Report:Umesh Pandey

Place:Meerut

मेरठ। मेरठ खंड स्नातक एवं शिक्षक विधान परिषद सदस्य(एमएलसी)चुनाव की मतगणना में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए प्रत्याशियों के एजेंटों ने हंगामा कर दिया। हंगामें की सूचना पर मंडलायुक्त और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए। मंडलायुक्त ने एजेंटों को समझा-बुझाकर मामले को शांत कर दिया।

विधान परिषद के चुनाव के अंतर्गत मेरठ में आज सुबह परतापुर स्थित कताई मिल पर मतगणना की प्रक्रिया देर से शुरू हुई। एक तो मतगणना के देर से शुरू होने और दूसरा मतगणना केंद्रों में अव्यवस्थाओं के चलते प्रत्याशियों के एजेंट ने हंगामा शुरू कर दिया। एजेंटों ने मतगणना में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए इसका विरोध शुरू कर दिया। एजेंटों का कहना था कि मतगणना स्थल पर सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाए गए हैं। जिससे मतगणना पारदर्शिता होने में संदेह है।

एजेंटों ने यह भी कहा कि मतपेटियां गणना टेबल के ऊपर रखनी चाहिए थी। लेकिन उसे नीचे रख दिया गया है। एजेंटों ने बैलट पेपर गलत ढंग से रखने का आरोप लगाते हुए इस पर भी ऐतराज जताया। हंगामे की सूचना पर मतगणना स्थल पर जिला निर्वाचन अधिकारी और एसएसपी समेत तमाम वरिष्ठ अधिकारी पहुंच गए और स्थिति को संभाला।

वहीं हंगामे की सूचना पर मंडलायुक्त अनीता मेश्राम ने भी स्थल का निरीक्षण किया। दोपहर सुबह 12 बजे तक भी मतगणना शुरू नहीं हो सकी है। उधर, एसएसपी अजय साहनी का कहना है कि मतगणना की प्रक्रिया सुबह आठ बजे से शुरू कर दी गई है। सब कुछ सुचारू ढंग से चल रहा है जिसको भी किसी बात को लेकर आपत्ति होगी तो उसका निस्तारण मंडलायुक्त की तरफ से किया जाएगा। गौरतलब है कि स्नातक एवं शिक्षक पद के लिए नौ जिले के मतदाताओं ने मतदान किया है।

03-Dec-2020

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