टीवी के डिबेट कार्यक्रम में आपस में भिड़े सपाई, चले लात-घूंसे, एक की मौत

टीवी के डिबेट कार्यक्रम में आपस में भिड़े सपाई, चले लात-घूंसे, एक की मौत

23-Feb-2019

मीडिया रिपोर्ट 

UP के संतकबीर में जिला मुख्यालय खलीलाबाद में शुक्रवार 22 फरवरी को आयोजित एक न्यूज चैनल के डिबेट कार्यक्रम में सपाई आपस में ही भिड़ गए। इस दौरान जमकर कुर्सियां और लात-घूंसे चले। इसमें पार्टी के एक वरिष्ठ नेता का पैर टूट गया तो कई अन्य को भी हल्की चोटें आईं। बीच-बचाव के दौरान वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष राजेश पांडेय भी चपेट में आ गए। उनकी किसी ने नहीं सुनी तो वह वहां से निकल कर जिला कार्यालय पहुंचे, जहां उन्हें दिल का दौरा पड़ गया। कुछ ही देर में उनकी मौत हो गयी।

जूनियर हाईस्कूल खलीलाबाद परिसर में आयोजित डिबेट में सपा, बसपा, कांग्रेस और भाजपा के नेता मौजूद रहे। डिबेट चल ही रही थी कि इसी बीच सपाइयों के दो गुट आपस में भिड़ गये। सपा जिलाध्यक्ष गौहर अली ने कहा कि राजेश पांडेय का निधन बहुत ही दु:खद है। वे पहले से ही हार्ट के मरीज थे, पेसमेकर लगा था। विवाद श्री पांडेय के निधन का कारण नहीं है। 


सर्जिकल स्ट्राइक के प्रमुख रहे लेफ्टिनेंट जनरल डीएस हुड्डा ने कहा- नहीं हुआ हूँ कांग्रेस में शामिल

सर्जिकल स्ट्राइक के प्रमुख रहे लेफ्टिनेंट जनरल डीएस हुड्डा ने कहा- नहीं हुआ हूँ कांग्रेस में शामिल

22-Feb-2019

नई दिल्ली 

साल 2016 में उरी हमले के बाद पाकिस्तान पर किए गए सर्जिकल स्ट्राइक के कमांडिंग ऑफिसर रहे लेफ्टिनेंट जनरल डीएस हुड्डा ने कांग्रेस में शामिल होने की खबरों को खारिज कर दिया है। समाचार एजेंसी एएनआई के कांग्रेस पार्टी में शामिल होने के सवाल पर जनरल हुड्डा ने कहा, "मैं कांग्रेस पार्टी में शामिल नहीं हुआ हूं।" कांग्रेस ने जनरल हुड्डा को राष्ट्रीय सुरक्षा पर विजन डॉक्यूमेंट तैयार करने को कहा है। 

बता दें कि लेफ्टिनेंट जनरल डीएस हु़ड्डा (रिटायर्ड) उरी में सेना के कैंप पर हुए आतंकी हमले और इसके बाद 29 सितंबर 2016 को पाकिस्तान पर हुए सर्जिकल स्ट्राइक के वक्त नॉर्दन कमांड के  जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ थे और पूरे ऑपरेशन के अगुआ थे। वे नवंबर 2016 में सेवानिवृत्त हो गए थे।  विपक्षी दल कांग्रेस ने एक बयान जारी कर कहा था, "कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने राष्ट्रीय सुरक्षा पर विजन डॉक्यूमेंट तैयार करने के लिए एक टास्क फोर्स का गठन कर रही है।" 

बयान में कहा गया कि लेफ्टिनेंट जनरल डीएस हु़ड्डा इस टास्क फोर्स के प्रमुख होंगे और चुनिंदा विशेषज्ञों के साथ मिलकर दस्तावेज तैयार करेंगे।  लेकिन हुड्डा के नकार देने के बाद सारी अटकलों पर विराम लग गया है।  सर्जिकल स्ट्राइक के बाद लेफ्टिनेंट जनरल डीएस हु़ड्डा का एक बयान काफी सुर्खियों में रहा था, जिसमें उन्होंने कहा था कि इस घटना को थोड़ा ज्यादा ही हाइप दिया गया और थोड़ा सियासी बन गया। मगर सेना के लिहाज से कहें तो हमें इसको करने की जरूरत है और हमने उसे बखूबी अंजाम दिया। 


शादी समारोह के दौरान हवा में चलाई गोली, नाचती हुई 21 साल की डांसर को लगी, मौत

शादी समारोह के दौरान हवा में चलाई गोली, नाचती हुई 21 साल की डांसर को लगी, मौत

21-Feb-2019

एजेंसी  

सहरसा: बिहार के सहरसा जिले के सोनबरसा थाना क्षेत्र में बुधवार की रात विवाह समारोह के दौरान आर्केस्ट्रा कार्यक्रम के बीच हर्ष (खुशी) फायरिंग में चली गोली से एक नर्तकी की मौत हो गई. सोनबरसा के थाना प्रभारी विनोद चौधरी ने गुरुवार को कहा कि विराटपुर गांव निवासी आशीष सिंह के घर उनकी बहन की शादी थी और इसी मौके पर आर्केस्ट्रा कार्यक्रम का आयोजन किया गया था.

आर्केस्ट्रा कार्यक्रम के दौरान ही कुछ युवकों ने गालियां चला दी, जिससे नृत्य कर रही आशिका (21) की घटनास्थल पर ही मौत हो गई. थाना प्रभारी ने कहा कि पुलिस ने शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है व यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि गोली किसने चलाई थी. पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है.


टि्वटर ने सस्पेंड किया पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय प्रवक्ता का अकाउंट

टि्वटर ने सस्पेंड किया पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय प्रवक्ता का अकाउंट

21-Feb-2019

दिल्ली 

पुलवामा अटैक के बाद सोशल मीडिया पर कई लोग अपने-अपने विचार साझा कर रहे हैं। कई लोगों को आतंकियों का समर्थन करने के आरोप में गिरफ्तार भी किया गया है, वहीं अब पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता का ट्विटर अकाउंट सस्पेंड हो गया है। भारत के खिलाफ ट्वीट करने को लेकर भारत ने ट्विटर से डॉक्टर मोहम्मद फैजल की शिकायत की थी जिसके बाद फैजल के निजी अकाउंट को निलंबित कर दिया गया है।

ट्विटर पर @DrMFaisal अकाउंट सर्च करने पर सीधा मैसेज मिल रहा है कि इस अकाउंट को सस्पेंड कर दिया गया है, हालांकि इस मामले पर ट्विटर की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। वहीं रिपोर्ट्स की मानें तो डॉक्टर फैजल अपने निजी ट्विटर हैंडल से कुलभूषण जाधव केस के बारे में लगातार ट्वीट कर रहे थे। 

गौरतलब है कि कुलभूषण जाधव मामले में अंतरराष्ट्रीय न्याय अदालत (आईसीजे) ने पाकिस्तान को तगड़ा झटका देते हुए सुनवाई स्थगित करने की उसकी मांग को सिरे से खारिज कर दिया। पाकिस्तान ने मंगलवार को अपना पक्ष रखते हुए उसके तदर्थ जज तस्सदुक हुसैन जिलानी की गैर मौजूदगी में सुनवाई स्थगित करने की मांग की थी। हुसैन को सोमवार को दिल का दौरा पड़ने की खबर थी ।


शहीद जवान के अंतिम संस्कार में जूते पहनकर बैठे BJP के मंत्री, लोगों ने सुनाई खरी-खोटी, वीडियो वायरल

शहीद जवान के अंतिम संस्कार में जूते पहनकर बैठे BJP के मंत्री, लोगों ने सुनाई खरी-खोटी, वीडियो वायरल

20-Feb-2019

मीडिया रिपोर्ट 

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में आतंकवादियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ में मेरठ के जवान अजय कुमार शहीद हुए थे। शहीद का पार्थिव शरीर मंगलवार को उनके गांव लाया गया, जहां राजकीय सम्मान के साथ उनको विदाई दी गई। शहीद को अंतिम विदाई देने के लिए भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। शहीद जवान के अंतिम संस्कार में कई मंत्री और नेता मौजूद थे लेकिन इस बीच कुछ ऐसा हुआ कि केंद्रीय मंत्री मंत्री सत्यपाल सिंह और योगी के मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह को स्थानीय लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ा। जिसका एक वीडियो भी सामने आया है, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

दरअसल, मंगलवार को शहीद जवान अजय कुमार को मेरठ में ही अंतिम विदाई दी गई। इस मौके पर बीजेपी की तरफ से केन्द्रीय मंत्री सत्यपाल सिंह, उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार में बीजेपी मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह, मेरठ से बीजेपी सांसद राजेन्द्र अग्रवाल और बीजेपी के व्यापार प्रकोष्ठ के अध्यक्ष विनीत शारदा सहित कई नेता मौजूद रहे। ये सभी शहीद के पार्थिव शरीर के पास बैठे थे।

इस दौरान सत्यपाल कई बार हंसते- मुस्कुराते भी नजर आए, जिससे लोग अधिक नाराज हो गए। इतना ही नहीं ये सभी नेता अंतिम संस्कार स्थल पर जूते पहन कर पहुंचे थे जिसको लेकर स्थानीय लोगों ने आपत्ति जताई। जूते पहनकर बैठे नेताओं को देखकर ग्रामीण भड़क गए और हंगामा होने लगा तब जाकर नेताओं ने अपने जूते उतारे।

लोगों ने आरोप लगाया कि बीजेपी के नेता शहीद जवान का अपमान कर रहे हैं। वहीं लोगों के विरोध के बीच यह पूरा मामला यहां मौजूद मीडिया कर्मियों के कैमरे में कैद हो गई, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। सोशल मीडिया पर लोग इन बीजेपी नेताओं की जमकर अलोचना कर रहें है।

 


रेल मंत्री के खिलाफ OSD ने लिखा था लेख, कार्यकाल घटा

रेल मंत्री के खिलाफ OSD ने लिखा था लेख, कार्यकाल घटा

19-Feb-2019

नई दिल्ली: एक लेख लिखकर रेल मंत्री पीयूष गोयल पर आक्षेप लगाने तथा वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों की बुद्धिमता पर सवाल उठाने वाले केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह के विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) के कार्यकाल में केंद्र ने सोमवार को कटौती कर दी. कार्मिक मंत्रालय के एक आदेश के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने 2005 बैच के इंडियन रेलवे पर्सनल सर्विस (आईआरपीएस) के अधिकारी संजीव कुमार को उनके पुराने विभाग में वापस भेजने की मंजूरी दे दी. 

रेल मंत्रालय ने कार्मिक मंत्रालय से कुमार को ‘आधिकारिक शिष्टाचार का उल्लंघन' के लिए तत्काल उनके पुराने विभाग में भेजे जाने के संबंध में एक पत्र लिखा था. पत्र लिखने के एक महीने के बाद यह कदम उठाया गया है. रेलवे बोर्ड के तत्कालीन सचिव रंजनेश सहाय ने अपने एक पत्र में कार्मिक मंत्रालय को लिखा था कि आईआरपीएस संजीव कुमार के आधिकारिक शिष्टाचार का उल्लंघन करने का मामला रेलवे बोर्ड के संज्ञान में लाया गया है. 

कुमार ने एक लेख लिखा था जो रेलसमाचार.कॉम और नेशनलव्हील्स.कॉम में प्रकाशित हुआ था. जिसकी वजह से उन पर यह आरोप लगे हैं. इस लेख में भारत सरकार के सचिव स्तर के अधिकारियों की बुद्धिमता पर सवाल उठाने के साथ ही रेल मंत्री (पीयूष गोयल) पर भी आक्षेप लगाए गए थे.


पाकिस्तान में स्कूली बच्चे तिरंगा लहरा कर 'फिर भी दिल है हिंदुस्तानी' पर करने लगे डांस, सरकार ने की कार्रवाई

पाकिस्तान में स्कूली बच्चे तिरंगा लहरा कर 'फिर भी दिल है हिंदुस्तानी' पर करने लगे डांस, सरकार ने की कार्रवाई

18-Feb-2019

 दिल्ली 

सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. पाकिस्तान के कराची के एक स्कूल में बच्चों ने कुछ ऐसा किया जिसकी चर्चा हर जगह हो रही है. पाकिस्तान के बच्चों ने एक फंक्शन के दौरान भारतीय गाने पर डांस किया. परफॉर्मेंस के दौरान पीछे तिरगा लहराता नजर आ रहा था. वीडियो वायरल होने के बाद सरकार ने एक्शन लेते हुए स्कूल का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया. बच्चे शाहरुख खान की फिल्म 'फिर भी दिल है हिंदुस्तानी' के टाइटल ट्रेक पर डांस कर रहे थे.

कराची में उस स्कूल का पंजीकरण रद्द कर दिया गया, जिसमें स्कूल के छात्र एक समारोह में भारतीय गाना गा रहे थे. इस समारोह का वीडियो वायरल हो गया है, जिसमें पीछे की तरफ तिरंगा लगा दिखाई दे रहा है. सिंध सरकार में निजी संस्थानों के निरीक्षण एवं पंजीकरण निदेशालय ने एक आदेश दिया है, जिसमें उन्होंने कहा है, "एक शिक्षा संस्थान में इस तरह की चीजों का प्रदर्शन राष्ट्रीय गरिमा के खिलाफ है, जिसे किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता."

कराची में मामा बेबी केयर स्कूल के मालिक व प्रधानाचार्य के नाम पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. वीडियो में दिख रहा है कि बच्चे 'फिर भी दिल है हिन्दुस्तानी' गाने पर नाच रहे हैं. स्क्रीन पर पीछे की तरफ भारतीय ध्वज दिखाई दे रहा है. बताया जा रहा है कि समारोह में विभिन्न राष्ट्रों की संस्कृति का चित्रण किया जा रहा था.


पुलवामा आतंकी हमले पर विवादित टिप्पणी करने वाली डिप्टी न्यूज एडिटर को NDTV ने किया निलंबित

पुलवामा आतंकी हमले पर विवादित टिप्पणी करने वाली डिप्टी न्यूज एडिटर को NDTV ने किया निलंबित

16-Feb-2019

देश का जाना माना न्यूज चैनल NDTV से एक बड़ी खबर आ रही है। NDTV में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर कार्यरत निधि सेठी को चैनल ने दो हफ्ते के लिए निलंबित कर दिया है। बता दें कि पुलवामा आतंकवादी हमले को लेकर निधि ने अपने व्यक्तिगत फेसबुक अकाउंट पर एक विवादास्पद टिप्पणी की थी। चैनल प्रबंधन ने फिलहाल निधि को दो हफ्ते के लिए सस्पेंड किया है और आगे की जांच के लिए मामले को चैनल के अनुशासन समिति को सौंप दी गई है। एनडीटीवी के आफिसियल ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर उपरोक्त जानकारी दी गई है।

एनडीटीवी ने बयान जारी कर कहा कि उनकी कंपनी अपने वेबसाईट की डिप्टी एडीटर द्वारा दुखद पुलवामा आतंकी हमले को लेकर व्यक्तिगत फेसबुक अकाउंट पर की गई इस तरह की टिप्पणी की पुरजोर निंदा करती है। उन्हें दो हफ्ते के लिए निलंबित कर दिया गया है। कंपनी की अनुशासन समिति आगे की कार्रवाई के संबंध में फैसला लेगी। बता दें कि जम्मू कश्मीर में गुरुवार को हुए आतंकवादी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे और कई अन्य घायल हुए थे। जैश-ए-मोहम्मद ने इस हमले की जिम्मेदारी ली थी ।


अवमानना मामले में  सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व सीबीआई चीफ को दी सजा, कोने में बैठे रहने कहा

अवमानना मामले में सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व सीबीआई चीफ को दी सजा, कोने में बैठे रहने कहा

12-Feb-2019

दिल्ली : एजेंसी 

सीबीआई विवाद के बाद अंतरिम निदेशक बनाए गए नागेश्वर राव को सुप्रीम कोर्ट ने अवमानना मामले में सजा सुनायी है। कोर्ट ने नागेश्वर राव को सजा के तौर पर कोर्ट में कोने में जाकर बैठने और एक हफ्ते के अंदर 1 लाख रुपए बतौर जुर्माना कोर्ट में जमा कराने का आदेश दिया है। बता दें कि मुजफ्फरपुर शेल्टर होम केस में सुप्रीम कोर्ट ने मामले के जांच अधिकारी और सीबीआई के संयुक्त निदेशक अरुण कुमार के तबादले पर रोक लगायी थी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट की रोक के बावजूद नागेश्वर राव ने सीबीआई के अंतरिम निदेशक रहते हुए अरुण कुमार का तबादला कर दिया था। जिसे कोर्ट ने अपने आदेश की अवमानना माना और सजा के तौर पर नागेश्वर राव को यह सजा दी। सुप्रीम कोर्ट ने नागेश्वर राव के साथ-साथ सीबीआई के कानूनी सलाहकार को भी उपरोक्त सजा का आदेश दिया है।


सहवाग का चुनाव लड़ने वाली खबर है अफवाह, बीजेपी को झटका

सहवाग का चुनाव लड़ने वाली खबर है अफवाह, बीजेपी को झटका

09-Feb-2019

दिल्ली :

लोकसभा चुनाव 2019 से पहले भाजपा को हरियाणा में एक बड़ा झटका लगा है। दरअसल, 'मुल्तान के सुल्तान' ने चुनाव लड़ने से इंकार कर दिया है। क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग ने एक ट्वीट करके रोहतक से लोकसभा चुनाव लड़ने की अटकलों पर विराम लगा दिया है। सहवाग ने ट्वीट किया कि वे चुनाव लड़ने के इच्छुक नहीं हैं। उनके चुनाव लड़ने की खबर महज एक अफवाह है।

बता दें कि भाजपा सहवाग को रोहतक जिले से चुनाव में खड़ा करना चाहती है। इसके लिए 27 फरवरी को हिसार में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की अध्यक्षता में होने वाली मीटिंग में फाइनल चर्चा होनी थी, लेकिन उससे पहले ही पासा उलटा पड़ गया। वीरू को टिकट देने की दो वजह हैं।

एक, वीरू झज्जर जिले के गांव छुड़ानी के रहने वाले हैं। ऐसे में उन पर बाहरी होने का आरोप भी नहीं लगेगा। दूसरा, रोहतक लोकसभा का 16 बार चुनाव हो चुका हैं, जिसमें 10 बार हुड्डा परिवार ने जीत हासिल की। ऐसे में जीत की हैट्रिक जमा चुके दीपेंद्र हुड्डा को हराने के लिए दमदार चेहरा चाहिए।

 


पाकिस्तान में 'जंगली बकरी' का शिकार करने के लिए अमेरिकी ने चुकाया 1 लाख डॉलर का शुल्क

पाकिस्तान में 'जंगली बकरी' का शिकार करने के लिए अमेरिकी ने चुकाया 1 लाख डॉलर का शुल्क

07-Feb-2019

मीडिया रिपोर्ट 

नई दिल्ली : शौक बड़ी चीज है. अपने शौक को पूरा करने के लिए लोग किसी भी हद से गुजर जाते हैं. कुछ ऐसा ही शौक अमेरिका के एक शिकारी का है, जिसने पाकिस्तान में शिकार करने पहुंचा. यह उसके शौक की इंतहा ही कही जाएगी कि पाकिस्तान में उसने वहां के राष्ट्रीय पशु और संरक्षित जीव, मरखोर (Markhor) के शिकार के लिए प्रशासन को भारी-भरकम फीस दी. जी हां, अमेरिका के इस शिकारी ने मरखोर के शिकार के लिए गिलगित-बाल्टिस्तान इलाके के प्रशासन को एक लाख डॉलर से ज्यादा की रकम का भुगतान किया. मरखोर, पाकिस्तान में पाए जाने वाले जानवरों की प्रजाति का लुप्तप्राय जीव है, जिसे जंगली बकरी भी कहा जाता है. अपने लंबे बालों और घुमावदार सींग के लिए मशहूर इस जानवर के शिकार पर पाकिस्तान सरकार ने प्रतिबंध लगा रखा है. लेकिन विशेष परिस्थितियों में खास जीव-जंतुओं के शिकार की इजाजत दी जाती है.

पाकिस्तान में दिसंबर के आखिरी दिनों में वन्यजीवों का शिकार करने को लेकर प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है. इस प्रतियोगिता में देश-विदेश के प्रतिभागी शिरकत करते हैं. अमेरिकी शिकारी इसी प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए पाकिस्तान पहुंचा था. इंडियन एक्सप्रेस में पाकिस्तानी अखबार द डॉन के हवाले से छपी खबर के अनुसार, अमेरिका के शिकारी ब्रायन किंसेल हर्लन ने गिलगित-बाल्टिस्तान के वाइल्डलाइफ डिपार्टमेंट से मरखोर का शिकार करने की इजाजत मांगी थी. विभाग ने उन्हें इसकी अनुमति तो दी, लेकिन इसके लिए भारी-भरकम राशि का शुल्क अदा करने की भी शर्त थी. इस शुल्क को हर्लन ने चुकाया. अखबार की खबर के मुताबिक वाइल्डलाइफ डिपार्टमेंट के एक अधिकारी ने कहा कि यह शिकार करने के लिए चुकाई गई अब तक की सबसे बड़ी राशि है.

हर्लन ने वन विभाग को कुल एक लाख 10 हजार अमेरिकी डॉलर दिए. यदि इस रकम को पाकिस्तानी रुपए के हिसाब से देखें तो करीब एक करोड़ 40 लाख रुपए होते हैं. वहीं, भारतीय मुद्रा में यह रकम 70 लाख रुपए से ज्यादा है. अमेरिकी शिकारी हर्लन ने अखबार को बताया कि लुप्तप्राय वन्यजीव मरखोर का शिकार करना बिल्कुल अलग तरह का अनुभव था. हालांकि बेहद नजदीक जाकर किए गए इस शिकार के बाद मुझे जो ट्रॉफी मिली, उसे जीतना ज्यादा महत्वपूर्ण है. हर्लन ने जिस मरखोर का शिकार किया वह करीब 41 इंच ऊंचा था.

पाकिस्तान के वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस साल हंटिंग ट्रॉफी के दौरान कुल 50 वन्यजीवों का शिकार किया गया. शिकार के लिए शुल्क के रूप में जो रकम जमा की जाती है, उसका 80 प्रतिशत भाग स्थानीय समुदायों को दिया जाता है, जबकि बाकी 20 फीसदी राशि सरकार के खाते में जाती है. स्थानीय समुदाय के लोग इस प्रतियोगिता के जरिए जुटाई गई राशि से सालोंभर इस दुर्लभ जंगली बकरी के संरक्षण का कार्यक्रम चलाते हैं. हालांकि इसके बावजूद मरखोर की संख्या इस इलाके में तेजी से घटती जा रही है.


शारदा चिटफण्ड मामले को लेकर पुलिस आयुक्त  पर CBI के द्वारा सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज

शारदा चिटफण्ड मामले को लेकर पुलिस आयुक्त पर CBI के द्वारा सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज

05-Feb-2019

नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) कोलकाता पुलिस आयुक्त (Kolkata Police Commissioner) पर शारदा चिटफंड घोटाला (Saradha Chitfund scam) मामले से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक सबूत नष्ट करने का आरोप लगाने वाली सीबीआई की अर्जियों पर मंगलवार को सुनवाई करेगा। कोर्ट ने सोमवार को सख्त शब्दों में कहा कि यदि थोड़ा सा भी यह पता चला कि पुलिस आयुक्त साक्ष्य नष्ट करने का प्रयास किया है तो उनके साथ ऐसी सख्ती से पेश आया जाएगा जिसे वह जिंदगी भर नहीं भूलेंगे।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सीबीआई की अर्जियों पर मंगलवार को सुनवाई की जाएगी जिनमें आरोप लगाया गया है कि असाधारण परिस्थितियां उत्पन्न होने की वजह से उसने यह आवेदन दायर किए हैं जिसमें पश्चिम बंगाल पुलिस के शीर्ष अधिकारी कोलकाता में एक राजनीतिक दल के साथ धरना दे रहे हैं।
मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई और संजीव खन्ना की पीठ के समक्ष सीबीआई की ओर से सोमवार को सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने कोलकाता के पुलिस आयुक्त राजीव कुमार पर शारदा चिटफंड घोटाले से संबंधित मामले के साक्ष्य नष्ट करने और न्यायालय की अवमानना का आरोप लगाते हुए इसका उल्लेख किया। पीठ ने हालांकि इन आवेदनों पर सोमवार को दोपहर में सुनवाई करने से इनकार कर दिया।
पीठ ने कहा कि इस दौरान सॉलिसीटर जनरल या कोई भी अन्य पक्ष ऐसी सामग्री या साक्ष्य न्यायालय में पेश कर सकता है जिससे यह पता चलता हो कि पश्चिम बंगाल में प्राधिकारी या पुलिस अधिकारी इस मामले से संबंधित साक्ष्य नष्ट करने की कोशिश कर रहे हैं या इसकी योजना बना रहे हैं। पीठ ने कहा कि इस तरह की  सामग्री और साक्ष्य उसके समक्ष हलफनामे के माध्यम से दायर किए जाने चाहिए।

सॉलिसीटर जनरल की दलीलों का संज्ञान लेते हुए पीठ ने कहा कि यदि यह पता चला कि पुलिस आयुक्त साक्ष्य नष्ट करने का प्रयास कर रहे हैं तो हम उनसे सख्ती से पेश आएगे और वह इसे भूलेंगे नहीं। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार की रात साढ़े आठ बजे से ही धरना दे रही हैं। सोमवार को उन्होंने कोलकाता के पुलिस प्रमुख से पूछताछ के सीबीआई के प्रयास को लेकर अपने धरने को गैरराजनीतिक विरोध करार दिया।

इससे पहले, सुबह सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने कहा, असाधारण परिस्थिति उत्पन्न हो गयी है जिसमें रविवार की रात में पश्चिम बंगाल पुलिस ने सीबीआई के अधिकारियों को उस वक्त हिरासत में ले लिया जब वे शारदा चिट फंड प्रकरण की जांच के सिलसिले में साक्ष्यों के लिए कोलकाता पुलिस आयुक्त के कार्यालय गये थे। मेहता ने कहा कि पुलिस ने सिर्फ गिरफ्तार ही नहीं किया बल्कि संयुक्त निदेशक (पूर्व) पंकज श्रीवास्तव का आवास भी घेर लिया और उनके परिवार को बंधक बनाकर रखा। पुलिस ने कोलकाता में सीजीओ परिसर में स्थित सीबीआई कार्यालय की घेराबंदी भी की।

मेहता ने कहा कि शारदा चिटफंड घोटाले की जांच में शामिल होने के लिये कोलकाता के पुलिस आयुक्त को बार-बार समन भेजे जाने पर भी उन्होंने इनका जवाब नहीं दिया, जब हमारा दल उनके आवास पर पहुंचा तो उसे हिरासत में कर लिया गया। पीठ ने जब यह कहा कि सीबीआई अधिकारी अब गिरफ्तार नहीं हैं तो सॉलिसीटर जनरल ने जवाब दिया कि रोजाना के आधार पर राज्य पुलिस जांच एजेन्सी के अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर रही है।
सॉलिसीटर जनरल ने कोर्ट से कहा कि जांच एजेंसी ने दो आवेदन दायर किए हैं। दूसरा आवेदन पुलिस आयुक्त द्वारा न्यायालय की अवमानना के बारे में है क्योंकि इस मामले में शीर्ष अदालत के आदेश पर ही जांच की जा रही है। मेहता की इस दलील पर पीठ ने कहा, यदि साक्ष्य नष्ट कर दिए जाएं तो भी यह इलेक्ट्रानिक रूप में हैं और इन्हें हासिल किया जा सकता है। पीठ ने कहा कि उसने अवमानना याचिका का अवलोकन किया है और इसमें ऐसा कुछ नहीं है। इस पर पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने जांच ब्यूरो के आवेदन का विरोध किया और कहा, वह आरोपी नहीं हैं। कलकत्ता उच्च न्यायालय ने पक्ष में आदेश दे रखा है।

मीडिया इन पुट 


वर्ष 2017-18 में नोटबंदी के बाद भारत में बेरोजगारी की दर 45 सालों में सबसे ज्यादा

वर्ष 2017-18 में नोटबंदी के बाद भारत में बेरोजगारी की दर 45 सालों में सबसे ज्यादा

31-Jan-2019

नई दिल्ली : देश में बेरोजगारी दर बेतहाशा बढ़ गई है। 2017-18 में यह दर 45 साल में सबसे ज्‍यादा रही। 6.1 प्रतिशत। बताया जा रहा है कि 1972-73 के बाद पहली बार बेरोजगारी दर इस लेवल पर गई है। बता दें कि 1972-73 से पहले रोजगारी संबंधी आंकड़ेे जमा करने की व्‍यवस्‍था नहीं थी। बिजनेस स्‍टैण्‍डर्ड ने नेशनल सैम्‍पल सर्वे ऑफिस (NSSO) की ओर से किए गए पेरियोडिक लेबर फोर्स सर्वे (PLFS) के हवाले से 6.1 प्रतिशत बेरोजगारी दर होने की जानकारी दी है। यह जानकारी ऐसे समय सामने आई है जब बेरोजगारी के आंकड़े सार्वजनिक करने में देरी की वजह से राष्‍ट्रीय सांख्‍यिकीय आयोग के दो सदस्‍यों ने इस्‍तीफा दे दिया है।

बेरोजगारी को लेकर सामने आया यह किसी सरकारी एजेंसी द्वारा तैयार सबसे ताजा और नोटबंदी के बाद का पहला आंकड़ा है। हालांकि, आधिकारिक रूप से इसे जारी नहीं किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आठ नवंबर, 2016 को नोटबंदी की थी। जानकार कहते रहे हैं कि नोटबंदी का रोजगार पर काफी नकारात्‍मक असर हुआ है और इससे बेरोजगारी बढ़ी है। बेरोजगारी बढ़ने की एक वजह जीएसटी को लागू करने की खामियों को भी बताया जाता रहा है।

रिपोर्ट के मुताबिक शहरी इलाकों में बेरोजगारी ज्‍यादा बढ़ी है। शहरी इलाकों में इसकी दर 7.8 प्रतिशत बताई गई है, जबकि ग्रामीण इलाकों में 5.3 फीसदी। युवा बेरोजगारों की संख्‍या में भी काफी बढ़ोत्‍तरी दर्ज की गई है। युवाओं के बीच बेरोजगारी दर ने 2017-18 में नया रिकॉर्ड बनाया है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि ग्रामीण इलाकों की पढ़ी-लिखी महिलाओं की बेरोजगारी दर 2017-18 में 17.3 प्रतिशत रही। 2004-05 में यह 9.7 प्रतिशत थी, जो 2011-12 में 15.2 प्रतिशत हो गई थी। ग्रामीण इलाकों के पढ़े-लिखे पुरुषों के मामले में यह आंकड़ा 2017-18 में 10.5 प्रतिशत रहा, जबकि 2004-05 से 2011-12 के दौरान यह 3.5 से 4.4 प्रतिशत के बीच रहा था।

लएफपीआर यानी लेबर फोर्स पार्टिसिपेटिंंग (रोजगार में लगे हुए या लगने की इच्‍छा रखने वाले) रेट भी 2017.18 में 36.9 पर पहुंच गई है, जबकि 2011-12 में यह 39.5 फीसदी थी। यानी चाहते हुए भी लोगों को रोजगार नहीं मिल रहा है। बता दें कि युवाओं को रोजगार देना 2014 में नरेंद्र मोदी के सबसे बड़े चुनावी वादों में से एक था। अब 2019 चुनाव में कांग्रेस जहां बीजेपी की वादाखिलाफी को मुद्दा बना रही है, वहीं खुद उसी वादे के साथ जंग में उतर रही है। कांग्रेस का कहना है कि वह 2019 से 2024 के दौरान सात करोड़ रोजगार के अवसर पैदा कर सकती है और राजीव गांधी इंस्‍टीट्यूट ऑफ कन्‍टेम्‍पररी स्‍टडीज ने एक रिपोर्ट में इसका खाका भी पेश किया है। यह रिपोर्ट कांग्रेस को सौंपी गई है।


गोवा बीजेपी विधायक को भाए राहुल गाँधी, कहा- देश को उनके जैसे नेता की जरूरत

गोवा बीजेपी विधायक को भाए राहुल गाँधी, कहा- देश को उनके जैसे नेता की जरूरत

30-Jan-2019

पणजी/नई दिल्ली : एजेंसी  

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के विधायक और गोवा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर माइकल लोबो ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की जमकर तारीफ की है। बीजेपी नेता ने उनकी प्रशंसा करते हुए कहा कि गोवा और भारत को उनके जैसे नेता की आवश्यकता है। बता दें कि राफेल डील को लेकर जारी सियासी गहमागहमी के बीच राहुल गांधी ने मंगलवार(29 जनवरी) को गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर से मुलाकात की थी।

समाचार एजेंसी ANI के मुताबिक माइकल लोबो ने कहा कि, ”अस्वस्थ चल रहे हमारे मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर की तबीयत का हाल जानने के लिए विशेष दौरे पर राहुल गांधी आए। उनकी सादगी और विनम्रता को सभी गोवा वासियों और भारतीयों को सराहना करनी चाहिए। वह एक बहुत ही सरल व्यक्ति हैं और उनके जैसे नेता की गोवा और भारत को आवश्यकता है।”

राहुल गांधी

उन्होंने आगे कहा कि, अपने निजी दौरे के दौरान राहुल गांधी विशेष तौर पर मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर से मिलने विधानसभा आए। उन्होंने उनकी तबीयत का हाल जाना और जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना की।


सऊदी अरब में भारी बारिश, मदीना की सड़कों पर बाढ़ जैसे हालात

सऊदी अरब में भारी बारिश, मदीना की सड़कों पर बाढ़ जैसे हालात

29-Jan-2019

सऊदी अरब में आई भीषण बाढ़ के कारण स्कूल बंद कर दिए गए, पवित्र शहर मदीना में दर्जनों गाड़ियां बाढ़ की वजह से बह गईं हैं। प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक़ सऊदी अरब की राजधानी रियाज़ और पवित्र नगर मदीना सहित कई शहरों में भीषण बाढ़ के कारण भारी तबाही हुई है। रियाज़ और तबूक सहित कई शहरों के सभी स्कूलों को बंद कर दिया गया है। रियाज़, मदीना, तबूक और जुज़ान सहित सऊदी अरब के विभिन्न शहरों में धूल-मिट्टी, तूफ़ान और भीषण बारिश ने आम जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार सऊदी अरब में आई भीषण बाढ़ ने जहां कई शहरों के आवासीय इलाक़ों को प्रभावित किया है वहीं पवित्र नगर मदीना में दर्जनों गाड़ियां पानी के बहाव में बह गईं हैं।

पार्स टुडे डॉट कॉम के मुताबिक, सऊदी अरब के उत्तर-पश्चिम क्षेत्र तबूक के मीडिया प्रवक्ता अब्दुल अज़ीज़ बिन फरहान अश्शुमारी ने बताया कि हमारे पास ऐसे बहुत से फ़ोन कॉल आए हैं जिनसे पता चला है कि घरों में पानी घुस गया है जिसके कारण सैकड़ों लोग घर छोड़ने पर मजबूर हो गए हैं।

इस बीच सऊदी अरब के मौसम विभाग ने जेद्दाह, अलजौफ़, हील, मदीना, मक्का, रियाज़, पूर्वी प्रांत, दक्षिण पश्चिम और पश्चिम के पहाड़ों में तेज़ हवाओं के साथ अधिक बारिश की भविष्यवाणी की है। सऊदी प्रशासन ने देश की जनता से अपील की है कि वे निचले इलाक़ों में जाने से बचें। उड़ानें रद्द होने के कारण जिद्दाह एयपोर्ट पर यात्रियों की भीड़ लगी हुई है।

साभार : hindi.siasat.com से 

 


केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार हेगड़े का विवादित बयान- अगर कोई हिन्दू लड़की को छूए तो वो हाथ नहीं बचने चाहिए

केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार हेगड़े का विवादित बयान- अगर कोई हिन्दू लड़की को छूए तो वो हाथ नहीं बचने चाहिए

28-Jan-2019

एजेंसी 

केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार हेगड़े ने विवादित बयान देते हुए कहा कि अगर कोई हिन्दू लड़की को छूए तो वो हाथ नहीं बचने चाहिए। कर्नाटक में एक कार्यक्रम के दौरान हेगड़े ने अपने संबोधन में कहा, “हमें अपने समाज की प्राथमिकताओं के बारे में विचार करना होगा। हमें जाति के बारे में नहीं सोचना चाहिए। यदि एक हिन्दू लड़की को कोई हाथ छूता है तो वह हाथ नहीं बचना चाहिए।”

यह पहली बार नहीं है जब केंद्रीय मंत्री ने इस तरह का विवादित बयान दिया है। केरल के सबरीमाला मंदिर में दो महिलाओं के प्रवेश के दावे के बाद उन्होंने कहा था, “राज्य की विजयन सरकार पूरी तरह फेल हो गई। सबरीमाला मंदिर में महिलाओं का प्रवेश दिनदहाड़े हिंदुओं का रेप है। वामपंथियों के पूर्वाग्रहों की बजाय केरल के मुख्यमंत्री का पूर्वाग्रह लोगों में भ्रम पैदा कर रहा है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश से मैं सहमत हूं लेकिन जनभावनाओं को ठेस पहुंचाए बिना कानून-व्यवस्था संभालना सरकार का काम होता है। केरल की सरकार इस मामले में पूरी तरह विफल साबित हो गई।”


मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने कहा है कि बैलट पेपर से हरगिज चुनाव नहीं होगा

मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने कहा है कि बैलट पेपर से हरगिज चुनाव नहीं होगा

24-Jan-2019

नई दिल्ली: ईवीएम (EVM) पर चल रहे विवाद के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने कहा है कि बैलट पेपर से हरगिज चुनाव नहीं होंगे. दिल्ली में एक समारोह में मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने कहा, 'मैं स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि हम बैलट पेपर के युग में हरगिज वापस नहीं जाने वाले हैं...' बता दें, लंदन में सैयद शुजा नाम के एक कथित ईवीएम हैकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके दावा किया था कि भारत की ईवीएम मशीनों को हैक किया जा सकता है. साथ ही उसने कहा था कि साल 2014 के लोकसभा चुनाव में ईवीएम के साथ छेड़छाड़ हुई थी. इसके बाद कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर एक दूसरे पर निशाना साधा था.

सैयद शुजा की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद भाजपा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा था कि यह प्रेस कॉन्फ्रेंस कांग्रेस प्रायोजित है. केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने पूछा था कि कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल वहां किस हैसियत से थे और वहां क्या कर रहे थे. इसके साथ ही उन्होंने कहा था कि जब कोई विपक्षी दल जीतता है तो ईवीएम सही है, लेकिन भाजपा जीतती है तो ईवीएम मशीन में छेड़छाड़ी हो जाती है. इसके बाद कांग्रेस ने भी भाजपा पर पलटवार किया था.

इसी बीच अब आम आदमी पार्टी ने आगामी लोकसभा चुनाव में पुराने, आजमाए जा चुके बैलट पेपर का फिर से इस्तेमाल किए जाने की मांग की है. पार्टी ने कहा है कि मांग न पूरी होने की स्थिति में सभी विपक्षी दलों से चुनाव का बहिष्कार करने का आह्वान किया. आप के राज्यसभा सदस्य और उत्तर प्रदेश के प्रभारी संजय सिंह ने बताया कि 'लोकतंत्र को बचाने और चुनाव प्रक्रिया में एक बार फिर लोगों का विश्वास स्थापित करने के लिए यह आवश्यक है.'


 गोतस्करी के आरोप में मॉब लिंचिंग में मारे गए उमर खान का बेटा गोतस्करी के आरोप में गिरफ्तार

गोतस्करी के आरोप में मॉब लिंचिंग में मारे गए उमर खान का बेटा गोतस्करी के आरोप में गिरफ्तार

23-Jan-2019

नई दिल्ली 

राजस्थान के अलवर में गोतस्करी के आरोप में मॉब लिंचिंग में मारे गए उमर खान के बेटे मकसूद खान को अब गोतस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. गोतस्करी के आरोप में मकसूद खान समेत 6 लोगों की गिरफ्तारी हुई है. आरोप है कि उमर खान का बेटा मकसूद खान ट्रक के पीछे टैंकर में भरकर गायों की तस्करी करता था. अलवर जिले की खेड़ली पुलिस के मुताबिक मंगलवार देर रात गश्त के दौरान हरियाणा और राजस्थान में गो-तस्करी, पुलिस पर फायरिंग, वाहनों की लूट और पुलिस पर हमला करने वाले गैंग के 6 बदमाशों को गिरफ्तार किया गया है. इनके पास से अवैध हथियार, तस्करी में प्रयोग किए जाने वाले टैंकर और स्विफ्ट डिजायर भी बरामद की गई है.

इन गिरफ्तार किए गए गो-तस्करों में 10 नवंबर 2017 को अलवर जिले के गोविंदगढ़ में गो-तस्करी के आरोप में गोरक्षकों की पिटाई से मरने वाले उमर खान का 22 वर्षीय बेटा मकसूद खान भी शामिल है. आपको बता दें कि भरतपुर के पहाड़ी के घाट की मां के रहने वाले उमर खान की मॉब लिंचिंग के बाद देशभर में हंगामा हुआ था. इनके पास से 315 बोर का कट्टा, 9 जिंदा कारतूस, टैंकरनुमा 407 मिनी ट्रक, स्विफ्ट डिजायर कार, अंग्रेजी शराब के 40 पव्वे, 50 लीटर देशी शराब, लाल मिर्च और रस्सा सहित अनेक चीजें भी बरामद की गई हैं. आरोपियों पर हरियाणा सहित कैथवाड़ा, पहाड़ी, गोपालगढ़, नौगांवा, रामगढ़, सीकरी आदि थाना क्षेत्रों में गोतस्करी, लूट व पुलिस पर हमला करने के मामले दर्ज हैं.

पुलिस को इनके एक टैंकर नुमा वाहन और स्विफ्ट डिजायर में क्षेत्र में घूमने की मुखबिर से सूचना मिली, जिसके बाद पुलिस ने खेड़ली कस्बे के पथैना रोड के अलीपुर मोड़ पर बने एक तिबारे पर रात करीब 12 बजे घेरा डाला और इनको पकड़ लिया. ये सभी वाहन लूटने और खेतो में घूम रही आवारा गायों को टैंकर में भरने और गोतस्करी की योजना बना रहे थे. थानाधिकारी उमेश बेनीवाल ने बताया कि खेड़ली थाना क्षेत्र में 3 महीने पहले भनोखर और ड्योढाणा के बीच पुलिस और गोतस्करो के बीच मुठभेड़ हुई थी, जिसके बाद घाटमिका के गोतस्कर गायों से भरी गाड़ी छोड़कर भाग गए थे. इसके बाद भनोखर के पास एक महीने पहले फिर गोतस्करों से मुठभेड़ हुई थी. इसके अलावा कुछ दिन पहले दारोदा गांव के पास भी गोतस्करों और पुलिस के बीच भिड़ंत हुई थी. इसके बाद अलवर के पुलिस अधीक्षक (SP) के निर्देश पर इस गैंग पर कड़ी नजर रखी जा रही थी.

जब मंगलवार को पुलिस को इस गैंग की सूचना मिली तो दबिश दी और 6 बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने बताया कि इस गैंग में घाटमिका गांव निवासी मकसूद भी शामिल है, जो मॉब लिंचिंग के आरोप में मारे गए उमर खान का बेटा है. यह गैंग खेड़ली थाना क्षेत्र में पहले 3 तीन बार गोतस्करी के दौरान पुलिस पर फायरिंग कर चुका है, जिसमें पुलिस एक दर्जन से अधिक गाय बरमाद कर चुकी है.


"बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ" योजना की खुली पोल, पब्लिसिटी में ही खर्च हो गया आधा फंड का पैसा

22-Jan-2019

दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2015 में 22 जनवरी को ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ योजना की शुरूआत की थी। इसका दो लक्ष्य था- एक यह कि गिरते हुए लिंगानुपात को कम किया जाए और दूसरा यह कि समाज में लड़कियों के प्रति नजरिया में बदलाव हो। इसके लिए तीन मंत्रालय महिला और बाल विकास, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण तथा मानव संसाधन विकास मंत्रालय को जिम्मा दिया गया। इस योजना की शुरूआत के चार साल बाद सरकार द्वारा जारी किए गए आंकड़े यह दर्शाते हैं कि इसका लक्ष्य ‘बेटी बचाने और बेटी बचाने’ से ज्यादा पब्लिसिटी था। इस योजना के लिए जारी फंड का आधे से ज्यादा पैसा प्रचार में खर्च कर दिया गया। 2014 से लेकर 2018 के बीच करीब 56 प्रतिशत पैसा मीडिया से जुड़े गतिविधियों में खर्च हुआ। 25 प्रतिशत से भी कम पैसा जिला और राज्यों में आवंटित किए गए। वहीं, करीब 19 प्रतिशत पैसा सरकार द्वारा जारी ही नहीं किया गया।

आंकड़े यह साफ बताते हैं कि तरह ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ योजना का पैसा प्रचार में खर्च किया गया। वर्ष 2014-15 में कुल 50 करोड़ रुपया फंड आवंटित किया गया। इसमें से मात्र 13.37 करोड़ रुपया जिला और राज्यों को भेजा गया। वहीं, 18.91 करोड़ रुपया प्रचार पर खर्च कर दिया गया। शेष पैसे जारी ही नहीं किए गए। इसी तरह वर्ष 2015-16 में 75 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया। इसमें से 39.08 करोड़ रुपये जिला व राज्यों को जारी किए गए। 24.54 रुपये प्रचार में खर्च किए गए। इसी तरह 31 दिसंबर 2018 तक कुल 648 करोड़ रुपये फंड का आवंटन किया गया। इसमें से 159.18 करोड़ रुपये जिला व राज्यों को जारी किए गए। जबकि 364.66 करोड़ रुपये प्रचार पर खर्च कर दिए गए। वहीं, करीब 124.16 करोड़ रुपये जारी ही नहीं किए गए। भाजपा के कपिल पाटिल और शिवकुमार उदासी, कांग्रेस की सुष्मिता देव, टीआरएस के गुठा सुकेंद्र रेड्डी और शिवसेना के संजय जाधव द्वारा पूछे ग प्रश्न के जवाब में यह जानकारी महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के राज्यमंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने इस साल 4 जनवरी को लोकसभा में दी। सरकार द्वारा लोकसभा में दिए जवाब में बताया गया कि अभी तक इस योजना के लिए कुल 644 करोड़ रुपया जारी किया गया है। इसमें से मात्र 159 करोड़ रुपया जिला व राज्यों को भेजा गया है।

संसद में जब मंत्री से यह पूछा गया कि क्या यह योजना फेल कर गई? इसका जवाब उन्होंने नकारात्मक दिया। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस योजना को देश के 640 जिलों में लागू करना चाहती थी। 2015 में प्रथम चरण में सरकार ने कम लिंगानुपात वाले 100 जिलों पर ध्यान केंद्रित किया। दूसरे चरण में 61 अन्य जिलों को जोड़ा गया।


आपस में टकराए दो रुसी लड़ाकू विमान

आपस में टकराए दो रुसी लड़ाकू विमान

19-Jan-2019

IANS

मॉस्को: जापान सागर के ऊपर शुक्रवार को रूस के दो सुखोई एसयू-34 बमवर्षक युद्धाभ्यास करते समय गलती से आपस में टकरा गए. देश के रक्षा मंत्रालय ने यह जानकारी दी है. रूसी मंत्रालय के बयान के मुताबिक, विमानों ने बिना गोला-बारूद के उड़ानें भरी थी. चालक दल के सदस्य सुरक्षित रूप से बाहर निकलने में कामयाब रहे.

समाचार एजेंसी तास ने बयान के हवाले से कहा है, "18 जनवरी को सुबह 8.07 बजे (मॉस्को समयानुसार), जापान सागर के ऊपर एक नियोजित प्रशिक्षण उड़ान का प्रदर्शन करते हुए, तट से 35 किलोमीटर दूर, सुदूर पूर्वी वायु रक्षा बलों के दो एसयू-34 विमान युद्धाभ्यास करते हुए आसमान में एक-दूसरे से टकरा गए." बयान में कहा गया है कि खोज और बचाव बलों के एक एएन-12 और दो एमआई-8 हेलीकॉप्टर उस क्षेत्र के पायलटों की तलाश कर रहे थे, जहां से वे निकले थे.

एसयू-34 रूस का हर मौसम में संचालित हो सकने वाला सुपरसोनिक मीडियम रेंज लड़ाकू बमवर्षक विमान है. इसने पहली बार 1990 में उड़ान भरी थी और 2014 से रूसी वायुसेना का हिस्सा है.