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रियल इस्टेट सेक्टर के उपभोक्ताओं के हितों के संरक्षण का महत्वपूर्ण फोरम है, अपीलेट ट्रिब्यूनल: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

रियल इस्टेट सेक्टर के उपभोक्ताओं के हितों के संरक्षण का महत्वपूर्ण फोरम है, अपीलेट ट्रिब्यूनल: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

02-Jul-2022

'द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार 

मुख्यमंत्री ने रियल इस्टेट अपीलेट ट्रिब्यूनल के नवनिर्मित भवन का किया वर्चुअल लोकार्पण

नवनिर्मित भवन का किया वर्चुअल लोकार्पण

नवनिर्मित भवन का किया वर्चुअल लोकार्पण

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज यहां अपने निवास कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए राजधानी रायपुर के मौलश्री विहार कॉलोनी में रियल इस्टेट अपीलेट ट्रिब्यूनल के नवनिर्मित भवन का वर्चुअल लोकार्पण किया। कार्यक्रम स्थल पर रियल इस्टेट अपीलेट ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष जस्टिस श्री शरद कुमार गुप्ता ने नवनिर्मित भवन का फीता काटा।

      मुख्यमंत्री श्री बघेल ने इस अवसर पर कहा कि रियल इस्टेट (रेगुलेशन एन्ड डेवलोपमेन्ट) एक्ट 2016 के तहत रियल एस्टेट सेक्टर से जुड़े विवादों के निराकरण के लिए रेरा और रियल इस्टेट अपीलेट ट्रिब्यूनल फोरम बनाए गए हैं। रेरा या अन्य एड्यूडिकेटिंग अथॉरिटी के निर्णय से असंतुष्ट पक्ष रियल इस्टेट अपीलेट ट्रिब्यूनल में अपील कर सकेंगे। उपभोक्ताओं और कॉलोनाइजरों के हितों के संरक्षण में रियल इस्टेट अपीलेट ट्रिब्यूनल एक महत्वपूर्ण फोरम साबित होगा।

         मुख्यमंत्री ने कहा कि रियल स्टेट के कारोबार में एक तरफ आम उपभोक्ता होता है, तो दूसरी तरफ बिल्डर और कॉलोनाइजर होते हैं। दोनों के अपने-अपने हित होते हैं। दोनों के हितों का संरक्षण शासन का दायित्व है। रियल स्टेट के कारोबार में जितनी अधिक पारदर्शिता होगी, और जितने कम विवाद होंगे, यह सेक्टर उतनी ही तेजी से ग्रोथ करेगा। रियल इस्टेट के क्षेत्र में प्रमोटर की मनमानी को रोकने के लिए रियल इस्टेट ( रेग्युलेशन एंड डेवलपेंट) एक्ट 2016 संसद द्वारा पारित किया गया था। इस अधिनियम के तहत विवादों के हल के लिए दो फोरम हैं। पहला फोरम है रेरा, और दूसरा फोरम अपीलेंट ट्रिब्यूनल है। अपीलेंट ट्रिब्यूनल के जरिये रेरा या एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी के आदेश से असंतुष्ट व्यक्ति अपील प्रस्तुत कर सकता है। छत्तीसगढ़ में आज पक्षकारों की सुविधाओं में बढ़ोतरी करते हुए अपीलीय ट्रिब्यूनल के कार्यलय भवन का उद्घाटन किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साढ़े तीन वर्षों के दौरान तमाम तरह की चुनौतियों के बावजूद छत्तीसगढ़ के हर सेक्टर में अच्छी ग्रोथ हुई, इनमें रियल इस्टेट सेक्टर भी शामिल है। उन्होंने कहा कि रियल इस्टेट सेक्टर लोगों के सपनों से जुड़ा हुआ है। एक सुंदर सा घर हर व्यक्ति का सपना होता है। शासन स्तर पर विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लोगों की आवास संबंधी जरूरत पूरी करने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। रियल स्टेट सेक्टर को रियायतें और सुविधाएं देकर प्रोत्साहित किया जा रहा है।

          रियल स्टेट अपीलेट ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष जस्टिस श्री शरद कुमार गुप्ता, ने इस अवसर पर कहा कि रियल इस्टेट सेक्टर में अपनी पूंजी लगाकर भवन, जमीन, दुकान के खरीददारों को शोषण से बचाने और उनके हितों की रक्षा के लिए अपीलेट ट्रिब्यूनल की स्थापना की गई है। उन्होंने कहा कि रियल इस्टेट ट्रिब्यूनल का महत्व इसी से समझा जा सकता है कि इसके अध्यक्ष उच्च न्यायालय के सेवा निवृत्त न्यायाधीश ही हो सकते हैं। यह ट्रिब्यूनल रेरा या एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी के आदेश की वैधानिकता की जांच का महत्वपूर्ण फोरम है।  

            इस अवसर पर मुख्यमंत्री निवास में खाद्य एवँ संस्कृति मंत्री श्री अमरजीत भगत, संसदीय सचिव श्री यू.डी. मिंज, छत्तीसगढ़ हस्त शिल्प विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री चंदन कश्यप, विधायक डॉ. विनय जायसवाल, श्री देवेन्द्र यादव, श्री प्रकाश नायक, श्री मोहित केरकेट्टा, श्रीमती अनिता योगेंद्र शर्मा, और कार्यक्रम स्थल पर रियल स्टेट अपीलेट ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष जस्टिस श्री शरद कुमार गुप्ता, छत्तीसगढ़ लोक आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति श्री टी.पी. शर्मा, छत्तीसगढ़ वाणिज्यिक कर अधिकरण के अध्यक्ष न्यायमूर्ति श्री आर.पी. शर्मा, राज्य मानवाधिकार आयोग के सदस्य श्री एन.सी. सांखला, महाधिवक्ता श्री सतीशचंद्र वर्मा, राज्य उपभोक्ता प्रतितोष आयोग की रजिस्ट्रार सुश्री उदय लक्ष्मी परमार, विधि एवं विधायी कार्य विभाग के प्रमुख सचिव श्री आर. के. तिवारी और मुख्यमंत्री के सचिव डॉ.एस.भारतीदासन भी उपस्थित थे।

 


दाई-दीदी क्लीनिकों में एक लाख से अधिक महिलाओं का किया गया निःशुल्क इलाज...

दाई-दीदी क्लीनिकों में एक लाख से अधिक महिलाओं का किया गया निःशुल्क इलाज...

02-Jul-2022

'द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार 

18781 महिलाओं के लैब टेस्ट

98 हजार से ज्यादा महिलाओं को दी गई निःशुल्क दवाईयां

रायपुर : छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा संचालित दाई-दीदी क्लिनिक योजना के तहत रायपुर, बिलासपुर एवं भिलाई नगर निगम क्षेत्रों की गरीब स्लम बस्तियों में रहने वाली महिलाओं एवं बच्चियों का उनके घर के पास दाई-दीदी क्लिनिक की मोबाइल मेडिकल यूनिट के वाहन में महिला चिकित्सकों की टीम पहुंचती है और जरूरतमंद महिलाओं एवं बच्चियों की विभिन्न बीमारियों का निःशुल्क इलाज करती है। गरीब स्लम क्षेत्र में रहने वाली मेहनत मजदूरी करने वाली महिलाएं कई कारणों से अपना इलाज नहीं करा पाती हैं। ऐसी महिलाओं का इलाज उनके घर के पास ही दाई-दीदी क्लिनिक द्वारा अब किया जा रहा है। दाई-दीदी क्लिनिक योजना के तहत अब तक करीब एक हजार 405 कैम्प लगाएं गए, जहां पर एक लाख 4 हजार 485 से अधिक महिलाओं का इलाज किया गया है। मोबाइल मेडिकल यूनिट द्वारा 18 हजार 781 महिलाओं का लैब टेस्ट किया गया और 98 हजार 890 महिलाओं को निःशुल्क दवाईयां दी गई।


हिम्मत और हुनर का साथ हो तो कोई अक्षमता सफलता में बाधा नहीं बनती...

हिम्मत और हुनर का साथ हो तो कोई अक्षमता सफलता में बाधा नहीं बनती...

02-Jul-2022

'द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार 

दिव्यांग गिरजा ने हिम्मत और हुनर से पाई सफलता

ज्वेलरी डिजाइनिंग का प्रशिक्षण देकर बेसहारा दिव्यांगों को बना रही आत्मनिर्भर

छत्तीसगढ़ निःशक्तजन वित्त एवं विकास निगम की मदद से स्वावलंबन की ओर बढ़ाया कदम

रायपुर : छत्तीसगढ़ निःशक्तजन वित्त एवं विकास निगम की मदद से स्वावलंबन की ओर बढ़ाया कदमहिम्मत और हुनर का साथ हो तो कोई अक्षमता सफलता में बाधा नहीं बनती है, यह साबित किया है रायपुर की अस्थिबाधित दिव्यांग श्रीमती गिरजा जलक्षत्री ने। चालीस प्रतिशत अस्थि बाधा से पीड़ित श्रीमती गिरजा ने अपनी दिव्यांगता को पीछे छोड़ते हुए आत्मनिर्भरता की मिसाल कायम की है। आज वह न सिर्फ इलेक्ट्रॉनिक और फोटो फ्रेमिंग का काम करती हैं, बल्कि कई बेसहारा दिव्यांगों को ज्वेलरी डिजाइनिंग सिखा कर उनके स्वावलंबन की राह तैयार कर रही हैं। उनके अधीन 20 दिव्यांग हैण्डमेड ज्वेलरी का प्रशिक्षण ले रही हैं। इनमें 5 पुरूष और 15 महिलाएं हैं। श्रीमती गिरजा द्वारा दिव्यांगजन के स्वावलंबन के दिशा में किए जा रहे काम के कारण उन्हें दिल्ली की संस्था द्वारा डॉ. सुब्रमणयम आवार्ड और एक लाख रूपये से सम्मानित किया गया है।

एक समय श्रीमती गिरजा 12 वीं तक पढ़ाई करने के बाद भी बेरोजगार थी। उनके पास हुनर था लेकिन काम शुरू करने के लिए पर्याप्त पैसे नहीं थे। इस दौरान उन्हें समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित छत्तीसगढ़ निःशक्तजन वित्त एवं विकास निगम के बारे में पता चला जो दिव्यांग व्यक्तियों को स्वरोजगार के लिए ऋण उपलब्ध कराती है। श्रीमती गिरजा ने निगम में 2 लाख 7 हजार रूपए के ऋण के लिए आवेदन किया। लोन स्वीकृति के बाद उन्होंने इलेक्ट्रिकल्स, इलेक्ट्रॉनिक और फोटो फ्रेमिंग के साथ हैंडमेड ज्वेलरी का काम शुरू किया। आज वह आत्मनिर्भर हैं और अपने परिवार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही है। वह अपने पति और बेटे के साथ खुशहाल जीवन बिता रही हैं। उन्होंने निगम द्वारा स्वीकृत पहली ऋण राशि की सफलता पूर्वक अदायगी कर दी है। अपने व्यवसाय को विस्तार देने के लिए उन्होंने अब वर्ष 2022-23 में 8 लाख रूपए का ऋण प्रस्ताव फिर से भेजा है।

दुकान की आय की बचत राशि से वह अपने घर पर ही दिव्यांगों को ज्वेलरी डिजायनिंग का प्रशिक्षण दे रही हैं। वह रेशमी धागे से आर्टिफीशियल ज्वेलरी निर्माण, धान से गले का सेट तथा झुमका निर्माण, निरमा साबुन फिनाईल, मसाला निर्माण का प्रशिक्षण कुशलता से देती हैं। इससे दिव्यांग हुनरमंद के साथ आत्मनिर्भर भी बन सकेंगे।


मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की घोषणाओं पर त्वरित अमल... उज्ञाव और अमृतपुर सहित 10 गांवों को किया गया सौर ऊर्जा से रोशन

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की घोषणाओं पर त्वरित अमल... उज्ञाव और अमृतपुर सहित 10 गांवों को किया गया सौर ऊर्जा से रोशन

02-Jul-2022

'द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार 

जाति प्रमाण पत्र कैम्प एवं खड़गवां में स्कूल भवन जीर्णाेद्धार का काम शुरू

कोरिया : मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के निर्देश पर त्वरित अमल करते हुए जिला प्रशासन द्वारा गांवों शिवपुर, सोनहरी, गोयनी, उज्ञाव, अमृतपुर, उधैनी, बघवार, चंदहा, आनंदपुर, कदना को सौर ऊर्जा से रोशन किया गया। जिले के सौर संयंत्र से संचालित ग्रामों में खराब व अकार्यशील बैटरी बैंक को बदलने की कार्यवाही की जा रही है जिससे गांवों को रोशन किया जा रहा है। सौर ऊर्जा से ग्रामीण विद्युतीकरण अंतर्गत स्थापित सोलर पावर प्लांट के अकार्यशील बैटरी बैंक को बदलने की कार्यवाही 10 सुदूर वनांचल गांवों में पूरी हो चुकी है। क्रेडा के प्रभारी अधिकारी ने बताया कि विद्युतविहीन गांवों में सौर ऊर्जा से विद्युतीकरण की कार्यवाही सतत जारी रहेगी।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने रामगढ़ में आयोजित भेंट-मुलाकात कार्यक्रम में सुदूर गांवों के सौर ऊर्जा से विद्युतीकरण कर निर्देश दिए थे।

जाति प्रमाण पत्र कैम्प शुरू
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने जिला प्रवास के दौरान जिले में बच्चों को महत्वपूर्ण दस्तावेज जाति प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने के लिए स्कूलों में कैम्प शुरू करने के निर्देश दिए थे जिसके परिपालन में स्कूलों में जाति प्रमाण पत्र बनाने के लिए विशेष शिविर आयोजित किये जा रहे हैं। जाति प्रमाणपत्र जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज तैयार कर स्कूलों में ही बच्चों को वितरित किये जायेंगे जिससे परिजनों को सहूलियत हो सके।

खड़गवां में स्कूल मरम्मत एवं संधारण का काम शुरू
पाराडोल में हुए भेंट मुलाकात कार्यक्रम में खड़गवां के उधनापुर के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के स्कूली बच्चों की स्कूल भवन के जीर्णाेद्धार की मांग पर तुरंत घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने बच्चों की मांग पूरी की। मुख्यमंत्री की घोषणा पर भवन मरम्मत एवं संधारण का कार्य भी शुरू कर दिया गया है। बच्चों की सुविधा के लिए तेज गति से काम किया जा रहा ळें


गरीबों की बस्तियों में डॉक्टर... मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य के माध्यम से 23 लाख से ज्यादा लोगों का इलाज

गरीबों की बस्तियों में डॉक्टर... मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य के माध्यम से 23 लाख से ज्यादा लोगों का इलाज

01-Jul-2022

'द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार 

मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य के माध्यम से 23 लाख से ज्यादा लोगों का इलाज

रायपुर : मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य के माध्यम से 23 लाख से ज्यादा लोगों का इलाजमुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना की मोबाइल मेडिकल यूनिट के चिकित्सा दल शहरों में गरीबों की बस्तियों में पहुंचकर जरूरतमंद लोगों का इलाज निःशुल्क कर रहे है। गरीब लोग कई कारणों से अस्पताल तक नही पहुंच पाते थे। जिससे उनका इलाज नहीं हो पाता था। परन्तु मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने गरीबों की पीड़ा को समझा। गरीबों का इलाज करने उनके घर पर ही डॉक्टर पहुंचे ऐसी परिकल्पना उन्होंने की। मुख्यमंत्री स्वास्थ्य स्लम योजना के तहत करीब 23 लाख से ज्यादा लोगों का इलाज छत्तीसगढ़ के शहरी इलाकों की स्लम बस्तियों में किया जा चुका है। शहरों में मोबाइल मेडिकल यूनिट के वाहन घूम-घूम कर गरीबों का इलाज कर रहे हैं।

छत्तीसगढ़ प्रदेश के शहरी क्षेत्रों की स्लम बस्तियों में निवासरत लोगों को घर पहुंच स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने के उद्देश्य से 

छत्तीसगढ़ प्रदेश के शहरी क्षेत्रों की स्लम बस्तियों में निवासरत लोगों को घर पहुंच स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना के तहत अब तक मोबाइल मेडिकल टीम द्वारा 23 लाख नौ हजार 52 लोगों को निःशुल्क इलाज मुहैया कराया गया है। इसके तहत राज्य के 169 नगरीय निकायों की स्लम बस्तियों में अब तक मोबाइल मेडिकल यूनिट टीम द्वारा 32 हजार 671 कैम्प लगाकर लोगों की निःशुल्क जांच व उपचार कर दवाईयां दी गई हैं। नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि नगरीय क्षेत्रों की तंग बस्तियों के एवं अन्य जरूरत मंद लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें निशुल्क दवायें उपलब्ध करायें।

गौरतलब है कि राज्य के 14 नगर निगम क्षेत्रों की स्लम बस्तियों में रहने वाले लोगों को स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने के लिए मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना के प्रथम चरण की शुरूआत 01 नवम्बर 2020 को हुई थी। इसके तहत 60 मोबाइल मेडिकल यूनिट द्वारा स्लम बस्तियों में जाकर लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण और उपचार एवं दवा वितरण की शुरूआत की गई थी। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल द्वारा इस योजना से लोगों को घर पहुंच स्वास्थ्य सुविधा मिलने की सफलता को देखते हुए 31 मार्च 2022 को इसका विस्तार पूरे राज्य के नगरीय निकाय क्षेत्रों में किया गया तथा 60 और नई मोबाइल मेडिकल यूनिट शुरू की गई। इस योजना के तहत अब पूरे राज्य के नगरीय क्षेत्रों के स्लम बस्तियों में चिकित्सक, पैरामेडिकल टीम, मेडिकल उपकरण एवं दवाओं से लैस 120 मोबाइल मेडिकल यूनिट पहुंचकर लोगों को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध करा रही है। मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना के तहत अब तक 4 लाख 60 हजार 488 मरीजों को पैथालॉजी टेस्ट की सुविधा मुहैया कराने के साथ ही 18 लाख 94 हजार 421 से अधिक मरीजों को निःशुल्क दवाएं दी गई हैं। इस योजना के तहत लाभान्वित मरीजों में 2 लाख 36 हजार 339 श्रमिक हैं।


चिकित्सक दिवस: प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में कोविड संक्रमण से लोगों को बचाने एवं संक्रमण फैलने से रोकने के लिए चिकित्सकों का सम्मान

चिकित्सक दिवस: प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में कोविड संक्रमण से लोगों को बचाने एवं संक्रमण फैलने से रोकने के लिए चिकित्सकों का सम्मान

01-Jul-2022

'द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार 

चिकित्सक दिवस समारोह सम्मेलन में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल

मुख्यमंत्री निवास में हो रहा है आयोजन

राजकीय गीत के साथ शुरू हुआ सम्मेलन

समारोह में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पदाधिकारी हुए शामिल

सभी चिकित्सकों को मुख्यमंत्री ने दी चिकित्सक दिवस की बधाई

समारोह में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पदाधिकारी हुए शामिल

समारोह में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पदाधिकारी हुए शामिलचिकित्सक दिवस समारोह सम्मेलन में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल

समारोह में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पदाधिकारी हुए शामिलचिकित्सक दिवस समारोह सम्मेलन में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल

समारोह में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पदाधिकारी हुए शामिलचिकित्सक दिवस समारोह सम्मेलन में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेलछत्तीसगढ़ में कोविड काल में उत्कृष्ट कार्य करने वाले चिकित्सकों को मुख्यमंत्री ने किया सम्मानित

समारोह में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पदाधिकारी हुए शामिलचिकित्सक दिवस समारोह सम्मेलन में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल

प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में कोविड संक्रमण से लोगों को बचाने एवं संक्रमण फैलने से रोकने के लिए चिकित्सकों का सम्मान.

समारोह में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पदाधिकारी हुए शामिलचिकित्सक दिवस समारोह सम्मेलन में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेलछत्तीसगढ़ में कोविड काल में उत्कृष्ट कार्य करने वाले चिकित्सकों को मुख्यमंत्री ने किया सम्मानित

समारोह में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पदाधिकारी हुए शामिलचिकित्सक दिवस समारोह सम्मेलन में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल

समारोह में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पदाधिकारी हुए शामिलचिकित्सक दिवस समारोह सम्मेलन में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेलछत्तीसगढ़ में कोविड काल में उत्कृष्ट कार्य करने वाले चिकित्सकों को मुख्यमंत्री ने किया सम्मानितयह दिन प्रख्यात चिकित्सक डॉ. बिधानचंद्र राय की याद में देशभर में मनाया जाता है। आज उनकी जयंती है। आजादी की लड़ाई के दौर में डॉ. बिधानचंद्र राय ने एक चिकित्सक के रूप में अपनी प्रतिभा से जितनी ख्याति अर्जित की, उतनी ही ख्याति उन्हें एक समाजसेवी और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के रूप में भी मिली। कई पदों पर रहते हुए भी वो डाक्टर कहलाना पसंद करते थे

कोरोना काल के समय ऐसे भी कई मौके आए जब हमारे डॉक्टरों ने सेवा करते हुए खुद की जान भी गंवा दीछत्तीसगढ़ में हम जिस तरह से कोरोना के खिलाफ लड़े,  शायद ही देश में किसी और ने वैसा किया

कोरोना काल के समय ऐसे भी कई मौके आए जब हमारे डॉक्टरों ने सेवा करते हुए खुद की जान भी गंवा दी

कोरोना के खिलाफ हमने लड़ाई जीती  ये सभी के सहयोग से हुआ

कोरोना के खिलाफ हमने लड़ाई जीती  ये सभी के सहयोग से हुआडाक्टर को भगवान का दर्जा दिया जाता है,  डाक्टर से अच्छा सेवा और कौन कर सकता है,  डाक्टर मुस्कुरा दे तो मरीज की आधी बीमारी दूर हो जाती है. डाक्टरों का व्यवहार ही कई बीमारी का हल है


छत्तीसगढ़ में आज 167 कोरोना संक्रमित पाए गए... 01 की मौत

छत्तीसगढ़ में आज 167 कोरोना संक्रमित पाए गए... 01 की मौत

01-Jul-2022

रायपुर : छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमितों की बढ़ती संख्या ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। गुरुवार को प्रदेश में 167 नए मरीज मिले हैं। इसके साथ ही एक्टिव मरीजों की संख्या बढ़कर 933 पहुंच गई है। कोरोना से रायपुर में एक की मौत भी हुई है। राज्य शासन ने कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए प्रदेश के सभी एयरपोर्ट व राज्य की सीमाओं पर कोविड जांच अनिवार्य कर दिया है |

प्राप्त जानकरी के मुताबिक प्रदेश के 09 जिलों में 01 से 10 के मध्य कोरोना सक्रिय मरीजों की संख्या रही तथा 03 जिले में आज कोराना के सक्रिय मरीज नहीं हैं,  राज्य में 30 जून को 19 जिला दंतेवाड़ा, बीजापुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, महासमुंद एवं बलरामपुर से 01-01, धमतरी, मुंगेली एवं जशपुर से 02-02, कोरबा से 03, जांजगीर-चांपा से 05, कबीरधाम एवं सूरजपुर से 06-06, सरगुजा, राजनांदगांव एवं बलाैदाबाजार से 08-08, बेमेतरा एवं बिलासपुर से 12-12, दुर्ग से 33, रायपुर से 55 कोरोना संक्रमित पाए गए तथा शेष जिलों में कोरोना का कोई नया मामला नहीं आया है।

प्रदेश में आज 03 जिले गरियाबंद, सुकमा एवं नारायणपुर में कोरोना के सक्रिय मरीज नहीं है। प्रदेश में आज 01 से 10 के मध्य 09 जिले कोंडागांव में 01, दंतेवाड़ा में 02, बस्तर एवं बीजापुर में 03-03, गाैरेला-पेंड्रा-मरवाही एवं कोरबा में 07-07, धमतरी एवं कबीरधाम में 08-08, बालोद में 10 कोराना सक्रिय मरीजों की संख्या रही।


चावल जमा करने में छत्तीसगढ़ ने रचा कीर्तिमान...

चावल जमा करने में छत्तीसगढ़ ने रचा कीर्तिमान...

01-Jul-2022

केन्द्रीय पूल में अब तक 50 लाख मेट्रिक टन से अधिक चावल जमा

रायपुर : राज्य सरकार की किसान हितैषी नीतियों एवं दूरदर्शी निर्णयों के फलस्वरूप खरीफ वर्ष 2021-22 में राज्य में सर्वाधिक धान उपार्जन का कीर्तिमान रचने के बाद साथ ही समितियों से धान का उठाव और केन्द्रीय पूल में चावल जमा कराने के मामले में भी छत्तीसगढ़ ने एक नया कीर्तिमान रचा है। जून माह के अंत तक छत्तीसगढ़ ने 50 लाख मेट्रिक टन से अधिक चावल भारतीय खाद्य निगम एवं नागरिक आपूर्ति निगम में जमा करा दिया है। 

खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 में 97.99 लाख मेट्रिक टन धान की समर्थन मूल्य पर  रिकार्ड खरीदी के साथ ही धान का समय पर उठाव व मिलिंग छत्तीसगढ़ सरकार के लिए  एक बड़ी चुनौती थी, क्योंकि इतनी वृहद मात्रा में उपार्जित धान का सुनियोजित रूप से उठाव व निराकरण न होने के फलस्वरूप इसके अमानक होने के साथ-साथ सूखत से भी बड़ी हानि होने की संभावना थी, किन्तु धान के उठाव व निराकरण के लिए समय रहते राज्य सरकार द्वारा विशेष रणनीति तैयार किये जाने एवं इसके प्रभावी क्रियान्वयन के फलस्वरूप खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 में राज्य में पहली बार माह अप्रैल-मई में ही उपार्जन केन्द्रों से शत-प्रतिशत धान का उठाव पूरा कर लिया गया है। इसके अलावा संग्रहण केन्द्रों में भंडारित लगभग 22.90 लाख मेट्रिक टन धान का भी शत-प्रतिशत उठाव वर्षा पूर्व माह जून में ही कर लिया गया है। इस प्रकार खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 में राज्य में पहली बार वर्षा प्रारंभ होने के पूर्व ही समर्थन मूल्य पर क्रय शत-प्रतिशत धान का उठाव सुनिश्चित किया गया है।

गौरतलब है कि खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 में उपार्जित 97.99 लाख मेट्रिक टन धान में से 75.03 लाख मेट्रिक टन धान का उपार्जन केन्द्रों से सीधे उठाव मिलरों द्वारा किया गया, जो उपार्जित धान का लगभग 77 प्रतिशत है, जबकि खरीफ विपणन वर्ष 2018-19 में उपार्जित धान का 58 प्रतिशत, वर्ष 2019-20 में उपार्जित धान का 61 प्रतिशत एवं वर्ष 2020-21 में उपार्जित धान का 62 प्रतिशत मात्रा का उपार्जन केन्द्रों से मिलरों द्वारा सीधे उठाव किया गया था। इस प्रकार देखा जाए तो खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 में उपार्जन केन्द्रों से सीधे मिलरों द्वारा धान का रिकार्ड उठाव करने के कारण परिवहन व्यय, सूखत की मात्रा एवं धान की सुरक्षा एवं रखरखाव के व्यय में भी बीते वर्षों की तुलना में कमी आई है। 
राज्य सरकार द्वारा धान उठाव व कस्टम मिलिंग हेतु निर्धारित व्यवस्था व व्यवहारिक नीतियों के फलस्वरूप न केवल धान का समय पर उठाव सुनिश्चित हुआ, अपितु कस्टम मिलिंग तेजी से हुई, जिसके कारण राज्य में चावल जमा करने में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। अब तक भारतीय खाद्य निगम में लगभग 25.74 लाख मेट्रिक टन एवं नागरिक आपूर्ति निगम में लगभग 24.35 लाख मेट्रिक टन इस प्रकार कुल 50.09 लाख मेट्रिक टन चावल का जमा किया जा चुका है। यहां यह बताना लाजिमी है कि वर्ष 2020-21 में जून माह के अंत तक 36.56 लाख मेट्रिक टन चावल जमा किया गया था। इस वर्ष जमा कराए गए चावल की मात्रा बीते वर्ष की तुलना में लगभग 13.44 लाख मेट्रिक टन अधिक है। भारतीय खाद्य निगम एवं नागरिक आपूर्ति निगम में चावल जमा का कार्य निरन्तर रूप से जारी है। 


मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेशवासियों को रथयात्रा की दी बधाई...

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेशवासियों को रथयात्रा की दी बधाई...

01-Jul-2022

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने प्रदेशवासियों को रथयात्रा की बधाई और शुभकामनाएं दी है। उन्होंने इस अवसर पर भगवान जगन्नाथ से सभी नागरिकों की सुख, समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना की है। श्री बघेल ने आज यहां रथयात्रा की पूर्वसंध्या पर जारी अपने बधाई संदेश में कहा है कि प्राचीन काल से ही छत्तीसगढ़वासियों की भगवान जगन्नाथ में गहरी आस्था रही है।

महाप्रभु जगन्नाथ के धाम पुरी सहित संपूर्ण भारत में एक साथ निकलने वाली यह रथयात्रा सांस्कृतिक एकता तथा सौहार्द्र का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रदेश में कोरोना संक्रमण के प्रकरण सामने आ रहे हैं। इसे देखते हुए रथयात्रा के दौरान कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए लोग एक जगह भीड़ लगाने से बचें और मास्क, फिजिकल डिस्टेंसिंग जैसे संक्रमण से बचाव के लिए जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।


प्रदेश की खुशहाली हेतु मुख्यमंत्री भुपेश बघेल ने मनेन्द्रगढ़ के हनुमान टेकरी मंदिर में की पूजा-अर्चना...

प्रदेश की खुशहाली हेतु मुख्यमंत्री भुपेश बघेल ने मनेन्द्रगढ़ के हनुमान टेकरी मंदिर में की पूजा-अर्चना...

30-Jun-2022

'द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार 

मनेन्द्रगढ़ : मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज मनेन्द्रगढ़ में स्थित हनुमान टेकरी मंदिर में विधिवत पूजा अर्चना कर प्रदेश में शान्ति, समृद्धि एवं खुशहाली के लिए प्रार्थना की। मंदिर के पुजारी श्री शिवराम दास ने बताया कि मंदिर के गर्भगृह में नौमुखी श्री हनुमान तथा सूर्यदेव से शिक्षा प्राप्त करते हुए बाल हनुमान की प्रतिमा स्थापित है, वहीं मंदिर के गुफा मंदिर में अपने कंधों पर रामलखन को बैठाए हुए पाताल हनुमान जी की प्रतिमा भी है। मंदिर की ख्याति दूर-दूर तक फैली है। मंदिर का निर्माण श्री फलाहारी बाबा द्वारा कराया गया था, जिनकी समाधि परिसर में स्थापित है, यहां गौसेवा हेतु गौशाला, साधू- संतो हेतु आश्रम भी है। इस अवसर पर गृह मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू, संसदीय सचिव श्रीमती अम्बिका सिंहदेव, विधायक डॉ. विनय जायसवाल और श्री गुलाब कमरो भी उपस्थित थे।


मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मनेन्द्रगढ़ विधानसभा क्षेत्र में 80.19 करोड़ रुपए की लागत के कुल 25 कार्यो का किया लोकार्पण तथा भूमिपूजन...

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मनेन्द्रगढ़ विधानसभा क्षेत्र में 80.19 करोड़ रुपए की लागत के कुल 25 कार्यो का किया लोकार्पण तथा भूमिपूजन...

30-Jun-2022

'द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार 

कोरिया : मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल द्वारा आज बैकुण्ठपुर रेस्ट हाउस में भरतपुर-सोनहत विधानसभा क्षेत्र के कुल 80 करोड़ 19 लाख रुपए की लागत के 25 कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया गया, जिनमें 66 करोड़ 62 लाख रुपए लागत के 17 कार्यों का  लोकार्पण तथा भूमिपूजन तथा 13 करोड़ 56 लाख रुपए की लागत के 08 कार्यों का भूमिपूजन किया गया।

लोकार्पण के प्रमुख कार्य -
पोंडीडीह से जरौंधा 32.85 कि.मी. का निर्माण कार्य का लोकार्पण जिसकी लागत राशि 23 करोड़ 33 लाख रुपए है। पोंड़ी से मुगुम (जिला कोरबा सीमा) तक 10.30 किमी सड़क निर्माण लागत राशि 7.55 करोड़ रुपए, नई लेदरी पाराडोल मार्ग पर हसदेव नदी पर उच्चस्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग 6.76 करोड़ रुपए लागत राशि से, रतनपुर से चोपन व्हाया कोटेया मार्ग पर आंजन नाला पर उच्चस्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग का निर्माण कार्य 5.10 करोड़ रुपए लागत राशि से, तथा उधनापुर से पैनारी तक सड़क निर्माण कार्य लंबाई 07 कि.मी. कार्य का 5.24 करोड़ रुपए का लोकार्पण किया गया।

भूमिपूजन के प्रमुख कार्य -
भूमिपूजन के तहत मुख्य रूप से शामिल पेण्ड्री अटल चौक से मटूकपुर मार्ग का निर्माण 6.70 कि.मी. लंबाई 8.09 करोड़ रुपए लागत राशि से बनाया जाएगा। क्रेडा के माध्यम से मनेन्द्रगढ़ मे प्रकाश व्यवस्था हेतु 50 नग सोलर हाई मास्ट की स्थापना जिसकी लागत राशि 2.02 करोड़ रुपए होगी। मनेन्द्रगढ़ नगर पालिका क्षेत्रांतर्गत विभिन्न स्थानों में स्ट्रीट लाईट 1.20 करोड़ रुपए लागत राशि से, मनेन्द्रगढ़ के एन.एच. 43 से तिराहा चौक पहुॅच मार्ग लंबाई 500 मी. का निर्माण कार्य लागत राशि 49.34 लाख रुपए और कोरिया के वनवासी कल्याण आश्रम से अगरियापारा लालपुर पहुंच मार्ग लं. 810 मी. निर्माण कार्य जिसकी लागत राशि 49.77 लाख रुपए होगी।


मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कोरिया जिले को दी पांच एम्बुलेंस की सौगात...

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कोरिया जिले को दी पांच एम्बुलेंस की सौगात...

29-Jun-2022

'द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार 

कोरिया : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज कोरिया जिले के मुख्यालय बैकुंठपुर के विश्राम गृह से जिले के पांचों विकासखण्ड के लिए सांसद निधि द्वारा प्रदत्त 5 एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कोरिया जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार व दूरस्थ क्षेत्रों में त्वरित आपात चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने की दिशा में ये एम्बुलेंस उपयोगी साबित होंगी। गृहमंत्री श्री ताम्रध्वज साहू, सांसद श्रीमती ज्योत्सना चरणदास महंत, संसदीय सचिव श्रीमती अम्बिका सिंहदेव एवं विधायक श्री गुलाब कमरो इस अवसर पर उपस्थित थे।


मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भरतपुर-सोनहत को दी 188 करोड़ के कार्यों की सौगात, 43 विकास कार्यों का किया लोकार्पण एवं शिलान्यास...

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भरतपुर-सोनहत को दी 188 करोड़ के कार्यों की सौगात, 43 विकास कार्यों का किया लोकार्पण एवं शिलान्यास...

29-Jun-2022

द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा 

सुदूर वनांचल में आवागमन को सुलभ बनाने सड़क निर्माण और उच्चस्तरीय पल निर्माण प्रमुख रूप से शामिल

2.37 करोड़ की लागत से तैयार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र केल्हारी का लोकार्पण

कोरिया : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा आज बैकुण्ठपुर रेस्ट हाउस में भरतपुर-सोनहत विधानसभा क्षेत्र के कुल 188 करोड़ 75 लाख रुपए की लागत के 43 कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया गया, जिनमें 29 करोड़ 28 लाख रुपए लागत के 10 कार्यों का भूमिपूजन तथा 159 करोड़ 47 लाख रुपए लागत के 33 कार्यों  का लोकार्पण किया गया। गृहमंत्री श्री ताम्रध्वज साहू, सांसद श्रीमती ज्योत्सना चरणदास महंत, संसदीय सचिव श्रीमती अम्बिका सिंहदेव एवं विधायक श्री गुलाब कमरो इस अवसर पर उपस्थित थे।

भूमिपूजन के प्रमुख कार्य -
भूमिपूजन के तहत मुख्य रूप से शामिल जल जीवन मिशन योजनान्तर्गत पेजयल व्यवस्था हेतु 59 नग सोलर ड्यूल पंप की स्थापना जिसकी लागत 6 करोड़ 58 लाख रुपए होगी। 5 किमी लम्बाई के मसौरा से कुदरा मार्ग का निर्माण लागत राशि 5 करोड़ 95 लाख रुपए, 5 किमी के काचरडांड से मधौरा पहुंच मार्ग का निर्माण लागत राशि 4 करोड़ 87 लाख रुपए, साल्ही से कर्मघोघा पहुंच मार्ग राशि 3 करोड़ 39 लाख रुपए तथा पसौरी से कोतमा मार्ग पर बरने नदी पर उच्चस्तरीय पुल एवं पहुच मार्ग का निर्माण लागत राशि 5 करोड़ 34 लाख रुपये होगी।

लोकार्पण के प्रमुख कार्य -
इसी तरह लोकार्पण में मुख्य रूप से शामिल सिचाई हेतु सौर सुजला योजनान्तर्गत 1297 नग सोलर पंप की स्थापना जिसकी लागत राशि 36 करोड़ 05 लाख रुपये है। जल जीवन मिशन योजनान्तर्गत पेजयल व्यवस्था हेतु 81 नग सोलर ड्यूल पंप की स्थापना 12 करोड़ 37 लाख रुपए लागत राशि, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना तहत भरतपुर से डोम्हरा 23.05 कि.मी. सड़क निर्माण 17 करोड़ 34 लाख रुपए, पेन्ड्री से महाई से लोहारी 16.60 कि.मी. का निर्माण 12 करोड़ 24 लाख रुपए लागत राशि से, पीएमजीएसवाई टी-03 7 किमी पिपरिया सड़क से नागपुर रेलवे स्टेशन व्हाया सिरियाखोह- चिरईपानी 18.30 कि.मी. का निर्माण 14 करोड़ 08 लाख रुपए लागत राशि से तथा केल्हारी में नवीन सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन का निर्माण कार्य 2 करोड़ 37 लाख रुपए लागत राशि से शामिल है।

 


बंदी के मृत्यु की होगी दाण्डिक जांच...अधिकारी नियुक्त

बंदी के मृत्यु की होगी दाण्डिक जांच...अधिकारी नियुक्त

28-Jun-2022

अम्बिकापुर : डिप्टी कलेक्टर श्री सी.एस. पैंकरा ने बताया है कि केन्द्रीय जेल अम्बिकापुर में सजा काट रहे विचाराधीन बंदी बखरू राम आत्मज जयराम उरांव बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के थाना कुसमी के ग्राम सुरबेना निवासी की 18 मई 2022 को मृत्यु हो गई थी।

यह विचाराधीन बंदी टोनही प्रताड़ना निवारण अधिनियम 2005 एवं धारा 450 एवं 302 के तहत केन्द्रीय जेल अम्बिकापुर मंे सजा काट रहा था। बंदी को जेल चिकित्सक के परामर्श पर उपचार हेतु मेडिकल कॉलेज अस्पताल अम्बिकापुर भेजा गया था, जहां बंदी का उपचार किया जा रहा था। उपचार के दौरान बंदी की मृत्यु 18 मई को सुबह 4ः26 बजे हुई थी। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी द्वारा इसके लिए डिप्टी कलेक्टर श्री सी.एस. पैंकरा को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्हें विभिन्न पांच बिंदुओं पर जांच करने का आदेश दिया  गया है। बंदी सेवकराम बाबूलाल की मृत्यु कब, कैसे और कहां पर घटित हुई ? उनका स्वास्थ्य कब और किन कारणों से खराब हुआ था ? उनकी मृत्यु के लिए कौन-कौन दोषी हैं ? ऐसी घटना की पुनरावृत्ति को कैसे रोका जा सकता है तथा जांच के दौरान घटना में पाए गए अन्य सार्थक तथ्य क्या हैं ? उपरोक्त सभी बिन्दुओं पर जांच कर अपना प्रतिवेदन 11 जुलाई 2022 तक प्रस्तुत करें। निर्धारित अंतिम तिथि तक दावा प्रस्तुत नहीं होने पर आवेदन पर कोई विचार नहीं किया जाएगा।


गरीब मरीजों के लिए वरदान साबित हो रहा है मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना....

गरीब मरीजों के लिए वरदान साबित हो रहा है मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना....

28-Jun-2022

'द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार 

कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज करवाने में मिल रहा है आर्थिक मदद

बलौदाबाजार : राज्य शासन के महत्वाकांक्षी योजना मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना गरीब मरीजो के लिए वरदान साबित हो रहा है। जिलें के कसडोल विकासखंड अंतर्गत ग्राम गिधौरी निवासी 6 वर्षीय बालक कनिष्क वर्मा को जन्म से ही सुनने और बोलने की समस्या थी। इसके पिता सूरज प्रकाश वर्मा ने बताया कि जब मेरा बेटा सात -आठ माह का था तभी पता चला कि उसको सुनने एवं बोलने में समस्या है। बाद में बिलासपुर के निजी चिकित्सा संस्थान में बेरा टेस्ट के माध्यम से यह पता चला कि बच्चे की सुनने की क्षमता नब्बे प्रतिशत कम है। इसके इलाज के लिए बच्चे के अभिभावकों ने वेल्लोर के क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज से संपर्क किया। तो वहां के चिकित्सकों ने कोकलियर इंप्लांट्स की आवश्यकता बताई। कोकलियर इंप्लांट्स एक छोटा इलेक्ट्रॉनिक मेडिकल उपकरण है जो कान से कम सुनाई देने से पीड़ित लोगों की मदद करता है। इस उपकरण के उपयोग की सलाह आमतौर पर तब दी जाती है जब पारंपरिक कान की मशीन लाभ नहीं देती। कोकलियर इंप्लांट्स में एक बाहरी भाग होता है जो कान के पीछे बैठता है और दूसरा भाग सर्जरी के द्वारा आंतरिक कान में बिठाया जाता है। इस संबंध में बच्चे के पिता ने बताया कि ऑपरेशन के लिए क्षेत्रीय विधायक एवं संसदीय सचिव चंद्र देव राय की अनुशंसा पर मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के माध्यम से बच्चे के ऑपरेशन हेतु उन्हें 3.50 लाख की राशि प्राप्त हुई थी। वर्तमान में ऑपरेशन हो चुका है तथा वह अभी वेल्लोर में ही हैं। उन्होने आर्थिक सहायता के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।

इसी तरह एक अन्य मरीज कसडोल विकासखंड अंतर्गत ग्राम बरपाली निवासी 56 वर्षीय फागुराम श्रीवास को शरीर में दर्द की शिकायत हुई विशेषकर कमर की हड्डियों में। दर्द बढ़ने पर उन्होंनें  विशाखापट्टनम के एक निजी संस्थान में अपनी स्वास्थ्य जांच करवाई जहां यह पता चला कि फागूराम को कैंसर है जिसे मल्टीपल मायलोमा भी कहा जाता है। परिजनों ने फागूराम को रायपुर स्थित कैंसर चिकित्सा संस्थान बाल्को मेडिकल सेंटर में इलाज हेतु भर्ती करवाया जिसमें मुख्यमंत्री विशेष सहायता योजना के माध्यम से उन्हें पाँच लाख की सहायता राशि प्रदान की गई। मार्च महीने में फागूराम की बोन मैरो प्रत्यारोपण सर्जरी की गई अब वह पूरी तरीके से स्वस्थ हैं। उन्होने ने भी आर्थिक सहायता के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।

गौरतलब है कि प्रदेश के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने तथा जटिल और दुर्लभ बीमारियों के इलाज में होने वाले व्यय भार कम करने हेतु मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना प्रारंभ की गई है जिसके अंतर्गत चिन्हित हितग्राही को अधिकतम बीस लाख रुपए तक के इलाज की सुविधा प्रदान की जाती है। छत्तीसगढ़ राज्य पहला राज्य है जो अपने नागरिकों के लिए इस हेतु इतनी बड़ी राशि उपलब्ध करवा रहा है। इसके अंतर्गत राज्य के भीतर एवं राज्य के बाहर पंजीकृत चिकित्सालय में उपचार करवाने पर सहायता राशि प्रदान की जाती है। इस योजना के लाभ के संबंध में किसी भी प्रकार की जानकारी हेतु टोल फ्री नंबर 104 पर कॉल किया जा सकता है अथवा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय के स्वास्थ्य बीमा योजना शाखा से भी संपर्क कर सकते हैं।


विशेष पिछड़ी जनजाति के शिक्षित युवाओं को मिलगा योग्यतानुसार सरकारी नौकरी...मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

विशेष पिछड़ी जनजाति के शिक्षित युवाओं को मिलगा योग्यतानुसार सरकारी नौकरी...मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

28-Jun-2022

'द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार 

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की घोषणा पर त्वरित अमल

विशेष पिछड़ी जनजाति के शिक्षित युवाओं की योग्यतानुसार की जाएगी भर्ती

जिले में सीधी भर्ती के रिक्त पदों के विरूद्ध भर्ती की स्वीकृति का आदेश जारी

सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा मंत्रालय से जारी किया गया आदेश

अबूझमाड़िया, पहाड़ी कोरवा, बिरहोर, बैगा, कमार, पंडो एवं भुंजिया वर्ग के 9623 शिक्षित युवाओं को मिलेगा लाभ

जशपुर : मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल द्वारा विशेष पिछड़ी जनजाति के शिक्षित युवाओं को योग्यतानुसार शासकीय नौकरी देने की घोषणा पर त्वरित अमल करते हुए आज सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा मंत्रालय से भर्ती के संबंध में स्वीकृति का आदेश जारी कर दिया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी किए गए आदेश के अनुसार विशेष पिछड़ी जनजाति के शिक्षित युवाओं की उनकी पात्रतानुसार जिले में सीधी भर्ती के रिक्त पदों के विरूद्ध भर्ती की जाएगी। मुख्यमंत्री श्री बघेल की घोषणा के अनुसार छत्तीसगढ़ में निवासरत अबूझमाड़िया, पहाड़ी कोरवा, बिरहोर, बैगा, कमार, पंडो एवं भुंजिया वर्ग के शिक्षित 9623 युवाओं को इसका लाभ मिलेगा। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री बघेल ने 26 जून को जशपुर जिले के बगीचा में आयोजित भेंट-मुलाकात कार्यक्रम के दौरान विशेष पिछड़ी जनजाति के शिक्षित युवाओं की पात्रतानुसार भर्ती के संबंध में घोषणा की थी।
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा बिलासपुर, मुंगेली, राजनांदगांव, कोरिया, कबीरधाम, कोरबा, सरगुजा, जशपुर, बलरामपुर, रायगढ़, गरियाबंद, धमतरी, कांकेर, महासमुन्द, नारायणपुर, सूरजपुर और बलौदाबाजार जिलों के कलेक्टरों को इस संबंध में पत्र भेजा गया है।

सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा विशेष पिछड़ी जनजाति के शिक्षित युवाओं को नियुक्ति दिए जाने के संबंध में जारी किए गए आदेश में कहा गया है कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में 27 अगस्त 2019 को आयोजित छत्तीसगढ़ जनजाति सलाहकार परिषद की बैठक में निर्णय लिया गया था कि ‘विशेष पिछड़ी जनजाति‘ के सभी शिक्षित पात्र युवाओं का सर्वे कराकर उनकी पात्रतानुसार नियुक्ति की कार्यवाही की जाए। इस निर्णय के अनुसार जिले में तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के रिक्त पदों पर विशेष पिछड़ी जनजाति के पात्र युवाओं को उनकी पात्रतानुसार जिले में सीधी भर्ती के रिक्त पदों के विरूद्ध भर्ती करने की स्वीकृति का आदेश आज सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी कर दिया गया है। संबंधित कलेक्टरों को यह भी सूचित किया है कि इस संबंध में वित्त विभाग द्वारा 20 मई को सहमति प्रदान कर दी गई है।


 मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जशपुर विधानसभा को 120 करोड़ 50 लाख रूपए के 152 विकास कार्याे की दी सौगात...

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जशपुर विधानसभा को 120 करोड़ 50 लाख रूपए के 152 विकास कार्याे की दी सौगात...

28-Jun-2022

'द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार 

जशपुर : मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज जशपुर में 120 करोड़ 50 लाख 55 हजार रुपए के कुल 152 कार्याे का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। जिसके अंतर्गत 60 करोड़ 61 लाख 22 हजार रूपए के 89 कार्याें का लोकार्पण एवं 59 करोड़ 89 लाख 33 हजार रूपए के 63 कार्याें का भूमिपूजन शामिल है। उन्होंने इस अवसर पर सर्व प्रथम छत्तीसगढ़ महतारी की विधिवत रूप से पूजा अर्चना करते हुए प्रतिमा पर माल्यर्पण किया।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने जशपुर विकासखंड के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी व हिंदी मीडियम स्कूल तथा राजीव युवा मितान क्लब के कॉफीटेबल बुक एवं ब्रोसर का विमोचन भी किया। इस अवसर पर विधायक श्री विनय कुमार भगत और श्री यू.डी. मिंज उपस्थित थे।


मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना-गरीबों से रही नाता जोड़, कम हो रही अस्पतालों की भाग-दौड़...

मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना-गरीबों से रही नाता जोड़, कम हो रही अस्पतालों की भाग-दौड़...

27-Jun-2022

धमतरी में 921 शिविर से 80 हजार से अधिक शहरवासियों का उपचार, 65 हजार से अधिक को दवाईयां

नगरपालिक निगम धमतरी में योजना के तहत दो यूनिट संचालित

बेहतर स्वास्थ्य और बीमारी में उचित इलाज का सपना सभी का होता है। प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की भी मंशा थी, कि राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं में इजाफा के साथ हर छोटी-बड़ी बीमारियों का इलाज समय पर और सहजता से हो। इलाज के लिए किसी भी व्यक्ति अथवा परिवार को आर्थिक तंगी से जूझना ना पड़े। उन्होंने अपनी इसी दूरदर्शी सोच और सूझबूझ से स्वास्थ्य सुविधाओं की दिशा में रणनीति बनाकर, झुग्गी इलाकों में रहने वाले गरीब और जरूरतमंद सहित आम नागरिकों को बीमार पड़ने पर अस्पताल की भाग-दौड़ की बजाय, घर के आसपास इलाज मुहैय्या कराने मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना शुरू की। डेढ़ साल पहले लागू हुई यह स्वास्थ्य योजना ना केवल लोगों की आकांक्षाओं पर खरा उतर रही है, बल्कि हर जरूरतमंद का समय पर उपचार कर उनका विश्वास भी जीत रही है। स्लम इलाकों में मोबाइल मेडिकल यूनिट से 921 कैम्प के जरिए अब तक 80 हजार से अधिक लोगों ने अपना उपचार कराया है।

                गौरतलब है कि धमतरी में नवंबर 2020 से मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना का लाभ लगातार जरूरतमंद और गरीब परिवारों को मिल रहा है। इसने गरीब और जरूरतमंद परिवारों को ना केवल बीमार होने पर इलाज का काम किया है, बल्कि स्वच्छता बनाए रखने और बीमार होने पर तुरंत इलाज कराने के लिए भी लोंगों को प्रेरित किया है। अक्सर गरीब और बीमार व्यक्ति पैसा नहीं होने अथवा अस्पताल से दूरी सोचकर इलाज कराने से कतराता है ऐसे में प्रदेश सरकार की महती योजना मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं। स्लम इलाके के लोगों को अपने गली-मुहल्ले में ही डॉक्टर की टीम के साथ मोबाइल मेडिकल यूनिट के रूप में अस्पताल मिल गया है, जहां चिकित्सक सहित लैब टेस्ट की सुविधा, दवाइयां और उपचार सब कुछ निःशुल्क मिल रहा है। धमतरी शहर में मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना के तहत दो मोबाइल मेडिकल यूनिट से 24 जून 2022 तक 80 हजार 157 मरीजों का उपचार किया गया है। कुल 65 हजार 737 मरीजों को दवाई वितरण, 20 हजार 296 हितग्राहियों का लैब टेस्ट किया गया। यह योजना शहरी स्लम इलाके के लोगों को उनके घर के नजदीक निशुल्क स्वास्थ्य सुविधा देने में सफल साबित हो रही है।


गोबर बेचकर खरीदी स्कूटी... कौशल्या ने मुख्यमंत्री बघेल को दिया धन्यवाद

गोबर बेचकर खरीदी स्कूटी... कौशल्या ने मुख्यमंत्री बघेल को दिया धन्यवाद

27-Jun-2022

न्याय योजना से आत्मनिर्भर हुई कौशल्या ने अपनी कमाई से खरीदी स्कूटी

स्कूटी खरीदने पर जब कौशल्या ने मुख्यमंत्री को दिया धन्यवाद, कहा- मैंने खुद कमाकर खरीदी है

जशपुर : पुरुषों और महिलाओं के बीच गैर बराबरी इसलिए भी विकसित होती है कि पुरुषों के पास गतिशीलता के अधिक साधन होते हैं और महिलाओं के पास कम। गोधन न्याय जैसी योजनाओं के माध्यम से महिलाएं अपने लिए वाहन भी खरीद रही हैं, जिससे वह ऐसे सारे काम कर पा रहे हैं जिनके लिए उन्हें पुरुष पर निर्भर रहना होता था। गोधन न्याय योजना केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत नहीं कर रही बल्कि सामाजिक दृष्टि से भी उन्हें मजबूत कर रही हैं।

ग्राम डाडंटोली की निवासी कौशल्या भगत अब अपने घर के कामकाज निपटाने के लिए और समूह की मीटिंग में जाने के लिए दूसरों की बाट नहीं जोहती क्योंकि उसने स्कूटी खरीद ली है।  वह मीटिंग अटेंड करने स्कूटी से जाती है। यह उसने खुद कमाकर खरीदी है। यह हुआ है छतीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा शुरू की गई गौठान योजना से। कौशल्या ने बताया कि तीन साल पहले वो उन्नति महिला स्व-सहायता समूह चेरिया गौठान से जुड़ी। कौशल्या ने 160 क्विंटल गोबर बेचा। उससे 32 हजार कमाए। समूह ने विभिन्न गतिविधियों की, जिसमें वर्मी कम्पोस्ट बनाया और 180 क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट बेचकर एक लाख 43 हजार कमाया। साथ ही बकरीपालन से 45 हजार, मछली पालन से 15 हजार रुपए कमाए।

समूह ने आलू ,अदरक की खेती भी की, इससे 32 हजार की आय अर्जित की। समूह को मिनी राइस मिल भी मिला। उससे 18 हजार की आय हुई। इस तरह समूह को 2 लाख 40 हजार की आय हुई। समूह की प्रति सदस्य को 18 से हजार रु से अधिक की आय हुई। कौशल्या को गोबर बेचने से भी ये हुई थी , उसने अपनी तत्कालीन जरूरत के अनुसार स्कूटी खरीद ली। कौशल्या ने मुख्यमंत्री को चौपाल में धन्यवाद देते हुए कहा। आपके द्वारा शुरू की गई इतनी अच्छी योजना के कारण यह कर पाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी को ऐसी योजना से जुड़ना चाहिए। गौठान से जुड़ने से ग्रामीणों को आजीविका के अतिरिक्त स्रोत मिलते हैं। वर्मी कम्पोस्ट से भूमि की उर्वरा शक्ति बनी रहती है। अच्छा उत्पादन भी होता है।


मुख्यमंत्री की बड़ी घोषणा: विशेष पिछड़ी जनजातियों के 9 हजार 623 शिक्षित युवाओं को पात्रतानुसार मिलेगी  शासकीय नौकरी

मुख्यमंत्री की बड़ी घोषणा: विशेष पिछड़ी जनजातियों के 9 हजार 623 शिक्षित युवाओं को पात्रतानुसार मिलेगी शासकीय नौकरी

27-Jun-2022

'द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार 

पहाड़ी कोरवा युवती द्वारा नौकरी दिलाने की मांग पर मुख्यमंत्री ने की घोषणा

मुख्यमंत्री ने बगीचा में आयोजित भेंट-मुलाकात में जानी सरकारी  योजनाओं की जमीनी हकीकत

बगीचा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का 100 बिस्तर अस्पताल में होगा उन्नयन

मटोल और साहीडांढ में विद्युत उपकेन्द्र की होगी स्थापना

बगीचा में पालीटेक्निक कालेज, गौरवपथ निर्माण, बैडमिंटन कोर्ट की घोषणा

कैलाशगुफा, खुड़िया रानी का किया जाएगा पर्यटन केंद्र के रूप में विकास

बगीचा में दी जायेगी एम्बुलेंस की सुविधा

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने प्रदेश के विशेष पिछड़ी जनजातियों के शिक्षित 09 हजार 623 पात्र युवाओं को योग्यतानुसार तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के पदों पर सरकारी नौकरी देने की बड़ी घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने आज जशपुर विधानसभा के बगीचा में आयोजित भेंट-मुलाकात कार्यक्रम में यह घोषणा करते हुए कहा कि 27 अगस्त 2019 को आयोजित छत्तीसगढ़ जनजाति सलाहकार परिषद की बैठक में विशेष पिछड़ी जनजातियों पहाड़ी कोरवा, बिरहोर, कमार, भुंजिया, अबूझमाड़िया, बैगा और पण्डो जनजाति के शिक्षित युवाओं को पात्रतानुसार तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों पर नौकरी देने का निर्णय लिया गया था। आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विभाग द्वारा प्रदेश के विभिन्न जिलों में सर्वे कराकर विशेष पिछड़ी जनजातियों के पात्र युवाओं की सूची तैयार की गई है। इन युवाओं को नौकरी देने में 346 करोड़ 42 लाख 80 हजार रूपए का व्यय अनुमानित है।

बगीचा के आज हाई स्कूल मैदान में आयोजित भेंट-मुलाकात कार्यक्रम के दौरान पहाड़ी कोरवा जनजाति की एक शिक्षित युवती संजू पहाड़िया ने मुख्यमंत्री से उन्हें नियमित शासकीय नौकरी दिलाने की मांग की थी, जिस पर मुख्यमंत्री ने यह घोषणा की। इस युवती ने जुलॉजी में एमएससी तथा पीजीडीसीए किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें भी नौकरी मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने भेंट-मुलाकात के दौरान आम जनता से राज्य शासन की योजनाओं पर फीड बैक लिया और ग्रामीणों की मांग पर क्षेत्र के विकास के लिए अनेक घोषणाएं की। उन्होंने कहा कि मैं हर विधानसभा क्षेत्र में जाकर आम जनता से सीधे शासकीय योजनाओं की क्रियान्वयन की जानकारी ले रहा हूं। मुख्यमंत्री ने बगीचा के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का 100 बिस्तर अस्पताल में उन्नयन, बगीचा में पालीटेक्निक कालेज खोलने, मटोल और साहीडांढ में विद्युत उपकेन्द्र की स्थापना, बगीचा में बैडमिंटन कोर्ट के निर्माण, बगीचा में एम्बुलेंस की सुविधा, बगीचा में हाई स्कूल चौक से तहसील चौक तक ढाई किलोमीटर लम्बा गौरवपथ निर्माण, कैलाशगुफा, खुड़िया रानी, पंडरापाट सहित अन्य पर्यटन स्थलों को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने, खुडिया रानी से कैलाश गुफा के बीच पक्की सड़क के निर्माण, बगीचा के स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम उत्कृष्ट स्कूल के उन्नयन, तथा बगीचा विधानसभा क्षेत्र के सभी गांवों में देवगुड़ी के उन्नयन के लिए 5-5 लाख स्वीकृति की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने भेंट-मुलाकात के दौरान ग्रामीणों से कर्जमाफी, राजीव गांधी किसान  न्याय योजना, राशन कार्ड, गोधन न्याय योजना, राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना, मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक योजना सहित अनेक योजनाओं से मिल रहे लाभ के बारे में जानकारी ली। सरधापाट के अर्जुन यादव ने कहा कि सहकारी बैंक से 30 हजार का लोन माफ हुआ है। राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत किश्तें मिल गयी हैं। दुर्गापारा के किसान अभिषेक गुप्ता ने कहा मेरा 80 हजार का कर्जा माफ हुआ है। समर्थन मूल्य पर 104 क्विंटल धान बेचा था, जिसका पैसे भी मिल गया है। भेंट-मुलाकात के दौरान कवई गांव के किसान ने राशन कम मिलने की शिकायत की। मुख्यमंत्री ने कलेक्टर को फूड इंस्पेक्टर और एस डी एम के माध्यम से इस शिकायत की जांच कराने के निर्देश दिए।

राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना के बारे में ग्राम पंचायत भादू के जय प्रकाश ने बताया कि तीन किश्तों की राशि मिल चुकी है। मुख्यमंत्री द्वारा हाट बाजार क्लीनिक योजना के बारे में जब ग्रामीणों से जानकारी ली गई, तो कवई गांव के ठउर राम ने बताया कि शनिवार को बाजार लगता है। जिसमें डॉक्टर आते हैं और इलाज करते हैं। इलाज का कोई पैसा नहीं लेते। दवाईयां भी ग्रामीणों को मिलती है। इस अवसर पर जशपुर विधायक श्री विनय कुमार भगत, पत्थलगांव विधायक श्री रामपुकार सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के बाद ग्रामीणों के बीच में जाकर उनसे आवेदन लिए इस दौरान बच्चों, युवाओं और ग्रामीणों में उनके साथ सेल्फी लेने की होड़ लग गई।


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