मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कोरोना के संबंध में ली आपात बैठक : केंद्र सरकार की एडवाइजरी के अनुरूप कार्रवाई करने के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कोरोना के संबंध में ली आपात बैठक : केंद्र सरकार की एडवाइजरी के अनुरूप कार्रवाई करने के दिए निर्देश

13-Mar-2020

कोरोना वायरस से निपटने के लिए किए गए इंतजामों की समीक्षा की

परीक्षाओं को छोड़कर स्कूल और कॉलेजों को 31 मार्च तक बंद करने का लिया गया निर्णय

लोगों को सजग रहने और शासकीय कार्यक्रमों में भीड़-भाड़ से बचने की हिदायत

 

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल आज देर शाम दिल्ली से लौटते ही अपने निवास कार्यालय में आपात बैठक लेकर प्रदेश में कोरोना वायरस से निपटने के लिए की गई तैयारियों और इंतजामों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को कोरोना वायरस से बचाव के लिए किए गए इंतजामों की नियमित समीक्षा और निगरानी करने के निर्देश दिए है। भारत सरकार द्वारा कोरोना वायरस को लेकर जारी की गई एडवाइजरी के तारतम्य में बैठक में प्रदेश में परीक्षाओं को छोड़कर सभी स्कूल और कॉलेजों को आगामी 31 मार्च तक बंद करने का निर्णय लिया गया। परीक्षाएं अपने निर्धारित समय-सारणी के अनुसार आयोजित की जाएंगी। बैठक में लोगों को सजग और जागरूक रहने तथा शासकीय कार्यक्रमों में भीड़-भाड़ से बचने की हिदायत भी दी गई। कोरोना से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी एडवाइजरी का व्यापक प्रचार-प्रसार भी करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने विभागीय अधिकारियों को दिए है।

     बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में कोरोना वायरस से निपटने के लिए संपूर्ण तैयारियां सुनिश्चित की गई है। राज्य सरकार द्वारा पूर्व में ही कार्यालयों में 31 मार्च तक बायोमेट्रिक उपस्थिति पर रोक लगा दी गई है। कोरोना वायरस के संबंध में केन्द्र सरकार और विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा जारी निर्देशों का लगातार नियमित रूप से सभी माध्यमों में व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। कोरोना को लेकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा नियमित रूप से बुलेटिन भी जारी किया जा रहा है। विभागीय अमले द्वारा इस पर पूरी नजर रखी जा रही है और नियमित रूप से एडवाइजरी जारी कर लोगों को इससे बचाव के लिए जागरूक किया जा रहा है।  
        बैठक में कृषि मंत्री श्री रविन्द्र चौबे, वन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर, मुख्य सचिव श्री आर. पी. मण्डल, अपर मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री गौरव द्विवेदी, प्रमुख सचिव विधि श्री एन. के. चंद्रवंशी, स्वास्थ्य विभाग की सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, स्वास्थ्य विभाग के संचालक श्री नीरज बंसोड़ सहित अन्य वरिष्ठ विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

 

झारखण्ड से बरातियो को लेकर लौट रही सफारी वाहन हादसे का शिकार हुई, 2 लोगों की मौत, 4 घायल

झारखण्ड से बरातियो को लेकर लौट रही सफारी वाहन हादसे का शिकार हुई, 2 लोगों की मौत, 4 घायल

12-Mar-2020

रामानुजगंज: शादी की खुशियां उस समय मातम में बदल गई जब निकाह के बाद 6 बारातियों को लेकर एक सफारी वाहन झारखंड से लौट रहे थे, वाहन का अचानक टायर फट गया, इससे सफारी अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई इस हादसे में वाहन में सवार दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य घायल हो गया.

मिली जानकारी के मुताबिक बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के रामचंद्रपुर थानांतर्गत ग्राम बरवाही निवासी मोहम्मद आसीन के पुत्र तौहीद रजा की शादी झारखंड के जरही थाना अंतर्गत ग्राम डंडई में तय हुई थी। 11 मार्च दूल्हा समेत सभी रिश्तेदार व परिचित के लोग बारात में शामिल होने गए थे। निकाह के बाद 6 बाराती सफारी वाहन क्रमांक जीजे 05 सीएस- 8320 में सवार होकर लौट रहे थे इसी दौरान यह हादसा हुआ. 


रायपुर : प्रदेश में 16 मार्च से मनाया जाएगा वजन त्यौहार : महिला एवं बाल विकास सचिव ने कलेक्टरों को जारी किए निर्देश

रायपुर : प्रदेश में 16 मार्च से मनाया जाएगा वजन त्यौहार : महिला एवं बाल विकास सचिव ने कलेक्टरों को जारी किए निर्देश

09-Mar-2020

 रायपुर : छत्तीसगढ़ में हर साल की तरह इस साल भी बच्चों में पोषण स्तर के आंकलन हेतु वजन त्यौहार मनाया जाएगा। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा वजन त्यौहार का आयोजन आगामी 16 मार्च  से 25 मार्च तक किया जा रहा है। इस संबंध में विभागीय सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी ने सभी कलेक्टरों को पत्र लिख कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। महिला एवं बाल विकास अधिकारियों को भी वजन त्यौहार के लिए विस्तृत निर्देश जारी कर दिया गया है।

उल्लेखनीय है कि राज्य में वास्तविक पोषण स्तर की जानकारी प्राप्त करने के लिए प्रतिवर्ष सभी 05 वर्ष से कम आयु के बच्चों के पोषण स्तर के आंकलन हेतु वजन त्यौहार आयोजित किया जाता है। वजन त्यौहार के दौरान सभी बच्चों का वजन लेकर उनकी जानकारी ऑनलाईन सॉफ्टवेयर में दर्ज करते हुए पोषण स्तर ज्ञात किया जाता है। इस प्रक्रिया में आंकड़ों की शुद्धता बनी रहती है।

सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी ने कलेक्टरों को उनकी अध्यक्षता में वजन त्यौहार आयोजन के लिए जिला स्तर के सभी विभागीय अधिकारियों की 12 मार्च तक बैठक लेकर सभी को दायित्व सौंपने कहा है, जिससे प्रत्येक पंचायत स्तर तक मॉनीटरिंग की जा सके। साथ ही प्रत्येक पंचायत के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त करते हुए त्रुटिरहित वजन त्यौहार का आयोजन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। विभागीय सचिव ने कहा है कि वजन त्यौहार में आंकड़ों की गुणवत्ता व सत्यापन के लिए स्थानीय शासकीय विश्वविद्यालय, महाविद्यालय के रिसर्च स्कॉलरों, राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों, महिला शक्ति केन्द्र योजना अन्तर्गत चयनित स्वयंसेवकों की सेवायें ली जा सकती हैं। सचिव ने अधिकारियों को समय-सीमा में कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।


रायपुर : छत्तीसगढ़ पुलिस की अवैध शराब पर बड़ी कार्रवाई : अंतरराज्यीय शराब तस्करी के पांच आरोपी गिरफ्तार

रायपुर : छत्तीसगढ़ पुलिस की अवैध शराब पर बड़ी कार्रवाई : अंतरराज्यीय शराब तस्करी के पांच आरोपी गिरफ्तार

07-Mar-2020

रायपुर : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा अवैध शराब पर सख्त कार्रवाई के निर्देश के बाद छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा बड़ी कार्रवाई की गई है। पुलिस ने मंदिर हसौद के ग्राम दरबा में छापा मारकर करीब 13 लाख कीमत की 340 पेटी और पिकअप से 40 पेटी अंग्रेजी शराब जब्त की है। कार्रवाई में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, साथ ही एक पिकअप जब्त की गई है।

उल्लेखनीय है कि डीजीपी डीएम अवस्थी ने दो दिन पहले ही सभी पुलिस अधीक्षकों को पत्र लिखकर अवैध शराब भंडारण और परिवहन पर सख्ती के निर्देश दिए थे। इसके बाद प्रदेश भर में पुलिस ने अवैध शराब पर रोक लगाने छापामार कार्रवाई शुरू की। इसी कड़ी में महासमुंद जिले की बागबाहरा थाना पुलिस को सूचना मिली की रायपुर की ओर से अवैध शराब से भरी पिकअप आ रही है। पुलिस ने तत्काल घेराबंदी कर पांच आरोपियों सहित पिकअप को जब्त कर लिया। आरोपियों ने पूछताछ के दौरान बताया कि यह शराब रायपुर मंदिरहसौद ब्लाक के ग्राम दरबा के सरपंच पति सनत पटेल के बाड़ा के कमरे में छिपा कर रखी गई थी और चंडीगढ़ की उक्त शराब में लगभग 340 पेटी अंग्रेजी शराब अभी वहां पर रखी हुई है। 

पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर उक्त स्थान पर छापा मारकर 340 पेटी शराब बरामद कर जप्त किया ली। महासमुंद पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र शुक्ल ने बताया कि सूचना मिली थी कि रायपुर की ओर से कुछ लोग भारी मात्रा में अवैध शराब पिकअप में भरकर होली त्यौहार के समय खपाने के उद्देश्य से महासमुंद जिले के ग्राम सुखरीबडरी ले जा रहे है। उक्त सूचना के आधार पर रेड कार्यवाही की गई जिसमें पांच आरोपी बजरंग सिंह फूल चौक रायपुर, नरेश कुमार  कोटा रायपुर, समर ध्रुव मंदिर हसौद रायपुर, प्रदीप बाघ सरस्वती नगर रायपुर और अखिलेश मंदिरहसौद को गिरफ्तार किया गया है। उक्त कार्यवाही में थाना प्रभारी अंजनेय वार्ष्णेय भापुसे, उनि संजय सिंह राजपूत, सोनचंद्र डहरिया, घनश्याम भारद्वाज, आरक्षक हिरालाल अकोनिया, आरक्षक टोप सिंग ध्रुवे, महेत्तरू साहू, भूपेन्द्र चन्द्राकर, विरेन्द्र तिवारी का विशेष योगदान रहा।


अंबिकापुर : सेंट्रल जेल में कैदी ने फांसी लगाकर दी जान, 2 प्रहरी निलंबित

अंबिकापुर : सेंट्रल जेल में कैदी ने फांसी लगाकर दी जान, 2 प्रहरी निलंबित

06-Mar-2020

सरगुजा जिले के अंबिकापुर सेंट्रल जेल में एक कैदी के द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या करने की खबर मीडिया में आ रही है मीडिया रिपोर्ट के अनुसार 2 लोगों के हत्या के मामले में सजा काट रहे एक कैदी ने सेंट्रल जेल के अस्पताल वार्ड के सेल में कम्बल फाड़ कर उसे खिड़की से बांधकर फांसी का फंदा बनाया और झूल गया सुबह उसकी लाश देखी गई इस घटना के बाद सेंट्रल जेल में हड़कंप मच गया इस मामले में जेल अधीक्षक ने कार्य में लापरवाही बरतने पर 1 मुख्य प्रहरी और 1 प्रहरी को तत्काल निलंबित किया है।


छ.ग. बजट 2020 : मुख्यमंत्री ने शिक्षाकर्मियो को दिया तोहफा, 16 हजार शिक्षाकर्मियों का संविलियन किया जाएगा

छ.ग. बजट 2020 : मुख्यमंत्री ने शिक्षाकर्मियो को दिया तोहफा, 16 हजार शिक्षाकर्मियों का संविलियन किया जाएगा

03-Mar-2020

रायपुर : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज मंगलवार (3 मार्च) को 2020-21 का बजट पेश कर रहे हैं इस बजट में मुख्यमंत्री ने  शिक्षाकर्मियो के लिए बड़ी घोषणा की हैं मुख्यमंत्री ने ऐलान किया है कि संविलियन से वंचित रह गए 16 हजार शिक्षाकर्मियों में जिन्होंने 2 वर्ष की अवधि पूरा कर ली है उनका संविलियन किया जाएगा। यह संविलियन जुलाई से लागू होगा। इससे पहले अपने बजट भाषण में मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री सुपोषण योजना के लिए 60 करोड़ का प्रावधान 4 लाख लोगों का इलाज किया जा चुका है

एनिमिया निदान के लिए काम किया जा रहा है महतारी जतन योजना में 30 करोड़ का प्रावधान मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान चलाया जा रहा है, गंभीर बीमारी के इलाज के लिए 20 लाख का प्रावधान, 17 लाख 34 हजार किसानों का कर्ज माफ किया, हाट बाजार में स्वास्थ्य सुविधा के लिए 13 करोड़, जिला अस्पतालों में सिकल सेल यूनिट स्थापित की जाएगी, हर साल युवा महोत्सव के आयोजन के लिए 5 करोड़ का प्रावधान, राजीव मितान युवा क्लब खोले जाएंगे
जैविक खेती के लिए 20 करोड़ का प्रावधान, गोठानों को 10 हजार रूपए प्रतिमाह का अनुदान, गोठान संचालन के लिए 6 करोड़ का प्रावधान, राजीव गांधी किसान न्याय योजना शुरू की जाएगी,किसान न्याय योजना के लिए 5300 करोड़ का प्रावधान

 

जगदलपुर : ग्रामीणों से भरी पिकअप अनियंत्रित होकर पलटी, 3 महिला व एक पुरुष की मौत, 9 घायल

जगदलपुर : ग्रामीणों से भरी पिकअप अनियंत्रित होकर पलटी, 3 महिला व एक पुरुष की मौत, 9 घायल

02-Mar-2020

जगदलपुर से एक बड़ी खबर आ रही है जहाँ ग्रामीणों से भरी एक पिकअप अनियंत्रित होकर पलट गई जिससे 4 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई मरने वालों में 3 महिला और एक पुरुष है बताया जा रहा है कि आज सोमवार (2 मार्च) को मांडवा ग्राम के तोकापाल साप्ताहिक बाजार में शामिल होने के लिए ग्रामीण पिकअप में सवार होकर जा रहे थे तभी रायकोट में स्थित ढाबा के नजदीक पिकअप क्र. सीजी 17 डी 4111 अनियंत्रित होकर पलट गई. जिससे वाहन के नीचे कई लोग दब गए जिसमे से तीन महिलाएं लुदरी, सोमारी, कुंजाम ने मौके पर ही दम तोड़ दिया. वही एक ग्रामीण एक गोंजाम कश्यप की इलाज के दौरान मौत हो गई. हादसे में 9 ग्रामीण घायल है. सभी घायलों को डिमरापाल अस्पताल भेजा गया है.पिकअप वाहन के ड्राइवर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और आगे की कार्रवाई कर रही है ।

 

बलरामपुर : प्राकृतिक आपदाओं से बचाव हेतु मॉक ड्रिल का आयोजन

बलरामपुर : प्राकृतिक आपदाओं से बचाव हेतु मॉक ड्रिल का आयोजन

02-Mar-2020

आपदा के दौरान जवानों द्वारा राहत एवं बचाव कार्य का किया गया प्रदर्शन

 प्राकृतिक एवं विभिन्न मानवीय आपदाओं के दौरान त्वरित बचाव कार्य एवं राहत पहुंचाने संबंधी पूर्वाभ्यास का आयोजन वन वाटिका रामानुजगंज में किया गया। जिला प्रशासन एवं नगर सेना बलरामपुर-रामानुजगंज द्वारा वन वाटिका रामानुजगंज में प्राकृतिक एवं मानवाीय आपदाओं से बचाव का अधिकारियों एवं आम नागरिकों के समक्ष प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया गया। इस दौरान मोटर बोट के माध्यम से जान-माल का बचाव कैसे किया जाता है, इसका प्रदर्शन किया गया। साथ ही पानी में डूबते हुए व्यक्ति को बचाने, बस, ट्रेन, बिल्डिंग दुर्घटना, बाजार में अफरा तफरी मचने एवं सिलेण्डर में आग लगने पर प्रभावित व्यक्तियों को प्रशिक्षित जवानों के द्वारा सीमित संसाधन एवं तकनीक की सहायता से प्राथमिक उपचार देने के तरीकों के बारें में जानकारी दी गई। किसी भी अप्रत्याशित परिस्थिति में न घबरायें बल्कि उचित तरीके से उसका समाधान करने का प्रयास करें। प्रदर्शन के दौरान रेस्क्यू टीम के जवानों के द्वारा आपदा के दौरान बचाव हेतु ह्यूमन क्रच, पिक ए बैक, फोर एण्ड आफ्ट, पिक ए बैक रिवर्स, फायर मैन लिफ्ट, टू, थ्री और फोर हैण्ड सीट के तकनीकों के बारे में परिभाषा एवं उदाहरण सहित जानकारी दी गई। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री विजय कुमार कुजूर ने उपस्थित नगर सेना के जवानों को बताया कि बाढ़ एवं प्राकृतिक आपदा से जनधन की हानि होती है, उसे बचाने के लिए हमने आज मॉक ड्रिल किया है। उन्होंने कहा कि किसी के जीवन को बचाना बहुत बड़ा पुण्य का काम है, अतः हमें इस प्रकार के कार्य करने के लिए हमंेशा तत्पर रहना चाहिए।

 

इस दौरान जिला शिक्षा अधिकारी श्री बी. एक्का, तहसीलदार बलरामपुर श्री शबाब खान, तहसीलदार रामानुजगंज श्री भरत कौशिक, जिला सेनानी श्री एन. खलखो, सहायक उपनिरीक्षक श्री अखिलेश कुमार गुप्ता तथा नगर सेना के जवानों सहित आम नागरिक उपस्थित थे।

TNIS 


7 वें संत स्वामी राम राम साहिब

7 वें संत स्वामी राम राम साहिब

01-Mar-2020

ऐसे महान शदाणी संत की वर्सी 15 से 18 मार्च 2020 को पूज्य शदाणी दरबार तीर्थ में आयोजित है।

7 वें संत स्वामी राम राम साहिब का जन्म 1882 में हुआ था, (शादनी संवत 174 के अनुसार, कार्तिक, 28 शुक्ल की एकादशी), गुलु पितफी में, तहसील मीरपुर माथेलो, जिला घोटकी, सिंध, पाकिस्तान उनके पिता भाई राम जागीर का एक गाँव था। शदाणी दरबार के एक समर्पित अनुयायी, जबकि उनकी माँ, माता खेमी बाई पूरी तरह से भग्वान शिवा को समर्पित थीं। हर बार, वह "ओम् नमो शिवाय" सुनती थी, उसके होंठ उसके बेटे थे। एक दिन भगवन शिव ने खेमी बाई पर अपना आशीर्वाद बरसाया और उन्हें सपने में बताया कि वह भक्ति से बहुत प्रसन्न हैं। बहुत जल्द, वह अपने घर में जन्म लेगा ताकि वह माँ के आकार में उससे अपना स्नेह व्यक्त कर सके। जैसा कि प्रथा है, संत राजा राम के जन्म के समय उनके छठ उत्सव (जन्म के छठे दिन) पर एक नाम देने के लिए एक ब्राह्मण को बुलाया गया था। जब ब्राह्मण ने लड़के की तरफ देखा, तो उसने AADAM DOT ON HIS FOOT का अवलोकन किया। उन्होंने माता-पिता को बधाई दी और कहा कि उनका बच्चा कोई साधारण बच्चा नहीं था, लेकिन वह एक महान संत या एक महान राजा होगा। यही कारण था कि उनका नाम रजा राम था। जब रजा राम आठ वर्ष के थे, तब उनके पिता उन्हें 5 वें शदाणी संत, सतगुरु पूजनिया माता साहिब द्वारा आशीर्वाद देने के लिए शदाणी दरबार में ले गए। जैसे ही रजा राम ने माथा साहिब के पवित्र चरणों में माथा छुआ, उसने उसे अपनी बाहों में ले लिया। जब राज राम ने साहब से प्रसाद के लिए कहा, तो उन्होंने उसके सामने प्रसाद की पूरी टोकरी रख दी और कहा "राजल, यह सारा प्रसाद तुम्हारा है और इसे वितरित करना भविष्य है।" उन शब्दों में एक बड़ा अर्थ छिपा था। माता साहब त्रिकाल दर्शी (भूतकाल, वर्तमान और भविष्य को जानने वाले) थे। वह जानती थी कि एक दिन उसे शदाणी दरबार की गद्दी दी जाएगी। जैसा कि माता साहब ने भाई राम से कहा था, "राजल अब हमारा है, इसलिए उसे हमारे शेवा और शिखा के लिए यहां दरबार में रहने दो।"अब रजा राम ने शादाब दरबार में रहना शुरू कर दिया और माता साहिब को अपनी पूरी श्रद्धा से प्रसन्न किया। उन्होंने पूज्य माता साहिब की देखरेख में शादनी दरबार में अपनी प्रारंभिक धार्मिक शिक्षा (धार्मिक शिक्षा) पूरी की। तब उन्हें कनखल में एक उच्च धार्मिक शिक्षा केंद्र भेजा गया, भारत में हरिद्वार के पास वह 1904-1906 तक रहे और वेद, उपनिषद सीखे। वियाकरण और कुछ अन्य पवित्र ग्रन्थ। SWAMI CHETAN DEV, तब संस्था के प्रमुख उनकी अतिरिक्त साधारण क्षमता को देखकर बहुत प्रभावित हुए। उन्होंने उसे संस्था का प्रमुख बनने की पेशकश की और उस पर स्थायी रूप से रहने के लिए जोर दिया। लेकिन संत राजा राम शदाणी दरबार के प्रति पूर्ण समर्पण में थे। वह किसी भी शादानी दरबार की तुलना में शादानी दरबार के शेवा को अधिक फलदायी मानता था। उन्होंने भगवत गीता, रामायण और गुरुवाणी भी सीखी।

उनकी अद्वितीय सेवाओं और प्रबुद्ध आत्मा के कारण, संत राज राम ने शादनी गद्दी को 1932 में दे दिया।
शादानी दरबार का संचालन अपने पूर्ववर्तियों के अनुसार प्रथाओं और दिशानिर्देशों के अनुसार किया गया। न केवल उसकी, बल्कि वह, जो कि धार्मिक शिक्षा में एक विद्वान व्यक्ति है, अभी भी दैनिक दिनचर्या में धार्मिक व्याख्यान देने में अपनी रुचि को आगे बढ़ाता है और इस तरह, उसके दिनों में अनुयायियों की संख्या में अत्यधिक वृद्धि हुई।
3 अक्टूबर 1958 को, संत राजा राम साहिब भारत के लिए रवाना हुए और हरिद्वार, मथुरा और अमृतरस आदि का दौरा किया, उनके सैकड़ों शिष्यों ने प्रत्येक तीरथ में उनका स्वागत किया और अपने "दर्शन" से खुद को आध्यात्मिक रूप से समृद्ध बनाया।
संत राजा राम साहब ने बहुत ही पवित्र और सादा जीवन व्यतीत किया। उनकी हर क्रिया महज एक दिखावा या उनके अनुयायी थे। संत राजाराम के कुछ मार्मिक गुण यहां दिए गए हैं।

1.HOSPITALITY: -
शादानी दरबार की मुख्य विशेषता आतिथ्य था। संत राजाराम साहब के दिनों में तब तक भोजन शुरू नहीं किया जाता था, जब तक कि कोई मेहमान उनके साथ शामिल नहीं हो जाता। एक बार ऐसा हुआ कि उनके भोजन करने के लिए दरबार में कोई अतिथि नहीं था। समय बहुत देर हो चुकी थी। शवारादियों ने भोजन शुरू करने की अनुमति देने का अनुरोध किया, लेकिन संत राजाराम साहब ने उन्हें इंतजार करने के लिए कहा, आखिरकार, वह एक दुकान पर एक अतिथि से मिले जो अपने रिश्तेदारों को देखने के लिए आए थे। संत राजाराम साहब ने भोजन की शुरुआत उस अतिथि के दरबार में ले जाने के बाद की।, br>
संत राजाराम "भगवान शिव" के अवतार थे और हर शरीर उन्हें शिव का अवतार मानता था। वह हमेशा मुस्कुराता रहता था और बहुत धीरे-धीरे बोलता था। उन्होंने हृदय से गीता, ग्रन्थ साहिब और वेदांत के दर्शन सीखे। वह खुद एक प्रबुद्ध आत्मा थी, इसलिए वह सीखे हुए लोगों का सम्मान और सम्मान करती थी। 2.MERCY: -
संत राजाराम साहब बड़े दयालु द्रष्टा थे। वह दूसरों का दुःख नहीं देख सकता था। एक बार शादाब दरबार के एक शिष्य घोटकी के भाई गंगूराम थे, जिनका भतीजा नामदेव तब सात साल का था और कैंसर की चपेट में आ गया था। भाई गंगूराम ने कई डॉक्टरों से मुलाकात की लेकिन कोई भी व्यक्ति नामदेव का इलाज नहीं कर सका। वह अपने भतीजे के जीवन के बारे में बहुत चिंतित था। अंत में, उन्होंने शादानी दरबार में नामदेव को ले लिया और अपने सतगुरु के सामने रोने लगे और रोने लगे। उसकी आंखों से आंसू बार-बार गिर रहे थे। यह देखकर संत राजाराम साहब को सहानुभूति हुई। नामदेव दिन-ब-दिन बेहतर होते गए। कुछ ही दिनों में, वह पूरी तरह से ठीक हो गया और अपने घर वापस चला गया। नामदेव अभी जीवित हैं और घोटकी, सिंध में अपना कारोबार चला रहे हैं।

3. हिनदू - मुस्लिम भाई:
shadani sant ने हमेशा हिंदुओं और मुस्लिमों के विभिन्न संप्रदायों के बीच भाईचारे को बनाए रखने की कोशिश की है। यही कारण है कि आज भी सैकड़ों मुसलमान इस दरबार के अनुयायी हैं। वे शदाणी संतों का सम्मान करते हैं। आध्यात्मिक संतुष्टि के लिए थानेदार दरबार में आने वाले मुसलमानों के कई उदाहरण हैं।

एक बार सरदार ददन खान, लंड बलूच जनजाति के प्रमुख और एक महान राजनेता, अपने मुंशी कुंदनदास के साथ शादानी दरबार गए। वह जमीन पर बैठ गया और भीख माँग रहा था। संत राजाराम साहब एक बेटे के लिए, जिसने टोकरी से दो पाटा (मीठी बूंदें) निकालीं और उन्हें अपनी पत्नी को देने के लिए कहा। दादान खान के दो बेटे थे अहमद खान और नूर अहमद खान। हाल ही में नूर अहमद खान पाकिस्तान की संसद के सदस्य हैं। शादानी दरबार में दादन खान का इतना विश्वास था (यह स्पष्ट है कि विभाजन से पहले जब कांग्रेस और मुस्लिम लीग सिंध में आमने-सामने थे, संत राजाराम साहब) ने दादन खान को कांग्रेस में शामिल होने की सलाह दी थी। वह न केवल अपने आप में शामिल हो गया, बल्कि अपने पूरे समूह को कांग्रेस में ले आया। परिणामस्वरूप, उनमें से अधिकांश को विधायक के रूप में चुना गया और इस तरह पहला कांग्रेस मंत्रालय सिंध में अस्तित्व में आया। प्रमोशन की 4.FULFILLMENT: -
संत राजाराम साहब ने हमेशा इन शब्दों को उद्धृत किया। वह अपने वादे पर अडिग था।


“रघुकुल रीति सदा चलि आय
प्राण जाय पर वचन न जाय ”

एक बार जब वह अमृतरस में तीर्थ यात्रा पर थे, तो 23 फरवरी 1959 की सुबह 4 बजे संत राजाराम साहब ने अपने साथी को बताया कि उनके सतगुरु, स्वामी टेकलाललाल साहिब हज़ूरी ने अमरुतस में परमधाम के लिए अपना मृत्‍यु लोक छोड़ दिया है। इसी तरह वह भी ऐसा ही करना चाहता था। यह सुनकर सभी शिष्य ठिठक गए। वे रोने लगे और संत राजाराम साहब से विनती की कि उन्हें रास्ते में अकेला न छोड़ें। उन्होंने उसे यह भी याद दिलाया कि उसने जल्द ही वापस आने के लिए पंचायत को एक शब्द दिया था। संत राजाराम साहब ने कहा कि, हम प्रार्थना करते हैं कि हमारे जीवन को एक वर्ष से आगे बढ़ाएं और उन्हें हयात पिटाफि में वापस लाया जाए। तीन महीने के बाद, 13-3-1960 संत राजाराम ने फिर परमधाम के लिए छुट्टी की घोषणा की। इस घोषणा के बाद उनके करीबी अनुयायी भाई पंजूराम, भाई बहूराम के साथ आए और उनसे हाथ जोड़कर और आंखों में आंसू भरकर निवेदन किया। सतगुरु, मेरी बेटी और बेटे की शादियां 16 मार्च और 18 मार्च, 1960 को तय हैं। "अगर आप PARAMDHAM के लिए निकलते हैं, तो मैं उस विवाह समारोह को नहीं कर पाऊंगा। मुझ पर दया करें और कृपया अपने स्वयं के साथ जीआरटी विवाह करें। पवित्र हाथ। "दयालु संत ने उनके अनुरोध को स्वीकार कर लिया और ऐसा करने के लिए सहमत हो गए।

आखिरकार, संत राजाराम साहब ने 20-03-1960 को इस मृत्‍यु लोक को छोड़ दिया। (रात में १०.५५ बजे चैत्र मास, शुक्ल पक्ष, शादानी संवत २५२)। एक बहुत बड़े समारोह के बाद, हर साल पुण्यतिथि मनाई जाती है। भजन कीर्तन, प्रवचन और भंडारे बड़े पैमाने पर चल रहे हैं, हजारों अनुयायियों ने उनकी वर्षगांठ पर प्रार्थना की और उनसे प्रार्थना की। 

TNIS


रायपुर : देश की पहली निःशुल्क लीगल एड हेल्प लाईन नंबर ‘नालसा’ विधिक सहायता हेल्प लाईन 15100 प्रारंभ

रायपुर : देश की पहली निःशुल्क लीगल एड हेल्प लाईन नंबर ‘नालसा’ विधिक सहायता हेल्प लाईन 15100 प्रारंभ

29-Feb-2020

रायपुर : भारत की पहली निःशुल्क लीगल एड हेल्प लाईन नंबर 15100 जिला न्यायालय परिसर रायपुर में 29 फरवरी को प्रारंभ होगी। यह हेल्प लाईन कानूनी सलाह देने के लिए पूरी तरह से निःशुल्क हेल्प लाईन होगी। जिला न्यायालय में प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति न्यायमूर्ति श्री पी.आर. रामचंद्र मेनन, छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के कार्यपालक अध्यक्ष और छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर के न्यायमूर्ति श्री प्रशांत कुमार मिश्रा एवं न्यायमूर्ति श्री गौतम भादुड़ी द्वारा इस हेल्प लाईन को प्रारंभ किया जाएगा। साथ ही न्यायालय परिसर में ए.डी.आर. भवन और न्याय सदन का भूमि पूजन किया जाएगा।

जिला न्यायालय परिसर रायपुर में यह कार्यक्रम प्रातः 10 बजे प्रारंभ होगा। इस कार्यक्रम में रायपुर जिला न्यायालय के समस्त न्यायाधीशगण, अधिवक्तागण, अधिकारीगण, कर्मचारीगण उपस्थित रहेंगे। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायपुर के संयुक्त तत्वाधान में कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) के निर्देश पर रायपुर में प्रारंभ हो रही यह हेल्प लाईन भारत की पहली समेकित और प्रतिनिधित्व प्रणाली पर आधारित निःशुल्क विधिक सहायता हेल्प लाईन है, जिसकी मदद लेने वाले सभी व्यक्तियों को बेहतर ढ़ंग से विधिक सलाह और सहायता उपलब्ध करायी जाएगी। यह हेल्प लाईन प्रदेश के अन्य सभी हेल्प लाईन नंबर और विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर जरूरतमंद लोगों को यथाशीघ्र सहायता उपलब्ध कराएगी। यह हेल्प लाईन वर्तमान में सखी वन स्टॉप सेंटर और 181 महिला हेल्प लाईन के साथ संयोजित है और उनके द्वारा उपलब्ध सुविधा एवं सेवा लोगों को तुरंत उपलब्ध करायी जा सकती है।

 प्रस्तावित ए.डी.आर. भवन और न्याय सदन का निर्माण हो जाने के बाद न्यायालय आने वाले पक्षकारों को अतिरिक्त सुविधाएं उपलब्ध हो सकेगी। ‘न्याय सदन’ में निःशुल्क विधिक सेवा व सलाह एवं सहायता, लोक अदालत का आयोजन, विभिन्न प्रकार के विधिक साक्षरता शिविर आदि आयोजित किए जा सकेंगे। इस बिल्डि़ग में गरीब, असहाय, मजदूर वर्ग, तथा समाज के पिछड़ा वर्ग के लोगों के लिए तथा दूर-दराज से आने वालों लोगों के लिए रात्रिकालीन रहने की व्यवस्था रहेगी ।

इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल होंगे। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर के मुख्य न्यायाधिपति न्यायमूर्ति श्री पी.आर. रामचंद्र मेनन कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के कार्यपालक अध्यक्ष एवं उच्च न्यायालय बिलासपुर के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधिपति न्यायमूर्ति श्री प्रशांत कुमार मिश्रा एवं छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति बिलासपुर के अध्यक्ष और न्यायाधिपति न्यायमूर्ति श्री गौतम भादुड़ी कार्यक्रम में विशेष अतिथि होंगे। कार्यक्रम में जिला न्यायाधीश और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायपुर के अध्यक्ष श्री राम कुमार तिवारी, छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के सदस्य सचिव श्री सिद्धार्थ अग्रवाल एवं अमन सत्या कचरू ट्स्ट के संस्थापक प्रोफेसर श्री राजेन्द्र कचरू, जिला न्यायालय रायपुर के न्यायाधीशगण, अधिवक्तागण व कर्मचारीगण उपस्थित रहेंगे।

 
 
 

सूरजपुर : जिला शिक्षा अधिकारी ने विभाग के बाबू को रिश्वत की शिकायत पर त्वरित कार्यवाही कर किया निलंबित

सूरजपुर : जिला शिक्षा अधिकारी ने विभाग के बाबू को रिश्वत की शिकायत पर त्वरित कार्यवाही कर किया निलंबित

28-Feb-2020

TNIS

सूरजपुर : जिला षिक्षा अधिकारी श्री उपेन्द्र सिंह क्षत्री से प्राप्त जानकारी अनुसार श्री आशीष प्रताप सिंह ग्राम पंचायत भैयाथान जिला सूरजपुर (छ0ग0) से श्री जुगेश्वर प्रसाद सहायक ग्रेड-2 के द्वारा रिष्वत लेने की षिकायत प्राप्त हुई थी। जिसपर जिला षिक्षा अधिकारी के द्वारा श्री जुगेष्वर सहायक ग्रेड-02 के द्वारा रिश्वत लेते हुए विडियों के माध्यम से शिकायत सत्य होना पाया गया है। जिसपर कलेक्टर श्री दीपक सोनी के निर्देषन पर त्वरित कार्यवाही करते हुए शासकीय नियम के विरूद्व अथवा शासकीय कार्य में लापरवाही बरतने तथा अनुषासनहीनता का दोषी मानते हुए छ0ग0 सिविल सेवा (वर्गीकरण नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9 के तहत् श्री जुगेष्वर सहायक ग्रेड-02 तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।

निलंबन अवधि में जुगेश्वर प्रसाद सहायक ग्रेड-2 को मुख्यालय विकास खण्ड षिक्षा अधिकारी कार्यालय प्रेमनगर विकास खण्ड प्रेमनगर जिला सूरजपुर (छ0ग0) नियत किया गया है। निलंबित कर्मचारी को निलबंन अवधि में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।


मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा-जिन किसानों को टोकन दिए गए हैं उनका परीक्षण कर धान खरीदी की जाएगी

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा-जिन किसानों को टोकन दिए गए हैं उनका परीक्षण कर धान खरीदी की जाएगी

28-Feb-2020

रायपुर : छत्तीसगढ़ विधानसभा में  राज्यपाल सुश्री अनुसुइया उइके के अभिभाषण पर कृतज्ञता ज्ञापन पारित किया गया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने चर्चा का जवाब देते हुए एक बार दोहराया कि किसानों को धान की प्रति क्विंटल 2500 रूपए कीमत दी जाएगी। सीएम बघेल ने कहा कि जिन किसानों को टोकन दिए गए हैं उनका धान खरीदा जाएगा। हर जिले में सचिव स्तर के अधिकारी जाकर परीक्षण करेंगे और उसके बाद धान खरीदी की जाएगी।

सीएम बघेल ने बताया कि बीजापुर जिले में अब तक 48 हजार मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई, लेकिन खरीदी के अंतिम दिन 16 हजार मीट्रिक टन धान समितियों में आया। राज्य सरकार के संचित निधि का उपयोग किसानों के हित में हो बिचौलियों या दलालों के नहीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार धान खरीदी के लिए बैंकों के साथ बाजार से भी ऋण लेगी लेकिन अपने अन्नदाता किसानों को दुखी नहीं होने देगी। चर्चा का जवाब देते हुए सीएम बघेल ने कहा कि राज्यपाल ने राज्य शासन की नीतियों, नवाचारों, उपलब्धियों और जनजीवन पर पड़ने वाले उनके असर का अपने अभिभाषण में उल्लेख किया। साथ ही सदन की परंपराओं और कार्यप्रणाली की भी उन्होंने सराहना की। इसके लिए पूरा सदन उनके प्रति कृतज्ञ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ में उपलब्ध अतिरिक्त धान से बायोएथेनॉल के उत्पादन संयंत्र की स्थापना हेतु अनुमति प्रदान करने के लिए केंद्र सरकार से अनेक बार अनुरोध कर चुकी है। प्रधानमंत्री को पत्र लिखे गए, केंद्रीय कृषि मंत्री, केन्द्रीय खाद्य मंत्री और केन्द्रीय पेट्रोलियम मंत्री से मुलाकात कर अनुरोध किया गया, लेकिन एक वर्ष के लिए अनुमति प्रदान करने की बात कही गई है। यदि कोई निवेशक एक से डेढ़ सौ करोड़ रुपए का निवेश करके एक वर्ष के लिए संयंत्र लगाता है, तो यह उसके लिए लाभप्रद नहीं होगा। यदि इथेनॉल उत्पादन की अनुमति मिलती है तो किसानों को बरसात के साथ-साथ गर्मियों के धान की भी अच्छी कीमत मिलेगी, पेट्रोलियम ईंधन पर खर्च होने वाला पेट्रो डॉलर की बचत होगी और एफसीआई पर भण्डारण का दबाव भी कम होगा।
    
 उन्होंने कहा कि इस वर्ष प्रदेश में किसानों से रिकॉर्ड 83 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी समर्थन मूल्य पर की गई है। वर्ष 2018-19 में जितने किसानों ने पंजीयन कराया था उसका 92.54 प्रतिशत किसानों ने धान समर्थन मूल्य पर बेचा। इसी तरह वर्ष 2019-20 में 93.11 प्रतिशत किसानों ने धान बेचा जबकि पिछली सरकार के कार्यकाल में वर्ष 2015-16 में 83 प्रतिशत किसानों ने और वर्ष 2017-18 में केवल 76 प्रतिशत किसानों ने धान बेचा।
    
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विश्वास, विकास और सुरक्षा की नीति पर कार्य कर रही है, जिससे आदिवासियों का और आम जनता का राज्य सरकार और पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ा है। पिछले वर्ष की तुलना में नक्सली घटना 35 प्रतिशत की कमी आयी। सुरक्षाबलों की शहादत में 62 प्रतिशत की कमी और आम नागरिकों की हत्या के मामले में 48 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। पिछले एक वर्ष में बड़े नक्सली या तो मुठभेड़ में मारे गए या उन्होंने आत्म समर्पण किया। प्रदेश में हुई अपहरण की घटनाओं को पुलिस ने तत्परता के साथ हल किया। रायपुर में हुई अपहरण की घटना पर पुलिस की सफल कार्रवाई की पूरे देश में सराहना की जा रही है, श्री बघेल ने इसके लिए छत्तीसगढ़ पुलिस की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों में विश्वास की बहाली के लिए बस्तर के लोहांण्डीगुड़ा के दस गांवों में 1700 किसानों को 4200 एकड़ जमीन वापस की गयी। तेन्दूपत्ता संग्रहण की दर बढ़ाकर 4000 रूपए प्रति मानक बोरा की गई और शासकीय दर पर खरीदी की जाने वाली लघु वनोपजों की संख्या 8 से बढ़ाकर 22 की गई। जेलों में बंद निरपराध आदिवासियों को रिहा करने के लिए जस्टिस पटनायक की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई है।
    
सीएम बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में 40 प्रतिशत परिवार गरीबी की रेखा के नीचे जीवन-व्यापन करते हैं। 37 प्रतिशत बच्चे कुपोषित हैं और 41 प्रतिशत से अधिक महिलाओं को एनीमिया है। आदिवासी बहुल क्षेत्रों और विशेषकर दंतेवाड़ा जिले में यह प्रतिशत इससे कहीं ज्यादा है। राज्य सरकार ने कुपोषण दूर करने के लिए मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान की शुरूआत की है। इसी तरह मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लिनिक योजना के माध्यम से दूरस्थ अंचलों में स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचायी जा रही है। डीएमएफ की राशि का उपयोग अब प्रभावित क्षेत्रों के लोगों के जीवन स्तर में सुधार की योजनाओं में किया जाएगा। ताड़मेटला और जगरगुण्डा जैसे घोर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में 13 वर्षों से बंद स्कूल फिर प्रारंभ हुए जहां 305 बच्चे पढ़ रहे हैं। राज्य सरकार आदिवासी अंचलों में शिक्षा रोजगार और स्वास्थ्य की बेहतर व्यवस्था कर रही है। आदिवासियों और परंपरागत रूप से वनों में निवास करने वाले लोगों को जिनका वर्ष 2005 के पहले से कब्जा है उन्हें वनभूमि के पट्टे देने की शुरूआत फिर से की जाएगी। पंचायत चुनावों के दौरान विशेष रूप से दंतेवाड़ा और सुकमा इलाकों में एक भी नक्सली घटना नहीं हुई। चुनाव का कार्य उत्सव के माहौल में सम्पन्न हुआ। विभिन्न अपराधों में भी कमी दर्ज की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में किसान, व्यापारी और उद्योगपति सभी सुखी हैं। उन्होंने कहा कि मार्च माह में ऑटोमोबाइल क्षेत्र में 27 प्रतिशत, रीयल इस्टेट के क्षेत्र में डेढ़ गुनी, टेक्सटाइल में 30 प्रतिशत, जेम्स और ज्वेलरी के क्षेत्र में 84 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। प्रदेश में किसानों का धान की खेती के तरफ रूझान बढ़ा है। इस बार ढाई लाख से अधिक किसानों ने समर्थन मूल्य पर धान विक्रय के लिए रजिस्ट्रेशन कराया। श्री बघेल ने विपक्ष से आग्रह किया कि वे केन्द्र से छत्तीसगढ़ के सभी किसानों को किसान सम्मान निधि की पूरी राशि दिलाने के लिए पहल करे। इस योजना के लिए छत्तीसगढ़ के 23 लाख किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया। इसमें से 19 लाख किसानों को प्रथम किश्त तथा 18 लाख किसानों को द्वितीय किश्त की राशि मिल पायी है। अभी तक मात्र 78 हजार किसानों को इस योजना की पूरी राशि छह हजार रूपए मिले है।
    
सीएम बघेल ने हाल ही के अपने हार्वर्ड  और अमेरिका के दौरे का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे छत्तीसगढि़यों का स्वाभिमान बढ़ा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय कृषि कर्मण पुरस्कार, पंचायत एवं ग्रामीण विकास के क्षेत्र में 22 पुरस्कार, मनरेगा में 7, प्रधानमंत्री आवास योजना में 9 पुरस्कार मिले। आकांक्षी जिलों में छत्तीसगढ़ का सुकमा जिला अव्वल रहा। कुपोषण मुक्ति में कोण्डागांव अव्वल रहा। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग के क्षेत्र में स्टॉर्ट-अप में छत्तीसगढ़ पुरस्कृत हुआ है।  

    मुख्यमंत्री श्री बघेल ने अपने भाषण में संत कवि पवन दीवान की कविता भी पढ़ी:-

ओ दुनिया के पापी लोगों
मेरी गंगा में स्नान करो
मेरे सुख से है जलन अगर
चुल्लू भर जल में डूब मरो
मेरी मां-बहनों के सिर पर
यह शांति सत्य की गागर है
खारी मीठी नदियां मिलतीं
मेरा भारत एक सागर है
हम कालजयी हैं, वीर पुरूष
चलता रहता है यज्ञ-समर
हम राम, युद्ध करके हमसे
कितने रावण हो गये अमर
वेदान्त हमारा स्वाभिमान
शिष्टता हमारी सीता है
हर शब्द हमारा सिद्ध मन्त्र
हर सांस हमारी गीता है

 
 
 

बलरामपुर : छात्रा से रेप के मामले में टीआई सहित 7 पुलिस वालों को किया गया निलंबित

बलरामपुर : छात्रा से रेप के मामले में टीआई सहित 7 पुलिस वालों को किया गया निलंबित

27-Feb-2020

बलरामपुर : जिले में छात्रा से रेप के मामले में टीआई सहित 7 पुलिस वालों को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री के निर्देश पर की गई है बता दें कि विधानसभा में बलरामपुर जिले के ग्राम टांगरमहरी में एक बालिका के साथ हुए बलात्कार का मामला ध्यानाकर्षण के माध्यम से उठाया गया था और लापरवाही बरतने वाले पुलिसवालों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की थी। पीसीसी चीफ मोहन मरकाम, शैलेश पांण्डेय ने भी दोषी अफ़सरों पर कार्रवाई करने की मांग की थी।  जिन पुलिस वालों को निलंबित किया गया है उनमे उमेश बघेल टीआई बलरामपुर, अखिलेश सिंह एसआई बलरामपुर, के पी सिंह एसआई बलरामपुर, जोहन टोपो आरक्षण बलरामपुर, सुधीर सिंह आरक्षक साइबर सेल, अजय प्रजापत आरक्षक, शशि तिर्की महिला आरक्षक शामिल है ।

 
 
 

रायपुर : उद्योग के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले राज्यों में छत्तीसगढ़ दूसरे नम्बर पर, मंत्री कवासी लखमा को केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी ने दिया अवार्ड

रायपुर : उद्योग के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले राज्यों में छत्तीसगढ़ दूसरे नम्बर पर, मंत्री कवासी लखमा को केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी ने दिया अवार्ड

27-Feb-2020

रायपुर : उद्योग के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले राज्यों में छत्तीसगढ़ को दूसरे नम्बर का राज्य घोषित किया गया है । इसके लिए मंत्री कवासी लखमा को केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी ने अवार्ड दिया है। अवार्ड लेकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पास पहुंचे मंत्री कवासी लखमा ने यह अवार्ड मुख्यमंत्री को सौंपा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस अवार्ड के लिए बधाई दी है । इस अवसर पर मंत्री लखमा ने कहा अवार्ड मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कुशल नेतृत्व का नतीजा है।

 
 
 

रायपुर : सामूहिक कन्या विवाह समारोह में 518 जोड़े बंधे परिणय सूत्र में : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नव दम्पत्तियों को दिया आशीर्वाद

रायपुर : सामूहिक कन्या विवाह समारोह में 518 जोड़े बंधे परिणय सूत्र में : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नव दम्पत्तियों को दिया आशीर्वाद

26-Feb-2020

रायपुर : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की उपस्थिति में आज साईंस कॉलेज मैदान में नव दम्पत्तियों ने सात वचनों के साथ कुपोषण और कन्या भ्रूण हत्या रोकने की शपथ ली। मुख्यमंत्री ने सामूहिक कन्या विवाह समारोह में सभी नवदम्पत्तियों को आशीर्वाद दिया। इस अवसर पर 518 कन्याओं का विवाह सम्पन्न हुआ। मुस्लिम और इसाई धर्म के तीन-तीन जोड़ों का भी मौलवी और पादरी ने अपने-अपने रीति-रिवाज से विवाह सम्पन्न कराया। इन जोड़ों के साथ चार दिव्यांग जोड़ों ने भी सामूहिक विवाह में सात फेरे लेकर जीवन भर साथ रहने का वचन दिया। नव दम्पत्तियों ने सात फेरों और सात वचनों के साथ ही भू्रण हत्या का विरोध, बेटी के प्रति भेद-भाव नहीं करने, बेटी का स्वाभिमान एवं गौरव बनाए रखने की भी शपथ ली। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नवविवाहितों को बधाई और शुभकामनाएं दी और उनके सुखमय जीवन की कामना की। मुख्यमंत्री ने अपने उद्बोधन में कहा कि सामूहिक विवाह एक पुनीत कार्य है।

हर माता-पिता को अपने बच्चों की शादी की चिंता होती है। आज के समय में शादी में लाखों रूपए खर्च हो जाते हैं। माता-पिता को शादी के लिए उपयुक्त वर-वधु मिलने के साथ ही शादी के खर्च की चिंता रहती है। सामूहिक विवाह योजना के माध्यम से कम खर्चे में शादी की सामग्री, पण्डाल, भोजन के साथ ही विधिवत तरीके से विवाह संस्कार सम्पन्न हो जाता है। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेंडि़या, राज्यसभा सांसद श्रीमती छाया वर्मा, विधायकगण, महापौर ने भी नव दम्पत्तियों को बधाई और शुभकामनाएं दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में कभी भी दहेज प्रथा नहीं रही है। आशीर्वाद स्वरूप टिकावन के रूप में वधु के नये दाम्पत्य जीवन की शुरूआत के लिए जरूरी सामग्री दी जाती है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा 15 हजार रूपए को बढ़ाकर 25 हजार रूपए कर दिया गया है। इस राशि से 20 हजार की उपहार सामग्री तथा पांच हजार रूपए विवाह आयोजन व्यवस्था पर खर्च की जाती है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सभी जोड़ों को एक-एक पौधा, सुपोषण टोकरी, एक हजार रूपए का चेक सहित अनिवार्य विवाह पंजीयन प्रमाण पत्र और दैनिक जीवन के उपयोगी की सामग्री भी प्रदान किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ी हाना ‘घर बना के देख, बिहाव करके देख’ कहते हुए विवाह को एक जिम्मेदारी बताया।

मुख्यमंत्री ने सामूहिक विवाह को लेकर नजरिया और भाव बदलने की जरूरत पर बल देते हुए कहा कि ‘सोच बदलो सितारे बदल जाते हैं, नजरे बदलो नजारे बदल जाते हैं’। मुख्यमंत्री ने सामाजिक बुराईयों के खिलाफ जन चेतना लाने तथा पूरी रस्मों-रिवाज एवं वैदिक मंत्रों के साथ शादी सम्पन्न कराने पर गायत्री परिवार को बधाई और शुभकामनाएं दी।
    
महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेंडि़या ने वर-वधुओं को नये जीवन की शुरूआत के लिए आशीर्वाद देते हुए मंगलकामना की। श्रीमती भेंडि़या ने कहा कि विवाह में होने वाले व्यापक खर्च और व्यवस्था की जरूरत होती है। इस देखते हुए सीएम भूपेश बघेल ने वर्ष 2002 में रायपुर के आर.डी. तिवारी स्कूल में 22 जोड़ों की शादी कराकर सामूहिक विवाह की शुरूआत की थी। उन्होंने 2003 में सेलूद में 27 जोड़ों का विवाह करवाया। सामूहिक विवाह की महत्ता को देखते हुए मुख्यमंत्री सीएम भूपेश बघेल ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना की राशि को बढ़ाकर 25 हजार रूपए कर दिया है। इसी तरह दिव्यांग जोड़ों के विवाह पर दी जानी वाली राशि को बढ़ाकर एक लाख रूपए कर दिया है। श्रीमती भेंडि़या ने नव विवाहितों से कुपोषण मुक्त स्वस्थ छत्तीसगढ़ बनाने में योगदान देने की अपील की।
    
राज्य में पहली बार सामूहिक विवाह स्थल पर ही जोड़ों का विवाह पंजीयन नगर निगम रायपुर द्वारा किया गया। इस अवसर पर विधायक सर्वश्री कुलदीप जुनेजा, विकास उपाध्याय, श्रीमती अनिता योगेन्द्र शर्मा, श्रीमती संगीता सिन्हा, सुश्री शकुंतला साहू, श्रीमती ममता चन्द्राकर, श्रीमती रश्मि सिंह, पूर्व महापौर श्रीमती किरणमयी नायक, महिला एवं बाल विकास विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी एवं संचालक जन्मेजय महोबे, कलेक्टर डॉ. एस. भारतीदासन, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  आरिफ शेख सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और वर-वधुओं के परिजन उपस्थित थे।

 
 
 

बलरामपुर : पारिवारिक विवाद के बाद एक माँ ने अपनी दो बच्चों के साथ कुएं में छलांग लगाकर दे दी जान, तीनो की मौत

बलरामपुर : पारिवारिक विवाद के बाद एक माँ ने अपनी दो बच्चों के साथ कुएं में छलांग लगाकर दे दी जान, तीनो की मौत

26-Feb-2020

बलरामपुर से एक बड़ी खबर आ रही है मीडिया रिपोर्टो में आ रही खबरों के अनुसार जिले के पंडरी गांव में पारिवारिक विवाद के बाद एक माँ ने अपनी दो बच्चों के साथ कुएं में छलांग लगा दी जिससे तीनो की ही मौत हो गई विवाद की वजह क्या थी इसका खुलासा अभी नहीं हो पाया है पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की कार्रवाई कर रही है।


स्वर्गीय श्रीमती देवेन्द्र कुमारी सिंहदेव के नाम पर अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज का नामकरण किया जाएगा : श्री भूपेश बघेल

स्वर्गीय श्रीमती देवेन्द्र कुमारी सिंहदेव के नाम पर अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज का नामकरण किया जाएगा : श्री भूपेश बघेल

25-Feb-2020

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज विधानसभा सदन में अविभाजित मध्यप्रदेश की पूर्व मंत्री तथा सरगुजा राजमाता स्वर्गीय श्रीमती देवेन्द्र कुमारी सिंहदेव के नाम पर अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज का नामकरण करने की घोषणा की। सदन में आज स्वर्गीय श्रीमती देवेन्द्र कुमारी सिंहदेव को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की गई। सदन की कार्यवाही प्रारंभ होते ही विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास मंहत ने स्वर्गीय श्रीमती सिंहदेव के व्यक्तित्व और कृतित्व की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वर्ष 1972 और 1980 में वे सरगुजा और कोरिया विधानसभा क्षेत्र से मध्यप्रदेश विधानसभा के लिए विधायक निर्वाचित हुई। उन्होंने वित्त राज्य मंत्री और लघु सिंचाई मंत्री का दायित्व संभाला। उन्होंने मध्यप्रदेश और तत्कालीन सरगुजा के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। सरगुजा क्षेत्र के विकास की आधारशिला उन्होंने रखी। उन्होंने जनता से जुड़कर सादगी के साथ जनता की सेवा की। उनकी सहजता, सरलता और मिलनसारिता हम सब के लिए अनुकरणीय है। डॉ. महंत ने कहा कि उनका स्नेह हम सब को हमेशा मिलता रहा।

    मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि स्वर्गीय श्रीमती देवेन्द्र कुमारी सिंहदेव का निधन हम सबके लिए अपूरणीय क्षति है। वे राज परिवार तक ही समिति नहीं रहीं। उन्होंने आम जनता से जुड़कर सरगुजा, छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश को अपना परिवार समझा और इन क्षेत्रों के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने किसान, मजदूर और आदिवासियों का दुख बांटने का काम किया। वे एक कुशल संगठक भी थी। श्री बघेल ने कहा कि हम सब को उनका मार्गदर्शन और स्नेह हमेशा मिलता रहा। नेता प्रतिपक्ष श्री धरमलाल कौशिक ने कहा कि स्वर्गीय श्रीमती सिंहदेव ने किसानों औैर गरीबों के लिए काम किया। उनके कार्यकाल में सिंचाई और कृषि योजनाओं का विकास हुआ। संसदीय कार्य मंत्री श्री रविन्द्र चौबे ने कहा कि स्वर्गीय श्रीमती सिंहदेव का राजनीतिक, सामाजिक और प्रशासनिक क्षेत्र में अतुलनीय योगदान रहा। श्री चौबे ने कहा कि उनका मार्गदर्शन हम सबको हमेशा मिला। उन्होंने अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज का नामकरण स्वर्गीय श्रीमती सिंहदेव के नाम पर करने का मुख्यमंत्री से आग्रह किया। सदन में पूर्व मुख्यमंत्री श्री अजीत जोगी, पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, गृह मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू, स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह, वन मंत्री मोहम्मद अकबर, नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया, खाद्य मंत्री श्री अमरजीत भगत, सर्वश्री अजय चन्द्राकर, मोहन मरकाम, धरमजीत सिंह, केशव चन्द्रा, बृजमोहन अग्रवाल, अरूण बोरा, शैलेष पाण्डेय, श्रीमती अंबिका सिंहदेव, रामकुमार यादव, शिव रतन शर्मा, विकास उपाध्याय, धनेन्द्र साहू और सौरभ सिंह ने अपने विचार व्यक्त किए। सदन में दो मिनट का मौन रखकर स्वर्गीय श्रीमती सिंहदेव को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

 

धमतरी : युवक ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, पुलिस जांच में खुलासा मामला प्रेम प्रसंग का

धमतरी : युवक ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, पुलिस जांच में खुलासा मामला प्रेम प्रसंग का

22-Feb-2020

धमतरी जिले के गुरूर थाना क्षेत्र के चिटोद गांव में आज शनिवार (22 फरवरी) को एक युवक ने नर्सरी में फांसी लगाकर अपनी जान दे दी पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि युवक का गांव की एक नाबालिग छात्रा से प्रेम प्रसंग था उनके प्रेम प्रसंग की बात दोनों के घरवालों तक पहुंच चुकी थी जिसे लेकर दोनों पक्षों में खूब विवाद भी हुआ था युवक और युवती ने साथ में मरने की ठानी जिसके बाद आज दोनों ही नर्सरी पहुंचे हुए थे लेकिन युवती ने अपना विचार बदलते हुए ऐसा न करने को कहा जिसके बाद युवक ने युवती को उसके घर छोड़ा और खुद नर्सरी में आकर फांसी के फंदे पर झूल गया युवक का नाम ताम्रध्वज ठाकुर है, जो फागुनदाह गांव का निवासी बताया जा रहा है पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है. 

 


दंतेवाड़ा : पहाड़ी में मिला शर्ट-पेंट पहना हुआ नरकंकाल, क्षेत्र में मचा हड़कंप

दंतेवाड़ा : पहाड़ी में मिला शर्ट-पेंट पहना हुआ नरकंकाल, क्षेत्र में मचा हड़कंप

22-Feb-2020

दंतेवाड़ा जिले के भांसी थाना क्षेत्र के उर्रेपाल के पहाड़ी रास्ते में पेंट-शर्ट पहना हुआ एक नरकंकाल बरामद हुआ है जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है बताया जा रहा है कि बीते दिन शुक्रवार को श्रद्धालु भगवान शंकर और गणेश की प्रतिमा के दर्शन के लिए पहाड़ी पर गए थे। इसी दौरान रास्ते में नाले के पास नरकंकाल देखा। इसकी सूचना उन्होंने पुलिस को दी पुलिस आज शनिवार की सुबह बताए घटनास्थल पर पहुंची शव को पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। आसपास के थानों में गुमसुदगी की तस्दीक कराई जा रही है। पुलिस ने शव को पीएम रिपोर्ट के लिए भेजा है रिपोर्ट के बाद ही इस बारे में कुछ जानकारी मिल पाएगी

Dantewada : श्रद्धालुओं को रास्ते में दिखा पेंट शर्ट पहना नरकंकाल, यहां सुनसान पहाड़ी पर शिवमंदिर, इलाके में सनसनी


राजनांदगांव : स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का ग्राहक सेवा केन्द्र खोल कर लगभग तीन हजार ग्रामीणों से 1 करोड़ की ठगी

राजनांदगांव : स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का ग्राहक सेवा केन्द्र खोल कर लगभग तीन हजार ग्रामीणों से 1 करोड़ की ठगी

21-Feb-2020

राजनांदगांव जिले से एक बड़ी खबर आ रही है जहाँ स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का ग्राहक सेवा केन्द्र खोल कर लगभग 1 करोड़ रूपये का गबन किया है मीडिया में आ रही खबरों के मुताबिक जिले के  लालबाग थानाक्षेत्र के बखत रेंगाकठेरा में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया SBI का ग्राहक सेवा केंद्र स्थित है जिसमे 3000 हजार हितग्राहियों ने अपना रकम जमा किया था ग्राहकों के इन राशियों को कर्मचारियों-अधिकारीयों ने गबन कर लिया इसका खुलासा तब हुआ जब गांव की एक महिला अपने अकाउंट से पैसा निकालने भारतीय स्टेट बैंक के ग्राहक सेवा केंद्र पहुंची. तब उसे पता चला कि उसके खाते में एक भी पैसा नहीं है महिला ने इस बात की सूचना गांव के लोगों को दी जिसके बाद सभी ने बैंक जाकर रकम जांची जिसमे उनके खाते में जीरो अमाउंट नजर आया जिसके बाद लोगों ने हंगामा मचाना शुरू कर दिया ग्रामीणों ने इसकी सूचना सम्बन्धित पुलिस थाना में दी है. पुलिस ने इस मामले में ग्राहक सेवा केंद्र के मुख्य संचालक ईश्वर डोंगरे को गिरफ्तार कर लिया है. बताया जा रहा है कि  नवीनीकरण के नाम पर पास बुक को जमा कराया गया था। इसके बाद राशि गबन करने का खेल खेला गया है। फिलहाल, मामले की जांच पुलिस कर रही है.