों ने हिस्सा लिया,जो 26 अगस्त से 29 अगस्त के बीच किया गया.

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अगले साल जनवरी में असैन्य कर्मचारियों को मिलने वाली वेतन बढ़ोतरी को रद्द कर दिया है. राष्ट्रपति ने देश के बजट और राजस्व स्थिति का हवाला देते हुए संसद को अपने फैसले से अवगत कराया. हालांकि कर्मचारियों के वेतन में आंशिक वृद्धि हो सकती है क्योंकि सांसद इस तरह के एक प्रस्ताव पर विचार कर रहे हैं.

ट्रंप ने कहा कि सभी कर्मचारियों को बिना किसी भेदभाव के वेतन में मिलने वाली 2.1 प्रतिशत बढ़ोतरी को कम करके 1.9 प्रतिशत करने और अलग से प्रदर्शन के आधार पर मिलने वाली 25.7 प्रतिशत बढ़ोतरी को भी खत्म करने पर विचार किया जा रहा है. ट्रंप ने कहा, ‘ हमारे देश को वित्तीय रूप से टिकाउ स्थिति में लाने के लिए प्रयास करते रहना चाहिए और संघीय एजेंसी वेतन में वृद्धि नहीं दे सकती है.’

दूसरी ओर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप नवंबर में फ्रांस और अर्जेंटीना की यात्रा करेंगे, वहीं सिंगापुर में होने वाले आसियान सम्मेलन का हिस्सा नहीं बनेंगे. व्हाइट हाउस ने शुक्रवार को घोषणा की कि ट्रंप पेरिस में प्रथम विश्व युद्ध के विराम के 100 वर्ष पूरे होने के मौके पर आयोजित 11 नवंबर के कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे. उसके बाद वह ब्यूनस आयर्स रवाना होंगे और वहां जी-20 सम्मेलन में शिरकत करेंगे. व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव सारा सैंडर्स ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति सिंगापुर में दक्षिण पूर्व एशियाई राष्ट्रों के संघ (आसियान) सम्मेलन तथा ईस्ट एशिया शिखर सम्मेलन में भाग नहीं लेंगे. वह पापुआ न्यू गिनी में होने वाली एशिया प्रशांत आर्थिक सहयोग की बैठकों में भी हिस्सा नहीं लेंगे.


अपने घर से प्रधानमंत्री आवास जाने के लिए हेलीकॉप्टर का यूज करते हैं इमरान खान, लोगों ने की खिंचाई

अपने घर से प्रधानमंत्री आवास जाने के लिए हेलीकॉप्टर का यूज करते हैं इमरान खान, लोगों ने की खिंचाई

31-Aug-2018

एजेंसियों से 

नई दिल्ली: सत्ता में आते ही पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री समेत अधिकारियों तथा नेताओं के सरकारी निधि को अपने मन से खर्च करने और प्रथम श्रेणी से हवाई यात्रा करने पर प्रतिबंध लगा दिया. इस ऐलान के बाद इमरान खान की काफी तारीफ भी हुई, ऐसा लग रहा है कि वह खुद सरकारी खर्च कम करने के मूड में नहीं हैं. ऐसी खबर है कि जब से इमरान खान ने शपथ ली है, उस दिन से लेकर अब तक प्रधानमंत्री आवास से अपने निजी घर हेलिकॉप्टर (चौपर) से आते-जाते हैं. इस बात की तस्दीक खुद पाकिस्तान के सूचना मंत्री का कार्यभार संभाल रहे फवाद चौधरी ने की है. 

दरअसल, इमरान खान प्रधानमंत्री आवास और अपने निजी घर के बीच की दूरी 15 किलोमीटर की यात्रा हेलिकॉप्टर से करते हैं. इसी वजह से वह आलोचकों के निशाने पर आ गये हैं और लोग आलोचना करने लगे हैं कि उन्होंने जो सरकारी खर्चे कम करने का जो वादा किया था, उसका क्या हुआ? गौरतलब है कि सत्ता में आते ही इमरान खान की सरकार ने विदेशी या घरेलू यात्रा के लिए विशेष विमानों और बिजनेस क्लास में यात्रा करने पर भी रोक लगाने का फैसला किया है. 

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो पाकिस्तान के सूचना और प्रसारण मंत्री फवाद खान ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि प्रधानमंत्री इमरान खान द्वारा प्रधानमंत्री आवास से अपने घर हेलिकॉप्टर से जाने में सिर्फ 55 रुपये प्रति किलोमीटर का खर्च आता है. उनका दावा है कि यह खर्च रोड से जाने की तुलना में काफी कम है. इसके बाद सोशल मीडिया पर यह खबर सनसनी की तरह फैल गई और लोगों ने इस पर जमकर मजे भी लिए. सोशल मीडिया पर लोगों ने इमरान खान की हेलिकॉप्ट यात्रा पर खूब मजे ले रहे हैं. एक ट्विटर हैंडल एमकाजमी खरमांगी ने लिखा- नये पाकिस्तान में आपका स्वागत है. हेलिकॉप्टर की सेवा 55 रुपये प्रति किलोमीटर. कंपनी का मालिक- फवाद चौधरी. 


गोवा को मिल सकता है नया CM, जानिए, क्या है पुरा मामला!

गोवा को मिल सकता है नया CM, जानिए, क्या है पुरा मामला!

30-Aug-2018

बड़े जोड़तोड़ के बाद कांग्रेस के हाथ से गोवा की गद्दी छीन लेने के बाद भी भाजपा को रास नहीं आ रही है। दरअसल पिछले लंबे समय से राज्य के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर अपनी सेहत से ही जूझ रहे हैं। ऐसे में प्रदेश में छोटे-बड़े तमाम फैसले लेने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
मुंबई के एक निजी अस्पताल में भर्ती गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर बुधवार फिर से इलाज के लिए अमरीका रवाना हो गये हैं। आपको बता दें कि पर्रिकर 22 अगस्त को ही अमरीका से गोवा लौटे थे, लेकिन लौटने के कुछ ही घंटों के भीतर उन्हें मुंबई के एक अस्पताल में भर्ती करा दिया गया था। यही वजह है कि भारतीय जनता पार्टी मनोहर पर्रिकर की तबीयत को देखते हुए एहतियातन उनके विकल्प की तलाश में जुट गई है।
लंबे समय से सेहत की परेशानी से झूझ रहे पर्रिकर के कारण प्रदेश में कई कामों पर सीधा असर पड़ रहा है। ऐसे में खबरों की मानें तो गोवा बीजेपी के नेता अगले-एक दो दिनों में दिल्ली आ सकते हैं और पर्रिकर की तबीयत को ध्यान में रख अमित शाह से संभवानाओं पर चर्चा कर सकते हैं।
सूत्रों की मानें तो पिछले लंबे समय से मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर की तबीयत को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी गोवा में नए मुख्यमंत्री के नाम पर विचार कर रही है। ऐसे में इस बार प्रदेश के नेताओं के दिल्ली पहुंचने के बाद नए नाम पर विचार हो सकता है।
हालांकि, अभी तक आधिकारिक तौर पर न तो मनोहर पर्रिकर के इस्तीफे की बात सामने आई है, और न ही भारतीय जनता पार्टी ने उनके विकल्प के तौर पर किसी के नाम का ऐलान किया है।
गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर की ओर से करवाये जा रहे उपचार के चलते तटीय राज्य के नेतृत्व के मुद्दे पर चर्चा के लिए भाजपा प्रमुख अमित शाह के साथ पार्टी के नेताओं की नयी दिल्ली में प्रस्तावित बैठक रद्द हो गई।
हालांकि भाजपा प्रदेश इकाई के सूत्रों ने कहा कि माना जा रहा है कि बैठक इसलिए रद्द हो गई क्योंकि शाह ने राज्य कोर कमेटी को मिलने का समय नहीं दिया।
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लोगों को ट्विटर पर ब्लॉक नहीं कर सकते, अदालत ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप से कहा

लोगों को ट्विटर पर ब्लॉक नहीं कर सकते, अदालत ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप से कहा

30-Aug-2018

सैन फ्रांसिस्को: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अदालत के आदेश के बाद अपने कुछ आलोचकों को ट्विटर पर अनब्लॉक कर दिया है. अदालत ने ट्रंप से कहा था कि वो इस तरह से अपने आलोचकों का मुंह नहीं बंद कर सकते हैं. फेडरल डिस्ट्रिक्ट जज ने मई में फटकार लगाते हुए आदेश दिया था कि राष्ट्रपति के आधिकारिक ट्विटर एकाउंट से ब्लॉक किया जाना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकारों के पहले संशोधन (फर्स्ट अमेंडमेंट) का उल्लंघन है. ट्रंप द्वारा लोगों को ब्लॉक किये जाने के खिलाफ कोलंबिया यूनिवर्सिटी में 'द नाइट फर्स्ट अमेंडमेंट इंस्टीच्यूट' ने अपील किया था. ट्रंप ने उन सात लोगों को अनब्लॉक किया है जिनके नाम मुकदमे में थे. संस्था ने कल ट्वीट किया कि उसे मिली सूचना के अनुसार न्याय मंत्रालय के पास मौजूद एक लिस्ट में से 41 अन्य लोगों को भी डोनाल्ड ट्रंप के ट्विटर एकाउंट ने अनब्लॉक कर दिया है.

संस्था ने कहा कि हमें खुशी है कि व्हाइट हाउस ने जिला अदालत के फैसले का पालन करने के लिए कदम उठाया है. अदालत ने अपने फैसले में कहा था कि संविधान राष्ट्रपति को उनकी आलोचना करने वालों को ट्विटर पर ब्लॉक करने से रोकता है. हालांकि, संस्था ने कहा कि उसे सूचना मिली है कि इस लिस्ट से बाहर अभी भी बहुत से ऐसे लोग हैं जो राष्ट्रपति के ट्विटर अकाउंट पर ब्लॉक हैं.

 


पत्रिका और दैनिक भास्कर पर भड़के अभिनेता ऋतिक रोशन

पत्रिका और दैनिक भास्कर पर भड़के अभिनेता ऋतिक रोशन

29-Aug-2018

मुंबई : बालीवुड अभिनेता ऋतिक रोशन ने उन मीडिया रिपोर्ट की निंदा की है, जिसमें यह दावा किया गया है कि अभिनेत्री दिशा पटानी ने ऋतिक रोशन की वजह से एक फिल्म छोड़ दी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ऐसी रिपोर्ट थीं कि दिशा पटानी एक फिल्म से इसलिए हट गयीं क्योंकि उसमें ऋतिक थे जिन्होंने कथित तौर पर उनके साथ फ्लर्ट किया था। इस दावे को अभिनेत्री ने भी खारिज किया है। ऐसी खबरों को उन्होंने ‘बचकाना और गैर-जिम्मेदाराना कोरी बकवास’ बताया है।

विभिन्न मीडिया पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित लेखों की तस्वीर साझा करते हुए ऋतिक ने ट्वीट करते हुए लिखा कि, अगर अपने प्रचार के लिये आप कोई मदद चाहते हैं तो अगली बार मुझसे सीधे संपर्क करें। एक अन्य ट्वीट में ऋतिक ने एक पत्रकार को सलाह दी कि वह जिम जाये और अपने दिमाग से ‘कचरा साफ करने के लिये कसरत करे’।

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पत्रिका की स्टोरी का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए ऋतिक ने लिखा, “मेरे प्यारे मित्र ‘पत्रिका जी’, कसरत करते हो? थोड़ा gym जाओ। mind से सारा कचरा निकल जाएगा! ख़ासकर बीस donkey किक्स, बीस monkey रोल & 2 dog jumps आप के लिए सही रहेगा। ज़रूर कीजिएगा। गुड luck, गुड day, And लव you टू:)”

ऋतिक ने दैनिक भास्कर की स्टोरी का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए लिखा, ‘भास्कर भाई साहब? कहाँ हो? हाल चाल सब? सब ठीक? देखिए, आपकी दुकान की प्रगति के लिए मेरी तरफ़ से यह ट्वीट। आने वाले समय में सीधे बोल देना की हेल्प चाहिए।” वहीं, अभिनेत्री दिशा पटानी ने भी अपनी तरफ से एक बयान जारी कर इन रिपोर्टों को खारिज किया है। दिशा ने कहा, ‘ऋतिक सर और मेरे बारे में कुछ बचकाना और गैर जिम्मेदाराना बकवास बातें की जा रही हैं। मैं कहना चाहूंगी कि यह बिल्कुल झूठ है और उनके साथ जो मेरी थोड़ी बहुत बातचीत हुई है, उसके आधार पर मुझे लगता है कि वह सबसे सम्मानित और खुशमिजाज लोगों में से एक हैं।’

 

 


रायपुर के पूर्व कलेक्टर ओपी चौधरी को अमित शाह ने दिलाई बीजेपी की सदस्यता

रायपुर के पूर्व कलेक्टर ओपी चौधरी को अमित शाह ने दिलाई बीजेपी की सदस्यता

28-Aug-2018

रायपुर : रायपुर के पूर्व कलेक्टर ओपी चौधरी ने दिल्ली में बीजेपी की सदस्यता ले ली है भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने ओपी चौधरी को बीजेपी की सदस्यता दिलाई इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह भी मौजूद थे आपको बता दें की मीडिया में पहले से ही ख़बरें थी की ओपी चौधरी कलेक्टर पद से इस्तीफा देकर बीजेपी की सदस्यता लेंगे व खरसिया से चुनाव लड़ेंगे आज दिल्ली में ओपी चौधरी ने बीजेपी की सदस्यता ली है.


रूस के मॉस्को में वर्ल्ड एजुकेशन कॉन्फ्रेंस को संबोधित करने आमंत्रित किए गए थे सिसोदिया,  मोदी सरकार ने जाने की नहीं दी इजाजत !

रूस के मॉस्को में वर्ल्ड एजुकेशन कॉन्फ्रेंस को संबोधित करने आमंत्रित किए गए थे सिसोदिया, मोदी सरकार ने जाने की नहीं दी इजाजत !

28-Aug-2018

नई दिल्ली : केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार और दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार के बीच जारी घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने मंगलवार (28 अगस्त) को ट्वीट कर मोदी सरकार पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें एक कॉन्फ्रेंस को संबोधित करने के लिए रूस की राजधानी मॉस्को जाना था, लेकिन केंद्र ने उन्हें इजाजत नहीं दी। सिसोदिया ने ट्वीट कर आरोप लगाया है कि राजधानी दिल्ली में शिक्षा से जुड़े बदलावों को लेकर उन्हें मॉस्को में वर्ल्ड एजुकेशन कॉन्फ्रेंस में संबोधित करने के लिए आमंत्रित किया गया था। उन्होंने कहा कि मुझे आज रात को ही मॉस्को रवाना होना था, लेकिन यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि भारत सरकार ने मुझे इजाजत नहीं दी। शिक्षा मंत्री ने मोदी सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनका रिक्वेस्ट करीब 10 दिनों से लंबित पड़ा है।

एक अन्य ट्वीट में सिसोदिया ने लिखा कि दिल्ली में शिक्षा क्षेत्र में हुए बदलावों की पिछले कुछ महीनों से विश्व भर में चर्चा हो रही है। लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शायद ऐसा नहीं होने देना चाहते हैं। पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए सिसोदिया ने लिखा कि सर, दिल्ली भी भारत का ही हिस्सा है। अगर हमारे स्कूल विश्व स्तर पर तवज्जों पाते हैं तो देश का ही मान बढ़ेगा। यह भारत के लिए गर्व का विषय है। बता दें कि दिल्ली के सरकारी स्कूलों में हुए व्यापक बदलाव को लेकर देश-विदेश में सिसोदिया की जमकर सराहना हो रही है। दिल्ली सरकार ने अभी हाल ही में नर्सरी से कक्षा 8 के बच्चो के लिए हैप्पीनेस क्लासेस शुरू करने का फैसला किया है। जिसमें प्रतिदिन एक पीरियड हैप्पीनेस विषय का होगा। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम ने भी अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर इस फैसले की तारीफ की है।


हिन्दू धर्म अपना कर शादी करने वाले मुस्लिम लड़के को सुप्रीम कोर्ट से झटका , युवती को परिजनों को सौपने का आदेश !

हिन्दू धर्म अपना कर शादी करने वाले मुस्लिम लड़के को सुप्रीम कोर्ट से झटका , युवती को परिजनों को सौपने का आदेश !

28-Aug-2018

मामला है छत्तीसगढ़ के धमतरी का जहाँ एक मुस्लिम युवक ने अपना धर्मपरिवर्तन कर के जैन समाज की युवती से आर्य समाज मंदिर में विवाह किया था ,अब सुप्रीम कोर्ट ने 23 वर्षीय जैन युवती  को उसकी इच्छा पर सहमति जताते हुए उन्हें पति की जगह माता-पिता के साथ रहने इजाजत दे दी। उनके पति ने उनसे शादी करने के लिए कथित रूप से इस्लाम को छोड़ कर हिंदुत्व अपना लिया था।
चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने महिला की इच्छा जानने के लिए विशुद्ध हिंदी में कुछ सवाल पूछे। इससे पहले पीठ ने छत्तीसगढ़ पुलिस को निर्देश दिया था कि वह महिला को सोमवार को उसके समक्ष प्रस्तुत करे। पीठ में शामिल अन्य जज न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर और डी वाई चंद्रचूड़ ने महिला से कई सवाल पूछे। मसलन ‘आपका नाम क्या है, क्या वाकई आपकी शादी हुई है और आप अपने पति के साथ क्यों नहीं रहना चाहतीं।’
जवाब में महिला ने कहा कि वह बालिग है। उस पर किसी ने दबाव नहीं डाला और उसने मोहम्मद इब्राहिम सिद्दीकी उर्फ आर्यन आर्या से खुद शादी की थी और स्वेच्छा से अपने माता-पिता के साथ रहना चाहती है। पीठ ने तय किया कि महिला का बयान बिलकुल स्पष्ट और असंदिग्ध है। इसलिए महिला को अभिभावक के साथ रहने की इजाजत दे दी।
इससे पहले मोहम्मद इब्राहिम ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका देकर अपनी पत्नी को उसके अभिभावकों की गिरफ्त से मुक्त कराने का आग्रह किया था। इस पर पीठ ने पुलिस को अंजली जैन को उसके सामने पेश करने का निर्देश दिया था। उसने हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें उसने महिला से पूछा था कि क्या वह माता-पिता के साथ रहना चाहती हैं या हॉस्टल में। और उसने महिला को माता-पिता के साथ रहने की इजाजत दे दी थी।
इससे पहले की जज महिला से बात करते, राज्य के एडवोकेट जनरल जुगल किशोर गिल्डा ने कहा कि यह झूठी शादी है क्योंकि शख्स का दो बार तलाक हो चुका है और उसने इसे छुपाए रखा। महिला ने लगातार बेंच से कहा कि उसने शख्स से शादी की थी लेकिन अब वह अपने माता-पिता के साथ रहना चाहती है। उसने कोर्ट से कहा कि वह मां-बाप के दबाव में यह बयान नहीं दे रही है।
बेंच ने आर्यन के वकील से कहा कि लड़की ने शादी की बात स्वीकार की है, वह पति के साथ नहीं रहना चाहती। शख्स के वकील नय्यर ने कहा कि लड़की अपने मां-बाप के दबाव की वजह से अपनी इच्छा व्यक्त नहीं कर पा रही है। लेकिन बेंच ने कहा, ‘वह एक वयस्क  है और उसे अपनी इच्छानुसार कार्य करने की स्वतंत्रता है। यदि वह अपने पति के साथ नहीं रहना चाहती तो यह वैवाहिक मामला बन जाता है और इसका निपटारा संबंधित कोर्ट करेगा।’