लेख : एम.एच.जकरीया (magazine cover story)

छत्तीसगढ़ में राजनैतिक युद्ध का शंखनाद हो चूका है ,वर्ष 2018 में विधानसभा का चुनाव होना है सभी राजनैतिक दलों ने अपने अपने तरीके से चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है ,मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह  ने 300 रूपया प्रति क्विंटल  के हिसाब से किसानों को 2100 करोड़ का बोनस देने की घोषणा करने के बाद बोनस तिहार के रूप में बाँटना भी प्रारम्भ कर दिया है वही छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस के नेता अभी तक सिर्फ बगले झाँक रहे है ! जो कांग्रेस के कमज़ोर रणनीति को स्पष्ट तौर पर दर्शाता है | 

अभी छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस में संगठन चुनाव को लेकर जिस तरह की रस्साकशी देखि गयी है उसे जनता ने भी देखा और सुना है जब इनके आपस में ही इतने मतभेद और मनभेद है तो ये जनता के सामने किस मुँह से अपनी बातें रख पाएँगे ये सोचने वाली बात है , डॉ रमन सिंह के एक ही नहले पे दहला का  जवाब नहीं है इनके पास |

chhattisgarh congress के लिए चित्र परिणाम

अभी जिस तरह से प्रदेश कांग्रेस संगठन चुनाव में जो बातें सामने आई है ,उससे ऐसा लगने लगा है की छत्तीसगढ़ कांग्रेस में नेतृत्व शून्य है ? संगठन के मुखिया सिर्फ एक दूसरे को निपटाने में लगे है ,जब संगठन के चुनाव में इनका ये आलम  है तो फ़िर अपने विरोधियो से विधानसभा चुनाव में ये किस तरह से सामना कर पाएंगे ये सोचने और समझने वाली बात है | कांग्रेस हाइ कमान को अभी भी समय रहते समझ जाना चाहिए नहीं तो उत्तरप्रदेश से भी बुरा हाल होने वाला है छत्तीसगढ़ में कांग्रेस का , यहाँ ये तो स्पष्ट है की छत्तीसगढ़ कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन अब ज़रूरी हो गया है |

वही छत्तीसगढ़ में भा ज पा के लिए भी रास्ता इतना आसान नहीं होगा ,क्योकि जनता का अपना मिज़ाज़ है कब बदल जाये मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने चुनाव की तैयारी शुरू करते हुए किसानों के बोनस से अपनी शुरुवात तो कर दी है लेकिन जिन्हे वर्तमान में टिकट दिया गया है  उनमे से अधिकतर जन प्रतनिधियों के प्रति उस  क्षेत्र की जनता में आक्रोश देखा जा रहा है जनता नाराज़ है उनसे इसका साफ मतलब है की जनता रमन सिंह के काम से तो संतुष्ट है लेकिन विधायकों से नाराज़ है ,खुलासा पोस्ट न्यूज़ नेटवर्क के एक सर्वे में सरायपाली ,बीजापुर , जगदलपुर  ,बस्तर , राजिम ,कवर्धा ,रायपुर उत्तर , बिलासपुर ,धरसीवा में यदि समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो परिणाम नुकसान दायक हो सकते है |

वही पूर्व मुख्यमंत्री अजित जोगी 2018 विधानसभा चुनाव में चौकाने वाले परिणाम देने की तैयारी में जुट गए है अभी हाल ही में उन्होंने जोगी कांग्रेस के 11 प्रत्याशियों की  घोषणा भी कर दी है जिनमे प्रेमनगर से पंकज तिवारी, रायगढ़ से विभाष ठाकुर, रायपुर ग्रामीण  से ओमप्रकाश देवागंन, भानुप्रतापपुर से मानक दरपट्टी, तखतपुर से संतोष कौशिक, प्रतापपुर से डॉक्टर नरेंद्र सिंह, चंद्रपुर से गीताजंली पटेल, मानपुर मोहला से संजीव ठाकुर, भरतपुर सोनहत से गुलाब सिंह, भाठापारा से चैतराम साहू, पत्थलगांव से एमएस पैकरा को अपने उम्मीदवार के रूप में इनके नामों पर मुहर लगा दी है ।

अब इन प्रत्यासियो से राजनैतिक समीकरण में बदलाव निश्चित है कांग्रेस के एक दिग्गज नेता का हारना यहाँ अभी से तय माना जा रहा है ये हमारा सर्वे बता रहा है और बात स्पष्ट है की वर्ष 2018 में छत्तीसगढ़ समेत मध्य प्रदेश, राजस्थान और कर्नाटक इन चारों राज्यों में चुनाव होने वाले हैं छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश में कांग्रेस की इज्जत अब  दांव पर लगी हुई है , क्योकि लगातार 3 चुनाव में कांग्रेस को छत्तीसगढ़ में हार का सामना करना पड़ा है और बार-बार हार का ठीकरा जोगी पर ही कांग्रेस के नेता फोड़ते रहे है और अब इस बार जोगी कांग्रेस से अलग हो कर जोगी कांग्रेस बनाकर अलग चुनाव लड़ेंगे  मतलब साफ है मुकाबला त्रिकोणीय होने वाला है चुनाव में उतरने से पहले सभी पार्टियाँ अलग-अलग तरीकों से सर्वेक्षण कराती है। इसके लिए वे पेशेवर सर्वेक्षण कंपनियों की सेवा भी लेती हैं।

इसके अलावा पर्यवेक्षक भी क्षेत्रों का दौरा कर स्थानीय नेताओं, समर्थकों और क्षेत्र के प्रमुख लोगों से बात कर हालात को समझने की कोशिश करते हैं। इसके अलावा संगइन स्थानीय इकाईयों से भी रिपोर्ट मंगाती है। आम आदमी पार्टी ने भी छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2018 में उतरने का ऐलान कर दिया है लेकिन सबकी निगाहें खासकर बीजेपी, कांग्रेस और जनता कांग्रेस जोगी (जे) पर होगी |

छत्तीसगढ़ की तीनो राजनीतिक दलों में कुछ न कुछ कमजोरियां हैं, अभी हाल ही के घटनाक्रम को देखें तो सभी पार्टियों के अन्दर कुछ नेता या विधायक मंत्री कई विवादों के बीच फंसे रहें हैं हालाँकि इन राजनीतिक घटनाओं पर कुछ देर के लिए हो-हल्ला मचाया गया और बाकी चुनाव के नजदीक आने पर शोर मचाया जाएगा सभी पार्टियाँ एक-दूसरे पर हमला बोलने के लिए सभी मुद्दों और मामलों की सूची  बनाकर रखे हुए हैं अब जैसे ही नए वर्ष की शुरुआत होगी वैसे ही विपक्षी दल सत्ताधारी पार्टी के विधायकों के कारनामो को लेकर हमला बोलेंगे तो वहीँ भाजपा भी विपक्षी दलों से भिड़ने तैयार नजर आ रही है

भाजपा के कद्दावर मंत्री और कांग्रेस के मुखिया के जमीन का मामला  हालाँकि मंत्री जी अपनी सफाई देते रहे लेकिन जितने दाग उनपर लगने थे वे तब तक लग चुके थे उनकी साफ-सुधरी  छबि इस जमीन मामले के बाद धुंधली हो गई राजनीती के गलियारों में तो ऐसी भी ख़बरें थी की शायद मंत्री जी से उनका इस्तीफा लिया जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ,

तो वहीँ भाजपा के बस्तर के एक युवा मंत्री की बात करते हैं उनके नाक के नीचे उनके विभाग में अधिकारी कई ऐसे घोटालों में संलिप्त रहे हैं और मंत्री जी इस मामले पर चुप्पी साधे बैठे हुए हैं जो की आने वाले चुनावो में उन पर भारी पड़ने वाला है राजनीतिक गलियारों में तो यहाँ तक कहा जा रहा है की इनके कारनामो का खुलासा होने के बाद भी इन अधिकारियो पर कार्यवाही नही करने के कारण इस बार मंत्री जी को अपनी सीट बचाने खासी मशक्कत करनी होगी.

बीजेपी और कांग्रेस के बाद प्रदेश की तीसरी बड़ी पार्टी जनता कांग्रेस की बात करते हैं जहाँ पार्टी के मुखिया और उसके बेटे श्री अजित जोगी और अमित जोगी पर अपनी जाति आदिवासी साबित करने का संकट मंडरा रहा है चुनाव के नजदीक आते ही ऐसे कई और दिलचस्प घटनाक्रम देखने को मिलेंगे फ़िलहाल चुनाव का समय अभी दूर है और हमारे खुलासापोस्ट न्यूज़ नेटवर्क की टीम ने छत्तीसगढ़ के वर्तमान राजनैतिक समीकरणों को आपके सामने प्रस्तुत करने का प्रयास किया है ।

कांग्रेस के संगठन चुनाव में जमकर चला भाई - भतीजावाद 

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस में प्रदेश प्रतिनिधियों के चुनाव में कांग्रेस कार्यकर्ताओ के साथ जमकर भेदभाव होने की बातें सामने आ रही है ,कांग्रेस संगठन चुनाव में निष्ठावान और जिम्मेदार कार्यकर्ताओ को नज़रअंदाज़ कर के प्रदेश के बड़े नेता और पदाधिकारी अपने बेटों भतीजो और परिवार के सदस्यों को प्रदेश प्रतिनिधि बना रहे है जिससे कार्यकर्ताओ में जमकर आक्रोश देखा जा रहा है 

कहा तो यहाँ तक जा रहा है की जिन्होंने कांग्रेस की सदस्यता भी नहीं ली वो प्रदेश के प्रतिनिधि होंगे तो काम करने वाले निष्ठावान  कांग्रेस के कार्यकर्त्ता अपने घर बैठ जायेगे ! ऐसे में आने वाले विधानसभा चुनाव 2018 में इनके भाई भतीजे और परिवार के लोग ही कांग्रेस को चुनाव जिताएंगे ऐसा लग रहा है , 3 बार करारी शिकस्त के बाद भी प्रदेशकांग्रेस के ये मट्टाधीश सुधरने का नाम नहीं ले रहे है और अपनी मनमानी करने से बाज़ नहीं आ रहे है ?

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस के बड़े नेताओं के रिश्तेदार जिनमे मोतीलाल वोरा और उनके पुत्र अरविन्द वोरा, अरुण वोरा भतीजे राजीव वोरा बरसों से कांग्रेस से गायब रहे पारस चोपड़ा सत्यनारायण शर्मा पंकज शर्मा अमीतेश शुक्ल के पुत्र भवानी शंकर शुक्ल रविन्द्र भेड़िया उनकी पत्नी अनिला भेड़िया दुर्ग से प्रतिमा चंद्राकर उनके भाई लक्ष्मण चंद्राकर दंतेवाड़ा से देवकी कर्मा की सुपुत्री पुलिका कर्मा इन्हें प्रदेश प्रतिनिधि बनाया गया   

16-Oct-2017

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