कानपुर में एक के बाद एक लापता और गुमशुदा होने के मामले सामने आ रहे है। कई ऐसे मामले सामने आए जिसमे कई दिन कई महीने बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली है। बहुत से लोग अपने लोगो को वापस पाने की उम्मीद खो चुके है तो कुछ लोग लगातार अपनो की तलाश के लिए पुलिस के आलाधिकारी की चौखट पर आ रहे है। लेकिन कानपुर पुलिस के पास ये रिकॉर्ड नही है कि उनके जिले से कितने लोगों गुमशुदा है कितनो का पता चल चुका है।

 एक के बाद एक आये लापता और गुमशुदा लोगो के मामले सामने आने के बाद कानपुर के डीआईजी / एसएसपी डॉक्टर प्रीतिंदर सिंह का कहना है कुछ केस ऐसे होते है जो परिवार के द्वारा मिसिंग के रूप में दर्ज करवाये जाते है और जो केस पुराने है। जिनको पुलिस ने अपहरण में बदल दिया है। उन सभी केसों को रिलूक किया जाएगा। उन केसों के लिए एक टीम बनाई जाएगी। एक सेल पहले से गठित है उस सेल को प्रॉपर एक्टिवेट किया जाएगा। जो दोबारा से इन सभी मामलों की जांच करेगे। क्यों कि बहुत से ऐसे लोग है जो किसी ओल्ड ऐज , आश्रित भवन या चाइल्ड केयर में चले जाते है। वहा भी चेकिंग करवाई जाएगी। डीसीआरबी और एनसीआरबी डिपार्टमेंट में पूरा डेटा अपडेट किया जाएगा और जो लोग कुछ महीनों से या पिछले सालों से गायब है उनके घर वालो से मिला जाएगा और आगे की प्रक्रिया की जाएगी।
लेकिन अगर कानपुर की बात करे तो अधिकारी प्लान तो बता रहे है। लेकिन कानपुर के एनसीआरबी और डीसीआरबी में अभी लेटेस्ट का डेटा उपलब्ध नही है कि कितने बच्चे या कितने अन्य लोग गुमशुदा है या लापता है। उनका कहना है कि थानों को लेटर लिखा गया है और थाना प्रभारी अपडेट करवाएंगे की उनके क्षेत्र में क्या स्थित है जो अभी तक नही आ पाई है।।

 

इब्ने हसन कानपुर

31-Jul-2020

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