तेजप्रताप यादव गुट के उम्मीदवार अंगेश कुमार सिंह का नामांकन रद्द

तेजप्रताप यादव गुट के उम्मीदवार अंगेश कुमार सिंह का नामांकन रद्द

25-Apr-2019

नई दिल्लीः लोकसभा चुनाव 2019 के बीच तेजप्रताप यादव को बड़ा झटका लगा है. बिहार के शिवहर लोकसभा सीट से तेजप्रताप यादव गुट के उम्मीदवार अंगेश कुमार सिंह का नामांकन रद्द हो गया है. नामांकन रद्द होने के बाद अंगेश ने इसे साजिश करार दिया है. अंगेश सिंह ने कहा कि वह इस मामले को लेकर हाई कोर्ट में जाएंगे. दरअसल, अंगेश सिंह ने नामाकंन पत्र में उस कॉलम में भी क्रॉस का निशान लगा दिया था जिसे खाली छोड़ना होता है. क्रॉस को आधार बनाते हुए अधिकारी उनका पर्चा रद्द कर दिया. अंगेश सिंह के अलावा यहां से अन्य 8 उम्मीदवारों का नामांकन रद्द हुआ है.

पूर्वी चम्पारण के जिला निर्वाची पदाधिकारी ने बताया कि नामाकंन पत्रों की जांच के दौरान शिवहर से आठ प्रत्याशियों के नामाकंन पत्रों में गलती और कागजातों में कमी पाई गई. शिवहर से 26 प्रत्याशियों ने नामांकन पत्र दाखिल किया था. 8 प्रत्याशियों के नामांकन रद्द होने के बाद अब यहां मैदान में कुल 18 उम्मीदवार मैदान में बचे हैं. अभी तक किसी भी प्रत्याशियों ने नामांकन पत्र वापस नहीं लिया है. नाम वापस लेने का आज आखिरी दिन है. अंगेश के नामांकन में खुद तेज प्रताप भी पहुंचे थे और वहां अपने उम्मीदवार के लिए लोगों से वोट देने की अपील की थी. अंगेश की ओर से आयोजित रोड शो में भी तेज प्रताप साथ थे. ऐसे में उनका नामांकन रद्द होना तेज प्रताप के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है.

बता दें कि पारिवारिक कारणों से तेज प्रताप यादव शिवहर और जहानाबाद की सीट अपने दोस्त के लिए मांग रहे थे. वह चाहते थे कि शिवहर सीट से आरजेडी के टिकट पर अंगेश को उतारा जाए जबकि जहानाबाद सीट से चंद्रप्रकाश को टिकट दिया जाए. हालांकि, पार्टी ने शिवहर से सैयद फैलस अली को टिकट दिया है जबकि जहानाबाद में पार्टी ने फिर से सुरेंद्र यादव पर भरोसा जताया है. शिवहर में छठे चरण में 12 मई जबकि जहानाबाद में सांतवें चरण में 19 मई को मतदान है. राज्य में कुल 40 लोकसभा सीट हैं. यहां से आरजेडी 19 सीटों पर चुनाव लड़ रही है जबकि अन्य सीटें गठबंधन सहयोगियों को दिया है. गठबंधन में कांग्रेस 9, आरएलएसपी 5, हम 3, वीआईपी 3 और सीपीएमएल 1 सीटों पर चुनाव लड़ रही है.


प्रज्ञा ठाकुर का नामांकन खारिज होने का संकट ! बीजेपी ने भोपाल में उतारा 'डमी' कैंडिडेट

प्रज्ञा ठाकुर का नामांकन खारिज होने का संकट ! बीजेपी ने भोपाल में उतारा 'डमी' कैंडिडेट

24-Apr-2019

भोपाल: भारतीय जनता पार्टी की भोपाल से उम्मीदवार प्रज्ञा सिंह ठाकुर के खिलाफ पुलिस के एफआईआर दर्ज होने के एक दिन बाद भोपाल के मौजूदा सांसद आलोक संजर ने अपना नामांकन दाखिल किया। उन्होंने 'डमी' उम्मीदवार के तौर पर अपना नामांकन मंगलवार को दाखिल किया। नियमों के मुताबिक अगर किसी पार्टी के पहले उम्मीदवीर का नामांकन किन्हीं वजहों से खारिज हो जाता है तो पार्टी के 'डमी' उम्मीदवार को पार्टी का चुनाव चिह्न मिल जाता है। 

टीवी 9 को दिए गए इंटरव्यू में प्रज्ञा ठाकुर ने साल 1992 में बाबरी मस्जिद विध्वंस में अपनी भूमिका को लेकर बयान दिया है। इसी टिप्पणी को लेकर चुनाव आयोग ने प्रज्ञा ठाकुर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा पूर्व महाराष्ट्र एटीएस के प्रमुख हेमंत करकरे पर उनकी विवादित टिप्पणी को लेकर एक रिपोर्ट चुनाव आयोग के पैनल को भेजी गई है। सोमवार को प्रज्ञा ठाकुर ने बीजेपी के उम्मीदवार के तौर अपना नामांकन भरा था। उन्होंने शुभ समय का हवाला देते हुए इस दिन नामांकन किया था। लेकिन मंगलवार को उन्होंने एक रोड शो निकाला। इसमें मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, कई कार्यकर्ता और कुछ धार्मिक कार्यकर्ता मौजूद थे। 

प्रज्ञा ठाकुर के कागजी कार्रवाई पूरी करने के थोड़ी देर बाद मंगलवार को भोपाल के मौजूदा सासंद आलोक संजर ने 'डमी' उम्मीदवार के तौर पर नामांकन दाखिल किया। संजर ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा कि उन्होंने डमी' उम्मीदवार के तौर पर नामांकन सिर्फ एहितायत के तौर पर किया है। उन्होंने दावा किया कि साल 2014 में जब उन्होंने अपना नामांकन दाखिल किया था, तब भी ऐसा ही हुआ था। लेकिन उनसे जब विस्तार से इस बारे में पूछा गया तो वो 'डमी' उम्मीदवार का नाम नहीं बता सके। 


साध्वी प्रज्ञा ठाकुर का बचाव करते हुए बाबा रामदेव ने कहा ,साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के साथ बहुत अन्याय हुआ है!

साध्वी प्रज्ञा ठाकुर का बचाव करते हुए बाबा रामदेव ने कहा ,साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के साथ बहुत अन्याय हुआ है!

23-Apr-2019

नई  दिल्ली :योग गुरु स्वामी रामदेव ने मुंबई हमले में शहीद हुए आईपीएस अधिकारी हेमंत करकरे को श्राप देने संबंधी बयान देने पर घिरी भोपाल से भाजपा प्रत्याशी साध्वी प्रज्ञा ठाकुर का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के साथ बहुत अन्याय हुआ है।
केवल आशंका के आधार पर किसी को गिरफ्तार कर प्रताड़ित किया जाना उचित नहीं है। उन्होंने प्रज्ञा ठाकुर द्वारा हेमंत करकरे के संबंध में की गई टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर यह बात कही। स्वामी रामदेव ने कहा कि जिस समय प्रज्ञा ठाकुर और उनके साथियों को गिरफ्तार किया गया था।
जांच और जेल में रखे जाने के दौरान उन्हें बहुत ज्यादा प्रताड़ित किया गया। वह मौत के मुंह से निकलकर आई हैं। उन्होंने कहा कि मीडिया को भी दोनों पक्ष पर ध्यान देना चाहिए। साध्वी प्रज्ञा ने जो कहा उसे तो देखें ही, लेकिन उनके साथ जो बीता और उन्होंने जो बर्दाश्त किया उस पक्ष को भी देखें।
अमर उजाला पर छपी खबर के अनुसार, हरिद्वार में एक कार्यक्रम में शिरकत करने के दौरान अपने संबोधन में स्वामी रामदेव ने कहा कि पाकिस्तान ने देश को आतंकवाद दिया है लेकिन पतंजलि योगपीठ ने भविष्य में विकास की राह दिखाई है।
उन्होंने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज द्वारा कुछ समय पूर्व दिए गए उस वक्तव्य का जिक्र किया जिसमें सुषमा स्वराज ने कहा था कि पाकिस्तान ने देश को आतंकवाद दिया है। हमनें आईएमएम और आईआईटी जैसे प्रतिष्ठान दिए हैं।

 


पत्रकार राजू लामाा को अखिल भारतीय पत्रकार एवम् संपादक एसोसिएशन ने किया नोमिनेशन

पत्रकार राजू लामाा को अखिल भारतीय पत्रकार एवम् संपादक एसोसिएशन ने किया नोमिनेशन

21-Apr-2019

रायपुर । नेपाल भारत पत्रकार मंच के अध्यक्ष और नेपाल के वरिष्ठ पत्रकार राजू लामा को पुरस्कृत करने को अखिल भारतीय पत्रकार एवम् संपादक एसोसिएशन ने नोमिनेशन किया है।

नेपाल और भारत के पत्रकारिता जगत में पहुचाये योगदान को कदर करते हुए लामा को पुरस्कृत करने को नोमिनेशन किया है ।

भारत के छत्तीसगढ़ राज्य रायपुर में जून 2 तारीख मे लामा को संमानित किया जाएगा । इसके अलावा एसोसिएशन ने कहीं लोगों को भी बिबिध क्षेत्र से नोमिनेशन किया है । 

उन लोगों को भी एसोसिएशन संमानित करेगा । कार्यक्रम में भारत के विशिष्ट लोगों की उपस्थिति रहेगी ।

एसोसिएशन के महासचिव आशिष मिश्रा ने कार्यक्रम की तयारियो के बारे मे जानकारी देते हुए भव्य और सभ्य रुप मे सफलता पुर्वक संपन्न करने को लगे हुए दावा किया है ।


ईवीएम तोड़ने के आरोप में BJP उम्मीदवार गिरफ्तार

ईवीएम तोड़ने के आरोप में BJP उम्मीदवार गिरफ्तार

20-Apr-2019

नई दिल्ली : बीजेपी के एक उम्मीदवार को ईवीएम तोड़ने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है. मामला ओडिशा के गंजाम जिले का है. यहां बृहस्पतिवार को दूसरे चरण के मतदान के दौरान सोरादा विधानसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार नीलमणि बिसोई ने अपने समर्थकों के साथ कथित रूप से सोरादा थानांतर्गत रेनती गांव में एक मतदान केन्द्र में प्रवेश किया और मतदान अधिकारियों को अपने कर्तव्य का निर्वहन करने से रोका.

पुलिस ने कहा घटना मतदान खत्म होने से एक घंटे पहले हुई, तब तक उस मतदान केन्द्र के कुल 539 में से 414 मतदाता वोट दे चुके थे. बिसोई को मतदान केन्द्र के पीठासीन अधिकारी पीके जेना और असका के अनुविभागीय पुलिस अधिकारी सूर्यमणि प्रधान से शिकायत मिलने के बाद गिरफ्तार किया गया. कलेक्टर-सह-जिला निर्वाचन अधिकारी विजय अमृता कुलंगे ने कहा, "ईवीएम को पूरी तरह तोड़ दिया गया. हमने मतदान केन्द्र के पीठासीन अधिकारी की रिपोर्ट को मुख्य निर्वाचन अधिकारी को भेज दिया है. 

उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग मतदान केन्द्र पर दोबारा चुनाव कराने पर अंतिम फैसला लेगा. नीलमणि के भाई बसंत कुमार बिसोई ने हालांकि दावा किया कि सत्ताधारी बीजू जनता दल के कार्यकर्ताओं ने ईवीम को तोड़ा ना कि नीलमणि ने. ओडिशा में लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ हो रहे हैं.  इससे पहले आंध्र प्रदेश में जन सेना पार्टी के एक उम्मीदवार ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के लिए हो रहे मतदान के दौरान ईवीएम मशीन को तोड़ दिया था, इसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया.

पुलिस ने बताया कि मधुसूदन गुप्ता नाम के उम्मीदवार ने अनंतपुर जिले की गुंटाकल विधानसभा सीट के एक पोलिंग बूथ में ईवीएम को उठाकर जमीन पर फेंक दिया. न्यूज एजेंसी आईएएनएस की रिपोर्ट के मुताबिक गुप्ता गुट्टी में पोलिंग बूथ पर अपना वोट डालने आए थे, वहां पर वह चुनाव कर्मचारियों पर गुस्सा हो गए, क्योंकि उनका कहना था कि ईवीएम में संसदीय और विधानसभा सीट सही से नहीं दिख रही थी.

साभार : KHABAR.NDTV से 


पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त बोले, पीएम मोदी और EC ने छवि सुधारने का मौका गंवा दिया

पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त बोले, पीएम मोदी और EC ने छवि सुधारने का मौका गंवा दिया

19-Apr-2019

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हेलीकॉप्टर की कथित रूप से जांच करने वाले अधिकारी के निलंबन का मामला बढ़ता दिखाई दे रहा है. अब पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त डॉ. एसवाई कुरैशी ने इस मामले में बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा, 'पीएम मोदी के हेलीकॉप्टर की जांच करने वाले अफसर का निलंबन दुर्भाग्यपूर्ण तो है ही, साथ ही पीएम और चुनाव आयोग ने अपनी छवि को सुधारने का एक मौका भी गंवा दिया'. कुरैशी ने आगे कहा, 'इन दोनों संस्थाओं की जनता के प्रति जवाबदेही है, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी लगातार चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन कर रहे हैं और चुनाव आयोग इसे बार-बार नजर अंदाज कर रहा है. पीएम के हेलीकॉप्टर की जांच को इस तरीके से लिया जाना चाहिए था कि कानून सबके लिए बराबर है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ'. 

पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त डॉ. एसवाई कुरैशी ने आगे ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक के हेलीकॉप्टर की तलाशी का जिक्र करते हुए कहा कि, 'उन्होंने जिस धैर्य और सज्जनता परिचय दिया, वह काबिलेतारीफ है. हर नेता को वैसा ही व्यवहार करना चाहिए'. दूसरी तरफ, बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी डॉ. एसवाई कुरैशी की बातों के समर्थन में ट्वीट कर चुनाव आयोग को निशाने पर लिया. मायावती ने आयोग पर सवाल खड़े करते हुए कहा, 'चुनाव आयोग के पास ऐसा कौनसा अधिकार है जिससे पीएम के विमान की तलाशी पर रोक है व ऐसा करने पर आईएएस पर्यवेक्षक को निलम्बित कर दिया गया. बीएसपी पूर्व सीईसी  कुरैशी की बातों से सहमत है कि ऐसी कार्रवाई अनुचित है. आयोग को निष्पक्ष काम करना चाहिए ना कि पीएम मोदी को हर प्रकार की खुली छूट मिले'.


बारिश से तबाही पीएम मोदी ने सिर्फ गुजरात के लिए किया मुआवजे का एलान, कमलनाथ बोले एमपी का क्या ?

बारिश से तबाही पीएम मोदी ने सिर्फ गुजरात के लिए किया मुआवजे का एलान, कमलनाथ बोले एमपी का क्या ?

17-Apr-2019

नई दिल्ली: मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, बिहार और नई दिल्ली के कई इलाकों में आज भी भारी बारिश और आंधी तूफान से लोगों को सामना करना पड़ सकता है. बारिश की वजह से अब तक इन राज्यों में 35 लोगों की मौत हो चुकी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जानमाल के नुकसान पर गहरा दुख जताया है और गुजरात के लोगों के लिए मुआवजे की घोषणा की है. इसी बात पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ऐतराज जताया है. कमलनाथ ने ट्वीट कर कहा कि आप देश के पीएम हैं न कि केवल गुजरात के.

उन्होंने कहा, ''मोदी जी , आप देश के पीएम ना कि गुजरात के. एमपी में भी बेमौसम बारिश व तूफ़ान के कारण आकाशीय बिजली गिरने से 10 से अधिक लोगों की मौत हुई है.लेकिन आपकी संवेदनाएं सिर्फ़ गुजरात तक सीमित ? भले यहां आपकी पार्टी की सरकार नहीं है लेकिन लोग यहां भी बस्ते है. इससे पहले प्रधानमंत्री कार्यालय ने ट्वीट कर कहा, ''पीएम नरेंद्र मोदी ने गुजरात के विभिन्न इलाकों में बारिश और तूफान से जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के लिए प्रधानमंत्री आपदा राहत कोष से 2-2 लाख रुपये मुआवजे को मंजूरी दी है.'' प्रधानमंत्री मोदी ने घायलों को 50-50 हजार रुपये मुआवजा देने का एलान किया है.

मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, बिहार और नई दिल्ली में तेज हवाएं, बारिश और बिजली गिरने के कारण 35 लोगों की मौत हुई है. मध्य प्रदेश में 15, राजस्थान-गुजरात में 9-9, जबकि दिल्ली और बिहार में 1-1 व्यक्ति की जान गई है.


बाटा ने एक पेपर बैग के लिए ग्राहक से वसूले थे 3 रुपए, उपभोक्ता फोरम ने ठोंका 9 हजार रुपये जुर्माना

बाटा ने एक पेपर बैग के लिए ग्राहक से वसूले थे 3 रुपए, उपभोक्ता फोरम ने ठोंका 9 हजार रुपये जुर्माना

15-Apr-2019

नई दिल्ली : चंडीगढ़ उपभोक्ता फोरम ने बाटा इंडिया लिमिटेड को एक पेपर बैग के लिए ग्राहक से 3 रुपए वसूल करने पर 9 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। साथ ही सेवाओं में कमी और पेपर बैग के भुगतान को लेकर चंडीगढ़ कंपनी को फटकार भी लगाई है। साथ ही, उपभोक्ता फोरम ने कंपनी को निर्देश दिए हैं कि वह सामान खरीदने वाले अपने सभी ग्राहकों को फ्री कैरी बैग दे।

सेक्टर 23-बी निवासी दिनेश प्रसाद ने अप्रैल में सेक्टर-22 डी स्थित बाटा शो रूम से एक जोड़ी जूते खरीदे थे। जूते के लिए दिनेश ने स्टोर को 402 रुपए का भुगतान किया, बिल में पेपर बैग भी शामिल था। उन्होंने पेपर बैग के 3 रुपए के रिफंड को लेकर चंडीगढ़ उपभोक्ता फोरम में शिकायत की थी। पहले कंपनी ने ग्राहक के आरोपों का खंडन किया था। हालांकि फोरम ने कंपनी को सेवा में कोताही का दोषी करार देते हुए उस पर जुर्माना लगाया है।

दिनेश के मुताबिक, उन्होंने पेपर बैग के 3 रुपए रिफंड मांगे थे और कंपनी के सर्विस पर सवाल उठाए थे। उपभोक्ता फोरम ने कहा कि ग्राहक को पेपर बैग के भुगतान के लिए मजबूर करना गलत है। ये कंपनी के खराब सर्विस को दर्शाता है। पेपर बैंग कंपनी को मुफ्त देना चाहिए। पेपर बैग के पैसे ग्राहक से नहीं लिए जाने चाहिए बल्कि सुविधा के लिए लिहाज से उसे बैग मुहैया कराना चाहिए। फोरम ने कहा कि अगर कंपनियां सच में पर्यावरण के बारे में चिंतित हैं तो उन्हें अपने ग्राहकों को पर्यावरण के अनुकूल बैग देना चाहिए। फोरम ने अपने फैसले में बाटा लिमिटेड को पेपर बैग के पैसे लौटाने को कहा है। साथ ही 1000 हजार रुपए के अलावा मानिसक पीड़ा के लिए ग्राहक को 3 हजार रुपए के भुगतान के आदेश दिए हैं। इसके अलावा उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के लीगल एड अकाउंट में 5000 रुपये जमा करने का भी आदेश दिया है।


पूर्व सैनिकों की चिट्ठी के दावे पर राष्ट्रपति भवन का खंडन

पूर्व सैनिकों की चिट्ठी के दावे पर राष्ट्रपति भवन का खंडन

12-Apr-2019

दिल्ली 

सेना के राजनीतिकरण के आरोप को लेकर 150 पूर्व सैनिकों के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को खत लिखने की बात झूठी साबित होती दिख रही है। राष्ट्रपति भवन के सूत्रों ने इन खबरों का खंडन करते हुए किसी भी खत के मिलने से इनकार किया है। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी में कहा गया है कि पूर्व सैनिकों द्वारा लिखित कोई भी खत राष्ट्रपति को नहीं मिला है।  राष्ट्रपति भवन के इन खबरों का खंडन करने के बाद पूर्व सेना प्रमुख जनरल (सेवानिवृत्त) एसएफ रॉड्रिग्ज ने भी इन खबरों को झूठ बताया है। उन्होंने किसी भी तरह के हस्ताक्षर करने से भी इनकार किया है।

रिटायर्ड एयर चीफ मार्शल एनसी सूरी ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताय कि राष्ट्रपति को यह चिट्ठी एडमिरल रामदास ने नहीं लिखी जैसा दावा किया जा रहा है। बल्कि यह किसी मेजर चौधरी ने लिखी है। ये व्हॉट्सएप और ईमेल पर घूम रही थी।  पूर्व सेना उपाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल एमएल नायडु का नाम कथित चिट्ठी में 20वें नंबर पर है। उन्होंने कहा, 'नहीं इस तरह के किसी भी पत्र के लिए मेरी सहमति नहीं ली गई और न ही मैंने कोई पत्र लिखा है।'

 चिट्ठी में मेजर जनरल हर्ष कक्कड़ का नाम 31वें नंबर पर है। उन्होंने पत्र लिखने की बात स्वीकार करते हुए कहा, 'हां मैंने पत्र में हस्ताक्षरकर्ता होने के लिए अपनी सहमति दी है। मैंने इसकी सामग्री जानने के बाद ही अपनी सहमति दी थी।'

बता दें कि गुरूवार से खबरें आ रही हैं कि सेना के आठ पूर्व प्रमुखों और 148 अन्य पूर्व सैनिकों ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को पत्र लिखकर सशस्त्र सेनाओं का राजनीतिक उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किए जाने पर आक्रोश जताया। पत्र पर जिन लोगों के हस्ताक्षर की बात कही जा रही है उनमें पूर्व सेना प्रमुख जनरल (सेवानिवृत्त) एसएफ रॉड्रिग्ज, जनरल (सेवानिवृत्त) शंकर रॉयचौधरी और जनरल (सेवानिवृत्त) दीपक कपूर, भारतीय वायु सेना के पूर्व प्रमुख एयर चीफ मार्शल (सेवानिवृत्त) एनसी सूरी शामिल हैं।

 
 
 

पूर्व सेना प्रमुखों ने राष्ट्रपति को लिखी चिट्ठी, सेना के सियासी इस्तेमाल पर जताई नाराजगी !

पूर्व सेना प्रमुखों ने राष्ट्रपति को लिखी चिट्ठी, सेना के सियासी इस्तेमाल पर जताई नाराजगी !

12-Apr-2019

दिल्ली 

चुनाव में सेना का इस्तेमाल होने पर अब पूर्व सैनिकों ने आपत्ति जताई है. पूर्व सेना प्रमुखों ने राष्ट्रपति को चिट्ठी लिखकर इस बात का जिक्र किया है. सेना प्रमुखों ने चुनाव आयोग से भी इसकी शिकायत की है. इसमें मोदी जी की सेना वाले बयान का जिक्र किया गया है. इसके साथ ही विंग कमांडर अभिनंदन की फोटो चुनावी बैनरों में लगाए जाने पर भी शिकायत की गई है.

पूर्व सेना प्रमुखों और सैनिकों का कहना है कि नेता सेना के ऑपरेशन का क्रेडिट ले रहे हैं. कुल 156 पूर्व सैनिकों की इस चिट्ठी में नेताओं के सेना को लेकर दिए गए अलग-अलग बयानों का जिक्र किया गया है. इसमें कहा गया है कि अपनी राजनीति चमकाने के लिए सेना का नाम लिया जा रहा है.

इस चिट्ठी में पूर्व सैनिकों ने कहा है कि हम सभी ने युद्ध के मैदान से लेकर देश के कई इलाकों में सालों तक ड्यूटी की है. सभी सैनिक बिना किसी पक्षपात के भारतीय सेना के लिए अपनी ड्यूटी निभाते हैं.

पूर्व सैनिकों ने राष्ट्रपति को चिट्ठी लिखकर कहा कि राष्ट्रपति ही सेना के सुप्रीम कमांडर होते हैं. हम हमेशा राष्ट्रपति के दिए आदेशों का पालन करते हैं. पूर्व सैनिको ने राष्ट्रपति को लिखा, आप इस बात से अच्छी तरह वाकिफ हैं कि सर्विस में रहने के दौरान कोई भी सैनिक किसी भी मुद्दे पर अपनी आवाज सार्वजनिक तौर पर नहीं उठाता है. क्योंकि यहां मिलिट्री के हर नियम का पालन होता है. हम पूर्व सैनिक हमेशा सेना की नब्ज टटोलते रहते हैं और उनके मुद्दों पर बात करते हैं. इसीलिए हम आपको लेटर लिख रहे हैं.

पूर्व सैनिकों की इस शिकायत में भारतीय सेना को मोदी जी की सेना बुलाने वाले योगी आदित्यनाथ का भी जिक्र किया गया है. पूर्व सैनिकों ने लिखा है, हमने नेवल स्टाफ के पूर्व चीफ के साथ मिलकर चुनाव आयोग को भी शिकायत की है. जिसमें यूपी से सीएम योगी आदित्यनाथ समेत सभी गैरजिम्मेदाराना बयानों पर सफाई मांगी गई है.

 


हरियाणा के सिरसा में महिला डांसर ने फांसी लगाकर की आत्महत्या

हरियाणा के सिरसा में महिला डांसर ने फांसी लगाकर की आत्महत्या

11-Apr-2019

मीडिया रिपोर्ट 

हरियाणा के सिरसा में एक महिला डांसर ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. मरने से पहले मृतका ने अपने कमरे की दीवार पर एक सुसाइड नोट लिखकर छोड़ा था, जिसमें उसने अपनी मौत का जिम्मेदार खुद को बताया है. मृतका दिल्ली की रहने वाली थी. वह आर्केस्ट्रा में काम करती थी. हालांकि पुलिस इस मामले की छानबीन कर रही है. सिरसा में यह घटना बुधवार को घटी. पुलिस ने बताया कि मृतका की पहचान 30 वर्षीय शरणजीत उर्फ सिम्मी के रूप में हुई है. वह दिल्ली के नांगलोई की रहने वाली थी. 2 साल पहले तलाक हो गया था. उसने सिरसा में भी एक किराए का मकान ले रखा था. जहां अक्सर काम के सिलसिले में उसका आना-जाना होता रहता था.

बुधवार को सिरसा में उसका एक कार्यक्रम था. वो अपने कमरे पर ही ठहरी हुई थी. सुबह शरणजीत का एक साथी कलाकार उसके कमरे पर पहुंचा और दरवाजा खटखटाया. लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. उसने इस बारे में दूसरे साथी कलाकारों को भी ख़बर की. जब जबरन उसके कमरे का दरवाजा खोला गया तो सभी के होश उड़ गए. शरणजीत की लाश एक रस्सी के सहारे कमरे में लटकी हुई थी.

इस बात सूचना फौरन पुलिस को दी गई. सूचना मिलने के कुछ देर बाद ही सिटी थाना पुलिस मौके पर जा पहुंची और शरणजीत के शव को नीचे उतारा गया. पुलिस ने देखा कि महिला ने मरने से पहले कमरे की दीवार पर सुसाइड नोट लिखा हुआ था. जिसमें उसने खुद को ही अपनी मौत का जिम्मेदार बताया. मीडिया रिपोर्ट में यह भी कहा जा रहा है कि यह प्रेम प्रसंग का मामला भी हो सकता है ।


सीने में तकलीफ पर दिल्ली के अस्पताल में भर्ती हुए दलाई लामा

सीने में तकलीफ पर दिल्ली के अस्पताल में भर्ती हुए दलाई लामा

10-Apr-2019

शिमला। तिब्बती बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा बिगड़ती सेहत को देखते हुए धर्मशाला से इलाज के लिये दिल्ली लाए गये हैं। दलाई लामा दिल्ली दौरे से धर्मशाला वापिस लौटे ही थे कि उन्हें सीने में दिक्कत महसूस होने लगी और डाक्टरों की सलाह पर दिल्ली भेजने का फैसला लिया गया।

बताया जा रहा है कि दलाई लामा को छाती में संक्रमण के चलते अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। दलाई लामा छाती में दर्द होने के चलते काफी परेशान थे। दलाई लामा के निजी सचिव तेनजिन टकला ने बताया कि दिल्ली के अस्पताल में भर्ती होने के बाद डॉक्टरों ने छाती में संक्रमण से जुड़े कुछ मेडिकल टेस्ट कराए हैं, जिनकी रिपोर्ट पॉजीटिव मिली है। टकाला ने कहा कि अगले दो तीन दिन तक दलाई लामा अस्पताल में भर्ती रह सकते हैं। दलाई लामा के स्वास्थ्य को लेकर दुनिया भर में तिब्बतीयों में चिंता की लहर दौड़ गई है। दलाई लामा को मानने वाले भक्त उनके ठीक होने की दुआएं कर रहे हैं। 


लड़की हुई तो दादी ने जहर पिलाकर 19 दिन की मासूम को मार डाला

लड़की हुई तो दादी ने जहर पिलाकर 19 दिन की मासूम को मार डाला

06-Apr-2019

एजेंसी 

गोंडल। गुजरात में गोंडल शहर के मोविया रोड क्षेत्र में पोते की चाह में एक दादी ने अपनी 19 दिन की पोती को मौत के घाट उतार दिया। दादी ने उसे जहर पिलाया, बाद में परिजन उसे लेकर हॉस्पिटल गए तो वहां उसने दम तोड़ दिया। इसके बाद पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से खुलासा हुआ कि मासूम को विष दिया गया था। ऐसे में पुलिस ने हत्यारोपित दादी से सख्ती से पूछताछ की तो उसने गुनाह कुबूल लिया।

जानकारी के मुताबिक, मोविया रोड इलाके में केतन रणछोड़भाई रैयाणी के घर 19 दिन पहले बेटी हुई थी। उसका नाम किंजल रखा गया। गुरुवार शाम वह बहुत रो रही थी तो उसकी मां संगीता ने उसे दवा पिलाई। वह फिर भी चुप नहीं हुई तो अस्पताल ले गए। अस्पताल में उसका दम टूट गया। बाद में जांच-पड़ताल हुई तो दादी शांताबेन दोषी निकली। तब उसने कहा कि दवाई में (मोनाकोटा) नामक जहर मिलाया था।

ऐसा उसने पोते की चाह में किया। आरोपित दादी ने कहा कि मुझे पोता चाहिए था। उसके मुातबिक, पुत्र केतन रैयाणी के घर पहले से एक बेटी थी। ऐसे में दूसरी बेटी का जन्म होने के कारण उसके भविष्य से चिंतित होकर उसने यह कदम उठाया। पुलिस ने आरोपी शांताबेन पर धारा-302 के तहत गुनाह दर्ज कर अरेस्ट कर लिया। वहीं, बच्ची के पिता केतनभाई कहा कि उसकी मौत संदिग्ध परिस्थिति में हुई। 


फ्रांस के नेपोलियन बोनापार्ट ने अपनी पत्नी को लिखा था प्रेम पत्र, अब बिका 4 करोड़ में, क्या है खास जाने

फ्रांस के नेपोलियन बोनापार्ट ने अपनी पत्नी को लिखा था प्रेम पत्र, अब बिका 4 करोड़ में, क्या है खास जाने

05-Apr-2019

पेरिस: फ्रांस के नेपोलियन बोनापार्ट द्वारा अपनी पत्नी जोसेफिन को लिखे गये तीन प्रेम पत्र कुल 5,13,000 यूरो (575,000 अमेरिकी डॉलर) यानी करीब 4 करोड़ रुपये में नीलाम किए गए. तीनों पत्र 1796 और 1804 के बीच में लिखे गये थे. ड्रोउट नीलामी घर ने यह जानकारी दी है. 1796 में इटली अभियान के दौरान लिखे गये एक पत्र में फ्रांस के बोनापार्ट ने कहा, ‘‘मेरी प्यारी दोस्त आपकी ओर से हमें कोई पत्र नहीं मिला. जरूर कुछ खास चल रहा है इसलिए आप अपने पति को भूल गई हैं. हालांकि, काम और बेहद थकावट के बीच में केवल और केवल आपकी याद आती है.''

फ्रेंच एडर और एगुट्स हाउसों की ओर से ऐतिहासिक थीम पर आधारित नीलामी में एक दुलर्भ इनिग्मा एन्क्रिप्शन मशीन को भी शामिल किया गया था, जिसका इस्तेमाल नाजी जर्मनी ने द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान किया था, इसकी नीलामी 48,100 यूरो में हुई. बता दें, नेपोलियन को इटली का राजा कहा जाता है. इतिहास में नेपोलियन बोनापार्ट का नाम विश्व के सबसे महान सेनापतियों में गिना जाता है. उसने एक फ्रांस में एक नई विधि संहिता लागू की जिसे नेपोलियन की संहिता कहा जाता है. 


नोटबंदी वाले साल में 88 लाख लोगों ने नहीं भरा इनकम टैक्स रिटर्न

नोटबंदी वाले साल में 88 लाख लोगों ने नहीं भरा इनकम टैक्स रिटर्न

04-Apr-2019

दिल्ली 

नोटबंदी की सफलता का दावा करते हुए सरकार ने कहा कि उसने वित्तीय वर्ष 2016-17 में 1.06 करोड़ नए करदाताओं को जोड़ा, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 25 प्रतिशत अधिक हैं. द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिकॉर्ड की माने तो नोटबंदी वाले साल यानी 2016-17 रिटर्न फाइल न करने वालों की संख्या 2015-16 से 8.56 लाख से 10 गुना बढ़कर 88.04 लाख हो गई. टैक्स अधिकारियों ने कहा कि 2000-01 के बाद से यह लगभग दो दशकों में सबसे अधिक वृद्धि है.

रिटर्न फाइल नहीं करने वालों की संख्या वित्त वर्ष 2013 में 37.54 लाख से घटकर वित्तीय वर्ष 2014 में 27.02 लाख, वित्त वर्ष 2015 में 16.32 लाख और वित्त वर्ष 2016 में 8.56 लाख थी. अधिकारियों के अनुसार 500 रुपये और 1,000 रुपये के नोटों के विमुद्रीकरण के बाद आर्थिक गतिविधियों में गिरावट के कारण नौकरियों में कमी या आय में कमी के कारण हो सकता है.


दूरदर्शन ने लाइव दिखाया 'मैं भी चौकीदार' कार्यक्रम, चुनाव आयोग ने दिया नोटिस

दूरदर्शन ने लाइव दिखाया 'मैं भी चौकीदार' कार्यक्रम, चुनाव आयोग ने दिया नोटिस

03-Apr-2019

दिल्ली 

पहले चरण के मतदान की तारीख नजदीक आते ही चुनाव आयोग ने अपना रुख और भी सख्त कर दिया है. चुनाव आयोग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम ‘मैं भी चौकीदार’ का लाइव प्रसारण करने पर दूरदर्शन को नोटिस जारी किया है. 31 मार्च को प्रसारित हुए इस कार्यक्रम को दूरदर्शन ने करीब डेढ़ घंटे लाइव दिखाया था.

बता दें कि भारतीय जनता पार्टी के ‘मैं भी चौकीदार’ कैंपेन के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 मार्च को देश के 500 स्थानों पर लोगों को सीधे संबोधित किया था. प्रधानमंत्री का ये कार्यक्रम दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में हुआ था. जिसका प्रसारण रेडियो, टीवी और सोशल मीडिया पर हुआ था. इसी पर चुनाव आयोग ने सख्ती जताई है. 


सुप्रीम कोर्ट से बोली मायावती, जनता की इच्छा थी कि मेरी मूर्तियां लगें

सुप्रीम कोर्ट से बोली मायावती, जनता की इच्छा थी कि मेरी मूर्तियां लगें

02-Apr-2019

दिल्ली 

बसपा सुप्रीमो मायावती ने उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान अपनी और अपनी पार्टी के चुनाव चिन्ह हाथी की मूर्तियां लगाने के फैसले को सही ठहराया है. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामा दाखिल कर यह बात कही. मायावती ने कहा कि उनकी मूर्तियां जनता की इच्छा का प्रतिनिधित्व करती हैं. इससे पहले बीते महीने सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि मायावती को अपनी और हाथियों की मूर्तियों पर लगे जनता के पैसे को वापस करना होगा. हालांकि पीठ ने यह स्पष्ट किया था कि यह अभी संभावित विचार है, क्योंकि मामले की सुनवाई में कुछ वक्त लगेगा.

मायावती मूर्ति के लिए इमेज परिणाम

शीर्ष अदालत की तीन सदस्यीय पीठ एक वकील की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी. इसमें कहा गया था कि सार्वजनिक धन का प्रयोग अपनी मूर्तियां बनवाने और राजनीतिक दल का प्रचार करने के लिए नहीं किया जा सकता. इसी को लेकर मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने कहा था, ‘हमारे संभावित विचार में मायावती को अपनी और चुनाव चिह्न (हाथी) की मूर्तियां बनवाने पर खर्च हुआ सार्वजनिक धन सरकारी खजाने में वापस जमा करना होगा.’

मायावती ने अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान उत्तर प्रदेश में कई पार्कों का निर्माण करवाया था. इन पार्कों में उन्होंने बसपा संस्थापक कांशीराम और पार्टी के चिह्न हाथी समेत अपनी मूर्तियां भी लगवाई थीं. तभी से यह मुद्दा अलग-अलग समय पर चर्चा में आता रहा है. इससे पहले 2015 में शीर्ष अदालत ने उत्तर प्रदेश की सरकार से पार्कों व मूर्तियों पर खर्च हुए सरकारी पैसे की जानकारी मांगी थी.


कन्हैया कुमार का सपोर्ट करने पर शबाना आजमी को मिल रहीं गालियां

कन्हैया कुमार का सपोर्ट करने पर शबाना आजमी को मिल रहीं गालियां

01-Apr-2019

एजेंसी 

दिल्ली : जेएनयू के पूर्व छात्रसंघ कन्हैया कुमार के सोपर्ट में शबाना आजमी का ट्वीट करना कुछ लोगों को रास नहीं आ रहा। ऐसे लोग एक्ट्रेस को गालियां दे रहे हैं और साथ ही गद्दार का तमगा भी दे रहे हैं। ऐसे लोग लिख रहे हैं- हमें अफसोस है कि तुम्हारे जैसे गद्दारों की फिल्म देखने के लिए हम लोग पैसे खर्च करते थे। दरअसल कन्हैया बिहार की बेगूसराय लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। 

उन्हें सीपीआई ने अपना प्रत्याशी बनाया है। कन्हैया पर जेएनयू में देश विराधी नारे लगाने और भारतीय सैनिकों के अपमान के आरोप लग चुके हैं। फिलहाल कन्हैया कुमार राजनीति के मैदान में उतर चुके हैं। कुछ लोग उनके सपोर्ट में हैं तो कुछ उनके खिलाफ। कुछ फिल्मी हस्तियां भी कन्हैया के सपोर्ट में उतर चुकी हैं। कुछ दिनों पहले स्वरा भास्कर ने कन्हैया के सपोर्ट में एक ट्वीट किया था और अब शबाना आजमी ने किया है। शबाना आजमी को उनके इसी ट्वीट के चलते लोग भद्दी-भद्दी गालियां देते हुए उन्हें ट्रोल कर रहे हैं। शबाना आजमी ने कन्हैया की एक फोटो शेयर करते हुए लिखा- ‘कन्हैया में उम्मीद नजर आती है। कन्हैया में साफगोई नजर आती है। कन्हैया में सच नजर आता है। हम सब तुम्हारे साथ हैं। ‘अच्छी लड़ाई’ के लिए लड़ो।’

शबाना आजमी का ये ट्वीट देख कुछ लोग उनपर टूट पड़े। लोग उन्हें ट्रोल करने लगे। कुछ यूजर्स ने कमेंट करते हुए लिखा- जिस देश ने इनको सर माथे बिठाया उसी की क़ब्र खोदने वालों के कंधे से कंधा मिलाके एहसान फ़रामोशी की मिसाल पेश करते हैं ऐसे लोग। एक अन्य यूजर ने लिखा- अफसोस ताउम्र रहेगा कि ऐसे देश के गद्दारों की फिल्म पर पैसे खर्च करते थे जो देश के टुकड़े करने वालों के प्रमोशन में लगे हैं। ऐसे ही एक और यूजर ने लिखा- अब खुद तो चाह कर भी कोस नहीं पा रही है, तो देश को कोसने वाले को समर्थन देकर ही अपने दिल को तसल्ली दे रही है। कुछ ने तो शबाना आजमी को इतनी गंदी बातें लिखी हैं जिनका जिक्र हम यहां नहीं कर सकते।

शबाना आजमी से पहले जब स्वरा भास्कर ने कन्हैया का सपोर्ट किया था तो उन्हें भी इसी तरह से ट्रोलिंग का शिकार होना पड़ा था। उनपर भी कुछ लोग उसी तरह से भद्दे कमेंट्स कर रहे थे जैसे शबाना आजमी पर कर रहे हैं।


बीजेपी-शिवसेना को जिम्मेदार ठहराते हुए किसान ने कर ली खुदकुशी, छोड़ा सुसाइड नोट

बीजेपी-शिवसेना को जिम्मेदार ठहराते हुए किसान ने कर ली खुदकुशी, छोड़ा सुसाइड नोट

30-Mar-2019

नई दिल्‍ली। महाराष्ट्र के यवतमाल जिले में 52 साल के एक किसान ने आत्महत्या की और इसका जिम्मेदार कथित तौर पर राज्य की बीजेपी-शिवसेना सरकार को बताया। पुलिस के मुताबिक पंढरवाड़ा तहसील के पहापाल के निवासी धनराज बलिराम नवहटे के कथित सुसाइड नोट में अपनी दुर्दशा के लिए राज्य में बीजेपी-शिवसेना सरकार को दोषी ठहराया। पुलिस ने शव को कब्‍जे में लेकर पोस्‍टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की कार्रवाई कर रही है। वहीं पुलिस खुदकुशी के पीछे की असली वजह तलाश रही है। 

पुलिस के एक आला अधिकारी के मुताबिक नवहटे के पास चार एकड़ जमीन है और उन्होंने दो लाख रुपये का कर्ज एक स्थानीय महाजन से लिया था। उनके परिवार का कहना है कि वो पिछले कई सालों से फसलों के बर्बाद होने से परेशान थे। महाजन रोज अपना कर्ज वापस मांगता था। बुधवार को वो अपनी शादीशुदा बेटी के घर जाने के लिए निकले, लेकिन जब गुरुवार की शाम तक वापस नहीं आए तो उनकी तलाश शुरू की गई। जिसके बाद उनका शव उनके खेत के ही एक गड्ढे में पाया गया। प्रारंभिक जांच के मुताबिक उन्होंने कीटनाशक पीकर आत्महत्या की है। 

पुलिस के एक आला अधिकारी के मुताबिक नवहटे के पास चार एकड़ जमीन है और उन्होंने दो लाख रुपये का कर्ज एक स्थानीय महाजन से लिया था। उनके परिवार का कहना है कि वो पिछले कई सालों से फसलों के बर्बाद होने से परेशान थे। महाजन रोज अपना कर्ज वापस मांगता था। बुधवार को वो अपनी शादीशुदा बेटी के घर जाने के लिए निकले, लेकिन जब गुरुवार की शाम तक वापस नहीं आए तो उनकी तलाश शुरू की गई। जिसके बाद उनका शव उनके खेत के ही एक गड्ढे में पाया गया। प्रारंभिक जांच के मुताबिक उन्होंने कीटनाशक पीकर आत्महत्या की है। 

साभार : hindi.oneindia.com से ली गई खबर 


सीएम केजरीवाल का ऐलान, दिल्ली बनी पूर्ण राज्य तो दिल्ली के छात्रों को देंगे 85 फीसदी सीटों पर आरक्षण

सीएम केजरीवाल का ऐलान, दिल्ली बनी पूर्ण राज्य तो दिल्ली के छात्रों को देंगे 85 फीसदी सीटों पर आरक्षण

28-Mar-2019

नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने की मांग पूरी कराने के लिए आप को दिल्ली में सभी सात लोकसभा सीट पर जीत दिलाने की मतदाताओं से अपील की है. उन्होंने कहा है कि पूर्ण राज्य बनने पर उनकी सरकार ना सिर्फ़ दिल्ली के छात्रों को शिक्षण संस्थाओं में प्रवेश पर 85 फ़ीसदी आरक्षण मिल सकेगा बल्कि दो लाख नौकरियां देने का भी रास्ता खुलेगा. केजरीवाल ने बुधवार को पूर्वी दिल्ली संसदीय क्षेत्र से आप प्रत्याशी आतिशी के पक्ष में कोंडली विधानसभा क्षेत्र में जनसभा सम्बोधित करते हुए कहा कि ये वादे दिल्ली की पूर्ण राज्य की मांग पूरी होने पर ही पूर्ण हो सकते है.


मुख्यमंत्री ने कहा, “देश के हर राज्य में नौकरियों में भर्ती या कॉलेज में दाख़िले के दौरान स्थानीय बच्चों को 85 फीसदी आरक्षण मिलता है. उसी तरह दिल्ली के भी पूर्ण राज्य बनने पर दिल्ली के बच्चों को भी आरक्षण देंगे.” केजरीवाल ने बीजेपी और कांग्रेस पर पूर्ण राज्य की मांग के विषय में दिल्ली की जनता के साथ छल करने का आरोप लगाते हुए कहा कि दोनो दलों ने पिछले चुनावों में अपने घोषणा पत्र में यह वादा किया था. अब दोनों दल इस वादे से मुकर कर कहने लगे है कि दिल्ली की पूर्ण राज्य की मांग पूरा करना व्यावहारिक नहीं है.