जब जब मुख्यमंत्री हटाए चुनाव हारी है भाजपा  इब्ने आदम
1998 में भाजपा उत्तर प्रदेश का चुनाव कल्याण सिंह के नेतृत्व में जीती । भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने उन्हें हटाकर पहले राम प्रकाश गुप्ता को मुख्यमंत्री बनाया और फिर लगभग एक साल ठाकुर राजनाथ सिंह को ।उसके बाद 19 साल तक भाजपा का उत्तर प्रदेश में सूखा रहा और 2017 में उनकी वापसी हो पायी । 

दिल्ली में भाजपा ने मदन लाल खुराना के नेतृत्व में 1993 में चुनाव जीता । उन्हें हटाकर साहिब सिंह वर्मा को मुख्यमंत्री बनाया गया और फिर चुनाव से पहले सुषमा स्वराज को मुख्यमंत्री बनाया गया । उसके बाद दिल्ली में आज तक भाजपा की सरकार नहीं बनी । 

कर्नाटक में यदुरैपा ने दक्षिण में भाजपा का खाता खोला , 2008 में सरकार बनायी । भाजपा ने उन्हें हटाकर सदानंद गौड़ा को मुख्यमंत्री बनाया फिर चुनाव से पहले उन्हें हटाकर जगदीश शेट्टर को मुख्यमंत्री बना दिया । अगला चुनाव भाजपा हार गयी । 

उत्तराखंड में भाजपा ने पहला मुख्यमंत्री नित्यानंद स्वामी को बनाया , फिर चुनाव से पहले कोश्यारी को बना दिया , चुनाव हार गए । फिर मौक़ा मिला तो पाँच साल तक खंडूरी , निशंक और फिर खंडूरी को मुख्यमंत्री बनाते हटाते रहे है , फिर चुनाव हार गए । इस बार जीते तो त्रिवेंद्र सिंह रावत को मुख्यमंत्री बनाया , उन्हें अभी कुछ दिन पहले हटाकर तीरथ सिंह रावत को बनाया है । अगले साल चुनाव हैं , देखते हैं क्या होता है ??

भाजपा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री बदलकर सिर्फ़ गुजरात में जीती है । 2002 में गोधरा के सहारे मोदी जी चुनाव जीते थे और आज तक अजेय हैं । 

उत्तर प्रदेश में कितनी भी अटकलें लगायी जाए लेकिन मुख्यमंत्री को बदलना भाजपा के फ़ेवर में नहीं है । भाजपा मुख्यमंत्री नहीं बदलेगी । वैसे भी भाजपा के पास दिखाने के लिए कोई काम नहीं है , वो हिंदू मुस्लिम के आधार पर ही प्रदेश में चुनाव लड़ेगी और योगी जी से अच्छा इस काम के लिए उनके पास कोई चेहरा नहीं है ।
द्वारा ,सै क़ासिम 

02-Jun-2021

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