पश्चिम बंगाल:नगरीय निकाय चुनाव में तृणमूल कांग्रेस का दबदबा  बीजेपी के हाथ से निकला भांटपाड़ा नगर निगम !

पश्चिम बंगाल:नगरीय निकाय चुनाव में तृणमूल कांग्रेस का दबदबा बीजेपी के हाथ से निकला भांटपाड़ा नगर निगम !

07-Nov-2019

कोलकाता :पश्चिम बंगाल की भाटपाड़ा नगर पालिका में 12 पार्षद भाजपा का साथ छोड़कर दोबारा तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए।
इसी के साथ यहां फिर तृणमूल कांग्रेस बहुमत में आ गई है। लोकमत न्यूज़ डॉट इन पर छपी खबर के अनुसार, तृणमूल के भाटपाड़ा नगरपालिका में बहुमत हासिल करने के साथ ही भाजपा के हाथ से वे सभी सात नगरपालिकाएं निकल गई हैं, जिन पर उसने 2019 के लोकसभा चुनाव के साथ कब्जा किया था।
लोकसभा चुनाव के बाद वे भाजपा में शामिल हुए थे.
भाटपाड़ा पहली नगरपालिका थी जिस पर स्वतंत्रता के बाद भाजपा ने कब्जा किया था। 34 सदस्यों वाली नगरपालिका में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस के 19 पार्षदों ने लोकसभा चुनाव में भाजपा के उत्कृष्ट प्रदर्शन के बाद उसका दामन थाम लिया था। बाद में कुछ और तृणमूल पार्षद भाजपा में शामिल हुए थे।
तृणमूल से भाजपा में आए कुल 26 पार्षदों में से 12 ने तृणमूल भवन में वरिष्ठ नेताओं फिरहाद हाकिम और ज्योतिप्रियो मलिक की उपस्थिति में दोबारा तृणमूल की सदस्यता ग्रहण कर ली।
मलिक ने कहा, ”12 पार्षदों के वापस पार्टी में आने के बाद 34 सदस्यीय भाटपाड़ा नगरपालिका में हमारी संख्या 21 हो गई है। हम जल्दी ही अविश्वास प्रस्ताव लाकर नगरपालिका का नियंत्रण अपने हाथों में ले लेंगे।
वरिष्ठ भाजपा नेता मुकुल रॉय ने तृणमूल पर राजनीतिक और प्रशासनिक दबाव डालकर पार्षदों को दोबारा पार्टी में शामिल करने का दावा किया। उन्होंने कहा कि पार्षदों के भाजपा में शामिल होने के बाद से ही उन्हें पुलिस और गुंडों द्वारा धमकाया जा रहा था।

 


पीएम मोदी की एडिटेड फोटो डालना शख्स को पड़ा भारी, एक साल सोशल मीडिया से दूर रहने की 'सजा'

पीएम मोदी की एडिटेड फोटो डालना शख्स को पड़ा भारी, एक साल सोशल मीडिया से दूर रहने की 'सजा'

06-Nov-2019

कन्याकुमारी : पीएम मोदी की फोटो के साथ छेड़छाड़ कर उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट करना एक शख्स को भारी पड़ गया। उत्तम हिन्दू में प्रकाशित खबर के अनुसार इस पोस्ट के एक महीने बाद तमिलनाडु के कन्याकुमारी जिले के निवासी जबीन चार्ल्स को एक साल के लिए सोशल मीडिया से दूर रहना पड़ेगा। जबीन ने इसके लिए बाकायदा मद्रास हाई कोर्ट में लिखित हलफनामा भी दिया है।

सोमवार को अग्रिम जमानत लेने के लिए जबीन ने मद्रास हाईकोर्ट को लिखित में दिया कि वह अगले एक साल तक सोशल मीडिया का इस्तेमाल नहीं करेंगे। जस्टिस जी आर स्वामीनाथन ने कहा कि अगर जबीन को सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हुए पाया गया तो उनकी जमानत कैंसल कर दी जाएगी। जस्टिस स्वामीनाथन ने जबीन को कहा कि वह एक माफीनामा लिखकर भी कोर्ट को दें।

बता दें कि एक महीने पहले जबीन की इस पोस्ट के अगले ही दिन बीजेपी पदाधिकारी नांजिल राजा ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी और मामला हाई कोर्ट पहुंच गया। जबीन चार्ल्स ने अपने बचाव में सुप्रीम कोर्ट द्वारा कही गई बात याद दिलाई कि पब्लिक फोरम पर अपनी राय रखना कोई अपराध नहीं है। हालांकि, चार्ल्स ने अपनी इस पोस्ट पर खेद व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने इस पोस्ट को तुरंत ब्लॉक कर दिया था क्योंकि उन्हें एहसास हो गया था कि प्रधानमंत्री का अपमान सही नहीं है।

उन्होंने कोर्ट के सामने यह भी कहा कि वह स्थानीय अखबार में भी माफीनामा छपवाने के लिए तैयार हैं। कन्याकुमारी की वाडसरी पुलिस ने चार्ल्स के खिलाफ 11 अक्टूबर को आईपीसी की धारा 505 (2) और आईटी ऐक्ट 2000 की धारा 67 बी के तहत मुकदमा दर्ज किया था।


सोशल मीडिया पर एके-47 खरीदना आसान

सोशल मीडिया पर एके-47 खरीदना आसान

05-Nov-2019

हेमेन्द्र क्षीरसागर, लेखक, पत्रकार व विचारक 

पहले रोटी, कपड़ा और मकान हमारी मूलभूत जरूरतें थी। फिर इसमें पढ़ाई, दवाई और कमाई जुड़ी। बाद में आर-पार, व्यापार, समाचार, संचार और दूरसंचार  शामिल हुआ। सिलसिले में कंप्यूटर, इंटरनेट और मोबाइल के मकड़जाल से कर लो दुनिया मुट्ठी में नामक सोशल मीडिया का जन्म हुआ। जो बड़े काम की और कमाल का तुंतुरा साबित हुआ। घंटों के काम मिनटों में निपटकर सोहलते और मोहलतें बढ़ने लगी। आंखों देखा हाल सात समुंदर पार दिखाई देने लगे। आभास हुआ कि सोशल मीडिया के जीवाश्म इंटरनेट, मोबाइल, व्हाट्सएप, फेसबुक टि्वटर, इंस्टाग्राम, यूट्यूब, टिक टॉक और ईमेल आदि-इत्यादि के बिना जीवन अधूरा है। वाकई में इनमें ऐसी खूबियां भी बेशुमार है। जिससे जनजीवन में अनेकों आमूलचूल परिवर्तन आए, इसे कदापि नकारा नहीं जा सकता।  

लिहाजा सब कुछ बड़े आराम से बहुत अच्छे तरीके से चल रहा था, लेकिन इसमें भी बहुत जल्दी हर मीठी चीज की तरह कीड़े पड़ गए। जिन्होंने हमारे नजरों और दिमाग को दिनोंदिन खोखला करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। बेहतरतीब सामाजिक ताने-बाने, नाते-रिश्तों को तार-तार होते-होते देर नहीं लगी। आपाधापी में सोशल मीडिया के चमत्कार, हां-हां कार में बदल गए, और हमारे हाथ लगा हासिल का जीरो। इसके कारक केवल और केवल मात्र हम हैं ना कि सोशल मीडिया का तंत्र जाल। यह तो एक शिष्टाचारी शिष्य की भांति अपने काम को बड़ी शिद्दत से निभाता आ रहा है। वह तो हम जो सोशल मीडिया को कोई ऊल-जलूल कामों के लिए मजबूर करते हैं। और दोष देते फिर रहे हैं सोशल मीडिया के उपयोग को। ऊपर से मोबाइल टावरों के रेडिएशन से निकलने वाले विकरण कई रोगों के कारक है। बावजूद अमानक टावर बेधड़क गांव-गांव और गली-मोहल्ले में लगते ही जा रहे हैं।

यहां यह ना भूले की किसी चीज की आदत तो ठीक है लेकिन लत कदापि नहीं! हमने तो इसके उपयोग को दुरुपयोग में बदल दिया जिससे जिंदगियां बर्बाद होना लाज़मी है। भेड़ चाल, गोलमाल, लूट-खसोट, भद्दा मजाक, अनाप-शनाप गपशप, अश्लीलता और अनचाही जानकारी बेधड़क सोशल मीडिया के तंत्रों में परोसी जा रही है। अलमस्त कि हमारे आने वाली पीढ़ी और महिलाएं भी इससे अछूती नहीं है। विभीषिका आज बचपन खोते जा रहा है। खिलौनों की जगह हाथ में विडियो गेम, मोबाइल, लोरी बनी कार्टूनों की धून। बावजूद प्रसन्न मांये गर्व से कहती है कि मेरा बच्चा बड़ा होशियार है वह तो पूरा का पूरा मोबाइल अपने पापा से अच्छा चला लेता है वह भी ऑनलाइन! भलाई, वह बालमन मोबोफोबिया से व्यधि-आधि का शिकार क्यों ना हो गया हो। बेसुधी में पूरा का पूरा परिवार बड़े-बड़े मोबाइलों पर तसल्ली से चुना-कथा लगाता रहता है। मजाल है कोई किसी की कराहट भी सुन ले, सबको अपने अपने स्टेटस, लाइक और कमेंट की चिंता पड़ी रहतीं हैं। चाहे स्वास्थ और निजता पर कितना भी बुरा असर क्यों ना पड़े इससे कोई मतलब नहीं है।

वीभत्स, हालिया ही देश के सर्वोच्च न्यायालय ने सोशल मीडिया के दुरुपयोग पर चिंता जताते हुए कहा कि यह बेहद खतरनाक है। सरकार को जल्द से जल्द इस समस्या से निपटने के लिए दिशा निर्देश बनाना चाहिए। यही नहीं उच्चतम न्यायालय ने केंद्र सरकार से सोशल मीडिया के दुरुपयोग को रोकने वैधानिक गाइडलाइन तैयार करने के लिए एक निश्चित समय सीमा बताकर हलफनामा दाखिल करने निर्देश दिया है। न्यायालय ने अपनी तल्ख टिप्पणी में कहा कि लोगों के लिए सोशल मीडिया पर एके-47 तक खरीदना आसान हैं। बकौल, इससे विषम, चिंताजनक तथा बेलगामी बात और क्या हो सकती है? आगे शीर्ष अदालत ने कहा लगता है कि स्मार्टफोन छोड़कर फिर से फीचर फोन की ओर लौटना चाहिए। हालात ऐसे हैं कि हमारी मौलिकता तक सुरक्षित नहीं है।

वस्तुतः कमशकम न्याय के सर्वोच्च मंदिर के स-सम्मान मिडिया को सोशल रहने दिया जाए तो सबके लिए बेहतर होगा। इसको अव्यवहारिक, अमर्यादित और अपने लिए स्पेशल बनाएंगे तो हर हाल में बर्बादी का ही सबक बनेगा। अलबत्ता जरूरत के मुताबिक इस खूबसूरत साधन का सद्उपयोग करना ही वक्त की नजाकत और भलीमत हैं। अन्यथा कानून के फंडे और पुलिस के डंडे कितने भी पड़ें कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है। हम तोड़ने के आदि जो हो चुके हैं क्या करें! आदत से मजबूर जो हैं। शायद! बदल जाए तो जिंदगियां सवरते देर नहीं लगेगी। 


इंद्रावती टाइगर रिजर्व बना नक्सली रिजर्व फॉरेस्ट, टाइगर रिजर्व से टाइगर गायब हुए

इंद्रावती टाइगर रिजर्व बना नक्सली रिजर्व फॉरेस्ट, टाइगर रिजर्व से टाइगर गायब हुए

04-Nov-2019

नक्सलवाद से इंद्रावती नेशनल पार्क अप्रासंगिक हुआ

राकेश पांडे की रिपोर्ट 

जगदलपुर। इंद्रावती टाइगर रिजर्व बस्तर में बाघों का घर कहलाने वाला इंद्रावती टाइगर रिजर्व बाघों के लिए सुरक्षित पनाहगाह नहीं रह गया है। 1983 में टाइगर रिजर्व बनने के बाद से यहां बाघों की संख्या लगातार घट रही है। प्राकृतिक रूप से टाइगर (बाघों) कीआश्रय स्थल के रूप में 1978 में इंद्रावती नेशनल पार्क की स्थापना की गई थी। अब यह टाइगर रिजर्व टाइगर (बाघों) का नहीं वरन नक्सलियों का सुरक्षित आश्रय स्थल बन चुका है। इंद्रावती टाइगर रिजर्व का पूरा क्षेत्र करीब 2799.08 वर्ग किमी है। यह क्षेत्र बाघ व वन भैंसों के लिए बस्तर संभाग में एकमात्र संरक्षित क्षेत्र माना जाताहै। इंद्रावती राष्ट्रीय उद्यान भारत के छत्तीसगढ़ राज्य के बीजापुर जिले में स्थित एक राष्ट्रीय उद्यान है। यह इंद्रावती नदी के किनारे बसा हुआ है, जिससे इसको अपना नाम मिला है। यह दुर्लभ जंगली भैंसे, की अंतिम आबादी वाली जगहों में से एक है।     

    उल्लेखनीय है कि इंद्रावती टाइगर रिजर्व संरक्षित वन क्षेत्र में बीजापुर जिले के अंतर्गत आने वाले सेण्डरा, पिल्लूर, सागमेटा आदि गांवों में पिछले दो दशक से नक्सलियों का सुरक्षित आश्रय स्थल बन चुका है और यहां पर जंगलों में विचरन करने वाले जीव जन्तु दूसरी जगह चले गये हैं या उन्हें शिकार कर हटा दिया गया है। इस प्रकार इस संरक्षित वन क्षेत्र में प्रवेश करना खतरे से खाली नहीं है। टाइगर (बाघों) सहित दूसरे वन्य जीवों की न केवल गणना प्रभावित हुई है वरन पार्क में पर्यटकों के साथ-साथ शोधार्थियों का पहुंच पाना भी मुश्किल हो गया है। 

इंद्रावती नेशनल पार्क क्षेत्र के फरसेगढ़ से सागमेट,सेण्डरा, पिल्लूर आदि गांवों के पड़ाव में नक्सलियों की तगड़ी दखल है। पूरे क्षेत्र के रास्ते में नक्सलियों ने बैरियर खड़े कर रखे हैं, वहीं माइल स्टोन,पेड़ के तने, घरों की दीवारों के अलावा गांव-गांव में स्मारक खड़े हैं। यहां जनताना अदालत और सभाओं के आयोजन नक्सली कर रहे हैं। विभागीय दस्तावेज के मुताबिक 1984 की गणना में यहां 34 से अधिक बाघ थे। 2014 की गणना में यहसंख्या घटकर 10 रह गई है। टाइगर रिजर्व के आठ रेंज में सौ से अधिक बीट गार्ड व फॉरेस्ट गार्ड की तैनाती है लेकिन हकीकत यह है कि अंदरूनी इलाकों में कभी-कभार ही विभाग को कोई अधिकारी या कर्मचारी पहुंचता होगा। नक्सलियों की वजह से कोर क्षेत्र में प्रवेश करने की हिमाकत आज भी कोई नहीं करता।

 टाइगर रिजर्व का यह इलाका पूरी तरह से नक्सलियों के कब्जे में है। इस इलाके में घुसने की हिमाकत विभाग कभी नहीं कर सका। यहां के बाघों पर न कभी कोई शोध हुआ और किसी प्राणी विज्ञानी ने इनके व्यवहार या फिर रहवास के बारे में जानने की कोशिश की। बाघों के संरक्षण के नाम पर केवल टाइगर रिजर्व का नाम बस दे दिया गया है। नक्सलवाद का दंश झेल रहा बीजापुर का इंद्रावती नेशनल पार्क,टाइगर रिजर्व को यदि जल्द ही इस दिशा में कोई कारगर कदम नहीं उठाया गया तो मात्र फाइलों में सिमटकर नेशनल पार्क, टाइगर रिजर्व रहेगा जहां ना तो टाइगर होगा और न ही नेशनल पार्क होगा यहां यह कहा जाना अप्रासंगिक नहीं होगा कि नक्सलवाद से इंद्रावती नेशनल पार्क अप्रासंगिक हुआ।


छात्रा के मोबाइल नंबर को तीन पोर्न साइटों पर अपलोड किया, केस दर्ज!

छात्रा के मोबाइल नंबर को तीन पोर्न साइटों पर अपलोड किया, केस दर्ज!

04-Nov-2019

 

चंडीगढ़ से एक चौंकाने वाली घटना सामने आया है। एक शख्स ने शनिवार को तीन अश्लील यानी पोर्न साइटों पर एक महिला का नंबर पोस्ट कर दिया।
पुलिस रिपोर्ट में कहा गया है कि आरोपी और पीड़ित दोनों छात्र हैं। सूत्रों के अनुसार, इस साल सितंबर के महीने में तीन पोर्न वेबसाइटों पर पीड़िता का नंबर अपलोड किया गया था।

पीड़िता ने अज्ञात लोगों से वीडियो कॉल और टेक्स मैसेज आने लगे।
पीड़िता ने मैसेज मिलने के दो दिन बाद यानी 25 सितंबर को पुलिस से संपर्क किया। सेक्टर 9 पुलिस ने जांच के लिए जल्द ही मामले को चंडीगढ़ के साइबर सेल में भेज दिया।
महिला की शिकायत में कहा गया है, “मुझे व्हाट्सएप से लगभग 50-60 व्यक्तियों के वीडियो कॉल और टेक्स्ट संदेश मिल रहे हैं। आगे की जांच से, मुझे पता चला कि मेरा नंबर पोर्न साइट्स पर अपडेट किया गया है।”

इस मामले में कार्रवाई करने वाली पुलिस, पीड़ितों की संख्या को अश्लील वेबसाइटों से हटाने में सफल रही और इस मामले की जांच करने के बाद उन्होंने संदिग्ध पर शून्य कर दिया। आरोपी को गिरफ्तार किया जाना बाकी है।

 


दिल्ली : पोस्ट ऑफिस में 18 लाख की ठगी के मामले में एक क्लर्क गिरफ्तार

दिल्ली : पोस्ट ऑफिस में 18 लाख की ठगी के मामले में एक क्लर्क गिरफ्तार

02-Nov-2019

नई दिल्ली : दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने पोस्ट ऑफिस के एक क्लर्क के खिलाफ लाखों रुपये की सरकारी धनराशि के गबन का मामला दर्ज किया है। क्लर्क को अभी गिरफ्तार नहीं किया गया है। आरोपों की जांच जारी है। 

दिल्ली पुलिस आर्थिक अपराध शाखा के एक उच्च पदस्थ सूत्र ने मामला दर्ज कर लिए जाने की पुष्टि शनिवार को की है। आरोपी क्लर्क का नाम सुरेंद्र बताया जाता है। आरोप है कि पोस्ट ऑफिस में धन जमा करने आए ग्राहकों की पासबुक पर मुहर लगाकर आरोपी पैसे अपनी जेब में रख लेता था। यह घोटाला फिलहाल 18 लाख के आसपास का पता चला है। जांच के बाद रकम बढ़ भी सकती है। डाक विभाग ने यह मामला आंतरिक विजिलेंस जांच में पकड़ा था। उसके बाद दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा में केस दर्ज कराया।

आर्थिक अपराध शाखा सूत्रों के मुताबिक, यह मामला दक्षिणी दिल्ली स्थित लाजपत नगर डाकखाने का है। आर्थिक अपराध शाखा ने जांच के लिए तमाम दस्तावेज भी कब्जे में ले लिए हैं।


पाकिस्तान : कराची-रावलपिंडी एक्सप्रेस में धमाका, 65 लोगों की मौत, 3 बोगियां खाक

पाकिस्तान : कराची-रावलपिंडी एक्सप्रेस में धमाका, 65 लोगों की मौत, 3 बोगियां खाक

31-Oct-2019

पाकिस्तान में गुरुवार को कराची-रावलपिंडी तेजगाम एक्सप्रेस ट्रेन में धमाका हो गया. यह हादसा पंजाब प्रांत के दक्षिण में रहीम यार खान के पास हुआ. धमाके के बाद तीन बोगियों में लगी आग हादसे में 65 की मौत, 30 से ज्यादा घायल यह हादसा पंजाब प्रांत के दक्षिण में रहीम यार खान के पास हुआ. रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, खाना पकाने के लिए इस्तेमाल किए गए गैस कनस्तर में धमाका हुआ धमाके के बाद तीन बोगियों में आग लग गई. इस हादसे में 65 लोगों की मौत हो गई, जबकि 30 से अधिक लोग गंभीर रूप से जख्मी हैं. घायलों को मुल्तान के बीवीएच बहावलपुर और पाकिस्तान-इटालियन मॉडर्न बर्न सेंटर में भर्ती कराया गया है.


Twitter पर बैन होंगे राजनेताओं और पार्टियों के विज्ञापन

Twitter पर बैन होंगे राजनेताओं और पार्टियों के विज्ञापन

31-Oct-2019

नई दिल्ली :  सोशल नेटवर्किंग साइट ट्विटर के जरिए अब तक राजनितिक प्रचार करने वाले नेताओं और पार्टियों के लिए बुरी खबर है। ट्विटर अब किसी भी तरह का राजनीतिक विज्ञापन अपने प्लेफॉर्म पर बैन करने वाला है। यह पॉलिसी 22 नवंबर से लागू होगी। ट्विटर के सीईओ जैक पैट्रिक डॉर्सी ने खुद ट्वीट करके इसकी जानकारी दी है। साथ ही उन्होंने राजनीतिक विज्ञापनों पर रोक लगाने के कुछ कारण भी बताए हैं। जैक ने ट्वीट में कहा, 'हमने वैश्विक स्तर पर ट्विटर पर सभी राजनीतिक विज्ञापनों को रोकने का निर्णय लिया है। हमारा मानना है कि राजनीतिक संदेश पहुंचना चाहिए, खरीदा नहीं जाना चाहिए। क्यों? कुछ कारण...'

जैक ने बताए ये मुख्य कारण

- एक पॉलिटिकल मेसेज को तब रीच (लोगों तक पहुंच) मिलती है, जब लोग किसी अकाउंट को फॉलो करते हैं या मेसेज को रिट्वीट करते हैं। विज्ञापन के चलते लोगों तक जबरन टारगेटेड पॉलिटिकल मेसेज पहुंचता है। हमारा मानना है कि इस निर्णय का पैसे से समझौता नहीं किया जाना चाहिए।

- कमर्शल विज्ञापनदाताओं के लिए इंटरनेट ऐडवर्टाइजिंग काफी पावरफुल और प्रभावी है, लेकिन यह पावर राजनीति में महत्वपूर्ण जोखिम लाती है। वहां इसका उपयोग वोटों को प्रभावित करने के लिए किया जा सकता है, जो लाखों लोगों के जीवन को प्रभावित करता है।

- इंटरनेट राजनीतिक विज्ञापन आम लोगों के बीच तर्क के लिए पूरी तरह से नई चुनौतियों को पेश करते हैं। मशीन लर्निंग आधारित मेसेज का ऑप्टिमाइजेशन और माइक्रो-टारगेटिंग भ्रामक व फर्जी (फेक) सूचना को अनियंत्रित करता है।

- ये चुनौतियां सिर्फ राजनीतिक विज्ञापनों को नहीं, बल्कि सभी इंटरनेट संचार को प्रभावित करेंगी। बेहतर होगा कि पैसे लेकर आने वाले अतिरिक्त बोझ और जटिलता के बिना मूल समस्याओं पर अपने प्रयासों को केंद्रित किया जाए।

- उदाहरण के लिए यह कहना हमारे लिए विश्वसनीय नहीं है: 'हम भ्रामक जानकारी फैलाने के लिए हमारे सिस्टम से खेल करने वाले लोगों को रोकने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं, लेकिन अगर कोई व्यक्ति हमें टारगेट करने के लिए भुगतान करता है और लोगों को उनका राजनीतिक विज्ञापन देखने के लिए मजबूर करता है, तो… वे जो चाहें कह सकते हैं!'
- पहले हमने सिर्फ कैंडिडेट्स के विज्ञापनों पर रोक लगाना तय किया था, लेकिन यह ठीक नहीं है कि कैंडिडेट उन मुद्दों से जुड़े विज्ञापन खरीदे लें जिन मुद्दों पर वह जोर देना चाहते हैं। इसलिए हम मुद्दों से जुड़े विज्ञापनों पर भी रोक लगा रहे हैं।

- हम यह अच्छी तरह जानते हैं हम राजनीतिक विज्ञापनों के ईकोसिस्टम का एक छोटा सा हिस्सा हैं। कुछ लोग हमारे इस काम पर सवाल उठा सकते हैं, लेकिन हमने ऐसे बहुत सामाजिक आंदोलन देखे हैं, जिन्होंने बिना राजनीतिक विज्ञापनों के बड़े स्तर पर अपनी पहुंच बनाई है। हमें विश्वास है कि आगे भी ऐसा होगा।

- इसके साथ हमें राजनीतिक विज्ञापनों से जुड़े ऐसे नियमों की जरूरत है, जो उन्नतिशील हों (ऐसा करना बहुत कठिन है)। विज्ञापनों की पारदर्शिता प्रोग्रेस है, लेकिन यह काफी नहीं है। इंटरनेट बिल्कुल नई क्षमताएं उपलब्ध कराता है और नियम बनाने वालों को वर्तमान से बढ़कर सोचना होगा।

- हम अपनी फाइनल पॉलिसी 15 नवंबर तक साझा कर देंगे, जिसमें कुछ अपवाद भी होंगे। उदाहरण के तौर पर वोटर रजिस्ट्रेशन के समर्थन में विज्ञापन दिए जा सकेंगे। हम अपनी नई पॉलिसी 22 नवंबर तक लागू करेंगे, जिससे मौजूदा विज्ञापन देने वालों को बदलाव के लिए नोटिस पीरियड मिल सके।

- आखिरी बात, यह मुफ्त अभिव्यक्ति की बात नहीं है। यह पैसे देकर पहुंच बढ़ाने के बारे में है और पैसे देकर किसी राजनीतिक भाषण की पहुंच बढ़ाने का काफी असर होता है, जिसके लिए लोकतांत्रिक व्यवस्था अभी तैयार नहीं हैं। इसलिए इस संबंध में कदम पीछे हटाना ही सही तरीका है।


60 वर्षों से ऑल इंडिया रेडियो सरदार वल्लभभाई पटेल की मनाते आ रहा था जयंती लेकिन इस बार सरदार पटेल व्याख्यान में प्रसारित होंगे मोदी और शाह के भाषण

60 वर्षों से ऑल इंडिया रेडियो सरदार वल्लभभाई पटेल की मनाते आ रहा था जयंती लेकिन इस बार सरदार पटेल व्याख्यान में प्रसारित होंगे मोदी और शाह के भाषण

31-Oct-2019

नई दिल्ली: 60 वर्षों से ऑल इंडिया रेडियो सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती मनाता आ रहा है. इस दिन यानी 31 अक्टूबर को उनके नाम पर एक घंटे का व्याख्यान प्रसारण किया जाता है. हालांकि, इस वर्ष ऑल इंडिया रेडियो ने अपनी योजनाओं को बदल दिया है. प्रख्यात व्यक्तित्व द्वारा दिए गए व्याख्यान के बजाय आकाशवाणी एक रेडियो रिपोर्ट प्रसारित करेगा, जिसमें गुजरात में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह के भाषणों के अंश होंगे. सरकार के सूत्रों ने कहा कि मन की बात के पीएम के एपिसोड के अंश और सरदार पटेल के कुछ उपलब्ध अभिलेखीय अंश भी प्रसारण का हिस्सा होंगे.

सरकार के एक सूत्र ने कहा, ‘वार्षिक सरदार पटेल मेमोरियल लेक्चर, जो कि एक प्रतिष्ठित व्यक्तित्व द्वारा दिया जाता है, उसे अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में रिकॉर्ड किया जाता है और फिर 31 अक्टूबर को रेडियो पर प्रसारित किया जाता है. इस साल यह कार्यक्रम आयोजित नहीं किया गया था. इसका कोई कारण नहीं बताया गया कि व्याख्यान क्यों नहीं हो रहा है.’ अन्य लोगों द्वारा दावा किया गया है कि यह अंतिम समय में निर्णय लिया गया था.

हालांकि, आकाशवाणी ने कार्यक्रम का नाम रखने का फैसला किया है – सरदार पटेल मेमोरियल लेक्चर – यह लेक्चर बदला नहीं जायेगा. केवल इसके कंटेंट को बदला जायेगा. कार्यक्रम रात 9.30 बजे प्रसारित किया जाएगा. देश भर के सभी आकाशवाणी केंद्रों को इसकी सूचना दी गई है.

इस कार्यक्रम के दौरान इन दोनों संबोधनों और माननीय पीएम ‘ के ‘मन की बात’ के एपिसोड में राष्ट्रीय एकता दिवस का उल्लेख किया गया है और साथ ही ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के विषय से संबंधित ऑल इंडिया रेडियो द्वारा बनाया गया प्रतिष्ठित गीत भी होगा. अंग्रेजी में दिया जाने वाला वार्षिक सरदार पटेल मेमोरियल लेक्चर 1955 में पटेल की याद में शुरू किया गया था, जिन्होंने भारत के पहले सूचना और प्रसारण मंत्री के अलावा उप-प्रधानमंत्री और पहले गृह मंत्री के रूप में कार्य किया था. कई सालों से विभिन्न क्षेत्रों की प्रख्यात हस्तियों ने कई चयनित विषयों पर चुनिंदा श्रोताओं को लेक्चर दिया है.


सिनेमा हॉल में राष्ट्र गान के सम्मान में खड़े नहीं होने पर भीड़ ने कहा-पाकिस्तानी आतंकी !

सिनेमा हॉल में राष्ट्र गान के सम्मान में खड़े नहीं होने पर भीड़ ने कहा-पाकिस्तानी आतंकी !

30-Oct-2019

बेंगलुरु. सोशल मीडिया (Social Media) पर एक वीडियो इन दिनों शेयर किया जा रहा है. इस वीडियो (Video) में एक्टर अरुण गौड़ा (Actor Arun Gowda) और कुछ लोग बेंगलुरु (Bengaluru) के एक मूवी थिएटर (movie Theater) में चिल्लाते हुए दिख रहे हैं. कथित तौर पर वे ऐसा फिल्म से पहले राष्ट्रगान (National Anthem) के दौरान कुछ लोगों के खड़े ना होने के चलते कर रहे हैं.
यह घटना 23 अक्टूबर की है. वीडियो शहर के पीवीआर ओरियम मॉल (PVR Orion Mall) में तमिल फिल्म असुरन (Asuran) की स्क्रीनिंग के दौरान का है. वीडियो को सोशल मीडिया पर काफी शेयर किया जा रहा है. फिल्म देख रहे दो पुरुषों और दो महिलाओं को लोगों द्वारा राष्ट्रगान के दौरान खड़े न होने के लिए बेइज्जत किया जा रहा है. साथ ही उन्हें वीडियो में ‘पाकिस्तानी आतंकी’ (Pakistani Terrorist) भी कहा जा रहा है. वीडियो में लोगों को यह भी कहते सुना जा सकता है- ‘देश के लिए 52 सेकेंड नहीं दे सकते’. एक्टर अरुण गौड़ा भी उस समय फिल्म देख रहे थे.
वीडियो में एक आदमी को यह कहते सुना जा सकता है, ‘देश के लिए 52 सेकेंड देने में सक्षम नहीं हो, और ढिठाई से यहां बैठे हो और तीन घंटे की फिल्म देखोगे? क्या तुम लोग पाकिस्तानी आतंकी हो?’
गौड़ा भी इन लोगों की ओर इशारा करते हैं और कैमरे पर कहते देखे जा सकते हैं कि जब राष्ट्रगान आता है, ये लोग खड़े नहीं होते, इन लोगों को देखिए. लोग हमें शिकायत दर्ज कराने की बात कह रहे हैं. गौड़ा यह बात कह रहे हैं और वीडियो बनाते जा रहे हैं.
जैसे-जैसे बात बढ़ती जाती है, इस वीडियो में दूसरे आदमी को चारों लोगों से कहते सुना जा सकता है, ‘हमारे सैनिक हमारे लिए कश्मीर (Kashmir) में लड़ रहे हैं और तुम लोग यहां बैठे हो और राष्ट्रगान तक के लिए खड़े नहीं हो सकते. इस जगह से निकल जाओ.’
बीवी ऐश्वर्या ने पोस्ट करने के बाद डिलीट किया वीडियो

इस वीडियो को कन्नड़ अभिनेत्री बीवी ऐश्वर्या (BV Aishwarya) ने फेसबुक (Facebook) पर पोस्ट किया था लेकिन बाद में इसे डिलीट कर दिया.

इसी साल मई में, 29 साल के शख्स को बेंगलुरु में राष्ट्रगान के दौरान खड़े ना होने के लिए गिरफ्तार कर लिया गया था. एक ट्विटर पोस्ट में, संजयनगर के निवासी इस युवक ने आईनॉक्स मूवी थिएटर (INOX Movie Theater) में भीड़ के हमले के बारे में बताया था. उसने पोस्ट में इसकी वजह राष्ट्रगान के दौरान न खड़ा होना बताई थी.

सुप्रीम कोर्ट के पहले दिए गए एक आदेश के मुताबिक, अगर राष्ट्रगान (National Anthem) सिनेमा हॉल के अंदर बजाया जा रहा है तो इस दौरान खड़ा होना आवश्यक नहीं है.

 

 


 बाबरी मस्जिद विवाद में न्‍यायालय या सरकार का कोई भी फैसला मुस्लिम समाज स्‍वीकार करेगा : धर्मगुरू मौलाना कल्बे जव्वाद

बाबरी मस्जिद विवाद में न्‍यायालय या सरकार का कोई भी फैसला मुस्लिम समाज स्‍वीकार करेगा : धर्मगुरू मौलाना कल्बे जव्वाद

29-Oct-2019

मुस्लिम धर्मगुरू मौलाना कल्बे जव्वाद ने कहा कहा कि श्रीराम जन्मभूमि बाबरी मस्जिद विवाद में न्‍यायालय या सरकार का कोई भी फैसला मुस्लिम समाज स्‍वीकार करेगा।


सिद्धार्थनगर जिले के हल्लौर में एक कार्यक्रम में भाग लेने आए कल्‍बे जव्‍वाद ने कहा कि सभी लोगों को संविधान का सम्‍मान करना चाहिए।
जागरण डॉट कॉम के अनुसार, उन्‍होंने कहा कि इमाम हुसैन का पैग़ाम पूरी दुनिया के इंसानों के लिए है। हुसैनियत एक सोच का नाम है जो कहीं भी पाई जा सकती है। देश में कहीं भी दंगा फसाद इमाम के मानने वालो से नहीं होता। अज़ादारी के लिए मौजूदा सरकार पिछली सरकारों से बेहतर है।
रविवार को सिद्धार्थनगर हल्लौर में आयोजित मजलिस प्रोग्राम में हिस्‍सा लेने लखनऊ से आए शिया धर्मगुरू मौलाना कल्बे जव्वाद ने पत्रकारों से बातचीम में श्रीराम जन्मभूमि बाबरी मस्जिद विवाद के सवाल के जवाब में कहा कि न्यायालय और सरकार का फैसला हमारे लिए सर्वमान्य है।
सरकार का फैसला किसी जाति या वर्ग के लिए नहीं होता। विकास कार्य पूरे देशवासियों के लिए होता है।
कुछ असामाजिक तत्व देश का माहौल खराब करने और लोगों को भड़काने का काम करते हैं, ऐसे लोगों का किसी जाति धर्म से सरोकार नहीं होता है, इनसे बचकर रहने की जरूरत है। समुदाय के लोगों को संदेश देते हुए कहा कि संविधान का सम्मान करें। वतन से मोहब्बत ईमान की निशानी है।

 


यूरोपीय सांसद कश्मीर जा सकते हैं, लेकिन विपक्ष नहीं- कांग्रेस ?

यूरोपीय सांसद कश्मीर जा सकते हैं, लेकिन विपक्ष नहीं- कांग्रेस ?

29-Oct-2019

नई दिल्ली : यूरोपीय संघ के 28 सांसद मंगलवार को घाटी में मौजूदा स्थिति का जायजा लेने के लिए जम्मू कश्मीर का दौरा करेंगे। कांग्रेस ने इस दौरे का विरोध करते हुए मोदी सरकार की आलोचना की है।
कांग्रेस नेता जयवीर शेरगिल ने कहा है कि यूरोपीय प्रतिनिधिमंडल के दौरे के दो पहलू हैं। पहला, किसी भी अन्य देश और विदेशी सांसद के पास जम्मू व कश्मीर के मामले में हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है। यह भारत का आतंरिक मामला है।
उन्होंने आगे कहा कि विपक्ष यह भी जानना चाहता है कि अगर पीएमओ यूरोपीय संघ के प्रतिनिधिमंडल को जम्मू व कश्मीर भेज सकता है तो विपक्ष को यह सुविधा क्यों नहीं दी जा रही है। आखिर केंद्र सरकार विपक्ष के नेताओं के कश्मीर दौरे का विरोध कर रही है?

वहीं, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने ट्वीट किया, जब भारतीय नेताओं को जम्मू-कश्मीर के लोगों से मिलने से रोका जा रहा है तो सीना ठोककर राष्ट्रवाद की बात करने वालों ने क्या सोचकर यूरोपीय नेताओं को जम्मू-कश्मीर जाने की इजाजत दी। यह सीधे-सीधे भारत की अपनी संसद और हमारे लोकतंत्र का अपमान है।
कांग्रेस नेता और गृह मामलों की संसदीय स्थायी समिति (आरएस) के अध्यक्ष आनंद शर्मा ने भी भाजपा को आड़े आथ लिया। आनंद शर्मा ने कहा, यह भारतीय संसद की संप्रभुता का अपमान है। सरकार को जवाब देना चाहिए कि उसने संसदीय विशेषाधिकारों का उल्लंघन क्यों किया, समिति को इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई।

मीडिया इन  पुट 


मेहनताना मांगने पर ढाबा मालिक ने अपने ही मज़दूर को पीट-पीट कर मार  दिया !

मेहनताना मांगने पर ढाबा मालिक ने अपने ही मज़दूर को पीट-पीट कर मार दिया !

28-Oct-2019

उत्तर प्रदेश में बांदा जिले की नगर कोतवाली क्षेत्र में शनिवार को मजदूरी मांगने पर ढाबा मालिक द्वारा की गई कथित पिटाई से एक मजदूर की मौत हो गई. पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. नगर पुलिस उपाधीक्षक (सीओ) आलोक मिश्रा ने बताया कि शनिवार सुबह दरदा-कनवारा गांव की महिला देवकली ने पुलिस को सूचना दी कि प्रधान ढाबा मालिक मजदूरी के पैसे मांगने पर उसके पति राकेश निषाद (30) की पीट-पीकर हत्या दी और अब जबरन उसके शव का अंतिम संस्कार करवा रहा है. इसी सूचना पर मुक्तिधाम पहुंच कर शव कब्जे में लिया गया और पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है.

मिश्रा ने बताया कि इस सिलसिले में मृत राकेश की पत्नी की तहरीर पर ढाबा मालिक वीरेंद्र कुमार और उसके सहयोगी दामोदर और कमलेश रैकवार के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया है और अन्य 15 लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है. उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि मृत युवक राकेश के साथ कुछ ‘गलत काम’ किया गया है या फिर उसके गुदा में लकड़ी या लोहे का रॉड डाला गया है, जिससे उसकी मौत हो गई है. पंचनामा भरते समय देखने में आया कि उसकी गुदा के बाहरी हिस्से में गंभीर चोंट के निशान हैं.
सीओ ने कहा कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत के असली कारणों का पता चलेगा. उधर, मृत युवक की पत्नी देवकली ने रविवार को बताया कि उसका पति पिछले ढाई साल से ढाबे में मजदूरी करता रहा है और रात में वहीं रुका करता था. उसने आरोप लगाया कि ‘शुक्रवार की शाम उसने दिवाली के त्योहार में मालिक से अपनी मजदूरी मांगने पर विवाद हुआ था. इसी दौरान उसके साथ अमानवीय तरीके से मारपीट की गई, जिससे उसकी मौत हो गई है
उसने बताया कि ‘ढाबा मालिक शनिवार की तड़के उसे मृत अवस्था में लेकर जिला अस्पताल पहुंचा था और परिजनों को अज्ञात लोगों द्वारा मारपीट करने की सूचना दी थी. लेकिन अस्पताल में डॉक्टरों द्वारा मृत घोषित करने के बाद शव को चुपचाप मुक्तिधाम ले गए और जलाने की कोशिश कर ही रहे थे कि इसी बीच सूचना पर वहां पुलिस पहुंच गई.


पटना में धनतेरस की रात ज्वेलरी शॉप में लाखों की डकैती, मकान मालिक की हत्या

पटना में धनतेरस की रात ज्वेलरी शॉप में लाखों की डकैती, मकान मालिक की हत्या

26-Oct-2019

पटना  : अगमकुआं थाने के भागवत नगर बैंक ऑफ इंडिया के एटीएम से सटे मां गायत्री ज्वेलर्स दुकान में शुक्रवार की रात दस बजे छह की संख्या में रहे हथियारबंद अपराधियों ने डकैती की. इस दौरान अपराधियों ने लाखों रुपये कीमत की ज्वेलरी व नकद लूट लिया और विरोध करने पर मकान मालिक कौशल कुमार सिंह (50) को गोली मार दी. साथ ही स्वर्ण दुकानदार राजीव कुमार और उनके भाई अनिल कुमार को पिस्तौल के बट से सिर पर प्रहार कर घायल कर दिया.

खास बात यह है कि दीवाली पूजा को लेकर शहर में तमाम चौक-चौराहों से लेकर गलियों में पुलिस बल की तैनाती कर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गयी थी. इसके बावजूद अपराधियों ने घटना को अंजाम दिया और निकल भागने में सफल रहे. घटना जिस जगह पर हुई है, वह मेन रोड है और देर रात तक चहल-पहल रहती है. दुकान के बगल में भी भागवत मिलन मंदिर कम्युनिटी हॉल भी स्थित है.

बताया जाता है कि मां गायत्री ज्वेलर्स दुकान में धनतेरस को लेकर काफी भीड़-भाड़ थी. दस बजते-बजते ग्राहक काफी कम हो गये थे और दुकानदार व सहोदर भाई राजीव कुमार व अनिल कुमार दुकान बंद करने की तैयारी कर रहे थे. इसी बीच, दो बाइक पर सवार छह अपराधी आ धमके और दुकान में रहे सभी लोगों पर पिस्तौल तान दी. इसके बाद लूटपाट करने लगे. इसका दुकानदार भाइयों राजीव कुमार व अनिल कुमार ने विरोध किया तो दोनों के सिर पर पिस्तौल के बट से प्रहार कर घायल कर दिया. दुकान के पास ही मौजूद मकान मालिक कौशल कुमार सिंह ने भी अपराधियों को पकड़ने की कोशिश की, तो अपराधियों ने उन पर गोली चला दी, जो गर्दन के पास लगी. एक ग्राहक को भी विरोध करने पर अपराधियों ने पीट कर घायल कर दिया. इसके बाद दुकान में लूटपाट कर हथियार लहराते हुए सभी अपराधी फरार हो गये. हालांकि, दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे के वीडियो फुटेज में अपराधियों की तस्वीर सामने आ गयी है. इसमें तीन नकाबपोश अपराधी भी शामिल थे. उन सभी के हाथों में पिस्तौल थी और सभी 25 से 30 वर्ष के युवक थे.

साभार : प्रभात खबर 

यह खबर मूल रूप से प्रभात खबर में प्रकाशित की गई है 


विधायक दल के नेता चुने गए खट्टर, सरकार बनाने का प्रस्तुत करेंगे दावा!

विधायक दल के नेता चुने गए खट्टर, सरकार बनाने का प्रस्तुत करेंगे दावा!

26-Oct-2019

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को औपचारिक रूप से भाजपा विधायक दल का नेता चुन लिया गया है।

वो भाजपा विधायक दल की बैठक में शामिल होने के लिए रविवार सुबह नयी दिल्ली से यहां पहुंचे थे।
इंडिया टीवी न्यूज़ डॉट कॉम के अनुसार, हेलीकॉप्टर से यहां पहुंचने के बाद वह सीधे अपने आधिकारिक आवास पर पहुंचे, जो बैठक स्थल के करीब है। हालांकि यह बैठक महज एक औपचारिकता थी क्योंकि पार्टी पहले से ही तय कर चुकी थी कि खट्टर ही अगली सरकार की अगुवाई करेंगे।

बैठक के बाद, खट्टर हरियाणा के राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य से मुलाकात करेंगे और राज्य में अगली सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। जननायक जनता पार्टी (जजपा) के नेता दुष्यंत चौटाला के भी दोपहर में चंडीगढ़ पहुंचने की संभावना है और वह अपनी पार्टी का समर्थन भाजपा को देने संबंधी पत्र सौंपने के लिए राज्यपाल से मिलेंगे।

 

 


कुमार विश्वास का ट्विट- राजनीति ''कांडों'' और ''कांडाओं'' के हवाले थी, है और रहेगी!

कुमार विश्वास का ट्विट- राजनीति ''कांडों'' और ''कांडाओं'' के हवाले थी, है और रहेगी!

25-Oct-2019

आप के पूर्व नेता कुमार विश्वास हमेशा ही अपने ट्वीट को लेकर चर्चाओं में रहते हैं। कुमार विश्वास हमेशा तंज भरा ही ट्वीट करते हैं। 24 अक्टूबर को भी अपने एक किए ट्वीट को लेकर वह चर्चा में रहे। हरियाणा के पूर्व मंत्री और रेप-आत्महत्या के आरोपी गोपाल कांडा पर तंज करते हुए उन्होंने एक तंज भरा ट्वीट किया। ये ट्वीट कुमार विश्वास ने गोपाल कांडा द्वारा बीजेपी को सर्मथन देने के बाद किया। कुमार विश्वास ने लिखा, राजनीति ''कांडों'' और ''कांडाओं'' के हवाले थी,है और रहेगी!। उनका ये ट्वीट सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। 

कुमार विश्वास ने ट्वीट कर क्या लिखा? 

कुमार विश्वास ने ट्वीट कर लिखा,  '' सो जाइए ! अगले दो-पाँच दिन दोनों राज्यों में “Easy Of Doing Business” के सफलतम प्रयोग दिखेंगे ! राजनीति “कांडों” और “कांडाओं” के हवाले थी,है और रहेगी! चाइना की झालर लटकाइए और भारतमाता की जय का नारा लगाइए, ज़िंदा हैं इसकी खैर मनाइए ???????????? बाक़ी तो...सब चंगा सी ????'' कुमार विश्वास ने अपने एक ट्वीट में बिजनेस रैंकिंग से लेकर भी मोदी सरकार पर तंज कसा था। विश्व बैंक की 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' रैंकिंग में भारत ने छलांग लगाई थी। भारत 14 पायदान आगे छलांग लगाकर 63 वें स्थान पर पहुंच चुका है।


छत्तीसगढ़ : गोबर के दीए से रौशन होगा प्रदेश, शासन की पहल से इस बार इकोफ्रेंडली दीवाली

छत्तीसगढ़ : गोबर के दीए से रौशन होगा प्रदेश, शासन की पहल से इस बार इकोफ्रेंडली दीवाली

25-Oct-2019

लेख- तेजबहादुर सिंह भुवाल

छत्तीसगढ़ सरकार ने सुराजी योजना के माध्यम से पूरे प्रदेश में एक नई क्रांति की शुरूआत कर दी है। इस योजना अंतर्गत नरवा, गरवा, घुरवा और बाड़ी से प्रदेश के सभी ग्राम पंचायतों में तीव्र गति से काम शुरू हो गया है। नदी-नालों को आपस में जोड़ा जा रहा है, ताकि जल का स्तर अनुपात में बना रहे। गौवंशीय पशुओं के लिए गांव-गांव गौठान बनाए जा रहे है। प्रदेश के सभी गांवों में घुरवा का भी निर्माण किया जा रहा है साथ ही गोबर और गौमूत्र से जीवन उपयोगी सामग्री बनायी जा रही है। इसके लिए पुरूष एवं महिलाओं को विशेष प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाने का महती प्रयास किया जा रहा है एवं बाड़ी योजना से घर-घर साग-सब्जी का जैविक खेती-बाड़ी से स्वयं उत्पादन कर बिक्री की जा रही है। इस कार्य की प्रगति के रूप में गौधन संवर्धन के साथ ही गोबर से निर्मित सामग्रियों से आम लोगों के जीवन एवं स्वास्थ्य पर अनुकूल प्रभाव डाल रहे है।

प्रदेश के मुखिया ने छत्तीसगढ़ की विरासत से मिली लोक कला, संस्कृति, तीज-त्यौहार को ध्यान में रखते हुए हमारी गौ माता के संरक्षण और संवर्धन का प्रयास किया। जो लोग इस खेती-बाड़ी को भूल कर शहरीकरण और औद्योगिकीकरण की दौड़ में भाग रहे थे। उन्हें अब फिर से गांव से जोड़ने का अहम प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री द्वारा शुरू किए गए सुराजी योजना से पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिल रहा है साथ ही लोगों को रोजगार भी प्राप्त हो रहे हैं एवं बड़े पैमाने पर गोबर से निर्मित सामग्रियों का उत्पादन भी किया जा रहा है।

शासन के प्रयासों से गोबर के दीए से इस बार घर आंगन रोशन करने की तैयारी की गयी है। पर्यावरण संरक्षण और महिला स्वसहायता समूहों को रोजगार मुहैया कराने की दिशा में गोबर से बने दीए को अहम माना जा रहा है। रंग-बिरंगे गोबर के ये दीए पहली बार बाजार में आया है। छत्तीसगढ़ के विभिन्न शहरों में तेजी से इसकी बिक्री की जा रही है। इस दीए की खास बात यह है कि दीए को दीपावली में उपयोग करने के बाद जैविक खाद बनाने उपयोग में लाया जा सकता है। दीया के अवशेष को गमला या कीचन गार्डन में भी उपयोग किया जा सकता है। इस तरह मिट्टी के दीए बनाने और पकाने में पर्यावरण को होने वाले नुकसान के स्थान पर गोबर के दीए को इकोफ्रेंडली माना जा रहा है।

शासन के अभिनव पहल से गांव की महिलाएं जो केवल खेतों में काम करतीं, घर संभालतीं और गोठान में गाय का गोबर उठाती। जो अब गाय के गोबर को अपनी आर्थिक और सामाजिक स्थिति मजबूत करने का जरिया बना लिया है। प्रदेश के अधिकतर गांवों की महिलाओं को एक स्वसहायता समूह के माध्यम से जोड़कर गाय के गोबर से आकर्षक दीए बनाने के साथ-साथ कई तरह की कलात्मक चीजें बना रही हैं। इनकी इस कलात्मक दीयों के मांग भी बहुत हैं। यह कला अब छत्तीसगढ़ ही नहीं पूरे देश में अपनी अलग पहचान बना रही है।

कुछ समय पहले तक गांवों की महिलाएं गरीबी से जूझते हुए अपना परिवार चला रही थीं। महिलाओं को राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, बिहान के स्व सहायता समूहों से जोड़कर प्रशासन द्वारा महिलाओं की आर्थिक स्थिति में सुधार लाने का प्रयास किया जा रहा है। अब महिलाएं इस अनोखी कलाकारी के जरिए आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ा रही हैं। इन महिलाओं द्वारा गोबर से निर्मित दीए इस दिवाली में घरों को रोशन करने के लिए तैयार किए गए हैं। गोबर के दिए, स्वास्तिक चिन्ह, गणेश की मूर्ति आदि उपयोगी वस्तुएं निर्मित कर रही हैं। इस अनोखी कलात्मकता से सजी इन चीजों की कीमत भी बेहद आकर्षक है। यह पर्यावरण के लिए भी अनुकूल है।

गोबर से निर्मित सामग्री बनाने के लिए गोबर को सूखाकर उसके पाउडर में एक किलो प्रीमिक्स व गोंद मिलाया जाता है फिर गीली मिट्टी की तरह गूथने के बाद इसे हाथ से खूबसूरत आकार दिया जाता है। इसके बाद इसे दो दिनों तक धूप में सुखाने के बाद अलग-अलग रंगों से सजाया जाता है। इससे ऐसे बहुत से उपयोगी सामान जैसे फ्लावर पाॅट, पेन स्टैण्ड, कापी, पुस्तक एवं अन्य सामग्री बनायी जा सकती है। इको फ्रेंडली होने के चलते राज्य के अन्य शहरों और अन्य राज्यों से भी इसकी मांग आ रही है। इसके अलावा यहां महिलाएं बचे हुए गोबर चूर्ण और पत्तियों से ऑर्गेनिक खाद भी बना रही हैं।

दिवाली के लिए विशेष तौर पर मिट्टी और गोबर के दीयों को प्रोत्साहित करने के लिए पहली बार शासन ने आदेश जारी किए हैं। सभी को दूर दराज से दिए बेचने के लिए आने वाले कुम्हारों को बाजार में किसी तरह की कोई परेशानी न होने का विशेष ध्यान रखने कहा है। शासन ने प्रदेशवासियों को इस बार ज्यादा से ज्यादा मिट्टी और गोबर के दीएं जलाने की अपील की है।

शहरो में ग्रामीण क्षेत्रों से दिवाली में दर्जनों कुम्हार दीए लेकर आते हैं। उन्हें बाजार में जगह नहीं मिलती ऐसे में कुछ फेरी लगाकर गली मोहल्लों में भी दिए बेचते हैं, पर इस बार ऐसा नहीं होगा। शासन ने सभी कुम्हारों के लिए बाजार में उचित व्यवस्था करने और स्थानीय निकाय से उनसे किसी तरह का कोई शुल्क वसूल नहीं करने कहा है। ऐसी मान्यता है कि धनतेरस पर 13 गोबर के दीप, नरक चौदस को 14 और दीपावली में 21 दीप जलाकर मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है। ग्रामीण क्षेत्रों में गोबर आसानी से मिल जाते हैं, इसलिए महिलाएं घर पर ही तैयार कर पूजा करती है, लेकिन शहरों में गोबर की उपलब्धता नहीं होने से लोग मिट्टी के दिए बनाकर ही पूजा करते हैं, गोबर के दीए का बड़ा की महत्व होता है। बाजार में उपलब्ध चाईनीज और अन्य सामग्री के उपयोग नहीं करना चाहिए। दीवाली में भारी आवाज एवं अधिक धुआं वाले फटाखों का उपयोग कम करना चाहिए। इससे पर्यावरण प्रदूषित होता है, जो सीधे स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है, इससे बचना चाहिए।

आईए हम सभी मिलकर गोबर एवं मिट्टी के दिए जलाकर दीवाली को इकोफ्रेंडली बनाए और अपने परिवार एवं प्रदेश को स्वच्छ और सुन्दर बनाएं। आप सभी को दीपावली की बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं।

 


ढाका : छेड़छाड़ का विरोध करने पर स्कूली छात्रा को जिंदा जलाने वाले 16 लोगों को सुनाई गई मौत की सजा

ढाका : छेड़छाड़ का विरोध करने पर स्कूली छात्रा को जिंदा जलाने वाले 16 लोगों को सुनाई गई मौत की सजा

24-Oct-2019

ढाका। भारत के एक पड़ोसी देश में यौन उत्‍पीड़न से जुड़ एक मामले में दुनिया के सामने एक बड़ा उदाहरण पेश किया है। पड़ोसी बांग्‍लादेश की कोर्ट ने 19 साल की स्‍कूल जाने वाली लड़की नुसरत जहां रफी की हत्‍या के मामले में दोषी पाए गए 16 लोगों को मौत की सजा सुनाई है। नुसरत को इस वर्ष अप्रैल में छेड़छाड़ का विरोध करने पर जिंदा जला दिया गया था। उसकी मौत के बाद पूरे देश में विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला शुरू हो गया था। नुसरत पर पहले केरोसिन डाला गया और फिर उसे आग लगा दी गई थी। उसे सिर्फ इसलिए जिंदा जला दिया गया था क्‍योंकि उसने उस मदरसे के खिलाफ दर्ज कराई यौन उत्‍पीड़न की अपनी शिकायत को वापस लेने से इनकार कर दिया था।

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अभियोजन पक्ष के वकील हफीज अहमद ने मीडिया को बताया था कि कोर्ट रूम में लोगों का हुजूम था जिस समय मौलवी को सजा सुनाई गई थी। वकील की मानें तो इस फैसले से साबित हो गया है कि कोई भी हो देश में हत्‍या करने के बाद कोई भी बच नहीं सकता है। साथ ही अब दुनिया को मालूम है कि देश में कानून व्‍यवस्‍था जैसी कोई चीज भी है। पुलिस का कहना था कि नुसरत की हत्‍या टीचर के आदेश पर की गई थी। प्रधानमंत्री शेख हसीना की ओर से इस घटना के दोषियों को सजा देने की बात कही गई है। नुसरत की तरफ से इस वर्ष 27 मार्च को पुलिस में यौन उत्‍पीड़न की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई गई थी।नुसरत ने अपने भाई के मोबाइल फोन पर अपना आखिर बयान दर्ज कराया। नुसरत ने इसमें अपने हमलावरों की पहचान की है।

नुसरत ने आखिरी बार कहा था, 'टीचर ने मुझे छुआ है और मैं इस अपराध के खिलाफ अपनी आंखिरी सांस तक लड़ूंगी।'घटना ढाका से करीब 150 किलोमीटर दूर छोटे से शहर फेनी की है। नुसरत ने अपनी शिकायत में बताया था कि स्‍कूल का प्रिंसिपल उसे अपने ऑफिस में बुलाता था और बार-बार उसे गलत तरीके से छूता था। जब चीजें उसके नियंत्रण के बाहर हो गईं तो वह वहां से भाग गई।

नुसरत ने लोकल पुलिस स्‍टेशन में इसकी शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ऑफिसर ने मोबाइल पर नुसरत की गवाही की रिकॉर्डिंग की थी। नुसरत अपने साथ हुए बर्ताव को बताते हुए बहुत ही असहज थी और ऑनलाइन रिलीज वीडियो में इस बात की पुष्टि भी होती है। पूरे समय उसने अपने हाथों से चेहरा ढंका हुआ था। पुलिस ऑफिसर ने उससे कहा कि उसे अपना चेहरा नहीं छिपाना चाहिए क्‍यों‍कि यह कोई बड़ी बात नहीं है। छह अप्रैल को यानी घटना के 11 दिन बाद नुसरत अपनी फाइनल एग्‍जाम के लिए स्कूल गई थी। यहां पर एक लड़की यह कहकर नुसरत को छत पर ले गई कि उसकी एक दोस्‍त की पिटाई हो रही है। छत पर पहले से ही चार से पांच लोग मौजूद थे। उन्‍होंने नुसरत से केस वापस लेने का दबाव डाला। जब नुसरत ने मना कर दिया तो उस पर मिट्टी का तेल डालकर उसे जिंदा जला दिया गया। नुसरत को 80 प्रतिशत जली हुई हालत में अस्‍पताल लाया गया था। डॉक्‍टर उसका इलाज करने में असमर्थ थे। फिर उसे ढाका मेडिकल कॉलेज हास्पिटल भेजा गया। यहां पर 10 अप्रैल को नुसरत ने दम तोड़ दिया।


1989 से बंद है कश्मीर में थिएटर, अब फिर से हर जिले में दिखाई जाएगी फिल्में

1989 से बंद है कश्मीर में थिएटर, अब फिर से हर जिले में दिखाई जाएगी फिल्में

24-Oct-2019

मीडिया रिपोर्ट 

श्रीनगर: कश्मीर में धारा 370 निरस्त होने के बाद हालातों को सामान्य करने को एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए जम्मू और कश्मीर सरकार ने कश्मीर क्षेत्र के विभिन्न जिलों में लोगों को मुफ्त में फिल्मों की स्क्रीनिंग के लिए व्यवस्था करने का निर्णय लिया है. बता दें कि सन 1988 से उग्रवाद के प्रकोप के बाद से कश्मीर में सिनेमा थिएटर बंद हो गये थे और अभी कुछ अरसे श्रीनगर में केवल एक नीलम थिएटर को पुनः शुरू किया गया.

कश्मीर के डिवीजनल कमिश्नर आधार अहमद खान ने बताया कि सरकार बहुत जल्द जनता के लिए प्रत्येक जिलों में विभिन्न फिल्मों की स्क्रीनिंग शुरू करेगी. उन्होंने कहा कि लोग विभिन्न फिल्म स्क्रीनिंग केंद्रों पर जा सकते हैं और मुफ्त में फिल्में देख सकते हैं. खान ने कहा, “बच्चों, खेल, संस्कृति और अन्य वृत्तचित्रों पर आधारित फिल्मों का चयन कर कश्मीर के प्रत्येक जिले के चयनित सभागारों में उन्हें दिखाया जाएगा.

आम जनता अपने जिलों में मुफ्त में फिल्में देख सकती है.” श्रीनगर के एक निवासी ने कहा कि सिवाय श्रीनगर के एक नीलम थिएटर कश्मीर डिवीजन के किसी भी जिले में आज तक कोई भी थिएटर संचालित नहीं है. उन्होंने कहा कि उन्हें फिल्में देखने के लिए सेना द्वारा चलाए जा रहे सिनेमाघरों का रुुख करना पड़ता है. संभागीय आयुक्त ने सभी डिप्टी कमिश्नरों को फिल्मों के स्क्रीनिंग के लिए पर्याप्त व्यवस्था करने के निर्देश दिए है, जिसमें उनके जिलों में फिल्मों को परेशानी मुक्त स्क्रीनिंग के लिए हीटिंग, सीटिंग, दुकानों और अन्ये व्यवस्थाये शामिल है.

 


दुबई- भारतीय बिजनेसमैन ने लॉटरी में जीते 1 मिलियन डॉलर

दुबई- भारतीय बिजनेसमैन ने लॉटरी में जीते 1 मिलियन डॉलर

23-Oct-2019

दुबई में एक एक भारतीय बिजनेसमैन के लिए 20 अक्तूबर का दिन लकी रहा। मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक इस बिजनेसमैन ने एक लॉटरी में 1 मिलियन अमेरिकी डॉलर जीते। वहीं एक अन्य व्यक्ति ने शानदार मोटर बाइक जीती।
कमाल्सनन नादार वासु नाम की भारतीय मूल के वयक्ति ने ला ने लॉटरी में टिकट नंबर 3318 चुना था। यह टिकट उनके लिए लकी रहा और उन्होंने 1 मिलियन अमेरिकी डॉलर जीत लिए। लॉटरी में भारी भरकम रकम जीतने के बाद महिला ने कहा कि वो निशब्द हैं। वो अपनी भावनाएं बयां नहीं कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि मुझे नहीं पता कि मैं दुबई को इस सरप्राइज के लिए कैसे शुक्रिया अदा करूं। दुबई में पिछले 35 साल से रह रहे हैं। 2018 में अपने व्यापार में गिरावट के बाद से Dh900,000 का भारी कर्ज उठाया था दें।

वह अपने जीते हुए पैसे का उपयोग अपने ऋणों को निपटाने के लिए करेंगे। बाकी उसके व्यवसाय और भविष्य के लिए बचा कर रखेंगे।  उन्होंने गल्फ न्यूज को बताया, मेरे साथ टिकट खरीदने वाले मेरे दोस्त को भी आधे मिलियन डॉलर दूंगा । 56 साल के वासु अब 30 साल से स्टील फैब्रिकेशन का कारोबार करते हैं। ।