UPSC CSE प्रीलिम्स 2020: एडमिट कार्ड डाउनलोड करें

UPSC CSE प्रीलिम्स 2020: एडमिट कार्ड डाउनलोड करें

02-Sep-2020

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की ओर से 4 अक्टूबर को होने वाली सिविल सर्विसेज प्रीलिम्स परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड जारी कर दिए हैं। 

जो उम्मीदवार परीक्षा देने वाले हैं वह upsc.gov.in की आधिकारिक वेबसाइट से एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। यह परीक्षा देशभर के विभिन्न सेंटर्स में होगी।

 बता दें कि इस परीक्षा के माध्यम से आईएएस, आईएफएस और आईपीएस पदों पर अभ्यर्थ‍ियों का चयन किया जाएगा।

 पहले इस परीक्षा का आयोजन 31 मई को किया जाना था, लेकिन कोरोना वायरस के कारण परीक्षा स्थगित करनी पड़ी। अब परीक्षा का आयोजन 4 अक्टूबर को किया जाएगा।

 एडमिट कार्ड डाउनलोड 

स्टेप 1 – सबसे पहले आयोग की आधिकारिक वेबसाइट upsc.gov.in पर जाएं।

 स्टेप 2 – होमपेज पर ई-एडमिट कार्ड लिंक पर क्ल‍िक करें।

 स्टेप 3 – रजिस्ट्रेशन नंबर और रोल नंबर दर्ज करें।

स्टेप 4 – सबमिट करें।
स्टेप 5 – आपका एडमिट कार्ड स्क्रीन पर होगा।
स्टेप 6 – एडमिट कार्ड डाउनलोड करें और इसका प्रिंटआउट निकाल लें।

बता दें, यूपीएससी की परीक्षा सबसे मुश्किल परीक्षा में से एक होती है। तीन चरणों में यूपीएससी की परीक्षा में चयन किया जाता है, इसमें पहले प्रीलिम्स, फिर मेन और आखिरी में इंटरव्यू कर उम्मीदवारों का चयन किया जाता है।
साभार- आज तक

 

महाकौशल में छिंदवाड़ा को सबसे ज्यादा नुकसान: नकुल नाथ

महाकौशल में छिंदवाड़ा को सबसे ज्यादा नुकसान: नकुल नाथ

01-Sep-2020

छिंदवाड़ा: जिले में बाढ से हुए नुकसान का जायजा लेने सांसद नकुल नाथ मंगलवार को छिंदवाड़ा आए। श्री नाथ ने पत्रकारों से चर्चा के दौरान कहा कि महाकौशल में सबसे ज्यादा नुकसान छिंदवाड़ा जिले को हुआ है। एक हजार मवेशियों की मौत हो गई है। कई लोगों के घर की छत छीन गई। इसे लेकर वो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखेंगे और प्रभावितों को ज्यादा से ज्यादा सहायता दिलाने का प्रयास करेंगे।

 नकुल नाथ ने हेलीकॉप्टर के जरिए चौरई, सौसर अमरवाड़ा का दौरा कर किसानों को हुए नुकसान का आकलन किया।

व्हाइट नकुल नाथ सांसद छिंदवाड़ा


पेय जल की आपरूति के लिए स्थानीय लोगों का सड़क पर प्रदर्शन

पेय जल की आपरूति के लिए स्थानीय लोगों का सड़क पर प्रदर्शन

01-Sep-2020

Report:Abdul Kalam

Pleace:Bengal

पार्षद प्रेमनाथ शाव ने सड़क पर प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शन कारियों को करवाया सांत,

दिया जल्द से जल्द इलाके की पेय जल शमस्या समाधान करने का अस्वाशन

पश्चिम बंगाल आसनसोल नगर निगम के वार्ड नंबर 67,68,69 और 70 में पिछले कई दिनों से हो रही पेय जल की आपरूति ठप होने के कारण इलाके के रहने वाले हजारों लोगों को काफी समस्या का समाधान करना पड़ रहा था लोगों को पेय जल की पूर्ति करने के लिए या तो पानी खरीदना पड़ता था या फिर कई किलोमीटर दूर जाकर पानी की वेवस्था करनी पड़ती थी हालांकि की इलाके में हो रही पानी की समस्या को समाधान करने के लिए आसनसोल नगर निगम के एमएमआइसी पूर्ण शशि राय ने भी इलाके का दौरा किया स्थानीय लोगों ने पूर्ण शशि राय का घेराव कर प्रदर्शन भी किया जिसके बाद पूर्ण शशि राय ने स्थानीय लोगों को जल्द से जल्द इलाके की पेय जल की समस्या को दूर करने का आश्वाशन भी दिया पर कई दिन बीत जाने के बाद भी कोई समाधान नही हुवा जिससे गुस्साए स्थानीय लोगों ने मंगलवार को सड़क पर उतर कर निगम के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया वहीं घटना की खबर सुन पार्षद प्रेम नाथ शाव पहोंच गए और उन्होंने प्रदर्शन कारियों को ये आस्वाशन दिया के जबतक इलाके के चारों वाडों में पेय जल की शुविधा बहाल नही हो जाती है तब-तक स्थानीय लोगों को टैंकर के जरिए पानी उपलब्ध करवाई जाएगी और एक सप्ताह के भीतर पेय जल की समस्या दूर कर इलाकों में जलापूर्ति बहाल कर दी जाएगी पार्षद के इस आस्वाशन को सुनने के बाद सड़क पर प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शन कारियों ने सड़क को खाली कर प्रदर्शन बंद कर दिया हम बतादें के पार्षद प्रेमनाथ शाव इलाके के एक शोसलिस्ट व्यक्ति है और उन्होंने लॉक डाउन के दौरान कुल्टी और बराकर क्षेत्र में रह रहे गरीब और जरूरत मंदों की काफी मदद की थी यही कारण है के इन इलाकों में जनता उनकी काफी इज्जत और सम्मान करती है और उनकी कोई भी बात नही काटती


पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी के निधन के बाद उनके पैतृक आवाश पर छाया गम का माहौल

पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी के निधन के बाद उनके पैतृक आवाश पर छाया गम का माहौल

01-Sep-2020

Report:Abdul Kalam 

Pleace: Bengal 

बीरभूम जिले में स्थित मुखर्जी भवन पर जुटने लगे हैं उनके रिश्तेदार और इलाके के लोग

पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी का सोमवार को निधन हो गया है वो पिछले कई दिनों से बीमार चल रहे थे उनको भेंटीलेटर पर रखा गया था उनकी कोरोना संक्रमन होने की भी खबर सामने आई थी पर कल उनके निधन होने के बाद पूरे देश मे शोक का माहौल छा गया देश के तमाम राजनीति दलों ने उनके निधन पर शोक जताते हुवे उन्हें भावबीन श्रद्धांजलि दी वहीं इस दुनिया से उनको  विदा लेने के बाद उनके पैतृक आवास मुखर्जी भवन पर उनके कुछ रिश्तेदार और स्थानीय लोग भी इक्कठा हुवे और उन्हें अपनी नम आंखों से उन्हें याद कर रहे है


रिहाई के आदेश के बाद डॉ कफील खान की पत्नी बोलीं- प्लीज़ NSA का गलत इस्तेमाल ना करें

रिहाई के आदेश के बाद डॉ कफील खान की पत्नी बोलीं- प्लीज़ NSA का गलत इस्तेमाल ना करें

01-Sep-2020

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भड़काऊ भाषण देने के आरोप में रासुका का सामना कर रहे डॉक्टर कफील खान को रिहा करने के आदेश दिए हैं. इसपर उनकी पत्नी की प्रतिक्रिया आई है’

इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad HC) ने भड़काऊ भाषण देने के आरोप में रासुका (National Security Act-NSA) का सामना कर रहे डॉक्टर कफील खान को रिहा (Dr Kafeel Khan) करने के आदेश दिए हैं. कोर्ट ने मंगलवार को मामले में अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि 'NSA के तहत डॉक्टर कफील को हिरासत में लेना और हिरासत की अवधि को बढ़ाना गैरकानूनी है. कफील खान को तुरंत रिहा किया जाए.' इसपर उनकी पत्नी की प्रतिक्रिया आई है. एक वीडियो जारी कर उनकी पत्नी शबिस्ता खान (Shabista Khan) ने कहा कि उनकी जिंदगी से सात महीने छीन लिए गए, जिसे अब कोई वापस नहीं लौटा सकता है.

शबिस्ता खान ने कहा, 'एक निर्दोष व्यक्ति, जिसने कुछ नहीं किया है, उसपर NSA लगाकर उसे जेल में बंद कर दिया गया और सात महीनों तक उसे प्रताड़ित किया गया. वो सात महीने कोई वापस नहीं ला सकता है. हम तो जब सोचते हैं कि ये सात महीने कैसे गुजरे हैं तो हमारी रूह कांप जाती है. अगर आपके पास NSA का पावर है तो उसे मिसयूज़ मत करिए. अगर कोई दंगा कर रहा है. कुछ गलत कर रहा है तो जरूर उसे जेल में डाल दीजिए, उसपर NSA लगा दीजिए. लेकिन जिसने कुछ किया ही नहीं है, उसपर NSA लगा दिया गया और जेल में डाल दिया गया. प्लीज़ यही अपील है कि अगर आपके पास NSA की शक्ति है तो उसका गलत इस्तेमाल मत करिए.'


गोंडा-बहराइच राजमार्ग पर भीषण सड़क दुर्घटना, पांच की मौत, 11 घायल

गोंडा-बहराइच राजमार्ग पर भीषण सड़क दुर्घटना, पांच की मौत, 11 घायल

31-Aug-2020

Report:Shuaib Hashmi

Pleace:बहराइच

उत्तर प्रदेश में गोंडा-बहराइच राजमार्ग पर सुकई पुरवा चौराहे पर सोमवार सुबह भीषण सड़क हादसा हो गया, जिसमें पांच लोगों की मौत हो गई। चौराहे पर खड़ी खराब ट्रक में गोंडा की तरफ से आ रही सवारी गाड़ी एचआर 37 डी 4630 टकरा गई। 

टक्कर इतनी तेज थी कि गाड़ी के परखच्चे उड़ गए। घटनास्थल पर ही दो लोगों की मौत हो गई, जिसमें एक की पहचान मिकऊ, सुल्तानपुर निवासी पवन कुमार (32) और दूसरे की सीवान, बिहार निवासी जितेंद्र गिरि (46) के रूप में की गई।

घायल हुए लगभग 14 लोगों को एसओ पयागपुर सीएचसी ले गए, जहां तीन घायलों ने दम तोड़ दिया। हादसे में काफी गंभीर रूप से घायलों को सीएचसी से मेडिकल कालेज बहराइच भेज दिया गया है। 

सुबह चार बजे के आस पास घटी दुर्घटना की सूचना पाते ही सीओ नरेश सिंह व एसओ पयागपुर व चौकी इंचार्ज खुटेहना शशि कुमार राणा पूरे दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। घटना स्थल का निरीक्षण कर बुरी तरह क्षत-विक्षत दो शवों को इकट्ठा करवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। 

प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो सवारी गाड़ी के ड्राइवर को झपकी आने से यह दर्दनाक हादसा हुआ। सीओ नरेश सिंह ने बताया कि अभी मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। हादसे में टक्कर की आवाज इतनी तेज थी कि आस पास के गांवों के तमाम लोग मौके पर जमा हो गए। 

घटना की सूचना पाकर प्रशासन के तमाम आला अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंच गये। घटनास्थल पर ही मरने वाले दो लोगों के चेहरे तक पहचान में नहीं आ रहे थे। हादसे के कुछ मिनट बाद ही मौके पर पहुंचे खुटेहना चौकी इंचार्ज शशि कुमार राणा ने बताया कि गाड़ी में कुल 16 लोग सवार थे, जिनमें पांच की मौत हो गई है और 11 बहुत गंभीर रूप से घायल हैं।


बिहार में बाढ़ से 105 प्रखंडों में खेतों में लगी पूरी फसल बर्बाद

बिहार में बाढ़ से 105 प्रखंडों में खेतों में लगी पूरी फसल बर्बाद

31-Aug-2020

Report:Shamsh Alam 

Pleace:Bihar

बिहार में बाढ़ क्या आई, आधे दर्जन जिले के लोगों के रोज का निवाला ही छीन ले गई। 33 प्रतिशत फसल नुकसान वाले प्रखंडों की संख्या भले 234 प्रखंड हो, लेकिन 105 प्रखंड ऐसे हैं जहां किसानों को अनाज के लिए अब अगली फसल का ही इंतजार करना होगा। उनकी पूरी फसल बाढ़ में डूब गई है। ऐसे किसानों की निगाहें, अब सरकारी सहायता पर ही टिकी है। 

कुल खेती का 22 प्रतिशत फसल चौपट
राज्य में इस बार खरीफ मौसम में 36.76 लाख हेक्टयर में खेती हुई है। धान की खेती 32.78 लाख हेक्टेयर और मक्के की 3.98 लाख हेक्टेयर में हुई। बाढ़ ने जिन फसलों को 33 प्रतिशत से अधिक नुकसान किया है उसका रकबा 7.53 लाख हेक्टेयर है। यानि कुल रकबे का लगभग 22 प्रतिशत भाग बाढ़ से प्रभावित हुआ। लेकिन, अगर प्रखंडों में हुई खेती के अनुसार गणना करें तो सौ से अधिक ऐसे प्रखंड है जहां की खेती पूरी तरह चौपट हो गई। 

कई जिलों में 90 प्रतिशत तक नुकसान 
आधा दर्जन जिले ऐसे हैं जहां जितनी खेती हुई उसकी 70 से 90 प्रतिशत तक फसल चौपट हो गई। दरभंगा जिले में जितने रकबे में धान और मक्का की खेती हुई, उसका 90 प्रतिशत भाग चौपट हो गया। मुजफ्फरपुर में 81 प्रतिशत तो खगड़िया में 74 प्रतिशत फसल नष्ट हो गई। इसके अलावा सहरसा, पूर्वी चम्पारण और पश्चिमी चम्पारण जिलों में भी नुकसान का प्रतिशत 60 से ऊपर है। 

लंबे समय तक टिकी बाढ़ 
राज्य में इस बार बाढ़ की अवधि काफी लंबी रही। धान की रोपनी खत्म होते ही आर्द्रा नक्षत्र से बाढ़ शुरू हो गई। अगस्त तक फसल खेतों में डूबी रही। ऐसे में पौधे भी छोटे थे और पानी भी ज्यादा दिन टिका, लिहाजा फसल को बचाना कठिन हो गया। 

खुशी ज्यादा दिन नहीं टिकी 
इस बार खरीफ की रोपनी समय पर हो गई थी। समय पर मानसून के आने के कारण किसानों ने खूब मेहनत की और धान के साथ मक्के की खेती भी बढ़े उत्साह से की। लेकिन उनकी यह खुशी ज्यादा दिन तक नहीं टिकी। अभी पूरी तरह धान की रोपनी हुई भी नहीं हुई कि बाढ़ ने दस्तक दे दी।   

बाढ़ प्रभावित जिले 
वैशाली, सारण, सीवान, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, मधुबनी,  समस्तीपुर, बेगूसराय, खगड़िया, पूर्वी चम्पारण, पश्चिमी चम्पारण, कटिहार, शिवहर, भागलपुर, सीतामढ़ी, मधेपुरा, सहरसा, अररिया और पूर्णिया। 

आपदा प्रबंधन का प्रावधान
68 सौ रुपए प्रति हेक्टेयर असिंचित क्षेत्र में फसल नष्ट होने पर
13 हजार 500 प्रति हेक्टेयर सिंचित क्षेत्र में फसल नष्ट होने पर 
18
हजार प्रति हेक्टेयर पेरेनियल (सलाना) फसल में 
12
हजार 200 रुपए प्रति हेक्टेयर तीन फीट बालू जमा होने पर
39 हजार प्रति हेक्टेयर जमीन की व्यापक क्षति होने पर


मुहर्रम पर शिया समाज ने  ने किया रक्तदान !

मुहर्रम पर शिया समाज ने ने किया रक्तदान !

31-Aug-2020

गाँव खिरवा जलालपुर शोक में इस्लाम धर्म के शिया संप्रदाय के सदस्यों द्वारा मोहर्रम पर हज़रत इमाम हुसैन के सर्वोच्च बलिदान का शोक मनाने का एक अनोखा तरीका देखा गया।

विवार को मोहर्रम पर हजरत हुसैन के बलिदान पर शोक व्यक्त करते हुए ब्लेड से खुद को घायल करने की सदियों पुरानी परंपरा की जगह ग्रामीणों ने रक्तदान किया। हालांकि, यह भारतीय मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के सचिव डॉ। अनिल नौसरन के सुझाव से संभव हो पाया, जो खिरवा जलालपुर के ग्रामीणों में से एक, सैफुल हसनैन जैदी, जो डॉक्टर के नाम से जाने जाते थे। विचार ने उसे क्लिक किया और उसने इसे अन्य ग्रामीणों के साथ साझा किया।

शुरुआत में, गाँव के मुश्किल से पाँच लोग रक्तदान के लिए तैयार थे, लेकिन धीरे-धीरे यह विचार हिट बन गया और गाँव के शिया मुसलमान मोहर्रम को चिह्नित करने के लिए इस कारण से बाहर आए, जैदी को सूचित किया।

रक्तदान करने के लिए इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के ब्लड बैंक की एक टीम रविवार सुबह गांव पहुंची। चालीस शिया मुस्लिम, सभी काले संगठनों में पहने जाते हैं जो वे मुहर्रम के दौरान शोक के निशान के रूप में पहनते हैं, रक्त दान के लिए सामने आए। आईएमए सचिव, जो मेरठ में अपने ब्लड बैंक के प्रभारी हैं, डॉ। अनिल नौसरन ने कहा कि मोहर्रम को चिह्नित करने के लिए 18 से 59 साल के 40 लोगों ने रविवार को रक्तदान किया और वादा किया कि वे ऐसा करना जारी रखेंगे। आने वाले वर्षों के।

डॉ। नौसरन ने ग्राम खिरवा जलापुर के शिया मुसलमानों के इस अनुकरणीय कदम की सराहना की और कहा कि यह दूसरों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है। जैदी, जो स्वयं दाताओं में से एक थे, ने कहा, “रक्त दान करके हम मानव जाति को बचाने में योगदान करना चाहते थे जैसा कि इमाम हुसैन द्वारा निर्देशित है और यह हमें io जियो और जीईन डो ‘के उनके शिक्षण की याद दिलाता है।” ”

एक अन्य दाता ज़फ़रुल हसनैन ज़ैदी ने कहा कि यह रक्त दान करने की एक अलग भावना थी जो किसी के लिए जीवन-रक्षक हो सकती है। शुरू में गाँव के लोग मोहर्रम के जुलूस पर प्रतिबंध से नाखुश थे, लेकिन बाद में रक्तदान के निर्णय के बाद, वे खुश लग रहे थे।

सदियों पुरानी परंपरा के अनुसार, शिया मुस्लिम लगभग 1400 साल पहले हजरत इमाम हुसैन और उनके परिवार के बलिदान का शोक मनाते हुए मोहर्रम पर अपने खून को तेज ब्लेड से बहाकर दर्द को महसूस करते हैं। यह हमारी परंपरा थी लेकिन इस बार हमने मानव जीवन को बचाने के लिए उसी रक्त को दान करने का फैसला किया, सैय्यद अली बिन हादी ने कहा। खिरवा जलालपुर एक मुस्लिम बहुल गाँव है जिसकी आबादी लगभग 10,000 है। गाँव में लगभग 200 शिया मुस्लिम परिवार हैं, जिन्होंने मुहर्रम को ‘इस साल आतंकवाद के खिलाफ एक कार्य’ के रूप में मनाया। हादी ने कहा, “हम आतंकवाद के खिलाफ हैं और अच्छे कामों से देश की सेवा कर रहे हैं और रक्तदान करना ऐसा ही एक काम था।”

डॉ। नौसरन ने ग्रामीणों की सराहना करते हुए कहा कि एक व्यक्ति द्वारा दान की गई एक यूनिट रक्त से दो लोगों की जान बच सकती है, इसलिए उनके द्वारा दान किए गए 40 यूनिट रक्त 80 व्यक्तियों के जीवन को बचा सकते हैं। इसलिए यह सही कहा गया है कि रक्तदान एक सर्वोच्च दान है। उन्होंने लोगों से इस तरह के कारण के लिए आगे आने का आह्वान किया


कर्नाटक बीजेपी के अध्यक्ष नलिन कुमार कोरोना वायरस से संक्रमित

कर्नाटक बीजेपी के अध्यक्ष नलिन कुमार कोरोना वायरस से संक्रमित

30-Aug-2020
देश में कोरोना वायरस का कहर लगातार बढ़ता ही जा रहा है. हर रोज कोरोना वायरस के नए संक्रमित मरीजों की पुष्टि हो रही है. वहीं राजनीतिक पार्टियों के नेता भी लगातार कोरोना वायरस की चपेट में आ रहे हैं. अब कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के प्रदेश अध्यक्ष कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं. कर्नाटक बीजेपी के अध्यक्ष नलिन कुमार ने जानकारी देते हुए कहा कि उन्होंने कोरोना वायरस का टेस्ट करवाया था और उनकी कोरोना जांच पॉजिटिव पाई गई है. डॉक्टर की सलाह के बाद नलिन कुमार को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है. नलिन कुमार लोकसभा से सांसद भी हैं. 53 वर्षीय नलिन कुमार ने लोगों से अपील की है कि पिछले दिनों में जो भी उनके संपर्क में आए हैं, वो सावधानी बरतें. साथ ही नलिम कुमार ने विश्वास जताया की लोगों के आर्शीवाद से वो जल्द ही ठीक होकर लौटेंगे. नलिन कुमार को पिछले साल ही कर्नाटक बीजेपी का अध्यक्ष बनाया गया था. उनको इस पद पर अब एक साल पूरा हो चुका है.

रेलवे अधिकारी की पत्नी-बेटे को बदमाशों ने घर में घुसकर गोली मारी

रेलवे अधिकारी की पत्नी-बेटे को बदमाशों ने घर में घुसकर गोली मारी

29-Aug-2020

Report:Shuaib Hashmi

Pleace:Lucknow

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सीएम आवास के करीब गौतमपल्ली इलाके में शनिवार को डबल मर्डर की सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया गया है। बदमाशों ने  रेलवे अफसर के घर में घुसकर उनकी पत्नी-बेटे की निर्मम हत्या कर दी है। घटना की सूचना के बाद मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस टीम मामले की छानबीन में जुट गई है। वारदात से क्षेत्र के लोग दहशत में है। 

गौतमपल्ली इलाके में रेलवे अधिकारी आरडी बाजपेयी के सरकारी आवास है। शनिवार दोपहर के बदमाश उनके आवास पर पहुंच गए और घर में घुसकर मालती और बेटे शारददत्त की हत्या कर दी गई। दोपहर 3:30 बजे करीब नौकरों ने पुलिस कंट्रोल रूम पर सूचना दी जिसके बाद गौतम पल्ली पुलिस मौके पर पहुंची।  रेलवे के बड़े अधिकारी के घर में दोहरे हत्याकांड की सूचना मिलते ही डीजीपी और पुलिस कमिश्नर मौके पर पहुंच गए हैं। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस कमिश्नर सुजीत पांडेय के मुताबिक मामले में हर पहलू पर जांच की जा रही है। वारदात के पीछे जो कारण है उसका जल्द ही खुलासा किया जाएगा। दोषियों की जल्द गिरफ्तारी होगी।

 


फ़िल्म ब्लैक पैंथर' के सुपर स्टार अभिनेता चैडविक बोसमैन का निधन, शोक में डूबे फैंस

फ़िल्म ब्लैक पैंथर' के सुपर स्टार अभिनेता चैडविक बोसमैन का निधन, शोक में डूबे फैंस

29-Aug-2020
हॉलीवुड की सुपरहिट फिल्म ब्लैक पैंथर (Black Panther) के अभिनेता चैडविक बोसमैन (Chadwick Boseman) का निधन हो गया है। शनिवार को कोलन कैंसर की वजह से 43 की उम्र में चैडविक बोसमैन ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया। चैडविक बोसमैन के निधन की खबर सुनकर हॉलीवुड से लेकर बॉलीवुड तक में शोक की लहर छा गई है। फैंस से लेकर सितारे तक अभिनेता को याद करके श्रद्धांजलि दे रहे हैं। हॉलीवुड की सुपरहिट फिल्म ब्लैक पैंथर (Black Panther) के अभिनेता चैडविक बोसमैन (Chadwick Boseman) का निधन हो गया है। शनिवार को कोलन कैंसर की वजह से 43 की उम्र में चैडविक बोसमैन ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया। चैडविक बोसमैन के निधन की खबर सुनकर हॉलीवुड से लेकर बॉलीवुड तक में शोक की लहर छा गई है। फैंस से लेकर सितारे तक अभिनेता को याद करके श्रद्धांजलि दे रहे हैं।

टीम 11 की बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिए सख्त आदेश

टीम 11 की बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिए सख्त आदेश

28-Aug-2020

मुख्यमंत्री ने Covid-19 के संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए सभी प्रयास जारी रखने के निर्देश दिए। मेडिकल टेस्टिंग, विशेष रूप से रैपिड एन्टीजन टेस्ट की संख्या में वृद्धि की जाए, RTPCR टेस्ट की संख्या भी बढ़ाई जाए। प्रदेश में प्रतिदिन 1 लाख 50 हजार कुल टेस्ट सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके लिए आवश्यक मैनपावर की व्यवस्था की जाए। सर्विलांस को बेहतर करने के साथ ही, इंटीग्रेटेड कमाण्ड एण्ड कन्ट्रोल सेण्टर की व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाए। कोविड-19 के संक्रमण के प्रति व्यापक जागरूकता का प्रसार इस प्रकार किया जाए, जिससे संक्रमित लोग सामने आने से न घबराएं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार नीट तथा जेईई परीक्षाओं के आयोजन का समर्थन करती है।

कोविड-19 से बचाव सम्बन्धी प्रोटोकॉल का पालन करते हुए सभी गतिविधियां प्रारम्भ होनी चाहिए। समस्त अपर मुख्य सचिवों/प्रमुख सचिवों को अपने अधीनस्थ विभागाध्यक्ष कार्यालयों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी प्रतिदिन पूर्वान्ह 9 से 10 बजे तक कोविड-19 सम्बन्धी कार्य, पूर्वान्ह 10 से 11 बजे तक कार्यालयों का निरीक्षण तथा पूर्वान्ह 11 से अपरान्ह 01 बजे तक अपने कार्यालय में जनता से भेंट कर उनकी समस्याओं को सुनें। ऐसी व्यवस्था तहसील एवं विकास खण्ड स्तर पर भी लागू की जाए, पुलिस अधिकारी भी इसी प्रकार की व्यवस्था लागू करें। उर्वरकों के वितरण की व्यवस्था को और सुचारु बनाते हुए इसकी मॉनिटरिंग की जाए। किसानों के गन्ना मूल्य के भुगतान में शिथिलता बरतने वाली चीनी मिलों के विरुद्ध कार्यवाही की जाए। बाढ़ प्रभावित व्यक्तियों को फसलों आदि के लिए अनुमन्य मुआवजा राशि का समय से वितरण सुनिश्चित किया जाए।


सुदर्शन न्यूज़ के  सुरेश चव्हाण ने  मुसलिमों के  भारतीय प्रशासनिक सेवा   में   कामियाबी  पर  नफरत फैलते हुए  UPSC  जिहादी बताया !

सुदर्शन न्यूज़ के सुरेश चव्हाण ने मुसलिमों के भारतीय प्रशासनिक सेवा में कामियाबी पर नफरत फैलते हुए UPSC जिहादी बताया !

28-Aug-2020

थाकथित सुदर्शन चेंनल का सुरेश चौहान फिर अभिव्यक्ति की आज़ादी का मखौल उड़ा रहा है ! और देश के   UPSC जैसे कठिन परीक्षा का अपनी चेंनल पर तमाशा बना रहा है ,ऐसी विचार धारा मानने वाले और उनके बच्चे केवल नफरत फ़ैलाने और भक्ति दिखाने में लगे रहे और जिन्हे नफरत का शिकार बनाया वो इन 5   सालो कॉम्पिटिशन एग्जाम में पास होते गए  


!कथित तौर पर इसलामोफोबिया और नफ़रत फैलाने वाली ख़बरें प्रकाशित करने के आरोप झेलते रहे सुदर्शन न्यूज़ और इसके एडिटर इन चीफ़ सुरेश चव्हाणके फिर से एक ऐसी ही ख़बर के लिए चर्चा में हैं। सुरेश चव्हाणके ने एक दिन पहले सिविल सेवा में मुसलिम समुदाय के लोगों के जाने पर निशाना साधते हुए एक प्रोमोशनल वीडियो पोस्ट किया है। इसमें उन्होंने कहा है कि वह सुदर्शन न्यूज़ पर ‘कार्यपालिका में मुसलिम घुसपैठ’ को 28 अगस्त से ‘पर्दाफ़ाश’ करेंगे। इस पोस्ट में उन्होंने मुसलिमों के लिए ‘नौकरशाही जिहाद’ और ‘UPSC Jihad’ जैसे शब्दों का प्रयोग किया है। सुरेश चव्हाणके की पोस्ट और कार्यक्रम को सामाजिक कार्यकर्ताओं से लेकर आईपीएस एसोसिएशन तक ने नफ़रत फैलाने वाला क़रार दिया है। दिल्ली पुलिस में तो इसकी शिकायत दी ही गई है, यूपीएससी के अध्यक्ष को पत्र लिखकर सख़्त कार्रवाई करने की माँग भी की गई है।

वैसे, नफ़रत फैलाने के मामले में 2017 में सुरेश चव्हाणके गिरफ़्तार भी हो चुके हैं। तब चव्हाणके ने संभल के एक धार्मिक स्थल पर जाकर जल चढ़ाने का एलान किया था। यूपी पुलिस ने चव्हाणके को समुदायों के बीच नफरत फैलाने, सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने और चैनल के ज़रिए अफवाह फैलाने के आरोप में 13 अप्रैल को गिरफ्तार किया था। वह 14 अप्रैल को रिहा हो गए थे। तब यह पहली बार हुआ था कि किसी चैनल के एडिटर इन चीफ़ को सांप्रदायिकता के आरोप में गिरफ़्तार किया गया हो।

बहरहाल, ताज़ा विवाद में भी सुरेश चव्हाणके पर नफ़रत फैलाने के ही चौतरफ़ा आरोप लग रहे हैं। इस मामले में पुलिस से शिकायत तो की ही गई है, इसके साथ ही ट्विटर पर नफ़रत वाली भाषा के ख़िलाफ़ अभियान भी शुरू कर दिया गया है। बड़ी संख्या में आईएएस और आईपीएस अधिकारी खुलकर लिख और बोल रहे हैं। अधिकतर लोगों ने सुरेश चव्हाणके की भाषा को सांप्रदायिक नफ़रत का जहर उगलने वाला क़रार दिया है।
आईपीएस एसोसिएशन ने सुरेश चव्हाणके के उस वीडियो को सांप्रदायिक नफ़रत फैलाने वाला बताया है। इसने ट्वीट किया, ‘धर्म के आधार पर सिविल सेवाओं में उम्मीदवारों को निशाना बनाने वाली एक समाचार को सुदर्शन टीवी द्वारा बढ़ावा दिया जा रहा है।

हम पत्रकारिता के सांप्रदायिक और ग़ैरज़िम्मेदाराना पत्रकारिता की निंदा करते हैं।’

देश की नौकरशाही में बढ़ती मुसलमानों की संख्या से विचलित दक्षिणपंथी न्यूज चैनल सुदर्शन के खिलाफ दिल्ली का जामिया मिल्लिया इस्लामिया (जामिया विश्वविद्यालय) मुकदमा दर्ज कराएगा।

MEDIA IN PUT

 


बेलियाघाटा में सैकड़ों साल पुराने मकान का हिस्सा ढहा, वृद्धा की मौत.

बेलियाघाटा में सैकड़ों साल पुराने मकान का हिस्सा ढहा, वृद्धा की मौत.

27-Aug-2020

Report:Abdul Kaleem

Pleace:Bengal

रातभर हुई भारी बारिश से महानगर के बेलियाघाटा में स्थिति सैकड़ों साल पुराने एक मकान का हिस्सा ढह गया। घटना में एक वृद्धा की मौत हो गई है। वहीं परिवार के कई सदस्य घायल हुए हैं। जानकारी के अनुसार ढहे हिस्से में काफी देर तक परिवार के अन्य सदस्य अटके रहें। हालांकि मौके पर पहुंची पुलिस और बचाव टीम ने परिवार के सभी सदस्यों को सुरक्षित निकाल लिया है।

बुधवार शाम से ही शहर में बारिश शुरू हुई। रातभर हुई बारिश से कई इलाकों में पानी जम गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार इसी दौरान 55 नम्बर बेलियाघाटा मेन रोड पर स्थित 150 साल पुराने एक मकान का हिस्सा ढह गया। इसी दौरान मकान में रहने वाली प्रतिमा साहा नामक एक वृद्धा और उसका बेटा राजेश साहा और नाती फंस गए थे।

घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर पुलिस और बचाव की टीम पहुंची। मकान का हिस्सा ढहने से सभी गंभीर रूप से घायल हो गए। वृद्धा की हालत अधिक खराब थी। जिसे तुरंत एनआरएस अस्पताल ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार बहुत पहले ही निगम ने उक्त इमारत को खतरनाक चिन्हित किया था।


इजरायल से AWACS खरीदेगा भारत, 200 करोड़ डॉलर होंगे खर्च

इजरायल से AWACS खरीदेगा भारत, 200 करोड़ डॉलर होंगे खर्च

27-Aug-2020

लद्दाख में चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के साथ जारी गतिरोध के बीच नरेंद्र मोदी सरकार दो PHALCON हवाई चेतावनी और नियंत्रण प्रणाली (AWACS) के अधिग्रहण को अगले सप्ताह की शुरुआत में पूरा करने के लिए तैयार है। भारत के पास 360 डिग्री पर घूमने वाले रोटोडोम लगे तीन PHALCON AWACS और डीआरडीओ निर्मित दो AWACS हैं। वहीं, चीन के पास 28 और पाकिस्तान के पास सात हैं, जो विपरीत परिस्थितियों में हवाई हमले को कमांड देने के काम करता है। 

सरकार पूरी प्रक्रिया को लेकर तैयार है। अधिग्रहण का मसौदा पिछले सप्ताह सुरक्षा मामले के कैबिनेट कमेटी के समक्ष रखा गया। यह दूसरी बार है जब यह सीसीएस तक पहुंचा है। पिछली बार, सीसीएस ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को प्रस्ताव वापस भेजा और कुछ स्पष्टीकरण मांगे थे।

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PHALCON रडार की कीमत तकरीबन 100 करोड़ डॉलर है। वहीं, इसके प्लेटफार्म की भी कीमत 100 करोड़ डॉलर है। रडार और प्लेटफॉर्म को इज़राइल में तैयार किया जाएगा। फुल सिस्टम के भारत आने में तकरीबन दो से तीन साल लगेंगे।

भारतीय वायु सेना द्वारा 26 फरवरी के बालाकोट हमले के बाद पाकिस्तानी हवाई हमले के दौरान सबसे पहले इसकी की आवश्यकता महसूस की गई। जब पाकिस्तान अपने वायु क्षेत्र में किसी भी घुसपैठ का पता लगाने और उसे हटाने के लिए दो स्वीडिश निर्मित AWACS के साथ चक्कर लगा रहा था, उस समय भारतीय वायुसेना अपने संसाधनों की कमी के कारण कई बार असुरक्षित महसूस कर रही थी। साथ ही पूर्वी लद्दाख में चीन की एकतरफा आक्रामकता और दोनों पक्षों में विशेष प्रतिनिधियों के सहमत होने के बाद भी स्थिति में सुधार लाने के लिए अनिच्छा के कारण आकाश में इसकी अधिक आवश्यकता महसूस की गई।


यूपी की सियासत का रूख बदलने की ताक़त रखता है ब्राह्मण समाज

यूपी की सियासत का रूख बदलने की ताक़त रखता है ब्राह्मण समाज

27-Aug-2020

लखनऊ से तौसीफ़ क़ुरैशी
राज्य मुख्यालय लखनऊ।यूपी की सियासत में अब पोस्टरों के ज़रिए सियासत को नई धार दी जा रही है।राजधानी लखनऊ में एक पोस्टर लगाया गया जिसमें यह संदेश देने की कोशिश की गई कि यूपी में ब्राह्मण समाज के साथ अन्याय या उत्पीडन हो रहा है।ये पोस्टर सपा के एक नेता द्वारा लगाया गया है इस पोस्टर के लगने के बाद सूबे के सियासी बुखार का तापमान बढ़ गया है।इस पोस्टर में आरोप लगाया गया है कि सूबे की ठाकुर आदित्यनाथ योगी सरकार ब्राह्मणों के साथ अन्याय कर रही है इस पोस्टर के आने से पहले भी ब्राह्मणों के नेता यह आरोप लगा चुके है कि हमारे समाज का ठाकुरों की सरकार में उत्पीडन किया जा रहा है इसी को आधार बनाकर यह पोस्टर लगाया गया है।पोस्टर को मोदी की भाजपा के कार्यालय के आस पास लगाया गया विधायक निवास दारूल शफा की दीवारों पर यह पोस्टर देखा गया यह विधायक निवास मोदी की भाजपा के कार्यालय के ठीक पीछे है।राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चुनावों से पहले ऐसा होता है क्योंकि यूपी की सियासत में एक ज़माने से जातिवाद ही हावी रहता आया है 1989 के बाद से ब्राह्मण समाज इधर-उधर भटक रहा है।2007 में बसपा के साथ चला गया था और बसपा की सरकार बन गई थी उसके बाद उसने अपने आपको बसपा से भी अलग कर लिया था तथा वह एकजुट होकर किसी के साथ नही गया था सपा की सरकार बन गई थी 2014 के आमचुनाव में साम्प्रदायिकता हावी हुई जिसके बाद ब्राह्मण मोदी की भाजपा के साथ चला गया जो अभी तक वही खड़ा है अब सवाल उठता है क्या ब्राह्मण मोदी की भाजपा से अलग होकर किसी अन्य सियासी दल को चुनेंगे और अगर यह सही हुआ तो क्या फ़र्क़ पड़ेगा ? यूपी में ब्राह्मणों की संख्या कितनी है आँकड़ों के एतबार से 14% बताया जाता है क्या ब्राह्मणों के साथ अत्याचार हो रहा है ? क्या ब्राह्मणों का दमन हो रहा है ? इस बार ब्राह्मण उत्पीडन का चेहरा बनकर सामने आया है अब यह बात निकल कर गाँवों की चौपालों पर और शहरों की बैठकों की चकल्लस का हिस्सा बन गई है कि क्या वास्तव में ब्राह्मणों का ठाकुरों की सरकार में दमन हो रहा है ? और अगर हो रहा है तो क्यों और कारण क्या है ? इस पर बहसों का दौर चल रहा है इसके नतीजे क्या होंगे बस इसपर नज़र दौड़ाई जा रही है जो ब्राह्मण समाज 2014 से लगातार मोदी की भाजपा में लामबंद होकर चला आ रहा हो उसको क्या दिक़्क़त हो गई जो नए सियासी आशियाना तलाश कर रहा है अब सवाल उठता है कि 14% ब्राह्मण समाज किसकी झोली भरेगा वोट से उसमें उसके पास चार ऑप्शन सामने नज़र आ रहे है जो यह प्रयास कर रहे है कि ब्राह्मणों के वोटबैंक की पोटली उनके सियासी ख़ज़ाने में खुल जाए जैसे कांग्रेस पार्टी बहुत प्रयासरत है कि उसका वोटबैंक अपने पुराने सियासी आशियाना में आ जाए जिसके बाद यूपी में कांग्रेस का पिछले तीस सालों से चला आ रहा सियासी वनवास ख़त्म हो जाए और यह सही भी है कि ब्राह्मण समाज ने अगर कांग्रेस की तरफ़ रूख किया तो उसका यूपी में सियासी वनवास ख़त्म हो जाएगा क्योंकि उसके बाद मुसलमान भी आराम से अपने पुराने सियासी आशियाने कांग्रेस में पहुँच जाएगा अन्य जातियाँ भी कांग्रेस की तरफ़ रूख कर जाएगी उसका बहुत बड़ा कारण माना जाता है कि अगर ब्राह्मण किसी के साथ जाता है तो वह अकेला नही जाता साथ में अन्य जातियों को लेकर भी जाता है उसकी प्रतिशत सियासी जानकार तो दो गुणा मानते है उनका तर्क है ब्राह्मण समाज की किसी से शहरों, नगरों व गाँवों में ज़्यादा बड़ी रंजिशें नही होती सबके साथ अच्छा व्यवहार रखता है इस लिए वह अपने साथ अन्य वोटबैंक को भी जोड़ लेता।कांग्रेस का यही प्रयास है किसी तरह ब्राह्मण समाज अपने सियासी आशियाने में वापिस आ जाए।बसपा का भी यही प्रयास हो रहा है कि ब्राह्मण समाज 2007 की तरह उसके पाले में खड़ा हो जाए उसके लिए बसपा सुप्रीमो मायावती ऐसा तानाबाना बुन रही है इसके लिए वह ब्राह्मणों के साथ हो रहे अत्याचारों का खुलकर विरोध भी कर रही है इसमें जान डालने के लिए उन्होंने बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चन्द मिश्रा को लगाया भी है पहले भी वही ब्राह्मणों को बसपा के साथ लाने में कामयाब रहे थे वह बसपा में अकेले ब्राह्मण नेता है जो बसपा के रणनीतिकारों में शामिल है।वही सपा भी अपने पूरे प्रयास कर रही है कि ब्राह्मण समाज सपा को एक बार मौक़ा दे।सपा के ही एक नेता द्वारा राजधानी में पोस्टर लगा ब्राह्मणों पर हो रहे अत्याचारों को उठाने का प्रयास किया गया है इसके बाद एक बार फिर ब्राह्मणों पर चर्चा तेज हो गईं।दिल्ली की आम आदमी पार्टी भी इस प्रयास में लग गईं है यहाँ पार्टी की कमान राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने संभाल रखी है उनका प्रयास है किसी तरह प्रदेश का यह 14% वोटबैंक उसको स्वीकार कर ले जिससे वह प्रदेश की सियासत में धमाकेदार एंट्री कर सभी सियासी दलों को चौंकाने में कामयाब हो सके क्योंकि उसके पास यूपी की सियासत में एंट्री करने के लिए कोई ठोंस वोटबैंक नही है ब्राह्मण समाज मोदी की भाजपा से नाराज़ है इसी का फ़ायदा उठाकर उसको आम आदमी पार्टी में लाया जा सकता है।अब यह तो हुए वह सियासी दल जो मोदी की भाजपा से चल रही उसकी नाराज़गी के चलते अपने-अपने पाले में लाना चाहते है।ब्राह्मण समाज किस दल को पसंद करेगा यह भी बड़ा सवाल है उसका सियासी पैमाना क्या रहेगा ? जिससे वह यह संदेश दे कि ब्राह्मणों की नाराज़गी मोदी की भाजपा को महँगी पड़ गईं ख़ाली वह नाराज़गी में ऐसे ही किसी दल का दामन नही पकड़ लेगा वह हर तरीक़े से गुणाभाग करेगा कौन दल है जिसके साथ जाने में उसे फ़ायदा होगा वह उसी दल का चयन करेगा ऐसा सियासी जानकारों का मानना है अगर उसका पैमाना मोदी की भाजपा को यह अहसास कराना रहा कि हमारी अन्देखी करना आपकी सियासी भूल थी।वोटबैंक के एतबार से बसपा सबसे मज़बूत मानी जाती है क्योंकि उसके पास ही सबसे बड़ा और टिकाऊ वोटबैंक मौजूद है उसके साथ जाकर वह मोदी की भाजपा को आसानी से सियासी पटकनी दे सकता है बसपा में जाकर वह एक बार यह प्रयोग कर भी चुका है वहाँ जाने में उसे ज़्यादा सोचना नही पड़ेगा।रही बात सपा की 2019 के आमचुनाव में जिस तरीक़े से उसके सहजातिये वोटबैंक यादवों ने धोखा दिया इतना अच्छा समीकरण छोड़कर मोदी की भाजपा में चले गए थे रही बात मुसलमान की वह भी इस बार सपा से छिटककर कांग्रेस की ओर जाने का मन बनाता दिखाई दे रहा है अगर उसने करवट ली तो सपा के लिए जितनी सीट अब फ़िलहाल है वह भी लानी मुश्किल हो जाएगी सपा का मौजूदा नेतृत्व मुसलमानों में ज़्यादा रूची भी नही रख रहा है जिसको मुसलमान समझ भी रहा है सपा सरकार के दौरान मुसलमानों के लिए कुछ नही किया गया सिर्फ़ बयानबाज़ी कर मोदी की भाजपा को मज़बूत किया गया करा कुछ नही यह सब समीकरण सपा के विपरीत जाते दिख रहे है हालाँकि सपा का नेतृत्व यह बात माने बैठा है कि मोदी की भाजपा के ख़िलाफ़ बन रहे माहौल का उसी को लाभ मिलेगा कुछ करे या न करे।ब्राह्मण समाज मोदी की भाजपा से अलग होने के बाद दो दलों में से एक के चयन करने के क़यास लगाए जा रहे है सियासी जानकारों के मुताबिक़ वह पहले नंबर पर बसपा को पसंद करे क्योंकि उसकी साथ जाने के बाद आसानी से मोदी की भाजपा को पटकनी दे सकता है दूसरी उसकी पसंद कांग्रेस को माना जा रहा है क्योंकि उसकी वह पुरानी पार्टी है जहाँ उसको सियासी संतुष्टि मिलेंगी जहाँ जाने के बाद उसको बहुत दिनों तक सियासी आशियाना बदलने की ज़रूरत नही पड़ेगी।ब्राह्मणों को कांग्रेस के कलचर का मालूम है और कांग्रेस भी ब्राह्मणों की सियासी पसंद पहचानती है दोनों में संवाद बनने या बनाने में देर नही लगेगी हाँ यह ज़रूर है कि कांग्रेस में जाने के बाद ब्राह्मणों को बहुत मेहनत करनी पड़ेगी जो वह रिस्क ले भी सकता है और नही भी।कुल मिलाकर यही कहा जा सकता है कि बसपा और कांग्रेस में से किसी एक दल का चयन कर सकता है ब्राह्मण समाज अब देखना है कि रिस्क वाला निर्णय लेगा या आसानी से मोदी की भाजपा को पटकनी देने वाला।वैसे देखा जाए तो जितना हो हल्ला ब्राह्मणों को लेकर विपक्षी दलों में हो रहा है उनको अपने-अपने पाले में लाने की होड़ मची है वैसी हलचल मोदी की भाजपा में देखने को नही मिल रही वह ख़ामोशी के साथ विपक्षी दलों की ब्राह्मणों को लेकर इस होड़ को देख रही है क्या ब्राह्मणों को लेकर छिड़ी इस सियासी जंग को अभी और लंबा चलने देना चाहती है या मोदी की भाजपा ने ब्राह्मणों को लेकर कोई रणनीति बना ली है और उसे अभी मैदान पर लाना नही चाहती।ख़ैर ब्राह्मणों पर हो रहे अत्याचारों के जो आरोप सरकार पर लग रहे है उसका सियासी लाभ किस दल को मिलता है या मिलेगा इस पर सियासी दलों के साथ-साथ सियासी जानकारों की नज़र बनी हुईं ब्राह्मण समाज जो फ़ैसला लेगा वह यूपी सियासत का रूख बदलने की ताक़त रखता है इसमें किसी को कोई संदेह नही है। 
लेख लेखक के अपने विचार है 


यूपी की क़ानून-व्यवस्था को भ्रष्टाचार की दीमक ने निगला

यूपी की क़ानून-व्यवस्था को भ्रष्टाचार की दीमक ने निगला

26-Aug-2020

लखनऊ से तौसीफ़ क़ुरैशी

राज्य मुख्यालय लखनऊ।यूपी में क़ानून-व्यवस्था नाम की कोई चीज़ नही रही।क़ानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार को मुद्दा बनाकर सूबे की सत्ता में आई मोदी की भाजपा के लिए सत्ता में आने के बाद क़ानून-व्यवस्था संभाल पाना मुश्किल हुआ।इन्हीं का नारा था ना गुंडा राज ना भ्रष्टाचार अबकी बार मोदी सरकार हवा निकल गईं इस नारे की।ऐसा विपक्षी दलों का आरोप है देखा जाए तो विपक्ष के आरोपो में दम भी है क्योंकि बहने , बेटियाँ , बाप ,भाई ,पति , बेटा , कोई भी सुरक्षित नही रहा चारों ओर अपराधियों का बोलबाला है सूबे में हर रोज़ लूट , हत्याए , गैंगरेप , डकैती की घटनाएँ आम बात हो गई है।अब तक इस मुद्दे पर सरकार से अगर कोई लोहा ले रहा था तो वह कांग्रेस थी लेकिन अब उसमें बसपा का नाम भी जुड़ गया है भले ही बसपा ने प्रेस वार्ता ही की हो पाँच पेज का प्रेसनोट भी जारी किया है सिलसिले वार एक के बाद एक घटनाओं का विस्तार से ज़िक्र किया है।सपा कंपनी ख़ामोशी की चादर ओढ़े सोई हुई है हाँ अगर किसी यादव के साथ कोई घटना हो जाती है तो वह ज़ोरदार तरीक़े से योगी सरकार पर हमला बोलती है यह बात अलग है कि आमचुनाव में यादवों ने भी सपा कंपनी को वोट नहीं दिया था वह भी मोदी की भाजपा के द्वारा एक षड्यंत्र के तहत फैलाएँ गए धार्मिक उन्माद में बह गया था लेकिन फिर सपा कंपनी अपने सहजातिये की लड़ाई लड़ती ही रहती है और जो उसके बँधवा मज़दूर है यानी मुसलमान या अन्य उनके विषय पर वह आक्रमक होती नही दिखती वैसे देखादेखी ट्विटर पर ट्वीट कर अपनी विपक्षी भूमिका को निभा रही है सरकार को लगभग साढ़े तीन साल हो गए है सपा कंपनी का कोई आंदोलन न होना इसको दर्शाता है कि वह राज्य की हालत को लेकर कितनी संवेदनशील है।ख़ैर राज्य की बिगड़ती क़ानून-व्यवस्था को लेकर ठाकुर आदित्यनाथ योगी सरकार विपक्ष के निशाने पर है हालात दिन प्रति दिन बिगड़ते ही जा रहे है तभी तो बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष और सूबे की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने भी सूबे की बिगड़ती क़ानून-व्यवस्था को लेकर प्रेस वार्ता की जिसमें उन्होंने राज्य की मोदी की भाजपा सरकार को आड़े हाथ लिया उनका कहना था कि प्रदेश में न दलित न ब्राह्मण न पत्रकार कोई सुरक्षित नही रहा है।बसपा प्रमुख मायावती के द्वारा सरकार के ख़िलाफ़ बोले गए हमले के बाद सियासी गलियारो में अब राज्य की क़ानून-व्यवस्था पर ज़ोरदार बहस का दौर शुरू हो गया है हालाँकि कांग्रेस बहुत पहले से सरकार की जनविरोधी नीतियों सहित बिगड़ती क़ानून-व्यवस्था का विरोध कर रही है उसके प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू हर घटना के बाद घटनास्थल पर जाने और परिजनों से मिलने का प्रयास करते है लेकिन सूबे की ठाकुर आदित्यनाथ योगी सरकार का प्रशासन उनको वहाँ जाने से पुलिस के द्वारा रोक लेते है फिर भी वह हार नही मानते है अपने नवनियुक्त संगठन को सड़क पर रखते है इसमे उनका साथ या दिशा-निर्देश कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव एवं यूपी की प्रभारी श्रीमती प्रियंका गाँधी का सक्रिय होना भी बड़ा कारण माना जा रहा है।बलिया में पत्रकार रत्न सिंह की हत्या लखीमपुर खीरी में दलित लड़की के साथ बलात्कार के बाद हत्या होना राज्य की राजधानी लखनऊ में भी हत्या व गोलीबारी होना आम बात हो गईं है राज्य की जनता भयभीत है।राज्य में क़ानून एवं रामराज कैसे स्थापित हो इसको लेकर शासन में मंथन भी हो रहा है लेकिन कोई समाधान निकलता नहीं दिख रहा है।क़ानून-व्यवस्था पर नज़र रखने वाले विशेषज्ञों से बात करने पर वह कहते है कि जब तक ज़िलों में तैनात अधिकारियों द्वारा इमानदारी और निष्पक्षता से काम नही किया जाएगा यानी झण्डे का रंग देख कर तब तक हालात सुधरने वाले नही है ज़िलों में भ्रष्टाचार का आलम यह है कि थाने बेचे जा रहे है जब ज़िले बिकेंगे थाने भी बिकेंगे यह खुलासा एक आईपीएस ने ही किया था अभी एक मामला पश्चिम के बिजनौर जनपद का सामने आया है वहाँ पर तैनात आईपीएस संजीव त्यागी जनपद से तबादला एक्सप्रेस में बिठा कर दूसरे जनपद में भेजने की सूचना मिलने के बाद जनपद में तैनात पुलिस कर्मियों को जिसने जहाँ चहा वहाँ तबादला कर एक करोड़ रूपये बटोर लिए मामला सोशल मीडिया पर वायरल हो गया सरकार की बहुत किरकिरी हुई तब जाकर उनको दूसरे जनपद में मिली पोस्टिंग रोकी गईं और उन्हें पुलिस महानिदेशक के कार्यालय में अटैच कर जाँच के आदेश दिए गए जाँच में आरोप सही पाए गए ये हाल है प्रदेश की क़ानून-व्यवस्था संभालने वालों का जब इस तरह के अफ़सर जनपदों में तैनाती पा जाएँगे हालात ऐसे ही होंगे।यहाँ यह भी ज़िक्र करना उचित होगा सारे अफ़सर बेईमान है ऐसा भी नही है लेकिन हाँ ये कहा जा सकता है कि ज़्यादातर अफ़सर बेईमानी की चादर ओढ़कर पूरा धन जुटा रहे है ग्राउंड ज़ीरो पर यह भी जानकारी मिल रही है कि लोगों में यह बात आम है कि जितना भ्रष्टाचार इस सरकार में हो रहा है हमने कभी नही देखा सरकारी दफ़्तरों में किसी काम के लिए चले जाओ बिना पैसे के आपका काम नही होगा पुलिस भी उसी का हिस्सा है पुलिस पर ही क्यों निशाना साधा जाता है उसका भी ग्राउंड ज़ीरो पर ही जवाब मिलता है लोगों का कहना है कि लॉकडाउन के दौरान जितनी गुंडई पुलिस ने की और साथ ही अवैध उगाही की आप कल्पना भी नही कर सकते मास्क नहीं लगा रखा ला इतने पैसे दे दुकान खौल रखी है ला इतने पैसे दे पुलिस महानिदेशक के द्वारा जारी एक प्रेसनोट में बताया गया कि लॉकडाउन का पालन नही करने वालों से पुलिस ने 68 करोड़ 36 लाख रूपये वसूल किए गए इससे यह बात सही साबित होती है हाँ उगाही हुई है जिसने कम दिए वह जेब में और जो नहीं माना उसका चालान नंबर एक में कर दिया शासन को लगा काम हो रहा है तभी तो ग़रीब भूखी प्यासी जनता जिसके पास लॉकडाउन की वजह से दो टाइम के खाने का प्रबंध नही हो पा रहा है उससे इतना राजस्व आ गया लॉकडाउन में यह काम हुआ जिसका काम क़ानून-व्यवस्था बनाना है वह राजस्व जुटाने और अपनी जेबें भरने में लगी है अब उससे छवि तो ख़राब होनी ही है जिसकी वजह से कहने को इमानदार योगी सरकार के दौर में भ्रष्टाचार अपने आख़री चरम पर पहुँच रहा है।अब यहाँ सवाल यह भी उठता है कि जब ठाकुर आदित्यनाथ योगी सरकार इमानदारी का ढोल पीटती है और मान भी लिया जाए कि वह इमानदार है लेकिन इमानदार के शासनकाल में भ्रष्टों की नियुक्तियाँ जनपदों में क्यों और कैसे हो जाती है कौन है वो जो भ्रष्टाचार मुक्त होना दावा करने वाली पार्टी में भ्रष्टाचार का जननी बना है उसकी तलाश होनी चाहिए अगर वास्तव में आप इमानदार है वर्ना इसका सीधा मतलब है कि आप इमानदार होने का ढोंग कर रहे है।लोगों का कहना है कि 2014 के बाद से हालात किसी भी तरह से सही नही है भ्रष्टाचार तो होगा ही क्योंकि दिल्ली में 7स्टार होटल नुमा मोदी की भाजपा का कार्यालय ऐसे ही नहीं बन गया है जिसकी लागत छह हज़ार करोड़ या उससे अधिक बतायी जा रही है और देशभर में छह सौ के क़रीब और भी नए कार्यालय बन रहे है वह पैसा कहाँ से आ रहा है छोटे भ्रष्टाचार की बात सब कर लेते है बड़े पैमाने पर हो रहे भ्रष्टाचार पर चर्चा नहीं होती है।कांग्रेस को सब भ्रष्टाचारी कहते है हो सकता है हो भी लेकिन वह आज तक अपना कार्यालय तक नही बना पायी वही सदियों पुराना कार्यालय है 24 अकबर रोड पर जिसे देखकर नही लगता है इस पार्टी का देश में सबसे लंबा कार्यकाल रहा है जैसा कार्यालय छह साल की सत्ता वाली मोदी की भाजपा का अभी बना है।भ्रष्टाचार को देश से सब ख़त्म करने की बात करते है लेकिन करता कोई नही है सिर्फ़ बातें करने से भ्रष्टाचार ख़त्म नही होता।यही वजह है यूपी की क़ानून-व्यवस्था को भ्रष्टाचार की की दीमक लग गईं जो ख़त्म होनी मुश्किल ही नही नामुमकिन है।ठाकुर आदित्यनाथ योगी सरकार को भ्रष्टाचार की इस दीमक का इलाज करना होगा नही तो ये यूपी की क़ानून-व्यवस्था के साथ-साथ मोदी की भाजपा बनाईं गईं छवि को भी निगल जाएँगी जनता जैसे लाती है वैसे ही बैक भी कर देती है समय रहते राज्य की बिगड़ती क़ानून-व्यवस्था को सुधारने के प्रयास करने होंगे नही तो जनता अपना बनाने में देर नहीं करती कि हटाओ इनको हालात सुधारना इनके बस में नही रहे। 


गुटखा-सिगरेट का सेवन करने वालों लोगों में होता है कोरोना का खतरा ज्यादा: रिपोर्ट

गुटखा-सिगरेट का सेवन करने वालों लोगों में होता है कोरोना का खतरा ज्यादा: रिपोर्ट

25-Aug-2020

विशेषज्ञों का कहना है कि गुटखा और सिगरेट का सेवन करने वालों को कोरोना संक्रमण होने का खतरा ज्यादा रहता है. खैनी, गुटखा खाने वाले लोग कई गैरसंचारी रोगों के भी आसानी से शिकार बन जाते हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लयूएचओ) और शोधकर्ताओं ने भी चेतावनी दी है कि तम्बाकू से कमजोर हुए फेफड़े कोरोना को संक्रमण का दायरा बढ़ाने में मुफीद साबित हो रहे हैं. केजीएमयू के मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर अरविंद मिश्रा ने बताया, “तंबाकू का किसी भी रूप में उपयोग करना नुकसानदेह ही है. यह ना सिर्फ प्रयोग करने वालों को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि उनके आस-पास के लोगों को भी गंभीर रूप से प्रभावित करता है. उस पर से कोरोना वायरस चूंकि फेफड़ों को प्रभावित करता है, इसलिए सिगरेट, हुक्का या वाटरपाइप जैसी चीज का सेवन करने वालों के लिए यह और भी गंभीर खतरा हो सकता हैउन्होंने बताया कि तम्बाकू खाने के दौरान इंसान हाथ-मुंह को छूता है. यह भी संक्रमण फैलने का अहम जरिया है. कोरोना हाथ के जरिए मुंह तक पहुंच सकता है या हाथों में मौजूद कोरोना वायरस तम्बाकू में जाकर मुंह तक पहुंच सकता है. तम्बाकू चबाने के दौरान मुंह में अतिरिक्त लार बनती है, ऐसे में जब इंसान थूकता है तो यह संक्रमण दूसरों तक पहुंच सकता है. डॉ. अरविंद ने बताया, “तंबाकू सेवन करने वालों में गैरसंचारी रोग- दिल और फेफड़े की बीमारी, कैंसर और डायबिटीज होने का खतरा बढ़ जाता है. कोरोना संक्रमित होने पर ऐसे लोगों की जान जाने के मामले काफी संख्या में सामने आए हैं.” रिपोर्ट के मुताबिक तंबाकू में जहरीले केमिकल मिले होते हैं जो फेफड़ों को नुकसान पहुंचाते हैं. इससे सेवन करने वाले व्यक्ति की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है. टीबी के ऐसे मरीज जो तंबाकू का सेवन करते हैं उनमें मृत्यु का अंदेशा 38 प्रतिशत अधिक हो जाता है.

स्मोकिंग करने से भी कोविड-19 होने का खतरा अधिक है. स्मोकिंग और किसी भी रूप में तम्बाकू लेने पर सीधा असर फेफड़े के काम करने की क्षमता पर पड़ता है. इससे सांस संबंधी बीमारियां बढ़ती हैं. संक्रमण होने पर कोरोना सबसे पहले फेफड़ों पर ही अटैक करता है, इसलिए इसका मजबूत होना बेहद जरूरी है. वायरस फेफड़े की कार्यक्षमता को घटा देता है. अब तक की रिसर्च के मुताबिक धूम्रपान करने वाले लोगों में वायरस का संक्रमण और मौत दोनों का खतरा ज्यादा है. सिगरेट, सिगार, बीड़ी, वाटरपाइप और हुक्का पीने वालों पर कोविड-19 का रिस्क ज्यादा है. सिगरेट पीने के दौरान हाथ और होंठ का इस्तेमाल होता है और संक्रमण का खतरा रहता है. वहीं एक ही हुक्का को कई लोग इस्तेमाल करते हैं जो कोरोना का संक्रमण सीधे तौर पर एक से दूसरे इंसान में पहुंचा सकता है.


रात में सो रहे दम्पत्ति की धारदार हथियार से हत्या।।

रात में सो रहे दम्पत्ति की धारदार हथियार से हत्या।।

21-Aug-2020

DATE-21-8-20

रिपोर्ट - अमित नामदेव
प्लेस - महोबा

   बुंदेलखंड के महोबा जिले में दम्पत्ति की रात में सोते बक्त धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई । घर मे रुके दो रिश्तेदारों पर हत्या का आरोप लगाया गया है। फिलहाल पुलिस मृतक की बहू का प्रेम प्रसंग के चलते हत्या की बजह बता रही है ।

  श्रीनगर कोतवाली क्षेत्र के भैरवगंज मुहाल के रहने बाले 61 वर्षीय बृद्ध गंगाधर अपनी पत्नी भुम्मन लड़के प्रेम चंद और बहू अनिता के साथ रहता था। दो रोज पूर्व दो रिश्तेदार देवपाल और मोहित आकर घर मे रुके हुए थे  । बताया जा रहा कि देर रात मृतक गंगाधर ने अपनी बहू के साथ घर आये रिश्तेदार के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था लोकलाज के भय उक्त रिश्तेदारों ने बुजुर्ग दम्पत्ति की धारदार हथियार से काटकर हत्या कर दी और बारदात को अंजाम देने के बाद हत्यारे फरार हो गए सुबह जब डबल मर्डर की कस्वे मे खबर फैली तो सनसनी मच गई तो वही पुलिस ने तफसीस शुरू की और कुछ ही समय मे हत्या का पता लगाकर एक आरोपी देवपाल को गिरफ्तार कर लिया । फिलहाल पुलिस इतने कम समय के घटना का पर्दाफाश कर देना काबिले तारीफ है।

     अपर पुलिस अधीक्षक ने घटना का पर्दाफाश करते हुए बताया कि मृतक गंगाधर के घर बहु की बहिन का देवर देवपाल जो कई दिनों से घर पर रुका हुआ था हत्या के बाद से फरार हो गया ।जिसे संदिग्ध अबस्था में पकड़ा गया और उसने बताया कि अनिता ने फोन करके बुलाया था जिसके साथ एक और व्यक्ति था रात में आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ जाने के कारण बारदात को अंजाम दिया गया । यह प्रेम प्रसंग का मामला है जिसमे एक व्यक्ति गिरफ्तार कर लिया गया जबकि एक फरार चल रहा है ।

       अब सबसे बड़ा सबाल यह उठता है जब घर मे दो बुजुर्ग दम्पत्ति की हत्या की जा रही थी तो उसका बेटा भी घर मे मौजूद होने के बाबजूद भी अंजान बन रहा है क्या हत्या के बक्त वह जगा नही होगा यह अपने आप मे सबालिया निशान पैदा कर रहा है ।


छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री  ग्राम सड़क योजना में महाघोटाला !

छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में महाघोटाला !

21-Aug-2020

प्रधान मंत्री ग्राम सड़क योजना छत्तीसगढ़ में भृस्टाचार और ताना शाही का बोलबाला 
एम. एच. जकारिया (प्रधान संपादक)

रायपुर - छत्तीसगढ़ ग्रामीण सड़क विकास अभिकारण  परियोंजना  में एक तरफा हिटलर शाही को पूरी दबंगता के साथ अन्जाम दिया जा रहा है, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-2 में सड़कों के निर्माण में छत्तीसगढ़ राज्य को पूरे देश में सबसे अव्वल होने का ढोल पिटने वाले विभाग के लोगो ने हाल ही में नई दिल्ली में हुई प्रोजेक्ट रिव्यू कमेटी की बैठक में सभी राज्यों के कार्यों की समीक्षा में छत्तीसगढ़ में 89 फीसदी कार्य पूर्णता के साथ सबसे आगे होने का दावा किया गया ! जबकि सच्चाई कुछ और ही है! 


हमे प्राप्त प्रमाणिक जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य के कुछ सड़कों को OMMAS में चढ़ा कर के निर्माण कार्य पूर्ण बताया गया है, जबकि इनमें अधिकतर सड़के एवं पुल पुलिया का निर्माण पूर्ण ही नही हुआ है, या अधूरा है , जिसके प्रत्यक्ष् प्रमाण है,जिनमे अधिकतर बस्तर क्षेत्र  के  है  जिसकी पूरी सूची है और छत्तीसगढ़ ग्राम सड़क परियोजना के द्वारा केन्द्र की सरकार से लगभग 5000करोड़ का बजट और ले लिया गया है , जो की बड़े पैमाने पर भृष्टाचार की ओर इशारा करता है जिसकी जाँच CBI से किया जाना चाहिए  और इसकी प्रमाणिक जानकारी PMO और पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्रालय के संज्ञान में भी लाया जाना जरूरी है! क्योंकि (प्रोग्रेस ) बताकर स्थानीय प्रधान मन्त्री ग्रामीण सड़क योजना के अधिकारियों के द्वारा केन्द्र सरकार की आँखों में धूल झोंकने का कार्य किया गया हैं जो प्रमाणित है, और केन्द्र से बज़ट पास करा लिया गया है ! जो  की साफ  साफ इशारा कर रहा है की बज़ट में कमीशन का खेल  किया जा रहा है।
उसी तरह से छत्तीसगढ़ ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण के उच्च पदस्थ अधिकारियों के द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य सरकार के तबादला नीति की खुलकर धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं, प्रधान मंत्री ग्राम सड़क योजना के पॉवर फूल CEO एवं मुख्य अभियंता के द्वारा बिना छत्तीसगढ़ शासन के समनवय समिति के अनुशासा के मनमाने ढंग से कार्य पालन अधिकारी (प्रथम श्रेणी) अधिकारी एवं सहायक अभियंता, उप अभियंताओ जो की 10से 15 की संख्या में होंगे का तबादला  /पदस्थापना/अटैच मेंट मनमाने तरीके से किया गया है जिससे छत्तीसगढ़ शासन के नियमो की खुलेआम धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं, जिसे शासन के संज्ञान में लाना जरूरी है ।स्थाना भाव के कारण अगली जानकारी खुलासा पोस्ट पत्रिका एवं खुलासा एक्स्प्रेस वेब चैंनल में प्रस्तुत किया जायेगा!

आगे भाग 2 मे क्रमश ::::