नई दिल्ली : किंग्स इलेवन पंजाब के पूर्व सीईओ नील मैक्सवेल ने खुलासा किया है कि कैसे पहली बार आईपीएल में कोई ऑस्ट्रेलियाई भागीदारी नहीं देखने का खतरा था. मैक्सवेल, जो एक क्रिकेट एजेंट हैं उन्होंने बताया कि हरभजन सिंह और एंड्रयू साइमंड्स विवाद और "मंकीगेट" घटना के कारण, पूर्व ऑलराउंडर पहले आईपीएल में खेलने के लिए भारत आने से हिचक रहे थे.

इसके अलावा, कई भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेटर प्रतिद्वंद्वी आईसीएल (इंडियन क्रिकेट लीग) खेलने के लिए तैयार थे. मैक्सवेल ने बताया कि कैसे बहुत प्रयास के बाद, वह साइमंड्स और बाकी ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों को नीलामी प्रक्रिया में भाग लेने के लिए अंत में मना पाए. मैक्सवेल ने द टॉप ऑर्डर पर कहा, "ललित मोदी ने मुझे ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों और न्यूजीलैंड के खिलाड़ियों को समझाने के लिए कहा कि उन्हें आईपीएल में आने की जरूरत है, न कि आईसीएल या एंड्रयू साइमंड्स के मामले में." उन्होंने आगे कहा कि सायमंड्स बिल्कुल नहीं जाना चाहते थे, क्योंकि उनका हरभजन सिंह के साथ विवाद था.

अंत में चीजें काम कर गई और ऑस्ट्रेलिया ने टी20 लीग खेलना शुरू किया. वास्तव में, साइमंड्स, जिन्होंने दावा किया था कि 2007-08 बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के दौरान ऑस्ट्रेलिया में सामने आए पूरे प्रकरण ने उनके अंतर्राष्ट्रीय करियर को छोटा कर दिया था. डेक्कन द्वारा हस्ताक्षर किए जाने के बाद पहली नीलामी में वह सबसे महंगा विदेशी खिलाड़ी थे. जहां उन्हें 10.2 करोड़ रुपये डेक्कन चार्जर्स ने अपना बनया था.

 

12-Jun-2020

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