रायबरेली में पूर्व विधायक और कमिश्नर समेत 15 के खिलाफ गैंगरेप का मामला दर्ज

रायबरेली में पूर्व विधायक और कमिश्नर समेत 15 के खिलाफ गैंगरेप का मामला दर्ज

11-Nov-2018

रायबरेली। संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) अध्यक्ष सोनिया गांधी के संसदीय क्षेत्र रायबरेली में पूर्व विधायक और वाणिज्यकर विभाग के कमिश्नर समेत 15 लोगों के खिलाफ सामूहिक बलात्कार का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस सूत्रों ने शनिवार को बताया कि पूर्व विधायक गजाधर सिंह, पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष आरबी सिंह वाणिज्य कर कमिश्नर सत्येद्र सिंह गौतम, ब्लाक प्रमुख सत्येद्र सिंह, आरएसएस नेता भानू प्रताप सिंह, विनोद सिंह, राकेश सिंह, निखिल सिंह पूरब नाइ, दिनेश चौधरी, अनामिका सिंह, समेत 15 लोगों के खिलाफ गैंग रेप हत्या के लिए प्रेरित करने की रिपोर्ट दर्ज हुई है। 
 
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री आवास के सामने पिछले सोमवार को रायबरेली से आई युवती अनीता सिंह ने आत्मदाह का प्रयास किया था। दो बेटियों को साथ लिए महिला ने खुद पर मिट्टी का तेल डाल लिया था। सीएम आवास के बाहर तैनात सुरक्षा कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर महिला की जान बचाई थी। इंदिरा नगर रायबरेली निवासिनी अनीता सिंह ने बड़ी बहन और मां के साथ सामूहिक दुष्कर्म और आत्महत्या के उकसाने का आरोप लगाया था कि पुलिस कार्रवाई नही कर रही है। लखनऊ में उच्चाधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया और पीड़िता की तहरीर पर पुलिस ने गैंगरेप और आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का मामला दर्ज कर लिया। हालांकि अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई हैं।

 


पाकिस्तान में भी ताबड़तोड़ कमाई कर रहा है आयुष्मान की फिल्म 'बधाई हो'

पाकिस्तान में भी ताबड़तोड़ कमाई कर रहा है आयुष्मान की फिल्म 'बधाई हो'

07-Nov-2018

दिल्ली 

आयुष्मान खुराना की फिल्म 'बधाई हो' हाल ही में रिलीज हुई थी । फिल्म में आयुष्मान के साथ सान्या मल्होत्रा लीड रोल में हैं । बॉक्स ऑफिस पर इस फिल्म ने 100 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया है और अब भी रुकने का नाम नहीं ले रही है । इसी के साथ फिल्म को लेकर एक बेहद अच्छी खबर सामने आ रही है । भारत के साथ पाकिस्तान में भी 'बधाई हो' हिट हो गई है । पाकिस्तान में इस फिल्म ने 289 हजार डॉलर की कमाई कर ली है । ट्रेड एनालिस्ट तरण आदर्श ने ट्विटर पर ये जानकारी साझा करते हुए बताया है कि फिल्म ने पाकिस्तान में अब तक 2 करोड़ की कमाई कर ली है ।

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इसके अलावा ये फिल्म कनाडा, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया में भी अच्छी कमाई कर रही है । बता दें कि भारत में आयुष्मान और सान्या की इस फिल्म ने महज 17 दिनों में ही 100 करोड़ की कमाई कर ली है । ये जंगली पिक्चर्स की 100 करोड़ क्लब में शामिल होने वाली दूसरी फिल्म है ।  इससे पहले आलिया भट्ट और विक्की कौशल अभिनीत फिल्म ‘राजी’ 100 करोड़ के क्लब में शामिल हुई थी । इसके अलावा 'बधाई हो' साल 2018 में 100 करोड़ की कमाई करने वाली 10वीं फिल्म बन गई है। फिल्म में अधेड़ उम्र में प्रेग्नेंट होने वाली महिला का किरदार निभा रहीं नीना गुप्ता ने अपने अभिनय से लोगों का दिल जीत लिया है।

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'बधाई हो' एक मध्यमवर्गीय परिवार की कहानी है, जो एक बेहद सामाजिक मुद्दे को दिखाती है। 'बधाई हो' फिल्म आयुष्मान खुराना पर आधारित है, जिनकी खुद की उम्र शादी करने की है लेकिन इस उम्र में जब उनकी मां बनीं नीता गुप्ता प्रेग्नेंट हो जाती हैं तो उनकी जिंदगी में खलबली मच जाती है और फिर शुरू होती है फिल्म की कहानी।


कभी बीजेपी के सहयोगी रहे चंद्रबाबू नायडू ने कहा- जब मोदी सरकार का खत्म होगा 'कुशासन', तब होगी असली दिवाली

कभी बीजेपी के सहयोगी रहे चंद्रबाबू नायडू ने कहा- जब मोदी सरकार का खत्म होगा 'कुशासन', तब होगी असली दिवाली

06-Nov-2018

भाषा की खबर 

हैदराबाद: आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने मंगलवार को कहा कि देश के लिये वास्तविक दिवाली तभी होगी जब केन्द्र में राजग सरकार का ‘कुशासन' खत्म होगा. जनता को भेजे अपने दिवाली संदेश में उन्होंने कहा, ‘देश के लिये वास्तविक दिवाली उस दिन होगी जब राजग के कुशासन का खात्मा होगा.'  मुख्यमंत्री ने केन्द्र पर बरसते हुए कहा कि पिछले महीने चक्रवातीय तूफान ‘तितली' की चपेट में आने से तबाह हुए उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश के पीड़ितों के लिये ‘एक पैसा' भी नहीं देकर उसने ‘अमानवीय व्यवहार' का प्रदर्शन किया है. उन्होंने कहा, ‘‘केन्द्र के उदासीन रवैये के बावजूद हमने चक्रवात पीड़ितों की सहायता की और उन्हें राहत पहुंचायी.'    

उन्होंने उल्लेख किया कि दिवाली का मतलब ‘दियों की कतारबद्ध श्रृंखला' है. मुख्यमंत्री ने उम्मीद जतायी कि यह आंध्र प्रदेश के लिये जीत की श्रृंखला का सूत्रपात करेगा. उन्होंने कहा, ‘‘जनता की आंखों में चमक देखना मेरे लिये सही मायने में दिवाली है. 


अनुशासनहीनता के आरोप में बिहार पुलिस के 175 कांस्टेबल बर्खास्त

अनुशासनहीनता के आरोप में बिहार पुलिस के 175 कांस्टेबल बर्खास्त

05-Nov-2018

पटना : एजेंसियों से 

बिहार की राजधानी पटना के पुलिस लाइन में एक ट्रेनी महिला सिपाही की मौत के बाद स्थानीय पुलिस के हिंसक होने और न्यू पुलिस लाइन में तोड़फोड़ करने के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। पटना पुलिस लाइन में प्रशिक्षु कांस्टेबल की मौत के बाद उपद्रव पर उतरे पुलिसकर्मियों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 167 प्रशिक्षु कांस्टेबलों सहित 175 कांस्टेबलों को बर्खास्त कर दिया गया। पटना के पुलिस महानिरीक्षक एन एच खान ने बताया, “साक्ष्य के आधार पर 167 प्रशिक्षु कांस्टेबल और आठ सिपाही बर्खास्त किए गए हैं। उपद्रव मामले में अभी कई पहलुओं पर छानबीन जारी है। दो से तीन दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंप दी जाएगी। उन्होंने कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।” पुलिस अधिकारी के मुताबिक, इसके अलावा 27 हवलदारों को भी निलंबित कर दिया गया है। इतना ही नहीं 93 ऐसे पुलिसकर्मियों की पहचान कर उन्हें पटना प्रक्षेत्र से स्थनांतरित करने की बात कही गई है, जो वर्षो से पटना प्रक्षेत्र में पदस्थापित हैं। इसमें 20 से ज्यादा पुलिस अधिकारी बताए जा रहे हैं।

पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मनु महाराज ने सोमवार को बताया कि रविवार देर शाम की गई यह कार्रवाई अनुशासनहीनता के आरोप में उठाया गया कदम है। उन्होंने बताया कि पुलिस लाइन में हुआ उपद्रव कतई बर्दाश्त करने लायक नहीं था। उन्होंने कहा कि अभी भी जांच जारी है तथा और कई लोगों की पहचान की जा रही है। उन्होंने कहा कि उपद्रव करने वाले प्रशिक्षु पुलिसकर्मियो के खिलाफ थाने में प्राथमिकी भी दर्ज करवाई गई है। दरअसल, दो नवंबर को सीवान की रहने वाली प्रशिक्षु महिला कांस्टेबल सविता कुमारी पाठक की मौत के बाद सिपाहियों ने पुलिस लाइन में उपद्रव किया था। कई पुलिस अधिकारियों को पीटा गया था तथा कई सरकारी वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया था। इस दौरान पर सड़क पर आम लोगों को भी निशाना बनाया गया था। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, नाराज पुलिसकर्मियों ने नगर पुलिस अधीक्षक, पुलिस उपाधीक्षक और सार्जेंट मेजर की भी पिटाई की। इतना ही नहीं आरोप है कि लाठी और डंडे से लैस पुलिसकर्मियों ने अधिकारियों को भी खदेड़ दिया और गाड़ियों को तोड़ डाला। इस दौरान मीडियाकर्मियों को भी निशाना बनाया गया। इसके बाद नाराज पुलिसकर्मी सड़क पर उतर गए और जमकर उत्पात मचाया। वहीं, जब आम लोग आक्रोशित हुए तब सभी पुलिसकर्मी पुलिस लाइन में लौट गए। इस दौरान दोनों ओर से पथराव हुआ। आक्रोशित पुलिसकर्मियों का आरोप था कि उन्हें छुट्टी तक नहीं दी जाती है।

पुलिसकर्मियों का आरोप है कि मृतका का भी छुट्टी न मिलने के कारण सही ढंग से इलाज नहीं हो पाया, जिससे उनकी मौत हो गई। घटना के बाद बाद में एसएसपी मनु महाराज ने इस मामले के दोषी लोगों पर कार्रवाई कराने की बात कही और फिर एक जांच कमिटी को दोषियों का पता लगाने और मामले की तफ्तीश करने की जिम्मेदारी दी गई थी। राज्य सरकार का मानना है कि जिस तरह से हिंसा खुद वर्दी पहनकर पुलिसकर्मियों ने खासकर महिला सिपाहियों ने अंजाम दिया वो काफी चिंता का विषय था।


बिहार : बोधगया में पेड़ से लटका मिला ऑस्ट्रेलिया के पर्यटक का शव, पुलिस जाँच में जुटी

बिहार : बोधगया में पेड़ से लटका मिला ऑस्ट्रेलिया के पर्यटक का शव, पुलिस जाँच में जुटी

03-Nov-2018

एजेंसियों से 

गया: बिहार में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. बोधगया में शनिवार की सुबह एक विदेशी शख़्स का शव पेड़ से लटका मिलने के बाद सनसनी मच गई. शख़्स ऑस्ट्रेलिया का बताया जा रहा है. सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंच गई है और छानबीन शुरू हो गई है. आपको बता दें कि पिछले दिनों ही बोधगया मार्ग पर अमावा गांव के नजदीक एक जापानी युवती  के साथ गैंगरेप की वारदात सामने आई थी. उस घटना के बाद स्थानीय पुलिस ने विदेशी नागरिकों की सुरक्षा के लिए बोधगया में विदेशी पर्यटक पुलिस केंद्र की स्थापना की थी, हालांकि तमाम कवादयों के बावजूद अब शव मिला है. 

ऑस्ट्रेलियाई नागरिक का फांसी पर लटका शव मिलने के बाद पुलिस भी सकते में हैं. दूसरी तरफ, एक बार विदेशी नागरिकों की सुरक्षा पर सवालिया निशान खड़ा हो गया है. बताया जा रहा है कि घटनास्थल से विदेशी युवक का बैग, डायरी, पानी का बोतल आदि बरामद किया गया है. डायरी में फोन नंबर ऑस्ट्रेलिया के कोड हैं. जिस हालत में युवक का शव फांसी पर लटका मिला है उससे उम्मीद जताई जा रही है कि हत्या की गई है. हालांकि पुलिस हत्या और आत्महत्या दोनों पहलुओं पर जांच कर रही है. घटना की पूरी तहकीकात और तफ्तीश के लिए पटना से फॉरेंसिक जांच की टीम बोधगया के लिए रवाना हो चुकी है.  


बिहार के मंदिर में जैन मुनि विप्रण सागर जी महाराज ने की खुदकुशी

बिहार के मंदिर में जैन मुनि विप्रण सागर जी महाराज ने की खुदकुशी

31-Oct-2018

पटना 

बिहार के भागलपुर जिले के नाथनगर के चंपापुर दिगंबर जैन सिद्घक्षेत्र मंदिर के कमरे में मंगलवार को जैन मुनि विप्रन सागर जी महाराज ने फांसी का फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। शाम को उनका शव कमरे में पंखे से लटका मिला। फिलहाल, पुलिस ने उनके शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

समाचार एजेंसी आईएएनएस की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस के एक अधिकारी ने बुधवार(31 अक्टूबर) को बताया कि मुनि (40) मंगलवार शाम चार बजे श्रद्घालुओं को दर्शन देने के बाद अपने कमरे में चले गए थे। अन्य दिनों की तरह वह जब रात आठ बजे श्रद्घालुओं को दर्शन देने नहीं निकले, तब इसकी सूचना अन्य लोगों को दी गई। बाद में जब उनके कमरे का दरवाजा खोला गया तब उनका शव पंखे से लटकता दिखा। भागलपुर के पुलिस उपाधीक्षक राजवंश सिंह ने बताया कि जैन मुनि का पार्थिव शरीर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आने के बाद ही मौत के कारणों का पता चल सकेगा। उन्होंने बताया कि जैन मंदिर के प्रबंधक जागेश कुमार जैन के बयान के आधार पर ललमटिया सहायक थाने में एक प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है।

उन्होंने कहा कि कमरे से सुसाइड नोट बरामद किया गया है, जिसमें स्वेच्छा मृत्यु की बात लिखी गई है। सिंह ने कहा कि पुलिस उनके मोबाइल के कॉल डिटेल की जांच-पड़ताल कर रही है। मृतक जैन मुनि मध्य प्रदेश के राजपाटन के रहने वाले थे।


हिन्दू-मुस्लिम वाले बयान को लेकर राजस्थान के बीजेपी मंत्री धन सिंह के खिलाफ केस दर्ज

हिन्दू-मुस्लिम वाले बयान को लेकर राजस्थान के बीजेपी मंत्री धन सिंह के खिलाफ केस दर्ज

30-Oct-2018

मीडिया रिपोर्ट 

दिसंबर में होने वाले राजस्थान विधानसभा चुनाव से ठीक पहले राज्य में सियासी पारा भी गर्मा गया है। राज्य में सभी राजनैतिक दल मतदाताओं को लुभाने के लिए जोर-शोर से प्रचार-प्रसार में जुटे हैं। अभी हाल ही में राजस्थान के बांसवाड़ा से बीजेपी विधायक और सरकार में मंत्री धन सिंह ने हिन्दू-मुस्लिम को लेकर एक बयान दिया था। जिसको लेकर अब धन सिंह के खिलाफ बांसवाड़ा में केस दर्ज किया गया है।

राजस्थान के मंत्री धन सिंह ने शुक्रवार (26 अक्टूबर) को एक सभा को संबोधित करते हुए कहा था, “राजस्थान में जितने भी हिंदू हैं उन सभी हिंदुओं को एकजुट बीजेपी को वोट देना है। अगर कांग्रेस के साथ जुड़कर सारे मुस्लिम मतदान कर सकते हैं तो सारे हिंदू बीजेपी के साथ जा सकते हैं और प्रचंड बहुमत से बीजेपी को जिता सकते हैं।” उनके इस बयान के बाद राज्य का सियासी तापमान और बढ़ गया। धन सिंह के बयान पर विवाद मचने के बाद अब पार्टी बचाव में उतर आई है और इस पर अपनी सफाई दी थी।

राज्य के एक अन्य मंत्री गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि मतदाता का कोई धर्म नहीं होता है। वह सिर्फ उसी शख्स को वोट देता है जो देश के विकास के लिए कार्य करता है। हमारी पार्टी ने कभी भी धर्म के आधार पर वोट की मांग नहीं की है। समाचार एजेंसी ANI के मुताबिक, 26 अक्टूबर को राजस्थान के मंत्री धन सिंह के इस बयान को लेकर बांसवाड़ा में उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया है।


भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में मानवाधिकार कार्यकता सुधा भारद्वाज गिरफ्तार

भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में मानवाधिकार कार्यकता सुधा भारद्वाज गिरफ्तार

27-Oct-2018

एजेंसी 

पुणे की स्थानिय अदालत से जमानत याचिका खारिज होने के बाद पुणे पुलिस ने मानवाधिकार कार्यकता सुधा भारद्वाज को देश का राजधानी दिल्ली से सटे हरियाणा के फरीदाबाद में उनके अवास से गिरफ्तार कर लिया है। पुणे की एक अदालत ने शुक्रवार को सुधा भारद्वाज, वर्नोन गोंसाल्विस और अरुण फेरेरा की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। कथित माओवादियों से संबधों की वजह से इन्हें गिरफ्तार किया गया था। एनडीटीवी में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, दूसरी तरफ दो अन्य एक्टिविस्ट वर्नोन गोंसाल्विस और अरुण फेरेरा को भी 6 नवंबर तक के लिए हिरासत में भेज दिया गया है।

जिला और सत्र न्यायाधीश (विशेष न्यायाधीश) के डी वडाणे ने भारद्वाज, गोंसाल्विस और अरुण फेरेरा की जमानत याचिका खारिज कर दी। पुणे पुलिस ने इन तीनों को कवि पी वरवरा राव और गौतम नवलाखा के साथ 31 दिसंबर को हुए एल्गार परिषद सम्मेलन से कथित संबंध के मामले में 28 अगस्त को गिरफ्तार किया था। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद इन्हे नजरबंद कर दिया गया था।

गौरतलब है कि एक जनवरी 2018 को पुणे के पास भीमा-कोरेगांव लड़ाई की 200वीं वर्षगांठ पर एक समारोह आयोजित किया गया था। इस सम्मेलन के बाद ही कथित तौर पर भीमा-कोरेगांव हिंसा भड़की थी। जहां हिंसा होने से एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। पुलिस ने आरोप लगाया है कि इस सम्मेलन के कुछ समर्थकों के मओवादी से संबंध हैं।

 


कथा वाचक देवकीनंदन ठाकुर ने किया राजनीति में आने का एलान

कथा वाचक देवकीनंदन ठाकुर ने किया राजनीति में आने का एलान

27-Oct-2018

एजेंसी 

भोपाल: सवर्ण आरक्षण के मुद्दे पर भारत बंद करने वाले कथा वाचक देवकीनंदन ठाकुर ने अब राजनीति में आने का एलान किया है. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी मध्यप्रदेश विधानसभा का चुनाव भी लड़ेगी. देवकीनंदन ठाकुर आगामी 29 अक्टूबर को मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन कर अपनी नई पार्टी का एलान करेंगे. पार्टी का नाम क्या होगा यह अभी तय नहीं हो पाया है, लेकिन संभावित नामों में 'अखण्ड भारत मिशन' की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है.

कथा वाचक देवकीनंदन ठाकुर की पार्टी मध्य प्रदेश विधानसभा की तमाम सीटों पर चुनाव लड़ेगी. पार्टी के आधिकारिक एलान के दिन ही तमाम उम्मीदवारों की सूची भी जारी की जाएगी. देवकीनंदन ठाकुर का दावा है कि उनकी बनने वाली पार्टी का अभी तक 27 नई पार्टियों के साथ गठबंधन हो चुका है. कथा वाचक देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि उनकी पार्टी और गठबंधन प्रदेश में सवर्णों के लिए तीसरे मोर्चे के तौर पर उभरेगी. कथा वाचक से अब राजनीति में प्रवेश करने वाले ठाकुर ने कहा कि उनके कार्यकर्ता शनिवार से ही मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव प्रचार में लग गए हैं. मध्यप्रदेश में 28 नवंबर को एक ही चरण में पूरे राज्य में चुनाव होने हैं. यहां विधानसभा की 230 सीटें हैं. मुख्य मुकाबले की बात करें तो यह कांग्रेस और बीजेपी के बीच होने वाला है.

देवकीनंदन ठाकुर की पार्टी आने के बाद उनके सामने राज्य की राजनीति में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की चुनौती होगी. यहां होने वाले चुनाव के परिणाम छत्तीसगढ़, राजस्थान, तेलंगाना और मिजोरम के साथ ही 11 दिसंबर को आएंगे.


लोजपा सांसद वीणा देवी के बेटे की सड़क हादसे में मौत

लोजपा सांसद वीणा देवी के बेटे की सड़क हादसे में मौत

27-Oct-2018

एजेंसियों से 

नई दिल्ली। ग्रेटर नोएडा एक्स्प्रेसवे पर एक सड़क हादसे में लोक जनशक्ति पार्टी सांसद वीणा देवी और पूर्व सांसद सूरजभान सिंह के बेटे आशुतोष की मौत हो गई। ये हादसा शनिवार की सुबह 5 बजे करीब हुआ। वीणा देवी बिहार के मुंगेर सीट से लोजपा की सांसद हैं। एक्सप्रेसवे पर आशुतोष सिंह की कार अनियंत्रित होकर पलट गई जिसके बाद आशुतोष को नजदीक के अस्पताल ले जाया गया, जहां पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। 

हादसे के बारे में बताया जा रहा है कि ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर आशुतोष सिंह की टोयोटा कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा टकराई, जिसके बाद आशुतोष को जेपी अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने आशुतोष को मृत घोषित कर दिया। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, आशुतोष शारदा यूनिवर्सिटी का छात्र था।  इस हादसे की खबर मिलते ही सासंद का परिवार शोकाकुल हो गया। परिवार के लोग शव को लेने के लिए दिल्ली के लिए रवाना हो चुके हैं और देर शाम आशुतोष का शव लेकर उनके पटना लौटने की संभावना है। जबकि उत्तर प्रदेश पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त कार को कब्जे में लेकर अपनी जांच शुरू कर दी है। 


MeToo: गूगल ने 13 सीनियर स्टाफ समेत 48 को नौकरी से निकाला

MeToo: गूगल ने 13 सीनियर स्टाफ समेत 48 को नौकरी से निकाला

26-Oct-2018

भाषा की खबर 

सैन फ्रांसिस्को: गूगल ने गुरुवार को कहा कि उसने बीते दो सालों में यौन उत्पीड़न के आरोपों से घिरे 48 लोगों को नौकरी से निकाला है. इनमें 13 वरिष्ठ प्रबंधक भी शामिल हैं. गूगल ने अनुचित व्यवहार पर “कड़े रुख” का हवाला देते हुए यह कार्रवाई की. तकनीक के क्षेत्र में अमेरिका की दिग्गज कंपनी ने अपने मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुंदर पिचई की ओर से यह बयान जारी किया. यह बयान न्यूयॉर्क टाइम्स की एक खबर के जवाब में आया है जिसमें कहा गया कि गूगल के एक वरिष्ठ कर्मचारी, एंड्रॉयड का निर्माण करने वाले एंडी रुबिन पर कदाचार के आरोप लगने के बाद उन्हें नौ करोड़ डॉलर का एग्जिट पैकेज देकर कंपनी से हटाया गया. साथ ही इसमें कहा गया कि गूगल ने यौन उत्पीड़न के अन्य आरोपों को भी छिपाने के लिए इसी तरह के कार्य किए हैं.
 
इस खबर पर मीडिया ने गूगल से प्रतिक्रिया मांगी जिसपर कंपनी ने पिचई की ओर से कर्मचारियों को एक ई-मेल जारी किया कि पिछले दो सालों में 13 वरिष्ठ प्रबंधकों एवं उससे ऊपर के पद के लोगों समेत 48 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला गया है और उनमें से किसी को भी “कोई एग्जिट पैकेज” नहीं दिया गया.
 
सुंदर पिचई ने कहा, “हाल के वर्षों में हमने कई बदलाव किए हैं जिनमें आधिकारिक पदों पर आसीन लोगों के अनुचित व्यवहार को लेकर सख्त रवैया अपनाना भी शामिल है. उन्होंने कहा कि रुबिन एवं अन्य पर दी गई खबर “भ्रामक थी''. हालांकि उन्होंने लेख के दावों का सीधा-सीधा जवाब नहीं दिया. उन्होंने कहा, “हम सुरक्षित एवं समावेशी कार्यस्थाल उपलब्ध कराने के लिए बहुत गंभीर हैं.”  पिचई ने कहा, “हम आपको आश्वस्त करना चाहते हैं कि हम यौन उत्पीड़न या अनुचित व्यवहार की प्रत्येक शिकायत की समीक्षा करते हैं, हम जांच करते हैं और हम कार्रवाई करते हैं.” रुबिन के प्रवक्ता सैम सिंगर ने रुबिन के खिलाफ लगे आरोपों को खारिज किया और कहा कि उन्होंने एक अन्य कंपनी के लॉन्च के चलते अपनी इच्छा से गूगल छोड़ा है.
 

मद्रास हाईकोर्ट ने AIADMK के 18 बागी विधायकों की अयोग्यता को बरकरार रखा

मद्रास हाईकोर्ट ने AIADMK के 18 बागी विधायकों की अयोग्यता को बरकरार रखा

25-Oct-2018

एजेंसी 

मद्रास हाईकोर्ट ने आज (गुरुवार) ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (AIADMK) के 18 अयोग्य घोषित किए गए विधायकों के मामले में अहम फैसला सुनाया। हाईकोर्ट ने तमिलनाडु के स्पीकर के फैसले को बरकरार रखा है। हाईकोर्ट के फैसले के बाद टीटीवी दिनाकरन ने बताया कि यह हमारे लिए झटका नहीं है। यह एक अनुभव है, हम स्थिति का सामना करेंगे। 18 विधायकों के साथ बैठक के बाद इसके लेकर आगे कुछ तय किया जाएगा।

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त किए गए तीसरे जस्टिस एम सत्यनारायण ने 12 दिनों तक दोनों पक्षों की सुनवाई करने के बाद 31 अगस्त को अपना फैसला रिजर्व रख लिया था। वहीं, मद्रास हाईकोर्ट की तत्कालीन जस्टिस इंदिरा बनर्जी और एम सुंदर वाली दो जजों की बेंच ने 14 जून को बंटा हुआ फैसला दिया था।

बता दें कि पिछले साल सितंबर में 18 एआईएडीएमके विधायकों को राज्यपाल से मिलने के बाद एंटी डिफेक्शन कानून के तहत अयोग्य घोषित किया था। जिन 18 विधायकों को पिछले साल अयोग्य घोषित किया गया था, उनमें एस थंगातमिलसेल्वन भी शामिल हैं। इसके अलावा आर मुरुगन, एस मरियाप्पन केनेडी, के कदीरकामू, जयंती पदमनाभन, पी पलानीअप्पन, वी संथील बालाजी, एस मुथैया, पी वेट्रीवल, एनजी पथिबन, एम कोडनापानी, टीए इलुमलायी, एम रेंगास्वामी, आर थंगादुराई, आर बालासुब्रमनी, एसजी सुब्रमणयन, आर सुंदरराज, उमा महेश्वरी शामिल हैं।


अब केंद्र और आलोक वर्मा आमने-सामने

अब केंद्र और आलोक वर्मा आमने-सामने

24-Oct-2018

नई दिल्ली : एजेंसियों से 

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) में मचे अंदरूनी घमासान के बीच अब केंद्र सरकार और छुट्टी पर भेजे गए सीबीआई डायरेक्टर आलोक वर्मा आमने-सामने आ गए हैं। सरकार ने इस पर कहा है कि कई बार रिमाइंडर भेजने के बाद भी केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) को दस्तावेज नहीं सौंपे गए। आपको बता दें कि सीबीआई से जुड़ा संकट अभी थमा नहीं है। सरकार की ओर से पहली बार इस मसले पर कहा गया कि संस्था के भीतर पनपी स्थिति दुर्भाग्यपूर्ण और विचित्र है। हालांकि, सरकार ने यह भी साफ कर दिया कि वह इसमें कुछ नहीं कर सकती है। जांच का अधिकार सीवीसी के पास ही है। बुधवार (24 अक्टूबर) को सूचना और प्रसारण मंत्रालय की ओर से कहा गया कि 24 अगस्त 2018 को मिली शिकायत की रीसिप्ट (सीबीआई के कुछ वरिष्ठ पदाधिकारियों पर कई किस्म के आरोप) के आधार पर सीवीसी ने तीन अलग-अलग नोटिस (सीवीसी एक्ट, 2003 की धारा 11 के अंतर्गत) 11 सितंबर को सीबीआई डायरेक्टर के पास भेजे। इन नोटिस के जरिए उनसे सीबीआई के समक्ष 14 सितंबर के पहले मामले से जुड़ी फाइलें और दस्तावेज पेश करने के लिए कहा गया था।

मंत्रालय के मुताबिक, “दस्तावेज पेश करने के लिए उसने कई मौके दिए थे। यह भी वजह थी कि कई बार सुनवाई स्थगित हुई। 24 सितंबर 2018 को सीबीआई ने आयोग को विश्वास दिलाया कि वह तीन हफ्तों में दस्तावेज पेश करेगा। मगर बार-बार याद दिलाने और खुद उस वादे को पूरा करने की बात कहने के बाद भी सीबीआई डायरेक्टर की तरफ से आयोग को दस्तावेज मुहैया नहीं कराए गए। ऐसे में सीवीसी ने पाया कि सीबीआई डायरेक्टर जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं। हालांकि, पूरे घटनाक्रम के बीच सरकार की सफाई पर कांग्रेस का पलटवार भी आया। पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी ने राजस्थान में हुई रैली के दौरान दावा किया कि वर्मा की छुट्टी सिर्फ इसलिए की गई, क्योंकि उन्होंने राफेल डील से जुड़े कागजात मंगाए थे। पीएम और उनकी सरकार को इसी बात का डर था, लिहाजा उन्होंने वर्मा को अवकाश पर भेज दिया। वहीं, वरिष्ठ अधिवक्ता और कांग्रेसी नेता अभिषेक मनु सिंघवी बोले कि पीएम को राफेलोफीबिया हो गया है। अभी जो सीबीआई में हो रहा है, वैसा गुजरात मॉडल में होता है।


फर्जी वेबसाइटों का दौर ! कृषि मंत्रालय की फर्जी वेबसाइट बना पांच हजार को ठगा, 25 लाख डकारा

फर्जी वेबसाइटों का दौर ! कृषि मंत्रालय की फर्जी वेबसाइट बना पांच हजार को ठगा, 25 लाख डकारा

24-Oct-2018

नई दिल्ली 

कृषि मंत्रालय की नकली वेबसाइट बनाकर नौकरी का फर्जी विज्ञापन देकर पांच हजार से ज्यादा बेरोजगार युवाओं को ठगने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। क्राइम ब्रांच ने सोमवार को इस फर्जीवाड़े में लिप्त गिरोह का पर्दाफाश करते हुए कल्याणपुरी से दो ठगों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उनके तीन साथियों की तलाश में छापेमारी की जा रही है।

मामले की जांच से जुड़े डीसीपी भीष्म सिंह ने बताया कि ठगों ने कृषि मंत्रालय की फर्जी वेबसाइट बनाई और उस पर मंत्रालय में विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए आवेदन मांगे। इसके बाद ठगों द्वारा वेबसाइट पर दिए गए कृषि भवन के  पते पर आवेदकों के फॉर्म पहुंचने लगे तो मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के कान खड़े हो गए। विभागीय जांच में इस फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। इसके बाद मंत्रालय के अधिकारियों ने 15 अक्तूबर को फर्जीवाड़े की शिकायत क्राइम ब्रांच को दी। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने सोमवार को इस गिरोह से जुड़े दो लोगों को यमुनापार के कल्याणपुरी इलाके से गिरफ्तार कर लिया। दोनों से पूछताछ के बाद पुलिस इनके फरार साथियों की तलाश में छापेमारी कर रही है।
 
गिरोह अब तक 5000 से अधिक बेरोजगार युवकों को ठग चुका था। गिरोह ने आवेदन फीस के नाम पर प्रत्येक पीड़ित से 500 रुपये का बैंक ड्राफ्ट मंगवाया था। इस तरह से गिरोह ने बेरोजगारों को लगभग 25 लाख रुपये का चूना लगा दिया। पुलिस के मुताबिक, गिरोह ने फर्जी वेबसाइट पर 6 अक्तूबर को नौकरी के लिए विज्ञापन दिया था और फॉर्म भरने की आखिरी तिथि 28 अक्तूबर निर्धारित की गई थी। आरोपियों ने पूछताछ में खुलासा किया कि इन्होंने कुछ दिन पहले फर्जी विज्ञापन के जरिए एक गिरोह द्वारा ठगी करने की खबर अखबारों में पढ़ी थी। इसके बाद इनके मन में भी इस तरह से फर्जीवाड़ा कर लोगों को ठगने का विचार आया।

नाना के समर्थन में आए राज ठाकरे, ट्विटर पर बहस करना सही नहीं

नाना के समर्थन में आए राज ठाकरे, ट्विटर पर बहस करना सही नहीं

18-Oct-2018

मुंबई 

देश भर में चल रहे ‘मी टू’ अभियान के तहत हर रोज चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। महिलाओं के इस अभियान का बड़े पैमाने पर समर्थन भी मिल रहा है। इस ‘मी टू’ मुहिम में हर रोज नए-नए नाम उभरकर सामने आने का सिलसिला थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। वहीं, दूसरी ओर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के मुखिया राज ठाकरे ने कहा कि मीटू अभियान गंभीर मुद्दों से ध्यान भटकाने वाला है। राज ठाकरे ने कहा कि ऐसा लगता है कि मीटू की कैंपेन पेट्रोल-डीजल की कीमतों, बेरोजगारी और रुपये की गिरती कीमतों से ध्यान भटकाने के लिए किया गया है।

बुधवार(17 अक्टूबर) को अमरावती में राज ठाकरे ने कहा कि #MeToo अभियान सिर्फ इस वजह से चर्चा में है कि कई लोग आम जनता का ध्यान पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों, बेरोजगारी और रुपये की गिरती कीमतों से हटाना चाहते हैं। राज ठाकरे ने महिलाओं के पक्ष में बात करते हुए कहा कि अगर किसी भी महिला के साथ किसी भी तरह का यौन शोषण हुआ है तो वो मनसे के पास आ सकती है। हम उस आरोपी को सबक सिखाएंगे। महिलाओं को तुरंत आवाज उठानी चाहिए 10 साल बाद नहीं।

तनुश्री दत्ता और नाना पाटेकर विवाद में बात करते हुए राज ठाकरे ने कहा, मैं नाना पाटेकर को जानता हूं, वह अभद्र आदमी हैं, वह बेवकूफाना हरकते करते हैं। मगर मुझे नहीं लगता है कि वह इस तरह की हरकत कर सकते हैं। इस मामले को कोर्ट देखेगी, इसमे मीडिया का क्या लेना-देना है। मी टू एक गंभीर मुद्दा है, ऐसे में ट्विटर पर इस मुद्दे को लेकर बहस करना बिल्कुल भी सही नहीं है।


MeToo पर बोली बीजेपी महिला विधायक, ‘तरक्की के लिए महिलाएं अपनाती हैं शॉर्टकट’

MeToo पर बोली बीजेपी महिला विधायक, ‘तरक्की के लिए महिलाएं अपनाती हैं शॉर्टकट’

15-Oct-2018

दिल्ली 

देश भर में चल रहे ‘मी टू’ अभियान के तहत हर रोज चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। महिलाओं के इस अभियान का बड़े पैमाने पर समर्थन भी मिल रहा है। इस ‘मी टू’ मुहिम में हर रोज नए-नए नाम उभरकर सामने आने का सिलसिला थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। वहीं, दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की महिला विधायक ने पीड़ित महिलाओं को लेकर विवादित बयान दिया है।

एबीपी न्यूज़ की रिपोर्ट के मुताबिक, मध्य प्रदेश के इंदौर से बीजेपी विधायक उषा ठाकुर ने कहा, ‘महिलाएं तरक्की के लिए शॉर्टकट अपनाती हैं, निजी स्वार्थों के लिए नैतिक मूल्यों से समझौता करती हैं। इसलिए समस्यायों में फंसती हैं। जीवन मूल्यों से समझौता कर पाई गई सफलता निरर्थक है।’ उषा ठाकुर का ये बयान ऐसे समय में सामने आया है जब विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर खुद यौन शोषण के आरोपों में फंसे हुए हैं गौरतलब है कि देश भर में चल रहे ‘मी टू’ अभियान के तहत हर रोज चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। आग की तरह फैल रही ‘मीटू’ मुहिम की लपटें राज्यसभा सांसद और केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री एमजे अकबर तक पहुंच गई है। एमजे अकबर पर कई महिला पत्रकारों ने यौन शोषण के आरोप लगाए हैं। अकबर पर लगे सभी आरोप तब के हैं जब वे मीडिया संस्थानों में वरिष्ठ पद पर थे।

वहीं, विदेश से लौटने के बाद अकबर ने खुद पर लगे यौन उत्पीड़न और अनुचित व्यवहार के आरोपों पर पहली बार चुप्पी तोड़ते हुए अकबर ने रविवार (14 अक्टूबर) को उनके खिलाफ लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों को खारिज कर दिया। उन्होंने उन पर इस तरह के आरोप लगाने वाली महिलाओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी।


मुंबई: शिवसेना विधायक तुकाराम काते पर तलवार से हमला, बाल-बाल बचे

मुंबई: शिवसेना विधायक तुकाराम काते पर तलवार से हमला, बाल-बाल बचे

13-Oct-2018

मुंबई: महाराष्ट्र के शिवसेना विधायक तुकाराम काते पर कुछ अज्ञात लोगों ने तलवार से हमला कर दिया. हालांकि, इस  हमले में विधायक तुकाराम काते तो बाल-बाल बच गये मगर उनके बॉडीगार्ड और अन्य दो कार्यकर्ता जख्मी हो गए.  घटना कल रात की बताई जा रही है. हालांकि, अभी तक हमले के पीछे वजह क्या है और किन लोगों ने उन पर हमला किया है, इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई है. तुकाराम रामकृष्णा काते  अनुशक्ति नगर विधानसभा से आते हैं. जो मुंबई में पड़ता है. 
 

 


Me Too: विंता नंदा पर आलोक नाथ ने ठोका मानहानि का मुकदमा

Me Too: विंता नंदा पर आलोक नाथ ने ठोका मानहानि का मुकदमा

13-Oct-2018

एजेंसी 

नई दिल्ली। फिल्म इंडस्ट्री के सबसे 'संस्कारी' एक्टर कहे जाने वाले आलोक नाथ ने अपने ऊपर रेप और यौन शोषण का आरोप लगाने वालीं विंता नंदा पर मानहानि का मुकदमा किया है। निर्माात-लेखक विंता नंदा ने एक्टर पर आरोप लगाया था कि 20 साल पहले आलोक नाथ ने उनका रेप और यौन शोषण किया था। इसके बाद एक्ट्रेस संध्या मृदुल ने भी आलोक नाथ पर शराब पीकर यौन शोषण करने का आरोप लगाया था। 

अभिनेता आलोक नाथ ने विंता नंदा पर मानहानि का मुकदमा ठोका है। लेखक-निर्माता विंता नंदा ने सोमवार को सोशल मीडिया पर चल रहे #MeToo कैंपेन के तहत अपनी कहानी फेसबुक पर शेयर की थी। अपने फेसबुक पोस्ट में यौन शोषण का खुलासा करते हुए विंता नंदा ने बताया था कि इंडस्ट्री में 'संस्कारी' नाम से मशहूर आलोक नाथ ने उनका रेप और यौन शोषण किया था। उनके आरोपों के बाद और महिलाओं को भी आलोक नाथ के खिलाफ बोली दो अन्य महिलाओं ने अभिनेता पर संगीन आरोप लगाए। 

'हम साथ-साथ है' की एक क्रू मेंबर और एक्ट्रेस संध्या मृदुल ने आलोक नाथ पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। संध्या मृदुल ने खुलासा किया था कि आलोक नाथ ने शराब के नशे में उनसे बद्तमीजी की थी। एक्टर के साथ कई सीरियलों और फिल्मों में काम कर चुकीं हिमानी शिवपुरी ने भी एक इंटरव्यू में खुलासा किया कि शराब पीने के बाद आलोक नाथ एकदम बदल जाते थे और उनके इस व्यक्तित्व के बारे में इंडस्ट्री में सभी को मालूम था।


सास-ससुर से गाली-गलौज करने वाले बहु से हाईकोर्ट ने कहा-  तुरंत घर से निकल जाओ

सास-ससुर से गाली-गलौज करने वाले बहु से हाईकोर्ट ने कहा- तुरंत घर से निकल जाओ

12-Oct-2018

मु्ंबईः बंबई हाईकोर्ट ने पारिवारिक कलह के एक मामले में कड़ा फैसला दिया है. दरअसल, यहां एक परिवार में सास-ससुर के साथ रह रही एक बहू अक्सर उनके साथ गाली-गलौज करती थी. इस कारण अदालत ने बहू से सास-सासुर का घर छोड़कर एक माह के भीतर किराये के घर में चले जाने को कहा है. वयोवृद्ध सास-ससुर ने अदालत से गुहार लगाई थी कि उनकी बहू लगातार उन्हें गाली देती है और उनका उत्पीड़न करती है. उन्होंने कहा कि बहू ने उनका अपने ही घर में शांति से जीवन जीना हराम कर दिया है.

आदेश पारित करते हुए जस्टिस शालिनी फसाल्कर जोशी ने कहा कि अपने जीवन के अंतिम वर्षों में याचिकाकर्ता अपनी बहू के हाथों ही प्रताड़ित हो रहे हैं. यह उनके साथ क्रूरता है. वृद्ध दंपति बांद्रा वेस्ट के एक अपार्टमेंट में फ्लैट में रहते हैं. उनका बेटा मलाड में एक घर में रहता है. मलाड वाला घर भी बेटा और उसकी मां के नाम से है. अपनी याचिका में वृद्ध दंपति ने अदालत से गुहार लगाया था कि उनके बेटे और बहू को घर के भीतर घुसने से रोका जाए.

उन्होंने कहा था कि उनकी बहू बहुत ज्यादा गाली-गलौज करती है और एक लड़ाकू किस्म की महिला है. वह उनके (वृद्ध दंपति) साथ हमेशा बुरा बर्ताव करती है. उनका बेटा अपनी पत्नी की इन हरकतों को कभी-कभी नजरअंदाज करता है या फिर वह बहू के दुर्व्यहार में भागीदार भी बन जाता है.

इस कारण उनकी समस्या और बढ़ जाती है. इस याचिका में वृद्ध दंपति ने यह भी कहा था कि उनका बेटा और बहू उन्हें ही अपने घर में नहीं रहना देना चाहते.

इस मामले में डिंडोषी सिविल कोर्ट ने 2016 में पारित एक आदेश में बहू को छह माह के भीतर घर खाली करने को कहा था. लेकिन बहू घर से नहीं निकली. उसे बांद्रा खार इलाके में 49 मकान दिखाए गए लेकिन उसने किसी भी मकान को पसंद नहीं किया.

वह सास-ससुर के मकान में बनी रही. यहां तक कि उसने अपने 72 वर्षीय ससुर पर यौन उत्पीड़न का भी झूठा आरोप लगा दिया. इसके बाद पिछले साल वृद्धि दंपनि ने निचली अदालत के फैसले को लागू करवाने के लिए फिर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया.


अगले 48 घंटों में पूरी दुनिया की इंटरनेट सेवा हो सकती है बंद !

अगले 48 घंटों में पूरी दुनिया की इंटरनेट सेवा हो सकती है बंद !

12-Oct-2018

नई दिल्ली 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अगले 48 घंटों तक पूरी दुनिया के सर्वर बंद होने से तमाम काम रुक सकते हैं. अगर ऐसा हुआ तो लोग न तो खाना ऑर्डर कर पाएंगे और कैब सेवा इस्तेमाल करना नामुमकिन होगा.

रिपोर्ट्स के मुताबिक ग्लोबर सर्वर की मरम्मत के कारण अगले 48 घंटों तक पूरी दुनिया में इंटरनेट सेवा ठप हो सकती है. अब सवाल ये उठ रहा है कि आखिर ये मरम्मत क्यों जरूरी हैं? चलिए आपको बताते हैं आखिर क्यों ग्लोबल सर्वर की मरम्मत की जरूरत आ पड़ी है. आज के समय में बढ़ते साइबर खतरों, फ्रॉड और इंटरनेट पर एक्टिव हैकर्स से बचने के लिए इस सर्वरों को सुरक्षित बनाया जा रहा है.

कम्यूनिकेशन रेग्यूलेटरी ऑथोरिटी ने बताया कि ये मरम्मत इंटरनेट के डोमेन नेम सिस्टम को और सुरक्षित बनाएगी जिससे यूजर्स को एक बेहतर प्लेटफॉर्म मिलेगा. तकनीकी भाषा में कहा जाए तो इस दौरान इंटरनेट कॉर्पोरेशन ऑफ असाइन्ड नेम्स एंड नंबर्स (ICANN) मेंटेनेंस वर्क जारी रहेगा. अगर ऐसा हुआ तो ब्राउजिंग करते वक्त किसी इंटरनेट स्लो या सेवा ठप होने का समस्या तयशुदा समय से थोड़ी ज्यादा भी बढ़ सकती है.

हालांकि एक ही समय में पूरी दुनिया की इंटरनेट सेवा बंद होने की संभावना कम है. इसे छोटे-छोटे slots में बंद किए जाने की उम्मीद ज्यादा है ताकि लोग अपना काम ठीक तरह से कर पाएं.