Report:Deepak Pandy

Place:Banda

  जंहा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री प्रदेश की सड़कों को गड्ढा मुक्त बनाने के लिए तत्परता दिखा रहे हैं और पीडब्लूडी विभाग को प्रोत्साहित भी कर रहे है वंही दूसरी तरफ बाँदा में एक एक्सईएन ऐसे भी है जो बाकायदा गुटखा खा कर केबिन में बिना मास्क लगाए बैठते है। और सड़कों की खस्ता हालत के बारे में पूछों तो कहते है कि जब बजट आ जाएगा तब सड़क बन जाएगीऔर बनी बनाई सड़कों में पतली लेयर चढ़ाकर आया हुआ बजट डकार रहे हैं। एक्सईएन का बयान सुनने से पहले देखिए जनपद की खस्ता हाल सड़को का हाल।

बाँदा में सड़कों की हालत एक दम खस्ता है। बाँदा का रिंग रोड, जहाँ से पूरा भारी परिवहन निकलता है। यह रिंग रोड में अब सिर्फ गड्ढे ही बचे है। सड़क का नामो निशान खत्म हो गया है। बाँदा- बबेरू मार्ग, बाँदा-बिसंडा मार्ग- बाँदा पहरा मार्ग आदि ऐसे मार्ग है जहाँ धूल के सिवा कुछ नहीं बचा। आए दिन घटनाएं हो रही है, रात में यदि तबियत खराब हो जाये तो मरीज का अस्पताल पहुँच पाना मुश्किल है। बाहरी सड़के तो ध्वस्त हैं हि शहर के अंदर भी हाल बेहाल है। अधिकारियों की अकरमंडयता योगी सरकार की छवि खराब कर रही है और सरकार द्वारा जो बजट भेज जा रहा है उसका बंदर बांट करने के लिए बनी बनाई सड़कों में डामरीकरण की एक पतली लेयर चढ़ा कर सरकार के सामने पेश कर देते हैं और सारा बजट डकार जाते हैं।

सड़को की खस्ता हालत के बारे में जब हमने पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन सुमंत से बात की तो उन्होंने बाईट देने से साफ इंकार कर दिया। और बाकायदा गुटखा खा कर और बिना मास्क लगाए अपनी कुर्सी में बैठे बैठे कहते रहे कि जब सरकार रुपया भेजेगी तब बनेगी सड़क। मुँह में गुटखा भरे एक्सईएन साहब को खराब सड़के बने या न बने कोई फर्क नहीं पड़ता। इनका कहना है कि उन्होंने प्रस्ताव भेज दिया है जब सरकार रुपया भेजेगी तब काम होगा। एक्सईएन साहब ने पूरा दोष सरकार पर मढ़ दिया। और खुद को खराब सड़को के मामले में क्लीन चिट दे दी।

28-Sep-2020

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