तीन बच्चियों की हत्या के मामले में दो अभियुक्तों को फांसी की सज़ा! पीड़ित पिता को ही दोषी करार कर जेल भेजने वाले थाना प्रभारी और गवाह को भी हो सकती है बड़ी कैद! CRS शाहजहाँपुर-लगभग 19 वर्ष पूर्व हुई तीन बच्चियों के कत्ल मामले में तीन अभियुक्तो को अपर जिला जज ने फांसी की सज़ा सुनाई! मामला जिले के पुलिस थाना निगोही क्षेत्र का है! लगभग 19 वर्ष पूर्व तीन किशोरियों को घर में घुस कर गोलियों से छलनी निर्मम हत्या कर दी गई थी! इस मामले में तत्कालीन थाना अध्यक्ष ने पीड़ित वादी को ही जेल भेज दिया था! किसी मुकदमें में गवाह बनने की रंजिश में जानसे मारने की नियत से घर में घुस कर गोलियाँ चलाई गई! मच्छरदानी में सो रही पीड़ित की तीनो किशोरी पुत्रियों गंभीर घायल हो कर दम तोड़ दिया था! लगभग 19 साल के लम्बे ट्रायल के बाद अपर जिला जज की अदालत ने अपना फैसला सुनाते हुए जहाँ दो आरोपियों को मौत की सज़ा सुनाई तो वहीं बच्चियों के ही पिता वादी को जेल भेजने वाले तत्कालीन निगोही थानाध्यक्ष रहे होशियार सिंह व एक गवाह दिनेश कुमार के विरुद्ध भी एनबीडब्ल्यू वारण्ट जारी किया गया हैं! 16 अक्टूबर 2002 को थाना निगोही के ग्राम जेवा मुकुन्दपुर के अवधेश कुमार ने पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में बताया था कि गांव के ही छुटकू उर्फनत्थूलाल,नरवेश एवं राजेंद्र ने उसके घर मे घुसकर उसे जान से मारने की नियत से फायरिंग शुरू कर दी जिसमें बिस्तर पर मच्छरदानी में सो रही उसकी तीन बेटियों को गोलियों से भूनकर मौत के घाट उतार दिया था। उसने बताया कि वह नत्थूलाल के खिलाफ मुकदमे में गवाह था,इसी बात को लेकर वह उससे रंजिश मानता था।जिसकी वजह से हमारी तीन बेटियों की हत्या कर दी। इस मुक़दमे की विवेचना कर रहे तत्कालीन थानाध्यक्ष निगोही होशियार सिंह ने प्रधान पति दिनेश कुमार से मिलकर वादी अवधेश को ही आरोपी बनाकर जेल भेज दिया था। और चारसीट कोर्ट में दाखिल कर दी थी जिसमें कोर्ट में अवधेश कुमार के खिलाफ कोई गवाह सबूत ना होने पर कोर्ट ने नामजद मुलजिम को तलब किया और माननीय अपर जिला जज ने सिद्धार्थ वाघव ने उक्त ट्रायल में 22 नवंबर 2021 को राजेन्द्र व नरवेश को दोषी करार देते हुए फाँसी की सज़ा सुनाई लेकिन ट्रायल के बीच नत्थू लाल की मौत हो चुकी है! विवेचक के रूप में तत्कालीन थाना प्रभारी रहे होशियार सिंह और गवाह के तौर पर अपनी प्रस्तुति देने वाले प्रधान पति दिनेश कुमार के खिलाफ आईपीसी की 194 के तहत एनबीडब्ल्यू वारण्ट जारी किए हैं! झूठे गवाहो के बल पर अपनी ही पुत्रियों की हत्या के आरोप में जेल में रहे पीड़ित पिता के 19 साल बाद न्याय मिला! 15 अक्टूबर 2002 को क्षेत्र के जेंवा मुकुंदपुर गांव में शाम लगभग 7:00 बजे अवधेश कुमार द्वारा की गई अंधाधुंध फायरिंग में उसकी पुत्री रोशनी उम्र 9 वर्ष, नीता उम्र 8 वर्ष ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था एवं तीसरी पुत्री सुरभि उम्र 7 वर्ष ने थाने ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया था! बच्चों के पिता ने अवदेश कुमार ने 15 अक्टूबर 2002 को मुकदमा पंजीकृत कराया लेकिन तत्कालीन थाना अध्यक्ष होशियार सिंह ने बादी के मुताबिक घोर अन्याय करते हुए अभियुक्तों से सांठगांठ करके उसे ही मुलजिम बना कर जेल भेज दिया यह पुलिस का कारनामा उसे हजम नहीं हुआ और वह जेल में अपनी बच्चियों के गम में सूखकर कांटा हो गया और न्याय व्यवस्था पर भरोसा जताते हुए कोर्ट के चक्कर लगाता रहा आखिरकार दोषियों को फांसी की सजा सुनाई गई लेकिन अब बच्चियों का पिता बादी अवधेश कुमार तत्कालीन थाना अध्यक्ष होशियार सिंह एवं मुकदमे में गवाही देने वाले प्रधान पति दिनेश को भी फांसी दिलाए जाने की मांग कर रहा है! पीड़ित पिता, 19 वर्ष बाद मिले न्याय से जहाँ पुलिसिया कार्रवाई पर सवाल उठा रहा है तो वहीं दूसरी ओर पारदर्शी न्याय व्यवस्था के लिए न्यायालय को धन्यवाद दे रहा है
24-Nov-2021

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