व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा

भाई विरोधियों की यह तो बड़ी भारी ज्यादती है। बताइए, दिल्ली में इकॉनामी को संभालने के सौ काम छोडक़र, यहां तक कि इंडिया के दुनिया की पांचवे नंबर की इकॉनामी बन जाने के जश्न का मौका तक छोडक़र, बेचारी निम्मो ताई को वहां तेलंगाना में, दूर-दराज के इलाके में राशन की दूकान-दूकान पर चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। और वह भी कोई यह चैक करने के लिए नहीं कि पब्लिक को राशन ठीक से मिल रहा है या नहीं? राशन बंटने में कोई घपला-घोटाला तो नहीं हो रहा है! बेचारी निम्मो ताई को हजारों किलोमीटर दूर सिर्फ यह चैक करने के लिए जाना पड़ रहा है कि राशन की दूकान से सस्ता राशन देते हुए पब्लिक को यह बताया जा रहा है कि नहीं कि यह राशन मोदी जी ने भेजा है। कम से कम राशन देेते समय पब्लिक को मोदी जी का फोटो दिखाया जा रहा है कि नहीं कि अपने राशनदाता की शक्ल अच्छी तरह से पहचान लो। और जिलाधीशों को राशन की दूकानों पर बुला-बुलाकर धमकाना पड़ रहा है कि राशन हो या नहीं हो, पर राशन की हरेक दूकान पर मोदी जी की तस्वीर जरूर होनी चाहिए। जो तस्वीर हटाए, राजद्रोह की साजिश के लिए सीधे जेल जाए।

पर विपक्षियों की दीदादिलेरी देखिए, उल्टे निम्मो ताई के मोदी जी की तस्वीर लगवाने के लिए झगड़ा करने का ही मजाक बना रहे हैं। क्या पीएम की तस्वीर, हंसी में उड़ाने वाला मैटर है? फिर पीएम की तस्वीर लगाने में प्राब्लम क्या है? ताई ने खड़े-खड़े कलैक्टर को पूरा हिसाब समझा दिया, राशन के एक किलो चावल पर पब्लिक 2 रुपये दे रही है और राज्य सरकार 5 रुपये, 35 रुपये में से बाकी 28 के 28 रुपये तो मोदी जी दे रहे हैं। और कोविड वाली पीएम गरीब कल्याण योजना में तो समझो कि 35 के 35 रुपये मोदी जी अपनी गांठ से दे रहे हैं। फिर मोदी जी की तस्वीर क्यों नहीं लगेगी? इसीलिए तो मोदी जी को अब मुफ्त की रेवडिय़ों से नफरत-सी हो गयी है। पब्लिक को फ्री फंड की ऐसी लत लग गयी है कि मुफ्त का राशन लेने के बाद भी 'थैंक यू मोदी जी' का जाप करना छोड़ो, पट्ठों को मोदी जी की तस्वीर देखने तक में जोर लगाना पड़ता है। बताइए, कहीं-कहीं राशन की दूकानों पर लगी पीएम की तस्वीरें फाड़ी तक गयी हैं! हद्द तो ये है कि मोदी जी की तस्वीर से जलने वाली विपक्षी सरकारें, सार्वजनिक संपत्ति पर ऐसा हमला होने दे रही हैं। यही हाल रहा, तो मोदी जी को खाद्य सुरक्षा कानून में ही संशोधन कर के सस्ता राशन लेने वालों या ऐसी की कोई भी कृपा लेने वालों के लिए, तस्वीर के आगे तीन बार 'थैंक यू मोदी जी' कहकर कृतज्ञता जताना कम्पल्सरी करना पड़ेगा।

और तेलंगाना वालों का निम्मो ताई के झगड़े के बाद, 1100 रुपये के रसोई गैस के सिलेंडर पर मोदी जी की तस्वीर लगाना तो सरासर अक्षम्य अपराध है। हैरानी है कि राज्य की सरकार अब तक बर्खास्त नहीं हुई। सिलेंडर के बढ़ते दाम को मोदी जी तस्वीर से कैसे जोड़ा जा सकता है? और ये क्या दलील हुई कि मोदी जी की सरकार भी अपनी गांठ के पैसे से नहीं, पब्लिक से जमा किए टैक्स के पैसे से सस्ता राशन दिला रही है। उसी पब्लिक के पैसे से तो मोदी जी की सरकार, मोदी जी का फोटो तक बनवा रही है। फोटो लगाना ही है, तो 130 करोड़ देशवासियों यानी टैक्स भरने वालों का लगाओ! अब कुछ भी हो, तस्वीर तो एक ही लगेगी--मोदी जी की। मोदी जी ने तो एक टैक्स से आगे अब देश को एक उर्वरक तक भी पहुंचा दिया है और विपक्षी एक देश, एक तस्वीर पर भी झगड़ा खड़ा करना चाहते हैं। विपक्ष के ऐसे तरक्की विरोधी रुख से निपटने के लिए ही तो मोदी जी, विपक्ष मुक्त भारत के मिशन में जुटे हुए हैं। बस जरा पब्लिक ही ढीली पड़ रही है, वर्ना..!  

07-Sep-2022

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