रायपुर : छत्तीसगढ़ में किसी भी तरह के माफिया को बर्दाश्त नही किया जाएगा

रायपुर : छत्तीसगढ़ में किसी भी तरह के माफिया को बर्दाश्त नही किया जाएगा

20-Jun-2020

रायपुर : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में किसी भी तरह के माफिया को बर्दाश्त नही किया जाएगा। उन्होंने रेत सहित अन्य सभी तरह के माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारियों को दिए है।

 मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने धमतरी जिले में रेत माफियाओं द्वारा की गई मारपीट की घटना को गंभीरता से लेते हुए धमतरी जिला प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों को नियमानुसार सख्त से सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए है। सीएम बघेल ने कड़े शब्दों में कहा है कि पूरे प्रदेश में चाहे वह रेत का मामला हो या अन्य किसी भी तरह के माफिया को बर्दाश्त नही किया जाएगा, ऐसे प्रकरण संज्ञान में आने पर उनके विरूद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।


राजनांदगांव : पारिवारिक विवाद में जवान ने पत्नी को गोली मारकर खुद को भी मारी गोली, दोनों की मौत

राजनांदगांव : पारिवारिक विवाद में जवान ने पत्नी को गोली मारकर खुद को भी मारी गोली, दोनों की मौत

20-Jun-2020

राजनांदगांव जिले के नक्सल प्रभावित मानपुर थाना क्षेत्र में एक जवान ने अपनी पत्नी की गोली मारकर हत्या कर दी उसके बाद खुद को गोली मारकर ख़ुदकुशी कर ली है। मृतक जवान की पहचान मुकेश मनहर के रूप में हुई है सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार पारिवारिक विवाद के चलते जवान ने पहले अपनी पत्नी को गोली मारी फिर खुद को, गोलियों की आवाज सुनते ही थाना परिसर में अफरातफरी मच गई। जवान मानपुर थाना क्षेत्र के कैम्प में तैनात था घटना की पुष्टि एएसपी जीएन बघेल ने की है। इसकी जाँच पुलिस कर रही है ।

जवान ने पत्नी की हत्या के बाद की ख़ुदकुशी, घरेलू विवाद की वजह से मारी गोली


छत्तीसगढ़ में शुरू हुई मुख्यमंत्री सुगम सड़क योजना : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने किया योजना का शुभारंभ

छत्तीसगढ़ में शुरू हुई मुख्यमंत्री सुगम सड़क योजना : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने किया योजना का शुभारंभ

19-Jun-2020

रायपुर : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज यहां अपने निवास कार्यालय में  मुख्यमंत्री सुगम सड़क योजना का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री सुगम सड़क योजना के माध्यम से प्रदेश के सभी शासकीय भवन और सार्वजनिक स्थलों तक पहुंचना अब आसान होगा। इस योजना से प्रदेश भर के ऐसे सभी शासकीय शालाएं, चिकित्सालय, कॉलेज, आंगनबाड़ी भवन, उचित मूल्य की दुकानों और अन्य शैक्षणिक संस्थाएं जो अभी तक मुख्य मार्गो से पक्की सड़क द्वारा नही जुड़ी हुई थीं, वे सभी पक्के एवं बारहमासी मार्ग से जुड़ेगं। इस अवसर पर गृह एवं लोक निर्माण मंत्री ताम्रध्वज साहू उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सुगम सड़क योजना का शुभारंभ करते हुए कहा कि आज का दिन महत्वपूर्ण है, हमारे राष्ट्रीय नेता श्री राहुल गांधी का जन्मदिन है, परंतु भारत चीन की सीमा पर लद्दाख में शहीद हुए जवानों की याद में आज सेवा का कार्य करना है। हमारे कार्यकर्ता सेवा कार्य में लगे हुए हैं। कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए लोगों को मास्क और मरीजों को फल वितरित कर रहे हैं।  

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि इस योजना के तहत सार्वजनिक स्थल जैसे हाट बाजार, मेला स्थल, धान संग्रहण केंद्र, श्मशान घाट जैसे अनेक महत्वपूर्ण सार्वजनिक उपयोग के केंद्र जो बारहमासी सड़कों से नहीं जुड़े हैं, वहां आने-जाने में जनसामान्य को असुविधा होती है। ऐसे सभी सार्वजनिक स्थल तथा भवन को प्राथमिकता के आधार पर लोक निर्माण विभाग द्वारा बारहमासी पहुंच मार्ग का निर्माण कर जोड़ा जाएगा । इससे शासकीय भवनों और सार्वजनिक स्थलों तक पहंुुचने में लोगों को काफी सहुलियत मिलेगी।  

लोक निर्माण विभाग द्वारा इस योजना के अंतर्गत इस वर्ष 200 करोड़ रुपए के 1116 कार्य कराए जाएंगे। इस अवसर पर मुख्य सचिव आर.पी. मंडल, मुख्यमंत्री के अपर सचिव सुब्रत साहू, लोक निर्माण विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी, मुख्य अभियंता लोक निर्माण विभाग वी. के. भतपहरि, प्रधान मुख्य वन संरक्षक राकेश चतुर्वेदी, मुख्यमंत्री सचिवालय में उप सचिव सुश्री सौम्या चौरसिया सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।


रायगढ़ : एक और हाथी की मौत, कटहल के पेड़ के नीचे मिला शव

रायगढ़ : एक और हाथी की मौत, कटहल के पेड़ के नीचे मिला शव

18-Jun-2020

रायगढ़ जिले के धर्मजयगढ ब्लॉक के बेहरमार डिवीज़न में आज सुबह एक हाथी का शव बरामद हुआ है बताया जा रहा है कि बीती रात वह छाल रेंज के बेहरामार गाँव के किनारे  विचरण कर रहा था. इसकी सूचना पाते ही वन विभाग की टीम घटना स्थल पर पहुंचकर पूरे मामले की जांच में जुट गई है. हाथी का शव कटहल के पेड़ के नीचे मिला है जिससे अंदेशा लगाया जा रहा है कि कटहल खाते हुए उसकी मौत हुई होगी बता दें कि प्रदेश में दो हफ्तों के अंदर छह हाथियों की मौत हो चुकी है. 


रायपुर : उचित मूल्य की दुकानों के कांटाबांट और इलेक्ट्रानिक वेट मशीनों का होगा सत्यापन

रायपुर : उचित मूल्य की दुकानों के कांटाबांट और इलेक्ट्रानिक वेट मशीनों का होगा सत्यापन

17-Jun-2020

रायपुर : खाद्य मंत्री श्री अमरजीत भगत ने आज मंत्रालय में आयोजित बैठक में राज्य की सभी उचित मूल्य की दुकानों के कांटाबांट और इलेक्ट्रानिक वेट मशीनों का सत्यापन करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। श्री भगत ने कहा कि शहरी क्षेत्रों और जहां से तौल में गड़बड़ी की शिकायतें आ रही हैं, उन स्थानों की दुकानों का पहली जांच की जाए। श्री भगत ने बारिश शुरू होने के पहले राज्य के दुर्गम क्षेत्रों की उचित मूल्य की दुकानों में पर्याप्त मात्रा में खाद्यान्न भण्डारण के निर्देश दिए। श्री भगत ने कहा कि राज्य के सभी राशन कार्डधारी परिवारों के सदस्यों का आधार कार्ड लिंकिंग का कार्य शीघ्र पूरा किया जाए।

उन्होंने कहा कि राशन कार्ड में शत्-प्रतिशत आधार लिंकिंग हो जाने से राज्य की किसी भी स्थान के उचित मूल्य के दुकानों से खाद्यान्न लिया जा सकता है। यदि राज्य का कोई परिवार अपने निवास  राज्य के ही किसी अन्य शहर या गांव में जाता है, तो उसे वहीं पर राशन कार्ड के माध्यम से खाद्यान्न लेने की सुविधा मिलेगी। श्री भगत ने राज्य के सभी उचित मूल्य की दुकानों में मूल्य सूची लगाने एवं दुकानों के सामने रंग-रोगन कराने के भी निर्देश दिए। श्री भगत ने कहा कि राज्य के सभी उचित मूल्य के दुकानों में तिरंगा कलर से पुताई करने का निर्देश भी दिए गए हैं। श्री भगत ने अन्य प्रदेशों से आ रहे श्रमिकों को निःशुल्क चावल 30 जून तक उपलब्ध कराने कहा है।

खाद्य विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने बताया कि राज्य के उचित मूल्य की दुकानों में शक्कर, नमक, चना, गुड़ और चावल का पर्याप्त आंबटन जारी किया गया है। दुर्गम क्षेत्रों के लगभग 90 प्रतिशत दुकानों में खाद्यान्न भण्डारण किया जा चुका है। राशन कार्डों में आधार लिंकिंग का काम भी पूर्णतः की ओर है। राज्य के 10 हजार 444 उचित मूल्य की दुकानों में रंग-रोगन हो चुका है और 572 दुकानों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जा चुके हैं। अन्य प्रदेशों से आए प्रवासी व्यक्तियों, श्रमिकों जिनके पास राशन कार्ड नहीं है, उन्हें आत्मनिर्भर भारत योजना के तहत निःशुल्क चावल एवं चना दिया जा रहा है।

अब तक 44 हजार 944 परिवारों के एक लाख 3 हजार 204 सदस्यों का पंजीयन किया जा चुका है और उन्हें प्रति सदस्य माह मई और जून का 5-5 किलो प्रति सदस्य चावल एवं एक-एक किलो चना प्रति कार्ड उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से दिया जा रहा है। खरीफ विपणन वर्ष 2019-20 में 18.38 लाख किसानों से 83.94 लाख टन धान समर्थन मूल्य पर खरीदा गया है। उपार्जित धान का मिलर एवं परिवहनकर्ताओं के माध्यम से अब तक 99.40 प्रतिशत धान का उठाव किया जा चुका है। खाद्य विभाग, भारत सरकार द्वारा भारतीय खाद्य निगम में केन्द्रीय पूल के अंतर्गत चावल 24 लाख टन से बढ़ाकर 28.01 लाख टन की गई है। इससे 41.32 लाख टन धान का निराकरण संभव हो सकेगा। अभी तक भारतीय खाद्य निगम द्वारा 13.12 लाख टन चावल का उपार्जन किया जा चुका है और शेष चावल का उपार्जन सितम्बर 2020 तक किया जाएगा। इसके अलावा नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा 22.66 लाख टन चावल का उपार्जन किया जा चुका है।

 बैठक में एम.डी. नान श्री निरंजन दास, एम.डी. वेयरआउस श्री एलेक्स पाल मेनन, एम.डी. मार्कफेड श्री अंकित आनंद, खाद्य विभाग के विशेष सचिव श्री मनोज सोनी एवं नियंत्रक नापतौल श्रीमती शिखा राजपूत तिवारी सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।


रायपुर : छोटे-बड़े 1464 कारखानों में पुनः कार्य प्रारंभ: 1.08 लाख श्रमिकों को मिला रोजगार

रायपुर : छोटे-बड़े 1464 कारखानों में पुनः कार्य प्रारंभ: 1.08 लाख श्रमिकों को मिला रोजगार

16-Jun-2020

रायपुर : नोवेल कोरोना वायरस (कोविड-19) के संक्रमण की रोकथाम के लिए लागू लॉकडाउन से उत्पन्न परिस्थितियों के कारण अन्य राज्यों में फंसे छत्तीसगढ़ के एक लाख 7 हजार से अधिक श्रमिक अब तक स्पेशल ट्रेनों के माध्यम से सुरक्षित छत्तीसगढ़ लौट चुके  हैं।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के निर्देशन पर राज्य सरकार द्वारा अन्य प्रदेशों से श्रमिकों की सुरक्षित वापसी के लिए अब तक 4 करोड़ 40 लाख रूपए रेल मण्डलों को और 29 बसों के लिए करीब 23 लाख इस तरह कुल 4 करोड़ 16 लाख रूपए की राशि खर्च की गई है। इसी प्रकार राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा श्रमिकों के राहत के लिए जिलों को 18 करोड़ 20 लाख और स्वास्थ्य विभाग को 75 करोड़ रूपए की राशि जारी किया गया है।

श्रम मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया ने आज यहां बताया कि छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल द्वारा जिला प्रशासन को संकटापन्न श्रमिकों की सहायता के लिए 3 करोड़ 90 लाख आबंटित किया है। उन्होंने बताया कि लॉकडाउन के कारण श्रमिक जो छत्तीसगढ़ राज्य की सीमाओं पर पहुंच रहे एवं राज्य से होकर गुजर रहे सभी के लिए नाश्ता, भोजन, स्वास्थ्य परीक्षण एवं परिवहन की निःशुल्क व्यवस्था से श्रमिकों कोे काफी राहत मिली है। छत्तीसगढ़ की सभी सीमाओं पर पहुंचने वाले प्रवासी श्रमिकों को, चाहे वो किसी भी राज्य के हो, उन्हें छत्तीसगढ़ का मेहमान मान कर शासन-प्रशासन के लोग उनकी हरसंभव मदद कर रहे हैं।

डॉ. डहरिया ने बताया कि श्रम विभाग के अधिकारियों का दल गठित कर विभिन्न औद्योगिक संस्थाओं, नियोजकों एवं प्रबंधकों से समन्वय कर श्रमिकों के लिए राशन एवं नगद आदि की व्यवस्था भी की जा रही है। प्रदेश के 26 हजार 205 श्रमिकों को 39 करोड़ 18 लाख रूपए बकाया वेतन का भुगतान भी कराया गया है। वहीं लॉकडाउन के द्वितीय चरण में शासन द्वारा छूट प्रदत्त गतिविधियों एवं औद्योगिक क्षेत्रों में 1464 छोटे-बड़े कारखानों को पुनः प्रारंभ कर एक लाख 8 हजार 158 श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है।


विशेष लेख : परिस्थितियां  मनुष्य को सिखाती हैं

विशेष लेख : परिस्थितियां मनुष्य को सिखाती हैं

15-Jun-2020

लेख: तेजबहादुर सिंह भुवाल 

मनुष्य जीवन में ऐसे बहुत से समय आते है जब उसे सुख-दुख, उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है। मनुष्य जब सुखी जीवन व्यतीत करता है तो उसे आने वाली परिस्थितियों का कोई आभास नहीं होता है। वह अपने जीवन में दुनिया की चकाचौध  भरे स्वप्न लोक में खोया रहता है। उसे नहीं पता होता कि आने वाले समय में उसके जीवन पर क्या विपत्तियां आएंगी। इससे अंजान मनुष्य निरंतर पैसे कमाने, सुख-सुविधाओं को बढ़ाने में लगा रहता है। जब वक्त बुरा आता है तो मनुष्य चिंताग्रस्त हो जाता है और इससे निकलने का प्रयास करता है। वह सोचने लगता है कि समय रहते इसका उपाए कर लेना चाहिए था, लेकिन समय निकल जाता है।

वर्तमान में कोरोना महामारी के कारण ऐसी विकराल परिस्थिति निर्मित हो गयी है, जिससे पूरी दुनिया सहम उठी हैं एवं पूरी दुनिया के लिए चुनौती बनी हुई है। इस कोराना महामारी कोविड-19 के कारण लोग अपने घरों पर विगत कई दिनों से लाकडाउन अवस्था में रह रहे है। सभी सोच रहे है कि ना जाने कब इस महामारी से छुटकारा मिले और सुख-शांति का माहौल बने रहे। भारत देश को छोड़कर अन्य देशों में कोरोना का संक्रमण अधिक है और वहां हालात गंभीर होते जा रहे हैं। भारत देश में कोरोना वायरस से लड़ने के लिए केन्द्र सरकार एवं राज्य सरकार ने बहुत कारगर कदम उठाये है, इसके बावजूद लोग असुरक्षित महसूस कर रहे हंै। इस महामारी से बचने के लिए शासन, प्रशासन लोगों को से घरों पर रहने का आग्रह कर रही है और आपसी दूरी बनाकर रहने की हिदायत भी दी जा रही है। अगर अभी नहीं संभले तो आने वाला समय बहुत भयंकर हो सकता हैं , जिस पर काबू पाना मुश्किल होगा।

इस महामारी की उत्पत्ति चीन के बुहान प्रांत से हुई है, जहां से संक्रमण बढ़ते-बढ़ते यूरोप होते हुए पूरी दुनिया में फैल गया है। एक ओर जहां इस महामारी ने विश्व के शक्तिशाली देश - अमेरिका, इटली, जर्मनी, रूस, फ्रांस जैसे देशों के होश उड़ा दिए हैं। वहीं भारत इस कोरोना वायरस से लड़ने के लिए चट्टान बनकर खड़ा है और पूरे भारतवासी मिलकर सामना कर रहे हैं। पूरी दुनिया में अब तक इस संक्रमण से लाखों लोगों की जाने जा चुकी हैं। दुनिया में कई वैज्ञानिकों ने कितने ही अविष्कार किए और देश को आगे बढ़ाने में अहम् भूमिका निभाई। इसके बावजूद इस समस्या का अभी तक कोई हल नहीं निकल पाया है। इस महामारी को रोकने के लिए किसी भी देश के द्वारा अभी तक कोई वैक्सिन या कारगर दवाई नहीं बन पाई है। इस विश्वव्यापी संकट से निपटने के लिए हर संभव प्रयत्न किये जा रहे हैं। इससे बचने के लिए भरपूर प्रयास किये जा रहे हंै। हम लोगों के लिए पहला मौका है जब लोग स्वयं को मजबूरी से लाॅकडाउन कर घर पर ही रह रहे है। 

इस समय पूरा देश थम सा गया है। इस विषम परिस्थिति का जल्द से जल्द ठीक होना हितकर है, इसके लिए सोशल डिस्टेसिंग का होना बहुत जरूरी है, उसके बावजूद लोग अनावश्यक घरों से बाहर आकर सड़कों पर घूम रहे है, जिससे उन्हें स्वयं एवं दूसरों को भी संक्रमण होने का खतरा बढ़ा रहे हैं। लाॅकडाउन से एक ओर जहां संक्रमण कम हुआ वहीं दूसरी ओर देश एवं राज्य की आर्थिक स्थिति बिगड़ती जा रही है। इस लाॅकडाउन से लाखों लोगों की जीविकोपार्जन पर संकट उत्पन्न हो गया है। अलग-अलग राज्यों में गए लोग एवं अध्ययन के लिए गए छात्र और मजदूरी के लिए गए मजदूर फंसे हुए है, जिन्हे सरकारें अपने-अपने ढंग से वापस लाने का प्रयास कर रही है। अधिकतर मजदूरों एवं छात्रों को वापस अपने-अपने राज्यों में लाया जा चुका है और उन्हें 14 दिन के लिए क्वारंटाईन पर रखकर कोरोना की जांच की जा रही है। स्वस्थ्य पाए जाने पर उन्हें घर भेजा जा रहा है। इन मजदूरों को रोजी, रोटी की चिंता सता रही है। वे दूसरे राज्यों में रहकर मजदूरी करते थे, उन्हें यहां रहकर क्या काम मिल पायेगा? इसके लिए छत्तीसगढ़ सरकार अनेक योजनाओं के माध्यम से लोगों को रोजगार एवं आत्मनिर्भर करने का प्रयास कर रही है। राज्य सरकार द्वारा एपीएल एवं बीपीएल राशन कार्ड हितग्राही सहित बिना राशनकार्ड वालों को भी को अनाज दिया जा रहा, ताकि कोई भूखा ना रहे। इस संकट से निकलने के लिए सभी वर्गों को धैर्य, सहशीलता एवं आत्मनिर्भरता की आवश्यकता है।

शासन ने लोगों की आर्थिक स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए लम्बे समय से चले आ रहे लाकडाउन को हटा कर सभी बाजार, दुकाने, छोटे उद्योग, कंपनी खोलने के आदेश दे दिए गए है, जिससे लोगों का काम-धंधा शुरू हो सके, लेकिन इससे हर क्षण खतरा बना हुआ है। लाॅकडाउन खुलने से संक्रमित लोगों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है, जो एक खतरे की घंटी हो सकती है। इस बचाव कार्य के मुहिम में डाॅक्टर, स्वास्थ्य कर्मी, पुलिस, सफाई कर्मी, मीडिया कर्मी एवं बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ताओं का बहुत बड़ा योगदान है।

समूचे विश्व में अनेको बिमारी जैसे-चेचक, टीबी, स्वाईन फ्लू, हैजा, पोलियो इत्यादि अनेक महामारियों से लाखों लोगों को जान से हाथ धोना पड़ा है, परन्तु समय रहते उस पर मनुष्य ने विजय प्राप्त की है। कोरोना तात्कालिक है, देर सबेर इस पर भी नियंत्रण पा सकेेंगे। फिलहाल इसके लिए हमें शासकीय निर्देशों का पालन करते हुए फिजीकल डिस्टेंसिंग को ध्यान रख कर हमेशा मुंह पर मास्क का उपयोग करना अति आवश्यक है।

इस महामारी ने लोगों को स्वच्छता के प्रति ध्यान आकर्षित किया है, महामारी के बचाव के लिए वे बार-बार हाथ को साबुन से धोने, सेनेटाईजर का उपयोग एवं घर एवं समस्त वस्तुओं को भी साफ-सुथरा रखने का प्रयास कर रहे है। मुंह पर मास्क लगाने से न केवल स्वयं की सुरक्षा होती है बल्कि दूसरों को भी इसके संक्रमण के फैलने में रोकथाम होती है। मास्क पहनने से बहुत से विभिन्न प्रकार की श्वास संबंधी रोगों में कमी आई है। लोगों को अपने शारीरिक रोगप्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए योग, प्राणायाम, ध्यान करते रहे साथ ही नियमित रूप से आयुर्वेदिक काढ़ा, जिसमें तुलसी, गिलोय, कालीमिर्च, अदरक, लौंग का मिश्रण पीने से बहुत हद तक कोराना महामारी से बचा जा सकता है। इस महामारी के दौरान हमारे भारत वर्ष की सनातन धर्म की शिक्षा एवं संस्कार पुर्नजीवित हुआ है, जो दूसरो को अभिवादन के रूप में हाथ मिलाने के बजाय नमस्कार करना शामिल है। इस कोराना काल में जहां पूरे विश्व को रोक कर रख दिया वहीं पर्यावरण के मामले में प्रदूषण से निजात मिली है। इस दौरान उद्योग, वाहन एवं निर्माण कार्य बंद होेने के कारण पर्यावरण स्वच्छ हुआ है, जिससे मनुष्यों को शुद्ध प्राण वायु, निर्मल जल, लहलहाते हरे-भरे पेड़ों से अच्छादित वातावरण मिला है, जो कि सभी जीव जन्तुओं के लिए वरदान से कम नहीं है।

इस समय का सदुपयोग मनुष्य अपने घरों में रहते हुए विभिन्न प्रकार के कौशल विकास पर ध्यान केन्द्रित करके आत्मनिर्भता को बढ़ाया जा सकता है। जैसे- घर पर ही मास्क तैयार करना, सेनेटाईजर निर्माण, गृह उद्योग आदि के माध्यम से आर्थिक स्थिति भी ठीक कर सकते हैं। इसके अलावा खाना बनाना, नृत्य, योग, प्राणायाम, ध्यान, पेंटिंग, लेखन, पुस्तकें अध्ययन कर शौक पूरा करना शामिल है, इसी प्रकार के अन्य कार्य जो आपको मानसिक खुशी एवं संतुष्टि दे वह किया जा सकता है। लोगों को विदेशी वस्तुओं के बजाए स्वदेशी वस्तुए खरीदने के लिए जागरूक होना चाहिए, ताकि भारत की आर्थिक स्थिति में सुधार आ सके।

इसीलिए कहा जाता है कि परिस्थितियां ही मनुष्य को सिखाती है कि समय रहते आने वाली विपदा के लिए हमेशा सजग रहकर शारीरिक, मानसिक एवं आर्थिक रूप से सशक्त रहें, जो कि विषम परिस्थितियों में काम आए। इस महामारी से बचने के लिए स्वयं हर संभव प्रयास करें। स्वस्थ्य रहे, सुरक्षित रहे।

 


अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस : हर बच्चे को बेहतर अवसर देना हम सबकी जिम्मेदारी: सीएम भूपेश बघेल

अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस : हर बच्चे को बेहतर अवसर देना हम सबकी जिम्मेदारी: सीएम भूपेश बघेल

12-Jun-2020

रायपुर : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस 12 जून की पूर्व संध्या पर जारी अपने संदेश में कहा है कि आज पूरे विश्व में बाल श्रम एक समस्या के रूप में उभरा है। बाल श्रम के प्रति विरोध दर्ज करने और लोगों में जागरूकता लाने के उद्देश्य से हम हर साल 12 जून को  अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस मनाते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाल मजदूरी से समाज अपना सुनहरा भविष्य खत्म करने की ओर एक कदम बढ़ाता है। उचित देखभाल, पोषण, सुरक्षा, खुशहाल जीवन, शिक्षा, स्वास्थ्य और आगे बढ़ने के अवसर पर हर बच्चे का समान अधिकार है। उन्होंने कहा कि हर बच्चे में असीम संभावनाएं होती हैं। इन संभावनाओं को संवरने के लिए खुला आसमान देना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने लागों से अपील की है कि छोटे बच्चों को काम में ना लागाएं,ना ही किसी को लगाने दें। बच्चों के प्रति दुर्व्यवहार,हिंसा या मजदूरी करते पाए जाने पर तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना देकर बच्चे का भविष्य बचाने में सहयोग करें।


रायपुर : मानसून आने से पहले खुले और जाम पड़े नालों को ठीक करे नगर निगम - प्रकाशपुंज पांडेय

रायपुर : मानसून आने से पहले खुले और जाम पड़े नालों को ठीक करे नगर निगम - प्रकाशपुंज पांडेय

11-Jun-2020

प्रकाशपुंज पांडेय 

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रायपुर : समाजसेवी और राजनीतिक विश्लेषक प्रकाशपुन्ज पाण्डेय ने मीडिया के माध्यम से जनता से जुड़ी एक बड़ी समस्या पर नगर निगम का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा है कि, प्रायः ये देखा जा सकता है कि मानसून आते ही छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर शहर के नाले और नालियाँ और ओवरफ्लो हो जाते हैं और उसमें बह रहा कचरा व कीचड़ सड़कों पर आ जाता है जिससे वहाँ रह रहे लोगों और राहगीरों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है। यह किसी एक वर्ष का काम नहीं है यह समस्या हर वर्ष आती है। ऐसा नहीं है कि नगर निगम और प्रशासन को इस बारे में पता नहीं है, लेकिन इसके बावजूद ऐसे जरूरी विषय और गंभीर समस्या पर प्रशासन और निगम ध्यान नहीं देता है यह समझ से परे है। 

प्रकाशपुन्ज पाण्डेय ने कहा कि रायपुर शहर में ऐसी तमाम रहवासी कॉलोनियां भी हैं जहां जलभराव की समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं। एक बारिश में ही यह समस्याएं जमीन के ऊपर दिखने लगती हैं। साथ ही कई कॉलोनियों की सीमा से लगे हुए नाले बहते हैं जो कि खुले हैं और उनसे हमेशा ही बदबू आती रहती है जिससे वहां के रहवासियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। रायपुर ही नहीं बल्कि समूचे प्रदेश में जलभराव की समस्या एक बहुत बड़ी समस्या है जिसके कारण शहर में गंदगी फैलती है और बीमारी बढ़ने का डर हमेशा बना हुआ रहता है। गंदगी के कारण मच्छर मक्खी उत्पन्न होते हैं और डेंगू मलेरिया जैसी बीमारियाँ बढ़ जाती हैं। मौजूदा दौर में जब एक तरफ कोरोनावायरस का संकट मौजूद है वहीं दूसरी ओर आने वाले मानसून में नालियों के ओवरफ्लो होने के कारण जलभराव होने से बहुत सी बीमारियाँ जन्म लेंगे?

प्रकाशपुन्ज पाण्डेय ने छत्तीसगढ़ राज्य के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से अनुरोध किया है कि जब प्रदेश के लगभग सभी निगमों में कांग्रेस की ही सत्ता है ऐसे में उन्हें एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए जनहित में समूचे छत्तीसगढ़ में एक सुचारू और बेहतरीन ड्रेनेज सिस्टम, रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम और सीवेज ट्रीटमेंट का काम करवा कर समूचे देश में एक उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए कि एक अच्छी सरकार कैसे काम करती है, क्योंकि यह समस्या हर साल आनी है और हर साल लोग इस समस्या के कारण परेशानियों का सामना करने को मजबूर होते हैं। यही जनता आप को बड़ी ही उम्मीदों के साथ वोट देकर जिताती है, तो आप का यह कर्तव्य और दायित्व बनता है कि कम से कम यह एक काम करके जनता को राहत प्रदान करें। 

 


जांजगीर-चांपा : कुँए से लीक हुई मीथेन गैस, कार्य कर रहे मजदूर आए चपेट में, 4 की मौत

जांजगीर-चांपा : कुँए से लीक हुई मीथेन गैस, कार्य कर रहे मजदूर आए चपेट में, 4 की मौत

10-Jun-2020

जांजगीर चांपा जिले के धमनी गांव से एक बड़ी घटना की खबर आ रही है मीडिया में आ रही रिपोर्टो के अनुसार हसौद थाना क्षेत्र के धमनी गांव में  एक कुँए का निर्माण कार्य किया जा रहा था इसी दौरान कुँए से मिथेन गैस लीक हुआ जिससे कुँए के अन्दर कार्य कर रहे दो मजदूर चपेट में आ गए इसकी जानकारी अन्य मजदूरों को हुई तो वे उन्हें बचाने कुँए में उतर गए जिससे वे भी चपेट में आ गए  इस हादसे में दो मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गयी। वहीं अन्य दो की अस्पताल ले जाने के दौरान मौत हो गयी। घटना की सूचना के बाद पुलिस घटनास्थल पर पहुँच चुकी है और आगे की कार्रवाई कर रही है.


छ.ग. : बिलासपुर में आज और कल टोटल लॉकडाउन

छ.ग. : बिलासपुर में आज और कल टोटल लॉकडाउन

06-Jun-2020

बिलासपुर : कोरोना के लगातार बढ़ते केस की वजह से बिलासपुर में आज शनिवार और कल रविवार को टोटल लॉकडाउन रखा गया है। टोटल लॉकडाउन के दौरान तय समय मे आवश्यक दुकानों को खोलने के लिए छूट दी गई है। बता दें कि प्रदेश में कोरोना संक्रमितो की संख्या अभी लगातार बढ़ रही है अधिकतर संक्रमित प्रवासी मजदूर हैं जो बाहर से आए हुए हैं प्रदेश में कुल एक्टिव कोरोना मरीजों की संख्या 666 हो गई है।


कोरोना से बचाव और सोशल डिसटेंसिंग बनाए रखने फलों व सब्जियों की होम डिलवरी

कोरोना से बचाव और सोशल डिसटेंसिंग बनाए रखने फलों व सब्जियों की होम डिलवरी

06-Jun-2020

कोरोना से बचाव और सोशल डिसटेंसिंग बनाए रखने फलों व सब्जियों की होम डिलवरी
एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट ने कोरोना संकट काल में तैयार किया ई-किचन मोबाइल एप

रायपुर, 3 जून 2020। देश व दुनिया के सामने संकट पैदा करने वाली कोरोना महामारी से बचाव ही सुरक्षा है। कोरोना वायरस के संक्रमण के प्रसार को तीसरे स्टेनप यानी समुदाय स्तर पर फैलाव को रोकने के लिए लॉकडाउन के बाद अनलॉ‍क के इस दौर में लोग घरों से निकलने से कतरा रहे हैं। ऐसे में हरी व ताजी सब्जी व फल की दरकार हर घर में होती है जिसकी वजह से लोग बाजार की भीड़ में जूझते हुए नजर आते हैं।

वायरस के खतरे से बचाव के लिए इंदिरागांधी एग्रीकल्च र यूनिवर्सिटी के विद्यार्थी  ने  ई-किचन मोबाइल एप इजात किया है। अब 'ई किचन मोबाइल एप भीड़ वाले सब्जी  के बाजारों से निजात दिलाएगा। मोबाइल एप कोरोना वारियर्स बनकर घर बैठे सीधे किसानों के खेतों से ताजी-हरी सब्जी उपलब्ध कराएगा। कोरोना महामारी के समय जहां कई सब्जी् मंडियों में सोशल डिसटेंसिंग एक बडी समस्या है इस मोबाइल एप से मंडियों में होने वाली भीड को कम करने में मदद मिल सकेगी।

कोविड-19 ने सामाजिक जीवन के ताने-बाने को ध्वदस्ती करने में कोई कसर नहीं छोडा है। ऐसे में इस संकट की घड़ी में कृषि विश्विविद्वालय के एमएससी मृदा विज्ञान विभाग के छात्र ललित साहू की मेहनत ने नवाचार कर दिखाया है। अनलाक की अवधि के दौरान लोगों को दैनिक जरुरतों की सामाग्री पहुंचाने मोबाइल एप तैयार किया गया है। सोशल डिसटेंसिंग को बनाए रखने की सोच को लेकर ललित साहू के दिमाग में एक आइडिया आया कि क्यों न फलों के साथ ही सब्जियों को ऑनलाइन माध्यम से बेचने होम डिलवरी की सुविधाएं लोगों तक पहुंचे। इससे समय व श्रम की बचत भी होगी। इसी सोच का नतीजा है कि कृषि छात्र किसानों के खेतों और मंडी से सब्जीस की सीधे सप्लाभइ ऑनलाइन मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से की जा रही है। होम‍ डिलवरी के समय पूरी सावधानियां बरती जा रही है जिससे कोरोना के संक्रमण के खतरे को कम किया जा सके गा।

खेत से सीधे घर तक पहुंचेगी सब्जी व फल

ई-किचन मोबाइल ऐप के संचालक ललित कुमार साहू ने कृषक नगर जोरा में ही ऑफिस बना कर किसानों से सीधे खरीदी कर रहा है। उन्होंने बताया सब्जी और फल के ऑनलाइन मार्केटिंग का उनका आईडिया इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में चल रहे 'राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के राबी - रफ्तार प्रोजेक्ट' के तहत इन्क्यूबेट हैं। ई किचन मोबाइल एप्लीकेशन को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं। एप्लीकेशन में सभी प्रकार की  सब्जी, फल एवं राशन सामग्री उपलब्ध है। इस एप ने रोजमर्रा के खान पान की चीजों को अब घर में मंगाना आसान कर दिया है। डिजिटल युग में ऐप से ऑनलाइन ऑर्डर कर  महज एक घंटे क़े भीतर घर बैठे सुविधा ले सकते हैं। ऑर्गेनिक और प्राकृतिक रूप से पकाए हुए फल और सब्जी ऑर्डर करने 10 डिलवरी बॉय के माध्यम से फ्री होम डिलीवरी की सुविधा दे रहे हैं। इसकी खासियत यह है की यह उत्पाद सीधे किसानों से खरीदकर लोगों तक बिचौलियों के कमीशन से बचाकर बाजार से भी कम कीमत पर सब्जियां उपलब्ध होंगे।


रायपुर : बढ़ रही है कोरोना संक्रमितों की संख्या, आज फिर मिले 63 संक्रमित

रायपुर : बढ़ रही है कोरोना संक्रमितों की संख्या, आज फिर मिले 63 संक्रमित

05-Jun-2020

रायपुर : प्रदेश में धीरे-धीरे कोरोना संक्रमित मरीजो की तादाद बढ़ती ही जा रही है आज हेल्थ डिपार्टमेंट के द्वारा दी जानकारी के अनुसार अकेले कोरबा से ही  40 कोरोना संक्रमित मिले हैं ये सभी प्रवासी मजदूर हैं वही  रायगढ़ से 13, बलौदाबाजार व रायपुर से 3-3, राजनांदगांव से 2 व कोरिया व बलरामपुर से 1-1 संक्रमित हैं बीते दिन प्रदेश में एक्टिव मरीजो की संख्या 565 थी जो अब बढ़कर 628 हो गई है बता दें कि बीते दिन प्रदेशभर से कुल 93 कोरोना संक्रमित मिले थे और आज अभी तक 63 मिले हैं जो दिन बीतते बीतते और बढ़ सकती है.  


जांजगीर चाम्पा :  क्वारेंटाइन किये गये प्रवासी मजदूर की मौत, मौत की वजह जानने पीएम रिपोर्ट का इंतजार

जांजगीर चाम्पा : क्वारेंटाइन किये गये प्रवासी मजदूर की मौत, मौत की वजह जानने पीएम रिपोर्ट का इंतजार

05-Jun-2020

जांजगीर चाम्पा जिले से एक क्वारेंटाइन सेंटर में  क्वारेंटाइन किये गये मजदूर की मौत होने की खबर मीडिया में आ रही है मीडिया में आ रही खबरों के अनुसार मृतक प्रवासी मजदूर पंजाब से लौटा था। उसे जांजगीर चाम्पा के एक क्वारेंटाइन सेंटर में क्वारेंटाइन किया गया था उसकी तबियत खराब होने पर उसे जिला अस्पताल ले जाया गया जहाँ उसकी मौत हो गई जिसके बाद प्रशासन में हड़कंप मचा है मजदूर की मौत की वजह क्या है इसके लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है ।


रायपुर : उद्योगों के संचालन में कोरोना संक्रमण से बचाव की गाईड लाइन का गंभीरता से पालन किया जाए : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

रायपुर : उद्योगों के संचालन में कोरोना संक्रमण से बचाव की गाईड लाइन का गंभीरता से पालन किया जाए : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

03-Jun-2020

रायपुर : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने लॉक डाउन के बाद प्रदेश में शुरू हुए उद्योगों में कोरोना संक्रमण से बचाव की गाईड लाइन सहित सभी एहतियाती उपायों का गंभीरता से पालन करने की जरूरत पर बल दिया है। श्री बघेल आज यहां अपने निवास कार्यालय में आयोजित बैठक में उद्योगपतियों से चर्चा कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉक डाउन के 60 से 70 दिनों बाद औद्योगिक गतिविधियां प्रारम्भ हुई हैं, ऐसे में यह आवश्यक है कि उद्योगों में काम करने वाले संक्रमण से सुरक्षित रहें। काम करने वालों के स्वास्थ्य की जांच सहित गाइड लाइन का पालन किया जाए और स्थानीय उद्योगों में काम करने वाले लोगों को बाहर से आने वाले लोगों के सम्पर्क से दूर रखा जाए।  

 मुख्यमंत्री ने चर्चा के दौरान उद्योगों की समस्याओं की जानकारी ली और उद्योगपतियों को उनके समाधान के लिए राज्य सरकार के स्तर से हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। वन मंत्री मोहम्मद अकबर भी इस अवसर पर उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की यह मंशा है कि छत्तीसगढ़ इंडस्ट्रियल हब बने, यहां के स्थानीय लोगों को रोजगार मिले और राज्य सरकार को भी उद्योगों से राजस्व की प्राप्ति हो। उद्योगपतियों ने चर्चा के दौरान कहा कि नई सरकार बनने के बाद प्रदेश में अच्छा औद्योगिक वातावरण बना है। अधिकारी उद्योगों की समस्याएं सुन रहे हैं और उनके निराकरण का प्रयास भी कर रहे हैं।  
 
मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों से कहा कि कोरोना संकट से यह सीख मिली है कि उद्योगों के संचालन में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता दी जाए। स्थानीय श्रमिकों को उद्योगों की आवश्यकता के अनुसार प्रशिक्षण देकर उनके कौशल का उन्नयन किया जाए। साथ ही स्थानीय विशेषज्ञों की सेवाएं ली जाएं। मुख्यमंत्री ने बताया कि बाहर से आने वाले श्रमिकों की स्किल मैपिंग करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं। मैपिंग के बाद श्रमिकों की तैयार की जाने वाली सूची से उद्योगों को उनकी आवश्यकता अनुसार दक्ष श्रमिकों की सेवाएं लेने में आसानी होगी।
 
बैठक में उद्योगपतियों ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि पुरानी औद्योगिक नीति के तहत स्थापित उद्योगों को उस समय की औद्योगिक नीति में दी जाने वाली रियायतों का लाभ मिलना चाहिए। उद्योगपतियों ने भूखण्डों को फ्री होल्ड करने के नियमों में संशोधन के लिए भी आग्रह किया। उन्होंने बताया कि फ्री होल्ड हेतु भूखण्ड के लिए जो सीमा निर्धारित की गई है, उससे बड़े आकार के भूखण्डों पर उद्योग स्थापित हैं इसलिए इस प्रावधान का लाभ उद्योगों को नहीं मिल पा रहा है। उद्योगपतियों ने भूमि अधिग्रहण में आ रही दिक्कतों और उद्योगों के लिए जलकर की दरों के संबंध में भी ध्यान आकर्षित किया। मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों की इन समस्याओं के निराकरण के लिए गंभीरता पूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया।
 
 बैठक में मेसर्स श्री सीमेंट लिमिटेड के श्री रवि तिवारी, मेसर्स आर.आर. इस्पात के श्री दिनेश अग्रवाल, मेसर्स मां कुदरगढ़ी एल्यूमिना रिफायनरी प्रायवेट लिमिटेड के श्री अनिल कुमार अग्रवाल, एस.के.एस इस्पात एण्ड पावर लिमिटेड के श्री हरिहरण, मेसर्स प्रकाश इंडस्ट्रिज लिमिटेड श्री ए.के. चतुर्वेदी, मेसर्स गोपाल स्पंज एंड पावर लिमिटेड के श्री विजय आनंद झावर, मेसर्स रामा पावर एंड स्टील प्रायवेट लिमिटेड के श्री संजय गोयल, मेसर्स बजरंग एलायस लिमिटेड के श्री नरेन्द्र गोयल, मेसर्स गोयल जेनिथ एग्रो प्रायवेट लिमिटेड के श्री विरेन्द्र गोयल भी उपस्थित थे।


रायपुर :  “स्टेप वन” सेवा से मरीजों को घर पर ही मिल रहा फोन पर चिकित्सीय परामर्श

रायपुर : “स्टेप वन” सेवा से मरीजों को घर पर ही मिल रहा फोन पर चिकित्सीय परामर्श

03-Jun-2020

- 500 डॉक्टर दे रहे परामर्श

- टेलीकन्सल्टेशन में अब तक 3000 कॉल में 1100 लोगों ने लिया फोन पर परामर्श
- छत्तीसगढ़ समेत 11 राज्यों में शुरू हुई काउंसिलिंग की “स्टेप वन” सेवा

रायपुर 3 जून : कोरोना महामारी को फैलने से रोकने के लिए लोग घरों से ही टेक्नोलॉजी जैसे फोन और इंटरनेट के माध्यम से कई तरह की सेवाएं ले रहे हैं। इसी क्रम में पहला कदम लेते हुए छत्तीसगढ़ में “स्टेपवन” टेलीमेडिसिन की शुरुआत की है। टेलीमेडिसिन का मतलब फोन या वीडियो कॉल पर उपचार उपलब्ध करवाना है। 

अप्रैल 17 को शुरू किये गए “स्टेपवन” प्रोजेक्ट में 500 से अधिक सरकारी और निजी चिकित्सक पंजीकृत हो चुके हैं और अब तक लगभग 1100 लोगों को फोन से परामर्श प्रदान किया गया है। कोविड संक्रमण के अलावा अन्य तरह की चिकित्सीय परामर्श के लिए पंजीकृत डॉक्टर मरीजों को फोन पर निःशुल्क सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। बस सेवा का लाभ लेने के लिए मरीजों को हेल्प लाइन नंबर 104 डायल कर अपना विवरण और स्थित बताना है I इसके बाद पंजीकृत चिकित्सक मरीजों की समस्याओं के मुताबिक चिकित्सीय परामर्श प्रदान कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के मुताबिक अब तक 3000 कॉल्स 104 पर किए गए हैं जिनमें से 1100 लोगों ( विभिन्न बीमारी से संबंधितों) को चिकित्सीय परामर्श दिया जा चुका है। 

डॉ. अखिलेश त्रिपाठी उप संचालक एवं प्रवक्ता स्वास्थ्य विभाग ने बताया कोरोना संक्रमण के जोखिम को कम करने में “स्टेपवन” मददगार है। लोगों को सिर्फ एक कॉल पर ही बिना अस्पताल पहुंचे स्वास्थ्यगत सेवाएं मिल रही हैं। जरूरी होने पर परामर्श के बाद मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराने में भी सहायता मिल रही। इससे लोग अनावश्यक रूप से अस्पताल आने से भी बच रहे हैं।

इस तरह मिल रही सेवा- स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक कोई भी व्यक्ति स्वास्थ्य हेल्प लाइन सेवा 104 पर फोन करता है I इंटरैक्टिव वौइस  रेस्पोंस सिस्टम (आईवीआरएस) के जरिए उनसे कुछ प्रश्न पूछे जाते हैं । कॉल करने वाले की संपूर्ण जानकारी और स्वास्थ्य संबंधी समस्या की जानकारी ली जाती है.। इसके बाद कॉल कट जाता है और सीधे डॉक्टर्स समूह ( जिन्होंने उक्त सेवा के लिए पंजीयन कराया है) के पास मरीज की सारी जानकारी चली जाती है। आधे घंटे के भीतर डॉक्टरों द्वारा फोन पर ही मरीज की समस्याओं का निदान और परामर्श प्रदान किया जाता है। यदि मरीज को अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता लगती है तो स्वास्थ्य विभाग की मदद से एंबुलेंस व्यक्ति के घर भेजा जाता है और अस्पताल में भर्ती किया जाता है। 

 इन राज्यों में काउंसिलिंग सेवा- कोविड महामारी के दौरान हर तरह के मरीजों को फोन के जरिए ही स्वास्थ्य परामर्श प्रदान करने के लिए सबसे पहले कर्नाटका में “वाट्सऐप” के जरिए सेवा शुरू हुई। इसका विस्तार करके “प्रोजेक्ट स्टेपवन” सेवा छत्तीसगढ़ समेत देश के 11 राज्यों में दी जा रही है । इनमें मुख्य रूप से  कर्नाटका, महाराष्ट्र, उड़ीसा, पंजाब, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, दिल्ली, झारखंड, नागालैंड, मेघालय और केरल शामिल है।


अंबिकापुर : जिला खाद्य अधिकारी ने अनियमितता बरतने वाली छह उचित मूल्य की दुकानें किया निलंबित

अंबिकापुर : जिला खाद्य अधिकारी ने अनियमितता बरतने वाली छह उचित मूल्य की दुकानें किया निलंबित

02-Jun-2020

अंबिकापुर : जिला खाद्य अधिकारी द्वारा अम्किापुर जिले की 6 शासकीय उचित मूल्य की दुकानों को अनियमितता पाए जाने पर निलंबित कर दिया गया है । इसमें 5 नगर पालिक निगम अम्बिकापुर क्षेत्र से तथा एक अम्बिकापुर जनपद अंतर्गत संचालित दुकान शामिल हैं। निलम्बित दुकानों से खाद्यान्न लेने वाले राशनकार्डधारियों को अन्य शासकीय उचित मूल्य की दुकानों में संलग्न किया गया है।


धमतरी  : होम आइसोलेशन में रह रहे शिक्षक खम्मन सिंह ध्रुव की मृत्यु हृदयघात से हुई थी, आई रिपोर्ट

धमतरी : होम आइसोलेशन में रह रहे शिक्षक खम्मन सिंह ध्रुव की मृत्यु हृदयघात से हुई थी, आई रिपोर्ट

30-May-2020

 धमतरी  : नगरी विकासखण्ड के ग्राम सांकरा के 37 वर्षीय खम्मन सिंह ध्रुव, जो कि प्राथमिक शाला खरका, संकुल रिसगांव में शिक्षक के रूप में पदस्थ थे, कल शाम उनकी मृत्यु हो गई। ज्ञात हो कि वे तीन दिन पहले नया रायपुर स्थित ग्राम बंजारी थाना राखी से नगरी विकासखंड के सांकरा स्थित अपने किराए के मकान में लौटे थे। इसकी जानकारी मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम सरपंच के साथ उनके घर जाकर उन्हें 28 मई से होम आइसोलेशन में रहने की सलाह दी तथा उन्हें पानी भी पिलाया गया, लेकिन अत्यधिक शराब पीने के कारण वे समझ नहीं पा रहे थे। अनुविभागीय अधिकारी एवं इंसीडेण्ट कमाण्डर नगरी श्री सुनील शर्मा से मिली जानकारी के मुताबिक पोस्ट मार्टम रिपोर्ट के अनुसार पेट में एल्कोहलिक द्रव्य पाया गया एवं हृदयघात के कारण उक्त व्यक्ति की मृत्यु हुई है। ज्ञात हो कि उक्त शिक्षक नवंबर 2019 से शिक्षकीय कार्य पर नहीं जा रहे थे और जानकारी मिली कि वह लगातार शराब का सेवन करते थे।


अजीत जोगी के निधन पर बोले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, प्रदेश के लिए अपूरणीय क्षति, तीन दिन का राजकीय शोक घोषित

अजीत जोगी के निधन पर बोले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, प्रदेश के लिए अपूरणीय क्षति, तीन दिन का राजकीय शोक घोषित

29-May-2020

रायपुर : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री श्री अजीत प्रमोद कुमार जोगी के निधन पर गहरा दुःख प्रकट किया है। श्री जोगी का आज यहां एक निजी चिकित्सालय में इलाज के दौरान निधन हो गया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने श्री जोगी के निधन पर राज्य में आज से तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया है। इस दौरान राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा और कोई भी शासकीय समारोह आयोजित नहीं किए जाएंगे। स्वर्गीय श्री जोगी का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ कल 30 मई को गौरेला में होगा।

मुख्यमंत्री श्री बघेल ने अपने शोक संदेश में कहा है कि श्री जोगी का निधन छत्तीसगढ़ के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने प्रदेश के विकास में श्री जोगी के योगदान का स्मरण करते हुए कहा कि राज्य बनने के बाद उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य के तीव्र विकास की रूपरेखा तैयार की और एक कुशल राजनीतिज्ञ एवं प्रशासक के रूप में राज्य को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की।  मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के बाद श्री जोगी के नेतृत्व में बनी सरकार में केबिनेट मंत्री के रूप में कार्य करने का मौका मिला। उन्होंने कहा कि श्री जोगी ने छत्तीसगढ़ राज्य में गांव, गरीब और किसानों के कल्याण के लिए काम करने की दिशा निर्धारित की।

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने स्वर्गीय श्री जोगी के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें इस दुख की घड़ी को सहन करने की शक्ति प्रदान करने और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है। ज्ञातव्य है कि श्री जोगी बीते 9 मई से उपचार हेतु चिकित्सालय में भर्ती थे। पूर्व मुख्यमंत्री श्री अजीत जोगी इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद प्राध्यापक  के रूप कैरियर की शुरूआत की। पहले आई.पी.एस. के रूप में अपनी सेवाएं दी तत्पश्चात भारतीय प्रशासनिक सेवा के लिए चयनित हुए। अविभाजित मध्यप्रदेश के दौरान रायपुर सहित कई जिलों के कलेक्टर रहे। श्री जोगी सांसद, विधायक भी रहे। एक नवंबर 2000 को छत्तीसगढ़ राज्य बना तो वे राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री बने।


आज फिर मिले कोरोना के 5 संक्रमित, एक्टिव केस हुए 321

आज फिर मिले कोरोना के 5 संक्रमित, एक्टिव केस हुए 321

29-May-2020

प्रदेश में आज शुक्रवार को 5 नए कोरोना संक्रमित मिले हैं ये मरीज बिलासपुर से 2, जगदलपुर से 1, महासमुंद से 1 और 1 दुर्ग से है इसके साथ ही प्रदेश में अब कुल कोरोना संक्रमित एक्टिव केस की संख्या बढ़कर  321 हो गई है.  वही अब तक कुल मिले संख्या की बात करे तो 404 हो गई है. जिसमें से 83 लोग स्वस्थ हो कर घर जा चुकें हैं. बता दें कि अधिकतर केस जो मिले हैं उनमे प्रवासी मजदूरो की संख्या ज्यादा है.