By- Amit Kumar RG

लखनऊ। 

प्रदेश कोरोना संक्रमण तेज़ी से बढ़ रहा है, खासतौर पर लखनऊ की हालत चिंताजनक बनी हुई है। लखनऊ में सबसे अधिक सक्रिय केस है, लेकिन अस्पतालों में बेड सीमित संख्या में ही है। एसजीपीजीआई, केजीएमयू और राम मनोहर लोहिया अस्पताल के पास काफी बेड है, लेकिन कोरोना मरीजो के लिए चंद बेड ही आरक्षित किये गये है। लखनऊ में सबसे अधिक भार निजी मेडिकल कॉलेजो पर है। एसजीपीजीआई, केजीएमयू और राम मनोहर लोहिया अस्पताल की क्षमता
पर नज़र डालें तो एसजीपीजीआई के पास कुल 1500 बेड है लेकिन कोरोना मरीजो के लिए सिर्फ 210 बेड ही आरक्षित किये गए है। इसी तरह 
केजीएमयू के 4300 बेड में से 200 
और राम मनोहर लोहिया के 1000 बेड में से 125 बेड कोरोना मरीजो को दिए गए है।
मुख्यमंत्री कई बार अस्पतालों में बेड बढ़ाने का निर्देश दे चुके हैं, लेकिन अधिकारी ऊसर अनसुना कर रहे है। अगर अधिकारी सरकार के निर्देश का पालन करते और 
पीजीआई, केजीएमयू व लोहिया  चिकित्सा संस्थानों में क्षमतानुरूप कोविड बेड आरक्षित करते हैं तो तस्वीर कुछ और होती। शहर में कोरोना मरीजों की संख्या तेजी से बढ रही है। रोगियों का आंकडा 13000 के करीब है जबकि कोविड अस्पतालों में बेड की संख्या रोगियों की तुलना में काफी कम है। यही कारण है कि सरकार ने निजी अस्पतालों व मेडिकल कालेजों पर मरीजों की भर्ती का दबाव बढा दिया है।
कुछ इसी तरह का हाल लखनऊ के कॉर्पोरेट हॉस्पिटलों का भी है। इस वैश्विक महामारी में भी लखनऊ में स्थित कॉर्पोरेट हॉस्पिटल  अपने दायित्व का निर्वाहन नही कर रहे है। इन निजी चिकित्सालवो द्वारा सरकार के निर्देशों की अवहेलना की जा रही है। जिस वजह से बड़ी संख्या में संक्रमित रोगियों को चिकित्सा सुविधा का लाभ नही मिल पा रहा है। अगर देखा जाए तो दिल्ली, मुम्बई और चेन्नई सहित सभी महानगरों में स्थित कॉर्पोरेट और निजी चिकित्सालय इस वैश्विक लड़ाई में सरकार के कंधे के कंधा मिला कर चल रहे है, इनका बड़ी संख्या में कोरोना मरीजों को मिल रहा है। जबकि लखनऊ में इनका रवैया उदासीन है। लखनऊ में मेदांता और अपोलो जैसे कॉर्पोरेट हॉस्पिटल से साथ साथ बड़ी संख्या में निजी अस्पताल मौजूद है। सरकार ने एक निश्चित संख्या में बेड निर्धारित करते हुए प्रदेश भर के निजी अस्पतालों को कोरोना मरीजों के उपचार की अनुमति दे दी है फिर भी लखनऊ के कॉर्पोरेट हॉस्पिटल अपनी जिम्मेदारी नही निभा रहे है। गत 17 जुलाई को अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बताया था कि प्रदेश सरकार ने डॉक्टर विनोद पाल की अध्यक्षता वाली समिति की सिफारिश पर प्रदेश के प्राइवेट अस्पतालों में कोविड के इलाज की इजाजत दे दी है. प्रदेश सरकार ने इसको लेकर अधिसूचना जारी कर दी है। प्राइवेट अस्पताल अब अपने यहां कोरोना के मरीजो का इलाज कर सकेंगे. इस तरह के लिए इलाज की कितनी फीस ली जाएगी, इसे भी सरकार ने अधिसूचित कर दिया है।
इसके बाद भी लखनऊ का कोई भी कॉर्पोरेट अस्पताल कोरोना मरोजो के उपचार के लिए आगे नही आ रहा है।

10-Aug-2020

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