वेब रिपोर्ट...

bharat jodo yatra more than 100 india travelers including pawan kheda  kanhaiya kumar with rahul gandhi avd | भारत जोड़ो यात्रा में राहुल गांधी के  साथ चलेंगे खेड़ा, कन्हैया समेत 100 से

लोकसभा चुनाव 2024 से पहले विपक्षी एकता की बात जोरों पर है. और इस बात पर दिल्ली से लेकर कई राज्यों में सियासी बिसात बिछनी शुरू हो गई है. ये सच्चाई है कि कांग्रेस इस समय अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रही है. पार्टी को नेताओं और कार्यकर्ताओं को एक मजबूत अध्यक्ष की तलाश है. लेकिन इस सच्चाई को भी नहीं नकारा जा सकता है कि कांग्रेस ही देश में एक ऐसी पार्टी है जो बीजेपी को सीधे टक्कर दे सकती है. पार्टी की राजस्थान, छत्तीसगढ़ में सरकार है. दक्षिण के राज्यों, कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना में कांग्रेस का अच्छा-खासा वोटबैंक है. बस दिक्कत इस बात की है कांग्रेस अभी अकेले इस स्थिति में नहीं है कि बीजेपी को अकेले दम पर टक्कर सभी जगहों पर टक्कर दे सके. सत्ता के बढ़ती खाई को देखते हुए पार्टी ने एक बार फिर राहुल गांधी को अपने कंधे पर लिया है, पार्टी की अध्यक्ष चुनाव और आने वाले लोकसभा चुनाव 2024 को मद्देनजर रखते हुए पार्टी ने राहुल गांधी के अगुवाई में कन्याकुमारी से कश्मीर तक  भारत जोड़ो यात्रा की शुरुआत किया हैं, पूरी तरह से पैदल जाने वाली ये यात्रा में 12 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों से होकर निकलेगी। 150 दिन तक चलने वाली पदयात्रा करीब 3500 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। पार्टी ने  उन सभी से इस ‘भारत जोड़ो’ यात्रा में शामिल होने की अपील करती है जो भय, कट्टरता और पूर्वाग्रह की राजनीति और रोजी रोटी छीनने वाली अर्थतंत्र, बढ़ती बेरोजगारी और पैर पसारती असमानताओं की परिस्थितियों को बदलने का विकल्प प्रदान करने के इस विशाल राष्ट्रीय प्रयास का हिस्सा बनना चाहते हैं।’ अब देखना हैं कि पार्टी की यह कोशिश आने वाले समय में कांग्रेस के लिए कितना फैक्ट साबित होगा.  बात दे कि 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की हार और अमेठी से खुद की हार के बाद उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया था।

कांग्रेस का दावा...
पार्टी का कहना है कि इस यात्रा का मक़सद अन्याय के ख़िलाफ़ लड़ाई, भेदभाव के खिलाफ खड़े होना और जुल्म के ख़िलाफ़ एकजुट होना है.

पार्टी का कहना है कि इस यात्रा के ज़रिये वो देश में बढ़ रही आर्थिक मुश्किलें, सामाजिक ध्रुवीकरण और राजनीतिक केन्द्रीयकरण को उजागर कर उस पर आम लोगों में बहस छेड़ना चाहती है.
राहुल गांधी ने कहा,"हमें सीधा जनता के बीच में जाना पड़ेगा. मीडिया हमारा नहीं, संसद में हम बोल नहीं सकते, तो अब कांग्रेस पार्टी और बाकी विपक्ष के पास केवल एक रास्ता है कि वो जनता के बीच जाकर उनको देश की सच्चाई बताएं. हमारा जो संविधान है, जो इस देश की आत्मा है, आज इसको बचाने के काम हर हिंदुस्तानी नागरिक को करना पड़ेगा. क्योंकि अगर हमने ये नहीं किया, अगर हम आज नहीं खड़े हुए, तो फिर ये देश नहीं बचेगा."
उन्होंने कहा, "कांग्रेस पार्टी देश को जोड़ती है. हम नफरत मिटाते हैं. और जब नफरत मिटती है, जब डर कम होता है तो हिंदुस्तान तेज़ी से आगे बढ़ता है. कांग्रेस पार्टी का कार्यकर्त्ता ही देश को बचा सकता है."

कन्याकुमारी से कश्मीर तक की यात्रा 
कन्याकुमारी से शुरू होकर ये यात्रा 3,570 किलोमीटर का सफर तय कर 150 दिनों बाद जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में ख़त्म होगी. इस दौरान ये यात्रा 12 राज्यों से गुज़रेगी. इस यात्रा के पड़ाव तिरुवनंतपुरम, कोच्चि, नीलांबुर, मैसुरु, बेल्लारी, रायचूर, विकाराबाद, नांदेड़, जलगावं जामोद, इंदौर, कोटा, दौसा, अलवर, बुलंदशहर, दिल्ली, अम्बाला, पठानकोट और जम्मू में होंगे.
कांग्रेस पार्टी का कहना है कि जिन इलाकों से यात्रा नहीं गुज़रेगी वहां भी सहायक यात्राएं निकालने की योजना है.

राहुल गांधी के साथ कदम मिलाकर चलते सीएम भूपेश बघेल...

भारत जोड़ो यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल राहुल गांधी के साथ कदम मिलाकर चलते हुए नजर आए. कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा कन्याकुमारी से शुरू हुई, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को वरिष्ठ नेताओं और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल  ने तिरंगा सौंपा. बघेल ने सोशल मीडिया में लिखा- देश को अब आपसे ही आस है,देश को अब आप पर ही विश्वास है, तिरंगा की शक्ति, भारत मां का आशीष, जन जन का विश्वास, अब आपके पास है।यात्रा में शामिल मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि समाज में जो नफरत फैलाने और आपसी दूरियाँ बढ़ाने की कोशिश हो रही है, उसे यह भारत जोड़ो यात्रा समाप्त करेगी।

12-Sep-2022

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