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रायपुर : मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए बीजापुर जिले की जनता को दी 96 करोड़ रूपए के विकास कार्यों की सौगात

रायपुर : मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए बीजापुर जिले की जनता को दी 96 करोड़ रूपए के विकास कार्यों की सौगात

08-Aug-2020

*भैरमगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में नव-निर्मित ट्रामा सेंटर
का ई-लोकार्पण
* भैरमगढ़ में इंद्रावती नदी में आवागमन के लिए बोट और एम्बुलेंस उपलब्ध
कराने की घोषणा
*मुख्यमंत्री ने देश के आकांक्षी जिलों में बीजापुर के अव्वल आने
र बधाई और शुभकामनाएं दी

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज ई-लोकार्पण व भूमिपूजन के माध्यम से बीजापुर जिले की जनता को 96 करोड़ रूपए की लागत के 171 विकास कार्यों की सौगात दी। कार्यक्रम का आयोजन बीजापुर जिले के विकासखंड मुख्यालय भैरमगढ़ स्थिति सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में किया गया। मुख्यमंत्री श्री बघेल अपने रायपुर स्थित निवास कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े। मुख्यमंत्री ने भैरमगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में नव-निर्मित ट्रामा सेंटर का ई-उद्घाटन किया। उन्होंने इस मौके पर भैरमगढ़ में इंद्रावती नदी में आवागमन के लिए बोट और एक एम्बुलेंस उपलब्ध कराने की घोषणा की। कार्यक्रम की अध्यक्षता पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा स्वास्थ्य मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव ने की। वे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े।

    मुख्यमंत्री श्री बघेल ने जिला बीजापुर के भैरमगढ़ में आयोजित कार्यक्रम में लगभग 29 करोड़ 15 लाख रूपए के 39 कार्यों का ई-लोकार्पण तथा 66 करोड़ 85 लाख रूपए लागत के 132 निर्माण एवं विकास कार्यों का ई-भूमिपूजन किया। लोकार्पण समारोह को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा जनहित में लगातार फैसले लिए जा रहे हैं। इसके तहत लोगों को स्वास्थ्य, शिक्षा तथा रोजगार आदि की सुविधा उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हर व्यक्ति को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता में है।
    मुख्यमंत्री ने देश के सभी आकांक्षी जिलों में बीजापुर जिले के अव्वल होने पर पूरे जिलेवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में वनमंत्री श्री मोहम्मद अकबर, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री तथा प्रभारी मंत्री बीजापुर श्री जयसिंह अग्रवाल, आबकारी मंत्री श्री कवासी लखमा सहित सांसद बस्तर श्री दीपक बैज, खाद्य मंत्री श्री अमरजीत भगत, मुख्यमंत्री के सलाहकार सर्वश्री विनोद वर्मा और राजेश तिवारी मुख्यमंत्री निवास में उपस्थित थे। कार्यक्रम स्थल पर विधायक एवं उपाध्यक्ष बस्तर विकास प्राधिकरण श्री विक्रम मण्डावी कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित थे।
    मुख्यमंत्री श्री बघेल ने इस अवसर पर वीडियो कॉल से विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों एवं जनप्रतिनिधियों से चर्चा कर गोधन न्याय योजना, वन अधिकार पट्टा, जाति प्रमाण पत्र की घर पहुंच सेवा योजना के क्रियान्वयन की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने बैंक सखी से भी बात की। कार्यक्रम स्थल पर जिला पंचायत बीजापुर के अध्यक्ष श्री शंकर कुड़ियम, अध्यक्ष जनपद पंचायत भैरमगढ़ श्री दशरथ कुंजाम एवं अध्यक्ष नगर पंचायत भैरमगढ़ श्री दशरथ परबुलिया उपस्थित थे। मुख्यमंत्री निवास में मुख्य सचिव श्री आर.पी. मण्डल,  मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू, प्रमुख सचिव वन श्री मनोज पिंगुआ, प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री राकेश चतुर्वेदी, मुख्यमंत्री के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी, आदिवासी विकास विभाग के सचिव श्री डी. डी. सिंह, राजस्व सचिव सुश्री रीता शांडिल्य उपस्थित थी।

 

 

 


बकरीद पर लोगों की भावनाओं का मान बढ़ाने के लिए सरकार को साधुवाद! रक्षाबंधन के बारे में भी सोचे सरकार - प्रकाशपुंज पाण्डेय

बकरीद पर लोगों की भावनाओं का मान बढ़ाने के लिए सरकार को साधुवाद! रक्षाबंधन के बारे में भी सोचे सरकार - प्रकाशपुंज पाण्डेय

31-Jul-2020

प्रकाशपुन्ज पाण्डेय

रायपुर : समाजसेवी और राजनीतिक विश्लेषक प्रकाशपुन्ज पाण्डेय ने मीडिया के माध्यम से सरकार को धन्यवाद देते हुए कहा है कि छत्तीसगढ़ की काँग्रेस सरकार ने मुस्लिम भाइयों के त्यौहार बकरीद को ध्यान में रखते हुए मिठाई तथा किराने की दुकानों को 1 अगस्त तक खुले रखने का जो आदेश दिया है वह काबिले तारीफ है। सरकार का यह आदेश उसकी जनता के प्रति संवेदनशीलता और ज़िम्मेदारी को दर्शाता है, जिसके लिए रायपुर कलेक्टर भारती दासन के साथ ही छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भी बधाई के पात्र हैं। 

प्रकाशपुन्ज पाण्डेय ने कहा कि जैसे छत्तीसगढ़ सरकार ने मुस्लिम भाई बहनों का ख्याल रखते हुए किराना और मिठाई की दुकानों को बकरीद तक खुले रखने का आदेश जारी किया है, ठीक उसी प्रकार भाई-बहन के अटूट प्यार और विश्वास का पवित्र त्यौहार, रक्षाबंधन भी बकरीद के 2 दिन बाद ही 3 अगस्त को आ रहा है। मैं आशा करता हूँ कि इस त्यौहार पर भी सभी की भावनाओं का ख्याल रखते हुए रक्षाबंधन तक इन दुकानों को खुले रखने का आदेश देंगे और जनता को रक्षाबंधन का तोहफा देंगे। 

 


राजधानी में निशुल्क कोरोना जांच शिविर वार्डों में शुरु

राजधानी में निशुल्क कोरोना जांच शिविर वार्डों में शुरु

30-Jul-2020

रायपुर, 29 जुलाई 2020। राजधानी में बढते कोरोना वायरस संक्रमण के बीच नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग ने वार्ड स्तर पर कोरोना निशुल्क जांच शिविर लगाने का अभियान शुरु किया है। 
अभियान के तहत 29, 30 और 31 जुलाई को सैंपल संग्रह के लिए अलग-अलग वार्डों में स्थान तय किए गए हैं। ऐसे लोग जिन्हें सर्दी, खांसी, सांस लेने में कठिनाई या स्वाद व सूंघने की क्षमता का अभाव हो उनको जांच शिविर में जाकर तत्काल सेम्पल देना होगा। 
इसके लिए आज सुबह 11.30 बजे सरस्वती स्कूल पुरानी बस्ती, लीली चौक, वार्ड क्रमांक-44, ब्राहम्णपारा, रायपुर में शिविर लगाया गया। नगर निगम के जोन-4 के स्वास्थ्य अधिकारी चंद्रशेखर श्रीवास्तव ने बताया नवीन सरस्वती कन्या शाला परिसर, पुरानी बस्ती में स्वास्थ्य विभाग द्वारा जनस्वास्थ्य सुविधा के लिए शिविर लगाया गया । शिविर में 108 लोगों  ने पहुंचकर स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों से कोविड 19 संबंधी जांच की जिसमें 10 पाजिटिव मिला। दोपहर बाद खपरा भट्ठी कालीमाता वार्ड नंबर 11 में 70 सेम्पल में से 3 पॉजिटिव मिले। वहीं जोन -9 के शंकर नगर आश्रय स्थल के पास 37 लोगों ने कोरोना जांच के लिए सेम्पल दिया। नगर निगम के अधिकारियों की मामने तो लोगों में जागरुकता की वजह से जरा सा भी लक्षण नजर आने पर एहतियात तौर पर खुद घरों से निकल कर कोरोना जांच कराने पहुंच रहे हैं। जोन-1 के तिलक नगर सियान सदन में 100 लोगों को सेंपल लिया गया है। 
सीएमएचओ डॉ. मीरा बघेल ने बताया राजधानी के विभिन्न वार्डों में 6 से 29 जुलाई तक 48 जांच शिविर आयोजित किए गए। शिविर में  लक्ष्य के 6803 के विरुद्ध 5230 लोगों का सेंपल कलेक्ट किया गया। जांच रिपोर्ट में 4930 निगेटिव , 250 पाजेटिव और 50 सेम्पल की जांच अभी पेंडिंग है। स्वास्थ्य विभाग कोरोना वायरस को कंट्रोल करने के लिए पूरी मुस्तैदी से कटेंमेनट जोन को कव्हर कर स्थित को नियंत्रण करने ज्यादा से ज्यादा कोरोना सेम्पल जांच कर रही है। 
राजधानी में लगातार बढ़ते कंटेंटमेंन जोन और कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलने की वजह से जिला प्रशासन के आदेशानुसार निगम नगर के सभी 10 जोनों द्वारा नोवल कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम के लिए जनस्वास्थ्य जागरूकता अभियान निरंतर चलाया जा रहा। 
शासकीय आयुर्वेदिक अस्पताल को भी अस्थायी तौर पर कोविड-19 अस्पताल में तबदील करते हुए अस्पताल परिसर को सेनेटाइजर किया जा रहा है। जनस्वास्थ्य जागरूकता की दृष्टि से नोवल कोरोना 
वायरस के संक्रमण के फैलाव की समाज हित में कारगर रोकथाम करने के लिए चिकित्सको ने लोगों  को स्वास्थ्य परीक्षण करने सहित सामान्य रूप से स्वस्थ रहने, रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित करने सदैव मास्क पहनने, सामाजिक दूरी के स्वास्थ्य नियम का पूर्ण व्यवहारिक परिपालन करने की जानकारी दी। दैनिक दिनचर्या में स्वास्थ्य नियमों को जीवन में दैनिक रूप से स्वास्थ्य रक्षा की दृष्टि से मानने का चिकित्सकीय परामर्श दिया गया। 
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कोरोनासंकट के दौरान चुनौती का सामना कर शिशु संरक्षण माह में आरएचओ दे रहें योगदान

कोरोनासंकट के दौरान चुनौती का सामना कर शिशु संरक्षण माह में आरएचओ दे रहें योगदान

28-Jul-2020

धमतरी, । जिले के कुरुद ब्लॉक के अंतर्गत उपस्वास्थ्य केन्द्र नारी एवं भैसमुंडी में  शिशु संरक्षण माह का आयोजन 14 जुलाई से 14 अगस्त तक किया जा रहा। स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख प्रतिरक्षण कार्यक्रमों में से एक शिशु संरक्षण माह है जो आजकल आयोजित  हो रही है और जिसके अंतर्गत प्रत्येक मंगलवार और शुक्रवार को आंगनवाड़ी केंद्रों में 9 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों को विटामिन एक और आयरन सिरप की खुराक दी जा रही है।

14 जुलाई से अब तक चार सत्रों में आयोजित शिशु संरक्षण माह में 213 बच्चों को विटामिन-ए एवं आयरन की सिरप दी गयी है| वहीं लक्षित 415 बच्चों का शत़प्रतिशत टीकाकरण करने के लिए अभियान में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मितानिनों का सहयोग लिया जा रहा है। उप स्वास्थ्य केन्द्र नारी ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक हरिशंकर साहू ने बताया ने कोरोना संक्रमण काल में फ्रंट लाइन वारियर्स के रुप लगातार चार महीने से डयूटी में 24 घंटा अलर्ट में रहते हुए निभा रहे हैं। इसके अलाव स्वास्थ्य विभाग की सभी योजनाओं को ग्रामीण जनता तक सीधे पहुंचाने वाले मैदाने स्वास्थ्य अमला ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक की भूमिका  है।

 टीकाकरण अभियान के अलावा संस्थागत प्रसव सहित डायरिया नियंत्रण पखवाड़ा, जनसंख्या स्थरीकरण पखवाडा का भी कार्य संचालित कर रहे हैं। श्री साहू ने बताया उपस्वास्थ्य केंद्र नारी के अंतर्गत 7000 जनसंख्या है। ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक को ग्रामीण क्षेत्र में 5,000 से 10,000 की संख्या के बीच तैनात किया जाता है। आदिवासी क्षेत्रों में 1500 से 3000 की जनसंख्या में एक-एक महिला और पुरुष ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक तैनात होते हैं।

खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. यू एस नवरत्न ने बताया कोरोना के जंग के साथ ही आवश्यकतानुसार टीकाकरण और अन्य राष्ट्रीय कार्यक्रम की गतिविधियों को संचालित किया जा रहा है। नॉन कोविड-19 के मरीजों को भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए मास्क व सेनेटाइजर का इस्तेमाल कराने लोगों को जागरुक किया जा रहा है। इसी तरह स्वास्थ्य केंद्रों, हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर सहित महिला ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक समुदाय स्तर में गर्भवती माताओं का नियमित चेकअप एवं उचित पोषण आहार की जानकारी भी प्रदान कर रहे हैं।

 डॉ नवरत्न ने कहा कोरोना वायरस वैश्विक महामारी के समय पर शिशु संरक्षण माह का आयोजन स्वास्थ्य संयोजको के लिए बड़ी चुनौती है, लेकिन स्वास्थ्य संयोजकों के द्वारा तमाम सुरक्षा मापदंडो का पालन करते हुये सत्र का आयोजन किया जा रहा है। सत्र स्थल पर हाथ धोने की व्यवस्था, सभी हितग्राहियों को मास्क एवं फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन कराया जा रहा है।

 शिशु संरक्षण माह के साथ ही गहन डायरिया पखवाड़ा, जनसंख्या स्थिरीकरण पखवाड़ा भी अभी स्वास्थ विभाग द्वारा संचालित की जा रही है। इस कार्यक्रम में ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक श्रीमती रश्मि साहू, प्रभारी सेक्टर सुपर वाईजर अशोक अंसारी, मितानिन अर्चना, कुंती, लक्ष्मी, झामीन, अनीता टामिण, उषा, सावित्री, देव कुमार आगनबाड़ी कार्यकर्ता भामा , मीरा, सोहद्रा, लक्ष्मी, नर्मदा आदि लोग उपस्थित रहे।


तख्तपुर के मेड़पार गांव में लगभग 50 पशुओं की मौत की खबर का रोका छेका अभियान से कोई संबंध नहीं है

तख्तपुर के मेड़पार गांव में लगभग 50 पशुओं की मौत की खबर का रोका छेका अभियान से कोई संबंध नहीं है

25-Jul-2020

बिलासपुर : तख्तपुर के मेड़पार गांव में लगभग 50 पशुओं की मौत की खबर का रोका छेका अभियान से कोई संबंध नहीं है । राज्य में रोका छेका अभियान 30 जून को समाप्त हो गया है और रोका छेका अभियान के तहत जानवरों से फसलों को बचाने के लिये उन्हें खुले वातावरण में गौठान में रखे जाने के निर्देश थे ।

 घटना की जो जानकारी मिली है उससे स्पष्ट ही रहा है कि स्थानीय व्यक्तियों ने पशुओं को एक भवन में बंद कर के रख दिया ।  यह ग्राम पंचायत द्वारा निर्मित गोठान नहीं था । यह व्यवस्था गोठान की मूल परिकल्पना के ही विपरीत है और ऐसी घटनाओं से बचने के लिये ही सुराजी ग्राम योजना के तहत हर ग्राम पंचायत में तीन एकड़ शासकीय भूमि में खुले वातावरण  में गोठान बनाये जा रहे है ।

 यह दुर्घटना इस बात की आवश्यकता को और प्रतिपादित करती है कि पशुओं की सुरक्षा के लिये गौठान कितने जरूरी है ।

 कुछ समाचार माध्यमों में गलत तथ्य प्रचारित किये जा रहे है इससे बचना चाहिये ।


गरियाबंद : चीतल को मारने की मामले में अभियुक्तों पर अपराध दर्ज कर जेल दाखिला

गरियाबंद : चीतल को मारने की मामले में अभियुक्तों पर अपराध दर्ज कर जेल दाखिला

22-Jul-2020

गरियाबंद : गत दिवस वन परिक्षेत्र पाण्डुका द्वारा वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 9,50,51 एवं वन्यप्राणी संरक्षण संसोधित अधिनियम 2002 की धारा 2-16(क)(ग),2-20 के तहत अपराधी भवानी पिता बरातू जाती कंवर ग्राम गायडबरी एवं अन्य 5 अभियुक्त को जेल दाखिला कराया गया। 18 जुलाई 2020 को आरोपियों द्वारा एक नर चीतल वयस्क को मारकर उसका मांस बनाकर आपस में बांट लिया गया। जिसकी सूचना मुखबिर के माध्यम से मिलने पर वनमण्डाधिकारी श्री मयंक अग्रवाल के मार्गदर्शन में टीम बनाकर अपराध में शामिल व्यक्ति भवानी दीवान से पूछताछ किया गया व उनके निशानदेही पर घटनास्थल से चीतल का खाल बरामद किया गया व उनके साथ अभियुक्त आत्मा राम दीवान की बाड़ी से खुदाई कर चीतल का सींघ व मुंडी बरामद किया गया। अपराध में शामिल अभियुक्त में लाल सिंह पिता बिसहत दीवान, घनश्याम पिता शत्रुहन गोंड़, टिकेश पिता अमरसिंह गोंड़, भागवत पिता स्व धनसिंह गोंड़,निवासी ग्राम गायडबरी थाना छुरा जिला गरियाबंद, अपराध क्रमांक 12434/13 दिनांक 19.07.2020 पंजीबद्ध कर आरोपियों को 15 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल दाखिला कराया गया।

उक्त कार्यवाही में परिक्षेत्र अधिकारी पाण्डुका संजीत मरकाम,धर्मेन्द्र निराला (वनरक्षक पोंड) लोकेश श्रीवास (वनरक्षक) सांकरा फिरोज खान ,घनश्याम ध्रुव डिगेश्वर ठाकुर, नेहरू ध्रुव, अजय चेलक, भीखम दीवान उपवनक्षेत्रपाल सखाराम नवरंगे एवं टी. आर. वर्मा आदि का योगदान सराहनीय रहा।


’छत्तीसगढ़ मा हरेली तिहार ले ‘‘गोधन न्याय योजना’’ की शुरूआत’....योजना ले आत्मनिर्भरता अउ रोजगार के मिलही लाभ

’छत्तीसगढ़ मा हरेली तिहार ले ‘‘गोधन न्याय योजना’’ की शुरूआत’....योजना ले आत्मनिर्भरता अउ रोजगार के मिलही लाभ

19-Jul-2020

तेजबहादुर सिंह भुवाल


छत्तीसगढ़ मं ये बखत हरेली तिहार म खुशहाली डबल होही। राज्य शासन ह महत्वाकांक्षी योजना ‘‘गोधन न्याय योजना’’ के शुरूआत जो करत हे। गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ राज्य के सपना ला साकार करे बर छत्तीसगढ़ म पाछू साल हरेली तिहार म सामान्य छुट्टी देके प्रदेश के सबो लोगन ला भेंट दे रीहिस। ‘‘सुराजी गांव योजना’’ चालू करके किसान मन बर उखर नदाये लोक संस्कृति अउ पारंपरिक चार चिन्हारी ला वापस लाईस हे। इही योजना ला आगे बढ़ा के गोधन न्याय योजना ले किसान मन ला रोजगार के अवसर अउ आर्थिक रूप ले लाभ पहुंचाय बर चालू करत हे। गोठान म गोवंशीय अउ भैंसवंशीय पशु के पालक मन ले गोबर ला शासकीय दर 2 रूपया किलो खरीदे के शुरूआत करत हे। इही गोबर ला गुणवत्ता युक्त वर्मी कम्पोस्ट खाद बनाके 8 रूपया किलो में बेचे जाहीं। येखर बर गांव-गांव में बनाए गौठान म स्व सहायता समूह मन काम कराही। किसान अउ मजूदर मन ला ऐखर ले रोजगार अउ आर्थिक फायदा मिलही।

योजना ले जैविक खेती ला बढ़ावा मिलही, गांव अउ शहर म रोजगार घलो मिलही, गौपालन अउ गौ-सुरक्षा ला प्रोत्साहन के संगे-संग पशुपालक मन ला आर्थिक लाभ प्राप्त होही। राज्य के महात्वाकांक्षी ‘‘सुराजी गांव योजना’’ के अंतर्गत नरवा, गरवा, घुरवा अउ बाडी के संरक्षण अउ संर्वधन करे जावत हे। येखर बर सबे गांव म गौठान बनाए जाए के काम शुरू हवय।

शासन ह ‘‘गोधन न्याय योजना’’ लागू करके  पशुपालक मन के आय मं वृद्धि, पशुधन विचरण अउ खुल्ला चरई म रोक, जैविक खाद के उपयोग ला बढ़ावा अउ रासायनिक खातू के उपयोग म कमी लाना चाहत हे। खरीफ अउ रबी फसल सुरक्षा होही अउ दु फसली रकबा ह बाडही, स्थानीय स्तर म जैविक खाद के उपलब्धता बनाये बर, स्थानीय स्व सहायता समूह ला रोजगार दे बर, भुइंया ल अउ उपजाउ बनाए बर, विष रहित अन्न उपजाए बर अउ सुपोषण ल बढ़ाए बर जोर देवत हे। गोठान में स्व सहायता समूह द्वारा कई प्रकार के सामग्री बनाए जाही। ऐमा दुग्ध, सब्जी, वर्मी खाद अउ गोबर ले कई प्रकार के समान बना के बेचे जाही।

हमन सभे झन जानथन की देश मा कोरोना वायरस महामारी के आये ले रोजगार, काम-बूता के कमी होगे हे। बड़े संख्या मा मजदूर भाई मन हा अलग-अलग शहर में कमाये-खाये बर गे रीहिस। उहा ले ओमन वापस गांव आवत हे। ओ मन आ तो गे हे फेर काम-बूता बर चिन्ता-फिकर सतावत हे। छत्तीसगढ़ सरकार हा सबेझन के दुख-दर्द दूर करे बर हर संभव प्रयास करते हे। गांव-गांव मा मजदूर मन के पंजीयन करावत हे, जेखर ले ओखर मन बर पर्याप्त काम-बूता दे सकय। मजदूर मन बर उखर योग्यता के अनुसार काम दे जाही। राज्य के महत्वाकांक्षी योजना ‘‘नरवा, गरूवा, घुरूवा व बाडी’’ के माध्यम से मनरेगा अउ स्व सहायता समूह में सबे ला जोड़े के काम चलत हे। ऐखरे सगे-संग ‘‘गोधन न्याय योजना’’ से गोठान मा बड़े संख्या मा रोजगार उपलब्ध कराये जाही। कोनो मजदूर, किसान ला गांव-शहर छोड़ के जाए के जरूरत नई पड़ये। सभे झन ला पर्याप्त काम-बूता मिलही।

त बताओ संगवारी हो ये सब खुशी मिलही त हमर पहिली हरेली तिहार ला बने मनाबो ना। तिहार ला खेती-किसानी के बोअई, बियासी के बाद बने सुघ्घर मनाबो। जेमा नागर, गैंती, कुदारी, फावड़ा ला चक उज्जर करके अउ गौधन के पूजा-पाठ करके संग मा कुलदेवी-देवता ला सुमरबो। धान के कटोरा छत्तीसगढ़ महतारी ला, हमर खेती-किसानी के उन्नति अउ विकास बर सुमरबो।

ऐसो गांव मा घरो-घर गुड़-चीला, फरा के संग गुलगुला भजिया, ठेठरी-खुरमी, करी लाडू, पपची, चौसेला, अउ बोबरा घलो बनही। जेखर ले हरेली तिहार के उमंग अउ बढ़ जाही। ये साल हरेली अमावस्या सावन सोमवार के पड़त हे। सब किसान भाई मन अपन किसानी औजार के पूजा-पाठ कर गाय-बैला ला दवई खवाही, ताकि वो हा सालभर स्वस्थ अउ सुघ्घर रहाय। ये दिन गाय-गरवा मन ला बीमारी ले बचाय बर बगरंडा, नमक खवाही अउ आटा मा दसमूल-बागगोंदली ला मिलाके घलो खवाये जाही। ये दिन शहर के रहईयां मन घलो गांव जाके तिहार ला मनाथे।

हरेली तिहार मा लोहार अउ राऊत मन घरो-घर मुहाटी मा नीम के डारा अउ चौखट में खीला ठोंकही। मान्यता हे कि अइसे करे ले ओ घर म रहैय्या मन के विपत्ति ले रक्षा होथे। हरेली अमावस ला गेड़ी तिहार के नाम से घलो जाने जाथे। ये दिन लईका मन बांस में खपच्ची लगाके गेड़ी खपाथे। गेड़ी मा चढ़के लईका मन रंग-रंग के करतब घलो दिखाते अउ लईका मन अपन साहस और संतुलन के प्रदर्शन घलो करथे। राज्य शासन हा पाछू साल ले गांव मा विशेष आयोजन करत हे, जेमा गांव मा लईका मन बर गेड़ी दउड़, खो-खो, कबड्डी, फुगड़ी, नरियल फेक अउ सांस्कृतिक कार्यक्रम के आयोजन घलो करे जाथे।
                                               छत्तीसगढिया मन ल हरेली तिहार के गाड़ा-गाड़ा बधई, जय छत्तीसगढ़ महतारी।
विशेष लेखः- तेजबहादुर सिंह भुवाल

 


कोरबा : कुख्यात मेवाती डकैत गिरोह चढा पुलिस के हत्थे, डकैती डालने की बना रहे थे योजना

कोरबा : कुख्यात मेवाती डकैत गिरोह चढा पुलिस के हत्थे, डकैती डालने की बना रहे थे योजना

17-Jul-2020

पांच माह पहले बिलासपुर और कटघोरा के मोबाइल दुकानों की थी चोरी

कटघोरा पुलिस की बड़ी सफलता औजार बरामद

कोरबा : कटघोरा पुलिस ने पांच माह पूर्व कटघोरा व बिलासपुर में हुई चोरियों के मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। फिर से शहर में आकर डकैती की योजना बना रहे इस गिरोह को पकड़कर होने वाली वारदात को रोकने का काम किया है वहीं पुरानी चोरी को भी सुलझाया है। मामले में आशिक पिता शेर मोहम्मद शाहिद पिता यूनूस दोनों 28 वर्ष निवासी ग्राम नुह मेवात हरियाणा एवं आरिफ पिता कासम 26 वर्ष निवासी ग्राम आधांकी जिला नुह मेवात हरियाणा को पकड़कर चोरी व डकैती में उपयोग लाए जाने वाले सामानों का जखीरा बरामद किया गया है। इनके विरूद्ध धारा 399, 402 भादवि एवं 25 आर्म्स एक्ट के तहत जुर्म दर्ज कर चोरी के और मामलों में जांच.पड़ताल व पूछताछ की जा रही है।

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रायपुर : ग्राम-सिलतरा में मिला कोरोना पॉजिटिव

रायपुर : ग्राम-सिलतरा में मिला कोरोना पॉजिटिव

16-Jul-2020

रायपुर : भारत सरकार, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग तथा छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जारी गाईडलाईन अनुसार जिला रायपुर में विकासखंड-धरसींवा,अंतर्गत ग्राम-सिलतरा,थाना-धरसींवा में 01 नया कोरोना पॉजिटिव केस पाये जाने के फलस्वरुप उक्त क्षेत्र को कन्टेनमेंट जोन घोषित किया गया है। अपर कलेक्टर ने पश्चिम में खोरबाहरा साहू का मकान,उत्तर में स्वामी आत्मानंद स्कूल,दक्षिण में मुन्ना वर्मा का मकान और पूर्व में मनहरण वर्मा का मकान तक को कन्टेनमेंट जोन की परिसीमाए निर्धारित की है।

इस कन्टेनमेंट जोन में प्रवेश अथवा निकास हेतु केवल एक द्वार होगा। जोन में तैनात पुलिस अधिकारी द्वारा फिजिकल डिस्टेंसिग सुनिश्चित करते हुए मेडिकल इमरजेंसी और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति हेतु आवागमन करने वाले सभी व्यक्तियों का विवरण एक रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा। कन्टेनमेंट जोन अंतर्गत सभी दुकानें, ऑफिस एवं अन्य वाणिज्यिक प्रतिष्ठान आगामी  आदेश पर्यन्त पूर्णतः बंद रहेंगें। प्रभारी अधिकारी द्वारा कन्टेनमेंट जोन में होम डिलीवरी के माध्यम से आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति उचित दरों पर सुनिश्चित की जाएगी। आवश्यक वस्तुओं की होम डिलीवरी हेतु विधिवत परिवहन अनुमति इंसीडेंट कमांडर द्वारा दी जाएगी। कन्टेनमेंट जोन अंतर्गत सभी प्रकार के वाहनों के आवागमन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।

मेडिकल इमरजेंसी को छोड़कर अन्य किन्हीं भी कारण से कन्टेनमेंट जोन या मकान के बाहर निकलना प्रतिबंधित रहेगा। केवल मेडिकल इमरजेंसी की दशा में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी रायपुर के द्वारा पास जारी कर इंसीडेंट कमांडर को सूचित किया जावे।  आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में संलग्न व्यक्ति फिजिकल डिस्टेंसिग तथा सेनिटाईजेशन सुनिश्चित करते हुये कन्टेनमेंट जोन में प्रवेश कर सकेंगें। अन्य किसी भी व्यक्ति को कन्टेनमेंट जोन से बाहर निकलना अथवा अन्दर आना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। कन्टेनमेंट जोन में उपरोक्तानुसार लॉकडाउन का कड़ाई से पालन कराने हेतु संबंधित थाना प्रभारी उत्तरदायी होगे।कन्टेनमेंट जोन में शासन की गाईडलाईन अनुसार व्यवस्था बनाये रखने हेतु वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, रायपुर के द्वारा आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जावेगी।जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा संबंधित क्षेत्र में शासन के निर्देशानुसार कान्टेक्ट ट्रेसिंग, स्वास्थ्य निगरानी तथा सैम्पल की जांच इत्यादि आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित की जायेगी।

    कंटेंटमेंट जोन में प्रवेश अथवा निकास हेतु केवल 01 द्वार की व्यवस्था बेरिकेटिंग के लिए श्री एन.के.पाण्डेय,कार्यपालन अभियंता,लोकनिर्माण विभाग, विधानसभा संभाग,रायपुर मो.नं. 94076-25500, लोक निर्माण विभाग की मांग अनुसार बैरिकेडिंग हेतु बांस-बल्ली की आपूर्ति हेतु श्री बी एस ठाकुर, वनमंडलाधिकारी रायपुर वनमंडल, रायपुर 94242-38769, कंटेंटमेंट जोन में सेनिटाइजेशन तथा आवश्यक वस्तुओ की आपूर्ति व्यवस्था हेतु श्री नीला राम पटेल,मुख्य कार्यपालन अधिकारी,जनपद पंचायत,धरसींवा रायपुर,मो. नं.75090-89297,घरो का एक्टिव सर्विलांस, स्वास्थ्य टीम को एसओपी अनुसार दवा, मास्क, पीपीई इत्यादी उपलब्ध कराने एवं बायोमेडिकल अपशिष्ट प्रबंधन हेतु श्रीमती मीरा बघेल मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, रायपुर मो.नं. 94255-16797 तथा उपरोक्त दर्शित क्षेत्र में आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सहित अन्य समस्त आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने हेतु इंसीडेंट कमांडर श्री प्रणव सिंह,अनुविभागीय दण्डाधिकारी,रायपुर,मो.नं. 96695-52437को दायित्व सौंपा गया है वही भारत सरकार एवं राज्य शासन के द्वारा समय-समय पर जारी गाईड लाईन अनुसार कंटेंटमेंट जोन में लाकडाउन का कडाई से पालन सुनिश्चत करने हेतु श्री बृजेश तिवारी,थाना प्रभारी,थाना धरसींवा रायपुर, मो.नं. 94791-91054,94242-90979 को जिम्मेदारी दी गई है।


रायपुर : ट्रक चोरी करके छुपाने की नियत से करा दिया था पेंट, पुलिस ने पकड़ा

रायपुर : ट्रक चोरी करके छुपाने की नियत से करा दिया था पेंट, पुलिस ने पकड़ा

16-Jul-2020

रायपुर : राजधानी के आमानाका पुलिस ने एक अंतर्राज्यीय ट्रक चोर को पकड़ा है आरोपी ट्रक चोर  जयदीप सिंह जोहल है जो पंजाब का रहने वाला है आरोपी टाटीबंध से ट्रक को चोरी करके उसे छुपाने के लिए दूसरे रंग से पेंट करा दिया था ताकि उसकी चोरी पकड़ में न आए लेकिन पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर ही लिया और जेल दाखिल कर दिया 


रायपुर : चोरी के वाहनों के कटिंग पार्ट्स बेचने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार, मुख्य आरोपी उड़ीसा निवासी

रायपुर : चोरी के वाहनों के कटिंग पार्ट्स बेचने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार, मुख्य आरोपी उड़ीसा निवासी

15-Jul-2020

रायपुर : उरला पुलिस ने आज ऐसे लोगों को गिरफ्तार किया है जो चोरी किए हुए वाहनों को काटकर उनके कटिंग पार्ट्स मार्केट में बेचते थे पुलिस ने मुख्य अंतर्राज्यीय आरोपी दिनेश सिंह उड़ीसा निवासी को गिरफ्तार किया है साथ ही दो अन्य सहयोगियों को भी गिरफ्तार किया है इसके पास से पुलिस ने  वाहनों के कटिंग पार्ट्स, रेलवे का लोहा एवं अन्य कबाड़ बरामद किया है पुलिस इनके खिलाफ आगे की कार्यवाही कर रही है ।

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बिलासपुर : महुआ शराब बना रहे चार लोगों को पुलिस ने किया गिरफ्तार, 32 लीटर महुआ शराब जप्त

बिलासपुर : महुआ शराब बना रहे चार लोगों को पुलिस ने किया गिरफ्तार, 32 लीटर महुआ शराब जप्त

14-Jul-2020

बिलासपुर : रतनपुर पुलिस ने ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यवाही करते हुए एक मकान से  32 लीटर अवैध महुआ शराब जप्त किया है बताया जा रहा है कि एक मकान में महुआ से शराब बनाया जा रहा था जहाँ पुलिस ने दबिश देकर 4 लोगों को वहां से गिरफ्तार किया और उनके पास से 32 लीटर महुआ शराब भी जप्त किया 


रायपुर : डॉ. भीमराव अम्बेडकर अस्पताल के कार्डियक यूनिट से हजारों को मिली नई जिंदगी

रायपुर : डॉ. भीमराव अम्बेडकर अस्पताल के कार्डियक यूनिट से हजारों को मिली नई जिंदगी

13-Jul-2020

-  जटिल ऑपरेशन कर मरीजों की बचाई जान

- लाभान्वितों में 102 वर्ष के बुजुर्ग और 20 दिन का नवजात भी शामिल

रायपुर 13 जुलाई : प्रदेश के डॉ. भीमराव अम्बेडकर अस्पताल का कार्डियक यूनिट दिल के मरीजों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। यहां न केवल दिल की भिन्न तरह की बीमारियों का निदान किया गया है, बल्कि दिल के मरीजों को नया जीवन भी दिया है।

नया जीवन पाने वालों में 102 वर्ष के बुजुर्ग और 20 दिन का नवजात भी शामिल हैं। कैथलैब के आंकड़ों पर नजर डालें तो अब तक दिल की करीब 6423 जटिल प्रक्रिया हुई है। वहीं एडवांस प्रक्रिया मिलाकर 7500 दिल के मरीजों को नई जिंदगी मिली है। कार्डियक यूनिट में पहली बार एलएए डिवाइस (लेफ्ट एटरियल एपैन्डेज क्लोजर डिवाइस) का सफल ऑपरेशन कराए मरीज की बेटी वर्षा का कहना है “लोग सरकारी अस्पताल के नाम से डरते हैं, और सोचते हैं इलाज ठीक नहीं मिलेगा। मगर मेरे पापा को नई जिंदगी सरकारी अस्पताल में ही मिली। कार्डियक यूनिट में पहली बार एलएए का सफल ऑपरेशन हुआ और मेरे पापा ठीक हैं।“ दूसरी ओर कार्डियक यूनिट के डॉक्टरों डॉ. स्मित श्रीवास्तव, डॉ. कृष्णकांत साहू, डॉ. निशांत सिंह चंदेल और डॉ.जोगेश का प्रयास भी है कि लोग सरकारी अस्पतालों के प्रति अपनी सोच को बदलें और अस्पताल में उपलब्ध बेहतर इलाज का लाभ लें।

कहते हैं मरीज - जटिल प्रक्रियाओं से गुजरकर नया जीवन पाने वाले मरीजों के मुताबिक --

1. “रोग दूर हुआ, बच गई जान" - रायपुर निवासी 65 वर्षीय रमेश साह ( परिवर्तित नाम) के अनुसार उनके दिल में रक्त का थक्का बन रहा है। कई जगह इलाज कराया मगर, रोग दूर नहीं हुआ। अम्बेडकर अस्पताल पहुंचने पर यहां डॉक्टरों ने उनके दिल में एलएए डिवाइस (लेफ्ट एटरियल एपैन्डेज क्लोजर डिवाइस) लगाया और दो माह के लिए खून पतला करने की दवा दी। रमेश ने कहा “बिटिया की शादी थी और उसका कन्यादान कर रहे थे, उसी वक्त लकवा का अटैक आया। यदि अम्बेडकर अस्पताल के डॉक्टरों ने दिल में डिवाइस नहीं लगाई होती तो शायद मेरा बचना मुश्किल था।“

2. “जान तो यहीं आकर बची है”-  रायपुर निवासी शीला ( परिवर्तित नाम) बताती हैं “15-20 सालों से उनका ब्लडप्रेशर (बीपी) काफी हाई (200/150 ) रहता था। कई डॉक्टरों को दिखाया, ढेरों दवाएं खानी पड़ती थी, मगर आराम नहीं हुआ । पड़ोसी ने अम्बेडकर अस्पताल के कार्डियक विभाग में दिखाने की सलाह दी। अम्बेडकर में पहुंची तो यहां किडनी की एंजीयोग्राफी की तो पता चला दोनों कि़डनियां 90 प्रतिशत प्रतिशत किडनी काम नहीं कर रही थी और हार्ट में भी ब्लाक था I इसके बाद स्टेंट डाला गया। आज 4 वर्ष हो गए मुझे किसी तरह की परेशानी नहीं है और मेरा बीपी भी 140/70 रहने लगा है।“

कैथलैब में एजीयोग्राफी एक नजर में - कैथलैब ने हजारों को नई जिंदगी दी है। यदि एंजियोग्राफी का कुछ साल का ही आंकड़ा देखें तो साल दर साल मरीजों को लाभ ही मिला है।  वर्ष 2009 में 41, 2010 में 220, 2011 में 140, 2012 में 66, 2013 में 110, 2014 में 644 एंजियोग्राफी हुई। वर्तमान में भी यह क्रम निरंतर जारी है।

एडवांस प्रक्रियाएं एक नजर में - नामचीन अस्पतालों में ही एडवांस तकनीक द्वारा दिल के मरीजों का इलाज किया जाता था, परंतु अंबेडकर अस्पताल के कैथलैब में भी हजारों जटिल ऑपरेशन कर मरीजों की जान बचाई गई है। इनमें मुख्य रूप से पल्सीपेरीफेरल एंजियोप्लास्टी, ऑटोस्टेंटनिंग, बलून मिटरल वॉल्वोटॉमी,  पेडियाट्रिक पीडीए डिवाइस क्लोसर, नियोनेटल (20 दिन के नवजात की) बलून प्लूमूनरो वॉल्वोटॉमी आदि। इस तरह वर्ष 2015 से 2020 जून तक के आंकड़ें देखें तो 2015 में 969, 2016 में 1098, 2017 में 1306, 2018 में 1477, 2019 में 1238 तथा जून 2020 में 335 जटिल एवं सामान्य ऑपरेशन हुए  हैं।


दुर्ग : नंदिनी नगर क्षेत्र में सोना चांदी चमकाने के नाम पर ग्रामीणों से ठगी करने वाले दो आरोपी धरे गए

दुर्ग : नंदिनी नगर क्षेत्र में सोना चांदी चमकाने के नाम पर ग्रामीणों से ठगी करने वाले दो आरोपी धरे गए

11-Jul-2020

दुर्ग : नंदिनी नगर क्षेत्र में सोना चांदी चमकाने के नाम पर ग्रामीणों से ठगी करने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है बताया जा रहा है कि गिरफ्तार किया गया आरोपी चंदन निषाद यात्री ट्रेनों में चोरी/उठाई गिरी करता है अभी लॉकडाउन में ट्रेन के बंद होने के कारण आरोपी ने दूसरा पेशा अपनाते हुए यह ठगी का तरीका निकाला और क्षेत्र में सोना चांदी चमकाने के नाम पर ग्रामीणों से ठगी कर रहा था जिसे  डायल 112 की टीमें और नंदिनी पुलिस की सजगता से घेराबंदी करके पकड़ा गया मुख्य आरोपी के साथ उसके सहयोगी को भी पकड़ा गया है.


कोरोना वॉरियर 108 एंबुलेंस कर्मियों का हुआ सम्मान

कोरोना वॉरियर 108 एंबुलेंस कर्मियों का हुआ सम्मान

10-Jul-2020

- शील्ड और प्रशस्तीपत्र देकर, समर्पण कार्य को सराहा

कोरबा 10 जुलाई :चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मी जहां लोगों को कोरोना वायरस से बचाने के लिए तत्पर हैं वहीं दूसरी ओर एंबुलेंस कर्मी अपने समाजिक दायित्व को निभाते हुए कार्य कर रहे हैं। ऐसे ही 108 कोरोना वॉरियर्स की कर्तव्य परायणता देखते हुए उनका सम्मान सीएमएचओ कार्यालय कोरबा में किया गया।

सीएमएचओ कोरबा डॉ. बी.बी. बोर्डे के मार्गदर्शन में जिला कार्यक्रम अधिकारी पद्माकर शिंदे के नेतृत्व में 108 एंबुलेंस कर्मियों को उनके कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। जिले में कोरोना का प्रथम केस सामने आने से लेकर आज दिनांक तक पूरी तन्मयता से कोरोना पॉजिटिव मरीजों, संदिग्ध मरीजों को एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल रायपुर, बिलासपुर एवं अन्य अस्पतालों तक लाने- ले जाने वाले कर्मठ एंबुलेंस कर्मियों को शील्ड और प्रशस्तीपत्र प्रदान किया गया।

सीएमएचओ डॉ. बी.बी. बोर्डे ने बताया जिले  में जब से कोरोना वायरस से संक्रमितों की संख्या दर्ज की गई है तब से ये एंबुलेंस कर्मी अपनी जान की परवाह किए बिना ही मरीजों की सेवा में तत्पर हैं। उनकी कर्तव्य परायणता किसी  चिकित्सक एवं स्वास्थ्य कर्मी से कम नहीं है। चाहे रात हो या फिर दिन यह कोरोना वॉरियर्स  पवनपुत्र योद्धा कोरोना मरीजों की सेवा पूरी तन्मयता से कर रहे हैं।  सम्मान के औपचारिक कार्यक्रम में जिला टीकाकरण एवं सर्विलेंस अधिकारी डॉ. कुमार पुष्पेश, सीपीएम अशोक सिंह, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. के.एल. ध्रुव, एपीडेमोलॉजिस्ट डॉ. प्रेम प्रकाश आनंद, स्टोर इंचार्ज जयसिंह एवं देवेन्द्र गुर्जर मुख्य रूप से उपस्थित थे। इस दौरान सभी स्वास्थ्य अधिकारियों ने कोरोना वायरस से बचने और सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए कार्य करने का आह्वान किया। मौके पर 108 एंबुलेंस के कोरबा जिला प्रबंधक सूरज राव ने टीम के साथ कोरोना महामारी के दौरान पूरी तरह सेवा कार्य में जुटे रहने के संकल्प को दोरहाया।

इनका हुआ सम्मान- जिन कर्मियों का सम्मान हुआ उनमें 108 एंबुलेंस के कोरबा जिला प्रबंधक सूरज राव, ईएमटी अरूण बंजारे, चन्द्र प्रकाश, सुमंत राठौर, पायलट मोतीपाल यादव, रमाकांत रोहिदास, प्यारेलाल एवं किशोर जायसवाल मुख्य हैं।

 


शिक्षा विभाग के सहायक ग्रेड-2 पर मनमानी करने और कमीशन लेने का आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग

शिक्षा विभाग के सहायक ग्रेड-2 पर मनमानी करने और कमीशन लेने का आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग

10-Jul-2020

TNIS- सुभाष गुप्ता 

कई निजी विद्यालयों का आरटीई का पैसा लटकाया 
निलंबन के बावजूद बिना कोई जांच के पुनः बहाल

सूरजपुर : शिक्षा विभाग के कर्मचारियों की मनमानी लगातार सामने आ रही है, अधिकारियों और नेताओं के सह पर कर्मचारियों की मनमानी जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय सूरजपुर में चरम पर है. छूटभैया नेताओं के दम पर यहां के कर्मचारी किसी को भी अपने पद का धौंस दिखाते हैं तथा अपनी ही मनमानी करते हैं. ऐसा ही एक मामला प्रकाश में आया है, जिसमें भैयाथान रोड सूरजपुर निवासी मुरली प्रसाद के द्वारा नव पदस्थ कलेक्टर सूरजपुर रणवीर शर्मा को लिखित शिकायत किया गया है. शिकायत में उल्लेख किया गया है कि जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय सूरजपुर में पदस्थ सहायक ग्रेड-2 जुगेश्वर प्रसाद के द्वारा प्रार्थी को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने, झूठे केस में फंसाने, बदनाम करने का आरोप लगाया गया है. उन्होंने यह भी उल्लेख किया है कि उक्त कर्मचारी के द्वारा उनको धमकाया जाता है और जान से मारने की धमकी दी जाती है. इसके साथ ही प्रार्थी का यह भी कहना है कि उक्त कर्मचारी के द्वारा निजी विद्यालय के संचालन के एवज में कमीशन की मांग की जाती है. प्रार्थी द्वारा नव पदस्थ कलेक्टर रणबीर शर्मा से गुहार लगाकर शिकायत के संबंध में विशेष टीम बनाकर मामले की निष्पक्ष जांच करवाने तथा कार्यवाही की मांग की गई है.

100-150 निजी विद्यालयों को आज तक नहीं मिला आरटीई का पैसा

जिले में लगभग 250 मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों का संचालन होता है. शासन के प्रावधान के अनुसार स्कूल संचालकों के खाते पर 25 प्रतिशत आरटीई का पैसा डाला जाता है, लेकिन उक्त कर्मचारी के द्वारा कमीशन ना देने पर यह पैसा जारी नहीं किया जाता है. आज तक लगभग 150 विद्यालयों के आरटीई का भुगतान लटका हुआ है. इस संबंध में पूछे जाने पर सहायक ग्रेड के द्वारा शासन से बजट ना आने की बात कह पल्ला झाड़ लिया जाता है.

निलंबन के बावजूद बगैर जांच पुनः बहाल
निजी विद्यालयों से पैसा लेने के एवज में उक्त सहायक ग्रेड को जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया था, लेकिन इन सबके बावजूद 10 दिन भी नहीं गुजरे की बगैर जांच व कार्यवाही के इनको पुनः बहाल कर दिया गया। ऐसे में सवाल यह खड़ा होता है कि आखिर इस पर एक्शन क्यों नहीं लिया जा रहा है. ऐसी क्या वजह है जो निलंबन के बावजूद बगैर जांच के 10 दिन में ही बहाल कर दिया जाता है.

निजी स्कूलों को मान्यता देने, कमीशन की मांग
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि उक्त सहायक ग्रेड के द्वारा जिले में निजी स्कूलों के संचालन और नवीनीकरण के एवज में कमीशन की मांग की जाती है और कमीशन ना देने पर काम लटका दिया जाता है. निजी स्कूल संचालकों के द्वारा कई बार उक्त कर्मचारी के अड़ियल रवैया के विरुद्ध शिकायत की गई है बावजूद इसके इस पर कोई कार्यवाही नहीं हुई.

जान से मारने की धमकी
प्रार्थी के द्वारा नव पदस्थ कलेक्टर सूरजपुर रणवीर शर्मा से शिकायत की गई है कि सहायक ग्रेड-2 जुगेश्वेर प्रसाद के द्वारा 10 चक्के वाली लारी से कुचलवाकर जान से मारने की धमकी दी जाती है। जिससे प्रार्थी सहमा हुआ है. उन्होंने यह भी किया है कि अगर मुझे या मेरे परिवार के किसी सदस्य को कुछ होता है तो इसकी जिम्मेवारी उक्त कर्मचारी की होगी। उन्होंने कलेक्टर से गुहार लगाते हुए कहा है कि उक्त कर्मचारी के खिलाफ समय रहते हैं कोई कार्यवाही नहीं हुई तो मैंने आने में याचिका दायर करने एवं मानहानि का दवा करने के लिए बाध्य हो जाऊंगा।


बिलासपुर : घरो में चोरी करने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार, सोना चांदी के जेवर व नकदी सहित करीब 5 लाख का सामान बरामद

बिलासपुर : घरो में चोरी करने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार, सोना चांदी के जेवर व नकदी सहित करीब 5 लाख का सामान बरामद

09-Jul-2020

बिलासपुर : जिले के सकरी थाना क्षेत्र में चोरी की घटना को अंजाम देने वाले तीन चोरों को पुलिस ने 48 घंटो में लगातार पतासाजी करके पकड़ने में सफलता हासिल की है आरोपियों से पूछताछ में 2 चोरी के प्रकरण का खुलासा हुआ है गिरफ्तार किए गए तीनो आरोपी जिला छोड़कर भागने की फ़िराक में थे लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया पुलिस ने उनके पास से सोना चांदी के जेवर व नकदी सहित करीब 5 लाख का सामान एवं घटना में प्रयुक्त सब्बल बरामद किया है पकड़े गए आरोपियों पर पहले भी चोरी एवं लूट के प्रकरण में कार्रवाई हो चुकी है.  

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रायपुर : ‘गोधन न्याय योजना‘: गावों मे अतिरिक्त आमदनी का जरिया

रायपुर : ‘गोधन न्याय योजना‘: गावों मे अतिरिक्त आमदनी का जरिया

09-Jul-2020

रायपुर : गोधन न्याय योजना गांव में अतिरिक्त आमदनी का जरिया साबित होगा। राज्य सरकार की दूरदर्शिता से पशु पालकों और किसानों के हित मे बनाई गई यह योजना राज्य के किसानों के लिए आर्थिक समृद्धि का आधार बनेगी। गांवों में गौठान आजीविका का केन्द्र बनेगा, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। इस योजना से किसान अतिरिक्त आमदनी जुटाकर अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकते है। किसानों के साथ-साथ हर वर्ग को इस योजना से फायदा होगा। गोधन न्याय योजना के माध्यम से तैयार होने वाले वर्मी कम्पोस्ट खाद की बिक्री सहकारी समितियों के माध्यम से होगी। राज्य मे किसानों के साथ-साथ वन, कृषि, उद्यानिकी, नगरीय प्रशासन विभाग को पौधरोपण एवं उद्यानिकी की खेती के समय बड़ी मात्रा मे खाद की जरुरत होती है। इसकी आपूर्ति इस योजना के माध्यम से उत्पादित खाद से हो सकेगी।

  जांजगीर-चांपा जिले में राज्य सरकार की सुराजी गांव योजना नरवा, गरुवा, घुरवा अऊ बाड़ी के तहत सभी 9 विकासखण्डों मे 335 गौठान निर्माण स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से 209 गौठानों का कार्य पूर्ण हो चुके हैं और शेष गोठान का कार्य प्रगतिरत है। गावों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए तैयार की गई गोधन न्याय योजना के तहत छुट्टा घुमने वाले पशुओं को गोठान में एकत्र कर रखा जाएगा। इससे फसलों की सुरक्षा होगी। गोठान में एकत्र गोबर से वर्मी कम्पोस्ट खाद बनाया जाएगा। खाद बिक्री से गौठान समिति, किसानों और पशु पालकों को अतिरिक्त आमदनी होगी। शहरों में खुले में घुमने वाले पशुओं की रोकथाम होगी, जानमाल एवं फसल नुकसान पर लगाम लगेगी।

वर्मी कम्पोस्ट से जैविक खेती को बढ़ावा मिलेगा। रासायनिक खादों के नकारात्मक प्रभाव से निजात मिलेगी। किसान फसलों का अधिक उपज ले सकेंगे। इस खाद से भूमि की उर्वरता भी बढ़ेगी। पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से भी यह योजना महत्वपूर्ण है। फसल कटाई के बाद खेतों मे पैरा सहित फसल अपशिष्ट जला दिया जाता है। इससे पर्यावरण को भी नुकसान पहुँचता है। फसल अपशिष्ट पैरा मवेशियों के चारा के रूप में उपयोग होगा। किसान खेत में पैरा नहीं जलाएगें, पर्यावरण की सुरक्षा भी होगी।


दुर्ग : कर्ज माफी और 2500 रुपए में धान खरीदी का इफेक्ट,  पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 52 फीसदी अधिक ट्रैक्टर बिके

दुर्ग : कर्ज माफी और 2500 रुपए में धान खरीदी का इफेक्ट, पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 52 फीसदी अधिक ट्रैक्टर बिके

08-Jul-2020

TNIS

राज्य शासन की किसान हितैषी योजनाओं, राजीव गांधी किसान न्याय योजना के असर से खेती की ओर लौट रहे किसान, सरकार के खेती किसानी को प्रोत्साहन देने के चलते आधुनिक खेती की ओर बढ़ रहे किसान, जून महीने में 134 ट्रैक्टरों का रजिस्टेªशन हुआ जो पिछले साल इसी महीने के 82 ट्रैक्टरों की बिक्री के मुकाबले 52 फीसदी अधिक

दुर्ग 8 जुलाई : राज्य सरकार की कृषि को बढ़ावा देने की योजनाओं का लाभ आटोमोबाइल सेगमेंट में नजर आने लगा है। पिछले साल जून महीने में आरटीओ आफिस में 82 ट्रैक्टरों का पंजीयन हुआ था। इस साल जून महीने में कराए गए रजिस्ट्रेशन की संख्या 134 है। यह पिछले साल के मुकाबले 52 फीसदी अधिक है। उल्लेखनीय है कि दुर्ग जिले में 226 टैªक्टर बिके हैं। जिसमें 92 जिले के स्थानीय डीलरों से अन्य जिले के किसानों ने क्रय किए हैं। कोरोना के चलते अर्थव्यवस्था में आए दबाव और पूरे देश में इसके असर के बावजूद दुर्ग जिले में बिक्री में आया यह उफान यह बताता है कि राज्य शासन द्वारा खेती-किसानी को आगे बढ़ाने वाली योजनाओं का जमीनी स्तर पर अच्छा असर हुआ है और किसान अब इस स्थिति में आ रहे हैं कि आधुनिक खेती की ओर बढ़ें।
 
यह आंकड़े इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि पिछली बार भी कर्ज माफी के चलते और 2500 रुपए में धान खरीदी के चलते किसानों को खेती से काफी संबल मिला। उन्हें खेती पर निवेश करने का अवसर मिला और ट्रैक्टर की बिक्री में काफी इजाफा हुआ। छत्तीसगढ़ में जून महीने में ट्रैक्टर की खासी संख्या में बिक्री होती है क्योंकि खरीफ फसल लेने से पूर्व सबसे ज्यादा लोग खरीदते हैं। ऐसे में इस बार पिछले साल की तुलना में भी ट्रैक्टर की अधिक बिक्री होना काफी महत्वपूर्ण है। कारों की बिक्री में भी इजाफा हुआ। उल्लेखनीय है कि पिछले साल जून महीने में 360 कारें बिकीं थीं, इस साल इसी महीने में 387 कार बिकी है।


इस तरह से मिला राजीव किसान न्याय योजना से संबल- बीते वर्षों में खेती किसानी से आर्थिक लाभ की संभावना कम होती जा रही थी। कर्जमाफी के निर्णय ने किसानों को उबार लिया, फिर दूसरी सकारात्मक बात 2500 रुपए में धान खरीदी के निर्णय को लेकर हुई। इन दोनों बातों से किसान के पास खेती में निवेश करने के लिए अवसर आए हैं। इसके साथ ही राजीव गांधी किसान न्याय योजना के माध्यम से भी किसानों को संबल दिया गया। पहली किश्त में ही जिले के 80 हजार किसानों के खाते में इस योजना से 64 करोड़ रुपए की राशि आई है। स्वाभाविक रूप से इसका उपयोग किसानों ने अपनी खेती की बेहतरी के लिए किया।

बुनियाद पर फोकस करने वाली नीतियों के अच्छे परिणाम- मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रदेश की अर्थव्यवस्था की बुनियाद को दृढ़ करने की कोशिश की गई। यह बुनियाद कृषि है। इसका अच्छा परिणाम देखने में आया है लोग खेती की ओर लौट रहे हैं। खेती में बढ़ते आर्थिक अवसरों के चलते और किसानों की ठोस आर्थिक स्थिति के चलते बाजार में भी इसका अच्छा असर हुआ है और कोरोना काल में भी छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था संभली रही।

‘’ट्रैक्टर और कारों की बिक्री में जून महीने में पिछले साल की तुलना में भी ज्यादा बढोत्तरी दर्ज की गई है।टैªक्टर की बिक्री में जून महीने में 52 प्रतिशत तथा कार की बिक्री में जून महीने में 27 फीसदी अधिक दर्ज की गई।‘’

क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी श्री अतुल विश्वकर्मा


छत्तीसगढ़ में औद्योगिक गतिविधियों ने फिर पकड़ी रफ्तार : 80 प्रतिशत उद्योगों में उत्पादन शुरू, डेढ़ लाख से ज्यादा लोगों को मिल रहा रोजगार

छत्तीसगढ़ में औद्योगिक गतिविधियों ने फिर पकड़ी रफ्तार : 80 प्रतिशत उद्योगों में उत्पादन शुरू, डेढ़ लाख से ज्यादा लोगों को मिल रहा रोजगार

08-Jul-2020

प्रदेश में 258 नई इकाईयों में 550 करोड़ रूपए का हुआ पूंजी निवेश

लॉकडाउन में भी चलते रहे उद्योग: लौह-इस्पात उद्योगों में
27 लाख मीट्रिक टन उत्पादन

रायपुर : लॉकडाउन समाप्त होने और अनलॉक शुरू होने के साथ ही छत्तीसगढ़ में औद्योगिक गतिविधियों ने फिर जोर पकड़ लिया है। न केवल औद्योगिक उत्पादन में तेजी आई है, साथ ही बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी निर्मित हो रहे हैं। अब तक राज्य की 80 प्रतिशत औद्योगिक इकाईयां सक्रिय हो चुकी है और कोविड के मापदंडों का पालन करते हुए डेढ़ लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार उपलब्ध करा रहे हैं।

    कोरोना संकट शुरू होने के बाद मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के निर्देश पर लॉकडाउन के दौरान भी औद्योगिक गतिविधियों को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए रणनीति तैयार कर ली गई थी। इस दौरान सभी जरूरी सावधानियों के साथ प्रदेश के उद्योगों में उत्पादन होता रहा है, किन्तु अब लॉकडाउन समाप्त होने और अनलॉक शुरू होने के बाद उद्योगों को और ज्यादा रियायतें मिल गई है, जिससे उत्पादन में उत्तरोतर वृद्धि हो रही है।

    मार्च 2020 से जून 2020 के मध्य 258 नवीन औद्योगिक इकाईयों में लगभग 550 करोड़ रूपए का पूंजी निवेश किया गया, जिसमें 3360 व्यक्तियों को रोजगार के अवसर मिला है। इस अवधि में राज्य के लौह इस्पात उद्योगों द्वारा 27 लाख मीट्रिक टन लोहे का उत्पादन किया गया। राज्य सरकार द्वारा लॉकडाउन अवधि में अतिआवश्यक मेडिकल सामग्री निर्माण तथा खाद्य आधारित इकाईयों का निर्बाध संचालन सुनिश्चित कराया गया। राज्य सरकार द्वारा त्वरित निर्णय लेते हुए सेनेटाईजर के उत्पादन के लिए डिस्टलरियों को लाईसेंस दिए गए तथा पैकिंग सामग्री निर्माण की सुविधा देकर प्रदेशभर में इनका वितरण सुनिश्चित किया गया।

    इस अवधि में बैंकों के माध्यम से 2 हजार लघु एवं सूक्ष्म इकाईयों के लिए लगभग 36 करोड़ रूपए की ऋण राशि हितग्राहियों को वितरित की गई। इसी प्रकार राज्य सरकार द्वारा 848 औद्योगिक इकाईयों को 103 करोड़ रूपए का अनुदान वितरित किया गया। राज्य की 282 औद्योगिक इकाईयों को स्टाम्प शुल्क से छूट दी गई। इसी तरह राज्य सरकार द्वारा 101 स्थानों पर फूडपार्क के लिए 1300 हेक्टेयर भूमि चिन्हित की गई तथा 15 स्थानों पर 200 हेक्टेयर भूमि का हस्तांतरित की गई, जहां फूडपार्क की स्थापना का कार्य प्रारंभ हो गया है।
    उल्लेखनीय है कि लॉकडाउन समाप्त हुआ तो पड़ोसी राज्यों से सबसे पहले छत्तीसगढ़ में औद्योगिक इकाईयां संचालित होना शुरू हुई। प्रदेश में बड़े उद्योग लॉकडाउन के दौरान भी कम क्षमता के साथ संचालित हो रहे थे। चाहे भिलाई इस्पात संयंत्र हो या फिर बाल्को या एसईसीएल हो, खदानें भी कम उत्पादन क्षमता के साथ संचालित हो रही थी। मार्च के अंत में जो औद्योगिक इकाईयां बंद हो गई थी, वे 23 अप्रैल से संचालित होना शुरू हो गई।


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