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सरकारी अस्पताल को ही कोठा बनाकर रख दिया कैदी वार्ड में कॉलगर्ल बुलाई....

सरकारी अस्पताल को ही कोठा बनाकर रख दिया कैदी वार्ड में कॉलगर्ल बुलाई....

29-Sep-2022

एजेंसी

बिहार : जानकारी के मुताबिक वैशाली सदर अस्पताल के कैदी वार्ड में वार्ड कर्मियों की मिलीभगत से सजायाफ्ता कैदी रंगरेलियां मना रहा था। बताया जा रहा है कि उसने दूसरे राज्य से लड़की बुलाई थी।

बिहार में कानून व्यवस्था पर उठ रहे सवालों के बीच वैशाली से चौंकाने वाली खबर आई है। यहां जेल में सजा काट रहे कैदी ने सरकारी अस्पताल को ही कोठा बनाकर रख दिया। सजायाफ्ता एक कैदी ने अस्पताल के कैदी वार्ड में कॉलगर्ल बुलाई और उसके साथ वहीं पर रंगरेलियां मनाने लग गया। तभी अचानक एसएचओ आ धमके और उसकी पोल खुल गई। पुलिस ने कॉल गर्ल, वार्ड बॉय समेत कई लोगों को हिरासत में लिया है।

जानकारी के मुताबिक वैशाली सदर अस्पताल के कैदी वार्ड में वार्ड कर्मियों की मिलीभगत से सजायाफ्ता कैदी रंगरेलियां मना रहा था। बताया जा रहा है कि उसने दूसरे राज्य से लड़की बुलाई थी और वार्ड ही उसके साथ रंगरेलियां मनाने लगा। तभी करताहा के एसएचओ प्रवीण कुमार अचानक वहां आ धमके और उसकी पोल खुल गई।

दरअसल, एसएचओ प्रवीण कुमार लूट के एक मोबाइल को ट्रेस कर रहे थे। तभी वे लोकेशन के आधार पर अस्पातल पहुंच गए। इसकी सूचना सदर थाना पुलिस को मिली। इसके बाद मंगलवार रात सदर SDPO ने कॉल गर्ल, वार्ड बॉय समेत कई लोगों को हिरासत में ले लिया। आगे की कार्रवाई जारी है।

 


युवक ने खाए 62 स्टील की चम्मच ऑपरेशन 2 घंटे तक चला...

युवक ने खाए 62 स्टील की चम्मच ऑपरेशन 2 घंटे तक चला...

28-Sep-2022

एजेंसी

उत्तर प्रदेश :  में मुजफ्फरनगर जिले से चौंकाने वाला मामला सामने आया। यहां एक शख्स के पेट से 62 स्टील की चम्मच से निकाली गई है। आईसीयू में भर्ती है।

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले से चौंकाने वाला मामला सामने आया। यहां एक शख्स के पेट से 62 स्टील की चम्मच से निकाली गई है। उसका इलाज आईसीयू में चल रहा है। ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर के मुताबिक यह शख्स एक साल से चम्मच में खा रहा था। एनआई को डॉक्टर राकेश खुराना ने बताया कि 32 साल के एक मरीज विजय से पूछा गया कि क्या उसने ये चम्मचें खाई हैं। तो मरीज ने कहा कि हां उसने ही ये चम्मचें खाई हैं।
 
मुजफ्फरनगर मंदसौर क्षेत्र के 32 साल के विजय के पेट में दर्द की शिकायत थी। ज्यादा दर्द बढ़ने पर विजय को घर वाले डॉक्टर के पास ले गए। डॉक्टर ने हालत गंभीर देख कर विजय को भर्ती कर लिया। हालत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने पेट का ऑपरेशन किया। ऑपरेशन में मरीज के पेट में चम्मच में देखकर डॉक्टर हैरान रह गए। एक-एक कर निकाली गई। चम्मचों को डॉक्टर ने काउंट किया तो 62 चम्मच की संख्या बताई गई। यह तेजी से वायरल हो रही है। लोगों में चर्चा विषय बनी है।  

 


दलित युवक के साथ कुर्सी पर बैठने को लेकर मारपीट की गई सरपंच को भी दी धमकी...

दलित युवक के साथ कुर्सी पर बैठने को लेकर मारपीट की गई सरपंच को भी दी धमकी...

26-Sep-2022

एजेंसी

मध्य प्रदेश : फरियादी की पत्नी गीता अहिरवार का कहना है कि उसे इस बात की बेहद हैरानी है कि कुर्सी पर बैठने की इतनी बड़ी सजा कोई कैसे दे सकता है। पीड़ित की पत्नी है का कहना है कि परिवार में उसके पति ही कमाते थे।

मध्य प्रदेश में एक दलित युवक के साथ कुर्सी पर बैठने को लेकर मारपीट की गई। मारपीट में युवक के हाथ एवं पैरों में गंभीर चोटें आई है। फिलहाल युवक जिला अस्पताल में भर्ती है और उसका इलाज किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, छतरपुर जिले के मातगंवा थाना क्षेत्र के चौका गांव में रहने वाला 35 वर्षीय हल्लू अहिरवार 23 तारीख को अपने किसी काम को लेकर ग्राम पंचायत गये हुआ थे। जहां पर गांव के सरपंच एवं आरोपी रोहित परिहार के अलावा गांव के अन्य लोग भी मौजूद थे। पंचायत भवन में कुछ कुर्सियां खाली पड़ी हुई थीं जिनमे से एक कुर्सी पर जाकर हल्लू बैठ गया।

हल्लू का कहना है कि तभी वहां मौजूद आरोपी रोहित ने मुझसे इस बात को लेकर मारपीट शुरू कर दी कि मैं उसके सामने कुर्सी पर कैसे बैठ गया। घटना स्थल पर गांव के सरपंच मौजूद थे जिन्होंने मामले में एफआईआर कराने की बात कही लेकिन मुझे लगा कि शायद आरोपी आगे से ऐसी कोई हरकत नहीं करेगा और मैंने मामले में किसी भी तरह से पुलिस की मदद नहीं मांगी। लेकिन दूसरे दिन यानी 25 तारीख को जब वह गांव की आंगनबाड़ी में जा रहा था तभी रोहित परिहार एवं उसके अन्य साथी आए और यह कहते हुए मारपीट करने लगे कि तू मेरे सामने कुर्सी पर कैसे बैठा था तेरी हिम्मत कैसे हुई? मारपीट में घायल हल्लू को गंभीर हालत में परिजन एवं गांव के लोग जिला अस्पताल ले आए जहां उसका इलाज किया जा रहा है।

पत्नी बोली कुर्सी पर बैठने की इतनी बड़ी सजा

फरियादी की पत्नी गीता अहिरवार का कहना है कि उसे इस बात की बेहद हैरानी है कि कुर्सी पर बैठने की इतनी बड़ी सजा कोई कैसे दे सकता है। पीड़ित की पत्नी है का कहना है कि परिवार में उसके पति ही कमाते थे जबसे पति के साथ मारपीट हुई है पूरा परिवार परेशान है। मेरे दोनो छोटे बच्चे भी यही जिला अस्पताल में हैं।

सरपंच को भी मिली धमकी

चौका गांव के सरपंच कृष्ण गोपाल अहिरवार को भी आरोपी ने धमकी दी है। गांव के सरपंच कृष्ण गोपाल अहिरवार का कहना है कि रोहित नाम के युवक ने हल्लू के साथ कुर्सी पर बैठने को लेकर मारपीट की। जब हम लोगों ने मामला पुलिस तक पहुंचाया तो वह मुझे भी जान से मारने की धमकी देने लगा। जिसके बाद सरपंच ने भी आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कराया है।

पुलिस ने विभिन्न धाराओं में किया मामला दर्ज

मामले में पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। फिलहाल आरोपी फरार बताया जा रहा है और पुलिस का कहना है कि वह जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लेगी। पुलिस ने एससी एसटी एक्ट सहित कई धाराओं में आरोपी पर मामला दर्ज किया है। आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए एसपी सचिन शर्मा ने एक टीम का गठन किया है और उसे पकड़ने के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।

 


एक युवती की लाश गड्ढे में गिरी हुई मिली शरीर पर मिले चोट के निशान...

एक युवती की लाश गड्ढे में गिरी हुई मिली शरीर पर मिले चोट के निशान...

24-Sep-2022

एजेंसी

वाराणसी : में एक युवती की लाश मिलने गड्ढे में गिरी हुई मिली। उसके मुंह से खून निकल रहा था। वहीं शरीर पर कई जगह चोट के निशान थे। पुलिस के मुताबिक युवती के साथ मारपीट करके उसकी बाद हत्या कर दी गई है।

वाराणसी में एक युवती की लाश मिलने से सनसनी फैल गई है। शनिवार को लोहता थाना क्षेत्र में एक युवती की लाश गड्ढे में गिरी हुई मिली। उसके मुंह से खून निकल रहा था। वही शरीर पर चोट के निशान हैं। पुलिस के मुताबिक युवती के साथ मारपीट करके उसकी हत्या कर दी गई है।

ये मामला लोहता थाना क्षेत्र के आनंदपुर गांव का है। गांव के समीप रिंग रोड के किनारे शनिवार सुबह 22 वर्षीय युवती की लाश मिली। गड्ढे में औंधे मुंह लाश थी। उसके मुंह से खून निकल रहा था। शरीर पर कई जगह पर चोट थे। युवती के बाएं हाथ पर गोदना गोदवाया हुआ है जिसपर विजय लिखा हुआ है। पुलिस के मुताबिक युवती की हत्याकर लाश यहां फेंकी गई है। साथ ही ये भी आशंका जताई जा रही है कि युवती की हत्या रिंग रोड के किनारे ही की गई है। पुलिस को लाश के आस-पास शराब की बोतलें, नमकीन का पैकेट समेत कई अन्य वस्तुएं मिली हैं। युवती की लाश देखकर ऐसा लग रहा है कि उसके साथ मारपीट की गई है।

इस मामले की जानकारी होते ही मौके पर एडिशनल एसपी नीरज पांडेय और सीओ सदर, लोहता पुलिस पहुंची। वहीं फॉरेंसिक टीम साक्ष्य जुटा रही है। पुलिस ने लाश को कब्जे में लेकर पोस्टमार्ट के लिए भेज दिया है।  


पैसा डबल का लालच देकर 4 करोड़ रुपए का ठगी करके फरार...

पैसा डबल का लालच देकर 4 करोड़ रुपए का ठगी करके फरार...

17-Sep-2022

एजेंसी

इंदौर : पुलिस अधीक्षक ने शुरुआती जांच के हवाले से बताया कि कथित ठगी के इस तरीके से फर्म के बैंक खाते में 14 सितंबर 2018 से 24 अप्रैल 2019 के बीच 4.09 करोड़ रुपये जमा कराए गए और 3.09 करोड़ रुपये निकाले।

मध्य प्रदेश के इंदौर में एक बड़ी ठगी का मामला सामने आया है। 'चेन मार्केटिंग' के नाम पर एक फर्म ने लोगों से चार करोड़ रुपए की ठगी कर ली है। 'चेन मार्केटिंग' के नाम पर पैसा दोगुना करने का झांसा देकर निवेशकों को कथित तौर पर चार करोड़ रुपये से ज्यादा का चूना लगाने के आरोप में आर्थिक अपराध जांच दस्ते (ईओडब्ल्यू) ने इंदौर में चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। ईओडब्ल्यू के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।

ईओडब्ल्यू के पुलिस अधीक्षक धनंजय शाह ने शुक्रवार को बताया कि नवीन कुमार लोधी और उसके तीन अन्य साथियों पर आरोप है कि वे एक 'चेन मार्केटिंग' फर्म के नाम पर निवेशकों से धन जमा कराते थे। उन्होंने बताया कि आरोपियों द्वारा निवेशकों को झांसा दिया जाता था कि अगर उन्होंने अन्य लोगों से भी फर्म में पूंजी लगवा दी तो उन्हें इतना कमीशन दिया जाएगा कि उनका निवेश किया गया धन तय समय में दोगुना हो जाएगा।

पुलिस अधीक्षक ने शुरुआती जांच के हवाले से बताया कि कथित ठगी के इस तरीके से फर्म के बैंक खाते में 14 सितंबर 2018 से 24 अप्रैल 2019 के बीच 4.09 करोड़ रुपये जमा कराए गए और इनमें से 3.09 करोड़ रुपये निकाल लिए गए। शाह ने बताया कथित ठगी के बाद आरोपी अपना इंदौर स्थित दफ्तर और मोबाइल नम्बर बंद कर फरार हो गए।
    
 उन्होंने बताया कि आरोपियों के खिलाफ मध्यप्रदेश के अलग-अलग जिलों के निवेशकों के साथ ही गुजरात के एक निवेशक ने भी ठगी की शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरोपियों पर भारतीय दंड विधान और मध्यप्रदेश निक्षेपकों के हितों का संरक्षण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है और उनकी तलाश की जा रही है।

 

 


 पुलिस पर मामले की ठीक से जांच नहीं करने का आरोप पिता ने 44 दिन तक बेटी का शव नमक के गड्ढे में...

पुलिस पर मामले की ठीक से जांच नहीं करने का आरोप पिता ने 44 दिन तक बेटी का शव नमक के गड्ढे में...

16-Sep-2022

एजेंसी

महाराष्ट्र : मृतक महिला के पिता सहित परिवार के दूसरों सदस्यों ने पुलिस पर मामले की ठीक से जांच नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने महिला के शव का अंतिम संस्कार करने के बजाय उसे सुरक्षित रखने का फैसला किया।पिता ने 44 दिन तक नमक के गड्ढे में क्यों रखा बेटी का शव, आखिर में पूरी हुई यह मांग

 

मृतक महिला के पिता सहित परिवार के दूसरों सदस्यों ने पुलिस पर मामले की ठीक से जांच नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने महिला के शव का अंतिम संस्कार करने के बजाय उसे सुरक्षित रखने का फैसला किया।

महाराष्ट्र के नंदुरबार में एक आदिवासी महिला के शरीर को उसके पिता ने 44 दिनों से नमक के गड्ढे में रखा था। दरअसल, पिता का आरोप है कि मौत से पहले उसकी बेटी के साथ बलात्कार किया गया और इसका दूसरा पोस्टमार्टम किया जाना चाहिए। पुलिस अधिकारी ने बताया कि 21 वर्षीय महिला का शव गुरुवार को नंदुरबार जिले से मुंबई के सरकारी जे जे अस्पताल लाया गया। उन्होंने कहा, 'एक्सपर्ट्स डॉक्टर्स की एक समिति बनाई जा रही है और शुक्रवार को दोबारा पोस्टमार्टम होने की संभावना है। इस प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी जाएगी।'

अधिकारियों ने बताया कि महिला का शव 1 अगस्त को नंदुरबार के धाड़गांव तालुका के वावी में लटका हुआ मिला था। महिला के पिता ने दावा किया था कि उसकी बेटी के साथ चार लोगों ने बलात्कार किया। नंदुरबार के एक सरकारी अस्पताल में शव का पोस्टमॉर्टम किया गया, जिसकी रिपोर्ट में ऐसी कोई बात सामने नहीं आई। उन्होंने बताया कि इसे लेकर आत्महत्या का मामला दर्ज किया गया। इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है।

पुलिस पर मामले की ठीक से जांच नहीं करने का आरोप

मृतक महिला के पिता सहित परिवार के दूसरों सदस्यों ने पुलिस पर मामले की ठीक से जांच नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने महिला के शव का अंतिम संस्कार करने के बजाय उसे सुरक्षित रखने का फैसला किया। परिवार के लोगों ने उसके शव को अपने गांव में नमक से भरे गड्ढे में दफना दिया। वे उसकी मौत की सच्चाई सामने लाने के लिए दूसरे पोस्टमार्टम की मांग करने लगे।

एक और पोस्टमॉर्टम करने के लिए सहमत अधिकारी

नमक का इस्तेमाल अपघटन की प्रक्रिया को रोकने के लिए किया जाता है। पुलिस ऑफिसर ने बताया, 'शरीर को हफ्तों तक नमक के गड्ढे में रखा गया था, जिसे देखकर अधिकारी मुंबई में एक और पोस्टमॉर्टम करने के लिए सहमत हो गए। इसके बाद शव को पोस्टमॉर्ट के लिए गुरुवार दोपहर जे जे अस्पताल लाया गया।'


एक दशक बाद ही सही लेकिन 11 साल की रेपिस्ट बच्ची को इंसाफ....

एक दशक बाद ही सही लेकिन 11 साल की रेपिस्ट बच्ची को इंसाफ....

10-Sep-2022

दिल्ली : हाईकोर्ट ने 11 साल की बच्ची को एक दशक से ज्यादा समय बीतने के बाद इंसाफ दिया है। निचली अदालत के फैसले को पलटते हुए रेप के आरोपी को 10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।

दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को 11 साल की बच्ची के साथ 2010 में रेप के आरोपी व्यक्ति को एक दशक से अधिक समय बाद दोषी ठहराया है। आरोपी को निचली अदालत ने बरी दिया था। हाईकोर्ट ने उसे 10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। घटना अप्रैल 2010 में तब घटित हुई थी जब लड़की ने स्कूल से घर वापस लौटते समय रास्ते में सार्वजनिक शौचालय का इस्तेमाल किया। आरोपी उसके पीछे गया और रेप किया।

घटना के सात दिन बाद पुलिस को मामले की सूचना दी गई। कुछ दिनों बाद वह व्यक्ति पकड़ा गया। 2011 में, ट्रायल कोर्ट ने उस व्यक्ति को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। इस फैसले को चुनौती देते हुए राज्य ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। अपने फैसले में, जस्टिस मुक्ता गुप्ता और मिनी पुष्कर्ण की पीठ ने कहा कि निचली अदालत ने लड़की को एक प्रशिक्षित गवाह के तौर पर रखने में गंभीर गलती की। दरअसल, जिरह के दौरान पीड़िता ने कहा था कि उसने वही बताया है जो उसकी बुआ और पुलिस ने उसे कहने के लिए कहा था।

पीठ ने अपने 20 पन्नों के फैसले में इसका जिक्र करते हुए कहा, 'यह निष्कर्ष पूरी तरह से गलत है कि लड़की ने अदालत में पूछे गए सवाल के जवाब में स्पष्ट रूप से कहा था कि उसका बयान आरोपी के खिलाफ है क्योंकि उसके साथ उक्त घटना हुई थी, और उसने आरोपी के खिलाफ गवाही नहीं दी थी क्योंकि उसकी चाची और पुलिस ने उसे ऐसा करने के लिए कहा था।'

नवंबर 2013 में अभियोजन द्वारा दायर की गई स्थिति रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी कुछ समय से अपने आवासीय क्षेत्र में नहीं देखा गया था और इसलिए उसका पता नहीं लगाया जा सका। चूंकि व्यक्ति के खिलाफ गैर-जमानती वारंट निष्पादित नहीं किए गए थे, इसलिए हाईकोर्ट ने मार्च 2014 में उसे भगोड़ा अपराधी घोषित करने के लिए कार्यवाही शुरू करने का निर्देश दिया था।

हाईकोर्ट ने अपने फैसले में प्राथमिकी दर्ज करने में हुई देरी को यह कहते हुए उचित ठहराया कि पीड़िता, जिसने बहुत कम उम्र में अपनी मां को खो दिया था और जिसके पिता भी लापता थे, वह अपनी बुआ के साथ रह रही थी, जो 10 बच्चों की देखभाल कर रही थी। इसमें छह उसके और चार उसके भाई के बच्चे शामिल हैं जिसमें पीड़िता भी एक है। इस तथ्य को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है कि पीड़िता की बुआ एक मजदूर है, शिक्षित महिला नहीं।

 


 सोशल मीडिया पर दोस्ती और 75 लाख रुपये का सोना-चांदी और नकदी की ठगी....

सोशल मीडिया पर दोस्ती और 75 लाख रुपये का सोना-चांदी और नकदी की ठगी....

07-Sep-2022

इंदौर : आरोपी ने एक हाईप्रोफाइल महिला से सोशल मीडिया पर दोस्ती की और अपने पिता की बीमारी का बहाना बताकर उससे 75 लाख रुपये का सोना हड़प लिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

मध्य प्रदेश के इंदौर में एक महिला से दोस्ती के बाद लाखों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोपी ने एक हाईप्रोफाइल महिला से सोशल मीडिया पर दोस्ती की और अपने पिता की बीमारी का बहाना बताकर उससे 75 लाख रुपये का सोना हड़प लिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी राहुल उज्जैन का रहने वाला है।

जानकारी के अनुसार महिला आरोपी से पहली बार अक्टूबर 2019 में गरबा पंडाल में मिली थी। पहली मुलाकात के एक महीने बाद आरोपी ने इंस्टाग्राम पर दोस्ती की और मैसेज में उसका व्हाट्सएप नंबर मांग लिया। और बाद में दोनों के बीच बातचीत होने लगी।

जिसके बाद 2020 में लॉकडाउन के दौरान आरोपी ने महिला से अपने पिता की तबीयत खराब होने की बात कही और इलाज के लिए उसे झांसे में लेकर उससे डेढ़ किलो सोना, एक किलो के चांदी और एक लाख नकदी हड़प ली। उसने महिला को कुछ समय बाद ज्वेलरी लौटाने की बात कही थी और बदले में करीब 40 लाख रुपये का चेक दिया था।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि महालक्ष्मी नगर में रहने वाले संदीप की पत्नी से राहुल संघवी ने करीब 75 लाख रुपये कीमत के गहने ठगे थे। पुलिस राहुल की तलाश बीते 6 महीने से कर रही थी। दरअसल, पुलिस को जानकारी मिली कि राहुल अपने इंदौर स्थित घर पर आया है जहां दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।

बताया जा रहा है कि राहुल ने महिला को 2021 में गहने वापस देने का वादा किया था। लेकिन बाद में अपने भाई के जेल में बंद होने की बात कह कर उसने गहने वापस नहीं किए। उस दौरान जब महिला के पति ने पूजा के लिए जेवर मांगे तो उसने पति को आरोपी के बारे में बताया। जिसके बाद आरोपी राहुल ने जो 40 लाख का चैक महिला को दिया था, जब उसे बैंक में लगाया गया तो पता चला कि पूरा अकांउट खाली है।

इसके बाद धोखाधड़ी होने की बात समझ में आई। इस मामले को लेकर पीड़ित दंपती ने पुलिस अधिकारियों से शिकायत की थी। शुरुवाती जांच में पुलिस ने आरोपी राहुल के दोस्त रितेश को आरोपी बनाया। पुलिस ने बताया कि आरोपी मुंबई और गोवा में जुआं खेलने का शौकीन है। फिलहाल आरोपी को गिफ्तार कर लिया गया है और अब पुलिस उससे रिकवरी करने में जुटी है।

 


लड़कों के साथ हंसकर बात करने पर सजा-ए-मौत, बच्‍ची को मां-बाप ने जिंदा नहर में फेंक दिया...

लड़कों के साथ हंसकर बात करने पर सजा-ए-मौत, बच्‍ची को मां-बाप ने जिंदा नहर में फेंक दिया...

05-Sep-2022

मेरठ : में 11 साल की एक बच्‍ची को लड़कों के साथ घुलमिलकर रहने और हंसकर बात करने पर सजा-ए-मौत दे दी गई। माता-पिता ने बच्‍ची को जिंदा नहर में फेंक कर मार डाला। दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
झूठी शान और इज्‍जत का गुमान बुद्ध‍ि-विवेक और मानवीयता का किस तरह हरण कर सकता है इसका जीता जागता नमूना मेरठ में देखने को मिला है। 11 साल की मासूम बच्‍ची चंचल की हत्या उसके ही मां-बाप ने महज इसलिए कर  दी कि वह लड़कों से हंसकर बात करती थी। चंचल के सनकी मां-बाप ने जिंदा बेटी को नहर में फेंक दिया और पकड़े जाने पर वजह बताई कि मासूम बच्ची, लड़कों से घुलमिलकर रहती थी।

चंचल की हंसी और मासूमियत सबसे पहले पिता को अखरने लगी। मानसिक रूप से कुंठित पिता को यह बात सहन नहीं हुई और उसने मन में यह कल्पना कर ली कि आगे चलकर बेटी परिवार को बदनाम कर देगी। इसलिए चंचल के पिता ने पत्नी के साथ मिलकर इस घिनौनी साजिश की प्लानिंग की और बेटी को नहर में धकेल दिया।

बागपत के सिंघावली निवासी बबलू परिवार के साथ गंगानगर में रहता है। बबलू ने अपनी बेटी चंचल की गुमशुदगी गंगानगर थाने में एक सितंबर को दर्ज कराई थी। पुलिस ने जांच की तो सनसनीखेज खुलासा हुआ। 31 अगस्त की रात चंचल को उसके पिता बबलू और मां रूबी के साथ बाइक पर देखा गया। इसके बाद से चंचल का पता नहीं था। पुलिस ने बबलू और रूबी को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो पूरा केस खुल गया।

बबलू ने बताया कि चंचल, लड़कों के साथ हंसकर बात करती थी। लड़कों के साथ खेलती थी और इसलिए उसे शक हो गया था। एसपी देहात केशव कुमार ने खुलासा किया कि बबलू इसी बात को लेकर 11 साल की बेटी चंचल से नफरत करने लगा। बबलू ने पत्नी रूबी को बेटी की हत्या की साजिश में शामिल किया। पत्नी को यह कहकर राजी किया कि यह परिवार को बदनाम कर देगी।

बबलू ने पत्नी के सामने कुछ झूठ भी पेश कर दिए, जिससे रूबी डर गई और अपनी 11 साल की बेटी की हत्या की साजिश में शामिल हो गई। इसके बाद दोनों, चंचल को बहाने से बाइक पर ले गए और भोला झाल पर टिकरी की ओर जाने वाली नहर में फेंक दिया। पुलिस ने हत्यारोपी मां-बाप को गिरफ्तार कर लिया है।

मेरठ के एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने बताया कि मां-पिता ने ही बच्ची को नहर में फेंका था। बच्ची की तलाश की जा रही है। तीन टीमों को लगाया है। दोनों आरोपी मां-पिता को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

 


जादू टोने और भूतप्रेत का डर दिखाकर महिलाओं से दुष्कर्म करने वाला आरोपी गिरफ्तार....

जादू टोने और भूतप्रेत का डर दिखाकर महिलाओं से दुष्कर्म करने वाला आरोपी गिरफ्तार....

03-Sep-2022

राजस्थान : आरोपी तांत्रिक ने हाल ही में एक महिला से जादू टोने के नाम पर लगातार 6 दिन तक दुष्कर्म किया और फिर महिला को डरा धमका कर फरार हो गया। मामला बाड़मेर जिले के नागाणा थाना क्षेत्र का है आरोपी की शिनाख्त सली

राजस्थान के सीमावर्तीसे बाड़मेर जिले में पुलिस ने जादू टोने और भूत-प्रेत का डर दिखा कर महिलाओं से अश्लील हरकतें करने वाले एक तांत्रिक को गिरफ्तार किया है। आरोपी तांत्रिक ने हाल ही में एक महिला से जादू टोने के नाम पर लगातार 6 दिन तक दुष्कर्म किया और फिर महिला को डरा धमका कर फरार हो गया। मामला बाड़मेर जिले के नागाणा थाना क्षेत्र का है आरोपी की शिनाख्त सलीम बाबा के रूप में की गई है।

महिला से 6 दिन तक दुष्कर्म:-

नगर निगम क्षेत्र की एक महिला ने बीती 30 अगस्त को पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करवाई की तांत्रिक सलीम बाबा ने भूत प्रेत का डर दिखाकर झाड़ फूंक के नाम पर लगातार 6 दिन तक उसके साथ दुष्कर्म किया पीड़िता का आरोप है कि आरोपी 6 दिन तक उसके घर पर ही रहा और 30 अगस्त को उसे डरा धमका कर फरार हो गया। प्रियंका ने बताया कि आरोपी 24 अगस्त को उसके गांव पहुंचा था जिसके बाद उसके परिवार वालों ने उसे अपने घर पर बुलाया था।

भूत प्रेत का डर दिखाकर करता था दुष्कर्म:-

पुलिस ने बताया कि आरोपी तांत्रिक सलीम बाबा बीते 2 साल से बाड़मेर के ग्रामीण क्षेत्रों में घूम रहा है और इस दौरान वह भूत प्रेत का डर दिखाकर झाड़-फूंक के नाम पर महिलाओं के साथ छेड़छाड़ और अश्लील हरकत करता है। बताया गया कि भूत प्रेत के डर से कई महिलाएं ने तंत्र की घटनाओं को अपने परिवार तक को नहीं बताती थी

आरोपी गुजरात से गिरफ्तार:-

पुलिस ने बताया कि हाल ही में आरोपी ने महिला के साथ दुष्कर्म किया और उसके बाद फरार हो गया। मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश कर उसे गुजरात के मेहसाणा इलाके से गिरफ्तार किया है। बाड़मेर जाने के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया जहां से उसे नए ग्रह खत में भेजा गया है।

कई महिलाओं से पैसे ठगने का आरोप:-

पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि तांत्रिक भूत प्रेत के नाम पर झाड़-फूंक पर जादू टोना कर महिलाओं से पैसे की वसूली करता था। इतना ही नहीं कई मामलों में छोटी मोटी बीमारी होने पर मेरा तांत्रिक झाड़-फूंक से उसके इलाज का दावा करता था।

 


केंद्रीय विद्यालय के शारीरिक शिक्षक पर सेक्सुअल हरासमेंट करने का आरोप...

केंद्रीय विद्यालय के शारीरिक शिक्षक पर सेक्सुअल हरासमेंट करने का आरोप...

03-Sep-2022

राजस्थान : के जोधपुर जिले में एक केंद्रीय विद्यालय के शारीरिक पर शिक्षक 12 छात्राओं का सेक्सुअल हरासमेंट करने का आरोप है। सभी छात्राओं की उम्र 15 से 17 वर्ष की है। पाक्सो एक्ट में मामला दर्ज।
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के गृह जिले जोधपुर में एक केंद्रीय विद्यालय के शारीरिक पर शिक्षक 12 छात्राओं का सेक्सुअल हरासमेंट करने का आरोप है। सभी छात्राओं की उम्र 15 से 17 वर्ष की है। केंद्रीय विद्यालय संगठन के क्षेत्रीय कार्यालय जयपुर ने रातानाड़ा थाने को पत्र लिखकर आरोपी शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई का आग्रह किया। जिसके बाद मामला दर्ज हुआ है। डीसीपी ईस्ट अमृता दुहन ने मामला दर्ज होने की पुष्टि करते हुए कहा कि पुलिस ने मामले की पड़ताल शुरू कर दी है।  रातानाड़ा थाना पुलिस ने शारीरिक शिक्षक नरेन्द्र गहलोत पर पॉक्सो एक्ट की लैंगिक उत्पीड़न व आईपीसी की लज्जा भंग की धाराओं में मामला दर्ज किया है।

पुलिस ने किया मामला दर्ज

पुलिस के अनुसार घटना कुछ समय पहले की है। छात्राओं ने स्कूल प्रबंधन से शिकायत की थी कि शारीरिक शिक्षक नरेन्द्र गहलोत उनके साथ उत्पीड़न कर रहे हैं। वह उनको अपना फोन नंबर देकर बात करने के लिए मजबूर करते हैं और गंदी बात करते हैं। इसके अलावा कुछ छात्राओं ने अपने साथ गलत हरकत का भी आरोप लगाया। इसके बाद विद्यालय स्तर पर जांच करने के बाद जयपुर स्थित क्षेत्रीय कार्यालय को पूरी जानकारी भेजी गई। तब जयपुर से रातानाडा थाने को पत्र लिखकर आरोपी शिक्षक के कृत्य की जानकारी देते हुए कार्रवाई का आग्रह किया गया। इसी आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज दर्ज किया है।

पुलिस लेगी छात्राओं के बयान

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार जयपुर से मिले पत्र में बताया गया कि इस मामले की विद्यालय प्रबंधन समिति ने पूरी जांच की है। सभी 12 छात्राओं ने आरोपी शारीरिक शिक्षक पर आरोप दोहराए थे, जिसके बाद समिति ने शिक्षक को दोषी मानते हुए उसके विरुद्ध कार्रवाई के लिए क्षेत्रीय कार्यालय को पत्र लिखा था। केंद्रीय विद्यालय संगठन अपने स्तर पर भी प्रशासनिक कार्यवाही कर रहा है। इसके अलावा पुलिस भी छात्राओं के बयान दर्ज कराएगी।

गहलोत का गृह जिला है जोधपुर

उल्लेखनीय है कि जोधपुर सीएम अशोक गहलोत का गृह जिला है। ऐसे में भाजपा इस मामले को मुद्दा बना सकती है। दुष्कर्म एवं छेड़छाड़ की घटनाओं में राजस्थान को शर्मसार होना पड़ा है। हालांकि, सीएम अशोक गहलोत का कहना है कि दुष्कर्म के आधे मामले झूठे होते हैं। प्रदेश में रोजाना हो रही घटनाओं पर रोक नहीं लग पाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता है।

 


दलित लडके से प्रेम विवाह करने पर सौतेले पिता और भाई ने लड़के को जान से मारा.....

दलित लडके से प्रेम विवाह करने पर सौतेले पिता और भाई ने लड़के को जान से मारा.....

02-Sep-2022

21 अगस्त को गैराड़ मंदिर में प्रेम विवाह किया था। शादी से पहले गुड्डी अपने सौतेले पिता जोगा सिंह और सौतेले भाई गोविंद सिंह के साथ रहती थी। दो बार का विधायक प्रत्याशी रहा है जगदीश।
अल्मोड़ा जिले के भिकियासैंण में सवर्ण युवती से प्रेम विवाह करने पर ससुराल वालों ने अपहरण के बाद दलित नेता की हत्या कर दी। घटना से पुलिस प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस ने हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

दो बार का विधायक प्रत्याशी रह चुका था जगदीश

उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी से दो बार विधानसभा चुनाव लड़ चुके सल्ट के पनुवाधौखन निवासी जगदीश चंद्र पुत्र केश राम और भिकियासैंण निवासी गीता उर्फ गुड्डी ने बीते 21 अगस्त को गैराड़ मंदिर में प्रेम विवाह किया था। शादी से पहले गुड्डी अपने सौतेले पिता जोगा सिंह और सौतेले भाई गोविंद सिंह के साथ रहती थी। एक दलित से शादी करना उसके सौतेले भाई और पिता को रास नहीं आया और दोनों ने मिलकर जगदीश की हत्या कर दी।

अपहरण कर ले गए और हत्या कर दी

उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी ने बताया कि दलित से विवाह की सूचना के बाद से सौतेले परिजन उसके पति के जान के दुश्मन बने हुए थे। आरोप है कि गुरुवार को जगदीश के ससुराल वालों ने जगदीश चंद्र को भिकियासैंण में पकड़ लिया था। उसके बाद वह लोग जगदीश चंद्र का एक गाड़ी से अपहरण कर ले गए। उसके बाद बेरहमी से जगदीश की हत्या कर दी। सूचना पर पुलिस और राजस्व की टीम ने देर शाम गाड़ी से जगदीश का लहुलूहान शव बरामद कर लिया।

सभी आरोपी गिरफ्तार

एसएसपी प्रदीप कुमार राय ने बताया कि शव बरामद कर लिया गया है। हत्या करने वाले सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। हत्या में प्रयुक्त हथियार अभी बरामद नहीं हो सका है हलांकि उन्होंने बताया कि किसी हथौड़ीनुमा हथियार के प्रहार से जगदीश की हत्या हुई है।

 


देवरानी को लड़का हुआ तो सगी माँ ने अपनी 3 बच्चियों को मौत के घाट उतारा...

देवरानी को लड़का हुआ तो सगी माँ ने अपनी 3 बच्चियों को मौत के घाट उतारा...

02-Sep-2022

एजेंसी

बिहार : बिहार के बक्सर जिले में एक महिला ने अपनी तीन मासूम बच्चियों की गला दबाकर हत्या कर दी। वह बेटा नहीं होने से डिप्रेशन में थी। तीन दिन पहले ही उसकी देवरानी को लड़का हुआ था।
बिहार के बक्सर से ममता को शर्मसार करने वाला खौफनाक मामला सामने आया है। यहां एक मां ने अपनी ही तीन मासूम बच्चियों की हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि तीन दिन पहले ही आरोपी महिला की देवरानी को बेटा हुआ था। खुद के बेटा नहीं होने पर वह डिप्रेशन में थी और फिर गुरुवार देर रात सोते वक्त अपनी तीन बच्चियों का गला दबाकर उन्हें मौत के घाट उतार दिया। पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है।

यह मामला बक्सर जिले के ब्रह्मपुर स्थित गायघाट गांव का है। आरोपी महिला ने पुलिस के सामने अपनी तीनों लड़कियों की गला दबाकर हत्या करने की बात कबूल ली है। आरोपी की पहचान पिंकी देवी के रूप में हुई है। उसका पति सुनील कुमार यादव बाहर नौकरी करता है। गुरुवार देर रात को उसने अपनी 11 साल की बेटी पूनम कुमारी, 8 साल की बबली और 6 साल की रोनी उर्फ खूशबू का बारी-बारी से कत्ल कर दिया।

एएसपी ने बयान जारी कर बताया कि आरोपी महिला के तीन बेटियां थी और एक भी बेटा नहीं था, इसलिए वह डिप्रेशन में थी। तीन दिन पहले जब उसकी देवरानी को बेटा हुआ, तो वह अंदर ही अंदर घुटने लगी। इसके बाद उसने अपनी ही बेटियों की जान लेने का खौफनाक कदम उठा लिया। आरोपी महिला को पुलिस अभिरक्षा में भेज दिया गया है। पुलिस फिलहाल आगे की कार्रवाई में जुटी है। इस वारदात से गांव के लोग भी हैरान हैं।


 पिता की हैवानियत मासूम चिल्लाती रही अंकल-आंटी हमें बचा लो पापा मम्मी दीदी को काट रहे हैं...

पिता की हैवानियत मासूम चिल्लाती रही अंकल-आंटी हमें बचा लो पापा मम्मी दीदी को काट रहे हैं...

30-Aug-2022

एजेंसी

अंकल-आंटी हमें बचा लो पापा ने मम्मी को मार दिया है। दीदी को काट रहे हैं...बचा लो...बचा लो...। घर के अंदर पिता की हैवानियत और सामने पड़ी मां और बहन की लाश देखकर यह पुकार थी सबसे छोटी बेटी अन्नपूर्णा उर्फ बिट्टो की। इसे सुना बाहर से गुजर रहे सुशील जायसवाल और उनकी पत्नी ने।

लेकिन, वह समझ ही नहीं पाए कि बिट्टो आखिर ऐसा क्यों कर रही है। सुशील दुखी होते हुए बताते हैं कि उन्हें जिंदगी भर इस बात का मलाल रहेगा कि जिन्हें वह अपने बच्चों की तरह प्यार करते थे, उनकी पुकार को वह समझ नहीं पाए।

सुशील ने बताया कि काश अगर वह उसी वक्त किसी को बुलाकर दरवाजा तोड़ देते तो शायद कुछ जिंदगियां बच जाती। उन्होंने बताया कि वह सोमवार सुबह करीब सात बजे अपनी पत्नी के साथ मंदिर से लौट रहे थे। तभी महेश के घर से बिट्टो की आवाज आई। वह चिल्ला रही थी कि अंकल बचा लो। पापा ने मम्मी को मार दिया है। सबको मार रहे हैं...।

सुशील कहते हैं कि वह समझ ही नहीं पाए कि बिट्टो ऐसा क्यों कर रही है। उन्हें लगा शायद घर में कोई झगड़ा हुआ है। लेकिन, फिर सुशील की पत्नी ने बोला कि बिट्टो कभी ऐसा नहीं करती है। जरा देखो हुआ क्या है। इस पर सुशील घर की बाउंड्री वाल फांदकर अंदर गए और दरवाजा खोलने का प्रयास किया, लेकिन दरवाजा अंदर से बंद था।

उन्होंने खिड़की से अंदर देखा तो आंखें फटी की फटी रह गईं। उन्होंने देखा कि महेश ने बिट्टो को मार दिया था और अब अपनी मां को मार रहा था। उन्होंने एसओ को फोन किया तो पुलिस पहुंची, लेकिन तब तक मौत का सन्नाटा पूरे घर में पसर चुका था।

सुशील बताते हैं कि ऐसा मंजर देख और बिट्टो की पुकार को यादकर वह बेहद दुखी हो जाते हैं। शायद वह इसे पूरी जिंदगी नहीं भूल पाएंगे। इस घटना से पूरे मोहल्ले में सन्नाटा पसर गया है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि उन्हें यकीन ही नहीं हो रहा है कि कोई व्यक्ति इस तरह से अपने पूरे परिवार को मार सकता है।

उसकी मझली बेटी सुवर्णा दिव्यांग थी। वह बेहद कम चल पाती थी। सोमवार सुबह वह भी अपनी मां के साथ रसोई में थी। पहले आरोपी ने अपनी पत्नी को मार डाला। इसके बाद बड़ी बेटी को। उसे पता था कि सुवर्णा चल नहीं सकती है। तब तक बिट्टो खिड़की के पास शोर मचाने लगी थी। इस पर उसने रसोई में रो रही अपनी दिव्यांग बेटी का गला रेता और फिर बिट्टो को खत्म कर दिया।

 


जहरीली गैस के फैलने से 34 लोगो की तबीयत बिगड़ी ICU फुल...

जहरीली गैस के फैलने से 34 लोगो की तबीयत बिगड़ी ICU फुल...

30-Aug-2022

एजेंसी

उत्तराखंड : बेहोश हुए लोगों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां आईसीयू वार्ड भी फुल हो गया है। घटना के बाद से हड़कंप मचा हुआ है।
उत्तराखंड में ऊधमसिंहनगर जिले के रुद्रपुर में मंगलवार सुबह ट्रांजिट कैंप के आजाद नगर में कबाड़ी की दुकान में रखे गैस सिलिंडर से जहरीली गैस का रिसाव हो गया। गैस की चपेट में आकर कई लोग बेहोश हो गए। वहीं घटना की जानकारी मिलते ही एसडीएम, सीओ, फायर ब्रिगेड की टीम, स्थानीय पुलिसकर्मी और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे।

एसडीएम व राहत बचाव दल के आठ जवानों की तबीयत भी बिगड़ी

गैस रिसाव की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची टीम भी गैस की चपेट में आ गई। इस दौरान किच्छा क्षेत्र के उप जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्रा, मुख्य अग्निशमन अधिकारी वंश बहादुर यादव व एसडीआरएफ के करीब आठ जवानों की भी तबीयत खराब हो गई।

क्लोरीन गैस फैलने से हुआ हादसा

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉक्टर मंजूनाथ टीसी ने बताया कि आजाद नगर में किसी कबाड़ी के यहां क्लोरीन से भरा हुआ सिलेंडर पहुंचा था, जिसमें गैस के रिसाव से आसपास के क्षेत्र में गैस फैल गई और लोगों की तबीयत खराब होने लगी।

सांस लेने में होने लगी दिक्कत

गैस का रिसाव होने से वहां आस-पास के लोगों को सांस लेने में दिक्कत होने लगी। साथ ही उल्टी होने की समस्या से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। इससे लोगों में वहां दहशत का माहौल बन गया। सड़क पर लोग जहरीली गैस से बचने के लिए मुंह को कपड़े से ढककर चल रहे हैं।

आईसीयू वार्ड फुल

बेहोश हुए करीब 34 लोगों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां जिला अस्पताल का आईसीयू वार्ड भी फुल हो गया है। घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है। वहीं, युगल किशोर पंत व एसएसपी डॉ मंजूनाथ टीसी अस्पताल में बेहोश मरीजों का हाल जानने पहुंचे।

लोगों ने किया विरोध प्रदर्शन

गैस रिसाव होने के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से ट्रांजिट कैंप से कबाड़ के गोदाम हटाने की मांग की। इसे लेकर लोगों ने विरोध प्रदर्शन भी किया।

 


प्यार में पागल शाहरुख ने अंकिता को जिंदा जला कर मार डाला....

प्यार में पागल शाहरुख ने अंकिता को जिंदा जला कर मार डाला....

29-Aug-2022

झारखंड : अंकिता का हत्यारोपी शाहरुख उससे एकतरफा प्यार करता था। शाहरुख करीब दो साल से अंकिता के पीछे पड़ा था और अक्सर धमकाता था। घटना से एक दिन पहले उसने फोन करके अंकिता को जान से मारने की धमकी दी थी। झारखंड के दुमका में अंकिता हत्याकांड को लेकर उबाल है। एकतरफा मोहब्बत में शाहरुख नाम के लड़के ने नाबालिग लड़की को पेट्रोल छिड़कर जिंदा जला डाला। यह अचानक सनक में आकर की गई कोई वारदात नहीं है, बल्कि दो साल से शाहरुख अंकिता के लिए 'आतंक' बन चुका था। शाहरुख करीब दो साल से अंकिता के पीछे पड़ा था। अपनी मौत से पांच दिन पहले फूलो झानो मेडिकल कॉलेज अस्पताल में कार्यकारी मजिस्ट्रेट को दिए बयान में अंकिता ने कहा था कि उसकी एक सहेली से शाहरुख ने मोबाइल नंबर ले लिया था और अक्सर फोन कर कर दोस्ती का दबाव बनाता था। जबकि अंकिता उससे बात करना भी पसंद नहीं करती थी।

वह न केवल बार-बार फोन कर अकिता को परेशान करता था बल्कि स्कूल जाने के रास्ते में पीछा कर छेड़खानी करने का प्रयास करता था। अंकिता को तंग आ कर स्कूल जाना बंद करना पड़ा था। ट्यूशन भी पिता के साथ जाना पड़ता था। शाहरुख ने अंकिता के घर पर पत्थरबाजी भी की थी। वह उसके घर में घुस जाता था। इस पर लोगों ने एक बार चोर कह कर पिटाई भी की थी। इसके बाद भी उसका हौसला पस्त नहीं हुआ। एक दिन वह अंकिता के घर के दरवाजे पर लगे ग्रिल को लोहे के खंती से उखाड़ने का प्रयास किया था। अंकिता के पिता ने बताया कि शुरू में लोक लाज के भय से वे थाना नहीं गए पर जब शाहरुख की हरकत बढ़ गई तो एक बार वे थाना जाने लगे तो शाहरुख के बड़े भाई ने माफी मांग कर थाना जाने से मना कर दिया था। शाहरुख की हरकत में सुधार नहीं हुआ। हाल के दिनों में डिजनीलैंड मेला देखने भी अंकिता शाहरुख के खौफ के कारण पिता के साथ गई थी।

एक साल पहले हो गई थी मां की मौत

अंकिता के पिता संजीव सिंह एक किराना व्यवसायी की दुकान में काम करते हैं। आर्थिक तंगी के बावजूद वे अंकिता और उसके भाई को अच्छी तालीम देना चाहते थे। अंकिता भी पढ़ने में ठीक थी। अंकिता की मां का एक साल पहले कैंसर से निधन हो चुका है। अब अंकिता की मौत से संजीव सिंह टूट गए हैं। दो बेटियों में एक बेटी की शादी हो चुकी है। दूसरे नम्बर पर अंकिता थी। बेटा 12 साल का है। घर में अंकिता के दादा-दादी भी हैं।

घटना से पहले फोन पर दी थी धमकी

घटना के एक दिन पहले भी 22 अगस्त को उसने फोन पर धमकी दी थी कि मुझसे बात नहीं करोगी तो जान से मार देंगे। रात में छात्रा अपने कमरे में सोई हुई थी कि तड़के 4 बजे शाहरुख उसके घर पहुंच कर खिड़की से पेट्रोल छिड़क कर आग लगा दी थी। फूलो झानो मेडिकल कॉलेज अस्पताल में प्राथमिक इलाज के बाद बेहतर इलाज के लिए उसे 23 अगस्त को ही देर रात रिम्स रांची में भर्ती किया गया था। अंकिता का शरीर का पीठ का हिस्सा, दोनों हाथ, दोनों पैर और पेट का भाग बुरी तरह से जल गया था। मौत के साथ पांच दिनों के संघर्ष के बाद वह जिंदगी की जंग हार गई। रांची में पोस्टमार्टम के बाद उसका शव देर शाम तक दुमका लाया जा सकेगा।

फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की होगी पहल

दुमका के उपायुक्त रवि शंकर शुक्ला ने कहा कि फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई के लिए आवश्यक पहल की जाएगी। साथ ही परिजनों को मुआवजा दिया जाएगा। साथ ही उन्होंने लोगों से शांति बनाये रखने की अपील की है। उपायुक्त ने लोगों से शांति की अपील करते हुए कहा कि दोषी पर जल्द कारवाई होगी।

परिजनों को मिले मुआवजा, नौकरी व सुरक्षा सुनील सोरेन

दुमका के सांसद सुनील सोरेन ने दुमका की बेटी अंकिता की मौत पर शोक संवेदना प्रकट करते हुए कहा कि वह काफी होनहार बच्ची थी। उसकी मौत ने मुझे अंदर से झकझोर दिया है। मैं मर्माहत हूं। वह अपना उज्जवल भविष्य को बनाने में लगी थी, लेकिन बीच में दिल दहलाने वाली जघन्य हत्या की शिकार हो गई। सांसद ने मांग किया है कि शाहरुख को फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से जल्द से जल्द फांसी की सजा दिलाई जाए। साथ ही सरकार उनके परिजनों को सरकारी नौकरी और उचित मुआवजा दे। परिजनों को सुरक्षा देने के लिए भी जिला प्रशासन को कहा गया है।

 


मध्य प्रदेश में अजब प्रेम की गजब कहानी सामने आई है....

मध्य प्रदेश में अजब प्रेम की गजब कहानी सामने आई है....

27-Aug-2022

एजेंसी

मध्य प्रदेश : महिला ने ससुराल वालों चकमा देने को चप्पल नदी के किनारे छोड़ दी थीं। ससुराल वाले जब उसे तलाश करने नदी पर पहुंचे तो उन्हें बहू की चप्पल नदी किनारे पड़ी मिलीं। ससुराल वालों को लगा कि वह नदी में डूब गई है।

यहां जिस विवाहित महिला को नदी में डूबी हुई समझकर प्रशासन और एनडीआरएफ दिन-रात नदी में खोजता रहा, वही महिला प्रेमी के साथ सात फेरे लेने के बाद खुद थाने पहुंच गई। महिला ने परिवार को गुमराह करने के लिए नदी के पास अपनी चप्पल छोड़ दी थीं, जिससे लोग उसे मरी हुई समझें। उसके बाद महिला अपने प्रेमी के पास चली गई थी। यह पूरा मामला उज्जैन से 90 किलोमीटर दूर आलोट का है। दो बच्चे की मां के इस कदम से सभी अचंभित और हैरान हैं।

महिला विष्णु बाई प्रजापति आलोट के खजूरी देवड़ा गांव की रहने वाली है। उसकी शादी नारायणी गांव में हुई थी। दो दिन पहले विष्णु बाई अपने 2 बच्चों और पति को छोड़ घर से गायब हो गई थी। वह गांव के पास लूनी नदी के किनारे चप्पल छोड़कर अपने प्रेमी के साथ राजस्थान के ढाबला सिया गांव चली गई थी। जहां उसने अपने पुराने प्रेमी संग दोबारा शादी कर ली। महिला के प्रेमी के मामा परिवार खजूरी देवड़ा में रहता है। लड़के ने अपने मामा के गांव खजूरी देवड़ा में पढ़ाई की थी, तभी से इन दोनों का प्रेम-प्रसंग चल रहा था। महिला और उसके प्रेमी ने गांव के ही शिव मंदिर में शादी कर ली है।

पूरा दिन नदी में तलाश करती रही एनडीआरएफ

महिला ने पति और ससुराल वालों चकमा देने के लिए नदी के किनारे चप्पल छोड़ दी थीं। ससुराल वाले जब उसे तलाश करने नदी किनारे पहुंचे तो उन्हें बहू की चप्पल नदी किनारे पड़ी मिलीं। ससुराल वालों को लगा कि उनकी बहू नदी में डूब गई है। इसकी सूचना तुरंत आलोट पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर एनडीआरएफ को बुलाया, एनडीआरएफ की टीम ने पूरा दिन अभियान चलाकर युवती को ढूंढने का काफी प्रयास किया, लेकिन वह नहीं मिली।

पुलिस ने महिला को नारी निकेतन भेजा

जानकारी के मुताबिक, विष्णु बाई प्रजापति की शादी नारायणी गांव के बबलू प्रजापति से 7-8 साल पहले शादी हुई थी। पति के मुताबिक, उनके बीच सब कुछ ठीक चल रहा था। वह परिवार में खुशी-खुशी रह रही थी। अब इस घटना के बाद उसे काफी समझाया, लेकिन वह नहीं मानी और दूसरी शादी कर नया घर बसा लिया। विष्णु बाई प्रजापति के दो बेटे हैं, जो अब उसके पुराने पति के साथ ही रहेंगे। फिलहाल आलोट पुलिस ने विष्णु बाई प्रजापति को नारी निकेतन रतलाम भेज दिया है।  

 


जब तक पौधा तब तक जीवन बीमा... गांव को हरा भरा करने अनूठा प्रयोग

जब तक पौधा तब तक जीवन बीमा... गांव को हरा भरा करने अनूठा प्रयोग

27-Aug-2022

प्रभात महंती 

प्रत्येक ग्राम अपने स्थानीय आवश्यकताओ के अनुरूप जनहित में जनभागीदारी से योजना बना सकते है 

“अधिकार के साथ-साथ, कर्त्तव्य बोध एकदम जरुरी – सुरेश शुक्ला” 

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बलोदाबाजार : बलोदाबाजार जिला के कसडोल विकास खंड के ग्राम रिकोकला में स्वैच्छिक संगठन निदान तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए ग्राम स्तर पर बने युवा समिति बीइंग नेचर द्वारा सामूहिक रूप से मिलकर पर्यावरण संरक्षण हेतु अनूठा प्रयोग किया जा रहा है, सरकार द्वारा पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए विभिन्न योजनाओ का सञ्चालन किया जा रहा है उसी कड़ी में वनांचल क्षेत्र के ग्राम रिकोकला में पर्यावरण संरक्षण के लिए ग्राम स्तर पर समिति बनाकर जनभागीदारी से नित नये अभूतपूर्व प्रयोग किया जा रहा है, ग्राम स्तर पर ग्रामीण क्षेत्र में ग्रामीण विकास के लिए कार्यरत निदान संस्था के संचालक सुरेश शुक्ला द्वारा बताया गया कि हमारा पूरा जीवन पर्यावरण पर आश्रित है  आधुनिकीकरण बदलते परिवेश और भागम भाग जीवनशैली व् पर्यावरण के प्रति जागरूकता की घोर कमी आई है, हमारी स्वार्थवश व्यवहार के चलते पर्यावरण को निरंतर क्षति पहुंचा रहे है जिसके परिणाम स्वरुप भयानक बीमारियों का प्रकोप भी दिन प्रतिदिन बढ़ते जा रहा है जिससे जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है इसका सीधा व् ज्वलंत उदाहरण वैश्विक महामारी कोरोना है I

उपरोक्त समस्या को ध्यान में रखते हुए व् पर्यावरण से जीवन के जुड़े होने का सन्देश को आमजन तक पहुँचाने हेतु निदान संस्था के संचालक द्वारा ग्राम में प्रत्येक परिवार के सदस्यों की संख्या के आधार पर पौधा लगाया जाना तथा पौधे के जीवित रहते (तीन वर्ष) तक घर के मुखिया का जीवन बीमा किया जायेगा, आज का पौधा रोपण हमारे आने वाली पीढ़ी के लिए तोहफा है उपरोक्त अभियान मे स्कूली बच्चो को जागरूक कर पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनाना है, स्कूली बच्चो की सहभागिता से बच्चो मे पर्यावरण के प्रति रुझान पैदा हो रहा है, पर्यावरण संरक्षण के लिए बनाया गया योजना उपरोक्त बीमा प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत कराया जा रहा है I बीमा की राशि का भुगतान संस्था के सदस्य तथा युवा समिति द्वारा किया जा रहा है  I कराये जाने वाले बीमा में दुर्घटना मृत्यु बीमा, दिव्यांगता बीमा जिसकी राशि क्रमशः 2 लाख व् 1 लाख है I उपरोक्त कार्यक्रम के दिवस तक लगभग 200 पौधे रोपण हेतु आवेदन प्राप्त हुए है I जिनका रोपण किया जाना है तथा माँह के अंत तक पुरे घरो में पौधा रोपण किया जायेगा I

पर्यावरण संरक्षण के लिए ग्राम स्तर बनाये गए योजना का नाम “जब तक पौधा तब तक जीवन बीमा” दिया गया है I

संस्था प्रमुख द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार सरकारे आमजन के लिए जनहित में विकासीय योजना बनाती है,  आमजन की भी नैतिक जिम्मेदारी है की सरकार के हर एक सृजनात्मक कार्य में सहभागी बने, पर्यावरण संरक्षण के लिए ग्राम स्तर पर किये गए जागरूकता अभियान का शुभारम्भ ग्राम के हाई स्कुल परिसर से किया गया, शिक्षा के साथ साथ पर्यावरण के महत्त्व को बच्चो को जागरूक कर बताया गया जिसके परिणाम स्वरुप स्कूली बच्चे प्रारंभिक रूप से पर्यावरण के प्रति जागरूक हुए तथा बच्चो द्वारा अपने पालको को पर्यावरण संरक्षण के प्रति और ग्राम में संस्था द्वारा बनाये गए “जब तक पौधा तब तक जीवन बीमा” योजना की जानकारी दिया गया जिससे स्कुल में पढ़ रहे बच्चो के पालको की सहमति बनी और ग्राम में लगभग 245 घरो में 1500 फलदार पौधे लगाकर 245 परिवार के मुखिया का बीमा कराये जाने का लक्ष्य है, उपरोक्त योजना से जुड़ने हेतु समिति द्वारा बकायदा नियमावली तैयार कर सहमति पत्र भराया जा रहा है जिसके अंतर्गत पौधे संरक्षण हेतु शपथ, मुखिया का आधार कार्ड, बैंक खाता व् फोटो लिया जा रहा है तथा बीमा के समस्त व्यय संस्था द्वारा किया जा रहा है I उपरोक्त कार्यक्रम मे ग्राम रिकोकला से अभिषेक अवस्थी, ढालू राम सेन, पुरुषोत्तम साहू, संकट मोचन, खेमलाल दीवान, चेतन डडसेना, मिथलेश डडसेना, रामा डडसेना, स्कूली छात्र छात्राएं तथा ग्राम के वरिष्ठ जनो का विशेष सहयोग रहा I

 


युवक ने अपने दो बच्चों के साथ गंगा पुल से लगा दी छलांग बेटों की मौत....

युवक ने अपने दो बच्चों के साथ गंगा पुल से लगा दी छलांग बेटों की मौत....

25-Aug-2022

कानपुर : के बिठूर इलाके में नए गंगा पुल से एक पिता ने अपने दो बच्चों के साथ छलांग लगा दी। बच्चों की डूबने से मौत हो गई जबकि पिता को बचा लिया गया है।

कानपुर के बिठूर इलाके में नए गंगा पुल से एक पिता ने अपने दो बच्चों के साथ छलांग लगा दी। बच्चों की डूबने से मौत हो गई जबकि पिता को बचा लिया गया है। मौके पर पुलिस मौजूद है। युवक को उन्नाव जिले का बताया जा रहा है।  आखिर उसने छलांग क्यों लगाई इसका कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है। घटनास्थल भारी भीड़ जमा है।


अंतिम हिंदू अनुष्ठान के लिए घर भेजने के लिए सऊदी अरब में दफन भारतीय शव को निकाला गया!

अंतिम हिंदू अनुष्ठान के लिए घर भेजने के लिए सऊदी अरब में दफन भारतीय शव को निकाला गया!

24-Aug-2022

एजेंसी 

तमिलनाडु : दुर्लभ मामलों में से एक में, एक एनआरआई कार्यकर्ता का शव सऊदी अरब के एक कब्रिस्तान से निकाला गया था, जहां इसे दो महीने पहले गलती से दफन कर दिया गया था और भारतीय अधिकारी हिंदू परिवार की परंपरा के अनुसार अंतिम संस्कार के लिए इसे भारत वापस घर वापस लाने के लिए काम कर रहे हैं।

तमिलनाडु के मदुरै जिले के मूल निवासी 42 वर्षीय अंदिथामी पलानीसामी, जो एक रखरखाव में काम कर रहे थे, की 19 मई को रियाद के पास के रेगिस्तानी शहर मजमा में हृदय गति रुकने से मृत्यु हो गई थी।

मृतक की पत्नी वेदाची ने अपने पति के शव को वापस लाने का अनुरोध किया है, तदनुसार उसने रियाद में भारतीय दूतावास को नोटरीकृत पत्र भेजा, अनुरोध के आधार पर दूतावास ने एनओसी जारी किया है, जो विदेश में प्रवासियों की मृत्यु के मामलों में एक अनिवार्य दस्तावेज है। पलानीसामी का पार्थिव शरीर 14 जून को भारत आएगा।

विदेशी कर्मचारियों के परिवहन या दफनाने के नश्वर अवशेष सऊदी अरब और बाकी खाड़ी देशों में नियोक्ताओं की जिम्मेदारी है। हालांकि पलानीसामी के पार्थिव शरीर को भारत भेजने के बजाय जल्दबाजी में 16 जून को शकरा कब्रिस्तान में दफना दिया गया।

तमिलनाडु में व्यथित परिवार को अगले दिन दफन के बारे में पता चला और तुरंत भारतीय दूतावास से अनुरोध किया कि वह शव को बाहर निकालकर घर वापस भेज दे।

भारतीय दूतावास के अधिकारियों ने शव को निकालने के लिए विभिन्न आधिकारिक संस्थाओं के साथ दो महीने से अधिक समय तक काम किया, आखिरकार इसे खोदा गया और शनिवार को रियाद शहर में स्थानांतरित कर दिया गया।

भारतीय समुदाय कल्याण अधिकारियों के अनुसार, पलानीसामी निकाय के जल्द ही भारत लौटने की उम्मीद है

पिछले साल भी, जिज़ान प्रांत में हिमाचल प्रदेश के ड्राइवर, संजीव कुमार की मृत्यु ने ध्यान आकर्षित किया जब उनकी पत्नी ने अपने पति के नश्वर अवशेषों को पुनः प्राप्त करने के लिए दिल्ली उच्च न्यायालय का रुख किया और दावा किया कि उन्हें सऊदी अरब में गलत तरीके से दफनाया गया था और यह मुद्दा चर्चा के लिए आया था। राज्य विधानसभा।

हिंदू धार्मिक परंपराओं के अनुसार, जन्म से लेकर मृत्यु तक, हिंदू रीति-रिवाज व्यक्ति के जीवन को परिभाषित करते हैं। उसके जीवन की प्रत्येक महत्वपूर्ण घटना को एक अनुष्ठान द्वारा चिह्नित किया जाता है।

अंतिमा संस्कार अंतिम संस्कार है जो व्यक्ति की मृत्यु के बाद किया जाता है। मरने वाले का अंतिम संस्कार करना अनिवार्य है ताकि मोक्ष के द्वारा उनकी आत्मा को शांति मिले।

मृत्यु पृथ्वी पर एक व्यक्ति के जीवन में अंतिम बलिदान अनुष्ठान (अंत्यष्टि) का प्रतीक है जिसमें शरीर को अग्नि को भेंट के रूप में आग की लपटों में डाल दिया जाता है।

कई हिंदू श्रमिकों के शोक संतप्त परिवार, जिनकी मृत्यु हो गई, अपने प्रियजनों के शवों को प्राप्त करने के लिए अधिक महीनों तक प्रतीक्षा करते हैं, कुछ मामलों में एक वर्ष में अंतिम संस्कार को पूरा करने के लिए जिसे कर्म कांडा भी कहा जाता है।

जैसा कि कुछ गरीब श्रमिक नियोक्ताओं से भाग गए और कानूनी मुद्दों में उलझ गए जो प्रत्यावर्तन प्रक्रिया में बाधा डालते हैं जिससे कर्म कांड में देरी होती है।

दुखद विडंबना यह है कि जब तक कर्मकांड की रस्में पूरी नहीं हुईं, तब तक ग्रामीण इलाकों में सामाजिक मानदंडों के कारण परिवारों को, जिनमें से अधिकांश गरीब और गरीबी से ग्रसित थे, अत्यधिक कठिनाइयों से गुजरना पड़ा। परिवार के तत्काल सदस्य बाहर नहीं जा सकते हैं और उन्हें किसी समारोह और उत्सव में शामिल होने की अनुमति नहीं है, यहां तक ​​कि बाल भी नहीं काटने चाहिए।

जब एक विधवा महिला काम के लिए बाहर नहीं निकल पाती थी तो उसे दैनिक वेतन से वंचित कर दिया जाता था और उसके छोटे बच्चों को भूख का सामना करना पड़ता था।


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