रायपुर : मुख्यमंत्री बघेल के निर्देश पर लगातार ड्यूटी कर रहे पुलिस कर्मियों के नाश्ता और भोजन की दरों में हुई वृद्धि

रायपुर : मुख्यमंत्री बघेल के निर्देश पर लगातार ड्यूटी कर रहे पुलिस कर्मियों के नाश्ता और भोजन की दरों में हुई वृद्धि

04-May-2020

रायपुर :  मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने लगातार ड्यूटी कर कानून व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे पुलिस कर्मियों के निःशुल्क नाश्ता, दोपहर और रात्रि के भोजन की पूर्व स्वीकृत दरों में वृद्धि करने के निर्देश गृह विभाग को दिए हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश पर त्वरित अमल करते हुए गृह विभाग द्वारा पुलिस कर्मियों के नाश्ता की पूर्व स्वीकृत दर 15 रूपए प्रति प्लेट से बढ़ाकर 20 रूपए प्रति प्लेट कर दिया गया है।

इसी तरह दोपहर के भोजन की पूर्व स्वीकृत दर 30 रूपए प्रति प्लेट से बढ़ाकर 50 रूपए प्रति प्लेट और रात्रि के भोजन की पूर्व स्वीकृत दर 30 रूपए प्रति प्लेट को बढ़ाकर दैनिक व्यय सीमा 70 रूपए किया गया है। पुलिस कर्मियों के लिए नाश्ता और भोजन के लिए पूर्व स्वीकृत दरें 8 फरवरी 2013 से लागू थी, मुख्यमंत्री श्री बघेल के निर्देश पर गृह विभाग द्वारा इसमें बढ़ोत्तरी की गई है।


छत्तीसगढ़ पहुंचे प्रवासी श्रमिकों और छात्रों को कराया भोजन

छत्तीसगढ़ पहुंचे प्रवासी श्रमिकों और छात्रों को कराया भोजन

04-May-2020

-

उड़िसा जाने वाले छात्रों और झारखंड के श्रमिकों को बांटा जरूरी सामान 


रायपुर 3 मई 2020। छत्तीसगढ़ के प्रवासी श्रमिक और छात्रों की घर वापसी के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रयास शुरू कर दिए हैं। देश के विभिन्न शहरों से राज्य के श्रमिकों, सामान्य नागरिकों और फंसे हुए लोगों को प्रदेश वापस लाने के लिए केन्द्र सरकार से अनुरोध किया जा रहा है। वहीं राजधानी के सामाजिक संगठन भी इस मुश्किल घड़ी में जरूरतमंदों की सेवा में निरंतर तत्पर हैं। इसी क्रम में शनिवार देर रात उड़िसा जाने वाले कुछ छात्र और झारखंड के श्रमिक राजधानी पहुंचे। सामाजिक संगठन संभावना फाउंडेशन के कार्यकर्ताओं को जैसे ही यह सूचना मिली , फाउंडेशन के सदस्यों ने फौरन सामाजिक कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए छात्रों और श्रमिकों को खाने का पैकेट और जरूरी सामान बांटा।
फाउंडेशन की अध्यक्षा सुमन यादव ने बताया शनिवार रात्रि को 50 विद्यार्थी (जो कोटा से  उडिसा में बलांगिर के लिए रवाना़ हुए थे) रायपुर पहुंचे। उनके राजधानी पहुंचने की सूचना सामाजिक कार्यकर्ता मनोज अग्रवाल से मिली। उनके लिए खाने की व्यवस्था करने की गुहार लगाई गई। इसके बाद फौरन फाउंडेशन की महिला सदस्य सक्रिय हो गए और डेढ़ घंटे में ही टीम ने घर पर पुडी,रोटी,सब्जी अचार तैयार कर मंदिर हसौद मे बच्चों को खाना पहुंचाया गया। खाना और पानी के अलावा छात्रों को नमकीन , बिस्किट और जूस भी दिया । इसके बाद फाउंडेशन के कार्यकर्ताओं को रात्रि को ही झारखंड से पहुंचे कुछ श्रमिकों और नागरिकों की राधा स्वामी सत्संग व्यास पीठ धरमपुरा में पहुंचने और भोजन की जरूरत है की जानकारी मिली। इसके बाद फाउंडेशन की सक्रिय सदस्यों नीलिमा, साहिल मनीष, मनीषा एवं अन्य ने तत्काल गरम भोजन तैयार करवाकर वहां भिजवाया। 
भूखे थे बच्चे - अध्यक्षा सुमन यादव ने बताया खाना और जरूरी सामान मिलते ही प्रवासी छात्र काफी खुश हुए। उन्होंने छत्तीसगढ़ शासन और सामाजिकि कार्यकर्ताओं का धन्यवाद दिया। अध्यक्षा सुमन के मुताबिक बच्चों से बातचीत कर जानकारी मिली कि बच्चों ने कल दोपहर  से कुछ नहीं खाया था जो की बहुत ही दुखद था। हालांकि उनकी घर वापसी हो रही थी इस बात से वे छात्र काफी खुश थे।

 

 


ऑनलाइन अध्ययन से छात्रों को हो रही है समस्या

ऑनलाइन अध्ययन से छात्रों को हो रही है समस्या

03-May-2020

 

छत्तीसगढ़ छात्र संगठन जोगी सरगुजा जिलाध्यक्ष रचित मिश्रा के द्वारा पत्र के मध्यम से संत गाहिरा गुरु विश्विद्यालय के कुलपति महोदय को बताया की कोबिड-19 संक्रमण के चलते पुरे देश में लॉक डाऊन है राज्य शासन के द्वारा महाविद्यालयीन विद्यार्थियों के लिए भी ऑनलाईन पढ़ाई की सुविधा प्रारंभ की किया गया है पर स्थिति को देखते हुए कहीं ना कहीं छात्रों को ऑनलाइन अध्ययन-अध्यापन में दिक्कत आ रही है क्योंकि सीजीस्कूलडॉटइन (Cgschool.In) पोर्टल में तथा वर्तमान में स्नातक स्तर के पाठ्यक्रमानुसार सामग्री के रूप में पी.डी.एफ ऑडियो तथा वीडियो लेसन  बहुत से विषयों का उपलब्ध नहीं है और खासतौर पर ग्रामीण इलाकों में ऑनलाइन क्लास के संचालन में समस्या आ रही है क्योंकि ज्यादातर  छात्रों के पास एंड्राएड फोन या कंप्यूटर नहीं है। ऐसे में वे ऑनलाइन क्लास में शामिल ही नहीं हो पा रहे हैं। जिसके कारण छात्रों को ऑनलाइन अध्ययन-अध्यापन समस्या हो रही है  छात्र हित को संज्ञान में लेकर छात्रों को जो ऑनलाइन अध्ययन में आ रही दिक्कतो को यथाशीघ्र निवारण करने की मांग की है जिससे छात्रों की पढ़ाई दिक्कत न आये

 


 गौरेला पेन्ड्रा मरवाही आज महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना के तहत काकरिया तलाव गहरीकरण कार्य का  शुभारंभ

गौरेला पेन्ड्रा मरवाही आज महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना के तहत काकरिया तलाव गहरीकरण कार्य का शुभारंभ

03-May-2020

खुबदास लहरे मरवाही की रिपोर्ट

पब्लिक पावर पीथमपुर छत्तीसगढ गौरेला पेन्ड्रा मरवाही आज महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना के तहत काकरिया तलाव गहरीकरण कार्य में मजदूरों के साथ मिलकर  किया कार्य का शुभारंभ


ग्राम पंचायत लोहारी मैं सरपंच पुष्पराज सिंह के निर्देशों पर गहरीकरण महात्मा गांधी रोजगार गारंटी के तहत चालू कराया गया इस समय चल रही कोरो ना कोविड 19 संक्रमण वैश्विक बीमारी से पूरा देश जूझ रहा है हमारा प्रधानमंत्री 17 दिनों का लाकडाउन बढाने है लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले मजदूरों का जीवन यापन करना मुश्किल हो गया है को मद्देनजर रखते हुए छत्तीसगढ़ शासन ने महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना के तहत सोशल डिस्टेंस इन बनाकर मजदूरों को काम देने की बात कही जिसे ध्यान में रखकर ग्राम पंचायत सरपंच पुष्पराज सिंह अपने ग्राम पंचायत के मजदूरों को कार्य दिलाने के उद्देश्य मांग पत्र जमा करवाकर मजदूरी सोशल डिस्पेंसिंग में एवं मास्क पहनकर काम करने की बात कही मीडिया प्रभारी खूब दास लहरें ने रोजगार गारंटी योजना के तहत तालाब गहरीकरण में मजदूरों  को उत्साहवर्धन करते हुए स्वयं सोशल डिस्टेंस इन बनाकर एवं मजदूरों से सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने को कहकर साथ में काकरिया तालाब गहरीकरण का कार्य मैं गोदी खोदा और रोजगार सहायक से निवेदन किया कि फोर्स वकड़ी मिट्टी प्राप्त होती है तो मजदूरों को रियायत बरती जाए एवं जो व्यक्ति वर्क में शामिल नहीं हो रहे हैं उनकी हाजिरी ना चढ़ाई जाए चाहे वह कोई भी हो और कहा कि यदि ऐसा करते पाया जाएगा तो आप के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी जिसकी जवाबदारी आपकी होगी

 


कोरोना से संघर्ष में नगरपंचायत का अनाज बैंक बना मील का पत्थर, अब तक 1079 लोग हो चुके हैं लाभान्वित

कोरोना से संघर्ष में नगरपंचायत का अनाज बैंक बना मील का पत्थर, अब तक 1079 लोग हो चुके हैं लाभान्वित

03-May-2020

श्याम नारायण गुप्ता

पत्थलगांव। कोरोना से संघर्ष में नगरपंचायत का अनाज बैंक मील का पत्थर साबित हुआ है। अनाज बैंक से अभी तक नगरीय क्षेत्र के 1079 लोग लाभान्वित हो चुके हैं जिनमें सभी वार्डों के लोग शामिल हैं।
उल्लेखनीय है कि कोरोना से बचाव के लिए केंद्र सरकार द्वारा पहले देशव्यापी लाॅकडाउन की घोषणा 25 मार्च को की गई थी जो 14 अप्रैल तक चलना था। इसके बाद इसे 3 मई और फिर 17 मई तक दो बार बढ़ाया जा चुका है। देशव्यापी लाॅकडाउन के कारण लगभग सभी काम-धंधे ठप पड़े हुए हैं। रोजगार के साधन नहीं मिलने से लोगों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। दो जून की रोटी के लिए भी लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। इसे देखते हुए नगरपंचायत द्वारा अनाज बैंक की स्थापना की गई है। नगरपंचायत के उपाध्यक्ष श्यामनारायण गुप्ता ने लोगों से इसमें राशन दान करने की अपील की थी। इसके बाद से ही शासन के अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ ही समाज के भी अलग-अलग वर्गों के लोगों द्वारा स्वेच्छा से अनाज जमा कराया जा रहा है। इस प्रकार एकत्रित अनाज को नगरपंचायत द्वारा अलग-अलग वार्डों में लोगों के घरों तक पहुंचाया जा रहा है वहीं कार्यालय पहुंचने पर भी जरूरतमंदों को अनाज नगरपंचायत की ओर से उपलब्ध कराया जा रहा है। नगरपंचायत द्वारा लोगों को उपलब्ध कराए जा रहे अनाज में 5 किलो चावल,1 किलो आलू,आधा किलो दाल,हल्दी-मसाला,मिर्च,200 ग्राम सरसों तेल,1 किलो नमक व 1 किलो आटा शामिल है। उपाध्यक्ष श्यामनारायण गुप्ता ने बताया कि अब तक कुल 1079 लोगों को नगरपंचायत अनाज वितरित कर चुकी है। इसमें वार्ड क्रं 1 से( 88,)वार्ड क्रं 2 से (68,)3 से (80,)4 से (69),5 से (67),6 से (61),7 से (58),9 से (93),10 से (20 )लोग शामिल हैं। वहीं वार्ड क्रं 11 में (15,) 12 में (135,)13 में (111,)14 में (75) तथा वार्ड क्रं 15 में (52 )लोगों को अनाज किट वितरित की जा चुकी हैं। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा लाॅकडाउन की समयसीमा 17 मई तक बढ़ा दी गई है। इसे देखते हुए अनाज बैंक को आगे भी लगातार सक्रिय रखा जा रहा है ।श्री गुप्ता ने बताया कि आगामी दिनों में गरीबो को दिक्कतों का सामना नही करना पड़ेगा वार्ड के सभी पार्षदों ने अपने निधि से अनाज खरीद कर गरीबो को बितरण किया जाएगा ।यह अनाज उन गरीबो को दिया जाता है जिनका राशन कार्ड  नही है और अत्यंत गरीब है ताकि जरूरतमंदों को भोजन प्राप्त करने के लिए किसी भी प्रकार से मुश्किलों का सामना न करना पड़े। वहीं स्थानीय लोगों ने नगरपंचायत की इस पहल की सराहना की है। उनका कहना है कि समाजसेवा में योगदान देने की इच्छा रखने वाले कई लोग हैं जो इसमें सहभागिता करना चाहते हैं परंतु जरूरतमंद लोगों की पहचना और उनके घरों तक पहुंच पाने में परेशानियों के कारण लोग भागीदारी नहीं कर पाते। नगरपंचायत के अनाजबैंक से इस कार्य में मदद मिली है और प्रतिदिन लोग इसमें योगदान देने के लिए आगे आ रहे हैं।

 

 


सामाजिक कार्य कर कोरोना रोकथाम की तलाश रही संभावना - राशन और मास्क बांटकर निभा रही सामाजिक जिम्मेदारी

सामाजिक कार्य कर कोरोना रोकथाम की तलाश रही संभावना - राशन और मास्क बांटकर निभा रही सामाजिक जिम्मेदारी

29-Apr-2020

रायपुर - बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और अस्पताल का भ्रमण कर खिला रहे खाना

रायपुर. 29 अप्रैल 2020। कोरोनावायरस (कोविड-19) महामारी संक्रमण के दौरान संपूर्ण देश में लॉकडाउन है। इस लॉकडाउन के बीच भी कई ऐसे लोग जो अपने सामाजिक कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए लोगों को महामारी संक्रमण से बचाने के प्रयास में जुटी हैं। राजधानी की कुछ महिलाएं मानवता के इस महान कार्य में दिन रात जुटकर जरुरतमंदों को ना सिर्फ सूखा राशन, मास्क बांट रही हैं, बल्कि रात में रेलवे स्टेशन के समीप, बस स्टैंड और अम्बेडकर अस्पताल जाकर लोगों को भोजन भी करा रही हैं। 

शहीद चूढ़ामणी नायक वार्ड 38 की कुछ महिलाओं ने मिलकर कोरोना महामारी आपदा के इस दौर में एक संगठन तैयार किया है। आपस में पैसे एकत्रित कर जरूरतमंद लोगों को सूखा राशन पहुंचाने का कार्य कर रही हैं। हालांकि इनके सामाजिक कार्य को देखते हुए स्थानीय पार्षद भी इस कार्य में अब आगे आकर पूर्ण सहयोग कर रहे हैं। इन महिलाओं ने संभावना फाउंडेशन नाम की संस्था का गठन कर राजधानी के अब तक 60 परिवारों को सूखा राशन बांटा है। गरीब और जरूरतमंद परिवारों की जानकारी मिलने पर अन्य जरूरी सामानों का वितरण भी कर रही हैं  जैसे दवाएं, मास्क आदि। कोई भूखा ना रहे इस परिकल्पना को साकार करते हुए रात के वक्त ये महिलाएं रेलवे स्टेशन के समीप, बस स्टैंड और अम्बेडकर अस्पताल जाकर लोगों को भोजन भी करा रही हैं। संस्था की कर्मठ महिलाओं का कहना कोरोना संक्रमण का मुकाबला मिलकर करेंगे और तभी इस महामारी को हरा पाएंगे। 
7000 मास्क का किया निर्माण- संस्था अध्यक्षा सुमन यादव ने बताया कोरोना वायरस महामारी को देखते हुए हमने मास्क बनाकर वितरित करने का सोचा। विगत 16 मार्च से ही वार्ड की कुछ महिलाओं ने मिलकर घर पर ही मास्क सिलाई करना शुरू किया। मास्क के लिए कपड़ा आपसी सहयोग से खरीदा गया और अब तक 7000 मास्क बनाया जा चुका है। सुमन के मुताबिक संभावना की महिला सदस्य ही घर पर सिलाई कर मास्क तैयार कर रही हैं। जिन परिवारों को सूखा राशन बांट रहे हैं उन परिवार के सदस्यों, घर-घर भ्रमण के दौरान ऐसे लोग जो मास्क खरीद नहीं सकते हैं उन्हें मास्क बांटा जा रहा है।
पीलिया से भी कर रही आगाह- संभावना फाउंडेशन की अध्यक्ष सुमन यादव ने बताया इन दिनों राजधानी में पीलिया का प्रकोप भी कुछ क्षेत्रों में है । इसे देखते हुए फाउंडेशन के सदस्य अंजू भटियारा, रूकमणी साहू, नीलिमा, भूमिका, मनीष , रामनारायण, हर्षिता, मनीषा आदि घर-घर भ्रमण कर लोगों को पीलिया के लक्षण और इससे बचने के उपाय भी बता रहे हैं। इस दौरान लोगों को सदस्य स्वच्छ पानी पीने, साफ-सफाई रखने, सब्जियों और फलों को ठीक तरह से धोकर ही उपयोग करने, गर्म और पूरी तरह से पका भोजन खाने और पानी को उबालकर पीने की सलाह दे रहे हैं।

 


कोरबा  जिले  में अपनी  जान की परवाह किए बगैर महामारी की रोकथाम में जुटे हैं कर्मवीर

कोरबा जिले में अपनी जान की परवाह किए बगैर महामारी की रोकथाम में जुटे हैं कर्मवीर

29-Apr-2020

-  पॉजिटिव 28 में से 24 डिस्चार्ज पर अभी जिले में हुए क्वारेंटाइन
कोरबा 28 अप्रैल, 2020। स्वास्थ्य विभाग कर हर व्यक्ति इस समय कोरोना वायरस से लड़ने में अपनी भूमिका निभा रहा है| फिर चाहे वह लैब तकनीशियन ही क्यों न हो। इस क्रम में कोरबा जिले के स्वास्थ्य विभाग के दो लैब टेक्नीशियन अपनी जान की परवाह किए बगैर कर्मवीर के रूप में सैंपल लेने में जुटे हैं। इनकी मुस्तैदी की वजह से जिला धीरे-धीरे रेड जोन से निकलकर औरेंज जोन की ओर बढ़ रहा है।
 प्रदेश का कोरबा जिला इन दिनों कोरोना वायरस हॉटस्पॉट के रूप में उभरा हैI परंतु स्वास्थ्य विभाग के कर्मयोद्धाओं और जुझारू स्वास्थ्य अधिकारियों की बदौलत कोरोना की रोकथाम करने के प्रयास किए जा रहे हैं। 
दोनों लैब टेक्नीशियन 24 घंटे सेवाएं देते हुए लोगों का सैंपल ले रहे हैं। जिला अस्पताल कोरबा के लैब टेक्नीशियन दिनेश कुमार साहू और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पताड़ी के राजेन्द्र मानसर सैंपल लेने के साथ ही उनकी पैकिंग कर जांच केन्र्द तक भेजने का कार्य भी पूरी मुस्तैदी से कर रहे हैं। दूसरी ओर राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के डॉक्टर डॉ. हेमंत पटेल और उनका स्टाफ भी संक्रमित क्षेत्रों में सर्विलेंस सेवाएं देते हुए घर-घर भ्रमण कर लोगों के स्वास्थ्य की जानकारी हासिल कर रहे हैं। इनके साथ ही इंटीग्रेटेड जिजीज सर्विलांस प्रोग्राम (आईडीएसपी) डेटा मैनेजर विमलेश बारी व उनकी टीम दिन रात डेटा अपडेट कर जानकारी देने में जुटी है। 
अब तक की जांच की स्थिति- पहला केस मिलने के बाद से ही कोरबा जिले व आसपास के क्षेत्रों में कोरोना जांच शुरू हुई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक 26 अप्रैल तक के आंकड़ों के अनुसार विदेश के आए 261 व्यक्तियों की जांच की गई जिसमें 120 व्यक्ति कोरबा जिले से बाहर के शामिल थे। दूसरे राज्यों और जिले के बाहर से आए कुल 9002 व्यक्तियों की स्क्रिनिंग हुई जिसमें से 257 व्यक्तियों को क्वारेन्टाईन किया गया और 4956 को होम आईसोलेशन में रखा गया। 
जिले के 3896 का लिया सैंपल - जिले के डिस्ट्रिक्ट सर्विलेंस ऑफिसर डॉ. कुमार पुष्पेश एवं जिला एपीडिम्योलॉजिस्ट डॉ. प्रेम प्रकाश आनंद ने बताया सीएमएचओ बी.बी. बोर्डे के नेतृत्व में कोरोना सर्विलेंस का कार्य किया जा रहा है। 26 अप्रैल तक कोरबा में 3896 लोगों के सैंपल लिए गए जिनमें 3713 व्यक्तियों की रिपोर्ट मिली है। इनमें 3683  की रिपोर्ट निगेटिव आई है। 28 व्यक्ति पॉजिटिव मिले तो 183 सैंपल की रिपोर्ट आना बाकी है। सभी पॉजिटिव मरीजों का इलाज  एम्स अस्पताल रायपुर में किया गया। 28 में से 24 लोगों को एम्स रायपुर से डिस्चार्ज कर कोरबा भेज दिया गया है। मगर कोरबा सर्विलेंस स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा उन मरीजों को उनके घर ना भेजकर कोरबा के क्वारेंटाइन सेंटरों में रखा गया है।
कोरेन्टाईन और आईसोलेशन सेंटर की स्थिति- कोरबा जिले में कुल 10 कोरेन्टाईन सेंटर बनाए गए हैं। इनमें रशियन हॉस्टल कोरबा, सीटीआई गेस्ट हाउस गेवरा, होटल टॉप एंड टाउन, एकलव्य आवासीय विद्यालय, होटल ग्रीन पार्क, होटल रीलेक्स इन, आईटी कॉलेज झगरहा, बालाजी हॉस्पीटल, सरस्वती शिशु मंदिर प्रगति नगर, इरेक्टर हॉस्टल आदि शामिल हैं। वहीं तीन आईसोलेशन सेंटर बनाए गए हैं जिनमें जिला अस्पताल कोरबा, ईएसआईसी हॉस्पिटल तथा एनटीपीसी हॉस्पिटल शामिल हैं। 

 


आयुवेर्दिक अस्‍पताल में पीलिया वार्ड के बाद संचालित होगा शहरी सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केंद्र

आयुवेर्दिक अस्‍पताल में पीलिया वार्ड के बाद संचालित होगा शहरी सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केंद्र

28-Apr-2020

रायपुर, 27 अप्रेल 2020। राजधानी रायपुर के जीईरोड स्थित शासकीय आयुर्वेदिक अस्‍पताल परिसर में आज से स्‍पेशल पीलिया वार्ड में मरीजों का इलाज शुरु कर दिया गया है। शासकीय आयुर्वेदिक अस्पताल के भू-तल में कोरोना मरीजों के लिए 100 बिस्तर आइसोलेशन वार्ड की जगह अब 50 बिस्‍तर शहरी सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केंद्र के लिए अस्‍पताल को रंगरोहन के साथ ही मेडिकल उपकरणों के साथ तैयार कर लिया गया है। इस पीलिया वार्ड में डीडीनगर, कोटा, चंगोराभांठा, रायपुरा, सरोना, टाटीबंध, डंगनिया, कुशालपुर, रामसागर पारा, रामनगर, संतोषी नगर, भांठागांव क्षेत्र से आने वाले पीलिया के मरीजों को जांच, इलाज के साथ ही भर्ती की सुविधाएं प्रदान की जाएगी। शहरी सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केंद्र को फिलहाल मौसमी बीमारी पीलिया से निपटने के लिए रेस्‍क्‍यू सेंटर के रुप में लगभग दो महीने के लिए संचालित किया जाएगा। इसके बाद यहां 50 बिस्‍तरों वाला सामुदायिक केंद्र को पूर्ण रुप से शुरु किया जाएगा। 
सीएमएचओ डॉ मीरा बघेल ने बताया, इस स्‍वास्‍थ्‍य केंद्र का अधीक्षक डॉ केआर सोनवानी पूर्व सीएमएचओ को जिम्‍मेदारी दी गई है। यहां महिलाओं के लिए गर्भवस्‍था के दौरान जांच और डिलवरी की सुविधाओं के साथ नसबंदी भी हो सकेगा। इसके लिए लेबर वार्ड व ओटी रुम भी बनाए जा रहे हैं। अस्पताल में बिस्तर से लेकर डॉक्टर, स्टाफ नर्स, फार्मासिस्‍ट, वार्ड बॉय, सफाई कर्मचारी, ड्रीप के लिए मेडिकल उपकरण, दवाइयां, सभी सामग्रियों की व्यवस्था कराई जा रही है। पीलिया के मरीजों के लिए 12 डॉक्‍टरों की टीम तीन पालियों में तैनात रहेंगे। सीएमएचओ के अनुसार स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयुर्वेदिक अस्पताल परिसर को आइपीडी वार्ड में पहले कारोना के लिए 100 बिस्तर वाला आइसोलेशन वार्ड शुरू करने की तैयारी की जा रही थी। लेकिन अब पीलिया के लिए स्पेशल वार्ड बनाया दिया गया है। 
सीएमएचओ डॉ बघेल ने बताया, शहरी सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य आयुर्वेदिक अस्‍पताल परिसर में शुरु होने से रायपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के कई वार्डों के लोगों को नजदीक में ही स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाएं मिलने लगेगी। उन्‍होंने बताया, मरीजों के रजिस्‍ट्रेशन के लिए आयुर्वेदिक अस्‍पताल के ओपीडी वार्ड में ही व्‍यवस्‍था की जाएगी। इसके साथ ही एक बड़़ी शहरी आबादी के गर्भवती महिलाओं के लिए सोनोग्राफी, एक्‍सरे, रक्‍त जांच व टीकाकरण की सुविधाएं आसानी से मिलने लगेगी। वहीं महिलाओं के लिए स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाओं का विस्‍तार करते हुए यहां कैंसर स्‍क्रीनिंग के लिए चिकित्‍सक भी नियुक्‍त किए जाएंगे। इससे गर्भवती महिलाओं को एम्‍स अस्‍पताल टाटीबंध, डॉ अंबेडकर अस्‍पताल जेल रोड, जिला अस्‍पताल पंडरी, मातृ-शिशु अस्‍पताल कालीबाड़ी की जगह नजदीक में बेहतर स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाएं मिलने लगेगी। 
आयुर्वेदिक अस्‍पताल में भी स्‍त्री रोग विभाग का वार्ड प्रथम तल पर है। यहां गर्भवती महिलाओं का प्रतिदिन जांच की सुविधाएं भी उपलब्‍ध है। आयुर्वेदिक अस्‍पताल के प्रसूति एवं स्‍त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. सीए घाटगे ने बताया, अस्‍पताल गर्भवती महिलाओं के लिए डिलवरी वार्ड की सुविधाएं हैं। यहां प्रशिक्षित स्‍टॉफ के साथ नार्मल डिलवरी की सुविधा है। आपात स्थिति में सीजेरियन डिलवरी के लिए जिला अस्‍पताल व मेडिकल कॉलेज जाना पड़ता था। लेकिन अब यहां शहरी स्‍वास्‍थ्‍य केंद्र शुरु होने से मरीजो अस्‍पताल परिसर में ही सीजेरियन डिलवरी की व्यवस्था मिल जाएगी। इसका लाभ लोगों को मिलने से निजी अस्‍पताल में महंगे इलाज व खर्च से बचत मिलेगी। उन्‍होंने बताया, आयुर्वेदिक अस्‍पताल में भी प्रत्‍येक बुधवार को स्‍त्री रोग के एलोपैथिक विशेषज्ञ महिला डॉ. रुपाली वर्मा की सेवाएं सुबह 8 बजे से 10 बजे तक उपलब्‍ध होती है। इसके अलावा यहां जननी सुरक्षा योजना का लाभ भी हितग्राही महिलाओं को प्रदान किया जाता है। 

 


फर्जी डिग्री से नौकरी पाने वाले पर FIR  मीडिया और राजनीती के चलते गिरफ्तारी नहीं

फर्जी डिग्री से नौकरी पाने वाले पर FIR मीडिया और राजनीती के चलते गिरफ्तारी नहीं

24-Apr-2020

लॉकडाउन में अपराध करने वाले फायेदा उठा रहे हैं, अपराध पंजीबद्ध होने के बाद भी जुर्म करने वाले को बचाने में लगे लोग!
हम यहाँ बात कर रहे है, फर्जी डिग्री और दस्तावेज जमा कर सरकारी नौकरी पाने वाली शिक्षिका श्रीमति रेखा नामदेव की जिसकी जांच होने के बाद उनके विरुध्द अपराध दर्ज हुआ सारे दस्तावेज प्रमाण के रूप दिये जाने के बाद भी संबंधित जुर्म करने वाले खुले आम कानून का मज़ाक बना कर मुहॅ चिढ़ा रहे हैं।

क्या है पुरा मामला! श्रीमति रेखा नामदेव पति खिलेन्द् नामदेव जिनके द्वारा फर्जी दस्तावेजों के आधार पर शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला पांडादाह विकासखंड खैरागढ़ के द्वारा शासकीय सेवा मे सेवा पाने कूट रचना कर फर्जी दस्तावेज जमा करके नौकरी पाई गई थी जिसकी जानकारी आवेदक अजय जैन को हुई उन्होंने इसकी शिकायत तत्काल जिला शिक्षा अधिकारी राजनांदगाँव को किया गया जिला शिक्षा अधिकारी के आदेश से शाला प्रशासन ने जाँच किया तो सभी दस्तावेज को फर्जी पाया और उसकी शिकायत करते हुए, फर्जी प्रमाण पत्रों के सहारे शासकीय नौकरी प्राप्त करने वाली शिक्षिका के विरुद्ध खैरागढ़ थाने में अपराध पंजीबद्ध किया गया है. यहाँ इस बात की संभावना अधिक बनती है की अपराध पंजीबद्ध होने के बाद गिरिफ्तरि क्यों नहीं की गई और किस दबाओ में क्योंकि शिकायत कर्ता आवेदक पर दबाव बनाने की भी कोशिश की जा रही हैं और राजनीति और मीडिया का भी खेल चल रहा है, क्योंकि ये पूर्व मुख्यमंत्री के प्रभाव वाला क्षेत्र होने के कारण मामला अभी तक ठंडे बस्ते में पड़ा है जो धीरे से रफा दफा किये जाने का भी संदेह बना हुआ है, और अपराध महिला से जुड़ा होने के कारण कोई कुछ बोलना नहीं चाहता है, लेकिन अपराध तो अपराध है। जिस तरह की जानकारी मिल रही है ।

बताया जा रहा है की श्रीमति रेखा नामदेव पति खिलेन्द्र नामदेव सहायक शिक्षक एलबी ग्रंथापाल शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला पांडादाह विकासखंड खैरागढ़ के द्वारा शासकीय सेवा प्राप्त करने के लिए जो  प्रमाण पत्र व दस्तावेजों दिये गए थे.

अजय जैन से मिली शिकायत के बाद सम्बन्धित विभाग द्वारा आरोपी शिक्षिका की सभी दस्तावेजों की जांच गंभीरता से किया गया जिसमे शिक्षिका पर लगे आरोप बिलकुल सही पाया गया. 

फिर भी उक्त शिक्षिका ने शिकायतकर्ता पर लगाए ये आरोप-
इधर शिक्षिका श्रीमति रेखा नामदेव पति खिलेन्द्र के द्वारा शिकायतकर्ता पर बदनाम करने का आरोप लगाते हुए अपने आवेदन में कहा की मेरे द्वारा किसी भी प्रकार के गलत दस्तावेजों का उपयोग भर्ती प्रक्रिया के दौरान नहीं किया गया है| शिकायतकर्ता खुद महिला प्रताड़ना और दहेज प्रताड़ना का आरोपी है यह कहना है। मामला दर्ज होने के बाद वह माह भर फरार था, और मुझे और परिवार को बदनाम करने के उद्देश्य से शिकायत कर रहा है |
अब देखना यह है की खैरागढ़ पुलिस इस मामले में क्या कार्रवाई करती है। क्योंकि यहाँ राजनीति भी और मीडिया का दबाव भी है देखते है जित किसकी होती है 

 

जैसा की नितीन भांडेकर ने बताया

 

 

 


कोरोना वायरस को हराने मितानिन कर रहीगृह भ्रमण-

कोरोना वायरस को हराने मितानिन कर रहीगृह भ्रमण-

24-Apr-2020

कोरोना वायरस को हराने  मितानिन कर रही गृह भ्रमण

बुखार, सूखी खांसी, हांफना, सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षणों का मितानिन द्वारा सर्वे

रायपुर, 23 अप्रेल 2020। कोरोना वायरस के समुदाय में संक्रमण को रोकने के लिए इसके शुरुआती लक्षण के आधार पर मितानिन द्वारा राजधानी के शहरी इलाके के घर-घर सर्वे किया जा रहा है। लॉक डाउन के दौरान सोशल डिसटेंसिंग को कारगर मानते हुए महामारी के संक्रमण के फैलाव को रोकने लोगों में सूखा खांसी, सांस लेने में तकलीफ, हांफनाव बुखार आने जैसे लक्षणों की पहचान जा रही है।

रायपुर व बीरगांव नगर निगम क्षेत्र में 20 मार्च से शुरु हुए परिवार भ्रमण अभियान में 22 अप्रेल तक 1 लाख परिवारों के 5 लाख से ज्‍यादा लोगों का सर्वे किया गया। कोरोना वायरस से संबंधित 30 मार्च तक कुछ लोगों में सूखी खांसी व बुखार के मामूली लक्षण मिले जिनका स्‍थानीय स्‍तर पर इलाज करा लिया गया। वहीं एक अप्रेल से 22 अप्रेल के बीच में इस तरह के लक्षण कोई भी परिवार में नहीं मिला है।

शहरी मितानिन प्रोग्राम के कॉडिनेटर सुश्री रानू मिंज ने बताया, शहरी क्षेत्र में लगभग 1,155 मितानिनों द्वारा रोजाना परिवार भ्रमण कर समुदाय व पारा स्‍तर पर सर्वे कर लोगों को जागृत किया जा रहा है। वहीं सर्वे के दौरान कोरोना वायरल को लेकर कोई भी लक्षण नजर आने पर तत्‍काल संबंधित प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केंद्र के प्रभारी चिकित्‍सक को मरीज का रिपोर्ट भेजा जाता है। मितानिन कॉडिनेटर सुश्री मिंज ने बताया, रायपुर व बीरगांव नगर निगम क्षेत्र में 2.20 लाख परिवारों के लगभग 17 लाख की जनसंख्‍या निवासरत् हैं। राज्‍य शासन द्वारामितानिनों को कोरोना वायरस के संदर्भ में कार्य करने के लिए प्रोत्‍साहन राशि भी प्रदान किया जाएगा। कोरोना वायरस संक्रमण से समुदाय के बचाव के लिए वर्तमान परिदृश्‍य में व्‍यापक समुदायिक जागरुकता की आवश्‍यकता है।

स्‍वास्‍थ्‍य विभाग द्वारा समुदाय में संक्रमण के फैलाव की संभावना को कम करने के लिए समुदाय व पारा स्‍तर पर क्रियांवित की जाने के लिए आवश्‍यकता दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। सर्वे को लेकर इलाकों का चयन व गतिविधियों के क्रियांवयन का दायित्‍व खंड चिकित्‍सा अधिका‍रियों को सौंपा गया है जो मितानिन ट्रेनर एवं खंड समन्‍वयकों के माध्‍यम से मितानिनों से संपर्क बनाये हुए हैं। संपूर्ण गतिविधियों  के लिए मार्गदर्शन एवं कार्य की निगरानी सुनिश्चित करेंगे।

रायपुरा क्षेत्र के मितानिन ट्रेनर श्रीमति सरिता साहू ने बताया मितानिनों द्वारा उनके निर्धारित परिवारों में भ्रमण का कार्य को पूरा करने लॉकडाउन अवधि में पूर्ण करने की कार्य योजना बनाई गयी है। उन्‍होंने बताया कोरोना संक्रमण एवं इससे बचाव के संबंध में प्राप्‍त प्रशिक्षण व पाम्‍पलेट के आधार पर समुदाय को स्‍वास्‍थ्‍य शिक्षा प्रदान करना। मितानिन ट्रेनर ने बताया रायपुरा वार्ड में 21 मितानिन परिवार भ्रमण कर सर्वे कार्य में जुटी हुयी हैं। मितानिनों द्वारा रायपुरा में कुल 3130 घरों में निवासरत 13320 लोगों का सर्वे कर बुखार,सूखी खांसी जैसे लक्षणों की जांच की जा रही है। वार्ड में अब तक 70 प्रतिशत परिवारों का मितानिनों ने परिवार भ्रमण कर लिया है। उन्‍होंने बताया, इस दौरान विगत 14 दिवसों में यात्रा किये हुए व्‍यक्तियों एवं कोरोना पॉजिटिव प्रकरण के संपर्क में आये व्‍यक्तियों को चिंहांकित कर स्‍वास्‍थ्‍य परीक्षण भी कराया जा रहा है।

होम क्‍वारेंटिन किये गये व्‍यक्तियों द्वारा घर में रहने की समझाइश का पालन हो, इसके लिए फॉलोअप करने की जिम्‍मेदारी मितानिनों को दी गई है। शहरी क्षेत्रों में महिला आरोग्‍य समिति के सदस्‍यों के माध्‍यम से समुदाय की सहभागिता कोबढाया जा रहा है। मितानिनों द्वारा परिवार भ्रमण में इन परिवारों या व्‍यक्तियों को प्राथमिकता दी जाएगी। होम  (गृह)क्‍वारेंटिन में रखे गये व्‍यक्ति, विगत 15 दिवसों में यात्रा किये व्‍यक्ति, 60 वर्ष से अधिक आयु के व्‍यक्ति,व्‍यक्ति जिनमें मधुमेह, उच्‍च रक्‍तचाप, हृदय रोग अथवा सांस संबंधित रोग होने पर सावधानियां बनाए रखना हैं।

मितानिनों द्वारा जागरुकता व परिवार भ्रमण कार्य -

कोरोना संक्रमण पर समुदाय को स्‍वास्‍थ्‍य शिक्षा प्रदान करना।

 संक्रमण के लक्षणों, इसके फैलने के तरीके, बचाव के उपाय ।

विशेष कर साबुन से बार-बार हाथ धोना।

मुंह-नाक ढकना एवं 6 फुट की दूरी बनाये रखने की जानकारी देना एवं अभ्‍यास करवाना।

व्‍यक्तियों में संक्रमण के लक्षण का पता लगाकर खंड चिकित्‍सा अधिकारी को सूचित करना।

मुहल्‍ले में जिन व्‍यक्तियों के जांच के लिए नमूने लिये हों उसका फॉलोअप करना।

वृद्व जनों एवं लम्‍बी बीमारियों से पीडि़त व्‍यक्तियों के स्‍वास्‍थ्‍य की स्थिति का पता लगाना।


लॉक डाउन  में इंसानियत को शर्मशार करने वाली घटना जशपुर से मजदूर पैदल भूखे प्यासे......पहुंचे !

लॉक डाउन में इंसानियत को शर्मशार करने वाली घटना जशपुर से मजदूर पैदल भूखे प्यासे......पहुंचे !

21-Apr-2020

क़ादिर रज़वी

 

             जशपुर   जिले से लगभग 40 मजदूर पैदल चलकर  पत्थलगावं चरखा पारा के लिए भूखे प्यासे निकल पड़े है। लेकिन इनकी किसी ने भी सूद नहीं लिया ,
      ये मजदूर जशपुर के किसी इट भट्टे में  काम कर रहे थे जहाँ  ईटा  भठा वाले ने लोक डॉउन के चलते  इन्हे जमकर काम लिया   और काम  निकल जाने के बाद इनकी व्यवस्था करना छोड़ इन्हे बहार का रास्ता दिखा दिया , इन बेबस मज़दूरो की कोई भी  व्यवस्था किए बिना ही  दिए भगा दिया  जोकि मानवता को इस संकट के समय में तार तार करने वाला है  | 
ये मजदूर जसपुर से पैदल चारखपारा और धरमजयगढ़ के लिए पैदल आते हुवे थक कर एक पेड़ के नीचे बैठे मीले ,जब की मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल का स्पष्ट निर्देश सभी प्रशासनिक अधिकारियो को दिया गया है फिर भी इन पैदल चल कर आने वालो  पर  अधिकारियो की नज़र  क्यों नहीं पड़ी जबकि हर तरफ लॉक डाउन के चलते कार्फू लगा हुआ है  ये आश्चर्य की बात है 
ये मज़दूरों पर  चराईडाँड़ के सरपंच और शिक्षक मोजिब खान  की नज़र पड़ी जिन्होंने इंसानियत का परिचय देते  हुए इन्हे  ग्राम पंचायत  भवन में ठहरने  की व्यवस्था की गई और इनके भोजन की व्यवस्था की गई है हमारे सवाद डाटा क़ादिर रिज़वी के द्वारा इन मज़दूरों से बात की गई इन मज़दूरों के पैरों में चलने से छाले पड़े हुए है  इन कुल मज़दूरों की संख्या  लगभग 20 महिला पुरुष और 20 बच्चे  है जो की थक कर बिच रास्ते में  लस्त पड़े हुवे थे अब शासन प्रशासन से निवेदन है की इनकी व्यवस्था कर इन्हें भेजने की व्यवस्था जल्द से जल्द ककी जाये  !

जशपुर  7773881786


कोरोना वायरस से बचाव के लिए लॉकडाउन, फिजिकल डिस्टेन्सिंग के साथ ही प्रत्येक नागरिक के COVID-19 की जांच भी अत्यंत आवश्यक है - प्रकाशपुंज पांडेय

कोरोना वायरस से बचाव के लिए लॉकडाउन, फिजिकल डिस्टेन्सिंग के साथ ही प्रत्येक नागरिक के COVID-19 की जांच भी अत्यंत आवश्यक है - प्रकाशपुंज पांडेय

16-Apr-2020

रायपुर, छत्तीसगढ़ के राजनीतिक विश्लेषक और समाजसेवी प्रकाशपुंज पांडेय ने मीडिया के माध्यम से सरकार का ध्यानाकर्षण आज के अतिमहत्वपूर्ण विषय पर ले जाते हुए कहा है कि वर्तमान स्थिति में COVID-19 कोरोना वायरस के प्रकोप से बचाव के लिए ये बहुत ही महत्वपूर्ण है कि लॉकडाउन, फिजिकल डिस्टेन्सिंग के साथ ही प्रत्येक नागरिक का COVID-19 की जांच हो, क्योंकि नवंबर 2019 में जब चीन में कोरोना वायरस का पहला मरीज़ मिला तब उसके बाद मार्च तक हमारे देश की सीमाओं को बंद नहीं किया गया था। अब सरकार को यह बताना मुश्किल है कि वायुमार्ग, जलमार्ग और पथमार्ग के माध्यम से नवंबर 2019 के बाद कितने लोगों ने भारत में प्रवेश किया। जब यह जानकारी हमारे पास नहीं है तो ये कैसे पता चलेगा कि उनमें से कितने लोग कोरोना वायरस से ग्रस्त हैं? उस स्थिति में ये गणना असंभव है कि कितने लोग उन कोरोना संक्रमित लोगों के संपर्क में आए थे। 

प्रकाशपुन्ज पाण्डेय ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी असल में इसी ओर इशारा कर रहे हैं। कोरोना संक्रमित लोगों के संपर्क में आने वाले लोगों से इस संक्रमण को आगे न बढ़ने देना यही सरकार का मुख्य उद्देश्य है इसलिए नरेंद्र मोदी उस कोरोना वायरस के चेन के बारे में कहते हैं। यही चेन हमें तोड़ने के लिए 'फिजिकल डिस्टेन्सिंग' का पालन करने के लिए सरकार कह रही है जिसके लिए आज 21 के लॉकडाउन के बाद पुनः 19 दिन अर्थात 3 मई 2020 तक लॉकडाउन को बढ़ाने का फैसला लिया गया है। 

अब यह बात समझना आवश्यक है कि जो लोग वर्तमान स्थिति में इस संक्रमण से ग्रस्त हैं उन्हें सरकार कैसे पहचाने? इसका एक मात्र उपाय प्रत्येक व्यक्ति की कोरोना वायरस की जांच कराना ही है। साथ ही उन लोगों की सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए जो इस भीषण महामारी के प्रकोप के बीच लोगों का इलाज और उनकी सहायता कर रहे हैं। चाहे वे डॉक्टर, नर्स, अस्पताल और चिकित्सा सम्बन्धित सेवारत लोग हों या फिर पुलिस कर्मी, समाजसेवी, कोरोना वॉरियर्स आदि। 

अब समझिए कि देश में प्रत्येक राज्य में कोरोना वायरस के मरीज़ों की संख्या अलग अलग है। कहीं अधिक है तो कहीं कम है। कहीं अचानक कोरोना वायरस के मरीज़ों की संख्या बढ़ जाती है तो कहीं स्थित नियंत्रण में दिखती है। इसका अर्थ यह है कि उन राज्यों में सरकारें अच्छा काम कर रही हैं। लेकिन इसका एक और अर्थ है कि हो सकता है कि जिन राज्यों में कोरोना वायरस के मरीज़ों की संख्या अधिक है वहाँ जांच अधिक मात्रा में हो रही हो और जहाँ कोरोना वायरस के मरीज़ों के आंकड़ों में कमी है, वहां जांच कम हो रही हो। इसीलिए यह अत्यंत महत्वपूर्ण है कि देश के प्रत्येक नागरिक का कोरोना वायरस के संक्रमण की जांच हो। 

प्रकाशपुन्ज पाण्डेय ने कहा कि इस विपदा की घड़ी में देश के सभी नागरिकों को संयम से काम लेते हुए सरकारी निर्देशों का पालन करते हुए अपनी और दूसरे लोगों की सुरक्षा का भी ध्यान रखना चाहिए। वहीं सरकार को भी संवेदनशीलता दिखाते हुए इस विपदा से ग्रस्त लोगों की मजबूरी और आवश्यकता को पूरी तरह से समझकर यथाशीघ्र उसका निवारण करना चाहिए।

 प्रकाशपुन्ज पाण्डेय, रायपुर, छत्तीसगढ़ ।9111777044, 7987394898

 

 


मंज़िल उन्हीं को मिलती है जिनकी कोशिशों में जान होती है पंखों से कुछ नहीं होता हौसलों से उड़ान होती है

मंज़िल उन्हीं को मिलती है जिनकी कोशिशों में जान होती है पंखों से कुछ नहीं होता हौसलों से उड़ान होती है

09-Apr-2020

इन पंक्तियों को चरितार्थ किया है जनसम्पर्क विभाग में कार्यरत देवेश शर्मा जी ने । देवेश जी एक दिव्यांग चतुर्थ वर्ग कर्मचारी हैं, जिनका आज जन्मदिन है । कोविड-19 से सहमे आज के परिदृश्य में जन्मदिन मनाने का भला क्या तरीका हो सकता है । हम और आप होते तो अपने घरों के सुरक्षित वातावरण में बैठे, परिवार के साथ उपलब्ध संसाधनों में बेहतर से बेहतर जन्मदिन मनाने का प्रयास करते । लेकिन देवेश जी ने अपने जन्मदिन के लिए बचाए पैसों को गरीबों के अनाज के लिए जन-मन फाउंडेशन को दान कर दिया ।देवेश जी का यह दान, जन-मन फाउंडेशन के हाथों से होते हुए, कई गुना होकर जरूरतमंदों तक पहुंचेगा । जिन भूखे लोगों, बच्चों के मुंह में देवेश जी के इस दान से निवाला पहुंचेगा, उनके दिलों से निकलने वाले आशीर्वचन क्या जन्मदिन के अवसर पर दिए जाने वाले हजारों साल जीने की दुआओं से बेहतर नहीं होंगे ? देवेश जी की तरह हर किसी को समाज के उन वर्गों के लिए, जो रोज कमाने, रोज खाने वाले हैं, जो अपने बंद पड़े रोजगारों की वजह से अपने बच्चों का पेट नहीं भर पा रहे हैं, राशन उपलब्ध कराने हेतु दिल खोल कर दान करना चाहिए ।

प्रभू श्रीराम जब लंका पर चढ़ाई के लिए समुद्र पर सेतु बांध रहे थे, तब एक गिलहरी भी अपने मुंह मे रेत भर भर के समुद्रमें डाल रही थी । देखने वाले वानरों ने उसके प्रयासों का मजाक उड़ाया, लेकिन श्रीराम ने उसे प्रोत्साहित किया, उसे दुलारा । कोरोना के खिलाफ ये वैश्विक, सामूहिक प्रयास भी समुद्र में सेतु बंधन से कम कठिन नहीं है । इस प्रयास में हर किसी का योगदान आवश्यक है। जो भी इस यज्ञ में आहूति देने की सोचे बैठे हैं, पर किसी कारणवश कर नहीं पा रहे हैं, उन्हें देवेश जी एक सशक्त राह दिखा रहे हैं ।  जब दिमाग कमजोर होता है, परिस्थितयाँ समस्या बन जाती है… जब दिमाग स्थिर होता है, परिस्थितयाँ चुनौती बन जाती है… जब दिमाग मजबूत होता है, परिस्थितयाँ अवसर बन जाती है । यह कोरोना भी एक अवसर है, समाज के प्रति, देश के प्रति अपने कर्तव्यों को पूरा करने का ।

जन-मन फाउंडेशन परिवार देवेश शर्मा जी का हार्दिक आभार व्यक्त करता है, और उन्हें जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं देता है। देवेश जी ने सार्थक जीवन की दिशा में कदम बढ़ाए हैं, जन-मन फाउंडेशन इस दिशा में देवेश जी के साथ कदम से कदम मिला कर चलने और साथ देने का आश्वासन देता है ।
सौजन्य तेज़ सिंह भुवाल 

 

 


मुख्यमंत्री ने ‘डोनेशन ऑन व्हील्स अभियान‘ का किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री ने ‘डोनेशन ऑन व्हील्स अभियान‘ का किया शुभारंभ

08-Apr-2020

राशन सामग्री के पैकेट एकत्र करने मोहल्लों और कालोनियों में भेजे जाएंगे वाहन

 

रायपुर : कोरोना की रोकथाम के लिए लागू लॉक डाउन की वजह से दैनिक रोजी-मजदूरी कर जीवन यापन करने वाले परिवारों को राहत पहुंचाने रायपुर जिला प्रशासन द्वारा राशन सामग्री प्रदान की जा रही है। जरूरतमंदों की सहायता के इच्छुक दानदाता राशन सामग्री का पैकेट तैयार कर उसे जिला प्रशासन को उपलब्ध करा सकते हैं। जिला प्रशासन द्वारा लोगों से राशन सामग्री के पैकेट एकत्र करने के लिए डोनेशन ऑन व्हील्स अभियान प्रारंभ किया है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज यहां अपने निवास परिसर से इस अभियान का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने स्वयं जरूरतमंदों की सहायता के लिए राशन सामग्री के 500 पैकेट और 11 हजार रूपए की सहायता राशि जिला प्रशासन को सौंपी। 

मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन द्वारा की गई इस पहल की सराहना की। रायपुर कलेक्टर डॉ. एस. भारतीदासन, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री आरिफ शेख, जिला पंचायत रायपुर के सीईओ डॉ. गौरव कुमार सिंह इस अवसर पर उपस्थित थे। 

“डोनेशन ऑन व्हील्स” अभियान के तहत विभिन्न कालोनियों, व्यावसायिक परिसरों में जिला प्रशासन का विशेष वाहन पहुंचकर लोगों से राशन पैकेट संकलित करेगा। दानदाता 5 किलोग्राम चावल, 2 किलोग्राम आटा, आधा किलोग्राम दाल, आधा किलोग्राम नमक व एक नग साबुन शामिल कर राशन पैकेट तैयार कर सकते हैं। सहयोग की इच्छुक संस्थाएं, व्यवसायिक परिसर व कॉलोनियों के निवासी आदि इस सुविधा का लाभ उठाने जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. गौरव कुमार सिंह के दूरभाष क्रमांक- 9669577888 या रायपुर स्मार्ट सिटी के महाप्रबंधक (जनसपंर्क) श्री आशीष मिश्रा के दूरभाष क्रमांक- 9685792100 पर संपर्क कर वाहन के पहुंचने के दिनांक व समय की जानकारी प्राप्त कर सकते है। जिला प्रशासन द्वारा इस अभियान के तहत छह वाहन शहर में चलाए जाएंगे।
 

 


संकाटापन श्रमिकों के लिए जिला प्रशासन की सहायता राशि |

संकाटापन श्रमिकों के लिए जिला प्रशासन की सहायता राशि |

08-Apr-2020

बेमेतरा 7 मार्च 2020 :- जिला प्रशासन के माध्यम से कोरोना वायरस (कोविड-19) संक्रमंण के कारण अन्य राज्यों में जैसे पुणे (महाराष्ट), कानपुर, लखनउ (उत्तर प्रदेश), हैदराबाद (तेलंगाना) एवं अन्य प्रदेशों में फसे हुए श्रमिकों को सहायता हेतु राज्य हेल्प लाइन, जिला हेल्प लाइन एवं जिला प्रशासन के माध्यम से जानकारी जिला प्रशासन को प्राप्त हुआ है। लाॅक डाउन होने के कारण अपने गृहगांव आने में असमर्थ एवं बंद की स्थिति में खाने पीने की व्यवस्था नही होने के कारण सहायता हेतु जिला बेमेतरा के 2172 श्रमिकों के खातों में एन.ई.एफ.टी.के माध्यम से दिनांक 31 मार्च 2020 से 6 अप्रैल तक सहायता राशि 6,57,600/- रूपये जिला प्रशासन की ओर से प्रदाय किया गया है। विभिन्न दान-दाताओं के माध्यम से एकत्रित किये गये राशि सहयोग हेतु से जिला कलेक्टर के माध्यम से प्रदाय किया जा रहा है।
 विभिन्न राज्यों में फसे हुए श्रमिकों के वर्तमान स्थिति का आकलन कर कलेक्टर श्री शिव अनंत तायल के द्वारा द्वितीय किश्त जारी किये जाने के निर्देश श्रम विभाग को दिया गया। आज दिनांक 7 अप्रैल 2020 को कलेक्टर की अनुसंशा के आधार पर पूर्व में भेजे गए श्रमिकों को द्वितीय किश्त के रूप में कुल 1488 श्रमिकों को राशि 437000/-  रूपये की राशि जारी किया गया। इस प्रकार अब तक कुल 10,94,600/- सहयोग राशि प्रदाय किया जा चुका है। तद संबंध में विभिन्न श्रमिकों द्वारा जिला प्रशासन एवं दान दाताओं का आभार व्यक्त किया जा रहा है। साथ ही श्रमिकों को उनके दैनिक जीवन यापन हेतु इन परिस्थितियों में जिला प्रशा
सन द्वारा जारी की गई राशि से विशेष सहयोग मिला।
समा.क्र. 31

 


कोरबा  कलेक्टरश्रीमती किरण कौशल  के परिजनों ने किया फोन, निवास पर पहुंची ‘हेल्प आन द व्हील्स‘

कोरबा कलेक्टरश्रीमती किरण कौशल के परिजनों ने किया फोन, निवास पर पहुंची ‘हेल्प आन द व्हील्स‘

07-Apr-2020

TNIS

कोरोना प्रभावितों के लिए भेजे गये राशन के 25 किट, आमजनों से भी सहायता की अपील 
कलेक्टर की पहल का कलेक्टर निवास से शुभारंभ

कोरबा 7 अपे्रल 2020/कलेक्टर श्रीमती किरण कौशल द्वारा कोरोना प्रभावितों की मदद के लिए शुरू की गई हेल्प आन द व्हील्स वाहन का पहला उपयोग स्वयं कलेक्टर के परिजनों ने किया। आज कलेक्टर के पिता श्री एस.पीे.कौशल ने फोन कर वाहन को अपने घर बुलाया और अपने सभी परिजनों की उपस्थिति में कोरोना प्रभावितों के लिए राशन के 25 किट भेजे। इस दौरान कलेक्टर श्रीमती कौशल भी मौजूद रहीं। इन किटोेें में पांच किलो चावल, आधा किलो दाल, हल्दी, मिर्ची एवं धनिया के छोटे मसाला पैकेट, एक किलो आलू और हाथ धोने का एक साबुन शामिल था। कलेक्टर के सभी परिजनों ने आमजनों से भी इसी तरह कोरोना प्रभावितों के लिए आगे आकर सहायता करने की अपील की है।
उल्लेखनीय है कि आज से कलेक्टर श्रीमती कौशल की पहल पर कोरबा जिले में हेल्प आन द व्हील्स सुविधा शुरू हो गई है। जिसके तहत कोरोना प्रभावित सभी जरूरतमंदों की सहायता करने के इच्छुक लोगों के घरों तक एक फोन करने पर हेल्प आन द व्हील्स गाड़ी तत्काल पहुंचेगी। दान दाता अपनी सहायता सामाग्री इस गाड़ी के प्रभारी को सौंप सकेगा। हेल्प आन द व्हील्स के माध्यम से मिली सहायता सामाग्री, राशन आदि को कोरोना प्रभावित जरूरतमंद लोगों तक प्रशासन द्वारा पहुंचा दिया जायेगा। हेल्प आन द व्हील्स को अपने घर बुलाने के लिए अपर कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल से दूरभाष क्रमांक 9425257057, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एस जयवर्धन के मोबाईल नंबर 8297948681, नगर निगम आयुक्त श्री राहूल देव से दूरभाष क्रमांक 9560932435, अपर आयुक्त श्री अशोक शर्मा से मोबाईल नंबर 9425224112 और प्रभारी अधिकारी श्री पी.आर.मिश्रा से दूरभाष क्रमांक 9827875999 पर संपर्क किया जा सकता है। लोग कोरोना से संबंधित जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष में भी दूरभाष क्रमांक 07759-228548 पर फोन कर हेल्प आन द व्हील्स के लिए सूचना दे सकते हैं।
      कलेक्टर श्रीमती किरण कौशल ने इस बारे में बताया कि कोरोना वायरस के फैलाव को रोकने के लिए किये गये लॅाक डाउन से प्रभावित लोगों की मदद करने के लिए जिला प्रशासन को कई स्वयंसेवी संस्थाओं, सामाजिक संगठनों, औद्योगिक घरानों के साथ-साथ अन्य जिला वासियों से भी लगातार सहयोग मिल रहा है। लॅाक डाउन के कारण लोग अपने घरों पर रहकर लोग बेसहारा, गरीब, बुजुर्गों और अन्य जगहों से आये प्रवासी मजदूरों जैसे जरूरतमंदों की चिन्ता कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि ऐसे लोग जो जरूरतमंदों की सहायता करना चाहते हैं परंतु लॅाक डाउन की पाबंदियों के कारण अपने घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं, एक फोन करने से उन सभी के घरों तक जिला प्रशासन द्वारा हेल्प आन द व्हील्स गाड़ी पहुंचाई जायेगी। यह गाड़ी जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के आवासीय परिसरों, कालोनियों, प्रतिष्ठानों और गांवों तक पहुंचकर दान दाताओं के घरों से सहायता सामाग्री इकट्ठी करेगी। कलेक्टर श्रीमती कौशल ने ऐसे इच्छुक लोगों से सहायता सामाग्री के रूप में राशन किट बनाकर रखने की अपील की है। उन्होंने पांच किलो चावल, आधा किलो दाल, हल्दी, मिर्ची एवं धनिया के छोटे मसाला पैकेट, एक किलो आलू और हाथ धोने के लिए एक साबुन इस राशन किट में रखने की अपील की है।

 

 


कोरबा में निजामुद्दीन के मरकज में शामिल हुए बीस लोग आइसोलेशन में

कोरबा में निजामुद्दीन के मरकज में शामिल हुए बीस लोग आइसोलेशन में

01-Apr-2020

वरा के सीटीआई हास्टल और कोरबा के रसियन हास्टल में किया गया क्वारेंटाईन
राताखार की मस्जिद में 15 मार्च से रूके थे तबलीगी जमात के लोग

कोरबा 01 अपे्रल 2020/ दिल्ली की निजामुद्दीन में हुए मुस्लिम धर्मावलंबियों के मरकज में शामिल हुए 20 लोगों को जिला प्रशासन ने कोरबा में टेªस कर लिया है। इनमें से पंद्रह लोग राताखार की अंजुमन इस्लाहुल मुस्लमीन मस्जिद में रूके हुए थे जबकि पांच लोगों को कोरबा शहर में अलग-अलग जगहों से चिन्हांकित किया गया है। मस्जिद में रूके हुए सभी 15 लोग दिल्ली या उसके आसपास के क्षेत्रों के हैं जबकि अन्य पांच लोग मरकज में शामिल होने कोरबा से निजामुद्दीन गये थे। कोरोना वायरस के संक्रमण और उसके फैलाव की आशंका को लेकर इन सभी लोगों को आइसोलेट कर लिया गया है। जिला प्रशासन ने दिल्ली या उसके आसपास के सभी 15 लोगों को गेवरा के सीआईटी हास्टल शक्तिनगर में आइसोलेशन में रखा है वहीं कोरबा निवासी पांच लोगों को रसियन हास्टल में बने क्वारैंटाईन सेंटर में रखा गया है। मरकज में शामिल हुए तबलीगी जमात के इन सभी 20 लोगों के स्वास्थ्य पर विशेष नजर रखी जा रही है। इन्हें सावधानी स्वरूप सेनेटाईजर और मास्क आदि भी जिला प्रशासन द्वारा उपलब्ध करा दिये गये हैं। साथ ही कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सोशल डिस्टैंसिंग का पालन करने, लाक डाउन के दौरान निर्धारित जगहों से बाहर नहीं निकलने और शासन द्वारा समय-समय पर जारी किये गये दिशा निर्देशों की पूरी जानकारी भी इन्हें दी गई है। इन सभी लोगों को यह भी हिदायत दी गई है कि वे आईसोलेशन की अवधि में पूरी तरह से अलग रहें। रहने की निर्धारित जगहों से बाहर न निकलें, भीड-भाड़ वाले इलाकों में न जायें। इसके साथ ही सर्दी, खांसी, बुखार या श्वास लेने में तकलीफ जेैसी कोई भी परेशानी होने पर तत्काल शासन प्रशासन के प्रतिनिधियों को सूचित करें।
      जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि अभी सभी लोग स्वस्थ्य हैं। किसी को भी कोरोना के प्रारंभिक लक्षणों संबंधी कोई तकलीफ नहीं है। सावधानी बरतते हुए गहन अवलोकन में इन लोगों को आइसोलेशन में रखा गया है। मेडिकल टीम द्वारा जांच लगातार की जा रही है। किसी भी प्रकार के कोरोना से संबंधित प्रारंभिक लक्षण दिखाई देने पर इनके सेम्पल जांच के लिए एम्स भेजे जायेंगे।
      कोरबा में आईसोलेट हुए मरकज में शामिल होने वाले इन लोगों में मुस्तफा बाग दिल्ली के छः, नेहरू बिहार दिल्ली के दो, गाजियाबाद के तीन और सुंदरनगरी दिल्ली, नागलोई दिल्ली, पुरानी दिल्ली तथा बेगुसराय बिहार का एक-एक व्यक्ति शामिल हैं। आईसोलेट हुए इन लोगों में से एक ने बताया कि वे 12 मार्च को रात 10 बजे से 13 मार्च को दोपहर दो बजे तक निजामुद्दीन में हुई तबलीगी जमात के मरकज में शामिल हुए थे। उन्होंने यह भी बताया कि मुस्लिम धर्म की मानव कल्याण से जुड़ी बातों और सीखों के प्रचार-प्रसार के लिए वे लोग कोरबा आये हैं। यह सभी लोग दिल्ली से नागपुर, बिलासपुर होते हुए 15 मार्च को कोरबा पहुंचें हैं और तभी से राताखार की मस्जिद में रूके थे।

TNIS

 


सामाजिक संस्था आवाम ए हिन्द सोशल वेलफेयर कमेटी ने लॉक डाउन के चलते अनाज सब्जियां दाल एवं जरूरत की समाग्री मुहय्या करवायी

सामाजिक संस्था आवाम ए हिन्द सोशल वेलफेयर कमेटी ने लॉक डाउन के चलते अनाज सब्जियां दाल एवं जरूरत की समाग्री मुहय्या करवायी

29-Mar-2020

सामाजिक संस्था आवाम ए हिन्द सोशल वेलफेयर कमेटी ने आज पुनः लॉक डाउन के चलते रामनगर से लगे दो मोहल्लों गोकुल नगर एवं कृष्णा नगर के मजदूर वर्ग एवं झुग्गी झोपड़ी में बसर करने वाले लोगो कोे अनाज सब्जियां दाल एवं जरूरत की समाग्री मुहय्या करवायी।संस्था को ऐसे जरूरत मंदो की जानकारी रामनगर क्षेत्र के चौकी प्रभारी एवं संस्था के ऐमरजेन्सी नंबर के माध्यम से हुई,तत्पश्चात संस्थापक मोहम्मद सज्जाद खान अपनी टीम के साथ पहुचकर लोगो को जरूरत की समाग्री दी।इस कार्य में वसीम अकरम,फराज खान, राशिद बिलाल भी उपस्थित थे।

उपरोक्त जानकारी मों सज्जाद खांन द्वारा दी गई


कोरबा के कोरोना रिलिफ फण्ड में एक ही दिन में जमा हुये 2.26 लाख रूपये

कोरबा के कोरोना रिलिफ फण्ड में एक ही दिन में जमा हुये 2.26 लाख रूपये

27-Mar-2020
सांसद श्रीमती महंत ने 51 हजार, पूर्व महापौर ने एक लाख एक रूपये की दी सहायता (TNIS)
 
कलेक्टर-एसपी ने जमा कराये 25-25 हजार रूप
कोरोना प्रभावितों की मदद के लिये बना रिलिफ फण्ड, जन सामान्य भी दे सकते हैं योगदान
कोरबा 27 मार्च 2020/ कोरोना वायरस के संक्रमण से प्रभावित लोगों की मदद के लिये जिला स्तर पर बनाये गये कोविड-19 रिलिफ फण्ड कोरबा में एक ही दिन में दो लाख 26 हजार रूपये जमा हो गये हैं। सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत ने आज 51 हजार रूपये इस फण्ड में जमा कराये हैं। पूर्व महापौर श्रीमती रेणु अग्रवाल ने एक लाख एक हजार रूपये की सहायता कोरोना प्रभावितों की मदद के लिये दी है। कलेक्टर श्रीमती किरण कौषल और श्री अभिषेक मीणा ने 25-25 हजार रूपये इस रिलिफ फण्ड मंे आज जमा कराये। थोक सब्जी विक्रता संघ ने स्व प्रेरणा से आज कोरोना वायरस प्रभावितों की सहायता के लिये 25 हजार रूपये की राषि इस फण्ड में जमा करायी है।
कलेक्टर श्रीमती किरण कौषल ने जिलावासियों, स्वयंसेवी संस्थाओं सहित सभी औद्योगिक प्रतिष्ठानों और आम नागरिकों से भी कोरबा जिले में कोरोना प्रभावित लोगों की मदद के लिये इस रिलिफ फण्ड में अधिक से अधिक राषि दान स्वरूप जमा कराने की अपील की है। कलेक्टर श्रीमती कौषल ने लोगों से अपील की है कि कोरोना वायरस के कारण हुये लाॅकडाउन से गरीबों, बेसहारा और निराश्रित लोगों, भिक्षुओं सहित बड़ी संख्या में जन-जीवन प्रभावित हुआ है। काम बंद हो जाने और अपने घरों तक नहीं पहुॅंच पाने के कारण भी कई प्रवासी कामगार जिले में फंस गये हैं। ऐसे सभी लोगों तक भोजन-पानी, दवायें आदि आवष्यकतानुसार पहुॅंचाने के लिये यह फण्ड अत्यंत लाभदायक सिद्ध होगा। उन्होंने आमजनों से इस फण्ड में हाथ खोलकर राषि दान करने की अपील की है। 
91901-00701-51794 बैंक खाते में जमा की जा सकती है दान राषि:-
कोरोना प्रभावितों की मदद के लिये एक्सिस बैंक की पावर हाउस रोड स्थित शाखा में विषेष खाता कोविड-19 रिलिफ फण्ड कोरबा के नाम से खोला गया है। जिसका खाता क्रमांक 91901-00701-51794 है। शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों के साथ-साथ आमजन भी अपनी इच्छा के अनुसार इस बैंक खाते में कोरोना पीड़ितों की सहायता के लिये राषि जमा करा सकते है।
 
 
 

रायपुर : कोरोना महामारी: आम जनता की सहायता के लिए राजधानी रायपुर सहित सभी जिलों में कंट्रोल रुम स्थापित

रायपुर : कोरोना महामारी: आम जनता की सहायता के लिए राजधानी रायपुर सहित सभी जिलों में कंट्रोल रुम स्थापित

26-Mar-2020

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के निर्देश पर राज्य शासन द्वारा कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के उपायों के तहत राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के सभी 28 जिलों में कंट्रोल रुम स्थापित किए गए हैं। इनके हेल्प लाइन नंबर आम जनता के लिए जारी किए गये हैं। ये सभी कंट्रोल रुम सातों दिन 24 घंटे काम करेंगे। आम जनता को किसी प्रकार की दिक्कत होने पर इन कंट्रोल रुमों के नंबर पर संपर्क किया जा सकता है। 

ज्ञातव्य है कि कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के लिए पूरे देश में 21 दिनों का लाॅक डाउन लागू किया गया है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने सभी नागरिकों से लाॅक डाउन की बंदिशों का कड़ाई से पालन करने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि अपने और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए घरों पर ही रहें। सिर्फ अत्यावश्यक कार्यों के लिए ही बाहर निकले। जरुरत होने पर कंट्रोल रुम के फोन नंबर पर संपर्क करें। कोरोना संक्रमण के लिये राज्य स्तर पर हेल्प लाइन नंबर 104 है। इसके साथ ही विभिन्न जिलों के कंट्रोल रुम के हेल्प लाइन नंबर इस प्रकार हैं-

 रायपुर - 100, 07714287199, 9479191099, पुलिस कंट्रोल रुम-101, फायर सर्विस- 112

 कोण्डागांव - 07786242180

 जशपुर - 07763223281

 कबीरधाम - 07741-232609

 कंाकेर - 07868-224610, 09165050224

 दंतेवाड़ा - 07856-252412, 9479150879

 कोरिया - 07836232330, 9406045758

 कोरबा - 07759-228548

 मुंगेली - 09111420188

 बालोद - 07749223950, 07828200007

 बिलासपुर - 07752-251000

 बीजापुर - 07853220023

 धमतरी - 07722-238479, 07722-237779

 बेमेतरा - 07824222150

 दुर्ग - 0788-2210773

 जांजगीर - 07817222123

 नारायणपुर - 07781252245, 07587399311

 सूरजपुर - 09111033446, 09301250252

 बलौदाबाजार- भाटापारा - 07727-223697

 सरगुजा - 093402-67340, 089899-36378

 गरियाबंद - 07706-241288, 062671-88110

 सुकमा - 07864284012

 राजनांदगांव - 7000210932

 बस्तर - 07782-223122

 रायगढ़ - 07762-223750

 गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही-7751221006

 बलरामपुर-रामानुजगंज-07831-273012, 07831-273177

 महासमुंद-6267770

TNIS