उत्तर-पूर्वी जिले के सुंदर नगरी इलाके में बीजेपी नेता और आरटीआई एक्टिविस्ट जुल्फिकार कुरैशी और उनके बेटे जाबांज कुरैशी की हत्या के मामले में खुलासा करते हुए पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इनकी पहचान 31 वर्षीय खालिद और 30 वर्षीय तारिक अली के रूप में हुई है. दोनों सुंदर नगरी इलाके के ही रहने वाले हैं और स्क्रैप का काम करते हैं. दोनों का कहना है कि जुल्फिकार काम नहीं करने दे रहा था. उनको लेकर कई झूठी शिकायतें भी लगा रखी थीं. इससे तंग आकर वारदात को अंजाम दिया.

Report:Atiq Malik

Place:New Delhi

डीसीपी वेद प्रकाश सूर्या ने बताया कि 23 नवंबर सुबह करीब साढ़े छह बजे पीसीआर को कॉल मिली थी कि सुंदर नगरी  इलाके में किसी शख्स को गोली लगी है. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई. पहुंचने पर देखा कि 50 वर्षीय जुल्फिकार की मौत हो चुकी है. वे सुंदर नगरी के निवासी ओ ब्लॉक में परिवार के साथ रहते थे. घटनास्थल पर मृतक का बेटा जांबाज कुरैशी घायल अवस्था में मिला. पुलिस उसे पीसीआर की मदद से तुरंत स्वामी दयानंद अस्पताल ले गई, जहां उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई.जांबाज ने अपनी मौत से पहले पुलिस को वीडियो स्टेटमेंट में हमलावरों के नाम बता दिए थे. इसके बाद नंदनगरी पुलिस ने केस दर्ज कर तहकीकात शुरू कर दी . एसीपी नंदनगरी संदीप गुप्ता के नेतृत्व में SHO नंदनगरी अनुपम भूषण, इंस्पेक्टर स्पेशल स्टाफ विनय यादव, एसआई अखिल, जयवीर, हेड कांस्टेबल राजकुमार, विपिन, राजदीप, अनिल, नेमपाल, कांस्टेबल पावित, संचित और नितिन आदि की टीम गठित की  गई. जाबांज द्वारा बताए गए नाम के आधार पर पुलिस ने छापेमारी शुरू की. इस दौरान सूचना के बाद पुलिस टीम ने तारिक और खालिद को नंदनगरी इलाके से गिरफ्तार कर लिया.पुलिस के मुताबिक, आरोपी इलाके में ही स्क्रैप का कारोबार करते हैं. उन्होंने बताया कि जुल्फिकार ने उनके खिलाफ कई झूठी शिकायतें भी दे रखी थीं. इसकी वजह से स्क्रैप की दुकान बंद हो गई थीं. इससे दोनों खासे परेशान थे. इसके चलते वारदात को अंजाम दिया गया.

जुल्फिकार को उस समय गोली मारी गई, जब वे घर से सुबह की नमाज पढ़ने के लिए मस्जिद जा रहे थे. मस्जिद के ठीक बाहर ही हमलावरों ने वारदात को अंजाम दिया. बीच-बचाव के दौरान जुल्फिकार का बेटा जांबाज भी बुरी तरह से जख्मी हो गया. घटना के बाद आसपास के इलाके में जबरदस्त सनसनी फैल गई थी. दिनभर इलाके के बाजार और दुकानें भी बंद रहीं.

जुल्फिकार बीजेपी और संघ की इकाइयों से जुड़ा हुआ था. इसकी वजह से बीजेपी में काफी आक्रोश था. पार्टी से जुड़े कई नेताओं ने मौके पर जाकर मृतक के परिजनों से मुलाकात की थी.वारदात वाली जगह के आसपास के इलाके में स्क्रैप का काम होता है. यहां गाड़ियों के पार्ट्स की खरीद-फरोख्त की जाती है. कई बार चोरी की गाड़ियाें को काटकर बेच दिया जाता है. इसको लेकर ही मृतक जुल्फिकार ने कुछ लोगों के खिलाफ शिकायतें पुलिस में दे रखी थीं.

 

 

26-Nov-2020

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