Report:Deepak Pandey

Place:Banda

दीवाली आने वाली है और गुप्ता जी का नेटवर्क तगड़ा है नहीं तो तीन माह से लगातार मीडिया ओवरलोड व अबैध खनन की खबर छाप और चला रहा है जब बडे अधिकारियों का प्रैशर आता हैं तो बस यही फुलझड़ियों से कार्यावाही करके अपने घर को रौशन कर लिया जाता हैं। मुहदेखी परिवहन और खनिज नीति से उतर प्रदेश के राजस्व की करोड़ों रुपये की क्षति हो रही है। अगर घूसखोर जिमेदारों में थोड़ी ही सरम होती तो करोडों रुपये की लागत से बना श्यौढा पुल मध्यप्रदेश - उत्तर प्रदेश को जोडने वाले पुल की ये दुर्दशा ना होती जो कभी भी इन अबैध खनन परिवहन माफियाओं के बोझ से धराशायी होने की कगार पर ना होता  जिसके तीन पिलर दरक गये है और कभी भी धराशायी हो सकता हैं यदि समय रहते श्यौढा पुल को संजीवनी बूटी नही मिली तो उसके प्राणपखेरू उड जायेंगे और इसकी चपेट में आकर सैकडों लोंगो की मौत भी होगी। इस पुल पर 24 घंटे सैकड़ो ट्रकों की कतार लगी रहती है जिसके चलते आम जनता का निकलना दूभर हो गया है। खनिज अधिकारी ने तो साफ तौर पर ओवरलोड से अपना पल्ला झाड़ लिया और परिवहन विभाग तो कर्मचारी न होने की दुहाई देकर कन्ना काटे हैं वंही जिलाधिकारी कान में कुछ भी न सुनने की मसीन लगाकर बैठे हैं। देखने की बात यह होगी कि संजीवनी बूटी देने के लिए बीर हनुमानजी कौन बनेगा यही हाल अन्डरपास रेलवे व्रिज भूरागढ़ व मटौंध पहरा का भी है। उत्तर प्रदेश सरकार की राजगद्दी में आसीन योगी आदित्यनाथ ने जिस जंगलराज की बात कही थी सायद वह जंगल राज यंही है।

18-Oct-2020

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