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 :मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना से गरीब परिवारों को मिल रहा निःशुल्क उपचार :  2 हजार 823 कैम्प में एक लाख 54 हजार से अधिक मरीजों ने कराया इलाज

:मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना से गरीब परिवारों को मिल रहा निःशुल्क उपचार : 2 हजार 823 कैम्प में एक लाख 54 हजार से अधिक मरीजों ने कराया इलाज

15-Jan-2021

Chief Minister Urban Slum Health Scheme, Bhilai nagar nigam

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की पहल से शहरी क्षेत्र के स्लम इलाकों में रहने वाले गरीब परिवारों के निःशुल्क उपचार की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना के माध्यम से मोबाइल मेडिकल यूनिट प्रदेश के 14 नगर निगम क्षेत्र के अलग-अलग वार्डों में पहुंच कर लोगों का इलाज कर रही है। प्रदेश के 14 नगर निगमों में अभी तक 2823 स्थानों पर मोबाइल मेडिकल यूनिट द्वारा कैंप आयोजित किया गया है। इन कैंपों के माध्यम से एक लाख 54 हजार 616 मरीजों का स्वास्थ्य जांच, 40 हजार 634 मरीजों का लैब टेस्ट, एक लाख 33 हजार 223 मरीजों को दवा का वितरण, किया गया है। सबसे अधिक कैंप रायपुर नगर निगम में 792, कोरबा में 306, बिलासपुर में 230, राजनांदगांव और दुर्ग में 223-223 कैंप लगाया गया है।

    इस योजना के तहत स्लम क्षेत्र के निवासियों के स्वास्थ्य की जांच, उपचार, दवा वितरण एवं स्वास्थ्य परामर्श सुविधा निःशुल्क दिया जा रहा है। यूनिट में ओपीडी, प्रयोगशाला जांच के साथ दवा वितरण और लैब में 41 प्रकार के स्वास्थ्य जांच की सुविधा उपलब्ध है। 

    मोबाइल मेडिकल यूनिट (एमएमयू) द्वारा अभी तक सबसे अधिक 792 कैंप रायपुर नगर निगम में लगाया गया है। जहां 41 हजार 226 मरीज लाभान्वित हुए हैं। बिलासपुर में 230 कैंप में 17 हजार 794 मरीज लाभान्वित हुए हैं। दुर्ग में 12 हजार 89, कोरबा में 15 हजार 409, राजनांदगांव में 10 हजार 277 मरीज और भिलाई में 10 हजार 419, रायगढ़ में 9 हजार 543 मरीज लाभान्वित हुए हैं।

    इसी प्रकार नगरीय निकाय क्षेत्र बिरगांव में लगाए गए 82 कैम्प में 4 हजार 698, धमतरी में आयोजित 88 कैम्पों में 5 हजार 324, रिसाली में 109 कैम्प में 5 हजार 512, भिलाई-चरौदा में 111 कैम्प में 5 हजार 695, अम्बिकापुर में 110 कैम्प में 6 हजार 854, चिरमिरी में 52 कैम्प में 2 हजार 989 और जगदलपुर में आयोजित 158 कैम्प में 6 हजार 787 मरीजों को लाभ मिला है।


चुनाव जैसी तैयारी रहेगी कोरोना वैक्सीनेशन साइट पर

चुनाव जैसी तैयारी रहेगी कोरोना वैक्सीनेशन साइट पर

06-Jan-2021

चुनाव जैसी तैयारी रहेगी कोरोना वैक्सीनेशन साइट पर

एनाफिलैक्सिस के लिए तैयार रहेंगी एईएफआई चिकित्सकों की टीम

बेमेतरा, 6 जून 2021।कोरोना के वैक्सीनेशन के लिए स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। इसकी तैयारी वैसी ही होगी जैसी लोकसभा और विधानसभा के चुनावों की होती है। जिले के हेल्थ वर्करों को प्रथम चरण में कोरोना वैक्सीनेशन के लिए पिछले दिनों 2 जनवरी को ड्राई रन करके तैयारियों का जायजा भी लिया जा चुका है। कोरोना वैक्सीनेशन के तैयारियों के क्रम में ही आज वैक्सीनेशन साइटपर तैनात रहने वाले टीकाकरण प्रभारियों की जिला चिकित्सालय में एक दिवसीय ट्रेनिंग आयोजित की गई। इस दौरान जिले के सभी खंड चिकित्सा अधिकारी, ग्रामीण चिकित्सा अधिकारियों समेत जिला स्तर के चिकित्सकों को कोरोना वैक्सीनेशन की ट्रेनिंग दी गई।

ट्रेनिंग में डॉ. दीपक मिरे द्वारा कोविड-19 टीकाकरण के अंतर्गत Anaphylaxis  और AEFI(Adverse events following immunization) के बारे में जानकारी दी गई। उन्होंने जानकारी दी कि कोविड-19 महामारी को नियंत्रित करने के लिए वैक्सीनेशन एक प्रभावी माध्यम है। डॉ. मिरे ने बताया,“वैक्सीनेशन के बाद किसी भी प्रकार के प्रतिकूल प्रभाव नजर आने पर जांच कर उचित उपचार की व्यवस्था की जायेगी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय (Health Ministry Of India) के मुताबिक वोटर लिस्ट के आधार पर तैयार सूची के जरिए वैक्सीनेशन किया जाएगा। वहीं, पोलिंग बूथ की तर्ज पर तैयार वैक्सीन बूथों को लेकर ट्रेनिंग दी जा रही है।जिले में ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजकों, स्टाफ नर्स, सुपरवाइजर सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को ट्रेनिंग दी जा चुकी है”।

हर वैक्सीनेशन बूथ पर  होगी यह तैयारी :

ट्रेनर डॉ. मिरे ने बताया, “ऑब्जर्वेशन रूम वो जगह होगी जहां टीका लगवाने के बाद हितग्राहियों को 30 मिनट इंतजार करना होगा। इस कमरे में पीने के पानी और टॉयलेट की सुविधा भी रहेगी। टीकाकरण यानी वैक्सीनेशन के बाद 30 मिनट निगरानी में रहना होगा, ताकि यह देखा जा सके कि व्यक्ति पर कोई प्रतिकूल  प्रभाव तो नहीं पड़ा। वैक्सीनेशन के लिए आए 100 लोगों पर 5 सदस्यों की टीम रहेगी। वहीं अगर लोगों की संख्या 100से ज्यादा हुई तो अतिरिक्त स्टाफ को लगाया जाएगा। वहीं वैक्सीनेशन के बाद अगर कोई बुरा प्रभाव दिखेगा तो इसके लिए Anaphylaxis kits का भी इंतजाम किया गया है। वैक्सीनेशन केंद्र में मोबाइल एंबुलेंस भी रहेगी, ताकि किसी को जरूरत पड़ने पर तुरंत अस्पताल भी शिफ्ट किया जा सके। उन्होंने बताया, एनाफिलेक्सिस (एनाफिलेक्सिस) के लक्षण अचानक होते हैं और तेजी से प्रकट होते हैं  हैं।

क्या है एनाफिलेक्सिस एलर्जी?

एनाफिलेक्सिस एक एलर्जी होती है जिसका तुरंत इलाज किया जाना बेहद ज़रूरी होता है। यह तेजी से विकसित होती है और फैलती है।इस एलर्जी से ज़्यादातर लोग आसानी से ठीक भी हो जाते हैं। लेकिन डॉक्टर को पहले उन दवाइयों के बारे में अवश्य बताना चाहिए जिनसे आपको एलर्जी है। एनाफिलेक्सिस से पूरा शरीर प्रभावित हो सकता है।

मोबाइल एसएमएस से मिलेगी वैक्सीनेशन साइट की जानकारी

जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ शरद कोहाड़े ने बताया, “कोरोना वायरस को मात देने के लिए प्रथम चरण में 5,126 सरकारी व प्राइवेट हेल्थ वर्करों को वैक्सीन दी जाएगी। जिले में टीकाकरण के लिए 26 वैक्सीन कोल्ड चैन पाइंट बनाए गए हैं। वैक्सीन लगाने के लिए जिला प्रशासन ने 20 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 4 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, एक जिला व सिविल अस्पताल सहित कुल 26 वैक्सीनेशन साइट बनाए हैं जहां से कोल्ड चैन पाइंट नजदीक है। वैक्सीनेशन के लिए रजिस्टर्ड फोन नंबर पर एसएमएस के जरिए जानकारी दे दी जाएगी कि आपको किस समय वैक्सीन बूथ पर पहुंचना है। इस वैक्सीनेशन ड्राइव के लिए Co-WIN नाम से एक पोर्टल बनाया गया है। जिसके जरिए वैक्सीनेशन के लिए रजिस्ट्रेशन की सुविधा मिलेगी।


मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज सवेरे जांजगीर के सर्किट हाउस में अधिकारियों-कर्मचारियों से मुलाकात की..

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज सवेरे जांजगीर के सर्किट हाउस में अधिकारियों-कर्मचारियों से मुलाकात की..

06-Jan-2021

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मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज सवेरे जांजगीर के सर्किट हाउस में अधिकारियों-कर्मचारियों से मुलाकात की। उन्होंने अधिकारियों से जिले में योजनाओं के क्रियान्वयन एवं प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि अधिकारी-कर्मचारी शासकीय योजनाओं का फायदा अधिक से अधिक लोगों को दिलाने का प्रयास करें। श्री बघेल ने अधिकारियों से समस्याओं की जानकारी ली उनका परिचय प्राप्त कर उनका हालचाल जाना। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत और पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री टी.एस. सिंह देव भी इस अवसर पर उपस्थित थे।   

 


मुख्यमंत्री बघेल ने कोरबा जिले को दी 836 करोड़ रूपए के विकास कार्यों की सौगात

मुख्यमंत्री बघेल ने कोरबा जिले को दी 836 करोड़ रूपए के विकास कार्यों की सौगात

05-Jan-2021

TNIS

कोरबा मेडिकल कॉलेज का नामकरण स्व. श्री बिसाहू दास महंत के नाम पर होगा

अजगरबहार और बरपाली बनेंगे तहसील

अशोक वाटिका को ऑक्सीजोन बनाने 10 करोड़ राशि की घोषणा

इंदिरा स्टेडियम में स्पोर्ट्स एकेडमी की मंजूरी

भैंसमा कॉलेज का नामकरण श्री प्यारेलाल कंवर के नाम पर

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रायपुर : मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कोरबा प्रवास के दौरान जिलेवासियों को 836 करोड़ रूपए से अधिक के विकास कार्योंं की सौगात दी। साथ ही मुख्यमंत्री ने कोरबा जिला के लोगों के विकास और समृद्धि के लिए विभिन्न घोषणाएं भी की। मुख्यमंत्री ने कोरबा के घण्टाघर मैदान स्थित ओपन ऑडिटोरियम में विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए क्षेत्र के लोगों और जनप्रतिनिधियों की मांग पर अजगरबहार और बरपाली को तहसील बनाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने राजस्व मंत्री श्री जयसिंह अग्रवाल की मांग पर कोरबा के मेडिकल कॉलेज का नामकरण पूर्व विधायक स्व. श्री बिसाहू दास महंत के नाम पर करने की घोषणा की। उन्होंने कोरबा शहर स्थित अशोक वाटिका उद्यान को ऑक्सीजोन के रूप में विकसित करने 10 करोड़ रूपए की राशि देने की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री ने भैंसमा स्थित महाविद्यालय का नामकरण श्री प्यारेलाल कंवर के नाम पर करने की घोषणा की। कोरबा शहर में स्थिति इंदिरा स्टेडियम में स्पोर्ट्स एकेडमी बनाने की घोषणा भी की।

    मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कोरबा के घण्टाघर मैदान स्थित ओपन थियेटर में आयोजित आमसभा में जिलेवासियों को 836 करोड़ रूपए से अधिक के 883 कार्योंं का भूमिपूजन, लोकार्पण तथा सामग्री वितरण कर सौगात दी। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने विकास कार्यों के लिए जिलेवासियों को बधाई देते हुए कहा कि जिले में सड़कों के मरम्मत एवं निर्माण से आवागमन की सुविधा बेहतर होगी। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा एफसीआई में चावल जमा करने की अनुमति मिल जाने से अब राज्य में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी बिना किसी व्यवधान के हो सकेगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को उनकी उपज का वाजिब मूल्य दिलाने तथा फसल उत्पादकता बढ़ाने के उद्देश्य से राज्य के किसानों को 10 हजार रूपए प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि देने के उद्देश्य से राजीव गांधी किसान न्याय योजना शुरू की गई है। किसानों को तीन किश्त में 4500 करोड़ रूपए की राशि दी जा चुकी है। चौथी किश्त की राशि इस वित्तीय वर्ष के खत्म होने से पहले किसानों के खाते में पहुंच जाएगी। उन्होंने कहा कि किसान हितैषी नीतियों और राजीव गांधी किसान न्याय योजना के चलते राज्य में किसानों की संख्या में बीते दो सालों में ही डेढ़ गुना की वृद्धि हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान राज्य शासन की योजनाओं से निश्चित रूप से लाभान्वित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि गांधी जी के सुराजी गांव परिकल्पना को सिद्ध करते हुए राज्य शासन किसानों के हित के लिए योजना बना रही है। गोधन न्याय योजना से किसान गोबर बेचकर मोटर साईकल की खरीदी कर रहे हैं। उन्होंने महोरा स्थित गौठान में संचालित आजीविका संवर्धन के कार्यों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि गौठान में महिलाएं गोबर बेचकर लाभ कमाने के साथ वर्मी कम्पोस्ट बनाकर आर्थिक रूप से स्वावलंबी हो रही है। शासन द्वारा राज्य में 7400 गौठान स्वीकृत किए गए हैं। 4700 गौठान निर्मित हो चुके हैं तथा 11 हजार पंचायतों में गौठान स्थापित करने की योजना है। उन्होंने कहा कि गौठान में महिलाएं मुर्गी पालन, सब्जी की खेती, मशरूम उत्पादन, वर्मी खाद उत्पादन करके लाभ कमा रहीं हैं। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने 20 लाख रूपए तक के निर्माण कार्यों को कराने का टेंडर स्थानीय युवा स्नातक इंजीनियरों को दिए जाने की बात कही।

    राजस्व मंत्री श्री जयसिंह अग्रवाल ने कोरबा जिले को मेडिकल कॉलेज की सौगात देने के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया। राजस्व मंत्री ने मेडिकल कॉलेज का नाम स्व. श्री बिसाहू दास महंत के नाम पर नामकरण करने तथा अशोक वाटिका को ऑक्सीजोन के रूप में विकसित करने 10 करोड़ रूपए की राशि मंजूर करने घोषणा के लिए भी मुख्यमंत्री का आभार जताया। उन्होंने कोरबा में एल्युमिनियम पार्क बनाने आग्रह किया।

    कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरण दास महंत, सांसद कोरबा श्रीमती ज्योत्सना महंत, जिले के प्रभारी मंत्री और स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, राजस्व मंत्री श्री जयसिंह अग्रवाल, विधायक पाली-तानाखार श्री मोहित राम केरकेट्टा, विधायक कटघोरा श्री पुरूषोत्तम कंवर, विधायक कसडोल सुश्री शकुंतला साहू, विधायक रामपुर श्री ननकी राम कंवर, महापौर श्री राजकिशोर प्रसाद सहित आईजी बिलासपुर संभाग आयुक्त श्री रतन लाल डांगी, कलेक्टर श्रीमती किरण कौशल, पुलिस अधीक्षक श्री अभिषेक मीणा, नगर निगम आयुक्त श्री एस. जयवर्धन एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधिगण तथा गणमान्य नागरिकगण मौजूद थे।

 


बच्चों के मानसिक समस्याओं के निदान में बनें सहायक

बच्चों के मानसिक समस्याओं के निदान में बनें सहायक

29-Dec-2020

 अंबुजा सखियों को बच्चों के मानसिक विकास और एनजाइटी समस्या एवं उसके निदान की मिली जानकारी

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बलोदाबाजार, 28 दिसंबर, 2020। बलोदाबाजार जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत सामुदायिक कार्यकर्ता (कम्युनिटी वॉलेंटियर्स) को विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया। अंबुजा सीमेंट फाउंडेशन के तत्वावधान में बच्चों की मानसिक समस्याएं और निदान विषय पर एक कार्यशाला आयोजित हुई, जिसमें जिला अस्पताल बलौदाबाजार की प्रोग्राम कंसल्टेंट, जिला  मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम, डॉ. सुजाता पांडेय ने अंबुजा सखियों (अंबुजा सामुदायिक कार्यकर्ताओं) को बच्चों की मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं और उसके निदान के संबंध में विस्तार से जानकारी प्रदान की।

प्रशिक्षण में विशेषकर बच्चों में एंजाइटी (एक तरह का मानसिक रोग) के बारे में विस्तार बताते हुए ऐसे बच्चों की पहचान करना, उनके साथ कैसा व्यवहार करना है और समुदाय में इस तरह के बच्चों के प्रति बर्ताव  के संबंध में बताया गया। ऐसे बच्चों की मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं को दूर करने के उपाय भी सुझाए गए तथा उन बच्चों की पहचान कर उन्हें जिला अस्पताल में विशेष चिकित्सा के लिए पहुंचाने की अपील की गई।

कोरोनाकाल के दौरान पहली बार ऐसी कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें लगभग 40 अंबुजा सहेलियों को मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम से जोड़ा गया। अंबुजा फाउंडेशन की एरिया मैनेजर सविता दास के नेतृत्व में उक्त कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस दौरान महिलाओं को मानसिक रोग, गैर संचारी रोग ( नॉन कम्युनिकेबल डिजीज), दिल की बामारी और पौष्टिक आहार के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। डॉ. सुजाता पांडेय ने बताया जिला अस्पताल की ओर से गैर संचारी रोगों की रोकथाम के लिए बीते तीन साल से अंबुजा सखियां सामुदायिक जागरूकता लाने का कार्य कर रही हैं। उन्हें अब मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम से भी जोड़ा जा रहा है ताकि वह समाज में इस मुद्दे पर भी जन-जागरूकता ला सकें।

स्वस्थ्य जीवन शैली की सीख- खान-पान के साथ ही बेहतर स्वास्थ्य के लिए स्वस्थ्य जीवन शैली को अपनाना भी जरूरी है। कार्यशाला के दौरान उपस्थित सखियों को ध्यान, योग और प्राणायाम के साथ-साथ जुम्बा डांस के बारे में भी बताया गया। साथ ही मानसिक तनाव को दूर करने के लिए संगीत और नृत्य को अपनाने पर जोर दिया गया। इस दौरान प्रशिक्षिका डॉ. पांडेय ने महिलाओं को छत्तीसगढ़ के पारंपरिक लोक नृत्य पंथी कर तनाव दूर करने और शारीरिक स्वस्थ्यता हासिल करने की जानकारी प्रदान की।


छत्तीसगढ़ सरकार पूरी संजीदगी से कर रही है धान खरीदी का काम, किसानों को नहीं होने देंगे कोई तकलीफ: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

छत्तीसगढ़ सरकार पूरी संजीदगी से कर रही है धान खरीदी का काम, किसानों को नहीं होने देंगे कोई तकलीफ: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

25-Dec-2020

धान खरीदी की समस्याओं के निराकरण के लिए राज्य सरकार कटिबद्ध

छत्तीसगढ़ विधानसभा में 2387 करोड़ रूपए का द्वितीय अनुपूरक बजट पारित

वित्तीय वर्ष 2020-21 के बजट का आकार बढ़कर हुआ 
एक लाख 9 हजार 101 करोड़ रूपए

मुख्यमंत्री ने कहा - हमारी प्राथमिकता प्रदेश के गरीब, किसान, मजदूर, महिलाएं 
और युवाओं की आर्थिक स्थिति में सुधार लाना

हां हमने कर्ज लिया है, किसानों की कर्ज माफी, धान खरीदी और लोगों की सहायता के लिए

छत्तीसगढ़ की संस्कृति पर मुझे गर्व और छत्तीसगढ़िया होने का है अभिमान

धान खरीदी शुरू हुए एक माह हो रहे, केन्द्र ने अब तक नहीं दी एफसीआई को चावल देने की अनुमति 

रायपुर : छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज चर्चा के बाद ध्वनिमत से 2 हजार 387 करोड़ रूपए का द्वितीय अनुपूरक बजट पारित कर दिया गया। द्वितीय अनुपूरक के बाद अब प्रदेश के वर्ष 2020-21 के मुख्य बजट का आकार कुल एक लाख 9 हजार 101 करोड़ रूपए हो गया है। वर्ष 2020-21 का मुख्य बजट एक लाख 2 हजार 907 करोड़ रूपए का था। प्रथम अनुपूरक का आकार 3 हजार 807 करोड़ रूपए था। 

    मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने विधानसभा में हुई चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि राज्य सरकार पूरी संजीदगी के साथ धान खरीदी का काम कर रही है, किसानों को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होगी। बारदानों की कमी को दूर करने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी प्राथमिकता प्रदेश के गरीब, किसान, मजदूर, महिलाएं और युवा हैं। उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार करना हमारी प्राथमिकता है। श्री बघेल ने कहा कि हां हमने कर्ज लिया है, किसानों की कर्ज माफी के लिए, धान खरीदी के लिए और लोगों की सहायता करने के लिए। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार ने स्काई वॉक, एक्सप्रेस-वे, मोबाइल खरीदी और नई राजधानी के लिए ऋण लिया, लेकिन इसका प्रदेश की जनता को क्या फायदा हुआ। मुख्यमंत्री ने नई तहसीलों की जनप्रतिनिधियों की मांग के संबंध में कहा कि राज्य सरकार द्वारा 23 नई तहसीले बनाई गई है। भविष्य में जब भी नई तहसीलें बनाई जाएंगी जनप्रतिनिधियों की मांगों को ध्यान में रखा जाएगा। 

    मुख्यमंत्री ने बारदानों की व्यवस्था के संबंध में कहा कि राज्य सरकार ने भारत सरकार के जूट कमिश्नर से छत्तीसगढ़ को 4.50 लाख गठान बारदाना उपलब्ध कराने का आग्रह किया था, लेकिन उन्होंने एक लाख 43 हजार गठान बारदाने उपलब्ध कराने की स्वीकृति दी। लेकिन हमें एक लाख 5 हजार गठान बारदानें जूट कमिश्नर से मिले हैं। कोरोना काल में जूट मिलें बंद थी, इसलिए राज्य सरकार ने पीडीएस की दुकानों से 65 हजार गठान पुराने बारदाने, राईस मिलर्स से 80 हजार गठान बारदाने की व्यवस्था की है। हमें अब तक 2 लाख 62 हजार गठान बारदाने मिले हैं, जिनमें से एक लाख 58 हजार गठान बारदानों का उपयोग किया जा चुका है और एक लाख 4 हजार गठान बारदाने शेष हैं। 

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने आम जनता को सुविधाएं उपलब्ध कराने के कार्य किए, उनकी सराहना भारत सरकार और नीति आयोग ने भी की। कोरोना काल में प्रदेश में 22 हजार से अधिक क्वॉरेंटाइन सेंटर स्थापित किए गए, गरीबों को 35 किलो के मान से 3 माह का अनाज मुफ्त दिया गया, मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम के अंतर्गत बच्चों को घर पहुंचाकर सूखा राशन दिया गया। श्री बघेल ने कहा कि प्रदेश के भ्रमण के दौरान उन्होंने कई धान खरीदी केंद्रों का भी दौरा किया वहां भीड़-भाड़ नहीं थी और व्यवस्थाएं काफी अच्छी थी। नई सरकार बनने के पहले प्रदेश में 1900 धान खरीदी केंद्र थे, जिन्हें पहले चरण में बढ़ाकर 2000 किया गया और अब 2300 केंद्रों पर धान की खरीदी हो रही है। पिछले वर्ष 23 दिसंबर तक 5 लाख किसानों ने 18 लाख मेट्रिक टन धान बेचा था, जबकि इस वर्ष 23 दिसंबर तक 9 लाख 90 हजार किसानों ने 38 लाख मैट्रिक टन धान बेचा है। इस वर्ष धान के विक्रय के लिए 21 लाख 38 हजार किसानों ने पंजीयन कराया है, जो पिछले वर्षों की तुलना में सर्वाधिक है। धान के रकबे में भी 6 लाख एकड़ की वृद्धि हुई है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि धान खरीदी में आ रही समस्याओं के निराकरण के लिए राज्य सरकार कटिबद्ध है। इस संबंध में मिल रही शिकायतों का लगातार समाधान किया जा रहा है।  डायल 112 में  अब तक 1700 शिकायतें मिली जिनमें से 483 का निराकरण किया जा चुका है। रकबे में त्रुटि के संबंध में 413 शिकायतें मिली हैं, जिनके निराकरण के लिए अधिकारियों को कहा गया है। उन्होंने बताया कि कल ही उन्होंने केंद्रीय मंत्री श्री पीयूष गोयल से एफसीआई को चावल देने की अनुमति देने का आग्रह किया था, लेकिन उन्होंने कहा कि मैं किसान आंदोलन में व्यस्त हूं। धान खरीदी को एक माह हो गया है लेकिन यह दुर्भाग्यजनक है कि अभी तक एफसीआई में चावल देने की अनुमति नहीं मिल पाई है। राईस मिलर्स अब तक 7 लाख मेट्रिक टन से अधिक उठाव कर चुके हैं। यदि एफसीआई में चावल जमा करने की अनुमति नहीं मिलती है तो बारदाने की कमी होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को एकमुश्त धान की कीमत 2500 रूपए प्रति क्विंटल इसलिए नहीं दी जा सकी क्योंकि केन्द्र सरकार ने हमारे हाथ-पांव बांध दिए थे। समर्थन मूल्य और 2500 रूपए प्रति क्विंटल के अंतर की राशि किसानों को देने के लिए राज्य सरकार राजीव गांधी किसान न्याय योजना लेकर आई जिसमें किसानों को प्रति एकड़ 10 हजार रूपए की राशि दी जा रही है। इस योजना में किसानों को तीन किश्तों का भुगतान किया जा चुका है। चौथी किश्त भी इसी वित्तीय वर्ष में दे दी जाएगी। 

    श्री बघेल ने कहा कि कोरोना मरीजों का सरकारी अस्पतालों में मुफ्त में इलाज किया जा रहा है। राज्य सरकार कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए भारत सरकार की गाइडलाइन का पालन कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने स्वास्थ्य संबंधी अधोसंरचना विकसित करने के भी पूरे प्रयास किए है। 15 वर्षों में प्रदेश में केवल 46 आईसीयू बेड थे, जिनकी संख्या अब बढ़कर 400 हो गई है। हजारो बेड, वेंटिलेटर की व्यवस्था की गई। कोरोना पैंडेमिक से निपटने के लिए स्वास्थ्य और पुलिस विभाग सहित पंचायत, महिला एवं बाल विकास, शिक्षा सहित सभी विभागों के लोगों और जनप्रतिनिधियों में सराहनीय कार्य किया। उन्होंने कहा कि अब कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन आ गया है। यदि विदेशों से आने वालों को पहले ही बड़े शहरों में रोक लिया गया होता, तो यह छत्तीसगढ़ नहीं आ पाता। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे छत्तीसगढ़ की संस्कृति पर गर्व है और छत्तीसगढ़िया होने का अभिमान है। नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि नरवा प्रोजेक्ट में भारत सरकार ने सूरजपुर और बिलासपुर जिले को पूरे देश में प्रथम पुरस्कार प्रदान किया है। स्वच्छता के मामले में छत्तीसगढ़ पूरे देश में पहला है। गोधन न्याय योजना में अब तक 32 लाख क्विंटल से अधिक गोबर की खरीदी की जा चुकी है और पशुपालकों को 64 करोड़ रूपए का भुगतान किया जा चुका है। अंबिकापुर के वर्मी कम्पोस्ट उत्पादन करने वाले एक महिला स्व-सहायता समूह ने एक बड़ी कम्पनी के साथ 16 रूपए प्रति किलो की दर पर वर्मी कम्पोस्ट की बिक्री के लिए एमओयू किया है। उन्होंने कहा कि गोबर हमारे लिए पवित्र वस्तु है। आज भी घरों में चूल्हे और पूजा स्थल की लिपाई गोबर से की जाती है। गोबर को हमने अर्थव्यवस्था से जोड़ा है। 

    मुख्यमंत्री ने विपक्ष द्वारा कर्ज के आकार बढ़ने के संबंध में की गई शिकायतों का जवाब देते हुए कहा कि भारत सरकार द्वारा वर्ष 2019-20 के केन्द्रीय बजट में राज्य को केन्द्रीय करों में राज्य के हिस्से की राशि 26 हजार 13 करोड़ रूपए निर्धारित की गई थी, किन्तु राज्य को वास्तविक रूप से केवल 20 हजार 205 करोड़ रूपए ही प्राप्त हुए। इस प्रकार राज्य को 5 हजार 808 करोड़ रूपए कम प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार वर्ष 2019-20 में राज्य को जीसएसटी क्षतिपूर्ति अनुदान की राशि 4 हजार 506 करोड़ प्राप्त होनी थी, किन्तु केवल 2 हजार 644 करोड़ ही प्राप्त हुए हैं। इस प्रकार इन दोनों मदो में कुल 7 हजार 670 करोड़ की कमी होने से राज्य के संसाधनों में भारी कमी आई है।
 
    श्री बघेल ने कहा कि वर्ष 2019-20 में केन्द्रीय करों में राज्य के हिस्से में कमी को देखते हुए भारत सरकार द्वारा विशेष रियायत के रूप में राज्य को एक हजार 813 करोड़ की अतिरिक्त अधार-सीमा का लाभ एफआरबीएम एक्ट में संशोधन करने की शर्त पर प्रदाय किया गया था। 22 मार्च 2020 से देशव्यापी लॉकडाउन के कारण राज्य के स्वयं के राजस्व में भी आंशिक कमी हुई है, किन्तु वैश्विक आपदा के समय में राज्य के लोगों को फौरी तौर पर राहत प्रदान करने तथा स्वास्थ्य सुविधाओं की तत्काल उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु राज्य द्वारा लोकहित में आवश्यक व्यय किए गए है। केन्द्र सरकार द्वारा दी गई अतिरिक्त उधार सीमा के लिए निर्देशानुसार राज्य के एफआरबीएम एक्ट में 2019-20 के लिए वित्तीय घाटे की सीमा में वृद्धि हेतु संशोधन किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि वास्तविकता यह है कि सामान्य आर्थिक मंदी एवं कोविड-19 महामारी से उत्पन्न विशेष परिस्थितियों के कारण केन्द्र सरकार के साथ-साथ सभी राज्यों के राजस्व प्राप्तियों में भारी कमी दर्ज की गई है। जिसकी पूर्ति के लिए ऋण लिया गया है।

    राज्यों की जीएसडीपी के तिमाही आंकड़े जारी नहीं किए जाते हैं किन्तु केन्द्रीय सांख्यिकी संगठन के हाल ही में जारी आंकड़ों के अनुसार देश की जीडीपी में प्रथम तिमाही में 23.9 प्रतिशत तथा द्वितीय तिमाही में 7.5 प्रतिशत की गिरावट आयी है। श्री बघेल ने कहा कि अंत में मार्च 2020 में केन्द्र सरकार ने राज्य को एक हजार 813 करोड़ अतिरिक्त ऋण लेने का निर्देश दिया। लेकिन हमन अतिरिक्त ऋण न लेकर उपलब्ध राशि में ही राज्य के खर्चों को संचालित किया। वर्ष 2020-21 में तो भारत सरकार द्वारा सभी राज्यों को 2 प्रतिशत अतिरिक्त ऋण लेनेे की अनुमति प्रदान की जा चुकी है, किन्तु छत्तीसगढ़ ने अभी तक इस अतिरिक्त ऋण सीमा का लाभ नहीं लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व प्राप्तियों में छत्तीसगढ़ ने बेहतर प्रदर्शन किया है।


: ’पढ़ई तुंहर दुआर’ कार्यक्रम के हमारे नायक कॉलम में अब राजभाषा छत्तीसगढ़ी में भी ब्लॉग लेखन की शुरूआत

: ’पढ़ई तुंहर दुआर’ कार्यक्रम के हमारे नायक कॉलम में अब राजभाषा छत्तीसगढ़ी में भी ब्लॉग लेखन की शुरूआत

24-Dec-2020

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 छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा बच्चों की पढ़ाई जारी रखने के लिए शुरू किये गये महत्वाकांक्षी योजना ’पढ़ई तुंहर दुआर’ के हमारे नायक कालम में गुरुवार 24 दिसम्बर से ब्लॉग लेखन राजभाषा छत्तीसगढ़ी में शुरू हो रहा हैं। छत्तीसगढ़ी भाषा में शिक्षक और विद्यार्थियों के ब्लॉग अपलोड किए गए हैं। ’पढ़ई तुंहर दुआर’ कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों को ऑनलाइन और ऑफलाइन अध्यापन विधियों के माध्यम से पढ़ाई की सुविधा मुहैया कराई जा रही है। यह कार्यक्रम निरन्तर अपनी सफलता की ओर अग्रसर है। 

    इसके गुरूवार 24 दिसम्बर से हमारे नायक कॉलम में छत्तीसगढ़ी भाषा में शिक्षक और विद्यार्थी दोनों के ब्लॉग अपलोड किए गए हैं, जिसमें शिक्षक संवर्ग से बेमेतरा जिले की शिक्षिका श्रीमती शीतल बैस, जिन्होंने दर्जनभर से अधिक कहानियों का अनुवाद स्टोरी वीवर की वेबसाइट में किया है तथा विद्यार्थी संवर्ग से विशेष आवश्यकता वाली विद्यार्थी रायपुर जिले की कुमारी मुस्कान शर्मा शामिल हैं। यह दोनों ब्लॉग छत्तीसगढ़ की राजभाषा छत्तीसगढ़ी में आज अपलोड हुए हैं, जिसे रायपुर जिले के ब्लॉग लेखक लोकेश कुमार वर्मा है। यह लोकेश कुमार वर्मा का 20 वां ब्लॉग है। हमारे नायक कॉलम के सफल संचालन में सराहनीय योगदान देने के लिए डॉ.एम. सुधीश, सहायक संचालक, समग्र शिक्षा छत्तीसगढ़ ने ब्लॉग लेखक टीम के नेतृत्वकर्ता गौतम शर्मा और उनकी पूरी टीम को शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।

    छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. आलोक शुक्ला के द्वारा पढ़ई तुंहर दुआर के कार्यक्रम के अंतर्गत प्रदेश के शिक्षकों और बच्चों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से सीजीस्कूल पोर्टल पर हमारे नायक कॉलम को जोड़ा गया है, जिसमें प्रतिदिन एक शिक्षक और एक विद्यार्थी की कहानी अपडेट किया जाता है। हमारे नायक कॉलम में नायक का चयन प्रदेश के सभी जिलों से कुछ चुनिंदा शिक्षकों, विद्यार्थियों तथा शिक्षा सारथियों को उनके द्वारा किये गये उत्कृष्ट कार्यों की समीक्षा के आधार पर किया जाता है। अभी तक हमारे नायक कॉलम में विगत 8 महीनों में लगभग 400 नायक पोर्टल में स्थान प्राप्त कर चुके हैं।

    हमारे नायक कॉलम में प्रत्येक माह नए-नए थीम के साथ कार्य प्रारंभ होता है। हमारे नायक कॉलम में प्रतिदिन चयनित नायकों की कहानी तैयार करने के लिए एक राज्य स्तरीय कुशल ब्लॉग राईटर्स टीम कार्य कर रही है, इस टीम का कुशल नेतृत्व डॉ. एम. सुधीश, सहायक संचालक, समग्र शिक्षा छत्तीसगढ़ के मार्गदर्शन में सूरजपुर जिले के शिक्षक गौतम शर्मा के द्वारा किया जा रहा है । 

    अभी तक शिक्षक संवर्ग से ऑनलाइन कक्षा, लाउडस्पीकर कक्षा, पढ़ई तुंहर पारा तथा ऑगमेंटेड रियलिटी शिक्षण तकनीक तथा विद्यार्थी संवर्ग में सर्वाधिक ऑनलाइन कक्षा में सम्मिलित होने वाले विद्यार्थी, सर्वाधिक शंका पूछने वाले विद्यार्थी, पोर्टल पर सर्वाधिक शैक्षणिक सामग्री देखने वाले विद्यार्थी और मोहल्ला क्लास का सफल संचालन करने वाले शिक्षा सारथियों को हमारे नायक के रूप में चयन किया गया है। वर्तमान आठवें चरण में स्टोरीवीवर की वेबसाइट में सर्वाधिक कहानियां लिखकर अपडेट करना तथा वेबसाइट पर उपलब्ध कहानियों का छत्तीसगढ़ के विभिन्न लोक भाषाओं में अनुवाद करने वाले शिक्षकों तथा विशेष आवश्यकता वाले प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का चयन हमारे नायक के रूप में किया जा रहा है। वर्तमान में स्टोरीवीवर वेबसाइट पर राज्य भर के बहुत सारे शिक्षक बहुत सी स्वरचित कहानियों को लिखकर अथवा वेबसाइट पर उपलब्ध कहानियों को अनुवाद कर अपलोड कर चुके हैं।

    हमारे नायक के आठवें चरण में हिन्दी, अंग्रेजी के साथ ही साथ छत्तीसगढ़ की अन्य स्थानीय भाषाओं में भी ब्लॉग लेखन का कार्य किया जा रहा है। जल्द ही संस्कृत भाषा के साथ छत्तीसगढ़ की स्थानीय भाषा गोंडी, सरगुजिया, कुरूख आदि भाषा में ब्लॉग लेखन किए जाने की योजना है, जो हिंदी अनुवाद के साथ हमारे कॉलम में अपलोड किया जायेगा। इस चरण से राज्य भर के विभिन्न भाषाओं में ब्लॉग पढ़ने का अवसर मिल सकेगा। 


50 दिनों में एमएमयू से एक लाख मरीजों को मिला इलाज

50 दिनों में एमएमयू से एक लाख मरीजों को मिला इलाज

22-Dec-2020

न अपॉइन्टमेंट, न कतार, मोबाइल मेडिकल यूनिट से हो रहा मिनटों में उपचार

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रायपुर : राकेश यादव एक वाहन चालक है। वाहन से समय पर मुसाफिरों को उसके मंजिल तक पहुचाना उसके पेशे का हिस्सा है। समय का पाबंद राकेश के पास फुर्सत ही कहा था कि वह अपने निजी काम के लिए जरूरत से ज्यादा वक्त निकाल सकें। समय के साथ सड़कों पर दौड़ने और मुसाफिरों को मंजिल तक पहुचाने वाला राकेश की अपनी पीड़ा थी। दिनभर वाहन चलाने की वजह से ठण्डी में उसका कमर दर्द बढ़ गया था, इसके बावजूद वह अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन कर रहा था। वह अपना इलाज तो कराना चाहता था लेकिन कई अस्पतालों में पहले अपाइंटमेंट, फिर इलाज के लिए लंबी कतार उसे अस्पताल तक जाने से मानों रोक दिया करती थीं। ऐसे कई दिन गुजर गए, राकेश के लिए वह समय आया ही नहीं कि वह अधिक समय निकालकर अपना इलाज करा सकें। एक दिन जब वह अपने काम पर निकल रहा था। घर के पास अपने वार्ड में मुख्यमंत्री शहरी स्लम योजना के अंतर्गत मोबाइल मेडिकल यूनिट की बस उसे दिखी। उसके पास बहुत अधिक समय तो था नहीं, इसलिए यह सोचकर बस के पास गया कि, यहां क्या हो रहा है? देख लेता हूं। पास जाकर देखा तो मालूम हुआ कि डाक्टर है। लोग इलाज करा रहे हैं। तब भीड़ कम थी। राकेश ने घड़ी देखी और सोचा,क्यों न कम भीड़ में मौके का फायदा उठाया जाए। वह तुरंत मोबाइल मेडिकल यूनिट के पास पहुंचा और अपना पंजीयन कराया। उसने अपनी तकलीफ बताई। मौके पर मौजूद डाक्टरों ने राकेश की समस्या सुनी और तत्काल ही कमर दर्द की दवा और मलहम उसे दिया। मोबाइल मेडिकल यूनिट से चंद मिनटों में ही जांच और दवा मिल जाने और इलाज में उसका कीमती समय बर्बाद नहीं होने पर राकेश का जैसे खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उसने मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना की जमकर प्रशंसा की और कहा कि वास्तव में मुझ जैसे जरूरतमंदों के लिए यह बहुत ही लाभकारी हैं।

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     प्रोफेसर कालोनी रायपुर में रहने वाले राकेश यादव ने बताया कि उनके वार्ड में जब मोबाइल मेडिकल यूनिट की टीम पहुंची तो उसने भी अपने कमर दर्द का उपचार कराया। यहां डाक्टरों ने उसकी समस्या को सुनकर दवाइयां दी और मलहम लगाने को कहा। मोबाइल मेडिकल यूनिट टीम के माध्यम से राकेश को बहुत राहत मिली। उसने बताया कि वह बहुत व्यस्त रहता है। ऐसे में बिना किसी डॉक्टर से अपॉइंटमेंट लिए, बिना कतार में लगे और बिना परामर्श शुल्क दिए आसानी से उपचार करा पा रहा है, वह उसके लिए बहुत बड़ी राहत की बात है।

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     इसी तरह पेशे से इलेक्ट्रीशियन नेरन्द्र कुमार सोनी को बीपी और शुगर की समस्या थी। वह निजी अस्पताल के क्लीनिक में अपनी जांच के लिए हमेशा पैसे खर्च करता था। आज जब अपने घर के पास वार्ड में मोबाइल मेडिकल यूनिट की टीम को देखा तो तत्काल वहां पहुचकर अपना जांच कराया। नरेन्द्र से बिना कोई शुल्क लिए डाक्टरों ने उसके बीपी ,शुगर की जांच की और दवाइयां दी। अपना इलाज बिना पैसे के आसान तरीके से घर के पास ही हो जाने पर नरेन्द्र ने मुख्यमंत्री शहरी स्लम योजना की जमकर तारीफ की और कहा कि गरीब व्यक्तियों का मुफ्त में उनके ही घर के पास उपचार करने का यह तरीका बहुत ही सराहनीय है।

1900 कैंपों में एक लाख से अधिक का उपचार, 86 हजार को दवा वितरित

    मुुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल और नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ शिवकुमार डहरिया द्वारा राज्य स्थापना दिवस एक नवंबर 2020 को मोबाइल मेडिकल यूनिट का शुभारंभ किए जाने बाद अभी तक 1900 शिविर प्रदेश के 14 नगर निगमों में लगाए जा चुके हैं। इन 1900 शिविरों में एक लाख से अधिक मरीजों का स्वास्थ्य जांच कर लाभान्वित किया गया है। रायपुर में सबसे अधिक 575 शिविर में 29 हजार से अधिक मरीज लाभान्वित हुए है और 25 हजार से अधिक मरीजों को दवा का वितरण किया गया है। कोरबा में 179 कैंप में 8488, बिलासपुर में 168 कैंप में 12011, दुर्ग में 159 कैंप में 8497 और राजनांदगांव में 166 शिविर में 7392 मरीज लाभान्वित हुए हैं। खास बात यह भी है कि इन 1900 कैंपों में लगभग 25 हजार मरीजों का लैब टेस्ट भी हुआ है। नगरीय प्रशासन विभाग अंतर्गत मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना झुग्गी इलाकों में रहने वाले गरीब परिवारों के लिए बहुत ही लाभदायक साबित हो रही है।


अन्नदाता भी मतदाता होता है सरकार! - प्रकाशपुंज पांडेय

अन्नदाता भी मतदाता होता है सरकार! - प्रकाशपुंज पांडेय

18-Dec-2020

अन्नदाता भी मतदाता होता है सरकार! - प्रकाशपुंज पांडेय 

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समाजसेवी और राजनीतिक विश्लेषक प्रकाशपुन्ज पाण्डेय ने मीडिया के माध्यम से किसानों के आंदोलन पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि केंद्र की मौजूदा सरकार को ये समझना चाहिए कि हठधर्मिता से देश नहीं चलेगा। आखिर किसानों(जो कि देश के मतदाता भी हैं) ने भी देश के आम चुनावों में मतदान किया है और मौजूदा सरकार को चुनने में अपना योगदान दिया है तो चुनी हुई सरकार की ज़िम्मेदारी भी उनके प्रति बनती है। एक ओर प्रधानमंत्री मीडिया के माध्यम से कहते हैं कि उन्होंने किसानों की आय दोगुनी कर दी है, और दूसरी ओर किसान आंदोलित रहते हैं। आखिर यह कैसे संभव है? 

प्रकाशपुन्ज पाण्डेय कहते हैं कि किसान की आय दोगुनी होने की सच्चाई का खुलासा एक राष्ट्रीय समाचार चैनल द्वारा छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2018 के पूर्व किया जा चुका है, जिसकी सच्चाई पूरे देश ने देखी है। आख़िर आंकड़ों पर खेलकर क्या हासिल होगा? ज़मीन पर कार्य करने से किसानों की समस्याओं का समाधान होगा। मोदी सरकार को समझने की जरूरत है कि ऐसा कानून जिससे किसान ही खुश नहीं है उसे बनाने की जरूरत ही क्या है? कानून तो ऐसा होना चाहिए की जनता से रायशुमारी करके जनता के लिए बनाया जाए, आखिर यह सरकार जनता नहीं तो चुनी है। 

कोरोना वायरस के प्रकोप के बीच लंबे समय से कड़ाके की ठंड में आंदोलित किसानों की क्या स्थिति है और उनकी क्या मांगें हैं ये समझना मोदी सरकार की ज़िम्मेदारी है। आख़िर जो सत्ता में होता है, ज़िम्मेदारी उसी की होती है। किसान केवल तीन आश्वासन चाहते हैं। पहला कि उनका कर्ज़ माफ़ हो जाए। दूसरा उनकी लागत कम हो और तीसरा कि उनकी फसलों का उचित मूल्य उन्हें मिले। इस पर अगर मोदी सरकार निष्कर्ष नहीं निकाल सकती है तो लानत है ऐसी सरकार पर। 

प्रकाशपुन्ज पाण्डेय ने कहा कि जब कानून किसानों के हितों की रक्षा के लिए बनाना है तो किसानों से रायशुमारी करके ही बनाया जाना चाहिए और अगर मोदी सरकार ने ये कानून किसानों के हित में बनाया है तो किसान आंदोलित क्यों हैं? मोदी सरकार को समझना चाहिए फलदार वृक्ष हमेशा झुका हुआ होता है जो जिम्मेदार होता है उसे बहुत ही विनम्र होना पड़ता है। अगर सत्ता के मद में सरकार दंभ और अहंकार के रास्ते पर चलने लगेगी तो सर्वनाश सुनिश्चित है। 

 प्रकाशपुन्ज पाण्डेय, राजनीतिक विश्लेषक, रायपुर, छत्तीसगढ़ 
7987394898, 9111777044


मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल पर किसानों की आय में वृद्धि के लिए एक हजार 36 करोड़ रूपए की चिराग परियोजना को विश्व बैंक ने दी स्वीकृति

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल पर किसानों की आय में वृद्धि के लिए एक हजार 36 करोड़ रूपए की चिराग परियोजना को विश्व बैंक ने दी स्वीकृति

17-Dec-2020

TNIS

बस्तर संभाग के सात जिलों के 13 विकासखण्ड होंगे लाभान्वित

गौठानों को केन्द्र में रखकर किया जाएगा परियोजना का क्रियान्वयन

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल तथा कृषि मंत्री श्री रविन्द्र चौबे की पहल पर राज्य के बस्तर अंचल के आदिवासी किसानों के कृषि विकास तथा उनके पोषण स्तर में सुधार तथा कृषि उपजों के मूल्य संवर्धन द्वारा कृषकों की आय वृद्धि हेतु 1036 करोड़ रूपए की विश्व बैंक सहायतित 6 वर्षीय परियोजना ’चिराग’ को विश्व बैंक वाशिंगटन डी.सी.(यू.एस.) द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई है।

    चिराग परियोजना बस्तर संभाग के 7 जिलों के 13 विकासखण्डों बस्तर, बकावंड, बड़ेराजपुर, माकड़ी, नारायणपुर, दंतेवाड़ा, कटेकल्याण, सुकमा, छिंदगढ़, भैरमगढ़, भोपालपट्नम, चारामा एवं नरहरपुर तथा मुंगेली जिले के मुंगेली विकासखण्ड के 1000 गांवों में क्रियान्वित की जाएगी। योजना का मुख्य उद्देश्य जलवायु परिवर्तन के अनुसार उन्नत कृषि, उत्तम स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से पोषण आहार में सुधार, कृषि एवं अन्य उत्पादों का मूल्य संवर्धन कर कृषकों को अधिक से अधिक लाभ दिलाना है। परियोजना अंतर्गत समन्वित कृषि, भू एवं जल संवर्धन, बाड़ी एवं उद्यान विकास, उन्नत मत्स्य एवं पशुपालन, दुग्ध उत्पादन के अतिरिक्त किसान उत्पादक संगठन (एफ.पी.ओ.) द्वारा कृषकों के उपजों का मूल्य संवर्धन कर कृषकों की आय वृद्धि से संबंधित कार्य सम्पादित किए जाएंगे। परियोजना का क्रियान्वयन गौठानों को केन्द्र में रखकर किया जाएगा। कोविड-19 महामारी के कारण कृषि क्षेत्र में आए अवरोधों एवं कठिनाईयों को ध्यान में रखते हुए आय वृद्धि एवं रोजगार सृजन का उद्देश्य भी परियोजना में सम्मिलित है।


सरकार के दो साल पूरे, प्रभारी मंत्री डॅा. प्रेमसाय सिंह ने बताईं उपलब्धियां

सरकार के दो साल पूरे, प्रभारी मंत्री डॅा. प्रेमसाय सिंह ने बताईं उपलब्धियां

16-Dec-2020

जिला पंचायत सभाकक्ष में हुई पे्रस वार्ता

कोरबा : एक दिन बाद छत्तीसगढ़ में 17 दिसंबर को भूपेश सरकार के दो साल पूरे हो रहे हैं। इस अवसर पर कोरबा जिले के प्रभारी मंत्री डॅा. प्रेमसाय  सिंह टेकाम ने पे्रस वार्ता आयोजित कर दो सालों में राज्य सरकार की उपलब्धियां गिनाई। डॅा. टेकाम ने कहा कि सरकार ने पिछले दो सालों में गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ लक्ष्य को लेकर सभी वर्गों के विकास के लिए अनेकों योजनाएं और कार्यक्रम संचालित किये हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने किसानों से लेकर महिलाओं, बुजुर्गों, वनवासियों, अनुसूचित जाति, जनजाति वर्ग के निवासियों, सभी की बेहतरी के लिए कोविड काल में भी परिणाम देने वाला काम किया है। वैश्विक महामारी के दौर में जहां पूरा विश्व मंदी से जूझ रहा था, छत्तीसगढ़ में सरकार की गांवों और स्थानीय संसाधनों पर आधारित योजनाओं ने मंदी को राज्य में भटकने भी नहीं दिया। मनरेगा के तहत रोजगार के अवसर बढ़े, लोगों को रोजगार मिला, वनोपजों के संग्रहण की दर बढ़ाकर वनवासियों को फायदा पहुंचाया गया तो गोठानों की स्थापना कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती दी गई।

     वादे पूरे करने वाली सरकार- प्रभारी मंत्री ने पे्रस और मीडिया के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की भूपेश सरकार ने जो वादे चुनाव के समय प्रदेश की जनता से किये थे उनमें से अधिकांश वादे पूरे कर दिए गये हैं। सत्ता संभालते ही प्रदेश के 18 लाख किसानों का नौ हजार करोड़ रूपये का अल्पकालीन कृषि ऋण माफ किया गया है। कोरबा जिले में सरकार की कृषि ऋण माफी योजना से 23 हजार किसान लाभान्वित हुए हैं और उनका 118 करोड़ रूपये का कृषि ऋण माफ हो गया है। डॅा. टेकाम ने कहा कि सरकार ने किसानों को एक क्विंटल धान के लिए 25 सौ रूपये मूल्य देने का वादा किया था तो समर्थन मूल्य को छोड़कर राज्य सरकार ने राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत प्रदेश के 19 लाख किसानों को चार किश्तों में पांच हजार 750 करोड़ रूपये की सहायता उपलब्ध कराई है। जिसकी तीन किश्तें चार हजार पांच सौ करोड़ रूपये का भुगतान किया जा चुका है। चैथी किश्त मार्च महिने में मिलेगी। डॅा. टेकाम ने बताया कि कोरबा जिले में 23 हजार 832 किसानों को 67 करोड़ 62 लाख रूपये की राशि इस योजना के तहत मंजूर हुई है। कोरबा जिले के इन किसानों को तीन किश्तों में 53 करोड़ 25 लाख रूपये सीधे बैंक खाते में जमा करा दिया गया है।

दो रूपये किलो में गोबर खरीदने वाली देश की पहली सरकार- डॅा. टेकाम ने पे्रस वार्ता में बताया कि छत्तीसगढ़ में लागू गौधन न्याय योजना से प्रदेश के एक लाख 36 हजार गोबर विके्रता लाभान्वित हो रहे हैं। दो रूपये किलो में गोबर खरीदने वाली यह पहली सरकार है। जिसने गोबर विके्रताओं से अब तक 59 करोड़ रूपये का गोबर खरीद लिया है और उससे वर्मी कम्पोस्ट खाद बनाई जा रही है। डाॅ. टेकाम ने कहा कि इस योजना से जैविक खेती को बढ़ावा मिला है। पशुओं की देखभाल के साथ-साथ खेतों में लगी फसलों की सुरक्षा भी सुनिश्चित हुई है। उन्होंने बताया कि कोरबा जिले में अब तक 12 हजार गोबर विके्रताओं से 97 हजार क्विंटल से अधिक गोबर की खरीदी की जा चुकी है और इसके लिए उन्हें एक करोड़ 95 लाख रूपये से अधिक का भुगतान भी किया जा चुका है।

छत्तीसगढ़ के चार चिन्हांरी नरवा, गरूवा, घुरवा, बाड़ी, एला बचाना हे संगवारी- डॅा. टेकाम ने पे्रस वार्ता में कहा कि पुराने समय से नरवा, गरूवा, घुरवा और बाड़ी छत्तीसगढ़ की पहचान रहे हैं। पिछली सरकारों के दौरान इनके विकास और संरक्षण पर उदासीनता दिखाई गई। कांगे्रस की भूपेश सरकार ने इन चारों पहचानों को बचाने की ठानी और इनके विकास के लिए योजना बनाई। आज छत्तीसगढ़ प्रदेश में 6430 गोठानों को मंजूरी दे दी गई है और उनमें से 4487 गोठान बन भी गये हैं। प्रभारी मंत्री ने बताया कि कोरबा जिले में 356 गोठान मंजूर हुए हैं। 224 गोठान पूरे हो गये हैं और 132 गोठानों का काम तेजी से जारी है। डॅा. टेकाम ने कहा कि गोठानों को ग्रामीण आजीविका और अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए मल्टी एक्टिविटी सेंटर के रूप में विकसित किया जा रहा है। गोठान समितियों और महिला स्वसहायता समूहों की महिलाओं को विभिन्न प्रकार के कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ा जा रहा है। गोठानों में जैविक खाद और वर्मी कम्पोस्ट खाद का उत्पादन तेजी से किया जा रहा है। कोरबा जिले में पहले चरण में 74 गोठानों में महिला स्वसहायता समूहों ने 112 टन वर्मी खाद बनाकर विभिन्न शासकीय विभागों को बेचा है। जिससे उन्हे लगभग 11 लाख रूपये की आमदनी हुई है।

     नरवा विकास के कामों के लिए छत्तीसगढ़ को एवार्ड- डा.ॅ टेकाम ने कहा कि नरवा विकास के लिए किए गये कामों के लिए केंद्र सरकार से भी छत्तीसगढ़ के बिलासपुर और सूरजपुर जिले को नेशनल वाटर एवार्ड से सम्मानित किया गया है। जल संरक्षण और संवर्धन के लिए छोटे-बड़े नालों को पुनर्जिवित करने पूरे प्रदेश में एक हजार 028 नालों का चयन किया गया है। जिन पर ब्रशवुड चेक, गली प्लग निर्माण, लूज बोल्डर चेक, भूमिगत डाईक निर्माण, गेबियन स्ट्रेक्चर, स्टाप डेम चेक डेम, कंटूरबंड निर्माण, वृक्षारोपण जैसे कार्य कराये जा रहे हैं।

      मनरेगा में मिला 27 लाख परिवारों के 57 लाख श्रमिकों को काम- डा.ॅ टेकाम ने कहा कि प्रदेश में इस वर्ष अब तक 27 लाख परिवारों को 57 लाख श्रमिकों को काम मनरेगा के तहत काम मिला है। गांव स्तर पर ही इससे साढ़े दस करोड़ मानव दिवस रोजगार का सृजन, हुआ है और श्रमिकों को 2,305 करोड़ रूपये मजदूरी भुगतान किया गया है। प्रभारी मंत्री ने बताया कि कोरबा जिले में इस वर्ष मनरेगा से अब तक 79 हजार परिवारों के एक लाख 051 हजार श्रमिकों को रोजगार मिला है जिससे 28 लाख 18 हजार मानव दिवस के लिए श्रमिकों को 55 करोड़ 22 लाख 34 हजार रूपये की मजदूरी का भुगतान किया जा चुका है। प्रदेश में इस साल 1.28 लाख परिवारों को 100 दिन का रोजगार मनरेगा के तहत मिला है। कोरबा जिले में इस वर्ष 3731 परिवारों को सौ दिन का रोजगार उपलब्ध कराया गया है। पहली बार प्रदेश में 21 हजार से अधिक वन अधिकार पट्टाधारी परिवारों को 100 दिन से अधिक का रोजगार मनरेगा से मिला है। कोरबा जिले में भी वन अधिकार पट्टाधारी 1406 परिवारों को मनरेगा से एक सौ दिन से अधिक का रोजगार उपलब्ध कराया गया है।

महा नगरों की तर्ज पर बनेगा कोरबा में नया मेडिकल कालेज- प्रभारी मंत्री डा.ॅ टेकाम ने बताया कि कोरबा जिले में नया मेडिकल कालेज अगले सत्र से शुरू हो जायेगा। इस मेडिकल कालेज को महा नगरों के मेडिकल कालेज की तर्ज पर विकसित किया जायेगा। प्रारंभिक तौर पर झगरहा के आईटी कालेज में 100 सीटर मेडिकल कालेज खुलेगा जिसके लिए प्रभारी डीन की नियुक्ति भी सरकार ने कर दी है। केंद्र अंश के रूप में 50 करोड़ रूपये का आबंटन भी प्राप्त हो गया है। इंडियन मेडिकल कौंसिल के निरीक्षण के लिए प्रक्रिया की जा रही है।

राशन कार्ड पर ईलाज की सुविधा देने वाली सरकार- पे्रसवार्ता में डाॅ. टेकाम ने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार की योजना के तहत प्रदेश में राशन कार्ड के आधार पर भी ईलाज की सुविधा मिल रही है। उन्होंने बताया कि संभवतः राशन कार्ड पर ईलाज की सुविधा देने वाली छत्तीसगढ़ की सरकार देश की पहली सरकार है। डॅा. टेकाम ने बताया कि स्मार्ट कार्ड के अलावा एक रूपये किलो चावल प्राप्त करने वाले राशनकार्ड धारकों को सरकार द्वारा एक साल में एक लाख रूपये का ईलाज कराने की मुफ्त सुविधा दी जा रही है। एपीएल राशनकार्ड धारक एक साल में 50 हजार रूपये सीमा तक का ईलाज करा सकेंगे। उन्होंने बताया कि इसके साथ ही राज्य सरकार ने 14 गंभीर बिमारियों के लिए 20 लाख तक के ईलाज की सुविधा देने की योजना भी चलाई है। डाॅ. टेकाम ने यह भी बताया कि पूरे प्रदेश में डॅा. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत शासकीय और निजी अस्पतालों में 65 लाख से अधिक परिवारों के मरीजों को अभी तक निःशुल्क ईलाज की सुविधा दी जा चुकी है। प्रभारी मंत्री ने बताया कि कोरबा जिले में इस योजना क तहत 19 हजार से अधिक मरीजों का निःशुल्क ईलाज किया जा चुका है। जिससे मरीजों को 15 करोड़ रूपये से अधिक के ईलाज खर्च का भार वहन नहीं करना पड़ा है। प्रभारी मंत्री ने बताया कि कोरबा जिले में मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना के तहत जिले में 08 चलित अस्पतालों के माध्यम से अब तक साढ़े चार हजार से अधिक गरीब मरीजों का निःशुल्क ईलाज किया जा चुका है। जल्द ही दाई-दीदी क्लिनिक योजना के माध्यम से महिला चिकित्सकों द्वारा महिलाओं की स्वास्थ्य जांच और निःशुल्क ईलाज की सुविधा की शुरूआत की जायेगी।

कुपोषण हुआ कम, महिलाएं जुड़ीं रोजगार से - प्रभारी मंत्री ने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में  कोरबा जिले में कुपोषण में लगभग 06 प्रतिशत की कमी। वर्ष 2019 में कुपोषण का स्तर 22.42 प्रतिशत था जो वर्तमान में 16.10 प्रतिशत है। प्रदेश में सुदूर ग्रामीण अंचलों के गरीब परिवारों की 06 लाख 12 हजार महिलाओं को विहान मिशन के तहत 55 हजार 814 स्वसहायता समूहों के माध्यम से विभिन्न रोजगार मूलक गतिविधियों से जोड़ा गया है। कोरबा जिले में सुदूर ग्रामीण अंचलों के गरीब परिवारों की एक लाख एक हजार से अधिक महिलाओं को विहान मिशन के तहत नौ हजार 408 स्वसहायता समूहों के माध्यम से विभिन्न रोजगार मूलक गतिविधियों से जोड़ा गया है। जिले में पिछले दो वर्ष में 2272 महिला स्वसहायता समूहों को रोजगार के लिए शासकीय अनुदान के रूप में लगभग साढ़े आठ करोड़ रूपये की सहायता दी गई है। प्रदेश में लाॅकडाउन के दौरान सुपोषण अभियान के तहत नियमित रूप से तीन लाख 34 हजार हितग्राहियों को सूखा राशन का वितरण और 02 लाख 36 हजार बच्चों और महिलाओं को अन्य पौष्टिक आहार दिया गया है। कोरबा जिले में कोरोना संक्रमण के दौरान लाॅकडाउन की अवधि में मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के तहत नियमित रूप से 52 हजार 922 हितग्राहियों को सूखा राशन वितरण किया गया है। प्रभारी मंत्री ने बताया कि कोरबा जिले के 2539 आंगनबाड़ी केंद्रों के लगभग एक लाख 17 हजार 112 हितग्राहियों को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के माध्यम से रेडी टू ईट का वितरण किया गया। प्रदेश में पिछले 02 वर्षों में 77 हजार बच्चे कुपोषण से मुक्त हुए। कोरबा जिले में दो वर्षों में पांच हजार 705 बच्चे कुपोषण मुक्त हुए। मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के तहत जिले में संचालित प्रबल कार्यक्रम से एक से 06 वर्ष तक के 94 हजार 669 बच्चों को अतिरिक्त पोषण आहार के रूप में अण्डा, मूंगफली लड्डू, चिक्की और गरम पौष्टिक भोजन दिया गया है। सुपोषित जननी योजना के तहत 21 हजार 115 शिशुवती एवं गर्भवती माताओं को अतिरिक्त पोषण आहार प्राप्त कर रहीं है।

कोरबा जिले में खुले तीन इंग्लिस मिडियम स्कूल, अब कोई कर्मी नहीं- प्रभारी मंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ में अब कोई शिक्षा कर्मी नहीं हैं। सभी पढ़ाने वालों को शिक्षक का पूर्ण दर्जा इस सरकार ने दे दिया है। पूर्व सरकार के द्वारा भर्ती शिक्षा कर्मियों को संविलियन कर शिक्षक बना दिया गया है। इसके साथ ही नियमित शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। उन्होंने बताया कि गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के बच्चों को अंगे्रजी माध्यम की अच्छी शिक्षा देने के लिए सरकार ने स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल योजना के तहत 53 उत्कृष्ट अंगे्रजी माॅडल स्कूलों का संचालन शुरू कर दिया है। अगले साल ऐसे 100 नये स्कूल खुलेंगे। उन्होंने बताया कि कोरबा जिले में तीन नये स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मिडियम स्कूल कोरबा, हरदीबाजार और पाली में शुरू किये गये हैं। जिले में सात नये विद्यालय करतला, कटघोरा, छुरी, दीपका, एनसीडीसी कोरबा, पोड़ीउपरोड़ा और अंधरीकछार में खोलने शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। प्रदेश में 14 हजार 580 नियमित शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया जारी है। कोरबा जिले में 230 नियमित शिक्षक भर्ती होंगे। प्रदेश में विगत दो वर्षों में 16 हजार 278 शिक्षा कर्मियों का संविलियन किया गया है। कोरबा जिले में 697 शिक्षा कर्मियों का संविलियन हो गया है।

कोरोना काॅल में भी नहीं छुटी पढ़ाई- पे्रस वार्ता में प्रभारी मंत्री डॅा. टेकाम ने बताया कि कोरोना संक्रमण के कारण स्कूलों का नियमित संचालन संभव नहीं था। फिर भी बच्चों की पढ़ाई जारी रखने के लिए राज्य सरकार ने आॅनलाईन पढ़ाई के साथ-साथ पढ़ाई के अन्य तरीकों को भी आजमाया। कोरोना संक्रमण काल के दौरान पढ़ाई तुंहर द्वार कार्यक्रम के माध्यम से लगभग 88 हजार विद्यार्थियों एवं 2400 शिक्षकों द्वारा आॅनलाईन कक्षाओं में अध्ययन अध्यापन किया गया। गांवों में लाउडस्पीकर के माध्यम से पढ़ाई का इंतजाम कर लगभग 400 शिक्षकों द्वारा साढ़े 13 हजार से अधिक विद्यार्थियों को पढ़ाया गया। ब्लूटूथ आधारित बोल्टू के बोल कार्यक्रम के माध्यम से लगभग साढ़े तीन सौ शिक्षकों ने जिले के 06 हजार विद्यार्थियों को पढ़ने में सहयोग किया। 


मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कोरिया जिले को दी 212 करोड़ रूपए की लागत के 210 कार्याें की सौगात

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कोरिया जिले को दी 212 करोड़ रूपए की लागत के 210 कार्याें की सौगात

12-Dec-2020

कृषि महाविद्यालय भवन, बैकुण्ठपुर में नवनिर्मित पॉलिटेक्निक भवन, चिरमिरी के शासकीय अंग्रेजी माध्यम स्कूल भवन का किया लोकार्पण

क्रेडा द्वारा 24.96 करोड़ की लागत से कराए गए सोलर पम्प और सोलर हाईमास्ट लाइट स्थापना के कार्याें सहित विद्युत उपकेन्द्र बहरासी का भी लोकार्पण

लगभग 107 करोड़ रूपए लागत की 15 सड़कों, बैकुण्ठपुर में बनने वाली वायरोलॉजी लैब, बुधरा नदी पर उच्च स्तरीय पुल का भूमिपूजन

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज कोरिया जिले के प्रवास के दौरान जिला मुख्यालय बैकुण्ठपुर के निकट कृषि महाविद्यालय चेरवापारा में आयोजित कार्यक्रम में जिले को लगभग 212 करोड़ 35 लाख रूपए के विकास कार्याें की सौगात दी। श्री बघेल इनमें से 68 करोड़ 21 लाख रूपए की लागत के 80 निर्माण कार्याें का लोकार्पण और 114 करोड़ 13 लाख रूपए की लागत के 130 कार्याें का भूमि-पूजन और शिलान्यास किया।

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कोरिया जिले को दी 212 करोड़ रूपए की लागत के 210 कार्याें की सौगात

    इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ चरणदास महंत, कृषि मंत्री श्री रविन्द्र चौबे, नगरीय प्रशासन मंत्री एवं कोरिया जिले के प्रभारी मंत्री डॉ शिव कुमार डहरिया और आदिम जाति विकास एवं स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ प्रेमसाय सिंह टेकाम, खाद्य मंत्री श्री अमरजीत भगत, भरतपुर-सोनहत विधायक श्री गुलाब कमरो, बैकुंठपुर विधायक श्रीमती अम्बिका सिंहदेव, मनेंद्रगढ़ विधायक श्री विनय जायसवाल, चिरमिरी की महापौर श्रीमती कंचन जायसवाल भी उपस्थित थीं।

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    मुख्यमंत्री ने लगभग 68 करोड़ 21 लाख रूपए की लागत के जिन 80 कार्याें का लोकार्पण किया, उनमें लगभग 9 करोड़ रूपए की लागत से बैकुण्ठपुर में निर्मित नया पॉलिटेक्निक भवन, 4 करोड़ 55 लाख रूपए की लागत से चिरमिरी में शासकीय अंग्रेजी माध्यम स्कूल भवन, बैकुण्ठपुर में लगभग 5 करोड़ 9 लाख रूपए की लागत से अधिकारियों-कर्मचारियों हेतु निर्मित 44 भवन, मनेन्द्रगढ़ में लगभग 5 करोड़ 9 लाख रूपए की लागत से निर्मित 44 भवन, लगभग 4 करोड़ 16 लाख रूपए की लागत से नवनिर्मित कृषि महाविद्यालय चेरूवापारा का भवन, 3 करोड़ 32 लाख रूपए की लागत से निर्मित 2 बालक छात्रावास के भवन का लोकार्पण किया। श्री बघेल ने क्रेडा द्वारा लगभग 24 करोड़ 96 लाख रूपए की लागत से सिंचाई और पेयजल व्यवस्था हेतु सोलर पम्प की स्थापना, सोलर हाईमास्ट लाइट की स्थापना के कुल 10 कार्य का भी लोकार्पण किया, इनमें से भरतपुर-सोनहट में 14 करोड़ 53 लाख रूपए की लागत से सिंचाई हेतु सौर सुजला योजना के अंतर्गत 718 नग सोलर पम्प की स्थापना, भरतपुर सोनहट में ही पेयजल व्यवस्था हेतु 2 करोड़ 31 लाख रूपए की लागत से 53 सोलर ड्यूल पम्प स्थापना, 3 करोड़ 45 लाख रूपए की लागत से भरतपुर-सोनहट में प्रकाश व्यवस्था हेतु 81 सोलर हाईमास्ट लाइट स्थापना, 18 लाख रूपए की लागत से भरतपुर-सोनहट में पेयजल व्यवस्था हेतु 3 आयरन शुद्धिकरण संयंत्र की स्थापना, 2 करोड़ 24 लाख रूपए की लागत से मनेन्द्रगढ़ में सौर सुजला योजना के अंतर्गत 118 सोलर पम्प की स्थापना, 89 लाख रूपए की लागत से बैकुण्ठपुर क्षेत्र में 134 सोलर पम्प की स्थापना और भरतपुर-सोनहट क्षेत्र के बहरासी में 1 करोड़ 57 लाख रूपए की लागत से निर्मित 33/11 के.व्ही. क्षमता के विद्युत उपकेन्द्र शामिल है।

मुख्यमंत्री श्री बघेल कार्यक्रम में जिन कार्याें का भूमिपूजन किया, उनमें 18 करोड़ 19 लाख रूपए की लागत से देवाडाड़-पेन्ड्री व्हाया मंगोरा मार्ग पर बुधरा नदी पर बनने वाला उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 107 करोड़ 72 लाख रूपए की लागत से बनने वाली 15 सड़कें शामिल हैं। इन सड़कों में 15 करोड़ 7 लाख रूपए की लागत से बनने वाली बैकुण्ठपुर-जुनापारा-कुडेली व्हाया आमापारा, चारपारास, सत्तीपारा सड़क, 14 करोड़ 9 लाख रूपए लागत की पिपरिया सड़क-नागपुर रेल्वे स्टेशन-सिरियाखोह-चिरईपानी सड़क, 12 करोड़ 24 लाख रूपए लागत की पेन्ड्री-महाई व्हाया लोहारी सड़क, 11 करोड़ 52 लाख रूपए लागत की खाडा-एन.एच. रनई व्हाया अमहर-चिरगुडा-तेन्दुआ सड़क, 11 करोड़ 30 लाख रूपए की लागत कोथारी-पाराडोल रेल्वे स्टेशन व्हाया पारसगढ़ी सड़क शामिल हैं। मुख्यमंत्री 2 करोड़ 50 लाख रूपए की लागत से बैकुण्ठपुर में बनने वाली वायरोलॉजी लैब शामिल है।


अमर शहीद वीर नारायण सिंह का बलिदान युगों-युगों तक किया जाएगा याद: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

अमर शहीद वीर नारायण सिंह का बलिदान युगों-युगों तक किया जाएगा याद: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

10-Dec-2020

मुख्यमंत्री ने शहादत दिवस पर शहीद वीर नारायण सिंह को किया नमन

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी अमर शहीद वीरनारायण सिंह के 10 दिसम्बर को शहादत दिवस पर उन्हें नमन किया है। श्री बघेल ने कहा है कि भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के गौरवशाली इतिहास में छत्तीसगढ़ के वीर सपूत शहीद वीर नारायण सिंह के बलिदान को हमेशा याद किया जाएगा।

    श्री बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ महतारी के सच्चे सपूत वीर नारायण सिंह ने सन् 1857 में देश के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम आंदोलन में छत्तीसगढ़ की जनता में देश भक्ति का की भावना का संचार किया। सन् 1856 के भयानक अकाल के दौरान गरीबों को भूख से बचाने के लिए उन्होंने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ कठिन संघर्ष किया और अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। शहीद वीर नारायण सिंह के देश की आजादी तथा मातृभूमि के प्रति समर्पण, बलिदान को हमेशा याद किया जाएगा।


सहकारी सोसाइटीयों छत्तीसगढ़ राज्य सरकार द्वारा पुनर्गठन योजना 2019 के याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई

सहकारी सोसाइटीयों छत्तीसगढ़ राज्य सरकार द्वारा पुनर्गठन योजना 2019 के याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई

05-Dec-2020

सहकारी सोसाइटीयो के राज्य सरकार द्वारा पुनर्गठन योजना 2019 के याचिका पर माननीय उच्च न्यायलय में सुनवाई।  

रायपुर : माननीय उच्च न्यायलय में शुक्रवार को विभिन्न सहकारी सोसाइटीयो द्वारा याचिका प्रस्तुत की गई जिसकी सुनवाई  जस्टिस गौतम भादुड़ी की एकल पीठ में हुई। मामले में माननीय उच्च न्यायलय ने राज्य सरकार को तीन हफ्तों का वक़्त दिया गया है। और साथ मैं यह भी कहा है की सरकार जो भी नयी सहकारी सोसाइटी को पुनर्गठित करेगी वह इस याचिका के फैसले अध्याधीन होगी। 

राज्य सरकार द्वारा दिनांक 25.07.2019 को धारा 16  (ग) छत्तीसगढ़ सहकारी सोसाइटी अधिनियम 1960 , के तहत सहकारी सोसाइटी के पुनर्गठन हेतु एक योजना ' प्रदेश के प्राथमिक कृषि साख-सहकारी सोसाइटीयो के पुनर्घटन योजना 2019' , जिसके कंडिका 8 के अनुसार सोसाइटीयो को संचालित करने के सारे अधिकार उप/सहायक  रजिस्ट्रार को दिए गए थे। उसके बाद शासन की उक्त कंडिका से व्यथित होकर कुछ सहकारी सोसाइटीयो द्वारा माननीय उच्च न्यायलय में  याचिका दायर की गई थी। सुनवाई पक्ष्चात माननीय  उच्च न्यायालय द्वारा कंडिका 8 को अवैधानिक घोषित करते हुए संस्थाओ की याचिकाओं को स्वीकृत कर लिया था।  दिनांक 07.03.2020 को राज्य सरकार द्वारा पुनः एक नयी संशोधित योजना सहकारी सोसाइटीयो  को पुनर्गठित करने के लिए जारी की गई।

  उक्त योजना में कंडिका 8 को विलोपित करते हुए कंडिका 5 में भी सहकारी सोसाइटीयो को पुनर्गठित करने हेतु नयी प्रक्रिया जोड़ी गई परन्तु  कंडिका 5 में निर्धारित योजना के अनुसार कार्यवाही न करते हुए राज्य सरकार द्वारा मनमाने तरीके से जिला महासमुंद में सहकारी सोसाइटीयो का  पुनर्गठन किया गया जिसके फलस्वरुप कुछ सहकारी सोसाइटीयो द्वारा माननीय उच्च न्यायलय में विभिन्न याचिकाए दायर की गई जिनकी पैरवी शर्मीला सिंघई अधिवक्ता के द्वारा की गई। माननीय उच्च न्यायालय द्वारा याचिकाकर्ताओं  के अधिवक्ता के तर्कों पर विचार करते हुए कोर्ट ने राज्य सरकार को तीन हफ्ते का समय जवाब प्रस्तुत करने हेतु दिया है और साथ में यह भी निर्देश दिया की सरकार जो भी नयी सहकारी सोसाइटी को पुनर्गठित करेगी वह इस याचिका के फैसले अध्याधीन होगी।


जशपुर में मुखिया का आगमन, खोला विकास का पिटारा, जिले को दी 792 करोड़ रूपए के 196 विकास कार्याें की सौगात

जशपुर में मुखिया का आगमन, खोला विकास का पिटारा, जिले को दी 792 करोड़ रूपए के 196 विकास कार्याें की सौगात

04-Dec-2020

656 करोड़ रूपए की लागत के 94 कार्याें का किया भूमिपूजन: 137 करोड़ रूपए की लागत के 102 कार्याें का लोकार्पण

जशपुर जिले में 568.80 करोड़ रूपए की लागत से बनने
वाली 64 सड़कों का भूमि पूजन

लगभग 62.68 करोेड़ रूपए की लागत से पूर्ण किए गए सोलर सिंचाई पम्पों, सोलर होम लाईट और सोलर प्लांट स्थापना के पूर्ण हो चुके कार्याें का लोकार्पण

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने जशपुर जिले को दी 792 करोड़ रूपए के 196 विकास कार्याें की सौगात

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज जिला मुख्यालय  जशपुर के रणजीता स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में जिले को 792 करोड़ रूपए 86 लाख रूपए की लागत के 196 विभिन्न विकास कार्याें की सौगात दी। मुख्यमंत्री ने इनमें से 655 करोड़ 77 लाख रूपए की लागत के 94 कार्याें का भूमिपूजन और 137 करोड़ रूपए की लागत के 102 कार्याें का लोकार्पण किया। इस अवसर पर खाद्य मंत्री श्री अमरजीत भगत, उच्च शिक्षा मंत्री श्री उमेश पटेल, मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री लालजीत सिंह राठिया, अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष श्रीमती उत्तरी गनपत जांगड़े, छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष श्री गिरीश देवांगन, विधायक जशपुर श्री विनय भगत, रायगढ विधायक श्री प्रकाश नायक, लैलूंगा विधायक श्री चक्रधर सिदार सहित अनेक जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में प्रबुद्व नागरिक उपस्थित थे।

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    मुख्यमंत्री ने जशपुर जिले में 568 करोड़ 80 लाख रूपए की लागत से बनने वाली 64 सड़कों के लिए भूमि पूजन किया। इन कार्याें में से लोक निर्माण विभाग द्वारा 359 करोड़ 63 लाख रूपए की लागत से बनाई जाने वाली 32 सड़कों के कार्य, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत 205 करोड़ 65 लाख रूपए की लागत से बनने वाली 28 सड़कें और मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत 3 करोड़ 52 लाख रूपए की लागत से बनने वाली 4 सड़कें शामिल हैं। इनमें से अनेक सड़कों पर पुल-पुलियों के निर्माण के कार्य भी किए जाएंगे। इन कार्याें के पूर्ण होने से जशपुर जिले के ग्रामीण अंचलों में लोगों को आवागमन की बेहतर सुविधा मिल सकेगी। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में 38 करोड़ 28 लाख रूपए की लागत से पूर्ण हो चुके सड़कों के 40 कार्याें का लोकार्पण भी किया।
मुख्यमंत्री ने वनांचल के इस जिले में क्रेडा द्वारा लगभग 62 करोड़ 68 लाख रूपए की लागत से पूर्ण किए गए सोलर सिंचाई पम्पों, सोलर होम लाईट और सोलर प्लांट स्थापना के पूर्ण हो चुके कार्याें का लोकार्पण किया। इन कार्याें में सौर सुजला योजना के अंतर्गत 47 करोड़ 85 लाख रूपए की लागत से स्थापित किए गए 1927 सोलर सिंचाई पम्प स्थापना के कार्य, 2 करोड़ 9 लाख रूपए की लागत से गौठानों और चारागाहों में पेयजल के लिए स्थापित 74 सौर सिंचाई पम्पों, 6 करोड़ 29 लाख रूपए की लागत से पेयजल के लिए स्थापित किए गए 110 सोलर ड्यूल पम्प, 5 करोड़ 30 लाख रूपए की लागत से लगाई गई 1301 सोलर होम लाईट और 1 करोड़ 15 लाख रूपए की लागत से जशुपर बगीचा और पत्थलगांव के न्यायालय एवं व्यवहार न्यायालय में स्थापित किए गए 4 सोलर पॉवर प्लांट स्थापना का कार्य शामिल है।

श्री बघेल ने जशपुर जिले में 28.60 करोड़ रूपए की लागत से सौर सुजला योजना के अंतर्गत 1 हजार सौर सिंचाई पम्पों की स्थापना के कार्य, 4.96 करोड़ रूपए की लागत से गौठानों और चारागाहों में पेयजल हेतु स्थापित किए जाने वाले 150 सौर सिंचाई पम्पों, 6.66 करोड़ रूपए की लागत से जल जीवन मिशन के अंतर्गत 45 सोलर ड्यूल पम्प और टंकी स्थापना के कार्याें का भूमिपूजन भी किया।   

श्री बघेल ने जिन कार्याें का भूमिपूजन किया उनमें जशपुर जिले के कुनकुरी क्षेत्र के 217 करोड़ 41 लाख रूपए की लागत के 23 विकास कार्य, पत्थलगांव क्षेत्र के 164 करोड़ 41 लाख रूपए की लागत के 23 कार्याें तथा जशपुर क्षेत्र के 273 करोड़ 95 लाख रूपए की लागत के 48 कार्यों शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने जशपुर में जिन कार्याें का भूमिपूजन किया उनमें 83.45 करोड़ रूपए की लागत से 29.40 किलोमीटर लम्बे कुनकुरी-तपकरा मार्ग के उन्नयन कार्य, 75 करोड़ रूपए की लागत से 26.60 किलोमीटर लम्बे बगीचा-कामारिमा-सन्ना मार्ग का उन्नयन एवं नवीनीकरण कार्य, 28.06 करोड़ रूपए की लागत से 10 किलोमीटर लम्बे चराईडाड़-बगीचा मार्ग का उन्नयन कार्य, 15.16 करोड रूपए की लागत से 7 किलोमीटर लम्बे बटईकेला-समदुरा मार्ग निर्माण कार्य, 14.44 करोड़ रूपए की लागत से 9.20 किलोमीटर लम्बे लुड़ेग-तपकरा-लवाकेरा मार्ग का उन्नयन एवं नवीनीकरण कार्य, 14.97 करोड़ रूपए की लागत से 21 किलोमीटर लम्बे महादेवडांड से बिमड़ा मार्ग निर्माण, 8.92 करोड़ रूपए की लागत से ईब एनीकट योजना, जशपुर क्षेत्र में 18.27 करोड़ रूपए की लागत से 10 किलोमीटर लम्बे जशपुर-आस्ता-कुसमी मार्ग का उन्नयन एवं नवीनीकरण के कार्याें शामिल हैं।  

 इसी प्रकार मुख्यमंत्री ने 137.09 करोड़ रूपए की लागत के जिन 102 कार्याें का लोकार्पण किया, उनमें कुनकुरी क्षेत्र में पूर्ण किए गए 33 करोड़ 12 लाख रूपए की लागत के 25 कार्य, पत्थलगांव में 9 करोड़ 43 लाख रूपए के 19 कार्य और जशपुर के 94  करोड़ 54 लाख रूपए की लागत के 58 कार्य शामिल हैं। मुख्यमंत्री श्री बघेल आदिमजाति कल्याण विभाग द्वारा 12 करोड़ की लागत से पूर्ण किए गए 7 कार्याें, लोक निर्माण विभाग द्वारा 33 करोड़ 13 लाख रूपए की लागत से पूर्ण किए गए 15 कार्याें, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत 20 करोड़ 78 लाख रूपए की लागत से पूर्ण किए गए सड़क निर्माण के 33 कार्याें, मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत 45 लाख रूपए की लागत से पूर्ण किए गए 2 कार्याें, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल द्वारा 14 करोड़ 64 लाख रूपए की लागत से पूर्ण किए 3 कार्याें, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा 01 करोड़ 63 लाख रूपए की लागत से 29 स्कूलों में रनिंग वाटर पेयजल व्यवस्था सहित 2 नल-जल प्रदाय योजनाओं का लोकार्पण भी किया।


मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की एक ओर संवेदनशील पहल : सुदुर अंचल के छात्रों को निजी मेडिकल काॅलेजों में सरकार कराएगी प्रवेश

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की एक ओर संवेदनशील पहल : सुदुर अंचल के छात्रों को निजी मेडिकल काॅलेजों में सरकार कराएगी प्रवेश

02-Dec-2020

नीट क्वालिफाई बच्चे जो नेटवर्क प्राब्लम के चलते काउंसिलिंग के लिए तय समय पर नही करा सके थे अपना पंजीयन

इन होनहार बच्चों का अब सरकार संवारेगी भविष्य

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रायपुर : मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने एक ओर संवेदनशील पहल करते हुए प्रदेश के सुदुर अंचल जहां नेटवर्क और अन्य तकनीकी कारणों से नीट क्वालिफाई होनहार छात्र-छात्राएं जो काउंसलिंग के लिए निर्धारित समय पर अपना पंजीयन नही करा सके थे उन्हें अब प्रदेश के निजी काॅलेजों में पेमेंट सीट पर प्रवेश दिलाने के निर्देश दिए है। इन होनहार बच्चों का भविष्य अब सरकार संवारेगी। छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के बाद यह पहली बार है कि एमबीबीएस के लिए निजी काॅलेजों के पेमेंट सीट में बच्चों को राज्य सरकार के खर्च पर दाखिला दिलाया जाएगा।

     मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा है कि किसी भी बच्चे के भविष्य के साथ कोई समझौता नही होना चाहिए। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने प्रदेश के दूरस्थ आदिवासी अंचलों के ऐसे सभी होनहार बच्चों के एमबीबीएस मेें दाखिला के लिए जिला प्रशासन को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के संज्ञान में जैसे ही यह बात आयी कि दंतेवाड़ा जिले के 27 होनहार छात्र-छात्राएं जिन्होंने नीट क्वालिफाई किया है परन्तु नेटवर्क प्राब्लम के चलते प्रथम काउंसलिंग में उनका रजिस्ट्रेशन नहीं हो सका था। इस सम्बन्ध में जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन द्वारा अपने स्तर पर पंजीयन कराने का प्रयास किया गया और राष्ट्रीय स्तर पर द्वितीय काउंसलिंग पूर्व इनका रजिस्ट्रेशन कराया गया परंतु ये छात्र चयन से वंचित रह गए । राज्य में पंजीयन हेतु द्वितीय अवसर नहीं होने से उनका पंजीयन नहीं कराया जा सका । प्रथम काउंसलिंग के पश्चात इसमें दो छात्रा कुमारी पदमा मडे और पीयूषा बेक एमबीबीएस में प्रवेश की पात्रता रखती हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद कलेक्टर दंतेवाड़ा द्वारा इन छात्राओं का प्रदेश के निजी काॅलेजों में दाखिला की कार्यवाही की जा रही है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आगे भी यदि इनमें से कोई छात्र कटअप के बाद प्रवेश के लिए पात्र पाया जाता है तो उन्हें भी निजी काॅलेजों की पेमेंट सीट पर दाखिला दिलाया जाएगा और इसका खर्च राज्य सरकार वहन करेगी।

 


विश्व एड्स दिवस पर विशेष  जागरुकता से बचाव संभव

विश्व एड्स दिवस पर विशेष जागरुकता से बचाव संभव

01-Dec-2020

‘’वैश्विक एकजुटता साझा जिम्मेदारी’’ की थीम पर मनाया जायेगा विश्व एड्स दिवस

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रायपुर 

विश्व एड्स दिवस हर साल 1 दिसंबर को मनाया जाता है। इस वर्ष इसकी थीम``वैश्विक एकजुटता साझा जिम्मेदारी’’ है कोरोना सक्रमण काल में डिजिटल माध्य्म का उपयोग करते हुए एड्स जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा ।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मीरा बघेल ने बताया, एचआईवी एक प्रकार के जानलेवा इंफेक्शन से होने वाली गंभीर बीमारी है जिसे मेडिकल भाषा में ह्यूमन इम्यूनोडेफिशिएंसी वायरस यानि एचआईवी के नाम से जाना जाता है । जबकि लोग इसे आम बोलचाल में एड्स यानि एक्वायर्ड इम्यून डेफिशिएंसी सिंड्रोम के नाम से भी जानते हैं। इस रोग में जानलेवा इंफेक्शन व्यक्ति के शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यून सिस्टम) पर हमला करता है जिसकी वजह से शरीर सामान्य बीमारियों से लड़ने में भी अक्षम होने लगता है। इस बीमारी का कोई इलाज़ नहीं है लेकिनजागरुकता से इस बीमारी से बचाव संभव है। 

डॉ. बघेल ने वर्ल्ड एड्स डे के उद्देश्य  के बारे में कहा एचआईवी संक्रमण की वजह से होने वाली यह बीमारी हर उम्र के लोगों में हो सकती है जागरूकता बढ़ाना ही इसका बचाव है।एड्स वर्तमान युग की सबसे बड़ी स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है।

डॉ.बघेल ने कहा विश्व में प्रत्येक वर्ष एचआईवी संक्रमण के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए 1 दिसंबर को वर्ल्ड एड्स डे (World AIDS Day) यानि विश्व एड्स दिवस  मनाया जाता है। सबसे पहले विश्व एड्स दिवस को वैश्विक स्तर पर मनाने की शुरूआत  वल्ड हेल्थ आर्गनाईज़ेशन में एड्स की जागरुकता अभियान से जुड़े जेम्स डब्ल्यू बुन और थॉमस नेटर नाम के दो व्यक्तियों ने अगस्त 1987 में की थी।

डॉ. बघेल ने बताया शुरुआती दौर में विश्व एड्स दिवस को सिर्फ बच्चों और युवाओं से ही जोड़कर देखा जाता था जबकि एचआईवी संक्रमण किसी भी उम्र के व्यक्ति को प्रभावित कर सकता है। साल 1996 में एचआईवी/ एड्स पर संयुक्त राष्ट्र ने वैश्विक स्तर पर इसके व्यापक प्रचार और प्रसार का काम किया ।वर्ष 1997 में विश्व एड्स अभियान के तहत संचार, रोकथाम और शिक्षा पर काफी काम किया। 

एचआईवी क्या है।

एचआईवी यानी ह्यूमन इम्यूनोडेफिशियंसी वायरस हमारे इम्यून सिस्टम पर असर डालता है। इसके कारण शरीर किसी अन्य रोग के संक्रमण को रोकने की क्षमता खोने लगता है। वहीं एड्स एचआईवी संक्रमण का अगला चरण माना जाता है। शरीर का बैक्टीरिया वायरस से मुकाबला करने की क्षमता खोने लगता है। जिससे शरीर बीमारियों की चपेट में आने लगता है। शरीर प्रतिरोधक क्षमता आठ-दस सालों में ही न्यूनतम हो जाती है। इस स्थिति को ही एड्स कहा जाता है।

इन वजहों से होता है एड्स ।

संक्रमित खून चढ़ाने से ,HIV पॉजिटिव महिला से उसके बच्चे को,एक बार इस्तेमाल की जानी वाली सुई को दूसरी बार यूज करने से,इन्फेक्टेड ब्लेड यूज करने से

एचआईवी/एड्स होने के लक्षण में प्रमुख रूप से  बुखार, पसीना आना, ठंड लगना, थकान, भूख कम लगना, वजन घटा, उल्टी आना, गले में खराश रहना, दस्त होना, खांसी होना, सांस लेने में समस्या, शरीर पर चकत्ते होना, स्किन प्रॉब्लम आदि है।

एनएफएचएस- 4 के आंकड़ों

एनएफएचएस- 4 के आंकड़ों के अनुसार छत्तीसगढ़ में एड्स जागरूकता के मामले मे 81% से अधिक महिलाओं ने एचआईवी एड्स के बारे में सुना है जिसमें से 93%शहरी क्षेत्र जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में 70% महिलाएं इस बारे में जानती हैं।

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हमारा लक्ष्य, गांधी का राम-राज : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

हमारा लक्ष्य, गांधी का राम-राज : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

30-Nov-2020

समानता, प्रेम, भाईचारा और भयमुक्त समाज की स्थापना के लिए काम कर रहे :मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

समानता, प्रेम, भाईचारा और भयमुक्त समाज की स्थापना के लिए काम कर रहे

भगवान राम से जुड़े शिवरीनारायण का एक अच्छे पर्यटन तीर्थ 
के रूप में किया जाएगा विकास
 
शिवरीनारायण में 30 बिस्तर अस्पताल शुरु करने और तीन दिवसीय मानस महोत्सव 
के आयोजन की घोषणा

मुख्यमंत्री ने 36 करोड़ रूपए के प्रस्तावित कार्यों के मॉडल का किया अवलोकन

भगवान राम, लक्ष्मण और माता शबरी की प्रतिमा का अनावरण

शिवरीनारायण मानस महोत्सव में शामिल हुए मुख्यमंत्री

रायपुर : छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि उनकी सरकार राज्य में उस राम-राज्य की स्थापना के लिए काम कर रही है, जिसकी बात महात्मा गांधी किया करते थे। उन्होंने कहा- असली रामराज वह है जहां समानता, प्रेम और भाईचारा हो, किसी के भीतर किसी भी तरह का भय न हो, जहां शेर और बकरी एक घाट में पानी पी सकें।

    श्री बघेल ने आज जाजंगीर-चांपा जिले के शिवरीनारायण में आयोजित मानस महोत्सव में उक्त बातें कही। यह महोत्सव शिवरीनारायण-मठ की ओर से आयोजित किया गया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में हमेशा करुणामय भगवान श्री राम की पूजा करने की परंपरा रही है। हम उन्हें साकार और निराकार दोनों रूपों में पूजते हैं। गोस्वामी तुलसी दास ने जहां उनके साकार स्वरूप को जन-जन तक पहुंचाया, वहीं संत कबीर ने राम के निर्गुण रूप की उपासना की। छत्तीसगढ़ का रामनामी समुदाय अपने शरीर पर राम नाम का गोदना अंकित करके उनके निर्गुण रूप की आराधना करता है।

    श्री बघेल ने कहा महात्मा गांधी के रामराज के सपने को साकार करने के लिए राज्य शासन ने सुराजी गांव योजना शुरु की है। जब हर वर्ग के बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक को यह महसूस होगा कि प्रदेश में उसकी सरकार है, तभी रामराज का सपना साकार होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि गोधन न्याय योजना के माध्यम से असली गो-सेवा तो हमारी सरकार कर रही है। पूरी दुनिया में यह पहली बार हो रहा है कि कोई सरकार किसानों से गोबर खरीद रही है। उन्होंने कहा- हम किसानों से 2 रुपए किलो में गोबर खरीद कर उससे जैविक खाद तैयार कर रहे हैं, जिसका विक्रय 8 रुपए किलो की दर से किया जा रहा है। जब पशुपालकों को गोबर की भी कीमत मिलने लगेगी तब वह अपने हर पशु के चारे की चिंता करेगा, चाहे उनसे दूध न भी मिलता हो। वह अपने पशुओं को घर पर ही बांधकर रखना चाहेगा। गोबरों की खरीद राज्य के 3926 गोठानों के माध्यम से की जा रही है, पूरे प्रदेश में 6430 से अधिक गोठानों का निर्माण किया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ किसानों का प्रदेश है, इसीलिए कोरोनाकाल की आर्थिक चुनौतियों के बावजूद यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसानों को उनकी उपज की सही कीमत मिले। हमने किसानों से 2500 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी का वादा किया था, सरकार बनने के बाद हमने उसे पूरा किया। हमने राजीव गांधी किसान न्याय योजना शुरु की, जिसके माध्यम से 10 हजार रुपए प्रति एकड़ की दर से किसानों को 5750 करोड़ रूपए आदान सहायता राशि उपलब्ध कराई जा रही है। तीन किश्तों में 4500 करोड़ रूपए की राशि से अधिक किसानों के खातों में अंतरित की जा चुकी हैं, चौथी किश्त भी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि पहले राज्य में किसानों की संख्या में गिरावट आ रही थी। खेती का रकबा भी तेजी से सिमटता जा रहा था। पहले जहां 12-15 लाख किसान ही धान बेचने के लिए पंजीयन कराते थे, वहीं इस साल छत्तीसगढ़ के साढ़े 21 लाख किसानों ने पंजीयन कराया है। हमारे कार्यकाल में किसानों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है और खेती का रकबा भी बढ़ा है। जो लोग अपने खेत रेग (ठेके) पर दिया करते थे, उन लोगों ने भी स्वयं खेती करनी शुरु कर दी है, क्योंकि अब उन्हें फसल का अच्छा पैसा मिलने लगा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि शिवरीनारायण वह स्थान है, जहां वनवास काल के दौरान भगवान राम का आगमन हुआ था और माता शबरी का जन्म हुआ था। कोरिया से लेकर बस्तर तक श्री राम के वन गमन मार्ग पर ऐसे अनेक स्थान हैं, जहां उन्होंने प्रवास किया था। इनमें से 9 स्थानों को चिन्हित कर उन्हें पर्यटक केंद्रों के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा शासन ने राम वन गमन पथ पर्यटन सर्किट की जो योजना तैयार की है, यह उसके पहले चरण का काम है। अगले चरण में और भी स्थानों को इसमें शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिवरीनारायण और पूरा छत्तीसगढ़ वह स्थान है जिसने हर युग में भारतीय संस्कृति को समृद्ध किया है। त्रेता युग में यहां राम का आगमन हुआ, वहीं द्वापर में रायपुर के निकट आरंग में भगवान श्री कृष्ण, अर्जन के साथ आए थे। यहां बौद्ध धर्म का गहरा प्रभाव रहा। बुद्ध के बाद सबसे महत्वपूर्ण बौद्ध संत नागर्जुन ने यहीं के सिरपुर में तपस्या की। नालंदा के बाद भारत का सबसे बड़ा प्राचीन शिक्षा केंद्र सिरपुर में ही था।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान राम छत्तीसगढ़ की संस्कृति में रचे-बसे हुए हैं। हम सोते-जागते, खाते-पीते हर पल राम को याद करते हैं। एक दूसरे से राम-राम कहकर ही भेंट करते हैं। फसलों के मापने के पारंपरिक पैमाने की पहली गणना भी राम से ही शुरु होती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान राम से जुड़े शिवरीनारायण का न केवल एक अच्छे पर्यटन तीर्थ के रूप में विकास किया जाएगा, बल्कि यहां हर तरह की नागरिक सुविधाओं का भी विकास किया जाएगा। 

    छत्तीसगढ़ गो सेवा आयोग के अध्यक्ष और शिवरीनारायण मठ के महंत रामसुंदर दास की मांग पर श्री बघेल ने शिवरीनारायण में 30 बिस्तर अस्पताल शुरु करने तथा तीन दिवसीय मानस गान महोत्सव के आयोजन की घोषणा की। इस मौके पर मुख्मयंत्री ने मानस महोत्सव में मानस मर्मज्ञों का शॉल और श्रीफल देकर सम्मानित भी किया। 

रामायणकालीन नगरी शिवरीनारायण का होगा विकास

    मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज जांजगीर-चांपा जिले के शिवरीनारायण में राम वनगमन पर्यटन परिपथ के अंतर्गत लगभग 36 करोड़ रुपये के प्रस्तावित कार्यों के मॉडल का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने मेला मैदान में भगवान राम, लक्ष्मण और माता शबरी की प्रतिमा का अनावरण भी किया। 

    राम वनगमन पर्यटन परिपथ के महत्वपूर्ण पड़ाव और महानदी, शिवनाथ और जोंक नदी के संगम पर स्थित शिवरीनारायण में रामायण की थीम के अनुरूप विभिन्न विकास कार्य आकार ले रहे हैं। इनमें प्रमुख रूप से महानदी मोड़ पर 44 फीट ऊंचा विशाल प्रवेश द्वार और इसके समीप 32 फीट ऊंची भगवान श्रीराम सहित लक्ष्मण और माता शबरी की मूर्ति का निर्माण किया जायेगा। शिवरीनारायण में माता शबरी की भक्ति एवं वात्सल्य के प्रतीक जूठे बेर खिलाने के प्रसंग को उद्धरित करते हुए नदीतट घाट एरिया का सुंदरीकरण के अंतर्गत 14 व्यू पॉइंट का निर्माण, आरती पूजन जन सुविधा के रूप में, फूड प्लाजा, मेला ग्राउंड के पास कैफेटेरिया, पर्यटन सूचना केंद्र, पार्किंग एरिया का निर्माण, थ्री डी मॉडल, वाक थू्र के प्रस्तावित प्रारूप का अवलोकन किया। उल्लेखनीय है कि राम वनगमन पर्यटन परिपथ राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है। छत्तीसगढ़ वासियों के लिए भगवान केवल आस्था ही नहीं बल्कि भांजे के रूप में भी पूजनीय हैं। पर्यटन परिपथ में कोरिया से लेकर सुकमा तक लगभग 1440 किलोमीटर के पथ में 75 स्थलों का चिन्हांकन किया गया है। इनमें से प्रथम चरण में 9 स्थलों के विकास का बीड़ा राज्य सरकार ने उठाया है। इनमें सीतामणी हरचौका, रामगढ़, शिवरीनारायण, तुरतुरिया, चंदखुरी, राजिम, सिहावा, जगदलपुर और रामाराम (सुकमा) शामिल हैं।
    
मुख्यमंत्री का छत्तीसगढ़ी व्यंजनों से स्वागत

    मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल का शिवरीनारायण में स्वागत-सम्मान छत्तीसगढ़ी व्यंजनों से किया गया। मुख्यमंत्री ने शिवरीनारायण मंदिर में पहुंचकर पूजा-अर्चना की। उनके शिवरीनारायण मठ पहुंचने पर उन्हें ठेठरी, खुर्मी, पपची, अइरसा, मुरकु, खाजा, सलोनी स्वादिष्ट छत्तीसगढ़ी व्यंजनों से भी तौला गया।
  
    मुख्यमंत्री ने शिवरीनारायण मंदिर में की पूजा-अर्चना 

    मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज जांजगीर-चांपा जिले के शिवरीनारायण मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य गौसेवा आयोग के अध्यक्ष महंत श्री रामसुंदर दास, स्वास्थ्य मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव, नगरीय प्रशासन एवं श्रम मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, राजस्व मंत्री श्री जयसिंह अग्रवाल, राज्यसभा सांसद श्री पी.एल. पुनिया और विधायक श्री मोहन मरकाम भी उपस्थित थे। 

 


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने छत्तीसगढ़ राज्य द्वारा किए गए कार्यों की प्रशंसा

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने छत्तीसगढ़ राज्य द्वारा किए गए कार्यों की प्रशंसा

26-Nov-2020

TNIS

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रायपुर : प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रधानमंत्री प्रगति पोर्टल के अंतर्गत कोरोना से संबंधित मुद्दे (वित्तीय सहायता, अस्पताल का ढांचा, राशन तथा रोजगार आदि), प्रधान मंत्री आवास योजना (ग्रामीण), प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर भारत के अंतर्गत स्वनिधी योजना, निर्यात के रूप में जिले का विकास तथा आपरेशनाइ एग्रीकल्चर रिफार्म के संबंध में सभी राज्यों के मुख्य सचिवों के साथ वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से चर्चा की गई।

    प्रधानमंत्री श्री मोदी को मुख्य सचिव श्री आर.पी. मण्डल द्वारा बताया गया कि कोरोना संबंधी सीपी ग्राम पोर्टल में कुल 1028 शिकायतें प्राप्त हुई थी, जिसमें से शत प्रतिशत (1027) शिकायतों का निराकरण छत्तीसगढ़ में कर दिया गया है। छत्तीसगढ़ श्रम विभाग द्वारा 12.57 करोड़ रूपए का वितरण कुल 18087 श्रमिकों को कोरोना के दौरान किए जाने की जानकारी दी गई। कोरोना के इलाज के लिए सभी निजी अस्पतालों के लिए दिशा-निर्देश का निर्धारण समय पर राज्य सरकार द्वारा किये जाने के बारे में अवगत कराया गया। मुख्य सचिव ने कहा कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत अनाज एवं चने का वितरण कोरोना के दौरान शत प्रतिशत पूरे राज्य में कर दिया गया था। इस दौरान 29.35 लाख लोगों को मनरेगा के माध्यम से कोरोना के दौरान रोजगार से लाभान्वित किया गया।

मुख्य सचिव द्वारा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को अवगत कराया गया कि, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत सीपी ग्राम पोर्टल में प्राप्त शिकायतों का शत प्रतिशत निराकरण छत्तीसगढ़ में किया गया है। मुख्य सचिव ने बताया कि प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर भारत स्वनिधी योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ की रैंकिंग पूरे देश में 7वें स्थान पर रही है तथा कुल 50 हजार 753 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 15 हजार 076 प्रकरणों में राशि का वितरण सभी हितग्राहियों को डिजिटल माध्यम से किया जा चुका है। इस पर प्रधानमंत्री ने राज्य की प्रशंसा की। मुख्य सचिव ने बताया कि निर्यात हब के रूप में जिले का विकास अंतर्गत प्रदेश के सभी जिलों में डिस्ट्रिक्ट एक्सपोर्ट हब प्रमोशन कमेटी का गठन कर दिया गया है तथा 31 दिसम्बर 2020 तक डिस्ट्रिक्ट एक्शन प्लान को भी स्वीकार कर लिया जाएगा। आपरेशनाइजेशन एग्रीकल्चर रिफार्म के संबंध में मुख्य सचिव द्वारा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को जानकारी दी गई कि एआईएफ के लिए नोडल ऑफिसर नियुक्त कर दिया गया है तथा एफपीओ एवं एसएचजी को भी एआईएफ में शामिल करने के लिए योजना बनाई जा रही है।

    मुख्य सचिव ने बताया कि स्लरी पाईपलाईन स्थापना हेतु 83.831 हेक्टेयर व्यपवर्तन प्रस्ताव के संबंध में राज्य शासन द्वारा समय-सीमा में कार्यवाही पूर्ण कर ली गई है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने छत्तीसगढ़ राज्य द्वारा की गई कार्यवाही की तारीफ करते हुए धन्यवाद दिया।
 


दाई-दीदी क्लीनिक को मिला जन सहयोग  किशोरियों और महिलाओं ने बढ़-चढ़कर कराई जांच

दाई-दीदी क्लीनिक को मिला जन सहयोग किशोरियों और महिलाओं ने बढ़-चढ़कर कराई जांच

23-Nov-2020

19 नवंबर को महिलाओं के लियें स्पेशल ‘दाई-दीदी क्लीनिक’ की हुई है शुरूआत

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रायपुर  विशेष रूप से महिलाओं को समर्पित ‘दाई-दीदी क्लीनिक’ के अंतर्गत संचालित मोबाईल क्लीनिक के द्वारा आज गुढ़ियारी के पहाड़ी चौक में शिविर लगाया गया जिसमें21 किशोरी बालिकाओं और 42 महिलाओं की जांच की गई । इस अवसर पर रामकृष्ण परमहंस वार्ड के पार्षद श्रीकुमार मैनन, दानवीर भामाशाह वार्ड के पार्षद सुंदरलाल जोगी भी उपस्थित थे ।साथ ही क्षेत्र की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएवं मितानिन मौजूद रहीं ।‘दाई-दीदी क्लीनिक’ में कुल 63 लोगों की जांच की गई ।जिसमें 38 महिलाओं का शुगर टेस्ट एल्ब्यूमिन और ब्ल्ड प्रेशर टेस्ट भी किया गया 1  महिला का ईसीजी भी किया गया था ।

महिला एवं बाल विकास विभाग की पर्यावेक्षक रीता चौधरी ने बताया, दाई-दीदी क्लीनिक गाड़ियों की शुरुआत मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 19 नवम्बर को पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की जयंती पर किया था । यह स्पेशल महिला मेडिकल मोबाइल क्लीनिक देश में अपनी तरह की पहली अनूठी क्लीनिक है इसमें केवल महिला मरीजों को ही निःशुल्क इलाज की सुविधा है । विभाग द्वारा आज गुढ़ियारी के  पहाड़ी चौक में शिविर लगाकर 21 किशोरी बालिकाओं और 42 महिलाओं की जांच कराई गई ।जिसमें कोविड-19 के दिशा निर्देशों का पालन भी किया गया है ।

मातारानी चौक निवासी सावित्री यादव 63 वर्षीय ने बताया,फास्टिंग और खाना खाने के उपरांत मेरी यहॉ शुगर की जांच की गई । उसके बाद मुझे दवाइयों का वितरण किया गया । साथ ही मेरे बीपी (रक्तचाप )की जांच भी की गई ।  दाई-दीदी क्लीनिक मोबाइल वाहन से बहुत सारी समस्याओं का घर बैठे ही निराकरण हो गया ।

शुक्रवारी बाजार निवासी 18 वर्षीय अमेरिका साहू कहती हैं, दाई दीदी क्लीनिक वाहन विशेषकर किशोरी बालिकाओं और नव युवतियों के लिए बहुत अच्छी शुरुआत है । इसके अंदर जो पूरा स्टाफ कार्य कर रहा है वह महिलाएं हैं । जिसके कारण हम कोई भी परामर्श बिना झिझक के ले सकते हैं मैंने भी अपने आंतरिक समस्याओं की चर्चा खुलकर की और यहां से उन समस्याओं के निराकरण का परामर्श भी मिला और महत्वपूर्ण जानकारियां भी प्राप्त हुई ।

केवल महिला मरीजों को ही मिलेगा निःशुल्क इलाज

क्लीनिक की गाड़ियों में केवल महिला मरीजों को ही निःशुल्क इलाज की सुविधा उपलब्ध है । दाई-दीदी क्लीनिक गाड़ियों में केवल महिला स्टाफ और महिला डॉक्टर, महिला लैब टेक्नीशियन के साथ महिला एएनएम ही कार्यरत हैं।

रायपुर, भिलाई एवं बिलासपुर में हुई है शुरूआत

इस क्लीनिक के शुरू होने से महिला श्रमिकों एवं स्लम क्षेत्रों में निवासरत महिलाओं एवं बच्चियों को अपने घर के निकट ही महिला डॉक्टरों के माध्यम से इलाज की सुविधा मिलेगी। इस क्लीनिक का संचालन मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत किया जाएगा। वर्तमान में प्रदेश के तीन बड़े नगर पालिक निगम रायपुर, भिलाई एवं बिलासपुर में महिलाओं के लिए एक-एक दाई-दीदी क्लीनिक शुरू की जा रही है।

मिलेंगी विशेष जांच सुविधाएं

इस क्लीनिक में महिलाओं के प्राथमिक उपचार के साथ-साथ महिला चिकित्सक द्वारा स्तन कैंसर की जांच, हितग्राहियों को स्व स्तन जांच का प्रशिक्षण, गर्भवती महिलाओं की नियमित एवं विशेष जांच आदि की अतिरिक्त सुविधा होगी।

स्लम क्षेत्रों पर है खास ध्यान

महिला एवं बाल विकास विभाग के सहयोग से शहरों में स्थित आंगनबाड़ी के निकट पूर्व निर्धारित दिवसों में यह क्लीनिक स्लम क्षेत्र में लगाया जाएगा। इस क्लीनिक के साथ-साथ गर्भवती महिलाओं, बच्चों आदि के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न हितग्राहीमूलक परियोजना का लाभ भी प्रदान किया जाएगा।

महिलाएं निःसंकोच ले सकेंगी परामर्श

गौरतलब है कि जनरल क्लीनिक में महिलाओं के लिए पृथक जांच कक्ष और काउंसलर नहीं होने से महिलाएं परिवार नियोजन के साधन, कॉपर-टी निवेशन, आपातकालीन पिल्स की उपलब्धता, गर्भनिरोधक गोलियां, साप्ताहिक गर्भनिरोधक गोली, गर्भनिरोधक इंजेक्शन, परिवार नियोजन परामर्श, एसटीडी परामर्श में झिझक का अनुभव करती है। इस महिला क्लीनिक में डेडीकेटेड महिला स्टाफ होने से अब इस प्रकार के परामर्श निःसंकोच लिये जा सकेंगे।


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